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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Sat, 03 Oct 2026 21:59:40 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Amazon-Flipkart Sale: कार्ड पेमेंट से पहले जान लें ये 3 हिडन शर्तें, वरना नहीं मिलेगा डिस्काउंट!]]></title>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 11:00:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Festive Sale Discount: &lt;/strong&gt;त्योहारी सेल में कार्ड से शॉपिंग का प्लान है? चेकआउट से पहले डिस्काउंट लिमिट और कैशबैक के नियम जान लें। सही कार्ड चुनकर अच्छी बचत कर पाएंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3xhdyptx4y8w1gsfagskvkj,imgname-festive-sale-1790918982362.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Festive Sale Discount Hidden Terms: &lt;/strong&gt;फेस्टिव शॉपिंग की लिस्ट तैयार है? कार्ट में मनपसंद सामान डाल चुके हैं और बस सेल शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं? अगर हां, तो जरा रुकिए। इस साल ज्यादातर बैंकों ने क्रेडिट कार्ड्स के रिवॉर्ड पॉइंट्स और लाउंज एक्सेस जैसे कई फायदे चुपचाप कम कर दिए हैं। ऐसे में साल की सबसे बड़ी सेल अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिव सेल (Amazon Great Indian Festival) और फ्लिपकार्ट बिग बिलियंस डेज (Flipkart Big Billion Days) खोए हुए फायदों की भरपाई करने का सबसे सही मौका है। लेकिन कार्ड से पेमेंट करने से पहले तीन ऐसी शर्तें जरूर जान लें, ताकि डिस्काउंट का नुकसान न हो। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स और किन कार्ड्स पर सबसे ज्यादा छूट मिलेगी...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शर्त 1: 'Up to 10%' का असली गणित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सेल के हर बैनर पर लिखा होता है, Get Up to 10% Instant Discount। यहां सबसे बड़ा खेल इस छोटे से शब्द 'Up to' (मैक्सिमम) में छिपा है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप 60,000 रुपए का लैपटॉप खरीदेंगे तो आपको पूरे 6,000 रुपए की छूट मिल जाएगी। हर बैंक एक 'अपर लिमिट' (Discount Cap) तय करता है। जैसे एक कार्ड पर ज्यादा से ज्यादा 1,250 या 1,500 रुपए की ही छूट मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या करें?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेमेंट करते वक्त फाइनल पेमेंट पेज पर चेक करें कि डिस्काउंट कितने रुपए कटा है। अगर 50,000 रुपए के सामान पर सिर्फ 1,500 रुपए कट रहा है, तो समझ जाइए कि बैंक का मैक्सिमम कैप लग चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शर्त 2: क्या आपका कार्ड सच में 'Eligible' है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऑफर के नीचे हमेशा एक छोटी लाइन लिखी होती है, Applicable on Eligible Cards Only। सभी कार्ड्स पर ये छूट नहीं मिलती है। अगर आपके पास ऑफिस या कंपनी के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड है, तो उस पर सेल का इंस्टेंट डिस्काउंट आमतौर पर नहीं मिलता है। कई बार फुल पेमेंट पर डिस्काउंट अलग होता है और नो-कॉस्ट EMI चुनने पर छूट का नियम बदल जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या करें?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब तक बैंक और ई-कॉमर्स कंपनियां पूरी एक्सक्लूजन लिस्ट (Exclusion List) जारी न कर दें, चेकआउट पेज पर कार्ड नंबर डालते ही अपने डिस्काउंट ब्रेकअप को ध्यान से देखें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शर्त 3: 'अनलिमिटेड' बनाम 'वन-टाइम' कैशबैक का अंतर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैशबैक के नाम पर भी लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं। इस सेल में दो तरह के कैशबैक ऑफर चल रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लिमिटेड कैशबैक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैसे Super.money ऐप 10% कैशबैक दे रहा है, लेकिन शर्त ये है कि यह फायदा सिर्फ आपके पहले ट्रांजैक्शन पर ही मिलेगा। वहीं अमेजन पर एक 35% कैशबैक वाला ऑफर सिर्फ 150 रुपए की अधिकतम सीमा तक ही सीमित है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अनलिमिटेड कैशबैक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैसे Amazon Pay ICICI कार्ड पर मिलने वाला 5% कैशबैक 'अनलिमिटेड' होता है। यानी आप 10,000 रुपए का सामान लें या 1 लाख रुपए का, 5% के हिसाब से पूरा कैशबैक कार्ड स्टेटमेंट में क्रेडिट होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Amazon vs Flipkart Sale: किस सेल में कौन-सा कार्ड निकालेगा सबसे सस्ती डील?&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;thead&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;th&gt;प्लेटफॉर्म&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;सेल की तारीख&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;पार्टनर बैंक / बेस्ट पेमेंट ऑप्शन&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;क्या मिलेगा फायदा?&lt;/th&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/thead&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;Flipkart Big Billion Days&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;9 अक्टूबर (8 अक्टूबर को Plus/Black मेंबर्स के लिए अर्ली एक्सेस)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;Flipkart Axis Bank Credit Card&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;अलग से 10% इंस्टेंट डिस्काउंट&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;Super.money UPI/Card&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पहले ट्रांजैक्शन पर 10% एक्स्ट्रा कैशबैक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;Amazon Great Indian Festival&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;8 अक्टूबर (प्राइम मेंबर्स के लिए पहले शुरू)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;SBI Debit &amp;amp; Credit Cards&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;10% इंस्टेंट डिस्काउंट (EMI पर भी लागू)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;Amazon Pay ICICI Credit Card&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;5% अनलिमिटेड कैशबैक (प्राइम मेंबर्स के लिए)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;Amazon Pay Later&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;एलिजिबल ऑर्डर्स पर 10% तक कैशबैक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;अमेजन-फ्लिपकार्ट सेल में शॉपिंग से पहले क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Flipkart Plus मेंबर्स या Flipkart Axis कार्डधारकों के लिए सेल 8 अक्टूबर से ही खुल रही है। बेस्ट स्टॉक पहले दिन ही खाली हो जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सेल शुरू होने से पहले अपने SBI, ICICI या Axis कार्ड्स का CVV और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन लिमिट बैंक ऐप में जाकर ऑन कर लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;OTP दर्ज करने से ठीक पहले स्क्रीन पर देखें कि डिस्काउंट अपने आप माइनस हुआ है या नहीं। अगर डिस्काउंट नहीं दिख रहा, तो पेमेंट आगे न बढ़ाएं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर:&lt;/strong&gt; ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। इसमें दी गई जानकारी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon और Flipkart) और संबंधित बैंकों द्वारा जारी सार्वजनिक ऑफर्स और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। ऑफर्स, डिस्काउंट कैप, कैशबैक और नियम और शर्तें बैंकों तथा प्लेटफॉर्म्स द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के बदले जा सकते हैं। किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने या ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट/ऐप के चेकआउट पेज पर लागू सभी नियम और शर्तें ध्यानपूर्वक जरूर पढ़ लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Coal India Share: ई-ऑक्शन प्रीमियम उछलकर 94% पर पहुंचा, क्या शेयर में आने वाली बड़ी तेजी?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/coal-india-share-price-target-after-psu-company-e-auction-premium-rally-photoshow-4akb9mq</link>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 13:32:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Coal India Share Price Target: &lt;/strong&gt;देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया के शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश हैं। बिजली की भारी मांग और प्रीमियम में 94% उछाल के दम पर नया टारगेट दिया गया है। जानिए क्या निवेशकों के लिए अभी खरीदारी का सही मौका है...&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Coal India Share Price Target: &lt;/strong&gt;देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया के शेयरों पर ब्रोकरेज बुलिश हैं। बिजली की भारी मांग और प्रीमियम में 94% उछाल के दम पर नया टारगेट दिया गया है। जानिए क्या निवेशकों के लिए अभी खरीदारी का सही मौका है...&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों का जलवा बरकरार है, लेकिन कोल इंडिया इस समय खास वजह से चर्चा में आ गई है। ब्रोकरेज हाउस नुवामा (Nuvama) ने कंपनी की रेटिंग को 'Hold' से बदलकर 'Buy' कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनी की कमाई और मार्जिन दोनों में तगड़ा सुधार दिखेगा। इसके साथ ही शेयर का नया टारगेट प्राइस ₹454 से बढ़ाकर ₹501 तय किया गया है, जिसमें ₹26.5 प्रति शेयर का डिविडेंड भी शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;कोल इंडिया अपने तय रेट से जितना महंगा कोयला खुली नीलामी (E-Auction) में बेचती है, उसे प्रीमियम कहते हैं। सितंबर में ये प्रीमियम उछलकर 94% पर पहुंच गया। अगस्त में यह 59% था और पिछले साल इसी दौरान केवल 34% था। नीलामी में रखे गए कोयले में से 72% तुरंत बिक गया, जबकि पहले यह आंकड़ा महज 40% था। इसका फायदा ये है कि बाहर से आने वाला विदेशी कोयला महंगा हो चुका है, जिससे घरेलू बाजार में कोल इंडिया के कोयले की बोली रिकॉर्ड स्तर पर लग रही है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;देशभर के बिजली घरों (थर्मल पावर प्लांट्स) में इस वक्त कोयले का स्टॉक काफी कम है, जबकि बिजली की खपत लगातार नई ऊंचाइयों पर है। इस कमी को पूरा करने के लिए कोल इंडिया पूरी ताकत से सप्लाई कर रही है। सितंबर 2026 में कंपनी की कोयला निकासी (Offtake) 12.5% बढ़कर 6.12 करोड़ टन रही। ये लगातार 5वां महीना है जब कंपनी की बिक्री की मात्रा बढ़ी है। चालू वित्त वर्ष (FY27) में कंपनी का कुल वॉल्यूम 79.6 करोड़ टन और अगले साल 83.2 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अगर आप सिर्फ शेयर की कीमत बढ़ने के बजाय नियमित कमाई यानी डिविडेंड पसंद करते हैं, तो भी ये स्टॉक ध्यान खींचता है। नुवामा के मुताबिक, मौजूदा भाव पर इस शेयर में करीब 6% का डिविडेंड यील्ड मिल रहा है। इसके अलावा, कंपनी का वैल्युएशन अपने 3 साल के औसत (5.1x) के मुकाबले अभी सिर्फ 4.1x EV/EBITDA पर ट्रेड कर रहा है। यानी शेयर अभी भी अपने ऐतिहासिक स्तर से सस्ता मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;कोल इंडिया के लिए सबसे बड़ा गेमचेंजर इसकी सब्सिडियरी कंपनी 'महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड' (MCL) का संभावित आईपीओ (IPO) हो सकता है। MCL अकेले कोल इंडिया के कुल उत्पादन का 28% और कोर कमाई (EBITDA) का 31% हिस्सा संभालती है। ब्रोकरेज का कहना है कि जब MCL शेयर बाजार में अलग से लिस्ट होगी, तो इसे 6x से ज्यादा का तगड़ा वैल्यूएशन मिल सकता है। इसका फायदा मूल कंपनी कोल इंडिया की री-रेटिंग के रूप में दिखेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर:&lt;/strong&gt; ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[सबसे ज्यादा ब्याज कहां? सुकन्या, KVP से लेकर PPF तक, जानें 11 सरकारी स्माल सेविंग्स स्कीम्स के नए रेट्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/highest-interest-small-savings-schemes-ppf-ssy-kvp-new-rates-october-to-december-articleshow-6camumn</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 11:01:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Small Savings Schemes: &lt;/strong&gt;लगातार 11वीं तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज में कोई बदलाव नहीं हुआ। अगर आप बिना रिस्क निवेश चाहते हैं, तो चेक करें 11 सरकारी योजनाओं के नए रेट्स&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Small Savings Schemes Interest Rates: &lt;/strong&gt;त्योहारी सीजन में अगर आप बिना किसी रिस्क के सुरक्षित जगह निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो केंद्र सरकार की तरफ से नया अपडेट आ गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए पोस्ट ऑफिस और छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया गया है। सरकार ने लगातार 11वीं तिमाही में इन योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आखिरी बार दिसंबर 2023 में इनमें बढ़ोतरी की गई थी। आइए जानते हैं कि अक्टूबर से दिसंबर की इस तिमाही में किस सरकारी स्कीम में आपका पैसा सबसे तेजी से बढ़ेगा और किसमें सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली स्मॉल सेविंग स्कीम्स&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए चलाई जाती है। इस योजना पर सबसे ज्यादा 8.2% का सालाना ब्याज मिल रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों के लिए चलाई जाती है, जहां सरकार 8.2% का रिटर्न दे रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;सरकारी छोटी बचत योजनाओं में कहां कितना ब्याज?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)-&lt;/strong&gt; 8.2%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS)&lt;/strong&gt;-8.2%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)- &lt;/strong&gt;7.7%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (5 साल की FD)- &lt;/strong&gt;7.5%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;किसान विकास पत्र (KVP)- &lt;/strong&gt;7.5%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS)-&lt;/strong&gt;7.4%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)-&lt;/strong&gt; 7.1%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (3 साल)-&lt;/strong&gt; 7.1%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (2 साल)-&lt;/strong&gt; 7.0%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (1 साल)- &lt;/strong&gt;6.9%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट- &lt;/strong&gt;4.0%&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;PPF क्या अभी भी फायदेमंद है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नौकरीपेशा और मिडिल क्लास निवेशकों की सबसे पसंदीदा स्कीम पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर इस बार भी ब्याज दर 7.1% पर ही बरकरार रखी गई है। हालांकि, कई निवेशक लंबे समय से इसे 7.5% से ऊपर ले जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन PPF का सबसे बड़ा फायदा इसका EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस है। यानी इसमें जमा की जाने वाली रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा पैसा तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं। इसलिए बिना टैक्स कटे 7.1% का रिटर्न बैंक की आम टैक्सेबल एफडी से आज भी कई मामलों में बेहतर साबित होता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Petrol Diesel Prices Today: 3 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल का क्या है भाव? दिल्ली, मुंबई समेत 6 शहरों के रेट]]></title>
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            <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 08:45:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Today Petrol Diesel Prices: &lt;/strong&gt;3 अक्टूबर 2026 को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। भारत में हर सुबह 6 बजे फ्यूल के नए रेट जारी होते हैं। ये कीमतें इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम, रुपये-डॉलर के एक्सचेंज रेट और राज्यों के टैक्स (जैसे वैट) पर निर्भर करती हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Aaj Ka Petrol Price: &lt;/strong&gt;आज 3 अक्टूबर 2026 को भारत भर में लोग फ्यूल के दामों पर नजर बनाए हुए हैं। अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल के रेट अलग-अलग होते हैं। लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, कई बड़े शहरों में आज कीमतें नहीं बदली हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम, रुपये-डॉलर का एक्सचेंज रेट, टैक्स और लोकल खर्चे तय करते हैं कि आपके शहर में तेल का भाव क्या होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन पेट्रोल और डीजल के दाम अपडेट होते हैं। नए रेट सुबह 6 बजे से लागू हो जाते हैं। ऐसे में आप गाड़ी में तेल भरवाने से पहले आज का ताजा भाव चेक कर सकते हैं। हर राज्य में पेट्रोल-डीजल पर अलग-अलग टैक्स और लेवी लगती है। इसी वजह से बड़े महानगरों में भी ग्राहकों को तेल के लिए अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज के पेट्रोल-डीजल रेट: शहरों के हिसाब से कीमतें&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पेट्रोल (रु/लीटर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;डीजल (रु/लीटर)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 102.12&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 95.20&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 111.21&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 97.83&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 113.51&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 99.82&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 107.77&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 99.55&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बेंगलुरु&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 111.68&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 98.80&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;हैदराबाद&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 115.69&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 103.82&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;फ्यूल प्राइस ट्रैकर के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, इन मेट्रो शहरों में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली के मुकाबले मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में पेट्रोल अब भी महंगा बिक रहा है। वहीं, ऊपर दिए गए छह शहरों में सबसे महंगा डीजल हैदराबाद में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय शहरों में फ्यूल के दाम अलग होने की सबसे बड़ी वजह राज्यों के टैक्स (जैसे वैट), ट्रांसपोर्टेशन और लोकल खर्चे हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें भी बहुत मायने रखती हैं, क्योंकि पेट्रोल और डीजल इसी से बनते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी इम्पोर्ट होने वाले कच्चे तेल की लागत पर सीधा असर डालती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप लंबे सफर पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो गाड़ी में तेल भरवाने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें। कीमतें हर दिन अपडेट होती हैं, इसलिए मार्केट के हालात और प्राइसिंग के फैसलों के आधार पर अगले ही दिन रेट बदल सकते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/petrol-diesel-price-today-3-october-2026-delhi-mumbai-kolkata-articleshow-7kvfp2h"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Business Ideas: ₹20000 से कम में शुरू करें ये 5 काम, घर बैठे हर महीने होगी ₹40 हजार तक कमाई!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/business-ideas-under-20000-rupees-work-from-home-monthly-income-articleshow-8og82do</link>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 15:23:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;New Business Ideas: &lt;/strong&gt;अगर आप ₹20,000 से कम खर्चे में कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो घर बैठे 5 काम कर सकते हैं। इनमें कम रिस्क रहता है और हर महीने अच्छी कमाई हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3y0fmsdrgc8f1etp1fnp17a,imgname-business-ideas-1790934766381.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Low Investment Business Ideas: &lt;/strong&gt;बढ़ती महंगाई और लिमिटेड इनकम के दौर में आजकल हर कोई एक्स्ट्रा इनकम का जरिया तलाश रहा है। अक्सर लोग ये सोचकर पीछे हट जाते हैं कि बिजनेस शुरू करने के लिए लाखों रुपए की जरूरत होती है। लेकिन सच ये है कि आज के डिजिटल और सर्विस-बेस्ड दौर में पैसों से ज्यादा सही आइडिया और एग्जीक्यूशन की जरुरत होती है। अगर आपके पास सिर्फ ₹10,000 से ₹20,000 का बजट है, तो भी आप अपने घर से ही प्रॉफिटेबल बिजनेस शुरू कर सकते हैं। जानिए ऐसे 5 लो-इन्वेस्टमेंट बिजनेस आइडिया, जिनमें सही प्लानिंग के साथ महीने के ₹30,000 से ₹40,000 तक आसानी से कमाए जा सकते हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कस्टमाइज्ड गिफ्टिंग और प्रिंटिंग सर्विस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फेस्टिवल, बर्थडे, एनिवर्सरी और कॉरपोरेट इवेंट्स में कस्टमाइज्ड गिफ्ट्स की भारी डिमांड रहती है। इसे शुरू करने की लागत ₹12,000 से ₹18,000 तक हो सकती है। इसके लिए सिर्फ बेसिक हीट प्रेस मशीन या शुरुआती रॉ मटीरियल जैसे मग, कुशन, की-चेन और टी-शर्ट्स की जरूरत पड़ती है। एक कस्टमाइज्ड मग पर लागत ₹80-₹100 आती है, जो बाजार में ₹250-₹350 तक बिकता है। हर महीने 150-200 ऑर्डर पूरे करने पर ₹30,000 से ज्यादा की शुद्ध बचत हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शुरुआत कैसे करें?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इंस्टाग्राम पेज बनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लोकल ग्रुप्स में सैंपल शेयर करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वॉट्सऐप कैटलॉग से ऑर्डर लेना शुरू करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;घर का बना फ्रोजन और रेडी-टू-कुक फूड और स्नैक्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भागदौड़ भरी जिंदगी में कामकाजी परिवारों और स्टूडेंट्स के बीच घर के बने शुद्ध, हाइजीनिक फूड प्रोडक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसकी लागत ₹8,000 से ₹15,000 तक हो सकती है। इसके लिए पैकेजिंग मटीरियल, सीलिंग मशीन और रॉ इंग्रीडिएंट्स चाहिए होता है। घर के बने थेपले, पराठे बेस, अदरक-लहसुन पेस्ट, होममेड समोसे, कबाब या शुद्ध देसी मसाले आप तैयार कर सकते हैं। शुरुआत में 20-30 फिक्स्ड कस्टमर बेस बनने पर महीने का ₹25,000 से ₹40,000 का मार्जिन आसानी से निकल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ड्रॉपशिपिंग और रीसेलिंग बिजनेस (Zero Inventory)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ड्रॉपशिपिंग में आपको सामान का स्टॉक रखने की जरूरत नहीं होती है। आप सिर्फ कस्टमर और सप्लायर के बीच मीडिएटर बनते हैं। इसे ₹5,000 से ₹10,000 में शुरू कर सकते हैं। बेसिक ई-कॉमर्स स्टोर सेटअप, डोमेन और शुरुआती सोशल मीडिया एडवरटाइजिंग की जरुरत पड़ती है। हर प्रोडक्ट सेल पर 20% से 40% तक का प्रॉफिट मार्जिन मिलता है। दिन के 4-5 ऑर्डर भी महीने के ₹35,000-₹45,000 बना सकते हैं। इसे शुरू करने के लिए Meesho जैसे प्लेटफॉर्म्स से ट्रेंडिंग प्रोडक्ट्स चुनें और अपनी वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए सीधे सेल करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्लाउड लॉन्ड्री और स्टीम आयरनिंग पिकअप सर्विस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शहरी इलाकों और अपार्टमेंट्स में कपड़ों की पेशेवर धुलाई और स्टीम प्रेस की मांग 12 महीने रहती है। इसकी लागत ₹15,000 से ₹20,000 तक आ सकती है। इसके लिए एक कमर्शियल स्टीम आयरन, हैंगर्स, गारमेंट कवर्स और लोकल पर्चे या पैम्फलेट्स की जरुरत होगी। प्रति कपड़े पर ₹10 से ₹25 तक का मार्जिन रहता है। आसपास की 2-3 सोसायटियों से नियमित कपड़े उठाने पर महीने की शुद्ध कमाई ₹30,000 के पार जा सकती है। आप अपनी USP भी इसमें जोड़ सकते हैं। डोरस्टेप फ्री पिकअप और डिलीवरी की सुविधा देकर आप तुरंत ज्यादा से ज्यादा कस्टमर जोड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर्बल और ऑर्गेनिक ब्यूटी या हेल्थ प्रोडक्ट्स पैकेजिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केमिकल-फ्री प्रोडक्ट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। नीम, मुल्तानी मिट्टी, रोज वॉटर, हेयर ऑयल्स और होममेड सोप्स की मांग टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी खूब है। इसकी लागत ₹10,000 से ₹16,000 रुपए तक आ सकती है। इसके लिए कच्चा माल, एसेंशियल ऑयल्स, मोल्ड्स, बॉटल्स और अट्रैक्टिव लेबलिंग की जरुरत होती है। इन प्रोडक्ट्स में 50% से 70% तक ग्रॉस मार्जिन होता है। लोकल ब्यूटी पार्लर्स और ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए सप्लाई शुरू कर अच्छी कमाई कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और बिजनेस जागरूकता के लिए है। इसमें दी गई कमाई, लागत और मुनाफे के आंकड़े अनुमानित हैं। ये बाजार की मांग, स्थानीय लोकेशन, आपकी मेहनत और स्किल पर अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी बिजनेस को शुरू करने या वित्तीय निवेश करने से पहले संबंधित मार्केट की पूरी रिसर्च और अपने स्तर पर एक्सपर्ट से वित्तीय सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/business-ideas-under-20000-rupees-work-from-home-monthly-income-articleshow-8og82do"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IDFC First Bank Scam: डांसर गर्लफ्रेंड के लिए बैंक अफसर ने लूटे 657 करोड़! रिभव ऋषि की Luxury Love Story]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/idfc-bank-fraud-rs-657-crore-scam-for-bar-dancer-girlfriend-ribhav-rishi-luxury-lifestyle-haryana-chandigarh-bank-scam-articleshow-c11y610</link>
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            <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 13:10:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बैंक अफसर रिभव ऋषि ने सरकारी खजाने से 657 करोड़ रुपये का गबन किया। उसने यह रकम अपनी बार डांसर गर्लफ्रेंड के घर और विदेशी दौरों पर लुटाई। सीबीआई जांच में इस घोटाले में आईएएस अफसरों की मिलीभगत भी सामने आई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01hsgngsb09frn6q2p1rerpfq2,imgname-IDFC-first-bank-amrit-mahotsav-fd-last-date-1711030166880.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;आम जनता को तो पता ही है कि सरकारी खजाना कैसे लुटता है। लेकिन इस बार एक शादीशुदा सरकारी/बैंक अफसर ने अपनी बार डांसर गर्लफ्रेंड के लिए करोड़ों रुपये लूट लिए और अब वह पकड़ा गया है। गर्लफ्रेंड को हर महीने 10 लाख रुपये, दिल्ली में आलीशान घर, विदेशी ट्रिप और महंगे होटलों में रुकना... पिछले कुछ सालों से सरकारी खजाने की जो लूट चल रही थी, उसका अब पर्दाफाश हो गया है। जांच में पता चला है कि बैंक और सरकारी खजाने से करीब 657 करोड़ रुपये गायब हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया है कि यह महाशय आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का पूर्व अफसर रिभव ऋषि है। सीबीआई के मुताबिक, रिभव ऋषि पहले से शादीशुदा था। मार्च-अप्रैल 2025 में चंडीगढ़ के एक इवेंट में उसकी मुलाकात इस डांसर से हुई थी। वह महिला वहां परफॉर्म कर रही थी। महिला के मुताबिक, तब उनकी कोई खास बातचीत नहीं हुई। करीब एक-दो महीने बाद वे फिर मिले और 8 मई 2025 को जयपुर के एक फार्महाउस पार्टी में उनकी मुलाकात हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5 जुलाई 2025 को मुंबई के सेंट रेजिस होटल में मुलाकात के दौरान, ऋषि ने उस महिला से अपने प्यार का इजहार किया। उसने खुद को एक इवेंट प्लानर बताया और कहा कि वह चावल के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट के बिजनेस से भी जुड़ा है। उसने यह भी बताया कि वह आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में ब्रांच मैनेजर है। 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने सीबीआई को बताया कि ऋषि ने अपनी पत्नी दिव्या अरोड़ा को तलाक देकर उससे शादी करने का वादा किया था। उसने महिला और उसके परिवार की देखभाल करने की बात भी कही थी। सीबीआई का कहना है कि इसी दौरान ऋषि ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से सरकारी पैसा लूटने की साजिश रची। जांच में पता चला है कि उसने आईएएस अफसरों और कुछ बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर इस लूट को अंजाम दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;गर्लफ्रेंड के लिए 4 करोड़ के घर पर खर्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;18 जुलाई 2025 को ऋषि ने दिल्ली के द्वारका में महिला के लिए घर बुक करने के वास्ते 1 लाख रुपये दिए। महिला के बयान के मुताबिक, घर के लिए 3.10 करोड़ रुपये कैश दिए गए, जिसमें से 49 लाख रुपये उसने खुद लगाए और बाकी रकम ऋषि ने दी। प्रॉपर्टी के लिए 90 लाख रुपये और दिए जाने थे, जिसमें से 65 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। महिला का कहना है कि वह 2 जनवरी 2026 से इसी घर में रह रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीबीआई को दिए बयान में महिला ने बताया कि ऋषि ने अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक उसे हर महीने 10 लाख रुपये दिए, जो कुल मिलाकर 56 लाख रुपये होते हैं। महिला के मुताबिक, ऋषि ने उसे अपना डांस करियर छोड़ने को कहा था, इसलिए वह यह रकम देने को तैयार हुआ। महिला ने बताया कि उसने ऋषि की तरफ से रखी गई सिर्फ दो-तीन पार्टियों में ही परफॉर्म किया था। चंडीगढ़ की ज्यादातर पार्टियां जीरकपुर के जेड मैनर (Z Manor) में हुईं। इनमें हरियाणा सरकार के अफसर और बाकी आरोपी भी शामिल होते थे। महिला ने बताया कि ऋषि वहां उसकी मौजूदगी पक्की करता था, लेकिन हमेशा परफॉर्म करने नहीं देता था। बयान के मुताबिक, ऋषि हर इवेंट के लिए आयोजकों को 2 लाख रुपये देता था और कमाई का आधा हिस्सा खुद रख लेता था। यूएई में रहने वाला आयोजक नितिन आनंद हर इवेंट के लिए 5 से 6 डांसर्स का इंतजाम करता था। एक आम पार्टी का खर्च 1.5 मिलियन से 2 मिलियन (15 से 20 लाख रुपये) के बीच आता था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;विदेशी ट्रिप पर भी उड़ाए पैसे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच के दौरान महिला ने खुलासा किया कि वह ऋषि के साथ चंडीगढ़ के नोवोटेल, हॉलिडे इन और हयात जैसे होटलों में रुकी थी। इसके अलावा दिल्ली के अंदाज़, जेडब्ल्यू मैरियट और आईटीसी मौर्या में भी ठहरी। वे गोवा के ताज होटल में भी रुके थे। अगस्त 2025 में, दोनों बाकी आरोपियों और कुछ महिला डांसर्स के साथ मकाऊ घूमने गए। इसके बाद यह ग्रुप थाईलैंड गया। 21 नवंबर 2025 को ऋषि उसके साथ दुबई गया। इस ट्रिप में अरुण शर्मा, अभय कुमार और नरेश कुमार भुवानी भी शामिल थे。&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महिला के मुताबिक, दुबई में वे बुर्ज अल अरब के एक सी-फेसिंग डुप्लेक्स में रुके थे। ऋषि उसे दुबई एयरपोर्ट के पास एक नए 4-BHK डुप्लेक्स में भी ले गया। उसने महिला से कहा कि वह 5 से 10 साल में उसके साथ दुबई में बसना चाहता है और इसीलिए उसने वह घर चुना है। जनवरी 2026 में, वे फिर से दुबई गए, जहां ऋषि ने एक टोयोटा लैंड क्रूजर बुक की थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पार्टियों में शामिल होते थे सरकारी अफसर!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला ने सीबीआई को बताया कि जेड मैनर की पार्टियों के लिए ऋषि ही नोटों का इंतजाम करता था। उसके मुताबिक, हरियाणा सरकार के अफसर इवेंट के दौरान डांसर्स पर नोट उड़ाते थे। डांसर्स को मिलने वाला पैसा आयोजकों के साथ 50:50 के अनुपात में बांटा जाता था। उसने सीबीआई को बताया कि अभय कुमार, नरेश कुमार भुवानी, अभिषेक सिंगला, अरुण शर्मा, अंकुर शर्मा और आईएएस अफसर पंकज अग्रवाल इन पार्टियों में शामिल हुए थे। महिला का आरोप है कि पंकज अग्रवाल ऐसी 6-7 पार्टियों में आए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महिला के बयान के मुताबिक, ऋषि और अंकुर को छोड़कर बाकी सभी पर एस्कॉर्ट सर्विस इस्तेमाल करने का आरोप है। उसने पंकज अग्रवाल को लेकर भी सीबीआई के सामने ऐसे ही आरोप लगाए हैं। ये आरोप जांच एजेंसी को दिए गए महिला के बयान का हिस्सा हैं। जांच के दौरान सीबीआई ने महिला का सैमसंग जेड फोल्ड (Samsung Z Fold) फोन भी जब्त कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीबीआई के मुताबिक, रिभव ऋषि को अपने निजी खातों में एसआरआर प्लानिंग गुरु (SRR Planning Guru) से 5.40 करोड़ रुपये और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स (Swastik Desh Projects) से 1.50 करोड़ रुपये मिले। जांच में यह भी सामने आया है कि उसकी पत्नी दिव्या अरोड़ा के खातों में 18.32 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Stock Market Crash Today: 3 बजते-बजते स्वाहा हुए ₹9 लाख करोड़, जानें शेयर बाजार टूटने की 4 बड़ी वजहें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/stock-market-crash-sensex-nifty-falls-reasons-behind-share-bazaar-falling-investor-wealth-loss-articleshow-cdeqiue</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/business-news/stock-market-crash-sensex-nifty-falls-reasons-behind-share-bazaar-falling-investor-wealth-loss-articleshow-cdeqiue</guid>
            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 14:48:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Why Share Market is Falling: &lt;/strong&gt;शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। कुछ ही घंटे में निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ डूब गए। जानिए बाजार क्रैश की वजहें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kj7p61zzgmhshmgg8wpgcy5w,imgname-stock-market-crash-1771932157951.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Share Market Crash Reasons: &lt;/strong&gt;शेयर बाजार में आज 1 अक्टूबर का दिन निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। गुरुवार को जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ीं, दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का तूफान तेज होता गया। दोपहर 3 बजते-बजते सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया, वहीं निफ्टी भी फिसलकर 22,300 के अहम स्तर से नीचे चला गया। इस जोरदार गिरावट का असर यह हुआ कि सुबह बाजार खुलते ही जहां BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वेल्थ करीब 471.86 लाख करोड़ रुपए थी, वो दोपहर 1:45 बजे तक घटकर 462.71 लाख करोड़ रुपए रह गई। यानी महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों के करीब 9 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है और आम निवेशक परेशान हैं कि अचानक ऐसा क्या हो गया? आइए जानते हैं वो 4 बड़े कारण, जिनकी वजह से बाजार बुरी तरह लड़खड़ाया...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड हमेशा सबसे सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। अमेरिका में 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.3% के पार पहुंच गई है। जब अमेरिका में बिना किसी रिस्क के इतना बढ़िया रिटर्न मिलने लगता है, तो दुनिया भर के बड़े निवेशक भारत जैसे विकासशील और रिस्की शेयर बाजारों से अपना पैसा निकालकर अमेरिकी बॉन्ड में लगाना शुरू कर देते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;FIIs की ताबड़तोड़ बिकवाली&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार पैसा खींच रहे हैं। अकेले 30 सितंबर को इन्होंने 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेचे थे। अगर बीते दो कारोबारी सत्रों की बात करें, तो विदेशी निवेशक 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं। जब इतने बड़े पैमाने पर शेयर बेचे जाते हैं, तो बाजार का संभलना बेहद मुश्किल हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ता रुपया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय मुद्रा पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया टूटकर 96 के पार चला गया। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी निवेशकों को डॉलर के हिसाब से मिलने वाला मुनाफा घट जाता है। इससे वे अपने पैसे को बचाने के लिए भारत से तेजी से निकासी करने लगते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कच्चे तेल की कीमतों में अनिश्चितता और ईरान तनाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान के साथ बढ़ते तनाव और सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं ने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत का आयात बिल बढ़ेगा और महंगाई का खतरा गहराएगा, जिसका असर बाजार के सेंटीमेंट पर दिखता है। इसके साथ ही बाजार में डर का पैमाना (India VIX) भी तेजी से ऊपर चढ़ गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर:&lt;/strong&gt; ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे किसी भी तरह के निवेश या शेयर को खरीदने-बेचने की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सेबी सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/stock-market-crash-sensex-nifty-falls-reasons-behind-share-bazaar-falling-investor-wealth-loss-articleshow-cdeqiue"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Forbes India Rich List 2026: 3 साल बाद फिर बदला ताज! गौतम अडानी बने भारत के सबसे अमीर शख्स, अंबानी दूसरे नंबर पर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/gautam-adani-beats-mukesh-ambani-in-forbes-india-rich-list-2026-check-top-billionaires-articleshow-e2ze1mw</link>
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            <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 13:21:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gautam Adani Net Worth 2026: &lt;/strong&gt;फोर्ब्स की 2026 की लिस्ट में गौतम अडानी ने एक बार फिर मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है और भारत के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। रिलायंस के शेयरों में गिरावट के चलते अंबानी दूसरे नंबर पर खिसक गए हैं, जबकि सावित्री जिंदल तीसरे पायदान पर हैं। इस बार लिस्ट में चार नए चेहरों ने भी एंट्री मारी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m40b7jqz407r45xjxb1qved7,imgname-forebs-india-1791013145343.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gautam Adani Net Worth: &lt;/strong&gt;फोर्ब्स की 2026 की 'भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की लिस्ट' आ गई है। तीन साल बाद गौतम अडानी ने फिर से नंबर वन का ताज पहन लिया है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब ₹10.85 लाख करोड़ ($11,270 करोड़) आंकी गई है। पिछले साल के मुकाबले उनकी दौलत में ₹1.99 लाख करोड़ ($2,070 करोड़) का इजाफा हुआ है। डॉलर के हिसाब से देखें तो इस साल सबसे ज्यादा कमाई अडानी ने ही की है। हालांकि, उनकी मौजूदा संपत्ति अभी भी 2022 के उनके सबसे ऊंचे स्तर ₹14.43 लाख करोड़ ($15,000 करोड़) से कम है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब खिसककर दूसरे नंबर पर आ गए हैं। उनकी संपत्ति घटकर $86.3 बिलियन (करीब ₹8.3 लाख करोड़) रह गई है। इस साल अंबानी की दौलत में $18.7 बिलियन (करीब ₹1.56 लाख करोड़) की भारी गिरावट आई है। दरअसल, रिलायंस के रिटेल बिजनेस के मुनाफे में इस साल कमी देखी गई। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उनके ऑयल-टू-केमिकल (O2C) बिजनेस पर भी पड़ा। निवेशकों ने कंपनी पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस पर कुल ₹374,421 करोड़ का कर्ज था। इन सब वजहों से रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयरों में गिरावट आई और अंबानी की संपत्ति कम हो गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फोर्ब्स के मुताबिक, अलग-अलग बिजनेस में मुनाफे के दबाव ने रिलायंस के शेयरों पर असर डाला है। अगर भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति की बात करें, तो यह पिछले साल की तरह ही लगभग $1 ट्रिलियन (करीब ₹96.23 लाख करोड़) बनी हुई है। यह तब है जब रुपये की कीमत में 8.5% और शेयर बाजार में 9.5% की गिरावट आई है। इस कुल संपत्ति में अडानी की हिस्सेदारी करीब 11.3% और अंबानी की 8.6% है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डॉलर के हिसाब से गौतम अडानी ने इस साल सबसे ज्यादा कमाई की है, लेकिन यह अभी भी 2022 के $150 बिलियन के रिकॉर्ड से कम है। अडानी ग्रुप अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ा रहा है और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में $100 बिलियन का बड़ा निवेश कर रहा है। वहीं, प्रतिशत के हिसाब से इस साल सबसे ज्यादा फायदा लक्ष्मी मित्तल को हुआ है। उनकी संपत्ति 74% बढ़ी है, जिससे वह आठवें से सीधे चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt; Top 10 Richest Indians, 2026 (Forbes)1. Gautam Adani: $112.7 billion2. Mukesh Ambani: $86.3 billion3. Savitri Jindal: $39.8 billion4. Lakshmi Mittal: $34.7 billion5. Sunil Mittal: $32.9 billion6. Cyrus Poonawalla: $28.4 billion7. Shiv Nadar: $27.4 billion8. Dilip&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Indian Tech &amp;amp; Infra (@IndianTechGuide) October 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तीसरे नंबर पर कौन है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फोर्ब्स इंडिया रिच लिस्ट 2026 के मुताबिक, ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल भारत की तीसरी सबसे अमीर इंसान हैं। उनकी कुल संपत्ति $39.8 बिलियन (करीब ₹3.33 लाख करोड़) है। लक्ष्मी मित्तल चौथे नंबर पर हैं। वहीं, देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के फाउंडर और चेयरमैन सुनील मित्तल पांचवें पायदान पर हैं। उनकी संपत्ति $32.9 बिलियन (करीब ₹2.76 लाख करोड़) है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लिस्ट में चार नए नाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस साल 100 अमीरों की लिस्ट में चार नए चेहरों ने भी जगह बनाई है। इनमें इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) के कृष्णा चिवुकुला, अपार इंडस्ट्रीज (Apar Industries) के कुशल और चैतन्य देसाई, आदित्य इन्फोटेक (Aditya Infotech) के आदित्य खेमका और बालाजी वेफर्स (Balaji Wafers) के विरानी ब्रदर्स शामिल हैं। कुशल और चैतन्य की संपत्ति ₹40,898 करोड़ है, जबकि आदित्य खेमका के परिवार की कुल दौलत ₹34,643 करोड़ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टॉप 100 में कर्नाटक के ये दिग्गज भी शामिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले कई बड़े कारोबारियों ने भी इस लिस्ट में अपनी जगह पक्की की है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अजीम प्रेमजी - $7.87 बिलियन (32वां स्थान)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नितिन कामत - $7.86 बिलियन (33वां स्थान)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नारायण मूर्ति - $3.95 बिलियन (78वां स्थान)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;किरण मजूमदार शॉ - $3.28 बिलियन (94वां स्थान)&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Gold Silver Price Today: 2 अक्टूबर को सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, चेक करें अपने शहर का रेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/gold-silver-price-today-2-october-2026-22k-24k-gold-silver-rate-articleshow-f2p0dfg</link>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 08:40:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;22 Carat Gold Rate Today: &lt;/strong&gt;2 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी ब्याज दरों और ग्लोबल मार्केट के ट्रेंड्स का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। हालांकि, लोकल टैक्स, मेकिंग चार्ज और डीलर मार्जिन की वजह से अलग-अलग शहरों में गहनों के फाइनल रेट में बदलाव रहता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01knr5qvk8jva1qckxds36gq60,imgname-gold-silver-price-today-9-april-2026-india-mumbai-delhi-chennai-kolkata-bangalore-latest-rates-update-1-1775706566248.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gold Price 2 October 2026: &lt;/strong&gt;2 अक्टूबर को सोने और चांदी के बाजार में हलचल मची हुई है। अमेरिकी ब्याज दरों, करेंसी के उतार-चढ़ाव और ग्लोबल इकॉनमी में हो रहे बदलावों की वजह से कीमती धातुओं के रेट लगातार ऊपर-नीचे हो रहे हैं। हाल ही में आए तेज उछाल के बाद निवेशक और खरीदार दोनों ही सर्राफा बाजार पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंटरनेशनल मार्केट का सीधा असर हमारे घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जो उम्मीदें बदल रही हैं, उसकी वजह से सोने के भाव में काफी अस्थिरता है। चांदी में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड, जियोपॉलिटिकल टेंशन और निवेशकों की डिमांड जैसे फैक्टर इंटरनेशनल मार्केट में धातुओं के रेट तय करते हैं, जिसका असर भारत में भी दिखता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारतीय ग्राहकों के लिए एक बात समझना जरूरी है कि ज्वैलर जो रेट दिखाता है, वह बेस रेट से अलग हो सकता है। लोकल मार्केट के हालात, टैक्स, डीलर का मार्जिन, मेकिंग चार्ज और धातु की शुद्धता मिलकर यह तय करते हैं कि आपको फाइनल कितना पैसा देना होगा। इसलिए, नीचे दिए गए शहर-वार रेट्स को आप एक रेफरेंस के तौर पर देख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी के रेट&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;22K सोना (10g)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;24K सोना (10g)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;चांदी (1kg)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,38,156 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,825 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,27,022 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,37,972 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,625 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,26,947 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,37,791 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,426 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,27,047 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,38,233 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,910 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,27,047 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बेंगलुरु&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,38,146 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,815 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,27,107 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;हैदराबाद&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,38,201 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;1,50,875 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;2,26,982 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;बड़े भारतीय बाजारों के लेटेस्ट डेटा को देखें तो सोने की कीमतों में शहरों के बीच मामूली अंतर है। इसी तरह चांदी के रेट भी हर शहर में थोड़े बहुत अलग हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोने के रेट आमतौर पर उसकी शुद्धता के हिसाब से तय होते हैं। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। ग्राहकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मेकिंग चार्ज और टैक्स जुड़ने के बाद गहनों का फाइनल बिल हमेशा बेस रेट से ज्यादा ही आता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमेरिका की मॉनेटरी पॉलिसी और ग्लोबल फाइनेंस के हालात का असर कीमती धातुओं के बाजार पर लगातार पड़ रहा है। हालिया डेटा बताता है कि सोने-चांदी में काफी उतार-चढ़ाव है, यही वजह है कि दिन भर ट्रेडिंग के दौरान भी रेट बदलते रहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप 2 अक्टूबर को सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो खरीदारी के वक्त का करेंट रेट जरूर चेक कर लें। पेमेंट करने से पहले धातु की शुद्धता, एक्स्ट्रा चार्ज और लगने वाले टैक्स के बारे में पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/gold-silver-price-today-2-october-2026-22k-24k-gold-silver-rate-articleshow-f2p0dfg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM Kisan Alert: पोर्टल पर तुरंत अपडेट करें मिसिंग डिटेल्स, वरना अटक जाएगी ₹2000 की अगली किस्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/pm-kisan-24th-installment-date-portal-new-features-missing-details-update-before-kist-photoshow-ghcb3kg</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/business-news/pm-kisan-24th-installment-date-portal-new-features-missing-details-update-before-kist-photoshow-ghcb3kg</guid>
            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 16:32:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Kisan 24th Installment: &lt;/strong&gt;पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए जरूरी अलर्ट है। अगली किस्त आने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अगर आपकी जानकारी अधूरी है, तो तुरंत जाकर अपडेट कर सकते हैं। &lt;strong&gt;जानिए कैसे...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k097psna7tqxsddx76gwkt3b,imgname-pm-kisan-samman-nidhi-1752656733866.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Kisan 24th Installment: &lt;/strong&gt;पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए जरूरी अलर्ट है। अगली किस्त आने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। अगर आपकी जानकारी अधूरी है, तो तुरंत जाकर अपडेट कर सकते हैं। &lt;strong&gt;जानिए कैसे...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;केंद्र सरकार पीएम किसान योजना के तहत हर साल किसानों को 6,000 रुपए की आर्थिक मदद देती है। ये पैसा साल में तीन बार 2000-2000 रुपए की किस्तों में बैंक खाते (DBT) में भेजा जाता है। देश के करोड़ों किसान 23 किस्तें पा चुके हैं और अब 24वीं किस्त की बारी है। सरकार ने अभी कोई पक्की तारीख तय नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि 30 नवंबर से पहले पैसा कभी भी खातों में आ सकता है। अगर आप चाहते हैं कि बिना रुकावट पैसा मिले, तो पोर्टल पर किए गए 4 नए सुधार तुरंत देख लें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फॉर्म भरते समय अगर कोई कॉलम खाली रह गया था या कोई जरूरी बात छूट गई थी, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पीएम किसान के पोर्टल के होमपेज पर दाहिनी ओर बने बॉक्स में पहले रो के चौथे नंबर पर 'Update Missing Information' का विकल्प दिखेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पर क्लिक करते ही नया पेज खुलेगा। वहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर 'Search' दबाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जो भी जानकारी अधूरी होगी, वह स्क्रीन पर आ जाएगी। उसे सही भरकर फॉर्म सबमिट कर दें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अगर आपने हाल ही में अपना सिम बदला है या आधार कार्ड में नया फोन नंबर दर्ज कराया है, तो उसे पीएम किसान खाते में भी अपडेट करना अनिवार्य है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पोर्टल के होमपेज पर दाईं तरफ दूसरी लाइन में मौजूद दूसरे बॉक्स पर जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें और कैप्चा भरकर सर्च करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद आधार से लिंक नया मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इससे किस्त आने का मैसेज और योजना से जुड़े सभी अलर्ट सीधे आपके नए नंबर पर मिलने लगेंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अगर कोई व्यक्ति नियमों के तहत इस योजना के दायरे में नहीं आता (जैसे इनकम टैक्स देने वाले या तय मानकों से बाहर के लोग), फिर भी खाते में किस्त आ रही है, तो सरकार ने पैसा वापस करने की व्यवस्था दी है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पोर्टल पर मौजूद 'Online Refund' वाले बॉक्स पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अपना आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालकर 'Get OTP' पर जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फोन पर आए कोड को दर्ज करके स्क्रीन पर दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब तक मिली राशि को ऑनलाइन ट्रांसफर करके कानूनी झंझट या पेनाल्टी से बच सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अगर सब कुछ सही होने के बाद भी पैसे नहीं आ रहे, तो अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। पोर्टल से जिम्मेदार अफसरों का नंबर मिल जाएगा। उनसे मदद ले सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पोर्टल के होमपेज पर दाहिनी ओर 'Search your Point of Contact (POC)' का बॉक्स चुनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राज्य स्तर के अधिकारी के लिए 'State Nodal' और जिले के अधिकारी के लिए 'District Nodal' विकल्प पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अपना राज्य और जिला ड्रॉप-डाउन मेन्यू से चुनें और सबमिट कर दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्क्रीन पर नोडल अफसर का नाम, फोन नंबर और ईमेल आईडी सामने आ जाएगी। कॉल करके अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[LPG Price: घर वाला सिलेंडर ₹942, लेकिन कमर्शियल ₹2810, दोनों में इतना फर्क क्यों?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/lpg-price-domestic-vs-commercial-gas-cylinder-difference-explained-articleshow-i3s01zl</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:26:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Domestic vs Commercial LPG Price: &lt;/strong&gt;1 अक्टूबर से 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हो गया है, जबकि घरेलू सिलेंडर पहले वाले रेट पर है। जानें दोनों में इतना अंतर क्यों&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01knrrbena9y7ybbbhya0j75e1,imgname-india-lpg-supply-shortage-black-market-prices-delays-2026-strict-regulations-1-1775726082730.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Commercial Gas Cylinder Price Hike Today: &lt;/strong&gt;1 अक्टूबर से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ गई है। दिल्ली में अब इसका दाम ₹2,810 हो गया है। वहीं घर में इस्तेमाल होने वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर करीब ₹942 का है। ऐसे में सवाल है कि जब दोनों सिलेंडर में LPG गैस ही इस्तेमाल होती है, तो कीमत में इतना बड़ा अंतर क्यों है? इसका जवाब सिर्फ सिलेंडर के वजन में नहीं छिपा है। घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की कीमत का सिस्टम अलग है। आइए एकदम सिंपल तरह से समझते हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर में क्या अंतर हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;एलपीजी रेट में अंतर?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर ₹942 में है, जबकि 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,810 का हो गया है। दोनों की कीमतों का अंतर करीब ₹1,868 है। यानी कमर्शियल सिलेंडर की कीमत घरेलू सिलेंडर से काफी ज्यादा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वजन का फर्क&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घरेलू सिलेंडर में नेट गैस का वजन 14.2 किलोग्राम होता है। जबकि कमर्शियल सिलेंडर में कुल 19 किलोग्राम गैस भरी होती है। अगर सिर्फ प्रति किलो गैस के हिसाब से भी देखें, तो घरेलू गैस आपको करीब ₹66 प्रति किलो के भाव पर पड़ रही है, जबकि कमर्शियल गैस का भाव करीब ₹147 प्रति किलो तक जा रहा है। यानी वजन से अलग भी एक बड़ा खेल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सब्सिडी और सरकारी सुरक्षा कवच&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घर की रसोई का सिलेंडर सरकार की अनिवार्य और जरूरी लिस्ट में आता है। सरकार नहीं चाहती कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल या गैस महंगी होते ही आम जनता की थाली पर असर पड़े। इसलिए घरेलू गैस के रेट को सरकार सीधे रेगुलेट करती है और जरूरत पड़ने पर तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई करती है। कमर्शियल गैस पूरी तरह बाजार के हवाले (मार्केट ड्रिवन) है। इस पर सरकार कोई सब्सिडी या राहत नहीं देती। दुनिया भर में जब भी कच्चे तेल या गैस के दाम चढ़ते हैं, तेल कंपनियां इसका पूरा बोझ सीधे कमर्शियल सिलेंडर पर डाल देती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;टैक्स और GST का बड़ा खेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दोनों सिलेंडरों पर लगने वाले टैक्स में जमीन-आसमान का अंतर है। घर के लाल सिलेंडर को जरूरी सामान माना गया है, इसलिए इस पर केवल 5% GST लगता है। जबकि कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल कारोबार, होटल, रेस्टोरेंट और कारखानों में होता है, इसलिए इसे बिजनेस कैटेगरी में रखकर इस पर सीधे 18% GST वसूला जाता है। इसके अलावा राज्यों के अपने-अपने वैट (VAT) और ढुलाई खर्च अलग से जुड़ते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मिक्स में हल्का फर्क&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिखने में दोनों में एलपीजी ही है, लेकिन इनके मिक्स में हल्का फर्क होता है। दोनों सिलेंडरों में प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का मिश्रण होता है। घर वाले सिलेंडर में ब्यूटेन की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखी जाती है ताकि धीमी और स्थिर आंच मिले, जिससे घरेलू चूल्हे पर खाना आराम से पके। होटल और रेस्टोरेंट में बड़े-बड़े बर्तनों और तंदूर में खाना बनता है। वहां तेज लौ और ज्यादा प्रेशर चाहिए होता है, इसलिए कमर्शियल सिलेंडर में प्रोपेन का अनुपात ज्यादा रखा जाता है। इसके रेगुलेटर और बर्नर भी हाई-प्रेशर वाले होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;वेस्ट एशिया का तनाव और ताजा झटका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ताजा बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहा तनाव है। भारत अपनी जरूरत की 50% से अधिक एलपीजी दूसरे देशों से मंगाता है। जंग के माहौल से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम चढ़े हैं। इसी वजह से तेल कंपनियों ने 1 अक्टूबर को कमर्शियल गैस के दाम बढ़ा दिए, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट को नहीं छेड़ा गया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारत में MDR के बाद UPI Transaction गिरा या बढ़ा? एक दिन ने बदल दिया पूरा खेल!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/upi-september-2026-data-why-the-1-8-percent-monthly-dip-does-not-tell-the-full-story-articleshow-lfctqp7</link>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 16:57:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPI September Data:&lt;/strong&gt; सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन 1.8% घटे, लेकिन रोजाना औसत 80.2 करोड़ के नए स्तर पर पहुंचा। जानिए क्यों मासिक गिरावट की असली तस्वीर कुछ और है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3xx904bnd39dj8g9hg9xmd9,imgname-gemini-generated-image-40w5b040w5b040w5-1790931402891.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;UPI के सितंबर आंकड़े सामने आए तो पहली नजर में लगा कि देश में डिजिटल पेमेंट की रफ्तार थोड़ी थम गई। अगस्त के 24.51 अरब के मुकाबले सितंबर में ट्रांजैक्शन 24.07 अरब रह गए, यानी 1.8% की कमी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। कैलेंडर के एक दिन ने पूरा गणित बदल दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;24 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन, फिर क्यों दिखी गिरावट?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगस्त 31 दिन का था, जबकि सितंबर में 30 दिन थे। इसलिए दोनों महीनों के कुल ट्रांजैक्शन की सीधे तुलना करने पर सितंबर कमजोर दिखाई देता है। लेकिन रोजाना औसत निकालें तो तस्वीर उलट जाती है। सितंबर में UPI ने औसतन 80.2 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रतिदिन किए, जबकि अगस्त में यह करीब 79.1 करोड़ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहली बार डेली रन-रेट 80 करोड़ के पार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यही सितंबर के आंकड़ों का सबसे बड़ा संकेत है। 802 मिलियन यानी करीब 80.2 करोड़ दैनिक ट्रांजैक्शन का औसत UPI के लिए नया स्तर है। यानी महीने का कुल आंकड़ा थोड़ा नीचे गया, लेकिन रोजाना इस्तेमाल की रफ्तार बढ़ी। सालाना आधार पर भी सितंबर में UPI वॉल्यूम करीब 23% बढ़ा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पैसे का खेल भी समझिए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रांजैक्शन की वैल्यू भी रोजाना आधार पर मजबूत रही। सितंबर में औसत दैनिक UPI वैल्यू करीब ₹97,913 करोड़ रही, जो अगस्त के लगभग ₹96,205 करोड़ से ज्यादा है। महीने की कुल वैल्यू सितंबर में ₹29.37 लाख करोड़ रही, जबकि अगस्त में यह ₹29.82 लाख करोड़ थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब नजर 15 अक्टूबर पर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;UPI के आंकड़ों की यह तस्वीर ऐसे समय आई है जब 15 अक्टूबर से चुनिंदा P2M यानी दुकानदारों को किए जाने वाले ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर 0.4% MDR लागू होना है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। P2P भुगतान और ₹2,000 तक के सामान्य P2M भुगतान MDR से बाहर रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;असली सवाल: क्या MDR से बदलेगा UPI का ट्रेंड?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सितंबर के आंकड़े फिलहाल बताते हैं कि UPI की रोजाना पेमेंट गतिविधि कमजोर नहीं हुई है। बल्कि दैनिक औसत ने नया स्तर छुआ है। अब अक्टूबर के आंकड़े खास होंगे, क्योंकि इनमें 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए MDR ढांचे का शुरुआती असर भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों से सितंबर की 1.8% मासिक गिरावट को UPI के इस्तेमाल में वास्तविक गिरावट मानना सही तस्वीर नहीं देता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/upi-september-2026-data-why-the-1-8-percent-monthly-dip-does-not-tell-the-full-story-articleshow-lfctqp7"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Jio Anniversary Offer: फोन खरीदने की कीमत में ही 6 महीने का रिचार्ज फ्री! JioBharat पर खास ऑफर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/jio-10th-anniversary-offer-buy-jiobharat-4g-phone-at-rs-1499-with-free-recharge-articleshow-mbl9gsg</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 10:58:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Jio Free Recharge: &lt;/strong&gt;रिलायंस जियो अपनी 10वीं सालगिरह पर ग्राहकों के लिए एक शानदार ऑफर लेकर आया है। अब आप सिर्फ 1,499 रुपये में JioBharat 4G फोन खरीद सकते हैं। इसके साथ ही आपको 6 महीने तक हर महीने 14GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग बिल्कुल फ्री मिलेगी। यह ऑफर खास तौर पर 2G यूजर्स के लिए है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-819be18a-2056-4376-8c08-33053b3151b1.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;JioBharat 4G Phone Offer: &lt;/strong&gt;रिलायंस जियो को भारत में लोगों को कनेक्ट करते हुए 10 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर कंपनी ने JioBharat फोन पर एक स्पेशल 'जियो एनिवर्सरी ऑफर' निकाला है। इसका मकसद उन लाखों फीचर फोन यूजर्स की मदद करना है जो 2G से 4G में शिफ्ट होना चाहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;त्योहारी सीजन में लॉन्च किए गए इस लिमिटेड-पीरियड ऑफर में आपको एक सस्ता 4G फोन और फ्री कॉलिंग-डेटा का फायदा मिल रहा है। इससे ज्यादा से ज्यादा भारतीय डिजिटल लाइफस्टाइल का अनुभव ले सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जियो एनिवर्सरी ऑफर की डिटेल्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस ऑफर के तहत आप JioBharat 4G फोन को सिर्फ 1,499 रुपये में खरीद सकते हैं। इसके साथ आपको 6 महीने का रिचार्ज एकदम फ्री मिलेगा। इसमें हर महीने 14GB डेटा और अनलिमिटेड HD वॉइस कॉलिंग शामिल है (नियम और शर्तें लागू)।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी ने यह ऑफर उन फीचर फोन यूजर्स के लिए निकाला है जो बिना ज्यादा पैसे खर्च किए 2G से 4G का मजा लेना चाहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;त्योहारों का समय परिवार और अपनों के साथ जुड़ने का होता है। जियो इस ऑफर के जरिए भारत के कोने-कोने में बैठे लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पहल से जियो के डिजिटल इंडिया विजन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बन सकेंगे और सिर्फ कॉल या मैसेज से आगे बढ़कर नई सेवाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4G में अपग्रेड करना हुआ सस्ता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज भी कई 2G यूजर्स हर महीने करीब 199 रुपये का रिचार्ज कराते हैं। अगर 6 महीने का हिसाब लगाएं, तो यह खर्च लगभग 1,200 रुपये बैठता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन जियो एनिवर्सरी ऑफर में आपको 1,499 रुपये में 4G फोन के साथ 6 महीने का रिचार्ज भी मिल रहा है। अगर रिचार्ज के पैसे हटा दें, तो फोन की असली कीमत सिर्फ 299 रुपये रह जाती है। 2G यूजर्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका है कि वे एक शानदार 4G फोन अपनाएं और डिजिटल सेवाओं का फायदा उठाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JioBharat के फीचर्स और फायदे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुराने 2G फोन सिर्फ कॉल और मैसेज के काम आते हैं, लेकिन JioBharat में आपको बहुत कुछ मिलता है। इसमें आप JioTV पर 500 से ज्यादा टीवी चैनल देख सकते हैं। साथ ही JioHotstar पर लाइव क्रिकेट और फिल्मों का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा लाखों गाने सुनने और डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी इसमें मौजूद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डिजिटल पेमेंट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह फोन फीचर फोन यूजर्स के लिए डिजिटल पेमेंट को भी आसान बनाता है। इसमें आपको मिलता है: 1. UPI पेमेंट के लिए JioPay 2. आसान पेमेंट अलर्ट 3. पेमेंट नोटिफिकेशन के लिए साउंड बॉक्स फीचर।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सेफ्टी और फैमिली कनेक्टिविटी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपनों से जुड़े रहने और सुरक्षा के लिए भी इसमें खास फीचर्स हैं: 1. सेफ-कॉलिंग के लिए 'जियो सेफ्टी शील्ड' 2. लोकेशन ट्रैक करने की सुविधा जिससे परिवार वाले एक-दूसरे से जुड़े रह सकें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शानदार हार्डवेयर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए फोन में बेहतरीन हार्डवेयर दिया गया है: 1. 2.4 इंच की डिस्प्ले 2. 2,000mAh की दमदार बैटरी 3. फास्ट और भरोसेमंद 4G कनेक्टिविटी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत को डिजिटल भविष्य से जोड़ना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;JioBharat पर मिल रहा यह एनिवर्सरी ऑफर 2G यूजर्स के लिए 4G की दुनिया में कदम रखने का एक शानदार रास्ता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में 10 साल पूरे होने के जश्न में जियो का यह त्योहारी ऑफर डिजिटल पहुंच को सस्ता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/jio-10th-anniversary-offer-buy-jiobharat-4g-phone-at-rs-1499-with-free-recharge-articleshow-mbl9gsg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Hero Motors Share Price: 7 दिन में 104% रिटर्न, क्या अब भी पैसा लगाने का मौका है?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/hero-motors-share-price-surge-multibagger-ipo-experts-view-buy-or-sell-articleshow-pxve5fb</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 13:24:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hero Motors Share Rally: &lt;/strong&gt;हीरो मोटर्स के शेयर ने 7 दिन में निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया। BSE पर 10% की छलांग के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है। जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह..&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v75x08j45q23nt2jaqxspr,imgname-hero-motors-share-1790841123815.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hero Motors Share:&lt;/strong&gt; 23 सितंबर को जब हीरो मोटर्स का शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ, तो आईपीओ में पैसा लगाने वाले कई लोग निराश हो गए थे। लेकिन सिर्फ एक हफ्ते में ही इस शेयर ने ऐसा यू-टर्न मारा कि बेचने वाले हाथ मलते रह गए। 1 अक्टूबर की दोपहर तक BSE पर ये स्टॉक करीब 10% उछलकर ₹167.45 के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। यानी ₹82 के भाव से गिने तो महज 7 कारोबारी सत्रों में निवेशकों की वेल्थ 104% बढ़ चुकी है। आसान शब्दों में कहें तो पैसा दोगुने से भी ज्यादा बढ़ चुका है। कंपनी का कुल मार्केट कैप भी बढ़कर ₹7,564 करोड़ के पार निकल चुका है। अगर आपकी नजर भी इस रॉकेट बने शेयर पर है और मन में सवाल आ रहा है कि क्या अब इसमें एंट्री लेनी चाहिए? तो एक्सपर्ट्स की सलाह जान लीजिए..&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हीरो मोटर्स शेयर की सुस्त शुरुआत से रिकॉर्ड हाई तक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हीरो मोटर्स की शेयर बाजार में एंट्री बेहद ठंडी रही थी। लिस्टिंग का दिन 23 सितंबर को शेयर अपने तय इश्यू प्राइस (₹84) के मुकाबले करीब 2.3% की छूट के साथ ₹82 पर खुला था। उसी दिन रिकवरी भी देखने को मिली। दिन के कारोबार में शेयर ने रफ्तार पकड़ी और ₹98 के करीब बंद होकर पहले ही दिन 17% से ज्यादा का मुनाफा दिखा दिया। 28 सितंबर को हुई एक बड़ी बल्क डील (जिसमें Irage Broking ने 34 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे) और कंपनी की 27वीं AGM के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी लौटी और भाव ₹167.45 पर पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हीरो मोटर्स कंपनी क्या करती है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हीरो मोटर्स सिर्फ भारत तक सीमित नाम नहीं है। ये असल में एक हाई-टेक ऑटो कंपोनेंट कंपनी है, जो गाड़ियों के इंजन और ट्रांसमिशन से जुड़े खास कलपुर्जे (Powertrain Solutions) तैयार करती है। कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसके क्लाइंट्स हैं। कंपनी BMW और Ducati जैसी दिग्गज अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल कंपनियों को पार्ट्स सप्लाई करती है। इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में लगने वाली मोटर्स और ड्राइव सॉल्यूशंस में भी कंपनी का काम तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका, यूरोप, भारत से लेकर आसियान (ASEAN) देशों के बड़े वाहन निर्माताओं तक इसका नेटवर्क फैला है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हीरो मोटर्स के शेयर को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, हीरो मोटर्स का बिजनेस मॉडल और ईवी सेक्टर से जुड़ाव तो मजबूत है, लेकिन कंपनी के मौजूदा वित्तीय आंकड़े कुछ बड़े सवाल भी खड़े करते हैं। इसे 4 अहम फैक्टर्स से समझा जा सकता है...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;P/E रेश्यो (वैल्यूएशन काफी महंगा)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी का शेयर इस समय 69 से 74 गुना के P/E पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की दूसरी कंपनियों का औसत P/E करीब 50 गुना के आसपास है। इसका मतलब है कि इंडस्ट्री के मुकाबले ये शेयर फिलहाल काफी महंगे भाव पर मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;EBITDA मार्जिन (मुनाफे की रफ्तार धीमी)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 10.2% पर है। ये आंकड़ा इस सेक्टर की कई बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मार्जिन के मुकाबले काफी कम है, जिससे कंपनी के कोर प्रॉफिट पर दबाव दिखता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW में अभी सुधार की दरकार)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी का RoNW फिलहाल 8.53% है। हालांकि इसमें पहले से सुधार हुआ है, लेकिन अपने साथी खिलाड़ियों के मुकाबले ये अभी भी पीछे चल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्लाइंट बेस (बड़े नाम, लेकिन निर्भरता का रिस्क)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी के पास BMW और Ducati जैसे दुनिया के सबसे बड़े लग्जरी ब्रैंड्स हैं, जो इसकी क्वॉलिटी साबित करते हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर होना एक 'कंसंट्रेशन रिस्क' है यानी अगर एक भी बड़े क्लाइंट के ऑर्डर कम हुए, तो रेवेन्यू पर सीधा असर पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;निवेशकों को क्या करना चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन चारों फैक्टर्स को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर के फंडामेंटल अच्छे होने के बावजूद महंगा वैल्यूएशन नए निवेशकों के लिए रिस्क बढ़ा रहा है। इसलिए तेजी में कूदने के बजाय शेयर में स्थिरता आने (Consolidation) तक इंतजार करना ज्यादा समझदारी भरा कदम हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और अवेयरनेस के लिए है। इसे निवेश या किसी भी शेयर को खरीदने-बेचने की की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[WhatsApp पर अब हर मैसेज का हिसाब! 1000 फ्री चैट के बाद चार्ज, क्या आपकी जेब से भी कटेगा पैसा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/whatsapp-new-rule-1000-free-messages-charges-explained-articleshow-s0zsbx9</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:14:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Whatsapp Charges in India: &lt;/strong&gt;आज 1 अक्टूबर से वॉट्सऐप ने नया नियम लागू कर दिया है। 1,000 फ्री मैसेज के बाद हर चैट पर 11.5 पैसे लगेंगे। जानिए क्या आपको भी पैसे देने होंगे?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k0bnv57t2s7ewqya7188w0b1,imgname-whatsapp-new-feature-1752738665722.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Whatsapp New Rules:&lt;/strong&gt; सुबह उठते ही किसी को 'गुड मॉर्निंग' बोलना हो, दोस्तों से गपशप करनी हो या फिर ऑफिस का कोई जरूरी काम, वॉट्सऐप हमारी डेली लाइफ का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन आज 1 अक्टूबर की सुबह से ही एक खबर की चर्चा है कि वॉट्सऐप पर अब मैसेज भेजने के पैसे लगेंगे। कहा जा रहा है कि हर महीने सिर्फ 1,000 मैसेज ही मुफ्त मिलेंगे और उसके बाद हर एक चैट का हिसाब देना होगा। अगर आपने भी यह खबर सुनी है और आपके मन में डर बैठ गया है कि कहीं वॉट्सऐप चलाने के बदले आपके बैंक खाते या मोबाइल बैलेंस से पैसे तो नहीं कटने लगेंगे, तो राहत की सांस लीजिए। ये पैसे आपसे नहीं लिए जाएंगे। आइए जानते हैं कि मेटा (Meta) का ये नया नियम आखिर क्या है और इसका सच में किस पर असर पड़ेगा...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वॉट्सऐप चार्ज का पैसा क्या आपकी जेब से कटेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप अपने फोन में आम वॉट्सऐप (Personal WhatsApp) चलाते हैं, अपने रिश्तेदारों, दोस्तों या फैमिली ग्रुप में दिनभर चाहे 5,000 मैसेज, फोटो, ऑडियो या वीडियो भेजते हैं, तो आपको एक भी नया पैसा नहीं देना है। आम यूजर्स के लिए वॉट्सऐप हमेशा की तरह 100% फ्री है। यह नया नियम आपके और हमारे जैसे पर्सनल यूजर्स के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों, ब्रांड्स और दुकानदारों (WhatsApp Business Platform) के लिए लाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फिर वॉट्सऐप पर पैसे कटने का क्या चक्कर है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मेटा ने 1 अक्टूबर से भारत में बिजनेस करने वाली कंपनियों के लिए अपना रेट कार्ड बदल दिया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब किसी भी बिजनेस अकाउंट को हर महीने केवल 1,000 सर्विस मैसेज ही मुफ्त भेजने की छूट मिलेगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जैसे ही 1,000 मैसेज पूरे हो जाएंगे, कंपनी जब भी किसी ग्राहक को उसके सवाल का जवाब देगी, तो कंपनी को प्रति मैसेज ₹0.115 (करीब 11.5 पैसे) मेटा को चुकाने होंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पहले जब कोई ग्राहक किसी कंपनी को वॉट्सऐप करता था, तो अगले 24 घंटे तक कंपनी की तरफ से दिए जाने वाले रिप्लाई पर अलग से कोई चार्ज नहीं लगता था। अब मेटा ने यह छूट बंद कर दी है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;वॉट्सऐप डिलीवरी और OTP वाले मैसेज पर भी लगेगा चार्ज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हम जब भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, खाना मंगाते हैं या टिकट बुक करते हैं, तो अक्सर वॉट्सऐप पर पार्सल ट्रैकिंग, ऑर्डर कन्फर्मेशन और लॉगिन OTP आता है। इन्हें 'यूटिलिटी' और 'ऑथेंटिकेशन' मैसेज कहा जाता है। 1 अक्टूबर से कंपनियों को ऐसे हर एक डिलीवरी स्टेटस और OTP मैसेज के लिए भी 11.5 पैसे प्रति मैसेज चुकाने होंगे। सेल और ऑफर्स वाले मार्केटिंग मैसेजेस के लिए कंपनियां पहले से ही प्रति मैसेज करीब 86 पैसे (₹0.8631) चुका रही हैं, जिसका रेट नहीं बदला है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI रोबोट से चैट कराने का अलग बिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आजकल कई कंपनियां कस्टमर सपोर्ट के लिए इंसानों की जगह रोबोट (AI Bots) बैठा देती हैं। मेटा ने इसके लिए भी अलग रेट तय कर दिया है। अगर कोई कंपनी 'मेटा बिजनेस एजेंट' (AI) का इस्तेमाल करती है, तो मैसेज के बेसिक चार्ज के अलावा AI सिस्टम द्वारा प्रोसेस होने वाले हर 10 लाख (1 मिलियन) टोकन के लिए कंपनी से $2 (करीब 165+ रुपए) अलग से लिए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दुकानदारों और कंपनियों के लिए सख्त चेतावनी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेटा ने सभी बिजनेस प्रोवाइडर्स और कंपनियों को साफ कर दिया है कि उन्हें अपने बिजनेस खाते में क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट मेथड जोड़ना जरूरी होगा। 1 अक्टूबर से जिन कंपनियों का पेमेंट सिस्टम एक्टिव नहीं होगा, उनके मैसेज ग्राहकों तक पहुंचना ही बंद हो जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वॉट्सऐप के नए नियमों के अनुसार किस मैसेज का कितना चार्ज और किससे?&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;thead&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;th&gt;मैसेज का प्रकार&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;नया नियम और चार्ज (1 अक्टूबर से)&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;किसके लिए लागू&lt;/th&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/thead&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;पर्सनल चैट (आम यूजर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पूरी तरह फ्री (कोई लिमिट नहीं)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;आपके और हमारे जैसे आम लोग&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;सर्विस रिप्लाई (कस्टमर केयर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;महीने में 1,000 फ्री&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;फिर 11.5 पैसे/मैसेज बिजनेस और कंपनियां&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;यूटिलिटी मैसेज (ट्रैकिंग/बिल)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;11.5 पैसे प्रति मैसेज&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;ऑनलाइन शॉपिंग/सर्विस कंपनियां&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;OTP और ऑथेंटिकेशन&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;11.5 पैसे प्रति मैसेज&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;बैंक और ऐप्स&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;ऑफर और सेल मैसेज&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;करीब 86 पैसे प्रति मैसेज&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;मार्केटिंग करने वाले ब्रांड्स&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;वॉट्सऐप के नए नियम का आप पर क्या असर दिखेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कम आएंगे अनचाहे मैसेज:&lt;/strong&gt; चूंकि अब कंपनियों को हर मैसेज का कड़ा हिसाब और बिल देना होगा, इसलिए कंपनियां फालतू के प्रमोशनल और स्पैम मैसेज भेजने से थोड़ा बचेंगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऐप पर शिफ्ट हो सकती हैं कंपनियां: &lt;/strong&gt;खर्च बचाने के लिए हो सकता है कि कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां ऑर्डर ट्रैकिंग या बिल वॉट्सऐप पर भेजने की बजाय आपको सीधे अपने ऐप या SMS पर देखने को कहें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, नायरा एनर्जी ने दिया महंगाई का बड़ा झटका]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/nayara-energy-hikes-petrol-price-by-rs-5-and-diesel-by-rs-3-across-india-articleshow-shwq3mk</link>
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            <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 15:23:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol diesel price increase India: &lt;/strong&gt;देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक उछाल आया है। पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। अक्टूबर के त्योहारी सीजन में आम आदमी की जेब पर यह एक और बड़ी मार है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Global Crude Oil Price Impact: &lt;/strong&gt;देश में पहले ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान महंगे हो चुके हैं। अब अक्टूबर के त्योहारी सीजन में आम आदमी को महंगाई का एक और तगड़ा झटका लगा है। नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज से ही लागू हुईं नई कीमतें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम बढ़ने की वजह से नायरा एनर्जी को मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा है। शनिवार सुबह से ही नायरा के सभी पेट्रोल पंपों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। आपको बता दें कि देशभर में नायरा एनर्जी के 7108 पेट्रोल पंप हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पश्चिमी देशों में चल रहे तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हूती विद्रोहियों के हमले और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत फेल होने जैसे कई कारणों से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। इसका सीधा दबाव रिटेल कंपनियों पर पड़ रहा था। इसी घाटे और दबाव को कम करने के लिए नायरा एनर्जी ने कीमतें बढ़ाने का फैसला किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नायरा पेट्रोल पंप पर कीमतें (कल और आज):&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कल पेट्रोल का दाम: 111.20 रुपये प्रति लीटर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कल डीजल का दाम: 98.80 रुपये प्रति लीटर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आज पेट्रोल का दाम: 116.20 रुपये प्रति लीटर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आज डीजल का दाम: 101.80 रुपये प्रति लीटर&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मार्च के बाद नायरा का दूसरा बड़ा झटका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इससे पहले जब ईरान और इजरायल के बीच युद्ध तेज हुआ था, तब भी नायरा एनर्जी ने सीधे तौर पर कीमतें बढ़ाई थीं। 26 मार्च को कंपनी ने पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा किया था। बाद में जब हालात थोड़े सुधरे और 1 जुलाई को इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम गिरे, तो नायरा ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये की कटौती भी की थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल इंडियन ऑयल (Indian Oil) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी सरकारी कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन ग्लोबल हालात जिस तरह से बिगड़ रहे हैं, उसे देखते हुए ये कंपनियां भी जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और बीपी (BP) के जॉइंट वेंचर ने भी अभी तक दाम बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Instagram Followers खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, अकाउंट पर पड़ सकता है असर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/top-5-instagram-growth-sites-to-boost-followers-and-likes-fast-articleshow-uxkapnw</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 15:18:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Increase Instagram Views: &lt;/strong&gt;इंस्टाग्राम पर अपनी रीच बढ़ाना चाहते हैं? फॉलोअर्स, व्यूज और लाइक्स बढ़ाने वाली टॉप 5 इंस्टाग्राम ग्रोथ साइट्स के फीचर्स और ऑफर्स को कंपेयर करें और अपने लिए बेस्ट सर्विस चुनें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3vcpk4pjgcs6jvttphcda7q,imgname-insta-pr-1790846913686.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Growth Sites: &lt;/strong&gt;नया इंस्टाग्राम अकाउंट बनाना काफी एक्साइटिंग होता है, लेकिन फॉलोअर्स की संख्या जीरो देखकर थोड़ी निराशा भी होती है। कई क्रिएटर्स और छोटे चैनल वाले शुरुआत में अपनी पहचान बनाने के लिए शॉर्टकट तलाशते हैं। ऐसे में लोग अपने नंबर्स को तेजी से बढ़ाने के लिए फॉलोअर्स खरीदने का ऑप्शन भी चुनते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन बिना सोचे-समझे रिस्क लेना आपके अकाउंट के लिए मुसीबत बन सकता है। एक समझदार क्रिएटर वही है जो रिस्क को समझता हो। इसका मतलब है कि आपको ऐसे प्लेटफॉर्म चुनने चाहिए जो आपकी प्राइवेसी सेफ रखें, कोई सेंसिटिव जानकारी न मांगें और धीरे-धीरे फॉलोअर्स बढ़ाएं। नीचे हम फीचर्स, सेफ्टी और सपोर्ट के आधार पर इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बेचने वाली 5 सबसे पॉपुलर साइट्स के बारे में बता रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;SocialWick&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जो क्रिएटर्स एक आसान और स्मूद प्रोसेस चाहते हैं, उनके लिए SocialWick एक पॉपुलर चॉइस है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से पैकेज कस्टमाइज कर सकते हैं और तय कर सकते हैं कि आपको कितने फॉलोअर्स चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फ्री इंस्टाग्राम लाइक्स ट्राई करें!&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह साइट अकाउंट की सेफ्टी पर पूरा ध्यान देती है। ये आपसे आपके अकाउंट का पासवर्ड या कोई प्राइवेट लॉगिन डिटेल नहीं मांगते। आपको बस अपना पब्लिक इंस्टाग्राम हैंडल देना होता है। अगर आप तुरंत रिजल्ट चाहते हैं, तो यह एक अच्छा ऑप्शन है क्योंकि चेकआउट के तुरंत बाद ऑर्डर प्रोसेस हो जाता है। क्या आप एक फास्ट और क्लीन सेटअप ढूंढ रहे हैं? आप SocialWick इंस्टाग्राम व्यूज ऑप्शन्स चेक कर सकते हैं और देख सकते हैं कि उनका प्लेटफॉर्म प्रोफाइल ग्रोथ को कैसे हैंडल करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;SocialGreg&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;SocialGreg अकाउंट ग्रोथ के लिए एक सिस्टमैटिक तरीका अपनाता है। यह एक ही झटके में हजारों फॉलोअर्स नहीं देता, बल्कि एक तय समय के अंदर धीरे-धीरे फॉलोअर्स डिलीवर करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इनके फ्री इंस्टाग्राम लाइक्स टेस्ट करें!&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस धीमी रफ्तार की वजह से आपकी प्रोफाइल एक्टिविटी आम विजिटर्स को एकदम नेचुरल और बैलेंस लगती है। स्लो ग्रोथ आपके अकाउंट को अचानक फ्लैग होने से भी बचाती है। अगर आपके मन में ऑर्डर डिलीवरी को लेकर कोई सवाल है, तो उनकी कस्टमर सपोर्ट टीम मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। आप SocialGreg की इंस्टाग्राम व्यूज ग्रोथ चेक कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि रेगुलर पोस्टिंग के साथ एक फिक्स डिलीवरी शेड्यूल कैसे फायदा पहुंचाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Subscriberz&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Subscriberz के पास हर तरह के अकाउंट्स के लिए कई इंस्टाग्राम प्रमोशन पैकेजेस मौजूद हैं। चाहे आपको कुछ सौ फॉलोअर्स का छोटा पुश चाहिए हो या किसी बड़े प्रोजेक्ट को लॉन्च करने के लिए बड़ा पैकेज, इनके पास हर जरूरत के हिसाब से प्लान्स हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इनका ऑर्डर प्रोसेस एकदम ट्रांसपेरेंट है और आप रियल-टाइम में अपने ऑर्डर का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। ये यूजर्स की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखते हैं और आपके प्रोफाइल बूस्ट को सीक्रेट रखते हैं। इनका डैशबोर्ड इस्तेमाल करने में इतना आसान है कि कोई नया यूजर भी बिना किसी टेक्निकल झंझट के आराम से प्लान चुन सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Mixx&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Mixx उन क्रिएटर्स के लिए है जो सिंपल प्लान्स और विजुअल फीडबैक चाहते हैं। इनकी यूजर-फ्रेंडली वेबसाइट पर कीमतें एकदम साफ-साफ बताई गई हैं और कोई छिपा हुआ सब्सक्रिप्शन चार्ज नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फ्री इंस्टाग्राम फॉलोअर्स&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फ्री इंस्टाग्राम लाइक्स&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फ्री इंस्टाग्राम व्यूज&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;आपकी रिक्वेस्ट कन्फर्म होते ही ऑर्डर की प्रोसेसिंग तुरंत शुरू हो जाती है। इनके पास एंट्री-लेवल पैकेजेस भी हैं, जिससे आप बहुत कम पैसे खर्च करके इनकी सर्विस टेस्ट कर सकते हैं। अगर आप एक डेली यूजर हैं जिसे ट्रांसपेरेंट कीमत और फास्ट ऑर्डर ट्रैकिंग पसंद है, तो Mixx आपके लिए एक बढ़िया चॉइस है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;LikesBoom&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जो लोग पहली बार बेसिक फॉलोअर पैकेज लेना चाहते हैं, उनके लिए LikesBoom एक अच्छा स्टार्टर ऑप्शन है। यह पर्सनल प्रोफाइल्स के लिए आसान टॉप-अप सर्विस देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह छोटे पुश के लिए तो ठीक काम करता है, लेकिन इसके डिलीवरी ऑप्शन्स और सपोर्ट फीचर्स बाकी बड़े प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले थोड़े बेसिक हैं। अगर आप बड़े प्लान्स लेने से पहले छोटे स्टार्टर ऑर्डर्स टेस्ट करना चाहते हैं, तो यह एक स्टैंडर्ड बैकअप ऑप्शन बन सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फॉलोअर्स खरीदने से पहले जानने वाली जरूरी बातें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपने पर्सनल अकाउंट को सेफ रखने के लिए, किसी भी वेबसाइट पर ऑर्डर प्लेस करने से पहले हमेशा ये बेसिक सेफ्टी चेक जरूर करें:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पासवर्ड की जरूरत नहीं: सेफ प्लेटफॉर्म्स सिर्फ आपकी पब्लिक प्रोफाइल का लिंक या यूजरनेम मांगते हैं। अपनी ईमेल लॉगिन डिटेल या अकाउंट का पासवर्ड कभी शेयर न करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लगातार डिलीवरी स्पीड: एक मिनट में अचानक हजारों प्रोफाइल्स आने के बजाय, अगर फॉलोअर्स धीरे-धीरे और लगातार आते हैं तो वो ज्यादा नेचुरल लगते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ट्रांसपेरेंट कस्टमर सपोर्ट: ऐसे प्लेटफॉर्म्स चुनें जो कॉन्टैक्ट के साफ ऑप्शन्स या लाइव चैट की सुविधा देते हों, ताकि ऑर्डर लेट होने पर तुरंत समाधान मिल सके।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;साफ-साफ कीमत: ऐसी सर्विसेज का इस्तेमाल न करें जो बार-बार कटने वाले सब्सक्रिप्शन चार्ज को छिपाती हों। एक अच्छा प्लेटफॉर्म चेकआउट से पहले ही आपको टोटल कॉस्ट दिखा देगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;ऑर्गेनिक रीच: इसे बनाए रखने के स्मार्ट तरीके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपनी प्रोफाइल को एक अच्छा किकस्टार्ट देने के लिए आप इंस्टा फॉलोअर्स खरीद सकते हैं, लेकिन असल में आपका कंटेंट ही लोगों को बांधे रखता है। यहां कुछ सिंपल आदतें बताई गई हैं जिन्हें आप अपने पर्सनल अकाउंट पर ट्राई कर सकते हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;व्यूअर्स को तुरंत अट्रैक्ट करें: अपनी वीडियो क्लिप्स या स्लाइड्स के शुरुआती 3 सेकंड में ही लोगों का ध्यान खींच लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;क्वालिटी मेंटेन रखें: अच्छी लाइटिंग और क्लियर ऑडियो का इस्तेमाल करें ताकि आपकी पोस्ट्स देखने में मजेदार और आसान लगें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छोटे कैप्शन: आसान शब्दों का इस्तेमाल करें और अपने दोस्तों से कमेंट करवाने के लिए फ्रेंडली सवाल पूछें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेगुलर पोस्टिंग: एक फिक्स अपलोड शेड्यूल बनाए रखें ताकि आपकी ऑडियंस को पता रहे कि नई पोस्ट कब आने वाली है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;निष्कर्ष&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आप रिस्क को ध्यान में रखते हुए अपने अकाउंट को खतरे में डाले बिना बाहरी ग्रोथ टूल्स ट्राई कर सकते हैं। हमेशा उन भरोसेमंद सर्विसेज को चुनें जो आपकी प्राइवेसी का ख्याल रखती हों और बिना किसी दिक्कत के ऑर्डर्स हैंडल करती हों। इन स्टार्टर टूल्स को अच्छे कंटेंट के साथ मिलाएं, रेगुलर शेड्यूल पर पोस्ट करें और इंस्टाग्राम पर अपने फेवरेट मोमेंट्स शेयर करने का मजा लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर -&lt;/strong&gt; ऊपर बताई गई सर्विसेज सिर्फ एंटरटेनमेंट और पर्सनल यूज के लिए हैं। इन्हें इंस्टाग्राम पर बिजनेस, प्रोफेशनल या कमर्शियल यूज के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन कब बढ़ेगी? जानें रिपोर्ट और लागू होने की तारीख पर ताजा अपडेट]]></title>
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            <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 21:59:39 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Latest Update: &lt;/strong&gt;देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। इस महीने आयोग की बड़ी बैठकें होने जा रही हैं, लेकिन सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी कब से दिखेगी, जानिए टाइमलाइन पर अपडेट&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Latest Update: &lt;/strong&gt;देश के 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। इस महीने आयोग की बड़ी बैठकें होने जा रही हैं, लेकिन सैलरी-पेंशन में बढ़ोतरी कब से दिखेगी, जानिए टाइमलाइन पर अपडेट&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों पर पड़ेगा। इसमें रेलवे और डिफेंस कर्मियों समेत 50 लाख मौजूदा केंद्रीय कर्मचारी और करीब 65 लाख रिटायर्ड पेंशनर्स शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई इसकी चेयरपर्सन हैं, जबकि पूर्व आईएएस पंकज जैन मेंबर-सेक्रेटरी और प्रोफेसर पुलक घोष इसके सदस्य हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;कमीशन अभी सभी पक्षों से राय ले रहा है। इसी सिलसिले में अक्टूबर में दो बड़ी बैठकें तय की गई हैं। 7 और 8 अक्टूबर 2026 को आयोग की टीम बेंगलुरु में कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से मिलेगी। 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पेंशनर्स एसोसिएशन और अन्य फेडरेशनों के साथ चर्चा होगी। इसके लिए 10 अक्टूबर तक आवेदन का मौका है। इन बैठकों में बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, पे-मैट्रिक्स और एचआरए (HRA) जैसे भत्तों पर यूनियन अपनी मांगें रखेंगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आयोग के गठन के नियमों (Terms of Reference) के मुताबिक, पैनल को अपनी फाइनल सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। नवंबर 2025 में शर्तें तय होने के बाद, रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समयसीमा मई 2027 तय है। इसका मतलब यह है कि आयोग अपनी पूरी रिपोर्ट बनाकर 2027 के मध्य तक ही सरकार को सौंप पाएगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट पेश होने का मतलब ये नहीं होता कि अगले ही महीने से बढ़ा हुआ पैसा मिलने लगेगा। 7वें वेतन आयोग को लागू होने में करीब ढाई साल लगे थे, जबकि 5वें वेतन आयोग में साढ़े तीन साल लग गए थे। 2027 में रिपोर्ट आने के बाद कैबिनेट की मंजूरी और पे-फिक्सेशन की प्रक्रिया में 2 से 3 साल का समय लग सकता है। यानी कर्मचारियों के बैंक खाते में पूरी तरह से बढ़ा हुआ वेतन 2029 या 2030 तक ही पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, इसे पिछली तारीख से एरियर के रूप में लागू किया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सीधे तौर पर राज्य कर्मियों पर लागू नहीं होतीं। हालांकि, केंद्र द्वारा लागू किए जाने के बाद अधिकतर राज्य सरकारें अपनी समीक्षा कर इसे अपने यहां भी अपना लेती हैं। बैंक कर्मियों की सैलरी वेतन आयोग से नहीं, बल्कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के द्विपक्षीय समझौते (Bipartite Settlement) से तय होती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महंगाई भत्ता (DA) और राहत (DR): &lt;/strong&gt;इसे शून्य करके नए सिरे से बेसिक में मर्ज करने का फॉर्मूला।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मकान किराया भत्ता (HRA): &lt;/strong&gt;शहरों के वर्गीकरण के आधार पर रिवीजन।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रमोशन और इंक्रीमेंट: &lt;/strong&gt;परफॉर्मेंस और अनुभव के आधार पर नई ग्रेडिंग व्यवस्था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Petrol Diesel Price Today: 2 अक्टूबर को क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव? क्रूड ऑयल ने बढ़ाई टेंशन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/petrol-diesel-price-today-2-october-crude-oil-rate-india-articleshow-xqyukv0</link>
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            <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 08:15:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Diesel Rate: &lt;/strong&gt;2 अक्टूबर को भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सबकी नजर है क्योंकि ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल 102 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल की सप्लाई रुकने का डर सता रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzfra2293mzw87ppf8nh10zn,imgname-petrol-diesel-price-1786161465417.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Diesel Price Today: &lt;/strong&gt;पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर 2 अक्टूबर को भारत में खास नजर रखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में नई टेंशन के बीच इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम काफी ऊपर बने हुए हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मंडरा रहा था। अमेरिका और ईरान से जुड़ी खबरों को लेकर तेल बाजार काफी अलर्ट है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ताजा अपडेट के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड 0.44% चढ़कर 102.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे पहले 1 अक्टूबर को भी ग्लोबल ऑयल प्राइसेज में बड़ा उछाल आया था, जब इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट 4.4% की तेजी के साथ 102.31 डॉलर पर बंद हुआ था। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 2.7% बढ़कर 92.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ग्लोबल ऑयल मार्केट में यह हलचल उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भेज रहा है। इस खबर ने कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट की चिंता बढ़ा दी है, जिससे एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, आम जनता पर इसका तुरंत क्या असर होगा, यह उनके शहरों के रिटेल रेट्स से ही पता चलेगा। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल और डीजल के दाम काफी अलग हो सकते हैं क्योंकि पेट्रोल पंप पर मिलने वाले तेल की कीमत इंटरनेशनल क्रूड के अलावा कई और चीजों पर भी निर्भर करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2 अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल के आज के रेट&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पेट्रोल (रु/लीटर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;डीजल (रु/लीटर)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;102.12 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;95.20 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;111.12 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;97.78 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;113.43 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;99.78 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;107.75 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;99.57 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बेंगलुरु&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;110.93 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;98.79 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;हैदराबाद&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;115.69 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;103.82 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों पर कई चीजों का असर पड़ता है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम तो अहम हैं ही, लेकिन घरेलू ईंधन की कीमतें केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स, रिफाइनिंग मार्जिन, माल ढुलाई के खर्च और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल से भी तय होती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसका मतलब है कि ग्लोबल क्रूड के दाम बदलने का असर भारत के शहरों में तुरंत या एक जैसा नहीं दिखता। राज्यों के टैक्स और लोकल खर्चों की वजह से अलग-अलग शहरों में रेट अलग होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कच्चे तेल की कीमतें अभी ज्यादा हैं, ऐसे में ग्लोबल एनर्जी मार्केट की हलचल आम ग्राहकों, ट्रांसपोर्टरों और ईंधन पर निर्भर कारोबारियों के लिए काफी अहम रहेगी। गाड़ी चलाने वालों के लिए सबसे अच्छा यही है कि वे पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट चेक कर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[WhatsApp Business Pricing: 1 अक्टूबर से बदल रहे हैं नियम, जानें फ्री मैसेज और चार्ज की डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/whatsapp-business-new-pricing-rules-and-message-charges-explained-articleshow-z4003rc</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:07:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;WhatsApp Service Message: &lt;/strong&gt;मेटा 1 अक्टूबर से व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म के प्राइसिंग मॉडल में बदलाव कर रहा है। अब बड़ी कंपनियों को अनलिमिटेड फ्री कस्टमर सर्विस रिप्लाई की सुविधा नहीं मिलेगी। आम यूजर्स पर इसका कोई असर नहीं होगा, लेकिन बिजनेस अकाउंट्स को 1,000 से ज्यादा यूटिलिटी और सर्विस मैसेज भेजने पर चार्ज देना होगा।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;WhatsApp Utility Messages: &lt;/strong&gt;मेटा ने आधिकारिक तौर पर व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म के प्राइसिंग मॉडल को अपडेट कर दिया है। अब अनलिमिटेड फ्री कस्टमर सर्विस रिप्लाई और 24 घंटे के अंदर भेजे जाने वाले ट्रांजैक्शनल मैसेज का दौर खत्म हो रहा है। आम यूजर्स और स्टैंडर्ड व्हाट्सएप बिजनेस ऐप इस्तेमाल करने वाले छोटे कारोबारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, उनके लिए कुछ नहीं बदलेगा। लेकिन जो बड़े ब्रांड्स बड़े पैमाने पर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, उनका खर्च अब बढ़ने वाला है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि क्या बदल रहा है, नए रेट्स क्या हैं और क्या फ्री रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1 अक्टूबर से क्या बदल जाएगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब तक व्हाट्सएप बिजनेस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां कस्टमर का मैसेज आने के 24 घंटे के अंदर उन्हें फ्री में रिप्लाई कर सकती थीं। इसमें प्रोडक्ट या ऑर्डर से जुड़े सवालों के जवाब देना, ऑर्डर कंफर्मेशन और डिलीवरी अपडेट भेजना शामिल था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1 अक्टूबर से मेटा इस 24 घंटे की विंडो के अंदर भेजे जाने वाले ऑर्डर अपडेट और अन्य जरूरी मैसेज (यूटिलिटी टेक्स्ट) के लिए कंपनियों से पैसे लेगा। हालांकि, हर बिजनेस फोन नंबर के लिए महीने के पहले 1,000 सर्विस मैसेज फ्री रहेंगे। इसके बाद कंपनियों को हर रिप्लाई के लिए पैसे चुकाने होंगे। 24 घंटे के बाद भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेज पर पहले से ही चार्ज लगता था, इसलिए उस नियम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मेटा कितना चार्ज लेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेटा के मुताबिक, भारत में बिजनेस मैसेज के लिए नॉर्मल रेट 0.115 रुपये प्रति डिलीवर मैसेज है (बिना GST के)। इन मैसेज में ऑर्डर कंफर्मेशन और शिपिंग रिपोर्ट शामिल हैं। 18% GST जुड़ने के बाद एक मैसेज की कीमत करीब 0.136 रुपये हो जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;30 सितंबर तक कंपनियां कस्टमर का मैसेज आने के 24 घंटे बाद तक फ्री यूटिलिटी मैसेज भेज सकती हैं। लेकिन 1 अक्टूबर से उन्हें हर डिलीवर हुए यूटिलिटी मैसेज के लिए 0.115 रुपये (बिना GST) देने होंगे। अगर कोई कंपनी 1,000 ऑर्डर रिपोर्ट भेजती है, तो उसे 115 रुपये (बिना GST) या 18% GST के साथ 135.70 रुपये चुकाने होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैसेज के टाइप के हिसाब से रेट अलग-अलग हैं। मेटा पर मार्केटिंग मैसेज (जैसे डील्स और सेल) की कीमत 0.8631 रुपये प्रति मैसेज है। वहीं, ऑथेंटिकेशन मैसेज (जैसे OTP) के लिए बिना GST के 0.115 रुपये प्रति मैसेज चार्ज लगता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1 अक्टूबर 2026 से मेटा हर बिजनेस फोन नंबर को हर महीने पहले 1,000 सर्विस रिप्लाई फ्री देगा। इसके बाद सर्विस मैसेज का रेट भी यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन मैसेज के बराबर ही हो जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कंपनियों को कैसे तैयारी करनी चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नए नियमों के तहत खर्च कम रखने के लिए ब्रांड्स को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कन्वर्सेशन वॉल्यूम चेक करें: अपनी मंथली रिपोर्ट देखें और समझें कि कौन से छोटे सवाल हैं और कौन से लंबे सपोर्ट चैट्स हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सपोर्ट रिस्पॉन्स को बेहतर बनाएं: अपने कस्टमर सर्विस स्टाफ और चैटबॉट को ट्रेनिंग दें कि वे कई छोटे-छोटे मैसेज भेजने के बजाय कम लेकिन पूरी जानकारी वाले मैसेज भेजें। इसके लिए इंटरैक्टिव व्हाट्सएप फ्लोज (WhatsApp Flows) का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैकअप के तौर पर, जब व्हाट्सएप पर मैसेज भेजना कानूनी रूप से जरूरी न हो, तो आप SMS या RCS के जरिए ट्रांजैक्शनल नोटिफिकेशन भेज सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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