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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Thu, 02 Jul 2026 16:44:19 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA['6% हाइक से बेहतर इस्तीफा', बिना दूसरी नौकरी के जॉब छोड़ने वाले युवक की कहानी वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/bengaluru-man-quits-job-over-paltry-rs-2600-salary-hike-viral-video-sparks-debate-articleshow-7v4qee1</link>
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            <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 13:24:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरु के एक युवक ने कम सैलरी, भारी काम और तनाव के कारण कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी। सिर्फ 6% हाइक से निराश होकर, उन्होंने बिना बैकअप प्लान और लोन होने के बावजूद इस्तीफा दे दिया। उनकी यह कहानी वायरल हो गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwe6gd2yvd71tqdfrmfq4b13,imgname-whatsapp-image-2026-07-01-at-10.17.31-am-1782888019035.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरु के एक लड़के ने बताया है कि उसने बिना कोई दूसरी नौकरी ढूंढे अपनी कॉर्पोरेट जॉब क्यों छोड़ दी। खराब सैलरी, काम के बेहिसाब बोझ और कॉर्पोरेट लाइफ के स्ट्रेस पर उसकी बातें इतनी सच्ची हैं कि इंटरनेट पर लोग खुद को उससे जोड़कर देख रहे हैं। 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' के एक वीडियो में प्रमोद पॉल ने बताया कि सालों के तनाव, लंबे वर्किंग आवर्स और नाम मात्र की सैलरी हाइक के बाद उन्हें लगा कि अब नौकरी छोड़ने का वक्त आ गया है। कुछ लोगों ने उनके फैसले की तारीफ की, तो कुछ ने बिना बैकअप प्लान के नौकरी छोड़ने पर सवाल उठाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वीडियो की शुरुआत में पॉल कहते हैं, &quot;मेरे चेहरे पर चमक देख रहे हो? वो दिन आ गया है। मैं इस्तीफा दे रहा हूं। हाथ में कोई दूसरी नौकरी नहीं है, कोई बैकअप प्लान नहीं, कुछ भी नहीं।&quot; उन्होंने बताया कि सालों से उनकी जिम्मेदारियां तो बढ़ती गईं, लेकिन सैलरी उस हिसाब से नहीं बढ़ी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनके मुताबिक, वो एक एनालिस्ट के पद पर थे, लेकिन काम उनसे सीनियर एनालिस्ट का लिया जा रहा था। उन्होंने कहा, &quot;दिन-रात काम करके दिन और रात का फर्क ही मिट गया था। हालत ये थी कि मुझे काम सीनियर एनालिस्ट का दिया गया था, पद एनालिस्ट का था और सैलरी एक इंटर्न जितनी थी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पॉल ने अपने हालिया सैलरी इंक्रीमेंट के बारे में भी बात की, जिसने उन्हें सबसे ज़्यादा निराश किया। उन्होंने बताया, &quot;इतना सारा स्ट्रेस और दुख, किसलिए? सिर्फ 6% हाइक के लिए? 6%! मतलब महीने के सिर्फ 2,600 रुपए।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि तनाव इतना बढ़ गया कि उन्हें प्रोफेशनल मदद लेनी पड़ी। &quot;इतनी एंग्जायटी के बाद, मैं एक साइकियाट्रिस्ट के पास गया। उनकी कंसल्टेशन फीस ही 2,000 रुपए थी। उन्होंने मुझे स्ट्रेस मैनेजमेंट ट्रीटमेंट लेने की सलाह दी। उसके हर सेशन का खर्च 3,000 रुपए था।&quot; उन्होंने मज़ाक में कहा, &quot;जब आपकी थेरेपी का एक सेशन आपकी सालाना सैलरी हाइक से महंगा पड़ने लगे, तो समझ जाइए कि आपका काम हो चुका है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' के मुताबिक, पॉल बेंगलुरु के पास कोलार में पले-बढ़े। उनकी मां हाउसवाइफ हैं और पिता एक पादरी। परिवार ने उनकी और उनके भाई की पढ़ाई के लिए लोन लिया था। ग्रेजुएशन के बाद, परिवार का कर्ज चुकाने में मदद के लिए उन्होंने 8 लाख रुपए का लोन लिया और एक फाइनेंशियल मैनेजर के तौर पर काम शुरू किया। इसके बाद, उन्होंने एक फाइनेंशियल फर्म में लगभग चार साल तक काम किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देखिए वायरल वीडियो&lt;/h2&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Humans of Bombay (@officialhumansofbombay)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, &quot;मैंने देखा कि यहां चाय बेचने वाले महीने के 2 लाख रुपए कमा रहे हैं, जबकि मैं मूंगफली के दानों जैसी सैलरी में फंसा हुआ था।&quot; पॉल ने बताया कि उनका आखिरी वर्किंग डे 15 अगस्त होगा। उन्होंने यह भी माना कि उन पर अभी भी 3 लाख रुपए का एजुकेशन लोन बाकी है और उन्हें नहीं पता कि आगे क्या करना है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Gagan Gurjar</dc:creator>
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            <title><![CDATA[मैं अब जॉबलेस हूं... Wipro से निकाले जाने के बाद कर्मचारी का इमोशनल वीडियो वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/wipro-employee-layoff-viral-video-after-5-years-anukriti-vidyarthi-story-watch-here-articleshow-chwrbb7</link>
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            <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:53:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Wipro Employee Layoff Viral Video: &lt;/strong&gt;5.5 साल बाद Wipro से निकाली गई कर्मचारी अनुकृति विद्यार्थी का इमोशनल वीडियो वायरल हो रहा है। जानें नौकरी जाने के बाद उन्होंने क्या कहा और लोग कैसे सपोर्ट कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwgv5n1qa39wctb6nvfqr7h1,imgname-wipro-employee-layoff-viral-video-1782976795703.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Viral Video: &lt;/strong&gt;अब कॉर्पोरेट वर्ल्ड में नौकरी की कोई गारंटी नहीं। कई बार सालों की मेहनत और एक मजबूत करियर भी अचानक आए एक फैसले से बदल जाता है। कुछ ऐसा ही दिल्ली की रहने वाली अनुकृति विद्यार्थी के साथ हुआ। वह Wipro AI Solutions में मार्केटिंग और कम्युनिकेशन कोऑर्डिनेटर के तौर पर करीब साढ़े पांच साल से काम कर रही थीं। लेकिन 29 जून को हुई एक मीटिंग ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। अनुकृति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि उन्हें लगा था कि यह सामान्य ऑफिस मीटिंग होगी। हालांकि, मीटिंग में उनके मैनेजर और HR ने उन्हें बताया कि उनकी भूमिका अब कंपनी में जरूरी नहीं रही और उन्हें नौकरी छोड़नी होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सबसे बड़ा सवाल- अब आगे क्या होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो में अनुकृति ने खुलकर स्वीकार किया कि नौकरी खत्म होने के बाद वह खुद को असमंजस में महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें यह नहीं पता कि अगली नौकरी कब मिलेगी, कॉर्पोरेट सेक्टर में वापस जाएंगी या फिर अपना कोई नया काम शुरू करेंगी। उन्होंने यह भी माना कि हर महीने मिलने वाली तय सैलरी का बंद हो जाना उनकी सबसे बड़ी चिंता है। नियमित आय खत्म होने का डर उन्हें परेशान कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद वह खुद को संभालने की कोशिश कर रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&quot;शायद भगवान मुझे नई शुरुआत का मौका दे रहे हैं&quot;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भावुक अंदाज में अनुकृति ने कहा कि संभव है यह सब किसी बड़े बदलाव का संकेत हो। उनके मुताबिक अगर यह फैसला कंपनी नहीं लेती तो शायद वह खुद कभी नौकरी छोड़ने का साहस नहीं जुटा पातीं। इसलिए वह इस मुश्किल दौर को एक नई शुरुआत के अवसर की तरह देखने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि जिंदगी कभी-कभी हमें वहां से आगे बढ़ा देती है, जहां हम खुद कदम बढ़ाने की हिम्मत नहीं कर पाते। नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Anukriti Vidyarthi (@anukritividyarthi)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर मिला भरपूर सपोर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अनुकृति का वीडियो सामने आने के बाद हजारों लोगों ने उन्हें हिम्मत दी। कई यूजर्स ने लिखा कि आज के समय में कॉर्पोरेट सेक्टर में छंटनी आम होती जा रही है और ऐसे हालात का सामना कई लोग कर चुके हैं। कुछ लोगों ने उन्हें अपना बिजनेस शुरू करने की सलाह दी, जबकि कई यूजर्स ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि नौकरी जाने के बाद उन्होंने पहले से बेहतर करियर बनाया। कई प्रतिक्रियाओं में लोगों ने भरोसा जताया कि यह मुश्किल समय जल्द बीत जाएगा और उनके लिए बेहतर अवसर जरूर आएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बदलते कॉर्पोरेट माहौल का बड़ा संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अनुकृति विद्यार्थी की कहानी सिर्फ एक कर्मचारी की नौकरी जाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह तेजी से बदलती कॉर्पोरेट दुनिया की हकीकत भी दिखाती है। यह घटना बताती है कि करियर में अनिश्चितता कभी भी सामने आ सकती है। ऐसे समय में मानसिक मजबूती, नए अवसरों की तलाश और खुद पर भरोसा ही आगे बढ़ने का सबसे बड़ा सहारा बनता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[25 LPA छोड़कर विदेश से Masters करना पड़ा भारी! महीनों से बेरोजगार इंजीनियर का छलका दर्द]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/indian-techie-quits-25-lakh-job-for-foreign-masters-degree-now-unemployed-and-regretful/articleshow-cmbwa2l</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:37:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बेहतर करियर के लिए ₹25 लाख की नौकरी छोड़ विदेश से मास्टर्स किया। अब वह महीनों से बेरोजगार है और नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा है। उसकी कहानी ने विदेशी डिग्री के फायदे पर एक नई बहस छेड़ दी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspvqk6atj3qaxsa5yt7fxp3,imgname-quitting-corporate-job-1779957484745.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने जब अपनी कहानी ऑनलाइन शेयर की, तो हजारों लोग उससे जुड़ गए। इस इंजीनियर ने भारत में 25 लाख रुपये सालाना की नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी ताकि वो विदेश से मास्टर्स की डिग्री ले सके। उसे लगा था कि इससे करियर में चार चांद लग जाएंगे, लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। अब कई महीनों से वो बेरोजगार है और नौकरी की तलाश में भटक रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Reddit पर शेयर की गई एक पोस्ट में इस इंजीनियर ने अपनी पूरी कहानी बताई। उसने लिखा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी ढूंढना कितना मुश्किल हो गया है और इस वजह से उसे इमोशनल और फाइनेंशियल दोनों तरह की परेशानियां हो रही हैं। अपने फैसले पर अफसोस जताते हुए उसने लिखा, &quot;मैंने अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यहां देखें वायरल पोस्ट&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मास्टर्स करके और विदेश जाने की कोशिश में मैंने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार लीद्वारा u/Accomplished-Pay185 में developersIndia&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पोस्ट के मुताबिक, इंजीनियर को यकीन था कि विदेश से मास्टर्स की डिग्री लेने से उसका करियर और कमाई दोनों बेहतर हो जाएंगे। लेकिन कोर्स पूरा करने के बाद, ढेरों जॉब एप्लीकेशन भेजने के बावजूद उसे कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पा रही है। यूजर ने बताया कि असल में जॉब मार्केट की हालत उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब है, खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में मुकाबला बहुत तगड़ा है। उसे लगा था कि कंपनियां उसकी विदेशी डिग्री को तवज्जो देंगी, लेकिन उसे लगातार रिजेक्शन ही मिल रहे हैं। Reddit पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने इस पर अपनी राय दी, जिनमें से कुछ ने खुद भी ऐसी ही मुश्किलों का सामना किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक यूजर ने लिखा, &quot;उस वक्त तुम्हारे पास जो जानकारी थी, तुमने उसके हिसाब से सबसे अच्छा फैसला लिया। किसी को अंदाजा नहीं था कि मार्केट इतना खराब हो जाएगा।&quot; एक और यूजर ने सलाह दी, &ldquo;आज की स्थिति की तुलना उस सैलरी से मत करो जो तुमने छोड़ी थी। अभी जो तुम्हारे हाथ में है, उस पर ध्यान दो और अप्लाई करते रहो।&rdquo; एक तीसरे यूजर ने एक बड़ी बात कही, &quot;अब मास्टर्स की डिग्री अच्छी नौकरी की गारंटी नहीं रही। स्किल्स, नेटवर्किंग और सही समय, ये तीनों चीजें भी उतनी ही जरूरी हैं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई लोगों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में दुनियाभर में हायरिंग, खासकर टेक सेक्टर में, काफी धीमी हो गई है। इस वजह से अनुभवी प्रोफेशनल्स को भी नई नौकरी मिलने में दिक्कत आ रही है। कई यूजर्स ने इंजीनियर को हिम्मत बंधाते हुए कहा कि वो नेटवर्किंग करता रहे, अपनी पसंदीदा जगहों के अलावा भी नौकरी ढूंढे और बाजार के सुधरने तक धैर्य रखे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पूरी बातचीत ने एक पुरानी बहस को फिर से हवा दे दी है कि क्या विदेश में जाकर पढ़ाई करना अब भी उतना फायदेमंद है जितना पहले हुआ करता था? कई लोगों का मानना है कि लंबी अवधि में विदेशी डिग्री का फायदा मिलता है, लेकिन कुछ लोगों ने चेतावनी भी दी कि यह मानकर न चलें कि इससे तुरंत मोटी सैलरी वाली नौकरी मिल जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि इंजीनियर ने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ने पर पछतावा जताया, लेकिन कई कमेंट करने वालों ने उसे हिम्मत दी और कहा कि इसे अपनी नाकामी न समझे। उन्होंने तर्क दिया कि करियर का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता और आज के मुश्किल जॉब मार्केट के लिए सिर्फ व्यक्तिगत फैसले ही नहीं, बल्कि आर्थिक हालात भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Gagan Gurjar</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Viral Video: सारी छुट्टियां ले लो... कॉर्पोरेट जॉब छोड़ने से पहले लड़की ने दिए ऐसे टिप्स, लोग बोले 100% सही]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/mumbai-woman-shares-corporate-job-life-hacks-how-to-survive-corporate-job-instagram-viral-video/articleshow-ee5zv46</link>
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            <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 14:52:18 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Viral Video How to Survive Corporate Job: &lt;/strong&gt;मुंबई की लड़की का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कॉर्पोरेट जॉब छोड़ने से पहले दिए गए ऑफिस सर्वाइवल और लाइफ हैक्स टिप्स लोगों को खूब पसंद आ रहे। देखिए&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Viral Video: &lt;/strong&gt;कॉर्पोरेट जॉब करने वाले ज्यादातर लोग रोजाना काम का दबाव, डेडलाइन, मीटिंग और ऑफिस पॉलिटिक्स जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे माहौल में मानसिक संतुलन बनाए रखना कई बार मुश्किल हो जाता है। इसी बीच मुंबई की एक प्रोफेशनल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कुछ ऐसे सुझाव दिए हैं, जिन्हें बड़ी संख्या में कर्मचारी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर देख रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'छुट्टी है तो इस्तेमाल करें, बेवजह मत छोड़िए'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो की शुरुआत में वह बताती हैं कि नौकरी छोड़ने से पहले वह अपने अनुभव के आधार पर कुछ जरूरी बातें शेयर करना चाहती हैं। उनका पहला सुझाव छुट्टियों को लेकर है। उनका कहना है कि अगर कंपनी कर्मचारियों को पेड लीव देती है और वह आगे कैरी फॉरवर्ड या कैश में कन्वर्ट नहीं होती, तो उन्हें बिना अपराधबोध के इस्तेमाल करना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार काम करते रहने से बेहतर है कि समय-समय पर ब्रेक लेकर खुद को मानसिक रूप से तरोताजा रखा जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉर्पोरेट में काम जितना जरूरी, उतनी ही जरूरी है सही भाषा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो में दूसरा बड़ा सुझाव ऑफिस कम्युनिकेशन से जुड़ा है। उनका कहना है कि कॉर्पोरेट दुनिया में केवल काम करना ही काफी नहीं होता, बल्कि अपनी बात सही तरीके से रखना भी जरूरी है। किसी बात का जवाब सीधे &quot;मुझे नहीं पता&quot; कहने की बजाय प्रोफेशनल तरीके से जवाब देना बेहतर माना जाता है। साथ ही उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि ऑफिस में खुद को हमेशा व्यस्त दिखाना कई बार अतिरिक्त काम से बचा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर फीडबैक को दिल पर लेने की जरूरत नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तीसरे सुझाव में उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट लाइफ में आलोचना और फीडबैक काम का सामान्य हिस्सा हैं। हर टिप्पणी को व्यक्तिगत रूप से लेने की बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ज्यादा जरूरी है। उनका मानना है कि छोटी-छोटी ऑफिस की बातों का असर अपनी निजी जिंदगी या वीकेंड पर नहीं पड़ने देना चाहिए। नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Chichi Sharma (@momoookilaalchutneyyyy)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वीडियो पर लोगों ने दिए दिलचस्प रिएक्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है। कई यूजर्स ने कहा कि काश उन्हें नौकरी की शुरुआत में ऐसे सुझाव मिल जाते। वहीं कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि छुट्टी लेना कई बार सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि मैनेजर की मंजूरी पर भी निर्भर करता है। कुछ यूजर्स ने ऑफिस पॉलिटिक्स से निपटने के तरीके भी पूछे। कुल मिलाकर यह वीडियो कॉर्पोरेट लाइफ की उन बातों को सामने लाता है, जिनसे लगभग हर कर्मचारी कभी न कभी गुजरता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[RRB Group D Result 2026: PET से पहले ये 7 गलतियां की तो निकल सकती है हाथ से नौकरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/rrb-group-d-result-2026-7-mistakes-after-result-pet-document-verification-articleshow-eg7v5c6</link>
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            <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:32:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;RRB Group D Result 2026 Mistakes to Avoid: &lt;/strong&gt;RRB Group D Result 2026 जारी हो चुका है। PET, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल से पहले जानिए 7 ऐसी गलतियां, जो आपकी रेलवे नौकरी पर भारी पड़ सकती हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwehrm8h1n9kgfvz74y92kq8,imgname-rrb-group-d-result-2026-mistakes-to-avoid-1782899822865.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;RRB Group D Result 2026 Out: &lt;/strong&gt;32,438 वैकैंसी के लिए आरआरबी ग्रुप डी रिजल्ट 2026 जारी होने के साथ ही लाखों उम्मीदवारों के लिए भर्ती प्रक्रिया का सबसे अहम चरण शुरू हो गया है। जिन अभ्यर्थियों का चयन Physical Efficiency Test (PET) के लिए हुआ है, उनके लिए अब हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही भी आगे की प्रक्रिया में परेशानी खड़ी कर सकती है। अगर आप भी PET के लिए शॉर्टलिस्ट हुए हैं, तो यहां जानिए वे 7 जरूरी बातें, जिनका ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1. PET की तैयारी टालने की गलती न करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई उम्मीदवार रिजल्ट आने के बाद भी PET की तैयारी शुरू करने में देरी कर देते हैं। जबकि PET की तारीख का नोटिस कभी भी जारी हो सकता है। इसलिए अभी से दौड़, वजन उठाने और फिटनेस पर नियमित अभ्यास शुरू कर दें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. जरूरी डॉक्यूमेंट्स अभी से तैयार रखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन बाद में होगा, लेकिन इसकी तैयारी अभी से करना समझदारी है। आधार कार्ड, 10वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, EWS, PwBD, फोटो, हस्ताक्षर और अन्य जरूरी प्रमाणपत्रों की मूल और फोटोकॉपी पहले से व्यवस्थित रखें। किसी भी दस्तावेज में गलती हो तो समय रहते उसे ठीक करा लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी पर भरोसा करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और फर्जी नोटिस वायरल होने लगते हैं। PET की तारीख, एडमिट कार्ड और अन्य अपडेट केवल संबंधित RRB और RRC की आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी किए जाएंगे। किसी अनजान लिंक या फर्जी वेबसाइट से बचें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4. SMS और ईमेल रेगुलर चेक करते रहें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रेलवे भर्ती बोर्ड महत्वपूर्ण सूचना उम्मीदवारों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर भी भेजता है। इसलिए मोबाइल नंबर चालू रखें और ईमेल का स्पैम फोल्डर भी समय-समय पर जरूर देखें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5. मेडिकल टेस्ट को हल्के में न लें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;PET पास करना ही अंतिम सफलता नहीं है। इसके बाद मेडिकल एग्जामिनेशन भी होगा। यदि निर्धारित मेडिकल मानकों पर उम्मीदवार खरा नहीं उतरता है, तो चयन रद्द हो सकता है। इसलिए अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;6. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में जल्दबाजी से बचें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय नाम, जन्मतिथि, फोटो, हस्ताक्षर और अन्य विवरण सभी रिकॉर्ड में एक जैसे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की जानकारी में अंतर मिलने पर उम्मीदवार को अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं या प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;7. शॉर्टलिस्ट होना अंतिम चयन नहीं है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;PET के लिए चयनित होना बड़ी उपलब्धि जरूर है, लेकिन इसे अंतिम नियुक्ति नहीं माना जाएगा। अंतिम मेरिट में वही उम्मीदवार शामिल होंगे जो PET, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा सहित सभी चरण सफलतापूर्वक पूरा करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;RRB ग्रुप डी में सफल कैंडिडेट अब आगे क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपका नाम PET के लिए शॉर्टलिस्ट हुआ है, तो अब पूरा फोकस फिटनेस, दस्तावेजों की तैयारी और आधिकारिक अपडेट पर रखें। संबंधित RRB और RRC की वेबसाइट नियमित रूप से देखते रहें, ताकि PET शेड्यूल, ई-कॉल लेटर और आगे की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण सूचना आपसे छूट न जाए। सही तैयारी और सतर्कता ही आपको रेलवे की इस सरकारी नौकरी तक पहुंचा सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/rrb-group-d-result-2026-7-mistakes-after-result-pet-document-verification-articleshow-eg7v5c6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पहली बार! संस्कृत यूनिवर्सिटी ने AI और Data Science में B.Tech लॉन्च किया, जानिए क्या है खास]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/central-sanskrit-university-launches-btech-in-ai-and-data-science-for-2026-27-eligibility-admission-details/articleshow-gvnos73</link>
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            <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 12:01:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;First Sanskrit University Engineering Course in India: &lt;/strong&gt;सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी 2026-27 से AI और डेटा साइंस में B.Tech शुरू किया है। जानें एडमिशन, सीटें, AICTE मंजूरी समेत पूरी जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kw90qg1w8kc2b3n7aess0scv,imgname-central-sanskrit-university-btech-ai-admission-2026-1782714187836.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Central Sanskrit University BTech AI Admission 2026:&lt;/strong&gt;देश में तकनीकी शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को साथ लेकर चलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (Central Sanskrit University/CSU) ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस में B.Tech कोर्स शुरू किया है। खास बात यह है कि यह भारत का पहला AICTE-स्वीकृत इंजीनियरिंग प्रोग्राम होगा, जिसे किसी संस्कृत विश्वविद्यालय में शुरू किया जा रहा है। 2026-27 एकेडमिक ईयर से शुरू होने वाले इस कोर्स का उद्देश्य सिर्फ इंजीनियर तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो आधुनिक AI टेक्नेलॉजी को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और भाषाई विरासत से जोड़ सके। जानिए एडमिशन प्रक्रिया, योग्यता समेत यह प्रोग्राम क्यों खास है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI के जरिए भारतीय भाषाओं और प्राचीन ग्रंथों पर होगा काम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह नया B.Tech प्रोग्राम छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसी मॉर्डन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कराएगा। इसके साथ ही भारतीय भाषाओं, संस्कृत साहित्य और प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष फोकस रहेगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि AI की मदद से भारतीय भाषाओं के लिए नए डिजिटल टूल तैयार किए जा सकते हैं और सदियों पुराने ज्ञान को आधुनिक तकनीक के जरिए दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;66 सीटों पर मिलेगा एडमिशन, 4 साल का होगा B.Tech कोर्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विश्वविद्यालय की ओर से जारी एडमिशन नोटिफिकेशन के मुताबिक, पहले बैच में कुल 66 सीटें होंगी। इनमें 60 रेगुलर सीटें और 6 सुपरन्यूमेरी सीटें शामिल हैं। यह 4 साल (8 सेमेस्टर) का B.Tech प्रोग्राम होगा और इसकी पढ़ाई सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी के नासिक कैंपस में कराई जाएगी। 2026-27 सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है।।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन कर सकता है आवेदन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस कोर्स में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास 10+2 में फिजिक्स, मैथ्स और केमिस्ट्री/कंप्यूटर साइंस/आईटी/इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे AICTE से मान्यता प्राप्त विषय होने चाहिए। इसके अलावा PCM के साथ संस्कृत विषय पढ़ने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। वहीं उत्तर माध्यमा, प्राक शास्त्री, वरिष्ठ उपाध्याय या वेद विभूषण जैसी योग्यताओं वाले अभ्यर्थी भी आवेदन के पात्र होंगे, यदि उनके साथ मैथ्स, फिजिक्स और कैमेस्ट्री साइंस रहे हों। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 45% अंक और आरक्षित वर्ग के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JEE Main और यूनिवर्सिटी एंट्रेंस दोनों से मिलेगा मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एडमिशन दो तरीकों से होगा। JEE Main 2026 क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलेगी। जिन छात्रों ने JEE Main नहीं दिया है, उनके लिए विश्वविद्यालय अलग से एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करेगा। हालांकि, यदि JEE के जरिए सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन्हें दूसरे योग्य उम्मीदवारों से भरा जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आवेदन जारी, लास्ट डेट आज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यूनिवर्सिटी की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 16 जून 2026 से शुरू हो गए हैं। आवेदन की लास्ट डेट 30 जून 2026 तय की गई है। JEE Main के अभ्यर्थियों की मेरिट 6 जुलाई को जारी होगी, जबकि गैर-JEE उम्मीदवारों की प्रवेश परीक्षा 10 जुलाई को होगी। उनका रिजल्ट 15 जुलाई (संभावित) को जारी किया जाएगा। इसके बाद काउंसलिंग, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फीस जमा कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रधानमंत्री ने बताया दूरदर्शी पहल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया 'मन की बात' कार्यक्रम में इस पहल की सराहना करते हुए इसे भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का यह मेल देश के लिए नई संभावनाएं पैदा करेगा। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को इस अभिनव पहल के लिए शुभकामनाएं भी दीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षा मंत्री और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी जताई खुशी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस कार्यक्रम की तारीफ करते हुए कहा कि इससे भारतीय भाषाओं के लिए AI आधारित समाधान विकसित करने और प्राचीन ग्रंथों व पांडुलिपियों के संरक्षण को नई गति मिलेगी। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे तकनीक और भारतीय परंपरा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे देश की सांस्कृतिक धरोहर को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने का काम और तेज होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है यह B.Tech प्रोग्राम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह कोर्स केवल इंजीनियरिंग की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि AI, भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के बीच एक मजबूत पुल बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे समय में जब दुनिया AI तकनीक की ओर तेजी से बढ़ रही है, यह पहल भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नए रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार के अवसर भी तैयार कर सकती है। यही वजह है कि Central Sanskrit University (केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय) का यह फैसला भारतीय हायर एजुकेशन के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Microsoft IT प्रोफेशनल ने नौकरी के लिए बेंगलुरु छोड़ा, हैदराबाद शिफ्ट होने में लगे 3.6 लाख, लोग बोले- आसान नहीं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/microsoft-it-professional-job-relocation-cost-rs-3-6-lakh-instagram-viral-video/articleshow-k129x5n</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:07:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Job Relocation Cost Viral Video: &lt;/strong&gt;माइक्रोसॉफ्ट में काम करने का दावा करने वाले IT प्रोफेशनल ने बेंगलुरु से हैदराबाद शिफ्ट होने पर ₹3.6 लाख खर्च का पूरा हिसाब शेयर किया। देखें वायरल वीडियो।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwc50ntzzypt20vq3ehb95zh,imgname-job-relocation-cost-viral-video-1782819346271.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Viral Video: &lt;/strong&gt;नई नौकरी या ट्रांसफर का मतलब सिर्फ शहर बदलना नहीं होता, बल्कि पूरी जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करना भी होता है। बेंगलुरु से हैदराबाद शिफ्ट हुए एक डिजिटल व्लॉगर ने अपने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। माइक्रोसॉफ्ट में काम करने का दावा करने वाले इस व्लॉगर ने बताया कि किराए के नए घर में शुरुआत करने के लिए उन्हें करीब 3.6 लाख रुपए खर्च करने पड़े। उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नए शहर में नई शुरुआत, खर्च का पूरा हिसाब किया शेयर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंस्टाग्राम पर 'कृष' नाम से पहचान रखने वाले डिजिटल व्लॉगर ने बताया कि हाल ही में उनकी नौकरी के चलते उन्हें बेंगलुरु से हैदराबाद आना पड़ा। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में उनका अपना घर होने के बावजूद हैदराबाद में उन्हें किराए के फ्लैट से नई शुरुआत करनी पड़ी। कृष के मुताबिक, उनकी पत्नी ने भी इस बदलाव के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी, ताकि दोनों साथ मिलकर नए शहर में जीवन की शुरुआत कर सकें। उन्होंने अपने वीडियो में बताया कि शिफ्टिंग के दौरान किराया, सिक्योरिटी डिपॉजिट, फर्नीचर, घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी जरूरी चीजों पर कुल मिलाकर लगभग 3.6 लाख रुपए खर्च हुए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किराया, डिपॉजिट और जरूरी सामान पर हुआ बड़ा खर्च&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;व्लॉगर के अनुसार, उन्होंने हैदराबाद के मणिकोंडा इलाके में एक 2BHK फ्लैट किराए पर लिया, जिसका मंथ्ली किराया 30,000 रुपए है। इसके लिए 60,000 रुपए का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना पड़ा। इसके अलावा घर को रहने लायक बनाने के लिए फर्नीचर, घरेलू उपकरण, फिटनेस से जुड़ा सामान और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी खरीदनी पड़ीं। इन सभी खर्चों को जोड़ने के बाद कुल रकम करीब 3.6 लाख रुपए तक पहुंच गई। नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Krish (@dasari_vibes)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए अलग-अलग रिएक्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने उनसे फ्लैट की लोकेशन और इलाके के बारे में सवाल पूछे। इस पर कृष ने बताया कि उनका फ्लैट हैदराबाद के मणिकोंडा में एक स्टैंडअलोन बिल्डिंग में है। एक अन्य यूजर ने उनसे पूछा कि क्या उनका परिवार आंध्र प्रदेश से है और क्या बेंगलुरु में उनका खुद का घर है। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता आंध्र प्रदेश के हैं, लेकिन उनका जन्म और परवरिश बेंगलुरु में हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु में उनका अपना घर है और हाल ही में काम के सिलसिले में हैदराबाद आए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रांसफर के साथ बढ़ती है आर्थिक जिम्मेदारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस वीडियो पर कई लोगों ने नौकरी के लिए बार-बार शहर बदलने की मजबूरी पर भी अपनी राय रखी। कुछ यूजर्स ने आईटी सेक्टर में होने वाले ट्रांसफर को चुनौतीपूर्ण बताया, जबकि कुछ ने कहा कि इतने बड़े खर्च के साथ नई जगह पर बसना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। यह अनुभव दिखाता है कि नौकरी के लिए शहर बदलना केवल एड्रेस बदलने भर की बात नहीं है। नए शहर में घर बसाने के लिए किराया, डिपॉजिट और जरूरी सामान पर होने वाला खर्च कई परिवारों के बजट पर बड़ा असर डाल सकता है। ऐसे में किसी भी जॉब ट्रांसफर या रिलोकेशन से पहले वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी हो जाता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[US में 3 इंटरव्यू, 18 राउंड... फिर भी नहीं मिली नौकरी, 15 साल के अनुभवी भारतीय टेक प्रोफेशनल ने लिया बड़ा फैसला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/us-tech-job-search-failed-indian-tech-professional-returning-to-india-after-18-interview-rounds-reddit-viral-post-articleshow-k4f9w36</link>
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            <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 18:51:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Reddit Viral Post on US Job Market: &lt;/strong&gt;US में 3 इंटरव्यू और 18 राउंड के बाद भी नौकरी नहीं मिली। 15 साल के अनुभवी भारतीय टेक प्रोफेशनल की रेडिट वायरल पोस्ट ने सबका ध्यान खींचा। जानिए क्या लिखा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwea6gwsve6yapm93jb777pf,imgname-reddit-viral-post-on-us-job-market-1782891889561.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Reddit Viral Post: &lt;/strong&gt;अमेरिका के टेक सेक्टर में लगातार बढ़ती चुनौतियों के बीच एक भारतीय मूल के वरिष्ठ टेक प्रोफेशनल की सोशल मीडिया पोस्ट ने हजारों लोगों का ध्यान खींचा है। करीब 15 साल के अनुभव वाले इस प्रोफेशनल ने बताया कि लंबी कोशिशों, बड़ी कंपनियों के 3 इंटरव्यू और हर एक इंटरव्यू के 6-6 राउंड देने के बावजूद उन्हें अमेरिका में नई नौकरी नहीं मिल सकी। आखिरकार उन्होंने भारत लौटने का फैसला कर लिया और इसे अपने करियर का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत बताया। रेडिट पर शेयर की गई पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब उन्होंने भारत लौटने की हकीकत को स्वीकार कर लिया है। पिछले कुछ समय में उन्होंने तीन अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं में हिस्सा लिया। हर कंपनी की चयन प्रक्रिया में छह-छह इंटरव्यू राउंड हुए, लेकिन अंत में किसी भी जगह उन्हें नौकरी का ऑफर नहीं मिला। नीचे देखें वायरल रेडिट पोस्ट-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;End of the road , coming back from USby u/JadedDevelopment1287 in returnToIndia&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;15 साल का अनुभव भी नहीं आया काम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पोस्ट के मुताबिक, प्रोफेशनल वरिष्ठ प्रबंधन (Senior Manager) स्तर की टेक रोल की तलाश कर रहे थे। उनका कहना है कि इतने वर्षों के अनुभव के बावजूद मौजूदा जॉब मार्केट में सही अवसर मिलना बेहद मुश्किल साबित हुआ। कई चरणों वाली इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगी। उन्होंने यह भी माना कि भारत, खासकर दिल्ली-एनसीआर में भी टेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा कम नहीं है। इसके बावजूद उन्हें भरोसा है कि समय के साथ वह अपने करियर को फिर से मजबूत कर पाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गुरुग्राम का घर बना सबसे बड़ा सहारा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस प्रोफेशनल ने अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर भी सकारात्मक बात शेयर की। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में उनका अपना अपार्टमेंट है, जिससे उनके पास अगले दो से चार साल तक का आर्थिक सहारा रहेगा। यही बात उन्हें बिना अतिरिक्त दबाव के भारत में नई नौकरी तलाशने का आत्मविश्वास दे रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दूसरे प्रोफेशनल्स ने भी शेयर किया अपना अनुभव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि अमेरिका का टेक इंडस्ट्री पहले जैसी नहीं रही और फिलहाल नौकरी का बाजार बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि 40 साल की उम्र और करीब 10 साल तक मैनेजर रहने के बाद अब उन्हें व्यक्तिगत योगदानकर्ता (IC) वाली भूमिकाओं के लिए भी कम अवसर मिल रहे हैं। बार-बार लंबी इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना मानसिक रूप से थकाने वाला हो गया है, इसलिए उन्होंने भी भारत लौटकर कुछ समय शांति से बिताने और फिर आगे की योजना बनाने का फैसला किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रेडिट से पोस्ट में दिखी बदलते टेक जॉब मार्केट की झलक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह अनुभव सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि मौजूदा वैश्विक टेक जॉब मार्केट की बदलती तस्वीर भी दिखाता है। बड़ी टेक कंपनियों में भर्ती की रफ्तार पहले जैसी नहीं रही है और वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों के लिए उपयुक्त अवसर हासिल करना पहले से अधिक कठिन होता जा रहा है। ऐसे माहौल में कई भारतीय प्रोफेशनल विदेश में लंबे समय तक संघर्ष करने के बजाय भारत लौटकर अपने करियर को नई दिशा देने का विकल्प चुन रहे हैं। साथ ही, भारत में स्टार्टअप्स और मिड-साइज़ कंपनियों का तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम उन्हें नए अवसर और बेहतर स्थिरता प्रदान कर रहा है, जिससे वे अपने अनुभव का बेहतर उपयोग कर पा रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Who is General Dhiraj Seth: कौन हैं जनरल धीरज सेठ, जो बने भारत के 31वें थलसेना प्रमुख? पूरी डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/who-is-general-dhiraj-seth-indias-31st-army-chief-full-profile-education-career-achievements/articleshow-nsdb0x5</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 17:49:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;General Dhiraj Seth Indias 31st Army Chief Profile: &lt;/strong&gt;जनरल धीरज सेठ भारत के 31वें थलसेना प्रमुख बन गए हैं। जानिए उनका अबतक का करियर, सैन्य सफर, अनुभव और भारतीय सेना में नई जिम्मेदारी समेत पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwc6p2zyxh85yfpq0dhwhcz6,imgname-who-is-general-dhiraj-seth-indias-31st-army-chief-1782821096446.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Who is General Dhiraj Seth Indias 31st Army Chief: &lt;/strong&gt;भारतीय सेना को नया नेतृत्व मिल गया है और इस बार कमान संभाली है लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने, जो देश के 31वें थलसेना प्रमुख बन गए हैं। उन्होंने मंगलवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया और जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की जगह ली, जिन्होंने लंबी सैन्य सेवा के बाद रिटायरमेंट लिया। 1.3 मिलियन जवानों वाली भारतीय सेना की कमान अब एक ऐसे अधिकारी के हाथ में है, जिनका करियर फील्ड कमांड से लेकर रणनीतिक प्लानिंग तक बेहद व्यापक रहा है। जानिए देश के नए थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ कौन हैं? जानिए उनका करियर, एजुकेशन और उपलब्धियां समेत पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं जनरल धीरज सेठ, भारत के नए थलसेना प्रमुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर 1986 में शुरू हुआ, जब उन्हें आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं। शुरुआती दौर से ही उनका फोकस ऑपरेशनल अनुभव और जमीनी कमांड पर रहा, जिसने उन्हें धीरे-धीरे सेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनरल धीरज सेठ का करियर और उपलब्धियां&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के उन चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों में से हैं, जिनकी ऑपरेशनल कमांड अनुभव बेहद व्यापक और बहुआयामी रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों के दौरान प्रतिष्ठित आर्मर्ड रेजिमेंट &lsquo;स्किनर्स हॉर्स&rsquo; की कमान संभाली, जहां उनकी नेतृत्व क्षमता को विशेष रूप से सराहा गया। इसके बाद पश्चिमी मोर्चे पर एक स्ट्राइक कोर की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने रेगिस्तानी सेक्टर में महत्वपूर्ण ऑपरेशनल तैयारियों और अभियानों का नेतृत्व किया। अपने करियर के दौरान उन्होंने साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड जैसी दो प्रमुख परिचालन कमांड्स में भी अहम भूमिकाएं निभाईं, जो भारतीय सेना में बहुत ही कम अधिकारियों को एक साथ मिलती हैं। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने &lsquo;सुदर्शन चक्र कोर&rsquo; की कमान संभाली और इसके बाद दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में भी सेवा दी, जहां उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सैन्य ऑपरेशनों की जिम्मेदारी निभाई। उनके इस असाधारण सैन्य योगदान और सेवा को मान्यता देते हुए 29 जून 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें &lsquo;उत्तम युद्ध सेवा मेडल&rsquo; से सम्मानित किया। बाद में उन्होंने सदर्न कमांड के आर्मर्ड कोर से जुड़े उच्च स्तरीय दायित्वों और अनुभवों के आधार पर सेना के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी भूमिका को मजबूत किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनरल धीरज सेठ की रणनीतिक सोच और आधुनिक युद्ध की समझ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जनरल सेठ को केवल फील्ड कमांडर ही नहीं बल्कि एक रणनीतिक सोच वाले अधिकारी के रूप में भी देखा जाता है। सेना मुख्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फोर्स स्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन और भविष्य की युद्ध क्षमता बढ़ाने पर काम किया। उनका जोर इस बात पर रहा है कि भारतीय सेना पारंपरिक युद्ध क्षमता के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम में भी मजबूत बने।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनरल धीरज सेठ: एजुकेशन और ग्लोबल ट्रेनिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लेफ्टिनेंट जनरल धीरज कुमार सेठ ने अपनी प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला से प्राप्त की और इसके बाद देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) से उच्च सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। सेवा के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश के महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में हायर कमांड कोर्स किया, जहां उन्हें उच्च स्तरीय सैन्य नेतृत्व और संचालन की गहन समझ विकसित करने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) से भी ट्रेनिंग हासिल की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैन्य शिक्षा के अंतर्गत पेरिस स्थित फ्रांसीसी सैन्य संस्थान से डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड जनरल स्टाफ कोर्स पूरा किया, जिससे संयुक्त सैन्य अभियानों और उच्च स्तरीय कमान की उनकी समझ और मजबूत हुई। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित नेवल पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल, मोंटेरे में उन्होंने इंटरनेशनल डिफेंस एक्विजिशन मैनेजमेंट कोर्स किया, जिसमें वैश्विक रक्षा प्रबंधन, रणनीतिक खरीद और आधुनिक सैन्य तकनीकों के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण शामिल था। इस व्यापक शैक्षणिक और पेशेवर प्रशिक्षण ने उन्हें भारतीय सेना के उच्चतम कमान पदों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनरल धीरज सेठ की नई जिम्मेदारी के साथ बड़ी उम्मीदें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;थलसेना प्रमुख के रूप में अब जनरल धीरज सेठ के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय सेना को तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के अनुरूप तैयार रखना है। आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली, तकनीकी आधुनिकीकरण और सीमा सुरक्षा, इन सभी मोर्चों पर उनसे मजबूत नेतृत्व की उम्मीद की जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UPTET Exam 2026: 20 लाख छात्रों के लिए अलर्ट, सब कुछ आते हुए भी फेल करवा देंगी OMR शीट की ये 4 गलतियां!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/uptet-exam-2026-omr-sheet-filling-guide-avoid-these-4-mistakes/articleshow-oig6dpf</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 08:00:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UPTET 2026 की OMR शीट भरते समय ये 4 छोटी गलतियां कॉपी चेक होने से रोक सकती हैं। 2,3 और 4 जुलाई को पेपर देने जा रहे करीब 20 लाख छात्र एग्जाम से पहले जरूर पढ़ें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwb5t9y2pqykn6c5c9nmt0y5,imgname-uptet-omr-sheet-guide-2026-1782786631618.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPTET 2026 Exam Day Tips:&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आयोग (UPESSC) ने परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड भी लाइव कर दिए हैं। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। करीब 20 लाख उम्मीदवार 2, 3 और 4 जुलाई को होने वाली इस परीक्षा में बैठने की तैयारी कर रहे हैं। अक्सर छात्र महीनों तक दिन-रात एक करके पढ़ाई करते हैं, लेकिन एग्जाम हॉल में 5 मिनट की एक छोटी सी लापरवाही उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देती है। यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन यानी पेन-पेपर OMR शीट मोड में हो रही है, इसलिए कंप्यूटर आपकी कॉपी तभी चेक करेगा जब आपने शीट सही से भरी होगी। ऐसे में OMR शीट भरते समय 4 गलतियों से हर हाल में बचना है, ताकि आपकी कॉपी बिना किसी रुकावट के चेक हो सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गलती नंबर 1: गोला आधा-अधूरा भरना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बहुत से स्टूडेंट्स जल्दबाजी में गोले को पूरा डार्क नहीं करते। हल्का सा निशान लगाकर अगले सवाल पर चले जाते हैं। मशीन से चेकिंग होने की वजह से अगर गोला ठीक से काला नहीं हुआ, तो स्कैनर उसे पढ़ ही नहीं पाता। नतीजा ये होता है कि सही जवाब देने के बावजूद नंबर नहीं मिलता। इसलिए हमेशा गोले को पूरी तरह और एक जैसी डार्कनेस से भरें। हल्के हाथ से टिक करना या सिर्फ क्रॉस का निशान बनाना, दोनों ही तरीके गलत माने जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गलती नंबर 2: एक सवाल के लिए दो गोले भरना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एग्जाम के दौरान कई बार स्टूडेंट पहले एक ऑप्शन भरते हैं, फिर सोचते हैं कि जवाब गलत है, तो बगल वाला गोला भी भर देते हैं, ये सोचकर कि मिटाने से कोई फायदा नहीं। लेकिन OMR शीट में एक से ज्यादा गोला भरा होना यानी वो जवाब अपने आप गलत मान लिया जाता है, चाहे उसमें से एक सही ही क्यों न हो। ऐसे में जवाब को लेकर पूरी तरह श्योर होने के बाद ही गोला भरें। अगर गलती से दो गोले भर जाएं, तो उस सवाल के नंबर मिलने की उम्मीद ना रखें, इसलिए शुरू से ही ध्यान रखना बेहतर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गलती नंबर 3: रोल नंबर या बुकलेट सीरीज में गलती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ये गलती सुनने में अजीब लगती है, लेकिन हर साल कई कैंडिडेट्स से हो जाती है। जल्दबाजी में स्टूडेंट अपना रोल नंबर गलत भर देते हैं या जो बुकलेट सीरीज (जैसे A, B, C, D) उन्हें दी गई है, उसका गोला OMR शीट पर भरना भूल जाते हैं। ये जानकारी मशीन को कॉपी पहचानने में मदद करती है और अगर ये गलत हो जाए, तो पूरी कॉपी ही गड़बड़ हो सकती है। ऐसे में एग्जाम शुरू होते ही सबसे पहले रोल नंबर और बुकलेट सीरीज को ध्यान से भरें और एक बार दोबारा चेक जरूर करें। ये काम जल्दबाजी में नहीं, बल्कि शांति से करना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गलती नंबर 4: व्हाइटनर या पेन से काटा-पीटी करना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कुछ स्टूडेंट्स गलत गोला भरने के बाद उसे व्हाइटनर से मिटाने की कोशिश करते हैं, या पेन से काट-छांट कर देते हैं। OMR शीट मशीन से चेक होती है, इसलिए वहां कोई भी कटिंग, ओवरराइटिंग या व्हाइटनर का इस्तेमाल पूरी शीट को संदिग्ध बना सकता है। OMR शीट पर कभी भी व्हाइटनर का इस्तेमाल ना करें। अगर गलती हो भी जाए, तो पैनिक होने की बजाय शांत दिमाग से बाकी सवालों पर फोकस करें। ज्यादातर एग्जाम में एक-दो गलतियों से नंबर काफी हद तक बच जाते हैं, लेकिन बार-बार काट-छांट करने से पूरी कॉपी पर सवाल खड़ा हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;OMR भरते समय क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हमेशा वही पेन इस्तेमाल करें जो एग्जाम सेंटर की तरफ से बताया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जवाब भरने से पहले एक बार प्रश्न पत्र में आंसर मार्क करें, फिर निश्चिंत होकर OMR में भरें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आखिरी 10-15 मिनट सिर्फ चेकिंग के लिए रखें, ताकि अगर कोई गोला छूट गया हो तो उसे वक्त रहते भरा जा सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पता नहीं पैसा कहां जाता है… 45 लाख सैलरी 0 सेविंग, बेंगलुरु IT प्रोफेशनल की कहानी ने छेड़ दी नई बहस]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/bengaluru-it-professional-45-lakh-salary-no-monthly-savings-viral-story-watch-video-here/articleshow-oyhe4z9</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 10:56:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Viral Video 45 Lakh Annual Salary No Savings: &lt;/strong&gt;बेंगलुरु के एक IT प्रोफेशनल के अनुसार ₹45 लाख सालाना सैलरी के बावजूद बचत नहीं हो रही। देखिए खर्चों पर छिड़ी बहस का वायरल वीडियो।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwbftsrp3ab46ba07s0181yy,imgname-viral-video-45-lakh-annual-salary-no-savings-1782797133590.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bengaluru IT Professional Viral Video:&lt;/strong&gt; बेंगलुरु के एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट का करीब एक साल पुराना इंटरव्यू एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। वजह है उनकी 45 लाख रुपए सालाना सैलरी के बावजूद महीने के अंत तक बचत न कर पाने की बात। इस वीडियो ने सिर्फ उनकी पर्सनल फाइनेंशियल स्थिति पर ही नहीं, बल्कि बढ़ते खर्च, लाइफस्टाइल और वित्तीय योजना को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। इंटरव्यू में सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट सूर्य ने बताया कि टैक्स कटने के बाद उनके हाथ में हर महीने करीब 2.45 लाख रुपए आते हैं। इसके बावजूद अक्सर महीने के आखिर तक उनके पास इनवेस्टमेंट या बचत के लिए ज्यादा रकम नहीं बचती। उनका कहना था कि शादी और बेटे के जन्म के बाद परिवार की जिम्मेदारियां तेजी से बढ़ीं, जिससे रेगुलर इनवेस्टमेंट बढ़ाना मुश्किल हो गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बताया मंथली खर्च का पूरा हिसाब&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूर्य के मुताबिक, उनके खर्चों में सबसे बड़ा हिस्सा 63,000 रुपए की होम लोन ईएमआई का है। इसके अलावा बेटे की स्कूल फीस पर हर महीने करीब 11,000 रुपए खर्च होते हैं, जो अब बढ़कर 12,000 रुपए हो चुके हैं। घर के राशन और खाने पर लगभग 12,000 रुपए खर्च होते हैं, जबकि अन्य घरेलू और रोजमर्रा के खर्च करीब 20,000 रुपए तक पहुंच जाते हैं। नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;India has more of an issue of poor financial planning than inflationTake this guy from Bengaluru who has an in-hand salary of ₹2.45L pm (post tax)&amp;gt; He pays ₹11k fee for his only son's nursery fee (+3L admission fee)&amp;gt; His wife doesn't work beside a baking business as&hellip; pic.twitter.com/WIjYXWf5L1&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; do'o kappa (@viprabuddhi) June 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने स्कूल एडमिशन फीस को लेकर सवाल उठाए। इस पर सूर्य ने स्पष्ट किया कि 3 लाख रुपए केवल एडमिशन फीस नहीं थी। उन्होंने बताया कि 80,000 रुपए नॉन-रिफंडेबल एडमिशन फीस थी, 1 लाख रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट था जिस पर 7% ब्याज मिलता है और जिसे आगे की फीस में एडजस्ट किया जा सकता है। बाकी रकम पहले साल की फीस थी। यानी एडमिशन के समय कुल करीब 2.85 लाख रुपए का भुगतान किया गया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मेड रखने पर भी दी सफाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने हाउस हेल्पर रखने पर भी सवाल उठाए। इस पर सूर्य ने कहा कि उनके घर में मेड रखना कोई लग्जरी नहीं है। वह केवल सफाई और बर्तन जैसे कामों में मदद करती हैं और इसके लिए लगभग 3,300 रुपए प्रति माह दिए जाते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को लेकर की गई पर्सनल कमेंट पर भी आपत्ति जताई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर बंटी राय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई। कुछ यूजर्स का मानना है कि इतनी अच्छी आय होने के बावजूद यदि बचत नहीं हो रही तो इसकी सबसे बड़ी वजह कमजोर फाइनेंशियल प्लानिंग और अनियोजित खर्च हैं। वहीं कई लोगों ने महंगे स्कूल, शॉपिंग और लाइफस्टाइल खर्चों को लेकर भी सवाल उठाए। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सिर्फ बड़ी सैलरी ही आर्थिक मजबूती की गारंटी नहीं होती। आय जितनी भी हो, यदि खर्चों की प्राथमिकता तय न हो और निवेश की स्पष्ट योजना न बने, तो अच्छी कमाई के बावजूद बचत करना चुनौती बन सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[RRB Group D Result में नाम आ गया? अब भूलकर भी न करें ये गलती, जानिए रिजल्ट के बाद क्या करना है]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/rrb-group-d-result-2026-next-step-pet-document-verification-medical-process-articleshow-q81zyer</link>
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            <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:03:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;RRB Group D Result 2026 जारी हो चुका है। जानिए रिजल्ट के बाद PET, Document Verification, Medical Test और Final Selection की पूरी प्रक्रिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwegbhzp6r566nap86x8t7et,imgname-rrb-group-d-result-2026-out-next-step-1782898345974.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;RRB Group D Result 2026 Out: &lt;/strong&gt;रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी भर्ती परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल कैंडिडेट RRB की रीजनल ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। बता दें कि भारतीय रेलवे में अलग-अलग लेवल-1 पोस्ट पर 32,438 वैकेंसी के लिए RRB ग्रुप D भर्ती परीक्षा 27 नवंबर, 2025 और 10 फरवरी, 2026 के बीच आयोजित की गई थी। बोर्ड के अनुसार, परीक्षा में लगभग 1.08 करोड़ उम्मीदवार शामिल हुए थे। जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर शॉर्टलिस्टेड सूची में शामिल है, उनके लिए अब असली चुनौती शुरू होने वाली है। सिर्फ CBT परीक्षा पास कर लेना अंतिम चयन की गारंटी नहीं है। इसके बाद उम्मीदवारों को फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और मेडिकल एग्जामिनेशन (ME) जैसी अहम प्रक्रियाओं से भी सफलतापूर्वक गुजरना होगा। अगर आपका नाम चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट में है, तो अब समय बिना देरी किए अगले चरण की तैयारी शुरू करने का है। छोटी-सी लापरवाही भी आगे की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। जानिए चयनित कैंडिडेट अब आगे क्या करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सबसे पहले RRB Group D स्कोरकार्ड और PET स्टेटस जरूर देखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट देखने के बाद उम्मीदवार अपने संबंधित RRB की वेबसाइट पर लॉग इन करके स्कोरकार्ड डाउनलोड करें। इसी के साथ PET के लिए क्वालिफाई करने की स्थिति भी देख लें। स्कोरकार्ड भविष्य की भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा, इसलिए इसकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी सुरक्षित रखें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब बारी होगी Physical Efficiency Test (PET) की&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBT में सफल उम्मीदवारों को अगले चरण यानी फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। PET का शेड्यूल और ई-कॉल लेटर संबंधित रेलवे रिक्रूटमेंट सेल (RRC) अलग से जारी करेगा। पुरुष उम्मीदवारों को 35 किलोग्राम वजन 100 मीटर तक 2 मिनट के भीतर उठाकर ले जाना होगा और इसके बाद 1000 मीटर की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी होगी। महिला उम्मीदवारों को 20 किलोग्राम वजन 100 मीटर तक 2 मिनट के भीतर ले जाना होगा और 1000 मीटर की दौड़ 5 मिनट 40 सेकंड में पूरी करनी होगी। इसलिए जिन उम्मीदवारों ने अभी तक फिजिकल तैयारी शुरू नहीं की है, उन्हें तुरंत अभ्यास शुरू कर देना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;PET के बाद होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिजिकल टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, आरक्षण से जुड़े प्रमाणपत्र, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच होगी। उम्मीदवारों को सलाह है कि सभी मूल दस्तावेज और उनकी फोटो कॉपी पहले से व्यवस्थित करके रखें ताकि अंतिम समय में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मेडिकल टेस्ट भी उतना ही अहम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद मेडिकल एग्जामिनेशन होगा। इसमें उम्मीदवार की शारीरिक फिटनेस, दृष्टि और अन्य मेडिकल मानकों की जांच की जाएगी। रेलवे के तय मेडिकल मानकों पर खरा उतरना अंतिम नियुक्ति के लिए जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शॉर्टलिस्ट होने का मतलब नौकरी पक्की नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;RRB ने स्पष्ट किया है कि CBT के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अभी प्रोविजनल मानी जाएगी। यदि किसी भी चरण में दस्तावेजों में गड़बड़ी, गलत जानकारी या भर्ती नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चयनित उम्मीदवार आगे क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब उम्मीदवारों को अपने संबंधित RRB और RRC की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित नजर रखनी चाहिए। PET की तारीख, एडमिट कार्ड, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट से जुड़ी हर नई सूचना वहीं जारी की जाएगी। इसके अलावा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर आने वाले संदेश भी समय-समय पर चेक करते रहें। जो उम्मीदवार इस पूरे प्रोसेस के लिए अभी से तैयारी और डॉक्यूमेंट्स की व्यवस्था शुरू कर देंगे, उनके लिए अगले चरण अपेक्षाकृत आसान हो सकते हैं। रेलवे ग्रुप डी भर्ती में अंतिम चयन उसी उम्मीदवार का होगा जो हर चरण को तय नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक पूरा करेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/rrb-group-d-result-2026-next-step-pet-document-verification-medical-process-articleshow-q81zyer"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CBSE Class 10 Second Board Result 2026 Date: सीबीएसई सेकेंड बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट कब आएगा? जानिए लेटेस्ट अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/cbse-class-10-second-board-result-2026-date-latest-update-articleshow-sn04e09</link>
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            <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 16:44:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE Second Board Exam 2026 Class 10 Result Date: &lt;/strong&gt;CBSE 10वीं सेकेंड बोर्ड रिजल्ट 2026 का इंतजार जारी है। जानिए रिजल्ट कब आएगा, कहां जारी होगा और ऑनलाइन रिजल्ट चेक करने का आसान तरीका।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwh8daqj1cbeeh0fgt6eecxd,imgname-cbse-class-10-second-board-result-2026-date-1782990678770.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE Class 10 Second Board Result 2026 Kab Aayega: &lt;/strong&gt;सीबीएसई सेकेंड बोर्ड रिजल्ट 2026 (CBSE Class 10 Second Board Result 2026) का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा अपडेट यही है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अभी तक दूसरे बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी नहीं किए हैं। जैसे ही रिजल्ट घोषित होगा, छात्र अपना स्कोर ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जाकर देख सकेंगे। इसके अलावा DigiLocker, UMANG और अन्य सरकारी रिजल्ट पोर्टल पर भी मार्कशीट उपलब्ध होगी। जानिए CBSE Class 10 Second Board Result 2026 कब आयेगा और CBSE Class 10 Second Board Result 2026 Date को लेकर लेटेस्ट अपडेट क्या है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीबीएसई सेकेंड बोर्ड रिजल्ट 2026 कब आएगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE ने अभी तक Class 10 Second Board Result 2026 की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। ऐसे में छात्रों को बोर्ड की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रिजल्ट की घोषणा कभी भी हो सकती है। रिजल्ट जारी होते ही छात्र अपने रोल नंबर और अन्य जरूरी लॉगिन डिटेल्स की मदद से ऑनलाइन मार्क्स देख सकेंगे। इस साल Class 10 का दूसरा बोर्ड एग्जाम 15 मई से 21 मई 2026 तक आयोजित किया गया था। परीक्षा एक ही शिफ्ट में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुई। परीक्षा की शुरुआत गणित (Mathematics) से हुई थी, जबकि अंतिम पेपर सामाजिक विज्ञान (Social Science) का था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE Class 10 Second Board Result 2026 Websites: इन वेबसाइट्स पर सबसे पहले मिलेगा&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र इन प्लेटफॉर्म्स पर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;cbseresults.nic.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;cbse.nic.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;cbse.gov.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;digilocker.gov.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;results.gov.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;DigiLocker और UMANG मोबाइल ऐप&lt;/li&gt; &lt;li&gt;SMS सर्विस&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;CBSE Class 10 Second Result 2026 How to Check: सीबीएसई सेकेंड बोर्ड रिजल्ट कैसे चेक करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रिजल्ट जारी होने के बाद सबसे पहले cbseresults.nic.in पर जाएं।&amp;nbsp;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होमपेज पर दिखाई देने वाले CBSE Class 10 Second Board Result 2026 लिंक पर क्लिक करें।&amp;nbsp;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद रोल नंबर और मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करके सबमिट करें।&amp;nbsp;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्क्रीन पर आपका रिजल्ट खुल जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब इसे डाउनलोड करने के साथ भविष्य के लिए प्रिंट भी निकाल सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट मार्कशीट में गलती मिले तो क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद नाम, जन्मतिथि, रोल नंबर या किसी विषय की जानकारी में कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो छात्र सीधे अपने स्कूल से संपर्क करें। स्कूल ही CBSE के साथ समन्वय करके जरूरी सुधार की प्रक्रिया पूरी कराएगा। Class 11 में एडमिशन के दौरान यही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए उपयोग किए जाते हैं, इसलिए सभी डिटेल सही होना बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीबीएसई दो बोर्ड परीक्षा सिस्टम का पहला साल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE ने 2026 से Class 10 के लिए दो बोर्ड परीक्षा प्रणाली लागू की है। बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस व्यवस्था में Best of Two नियम लागू होगा। यानी दोनों परीक्षाओं में से बेहतर प्रदर्शन को फाइनल रिजल्ट में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक अतिरिक्त अवसर मिलता है। बता दें कि मुख्य बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 को घोषित किया गया था, जिसमें कुल 93.70 प्रतिशत छात्र सफल रहे थे। अब सभी की नजर दूसरे बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट पर टिकी है, जिसकी घोषणा CBSE जल्द आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[6 फिगर सैलरी छोड़ी, वेट्रेस बनी... 33 साल की महिला ने बताई वजह, कहानी हुई वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/woman-quits-six-figure-corporate-job-becomes-waitress-shares-life-changing-career-shift-instagram-viral-video-articleshow-tlmn3lr</link>
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            <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 11:12:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Corporate to Waitress Job Viral Story: &lt;/strong&gt;33 साल की महिला ने 6 फिगर सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ वेट्रेस बनना चुना। महिला ने अपनी कहानी और वेट्रेस बनने की वजह सोशल मीडिया पर शेयर की जो अब वायरल हो रहा है। देखें वीडियो।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwgnghv6drerfzbhjdnwa19d,imgname-corporate-to-waitress-job-viral-story-1782970861413.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Viral Video:&lt;/strong&gt; कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कमाई से ज्यादा अपनी सेहत को प्राथमिकता देने वाली एक 33 वर्षीय महिला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। महिला का दावा है कि ऊंची सैलरी वाली नौकरी छोड़ने के बाद उसकी लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या पूरी तरह खत्म हो गई। उसके इस अनुभव ने लोगों के बीच यह बहस छेड़ दी है कि क्या बेहतर आय से ज्यादा जरूरी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉर्पोरेट जॉब का तनाव बना बीमारी की वजह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला ने इंस्टाग्राम पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि कॉर्पोरेट नौकरी के आखिरी छह महीनों में वह गंभीर IBS (इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) की समस्या से जूझ रही थी। लगातार पेट से जुड़ी दिक्कतों के कारण उसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विशेषज्ञ के पास कई तरह की जांच करानी पड़ी। उसका कहना है कि उस दौरान वह बेहद कम खाना खा पा रही थी और डॉक्टर बीमारी की असली वजह तलाशने में लगे थे। आखिरकार उसे एहसास हुआ कि उसकी परेशानी की जड़ कोई दूसरी बीमारी नहीं, बल्कि लगातार बना रहने वाला कॉर्पोरेट तनाव था। नौकरी छोड़ने के बाद उसके सभी लक्षण धीरे-धीरे खत्म हो गए और अब वह पहले से ज्यादा स्वस्थ महसूस करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वेट्रेस की नौकरी में मिली मानसिक शांति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला ने अपने वायरल वीडियो में बताया कि उसने छह अंकों वाली सैलरी छोड़कर वेट्रेस के तौर पर काम करना चुना। वीडियो में वह मुस्कुराते हुए फर्श साफ करती नजर आती है। इसके साथ उसने लिखा कि अगर मानसिक शांति और अच्छी सेहत के लिए उसे पूरी जिंदगी यही काम करना पड़े, तो भी उसे कोई पछतावा नहीं होगा। उसके मुताबिक, &quot;हेल्थ ही असली वेल्थ है।&quot; नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Sarame Cornish (@girlswhodetach)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला की पोस्ट पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कहा कि समाज में अक्सर लोगों को केवल बड़ी नौकरी और ऊंची सैलरी को सफलता मानने की सीख दी जाती है, जबकि मानसिक शांति भी उतनी ही जरूरी है। एक महिला ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि उसने इमरजेंसी विभाग में नर्स की नौकरी छोड़कर ब्यूटी सर्विसेज का काम शुरू किया और अब वह पहले की तुलना में कहीं ज्यादा खुश और स्वस्थ महसूस करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर किसी के लिए आसान नहीं यह फैसला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि, सभी लोग इस फैसले से सहमत नहीं दिखे। कुछ यूजर्स ने कहा कि वेट्रेस जैसी नौकरियों में कम वेतन, नौकरी की असुरक्षा और कस्टमर के साथ होने वाली परेशानियां भी तनाव का कारण बन सकती हैं। उनका तर्क था कि परिवार, होम लोन और रोजमर्रा के खर्चों के बीच कम आय वाली नौकरी चुनना हर व्यक्ति के लिए व्यावहारिक विकल्प नहीं हो सकता। फिलहाल, महिला का अनुभव एक बार फिर इस सवाल को सामने लेकर आया है कि करियर की दौड़ में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को कितनी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यही वजह है कि उसकी पोस्ट सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का केंद्र बनी हुई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Corporate Hacks: कॉर्पोरेट जॉब में टिकना है? मुंबई की लड़की ने बताए 3 धांसू जुगाड़, वीडियो वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/mumbai-woman-shares-3-viral-hacks-to-survive-corporate-job-pressure/articleshow-tlq7lan</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 09:26:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुंबई की संस्कृति शर्मा ने एक वायरल वीडियो में कॉर्पोरेट जॉब में टिके रहने के 3 टिप्स दिए हैं। उनके अनुसार, अपनी सारी छुट्टियां लें, कॉर्पोरेट भाषा सीखकर व्यस्त दिखें, और आलोचना को दिल पर न लें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwb78wjyp7rkmamsmtxvw97j,imgname-new-project---2026-06-30t082231.308-1782788158046.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कॉर्पोरेट की दुनिया में टिके रहना बहुत मुश्किल काम है। आप कितनी भी मेहनत कर लें, कई बार बात नहीं बनती। बहुत से लोग मानते हैं कि यहां टिकने के लिए कुछ ट्रिक्स आजमाने पड़ते हैं। इसी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुंबई की एक लड़की बता रही है कि कॉर्पोरेट वर्ल्ड में कैसे सर्वाइव करें। संस्कृति शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसका टाइटल है, 'बिना आपा खोए कॉर्पोरेट जॉब में कैसे टिके रहें'। वीडियो की शुरुआत में संस्कृति बताती हैं कि अगला शुक्रवार उनका आखिरी वर्किंग डे है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ये हैं संस्कृति के बताए सर्वाइवल के तीन तरीके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. अपनी सारी छुट्टियां जरूर लें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संस्कृति की पहली सलाह है कि कंपनी से मिलने वाली पेड लीव (Paid Leave) बिना किसी झिझक के लेनी चाहिए। छुट्टी लेने में कोई गिल्ट महसूस करने की जरूरत नहीं है। वह कहती हैं कि अगर ये छुट्टियां अगले साल के लिए आगे नहीं बढ़ाई जा सकतीं या इनके बदले पैसे नहीं मिलते, तो इन्हें जरूर खत्म करना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. कॉर्पोरेट भाषा सीखें और हमेशा बिजी दिखें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संस्कृति का दूसरा सुझाव है कि नौकरी सीखने से पहले कॉर्पोरेट भाषा सीखनी चाहिए। अगर आपको किसी चीज के बारे में नहीं पता, तो सीधे 'नहीं पता' कहने के बजाय 'वर्क इन प्रोग्रेस' (Work in progress) या 'लेट मी चेक एंड गेट बैक टू यू' (Let me check and get back to you) कहना सीखें। साथ ही, ऑफिस में कभी भी खाली बैठे न दिखें। ऐसा हुआ तो आपके सिर पर और काम डाल दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. आलोचना को दिल पर न लें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कॉर्पोरेट लाइफ में आलोचना यानी क्रिटिसिज्म आम बात है। इससे निपटने के लिए खुद को मजबूत बनाना होगा। गलतियों को सुधारें और आगे बढ़ें। ऑफिस की आलोचना को अपने वीकेंड खराब करने का मौका न दें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;Chichi Sharma (@momoookilaalchutneyyyy) द्वारा शेयर की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई लोगों ने संस्कृति की बातों से सहमति जताते हुए कमेंट्स किए हैं। कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि उन्हें यह वीडियो पहले देखना चाहिए था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[अप्रेजल के नाम पर मिला झुनझुना? गुस्सा छोड़ आजमाएं ये 3 काउंटर हैक्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/salary-appraisal-disappointment-3-smart-hacks-to-handle-it-career-expert-advice-articleshow-tybrqcw</link>
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            <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 15:16:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Salary Increment Hacks: &lt;/strong&gt;अप्रेजल में कम हाइक मिली और गुस्सा आ रहा है? अगर आप इस्तीफा देने जा रहे हैं, तो पहले 3 काउंटर हैक्स जान लें, जो आपके काम की हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kweh5n643fspw847kkexyyws,imgname-appraisal-hike-tip-1782899201220.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Appraisal Hike Tips:&lt;/strong&gt; मेल का इनबॉक्स खोला, HR की तरफ से अप्रेजल लेटर आया हुआ था। दिल की धड़कन तेज हो गई, 'चलो, इस बार अच्छी खासी हाइक मिलेगी।' लेटर खोला तो नंबर देखकर सन्न रह गए। पूरे साल की मेहनत, वीकेंड पर किया गया एक्स्ट्रा काम, बॉस की डेडलाइन पूरी करने के लिए रात-रातभर जागना, इन सबका बदला मिला सिर्फ इतने से परसेंट में? अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है, तो गुस्सा आना जायज है, लेकिन उस गुस्से में इस्तीफा देने की बजाय 3 ऐसे काउंटर हैक्स आजमाएं, जो आपको इस सिचुएशन से निकलने में मदद कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हैक नंबर 1: इमोशन में नहीं, डेटा में बात करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुस्से में मैनेजर के केबिन में घुसकर बहस करना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। इसकी बजाय एक हफ्ता रुकिए, दिमाग शांत कीजिए और फिर अपने काम का पूरा डेटा तैयार कीजिए। सालभर में आपने कौन से प्रोजेक्ट पूरे किए, उनका असर क्या रहा, हो सके तो नंबर के साथ बनाएं। कहां-कहां आपने एक्स्ट्रा जिम्मेदारी उठाई, जो आपके जॉब रोल में नहीं थी। टीम या कंपनी को आपकी वजह से क्या फायदा हुआ? जब आप मैनेजर से बात करने जाएं, तो 'मुझे कम हाइक क्यों मिली' पूछने की बजाय 'मेरा परफॉर्मेंस सालभर कैसा रहा, इस पर आपकी क्या राय है।' से शुरुआत करें। यह बातचीत डिफेंसिव नहीं, बल्कि प्रोफेशनल दिखेगी और मैनेजर भी खुलकर जवाब देगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हैक नंबर 2: मार्केट में अपनी कीमत पता करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बहुत से लोग सालों तक एक ही कंपनी में रहते हैं और उन्हें पता ही नहीं होता कि बाहर मार्केट में उनकी स्किल की क्या वैल्यू है। यही वजह है कि कम हाइक मिलने पर भी वो चुपचाप एडजस्ट कर लेते हैं। ऐसे में अपनी पोजीशन और एक्सपीरियंस के हिसाब से LinkedIn, Naukri जैसी वेबसाइट पर सैलरी बेंचमार्क चेक करें। अपने फील्ड के 2-3 लोगों से अन-ऑफिशियली बात करके अंदाजा लगाएं कि बाकी कंपनियों में सैलरी रेंज क्या चल रही है। अगर आपको पता चले कि मार्केट रेट आपकी मौजूदा सैलरी से काफी ज्यादा है, तो यह जानकारी नेगोशिएशन में आपका सबसे बड़ा हथियार बनेगी ध्यान रहे, यह जानकारी सिर्फ इस्तीफा देने के लिए नहीं है। यह आपको कॉन्फिडेंस देती है कि आप बातचीत में सही ग्राउंड पर खड़े हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हैक नंबर 3: सिर्फ सैलरी नहीं, पूरा पैकेज देखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई बार बेसिक हाइक कम दिखता है, लेकिन कंपनी दूसरी चीजों में एडजस्ट करने को तैयार होती है। मैनेजर से बात करते वक्त सिर्फ 'परसेंटेज बढ़ुाएं' कहने की बजाय कुछ अन्य ऑप्शन भी सामने रखें। जैसे- वर्क फ्रॉम होम के दिन बढ़वाना, अगली प्रमोशन साइकिल में जल्दी कंसीडर होने की बात करना, स्किल डेवलपमेंट के लिए कंपनी से कोर्स या सर्टिफिकेशन का खर्च दिलवाना और कोई नई जिम्मेदारी या बड़ा प्रोजेक्ट मांगना, जो अगली हाइक के लिए मजबूत ग्राउंड बना दे। कई बार कंपनी पैसे में तुरंत बढ़ोतरी नहीं दे पाती, लेकिन बाकी चीजों में एडजस्ट करने को तैयार रहती है। यह अप्रोच आपको तुरंत कुछ हासिल कराती है और आगे के लिए रास्ता भी बनाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अप्रेजल पर बात करते वक्त इन गलतियों से बचें&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दूसरे कलीग की सैलरी के बारे में बात न करें, यह अनप्रोफेशनल लगता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गुस्से में या इमोशनल होकर बात न करें, शांत टोन में अपनी बात रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सीधे इस्तीफे की धमकी न दें, जब तक आप वाकई जाने के लिए तैयार न हों।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मीटिंग से पहले अपनी बात को छोटे-छोटे पॉइंट्स में लिखकर तैयार कर लें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करियर एक्सपर्ट्स के अनुसार, 'हाइक कम मिलना टेंशन वाली बात जरूर है, लेकिन यह आपके करियर का आखिरी पड़ाव नहीं है। सही तरीके से, सही समय पर, डेटा के साथ बात रखी जाए तो कई बार रिजल्ट बदल भी सकता है और अगर बात न भी बने, तो कम से कम आपको साफ पता चल जाएगा कि आगे क्या फैसला लेना है, चाहे वो इसी कंपनी में रुककर मौका देना हो या नए ऑप्शन तलाशना। गुस्सा नेचुरल है, लेकिन उस गुस्से को स्ट्रैटेजी में बदलकर अपने करियर को आगे ले जा सकते हैं।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य सलाह पर आधारित है। हर कंपनी की पॉलिसी और सिचुएशन अलग होती है, इसलिए कोई भी बड़ा करियर फैसला लेने से पहले अपनी सिचुएशन के हिसाब से सोच-समझकर आगे बढ़ें। किसी करियर एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UPTET Admit Card 2026: एडमिट कार्ड डाउनलोड करते ही चेक कर लें ये 6 चीजें, वरना सेंटर पर एंट्री नहीं मिलेगी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/uptet-admit-card-2026-check-these-6-details-after-download-exam-hall-ticket-centre-entry-rules/articleshow-v0euonn</link>
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            <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 07:28:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UPTET Admit Card 2026 जारी हो गया है। upessc.up.gov.in पर जाकर इसे तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करते ही उसमें 6 चीजें जरूर चेक कर लें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwb3xpkkcwnyte3w58c6vj27,imgname-uptet-admit-card-2026-1782784645747.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPTET 2026 Hall Ticket Download: &lt;/strong&gt;यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा देने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट आ गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपीटीईटी का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। अगर आपने भी इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है, तो आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद सिर्फ PDF सेव करके न बैठ जाएं। कई उम्मीदवार ऐसी छोटी-छोटी गलतियां नजरअंदाज कर देते हैं, जिनकी वजह से परीक्षा केंद्र पर परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में एंट्री तक रोक दी जाती है, इसलिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करते ही 6 चीजें ध्यान से चेक कर लें, ताकि परीक्षा वाले दिन आपको कोई परेशानी न झेलनी पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UPTET 2026 Exam का शेड्यूल क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;परीक्षा की तारीखें: &lt;/strong&gt;2, 3 और 4 जुलाई 2026.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शिफ्ट की टाइमिंग:&lt;/strong&gt; हर दिन परीक्षा दो पालियों (Shifts) में होगी। पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UPTET एडमिट कार्ड डाउनलोड कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in को ओपन करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होमपेज पर आपको 'UPTET 2026 Admit Card / Hall Ticket Download' का लिंक दिखेगा, उसपर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब अपना एप्लीकेशन नंबर (Application Number) डालें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, इसे चेक करके PDF डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;UPTET Admit Card डाउनलोड करते ही कौन-सी 6 चीजें चेक करें?&lt;/h2&gt;&lt;ol&gt; &lt;li&gt;आपका पूरा नाम, स्पेलिंग में कोई गड़बड़ी तो नहीं है?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपकी फोटो साफ-साफ दिख रही है या नहीं या आपकी फोटो चेंज हो गई है। फीमेल कैंडिडेट के एडमिट कार्ड में मेल कैंडिडेट की फोटो लग गई है?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका रोल नंबर सही से प्रिंट हुआ है या नहीं?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परीक्षा की तारीख और शिफ्ट। आपको किस दिन और किस समय एग्जाम देना है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एग्जाम सेंटर का नाम और एड्रेस बिल्कुल साफ होना चाहिए ताकि आप समय से पहुंच सकें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपने जिस पेपर (Paper 1- प्राइमरी या Paper 2- जूनियर) के लिए अप्लाई किया था, वही लिखा है या नहीं।&lt;/li&gt;&lt;/ol&gt;&lt;h2&gt;यूपीटीईटी एडमिट कार्ड में कोई गलती है तो क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपके नाम, फोटो या किसी भी डिटेल में कोई गलती दिखती है, तो पैनिक न हों। तुरंत अपने एप्लीकेशन नंबर के साथ आयोग (UPESSC) के ऑफिशियल पोर्टल पर दिए गए हेल्पडेस्क से संपर्क करें और परीक्षा शुरू होने से पहले इसे ठीक कराने की रिक्वेस्ट डालें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;FAQs&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPTET 2026 एडमिट कार्ड कहां से डाउनलोड करें?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवार UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एप्लीकेशन नंबर और OTP की मदद से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPTET 2026 परीक्षा कब होगी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;UPTET 2026 परीक्षा 2 जुलाई, 3 जुलाई और 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UPTET 2026 की शिफ्ट टाइमिंग क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे शुरू होगी। उम्मीदवार अपनी सटीक शिफ्ट एडमिट कार्ड पर देख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या बिना एडमिट कार्ड के परीक्षा केंद्र में एंट्री मिलेगी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नहीं। वैलिड प्रिंटेड एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[नौकरी बदलने वालों के लिए अलर्ट! EPFO का यह सर्टिफिकेट नहीं लिया तो सालों की सर्विस हो सकती है बेकार]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/what-is-epfo-scheme-certificate-and-why-you-need-it-when-switching-jobs/articleshow-v54p1oc</link>
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            <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:11:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;EPS Scheme Certificate: नौकरी बदलते समय EPFO स्कीम सर्टिफिकेट लेना ज़रूरी है। यह EPS के तहत आपकी पेंशन सेवा का रिकॉर्ड है, जो पुरानी सर्विस को नई नौकरी से जोड़कर आपके पेंशन लाभ सुरक्षित करता है। इससे पेंशन की गिनती शून्य से शुरू नहीं होती।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kw49a3e8c9egzfhkgxhd8s9f,imgname-resignation-1782555413960.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PF Transfer Rules: &lt;/strong&gt;जब हम नौकरी बदलते हैं तो कई बातों का ध्यान रखते हैं। पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराना, रिलीविंग लेटर लेना और दूसरी फॉर्मेलिटी पूरी करने की जल्दी में रहते हैं। लेकिन इस भाग-दौड़ में हम एक बहुत जरूरी डॉक्युमेंट लेना अक्सर भूल जाते हैं- EPFO स्कीम सर्टिफिकेट। सच तो यह है कि नौकरी बदलते समय कोई भी अपने रिटायरमेंट के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। लेकिन इस सर्टिफिकेट को लेना भूलना आपके लिए एक बड़ी गलती साबित हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आप एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) में योगदान करते हैं, तो यह स्कीम सर्टिफिकेट आपकी सालों की मेहनत से जमा हुए पेंशन फायदों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। भविष्य में जब आप पेंशन क्लेम करेंगे, तो यह डॉक्युमेंट आपके बहुत काम आएगा। यह इस बात का पक्का सबूत है कि आपने कितने साल पेंशन फंड में पैसा जमा किया है। इसमें आपके परिवार के योग्य सदस्यों की जानकारी भी होती है। आसान भाषा में कहें तो यह एक तरह का पेंशन रिकॉर्ड है। अगर आप पेंशन के लिए योग्य होने से पहले ही EPF के दायरे में आने वाली नौकरी छोड़ देते हैं, तो यह सर्टिफिकेट आपकी पुरानी सर्विस को बेकार जाने से बचाता है। बाद में जब आप पेंशन के हकदार बनेंगे तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नौकरी बदलते समय यह डॉक्युमेंट क्यों जरूरी है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करियर में लोग कई बार नौकरियां बदलते हैं। कुछ लोग नौकरी से ब्रेक लेकर अपना काम शुरू कर देते हैं या फिर ऐसी कंपनी में चले जाते हैं जहां EPF की सुविधा नहीं होती। ऐसे में कई लोग गलती से यह मान लेते हैं कि सिर्फ पीएफ बैलेंस ही मायने रखता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्कीम सर्टिफिकेट EPS के तहत पूरी की गई आपकी सर्विस की अवधि को बचाए रखने में मदद करता है। जब आप बाद में किसी ऐसी कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं जहां EPF कटता है, तो पेंशन की गिनती के लिए आपकी पुरानी सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ा जा सकता है। यानी, आपको पेंशन के लिए अपनी सर्विस फिर से जीरो से शुरू नहीं करनी पड़ती; आप वहीं से आगे बढ़ सकते हैं जहां आपने छोड़ा था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Gagan Gurjar</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मैनेजर की डांट पर सीधे HR, वीकेंड पर फोन भी नहीं! Gen Z का ऑफिस स्टाइल हुआ वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/gen-z-work-culture-revolution-no-more-overtime-to-impress-bosses/articleshow-vbqfmth</link>
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            <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:03:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[नई पीढ़ी यानी जेन-ज़ी वर्क-लाइफ़ बैलेंस को सबसे ज़्यादा अहमियत दे रही है। बॉस को खुश करने के लिए देर तक रुकना या छुट्टी के दिन फ़ोन उठाना, ये सब अब उन्हें मंजूर नहीं। इसी पर एक पोस्ट वायरल हो गया है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kw49j1prh3aw6hz1qszsp7a6,imgname-new-project---2026-06-27t154252.048-1782555674328.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कंपनियों में बॉस को खुश करने के लिए देर तक काम करने का पुराना कल्चर अब नई पीढ़ी को मंजूर नहीं है। 'जेन-ज़ी' (Gen Z) यानी आज के युवा एम्प्लॉई काम और निजी ज़िंदगी के बीच एक साफ लाइन खींचना चाहते हैं। उनके ऑफिस के नए तौर-तरीके सोशल मीडिया पर इस वक्त खूब चर्चा में हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह बहस तब शुरू हुई जब शीतल रिजवानी नाम की एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने अपने कज़न का ऑफिस का अनुभव शेयर किया। पोस्ट में लिखा है कि 'मिलेनियल' पीढ़ी, जो उनसे पहले की है, बॉस को दिखाने के लिए देर तक ऑफिस में रुकती है क्योंकि उनमें इसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है और वे शोषण सहने के आदी हो गए हैं। पोस्ट के मुताबिक, ऑफिस में जेन-ज़ी के सभी कर्मचारी एक जैसी सोच रखते हैं। जैसे ही काम का समय खत्म होता है, सब एक साथ ऑफिस से निकल जाते हैं, कोई भी मैनेजर को दिखाने के लिए नहीं रुकता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये युवा कर्मचारी काम के घंटों के बाद या वीकेंड पर ऑफिस से आने वाले फोन कॉल्स का जवाब भी नहीं देते। अगर कोई मैनेजर उनसे खराब तरीके से बात करता है, तो वे सीधे एचआर (HR) में शिकायत कर देते हैं। उनकी इस एकता की वजह से एचआर को मैनेजरों के खिलाफ एक्शन लेना पड़ता है। पोस्ट में एक और घटना का जिक्र है, जब ऑफिस का एसी खराब हो गया तो जेन-ज़ी के कर्मचारियों ने एचआर को बताया और ऑफिस से चले गए। वे तभी वापस आए जब एसी ठीक हो गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शीतल के इस पोस्ट पर लोग तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। कुछ लोग समर्थन में हैं तो कुछ विरोध में। मिलेनियल्स में हिम्मत नहीं होने वाली बात पर एक यूजर ने लिखा, 'मिलेनियल्स पर होम लोन और परिवार की जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए वे ऐसे रिस्क नहीं लेते, ऐसा नहीं है कि उनमें हिम्मत नहीं है।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Gen Z might actually be the generation that changes toxic work culture.My Gen Z cousin told me they have a group at work with only Gen Z employees.They all leave the office together, on time. Nobody stays late just to impress the manager. Nobody answers work calls on&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sheetal Rijhwani (@RijhwaniSheetal) 26 जून, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि एआई (AI) की वजह से नौकरियां जाने का खतरा बढ़ रहा है, ऐसे में इस तरह की जिद करियर को नुकसान पहुंचा सकती है। कभी-कभी काम खत्म करने के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा टाइम देना पड़ता है। हालांकि, ज़्यादातर लोग वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए जेन-ज़ी के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[₹1 लाख सैलरी अब ₹30 हजार जैसा... गुरुग्राम सीए की वायरल पोस्ट ने बयां किया मिडिल क्लास का दर्द]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/gurugram-ca-says-1-lakh-salary-is-new-30000-monthly-budget-breakdown-middle-class-expenses-india-instagram-viral-post/articleshow-xleg7zk</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/gurugram-ca-says-1-lakh-salary-is-new-30000-monthly-budget-breakdown-middle-class-expenses-india-instagram-viral-post/articleshow-xleg7zk</guid>
            <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 10:57:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Viral Post 1 Lakh Salary is New 30000: &lt;/strong&gt;क्या 1 लाख रुपए मंथली सैलरी अब कम पड़ने लगी है? गुरुग्राम की महिला की वायरल पोस्ट में जानिए मिडिल क्लास का पूरा मासिक बजट और खर्च का हिसाब।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kw8xdv8s629w09kms6yxpe42,imgname-viral-post-1-lakh-salary-is-new-30000-1782710725913.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Instagram Viral Post:&lt;/strong&gt; एक समय था जब महीने की 1 लाख रुपए की सैलरी को आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति का प्रतीक माना जाता था। लेकिन अब बढ़ती महंगाई, मेट्रो शहरों का महंगा रहन-सहन और भविष्य को सुरक्षित बनाने की जरूरत ने इस सोच को बदलना शुरू कर दिया है। हाल ही में गुरुग्राम की रहने वाली सीए मुस्कान मित्तल की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इसी मुद्दे को सामने रखा, जिसमें उन्होंने बताया कि 1 रुपए लाख की मंथली इनकम भी रोजमर्रा के खर्च, बचत और निवेश के बीच कैसे पूरी तरह बंट जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऐसे बंटता है 1 लाख रुपए का मंथली बजट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पोस्ट के मुताबिक, अगर कोई मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा व्यक्ति मेट्रो शहर में अकेले रहता है, तो उसकी आय का बड़ा हिस्सा जरूरी खर्चों में चला जाता है। उदाहरण के तौर पर करीब 25 हजार रुपए किराए में, 10 हजार रुपए खाने-पीने और राशन पर, 5 हजार रुपए आने-जाने के खर्च पर और लगभग 3 हजार रुपए बिजली, इंटरनेट और मोबाइल जैसे बिलों पर खर्च हो सकते हैं। इसके अलावा कपड़ों और पर्सनल केयर पर 5 हजार रुपए, बाहर खाने और मनोरंजन के लिए 5 हजार रुपए, मेडिकल, बीमा और इमरजेंसी जरूरतों के लिए 7 हजार रुपए और परिवार की मदद, उपहार और अन्य छोटे-मोटे खर्चों के लिए करीब 5 हजार रुपए अलग रखने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ खर्च नहीं, बचत और निवेश भी बड़ी प्राथमिकता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पोस्ट का सबसे अहम हिस्सा यह था कि इसमें भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को भी बराबर महत्व दिया गया। इसमें हर महीने 20 हजार रुपए SIP और अन्य निवेश में लगाने और 15 हजार रुपए इमरजेंसी फंड या अतिरिक्त बचत के लिए रखने का सुझाव दिया गया। यानी कमाई का बड़ा हिस्सा भविष्य की तैयारी में भी जाता है। पोस्ट का संदेश साफ था कि उद्देश्य हर रुपये को बचाना नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरतों और आने वाले समय की आर्थिक सुरक्षा के बीच सही संतुलन बनाना है। नीचे देखें वायरल पोस्ट-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Muskan mittal | Chartered Accountant (@ca_ingurgaon)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई सहमति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे अपनी जिंदगी से जुड़ा हुआ बताया। कई यूजर्स ने लिखा कि आज के समय में 1 लाख रुपए की सैलरी पहले जैसी बड़ी नहीं रह गई है। कुछ लोगों ने सवाल किया कि जब 1 लाख रुपए का बजट इस तरह बंट जाता है तो कम आय वाले परिवार कैसे संतुलन बना पाते होंगे। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि बढ़ती महंगाई, ऊंचा किराया और लगातार बढ़ते घरेलू खर्चों ने मिडिल क्लास की वित्तीय चुनौतियों को पहले से ज्यादा कठिन बना दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बदलती आर्थिक हकीकत की ओर इशारा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि हर व्यक्ति का खर्च उसकी लाइफस्टाइल, शहर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के अनुसार अलग हो सकता है, लेकिन यह चर्चा इस बात की ओर जरूर इशारा करती है कि आज सिर्फ अच्छी सैलरी होना ही पर्याप्त नहीं है। सही बजट प्लानिंग, SIP निवेश, इमरजेंसी फंड और फाइनेंशियल मैनेजमेंट पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो चुके हैं। यही वजह है कि बढ़ती महंगाई के दौर में लोग कमाई बढ़ाने के साथ-साथ अपने पैसे को बेहतर तरीके से मैनेज करने पर भी अधिक ध्यान दे रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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