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चुनाव वाले राज्यों में कोरोना का विस्फोट: बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार की मौत, देखिए 5 स्टेट की रिपोर्ट

First Published Apr 15, 2021, 1:34 PM IST
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नई दिल्ली। राजनीतिक दलों ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में लोगों की जान जोखिम में डाल दी है। चुनावी रैलियां जानलेवा साबित होने लगी हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल में विधानसभा क्षेत्र चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के नेता रेजाउल हक का कोरोना से निधन हो गया है। वो शमशेरजंग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन कुछ दिन पहले कोरोना से पीड़ित हुए थे। ऐसे में हम आपको एक-एक करके पांचों राज्यों के हालात के बारे में बता रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में 16 से 31 मार्च तक केवल 8,062 मरीज मिले थे, जो 1-14 अप्रैल के बीच बढ़कर 41 हजार 927 हो गए। इस दौरान मार्च में जहां केवल 32 लोगों ने जान गंवाई, वहीं इन 14 दिनों के अंदर अब तक 127 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें पश्चिम बंगाल में विधानसभा क्षेत्र चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के नेता रेजाउल हक भी शामिल हैं।
 

पश्चिम बंगाल में 16 से 31 मार्च तक केवल 8,062 मरीज मिले थे, जो 1-14 अप्रैल के बीच बढ़कर 41 हजार 927 हो गए। इस दौरान मार्च में जहां केवल 32 लोगों ने जान गंवाई, वहीं इन 14 दिनों के अंदर अब तक 127 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें पश्चिम बंगाल में विधानसभा क्षेत्र चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के नेता रेजाउल हक भी शामिल हैं।
 

असम में 16 से 31 मार्च के बीच केवल 537 लोग कोरोना संक्रमित थे। लेकिन, 1 से 14 अप्रैल के बीच 3398 एक्टिव केस सामने आए हैं। मौत के मामलों में भी ये तेजी देखने को मिली है। क्योंकि मार्च में जहां केवल 6 लोगों ने जान गंवाई थी, वहीं इन 14 दिनों के अंदर अब तक 15 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।
 

असम में 16 से 31 मार्च के बीच केवल 537 लोग कोरोना संक्रमित थे। लेकिन, 1 से 14 अप्रैल के बीच 3398 एक्टिव केस सामने आए हैं। मौत के मामलों में भी ये तेजी देखने को मिली है। क्योंकि मार्च में जहां केवल 6 लोगों ने जान गंवाई थी, वहीं इन 14 दिनों के अंदर अब तक 15 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।
 

केरल में मार्च माह में 30 हजार 390 लोग संक्रमित मिले थे, जो इस बार अप्रैल में बढ़कर 61 हजार 793 हो गए हैं। इसी तरह मार्च में यहां 199 लोगों ने जान गंवाई थी, जबकि अप्रैल के इन 14 दिनों में अब तक 204 मौतें हो चुकी हैं।
 

केरल में मार्च माह में 30 हजार 390 लोग संक्रमित मिले थे, जो इस बार अप्रैल में बढ़कर 61 हजार 793 हो गए हैं। इसी तरह मार्च में यहां 199 लोगों ने जान गंवाई थी, जबकि अप्रैल के इन 14 दिनों में अब तक 204 मौतें हो चुकी हैं।
 

तमिलनाडु में मार्च के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 25 हजार 244 लोग संक्रमित पाए गए थे, जो 14 अप्रैल तक बढ़कर 65 हजार 458 तक पहुंच गए हैं। इसी तरह मार्च में यहां 163 लोगों की मौतें हुईं थीं। इस बार इन 14 दिनों के अंदर अब तक 232 लोग जान गंवा चुके हैं।
 

तमिलनाडु में मार्च के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 25 हजार 244 लोग संक्रमित पाए गए थे, जो 14 अप्रैल तक बढ़कर 65 हजार 458 तक पहुंच गए हैं। इसी तरह मार्च में यहां 163 लोगों की मौतें हुईं थीं। इस बार इन 14 दिनों के अंदर अब तक 232 लोग जान गंवा चुके हैं।
 

पुडुचेरी में मार्च के बीच 1400 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस बार 1 से 14 अप्रैल के बीच ये बढ़कर 3,721 हो गई है। इसी तरह मौत के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च में यहां संक्रमण के चलते 9 मौतें हुईं थी, जो इस बार बढ़कर 15 हो गई हैं।

पुडुचेरी में मार्च के बीच 1400 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इस बार 1 से 14 अप्रैल के बीच ये बढ़कर 3,721 हो गई है। इसी तरह मौत के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च में यहां संक्रमण के चलते 9 मौतें हुईं थी, जो इस बार बढ़कर 15 हो गई हैं।

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