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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Tue, 27 Oct 2026 19:40:08 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/gina-mastantuono-says-14-hour-workday-4-hours-sleep-set-bad-example-work-life-balance-articleshow-1pslmzg</link>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:16:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Long Working Hours: ServiceNow की CFO Gina Mastantuono ने 14 घंटे काम करने और 4 घंटे सोने को लेकर बिजनेस लीडर्स की सोच पर सवाल उठाए। कहां यह बहुत ही बुरा उदाहरण है। जानिए अच्छी नींद और वर्क-लाइफ बैलेंस क्यों जरूरी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m59azdm3nkxbjqhrp52k1p8s,imgname-gina-mastantuono-1792388609667.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Work Life Balance: &lt;/strong&gt;क्या ऑफिस में देर तक रुकना और सिर्फ 4 घंटे सोकर काम करना ही मेहनत की निशानी है? क्या कम नींद लेकर ज्यादा काम करने वाला कर्मचारी वास्तव में दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करता है? ServiceNow की प्रेसिडेंट और CFO जीना मस्तांतुओनो ने बिजनेस जगत की इसी सोच पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 14 घंटे काम करने और 4 घंटे सोने का दिखावा करना दूसरे कर्मचारियों के लिए गलत उदाहरण पेश करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों 14 घंटे काम करने की सोच को गलत मानती हैं CFO?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में Fortune Most Powerful Women Summit के दौरान जीना मस्तांतुओनो ने कहा कि कुछ सीनियर अधिकारी लंबे समय तक काम करने और कम सोने को अपनी उपलब्धि की तरह पेश करते हैं। उन्हें लगता है कि ज्यादा घंटे काम करना उनकी मेहनत और समर्पण को साबित करता है। लेकिन मस्तांतुओनो के मुताबिक, लीडरशिप का मतलब सिर्फ ज्यादा समय तक काम करना नहीं है। एक अच्छा बॉस वह है, जो अपनी टीम को बेहतर काम करने का माहौल दे और खुद भी सेहत का ध्यान रखे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;'लग रहा था जैसे पैसे चुरा रहा हूं', बिना काम 4.7 करोड़ सैलरी पाने वाले की कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या अच्छी नींद से काम करने की क्षमता बेहतर होती है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मस्तांतुओनो ने आराम की अहमियत समझाने के लिए जिम में मांसपेशियां बनाने का उदाहरण दिया। जिस तरह एक्सरसाइज के बाद शरीर को रिकवरी की जरूरत होती है, उसी तरह लगातार काम करने के बाद दिमाग को भी आराम चाहिए। पर्याप्त नींद का असर ध्यान लगाने, फैसले लेने और तनाव से निपटने की क्षमता पर पड़ सकता है। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के मुताबिक, ज्यादातर वयस्कों को हर रात कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या ज्यादा घंटे काम करना ही सफलता का पैमाना है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिजनेस जगत में इस मुद्दे पर अलग-अलग राय है। United Airlines के CEO स्कॉट किर्बी ने अपनी दिनचर्या में 8.5 घंटे की नींद, सुबह की एक्सरसाइज, पढ़ने के लिए समय और मीटिंग्स की सीमा तय करने की बात कही है। वहीं, टेक इंडस्ट्री में लंबे कामकाजी घंटों और ऑफिस में साथ काम करने पर जोर देने वाले लीडर्स भी रहे हैं। स्टार्टअप की दुनिया में भी कई बार लंबे समय तक काम करने को सफलता की शर्त माना जाता है। हालांकि, Proximity Works के CEO हार्दिक जगदा ने अपनी छह दिन काम करने की दिनचर्या के बावजूद साफ किया है कि वह अपने कर्मचारियों से उसी शेड्यूल को अपनाने की उम्मीद नहीं करते।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Kavya Maran Career: कलानिधि मारन की बेटी काव्या क्या करती हैं? कहां से की पढ़ाई, जानिए करियर की दिलचस्प बातें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कर्मचारियों और कंपनियों के लिए क्या है सबक?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नींद को नजरअंदाज न करें: लगातार कम सोने से सेहत और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;काम के घंटे नहीं, नतीजे देखें: कर्मचारी ने कितनी देर काम किया, इसके बजाय काम की गुणवत्ता और परिणाम पर ध्यान देना जरूरी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आराम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं: ब्रेक और पर्याप्त नींद लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन में मदद कर सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लीडर्स खुद उदाहरण पेश करें: अगर बॉस हर समय काम में डूबे रहने को जरूरी बताते हैं, तो टीम पर भी वैसा ही दबाव बन सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यानी लंबे समय तक काम करना कभी-कभी जरूरी हो सकता है, लेकिन हर दिन कम नींद लेकर काम करना सफलता का भरोसेमंद फॉर्मूला नहीं है। बेहतर लीडर वही है, जो अपने प्रदर्शन के साथ अपनी टीम की सेहत और काम करने की क्षमता का भी ध्यान रखे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[School Open or Closed Today: आज वाल्मीकि जयंती पर आपके शहर में स्कूल खुले हैं या बंद? जान लें ताजा अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/school-open-or-closed-today-26-october-2026-valmiki-jayanti-holiday-list-articleshow-314krgn</link>
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            <pubDate>Mon, 26 Oct 2026 06:33:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Are Schools Closed Today: आज&lt;/strong&gt; वाल्मीकि जयंती पर आपके शहर में स्कूल की छुट्टी है या नहीं? यूपी, बिहार, दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के स्कूलों का ताजा अपडेट जानिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5f9d15n7rbzp8t1jeqfwdmh,imgname-school-holiday-1792588285108.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;School Holiday on 26 October: &lt;/strong&gt;आज 26 अक्टूबरको पूरे देश में महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जा रही है। सोमवार की सुबह हो चुकी है और बहुत से पैरेंट्स इसी कन्फ्यूजन में हैं कि आज बच्चों को स्कूल भेजना है या उनकी छुट्टी है। दरअसल, वाल्मीकि जयंती पर स्कूलों में छुट्टी रहेगी या नहीं, ये पूरी तरह से राज्य सरकारों के आदेश और स्कूल मैनेजमेंट पर निर्भर करता है। अगर आप भी अपने बच्चे का टिफिन पैक करने से पहले यह जानना चाहते हैं कि आज स्कूल खुलेगा या बंद रहेगा, तो घर से निकलने से पहले यहां अपने राज्य का ताजा अपडेट जरूर चेक कर लें...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी में आज स्कूल खुले हैं या बंद?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यूपी के 75 जिलों में आज महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक छुट्&zwnj;टी है। योगी सरकार ने रविवार दोपहर 3 बजे शासनादेश जारी किया था। सभी सरकारी ऑफिस और स्कूल बंद हैं। हालांकि, बैंक बंद नहीं रहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल में आज स्कूल का स्टेटस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिहार और झारखंड में आज स्कूल फिर से खुलने की उम्मीद है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी आज स्कूल खुले रहेंगे। अगर आप पश्चिम बंगाल में रहते हैं, तो यहां स्कूलों में चल रही छुट्टियां आज भी जारी रह सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली-NCR में आज स्कूल खुले हैं या नहीं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;देश की राजधानी नई दिल्ली-एनसीआर और केरल में वाल्मीकि जयंती की छुट्टी पूरी तरह से स्कूलों के अपने कैलेंडर पर निर्भर करती है। कुछ स्कूलों ने आज छुट्टी दी है, जबकि कुछ सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पंजाब-हरियाणा और अन्य राज्यों में स्कूलों का स्टेटस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंजाब-हरियाणा के पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे छुट्टी कंफर्म करने के लिए अपने स्कूल का ऑफिशियल नोटिस जरूर चेक कर लें। देश के बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूल की छुट्टी वहां के लोकल प्रशासन के आदेश के हिसाब से ही तय होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पैरेंट्स के लिए काम की सलाह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चूंकि आज हर जगह छुट्टी को लेकर एक जैसा नियम नहीं है, इसलिए किसी भी परेशानी से बचने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप बच्चे की स्कूल डायरी चेक करें या फिर स्कूल के वॉट्सऐप ग्रुप पर आया मैसेज जरूर देखें। अगर वहां से कोई अपडेट नहीं मिला है, तो बच्चे को स्कूल भेजने से पहले एक बार क्लास टीचर को फोन जरूर लगा लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Free Digital Skills: स्टूडेंट्स और महिलाओं के लिए कमाई के नए रास्ते, फ्री में सीखें ये 5 स्किल्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/top-free-digital-skills-to-boost-your-career-in-2026-photoshow-5c8t0l9</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:25:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Best Digital Skills to Learn: आज के डिजिटल दौर में नौकरी के बेहतर मौके पाने के लिए नई स्किल्स सीखना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं उन 5 डिजिटल स्किल्स के बारे में&hellip;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Best Digital Skills to Learn: आज के डिजिटल दौर में नौकरी के बेहतर मौके पाने के लिए नई स्किल्स सीखना बहुत जरूरी है। इसके लिए आपको हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है। आइए जानते हैं उन 5 डिजिटल स्किल्स के बारे में&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज के समय में नौकरी पाना हो, घर बैठे पैसे कमाना हो या अपना बिजनेस शुरू करना हो, डिजिटल स्किल्स बहुत काम आती हैं। खासकर स्टूडेंट्स, युवाओं, महिलाओं और फ्रीलांसर्स के लिए ये बेहतरीन मौके लाती हैं। इन्हें सीखने के लिए आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। अगर आपके पास इंटरनेट और स्मार्टफोन या कंप्यूटर है, तो आप कई स्किल्स फ्री में सीख सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 बेस्ट स्किल्स के बारे में।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अगर आपको लिखने का शौक है, तो कंटेंट राइटिंग आपके लिए एक बेहतरीन डिजिटल स्किल है। इसमें वेबसाइट्स के लिए आर्टिकल लिखना, ब्लॉग पोस्ट बनाना, प्रोडक्ट के बारे में लिखना और सोशल मीडिया के लिए कैप्शन तैयार करना शामिल है। आप तेलुगु के साथ-साथ इंग्लिश में भी लिखना सीखकर ज्यादा मौके पा सकते हैं। आप रोज एक छोटा आर्टिकल लिखकर, अच्छी किताबें पढ़कर और ग्रामर पर ध्यान देकर अपनी स्किल सुधार सकते हैं। यूट्यूब और फ्री ब्लॉगिंग वेबसाइट्स से आप इसे आसानी से सीख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आकर्षक पोस्टर, सोशल मीडिया डिजाइन, यूट्यूब थंबनेल और लोगो बनाना ग्राफिक डिजाइनिंग का हिस्सा है। इस स्किल को सीखने के लिए शुरुआत में आपको किसी महंगे सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं है। आप Canva जैसे प्लेटफॉर्म के फ्री वर्जन से बेसिक डिजाइनिंग सीख सकते हैं। इसके लिए आपको बस रंगों के चुनाव, फॉन्ट के इस्तेमाल और डिजाइन लेआउट की प्रैक्टिस करनी होगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आजकल यूट्यूब, इंस्टाग्राम रील्स और शॉर्ट वीडियो का चलन बढ़ने से वीडियो एडिटिंग की डिमांड काफी बढ़ गई है। आप वीडियो काटना, क्लिप्स को जोड़ना, टेक्स्ट और म्यूजिक ऐड करना जैसी बेसिक चीजें बिल्कुल फ्री में सीख सकते हैं। इसके लिए आप अपने मोबाइल में मौजूद फ्री एडिटिंग ऐप्स या कंप्यूटर में फ्री सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज के समय में छोटे बिजनेस, दुकानें और कंपनियां अपने प्रोडक्ट और सर्विस लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रही हैं। उनके पेज मैनेज करना, पोस्ट बनाना, कंटेंट कैलेंडर तैयार करना, कमेंट्स का जवाब देना और पोस्ट की रीच चेक करना इस स्किल में आता है। आप फेसबुक, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स के काम करने का तरीका समझकर इसकी शुरुआत कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इंटरनेट के जरिए लोगों तक प्रोडक्ट और सर्विस पहुंचाना ही डिजिटल मार्केटिंग कहलाता है। इसमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), सोशल मीडिया मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग और कंटेंट मार्केटिंग जैसी चीजें शामिल होती हैं। आप कई फ्री प्लेटफॉर्म्स की मदद से सीख सकते हैं कि वेबसाइट का कंटेंट कैसे बेहतर बनाएं, सही कीवर्ड्स कैसे चुनें और अच्छी पोस्ट कैसे तैयार करें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[School Open or Closed Today: आज स्कूल खुले हैं या बंद? बच्चे को तैयार करने से पहले चेक कर लें ये लिस्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/school-open-or-closed-today-21-october-2026-delhi-up-haryana-state-wise-holiday-list-aaj-school-khule-hain-ya-band-articleshow-6k1lkgl</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 06:30:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Is School Open Today: &lt;/strong&gt;दिल्ली, यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में आज स्कूल खुले हैं या बंद? जानिए दशहरे के बाद 21 अक्टूबर को आपके शहर में स्कूल में छुट्टी है या नहीं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;School Holiday Today 21 October 2026:&lt;/strong&gt; दशहरे की छुट्टियों के बाद आज बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी कर रहे हैं? तो पहले अपने राज्य में स्कूलों की छुट्टी और दोबारा खुलने की तारीख जरूर चेक कर लें। 21 अक्टूबर को भी कई जगह दशहरे की छुट्टियां जारी हैं, तो कहीं स्कूल खुल सकते हैं। पश्चिम बंगाल में विजयादशमी के कारण छुट्टी है, जबकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी छुट्टियों का शेड्यूल अलग है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। ऐसे में बच्चे का बैग तैयार करने से पहले जान लें कि आपके शहर में बुधवार को स्कूल खुले हैं या बंद...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज स्कूल की छुट्टियां कहां-कहां है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हरियाणा: &lt;/strong&gt;यहां दशहरे की लंबी छुट्टियां चल रही हैं। गुरुग्राम से लेकर पूरे हरियाणा में 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक स्कूल बंद रखे गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पश्चिम बंगाल: &lt;/strong&gt;बंगाल में आज, 21 अक्टूबर विजयादशमी और दुर्गा पूजा का मुख्य दिन मनाया जा रहा है। इसलिए यहां आज स्कूल पूरी तरह बंद हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आंध्र प्रदेश: &lt;/strong&gt;यहां के स्कूलों में दशहरे की छुट्टी आज 21 अक्टूबर तक है। बच्चे कल 22 अक्टूबर से स्कूल जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तेलंगाना: &lt;/strong&gt;यहां दशहरे का ब्रेक 22 अक्टूबर तक है। यहां स्कूल अब सीधे 23 अक्टूबर को ही खुलेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज कहां-कहां स्कूल खुले हैं या नहीं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, राजस्थान, पंजाब, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट् में दशहरे की मुख्य सरकारी छुट्टी मंगलवार, 20 अक्टूबर को ही खत्म हो चुकी है। नियम के मुताबिक, आज 21 अक्टूबर से स्कूल खुल जाने चाहिए। लेकिन, कई प्राइवेट स्कूलों ने दशहरे और वीकेंड को मिलाकर अपनी तरफ से लंबी छुट्टियां दे रखी हैं। इसलिए फालतू की भागदौड़ से बचने के लिए, बच्चे को घर से निकालने से पहले एक बार अपने स्कूल का 'WhatsApp ग्रुप', स्कूल ऐप या डायरी में आया मैसेज जरूर चेक कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी में आज स्कूल खुले हैं या बंद?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में दशहरे के आसपास कई स्कूलों में छुट्टियों का लंबा शेड्यूल रखा गया है। ऐसे में लखनऊ समेत दूसरे शहरों के अभिभावकों को यह देखना चाहिए कि उनके स्कूल ने 21 अक्टूबर को छुट्टी रखी है या कक्षाएं फिर से शुरू हो रही हैं। बच्चे को भेजने से पहले स्कूल के वॉट्सऐप ग्रुप, आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या क्लास टीचर से जानकारी ले लें। अगर स्कूल ने छुट्टी या रीओपनिंग की कोई नई सूचना भेजी है, तो उसी को प्राथमिकता दें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कब खुलेंगे स्कूल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आंध्र प्रदेश में दशहरा की छुट्टियां 21 अक्टूबर तक रहने की जानकारी है। ऐसे में कई स्कूलों के 22 अक्टूबर से खुलने की संभावना है। तेलंगाना में दशहरा अवकाश 22 अक्टूबर तक बताया गया है। इस शेड्यूल के हिसाब से स्कूल 23 अक्टूबर को खुल सकते हैं। लेकिन बच्चे को स्कूल भेजने से पहले स्कूल की तरफ से मिली सूचना जरूर चेक करें। अगर किसी संस्थान ने छुट्टी बढ़ाई है या अलग तारीख तय की है, तो वही लागू होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बारिश की वजह से कहां-कहां स्कूल बंद है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरे के अलावा दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश का 'रेड और ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। भारी बारिश के चलते यहां का लोकल प्रशासन अचानक स्कूल बंद करने का आदेश दे सकता है। तमिलनाडु और केरल में 21 अक्टूबर को बहुत तेज बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। केरल में तो 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर चलेगा। पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगह बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। गरज-चमक और तेज हवा भी परेशानी बढ़ा सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना है। तेलंगाना में भी बारिश और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। IMD की आधिकारिक मौसम चेतावनी पर अपने इलाके का अपडेट देख सकते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Central Government Bonus 2026: सरकारी कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस, जानें किसे मिलेगा और किसे नहीं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/central-government-bonus-2026-30-days-bonus-who-is-eligibility-articleshow-6kkkk4g</link>
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            <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 15:44:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Central Government Employees Bonus 2026: केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए 30 दिन के बोनस को मंजूरी दी है। कौन होगा पात्र और किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ? जानें पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5235tqrk6zvm3fhbtyzqr3g,imgname-central-government-employees-bonus-2026-1792145550072.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Central Government Bonus Eligibility: &lt;/strong&gt;केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बोनस से जुड़ी अहम खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Ad-hoc Bonus) के तहत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी है। इस फैसले से ग्रुप C और ग्रुप B के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, बशर्ते वे किसी अन्य प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के दायरे में न आते हों। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये तय की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कितने रुपये का मिलेगा बोनस?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की 15 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के मुताबिक, 30 दिन के बोनस की गणना 7,000 रुपये की अधिकतम वेतन सीमा के आधार पर की जाएगी। इसके लिए मासिक औसत वेतन या तय सीमा, जो भी कम हो, उसे आधार बनाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बोनस का कैलकुलेशन समझें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अधिकतम गणना के लिए मासिक वेतन सीमा: ₹7,000&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बोनस की अवधि: 30 दिन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गणना का फॉर्मूला: 7,000 &times; 30 &divide; 30.4&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अधिकतम बोनस: करीब ₹6,908&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ध्यान दें कि यह अधिकतम संभावित रकम है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी के औसत वेतन और पात्र सेवा अवधि के आधार पर कम हो सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;IAS की नौकरी छोड़ राजनीति में आए 5 अफसर, जानिए किसे मिली सत्ता और कौन लौटा नौकरी पर?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Ad-hoc Bonus के लिए कौन कर्मचारी पात्र हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बोनस का लाभ केंद्रीय सरकार के ग्रुप C कर्मचारियों और ग्रुप B के गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जो किसी दूसरी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना में शामिल नहीं हैं। सशस्त्र बलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पात्र कर्मचारी भी इसके दायरे में आएंगे। कर्मचारी के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में कम से कम छह महीने की लगातार नियमित सेवा जरूरी है। सामान्य नियम के तहत 31 मार्च 2026 को सेवा में मौजूद कर्मचारियों को पात्रता मिलेगी। छह महीने से एक साल तक की सेवा वाले कर्मचारियों को सेवा अवधि के अनुपात में बोनस दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अंबानी के घर में कुक के हेल्पर की कितनी है सैलरी? ₹1 लाख तक के दावे का जानिए सच&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या रिटायर या दिवंगत कर्मचारियों को भी मिलेगा बोनस?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हां, विशेष परिस्थितियों में उन कर्मचारियों को भी अनुपात के आधार पर बोनस मिल सकता है, जिन्होंने 31 मार्च 2026 से पहले रिटायरमेंट लिया, मेडिकल आधार पर सेवा छोड़नी पड़ी या जिनका निधन हो गया। इसके लिए वित्त वर्ष के दौरान कम से कम छह महीने की नियमित सेवा पूरी करना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैजुअल कर्मचारियों के लिए क्या है नियम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कैजुअल कर्मचारियों को भी बोनस मिल सकता है। छह दिन काम वाले कार्यालयों में कम से कम तीन साल तक हर साल 240 दिन काम करना जरूरी है। पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों के लिए यह शर्त सालाना 206 दिन है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रेलवे कर्मचारियों को कितना बोनस मिलेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र रेल कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे। यह योजना ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, तकनीकी कर्मचारियों और अन्य पात्र ग्रुप C कर्मचारियों को कवर करती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ध्यान रखें:&lt;/strong&gt; एड-हॉक बोनस और रेलवे का 78 दिन वाला बोनस अलग-अलग योजनाएं हैं। पात्रता और भुगतान की राशि संबंधित सरकारी आदेशों के नियमों के अनुसार तय होगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/central-government-bonus-2026-30-days-bonus-who-is-eligibility-articleshow-6kkkk4g"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA['लग रहा था जैसे पैसे चुरा रहा हूं', बिना काम 4.7 करोड़ सैलरी पाने वाले की कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/techie-earns-4-7-crore-without-doing-any-work-for-two-years-articleshow-7npn3oc</link>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:03:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कंपनी बदलाव के कारण एक कर्मचारी ने 2 साल बिना काम किए 4.7 करोड़ रुपये सैलरी ली। काम न होने से उसका कॉन्फिडेंस और स्किल्स कम हो गए। बाद में उसे नई जॉब मिली, लेकिन इससे खराब मैनेजमेंट पर बहस छिड़ गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m57pkgd2423h45cwn9adw4v2,imgname-tech-employee-claims-he-watched-netflix-at-work-while-earning-crores--1--1792333693346.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;आजकल जहां लोग नौकरी के लिए परेशान हैं, वहीं एक टेक कर्मचारी ने दावा किया है कि उसने बिना किसी जिम्मेदारी के करोड़ों रुपये की सैलरी ली है। कंपनी में हुए एक बदलाव से शुरू हुआ यह अजीबोगरीब मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;नई पोस्ट के पहले ही दिन बदल गए हालात&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस कर्मचारी ने रेडिट पर अपना अनुभव शेयर किया है। वह करीब दस साल से एक बड़ी टेक कंपनी में काम कर रहा था। इस दौरान उसने पांच अलग-अलग पदों पर काम किया। उसने 2025 की शुरुआत में एक नई टीम में शामिल होने का फैसला किया था। उसे लगा था कि यह उसके करियर के लिए एक शानदार मौका होगा। लेकिन नई पोस्ट पर उसके पहले ही दिन कंपनी में बड़े पैमाने पर बदलाव (रीस्ट्रक्चरिंग) हो गया। जिन मैनेजर और डायरेक्टर ने उसे काम पर रखा था, उन दोनों की नौकरी चली गई। इस वजह से नई टीम में उसकी क्या जिम्मेदारियां होंगी, उसे किसे रिपोर्ट करना है और क्या काम करना है, इसे लेकर कोई साफ जानकारी नहीं थी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;साल के 2.6 करोड़ रुपये मिले, लेकिन काम कुछ नहीं!&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;कर्मचारी के मुताबिक, उसे हर साल करीब 2.75 लाख अमेरिकी डॉलर की सैलरी मिल रही थी। भारतीय रुपये में यह रकम करीब 2.6 करोड़ रुपये होती है। लेकिन टीम में उसके पास न तो कोई खास जिम्मेदारी थी और न ही कोई सही गाइडेंस। उसने कई बार काम मांगने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वह ऑफिस में यूट्यूब और नेटफ्लिक्स देखकर अपना समय काटता था। वह न्यूयॉर्क शहर में नया था, इसलिए वह वहां की मशहूर खाने-पीने की जगहों पर जाता था। उसने लिखा है कि उसने मैनहट्टन के अलग-अलग इलाकों में घूमकर भी अपना समय बिताया। उसका अंदाजा है कि करीब दो साल के समय में उसने कुल 5 लाख डॉलर से ज्यादा की सैलरी ली। भारतीय रुपये में यह करीब 4.7 करोड़ रुपये बैठती है।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;सैलरी मिली, लेकिन सुकून नहीं था!&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;बाहर से देखने पर यह आसानी से पैसे कमाने का मौका लग सकता है। लेकिन कर्मचारी ने बताया कि काम न होने का असर उसके कॉन्फिडेंस और प्रोफेशनल ग्रोथ पर पड़ा। शुरुआत में बिना काम किए सैलरी लेने पर उसे गिल्ट महसूस होता था, जैसे वह पैसे चुरा रहा हो। बाद में वह इस स्थिति से परेशान हो गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;करीब छह महीने तक दूसरी पोस्ट के लिए इंटरव्यू देने के बाद, वह उसी कंपनी में नई नौकरी पाने में कामयाब रहा। लेकिन लंबे समय तक असली काम से दूर रहने के कारण, उसे दोबारा काम की लय में लौटने में काफी दिक्कत हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;कंपनियों के मैनेजमेंट पर छिड़ी बहस&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए कुछ लोगों ने कहा कि कंपनियों में होने वाले बदलाव और खराब मैनेजमेंट की वजह से कर्मचारियों के पास काम नहीं होता। वहीं कुछ अन्य लोगों का मानना था कि लंबे समय तक बिना काम के रहने से इंसान की स्किल्स और कॉन्फिडेंस दोनों गिर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, यह इस कर्मचारी का अपना निजी अनुभव है और कंपनी ने इन बातों की पुष्टि नहीं की है। इस घटना ने इस बहस को जन्म दे दिया है कि सिर्फ मोटी सैलरी ही जॉब सैटिस्फैक्शन या करियर ग्रोथ की गारंटी नहीं होती।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/techie-earns-4-7-crore-without-doing-any-work-for-two-years-articleshow-7npn3oc"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[School Open or Closed Today: आज महानवमी पर आपके शहर में स्कूल खुले हैं या बंद? चेक करें छुट्टी की लिस्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/school-open-or-closed-today-19-october-2026-maha-navami-school-holiday-state-wise-list-articleshow-8n3n6ah</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/school-open-or-closed-today-19-october-2026-maha-navami-school-holiday-state-wise-list-articleshow-8n3n6ah</guid>
            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 07:18:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;School Holiday Today: &lt;/strong&gt;आज 19 अक्टूबर को महानवमी और दुर्गा पूजा पर यूपी, उत्तराखंड, बंगाल समेत किन राज्यों में स्कूल खुले हैं या बंद? घर से निकलने से पहले चेक करें हॉलिडे लिस्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k6fvwteep2xpen2y317txmf7,imgname-dussehra-school-holidays-2025-1759321680334.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;School Open or Closed Today: &lt;/strong&gt;आज सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी के मौके पर देश के कई राज्यों में स्कूलों की छुट्टी है। दुर्गा पूजा, महानवमी, आयुध पूजा और दशहरा की छुट्टियों के चलते अलग-अलग राज्यों में स्कूलों का शेड्यूल अलग है। ऐसे में बच्चों को स्कूल भेजने से पहले पैरेंट्स अपने राज्य में स्कूल की छुट्टी की लिस्ट एक बार जरूर चेक कर लें। आइए जानते हैं आज नवमी के अवसर पर देशभर में कहां-कहां स्कूल बंद हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी और उत्तराखंड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश (UP) और उत्तराखंड में महानवमी और त्योहारों के चलते आज 19 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल दोबारा कब खुलेंगे, इसके लिए आप स्कूल के नोटिस चेक कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल में अभी दुर्गा पूजा की छुट्टियां चल रही हैं। इसी तरह झारखंड और ओडिशा में भी दुर्गा पूजा और लोकल त्योहारों के कारण ज्यादातर स्कूल बंद हैं। हालांकि, छुट्टी स्कूल के कैलेंडर पर निर्भर करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;केरल और तमिलनाडु&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केरल में महानवमी की छुट्टी मनाई जा रही है। वहीं, तमिलनाडु में 'आयुध पूजा' के कारण आज कई स्कूलों में रेगुलर क्लासेज नहीं चलेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तेलंगाना और गुजरात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तेलंगाना के जिन स्कूलों में दशहरे की छुट्टियां घोषित की गई हैं, वहां आज भी स्कूल बंद रहेंगे। गुजरात में भी विजयादशमी के ब्रेक के चलते स्कूलों में छुट्टी रह सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आंध्र प्रदेश (बारिश का अलर्ट)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आंध्र प्रदेश में त्योहारों के साथ-साथ मौसम भी खराब है। भारी बारिश की चेतावनी के कारण कई प्रभावित जिलों में प्रशासन ने आज स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिक्किम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यहां राज्य के लोकल त्योहारों और स्कूल कैलेंडर के हिसाब से आज छुट्टी रह सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या आज पूरे देश में स्कूल बंद रहेंगे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नहीं, 19 अक्टूबर को पूरे देश के सभी स्कूल बंद रहने का कोई एक समान नियम नहीं है। अलग-अलग राज्यों में त्योहारों, स्कूल के कैलेंडर और सरकारी आदेशों के आधार पर छुट्टियां तय होती हैं। कुछ जगहों पर दुर्गा पूजा या महानवमी की छुट्टी हो सकती है, जबकि अन्य जगहों पर स्कूल सामान्य रूप से खुल सकते हैं। भारी बारिश जैसी स्थिति में जिला प्रशासन अलग से स्कूल बंद करने का आदेश भी जारी कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्कूल जाने से पहले ऐसे चेक करें छुट्टी&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अपने स्कूल का आधिकारिक नोटिस या मैसेज चेक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राज्य के शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर छुट्टी से जुड़ी जानकारी देखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जिला प्रशासन की ओर से जारी नए आदेशों पर नजर रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्कूल दोबारा खुलने की तारीख की भी कंफर्म कर लें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पैरेंट्स क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिर्फ त्योहार होने या बारिश का अलर्ट जारी होने से यह जरूरी नहीं है कि आपके शहर के सभी स्कूल बंद हों। स्कूल की छुट्टी की पुष्टि आधिकारिक नोटिस से ही करें। स्कूलों की छुट्टी और दोबारा खुलने की तारीख से जुड़े अपडेट के लिए अपने स्कूल के आधिकारिक मैसेज और शिक्षा विभाग की सूचना चेक करते रहें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/school-open-or-closed-today-19-october-2026-maha-navami-school-holiday-state-wise-list-articleshow-8n3n6ah"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Highest Paying Jobs In India: डॉक्टर-इंजीनियर नहीं, भारत में इन नौकरियों में मिल रही है सबसे ज्यादा सैलरी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/top-highest-paying-tech-jobs-in-india-for-2027-data-scientist-and-more-photoshow-aws6t08</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/top-highest-paying-tech-jobs-in-india-for-2027-data-scientist-and-more-photoshow-aws6t08</guid>
            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:45:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Highest Paying Jobs In India: &lt;/strong&gt;अब तक हम भारतीय यही मानते थे कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने पर ही सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। आज के समय में कुछ ऐसी नौकरियां आ गई हैं, जो इन पारंपरिक पेशों से कई गुना ज्यादा पैकेज दे रही हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Highest Paying Jobs In India: &lt;/strong&gt;अब तक हम भारतीय यही मानते थे कि डॉक्टर या इंजीनियर बनने पर ही सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। आज के समय में कुछ ऐसी नौकरियां आ गई हैं, जो इन पारंपरिक पेशों से कई गुना ज्यादा पैकेज दे रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भारत में ज्यादातर युवाओं का सपना इंजीनियर, डॉक्टर या सीए (CA) बनने का होता है। माता-पिता भी यही सोचते हैं कि इन पेशों में सबसे ज्यादा पैसा है। लेकिन अब जमाना काफी बदल गया है। आज सिर्फ डॉक्टर या इंजीनियर ही मोटा पैकेज नहीं उठा रहे हैं। मार्केट में अब ऐसे कई नए फील्ड आ गए हैं, जहां युवा इनसे भी कहीं ज्यादा कमाई कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज के समय में डेटा साइंटिस्ट, सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, मोबाइल डेवलपर, प्रोडक्ट मैनेजर और डेटा एनालिटिक्स मैनेजर सबसे ज्यादा सैलरी ले रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप एक स्टूडेंट हैं और अपने करियर को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो आपको इन फील्ड्स पर जरूर ध्यान देना चाहिए। ये नौकरियां न सिर्फ आपका भविष्य सुरक्षित करती हैं, बल्कि आपको एक शानदार पैकेज भी दिलाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस डिजिटल दौर में डेटा की अहमियत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। एक आम इंजीनियर 5 साल के अनुभव के बाद 8 से 12 लाख रुपये कमाता है। वहीं, अगर आपके पास डेटा साइंटिस्ट के तौर पर 5 साल का अच्छा अनुभव है, तो आप साल का 75 लाख रुपये तक का भारी-भरकम पैकेज आसानी से ले सकते हैं। भारत सरकार और इंडस्ट्री की रिपोर्ट्स बताती हैं कि आने वाले सालों में डेटा साइंटिस्ट की डिमांड और भी तेजी से बढ़ेगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सॉल्यूशन आर्किटेक्ट भी आज के समय में 80 लाख रुपये तक का शानदार पैकेज उठा रहे हैं। एक सॉल्यूशन आर्किटेक्ट किसी भी बिजनेस की जरूरत के हिसाब से प्रोजेक्ट या प्लान तैयार करता है। ये एक्सपर्ट्स कंपनियों की ग्रोथ में बहुत बड़ा रोल निभाते हैं। भारत की लगभग सभी बड़ी टेक कंपनियों में आज ऐसे टैलेंटेड लोगों की भारी डिमांड है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है और इसके बिना हमारी जिंदगी या बिजनेस की कल्पना करना भी मुश्किल है। इसी वजह से मोबाइल डेवलपमेंट के फील्ड में नौकरियां बहुत सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर किसी मोबाइल डेवलपर के पास 4 से 5 साल का अनुभव है, तो टॉप टेक कंपनियां उसे 50 से 60 लाख रुपये तक का पैकेज खुशी-खुशी दे रही हैं। देश में एंड्रॉयड और मोबाइल ऐप डेवलपर्स की मांग हर दिन तेजी से बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;कंपनियों में 4 से 5 साल का अनुभव रखने वाले प्रोडक्ट मैनेजर 15 लाख से 40 लाख रुपये तक का पैकेज ले रहे हैं। इसके अलावा, डेटा एनालिटिक्स मैनेजर जैसी अहम पोस्ट पर काम करने वाले लोग 5 साल के अनुभव के बाद 40 से 60 लाख रुपये आसानी से कमा लेते हैं। ये मैनेजर कंपनी के डेटा को सही तरीके से हैंडल करके बिजनेस बढ़ाने में मदद करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सवाल: भारत में 5 साल के अनुभव के बाद एक डेटा साइंटिस्ट कितनी सैलरी पा सकता है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जवाब: 5 साल के अनुभव के बाद भारत में एक डेटा साइंटिस्ट सालाना 75 लाख रुपये तक कमा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सवाल: मोबाइल डेवलपर्स की मार्केट में अभी क्या डिमांड है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जवाब: अगर किसी मोबाइल डेवलपर के पास 4 से 5 साल का अनुभव है, तो उसे 50 से 60 लाख रुपये का पैकेज मिलने के बहुत ज्यादा चांस होते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/top-highest-paying-tech-jobs-in-india-for-2027-data-scientist-and-more-photoshow-aws6t08"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Kavya Maran Career: कलानिधि मारन की बेटी काव्या क्या करती हैं? कहां से की पढ़ाई, जानिए करियर की दिलचस्प बातें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/kavya-maran-career-biography-education-and-what-she-does-articleshow-cc4eg6w</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/kavya-maran-career-biography-education-and-what-she-does-articleshow-cc4eg6w</guid>
            <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 11:21:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;What Does Kavya Maran Do:कौन हैं काव्या मारन और क्या करती हैं काम? जानिए कहां से की पढ़ाई, कैसे बनाई अपनी पहचान और सनराइजर्स हैदराबाद से क्या है उनका कनेक्शन। म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ शादी की खबरों के बीच जानिए काव्या मारन के लाइफ की रोचक बातें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m545yvtm8yy49bsw258hhvn9,imgname-kavya-maran-career-1792215576404.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kavya Maran Profession:&lt;/strong&gt; IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को सपोर्ट करते हुए अक्सर नजर आने वाली काव्या मारन एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी पर्सनल लाइफ है। काव्या का नाम म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ शादी की खबरों को लेकर सुर्खियों में है। हालांकि, शादी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस बीच जानिए कौन हैं काव्या मारन, उन्होंने कहां से पढ़ाई की है और क्या करती हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं काव्या मारन और कितनी है उनकी उम्र?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;काव्या मारन का जन्म 6 अगस्त 1992 को चेन्नई में हुआ था। अक्टूबर 2026 के हिसाब से उनकी उम्र 34 साल है। वह सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन और कावेरी मारन की बेटी हैं। उनका परिवार मीडिया और मनोरंजन कारोबार में अपनी मजबूत पहचान रखता है। हालांकि, काव्या की पहचान सिर्फ एक बड़े कारोबारी परिवार की बेटी के तौर पर नहीं है। वह खुद भी बिजनेस की दुनिया में सक्रिय हैं और खासकर क्रिकेट की वजह से देशभर में लोकप्रिय हुई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Who is Anirudh Ravichander: अनिरुद्ध रविचंदर कौन हैं? SRH CEO काव्या मारन से शादी की चर्चा के बीच सुर्खियों में&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या करती हैं काव्या मारन? IPL टीम से क्या है कनेक्शन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;काव्या मारन सनराइजर्स हैदराबाद की CEO हैं और टीम के प्रबंधन से जुड़े अहम फैसलों में उनकी भूमिका रहती है। IPL ऑक्शन से लेकर मैचों तक, उन्हें अक्सर टीम का समर्थन करते देखा जाता है। सनराइजर्स हैदराबाद सन टीवी नेटवर्क के स्वामित्व वाली IPL फ्रेंचाइजी है। खिलाड़ियों के चयन और टीम की रणनीति से जुड़े आयोजनों में काव्या की मौजूदगी उन्हें क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा में रखती है। मैच के दौरान उनके रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;काव्या मारन ने कहां से की है पढ़ाई?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;काव्या ने चेन्नई के स्टेला मैरिस कॉलेज से कॉमर्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने विदेश में मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। उनके एजुकेशनल बैकग्राउंड को कारोबार और टीम प्रबंधन में उनकी भूमिका से जोड़कर देखा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Kavya Maran Net Worth: अनिरुद्ध रविचंदर से शादी की चर्चा के बीच जानें कितनी अमीर हैं काव्या मारन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कितनी है काव्या मारन की नेटवर्थ?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;काव्या मारन की कुल संपत्ति को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में करीब 409 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, उनकी निजी संपत्ति का कोई आधिकारिक और सार्वजनिक रूप से सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उनके पिता कलानिधि मारन का कारोबार सन टीवी नेटवर्क सहित मीडिया और मनोरंजन के कई क्षेत्रों में फैला है। लेकिन परिवार की कुल संपत्ति और काव्या की व्यक्तिगत संपत्ति अलग-अलग हैं। काव्या मारन की पहचान आज कारोबार और क्रिकेट, दोनों क्षेत्रों में है। IPL में उनकी सक्रिय भूमिका और सन ग्रुप से जुड़ाव उन्हें देश की चर्चित युवा कारोबारी हस्तियों में शामिल करता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Amit Shah Education: अमित शाह कितने पढ़े-लिखे हैं? जानिए स्कूल से कॉलेज तक की पूरी डिटेल]]></title>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:21:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Amit Shah Education Qualification: अमित शाह कितने पढ़े-लिखे हैं और उन्होंने किस स्कूल-कॉलेज से पढ़ाई की? जानिए उनकी एजुकेशन, डिग्री और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी रोचक जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h61bt43t444yy4ngjg9fjg,imgname-amit-shah-education-qualification-1792651865924.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Amit Shah Educational Background: &lt;/strong&gt;केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राजनीतिक रणनीति और चुनावी फैसलों की चर्चा अक्सर होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्होंने पढ़ाई कहां से की और कॉलेज में कौन-सा विषय चुना था? अमित शाह 22 अक्टूबर 2026 को अपना 62 वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास अवसर पर जानिए भारतीय राजनीति के सबसे तेज रणनीतिकार अमित शाह कितने पढ़े-लिखे हैं? एजुकेशनल क्वालिफिकेशन से लेकर स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बारे में रोचक बातें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह ने कहां से की स्कूल की पढ़ाई?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से गुजरात से जुड़ा रहा है। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की प्रकाशित जीवनी के मुताबिक, अमित शाह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गुजरात के मानसा में की। वह करीब 16 साल की उम्र तक वहीं रहे और स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका परिवार अहमदाबाद चला गया। हालांकि, उनके स्कूल का सटीक नाम बताने वाली स्पष्ट जानकारी प्रमुख आधिकारिक जीवनी में उपलब्ध नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Amit Shah Family: अमित शाह के परिवार में कौन-कौन हैं और क्या करते हैं? पत्नी सोनल से बेटे जय शाह तक, जानिए&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह ने किस कॉलेज से की पढ़ाई?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमित शाह ने अहमदाबाद में आगे की शिक्षा हासिल की। उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से संबद्ध सीयू शाह साइंस कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की। यह विषय जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान से जुड़ा है, जिसमें जीवों और उनकी जैविक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह की शैक्षणिक योग्यता क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर अमित शाह की शैक्षणिक योग्यता एसवाई बीएससी (द्वितीय वर्ष बीएससी) दर्ज है। PIB की जीवनी में भी बताया गया है कि उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से बीएससी के दूसरे वर्ष तक की पढ़ाई की। यानी कि उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Amit Shah Biography: अमित शाह का बचपन कैसा था? 16 साल की उम्र तक इस गांव में रहे, फिर बदल गई जिंदगी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पढ़ाई के बाद राजनीति में कैसे आए अमित शाह?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमित शाह का राजनीतिक सफर छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ने के साथ आगे बढ़ा। बाद में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में सक्रिय हुए। संगठन में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह बनाई। जून 2019 में उन्होंने पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री का पद संभाला। जून 2024 में लगातार दूसरी बार इस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किए गए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/amit-shah-education-qualification-school-college-degree-details-articleshow-dqec9qx"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[AI छीन लेगा आपकी नौकरी या खोलेगा नए रास्ते? कंपनियों पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा, KPMG सर्वे में खुलासा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/ai-job-threat-or-new-opportunities-kpmg-survey-cybersecurity-risks-on-companies-articleshow-ggw8mai</link>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:44:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;AI Job Impact KPMG CEO Survey 2026: AI आपकी नौकरी छीन लेगा या नए मौके खोलेगा? जानिए KPMG सर्वे में 53% कंपनियों ने क्या नए संकेत दिए। साथ ही सर्वें में कंपनियों पर भी बढ़ते एक बड़े खतरे के बारे में बताया गया। पढ़ें पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m59pt69pfmnmw2r5bw39zzts,imgname-ai-job-impact-kpmg-ceo-survey-2026-1792401021238.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;AI Job Impact: &lt;/strong&gt;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। इससे जहां कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है, वहीं साइबर हमलों और नौकरियों में बदलाव का खतरा भी बढ़ रहा है। KPMG US के चेयरमैन और CEO टिम वॉल्श का मानना है कि AI को साल 2000 में कंप्यूटर सिस्टम फेल होने के डर यानी Y2K जैसी समस्या मानना सही नहीं होगा। AI की चुनौती कहीं ज्यादा व्यापक है, क्योंकि इसका असर कंपनियों की सुरक्षा, कर्मचारियों की भूमिका और भविष्य की भर्ती पर पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI से कंपनियों को सबसे बड़ा खतरा क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;KPMG के 2026 US CEO Outlook सर्वे में 400 CEOs की राय शामिल की गई। इसके मुताबिक, 85% CEO को आशंका है कि अगले तीन वर्षों में साइबर अपराध और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े खतरे उनके कारोबार की तरक्की को प्रभावित करेंगे। करीब 48% कंपनियां इस अवधि में साइबर सुरक्षा पर निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल ने इन चिंताओं को और गंभीर बना दिया है। सर्वे में शामिल CEOs ने निवेश बढ़ाने के पीछे कई कारण बताए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;78% ने AI की मदद से होने वाले सोशल इंजीनियरिंग हमलों और निशाने पर रखकर किए जाने वाले साइबर अटैक का जिक्र किया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;76% ने AI की मदद से तैयार किए गए मैलवेयर और फिशिंग हमलों को चिंता की वजह बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;73% ने AI एजेंट्स से जुड़े डेटा और प्राइवेसी जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुराने टेक्नोलॉजी सिस्टम पर निर्भर कंपनियों के लिए चुनौती और बड़ी है। ऐसे में AI अपनाने के साथ डेटा की सुरक्षा मजबूत करना भी जरूरी हो गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या AI की वजह से खत्म होंगी नौकरियां?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI का असर अब कंपनियों की हायरिंग और वर्कफोर्स प्लानिंग पर भी दिखने लगा है। सर्वे के अनुसार, 53% CEOs अगले दो से पांच वर्षों में कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बना रहे हैं। एक साल पहले यह आंकड़ा 35% था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों में कुल नौकरियां निश्चित रूप से कम हो जाएंगी। सर्वे में 89% CEOs ने अगले तीन वर्षों में अपने संगठनों का कुल वर्कफोर्स बढ़ने की उम्मीद जताई। यानी कंपनियां कुछ भूमिकाओं में कर्मचारियों की संख्या घटा सकती हैं, लेकिन दूसरी तरफ AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामों के लिए नई भर्तियां भी कर सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;'लग रहा था जैसे पैसे चुरा रहा हूं', बिना काम 4.7 करोड़ सैलरी पाने वाले की कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI के दौर में किन स्किल्स की बढ़ेगी मांग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;KPMG सर्वे के मुताबिक, 86% CEOs इंसानों और AI के साथ मिलकर काम करने के हिसाब से भूमिकाओं और टीमों को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। वहीं, 83% कंपनियां प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने और उन्हें नई स्किल्स सिखाने पर ध्यान दे रही हैं। 79% CEOs AI और टेक्नोलॉजी में कुशल लोगों की भर्ती करना चाहते हैं। टिम वॉल्श के मुताबिक, AI बड़े डेटा का विश्लेषण करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसके बावजूद सेवाएं देने में इंसानी समझ और भागीदारी की जरूरत बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुल मिलाकर, AI के दौर में सिर्फ तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, समस्याएं सुलझाने और तकनीक के साथ काम करने की क्षमता भी अहम होगी। कंपनियों के लिए असली चुनौती यही है कि वे AI का फायदा उठाते हुए साइबर सुरक्षा मजबूत करें और कर्मचारियों को बदलती जरूरतों के लिए तैयार रखें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra Essay: दशहरा पर 10 निबंध हिंदी में, LKG से 12वीं तक, 10 लाइन से 500 शब्दों तक]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/dussehra-nibandh-hindi-essay-class-kg-to-12-articleshow-kmog9qf</link>
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            <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 12:45:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra Nibandh Essay in Hindi: &lt;/strong&gt;दशहरा पर निबंध हिंदी में खोज रहे हैं? यहां KG से कक्षा 12 तक के बच्चों के लिए 10 आसान निबंध, 5 और 10 लाइनें, दशहरे का महत्व और निबंध लिखने के टिप्स जानें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m51ry27411mdaczwj83nbbx1,imgname-dussehra-essay-in-hindi-1792134809828.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra Nibandh Hindi: &lt;/strong&gt;विजयादशमी का पर्व इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दौरान रावन दहन के साथ रामलीला का आयोजन तो होता है। साथ ही स्कूल-कॉलेज में भी बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक कॉम्पिटिशन भी रखे जाते हैं। इनमें निबंध प्रतियोगिता सबसे महत्वपूर्ण होती है। अगर आपके बच्चे भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनने की सोच रहे हैं लेकिन समझ नहीं आ रहा अपनी क्लास के अनुसार कौन सा निबंध चुनें तो यहां देखें हिंदी में दशहरा निबंधन की 10 लिस्ट, जिसे जरूरत के अनुसार चुना जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;KG के बच्चों के लिए दशहरा पर 5 लाइनें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमारा एक प्रमुख त्योहार है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसे विजयादशमी भी कहते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दिन भगवान राम की जीत का उत्सव मनाया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे पर रावण का पुतला जलाया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह त्योहार हमें अच्छाई की सीख देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;UKG के बच्चों के लिए दशहरा पर 10 लाइनें&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा भारत का एक प्रसिद्ध त्योहार है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसे विजयादशमी भी कहा जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह त्योहार हर साल मनाया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान राम ने रावण का वध किया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दिन लोग भगवान राम को याद करते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कई जगहों पर रामलीला का आयोजन होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बच्चे मेले देखने जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मुझे दशहरा का त्योहार बहुत अच्छा लगता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कक्षा 1 के लिए दशहरा पर छोटा निबंध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दशहरा भारत का एक प्रमुख त्योहार है। इसे विजयादशमी भी कहते हैं। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रामायण के अनुसार, भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसी खुशी में दशहरा मनाया जाता है। इस दिन कई जगहों पर रावण का पुतला जलाया जाता है। लोग रामलीला देखते हैं और मेले में घूमने जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच बोलना चाहिए और अच्छे काम करने चाहिए। हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए और किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मुझे दशहरा बहुत पसंद है क्योंकि यह हमें अच्छी बातें सिखाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;कक्षा 2 के लिए आसान दशहरा निबंध&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दशहरा भारत के प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि अंत में जीत सत्य और अच्छाई की होती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रामायण की कथा के अनुसार, लंका के राजा रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था। भगवान राम ने रावण से युद्ध किया और उसका वध करके माता सीता को मुक्त कराया। इसी घटना की याद में दशहरा मनाया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे से पहले कई जगहों पर रामलीला दिखाई जाती है। कलाकार भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और रावण की भूमिका निभाते हैं। दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। लोग अपने परिवार के साथ मेले देखने जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमें अहंकार, झूठ और बुरे कामों से दूर रहने की सीख देता है। हमें हमेशा दूसरों का सम्मान करना चाहिए और जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें इस त्योहार को खुशी और जिम्मेदारी के साथ मनाना चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;दशहरा पर निबंध क्लास 3 के लिए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा: अच्छाई की बुराई पर जीत&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दशहरा भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह त्योहार हमें सत्य, साहस और अच्छे व्यवहार का महत्व समझाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा मनाने के पीछे भगवान राम और रावण की कथा प्रसिद्ध है। रामायण के अनुसार, रावण लंका का राजा था। उसने माता सीता का हरण कर लिया था। भगवान राम ने अपनी पत्नी को मुक्त कराने के लिए रावण से युद्ध किया और अंत में उसका वध कर दिया। इस प्रकार अच्छाई की बुराई पर जीत हुई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे के अवसर पर कई शहरों और गांवों में रामलीला का आयोजन होता है। इसमें रामायण की घटनाओं को नाटक के रूप में दिखाया जाता है। दशहरे की शाम को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। बच्चे अपने माता-पिता के साथ मेले देखने जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भारत के अलग-अलग हिस्सों में दशहरा अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। कुछ जगहों पर मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय को भी विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिए। हमें सच बोलना चाहिए, बुरे कामों से दूर रहना चाहिए और सबके साथ प्रेम से रहना चाहिए। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी सीख है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;कक्षा 4 के लिए दशहरा पर निबंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा का महत्व और इसे मनाने का तरीका&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दशहरा भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों में से एक है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन महीने में मनाया जाता है। दशहरा बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा मनाने का सबसे प्रसिद्ध कारण भगवान राम की रावण पर विजय है। रामायण के अनुसार, रावण लंका का राजा था। उसने माता सीता का हरण कर लिया था। भगवान राम ने अपने भाई लक्ष्मण और वानर सेना की सहायता से रावण से युद्ध किया। अंत में भगवान राम ने रावण का वध किया और माता सीता को मुक्त कराया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे से पहले कई स्थानों पर रामलीला का आयोजन किया जाता है। कलाकार रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का मंचन करते हैं। दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। लोग पूजा करते हैं और परिवार के साथ मेले देखने जाते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भारत के अलग-अलग राज्यों में दशहरा अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उत्तर भारत में रावण दहन प्रमुख आकर्षण होता है, जबकि कई क्षेत्रों में विजयादशमी मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी जुड़ी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है। यह हमें अपने अंदर की बुराइयों को पहचानने की प्रेरणा देता है। हमें झूठ, क्रोध और घमंड से दूर रहना चाहिए। हमें ईमानदारी से काम करना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस प्रकार दशहरा हमें अच्छा इंसान बनने और हमेशा सही रास्ते पर चलने की सीख देता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;कक्षा 5 के लिए दशहरा पर निबंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा पर निबंध: धार्मिक और सामाजिक महत्व&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रस्तावना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत त्योहारों का देश है। यहां हर त्योहार का अपना विशेष महत्व है। दशहरा भी ऐसा ही एक प्रमुख त्योहार है, जिसे पूरे देश में उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरा क्यों मनाया जाता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा मनाने के पीछे भगवान राम और रावण की कथा सबसे प्रसिद्ध है। रामायण के अनुसार, रावण ने माता सीता का हरण कर लिया था। भगवान राम ने उन्हें मुक्त कराने के लिए रावण से युद्ध किया और उसका वध कर दिया। भगवान राम की विजय को धर्म और न्याय की जीत माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई क्षेत्रों में विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध से भी है। यह कथा शक्ति और अन्याय पर विजय का संदेश देती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरा कैसे मनाया जाता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे से पहले कई स्थानों पर रामलीला का आयोजन होता है। इसमें कलाकार रामायण की घटनाओं को नाटक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। दशहरे के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं। लोग परिवार के साथ मेले देखने जाते हैं और पूजा-पाठ करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के अलग-अलग हिस्सों में दशहरे की परंपराएं अलग हैं। मैसूर का दशहरा अपनी भव्य शोभायात्राओं के लिए प्रसिद्ध है। पश्चिम बंगाल में विजयादशमी दुर्गा पूजा के समापन से जुड़ी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरे से मिलने वाली सीख&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि केवल ज्ञान और शक्ति होना पर्याप्त नहीं है। व्यक्ति के अंदर विनम्रता, ईमानदारी और अच्छे संस्कार भी होने चाहिए। रावण का अहंकार उसके पतन का कारण बना। इसलिए हमें घमंड और गलत कामों से दूर रहना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उपसंहार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा खुशियों और सकारात्मकता का त्योहार है। हमें इसे उत्साह से मनाने के साथ-साथ इसके संदेश को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। यदि हम सत्य का साथ दें और दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करें, तो हम इस त्योहार की सीख को सही अर्थों में अपना सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कक्षा 6 से 8 के लिए दशहरा पर निबंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा: भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का त्योहार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भूमिका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा भारत के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह त्योहार धार्मिक आस्था के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश भी देता है। दशहरा हमें सिखाता है कि जीवन में सत्य, न्याय और सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरे का पौराणिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे का संबंध मुख्य रूप से रामायण की कथा से है। रामायण के अनुसार, लंका का राजा रावण माता सीता का हरण करके उन्हें अपने राज्य में ले गया था। भगवान राम ने माता सीता को मुक्त कराने के लिए रावण से युद्ध किया। अंत में भगवान राम ने रावण का वध किया और धर्म की विजय हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रावण विद्वान और शक्तिशाली था, लेकिन उसका अहंकार और गलत कार्य उसके पतन का कारण बने। यह कथा बताती है कि ज्ञान और शक्ति के साथ अच्छे विचार तथा सही व्यवहार भी आवश्यक हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी जोड़ा जाता है। यह परंपरा अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध शक्ति के उपयोग का संदेश देती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भारत में दशहरा मनाने की परंपराएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के विभिन्न राज्यों में दशहरा अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में रामलीला और रावण दहन प्रमुख आकर्षण होते हैं। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के समापन पर विजयादशमी मनाई जाती है। कर्नाटक के मैसूर में भव्य दशहरा उत्सव और शोभायात्राएं आयोजित की जाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस अवसर पर लोग पूजा-पाठ करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और परिवार के साथ समय बिताते हैं। कई स्थानों पर मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कुछ क्षेत्रों में लोग अपने औजारों, पुस्तकों और काम में उपयोग होने वाली वस्तुओं की पूजा भी करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन परंपराओं से पता चलता है कि दशहरा केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता का भी प्रतीक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आज के समय में दशहरे का संदेश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज के समय में दशहरे का महत्व और भी बढ़ जाता है। हमारे समाज में झूठ, लालच, भेदभाव, हिंसा और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं दिखाई देती हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विद्यार्थियों के लिए दशहरे की सीख विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्हें मेहनत करनी चाहिए, परीक्षा में ईमानदारी बरतनी चाहिए और अपने माता-पिता तथा शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। इसी तरह प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार में सुधार लाने का प्रयास करना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;त्योहार मनाते समय पर्यावरण का ध्यान रखना भी जरूरी है। रावण दहन के आयोजनों में सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाना चाहिए। पटाखों के धुएं और तेज आवाज से लोगों तथा पशु-पक्षियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए त्योहार को सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ मनाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उपसंहार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि बुराई पर विजय पाने की शुरुआत स्वयं से होती है। यदि हम अपने अंदर की कमजोरियों को पहचानें, सत्य का साथ दें और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहें, तो हम इस त्योहार की सीख को अपने जीवन में उतार सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कक्षा 9 से 10 के लिए दशहरा पर विस्तृत निबंध&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा: बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रस्तावना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत की संस्कृति में त्योहारों का विशेष स्थान है। ये त्योहार लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की भी शिक्षा देते हैं। दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है, ऐसा ही एक प्रमुख त्योहार है। यह बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और अहंकार पर विवेक की विजय का प्रतीक माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरा मनाने की परंपराएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के अलग-अलग हिस्सों में दशहरा विभिन्न परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उत्तर भारत में दशहरे से पहले रामलीला का आयोजन किया जाता है। इसमें रामायण के प्रसंगों को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। विजयादशमी के दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल में विजयादशमी दुर्गा पूजा के समापन से जुड़ी है। कर्नाटक के मैसूर में यह त्योहार भव्य शोभायात्राओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है। कुछ क्षेत्रों में लोग शस्त्रों, औजारों और पुस्तकों की पूजा करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन अलग-अलग परंपराओं के बावजूद त्योहार का मूल संदेश सकारात्मकता, साहस और सदाचार से जुड़ा हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आधुनिक समाज में दशहरे की प्रासंगिकता&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे का महत्व केवल धार्मिक कथाओं तक सीमित नहीं है। आज के समाज में भी इसके संदेश को समझना आवश्यक है। झूठ, भ्रष्टाचार, भेदभाव, हिंसा और लालच जैसी समस्याएं सामाजिक विकास में बाधा बनती हैं। इनसे निपटने के लिए केवल दूसरों की गलतियों की आलोचना करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने व्यवहार में सुधार करना भी जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रावण दहन हमें यह सोचने का अवसर देता है कि क्या हम अपने जीवन में अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और स्वार्थ जैसी कमजोरियों को बढ़ावा दे रहे हैं। वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब हम इन कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विद्यार्थियों के लिए दशहरे का संदेश है कि वे ईमानदारी से पढ़ाई करें, अनुशासन बनाए रखें और सफलता प्राप्त करने के लिए गलत रास्ते न अपनाएं। उन्हें दूसरों की उपलब्धियों से ईर्ष्या करने के बजाय उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उपसंहार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा हमें सत्य, न्याय, साहस और विनम्रता का महत्व समझाता है। इस त्योहार की सार्थकता केवल रावण का पुतला जलाने में नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने में है। यदि हम ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, दूसरों का सम्मान करें और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों, तो दशहरे का संदेश हमारे जीवन में वास्तविक रूप से दिखाई देगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कक्षा 11 से 12 के लिए दशहरा पर निबंध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा: भारतीय संस्कृति, नैतिकता और सामाजिक चेतना का पर्व&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भूमिका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए विश्वभर में जाना जाता है। यहां मनाए जाने वाले त्योहार केवल धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति नहीं हैं, बल्कि वे समाज को नैतिक मूल्यों, सामूहिकता और मानवीय जिम्मेदारियों से भी जोड़ते हैं। दशहरा, जिसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, ऐसा ही एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और अहंकार पर विवेक की विजय का प्रतीक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दशहरे का पौराणिक और धार्मिक महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे का संबंध मुख्य रूप से रामायण की उस कथा से है, जिसमें भगवान राम लंका के राजा रावण का वध करते हैं। रामायण के अनुसार, रावण द्वारा माता सीता का हरण करने के बाद भगवान राम ने उन्हें मुक्त कराने के लिए युद्ध किया। अंततः रावण का वध हुआ और भगवान राम की विजय को धर्म तथा न्याय की स्थापना के रूप में देखा गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रावण का चरित्र इस कथा का महत्वपूर्ण पक्ष है। उसे विद्वान और शक्तिशाली बताया गया है, लेकिन उसका अहंकार और अनुचित कार्य उसके पतन का कारण बने। यह प्रसंग समझाता है कि ज्ञान, शक्ति और सफलता तभी सार्थक हैं, जब उनका उपयोग विवेक तथा नैतिकता के साथ किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी का संबंध मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध से भी है। इस धार्मिक परंपरा में देवी की विजय शक्ति, साहस और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। दोनों कथाएं अलग-अलग धार्मिक परंपराओं को व्यक्त करती हैं, लेकिन उनमें अन्याय के विरोध और धर्म की स्थापना का साझा संदेश दिखाई देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भारत में दशहरे के विविध रूप&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में दशहरा विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उत्तर भारत में रामलीला और रावण दहन प्रमुख आकर्षण होते हैं। रामलीला के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को नाटक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल सहित कई क्षेत्रों में विजयादशमी दुर्गा पूजा के समापन से जुड़ी है। कर्नाटक के मैसूर में दशहरा भव्य शोभायात्राओं और ऐतिहासिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। कुछ स्थानों पर इस दिन शस्त्रों, पुस्तकों, औजारों और कार्यस्थल पर उपयोग की जाने वाली वस्तुओं की पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन परंपराओं से स्पष्ट होता है कि दशहरा भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाला पर्व है। इसका स्वरूप क्षेत्र के अनुसार बदल सकता है, लेकिन उत्सव, आस्था और नैतिक संदेश इसके महत्वपूर्ण अंग हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;समकालीन समाज में दशहरे की प्रासंगिकता&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आधुनिक समाज में दशहरे को केवल धार्मिक उत्सव के रूप में देखना इसके व्यापक संदेश को सीमित कर देगा। आज भ्रष्टाचार, सामाजिक भेदभाव, हिंसा, असहिष्णुता और लालच जैसी समस्याएं व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक विकास को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में दशहरा आत्ममंथन करने और अपने व्यवहार की समीक्षा करने का अवसर देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रावण के दस सिरों को अक्सर मानवीय कमजोरियों के प्रतीक के रूप में समझाया जाता है। यह एक प्रतीकात्मक व्याख्या है, जिसके माध्यम से अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसी प्रवृत्तियों पर विचार किया जा सकता है। व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि उसकी सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके आचरण और दूसरों के प्रति व्यवहार से भी मापी जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विद्यार्थियों के संदर्भ में दशहरे का संदेश विशेष महत्व रखता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विवेकशील, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना भी है। ईमानदारी, अनुशासन, मेहनत और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे गुण व्यक्ति को जीवन में सही निर्णय लेने में सहायता करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बदलते समय के साथ त्योहार मनाने के तरीकों में भी बदलाव आया है। बड़े आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और कचरे की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए दशहरे के आयोजनों में सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करना आवश्यक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पटाखों के धुएं और तेज आवाज से बच्चों, बुजुर्गों तथा पशु-पक्षियों को परेशानी हो सकती है। इस कारण त्योहार मनाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहना जरूरी है। परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें जिम्मेदारी के साथ निभाना ही आधुनिक समाज की आवश्यकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उपसंहार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो सत्य, न्याय, साहस और विनम्रता का संदेश देता है। इसकी सार्थकता केवल रावण का पुतला जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन बुराइयों को पहचानने में है, जिन्हें हम अपने विचारों और व्यवहार में जगह दे देते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यदि हम अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएं, दूसरों का सम्मान करें और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार रहें, तो दशहरे की सीख हमारे जीवन में वास्तविक रूप से दिखाई देगी। यही इस त्योहार की सबसे बड़ी उपलब्धि और सच्ची विजय है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दशहरा पर निबंध लिखते समय इन बातों का ध्यान रखें&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अपनी कक्षा के अनुसार निबंध चुनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शुरुआत में दशहरे का परिचय दें और फिर इसके महत्व के बारे में लिखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;निबंध में दशहरा मनाने का कारण, परंपराएं और इससे मिलने वाली सीख शामिल करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छोटे बच्चों के लिए छोटे और सरल वाक्यों का इस्तेमाल करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बड़ी कक्षाओं में विषय को उदाहरणों और स्पष्ट निष्कर्ष के साथ समझाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;निबंध को याद करने के लिए पहले उसका अर्थ समझें और फिर अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
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            <title><![CDATA[अफ्रीका में बच्चों की स्कूल फीस कितनी है? इंग्लिश पढ़ाने वाले टीचर की सैलरी सुनकर उड़ जाएंगे होश!]]></title>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:55:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;जब भी हम 'अफ्रीका' का नाम सुनते हैं, तो टीवी और यूट्यूब पर हमें सिर्फ गरीबी, भुखमरी, जंगल और आदिवासी लोग ही नजर आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी गरीबी के बीच वहां का एजुकेशन सिस्टम कैसा है? वहां के स्कूलों में बच्चों की फीस कितनी होती है?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;जब भी हम 'अफ्रीका' का नाम सुनते हैं, तो टीवी और यूट्यूब पर हमें सिर्फ गरीबी, भुखमरी, जंगल और आदिवासी लोग ही नजर आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतनी गरीबी के बीच वहां का एजुकेशन सिस्टम कैसा है? वहां के स्कूलों में बच्चों की फीस कितनी होती है?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;हाल ही में एक भारतीय (तेलुगु) ट्रैवलर ने अफ्रीका के एक छोटे से देश गाम्बिया (Gambia) का दौरा किया। उन्होंने वहां के लोगों से सीधे बात की और वहां के एजुकेशन सिस्टम और टीचर्स की असली हालत दुनिया के सामने रखी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अफ्रीका में टीचर्स की सैलरी कितनी है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हम भारत में अक्सर टीचर्स की सैलरी पर बात करते हैं। लेकिन गाम्बिया जैसे अफ्रीकी देशों में टीचर्स की आर्थिक हालत सच में बहुत खराब है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्राइवेट स्कूल (Private Schools): यहां के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले प्राइमरी टीचर्स को महीने के सिर्फ 200 डॉलर मिलते हैं (लोकल करेंसी गाम्बियन दलासी में करीब 10,000 से 15,000 Dalasi)। अगर इसे भारतीय रुपये में देखें तो यह करीब 16,000 से 17,000 रुपये बनता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकारी स्कूल (Govt Schools): सरकारी स्कूलों की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। यहां कई टीचर्स को महीने के 100 डॉलर (करीब 8,000 रुपये) से भी कम सैलरी मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इतनी कम सैलरी में घर चलाना मुश्किल होता है, इसलिए ज्यादातर टीचर्स स्कूल के बाद प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अफ्रीका में भले ही बुनियादी सुविधाओं की कमी है, लेकिन बच्चों में सीखने की गजब की लगन है। गाम्बिया के ज्यादातर बच्चे बहुत ही साफ और फर्राटेदार इंग्लिश बोलते और लिखते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यहां लोकल भाषाओं के साथ-साथ इंग्लिश को भी स्कूल के लेवल से ही पढ़ाई का मुख्य माध्यम बनाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए सही बेंच, डेस्क या अच्छी बिल्डिंग नहीं है। फिर भी बच्चे जमीन पर बैठकर पूरी लगन से पढ़ाई करते हैं, जिसे देखकर किसी की भी आंखें भर आएं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[IAS की नौकरी छोड़ राजनीति में आए 5 अफसर, जानिए किसे मिली सत्ता और कौन लौटा नौकरी पर?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/ias-ips-officers-who-left-civil-services-for-politics-what-happened-next-kejriwal-to-divya-mittal-articleshow-mhx1c8g</link>
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            <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 13:14:39 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;IAS Officers Who Joined Politics: IAS , IPS और IRS जैसी प्रशानिक नौकरी छोड़कर राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल, शशिकांत सेंथिल, कन्नन गोपीनाथन, के अन्नामलाई और शाह फैसल का राजनीतिक सफर जानिए। जानिए किसे मिली सत्ता और कौन लौटा वापस नौकरी पर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m51tmgzg7fsw117cvgb5q01z,imgname-ias-officers-who-joined-politics-1792136594416.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IAS Officers in Politics:&lt;/strong&gt; सरकारी व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए सिविल सेवा छोड़कर राजनीति में उतरना आसान फैसला नहीं है। लेकिन असली चुनौती इस्तीफे के बाद शुरू होती है। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने नई पार्टी जन नीति भारत बनाकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने व्यवस्था में काम करने की इच्छा की कमी को अपने फैसले की वजह बताया है। उनका लक्ष्य 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव है। लेकिन क्या प्रशासनिक अनुभव राजनीति में सफलता की गारंटी बन सकता है? जानिए अरविंद केजरीवाल से लेकर शाह फैसल तक, ऐसे पांच अधिकारियों की कहानियां जो IAS, IPS, IRS जैसी प्रशासनिक नौकरी छोड़ कर राजनीति में आए और आज वे कहां हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अरविंद केजरीवाल: आंदोलन से बनी राष्ट्रीय पार्टी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय राजस्व सेवा (IRS) छोड़ने के बाद केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े और 2012 में आम आदमी पार्टी (AAP) बनाई। साल 2015 में पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की। केजरीवाल मुख्यमंत्री भी बने, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में AAP सत्ता से बाहर हो गई। वह अब भी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;कौन हैं तेजस पार्थसारथी सुदर्शन? PM मोदी को मेट्रो में मिले सिर्फ 90 सेकंड, बता दिए AI के 2 बड़े आइडिया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शशिकांत सेंथिल: कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंचे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी सेंथिल ने 2019 में इस्तीफा दिया था। बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की तिरुवल्लूर सीट से जीतकर सांसद बने। उनका सफर दिखाता है कि किसी स्थापित राजनीतिक संगठन के साथ काम करना भी राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कन्नन गोपीनाथन: इस्तीफे पर अब भी सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने और संचार पाबंदियों के विरोध में गोपीनाथन ने 2019 में इस्तीफा दिया था। अक्टूबर 2025 में वह कांग्रेस में शामिल हुए। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया है। इस वजह से उनके राजनीतिक भविष्य पर प्रशासनिक प्रक्रिया का असर बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;के अन्नामलाई: BJP के बाद नई राजनीतिक राह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तमिलनाडु के पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई BJP के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी नेतृत्व से रणनीतिक मतभेदों के बाद उन्होंने 2025 में BJP छोड़ी और &lsquo;We The Leaders&rsquo; नाम से नया आंदोलन शुरू किया। अब उनकी राजनीति की दिशा इस नए मंच के कामकाज से तय होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शाह फैसल: राजनीति छोड़ फिर सरकारी सेवा में वापसी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2010 के UPSC टॉपर शाह फैसल ने 2019 में IAS से इस्तीफा देकर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट बनाई। हालांकि, बाद में उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई। केंद्र सरकार ने 2022 में उनका इस्तीफा वापस लेने की अनुमति दी और वह फिर सरकारी सेवा में लौट आए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Ritu Barala Biography: रितु बराला कौन हैं और सुर्खियों में क्यों? जानें एजुकेशन, फैमिली और करियर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या प्रशासनिक अनुभव राजनीति में जीत दिला सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन पांच कहानियों से साफ है कि सिविल सेवा का अनुभव राजनीति में प्रवेश का आधार तो बन सकता है, लेकिन आगे का रास्ता संगठन, जनसमर्थन और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कोई अपनी पार्टी बनाता है, कोई स्थापित दल में जगह बनाता है और कोई वापस सरकारी सेवा में लौट जाता है। दिव्या मित्तल के सामने भी अब यही चुनौती है, अपने प्रशासनिक अनुभव को जनता के भरोसे और चुनावी समर्थन में बदलना।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Troubled Children: स्कूलों में सबसे ज्यादा शोर मचाते हैं इन देशों के बच्चे, जानें भारत का हाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/which-country-has-the-most-naughty-school-children-and-where-does-india-stand-photoshow-mzbb7yi</link>
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            <pubDate>Sun, 25 Oct 2026 11:51:09 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;PISA Latest Report: बच्चे स्वभाव से ही शरारती होते हैं। दुनिया के किस देश के बच्चे क्लासरूम में सबसे ज्यादा उधम मचाते हैं, इसे लेकर एक सर्वे हुआ है। क्या आप जानते हैं कि सबसे ज्यादा शोर मचाने वाले बच्चे कहां के हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5rv5dnxyr60k7x58p19e05k,imgname-school--1--1792908900029.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;PISA Latest Report: बच्चे स्वभाव से ही शरारती होते हैं। दुनिया के किस देश के बच्चे क्लासरूम में सबसे ज्यादा उधम मचाते हैं, इसे लेकर एक सर्वे हुआ है। क्या आप जानते हैं कि सबसे ज्यादा शोर मचाने वाले बच्चे कहां के हैं?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (PISA) की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया भर के स्कूलों में बच्चों के व्यवहार पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पश्चिमी देशों के स्कूलों में बच्चों का शोरगुल एक बड़ी समस्या बन गया है। ऑस्ट्रेलिया के 41 प्रतिशत छात्रों ने माना कि उनकी क्लास में लगातार भारी शोर रहता है, जबकि वैश्विक औसत 31 प्रतिशत है। लैपटॉप और टैबलेट के इस्तेमाल से 39 प्रतिशत बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है। न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के स्कूलों में भी बच्चे टीचर की बात नहीं सुनते और क्लास में खूब हंगामा करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पश्चिमी देशों के उलट, एशियाई देशों के स्कूलों में बच्चे बहुत अनुशासन में रहते हैं। जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों में क्लासरूम एकदम शांत रहते हैं। इन देशों के 85 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों ने बताया कि पढ़ाई के दौरान क्लास में कोई फालतू शोर नहीं होता। बच्चे पूरी तरह शांत रहते हैं, इसलिए टीचर्स अपना पूरा समय सिर्फ पढ़ाने में लगाते हैं। चीन के स्कूलों में भी नियम बहुत सख्त हैं। पूर्वी एशिया का एजुकेशन सिस्टम बेहतरीन अनुशासन की मिसाल पेश कर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस इंटरनेशनल सर्वे में भारत के ताजा आंकड़े शामिल नहीं हैं। भारतीय शिक्षा विभाग ने PISA के ताजा सर्वे में हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए हमारे देश के बच्चों की कोई आधिकारिक रैंकिंग नहीं है। भारत ने आखिरी बार 2009 में इस टेस्ट में हिस्सा लिया था। हमारे देश में गुरु-शिष्य परंपरा का असर आज भी स्कूलों में दिखता है। बच्चे अपने टीचर्स का बहुत सम्मान करते हैं, इसलिए पश्चिमी देशों की तुलना में भारत के क्लासरूम में हंगामा काफी कम होता है। भारतीय क्लासरूम में बच्चे थोड़ी बहुत मस्ती जरूर करते हैं, लेकिन पढ़ाई में रुकावट डालने वाली अनुशासनहीनता बहुत कम दिखती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Pilot Hijil Jebin Story: 20 सब्जेक्ट में फेल, Zomato में की डिलीवरी-अब पायलट बना केरल का 'लाल']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/from-zomato-delivery-boy-to-pilot-the-inspiring-journey-of-kerala-youth-haizil-jebin-articleshow-q1o9lk4</link>
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            <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 19:55:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;केरल के 29 वर्षीय हाइजिल जेबिन ने पायलट बनने के लिए कड़ा संघर्ष किया। इंजीनियरिंग में फेल होने और जोमैटो में काम करने के बावजूद वे डटे रहे। पिता के निधन के बाद लोन लेकर अब वे फिलीपींस में पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m51k6kcc77hb03qjdmkwmpjk,imgname-from-zomato-delivery-rider-to-pilot--kerala-man-s-inspiring-journey-1792128798092.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बचपन का सपना सच करना सबके लिए आसान नहीं होता। कुछ लोगों को मंजिल आसानी से मिल जाती है, तो कुछ को कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। केरल के 29 साल के हाइजिल जेबिन की कहानी भी बिल्कुल ऐसी ही है। इंजीनियरिंग में फेल होने, जोमैटो में डिलीवरी का काम करने, पिता को खोने और एजुकेशन लोन के लिए धक्के खाने के बावजूद, इस लड़के ने पायलट बनने की अपनी जिद नहीं छोड़ी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बचपन के सपने में आई पहली रुकावट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाइजिल 15 साल के थे, तभी से उनका मन एविएशन सेक्टर में था। लेकिन परिवार के कहने पर उन्होंने केरल के मुन्नार स्थित कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में एडमिशन ले लिया। धीरे-धीरे इस कोर्स से उनका मन उठ गया। नतीजा ये हुआ कि 20 सब्जेक्ट्स में उनकी बैकलॉग आ गई और डिग्री पूरी करने में छह महीने का एक्स्ट्रा समय लग गया। लेकिन इस नाकामी ने उनके असली सपने को नहीं तोड़ा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जोमैटो डिलीवरी से लेकर मैथ्स पढ़ाने तक का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाइजिल इंडियन आर्म्ड फोर्सेज में पायलट बनना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी। पढ़ाई और भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपना खर्च निकालने के लिए उन्होंने कोच्चि में जोमैटो डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करना शुरू किया। करीब छह महीने बाद वो बेंगलुरु शिफ्ट हो गए। वहां उन्होंने एक एडटेक कंपनी में मैथ्स ट्यूटर की नौकरी कर ली। नौकरी के साथ-साथ वो पायलट बनने के अपने लक्ष्य पर भी फोकस करते रहे।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;पिता का निधन, नौकरी छूटी और एक और झटका&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;साल 2020 में दुबई में उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया। कोविड महामारी के उस दौर में इलाज और सफर का इंतजाम करना परिवार के लिए बहुत मुश्किल था। पिता को भारत लाने की तमाम कोशिशों के बाद भी, जून 2021 में उनका निधन हो गया। इस सदमे के बाद हाइजिल की पढ़ाने वाली नौकरी भी चली गई। दूसरी तरफ, उम्र सीमा पार हो जाने की वजह से आर्म्ड फोर्सेज में पायलट बनने का उनका मौका भी हाथ से निकल गया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;लोन रिजेक्ट होने के बावजूद विदेश में ट्रेनिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इसके बाद उन्होंने कमर्शियल पायलट बनने का फैसला किया। उन्होंने फिलीपींस की 'फास्ट एविएशन एकेडमी' को चुना, लेकिन ट्रेनिंग के लिए पैसों का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती थी। करीब दो साल तक वो एजुकेशन लोन के लिए बैंकों के चक्कर काटते रहे और कई बार उन्हें निराशा हाथ लगी। आखिरकार एक बैंक ने उनका लोन पास कर दिया। दिसंबर 2024 में वो फिलीपींस गए और ट्रेनिंग शुरू की। 2026 में उन्होंने प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) की ट्रेनिंग पूरी कर ली है। अब वो कमर्शियल पायलट बनने के लिए अगले लेवल की ट्रेनिंग ले रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;मंजिल की तरफ बढ़ते कदम&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;हाइजिल की ये कहानी सिर्फ करियर बदलने की कहानी नहीं है। ये कहानी है निजी नुकसान, पैसों की तंगी और बार-बार मिलने वाली निराशा के बावजूद अपने लक्ष्य पर डटे रहने की। वो अभी भी कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं, और उनका ये सफर अपने आप में एक बड़ी कामयाबी है।&lt;/p&gt;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&lt;p&gt;Zomato Delivery Partners (@zomatodeliverypartner) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/from-zomato-delivery-boy-to-pilot-the-inspiring-journey-of-kerala-youth-haizil-jebin-articleshow-q1o9lk4"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dhirubhai Ambani International School: दुनिया के टॉप 10 में इकलौता भारतीय स्कूल, जानें कितनी है फीस]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/dhirubhai-ambani-international-school-fees-and-global-top-10-ranking-2026-photoshow-qgdz12a</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:40:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Dhirubhai Ambani School Admission: मुंबई का धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल 2026 के लिए इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम की ग्लोबल रैंकिंग में 9वें नंबर पर आया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5fepry3v6xt9afjgv1asts3,imgname-dhirubhai-ambani-1792593847235.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Dhirubhai Ambani School Admission: मुंबई का धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल 2026 के लिए इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम की ग्लोबल रैंकिंग में 9वें नंबर पर आया है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल (DAIS) ने ग्लोबल एजुकेशन में फिर अपना डंका बजाया है। एजुकेशन एडवाइजर्स यूके की 2026 की ग्लोबल रैंकिंग में इस स्कूल ने 9वां मुकाम हासिल किया है। स्कूल को यह कामयाबी इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम में मिली है। 2026 बैच के छात्रों ने औसतन 40.8 पॉइंट स्कोर किए हैं। स्कूल खुलने के बाद से यह अब तक का सबसे शानदार रिजल्ट है। DAIS दुनिया के टॉप 10 स्कूलों में जगह बनाने वाला इकलौता भारतीय स्कूल बन गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक और खास बात यह है कि टॉप 10 स्कूलों में DAIS के पास सबसे ज्यादा 105 छात्र IB डिप्लोमा प्रोग्राम में हैं। इतने सारे बच्चों को पढ़ाकर बेहतरीन रिजल्ट देना स्कूल के शानदार एजुकेशन लेवल को दिखाता है। स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि बच्चों की लगन, कुछ नया सीखने की चाहत और बेहतरीन पढ़ाई की वजह से ही यह कामयाबी मिली है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दुनियाभर में मशहूर इस स्कूल में हर पैरेंट्स अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। लेकिन सबसे पहले फीस जानना जरूरी है। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में मौजूद यह स्कूल 2003 में खुला था। यह एक को-एजुकेशन स्कूल है, जहां हॉस्टल नहीं है, बच्चे सिर्फ दिन में पढ़ने आते हैं (डे स्कॉलर)।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्कूल ने फीस की कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है, लेकिन अलग-अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक अनुमानित फीस इस तरह है:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* एप्लीकेशन फीस: लगभग 5,000 रुपये (यह वापस नहीं मिलती)।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* LKG से 7वीं क्लास तक: सालाना करीब 1.7 लाख रुपये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* 8वीं से 10वीं (ICSE): सालाना करीब 1.85 लाख रुपये (यह सिस्टम धीरे-धीरे बंद हो रहा है)।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* 8वीं से 10वीं (कैम्ब्रिज IGCSE): सालाना 4.48 लाख से 5.9 लाख रुपये के बीच।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;* 11वीं और 12वीं (IB डिप्लोमा): सालाना करीब 9.65 लाख रुपये।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह सिर्फ एक अनुमान है। स्कूल समय-समय पर फीस बदल सकता है। बाकी खर्चे मिलाकर टोटल फीस और बढ़ सकती है। इसलिए एडमिशन से पहले स्कूल से लिखित में ताजा फीस की जानकारी लेना बेहतर है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस स्कूल में हर क्लास की फीस एक जैसी नहीं है। इंटरनेशनल बोर्ड में जाने पर फीस काफी बढ़ जाती है। 8वीं से 10वीं तक कैम्ब्रिज IGCSE पैटर्न पर पढ़ाई होती है। वहीं 11वीं और 12वीं में इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम चलता है। ICSE पैटर्न को स्कूल धीरे-धीरे बंद कर रहा है। इंटरनेशनल लेवल की पढ़ाई के लिए खास ट्रेनिंग पाए हुए टीचर्स, प्रोजेक्ट्स और एक्स्ट्रा एक्टिविटीज होती हैं, जिससे फीस ज्यादा लगती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पढ़ाई के अलावा बच्चों को बाकी फील्ड में आगे बढ़ाने के लिए स्कूल में शानदार सुविधाएं हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्लासरूम और लैब: करीब 1.3 लाख स्क्वायर फीट का कैंपस है, जिसमें 60 से ज्यादा एसी क्लासरूम और साइंस लैब हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लाइब्रेरी: यहां 40,000 से ज्यादा किताबें और डिजिटल बुक्स मौजूद हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आर्ट और म्यूजिक: आर्ट, म्यूजिक, लैंग्वेज और कंप्यूटर के लिए अलग कमरे हैं। प्रोग्राम्स के लिए एक खास परफॉर्मेंस एरिया भी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्पोर्ट्स: 2.3 एकड़ का प्लेग्राउंड, बास्केटबॉल, टेनिस, वॉलीबॉल कोर्ट और योगा रूम है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अन्य सुविधाएं: मेडिकल सेंटर, ऑडियो-विजुअल ऑडिटोरियम और दो डाइनिंग हॉल हैं, जहां बच्चों को शाकाहारी खाना और स्नैक्स मिलते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अगर एडमिशन प्रोसेस की बात करें, तो बाहर के स्कूलों से आने वाले बच्चों को आमतौर पर 8वीं और 11वीं क्लास में एंट्री मिलती है। हालांकि, यह खाली सीटों, योग्यता और उस साल के नियमों पर निर्भर करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8वीं क्लास में एडमिशन: आमतौर पर नवंबर में एंट्रेंस टेस्ट होता है, जिसके बाद एक इंटरैक्टिव सेशन (बातचीत) होता है। बच्चों से 500 शब्दों में अपने विचार लिखने (स्टेटमेंट) को भी कहा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11वीं क्लास में एडमिशन: सबसे पहले मल्टीपल चॉइस (MCQ) टेस्ट होता है, फिर थ्योरी का एग्जाम लिया जाता है। इसके बाद इंटरैक्टिव सेशन होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;छोटी क्लास में एडमिशन: इसके लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरने के बाद बच्चों और पैरेंट्स के साथ बातचीत जैसे स्टेप्स शामिल होते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा क्या करते हैं? जानें पढ़ाई से करियर तक की पूरी कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/raihan-vadra-biography-education-career-net-worth-photoshow-qumr6m9</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:00:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Raihan Vadra Education Details: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा कौन हैं? जानें उनकी पढ़ाई, फोटोग्राफी करियर, पहली आर्ट एग्जिबिशन, नेटवर्थ, और मंगेतर अवीवा बैग के बारे में।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h44f2zxeqm0egqbej2bfbx,imgname-raihan-vadra--7-1792649870431.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Raihan Vadra Education Details: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा कौन हैं? जानें उनकी पढ़ाई, फोटोग्राफी करियर, पहली आर्ट एग्जिबिशन, नेटवर्थ, और मंगेतर अवीवा बैग के बारे में।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा उन लोगों में शरीक हैं, जिन्होंने राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद अपने करियर के लिए अलग क्षेत्र चुना। बेटे रेहान पेशे से फोटोग्राफर और विजुअल आर्टिस्ट हैं। उन्होंने वाइल्ड लाइफ, स्ट्रीट फोटोग्राफी और आर्ट में दिलचस्पी है। साल 2021 में वह अपनी पहली सोलो आर्ट एग्जिबिशन भी आयोजित कर चुके हैं। हाल में दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी प्रदर्शनी &quot;No Idea Is Final&quot; में तस्वीरों को हटाने को लेकर विवाद सामने आया, जिसके बाद से वह चर्चा में हैं। रेहान का पहचान इस विवाद तक सीमित नहीं है, आइए जानते हैं उनकी पढ़ाई, करियर और नेटवर्थ से जुड़ी अहम बातें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रेहान प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। उनका परिवार भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान रखता है। इसके बावजूद रेहान ने सक्रिय राजनीति के बजाय फोटोग्राफी और विजुअल आर्ट में रुचि दिखाई। वह कैमरे के जरिए प्रकृति, वन्यजीवों, शहरों और सामाजिक गतिविधियों को दर्ज करते हैं। उनकी कला में फोटोग्राफी के अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रायहान वाड्रा ने देहरादून के फेमस दून स्कूल से स्कूली शिक्षा हासिल की। यह भारत के जाने-माने बोर्डिंग स्कूलों में शामिल है। पढ़ाई के साथ-साथ उनकी रुचि क्रिएटिव एक्टीविटीज और कला में भी रही। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद रेहान ने लंदन स्थित SOAS, University of London में दाखिला लिया। हालांकि समय के साथ फोटोग्राफी की तरफ उनका झुकाव बढ़ता गया और आगे चलकर उन्होंने कैमरे को अपना साथी बना लिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रेहान वाड्रा पेशे से फोटोग्राफर और विजुअल आर्टिस्ट हैं। वह अलग-अलग विषयों पर तस्वीरें लेते हैं और अपने काम को कला प्रदर्शनियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं। उनके काम से जुड़ी फोटोग्राफी की प्रमुख शैलियां हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी&lt;/strong&gt;- इसमें जंगली जानवरों, पक्षियों और प्रकृति के दृश्यों को कैमरे में कैद किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;स्ट्रीट फोटोग्राफी&lt;/strong&gt;- शहरों, लोगों और रोजमर्रा की जिंदगी के वास्तविक पलों को तस्वीरों के जरिए दर्ज किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;विजुअल आर्ट&lt;/strong&gt;- तस्वीरों और अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए विचारों, अनुभवों और भावनाओं को अभिव्यक्त किया जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रेहान वाड्रा ने साल 2021 में नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में अपनी पहली सोलो एग्जिबिशन 'Dark Perception' आयोजित की थी।इसके बाद 'Anumana' और 'Upamana' जैसी प्रदर्शनियों का भी आयोजन भी कर चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रेहान वाड्रा की नेट वर्थ यानी कुल संपत्ति के बारे में कोई सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उनकी व्यक्तिगत संपत्ति, फोटोग्राफी से होने वाली कमाई, फीस या सालाना आय का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रेहान वाड्रा ने अब तक सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान मुख्य रूप से फोटोग्राफी और कला के क्षेत्र में बनाई है। उन्होंने राजनीति की पढ़ाई की है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह सक्रिय राजनीति में प्रवेश करेंगे। फिलहाल उनकी सार्वजनिक पहचान एक फोटोग्राफर और विजुअल आर्टिस्ट के रूप में है। उनके भविष्य के करियर या राजनीति में आने को लेकर कोई निश्चित घोषणा उपलब्ध नहीं है&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;करियर- एजुकेशन के साथ रेहान रायहान की निजी जिंदगी भी लोगों की दिलचस्पी का विषय रही है। वह अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड रही अवीवा बैग (Aviva Baig) से सगाई को लेकर भी चर्चा में आए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रायहान और अवीवा कई सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/raihan-vadra-biography-education-career-net-worth-photoshow-qumr6m9"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[काम करते-करते अचानक बंद हुए लैपटॉप! इस कंपनी ने एक झटके में निकाले 550 कर्मचारी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/innodata-layoffs-india-550-employees-job-cuts-laptop-access-disabled-termination-email-articleshow-s8o9obp</link>
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            <pubDate>Tue, 27 Oct 2026 19:40:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;InnoData Layoffs: रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 550 कर्मचारी प्रभावित हुए। कर्मचारियों ने बताया कि अचानक लैपटॉप एक्सेस बंद हुआ और टर्मिनेशन ईमेल मिले।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5yv18ag2e17ezq2ca3pe4a5,imgname-innodata-layoffs-1793110090064.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;InnoData Layoffs:&lt;/strong&gt; दिल्ली में रहने वाले 28 साल के एक इंजीनियर के लिए सोमवार की शुरुआत सामान्य दिनों जैसी थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि बिना किसी सूचना या चेतावनी के उसकी नौकरी अचानक चली जाएगी। वह इनोडेटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों में से एक था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कंपनी ने करीब 550 कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाल दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आम दिन की तरह शुरू हुआ काम, फिर बंद होने लगा एक्सेस&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कर्मचारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह उन्होंने रोज की तरह अपने सिस्टम में लॉग इन किया और अटेंडेंस दर्ज की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन लंच के समय तक हालात बदलने लगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धीरे-धीरे कर्मचारियों के लिए कंपनी के लैपटॉप का एक्सेस बंद होने लगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद उनके पर्सनल ईमेल आईडी पर नौकरी खत्म किए जाने से जुड़े टर्मिनेशन मेल भेजे गए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक कर्मचारी ने बताया कि एक-एक करके उनके आधिकारिक डिवाइस का एक्सेस बंद होने लगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लैपटॉप से लॉग आउट हो गया और कंपनी की ऑफिशियल आईडी डि-एक्टिवेट कर दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कर्मचारियों के लिए यह स्थिति चौंकाने वाली थी, क्योंकि उन्हें पहले से किसी तरह की सूचना नहीं दी गई थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;HR पोर्टल पर दिखी 26 अक्टूबर की तारीख&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;छंटनी की खबर फैलने के बाद भारत में काम करने वाले कर्मचारियों ने कंपनी का HR पोर्टल चेक करना शुरू किया। वहां उन्हें अपनी पेस्लिप बनी हुई मिली।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पोर्टल पर 26 अक्टूबर को इस्तीफे की ऑफिशियल डेट और लास्ट वर्किंग डे के रूप में दर्ज किया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों ने जल्दबाजी में अपने मैनेजरों से संपर्क करने की कोशिश की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक कर्मचारी के मुताबिक, मैनेजर भी इस खबर से हैरान थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कर्मचारियों ने पहले इसे अफवाह समझकर HR टीम से स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उनके डिवाइस का एक्सेस भी बंद होने लगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक कर्मचारी ने बताया, &ldquo;जब हम अपनी HR टीम को इस &lsquo;अफवाह&rsquo; के बारे में मैसेज कर रहे थे, तब एक-एक करके हमारे आधिकारिक डिवाइस का एक्सेस जाना शुरू हो गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लैपटॉप लॉग आउट हो गए और ऑफिशियल आईडी डि-एक्टिवेट कर दी गईं।&rdquo;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;फिलीपींस में भी छंटनी की खबर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 550 कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनी की फिलीपींस टीम में भी कर्मचारियों की नौकरी जाने की खबर सामने आई है। कर्मचारियों के मुताबिक, उन्हें नौकरी खत्म किए जाने की जानकारी अचानक मिली और इसके साथ ही कंपनी के सिस्टम तक उनकी पहुंच भी बंद होने लगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या करती है Innodata कंपनी?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इनोडेटा अमेरिका स्थित डेटा इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विसेज देने वाली कंपनी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका हेडऑफिस रिजफील्ड पार्क, न्यू जर्सी में है। कंपनी टेक्नोलॉजी संगठनों को AI सिस्टम बनाने और बेहतर करने में मदद करती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इनोडेटा डेटा लेबलिंग, मॉडल ट्रेनिंग, इवैल्यूएशन और सेफ्टी टेस्टिंग जैसी सेवाएं देती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, उसके ग्राहकों में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, एप्पल, सोनी, हेवलेट-पैकर्ड, स्नोफ्लेक, बोइंग और डेलॉइट जैसी कंपनियां शामिल हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/innodata-layoffs-india-550-employees-job-cuts-laptop-access-disabled-termination-email-articleshow-s8o9obp"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कौन हैं राहुल अग्रवाल? चम्मच के अनोखे आइडिया से Shark Tank USA में मिली ₹3.32 करोड़ की डील]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/who-is-rahul-agarwal-foldable-measuring-spoon-3-crore-shark-tank-usa-deal-his-education-career-details-articleshow-yitt5bt</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 11:30:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Who Is Rahul Agarwal Shark Tank USA: कौन हैं राहुल अग्रवाल, जिन्होंने फोल्ड होने वाले चम्मच के अनोखे आइडिया से Shark Tank USA में सबका ध्यान खींचा? जानिए कैसे मिली ₹3.32 करोड़ की डील।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bxs28fbwa634kgth3nj41t,imgname-who-is-rahul-agarwal-shark-tank-usa-1792475433230.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rahul Agarwal Shark Tank USA: &lt;/strong&gt;किचन में इस्तेमाल होने वाला एक साधारण चम्मच किसी बिजनेस आइडिया की वजह बन सकता है, शायद राहुल अग्रवाल ने भी कभी नहीं सोचा होगा। भारत के इस इंडस्ट्रियल डिजाइनर ने रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले मापने के चम्मच को ऐसा नया रूप दिया कि अमेरिकी बिजनेस रियलिटी शो Shark Tank USA में उनके प्रोडक्ट Polygons को 3.5 लाख डॉलर (3 करोड़ रुपए) की निवेश डील मिल गई। खास बात यह है कि इसके लिए छह अलग-अलग चम्मच रखने की जरूरत नहीं पड़ती। दो फ्लैट चम्मच ही कई तरह के माप का काम कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं राहुल अग्रवाल, जिनके आइडिया ने Shark Tank में जीता दिल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राहुल अग्रवाल Polygons Design के संस्थापक हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) में पढ़ाई के दौरान इस आइडिया पर काम शुरू किया था। साल 2014 में एक सीनियर ने उनसे कहा कि चम्मच का डिजाइन पहले ही बेहतर हो चुका है और इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं है। राहुल ने इस बात को चुनौती की तरह लिया। दिलचस्प बात यह है कि उस समय उन्हें खुद खाना बनाना भी नहीं आता था। इसके बावजूद उन्होंने चम्मच को नए तरीके से डिजाइन करने की ठान ली। महज तीन दिनों में इसका शुरुआती आइडिया तैयार हो गया, हालांकि इसे उपयोग के लिए बेहतर बनाने में कई साल लगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;AI छीन लेगा आपकी नौकरी या खोलेगा नए रास्ते? कंपनियों पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा, KPMG सर्वे में खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है Polygons का फोल्ड होने वाला चम्मच?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Polygons एक खास तरह का मेजरिंग स्पून सेट है, जिसे कम जगह में रखने और इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें छह पारंपरिक मापने वाले चम्मचों की जगह दो फ्लैट टूल दिए गए हैं। इनकी खासियत है कि तय निशानों पर दबाने से चम्मच अलग-अलग माप के आकार में मुड़ जाता है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बड़ा चम्मच: आधा टेबलस्पून, एक टेबलस्पून और दो टेबलस्पून।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छोटा चम्मच: एक-चौथाई टीस्पून, आधा टीस्पून और एक टीस्पून।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फ्लैट होने पर मोटाई: करीब 2.8 मिलीमीटर।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सामग्री: फूड-ग्रेड थर्मोप्लास्टिक, हाइड्रोफोबिक सिलिकॉन और नियोडिमियम मैग्नेट।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह डिजाइन खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिन्हें किचन में कम सामान रखना पसंद है या जिनके पास स्टोरेज की जगह कम है। नीचे देखें वीडियो-&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;View this post on Instagram&lt;p&gt;A post shared by Polygons&trade; Design (@getpolygons)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Shark Tank USA में किसने किया निवेश?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शो के सीजन 18 के एपिसोड 4 में Polygons को निवेश का प्रस्ताव मिला। इस एपिसोड में अभिनेत्री और प्रोड्यूसर मिंडी कलिंग गेस्ट शार्क के रूप में शामिल हुई थीं। राहुल अग्रवाल ने लोरी ग्रीनर और मिंडी कलिंग से 3.5 लाख डॉलर (3 करोड़ रुपए) की डील स्वीकार की। इसके बदले उन्होंने कंपनी की 8 फीसदी इक्विटी और 2 फीसदी एडवाइजरी शेयर देने पर सहमति जताई। यानी कुल हिस्सेदारी 10 फीसदी हुई और डील के आधार पर कंपनी का मूल्यांकन 35 लाख डॉलर बैठता है। मिंडी कलिंग ने इस प्रोडक्ट को बेहद उपयोगी और अनोखा बताया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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