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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Sun, 30 Aug 2026 16:18:18 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[पेट्रोल भरवाते समय गाड़ी से उतरना चाहिए या नहीं? ज्यादातर लोग नहीं जानते ये जरूरी नियम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/petrol-pump-safety-tips-should-you-stay-inside-car-while-refueling-petrol-articleshow-1w4rq06</link>
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            <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 07:00:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Pump Safety Rules:&lt;/strong&gt; क्या पेट्रोल भरवाते समय कार में या बाइक पर बैठे रहना सेफ है? जानिए पेट्रोल पंप पर स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी और फ्यूल स्पिल से होने वाले बड़े रिस्क।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m0whf4qr4whkvec12mnv2y9p,imgname-petrol-pump-1787664241400.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Pump Precautions: &lt;/strong&gt;जब भी आप पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने जाते हैं, तो क्या करते हैं? कार में आराम से AC चलाकर बैठे रहते हैं या बाइक पर ही जमे रहते हैं? अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए। ये छोटी सी आदत किसी बड़े खतरे को दावत दे सकती है। पेट्रोल पंप पर सुरक्षा को लेकर कई सख्त नियम होते हैं, लेकिन जानकारी न होने की वजह से ज्यादातर लोग इन्हें हल्के में लेते हैं। आइए समझते हैं कि तेल भरवाते समय गाड़ी के अंदर या ऊपर बैठे रहना चाहिए या नहीं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेट्रोल भरतवाते टाइम कार में बैठे रहना क्यों गलत है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार की खिड़कियां बंद करके अंदर बैठे रहने में दो सबसे बड़े खतरे छिपे हैं। जिनमें से पहला स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी (Static Electricity) का खतरा है। जब आप कार की सीट पर बैठते हैं और हिलते-डुलते हैं, तो कपड़ों और सीट के रगड़ने से शरीर में हल्का सा करंट (स्टैटिक चार्ज) बन जाता है। अगर आप तेल भरते समय अचानक बाहर निकलकर मेटल के पार्ट या नोजल के पास हाथ लगाते हैं, तो हल्की-सी चिंगारी (Spark) निकल सकती है, जो पेट्रोल की भाप में आग लगाने के लिए काफी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इमरजेंसी में बाहर निकलने का वक्त न मिलना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर फ्यूल भरते समय अचानक पाइप लीक हो जाए या आग लग जाए, तो कार के अंदर बंद रहने पर बाहर निकलने का मौका बहुत कम मिलता है। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बाइक या स्कूटी पर बैठे-बैठे पेट्रोल भरवाना कितना खतरनाक?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गिरावट या स्पिल का डर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;टू-व्हीलर चलाने वाले अक्सर बाइक पर बैठे-बैठे ही फ्यूल टैंक का ढक्कन खुलवा देते हैं। ऐसा भूलकर भी न करें। अगर पेट्रोल गलती से छलककर गर्म साइलेंसर या इंजन पर गिर गया, तो सेकंड्स में आग भड़क सकती है। बाइक पर बैठे होने की वजह से आप तुरंत कूदकर भाग भी नहीं पाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बैलेंस बिगड़ने का रिस्क&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पेट्रोल पंप पर बाइक या स्कूटी में तेल डलवाते समय नोजल लगाते या निकालते वक्त अगर किसी का धक्का लग जाए, तो बाइक गिर सकती है और भरा हुआ पेट्रोल जमीन पर फैल सकता है। इससे खतरा भी बढ़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेट्रोल डलवाते समय क्या करना चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गाड़ी को स्टार्ट रखकर तेल कभी न भरवाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;टू-व्हीलर से हमेशा नीचे उतरकर साइड में खड़े हों। कार में हैं तो बाहर निकलना सबसे सेफ ऑप्शन है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर कार में ही बैठना मजबूरी हो, तो अंदर-बाहर बार-बार न करें। अगर बाहर निकलना ही पड़े, तो कार के किसी मेटल हिस्से जैसे दरवाजे का मेटल फ्रेम को हाथ लगाकर बॉडी का करंट डिस्चार्ज कर लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फोन का इस्तेमाल न करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धूम्रपान या आग से जुड़ी किसी भी चीज को बिल्कुल दूर रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पेट्रोल गिर जाए या कोई असामान्य बात दिखे तो तुरंत पंप कर्मचारी को बताएं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Gold Rate: सोना हुआ महंगा, चांदी भी चमकी, जानें दिल्ली-मुंबई में आज क्या हैं नए रेट्स]]></title>
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            <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:28:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gold Rate Today: &lt;/strong&gt;बुधवार को सोने की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह ग्लोबल डिमांड और लगातार बढ़ती महंगाई है। 24 कैरेट सोने (999-प्योरिटी) का भाव 16,374 रुपये प्रति ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना 15,009 रुपये प्रति ग्राम पर बिका।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Silver Price Today: &lt;/strong&gt;26 अगस्त, 2026 को भारत में सोने-चांदी के भाव पर सबकी नजरें टिकी हैं। कीमतों पर ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव, करेंसी में बदलाव और घरेलू मांग का असर दिख रहा है। आने वाले त्योहारों के मौसम को देखते हुए गहनों की मांग भी बदल सकती है, जिसका असर आने वाले दिनों में इन कीमती धातुओं के बाजार पर पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुधवार को सोने की कीमतों में मामूली तेजी आई। ग्लोबल डिमांड और लगातार बनी हुई महंगाई का इसे सपोर्ट मिला। 24 कैरेट सोने, जिसे 999-प्योरिटी वाला सोना माना जाता है, का रेट 16,374 रुपये प्रति ग्राम रहा। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 15,009 रुपये प्रति ग्राम था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में सोने के दाम कई चीजों से तय होते हैं, जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और घरेलू बाजार में गहनों की मांग। आने वाले त्योहारी सीजन में ग्राहकों की मांग और बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आज के सोने-चांदी के रेट: जानें शहरों के हिसाब से दाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;24K सोना (रु/10 ग्राम)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;22K सोना (रु/10 ग्राम)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;चांदी (रु/1 किलो)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;नई दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 16,389&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 15,024&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 2,59,900&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 16,374&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 15,009&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 2,59,900&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 16,374&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 15,009&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 2,59,900&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 16,374&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 15,009&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रु 2,64,900&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;चांदी के आज के दाम, 26 अगस्त, 2026&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बुधवार को चांदी के दाम भी ऊंचे बने रहे। भारत में चांदी लगभग 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिकी। वहीं, 925 सिल्वर, जिसे स्टर्लिंग सिल्वर भी कहते हैं, का भाव 2,59,000 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोने के मुकाबले चांदी भले ही सस्ती हो, लेकिन निवेशकों और गहने खरीदने वालों की इसमें काफी दिलचस्पी बनी रहती है। देश के कई इलाकों में चांदी के गहने आज भी बहुत लोकप्रिय हैं, जिससे इसकी घरेलू मांग बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोने के उलट, चांदी की कीमतों पर इंडस्ट्रियल खपत का भी बड़ा असर पड़ता है। जिन सेक्टरों में चांदी का इस्तेमाल एक इंडस्ट्रियल मटीरियल के तौर पर होता है, वहां से आने वाली मांग ग्लोबल कीमतों पर गहरा असर डाल सकती है। इसी वजह से यह धातु आर्थिक गतिविधियों और बाजार के सेंटिमेंट में बदलाव को लेकर काफी संवेदनशील है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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            <title><![CDATA[LPG Alert: 31 अगस्त से पहले निपटा लें यह काम, वरना ₹942 का गैस सिलेंडर पड़ेगा ₹2738 में!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/lpg-cylinder-ekyc-deadline-31-august-indane-hp-bharat-gas-verification-rules-articleshow-43wgxnm</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 15:36:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;LPG Deadline 31 August 2026: &lt;/strong&gt;इंडेन, एचपी और भारत गैस का इस्तेमाल करने वाले 31 अगस्त से पहले-पहले तक ई-केवाईसी निपटा लें, वरना सिलेंडर तीन गुना महंगा पड़ सकता है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gas Cylinder e-KYC Deadline: &lt;/strong&gt;अगर आपके घर में इंडेन (Indane), एचपी (HP) या भारत गैस (Bharat Gas) का रसोई गैस सिलेंडर आता है, तो यह अलर्ट आपके लिए है। तेल कंपनियों ने सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 तय की हैं। कंपनियों ने साफ कह दिया है कि इस बार डेडलाइन आगे नहीं बढ़ेगी। अगर आप 31 अगस्त तक यह जरूरी काम नहीं करते हैं, तो आपकी रसोई का मंथली बजट तीन गुना तक बिगड़ सकता है। आइए जानते हैं डेडलाइन चूकने पर क्या-क्या नुकसान हो सकता है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गैस कनेक्शन की e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;₹942 का सिलेंडर ₹2,738 में पड़ सकता है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आपने समय रहते बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं कराया, तो आपको 2 बड़े झटके लग सकते हैं। इनमें पहला है महंगा गैस सिलेंडर। बिना ई-केवाईसी वाले कनेक्शन 'फ्री-ट्रेड' कैटेगरी में डाल दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के लिए भी आपको 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के बराबर भाव (जैसे दिल्ली में ₹2,738) चुकाना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कनेक्शन सस्पेंड हो सकता है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ई-केवाईसी न कराने पर आपका एलपीजी कंज्यूमर नंबर इनएक्टिव हो सकता है, जिससे आप नया रिफिल सिलेंडर बुक ही नहीं कर पाएंगे और आपको आगे परेशानी हो सकती है। नए कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों के लिए वेरिफिकेशन आगे भी जारी रहेगा, यह सख्ती पुराने मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गैस कनेक्शन की e-KYC कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्टेप 1&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से सरकारी AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Indane Gas के लिए IndianOil One&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Bharat Gas के लिए Hello BPCL&lt;/li&gt; &lt;li&gt;HP Gas के लिए HP Pay&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्टेप 2&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐप खोलें और अपने गैस कनेक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से रजिस्टर करके लॉगिन करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्टेप 3&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Indane ऐप में प्रोफाइल सेक्शन में जाएं और 16 अंकों की LPG ID लिंक करके e-KYC पर टैप करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Bharat Gas ऐप में होमपेज पर ही e-KYC का विकल्प दिखेगा, जहां ओटीपी दर्ज करना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;HP Gas ऐप में 'MY HP' में जाकर e-KYC ऑप्शन को चुनें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;स्टेप 4&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नियम और शर्तों को एक्सेप्ट करने के बाद मोबाइल का फ्रंट कैमरा खुलेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कैमरे के सामने सीधे देखें और पलकें झपकाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जैसे ही स्क्रीन पर ग्रीन सिग्नल आए, सबमिट कर दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपकी ई-केवाईसी तुरंत पूरी हो जाएगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[IPO Alert: Lumino Industries का GMP 61%, Symbiotec और Hy-Tech पर टूटे निवेशक, किसे करें सब्सक्राइब?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/ipo-alert-lumino-industries-gmp-hy-tech-symbiotec-pharmalab-subscription-review-articleshow-6hvtgsm</link>
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            <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 09:59:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Lumino Industries IPO गुरुवार को 61% प्रीमियम संकेत के साथ खुला। Hy-Tech Engineers 50 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हो रहा, जबकि Symbiotec Pharmalab में बिडिंग का लास्ट डे है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Best IPO to Buy Today:&lt;/strong&gt; प्राइमरी मार्केट में इस समय जबरदस्त हलचल मची हुई है। शेयर बाजार में कमाई के मौके तलाश रहे निवेशकों के लिए एक साथ चार बड़े अवसर खुले हुए हैं। एक तरफ जहां Lumino Industries का नया आईपीओ ग्रे मार्केट में 60% से ज्यादा का मुनाफा संकेत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ Hy-Tech Engineers और Symbiotec Pharmalab के आईपीओ में पैसा लगाने का आज आखिरी दिन है। अगर आप भी कन्फ्यूज हैं कि किसमें बोली लगानी चाहिए और किसमें रिस्क कम है, तो यह पूरा एनालिसिस आपके काम आएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Lumino Industries IPO: 61% तक मुनाफे का संकेत, आज खुला&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पावर ट्रांसमिशन और केबल सेक्टर से जुड़ी Lumino Industries का ₹700 करोड़ का आईपीओ आज 27 अगस्त से खुल गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ग्रे मार्केट (GMP) में इसका शेयर ₹50 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹82 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह करीब 60.98% के प्रीमियम पर लिस्ट होने का इशारा कर रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह पावर ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए हाई-टेक कंडक्टर और केबल्स बनाती है और 17 देशों में एक्सपोर्ट करती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28% बढ़कर ₹160 करोड़ रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Hy-Tech Engineers IPO: 50 गुना से ज्यादा भरा, आज आखिरी मौका&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हाइड्रोलिक फिटिंग्स बनाने वाली इस कंपनी के ₹135.73 करोड़ के आईपीओ पर रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर जमकर टूटे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तीसरे दिन तक यह इशू 50.80 गुना बुक हो चुका था। इसमें NII कोटा 82 गुना और रिटेल कोटा 64 गुना से ज्यादा भरा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस इशू में बोली लगाने का गुरुवार, 27 अगस्त आखिरी दिन है। कम प्राइस बैंड (₹50-₹53) की वजह से छोटे निवेशकों ने इसमें भारी दिलचस्पी दिखाई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Symbiotec Pharmalab IPO: 29% लिस्टिंग गेन की उम्मीद, आज लास्ट डे&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फार्मा और बायोटेक स्पेस की इस दिग्गज कंपनी के ₹1,757 करोड़ के इशू का आज अंतिम दिन है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका GMP ₹285 के आसपास चल रहा है, जो करीब 29% लिस्टिंग गेन का इशारा दे रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह कुल 5.31 गुना और इसका NII पोर्शन 12 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टेरॉयड हार्मोन और एक्टिव फार्मा इंग्रीडिएंट्स (APIs) में कंपनी की मजबूत पकड़ इसे लॉन्ग टर्म के लिए एक सॉलिड चॉइस बनाती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Annu Projects IPO: इंफ्रा कंपनी में तीसरे दिन कैसा है रुझान?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स करने वाली Annu Projects का ₹175.06 करोड़ का आईपीओ शुक्रवार, 28 अगस्त बंद होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दूसरे दिन तक यह 47% भरा था। इसका GMP करीब ₹4 चल रहा है, जो 4% के फ्लैट से पॉजिटिव लिस्टिंग की ओर इशारा करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ब्रोकरेज आनंद राठी ने इसे मजबूत ऑर्डर बुक और ईपीसी सेक्टर में लगातार ग्रोथ के चलते 'लॉन्ग टर्म सब्सक्राइब' की रेटिंग दी है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) केवल बाजार की धारणा पर आधारित होता है। किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/ipo-alert-lumino-industries-gmp-hy-tech-symbiotec-pharmalab-subscription-review-articleshow-6hvtgsm"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[1 सितंबर से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम: रसोई गैस, कार से हवाई सफर तक, जानें आप पर कितना असर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/5-major-rule-changes-from-1st-september-2026-lpg-gas-car-prices-air-travel-impact-articleshow-7bnd61z</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 14:07:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1 September Rule Changes: &lt;/strong&gt;नया महीना शुरू होते ही 5 बड़े नियम बदल जाएंगे। LPG गैस से लेकर हवाई सफर और ITR तक जानिए 1 सितंबर से क्या-क्या बदलने जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m13r8bcmkbxjkcv8a7zvr740,imgname-1-september-rule-changes-1787906239892.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;New Rules from 1 September 2026: &lt;/strong&gt;अगस्त का महीना खत्म होने को है और नया महीना सितंबर पहली ही तारीख से अपने साथ कई नए बदलाव लेकर आ रहा है। हर महीने की 1 तारीख की तरह इस बार भी आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई नियमों में फेरबदल होने जा रहा है। घर के गैस सिलेंडर से लेकर नई कार खरीदने और विदेश की फ्लाइट तक 5 बड़े बदलाव होने वाले हैं, जिनका असर आपके बजट पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं 1 सितंबर से आपके लिए क्या बदलने जा रहा है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रसोई गैस e-KYC की डेडलाइन खत्म (LPG e-KYC Deadline)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपके घर में गैस सिलेंडर आता है, तो यह खबर सबसे जरूरी है। गैस कंपनियों (Indian Oil, HPCL, BPCL) ने कनेक्शन की e-KYC कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त तय की है। 1 सितंबर से e-KYC की विंडो बंद हो सकती है। अगर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ, तो आपको घरेलू सब्सिडी दर पर सिलेंडर पाने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आज ही अपनी नजदीकी गैस एजेंसी जाकर या ऐप के जरिए e-KYC पूरा कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हवाई सफर होगा और आसान, बोर्डिंग पास पर स्टैंप की झंझट खत्म&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप भारत से विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो 1 सितंबर से आपका एयरपोर्ट एक्सपीरियंस काफी स्मूद होने वाला है। अब इमिग्रेशन काउंटर पर आपके बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप अपने मोबाइल में डिजिटल बोर्डिंग पास दिखाकर या प्रिंटेड कॉपी के जरिए सीधे इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे। इससे लाइन में लगने का समय बचेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई कार खरीदना होगा महंगा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;त्योहारी सीजन से ठीक पहले अगर आप नई कार या SUV लेने की सोच रहे हैं, तो 1 सितंबर से जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। ऑटो कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स (Tata Motors) और हुंडई (Hyundai) ने अपनी गाड़ियों की कीमतें 25,000 रुपए तक बढ़ाने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक (EV) गाड़ियों के सभी मॉडल्स पर लागू होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इनकम टैक्स रिटर्न की लास्ट डेट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करने वाले वो टैक्सपेयर्स, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है (Non-Audit Cases), उनके लिए ITR फाइल करने की डेडलाइन 31 अगस्त है। इसलिए 1 सितंबर का इंतजार न करें। अगर आप ITR-4 या अन्य लागू फॉर्म के तहत आते हैं, तो पेनल्टी और नोटिस से बचने के लिए समय रहते अपना रिटर्न जरूर दाखिल कर दें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फ्यूल और कमर्शियल गैस के नए रेट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हर महीने की 1 तारीख को सरकारी तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 सितंबर की सुबह कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, हवाई ईंधन (ATF) और सीएनजी-पीएनजी के नए रेट्स जारी किए जाएंगे। कमर्शियल सिलेंडर सस्ता या महंगा होने का असर बाहर के खाने-पीने और रेस्टोरेंट के बिल पर पड़ता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[LPG Connection: नया गैस कनेक्शन क्यों नहीं मिल रहा? सरकार ने क्यों लगाई है रोक?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/new-lpg-connections-halted-across-india-heres-why-articleshow-7i8loqr</link>
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            <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 16:18:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Freeze on LPG Connections: पूरे भारत में 14.2 किलो वाले नए LPG कनेक्शन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता बताई जा रही है। विकल्प के तौर पर ग्राहकों को 5 और 10 किलो वाले कम्पोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m09xwsha2387qgyhz4nbbqzz,imgname-lpg-e-kyc-1787039737386.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;New LPG Connection: &lt;/strong&gt;भारत में LPG का इम्पोर्ट तो बढ़ा है, लेकिन लोग नए गैस कनेक्शन के लिए इंतजार कर रहे हैं। इंडियन, भारत गैस और एचपी गैस में अप्लाई करने वाले लोग अब भी वेटिंग में हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में ग्राहकों को 14.2 किलो वाला कोई नया सिलेंडर कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;LPG कनेक्शन पर रोक: आखिर सच्चाई क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पहले युद्ध के समय केंद्र सरकार ने LPG सप्लाई पर कई पाबंदियां लगाई थीं। अब जब हालात कुछ सुधरे हैं, तब भी नए कनेक्शन नहीं दिए जा रहे। इस पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने साफ किया है कि जियो-पॉलिटिकल यानी अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक हालात की वजह से नए LPG कनेक्शन देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है। हालांकि, जिन ग्राहकों के पास पहले से सिलेंडर है, उनकी सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बारे में इंडियन LPG डिस्ट्रिब्यूटर्स फेडरेशन के महासचिव पवन सोनी का कहना है कि यह रोक लंबे समय तक रहेगी, यह कहना मुश्किल है। पश्चिम एशिया के हालात अभी भी अनिश्चित हैं, इसलिए तेल मार्केटिंग कंपनियां कितना LPG इम्पोर्ट कर पाएंगी, यह कोई नहीं जानता। इसलिए, मांग को पूरा करने के लिए स्टोरेज क्षमता को बहुत सोच-समझकर मैनेज किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5 और 10 किलो के कम्पोजिट सिलेंडर का विकल्प&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल 14.2 किलो वाले नए LPG सिलेंडर देने पर रोक है, लेकिन 5 और 10 किलो वाले कम्पोजिट सिलेंडर दिए जा रहे हैं। आजकल इनकी मांग भी बढ़ गई है। जो ग्राहक नए कनेक्शन के लिए आ रहे हैं, उन्हें एजेंसियां 5 और 10 किलो वाले सिलेंडर लेने का विकल्प दे रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार ने LPG ग्राहकों से अपनी KYC डिटेल्स अपडेट करने को भी कहा है। इसका मकसद फर्जी और इनैक्टिव कनेक्शनों की पहचान करना है। हालांकि, घरेलू LPG के नए कनेक्शन कब से दोबारा शुरू होंगे, इसकी कोई पक्की तारीख अभी नहीं बताई गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस रोक को अस्थायी बताया है। न्यूज़18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद है कि LPG की उपलब्धता और सप्लाई की स्थिति स्थिर होने के बाद नए कनेक्शन फिर से शुरू हो जाएंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bank Holidays: सितंबर में त्योहारों की भरमार, जानिए आपके शहर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/bank-holidays-september-2026-full-list-state-wise-rbi-calendar-articleshow-7iypl37</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 10:53:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bank Holidays List: &lt;/strong&gt;RBI ने सितंबर 2026 की बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और वीकेंड पर कई दिन शाखाएं बंद रहेंगी। जानें कब-कब बंद रहेंगे बैंक।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k2bwf9yh8h96bqty750s7qsh,imgname-bank-holidays-this-week-1754893101008.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bank Holiday September 2026 List: &lt;/strong&gt;अगर आपको बैंक ब्रांच जाकर चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट या ड्राफ्ट बनवाने जैसे जरूरी काम निपटाने हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सितंबर 2026 के लिए बैंकों की आधिकारिक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। त्योहारों, राज्यवार उत्सवों और रेगुलर वीकेंड्स को मिलाकर अगले महीने देश के अलग-अलग राज्यों में कई दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। ऐसे में ब्रांच जाने से पहले छुट्टियों का यह पूरा कैलेंडर जरूर नोट कर लें, ताकि आपका जरूरी काम न अटके...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शनिवार और रविवार की वीकली छुट्टियां&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रविवार: &lt;/strong&gt;6 सितंबर, 13 सितंबर, 20 सितंबर और 27 सितंबर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरा शनिवार: &lt;/strong&gt;12 सितंबर 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चौथा शनिवार: &lt;/strong&gt;26 सितंबर 2026&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सितंबर 2026: त्योहारों पर कब और कहां बंद रहेंगे बैंक?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4 सितंबर, शुक्रवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और कृष्ण जयंती के मौके पर लखनऊ, पटना, जयपुर, भोपाल, चंडीगढ़, देहरादून, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद, रांची, रायपुर और चेन्नई समेत देश के कई बड़े शहरों में बैंकों की छुट्टी रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;12 सितंबर, शनिवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;देशभर में दूसरा शनिवार होने के साथ-साथ गुवाहाटी में श्रीमंत शंकरदेव तिरोभाव तिथि का अवकाश रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;14 सितंबर, सोमवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गणेश उत्सव के दौरान गणेश चतुर्थी और हरतालिका के अवसर पर मुंबई, नागपुर, बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा और पणजी में शाखाएं बंद रहेंगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;15 सितंबर, मंगलवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;15 सितंबर को संवत्सरी, नुआखाई और गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन के उपलक्ष्य में अहमदाबाद, भुवनेश्वर और पणजी में कामकाज नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;21 सितंबर, सोमवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महीने के तीसरे हफ्ते में सोमवार को श्रीमंत शंकरदेव जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के कारण गुवाहाटी, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में बैंक बंद रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;22 सितंबर, मंगलवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;22 सितंबर, मंगलवार को करमा पूजा के मौके पर रांची में में बैंक बंद रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;23 सितंबर, बुधवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महाराजा हरि सिंह जी की जयंती पर जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;25 सितंबर, शुक्रवार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंद्रजात्रा के चलते गंगटोक में बैंकों का सार्वजनिक अवकाश रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बैंक बंद होने पर क्या डिजिटल सर्विसेज चालू रहेंगी?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;UPI और नेट बैंकिंग जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स 24 घंटे चालू रहेंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कैश निकालने और जमा करने के लिए ATM और कैश डिपॉजिट मशीनें (CDM) काम करती रहेंगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक शाखा बंद रहने पर चेक क्लीयरेंस और काउंटर से जुड़े काम अगले वर्किग डे (Working Day) को ही पूरे होंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Rakhi Gifts: रक्षाबंधन पर कैश देने की जगह बहन को दें ये 4 फाइनेंशियल गिफ्ट्स, बनेंगे लाखों का फंड!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/rakhi-gifts-best-financial-gifts-for-sister-mutual-fund-sip-gold-etf-articleshow-8caz2dk</link>
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            <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 17:52:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Raksha Bandhan Financial Gifts:&lt;/strong&gt; रक्षाबंधन पर बहन को पैसे देने के बजाय कुछ ऐसा दें जो उनकी लाइफ संवार दे। जानिए 4 ऐसे स्मार्ट फाइनेंशियल गिफ्ट्स, जो बहन का फ्यूचर सिक्योर करेंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m11jrxt3fb2d8n6x9m8137f0,imgname-raksha-bandhan-financial-gifts-1787833382723.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Raksha Bandhan Gifts: &lt;/strong&gt;रक्षाबंधन पर हर भाई अपनी बहन के लिए कुछ न कुछ खास गिफ्ट जरूर प्लान करता है। ज्यादातर लोग वही पुराना तरीका अपनाते हैं, लिफाफे में 500 या 2000 रुपए का कैश, कोई नया सूट या फिर कोई गैजेट देते हैं। लेकिन कैश तो कुछ ही दिनों में शॉपिंग या पार्टी में खर्च हो जाता है। अगर इस बार आप अपनी बहन को कुछ ऐसा दें, जो आने वाले 5 या 10 साल में लाखों का फंड बन जाए और उसके सपनों को पूरा करने में काम आए, तो कैसा रहेगा? आज के दौर में सबसे समझदारी भरा तोहफा वही है, जो आपकी बहन को फाइनेंशियली मजबूत बनाए। यहां जानिए 4 ऐसे आसान और असरदार गिफ्ट्स, जो आपकी बहन का फ्यूचर सिक्योर करेंगे...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;म्यूचुअल फंड में SIP की शुरुआत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आप अपनी बहन के नाम से हर महीने एक छोटी रकम जैसे ₹500 या ₹1,000 की म्यूचुअल फंड SIP (Systematic Investment Plan) शुरू करवा सकते हैं। पहले साल की किस्तें आप भर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फायदा क्या होगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर हर महीने सिर्फ ₹1,000 की SIP भी 10 से 15 साल तक चलती रहे, तो कंपाउंडिंग की ताकत से यह रकम 5 से 8 लाख रुपए या उससे भी ज्यादा का मोटा फंड बन सकती है। यह पैसा उसकी हायर स्टडीज, बिजनेस या किसी बड़े सपने के काम आएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बहन को सोने की अंगूठी या चेन देने में भारी मेकिंग चार्ज और लॉकर में रखने का डर रहता है। इसकी जगह आप उसे 'डिजिटल गोल्ड' या 'गोल्ड ETF' गिफ्ट कर सकते हैं। यह उनके फ्यूचर में काफी काम आ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फायदा क्या होगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसे आप किसी भी भरोसेमंद ऐप से सिर्फ 100 या 500 रुपए से भी खरीद सकते हैं। इसमें 24 कैरेट शुद्धता मिलती है, कोई चोरी का डर नहीं होता और जब भी जरूरत हो, इसे मार्केट रेट पर 1 मिनट में बेचकर कैश में बदला जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बहन के नाम बैंक FD&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, तो बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सबसे सेफ और आजमाया हुआ तरीका है। इसमें फिक्स पैसा जमा करने पर बिना रिस्क लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फायदा क्या होगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एकमुश्त ₹10,000, ₹25,000 या ₹50,000 की FD बहन के नाम पर 3 से 5 साल के लिए करा दें। बैंकों में इस समय फिक्स डिपॉजिट पर 7% से 8% तक का अच्छा ब्याज मिल रहा है। समय पूरा होने पर गारंटीड रिटर्न के साथ उसे एकमुश्त पैसा मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीमारी कभी बताकर नहीं आती और आज के समय में अस्पताल का खर्च किसी की भी जेब खाली कर सकता है। रक्षाबंधन पर भाई का सबसे सच्चा वादा सुरक्षा का होता है और एक अच्छी हेल्थ पॉलिसी इस वादे को सच साबित करती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;फायदा क्या होगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप अपनी बहन के लिए 5 लाख या 10 लाख का एक इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं और उसका सालाना प्रीमियम खुद भर सकते हैं। किसी भी इमरजेंसी में यह कवर उसे मेडिकल बिलों के भारी तनाव से बचाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रक्षाबंधन पर गिफ्ट देते समय रखें इन 2 बातों का ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट को शुरू करने के लिए बहन का पैन कार्ड और बैंक डिटेल्स जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी, इसलिए प्रॉसेस पहले से समझ लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गिफ्ट देने के साथ बहन को यह भी समझाएं कि यह पैसा उसके खुद के भविष्य और आत्मनिर्भर बनने के लिए है, ताकि वह आगे चलकर इसे खुद भी जारी रख सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ वित्तीय जागरूकता और सामान्य सुझाव के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के निवेश जोखिमों के अधीन हैं। किसी भी स्कीम में निवेश करने या इंश्योरेंस पॉलिसी लेने से पहले संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/rakhi-gifts-best-financial-gifts-for-sister-mutual-fund-sip-gold-etf-articleshow-8caz2dk"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[8th Pay Commission: 15 नहीं, अब 11 साल में बहाल होगी पूरी पेंशन? जानिए ₹6.72 लाख के फायदे का गणित]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/8th-pay-commission-commuted-pension-restoration-11-years-calculation-benefits-articleshow-8o9dxpf</link>
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            <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 13:40:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;8वें वेतन आयोग से पेंशन कम्यूटेशन की 15 साल की अवधि घटाकर 11 साल करने की मांग की गई है। जानिए ₹35,000 बेसिक पेंशन पर ₹6.72 लाख के सीधे फायदे का पूरा कैलकुलेशन।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01jxmfq69myggxtzj2ekamctw9,imgname-8th-pay-commission-1749813008692.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Pension Commutation: &lt;/strong&gt;केंद्र सरकार के लाखों पेंशनर्स और कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और पेंशनर यूनियनों ने सरकार से मांग की है कि रिटायरमेंट के समय कम्यूट (बेची गई) की गई पेंशन को 15 साल के बजाय 10 से 12 साल (मुख्य रूप से 11 साल) में पूरी तरह बहाल किया जाए। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि 15 साल में पेंशन बहाली का मौजूदा नियम 4 दशक से भी ज्यादा पुराना है, जिसकी वजह से सरकार पेंशनर्स से मूल रकम और ब्याज से कहीं ज्यादा पैसा वसूल कर रही है। आइए समझते हैं कि कम्यूटेड पेंशन क्या है और 11 साल का नियम लागू होने पर एक पेंशनर को ₹6.72 लाख तक का फायदा कैसे होगा...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेंशन कम्यूटेशन क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन कम्यूटेशन) रूल्स, 1981 के नियम 10A के तहत कोई भी केंद्रीय कर्मचारी रिटायरमेंट के समय अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40% हिस्सा एकमुश्त (Lump Sum) ले सकता है। एकमुश्त रकम मिलने के बदले में अगले 15 साल तक कर्मचारी की हर महीने की पेंशन से वह 40% हिस्सा काटा जाता है। 15 साल (180 महीने) पूरे होने के बाद पेंशनर को फिर से पूरी 100% पेंशन मिलने लगती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;15 साल का नियम क्यों विवादों में है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संगठनों का कहना है कि सरकार जो एकमुश्त पैसा देती है, उसकी ब्याज समेत पूरी रिकवरी 10 से 11 साल में ही हो जाती है। इसके बावजूद अगले 4 से 5 साल तक पेंशन काटना बुजुर्ग पेंशनर्स के साथ अन्याय है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किस संगठन ने कितने साल में बहाली की मांग रखी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;11 साल में बहाली:&lt;/strong&gt; नेशनल काउंसिल ऑफ JCM (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन (AIDEF), फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) और भारत पेंशनर्स समाज ने 11 साल में बहाली की सिफारिश की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 साल में बहाली:&lt;/strong&gt; ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉईज फेडरेशन ने इसे घटाकर 10 साल करने की मांग की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;12 साल में बहाली: &lt;/strong&gt;इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 12 साल का सुझाव दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;₹6.72 लाख के फायदे का कैलकुलेशन क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत पेंशनर्स समाज ने एक कैलकुलेशन के जरिए समझाया है कि 15 साल की जगह 11 साल का नियम बनने से पेंशनर्स को कितना बड़ा वित्तीय फायदा होगा। मान लीजिए मंथली बेसिक पेंशन ₹35,000 है। कम्यूट किया गया 40% हिस्सा ₹14,000 महीने का बनता है। हर महीने मिलने वाली घटी हुई पेंशन ₹21,000 प्रति माह होती है।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;thead&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;th&gt;पैमाना&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;मौजूदा 15 साल का नियम&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;प्रस्तावित 11 साल का नियम&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;पेंशनर को सीधा फायदा&lt;/th&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/thead&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कटौती की कुल अवधि&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;180 महीने (15 साल)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;132 महीने (11 साल)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;48 महीने (4 साल) कम कटौती&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कुल काटी जाने वाली रक&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹25.20 लाख&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹18.48 लाख&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹6.72 लाख की बचत&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;पूरी पेंशन बहाली की उम्र&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;75 वर्ष की उम्र में&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;71 वर्ष की उम्र में&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;4 साल पहले 100% पेंशन शुरू&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;यानी 11 साल का नियम लागू होते ही 60 की उम्र में रिटायर हुए पेंशनर की 71 वर्ष की उम्र में ही पूरी पेंशन शुरू हो जाएगी और उनके बैंक खाते में कटने से बचे ₹6,72,000 का लाभ मिल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;40 साल पुराने फॉर्मूले में बदलाव क्यों जरूरी है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NC-JCM और भारत पेंशनर्स समाज के अनुसार, 1980 के दशक के मुकाबले आज देश की वित्तीय और जनसांख्यिकीय स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। 1986 में बैंक ब्याज दरें 12% से 13% हुआ करती थीं, जो अब घटकर 6% से 7% के दायरे में आ गई हैं। कम ब्याज दर के कारण लोन की रिकवरी तेजी से पूरी होती है। बेहतर मेडिकल सुविधाओं के कारण लोगों की लाइफ एक्सपेक्टेंसी (औसत उम्)र बढ़ी है, लेकिन पुराने कम्यूटेशन टेबल को आज के वास्तविक रिस्क पैरामीटर्स के आधार पर अपडेट नहीं किया गया है। फॉर्मूले के अनुसार, अगर 61 साल का पेंशनर ₹100 की मंथली पेंशन कम्यूट करता है, तो उसे ₹9,833 एकमुश्त मिलते हैं। 10 साल में उसकी पेंशन से ₹12,000 कट जाते हैं, जिससे मूल और वाजिब ब्याज पूरा वसूल हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आगे क्या होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग से सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल्स, 1981 के नियम 10A की समीक्षा करने और नए वित्तीय डेटा के आधार पर कम्यूटेशन टेबल को संशोधित करने का औपचारिक अनुरोध किया है। जब तक 8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंपता और केंद्र सरकार इसे आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं करती, तब तक मौजूदा 15 साल का नियम ही लागू रहेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[लोन की EMI नहीं भरी तो क्या होगा? फोन लॉक से बैंक की धमकी तक जानिए RBI के 6 बड़े बदलाव]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/rbi-new-loan-recovery-rules-emi-default-rights-device-lock-guidelines-articleshow-c7gupa7</link>
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            <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 15:26:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Loan EMI Default Rules: &lt;/strong&gt;लोन की किस्त बाउंस होने पर बैंक क्या कर सकता है और क्या नहीं? जानिए फोन लॉक, डेटा प्राइवेसी और रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर RBI के नए नियम।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;RBI Loan Recovery New Guidelines:&lt;/strong&gt; स्मार्टफोन हो, घर का सामान या पर्सनल जरूरत, आज के समय में ऑनलाइन लोन या आसान किस्तों (EMI) पर चीजें लेना बेहद आम हो चुका है। लेकिन अगर नौकरी छूटने, बीमारी या किसी मजबूरी के चलते आपकी किस्त अटक जाए, तो अक्सर देखा गया है कि रिकवरी एजेंट डराने-धमकाने लगते हैं। RBI ने ऐसी हरकतों पर पूरी तरह लगाम कस दी है। 1 जनवरी, 2027 से नए नियम लागू होंगे। इसके बाद बैंक या रिकवरी एजेंट की मनमानी रूक जाएगी और वे घर बदसलूकी भी नहीं कर पाएंगे। आइए जानते हैं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी के क्या सख्त नियम तय किए हैं&amp;gt; लोन न चुका पाने पर आपके क्या अधिकार हैं और बैंक क्या कर सकते हैं क्या नहीं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोन न चुकाने पर अब नहीं चलेगी वसूली की मनमानी&lt;/h2&gt;&lt;ol&gt; &lt;li&gt;नए नियम आने के बाद बैंक या लोन ऐप अब दूर बैठे आपका स्मार्टफोन ब्लॉक नहीं कर सकेंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके मोबाइल में मौजूद पर्सनल फोटो, SMS, लोकेशन या फोनबुक के कॉन्टैक्ट्स का इस्तेमाल वसूली के दबाव के लिए नहीं किया जा सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक एजेंट आपके परिवार, दोस्तों या दफ्तर के साथियों को फोन करके आपको बदनाम या परेशान नहीं कर सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक अब आपको दिनभर बार-बार कॉल करके परेशान नहीं कर सकते। उन्हें हर बातचीत का रिकॉर्ड रखना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक किसी भी ग्राहक के साथ गाली-गलौज या धमकाने या बदसलूकी नहीं कर पाएंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर आपने फोन या लैपटॉप ही किस्त पर लिया है, तब भी डिफॉल्ट होने पर बैंक बिना पहले नोटिस दिए कार्रवाई नहीं कर सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ol&gt;&lt;h2&gt;डिवाइस पर रोक लगी, तो भी ये जरूरी सुविधाएं चालू रहेंगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर कोई गैजेट लोन पर ही खरीदा गया है और बैंक एग्रीमेंट की शर्तों के तहत उस पर तकनीकी रोक लगाता है, तब भी कुछ चीजें चालू रहेंगी। ऐसी कंडीशन में..&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इमरजेंसी SOS अलर्ट चालू रहेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकारी और पब्लिक सेफ्टी नोटिफिकेशन्स मिलते रहेंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इनकमिंग कॉल्स पर कोई रोक नहीं होगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद नहीं की जा सकेगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;ये नए नियम किन-किन लोन पर लागू होंगे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नया नियम RBI के दायरे में आने वाले सभी सरकारी-प्राइवेट बैंकों, NBFCs और डिजिटल लेंडिंग ऐप्स पर लागू होगी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पर्सनल लोन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कार या ऑटो लोन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होम लोन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एजुकेशन लोन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गोल्ड लोन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;EMI पर खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य सामान&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;क्या किस्त न भरने पर बैंक कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;RBI के दिशा-निर्देश के अनुसार, कस्टमर से सम्मान के साथ पेश आना होगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपकी कर्ज माफ कर दी जाएगी। अगर किस्त लगातार नहीं भरी जाती है, तो बैंक कानूनी दायरे में रहकर कुछ कदम उठा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;EMI न भरने पर बैंक क्या-क्या एक्शन ले सकते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले आपको भुगतान के लिए रिमाइंडर मैसेज और फोन कॉल किए जाएंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रजिस्टर्ड और तय नियमों का पालन करने वाले रिकवरी एजेंट नियुक्त किए जा सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;किस्त न चुकाने की रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL) को भेजी जाएगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक कानूनी नोटिस भेजकर कोर्ट के जरिए रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;क्या बैंक आपकी कार या मकान जब्त कर सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपने होम लोन या कार लोन लिया है (जो संपत्ति गिरवी रखकर मिलता है), तो लगातार डिफॉल्ट पर बैंक कानूनी नोटिस देकर संपत्ति पर कार्रवाई कर सकता है। लेकिन पर्सनल लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन में बैंक सीधे आपके घर या सामान पर दावा नहीं कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किस्त न चुकाने पर ग्राहक का क्या नुकसान होता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खराब CIBIL स्कोर: &lt;/strong&gt;सिबिल स्कोर खराब होते ही भविष्य में किसी भी बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना नामुमकिन हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पेनल्टी और ब्याज का बोझ: &lt;/strong&gt;हर मिस हुई किस्त पर लेट फीस, पेनल्टी और एक्स्ट्रा ब्याज जुड़ने से कर्ज का बोझ बढ़ जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लीगल नोटिस का झंझट: &lt;/strong&gt;लगातार डिफॉल्ट होने पर कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोन लेते समय इन 5 बातों का ध्यान रखें&lt;/h2&gt;&lt;ol&gt; &lt;li&gt;अपनी कमाई और बजट देखकर ही उतना लोन लें, जिसकी किस्त हर महीने आसानी से भर सकें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;साइन करने से पहले ब्याज दर, लेट फीस और रिकवरी की सभी शर्तों को ठीक से समझें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर किसी महीने पैसे की तंगी हो, तो फोन बंद करने के बजाय खुद बैंक शाखा जाकर रीपेमेंट का समय या रीस्ट्रक्चरिंग की बात करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक के किसी भी ऑफिशियल रिमाइंडर या नोटिस का समय पर जवाब दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अपना क्रेडिट स्कोर (CIBIL) समय-समय पर चेक करते रहें।&lt;/li&gt;&lt;/ol&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[HDFC Bank Share Price: 52 वीक लो पर आया शेयर, अब खरीदें या बेचें? जानिए US केस के बीच ब्रोकरेज की राय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/hdfc-bank-share-price-52-week-low-us-lawsuit-buy-or-sell-brokerage-view-articleshow-dg7zulf</link>
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            <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 12:53:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;HDFC Bank Share Price Today:&lt;/strong&gt; देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयर 52-वीक लो ₹714 पर आ गया है। अमेरिका में मुकदमे और ₹45 करोड़ विवाद के बीच जानिए ब्रोकरेज की राय।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxyye5ya724ers2gxg0ntpfh,imgname-hdfc-bank-share-1784523724746.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;HDFC Bank Share News: &lt;/strong&gt;देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक के शेयरों में गुरुवार 27 अगस्त को भारी बिकवाली देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर शेयर करीब 1.8% गिरकर अपने 52-हफ्ते के नए लो लेवल ₹714.30 पर पहुंच गया। पिछले एक साल में अपने ₹1,020.50 के हाई से यह शेयर करीब 28% से ज्यादा टूट चुका है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका में बैंक और उसके टॉप मैनेजमेंट के खिलाफ दर्ज हुआ एक क्लास-एक्शन मुकदमा (Securities Class-Action Lawsuit) है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और क्या मौजूदा भाव पर निवेशकों को खरीदारी करनी चाहिए या शेयर बेचकर निकल जाना चाहिए...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिकी कोर्ट में क्या है मामला?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;₹45 करोड़ का विवाद समझिए अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क) में शेयरहोल्डर्स की तरफ से यह मुकदमा दायर किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि HDFC बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) से भारी डिपॉजिट हासिल करने के लिए करीब ₹45 करोड़ का एक्स्ट्रा ब्याज दिया। आरोप के मुताबिक, इस रकम को सीधे ब्याज के बजाय रोड सेफ्टी कैंपेन के 'मार्केटिंग और स्पॉन्सरशिप खर्च' के रूप में दिखाया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;HDFC बैंक का रुख क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;HDFC बैंक ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद (Without Merit) बताया है। बैंक का कहना है कि अमेरिका में जब भी किसी कंपनी के शेयर गिरते हैं, तो ऐसे मुकदमों का दायर होना बहुत सामान्य है। बैंक अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;HDFC Bank की फाइनेंशियल सेहत क्या वाकई बिगड़ी है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शेयर में आई इस गिरावट के बीच बैंक के वित्तीय आंकड़े (Financial Health) एक अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं:&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY27) में बैंक का नेट प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़ रहा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक की शुद्ध ब्याज आय यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 7% बढ़कर ₹33,534 करोड़ पर पहुंच गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) सुधरकर 1.17% पर आ गया है, जो देश के बड़े बैंकों में सबसे बेहतर माना जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गिरावट के बाद बैंक का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो घटकर करीब 13.9 पर आ गया है, जो इसके ऐतिहासिक औसत से काफी सस्ता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;HDFC Share: अब खरीदें, बेचें या होल्ड करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाजार के जानकारों और ब्रोकरेज एनालिस्ट्स के मुताबिक, मौजूदा हालात को दो नजरियों से देखा जा सकता है। पहला शॉर्ट टर्म और दूसरा लॉन्ग टर्म। जब तक अमेरिकी मुकदमे और सेंटिमेंटल दबाव का असर खत्म नहीं होता, शेयर में थोड़ा और उतार-चढ़ाव रह सकता है। शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को ₹710-₹700 के लेवल पर नजर रखनी चाहिए। अगर यह लेवल टूटता है, तो थोड़ी और कमजोरी दिख सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ब्रोकरेज एनालिस्ट्स के अनुसार, HDFC बैंक जैसी दिग्गज कंपनी का ₹715 के आसपास ट्रेड करना लॉन्ग-टर्म वैल्यू इन्वेस्टर्स के लिए एक आकर्षक मौका बन सकता है। बैंक का क्रेडिट ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मार्केट शेयर बेहद मजबूत हैं। यूएस मुकदमे अक्सर लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरते हैं और इनका असर बैंक के कोर बिजनेस पर तुरंत नहीं पड़ता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;HDFC Bank Share: निवेश की रणनीति&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ब्रोकरेज एनालिस्ट्स के मुताबिक, एकमुश्त बड़ा पैसा लगाने से बचें यानी पूरा फंड एक साथ न लगाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;SIP या चरणों (Tranches) में खरीदारी कर सकते हैं। हर 2-3% की गिरावट पर धीरे-धीरे एक्युमुलेट (Accumulate) करने की रणनीति अपना सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कम से कम 2 से 3 साल के नजरिए से ही एंट्री बनाएं, ताकि शॉर्ट-टर्म खबरों के असर से बचा जा सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर:&lt;/strong&gt; यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Highest Paying Jobs: IT की नौकरी छोड़िए! बेंगलुरु में ये 5 'धंधे' करवा रहे धुंआधार इनकम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/viral-post-reveals-bengalurus-real-highest-paying-jobs-sparks-debate-articleshow-fc9x5lc</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 08:37:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरु में महंगे जीवन पर एक वायरल पोस्ट ने रियल एस्टेट की लूट को उजागर किया है। इसमें मकान व PG मालिकों और ब्रोकर्स को सबसे ज्यादा कमाने वाला बताया गया है, जबकि IT पेशेवर संघर्ष कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m11065bqk006t1ct9bxwprdr,imgname-highest-paying-jobs-in-bengaluru-1787813893495.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बेंगलुरु:&lt;/strong&gt; भारत की 'आईटी राजधानी' और 'सिलिकॉन वैली' कहे जाने वाले बेंगलुरु में रियल एस्टेट की लूट और महंगे रहन-सहन को लेकर एक कंटेंट क्रिएटर साक्षी की पोस्ट सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त वायरल हो रही है। साक्षी ने X (पहले ट्विटर) और रेडिट पर बेंगलुरु में सबसे ज़्यादा सैलरी वाली 'नौकरियों' की एक मज़ेदार लिस्ट शेयर की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;साक्षी की लिस्ट में ये हैं 5 सबसे ज़्यादा कमाई वाले &lsquo;काम&rsquo;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पीजी (PG) मालिक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सिगरेट (गुमटी) की दुकान के मालिक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बेंगलुरु में मकान मालिक (लैंडलॉर्ड)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वॉटर टैंकर के मालिक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रियल एस्टेट ब्रोकर&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पीजी का खेल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;साक्षी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि कैसे पीजी मालिक एक कमरे में तीन लोगों को रखते हैं और हर किसी से 10,000 से 15,000 रुपये वसूलते हैं। वे खुद फ्लैट के लिए 40,000 रुपये किराया देते हैं, लेकिन हर महीने 1 से 1।5 लाख रुपये का मुनाफा कमाते हैं। साक्षी ने मज़ाकिया अंदाज़ में यह भी बताया कि कैसे मकान मालिक किराएदारों की परेशानियों की परवाह किए बिना ज़्यादा से ज़्यादा किराया वसूलते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;रियल एस्टेट ब्रोकर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;पोस्ट के मुताबिक, रियल एस्टेट ब्रोकर आपको ऐसे फ्लैट दिखाते हैं जहां या तो पानी टपकता है या चूहों का आतंक होता है। वे कहते हैं कि फ्लैट 'मेट्रो से वॉकिंग डिस्टेंस' पर है, लेकिन असल में वह 5 किलोमीटर दूर होता है। फिर भी, हालात ऐसे बन जाते हैं कि आपको वही फ्लैट लेना पड़ता है। आखिर में, आपको और मकान मालिक, दोनों को मिलकर उन्हें एक महीने का किराया कमीशन के तौर पर देना पड़ता है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;वॉटर टैंकर मालिक&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;बेंगलुरु में पानी की किल्लत अक्सर बनी रहती है। वॉटर टैंकर मालिक इसी का फायदा उठाते हैं। वे एक टैंकर पानी के लिए 1200 से 1500 रुपये तक चार्ज करते हैं। दिन में कई चक्कर लगाकर वॉटर टैंकर मालिक अच्छी-खासी कमाई कर लेते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;और बेचारे आईटी प्रोफेशनल्स&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;साक्षी ने आईटी सेक्टर में काम करने वालों की हालत पर तंज कसते हुए लिखा, &quot;और इन सबके बीच, सॉफ्टवेयर इंजीनियर रात के 2 बजे DSA के सवाल सॉल्व कर रहे होते हैं, इस उम्मीद में कि उनकी सैलरी थोड़ी बढ़ जाएगी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;I analysed the Indian job market and here are the highest paying careers right now:1। PG Owner:This guy has 3 people packed into one room paying ₹10k&ndash;15k each।He&rsquo;s probably paying ₹40k rent for the flat and making ₹1&ndash;1।5 lakhs from it।2। Sutta Shop Owner:Thousands of&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sakshi (@Sakshi50038) 25 अगस्त, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया यूजर्स कह रहे हैं कि साक्षी की बातें बिल्कुल सच हैं। एक यूजर ने सवाल उठाया, &quot;नौकरी बचाने के लिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को यूरोप और अमेरिका के कर्मचारियों के लेवल पर काम करना पड़ता है। लेकिन लिस्ट में 1 से 5 नंबर पर मौजूद लोग जो सर्विस देते हैं, उसकी क्वालिटी क्या है?&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक अन्य यूजर ने लिखा, &quot;लिस्ट में 1, 3 और 5 नंबर वाले तो असली माफिया हैं। यह बहुत गहराई तक फैला हुआ है। कोविड के दौरान पता चला कि वर्क फ्रॉम होम मुमकिन है, अब AI की लहर भी आ गई है। फिर भी आईटी ऑफिस दूसरी जगह शिफ्ट नहीं हो पा रहे। यह इंसानों की बनाई समस्या है जिसे AI भी हल नहीं कर सकता।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुल मिलाकर, साक्षी की इस वायरल पोस्ट ने बेंगलुरु के टेक कर्मचारियों और छात्रों के सामने आने वाली महंगी ज़िंदगी और रियल एस्टेट की लूट पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[सुबह-सुबह महंगाई का बड़ा झटका! दिल्ली में CNG की कीमत ₹3.89 kg बढ़ी, जानें नई कीमत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/cng-price-today-delhi-igl-hikes-cng-rate-per-kg-check-new-cng-rates-articleshow-i8pvrpc</link>
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            <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 06:53:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CNG Price Hike: &lt;/strong&gt;दिल्ली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी की कीमतों में ₹3.89 किलो की बढ़ोतरी कर दी है। नए रेट्स शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो गए हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k134z9ch9cjjfft66fddd7qg,imgname-cng-1753526281617.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CNG Price Hike in Delhi Today: &lt;/strong&gt;दिल्ली-एनसीआर में गाड़ी चलाने वालों और रोजाना सफर करने वाले आम लोगों को शनिवार सुबह महंगाई का बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने राजधानी दिल्ली में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की रिटेल कीमतों में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी कर दी है। सीएनजी की ये नई कीमतें शनिवार सुबह 6 बजे से पूरे दिल्ली सर्कल में लागू हो गई हैं। जानिए दिल्ली में अब 1 किलो सीएनजी का नया रेट और दाम बढ़ने की असली वजह...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली में CNG का नया रेट क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कीमतों में इस बड़े बदलाव के बाद दिल्ली में सीएनजी के दाम ₹83 से बढ़कर ₹87 के करीब पहुंच गए हैं, जो पहले ₹83.09 प्रति किलोग्राम था। प्रति किलोग्राम सीएनजी ₹3.89 महंगी हुई है। अब 1 किलो सीएनजी का नया रेट ₹86.98 हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CNG के दाम अचानक क्यों बढ़ाने पड़े?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आईजीएल (IGL) के अनुसार, ग्लोबल लेवल पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कीमतों में आई भारी तेजी के चलते घरेलू स्तर पर रेट बढ़ाना मजबूरी बन गया था। कंपनी ने रेट बढ़ाने के पीछे कई वजहें बताई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मिडिल ईस्ट संकट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पश्चिम एशिया में तनाव दोबारा बढ़ने की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले एलएनजी कार्गो मूवमेंट पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते जुलाई से अब तक वैश्विक स्तर पर एलएनजी की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ग्लोबल मार्केट में 100% से ज्यादा उछाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यूरोपीय TTF गैस की कीमतें फरवरी के अंत में 11.36 डॉलर प्रति MMBTU थीं, जो 27 अगस्त तक 105% बढ़कर 23.35 डॉलर प्रति MMBTU पहुंच गईं। एशियन JKM LNG कीमतें 10.99 डॉलर प्रति MMBTU से 113% बढ़कर 23.41 डॉलर प्रति MMBTU हो गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;घरेलू मांग में इजाफा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के आर्थिक विकास और गाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण सीएनजी की खपत में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए आईजीएल को स्पॉट मार्केट से महंगी एलएनजी आयात करनी पड़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यूरोप में विंटर स्टोरेज की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सर्दियों के मौसम से पहले यूरोप में नेचुरल गैस स्टोरेज की मांग में तेजी आने से भी सप्लाई पर दबाव बढ़ा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीएनजी महंगी होने से क्या ऑटो-कैब का किराया भी बढ़ेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में सीएनजी के दाम सीधे तौर पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट, ऑटो, टैक्सी और डिलीवरी गाड़ियों की लागत को प्रभावित करते हैं। सीएनजी ₹86.98 प्रति किलो होने के बाद अब ट्रांसपोर्ट यूनियनों की तरफ से किराया बढ़ाने की मांग उठ सकती है, जिसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, कंपनी का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की तुलना में सीएनजी अब भी ग्राहकों के लिए सबसे किफायती, स्वच्छ और भरोसेमंद ऑप्शन बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IGL का नेटवर्क कितना बड़ा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आईजीएल के पास 30,000 किलोमीटर से ज्यादा का मजबूत पाइपलाइन नेटवर्क है। कंपनी के 1,000 से ज्यादा CNG स्टेशन चालू हैं। दिल्ली-एनसीआर में 21 लाख से अधिक गाड़ियों को सीएनजी और करीब 35 लाख घरों को पीएनजी (PNG) सप्लाई की जाती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Fuel Prices: कच्चे तेल में नरमी, पर क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ? जानें आज के रेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/fuel-prices-today-check-latest-petrol-diesel-rates-in-your-city-after-crude-oil-dips-articleshow-kkdattv</link>
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            <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 08:15:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Crude Oil Price: &lt;/strong&gt;बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतें 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर रहीं. दुनिया भर में चल रहे राजनीतिक तनाव की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Crude Oil Price Today: &lt;/strong&gt;बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा हलचल नहीं दिखी. ब्रेंट क्रूड का भाव 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही बना रहा. इसकी वजह दुनिया भर में चल रहा राजनीतिक तनाव है, जिससे एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है. ब्रेंट क्रूड वायदा 0.23% गिरकर 85.55 डॉलर प्रति बैरल पर था. इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई थी. यह गिरावट तब आई जब अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.9% लुढ़ककर 88.58 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3.1% गिरकर 82.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस हफ्ते ग्लोबल ऑयल मार्केट में कीमतों में 5% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अमेरिकी सरकार ने ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाली कंपनियों पर नए सिरे से कई प्रतिबंध लगा दिए हैं.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कच्चे तेल की कीमतों में इस तेज उतार-चढ़ाव का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है. भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो इससे देश का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है और महंगाई का दबाव भी तेज हो सकता है. ऐसे में देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बदलाव की संभावना बन सकती है.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आज पेट्रोल और डीजल के दाम: जानिए शहरों के हिसाब से रेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पेट्रोल (रुपये/लीटर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;डीजल (रुपये/लीटर)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;नई दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 102.12/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 95.20/लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 111.12/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 97.78 लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 107.75/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 99.57/लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 113.43/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 99.78/लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;हैदराबाद&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 115.69/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 103.82/लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बेंगलुरु&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 110.93/लीटर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹ 98.79/लीटर&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ईंधन की कीमतें कैसे तय होती हैं?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम तय करने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें सबसे अहम तो हैं, लेकिन सिर्फ यही एक वजह नहीं है. जब आप पंप पर तेल भरवाते हैं, तो उसकी कीमत कई और चीजों से भी तय होती है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग का खर्च, ढुलाई और डिस्ट्रिब्यूशन का खर्च, और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत का भी असर पड़ता है. इन सभी फैक्टर्स को मिलाकर ही यह तय होता है कि ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में बदलाव का असर आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा.&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें दिल्ली-मुंबई समेत 6 बड़े शहरों में क्या है भाव]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/fuel-prices-unchanged-on-august-28-check-latest-petrol-and-diesel-rates-in-your-city-articleshow-n2unakc</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 07:59:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Price Today: &lt;/strong&gt;28 अगस्त 2026 को भारत के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। ये दाम 25 मई को हुई बढ़ोतरी के बाद से ही स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर है। लिस्ट में शामिल शहरों में हैदराबाद सबसे महंगा है, जहां पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kmn4k9hys53j1fzy7vh6f85f,imgname-untitled-design--42--1774530963006.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Petrol Diesel Price Today 28 August 2026: &lt;/strong&gt;सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने 28 अगस्त 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। आज भी कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है और देश के ज्यादातर बड़े शहरों में दाम स्थिर बने हुए हैं। मौजूदा कीमतें 25 मई को हुए बदलाव के बाद से ही लागू हैं। उस दिन पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गाड़ी चलाने वालों के लिए, दिल्ली में पेट्रोल अब भी 100 रुपये के पार है। यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये और डीजल की कीमत 95.20 रुपये है। वहीं, मुंबई देश के सबसे महंगे महानगरों में से एक बना हुआ है, जहां पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस लिस्ट में शामिल छह शहरों में हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा है। यहां एक लीटर पेट्रोल 115.69 रुपये का है, जबकि डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। इस तरह, हैदराबाद इस लिस्ट का इकलौता शहर है जहां डीजल भी 100 रुपये प्रति लीटर के पार है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किस शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का दाम?&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शहर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पेट्रोल (रुपये/लीटर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;डीजल (रुपये/लीटर)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;दिल्ली&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;102.12 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;95.20 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मुंबई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;111.21 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;97.83 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;कोलकाता&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;113.51 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;99.82 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;चेन्नई&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;107.76 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;99.55 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बेंगलुरु&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;111.68 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;99.56 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;हैदराबाद&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;115.69 रुपये&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;103.82 रुपये&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;ईंधन की कीमतें कई चीजों पर निर्भर करती हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, रुपया-डॉलर का एक्सचेंज रेट, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, ट्रांसपोर्ट का खर्च और स्थानीय डिमांड-सप्लाई शामिल हैं। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए दुनिया भर में तेल की कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू दामों पर पड़ता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कीमतों पर यह नया अपडेट ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के ताजा दौर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से शिपिंग गतिविधि फिर से शुरू होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गाड़ी चलाने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में टैक्स और दूसरे स्थानीय शुल्कों की वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग हो सकते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े आज के अपडेट के अनुसार प्रमुख शहरों के रेट हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[8th Pay Commission: ₹18000 से सीधे ₹72000 होगी बेसिक सैलरी? जानिए फिटमेंट फैक्टर पर नया अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/8th-pay-commission-fitment-factor-proposals-minimum-basic-pay-hike-articleshow-pz3m0hb</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 12:55:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Update: &lt;/strong&gt;क्या केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹72,000 होगी? जानें 3.61 से 4.00 फिटमेंट फैक्टर के प्रस्ताव और ताजा अपडेट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kmpn1z873712nhnba8gp9wgr,imgname-8th-pay-commission-timeline-salary-hike-arrears-fitment-factor-central-government-employees-pension-update-india-3-1774581775623.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Fitment Factor:&lt;/strong&gt; केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं अब तेज हो गई हैं। 3 नवंबर 2025 को गठित हुए इस आयोग को काम करते हुए 10 महीने पूरे हो रहे हैं। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बना यह पैनल आने वाले महीनों में जयपुर, चंडीगढ़, पुडुचेरी और बेंगलुरु जैसे शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ अहम बैठकें करने जा रहा है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है, जिसके आधार पर तय होगा कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन में कितना इजाफा होगा। आइए जानते हैं कि न्यूनतम बेसिक पे को लेकर कर्मचारी यूनियनों ने क्या मांग रखी है, इस पर अंतिम फैसला कब तक आ सकता है और क्या सच में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से ₹72,000 हो जाएगी...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फिटमेंट फैक्टर क्या है और यह क्यों जरूरी है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (Multiplier) होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। 6वें वेतन आयोग (6th Pay Commission) में 1.86 फिटमेंट फैक्टर तय हुआ था। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;8वें वेतन आयोग में कितने फिटमेंट फैक्टर की मांग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;8वें वेतन आयोग में बढ़ती महंगाई, जीवनयापन (Livelihood) और मेडिकल खर्चों को देखते हुए कर्मचारी यूनियनें इस बार 3.61 से लेकर 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। अलग-अलग संगठनों ने सरकार के सामने अपनी जरूरत के हिसाब से आंकड़े रखे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कर्मचारी यूनियनों के 3 बड़े प्रस्ताव, किसकी क्या मांग?&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;thead&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;th&gt;कर्मचारी संगठन / यूनियन&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;लेवल-1 की संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी&lt;/th&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/thead&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;MSA (Survey of India)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;3.61&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;करीब ₹65,000 (₹64,980)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;NCJCM Staff Side &amp;amp; BPS&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;3.833&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;करीब ₹69,000&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;BPMS&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;4.00&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹72,000&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;न्यूनतम सैलरी ₹72,000 कैसे होगी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर 3.61 का फॉर्मूला लागू होता है तो लेवल-1 की बेसिक सैलरी ₹65,000 के आसपास पहुंचेगी, जबकि 4.00 का फैक्टर लागू होने पर यह सीधे ₹72,000 हो जाएगी। यानी इन दोनों प्रस्तावों के बीच ही हर महीने करीब ₹7,020 की बेसिक पे का फर्क है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नहीं, यह समझना बहुत जरूरी है कि ₹65,000, ₹69,000 या ₹72,000 के आंकड़े अभी सिर्फ कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव (Demands) हैं, सरकार का अंतिम फैसला नहीं। कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। आयोग अपनी अंतिम सिफारिशों की रिपोर्ट मई-जून 2027 तक सरकार को सौंप सकता है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही केंद्रीय कैबिनेट तय करेगी कि कर्मचारियों को वास्तव में कितना फिटमेंट फैक्टर मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेंशनर्स और भत्तों पर क्या असर पड़ेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बेसिक सैलरी में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का सीधा फायदा सिर्फ सेवारत कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स को भी मिलेगा। बेसिक पे बढ़ते ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ग्रेच्युटी और पेंशन रिवीजन की रकम में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी होगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/8th-pay-commission-fitment-factor-proposals-minimum-basic-pay-hike-articleshow-pz3m0hb"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Gold Price: सोने की कीमतों ने माइनिंग कंपनियों की कर दी चांदी, मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/gold-miners-rake-in-record-profits-as-high-prices-outshine-rising-costs-articleshow-tpbdcib</link>
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            <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 12:02:39 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gold Price 2026: &lt;/strong&gt;2026 की पहली तिमाही में सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने खनन की बढ़ती लागत को भी पीछे छोड़ दिया, जिससे कंपनियों को ज़बरदस्त मुनाफ़ा हुआ। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयल्टी बढ़ने से लागत 16% बढ़कर 1,785 डॉलर प्रति औंस हो गई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krmp6e6qbavpz2ch13xnxsxr,imgname-chatgpt-image-may-15--2026--07-34-22-am--1--1778810829014.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gold Mining Companies: &lt;/strong&gt;सोने की कीमतों में जारी तेजी का फायदा सिर्फ निवेशकों को ही नहीं, बल्कि दुनिया की गोल्ड माइनिंग कंपनियों को भी जमकर मिल रहा है। 2026 की पहली तिमाही में इन कंपनियों की कमाई और मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, महंगाई और दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद कंपनियों का मार्जिन और फ्री कैश फ्लो मजबूत रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gold Mining Cost: सोना निकालना हुआ महंगा, AISC 16% बढ़ा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिकॉर्ड कमाई के बीच गोल्ड माइनिंग कंपनियों के लिए लागत भी लगातार बढ़ रही है। WGC के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में सोने की All-In Sustaining Costs (AISC) सालाना आधार पर 16% और पिछली तिमाही के मुकाबले 5% बढ़कर 1,785 डॉलर प्रति औंस हो गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह लगातार 28वीं तिमाही है जब सोना निकालने की लागत में साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यानी सोने की कीमत भले ही तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन कंपनियों के लिए उसे जमीन से निकालने का खर्च भी कम नहीं हो रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gold Royalty: रिकॉर्ड कीमतों ने बढ़ाया सरकारों को मिलने वाला हिस्सा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोने की माइनिंग लागत बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में रॉयल्टी पेमेंट में हुई तेज बढ़ोतरी शामिल है। जनवरी में सोने की कीमत कुछ समय के लिए 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कीमत बढ़ने के साथ कंपनियों की बिक्री और कमाई बढ़ी, लेकिन सरकारों को दी जाने वाली रॉयल्टी भी बढ़ गई। WGC के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में रॉयल्टी खर्च पिछली तिमाही से 24% और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 85% ज्यादा रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2021 की पहली तिमाही में रॉयल्टी कुल माइनिंग लागत का करीब 6% थी। अब 2026 की पहली तिमाही में इसका हिस्सा बढ़कर 12% हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;West Africa Gold Mining: घाना और दूसरे देशों में बदले रॉयल्टी नियम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम अफ्रीका में बदले टैक्स नियम और &lsquo;रिसोर्स नेशनलिज्म&rsquo; ने भी गोल्ड माइनिंग कंपनियों की लागत बढ़ाई है। इसका मतलब है कि कई देश अपने प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली कमाई में सरकार का हिस्सा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घाना ने मार्च में नया रॉयल्टी सिस्टम लागू किया। इसके तहत सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने पर 12% तक रॉयल्टी देनी पड़ सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुर्किना फासो में 2025 में लागू किए गए सिस्टम के तहत 4,000 से 4,500 डॉलर प्रति औंस के बीच सोने की कीमत होने पर 10% रॉयल्टी लगती है। वहीं माली ने 2024 में 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर 9.5% की ऊंची रॉयल्टी दर लागू की थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IAMGOLD और Resolute Mining पर भी दिखा रॉयल्टी का असर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बढ़ी हुई रॉयल्टी का असर कंपनियों की लागत पर साफ नजर आ रहा है। WGC के मुताबिक, बुर्किना फासो स्थित IAMGOLD की Essakane खदान में रॉयल्टी खर्च पिछले साल के मुकाबले 220% बढ़ गया। अब यह कंपनी की कैश कॉस्ट का करीब 35% हिस्सा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Resolute Mining ने भी माना है कि उसकी Syama खदान में लागत बढ़ने की प्रमुख वजहों में रॉयल्टी शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gold Mining Profit: लागत बढ़ी, फिर भी रिकॉर्ड मार्जिन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिलचस्प बात यह है कि लागत बढ़ने के बावजूद गोल्ड माइनिंग कंपनियों का मार्जिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की औसत कीमतों में आई तेज उछाल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट के अनुसार, सोने की औसत कीमत पिछली तिमाही के मुकाबले 17% और सालाना आधार पर 70% बढ़ी। इसके चलते कंपनियों का औसत AISC मार्जिन पिछली तिमाही से 25% और पिछले साल की समान तिमाही से 134% बढ़कर 3,076 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Newmont Share Buyback: शेयरधारकों को भी मिला बड़ा फायदा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिकॉर्ड कमाई का फायदा कंपनियां अपने शेयरधारकों के साथ भी साझा कर रही हैं। डिविडेंड और शेयर बायबैक के जरिए निवेशकों को पैसा लौटाया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;WGC की रिपोर्ट के मुताबिक, Newmont ने रिकॉर्ड 3.1 अरब डॉलर का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करने के बाद शेयरधारकों को 2.7 अरब डॉलर लौटाए। इसके अलावा कंपनी ने 6 अरब डॉलर के अतिरिक्त शेयर बायबैक प्रोग्राम को भी मंजूरी दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, AngloGold Ashanti ने 1.2 अरब डॉलर का रिकॉर्ड फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब कर्ज की स्थिति से निकलकर नेट कैश वाली स्थिति में पहुंच गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gold Price Outlook: भू-राजनीतिक तनाव से लागत पर बढ़ सकता है दबाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर डाला है। ऊर्जा, माल ढुलाई और दूसरी जरूरी सेवाओं की लागत बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में थोक डीजल की कीमत 54% और पर्थ में 96% तक बढ़ी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, बड़ी गोल्ड माइनिंग कंपनियों पर इसका तत्काल असर सीमित रहा। इसकी वजह यह है कि कई कंपनियों ने हेजिंग, इन्वेंट्री और लंबी अवधि के खरीद समझौतों के जरिए बढ़ती लागत के जोखिम को कम किया हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gold Mining Outlook: दूसरी तिमाही में बढ़ सकता है लागत का असर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;WGC का अनुमान है कि माइनिंग कंपनियों की लागत आगे भी बढ़ सकती है। ईरान संघर्ष और उससे जुड़ी सप्लाई चेन की परेशानियों का पूरा असर 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों में ज्यादा साफ दिखाई दे सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही के अंत में लागत में हुई कई बढ़ोतरी का असर दूसरी तिमाही में ईंधन, माल ढुलाई और अन्य खर्चों पर दिखाई देगा। इससे कंपनियों के रिकॉर्ड मार्जिन पर आगे दबाव आने की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल, सोने की ऊंची कीमतें माइनिंग कंपनियों को मजबूत कमाई दे रही हैं। लेकिन बढ़ती रॉयल्टी, ईंधन खर्च और सप्लाई चेन की चुनौतियां आने वाली तिमाहियों में इस कमाई की तस्वीर बदल सकती हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/gold-miners-rake-in-record-profits-as-high-prices-outshine-rising-costs-articleshow-tpbdcib"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[LPG Gas Alert: क्या बंद हो जाएगा आपका गैस कनेक्शन? जानें सरकार का नया आदेश और KYC का बड़ा अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/lpg-gas-connection-booking-rules-new-kyc-update-composite-cylinder-articleshow-wtsg4z7</link>
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            <pubDate>Fri, 28 Aug 2026 10:25:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;LPG Gas Connection Rules: &lt;/strong&gt;क्या आपका गैस कनेक्शन कट सकता है? जानिए नए 14.2 kg सिलेंडर पर रोक और e-KYC को लेकर सरकार का नया फैसला क्या है। नया कनेक्शन कैसे लें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k134z9cvgdhnhwxy2t1hwq45,imgname-lpg-1753526281627.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;LPG Booking Rules: &lt;/strong&gt;अगर आपके घर में एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। दुनियाभर में चल रहे तनाव और गैस सप्लाई की दिक्कतों के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। अगर आप नया गैस कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं या आपके पुराने कनेक्शन की KYC पूरी नहीं है, तो आपकी रसोई का बजट और सप्लाई दोनों प्रभावित हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि गैस कंपनियों का ताजा फैसला क्या है और आम आदमी पर इसका क्या असर पड़ेगा...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या सच में बंद हो सकता है आपका गैस कनेक्शन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपकी KYC पूरी नहीं है, तो कनेक्शन पर रोक लग सकती है। गैस कंपनियां इस समय फर्जी और बिना उपयोग वाले कनेक्शनों को सिस्टम से हटाने के लिए बड़ा अभियान चला रही हैं। अगर आपका कनेक्शन काफी समय से बंद था या आपने अभी तक आधार और बायोमेट्रिक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो तुरंत अपनी नजदीकी गैस एजेंसी जाकर इसे पूरा करवाएं। पेट्रोलियम कंपनियों का पूरा ध्यान मौजूदा वैध ग्राहकों को बिना रुकावट गैस रिफिल पहुंचाने पर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नए 14.2 kg घरेलू कनेक्शन पर फिलहाल पूरी रोक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप 14.2 किलो वाला नया घरेलू सिलेंडर कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हैं, तो अभी आपको थोड़ा इंतजार करना होगा। सभी प्रमुख गैस कंपनियों ने नए घरेलू कनेक्शन की बुकिंग पर अस्थाई रोक (Hold) लगा रखी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य होने के बाद ही नए घरेलू कनेक्शन दोबारा शुरू किए जाएंगे। फिलहाल कंपनियां केवल उन्हीं पुराने ग्राहकों को सिलेंडर दे रही हैं, जिनके पास पहले से एक्टिव कनेक्शन है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नया कनेक्शन नहीं मिल रहा तो क्या करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप नए शहर में शिफ्ट हुए हैं, किराए के मकान में रहते हैं या परिवार के लिए तुरंत गैस की जरूरत है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। गैस एजेंसियां दो बेहतरीन विकल्प दे रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 kg कंपोजिट FTL सिलेंडर: &lt;/strong&gt;यह हल्का, सुरक्षित और पारदर्शी (जिसमें गैस का लेवल दिखता है) सिलेंडर है। प्रमुख शहरों में इसे बिना लंबे कागजी झंझट के तुरंत बुक कराया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5 kg छोटा सिलेंडर: &lt;/strong&gt;छोटे परिवारों और छात्रों के लिए 5 किलो का सिलेंडर आसानी से उपलब्ध है, जिसकी होम डिलीवरी भी फटाफट हो जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर क्यों आई गैस सप्लाई में यह दिक्कत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी बाहर से मंगाता है। इसका बड़ा हिस्सा 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के रास्ते मिडिल ईस्ट से आता था, जहां फिलहाल तनाव की वजह से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। घरेलू कमी को पूरा करने के लिए भारत ने अमेरिका से एलपीजी और एलएनजी का आयात शुरू किया है। अमेरिका से जहाज आने में ज्यादा समय और खर्च लगता है, इसलिए सरकार अभी घरेलू सप्लाई को बेहद संभलकर मैनेज कर रही है ताकि मौजूदा ग्राहकों को किल्लत न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आपको अभी क्या करना चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तुरंत ई-केवाईसी कराएं: &lt;/strong&gt;अगर आपकी एजेंसी से कॉल या मैसेज आया है, तो गैस पासबुक और आधार कार्ड लेकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूर पूरा करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सिलेंडर समय से बुक करें: &lt;/strong&gt;पैनिक बुकिंग न करें, लेकिन जब सिलेंडर खत्म होने वाला हो तो 3-4 दिन पहले ही बुकिंग डाल दें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऑप्शन चुनें: &lt;/strong&gt;अगर नया कनेक्शन बहुत जरूरी है, तो तुरंत 5 kg या 10 kg कंपोजिट सिलेंडर के लिए अप्लाई करें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/lpg-gas-connection-booking-rules-new-kyc-update-composite-cylinder-articleshow-wtsg4z7"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[8th Pay Commission: 2.1 का फिटमेंट फैक्टर भी देगा 53% तक ज्यादा फायदा! समझिए सैलरी का पूरा गणित]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/8th-pay-commission-fitment-factor-calculation-salary-hike-impact-articleshow-x5wozxv</link>
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            <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 17:20:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th CPC Update: &lt;/strong&gt;2.1 का संभावित फिटमेंट फैक्टर भी सैलरी में भारी इजाफा कर सकता है। मौजूदा DA को जोड़ने पर कर्मचारियों को करीब 53% का प्रभावी फायदा मिल सकता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ky438qmtwgyk3rt2asj97vye,imgname-8th-pay-commission-1784696561306.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8th Pay Commission Calculation: &lt;/strong&gt;केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सिफारिशों के तहत कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी और सरकार फिटमेंट फैक्टर क्या तय करेगी? आमतौर पर कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के 2.57 वाले फिटमेंट फैक्टर को देखकर सोचते हैं कि अगर 8वें वेतन आयोग में 2.1 का गुणांक (Multiplier) मिला तो नुकसान हो जाएगा। लेकिन ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के नए कैलकुलेशन ने इस गणित को पूरी तरह बदल दिया है। उनका दावा है कि 2.1 का फिटमेंट फैक्टर दिखने में भले ही 2.57 से छोटा लगे, लेकिन असल में यह 7वें वेतन आयोग से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;8th CPC: क्यों 2.1 फिटमेंट फैक्टर नहीं है घाटे का सौदा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्सर लोग सिर्फ बेसिक सैलरी देखकर हिसाब लगाते हैं, जो कि सही तरीका नहीं है। सैलरी रिवीजन के समय यह देखा जाता है कि कर्मचारी को वर्तमान में बेसिक पे और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर कुल कितना मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का सच&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उस समय बेसिक पे ₹7,000 थी और उस पर 125% DA यानी ₹8,750 मिल रहा था। यानी कर्मचारी पहले से ही ₹15,750 पा रहा था। जब 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगाकर बेसिक ₹18,000 की गई, तो प्रभावी बढ़ोतरी सिर्फ ₹2,250 (करीब 32%) की हुई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8वें वेतन आयोग का समीकरण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मौजूदा मिनिमम बेसिक सैलरी ₹18,000 है। अगर 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो नई न्यूनतम बेसिक सीधे ₹37,800 हो जाएगी। मौजूदा डीए और बेसिक को मिलाकर तुलना करें, तो 2.1 फिटमेंट फैक्टर के तहत कुल प्रभावी लाभ करीब 53% बैठता है, जो 7वें वेतन आयोग के 32% से काफी ज्यादा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमारी कोशिश रहती है कि हम तथ्य आधारित बात करें, इसलिए अपनी बात के साथ हमेशा डेटा भी साझा करते हैं।&amp;nbsp;✓ #7CPC में न्यूनतम बेसिक सैलरी पर 2.57 फिटमेंट फैक्टर लगाकर ₹7000 से बढ़ाकर ₹18000 की गई थी। जबकि उस पर #DA पहले से ही 125% यानी ₹8750 मिल रहा था, मतलब महज 2250 रूपयों का&hellip; pic.twitter.com/UviB51mKbI&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) August 24, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पे लेवल के हिसाब से कितनी बढ़ सकती है बेसिक सैलरी?&lt;/h2&gt;&lt;table&gt; &lt;thead&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;th&gt;पे लेवल (Pay Level)&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;मौजूदा बेसिक पे&lt;/th&gt;   &lt;th&gt;2.1 फिटमेंट पर नई बेसिक पे&lt;/th&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/thead&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;लेवल 1 (शुरुआती स्तर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹18,000&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹37,800&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;लेवल 4 (मिडिल स्तर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹25,500&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹53,550&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;लेवल 13 (सीनियर स्तर)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹1,23,100&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹2,58,510&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नोट: &lt;/strong&gt;ये आंकड़ा सिर्फ बेसिक पे के हैं। इसमें मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य भत्ते जुड़ने के बाद इन-हैंड सैलरी और ज्यादा होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरकार के पाले मेंअंतिम फैसला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह ध्यान रखना जरूरी है कि 2.1 का फिटमेंट फैक्टर कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि का एक संभावित कैलकुलेशन है, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं। 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशों पर काम कर रहा है और अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। लेकिन इस आंकड़े ने यह साफ कर दिया है कि कर्मचारियों को सिर्फ हेडलाइन नंबर देखकर निराश होने की जरूरत नहीं है। असली फायदा मौजूदा DA के साथ कुल पैकेज की तुलना पर निर्भर करता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/business-news/8th-pay-commission-fitment-factor-calculation-salary-hike-impact-articleshow-x5wozxv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CBG Price: CNG-PNG ग्राहकों के लिए राहत की खबर, CBG की नई कीमतों का नहीं पड़ेगा असर- मंत्रालय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/petroleum-ministry-assures-no-price-hike-for-cng-png-due-to-new-cbg-rates-articleshow-xgon620</link>
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            <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 14:48:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gobar Dhan Yojana: &lt;/strong&gt;पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि गोबर-धन स्कीम के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की नई कीमतों का बोझ आम लोगों पर नहीं पड़ेगा। मंत्रालय के मुताबिक, भले ही सरकार उत्पादकों से महंगी CBG खरीदेगी, लेकिन सरकारी मदद और एक बड़े गैस पूल की वजह से CNG और PNG की कीमतों पर इसका असर ना के बराबर होगा।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CNG Price Impact: &lt;/strong&gt;पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को साफ किया है कि गोबर-धन स्कीम के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की नई कीमतें उत्पादकों को एक स्थिर दाम देने के लिए तय की गई हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि इस बदलाव का CNG और घरेलू PNG इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर असर लगभग ना के बराबर होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मंत्रालय ने ग्राहकों पर बोझ की रिपोर्ट को खारिज किया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रालय ने एक अखबार की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि गोबर-धन स्कीम के तहत CBG की बढ़ी हुई कीमतों का CNG और घरेलू PNG ग्राहकों पर बड़ा बोझ पड़ सकता है। मंत्रालय ने कहा कि CBG की खरीद कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों के लिए भी दाम उतने ही बढ़ जाएंगे। सरकार इस पर सब्सिडी दे रही है और बढ़ी हुई लागत को एक बड़े डोमेस्टिक गैस पूल में बांटा जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कीमतों का नया सिस्टम और सपोर्ट मैकेनिज्म&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा सिस्टम में, CBG उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत CNG के रिटेल सेलिंग प्राइस के 85 फीसदी से जुड़ी होती है, जो अभी करीब 1,478 रुपये प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (MMBtu) बैठती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गोबर-धन के नए फ्रेमवर्क के तहत, CBG की कीमत 2,110 रुपये प्रति MMBtu तय की गई है, जो करीब 43 फीसदी ज़्यादा है। हालांकि, मंत्रालय ने साफ किया कि यह वो कीमत है जो उत्पादकों को दी जाएगी, न कि वो जो सीधे CNG या घरेलू PNG ग्राहकों से वसूली जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार 95 फीसदी मीथेन वाली CBG पर 10 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी देगी, जो करीब 215 रुपये प्रति MMBtu के बराबर है। इस मदद को हटाने के बाद, गैस ग्राहकों से वसूली जाने वाली CBG की प्रभावी लागत लगभग 1,895 रुपये प्रति MMBtu होगी, जो मौजूदा कीमत से करीब 28 फीसदी ज़्यादा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ग्राहकों पर असर कैसे कम किया जाएगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रालय ने कहा कि इसलिए पूरी बढ़ी हुई कीमत ग्राहकों से नहीं वसूली जाएगी। इसके अलावा, CBG को सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों को उसकी खरीद कीमत पर नहीं बेचा जाता, बल्कि इसे देश में पैदा होने वाली दूसरी नेचुरल गैस के साथ मिला (पूल) दिया जाता है। नए फ्रेमवर्क के तहत, CBG की कुल लागत को पहले के मुकाबले 2.5 से 3 गुना बड़े डोमेस्टिक गैस बेस पर बांटा जाएगा। पहले यह लागत सिर्फ CNG (ट्रांसपोर्ट) और घरेलू PNG सेगमेंट को मिलने वाली एडमिनिस्टर्ड प्राइस मैकेनिज्म (APM) गैस की सीमित मात्रा पर डाली जाती थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मंत्रालय ने कहा, &quot;CBG उत्पादकों को एक स्थिर और फायदेमंद कीमत मिलेगी जिससे प्लांट लंबे समय तक चल सकेंगे, वहीं सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी और एक बड़े गैस पूल की वजह से ग्राहकों पर किसी भी तरह का बड़ा असर नहीं पड़ेगा।&quot; मंत्रालय के मुताबिक, इस नए फ्रेमवर्क को इस तरह डिजाइन किया गया है कि CBG प्लांट भी चलते रहें और ग्राहकों की जेब पर भी बोझ न पड़े।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Business</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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