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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Fri, 10 Jul 2026 17:29:38 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Top 10 Gainers Today: बाजार की रिकवरी में इन 10 शेयरों ने पलटी बाजी! ₹297 के इस शेयर ने किया कमाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/top-10-gainers-today-9-july-2026-nifty-50-top-gainers-list-share-market-news-articleshow-1nwr27h</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:25:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Nifty 50 Gainers Today:&lt;/strong&gt; आज सुबह 10 बजे तक शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। कई शेयरों में जोरदार तेजी आई। देखें निफ्टी 50 के टॉप 10 गेनर्स की लिस्ट...&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2kq58hsvv1h4hs4kbk1g9x,imgname-share-market-1783572960528.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Top Gainers Today: &lt;/strong&gt;बुधवार की भारी गिरावट के बाद आज गुरुवार को शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी भी करीब 150 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। खासकर बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इसी बीच निफ्टी 50 के कई बड़े शेयरों में शानदार तेजी दर्ज की गई। आइए जानते हैं कि आज सुबह किन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े और टॉप-10 गेनर्स की लिस्ट...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ETERNAL Share Price Today: सबसे ज्यादा उछला शेयर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज के कारोबार में ETERNAL सबसे बड़ा गेनर बनकर सामने आया। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 3.77% की तेजी के साथ 297.50 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 300.35 रुपए का हाई लेवल भी छुआ। शेयर में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देखने को मिला, जिससे साफ है कि शुरुआती सत्र में निवेशकों ने इस स्टॉक पर जमकर दांव लगाया। बाजार में आई रिकवरी का सबसे ज्यादा फायदा इसी शेयर को मिला।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BHARTIARTL Share Price Today: टेलीकॉम शेयर में दिखी दमदार खरीदारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल के शेयरों में भी गुरुवार सुबह शानदार तेजी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 2.80% मजबूत होकर 1,940.90 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 1,943.80 रुपए का हाई बनाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;SUNPHARMA Share Price Today: फार्मा सेक्टर के इस शेयर ने भी बनाया दम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनी सनफार्मा भी आज के टॉप गेनर्स में शामिल रही। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 2.39% की बढ़त के साथ 1,933.30 रुपए पर कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में शेयर 1,942.10 रुपए तक पहुंचा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MAXHEALTH Share Price Today: हेल्थकेयर शेयर में बनी रही तेजी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मैक्स हेल्थ के शेयरों में भी आज अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.83% की बढ़त के साथ 1,104.60 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 1,104.80 रुपए का हाई बनाया। निवेशकों की लगातार खरीदारी के चलते यह शेयर निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NESTLEIND Share Price Today: FMCG सेक्टर के शेयर में दिखी मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया के शेयर भी गुरुवार सुबह बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.69% चढ़कर 1,475 रुपए पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 1,475.70 रुपए का हाई लेवल भी छुआ।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TATACONSUM Share Price Today: निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टाटा कंज्यूमर के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान अच्छी तेजी दर्ज की गई। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.67% मजबूत होकर 1,108 रुपए पर कारोबार कर रहा था। दिन की शुरुआत में शेयर 1,108.40 रुपए तक पहुंचा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;APOLLOHOSP Share Price Today: महंगे शेयर में भी रही अच्छी तेजी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हेल्थकेयर सेक्टर की प्रमुख कंपनी अपोलो हॉस्पिटल के शेयरों ने भी गुरुवार को अच्छी मजबूती दिखाई। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.46% बढ़कर 8,881.50 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 8,911.50 रुपए का हाई लेवल बनाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GRASIM Share Price Today: इंडस्ट्रियल सेक्टर के शेयर में बढ़त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्रासिम के शेयरों में भी बाजार की रिकवरी का असर देखने को मिला। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.42% चढ़कर 3,179.20 रुपए पर कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान शेयर ने 3,181.80 रुपए का हाई बनाया। शुरुआती सत्र में निवेशकों ने इस शेयर में भी भरोसा दिखाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JIOFIN Share Price Today: फाइनेंशियल शेयरों में भी आई तेजी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जियो फाइनेंस के शेयरों में गुरुवार सुबह अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.33% मजबूत होकर 233.06 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 234.22 रुपए का हाई लेवल भी छुआ। भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ यह शेयर भी निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शामिल रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;COALINDIA Share Price Today: कोयला कंपनी के शेयर ने भी दिखाई मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकारी कंपनी कोल इंडिया के शेयरों में भी आज तेजी दर्ज की गई। सुबह 10 बजे तक कंपनी का शेयर 1.32% की बढ़त के साथ 434.70 रुपए पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान इसने 435.50 रुपए का हाई बनाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट 9 जुलाई 2026 को सुबह करीब 10 बजे तक के NSE के आंकड़ों पर आधारित है, जो किसी भी समय बदल सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Delhi-NCR में प्लॉट खरीदने वालों की लगी लॉटरी! 13 जुलाई तक बड़ा मौका]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:14:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली-NCR में अपना घर बनाने के लिए जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। प्लॉट्स की मेगा नीलामी करने जा रहा है। जानिए कब तक है मौका..&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;GDA Plot Auction 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली-NCR में घर बनाने, दुकान खोलने या निवेश के लिए प्लॉट खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए शानदार मौका आया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) आगामी 17 जुलाई को एक मेगा प्रॉपर्टी नीलामी (GDA Property Auction) आयोजित करने जा रहा है। इस नीलामी में 19 अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत आवासीय, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट्स बेचे जाएंगे। अगर आप भी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपके पास आवेदन करने के लिए सिर्फ 13 जुलाई तक का ही समय बचा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;19 योजनाओं में मिल रहे हैं हर तरह के प्लॉट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;GDA की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेगा ऑक्शन में हर वर्ग के खरीदारों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। चाहे आप अपने रहने के लिए जमीन ढूंढ रहे हों या भविष्य के किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए, यहां हर कैटेगरी के भूखंड उपलब्ध हैं। प्राधिकरण को उम्मीद है कि पिछली नीलामियों की तरह इस बार भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलेगा। बता दें कि हाल ही में हुई GDA की प्लॉट नीलामी से विभाग को करीब 213 करोड़ रुपये का बंपर रेवेन्यू (राजस्व) मिला था, जिसे देखते हुए इस बार तैयारियां और बड़े स्तर पर की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;17 जुलाई को होगी GDA की मेगा प्रॉपर्टी नीलामी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस मेगा नीलामी में अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई तरह के प्लॉट उपलब्ध होंगे। इनमें आवासीय (Residential) प्लॉट, कॉमर्शियल (Commercial) प्लॉट, औद्योगिक (Industrial) भूखंड, ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन, दुकानों के प्लॉट, होटल के लिए जमीन, सामुदायिक केंद्र, स्कूल और अस्पताल के लिए संस्थागत भूमि शामिल हैं। यानी घर खरीदने वालों से लेकर बड़े निवेशकों और संस्थानों तक, सभी के लिए एक ही मंच पर जमीन खरीदने का मौका मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बड़े निवेशकों और संस्थानों के लिए बड़ा मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;GDA की ओएसडी (OSD) कनिका कौशिक ने बताया कि 'इस बार छोटे खरीदारों के साथ-साथ बड़े कॉर्पोरेट निवेशकों और बड़े संस्थानों के लिए भी बेहतरीन अवसर है। प्राधिकरण ने सभी तरह की संपत्तियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया है। इससे बड़े अस्पताल, नामी स्कूल और होटल चेन शुरू करने वाले निवेशकों को गाजियाबाद के प्राइम लोकेशन पर जमीन मिल सकेगी।'&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDA नीलामी में आवेदन का तरीका क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मेगा नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए समय पर आवेदन करना सबसे जरूरी शर्त है। ओएसडी कनिका कौशिक के अनुसार, जो लोग तय समय के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करेंगे, केवल वही 17 जुलाई को होने वाली बोली में शामिल हो पाएंगे। आवेदन करने के लिए GDA ने दोनों तरह के ऑप्शन दिए हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खरीदार सीधे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी फीस जमा कर सकते हैं। जो लोग कागजी कार्रवाई के जरिए आवेदन करना चाहते हैं, वे राजनगर (गाजियाबाद) स्थित एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की आरडीसी (RDC) शाखा से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं और वहीं भरकर जमा भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDA निलामी की जरूरी तारीखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आवेदन की आखिरी तारीख:&lt;/strong&gt; 13 जुलाई 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मेगा नीलामी की तारीख: &lt;/strong&gt;17 जुलाई 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[जून में निजी जीवन बीमा सेक्टर की ग्रोथ बढ़ी, टियर-II कंपनियों का दमदार प्रदर्शन।]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/private-life-insurance-sector-sees-18-percent-ape-growth-in-june-2026/articleshow-2z8gnre</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[जून 2026 में भारत के निजी जीवन बीमा सेक्टर ने 18% की शानदार APE ग्रोथ दर्ज की। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह तेजी टियर-II बीमा कंपनियों के दमदार प्रदर्शन के कारण आई, जबकि टॉप-4 कंपनियों ने भी रिकवरी दिखाई।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के निजी जीवन बीमा क्षेत्र ने जून 2026 में अपनी स्वस्थ विकास गति बनाए रखी। टियर-II बीमा कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के दम पर कुल वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (APE) ग्रोथ सालाना आधार पर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडस्ट्री-वाइड APE ग्रोथ मई में 11-12 प्रतिशत के मुकाबले जून में सुधरकर 15 प्रतिशत हो गई।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;व्यक्तिगत और ग्रुप APE में भी उछाल&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;निजी बीमा कंपनियों के लिए व्यक्तिगत APE ग्रोथ जून में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत तक बढ़ गई, जो मई में 12 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, व्यक्तिगत APE ग्रोथ 15 प्रतिशत पर रही। महीने के दौरान निजी क्षेत्र के ग्रुप APE में सालाना आधार पर 74 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई, जिससे कुल प्रीमियम ग्रोथ को सहारा मिला।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;टियर-II कंपनियों का दबदबा कायम&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;शीर्ष चार निजी जीवन बीमा कंपनियों ने भी रिकवरी देखी और मई में लगभग 5 प्रतिशत की तुलना में जून में 14 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की। टियर-II बीमा कंपनियों ने लगातार आठवें महीने शीर्ष चार कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखा। शीर्ष चार को छोड़कर निजी बीमा कंपनियों ने जून में 23 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की, जबकि टियर-II कंपनियों में सबसे मजबूत ग्रोथ 29 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, शीर्ष चार को छोड़कर निजी बीमा कंपनियों ने लगभग 23 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की, जबकि शीर्ष चार बीमा कंपनियों के लिए यह लगभग 14 प्रतिशत थी।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;सम एश्योर्ड ग्रोथ में नरमी&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;मजबूत प्रीमियम ग्रोथ के बावजूद, रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी क्षेत्र के लिए सम एश्योर्ड (बीमा राशि) में वृद्धि घटकर 11 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में 60 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के दौरान 27-53 प्रतिशत की सीमा में थी। रिपोर्ट में कहा गया है, &quot;हम उम्मीद करते हैं कि सम एश्योर्ड/टर्म बिजनेस में तेजी जारी रहेगी और हम चिंता के साथ एसए ग्रोथ के रुझानों पर नजर रखेंगे।&quot; (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[रिटेल निवेशकों का भरोसा बढ़ा, इक्विटी फंड्स में आया 28,973 करोड़]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/equity-mutual-fund-inflows-surge-26-percent-in-june-to-rs-28973-crore/articleshow-4cs9igf</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:00:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[जून में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो 26.5% बढ़कर 28,973.41 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिटेल निवेशकों की जोरदार खरीदारी के चलते यह तेजी आई। मिड-कैप फंड्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे, जिनमें 6,090.17 करोड़ का निवेश हुआ।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): जून 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में नेट इनफ्लो तेजी से बढ़ा। इसकी वजह रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी और लार्ज, मिड और स्मॉल-कैप कैटेगरी में मजबूत खरीदारी रही।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीमों में नेट इनफ्लो जून में बढ़कर 28,973.41 करोड़ रुपये हो गया, जो मई में 22,907.77 करोड़ रुपये था। यह महीने-दर-महीने लगभग 26.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;मिड और स्मॉल-कैप फंड्स में जोरदार निवेश&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;डायवर्सिफाइड इक्विटी कैटेगरी में, मिड-कैप फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी सबसे ज्यादा बनी रही। मिड-कैप फंड्स में नेट इनफ्लो जून में बढ़कर 6,090.17 करोड़ रुपये हो गया, जो मई में 4,385.06 करोड़ रुपये था। यह लगभग 38.9 प्रतिशत की वृद्धि है। स्मॉल-कैप फंड्स में भी निवेशकों की मजबूत मांग देखी गई, जहां नेट इनफ्लो इस महीने बढ़कर 5,601.96 करोड़ रुपये हो गया, जबकि मई में यह 4,945.57 करोड़ रुपये था। यह लगभग 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। लार्ज-कैप फंड्स में भी निवेश का सेंटिमेंट बेहतर हुआ, जहां नेट इनफ्लो जून में बढ़कर 2,067.48 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले महीने 1,592.93 करोड़ रुपये था। यह लगभग 29.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार में ऊंचे मूल्यांकन के बावजूद, रिटेल निवेशकों ने सभी मार्केट कैपिटलाइजेशन में पैसा लगाना जारी रखा। हालांकि मिड-कैप फंड्स पसंदीदा बने रहे, लेकिन लार्ज-कैप इनफ्लो में आई तेजी यह भी संकेत देती है कि निवेशकों ने बाजार की अस्थिरता के बीच अपेक्षाकृत स्थिर निवेश के रास्ते भी तलाशे।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;अन्य इक्विटी कैटेगरी में भी दिखी तेजी&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;जून के दौरान अन्य इक्विटी कैटेगरी में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने 5,231.31 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आकर्षित किया, जो मई के 5,175.54 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है। लार्ज और मिड-कैप फंड्स में 4,321.32 करोड़ रुपये आए, जो पिछले महीने के 3,278.22 करोड़ रुपये से अधिक थे, जबकि मल्टी-कैप फंड्स में इनफ्लो 2,291.01 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,070.26 करोड़ रुपये हो गया।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;कुल मिलाकर, ग्रोथ/इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीमों ने जून में 28,973.41 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो जुटाया, जबकि मई में यह 22,907.77 करोड़ रुपये था। यह बाजार की उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों के बावजूद रिटेल निवेशकों के बीच निरंतर विश्वास को दर्शाता है। इस कैटेगरी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी जून के अंत में बढ़कर 37.34 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक महीने पहले 36.14 लाख करोड़ रुपये था। यह ताजे इनफ्लो और मार्क-टू-मार्केट गेन दोनों को दिखाता है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (इस खबर को केवल हेडलाइन छोड़कर, एशियनेट न्यूज स्टाफ द्वारा संपादित नहीं किया गया है और यह एक सिंडिकेटेड फीड से प्रकाशित हुई है।)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[TCS Share: ₹2,100 का शेयर जाएगा ₹3,450 पार? Q1 रिजल्ट्स बाद ब्रोकरेज की बड़ी भविष्यवाणी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/tcs-share-price-target-after-q1-results-brokerage-prediction-articleshow-4fxwk4r</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:57:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TCS Share Target: Q1&lt;/strong&gt; रिजल्ट और डिविडेंड के ऐलान के बाद टाटा के इस दिग्गज शेयर पर ब्रोकरेज हाउसेस बुलिश हैं। जानिए शेयर में तेजी आने का कारण और कहां तक जाएगा भाव?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TCS Share Price:&lt;/strong&gt; टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने मार्केट में धमाका कर दिया है। जैसे ही कंपनी ने अपने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी किए, शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे खिल गए। शुक्रवार को TCS का शेयर 4% तक की रफ्तार से दौड़ पड़ा। आज सुबह 10 बजे तक शेयर ₹2,079 (करीब ₹2,100) पर ट्रेड कर रहा है, लेकिन नतीजों को देखकर बड़े-बड़े मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउसेस इस कदर गदगद हैं कि उन्होंने इसके लिए बड़े टारगेट प्राइस दिए हैं। आइए जानते हैं कि कंपनी के नतीजे कैसे रहे, आपको कितना डिविडेंड मिलने वाला है और एक्सपर्ट्स इस शेयर को लेकर क्या बड़ी भविष्यवाणी कर रहे हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TCS का शेयर रिजल्ट आते ही क्यों दौड़ा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अप्रैल से जून की तिमाही में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 4.61% बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹12,760 करोड़ कमाए थे। कंपनी की कुल कमाई में सालाना 13.9% की भारी बढ़ोतरी हुई है और यह ₹72,275 करोड़ पर पहुंच गई है। TCS ने बताया कि उसका सालाना एआई (AI) रेवेन्यू 13.6% की तिमाही ग्रोथ के साथ 2.6 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TCS का इनवेस्टर्स के लिए डबल बोनस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिविडेंड का तोहफा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आपके पास TCS के शेयर हैं या आप खरीदने की सोच रहे हैं, तो कंपनी ने आपके लिए एक और बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी ने अपने हर 1 शेयर पर ₹12 का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है। इसके लिए 15 जुलाई को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यानी अगर आपके पास इस तारीख तक शेयर होंगे, तो 31 जुलाई तक आपके बैंक अकाउंट में सीधे डिविडेंड का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;9,200 नई नौकरियां&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सिर्फ निवेशकों के लिए ही नहीं, रोजगार के मोर्चे पर भी टाटा ने दिल जीत लिया। इस तिमाही में कंपनी ने अपने साथ 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों को जोड़ा है, जिसके बाद कंपनी की कुल वर्कफोर्स बढ़कर 5,93,798 हो गई है। यह दिखाता है कि आईटी सेक्टर में अब काम तेजी से बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TCS Share Price Target: क्या कह रहे ब्रोकरेज हाउसेस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्रोकरेज फर्म Centrum Broking का मानना है कि कंपनी को AI और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए शानदार डील्स मिल रही हैं। इनका मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले समय में शेयर को ₹3,480 के पार ले जा सकता है, जो मौजूदा भाव से काफी ज्यादा है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी BUY रेटिंग देते हुए ₹2,350 का टारगेट दिया है। ध्यान रखें कि वेस्ट एशिया संकट और आईटी बजट में उतार-चढ़ाव जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण शॉर्ट टर्म में कुछ रिस्क भी बने हुए हैं, लेकिन मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए एक्सपर्ट्स पूरी तरह बुलिश हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM Kisan 24th Installment Checklist: 5 मिनट में चेक करें ये 5 चीजें, वरना अटक जाएंगे ₹2000!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/pm-kisan-24th-installment-checklist-ekyc-farmer-id-dbt-bank-account-land-verification-articleshow-7yf604y</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:29:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Kisan Checklist: &lt;/strong&gt;पीएम किसान की 24वीं किस्त अक्टूबर-नवंबर में आ सकती है। रिकॉर्ड मिसमैच से पैसा अटक सकता है, इसलिए 5 जरूरी चीजें तुरंत चेक कर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx5y1hd6d5a6w0jrjrmx4qnv,imgname-pm-kisan-1783684449702.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Kisan 24th Installment Latest Update: &lt;/strong&gt;अगर आप भी पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है। सरकार ने जून के महीने में करोड़ों किसानों के खातों में 23वीं किस्त के 2,000 रुपए ट्रांसफर किए थे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिकॉर्ड में छोटी सी गड़बड़ी होने के कारण लाखों किसानों का पैसा बीच में ही अटक गया? कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से साफ है कि सरकार के पास बजट या फंड की कोई कमी नहीं है। किसानों का पैसा रुकने की सबसे बड़ी वजह उनके डिजिटल रिकॉर्ड में गड़बड़ी होना है। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त पर हैं और आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे आपके बैंक अकाउंट में आ जाए, तो तुरंत अपने फोन से ये 5 चीजें चेक कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक 23 किस्तें जारी हो चुकी हैं। अब 24वीं किस्त रिलीज होने वाली है, जो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों के सीजन यानी अक्टूबर या नवंबर के आसपास आ सकती है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर किसी तरह की ऑफिशियिल जानकारी सामने नहीं आई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;PM किसान 24वीं किस्त के लिए 5 जरूरी चीजें क्या हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;e-KYC स्टेटस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार ने योजना में होने वाली किसी भी तरह की धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए e-KYC को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। अगर आपके स्टेटस में e-KYC पूरी नहीं दिख रही है, तो सिस्टम आपका पैसा होल्ड पर डाल देगा। इसे ठीक करने के लिए तुरंत पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं या अपने फोन में 'PM-Kisan Mobile App' डाउनलोड करें। वहां आप OTP या फएस स्कैन (Face-Authentication) करके सिर्फ 2 मिनट में अपनी e-KYC खुद पूरी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;किसान रजिस्ट्री&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं, तो यह नियम आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। यूपी सरकार ने अब पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ देने के लिए 'किसान रजिस्ट्री' (UP Kisan Registry &amp;amp; Farmer ID) अनिवार्य कर दी है। इसके बिना आगामी किस्तों का पैसा सीधे रोक दिया जाएगा। यूपी के सभी लाभार्थियों को 'किसान रजिस्ट्री' पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही आपको 12 अंकों की एक यूनिक 'फार्मर आईडी' मिलेगी। इस आईडी के बनने के बाद ही आपकी 24वीं किस्त सुरक्षित हो पाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;DBT और आधार लिंक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई किसान सोचते हैं कि उनका बैंक खाता चालू है तो पैसा आ ही जाएगा, लेकिन पीएम किसान का पैसा सामान्य तरीके से नहीं भेजा जाता है। सरकार यह राशि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए सीधे आपके आधार से जुड़े खाते में भेजती है। इसके लिए आपका बैंक अकाउंट आपके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और उस पर NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) मैपिंग एक्टिव होनी चाहिए। तुरंत अपनी बैंक शाखा में जाएं और वहां 'DBT या NPCI मैपिंग' का फॉर्म भरकर अपने खाते को सरकारी डीबीटी सर्वर से जुड़वाएं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जमीन का वैरिफिकेशन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकारी रिकॉर्ड में लैंड सीडिंग (Land Seeding Status) दर्ज होना जरूरी है कि आप वास्तव में खेती योग्य जमीन के मालिक हैं। आपकी जमीन की पूरी डिटेल (खसरा-खतौनी) आपके किसान डिजिटल प्रोफाइल से लिंक होनी चाहिए। अगर सरकारी पोर्टल पर आपकी जमीन का वैरिफिकेशन यानी लैंड सीडिंग 'No' दिख रहा है, तो आपकी किस्त रुक सकती है। ऐसे में अपनी खतौनी (जमीन के कागज) की एक नकल लेकर अपने क्षेत्र के लेखपाल या राजस्व विभाग के अधिकारी से मिलें। वे आपके कागजात वेरिफाई करके पोर्टल पर इसे ऑनलाइन 'Yes' कर देंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नाम की स्पेलिंग में अंतर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह एक ऐसी छोटी-सी गलती है, जिस पर ज्यादातर किसान ध्यान नहीं देते, लेकिन इसकी वजह से लाखों लोगों का पैसा अटक जाता है। अगर आपके आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन के कागजात (खतौनी) में आपके नाम की स्पेलिंग अलग-अलग (Name Spelling Mismatch) है, तो कंप्यूटर सिस्टम आपके आवेदन को मिसमैच मानकर पैसा रोक देता है। अपने इन तीनों मुख्य दस्तावेजों को उठाकर आपस में मिलाएं। अगर नाम या सरनेम (Surname) की स्पेलिंग में थोड़ा सा भी अंतर है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। सभी रिकॉर्ड्स में आपका नाम बिल्कुल एक जैसा होना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[AI इन्वेस्टमेंट साइकिल की अगली परीक्षा, टेक कंपनियों के नतीजों पर नजर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/ai-investment-cycle-faces-next-test-with-us-tech-giants-earnings/articleshow-820etmr</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 16:30:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[जेఫਰੀਜ਼ की रिपोर्ट में 'AI थकान' का जिक्र है, जिसके चलते निवेशक भारत-चीन जैसे सस्ते बाजारों पर नजर गड़ाए हैं। अमेरिकी टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे AI निवेश चक्र के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगे, जिससे AI से कमाई की क्षमता का पता चलेगा।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-9bab16c7-5e9e-478f-bdc2-4015d1615678.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;प्रमुख अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्वेस्टमेंट साइकिल के लिए अगली बड़ी परीक्षा होंगे। जेఫਰੀਜ਼ की एक रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक इस बात पर भी बहस कर रहे हैं कि क्या बाजार में &quot;AI थकान&quot; दिख रही है और क्या वे भारत और चीन जैसे सस्ते बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;&quot;AI फटीग एंड रोटेशन&quot; शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है, &quot;नई तिमाही की शुरुआत 'AI थकान' की चर्चा के साथ हुई है, क्योंकि निवेशक इस तेजी के खत्म होने और सस्ते 'वैल्यू' शेयरों में रोटेशन की तलाश में हैं जो AI ट्रेड का हिस्सा नहीं रहे हैं।&quot; इसमें यह भी कहा गया कि एशिया में Tencent इस ट्रेंड का एक उदाहरण है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;जेఫਰੀਜ਼ ने कहा कि AI-संबंधित शेयरों में हालिया गिरावट AI निवेश चक्र के अंत का संकेत नहीं है। रिपोर्ट में AI इंफ्रास्ट्रक्चर की सप्लाई करने वाली कंपनियों का जिक्र करते हुए कहा गया, &quot;इस तरह के सुधार स्वाभाविक और स्वस्थ दोनों हैं। लेकिन जब तक AI पर भारी खर्च की दौड़ जारी रहेगी, तब तक इसका फायदा 'पिक्स एंड शॉवल्स' ट्रेड यानी इंफ्रास्ट्रक्चर देने वाली कंपनियों को मिलता रहेगा।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;इन 4 बड़ी कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशक अब चार प्रमुख अमेरिकी हाइपरस्केलर्स - अल्फाबेट, अमेजन, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट - के तिमाही नतीजों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि AI पर खर्च सही रास्ते पर है और क्या इन निवेशों से रिटर्न मिलना शुरू हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया, &quot;यही कारण है कि 22 जुलाई से शुरू होने वाली हाइपरस्केलर्स की अगली तिमाही नतीजों की घोषणाएं सामान्य रूप से AI की कहानी के लिए अगला स्ट्रेस टेस्ट साबित होंगी।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;AI से कमाई को लेकर बढ़ी चिंता&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;जेఫਰੀਜ਼ के अनुसार, अब मुख्य चिंता AI निवेश के पैमाने से हटकर इस बात पर आ गई है कि क्या हाइपरस्केलर्स इनसे कमाई कर पाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिटर्न पर अनिश्चितता निवेशकों की भावना को प्रभावित कर रही है, साथ ही बाजार इस बात पर भी बहस कर रहा है कि क्या मेमोरी चिप शेयरों में हालिया गिरावट एक बड़े रोटेशन का संकेत है या हाइपरस्केलर्स द्वारा AI पूंजीगत व्यय में संभावित कटौती का।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;भारत-चीन जैसे बाजारों को हो सकता है फायदा&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हाल के महीनों में बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने व्यापक बाजार की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है, जबकि AI से कमाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। जेఫਰੀਜ਼ ने कहा कि महंगे AI-लिंक्ड शेयरों से दूर हटने का फायदा AI ट्रेड से बाहर के बाजारों, जिसमें चीन और भारत भी शामिल हैं, को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक वैल्यू के अवसर तलाश रहे हैं। (ANI)&lt;/p&gt; &lt;p&gt;(Except for the headline, this story has not been edited by Asianet Newsable English staff and is published from a syndicated feed.)&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल पर संसदीय समिति की चर्चा अंतिम दौर में पहुंची]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/parliamentary-panel-to-complete-review-of-securities-market-code-bill-soon/articleshow-fycethg</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:31:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[वित्त पर संसदीय समिति जल्द ही सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल पर क्लॉज-दर-क्लॉज चर्चा पूरी कर लेगी। अध्यक्ष भर्तृहरि महताब के अनुसार, बिल के 157 क्लॉज में से अब सिर्फ 25 पर चर्चा बाकी है। समिति मानसून सत्र के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर सकती है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-099ddfdc-c41c-49c9-93d2-acebad5ec027.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 9 जुलाई (एएनआई): वित्त पर संसदीय स्थायी समिति गुरुवार को प्रस्तावित सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल की क्लॉज-दर-क्लॉज जांच पूरी कर सकती है। समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने कहा कि सरकार के साथ चर्चा के बाद अब केवल 25 क्लॉज ही बचे हैं।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;समिति की बैठक के बाद एएनआई से बात करते हुए महताब ने कहा कि सरकार ने बिल के बाकी प्रावधानों पर समिति के सवालों का जवाब दे दिया है, जिससे चर्चा आगे बढ़ सकी है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;चर्चा अंतिम चरण में&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;महताब ने कहा, &quot;कुछ क्लॉज बचे हुए थे, लगभग 45 क्लॉज थे और हमने उनमें से 20 को पूरा कर लिया है। हमारे सुझावों की स्वीकार्यता को लेकर सरकार के साथ कुछ मतभेद थे और अब सरकार संशोधनों के साथ कई सुझाव लेकर आई है। इसलिए, हम उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और मुझे विश्वास है कि आज हम सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल के सभी क्लॉज-दर-क्लॉज प्रावधानों को पूरा कर लेंगे।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;कई कानूनों की जगह लेगा नया कोड&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;प्रस्तावित सिक्योरिटीज मार्केट कोड बिल भारत के सिक्योरिटीज मार्केट ढांचे को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानूनों को बदलने और उन्हें एक साथ लाने का प्रयास करता है। इसका उद्देश्य भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) अधिनियम, प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम और डिपॉजिटरी अधिनियम सहित कई मौजूदा अधिनियमों की जगह लेकर, सिक्योरिटीज मार्केट से संबंधित प्रावधानों को एक ही कानून के तहत लाकर नियामक ढांचे को आधुनिक बनाना है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;समिति द्वारा की गई प्रगति के बारे में बताते हुए महताब ने कहा कि बिल में 157 क्लॉज हैं, जिनमें से समिति ने पहले ही अधिकांश की जांच कर ली है। उन्होंने कहा, &quot;सिक्योरिटी मार्केट बिल में 157 क्लॉज हैं। इनमें से 100 से ज्यादा क्लॉज समिति द्वारा स्वीकार कर लिए गए हैं और 45 क्लॉज छोड़े गए थे, जिन पर सरकार से थोड़ा स्पष्टीकरण मांगा गया था। सरकार उन स्पष्टीकरणों के साथ आई है और अब हमने इसमें से 20 से ज्यादा क्लॉज पूरे कर लिए हैं। अभी 25 और बचे हैं और उम्मीद है कि आज शाम तक हम इसे पूरा कर लेंगे।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;मानसून सत्र में रिपोर्ट पेश करने की योजना&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;समिति की समय-सीमा पर महताब ने कहा कि समिति की योजना संसद में रिपोर्ट जमा करने से पहले अगले सप्ताह ड्राफ्ट रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की है। उन्होंने कहा, &quot;हम इस महीने की 15 तारीख को ड्राफ्ट तैयार करने की उम्मीद करते हैं और उम्मीद है कि अगर समिति द्वारा इसे मंजूरी दे दी जाती है तो हम इसे मानसून सत्र के पहले सप्ताह में पेश करेंगे।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;वित्त पर स्थायी समिति संसद द्वारा भेजे गए बिलों की जांच करती है और प्रस्तावित कानून पर आगे विचार करने से पहले अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करती है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारी बिकवाली के बाद बाजार में शानदार रिकवरी, सेंसेक्स-निफ्टी चढ़े]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/indian-markets-recover-from-sharp-selloff-sensex-nifty-end-in-green/articleshow-gh1mtly</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:30:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[पिछले सत्र की भारी बिकवाली से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 278 अंक और निफ्टी 90 अंक चढ़कर बंद हुआ। आईएमएफ की सकारात्मक रिपोर्ट से बाजार को सपोर्ट मिला।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 9 जुलाई (एएनआई): पिछले सत्र की भारी बिकवाली से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजारों में गुरुवार को तेजी देखने को मिली, हालांकि आखिरी घंटों में हुई मुनाफावसूली के कारण कुछ बढ़त कम हो गई। बीएसई सेंसेक्स 278.54 अंक या 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,782.14 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 50, 90.60 अंक या 0.38 प्रतिशत चढ़कर 23,972.65 पर बंद हुआ।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, बुधवार की भारी गिरावट के बाद भारतीय शेयरों में शानदार रिकवरी देखी गई। हालांकि, सत्र के अंत में बिकवाली के दबाव ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बढ़त को लगभग 0.3 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। व्यापक बाजारों ने भी इस वापसी में भाग लिया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया और क्रमशः 1.4 प्रतिशत और 1.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;IMF की रिपोर्ट से मिला बाजार को सहारा&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;ऑटो और आईटी को छोड़कर, एनएसई पर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसमें निफ्टी रियल्टी 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा। एसबीआई सिक्योरिटीज ने कहा, &quot;बाजार की रिकवरी को काफी हद तक आईएमएफ के नवीनतम आकलन से समर्थन मिला, जिसमें कहा गया है कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। हालांकि आईएमएफ ने वित्त वर्ष 27 के लिए अपने विकास पूर्वानुमान को पहले के 6.5% से घटाकर 6.4% कर दिया है, लेकिन घरेलू मांग की मजबूती, सेवा क्षेत्र की गतिविधि में ताकत और वित्त वर्ष 28 के लिए विकास के दृष्टिकोण (6.5% से 6.7%) में अपग्रेड ने भारत की मध्यम अवधि की विकास की कहानी में विश्वास को मजबूत किया है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;ब्रोकरेज ने कहा कि आईएमएफ ने हाल के बेहतर-अपेक्षित आर्थिक आंकड़ों और उत्साहजनक हाई-फ्रीक्वेंसी संकेतकों पर भी प्रकाश डाला था, जो यह बताता है कि भारत की अंतर्निहित आर्थिक गति बरकरार है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;विशेषज्ञों की राय&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बेंचमार्क सूचकांक सत्र के अंत में महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहे, जिससे व्यापक बाजार का ढांचा सकारात्मक बना रहा। हेज्ड.इन के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट - एचएनआई और डेरिवेटिव्स, रियांज अरोड़ा ने कहा, &quot;प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी की रुचि उभरने से भारतीय इक्विटी बाजार आज के सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। बेंचमार्क सूचकांक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से ऊपर बंद होने में कामयाब रहे, जिससे व्यापक बाजार का ढांचा सकारात्मक बना रहा।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;महत्वपूर्ण स्तरों पर टिप्पणी करते हुए, अरोड़ा ने कहा, &quot;तत्काल सपोर्ट 76,500-76,300 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 76,900-77,100 के पास देखा जा रहा है। इस रेंज के ऊपर एक ब्रेकआउट मौजूदा तेजी के रुझान को और मजबूत कर सकता है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;घरेलू बाजार की यह तेजी एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के साथ आई। जापान का निक्केई 225, 1.99 प्रतिशत चढ़कर 68,175.00 पर पहुंच गया, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 1.18 प्रतिशत बढ़कर 5,433.88 पर पहुंच गया। गिफ्ट निफ्टी भी 0.44 प्रतिशत बढ़कर 23,983.50 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स और ताइवान के वेटेड इंडेक्स ने अपनी गति खो दी।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;बाजार को लेकर क्या है आउटलुक?&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;बाजार के आउटलुक पर, अरोड़ा ने कहा, &quot;बाजार बीच-बीच में होने वाली अस्थिरता के बावजूद मजबूती दिखा रहा है। जब तक बेंचमार्क सूचकांक अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल से ऊपर बने रहते हैं, तब तक व्यापक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है। ट्रेडर्स अनुशासित जोखिम प्रबंधन बनाए रखते हुए 'गिरावट पर खरीदें' की रणनीति अपनाना जारी रख सकते हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;रिपोर्टिंग के समय, ब्रेंट क्रूड वायदा 0.10 प्रतिशत बढ़कर 78.10 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि सोने की कीमतें 0.85 प्रतिशत बढ़कर 4,109.91 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर थीं। इस बीच, डॉव जोन्स फ्यूचर्स 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 52,326.73 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि नैस्डैक 0.20 प्रतिशत बढ़कर 25,870.65 अंक पर था। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Zomato Story: कैंटीन की लाइन से निकला आइडिया, बन गया 1 लाख करोड़ का एंपायर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/the-zomato-sucess-story-from-canteen-queue-to-billion-dollar-empire-articleshow-gmufcih</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 14:01:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;IIT के दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने 2008 में 'फूडीबे' शुरू किया, जो ज़ोमैटो बना। 2015 में स्विगी से कंपटीशन के बाद यह मेन्यू डायरेक्टरी से फूड डिलीवरी कंपनी बनी। आज यह ब्लिंकिट जैसी सेवाओं के साथ एक विशाल साम्राज्य है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktbcnawgx4xd3561r4jszf9e,imgname-new-project---2026-06-05t132651.152-1780646325136.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Zomato Sucess Story: &lt;/strong&gt;आज 10 जुलाई है। और आज उस ज़ोमैटो का 18वां जन्मदिन है, जो आधी रात को भी हमारे लिए गर्मागरम खाना ले आता है। ज़ोमैटो की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, जो सुनने में काफी दिलचस्प है। यह कहानी 2008 में दिल्ली से शुरू होती है। इस कहानी के हीरो हैं IIT से पढ़े दो नौजवान - दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा। दोनों दिल्ली की एक बड़ी कंसल्टिंग फर्म 'बेन एंड कंपनी' में अच्छी-खासी सैलरी पर नौकरी कर रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दीपिंदर और पंकज ने कोई बिजनेस शुरू करने के प्लान के साथ ज़ोमैटो की शुरुआत नहीं की थी। जैसा कि उन्होंने बाद में कई बार बताया, यह आइडिया भूख से पैदा हुआ था। रोज़ दोपहर के खाने के समय ऑफिस की कैंटीन में बहुत भीड़ होती थी। रेस्टोरेंट से आए मेन्यू कार्ड को देखकर खाना ऑर्डर करने के लिए भी लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ती थी। एक दिन भूख से बेहाल लाइन में खड़े दीपिंदर गोयल के दिमाग में एक आइडिया आया। क्यों न इन सारे मेन्यू कार्ड्स को स्कैन करके ऑफिस की वेबसाइट पर डाल दिया जाए? इससे लोग अपनी सीट पर बैठे-बैठे ही मेन्यू देखकर ऑर्डर कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने अपने इस आइडिया पर काम किया और यह सुपर-डुपर हिट हो गया! ऑफिस के सभी लोग इस वेबसाइट का इस्तेमाल करने लगे। जब वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ा, तो उन्हें समझ आया कि यह सिर्फ उनके ऑफिस की नहीं, बल्कि पूरे दिल्ली की समस्या है। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह से इसी काम में लगने का फैसला किया। उन्होंने दिल्ली के रेस्टोरेंट्स के मेन्यू स्कैन करके 'Foodiebay।com' नाम से एक वेबसाइट शुरू की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब कंपनी धीरे-धीरे बढ़ने लगी, तो उन्होंने 'फूडीबे' नाम बदलने का फैसला किया। इसकी वजह यह थी कि यह नाम बड़ी कंपनी 'ईबे' (eBay) से मिलता-जुलता था। उन्हें एक ऐसा नाम चाहिए था जो लोगों की ज़ुबान पर आसानी से चढ़ जाए और खाने से जुड़ा हो। बहुत सोचने के बाद उन्होंने नाम रखा 'Zomato', जो 'टमाटर' (Tomato) शब्द से मिलता-जुलता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन शुरुआती दिनों में ज़ोमैटो फूड डिलीवरी नहीं करता था। यह सिर्फ एक 'डिजिटल डायरेक्टरी' की तरह था, जो यह बताता था कि किसी जगह पर कौन सा अच्छा खाना मिलता है, रेस्टोरेंट का माहौल कैसा है और वहां की कीमतें क्या हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस कहानी में एक बड़ा मोड़ 2015 में आया। तब तक भारत में बादशाह बनकर बैठे ज़ोमैटो के सामने 'स्विगी' (Swiggy) नाम का एक नया कॉम्पिटिटर आ गया। स्विगी ने सिर्फ मेन्यू नहीं दिखाया, बल्कि रेस्टोरेंट से खाना उठाकर लोगों के घरों तक पहुंचाना भी शुरू कर दिया! इससे ज़ोमैटो के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया। उनके सामने दो ही रास्ते थे - या तो खुद को बदलो, या फिर खत्म हो जाओ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने पहला रास्ता चुना। ज़ोमैटो ने भी अपने डिलीवरी बॉयज़ की टीम बनाकर ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दुनिया में कदम रखा। ज़ोमैटो ने ग्राहकों को अपनी ओर खींचने के लिए ऑफर्स और डिस्काउंट का जमकर इस्तेमाल किया। आखिरकार, ज़ोमैटो ने भारत में Uber Eats जैसी विदेशी कंपनियों को भी खरीदकर बाज़ार पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक समय था जब कंपनी के पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं थे, लेकिन 2021 जुलाई में उसी कंपनी ने भारतीय शेयर बाज़ार (Stock Market) में धमाकेदार एंट्री की। यह पहली बार था जब घाटे में चल रही कोई भारतीय इंटरनेट कंपनी शेयर बाज़ार में लिस्ट हो रही थी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह एक चमत्कार था। भारत के लाखों आम लोगों ने ज़ोमैटो पर भरोसा करके पैसा लगाया और कंपनी रातों-रात एक बड़ी सफलता बन गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज ज़ोमैटो सिर्फ एक फूड डिलीवरी कंपनी नहीं है। सिर्फ 10 मिनट में घर का सामान पहुंचाने वाला 'ब्लिंकिट' (Blinkit) आज ज़ोमैटो का हिस्सा है। रेस्टोरेंट्स को सब्जियां और ज़रूरी सामान सप्लाई करने वाला 'हाइपरप्योर' (Hyperpure) और मूवी-इवेंट टिकट बुक करने के लिए 'डिस्ट्रिक्ट' (District) जैसे बिजनेस भी ज़ोमैटो के साथ खड़े हो चुके हैं। इस बीच, को-फाउंडर पंकज चड्ढा कंपनी से अलग हो गए, लेकिन दीपिंदर गोयल अकेले ही कंपनी को आगे बढ़ाते रहे। आज दीपिंदर गोयल भारत के सबसे युवा अरबपतियों में से एक हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऑफिस कैंटीन की एक छोटी सी लाइन से शुरू हुई यह कहानी आज 1 लाख करोड़ रुपये का साम्राज्य बन चुकी है, जो लाखों युवाओं को रोजगार दे रही है और करोड़ों लोगों की भूख मिटा रही है। सही समय पर बदलाव के लिए तैयार रहना ही ज़ोमैटो की सफलता का सबसे बड़ा राज है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Kalyan Jewellers Share Price Target: 12% भागा शेयर, अब ₹750 का टारगेट!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/kalyan-jewellers-share-price-target-after-q1-business-update-articleshow-guagwzp</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:34:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kalyan Jewellers Share:&lt;/strong&gt; कल्याण ज्वैलर्स शेयर में Q1 बिजनेस अपडेट के बाद 12% की जोरदार तेजी आई। ब्रोकरेज फर्म्स ने बाय रेटिंग बरकरार रखते हुए बड़ा टारगेट दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kalyan Jewellers Share Price: &lt;/strong&gt;अगर आपने हाल के दिनों में कल्याण ज्वैलर्स के शेयर पर नजर नहीं रखी, तो शायद आपने एक बड़ा मूव मिस कर दिया। आज गुरुवार को कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 12% तक उछल गया। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा दिन था, जब शेयर में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी का Q1 बिजनेस अपडेट रहा। इसके बाद ग्लोबल ब्रोकरेज सिटी (Citi) ने भी शेयर पर अपना 'Buy' रुख बरकरार रखा और 750 रुपए का टारगेट प्राइस दोहराया। ऐसे में अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस शेयर में अचानक इतनी तेजी क्यों आई और क्या इसमें अभी भी दम बाकी है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Kalyan Jewellers Share Price Today: शेयर में अचानक क्यों आई 12% की तेजी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कंपनी के पहली तिमाही के कारोबार से जुड़े अपडेट ने बाजार का भरोसा बढ़ाया। यही वजह रही कि शेयर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन खरीदारी तेज हो गई। मजबूत बिजनेस ग्रोथ और आगे के विस्तार की योजना ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया, जिसका असर सीधे शेयर की कीमत पर देखने को मिला।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कल्याण ज्वैलर्स शेयर में तेजी आने के कारण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Q1 Business Update ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कंपनी के भारत कारोबार में सालाना आधार पर 38% की आय वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि यह अनुमान से थोड़ी कम रही, लेकिन फिर भी कारोबार की रफ्तार मजबूत बनी रही। इस ग्रोथ के पीछे पुराने स्टोर्स की बेहतर बिक्री और नए शोरूम खुलने का बड़ा योगदान रहा। कंपनी ने इस तिमाही में 12 नए कल्याण ज्वैलर्स शोरूम शुरू किए, जिससे उसका रिटेल नेटवर्क और मजबूत हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पुराने सोने की एक्सचेंज स्कीम का मिला बड़ा फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी ने बताया कि ग्राहकों ने पुराने सोने के बदले नए गहने खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखाई। तिमाही के दौरान कुल बिक्री में 46% से ज्यादा हिस्सा पुराने गोल्ड एक्सचेंज का रहा, जबकि जून महीने में यह आंकड़ा 55% से भी ऊपर पहुंच गया। इससे साफ है कि ग्राहकों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विदेशी कारोबार से भी मिला अच्छा सपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सिर्फ भारत ही नहीं, कंपनी का इंटरनेशनल बिजनेस भी मजबूत रहा। विदेशों में कंपनी की आय में 35% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, मिडिल ईस्ट बिजनेस में भी 30% की ग्रोथ रही। हालांकि अप्रैल के दौरान क्षेत्रीय तनाव की वजह से कुछ बाजारों में ग्राहकों की संख्या पर असर जरूर पड़ा, लेकिन कुल कारोबार पर इसका बड़ा असर नहीं दिखा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Candere ब्रांड ने किया शानदार प्रदर्शन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी का ऑनलाइन और युवा ग्राहकों पर फोकस करने वाला ज्वेलरी ब्रांड Candere भी शानदार प्रदर्शन करता नजर आया। इस ब्रांड की आय में एक साल पहले के मुकाबले 112% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी इसकी बिक्री एक साल में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई। यही वजह रही कि कंपनी की कुल आय में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब कंपनी के कितने स्टोर हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विस्तार के मामले में भी कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है। जून तिमाही के दौरान 12 नए कल्याण ज्वैलर्स शोरूम और 5 नए Candere स्टोर खोले गए। इसके बाद कंपनी का कुल रिटेल नेटवर्क बढ़कर 524 स्टोर्स तक पहुंच गया। इनमें भारत, मिडिल ईस्ट, अमेरिका और ब्रिटेन के स्टोर भी शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में यही विस्तार उसकी ग्रोथ को और मजबूत करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कल्याण ज्वैलर्स शेयर का टारगेट किसने और क्यों 750 रुपए रखा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्रोकरेज फर्म Citi का मानना है कि कंपनी आने वाले समय में भी अच्छी ग्रोथ दिखा सकती है। इसी भरोसे के साथ उसने शेयर पर अपनी बाय रेटिंग (Buy Rating) बरकरार रखते हुए 750 रुपए का टारगेट प्राइस दोहराया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का विस्तार, मजबूत ब्रांड और फ्रेंचाइजी मॉडल भविष्य में भी कारोबार को सहारा दे सकते हैं। सिटी का मानना है कि कंपनी का फ्रेंचाइजी मॉडल आने वाले सालों में बड़ा फायदा दे सकता है। इससे कम लागत में नए स्टोर खोले जा सकते हैं, पूंजी का बेहतर इस्तेमाल होगा और कंपनी का कर्ज भी कंट्रोल में रह सकता है। यही वजह है कि ब्रोकरेज लंबे समय के लिए भी इस शेयर को लेकर पॉजिटिव नजरिया रखता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या इस शेयर में कोई रिस्क भी है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्रोकरेज ने बताया कि इस बार कंपनी की घरेलू ग्रोथ पहली बार लंबे समय बाद टाइटन (Titan) की तुलना में थोड़ी कमजोर रही। इसके अलावा अगर ग्राहकों की मांग कम होती है, प्रमोटर शेयर गिरवी रखने की स्थिति बढ़ती है या कंपनी अपने मौजूदा विस्तार मॉडल से हटती है, तो इसका असर शेयर पर पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रेडिंग वॉल्यूम ने भी खींचा कल्याण ज्वैलर्स शेयर पर ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बुधवार को इस शेयर में रिकॉर्ड स्तर की खरीदारी देखने को मिली। करीब 5.3 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ, जो पिछले 20 दिनों की औसत ट्रेडिंग से कई गुना ज्यादा था। यही वजह रही कि यह निफ्टी 500 के सबसे ज्यादा कारोबार वाले शेयरों में शामिल रहा। ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम को अक्सर निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का संकेत माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या अभी भी शेयर में है दम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;साल 2026 में अब तक यह शेयर गिरावट में रहा है और अपने 52 वीक के हाई लेवल से करीब 33% नीचे कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद बाजार के जानकार इस शेयर को लेकर काफी पॉजिटिव बने हुए हैं। इस समय कंपनी को कवर करने वाले सभी 8 ब्रोकरेज 'Buy' की सलाह दे रहे हैं। इनके औसत टारगेट के हिसाब से मौजूदा स्तर से करीब 85% तक की संभावित बढ़त की उम्मीद जताई जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[LDA, DDA, GDA की लॉटरी में नाम आने के चांस कैसे बढ़ाएं? जानें सही प्रॉसेस और 4 धांसू ट्रिक्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/how-to-increase-chances-in-government-housing-lottery-gda-lda-dda-mhada-articleshow-ihvc7bt</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:53:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;How to Win Housing Lottery: &lt;/strong&gt;GDA, LDA और DDA जैसी सरकारी हाउसिंग स्कीम की लॉटरी में नाम कैसे लाएं? जानें फॉर्म भरने का सही तरीका और चांस बढ़ाने के लीगल टिप्स...&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx332p33p22968zfmx5rm0qr,imgname-government-housing-scheme-lottery-1783589066851.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Government Housing Scheme Lottery: &lt;/strong&gt;मिडिल क्लास फैमिली के लिए अपने घर का सपना पूरा करने का सबसे सस्ता तरीका सरकारी हाउसिंग स्कीम्स जैसे GDA, LDA, DDA और MHADA माने जाते हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि घर कम और खरीदार लाखों में होते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोगों का नाम लॉटरी में नहीं आ पाता है। अगर आपको भी लगता है कि सरकारी फ्लैट की लॉटरी निकलना सिर्फ किस्मत का खेल है, तो अब अपनी इस सोच को बदल लें। फॉर्म भरते समय की गई कुछ स्मार्ट प्लानिंग और सही प्रॉसेस की समझ आपके जीतने के चांस को काफी हद तक बढ़ा सकती है। आइए जानते हैं कि इसमें अपने नाम का चांस कैसे बढ़ाएं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरकारी हाउसिंग स्कीम की लॉटरी में नाम लाने का तरीका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकारी लॉटरी पूरी तरह कंप्यूटर जनरेटेड और पारदर्शी होती है, इसलिए इसमें कोई हेरफेर नहीं की जा सकती है, लेकिन आप कुछ लीगल तरीकों से अपनी संभावना को बढ़ा सकते हैं। इनमें से 4 सबसे ज्यादा काम आ सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम से आवेदन करें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आपके घर में कई सदस्य सरकारी नियमों जैसे उम्र और आय सीमा के तहत पात्र हैं, तो सिर्फ एक फॉर्म भरने के बजाय 2 या 3 अलग-अलग सदस्यों के नाम से फॉर्म भरें। इससे आपकी फैमिली का चांस रिस्क फैक्टर के हिसाब से दोगुना-तिगुना हो जाता है। ध्यान रहे, अगर एक से ज्यादा लॉटरी निकल आए, तो आप बाद में बाकी सरेंडर कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. कम डिमांड वाले इलाकों या फ्लोर्स चुनें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्सर लोग प्राइम लोकेशन या सिर्फ ग्राउंड फ्लोर के लिए ही अड़ जाते हैं। जहां भीड़ ज्यादा होगी, वहां लॉटरी निकलने का चांस कम होगा। अगर आप लोकेशन में थोड़ा समझौता कर सकते हैं, तो कम पॉपुलर या नए डेवलप हो रहे एरिया को चुनें, वहां कंपटीशन बहुत कम होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. रिजर्वेशन कैटेगरी का सही फायदा उठाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर सरकारी स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों, दिव्यांगों या महिला आवेदकों के लिए विशेष कोटा (Reservation) होता है। फॉर्म भरते समय ध्यान से देखें कि क्या आप किसी सब-कैटेगरी में फिट बैठते हैं। जनरल कोटे के मुकाबले रिजर्व्ड कोटे में नाम आने की उम्मीद ज्यादा होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. जल्दी आवेदन करें और डेटा सही रखें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आखिरी तारीख के भरोसे न बैठें। शुरुआती दिनों में फॉर्म भरने से आपको अपनी डिटेल्स री-चेक करने का पूरा मौका मिलता है। गलत जानकारी या अधूरे डॉक्यूमेंट्स के कारण हजारों फॉर्म लॉटरी राउंड से पहले ही रिजेक्ट हो जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरकारी घर पाने का सही प्रॉसेस&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले प्राधिकरण (Authority) की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर रखें कि नई स्कीम कब आ रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर स्कीम की एक आय सीमा (Income Limit) होती है, जैसे LIG (लो इनकम ग्रुप), MIG (मिडिल इनकम ग्रुप)। अपने बजट और सैलरी के हिसाब से सही ग्रुप चुनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आजकल ज्यादातर फॉर्म ऑनलाइन भरे जाते हैं। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, पैन कार्ड, इनकम सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स तैयार रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लॉटरी में शामिल होने के लिए एक निश्चित बयाना राशि (Earnest Money Deposit) जमा करनी होती है। अगर लॉटरी में नाम नहीं आता, तो यह पैसे बैंक खाते में सुरक्षित वापस आ जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तय तारीख पर कंप्यूटर से रैंडम ड्रा निकाला जाता है। नाम आने पर आपको अलॉटमेंट लेटर मिलता है, जिसके बाद बाकी का भुगतान करके पजेशन (कब्जा) मिल जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;यह आर्टिकल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए हैं। DDA, GDA, LDA या MHADA जैसी किसी भी सरकारी हाउसिंग स्कीम की लॉटरी प्रक्रिया पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड और नियमों के अधीन होती है, जिसमें किसी भी प्रकार के हेरफेर की गुंजाइश नहीं होती है। आर्टिकल में बताए गए तरीके सिर्फ आपकी आवेदन रणनीति और पात्रता को बेहतर बनाने के लिए हैं, जो चयन की 'गारंटी' नहीं देते हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरने या कोई भी वित्तीय भुगतान करने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नियमों, पात्रता मानदंडों और जरूरी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[ऑटो सेक्टर की दमदार ग्रोथ, FY27 की पहली तिमाही में 24% रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/india-auto-sector-revenue-to-grow-22-to-24-percent-in-q1-fy27-crisil/articleshow-lyopimy</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:30:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत का ऑटो सेक्टर 22-24% की मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकता है। जीएसटी कटौती, वाहनों की स्वस्थ बिक्री और बढ़ते निर्यात को इस वृद्धि का मुख्य कारण बताया गया है।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली [भारत], 9 जुलाई (एएनआई):&lt;/strong&gt; क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 22-24 प्रतिशत की मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकता है। इस तिमाही के दौरान यह सेक्टर समग्र कॉर्पोरेट राजस्व वृद्धि में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक बनकर उभरेगा।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में समग्र कॉर्पोरेट राजस्व में साल-दर-साल 11-11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया संघर्ष से उपजी सप्लाई चेन में रुकावट और उच्च इनपुट लागत के बावजूद यह दो वर्षों में सबसे तेज गति है। इसकी तुलना में पिछली तिमाही में राजस्व वृद्धि 9.6 प्रतिशत थी।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;जीएसटी कटौती और बिक्री में उछाल का असर&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;क्रिसिल के अनुसार, &quot;ऑटोमोबाइल सबसे मजबूत ग्रोथ ड्राइवरों में से एक बना रहा।&quot; इसे जीएसटी-आधारित मांग, पैसेंजर व्हीकल (पीवी), दोपहिया और कमर्शियल व्हीकल (सीवी) की अच्छी बिक्री, बढ़ते निर्यात और चुनिंदा मूल्य वृद्धि से समर्थन मिला। रिपोर्ट में कहा गया है, &quot;जीएसटी दरों में 8-13 प्रतिशत की कमी ने पूरे ऑटो सेक्टर में वॉल्यूम-आधारित वृद्धि को बढ़ावा दिया।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;पैसेंजर व्हीकल (पीवी) की खुदरा बिक्री में साल-दर-साल 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कमर्शियल व्हीकल (सीवी) की बिक्री में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस बीच, जापान और अफ्रीका जैसे बाजारों से मजबूत मांग के सहारे ऑटोमोबाइल निर्यात में 19-21 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;लागत और सप्लाई चेन की चुनौतियां&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;क्रिसिल के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल और व्हाइट गुड्स की मजबूत मांग के कारण हुई, हालांकि इस तिमाही के दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष का पूरा प्रभाव दिखने से कमाई पर दबाव आया। इसमें आगे कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में इन्वेंट्री बफर ने उच्च इनपुट लागत के तत्काल प्रभाव को कम करने में मदद की थी।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;रिपोर्ट में कहा गया, &quot;बफर स्टॉक ने पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सीधे प्रभाव को कम किया।&quot; क्रिसिल ने कहा, &quot;भारत के ऑटो सेक्टर का राजस्व साल-दर-साल 22-24% बढ़ने का अनुमान है, जिसे जीएसटी-आधारित मांग की गति, स्वस्थ यात्री वाहन और दोपहिया वाहनों की बिक्री, वाणिज्यिक वाहनों की मांग, निर्यात वृद्धि और चुनिंदा मूल्य वृद्धि का समर्थन मिला है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;ऑटो सेक्टर के अलावा, ऑटोमोबाइल और व्हाइट गुड्स को जीएसटी के युक्तिकरण से लाभ हुआ, जबकि बिजली क्षेत्र को बिजली की चरम मांग से समर्थन मिला, और दूरसंचार सेवाओं को प्रीमियम सेवाओं की ओर झुकाव और बेहतर डेटा मुद्रीकरण से लाभ हुआ। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[नैस्डैक लिस्टिंग से SK hynix ने रचा इतिहास, अलीबाबा को पछाड़कर जुटाए $26.5 अरब]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/sk-hynix-raises-26-point-5-billion-in-nasdaq-ipo-beating-alibabas-record/articleshow-m34hm5y</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 17:00:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दक्षिण कोरियाई चिपमेकर SK hynix ने नैस्डैक पर अपने IPO से लगभग 26.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह किसी विदेशी कंपनी का सबसे बड़ा अमेरिकी IPO है, जिसने अलीबाबा के 2014 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल AI इंफ्रा डिमांड को पूरा करने के लिए करेगी।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दक्षिण कोरियाई मेमोरी चिपमेकर एसके हाइनिक्स ने अपनी नैस्डैक लिस्टिंग में लगभग 26.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। कंपनी ने अपनी अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) की कीमत 149 डॉलर प्रति एडीआर तय की है, जो किसी विदेशी कंपनी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;इस डील ने 2014 में अलीबाबा द्वारा अपनी न्यूयॉर्क लिस्टिंग के दौरान बनाए गए 25 अरब डॉलर के पिछले विदेशी रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कोरिया हेराल्ड के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट पेशकश है और अमेरिकी बाजार के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;नैस्डैक पर &quot;SKHYV&quot; टिकर सिंबल के तहत शुक्रवार से कंडीशनल ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी, जबकि रेगुलर ट्रेडिंग सोमवार से शुरू होने वाली है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;डील की संरचना और प्रीमियम पर प्राइसिंग&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;डील स्ट्रक्चर के बारे में एक बयान में, एसके हाइनिक्स ने घोषणा की कि वह 177.9 मिलियन अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट्स की पेशकश करेगी, जिसमें प्रत्येक रिसीट सियोल में ट्रेड होने वाले एक कॉमन शेयर के दसवें हिस्से का प्रतिनिधित्व करेगी। यह सौदा कोरियाई स्टॉक मार्केट में 2.19 मिलियन वॉन (1,450 डॉलर) के क्लोजिंग प्राइस पर 2.9 प्रतिशत प्रीमियम के साथ पूरा हुआ, जो खरीदारों को आकर्षित करने के लिए बड़ी इक्विटी पेशकशों पर छूट देने की सामान्य इंडस्ट्री प्रैक्टिस के खिलाफ है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;कंपनी ने कहा कि यह अपनी तरह की पहली अमेरिकी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश थी, जिसे प्रीमियम पर प्राइस किया गया। बाजार सूत्रों ने बताया कि बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के दौरान कुल ऑर्डर उपलब्ध रिसीट्स की तुलना में सात गुना से भी ज्यादा थे।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;AI और उत्पादन क्षमता विस्तार में होगा निवेश&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;एक रेगुलेटरी फाइलिंग का हवाला देते हुए, समाचार रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर की मांगों को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करने के लिए कुल आय का उपयोग करने की योजना बना रही है। इस पूंजी से योंगिन सेमीकंडक्टर क्लस्टर में पहले फैब्रिकेशन प्लांट, चॉन्गजू में पीएंडटी7 एडवांस्ड पैकेजिंग प्लांट और अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट की खरीद को फंड किया जाएगा।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;कंपनी ने अलग से 11.9 ट्रिलियन वॉन (8.5 अरब डॉलर) एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट लिथोग्राफी इक्विपमेंट के लिए रखे हैं, जिन्हें अगले साल के अंत तक स्थापित किया जाएगा।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;ग्लोबल पहचान और शेयरधारकों के लिए रणनीति&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस लिस्टिंग का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार के पार्टिसिपेंट्स के बीच कॉर्पोरेट एक्सपोजर का विस्तार करना और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के बीच मौजूद मूल्यांकन अंतर को कम करना है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एसके ग्रुप के चेयरमैन चे ताए-वोन ने मार्च में कहा था कि एडीआर लिस्टिंग से कंपनी को अमेरिकी और वैश्विक शेयरधारकों के बीच ज्यादा एक्सपोजर मिलेगा और इसे &quot;एक ज्यादा ग्लोबल कंपनी&quot; बनाने में मदद मिलेगी।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;नए जारी किए गए शेयर मौजूदा बकाया शेयरों की संख्या का लगभग 2.5 प्रतिशत हैं। एसके हाइनिक्स ने कहा कि व्यापक पूंजी तक पहुंच के फायदे संभावित शेयर डाइल्यूशन से ज्यादा होंगे, और इस साल के अंत में अतिरिक्त शेयरहोल्डर-रिटर्न उपायों की उम्मीद है।&lt;/p&gt; (हेडलाइन को छोड़कर, इस खबर को एशियानेट न्यूज एडिटोरियल स्टाफ द्वारा संपादित नहीं किया गया है और यह एक सिंडिकेटेड फीड से प्रकाशित हुई है।)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारत बनेगा दुनिया का ऑफिस स्पेस, फ्रंट-एंड ऑपरेशंस की भी संभालेगा कमान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/india-to-become-worlds-office-space-handling-front-end-operations/articleshow-o20g0ly</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:00:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[MeitY सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि भारत दुनिया का ऑफिस स्पेस बन सकता है, जो बैक-ऑफिस से आगे फ्रंट-एंड ऑपरेशन भी संभालेगा। देश में दुनिया के आधे GCCs हैं और सरकारी नीतियों व AI की मदद से छोटे शहरों में भी इसका विस्तार हो रहा है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-63d0d2ed-b757-482e-8fa1-103a0c4541cc.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 9 जुलाई (एएनआई): भारत में दुनिया का ऑफिस स्पेस बनने की क्षमता है, जो पारंपरिक बैक-ऑफिस संचालन से आगे बढ़कर फ्रंट-एंड जिम्मेदारियों को संभालने में भी अपनी भूमिका का विस्तार करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि घरेलू इकोसिस्टम में अब दुनिया के कुल ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और उनसे जुड़े वर्कफोर्स का लगभग आधा हिस्सा मौजूद है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित GCC बिजनेस समिट में बोलते हुए कृष्णन ने कहा, &quot;भारत में सचमुच दुनिया का ऑफिस स्पेस बनने की क्षमता है! सिर्फ एक बैक ऑफिस नहीं, बल्कि असल में फ्रंट-एंड ऑपरेशंस को भी चलाने वाला ऑफिस। यह एक ऐसा अवसर है जिसे हमें चूकना नहीं चाहिए।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;नियामक बदलावों से विस्तार को मिला बढ़ावा&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;कृष्णन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हाल के रेगुलेटरी अपडेट्स ने विस्तार को आसान बना दिया है। बिल्डिंग, श्रम और टैक्सेशन फ्रेमवर्क में सरकार के नेतृत्व वाले हस्तक्षेपों ने लंबे समय से चली आ रही इंडस्ट्री की मांगों को हल कर दिया है, जिससे छोटे शहरी केंद्रों और हाई-वैल्यू ऑपरेशंस में तेज ग्रोथ का मंच तैयार हो गया है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;कृष्णन ने कहा, &quot;मुझे लगता है कि सेफ हार्बर प्रावधानों और उनके संचालन के तरीके के संदर्भ में टैक्सेशन में हुए बदलाव महत्वपूर्ण हैं और इन्हें वास्तव में इस बात को बढ़ावा देना चाहिए कि देश में और अधिक GCCs कैसे आ सकते हैं।&quot; उन्होंने कहा, &quot;मुझे लगता है कि अब यह मापने का समय आ गया है कि इन बदलावों का किस तरह का प्रभाव पड़ा है और इसके परिणाम क्या रहे हैं, क्योंकि इनमें से कुछ बदलावों के परिणाम के रूप में बहुत कुछ वादा किया गया था।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;छोटे शहरों की ओर बढ़ रहे GCCs&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;केंद्रीय हस्तक्षेपों के साथ-साथ विभिन्न राज्य सरकारों की प्रतिस्पर्धी नीतियों ने भी बहुत जरूरी प्रशासनिक स्पष्टता लाई है। महामारी के कारण वर्कफोर्स की प्राथमिकताओं में आए बदलाव भी GCCs के विस्तार को टियर-II और टियर-III शहरों की ओर ले जा रहे हैं, जहां कम रियल एस्टेट और टैलेंट की लागत ग्लोबल फर्मों को फंक्शनल एडवांटेज प्रदान करती है। विभिन्न राज्यों ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी विकास को उत्प्रेरित करने के लिए कर्नाटक के 'बियॉन्ड बैंगलोर' अभियान, तमिलनाडु के 'नियो-टाइडेल पार्क्स' और मध्य प्रदेश तथा गुजरात में समर्पित प्रोत्साहन पैकेजों जैसी लक्षित स्थानीय नीतियां शुरू की हैं।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से मिलेगी ग्रोथ&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस संरचनात्मक बदलाव का एक प्रमुख तत्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण है, जिसे कृष्णन वर्तमान में लगभग 250 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आईटी सेवा निर्यात क्षेत्र के लिए खतरे के बजाय विकास का एक अवसर मानते हैं। निचले स्तर के कार्यों के ऑटोमेशन से स्थानीय ऑपरेशंस को उन जटिल असाइनमेंट की ओर मोड़ने की अनुमति मिलती है, जिनमें कड़े डोमेन नॉलेज की आवश्यकता होती है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, &quot;भारत AI को कैसे अपना सकता है और भारत इस क्षेत्र में क्या योगदान दे सकता है? और इसीलिए यह विचार था कि भारत को वास्तव में दुनिया की एप्लीकेशन और AI-आधारित समाधान राजधानी बनने की जरूरत है।&quot; उन्होंने कहा, &quot;AI की तैनाती आपको देश में हाई-वैल्यू वाले कार्यों को लाने और यह सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है कि यहां हाई-वैल्यू एडेड कार्य भी जोड़े जाएं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;स्किल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग पर जोर&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस गति को बनाए रखने के लिए, MeitY और इंडिया एआई मिशन व्यापक अकादमिक पुनर्रचना की वकालत कर रहे हैं। हालांकि एआई टूल्स को सभी शैक्षिक स्तरों पर पेश किया जा रहा है, लेकिन ऑटोमेटेड वर्कफ्लो को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए कोर डोमेन नॉलेज में गहरी दक्षता बनाए रखना आवश्यक है। मंत्रालय वर्तमान में इंडस्ट्री बॉडीज के साथ मिलकर टैलेंट पूल को हायर-ऑर्डर मैनेजमेंट फंक्शंस के लिए अनुकूलित करने के लिए टार्गेटेड स्किलिंग प्रोग्राम पर काम कर रहा है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[ONGC मंगलौर में बनाएगा 17.5 लाख टन का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/ongc-to-build-1-75-mmt-strategic-petroleum-reserve-in-mangalore/articleshow-oavo4ec</link>
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            <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 14:31:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[सरकारी कंपनी ONGC ने मंगलौर में 17.5 लाख मीट्रिक टन का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है, क्योंकि देश अपनी 85% तेल जरूरतें आयात से पूरी करता है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-b8231981-e2a4-46c6-95a9-5eb53388bb01.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने मंगलौर में 17.5 लाख मीट्रिक टन (MMT) क्षमता का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) बनाने को मंजूरी दे दी है। यह बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की बढ़ती मांग के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;ONGC ने एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि कंपनी के निदेशक मंडल ने इस फैसले को मंजूरी दी है। बोर्ड ने &quot;पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoP&amp;amp;NG) के निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रूप में मंगलौर (चरण-I विस्तार) में 1.75 MMT क्षमता के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और संबंधित सुविधाओं के विकास के लिए सैद्धांतिक मंजूरी&quot; दी है। फाइलिंग के अनुसार, बोर्ड ने कंपनी को &quot;संबंधित रेगुलेटरी सपोर्ट के साथ व्यावसायिक उपयोग के अवसर को व्यापक बनाने के लिए भारत सरकार के साथ बातचीत करने&quot; का भी निर्देश दिया है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति में व्यवधानों से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अपने आपातकालीन कच्चे तेल के भंडारण के बुनियादी ढांचे का लगातार विस्तार कर रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता है, जो अपनी तेल की 85 प्रतिशत से अधिक आवश्यकता आयात के माध्यम से पूरी करता है। इस वजह से स्ट्रैटेजिक रिजर्व इसकी ऊर्जा सुरक्षा संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;भारत की मौजूदा भंडारण क्षमता&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;भारत के पास वर्तमान में विशाखापत्तनम (1.33 MMT), मंगलौर (1.5 MMT) और पादुर (2.5 MMT) में कुल 5.33 MMT क्षमता की स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व सुविधाएं हैं, जिनका संचालन इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) द्वारा किया जाता है। केंद्र ने विस्तार के अगले चरण के हिस्से के रूप में ओडिशा के चांदीखोल (4 MMT) और पादुर (2.5 MMT) में अतिरिक्त 6.5 MMT के कमर्शियल-कम-स्ट्रैटेजिक स्टोरेज को भी मंजूरी दी है। प्रस्तावित ONGC प्रोजेक्ट मंगलौर में अतिरिक्त 1.75 MMT क्षमता जोड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट पर भारत के प्रमुख स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम हब में से एक पर भंडारण क्षमता का विस्तार होगा।&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भविष्य की योजनाएं&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;हालिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधानों पर बढ़ी चिंताओं के बाद उठाया गया है और यह आपातकालीन कच्चे तेल भंडारण क्षमता के विस्तार में तेजी लाने के लिए सरकार के जोर को दर्शाता है। भारत ने हाल के वर्षों में अपने स्ट्रैटेजिक रिजर्व को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा साझेदारियों को भी गहरा किया है। मंगलौर की सुविधा में पहले से ही अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) द्वारा ISPRL के साथ एक समझौते के तहत संग्रहीत कच्चा तेल है, जो भारत के लिए आपात स्थिति के दौरान स्ट्रैटेजिक पहुंच बनाए रखते हुए कच्चे तेल के एक हिस्से को व्यावसायिक रूप से उपयोग करने की अनुमति देता है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;हाल ही में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात यात्रा के दौरान, ADNOC ने भारत में कच्चे तेल के भंडारण का काफी विस्तार करने और भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व कार्यक्रम से जुड़े संभावित भंडारण व्यवस्था का पता लगाने की योजना की घोषणा की, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिली।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;क्या होते हैं स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व?&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व सरकार द्वारा नियंत्रित कच्चे तेल के भंडार होते हैं, जिन्हें भू-राजनीतिक संघर्षों, प्राकृतिक आपदाओं या वैश्विक तेल बाजारों में तेज व्यवधानों के दौरान निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाए रखा जाता है। इन भंडारों का भारत द्वारा विस्तार का उद्देश्य बाहरी झटकों के प्रति संवेदनशीलता को कम करना है, साथ ही देश की ईंधन की मांग बढ़ने के साथ-साथ दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा का समर्थन करना है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[गोदरेज एग्रोवेट खम्मम में लगाएगा तेलंगाना का पहला प्राइवेट पाम ऑयल कॉम्प्लेक्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/godrej-agrovet-to-set-up-telanganas-first-private-oil-palm-complex/articleshow-rx22v6e</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 22:00:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[गोदरेज एग्रोवेट तेलंगाना के खम्मम में ₹300 करोड़ का निवेश कर राज्य का पहला प्राइवेट पाम ऑयल कॉम्प्लेक्स स्थापित कर रहा है। इससे 700 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रोजेक्ट के लिए सड़कों को चौड़ा करने का निर्देश दिया है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-7ed8f281-45ce-4cd3-a245-12dbfc9c6e47.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत] 8 जुलाई (एएनआई): गोदरेज एग्रोवेट 300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ खम्मम जिले में तेलंगाना का पहला प्राइवेट इंटीग्रेटेड पाम ऑयल इंडस्ट्री कॉम्प्लेक्स स्थापित करेगा।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;तेलंगाना सीएमओ की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की और जिले में पाम ऑयल की खेती के विस्तार पर एक रिपोर्ट सौंपी।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;₹300 करोड़ का निवेश, 700 से अधिक को रोजगार&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) राकेश स्वामी और गोदरेज एग्रोवेट के पाम ऑयल बिजनेस के सीईओ सौगत नियोगी ने सीएम से मुलाकात की और उन्हें खम्मम जिले के कोनिजेरला मंडल के गुब्बागुर्थी गांव में आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। विज्ञप्ति में कहा गया, &quot;गोदरेज एग्रोवेट का यह प्रोजेक्ट खम्मम जिले के कोनिजेरला मंडल के गुब्बागुर्थी गांव में 300 करोड़ रुपये के निवेश से एक पाम ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर रहा है। इस यूनिट से 700 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;सरकार की ओर से प्रोजेक्ट को पूरा समर्थन&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इसमें आगे कहा गया कि राज्य सरकार ने प्रोसेसिंग यूनिट, एक नर्सरी, आरएंडडी सेंटर और एक सीड गार्डन स्थापित करने के लिए गोदरेज एग्रोवेट को पहले ही 113.5 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने सीएम से सीड गार्डन के लिए अतिरिक्त 35 से 40 एकड़ जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया। विज्ञप्ति के अनुसार, &quot;कंपनी के अनुरोध पर, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टीजीआईआईसी की देखरेख में प्रोसेसिंग यूनिट की ओर जाने वाली सड़कों को चौड़ा करने का निर्देश दिया।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;तेल आयात पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;यह प्रोजेक्ट राज्य में पाम ऑयल की खेती का विस्तार करने और स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग क्षमता का निर्माण करने की पहल का एक हिस्सा है। इस इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में एक प्रोसेसिंग यूनिट, नर्सरी, आरएंडडी सेंटर और सीड गार्डन शामिल होगा।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विज्ञप्ति में कहा गया है कि एक बार संचालन शुरू होने के बाद गुब्बागुर्थी सुविधा तक सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़क कनेक्टिविटी का काम टीजीआईआईसी की देखरेख में किया जाएगा। तेलंगाना पाम ऑयल को एक वैकल्पिक फसल के रूप में बढ़ावा देना चाहता है और खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[शिपरॉकेट का नया AI प्लेटफॉर्म 'फास्टर' लॉन्च, बढ़ाएगा ऑनलाइन कन्वर्जन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/shiprocket-launches-ai-powered-checkout-fastrr-to-boost-conversions/articleshow-uusp5n6</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 21:00:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[AI-ड्रिवन कॉमर्स प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट ने SHIVIR 2026 में अपना नया AI-पावर्ड चेकआउट 'फास्टर' लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य बिजनेस के लिए कन्वर्जन रेट को बेहतर बनाना और ग्राहकों को एक सहज अनुभव प्रदान करना है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-904a83c7-9f15-4d56-9781-3692b6e835a9.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 9 जुलाई (एएनआई): अपनी AI यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत के अग्रणी AI-ड्रिवन कॉमर्स प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट ने गुरुवार को 'फास्टर' (Fastrr) का अनावरण किया। यह एक AI-पावर्ड चेकआउट है, जिसे कंपनी के फ्लैगशिप कॉमर्स समिट, SHIVIR के सातवें संस्करण में लॉन्च किया गया। इसे खरीदारी के अनुभव को आसान बनाने और कन्वर्जन रेट में सुधार करने के लिए बनाया गया है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;भारत का पहला AI-नेटिव प्री-ऑर्डर सुइट, फास्टर, शिपरॉकेट के प्री-ऑर्डर कॉमर्स स्टैक को एक सिंगल इंटेलिजेंट प्लेटफॉर्म पर लाता है। यह ब्रांड्स को AI-पावर्ड अनुभवों के माध्यम से ग्राहकों की intenci&oacute;n को हासिल करने, समझने और उसे बिक्री में बदलने में मदद करता है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;SHIVIR 2026: भविष्य के कॉमर्स पर फोकस&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;द वेस्टिन मुंबई पवई लेक में आयोजित SHIVIR 2026 में 2,500 से अधिक फाउंडर्स, ब्रांड ऑपरेटर्स और टेक्नोलॉजी लीडर्स ने यह जानने के लिए हिस्सा लिया कि AI कैसे कॉमर्स के भविष्य को नया आकार दे रहा है। जैसे-जैसे भारतीय बिजनेस ग्राहक अधिग्रहण, कन्वर्जन और रिटेंशन में AI को तेजी से अपना रहे हैं, इस समिट ने बातचीत को थ्योरी से आगे बढ़ाकर अमल में लाने की दिशा में काम किया। की-नोट सेशंस, प्रैक्टिशनर के नेतृत्व में चर्चाओं और लाइव प्रोडक्ट डेमो के माध्यम से, उपस्थित लोगों ने इस बारे में व्यावहारिक जानकारी हासिल की कि AI कैसे वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों को हल कर सकता है और ग्रोथ को अनलॉक कर सकता है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;AI बनेगा बिजनेस का भविष्य: साहिल गोयल&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;शिपरॉकेट के एमडी और सीईओ साहिल गोयल ने कहा, &quot;हम उस मुकाम पर हैं जहां AI हर भारतीय बिजनेस के लिए एक बुनियादी जरूरत बनता जा रहा है। जो फाउंडर्स अगले 12 महीनों में अपने बिजनेस में AI को शामिल करेंगे, वे एक ऐसा फायदा हासिल करेंगे जिसे दूसरों के लिए पाटना मुश्किल होता जाएगा। फास्टर इसी अवसर का हमारा जवाब है, जो एक ही AI-नेटिव प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यवसायों को ग्राहकों को अधिक प्रभावी ढंग से हासिल करने, कन्वर्ट करने और उनसे जुड़ने में मदद करने वाली इंटेलिजेंट क्षमताओं को एक साथ लाता है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;Fastrr कैसे काम करता है?&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;कंपनी ने कहा कि जैसे-जैसे ब्रांड प्री-ऑर्डर यात्रा को मैनेज करने के लिए कई अलग-अलग सॉल्यूशंस पर निर्भर होते हैं, उनके टेक्नोलॉजी स्टैक खंडित और जटिल हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर ग्राहकों का अनुभव disconnected और ऑपरेशनल अक्षमताएं होती हैं। फास्टर पूरी प्री-ऑर्डर यात्रा में शिपरॉकेट की सिद्ध क्षमताओं को एक ही इंटेलिजेंट, AI-नेटिव सुइट में लाकर इस चुनौती का समाधान करता है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;फास्टर के केंद्र में शिपरॉकेट का मालिकाना कॉमर्स ग्राफ है, जो इसके शिपिंग और चेकआउट इकोसिस्टम में लाखों खरीदार इंटरैक्शन से बना है। यह इंटेलिजेंस लेयर फास्टर को हर लेनदेन से लगातार सीखने में सक्षम बनाती है, जिससे इसके AI मॉडल हर इंटरैक्शन के साथ और ज्यादा स्मार्ट होते जाते हैं। फ्रिक्शनलेस चेकआउट, AI-पावर्ड शॉपिंग असिस्टेंस, एनोनिमस विजिटर आइडेंटिफिकेशन, फास्टर एड्स, पर्सनलाइज्ड व्हाट्सएप ऑटोमेशन और AI-पावर्ड कन्वर्जन ऑप्टिमाइजेशन को एक साथ लाकर, फास्टर ब्रांड्स को अधिक व्यक्तिगत अनुभव देने और ग्राहक की मंशा को अधिक प्रभावी ढंग से बदलने में मदद करता है।&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;Fastrr Ads: सटीक नतीजों वाला विज्ञापन सॉल्यूशन&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;फास्टर सुइट के भीतर एक असाधारण क्षमता फास्टर एड्स (Fastrr Ads) है, जो ट्रू डिलीवर्ड ROAS द्वारा संचालित एक AI-नेटिव परफॉर्मेंस मार्केटिंग सॉल्यूशन है। पारंपरिक विज्ञापन प्लेटफॉर्म के विपरीत जो मुख्य रूप से एट्रिब्यूटेड कन्वर्जन के आधार पर अभियानों को ऑप्टिमाइज़ करते हैं, फास्टर विज्ञापन के प्रदर्शन को सफलतापूर्वक डिलीवर किए गए ऑर्डर के मुकाबले मापता है, जिससे ब्रांड्स को इस बात का कहीं अधिक सटीक माप मिलता है कि मार्केटिंग का हर रुपया वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में कैसे बदलता है। विज्ञापन प्रदर्शन को सीधे फुलफिलमेंट परिणामों से जोड़कर, व्यवसाय अधिक आत्मविश्वास के साथ अभियानों को अनुकूलित कर सकते हैं, मार्केटिंग दक्षता में सुधार कर सकते हैं और लाभप्रद विकास को अधिकतम कर सकते हैं।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;इंटेलिजेंट कॉमर्स को आसान बनाने की दिशा में कदम&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;फास्टर शिपरॉकेट के इस विश्वास को दर्शाता है कि AI को एक स्टैंडअलोन टूल के रूप में नहीं, बल्कि हर कॉमर्स वर्कफ़्लो में बुनी गई एक इंटेलिजेंस लेयर के रूप में मौजूद होना चाहिए। कंपनी के पहले AI-नेटिव प्री-ऑर्डर सुइट के रूप में, फास्टर पूरे भारत में व्यवसायों के लिए इंटेलिजेंट कॉमर्स को सरल, अधिक कनेक्टेड और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;शिपरॉकेट SHIVIR 2026 को एयरपे (Airpay) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया था, जिसमें AWS, गूगल क्लाउड, वनट्यूर, सेल्सफोर्स, ज़ोहो और अन्य इकोसिस्टम पार्टनर्स का समर्थन था। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
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            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[बारिश में भीगकर गल गया ₹500 का नोट? टेंशन छोड़ो, RBI के इस नियम से बैंक देगा कड़कड़ाता नोट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/how-to-exchange-wet-or-torn-500-rupee-note-in-bank-rbi-rules-articleshow-zydah3u</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:00:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;RBI Note Refund Rules: &lt;/strong&gt;बारिश में अगर आपका ₹500 का नोट गल या फट जाए तो घबराएं नहीं। RBI के नियम से आपका पूरा पैसा वापस मिल सकता है। जानिए आपको क्या करना चाहिए...&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Torn Note Exchange Rule: &lt;/strong&gt;देश के ज्यादातर राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मान लीजिए आप कहीं गए हैं और अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। आप भीगते-भागते घर पहुंचे, राहत की सांस ली, लेकिन जैसे ही जेब में हाथ डाला...दिल बैठ गया। जेब में रखा ₹500 का करारा नोट पानी से गलकर या फट चुका है। अब पहला ख्याल आता है, '₹500 पानी में गए! अब इसे कोई नहीं लेगा।' अगर आपको भी ऐसा लगता है, तो टेंशन लेने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। देश के केंद्रीय बैंक यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का एक ऐसा नियम है, जिसके तहत बैंक को न सिर्फ आपका वो गला-फटा नोट लेना पड़ेगा, बल्कि उसके बदले आपको पूरे पैसे भी देने होंगे। आइए जानते हैं ऐसे समय आपको क्या करना है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नोट को लेकर RBI का नियम क्या कहता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;RBI के नियमों (RBI Note Refund Rules) के मुताबिक, कोई भी बैंक ऐसे नोटों को लेने से मना नहीं कर सकता, जो गंदे हो गए हैं, फट गए हैं या पानी में भीगने की वजह से गल गए हैं। चाहे सरकारी बैंक हो या प्राइवेट, हर बैंक की शाखा (Branch) पर यह नियम लागू होता है। आपको बस अपने नजदीकी बैंक में जाना है, भले ही आपका वहां आपका खाता (Account) हो या न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन-सा नोट कब बदल सकते हैं, कब मिलेंगे पूरे पैसे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक में नोट बदलने का एक पैमाना होता है। बैंक अधिकारी यह देखते हैं कि आपके फटे या गले हुए नोट का कितना हिस्सा सुरक्षित बचा है। ₹500 के नोट की बात करें, तो अगर आपके ₹500 के नोट का 80% या उससे ज्यादा हिस्सा सही-सलामत है, तो बैंक आपको बदले में पूरे ₹500 का नया नोट देगा। अगर नोट ज्यादा खराब हो चुका है और उसका सिर्फ 40% से 80% तक का हिस्सा ही बचा है, तो आपको नोट की कुल कीमत का आधा यानी ₹250 वापस मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फटे-गले नोट का कब एक भी रुपया नहीं मिलेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपके पास जो ₹500 का नोट है, उसका हिस्सा 40% से भी कम बचा है या नोट बिल्कुल राख या लुगदी बन चुका है, जिसे पहचान पाना भी मुश्किल हो, तो फिर बैंक उसे स्वीकार नहीं करेगा और आपको एक भी रुपया नहीं मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बैंक में नोट कैसे बदलें? स्टेप-बाय-स्टेप तरीका&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अगर नोट भीगकर फट गया है, तो उसके टुकड़ों को फेंकने की गलती न करें। उन्हें सुखाकर एक साथ संभाल कर रख लें, क्योंकि बैंक में पूरा नोट दिखाना जरूरी होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद अपने घर के पास मौजूद किसी भी कमर्शियल बैंक की ब्रांच में जाएं। इसके लिए उसी बैंक में जाना जरूरी नहीं है, जहां आपका अकाउंट है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक के कैश काउंटर पर जाकर अधिकारी को नोट दिखाएं। वे नोट की स्थिति और उसके साइज को चेक करेंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर नोट नियमों के दायरे में सही पाया जाता है, तो बैंक अधिकारी तुरंत आपको नया नोट दे देगा या वो पैसे आपके खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;क्या नोट बदलने की फीस भी लगती है, कितने नोट बदल सकते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बैंक में कटे-फटे या गले हुए नोट बदलने के लिए आपसे एक भी रुपया कमीशन या फीस के रूप में नहीं लिया जा सकता। यह सर्विस बिल्कुल मुफ्त है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर आप एक बार में 20 से ज्यादा नोट या कुल कीमत ₹5,000 से ज्यादा को बदलने जाते हैं, तो बैंक उन्हें तुरंत बदलने के बजाय रख सकता है और पैसे बाद में आपके खाते में क्रेडिट किए जा सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर नोट बुरी तरह जल गया है या आपस में चिपक गया है, तो लोकल बैंक उसे नहीं बदल पाते। ऐसे नोटों को सीधे RBI के इश्यू ऑफिस (Issue Office) में भेजना पड़ता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;अगर बैंक नोट बदलने से मना करें, तो क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर कोई बैंक अधिकारी आपका जायज यानी सही नोट बदलने से मना करता है, तो आप उस बैंक के मैनेजर से सीधे शिकायत कर सकते हैं। नियम उल्लंघन पर बैंक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ जागरूकता और सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है। बारिश में भीगे, गले या कटे-फटे नोटों को बदलने के नियम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक गाइडलाइंस पर आधारित हैं। नोट बदलने या उसके बदले मिलने वाली राशि का अंतिम फैसला नोट की वास्तविक स्थिति को देखने के बाद संबंधित बैंक अधिकारी द्वारा ही लिया जाता है। किसी भी विवाद या असमंजस की स्थिति में RBI के आधिकारिक नियमों को ही अंतिम माना जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[कम खर्च में ज्यादा बचत कैसे करें? जानें स्मार्ट तरीका]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/smart-ways-to-save-money-with-low-expenses-kam-kharch-me-jyada-bachat-kaise-kare-articleshow-zyuquey</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:27:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kam Kharch Me Jyada Bachat Kaise Kare: &lt;/strong&gt;क्या आपकी सैलरी भी महीना खत्म होने से पहले ही खत्म हो जाती है? जानें कम खर्च में ज्यादा बचत करने के 5 स्मार्ट तरीके...&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Money Saving Tips: &lt;/strong&gt;आज के महंगाई के दौर में ज्यादातर लोगों की शिकायत होती है कि 'सैलरी तो आती है, लेकिन महीने के आखिरी हफ्ते तक हाथ खाली हो जाता है।' अगर आपके साथ भी ऐसा ही है, तो प्रॉब्लम सिर्फ कमाई की नहीं बल्कि खर्च करने के तरीके की भी हो सकती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादा बचत करने के लिए हमेशा ज्यादा कमाई जरूरी नहीं होती है। अगर आप कम कमाकर भी सही तरीके से खर्च का मैनेजमेंट (Money Management) करना सीख जाएं, तो आप अपनी उम्मीद से कहीं ज्यादा बचत कर सकते हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे प्रैक्टिकल और स्मार्ट तरीके, जो आपका बैंक बैलेंस कभी खाली नहीं होने देंगे और सेविंग बढ़ाते रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहले बचत, फिर खर्च&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, ज्यादातर लोग सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि वे पहले महीनेभर के खर्च निपटाते हैं और जो बचता है, उसे सेव करने की सोचते हैं। ऐसे में अक्सर कुछ नहीं बचता। इसका स्मार्ट तरीका ये है कि जैसे ही आपकी सैलरी या इनकम आए, उसका कम से कम 20% हिस्सा सीधे अपने दूसरे सेविंग अकाउंट या इन्वेस्टमेंट में ट्रांसफर कर दें। इसके बाद बचे हुए 80% पैसों में ही अपना पूरा महीना चलाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'50-30-20' का फॉर्मूला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में '50-30-20' का फॉर्मूला सबसे हिट माना जाता है। इसके अनुसार, अपनी कुल कमाई को इन तीन हिस्सों में बांट लें। 50% जरूरतों को लिए रखें। इसमें घर का किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल और बच्चों की स्कूल फीस जैसी जरूरी चीजें रखें। 30% अपने शौक पूरे करने में लगाएं। जैसे- बाहर घूमना, फिल्म देखना, रेस्टोरेंट में खाना या शॉपिंग करना और बाकी बचे 20% सेविंग्स में डालिए। जैसे- फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड या इमरजेंसी फंड में लगाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'30-Days Rule' से रोकें फिजूलखर्ची&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर कोई गैजेट, कपड़े या जूता देखा और तुरंत 'Buy Now' पर क्लिक कर दिया? इसे 'इम्पल्स बाइंग' यानी बिना सोचे-समझे खरीदारी कहते हैं, जो बजट बिगाड़ने की सबसे बड़ी वजह है। 30 दिनों का नियम कहता है कि जब भी कोई ऐसी चीज खरीदने का मन करे जो बहुत जरूरी नहीं है, तो उसे तुरंत खरीदने के बजाय 30 दिनों के लिए टाल दें। एक महीने बाद अगर आपको सचमुच उसकी जरूरत महसूस होगी, तभी उसे खरीदें। आप पाएंगे कि 80% मामलों में एक महीने बाद आपका उसे खरीदने का मन ही बदल जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सब्सक्रिप्शन और ऑटो-डेबिट की छंटनी करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आजकल हर चीज का सब्सक्रिप्शन उपलब्ध है। OTT प्लेटफॉर्म्स, म्यूजिक ऐप्स, जिम मेंबरशिप या ऑनलाइन कोर्सेज का सब्सक्रिप्शन लोग अक्सर ले लेते हैं और हर महीने हमारे अकाउंट से पैसे कटते रहते हैं, भले ही हम उनका इस्तेमाल न कर रहे हों। अपने बैंक स्टेटमेंट को चेक करें और उन सभी ऐप्स या सर्विसेज को तुरंत बंद (Unsubscribe) करें जिनका आप पिछले एक महीने से उपयोग नहीं कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;छोटे और छिपे हुए खर्चों पर ब्रेक लगाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रोजाना की 20 रुपए की चाय, हफ्ते में दो बार बाहर से मंगाया गया खाना या छोटी दूरियों के लिए कैब या ऑटो करना.. ये वो खर्च हैं जो देखने में बहुत छोटे लगते हैं, लेकिन महीने के अंत में ये हजारों रुपए का रूप ले लेते हैं। घर का बना खाना खाने की आदत और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल आपको हर महीने बड़ी राहत दे सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दिए गए पैसे बचाने के तरीके, बजट टिप्स और मनी मैनेजमेंट के फॉर्मूले सिर्फ आपकी सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए हैं। इन्हें किसी भी तरह की पेशेवर निवेश सलाह (Professional Financial/Investment Advice) या वित्तीय गारंटी न माना जाए। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, जरूरतें और बजट अलग होते हैं। इसलिए, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या किसी भी अन्य योजना में कोई बड़ा निवेश करने या वित्तीय फैसला लेने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Certified Financial Advisor) से सलाह जरूर करें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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