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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Thu, 21 May 2026 17:01:40 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[NEET UG CBT Mode: पेपर लीक के बाद सरकार का बड़ा फैसला, बदला NEET का पूरा सिस्टम, अब ऑनलाइन परीक्षा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/neet-ug-2026-exam-will-be-conducted-in-cbt-mode-after-paper-leak-row-education-minister-dharmendra-pradhan-latest-update/articleshow-024gqgs</link>
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            <pubDate>Fri, 15 May 2026 14:51:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG Exam be Conducted CBT Mode: &lt;/strong&gt;नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि अगले साल से NEET परीक्षा CBT यानी ऑनलाइन मोड में होगी। वहीं NTA ने री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून घोषित की है। जानिए पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krneymfzvdcbj3ddztbqjw1n,imgname-neet-ug-now-cbt-mode-1778836787710.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG Exam to be Conducted CBT Mode:&lt;/strong&gt; देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव करने का ऐलान किया है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने साफ कर दिया है कि अगले साल से NEET UG परीक्षा पारंपरिक OMR शीट पर नहीं, बल्कि पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;OMR सिस्टम बना विवाद की जड़, अब CBT मोड पर शिफ्ट होगी NEET UG परीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह OMR आधारित परीक्षा प्रणाली रही। इसी कारण सरकार ने फैसला लिया है कि अगले वर्ष से NEET UG ऑनलाइन CBT मोड में कराई जाएगी, ताकि पेपर लीक, फर्जीवाड़ा और परीक्षा माफिया की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। सरकार का मानना है कि डिजिटल एग्जाम सिस्टम से प्रश्नपत्र की सुरक्षा मजबूत होगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक मॉनिटर किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi | On NEET re-examination, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says, &quot;The root cause of this was OMR and therefore, from the next year, the exam will be conducted in Computer-Based Test (CBT) mode...&quot; pic.twitter.com/5BepLQD7CC&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) May 15, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;7 मई को मिली नीट यूजी पेपर लीक की शिकायत, जांच में लीक की पुष्टि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के कुछ दिनों बाद NTA को शिकायत मिली कि कुछ तथाकथित गेस पेपर में वही सवाल मौजूद थे, जो वास्तविक परीक्षा में पूछे गए। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू कराई। राज्य एजेंसियों और केंद्रीय जांच तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ी और 12 मई तक यह स्पष्ट हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र लीक हुआ था। सरकार ने कहा कि किसी भी योग्य छात्र का भविष्य प्रभावित न हो, इसलिए सख्त निर्णय लेना जरूरी था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;21 जून को होगा नीट यूजी री-एग्जाम, NTA ने जारी की नई तारीख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विवाद और विरोध के बीच अब NTA ने NEET UG री-एग्जाम की नई तारीख घोषित कर दी है। पुनर्परीक्षा 21 जून, रविवार को आयोजित की जाएगी। इस फैसले के बाद लाखों छात्रों के बीच एक नई चर्चा शुरू हो गई है। एक वर्ग दोबारा परीक्षा के फैसले को न्यायसंगत बता रहा है, जबकि कई छात्र मानसिक दबाव और तैयारी के अतिरिक्त बोझ को लेकर नाराज भी हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एग्जाम माफिया के खिलाफ लंबी लड़ाई: सरकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार की मालप्रैक्टिस के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और परीक्षा माफिया के खिलाफ यह लंबी लड़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कई भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब CBI को सौंप दी गई है। सरकार का दावा है कि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और लीक के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;छात्रों के भरोसे की सबसे बड़ी परीक्षा बन गई नीट यूजी परीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NEET UG विवाद ने सिर्फ परीक्षा प्रणाली ही नहीं, बल्कि छात्रों के भरोसे को भी झटका दिया है। लाखों उम्मीदवारों ने वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा दी थी और अब दोबारा परीक्षा की घोषणा ने उनके सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रहित और ईमानदार छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या CBT मोड में शिफ्ट होने के बाद NEET जैसी बड़ी परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बन पाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[कॉकरोच को हिंदी में क्या कहते हैं?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/webstories/career/cockroach-meaning-in-hindi-know-what-is-cockroach-called-in-hindi-interesting-facts-697pfq9</link>
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            <pubDate>Thu, 21 May 2026 17:01:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;What is Cockroach Called in Hindi: क्या आप जानते हैं कॉकरोच को हिंदी में क्या कहते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल &lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&rsquo; के बीच जानिए कॉकरोच आखिर होता क्या है और इससे जुड़े रोचक फैक्ट्स।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Viral Resignation: 'काम 5 लोगों का, सैलरी एक टोस्ट जितनी', लड़की के इस्तीफे ने इंटरनेट पर मचाया बवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/gen-z-workers-savage-resignation-letter-over-low-salary-goes-viral/articleshow-6kydg2v</link>
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            <pubDate>Thu, 21 May 2026 13:50:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;21 वर्षीय प्रतिष्ठा गुप्ता ने कम सैलरी व खराब माहौल के कारण नौकरी छोड़ दी। अपने इस्तीफे में उन्होंने बताया कि वह अकेले 5 लोगों का काम कर रही थीं। उनका यह लेटर इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ks4nnfrs7e0gvaz60fkxzns9,imgname-whatsapp-image-2026-05-21-at-11.21.08-am--1--1779347144473.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ (UP): &lt;/strong&gt;जब प्रतिष्ठा गुप्ता ने लखनऊ की एक फर्म में कंटेंट मार्केटिंग स्ट्रैटजिस्ट की नौकरी छोड़ने का फैसला किया, तो उन्होंने अपने इस्तीफे में कोई लाग-लपेट नहीं रखी। बल्कि, उन्होंने अपने लेटर में महीनों से दबे हुए गुस्से को बाहर निकाल दिया। कम सैलरी और कंपनी के खराब माहौल से वह तंग आ चुकी थीं। 21 साल की प्रतिष्ठा ने इस लेटर की एक कॉपी इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी, जो अब तेजी से वायरल हो रही है। अपने इस्तीफे वाले ईमेल में प्रतिष्ठा ने साफ लिखा कि वह तुरंत नौकरी छोड़ रही हैं और उन सभी मौकों का जिक्र किया जब उनसे उनकी सैलरी से कहीं ज्यादा काम लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9 मार्च, 2026 की तारीख वाले अपने इस्तीफे में प्रतिष्ठा ने अपनी सारी परेशानियां बताईं। उन्होंने लिखा, &quot;मैं आपको आधिकारिक तौर पर अपने जाने की सूचना देने के लिए यह ईमेल भेज रही हूं। आज, 9 मार्च, 2026 मेरा आखिरी दिन है। इसे मेरा फाइनल लॉग-आउट समझें।&quot; उन्होंने आगे लिखा, &quot;सच कहूं तो, अब हिसाब-किताब बैठ नहीं रहा, यहां का माहौल एकदम सड़ चुका है और मेरे दिमागी सुकून पर मिलने वाला रिटर्न अब निगेटिव में जा रहा है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने आगे लिखा, &quot;मैंने अपने रोज के काम और अपने बैंक अकाउंट पर एक नजर डाली और महसूस किया कि मैं यहां 5 लोगों की टीम वाला गेम अकेले ही खेल रही हूं।&quot; इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में उन सभी पदों को गिनाया, जो वह कम सैलरी के बावजूद कंपनी में संभाल रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेटर में लिखा था, &quot;वीडियो एडिटर और डिजाइनर: यह पक्का करना कि ब्रांड 2005 की पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन जैसा न दिखे। एनालिस्ट: डेटा की जांच करते हुए अपने जीवन के फैसलों पर सवाल उठाना। SEO और वर्डप्रेस डेवलपर: गूगल के एल्गोरिदम और खराब डिजाइन वाले पेजों से लड़ना।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा, उन्होंने बताया कि वह एचआर लाइजन, डायरेक्टर और कंटेंट स्ट्रैटजिस्ट के तौर पर भी काम कर रही थीं, &quot;और अंदर ही अंदर रो रही थीं।&quot; प्रतिष्ठा के मुताबिक, वह यह सारी जिम्मेदारियां &quot;एक सावरडो टोस्ट की कीमत&quot; पर संभाल रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वायरल वीडियो देखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;@pratsgoez द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंस्टाग्राम पर कई लोगों ने इस्तीफे के इस सीधे और सपाट अंदाज पर खूब मजे लिए। एक यूजर ने कमेंट किया, &quot;क्रेजी।&quot; एक अन्य ने लिखा, &quot;मैम, प्लीज कंपनी का नाम भी बता दीजिए।&quot;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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            <title><![CDATA[CBSE 12th Result 2026 Toppers List: लड़कियों ने फिर मारी बाजी, 94 हजार से ज्यादा को 90%+ अंक, जानें टॉपर कौन?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/cbse-12th-result-2026-pass-percentage-girls-outshine-boys-topper-list-merit-certificate-details/articleshow-6pq4dmy</link>
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            <pubDate>Wed, 13 May 2026 15:18:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Toppers List: &lt;/strong&gt;सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी हो गया है। इस साल 85.20% छात्र पास हुए हैं। लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। जानिए पास प्रतिशत, 90% से ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों की संख्या, कंपार्टमेंट आंकड़े और मेरिट सर्टिफिकेट-टॉपर्स लिस्ट से जुड़ी पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krgaym13r4g757p2vah8qyd5,imgname-cbse-12th-result-2026-toppers-list-1778664820771.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Toppers List: &lt;/strong&gt;सेंटल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (Central Board of Secondary Education) ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया। इस बार कुल 85.20 प्रतिशत छात्र परीक्षा में सफल हुए हैं। रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइटों पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला, जिसके चलते कई जगह छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छात्र अपना सीबीएसई 12वीं परिणाम 2026 (CBSE 12th Result 2026) ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ DigiLocker और UMANG ऐप के जरिए भी देख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026 Toppers: लड़कियों का शानदार प्रदर्शन, लड़कों से आगे निकलीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस साल भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार लड़कियों का पास प्रतिशत 88.86% दर्ज किया गया, जबकि लड़कों का रिजल्ट 82.13% रहा। यानी छात्राओं ने लड़कों के मुकाबले 6.73 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026: कितने छात्रों ने दी परीक्षा, कितने हुए पास&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए कुल 17,80,365 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,07,109 छात्र सफल घोषित किए गए। हालांकि इस बार का कुल पास प्रतिशत पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम रहा है। बीते वर्ष 88.39 प्रतिशत छात्र पास हुए थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा 85.20% पर आ गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026 Out: 90% से ज्यादा अंक लाने वाले छात्रों की बड़ी संख्या&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार बड़ी संख्या में छात्रों ने शानदार अंक हासिल किए हैं। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 94,028 छात्रों ने 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं 17,113 छात्रों ने 95 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026 Toppers List: टॉपर्स लिस्ट नहीं होगा जारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बोर्ड आधिकारिक टॉपर्स लिस्ट जारी नहीं करेगा। कोरोना महामारी के बाद से बोर्ड ने मेरिट लिस्ट और टॉपर्स की घोषणा बंद कर दी थी और वही प्रक्रिया इस साल भी जारी रखी गई है। हालांकि जिन छात्रों ने अपने-अपने विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, उनमें से टॉप 0.1 प्रतिशत छात्रों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026: किन स्कूलों का रिजल्ट रहा सबसे बेहतर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार केंद्रीय विद्यालयों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा। स्कूल कैटेगरी के अनुसार पास प्रतिशत इस प्रकार रहा-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;केंद्रीय विद्यालय- 98.55%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जवाहर नवोदय विद्यालय- 98.47%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकारी विद्यालय- 89.55%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय- 86.07%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल- 85.55%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वतंत्र विद्यालय- 84.22%&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026 Top Performing Districts: सीबीएसई कक्षा 12वीं रिजल्ट टॉपर जिले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;क्षेत्रों में, त्रिवेंद्रम का रिजल्ट 95.62% पास प्रतिशत के साथ सबसे अच्छा दर्ज किया गया। वहीं अन्य में-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1. त्रिवेंद्रम- 95.62%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2. चेन्नई- 93.84%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;3. बेंगलुरु- 93.19%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;4. विजयवाड़ा- 92.77%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;5. दिल्ली पश्चिम- 92.34%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;6. दिल्ली पूर्व- 91.73%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;7. अहमदाबाद- 90.60%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;8. गुरुग्राम- 88.45%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;9. लुधियाना- 87.92%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;10. पुणे- 87.32%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;11. अजमेर- 86.78%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12. पंचकुला- 85.73%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;13. रांची- 85.01%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;14. गुवाहाटी- 83.41%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;15. लखनऊ- 82.21%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;16. भुवनेश्वर- 81.71%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;17. देहरादून- 81.42%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;18. रायपुर- 80.88%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;19. भोपाल- 79.43%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;20. नोएडा- 79.02%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;21. पटना- 74.45%&lt;/p&gt;&lt;p&gt;22. प्रयागराज- 72.43%&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: 1.63 लाख छात्रों की आई कंपार्टमेंट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE 12वीं रिजल्ट 2026 में करीब 1,63,800 छात्रों को कंपार्टमेंट मिला है। कंपार्टमेंट मामलों में प्रयागराज रीजन सबसे ऊपर रहा। कई अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी होगी। सबसे ज्यादा कंपार्टमेंट वाले रीजन की लिस्ट नीचे देखें-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;प्रयागराज- 16.76%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिल्ली ईस्ट- 12.57%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पंचकूला- 12.30%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बेंगलुरु- 12.14%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लुधियाना- 11.42%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रायपुर- 10.35%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रांची- 9.67%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लखनऊ- 9.30%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चेन्नई- 9.23%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पटना- 9.13%&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वहीं सबसे कम कंपार्टमेंट प्रतिशत तिरुवनंतपुरम, देहरादून और गुरुग्राम क्षेत्रों में दर्ज किया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;ऐसे चेक कर सकते हैं CBSE 12वीं का रिजल्ट 2026&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां CBSE Class 12 Result 2026 के लिंक पर क्लिक कर रोल नंबर समेत जरूरी जानकारी भरनी होगी। सबमिट करते ही स्क्रीन पर मार्कशीट दिखाई देगी। अगर वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक की वजह से समस्या आए तो छात्र DigiLocker और UMANG ऐप की मदद से भी अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने स्कूलों को 6 अंकों का सिक्योरिटी पिन जारी करने के निर्देश भी दिए हैं, जिसकी सहायता से छात्र डिजिटल डॉक्यूमेंट एक्सेस कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Direct Link&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026: पास होने के लिए कितने अंक जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBSE के नियमों के मुताबिक किसी भी छात्र को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। जो छात्र इस मानदंड को पूरा नहीं कर पाए हैं, उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका दिया जाएगा। जिसकी डिटेल जल्द ही शेयर की जाएगी। किसी भी लेटेस्ट अपडेट के लिए सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/cbse-12th-result-2026-pass-percentage-girls-outshine-boys-topper-list-merit-certificate-details/articleshow-6pq4dmy"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Canada Jobs: पेड़ की टहनियां काटकर 1 घंटे में कमाया 43000 रुपया! भारतीय लड़के ने शेयर किया वीडियो]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/indian-man-in-canada-reveals-tree-cutter-earned-43000-rupees-in-one-hour/articleshow-7d32h4n</link>
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            <pubDate>Tue, 19 May 2026 13:08:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कनाडा में एक भारतीय ने वायरल वीडियो में बताया कि कैसे पेड़ की टहनियां काटने वाले ने एक घंटे के 700 डॉलर (₹43,000) लिए। यह दिखाता है कि कनाडा में हुनर वाले शारीरिक श्रम से अच्छी कमाई की जा सकती है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krzj08zt1dsfdzpwjz41np88,imgname-new-project---2026-05-19t125508.004-1779175531514.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कनाडा में एक घंटे पेड़ कटवाने का कितना खर्चा आ सकता है? शायद आप यकीन न करें, लेकिन इसके लिए आपको हज़ारों रुपये देने पड़ सकते हैं। जी हां, इसी बारे में बताते हुए एक भारतीय लड़के विक्रम का इंस्टाग्राम वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। विक्रम ने बताया कि कैसे उनके घर पर पेड़ की टहनियां काटने आए एक शख्स ने सिर्फ एक घंटे के काम के 700 कैनेडियन डॉलर यानी करीब 43,000 रुपये ले लिए। उनका कहना है कि अगर आपके पास हुनर और सही उपकरण हैं, तो ऐसे कामों से अच्छी-खासी कमाई की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विक्रम ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'कौन कहता है कि कनाडा में पैसा नहीं है? इस आदमी ने मेरे घर के पेड़ की टहनियां काटने के लिए सिर्फ एक घंटे में 700 डॉलर चार्ज किए। मैं यह नहीं कह रहा कि यह काम छोटा या आसान है। गर्मियों में उसके पास हर दिन की बुकिंग है, एक भी दिन खाली नहीं। सर्दियों में वह बर्फ़ हटाने (स्नो क्लीनिंग) का काम करता है। जब मैंने हिसाब लगाया कि वह एक महीने में कितना कमाता है, तो मेरा तो दिमाग ही घूम गया।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;Vishal in Canada  (@thedesiodyssey_canada) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विक्रम यह भी मानते हैं कि इस तरह के कामों में सिर्फ़ शारीरिक मेहनत नहीं लगती, बल्कि इसके लिए अच्छी-खासी ट्रेनिंग और महंगे औज़ारों की भी ज़रूरत होती है। विक्रम कहते हैं कि जो लोग कनाडा में पैसा न कमा पाने की शिकायत करते हैं, उन्हें यहां घास काटने वालों, बर्फ़ साफ़ करने वालों और पेड़ काटने वालों की कमाई का पता करना चाहिए। इस वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। ज़्यादातर लोगों का मानना है कि कनाडा में हुनर की सही कीमत मिलती है। वहीं, कुछ लोगों ने ऐसे कामों में होने वाले खतरों (रिस्क) की तरफ भी ध्यान दिलाया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Success Story: कॉलेज छोड़ा, AI कंपनी बनाई… 22 की उम्र में बन गया अरबपति, कौन है सूर्या मिढा जिसने जुकेरबर्ग को छोड़ा पीछे]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/success-story-surya-midha-youngest-self-made-billionaire-ai-startup-mercor-cofounder-who-beat-mark-zuckerberg/articleshow-7qr8741</link>
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            <pubDate>Wed, 13 May 2026 16:25:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Success Story Surya Midha:&lt;/strong&gt; 22 साल की उम्र में भारतीय मूल के युवा उद्यमी सूर्या मिढा ने AI स्टार्टअप Mercor के दम पर अरबपति बनकर इतिहास रच दिया। जानिए कैसे कॉलेज छोड़कर उन्होंने Mark Zuckerberg से भी कम उम्र में यह मुकाम हासिल किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krgfemaj6ratzkpeh0p9te1w,imgname-success-story-surya-midha-mercor-1778669539666.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Success Story Surya Midha Mercor: &lt;/strong&gt;जहां ज्यादातर युवा 22 की उम्र में कॉलेज खत्म करने, नौकरी ढूंढने या करियर सेट करने में लगे रहते हैं, वहीं भारतीय मूल के युवा उद्यमी सूर्या मिढा ने ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसकी लोग सिर्फ कल्पना करते हैं। सिर्फ 22 साल की उम्र में सूर्या मिढा दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपतियों में शामिल हो गए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि उस उम्र में हासिल की है, जब मार्क ज़ुकेरबर्ग भी अरबपति नहीं बने थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI स्टार्टअप ने कैसे बदली सूर्या मिढा और उनके दो दोस्तों की जिंदगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूर्या मिढा ने अपने दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर AI आधारित स्टार्टअप मर्कोर (Mercor) शुरू किया। यह कंपनी सामान्य जॉब पोर्टल की तरह काम नहीं करती। Mercor पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित प्लेटफॉर्म है, जो कंपनियों को ऐसे लोगों से जोड़ता है जो AI मॉडल ट्रेनिंग, रिसर्च और टेक्निकल काम में मदद कर सकें। सबसे खास बात यह है कि यहां इंटरव्यू से लेकर स्किल टेस्ट और कैंडिडेट सेलेक्शन तक का काम AI करता है। यही वजह रही कि कंपनी बहुत कम समय में तेजी से आगे बढ़ी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Mercor कुछ महीनों में बन गई अरबों की कंपनी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग का फायदा Mercor को मिला। बड़ी निवेश कंपनियों ने इसमें पैसा लगाया और कंपनी की ग्रोथ रफ्तार पकड़ती चली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में कंपनी की सालाना कमाई करीब 100 मिलियन डॉलर थी, जो कुछ ही महीनों में बढ़कर लगभग 500 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसी तेजी ने कंपनी की वैल्यूएशन करीब 10 बिलियन डॉलर तक पहुंचा दी। कंपनी की सफलता के साथ उसके तीनों फाउंडर भी अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मार्क ज़ुकेरबर्ग से भी कम उम्र में अरबपति बने सूर्या मिढा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दुनियाभर में सूर्या मिढा की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि उन्होंने कम उम्र में अरबपति बनने के मामले में मार्क ज़ुकेरबर्ग (Mark Zuckerberg) को पीछे छोड़ दिया। जहां मार्क ज़ुकेरबर्ग 23 साल की उम्र में अरबपति बने थे, वहीं सूर्या मिढा ने 22 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर ली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं सूर्या मिढा, स्टार्टअप शुरू करने के लिए बीच में छोड़ा कॉलेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूर्या मिढा और उनके दोस्त किसी बड़े बिजनेस परिवार से नहीं आते। वे डिबेट टीम के दोस्त थे और उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़कर अपना स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया। आज उनकी कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है, जो कुछ अलग करना चाहते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/success-story-surya-midha-youngest-self-made-billionaire-ai-startup-mercor-cofounder-who-beat-mark-zuckerberg/articleshow-7qr8741"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Amazon Job: 5 साल-8 बार रिजेक्शन, फिर मिली नौकरी! बेंगलुरु के इंजीनियर की कहानी वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/bengaluru-engineer-shares-5-year-journey-to-landing-amazon-job-after-8-rejections/articleshow-7wuk0ib</link>
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            <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:28:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरु के इंजीनियर अरित्रा ने 5 साल और 7-8 से ज़्यादा रिजेक्शन के बाद अमेज़न में नौकरी पाई। उनकी वायरल कहानी लगातार असफलताओं के बावजूद दृढ़ रहने और हार न मानने की प्रेरणा देती है, जो कई युवाओं को हिम्मत दे रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krzfnx9350ppfnjqkyhpngqx,imgname-amazon-1779173094691.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरु के एक इंजीनियर हैं अरित्रा। उनकी कहानी आजकल नौकरी ढूंढ रहे हज़ारों युवाओं को हिम्मत दे रही है। अरित्रा ने बताया कि कैसे दुनिया की बड़ी टेक कंपनी अमेज़न ने उन्हें कई सालों तक लगातार रिजेक्ट किया, लेकिन आख़िरकार उन्होंने वहां नौकरी पा ही ली। अपने एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में अरित्रा ने खुलकर उस इमोशनल थकावट के बारे में बात की, जो बार-बार फेल होने से होती है। उन्होंने ये भी बताया कि इतनी मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपना सपना क्यों नहीं छोड़ा। वीडियो में वो खुद को अमेज़न में डेटा इंजीनियर बताते हैं और फिर उस ऑफर लेटर के पीछे की 5 साल लंबी लड़ाई की कहानी शेयर करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वीडियो की शुरुआत में वो कहते हैं, &quot;हम अपना रिज्यूमे कितना भी बदल लें, कितने भी रेफरल ले लें या तैयारी कर लें, फिर भी हमें रिजेक्शन मिलेगा ही।&quot; उन्होंने बताया कि किसी ने उनके एक वीडियो पर ये कमेंट किया था। अरित्रा ने खुलासा किया कि उन्होंने 5 सालों में 7-8 से ज़्यादा बार अमेज़न में अप्लाई किया था। रिक्रूटर्स की नज़र में आने के लिए उन्होंने हर मुमकिन कोशिश की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वो बताते हैं, &quot;मैंने रेफरल के जरिए, जॉब पोर्टल के जरिए अप्लाई किया, और हर बार मेरा रिज्यूमे शॉर्टलिस्ट तक नहीं हुआ। मुझे बार-बार ऑटो-रिजेक्शन वाले मेल आते थे।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने माना कि लगातार मिल रही नामंज़ूरी ने उन्हें एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया था, जहां उन्हें फैसला करना था कि या तो वो इस सपने को छोड़ दें या इसके लिए लड़ते रहें। अरित्रा कहते हैं, &quot;एक पॉइंट पर मेरे पास दो ऑप्शन थे: कोशिश करना बंद कर दूं या लगा रहूं। मैंने लगे रहने का फैसला किया और एक दिन आखिरकार मुझे इंटरव्यू के लिए कॉल आ ही गया। इस बार, मैं इसे क्रैक करने के लिए पूरी तरह तैयार था।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;Aritra (@datatalks_aritra) द्वारा साझा की गई पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अरित्रा का यह दमदार वीडियो सोशल मीडिया पर प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और नौकरी ढूंढ रहे लोगों के दिलों को छू गया है। कई लोगों ने कहा कि वे भी बार-बार एप्लिकेशन भेजने और बदले में ऑटोमेटेड रिजेक्शन ईमेल पाने की इस निराशा को अच्छी तरह समझते हैं। कई यूजर्स ने अरित्रा की इस बात के लिए तारीफ की कि उन्होंने सिर्फ सफलता का ग्लैमरस पहलू दिखाने के बजाय, अपनी असफलता के बारे में भी ईमानदारी से बात की। वहीं दूसरों का कहना था कि उनकी कहानी आज के मुश्किल हायरिंग मार्केट की कड़वी सच्चाई को दिखाती है, खासकर टेक इंडस्ट्री में।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/bengaluru-engineer-shares-5-year-journey-to-landing-amazon-job-after-8-rejections/articleshow-7wuk0ib"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BPCL Job: 20 लाख की सरकारी नौकरी, पर ऑफिस में टॉयलेट नहीं! 2 साल में ही इंजीनियर ने क्यों छोड़ी जॉब?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/nit-graduate-quits-20-lpa-bpcl-job-over-no-toilet-and-toxic-work-culture/articleshow-afr5fsi</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/nit-graduate-quits-20-lpa-bpcl-job-over-no-toilet-and-toxic-work-culture/articleshow-afr5fsi</guid>
            <pubDate>Mon, 18 May 2026 11:29:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;25 वर्षीय इंजीनियर सौरभ मित्तल ने BPCL की 20 लाख की नौकरी छोड़ दी। ऑफिस में टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी और खराब वर्क कल्चर से तंग आकर उन्होंने इस्तीफा दिया। अब वे MBA कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krva0wgdmb093wtmcs9mk2gz,imgname-bpcl-job-1779032945165.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; एक तरफ जहां आज के युवा लाखों रुपये की सैलरी और सम्मान वाली सरकारी नौकरी पाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, वहीं 25 साल के एक इंजीनियर ने देश की प्रतिष्ठित 'महारत्न' कंपनी में अपनी नौकरी सिर्फ दो साल में ही छोड़ दी। हैरानी की बात यह है कि इस नौकरी का पैकेज सालाना 20 लाख रुपये था। लेकिन ऑफिस में पीने के पानी और टॉयलेट जैसी बेसिक सुविधाएं भी नहीं थीं, जिससे तंग आकर उन्होंने यह फैसला लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नौकरी छोड़ने वाले इस नौजवान का नाम सौरभ मित्तल है, जो प्रतिष्ठित NIT कुरुक्षेत्र से ग्रेजुएट हैं। सिर्फ 22 साल की उम्र में उन्होंने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) में एक शानदार पैकेज पर नौकरी शुरू की थी। सौरभ की पोस्टिंग सिलीगुड़ी में थी, जहां वे पूरे उत्तर बंगाल, सिक्किम और भूटान तक के ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सौरभ बताते हैं कि बाहर से बेहद आकर्षक दिखने वाली इस महारत्न PSU की नौकरी की अंदरूनी हकीकत कुछ और ही थी।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;'टॉयलेट बनाने में कंपनी का कोई फायदा नहीं'&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अपने मुश्किल भरे काम के माहौल के बारे में बात करते हुए सौरभ ने बताया, &quot;मेरा ऑफिस एक पुराने गोदाम के अंदर था। वहां न तो पीने का साफ पानी था और न ही टॉयलेट। एसी भी खराब था, जिसे मैंने अपने पैसों से ठीक करवाया। मैंने ऑफिस में टॉयलेट न होने की शिकायत मैनेजर, सीनियर अधिकारियों और HR तक कई बार की। लेकिन अधिकारियों का रवैया बेहद खराब था। HR ने कहा कि यह बिजनेस डिपार्टमेंट का मामला है। मैनेजर ने बजट के लिए पूछने की बात कही। लेकिन आखिर में फाइनेंस डिपार्टमेंट ने यह कहकर प्रस्ताव खारिज कर दिया कि ऑफिस में टॉयलेट बनाने से कंपनी को कोई ROI (Return on Investment - यानी निवेश पर कोई फायदा) नहीं होगा!&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गनीमत थी कि सौरभ का घर ऑफिस से सिर्फ 10 मिनट की दूरी पर था, इसलिए उन्हें दिन में कई बार टॉयलेट के लिए घर जाना पड़ता था। वह गुस्से में कहते हैं, &quot;कोलकाता के मेन ऑफिस में एसी कमरों में बैठने वाले अधिकारियों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि हम ग्राउंड पर किस नर्क में जी रहे थे।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;'छुट्टी के दिन भी कॉल, आधी रात तक गालियां आम थीं'&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सौरभ ने ऑफिस के वर्क कल्चर पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया, &quot;वहां छुट्टी जैसा कुछ नहीं था। एक बार मेरे मैनेजर ने साफ-साफ कहा था कि कंपनी में छुट्टियां नहीं मिलतीं, छुट्टी वाले दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) करने के लिए होते हैं। वीकेंड और रविवार को भी आधी रात 12 बजे तक ऑफिस से कॉल आते रहते थे। इतना ही नहीं, मुझसे मेरे काम से कोई लेना-देना न रखने वाले सीनियर अधिकारियों को एयरपोर्ट से पिक करने और उनके लिए होटल बुक करने जैसे निजी काम भी करवाए जाते थे। मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंस में चिल्लाना और गाली-गलौज करना तो वहां बिल्कुल आम बात थी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;पिता निराश, पर मां ने दिया पूरा साथ&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;सिर्फ 3% की सालाना सैलरी बढ़ोतरी और सिर्फ सीनियॉरिटी के आधार पर प्रमोशन की वजह से वहां ग्रोथ की भी कोई उम्मीद नहीं थी। सौरभ ने फैसला किया कि वह इस तरह अपनी पूरी जिंदगी नहीं गुजार सकते और उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। हरियाणा के कैथल जैसे छोटे जिले से आने वाले सौरभ के परिवार के लिए BPCL की नौकरी एक बड़ी प्रतिष्ठा की बात थी। इसलिए उनके पिता आज भी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि उनके बेटे ने सरकारी नौकरी छोड़ दी। लेकिन, बेटे को मिल रही मानसिक प्रताड़ना और देर रात आने वाली कॉल्स को खुद देखने वाली उनकी मां ने पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा, &quot;मेरा बेटा ऐसे नर्क में रहे, यह मुझे मंजूर नहीं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;अगला कदम: अब MBA की राह पर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;फिलहाल सौरभ मित्तल गुरुग्राम में हैं और एक प्रतिष्ठित संस्थान से MBA कर रहे हैं ताकि अपने करियर को एक नई दिशा दे सकें। इसके साथ ही, वह अपने खर्चों को पूरा करने और युवाओं को ऐसी नौकरियों की हकीकत बताने के लिए पार्ट-टाइम कंटेंट क्रिएशन (वीडियो ब्लॉगिंग) भी कर रहे हैं। उनकी सलाह है कि युवा पीढ़ी किसी भी सरकारी नौकरी की सिर्फ बाहरी चमक-दमक देखकर फैसला न करे, बल्कि उसकी असलियत को भी समझे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/nit-graduate-quits-20-lpa-bpcl-job-over-no-toilet-and-toxic-work-culture/articleshow-afr5fsi"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Job Rejection: पुरानी कंपनी 600 मीटर दूर थी, इसलिए नहीं मिली नौकरी! अजीबोगरीब ईमेल वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/company-rejects-candidate-because-old-office-was-600-meters-away-viral-email/articleshow-aqum2p2</link>
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            <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:47:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;एक उम्मीदवार को नौकरी से इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि उसका पिछला ऑफिस सिर्फ 600 मीटर दूर था। कंपनी ने गोपनीयता और डेटा सुरक्षा नीतियों का हवाला दिया। उम्मीदवार ने इसे रेडिट पर &quot;सबसे मज़ेदार रिजेक्शन&quot; बताते हुए शेयर किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krr5s1b9npb70nmxn7w798h4,imgname-gettyimages-1218901771-612x612-1778927830377.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नौकरी ढूंढ रहे एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए। एक कंपनी ने उसे सिर्फ इसलिए नौकरी देने से मना कर दिया, क्योंकि उसका पिछला ऑफिस उस कंपनी के दफ्तर से महज़ 600 मीटर की दूरी पर था। इस उम्मीदवार ने अपना अनुभव मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) के r/IndianWorkplace ग्रुप पर शेयर किया। उसने पोस्ट का टाइटल लिखा, &quot;मुझे रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि मेरी पिछली कंपनी उनके ऑफिस से सिर्फ 600 मीटर दूर है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वायरल पोस्ट के मुताबिक, कंपनी ने पहले तो उम्मीदवार की प्रोफाइल और उसके पेशेवर अनुभव की तारीफ की। लेकिन बाद में, कंपनी की अंदरूनी पॉलिसी का हवाला देते हुए उसे नौकरी देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने इसके पीछे गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को वजह बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवार ने रिजेक्शन ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि यह उसे मिला &quot;अब तक का सबसे मज़ेदार रिजेक्शन मेल&quot; है। उसने मज़ाक में यह भी लिखा कि ऐसा लगता है कंपनी ने बाकायदा दोनों ऑफिस के बीच की दूरी नापी थी। उसने लिखा, &quot;उन्होंने सच में दूरी नापी है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;reddit&quot;=&quot;&quot; target=&quot;_blank&quot;&amp;gt;reddit-embed-bq&quot; style=&quot;height:500px;&quot; data-embed-height=&quot;740&quot;&amp;gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुझे रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि मेरी पिछली कंपनी उनके ऑफिस से सिर्फ 600 मीटर दूर है by u/Mother-Charity-3369 in IndianWorkplace&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, उम्मीदवार को कंपनी का तर्क अजीब लगा, लेकिन उसने कंपनी की ईमानदारी की तारीफ भी की। उसने कहा कि यह जवाब कम से कम उस घिसे-पिटे जवाब से तो बेहतर है, जिसमें कंपनियां कहती हैं कि &quot;हमने दूसरे उम्मीदवारों के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऑनलाइन पोस्ट किए गए ईमेल में, कंपनी ने साफ लिखा था कि इस रिजेक्शन का उम्मीदवार की काबिलियत से कोई लेना-देना नहीं है। मैसेज में लिखा था, &quot;हमें आपकी प्रोफाइल और अनुभव पसंद आया। हालांकि, गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से जुड़ी अंदरूनी मैनेजमेंट पॉलिसियों के कारण, हम इस समय आपकी एप्लिकेशन पर आगे नहीं बढ़ सकते, क्योंकि आपकी पिछली कंपनी हमारे ऑफिस से लगभग 600 मीटर की दूरी पर है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी ने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि यह फैसला &quot;आपकी काबिलियत या प्रोफेशनलिज़्म को नहीं दर्शाता है।&quot; उम्मीदवार ने जानबूझकर कंपनी की पहचान उजागर नहीं की। उसने बताया कि वह दोनों में से किसी के लिए भी बेवजह की परेशानी खड़ी नहीं करना चाहता। उसने यह घटना सिर्फ इसलिए शेयर की क्योंकि उसे यह मामला नज़रअंदाज़ करने के लिए कुछ ज़्यादा ही अजीब लगा। उसने मज़ाक में कहा, &quot;कॉर्पोरेट की दुनिया कभी-कभी कमाल की होती है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट के बाद ऑनलाइन बहस छिड़ गई और सोशल मीडिया यूजर्स कंपनी के इस तर्क पर बंटे हुए दिखे। कुछ लोगों ने इस पॉलिसी को ज़रूरत से ज़्यादा और पुराना बताकर मज़ाक उड़ाया, तो वहीं कुछ ने कहा कि आजकल एक ही ऑफिस कॉम्प्लेक्स में कई कंपनियों के कर्मचारी काम करते हैं, ऐसे में 600 मीटर की पाबंदी का कोई मतलब नहीं बनता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Workplace Culture: 'आगे क्या करूं सर?' यह सवाल पूछने पर CEO ने किया नौकरी से आउट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/instaastro-ceo-sparks-outrage-after-firing-employee-who-asked-what-to-do-next/articleshow-celvd84</link>
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            <pubDate>Wed, 20 May 2026 12:30:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;InstaAstro के CEO ने एक सीनियर कर्मचारी को 'आगे क्या करना है?' पूछने पर निकाल दिया। उनके मुताबिक, सीनियर प्रोफेशनल्स को खुद पहल करनी चाहिए। इस पोस्ट ने लीडरशिप और 'ओनरशिप' पर एक बड़ी बहस शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ks22gg6dzxcnwqfqvwzzzjsy,imgname-noida-1779259949261.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;InstaAstro के फाउंडर और CEO नितिन वर्मा के एक खुलासे ने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने एक सीनियर कर्मचारी को सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि उसने पूछा था, 'आगे क्या करना है?' इस घटना के बाद से लीडरशिप, जवाबदेही और वर्कप्लेस में 'ओनरशिप' यानी काम को अपना समझने की भावना पर जोरदार बहस छिड़ गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वर्मा ने ये किस्सा एक लिंक्डइन पोस्ट में शेयर किया। उन्होंने समझाया कि सीनियर लेवल के प्रोफेशनल्स से उम्मीद की जाती है कि वे लीडरशिप के निर्देशों का इंतजार करने के बजाय खुद फैसले लेने में सक्षम हों। वर्मा के मुताबिक, उस कर्मचारी को एक खास डिपार्टमेंट की पूरी जिम्मेदारी संभालने के लिए ही हायर किया गया था, ताकि उन्हें खुद रोज-रोज के कामों में शामिल न होना पड़े। उन्होंने बताया कि उस सीनियर कर्मचारी को शुरुआत से ही 'पूरी आजादी' दी गई थी, जिसमें कोई माइक्रोमैनेजमेंट, बार-बार अप्रूवल लेने की जरूरत या लगातार निगरानी शामिल नहीं थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वर्मा ने लिखा, &ldquo;मैंने किसी को इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि उसने मुझसे पूछा, &lsquo;सर बताइए आगे क्या करना है।&rsquo;&rdquo; उस बातचीत को याद करते हुए CEO ने बताया कि उन्होंने तुरंत कर्मचारी के इस रवैये पर सवाल उठाया। &quot;उसने कहा, &lsquo;सर आप बेहतर जानते हैं।&rsquo; मैंने पूछा, तो फिर मैंने तुम्हें नौकरी पर क्यों रखा है?&quot; वर्मा ने आगे बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट के बाद मॉडर्न वर्कप्लेस कल्चर पर बहस तेज हो गई। वर्मा का तर्क है कि 'ओनरशिप' यानी जिम्मेदारी लेने की सोच कोई स्किल नहीं है जिसे लीडर समय के साथ कर्मचारियों को सिखा सकें, बल्कि यह एक जन्मजात मानसिकता है। उन्होंने कहा, &quot;आप यह किसी को दे नहीं सकते। या तो वे इसके साथ आते हैं। या वे इसे कभी नहीं ढूंढ पाते।&quot; उन्होंने आगे कहा, &quot;बिना ओनरशिप के आजादी सिर्फ कन्फ्यूजन पैदा करती है। और मैं ऐसे लोगों के भरोसे कंपनी नहीं बना सकता जिन्हें यह बताने की जरूरत पड़े कि क्या सोचना है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वर्मा ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीनियर प्रोफेशनल्स को खुद से समस्याओं को पहचानना चाहिए, फैसले लेने चाहिए और फाउंडर या मैनेजर से लगातार इजाजत लेने के बजाय काम को आगे बढ़ाना चाहिए। लिंक्डइन पर कई यूजर्स ने वर्मा की इस लीडरशिप सोच को चुनौती दी। उनका कहना था कि अनुभवी प्रोफेशनल्स को भी कंपनी की उम्मीदों, प्राथमिकताओं और विजन के बारे में स्पष्टता की जरूरत होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई यूजर्स ने यह भी कहा कि हो सकता है कि वह कर्मचारी कोई बड़ा फैसला लेने से पहले फाउंडर की बड़ी स्ट्रैटेजी के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हो। वहीं कुछ लोगों ने तर्क दिया कि स्टार्टअप्स अक्सर बाहर से तो इनोवेशन को बढ़ावा देने का दिखावा करते हैं, लेकिन अंदर से सवाल पूछने या टीम के साथ मिलकर चर्चा करने को हतोत्साहित करते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[NEET UG 2026 Re-Exam Date Announced: जून में इस दिन होगा नीट यूजी री-एग्जाम, लेकिन छात्रों के मन में उठे कई सवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/neet-ug-2026-re-exam-date-announced-june-21-paper-leak-cbi-investigation-nta-latest-update/articleshow-f2lmnmg</link>
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            <pubDate>Fri, 15 May 2026 11:46:58 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG 2026 Re Exam Date Out: &lt;/strong&gt;NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद NTA ने 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी है। अब री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। मामले की जांच CBI कर रही है और कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। WhatsApp पर पेपर वायरल होने और 400 से अधिक सवालों के मिलान के आरोपों के बीच परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। जानिए&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krn4ebx4frwd6akcpj4bh23e,imgname-neet-ug-2026-re-exam-date-out-1778825768868.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG 2026 Re Exam Date:&lt;/strong&gt; देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 अब सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि भरोसे की लड़ाई बन चुकी है। लाखों छात्रों के भविष्य पर असर डालने वाले कथित पेपर लीक मामले के बीच National Testing Agency (NTA) ने अब दोबारा परीक्षा कराने की तारीख घोषित कर दी है। 3 मई को हुई परीक्षा रद्द होने के बाद अब 21 जून, रविवार को NEET-UG 2026 री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा। लेकिन इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा प्रणाली के भीतर से ही लीक हुआ था पेपर? CBI की जांच अब इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3 मई की नीट यूजी परीक्षा 2026 क्यों हुई रद्द?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NEET-UG 2026 को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब जांच एजेंसियों को एक कथित &ldquo;गेस पेपर&rdquo; मिला, जिसे परीक्षा से कई दिन पहले छात्रों के बीच शेयर किया गया था। जांच में सामने आया कि इस दस्तावेज में लगभग 410 सवाल थे और इनमें से बड़ी संख्या में प्रश्न असली NEET पेपर से मेल खाते थे। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि करीब 120 केमिस्ट्री प्रश्न कथित तौर पर हूबहू मैच कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक यह सामग्री WhatsApp ग्रुप्स के जरिए परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले तक सर्कुलेट की गई थी। इसके बाद राजस्थान पुलिस की Special Operations Group (SOG) ने जांच शुरू की और मामला तेजी से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया। NTA ने बाद में कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट्स के आधार पर परीक्षा को जारी रखना संभव नहीं था, इसलिए इसे रद्द करने का फैसला लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब 21 जून को होगी NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NTA ने साफ किया है कि री-एग्जाम 21 जून, रविवार को कराया जाएगा। जल्द ही नए एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। हालांकि छात्रों और अभिभावकों के बीच अभी भी असमंजस बना हुआ है। वे जानना चाहते हैं कि क्या सिलेबस वही रहेगा? क्या परीक्षा पैटर्न बदलेगा? क्या सेंटर दोबारा अलॉट होंगे? क्या सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त होगी? एजेंसी ने फिलहाल सिर्फ परीक्षा तिथि घोषित की है, जबकि विस्तृत गाइडलाइंस का इंतजार किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026: CBI जांच में &lsquo;इनसाइडर एंगल&rsquo; सबसे बड़ा फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब इस मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट &ldquo;इनसाइडर रोल&rdquo; को लेकर आया है। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही सिस्टम के भीतर से बाहर पहुंचा। जांच एजेंसी ने NTA से उन सभी लोगों की जानकारी मांगी है जिन्हें प्रश्नपत्र तक पहुंच थी। इनमें शामिल हैं- पेपर सेटर्स, सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स, ट्रांसलेशन पैनल सदस्य, प्रोफेसर्स और शिक्षक, प्रिंटिंग और सीलिंग प्रक्रिया से जुड़े लोग। CBI का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर प्रश्नों का मैच होना सिर्फ कोचिंग टेस्ट सीरीज का मामला नहीं हो सकता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026: महाराष्ट्र का लातूर बना जांच का नया केंद्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र का लातूर, जो मेडिकल कोचिंग हब माना जाता है, अब जांच एजेंसियों के रडार पर है। एक रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर से पूछताछ की जा रही है, जो कथित तौर पर NEET के मराठी ट्रांसलेशन पैनल से जुड़े थे। जांच एजेंसियों को शक है कि ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान पेपर तक पहुंच का दुरुपयोग किया गया हो सकता है। इसी बीच एक अभिभावक ने दावा किया कि लातूर की एक निजी कोचिंग संस्था के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल असली NEET पेपर से मेल खाते थे। यही वजह है कि जांच अब सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की ओर बढ़ चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026: पुणे से ब्यूटी पार्लर संचालिका गिरफ्तार, पैसों के नेटवर्क की जांच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI ने पुणे से मनीषा वाघमारे नाम की महिला को गिरफ्तार किया है, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती है। एजेंसी का आरोप है कि वह पेपर लीक नेटवर्क में बिचौलिये की भूमिका निभा रही थी। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले उसके करीब दो दर्जन बैंक खातों में पैसों का लेन-देन हुआ। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये रकम छात्रों से ली गई थी या किसी बड़े रैकेट का हिस्सा थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026 का राजस्थान कनेक्शन: डिजिटल स्कैन कर शेयर किया गया पेपर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजस्थान जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी दिनेश बीवाल ने कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र को स्कैन करके डिजिटल रूप में आगे भेजा। उस पर आरोप है कि उसने यह पेपर गुरुग्राम के आरोपी यश यादव से हासिल किया और फिर राजस्थान के सीकर इलाके में छात्रों तक पहुंचाया। यानी अब जांच सिर्फ &ldquo;पेपर लीक&rdquo; तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संगठित डिजिटल नेटवर्क और फाइनेंशियल चैन की ओर बढ़ चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026: छात्रों में गुस्सा, सड़कों पर प्रदर्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परीक्षा रद्द होने के बाद कई शहरों में छात्रों और छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए। National Students&rsquo; Union of India (NSUI) सहित कई संगठनों ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि एक परीक्षा की तैयारी में वर्षों की मेहनत लगती है और ऐसी घटनाएं मानसिक दबाव को कई गुना बढ़ा देती हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[WB HS Result 2026 Out: 91.23% स्टूडेंट्स पास, 496 मार्क्स हासिल कर अधरितो पाल बने टॉपर, Direct Link]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/wb-hs-result-2026-out-direct-link-to-download-west-bengal-class-12-marksheet-pass-percentage-toppers-details/articleshow-g6e7n0b</link>
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            <pubDate>Thu, 14 May 2026 11:33:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;WB 12th Result 2026 Out: &lt;/strong&gt;WB 12th Result 2026 जारी हो चुका है। इस साल 91.23 % छात्र पास हुए हैं। जानें West Bengal HS Result 2026 चेक करने का तरीका, डायरेक्ट लिंक, DigiLocker से मार्कशीट डाउनलोड प्रक्रिया और पास प्रतिशत की पूरी जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krjfecgvz06byypqbrq9s2sw,imgname-wb-hs-result-2026-direct-link-1778736640539.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Class 12 Result 2026 Out:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल बोर्ड के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (WBCHSE) ने आज, 14 मई 2026 को हायर सेकेंडरी यानी कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल बोर्ड परीक्षा में कुल 91.23 प्रतिशत छात्र सफल रहे हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। सुबह 10:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रिजल्ट की औपचारिक घोषणा की गई, जबकि छात्रों के लिए ऑनलाइन स्कोरकार्ड डाउनलोड लिंक 11 बजे एक्टिव कर दिया गया। परीक्षा में शामिल विद्यार्थी अब अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट और DigiLocker दोनों प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;WB HS Result 2026 Direct Link&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;WBCHSE West Bengal HS Result 2026 Toppers Names: पश्चिम बंगाल 12वीं रिजल्ट टॉपर्स, टॉप 10 में 64 स्टूडेंट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जारी पश्चिम बंगाल 12वीं रिजल्ट 2026 के अनुसार इस साल 99.2% मार्क्स हासिल कर अधरितो पाल स्टेट टॉपर बन गए हैं। उन्हें 500 में से 496 अंक मिले हैं। सेकंड टॉपर्स में तीन स्टूडेंट्स शामिल हैं- कृष्णो कुंडू, हृतोब्रोतो नाथ, परिखितो जिन्होंने 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। इस वर्ष 64 छात्र टॉप 10 लिस्ट शामिल हैं। जिसमें 56 लड़के और 8 लड़कियां हैं। नीचे देखें टॉपर्स लिस्ट-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पहला स्थान: अधरितो पाल- 500 में से 496 अंक (99.2%)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दूसरा स्थान- कृष्णो कुंडू, हृतोब्रोतो नाथ, परिखितो- 500 में से 495 अंक (99%)&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;WBCHSE West Bengal HS Result 2026 Overall Pass Percentage: इस साल का कुल पास प्रतिशत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कुल पास प्रतिशत 91.23% रहा, जिसमें लड़कों का पास प्रतिशत 89.79% और महिला पास प्रतिशत 92.47% रहा। यानि लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से काफी बेहतर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: कितने छात्रों ने दी थी परीक्षा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार पश्चिम बंगाल हायर सेकेंडरी परीक्षा में करीब 7.1 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। इनमें 6.35 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं राज्य के 23 जिलों के 6,837 स्कूलों से परीक्षा में बैठे थे। परीक्षा का आयोजन 12 फरवरी से 27 फरवरी 2026 के बीच किया गया था।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट क्रैश, धैर्य रखें छात्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट्स पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला और ऑफिशियल वेबसाइट क्रैश हो गई, इसलिए छात्रों को सलाह दी गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें। ऑनलाइन मार्कशीट देखने के लिए रोल नंबर जरूरी होगा। छात्र अपना रिजल्ट इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर जाकर देख सकते हैं-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;wbchse.wb.gov.in&lt;/p&gt;&lt;p&gt;result.wb.gov.in&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: ऐसे डाउनलोड करें पश्चिम बंगाल 12वीं मार्कशीट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिजल्ट डाउनलोड करने की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है। छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आधिकारिक रिजल्ट वेबसाइट wbchse.wb.gov.in या result.wb.gov.in खोलें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;WB HS Result 2026&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रोल नंबर दर्ज करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सबमिट बटन दबाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्क्रीन पर डिजिटल मार्कशीट दिखाई देगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;PDF डाउनलोड कर भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छात्रों को सलाह दी गई है कि ओरिजिनल मार्कशीट मिलने तक प्रिंटआउट संभालकर रखें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: DigiLocker से भी मिलेगी डिजिटल मार्कशीट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;WBCHSE ने इस बार DigiLocker के जरिए भी डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। छात्र मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। DigiLocker पर रिजल्ट डाउनलोड करने का तरीका नीचे देखें-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;DigiLocker ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;Issued Documents&rdquo; सेक्शन में जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Education/Board Documents विकल्प चुनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;WBCHSE सेलेक्ट करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रोल नंबर और परीक्षा वर्ष दर्ज करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर किसी छात्र का अकाउंट नहीं है, तो वह Aadhaar-linked मोबाइल नंबर की मदद से नया अकाउंट बना सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बोर्ड की ओर से जारी नियमों के अनुसार छात्रों को हर विषय में कम से कम 30 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। सिर्फ कुल अंक ही नहीं, बल्कि थ्योरी और प्रैक्टिकल/प्रोजेक्ट दोनों में अलग-अलग न्यूनतम 30 प्रतिशत स्कोर करना जरूरी रखा गया है। यानी किसी एक हिस्से में कम अंक आने पर छात्र को असफल माना जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;WB HS Result 2026 Out: आज से ही मिलेंगी ओरिजिनल मार्कशीट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;WBCHSE ने घोषणा की है कि मार्कशीट, पास सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी आज 14 मई को सुबह 11 बजे से राज्य के 56 वितरण केंद्रों के जरिए स्कूलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद छात्र अपने स्कूल से ओरिजिनल दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Layoffs News: Meta के बाद अब LinkedIn की बारी, 600 से ज़्यादा कर्मचारियों की होगी छंटनी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/linkedin-to-lay-off-over-600-employees-following-meta-job-cuts/articleshow-kg6yg5a</link>
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            <pubDate>Thu, 21 May 2026 11:03:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;LinkedIn 600+ कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है। यह 13 जुलाई से शुरू होने वाली 5% वर्कफोर्स कटौती का हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य प्राथमिकताओं वाले क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kdyhgz9ccy3yt381g3srswjn,imgname-linkedin-1767330315564.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कैलिफोर्निया:&lt;/strong&gt; टेक सेक्टर में छंटनी का दौर जारी है। अब प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn ने भी 600 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। यह खबर Meta द्वारा 8000 लोगों को निकाले जाने के ठीक बाद आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ समय पहले ही कंपनी के CEO डेनियल शपेरो ने कुल वर्कफोर्स में से 5% लोगों को हटाने का ऐलान किया था। पिछले हफ़्ते जारी एक नोटिफिकेशन के मुताबिक, 13 जुलाई से 606 कर्मचारियों का LinkedIn के साथ प्रोफेशनल रिश्ता खत्म हो जाएगा। इनमें से ज़्यादातर कर्मचारी (352) माउंटेन व्यू ऑफिस के हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;CEO डेनियल शपेरो ने हाल ही में कहा था कि कंपनी दुनिया भर में अपने 5% कर्मचारियों (लगभग 875 लोग) को हटा रही है। उन्होंने वजह बताते हुए कहा, 'कंपनी को अपनी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ज़रूरी क्षेत्रों में ज़्यादा निवेश करना है।' यह फैसला तब लिया गया है, जबकि LinkedIn की तीसरी तिमाही की कमाई में साल-दर-साल 12% की बढ़ोतरी हुई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA['नौकरी चाहिए तो तुरंत आओ' HR के रवैये पर भड़का शख्स, कहा- रिक्रूटमेंट सर्कस से तंग आ चुका हूं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/hr-ghosts-candidate-after-demanding-immediate-joiner-reddit-post-sparks-outrage/articleshow-kz180hh</link>
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            <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:14:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;एक एप्लीकेंट ने रेडिट पर भर्ती का खराब अनुभव शेयर किया। 'तुरंत जॉइन' की मांग करने वाली कंपनी का इंटरव्यूअर 2 बार नहीं आया। एक महीने बाद HR के फिर संपर्क करने से कंपनियों के दोहरे मापदंड पर सवाल उठे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krr79xsffx13n2kzt9bfyd15,imgname-gettyimages-85074729-612x612-1778929432367.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;एक जॉब एप्लीकेंट ने रेडिट पर नौकरी के लिए दिए गए इंटरव्यू का अपना निराशाजनक अनुभव शेयर किया है। उसने एक कंपनी पर आरोप लगाया कि वह बार-बार &quot;तुरंत जॉइन करने वाले&quot; (immediate joiner) कैंडिडेट की मांग कर रही थी, जबकि उसे कैंडिडेट के समय या प्रोफेशनल कमिटमेंट्स की कोई परवाह नहीं थी। यह पोस्ट पॉपुलर सबरेडिट r/developersIndia पर &quot;The absolute audacity of HRs and &lsquo;immediate joiner&rsquo; requirements&quot; (HR का ये कैसा रवैया और 'तुरंत जॉइन' करने की मांग) टाइटल के साथ शेयर की गई। इसमें एक महीने तक चली उस मुश्किल को बताया गया है, जिसमें इंटरव्यू न लेना, खराब कम्युनिकेशन और हायरिंग में कंपनी का दोहरा रवैया शामिल था। उसने लिखा, &quot;मैं सच में इस देश में चल रहे रिक्रूटमेंट सर्कस से तंग आ चुका हूं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एप्लीकेंट के मुताबिक, उसने करीब चार हफ्ते पहले एक जॉब-सर्च और रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए एक पद के लिए आवेदन किया था। अप्लाई करने के तुरंत बाद, एक रिक्रूटर ने उससे संपर्क किया और बताया कि कंपनी खासतौर पर ऐसे किसी व्यक्ति की तलाश में है जो दो हफ्ते के अंदर जॉइन कर सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एप्लीकेंट ने साफ किया कि वह अपनी मौजूदा नौकरी में 60-दिन का नोटिस पीरियड सर्व कर रहा है, लेकिन यह भी बताया कि इस समय को लेकर बातचीत हो सकती है क्योंकि उसके पास बायआउट का ऑप्शन और जमा छुट्टियां हैं, जिन्हें एडजस्ट किया जा सकता है। रिक्रूटर इस व्यवस्था के लिए कथित तौर पर सहमत हो गया और अगले दिन के लिए एक इंटरव्यू शेड्यूल कर दिया। हालांकि, कैंडिडेट ने दावा किया कि इंटरव्यू लेने वाला कभी आया ही नहीं। इंटरव्यू में शामिल होने के लिए, उसने कथित तौर पर अपने मौजूदा दफ्तर से छुट्टी ली थी और तैयारी में भी समय लगाया था, लेकिन उसे बिना किसी सूचना के इंतजार करना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसने लिखा, &quot;मेरी छुट्टी और समय दोनों बर्बाद हो गए।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;HR का ये कैसा रवैया और 'तुरंत जॉइन' करने की मांगby u/Perfect-Text-4321 in developersIndia&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके बाद इंटरव्यू अगले दिन के लिए फिर से शेड्यूल किया गया, लेकिन एप्लीकेंट के अनुसार, वही चीज़ दोबारा हुई। इंटरव्यूअर कथित तौर पर दूसरी बार भी नहीं आया और कंपनी की ओर से कोई सफाई भी नहीं दी गई। उसने आगे कहा, &quot;न कोई ईमेल, न कोई अपडेट, बस पूरी तरह से सन्नाटा।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एप्लीकेंट ने यह भी दावा किया कि दूसरे छूटे हुए इंटरव्यू के बाद, कंपनी ने लगभग एक महीने तक उससे कोई संपर्क नहीं किया। हैरानी की बात यह है कि बाद में उसी एचआर प्रतिनिधि ने उससे फिर से संपर्क किया और पूछा कि क्या वह अभी भी दो सप्ताह के भीतर जॉइन कर सकता है। उसने अपनी निराशा जाहिर करते हुए लिखा, &quot;क्या आप सच में मज़ाक कर रहे हैं।&quot; उसने कहा कि रिक्रूटर्स को &quot;कैंडिडेट के समय की ज़रा भी परवाह नहीं है&quot;।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसने कॉर्पोरेट हायरिंग में दोहरे मापदंडों की भी आलोचना की। उसने इस विरोधाभास की ओर इशारा किया कि कंपनियां &quot;तुरंत जॉइन करने वालों&quot; की मांग करती हैं, जबकि अपने ही कर्मचारियों पर लंबा नोटिस पीरियड थोपती हैं। उसने तंज कसते हुए कहा, &quot;मतलब, आप चाहते हैं कि मैं 14 दिनों में आपके ऑफिस में टेलीपोर्ट हो जाऊं, लेकिन अगर मैं आपकी 'इज्जतदार' कंपनी छोड़ना चाहूं, तो मुझे तीन महीने का नोटिस पीरियड सर्व करना होगा?&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एप्लीकेंट ने यह भी तर्क दिया कि लंबे नोटिस पीरियड वाले उम्मीदवारों को अक्सर भर्ती के दौरान नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, जबकि इंडस्ट्री में नोटिस पॉलिसी ऐसी है कि जल्दी नौकरी बदलना मुश्किल होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह पोस्ट रेडिट यूजर्स के बीच तेजी से वायरल हो गई। कई लोगों ने रिक्रूटर्स और हायरिंग मैनेजर्स के साथ अपने ऐसे ही अनुभव शेयर किए। कुछ यूजर्स ने तो ऐसी कंपनियों का सार्वजनिक रूप से नाम लेने का सुझाव दिया ताकि दूसरे नौकरी खोजने वालों को ऐसी स्थितियों से बचाया जा सके, जबकि अन्य ने हायरिंग में &quot;रेड फ्लैग&quot; के लिए जानी जाने वाली कंपनियों पर नज़र रखने के लिए एक डायरेक्टरी बनाने की मांग की।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/hr-ghosts-candidate-after-demanding-immediate-joiner-reddit-post-sparks-outrage/articleshow-kz180hh"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[यही है NEET Paper Leak कराने वाला मास्टरमाइंड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी, जानें कैसे किया खेल...]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/neet-paper-leak-mastermind-a-professor-from-the-question-setting-team-arrested-by-cbi/articleshow-mmned8n</link>
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            <pubDate>Sat, 16 May 2026 09:58:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CBI ने NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। लातूर का यह केमिस्ट्री प्रोफेसर खुद पेपर बनाने वाली टीम का हिस्सा था। उसने पैसों के लिए कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उनके जवाब बता दिए थे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krq3maggzjbnrgh66ht5r1ha,imgname-----------------------2026-05-16t060517.431-1778892024335.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की। एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले एक केमिस्ट्री प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह प्रोफेसर खुद NEET का क्वेश्चन पेपर तैयार करने वाली टीम का हिस्सा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गिरफ्तार प्रोफेसर का नाम पी.वी. कुलकर्णी है। CBI के मुताबिक, कुलकर्णी कई सालों से NEET का पेपर सेट करने वाली टीम में शामिल था। उसने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में अपने घर पर कुछ छात्रों के लिए स्पेशल क्लास लगाई थी। इन क्लासेज में उसने 3 मई को होने वाली परीक्षा के सवाल और उनके जवाब पहले ही बता दिए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;CBI के प्रवक्ता ने बताया कि इस काम में कुलकर्णी की मदद मनीषा वाघमोरे नाम की एक और आरोपी ने की थी, जिसे CBI ने 14 मई को गिरफ्तार किया था। मनीषा ने ही छात्रों को कुलकर्णी तक पहुंचाया था। इस काम के लिए छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पिछले 24 घंटों में CBI ने देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की है। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इन सभी चीजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों का पता लगाया जा सके।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[आखिर कौन हैं Cockroach Janata Party के फाउंडर अभिजीत दीपके?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/who-is-abhijeet-dipke-founder-of-cockroach-janata-party-know-his-education-career-details-and-viral-movement/articleshow-rqa0gpz</link>
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            <pubDate>Thu, 21 May 2026 15:37:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Who is Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party: &lt;/strong&gt;कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस बीच सभी इस ऑनलाइन पार्टी के फाउंडर के बारे में जानना चाहते हैं। जानिए कौन हैं CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, उनकी पढ़ाई, करियर समेत पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ks500p0xw0dnj2yknzm907bp,imgname-who-is-abhijeet-dipke-founder-of-cockroach-janata-party-1779357997084.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Who is Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party Founder:&lt;/strong&gt; इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया राजनीतिक दल कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party/CJP) धूम मचा रहा है। जिसने कुछ ही दिनों में इंटरनेट की पूरी दिशा बदल दी। कॉकरोच जनता पार्टी के साथ ही इसके फाउंडर अभिजीत दीपके भी सुर्खियों में हैं। सभी जानना चाहते हैं कि आखिर अभिजीत दीपके कौन हैं? कितने पढ़े-लिखे हैं और क्या करते हैं और कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत क्यों-कैसे हुई? बता दें कि &amp;nbsp;मीम, व्यंग्य और युवाओं-जेन जी की नाराजगी को केंद्र में रखकर शुरू हुआ ऑनलाइन कॉकरोच जनता पार्टी का ऑनलाइन आंदोलन अब देश की सबसे चर्चित डिजिटल राजनीतिक घटनाओं में गिना जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट महज कुछ दिनों में करोड़ों यूजर्स तक पहुंच गया और फॉलोअर्स के मामले में BJP के आधिकारिक अकाउंट से भी आगे निकल गया। शुरुआत के महज पांच दिनों में ही सीजेपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11.9 मिलियन फॉलोअर्स हो चुके हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 8.7 मिलियन फॉलोअर्स से कहीं अधिक हैं। जानिए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बारे में पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके कौन हैं, कितने पढ़े-लिखे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र से आते हैं और उन्होंने पुणे से पत्रकारिता (Journalism) की पढ़ाई की। मीडिया, नैरेटिव बिल्डिंग और पब्लिक कम्युनिकेशन में शुरुआती रुचि ने उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका पहुंचाया। उन्होंने अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री हासिल की। यही वह दौर था, जब उन्होंने डिजिटल राजनीति, ऑनलाइन पब्लिक मूड और सोशल मीडिया कैम्पेनिंग को गहराई से समझा। अभिजीत दीपके सिर्फ एक छात्र नहीं रहे, बल्कि उन्होंने सोशल मीडिया को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना सीखा। यही वजह है कि आज उनका नाम इंटरनेट-ड्रिवन राजनीतिक कम्युनिकेशन के नए चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AAP के साथ काम कर चुके हैं अभिजीत दीपके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिजीत दीपके इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया और चुनावी कैंपेन टीम का हिस्सा रह चुके हैं। 2020 से 2023 के बीच उन्होंने पार्टी के डिजिटल नैरेटिव, ऑनलाइन कैम्पेन और मीम-आधारित राजनीतिक कंटेंट पर काम किया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान आप पार्टी की सोशल मीडिया रणनीति को युवाओं तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका बताई जाती है। उस समय पार्टी ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में बड़ी जीत दर्ज की थी और डिजिटल कैंपेनिंग को इसकी बड़ी वजह माना गया था। राजनीतिक हलकों में माना जाता है कि अभिजीत को यह अच्छी तरह समझ है कि इंटरनेट पर कौन-सा कंटेंट वायरल होगा और किस तरह युवाओं की भावनाओं को डिजिटल भाषा में बदला जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिजीत दीपके के अनुसार कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत किसी राजनीतिक योजना के तहत नहीं हुई थी। यह एक वायरल प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आई। दरअसल, सोशल मीडिया पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से जुड़े कथित बयान वायरल हुए, जिसमें बेरोजगार युवाओं को तिलचट्टा (cockroach) और परजीवी (parasite) जैसे शब्दों से जोड़कर देखा गया। यहीं से इंटरनेट पर मीम्स की बाढ़ आ गई। हजारों युवाओं ने इसे बेरोजगारी, सिस्टम से निराशा और सामाजिक दबाव के प्रतीक के तौर पर लेना शुरू किया। अभिजीत दीपके ने इसी गुस्से और व्यंग्य को एक डिजिटल मूवमेंट का रूप दे दिया। देखते ही देखते &ldquo;Cockroach Janta Party&rdquo; सिर्फ मीम पेज नहीं रही, बल्कि Gen Z की ऑनलाइन आवाज बन गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉकरोच जनता पार्टी का Voice of the Lazy &amp;amp; Unemployed&rdquo; बना ट्रेंड?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CJP ने खुद को &ldquo;Voice of the Lazy &amp;amp; Unemployed&rdquo; बताया। यह लाइन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई क्योंकि बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और आर्थिक असुरक्षा से जुड़ाव महसूस कर रहे थे। पार्टी ने व्यंग्यात्मक घोषणापत्र जारी किया, जिसमें रोजगार, युवा मानसिक दबाव और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को मीम और हास्य के जरिए उठाया गया। यही वजह रही कि यह आंदोलन पारंपरिक राजनीति से अलग दिखा और इंटरनेट की भाषा बोलने लगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद का भी मिला समर्थन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CJP को सिर्फ आम सोशल मीडिया यूजर्स का ही नहीं, बल्कि कुछ विपक्षी नेताओं का समर्थन भी मिला। TMC सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद इसकी चर्चा और तेज हो गई। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता को सीधे चुनावी ताकत नहीं माना जा सकता। लेकिन यह जरूर साफ हो गया है कि युवा मतदाता अब पारंपरिक भाषणों से ज्यादा डिजिटल व्यंग्य और मीम कल्चर से जुड़ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका में बैठकर चला रहे हैं डिजिटल आंदोलन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिजीत दीपके फिलहाल अमेरिका में हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) पहले से प्लान नहीं की गई थी। उनके मुताबिक, यह आंदोलन युवाओं की लंबे समय से जमा नाराजगी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी आबादी युवा है, लेकिन बड़ी संख्या में युवा वर्कफोर्स से बाहर हैं। यही असंतोष अब सोशल मीडिया पर खुलकर दिखाई दे रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/who-is-abhijeet-dipke-founder-of-cockroach-janata-party-know-his-education-career-details-and-viral-movement/articleshow-rqa0gpz"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Oracle Job Offer Withdrawal Row: IIT-NIT छात्रों के जॉब ऑफर रद्द? सोशल मीडिया पर छलका दर्द, प्लेसमेंट सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/oracle-withdraws-job-offers-iit-nit-students-placement-crisis-tech-layoffs-india-latest-updates/articleshow-sfgi5wo</link>
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            <pubDate>Fri, 15 May 2026 12:28:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Oracle Job Offer Withdrawal: &lt;/strong&gt;ऑरेकल द्वारा कथित तौर पर आईआईटी और एनआईटी छात्रों के नौकरी ऑफर वापस लेने का मामला सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर छात्रों ने मानसिक दबाव, प्लेसमेंट संकट और वन स्टूडेंट, वन ऑफर नीति पर सवाल उठाए हैं। जानिए कैसे टेक सेक्टर की छंटनी अब कैंपस प्लेसमेंट को प्रभावित कर रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krn382e83cczp8fpej4xs5vb,imgname-oracle-offer-withdrawal-row-1778824513992.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Oracle Offer Withdrawal Row:&lt;/strong&gt; ऑरेकल द्वारा कथित तौर पर आईआईटी और एनआईटी जैसे देश के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों के जॉब ऑफर वापस लेने का मामला सामने आने के बाद, प्लेसमेंट सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और रिपोर्ट्स ने कैंपस प्लेसमेंट सिस्टम, वन स्टूडेंट, वन ऑफर नीति और बड़ी टेक कंपनियों की भर्ती रणनीति पर नई बहस छेड़ दी है। मामला सुर्खियों में है। हजारों छात्रों के लिए सपना मानी जाने वाली पीपीओ यानी प्री-प्लेसमेंट ऑफर अब अनिश्चितता का कारण बनती दिख रही है। ऐसे समय में जब टेक सेक्टर पहले से छंटनी और धीमी भर्ती के दौर से गुजर रहा है, ऑरेकल से जुड़ी यह खबर छात्रों के करियर और मानसिक दबाव दोनों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऑरेकल पर ऑफर वापस लेने के आरोप, सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामला तब चर्चा में आया जब एनआईटी के छात्र आदित्य कुमार बरावल ने लिंक्डइन पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि ऑरेकल ने उनका पीपीओ वापस ले लिया है। छात्र के मुताबिक कंपनी ने आंतरिक बदलाव और भर्ती क्षमता में कमी का हवाला दिया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यह झटका मुश्किल जरूर है, लेकिन वह सीखने और आगे बढ़ने पर फोकस बनाए हुए हैं। इसी बीच रेडिट पर भी कई पोस्ट वायरल हुईं, जिनमें दावा किया गया कि अलग-अलग आईआईटी के करीब 50 छात्रों के ऑफर प्रभावित हुए हैं। आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी कानपुर और आईआईटी खड़गपुर जैसे संस्थानों का नाम भी चर्चाओं में सामने आया। हालांकि, कंपनी की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टेक छंटनी के बीच क्यों बढ़ रही है कैंपस प्लेसमेंट की अनिश्चितता?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पिछले कुछ महीनों में वैश्विक टेक इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर लागत कटौती देखने को मिली है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑटोमेशन, घटती वैश्विक मांग और कंपनी पुनर्गठन के चलते कई कंपनियां भर्ती रोकने या कर्मचारियों की संख्या कम करने की राह पर हैं। ऑरेकल को लेकर भी हाल में बड़े पैमाने पर छंटनी की खबरें सामने आई थीं। ऐसे माहौल में कंपनियां भविष्य की भर्ती प्रतिबद्धताओं को लेकर ज्यादा सतर्क दिखाई दे रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अब कंपनियां कैंपस भर्ती में बल्क हायरिंग मॉडल से हटकर जरूरत आधारित चयन की तरफ बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर नए ग्रेजुएट्स पर पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वन स्टूडेंट- वन ऑफर नीति अब छात्रों के लिए बन रही जोखिम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा आईआईटी और कई बड़े संस्थानों में लागू वन स्टूडेंट-वन ऑफर नियम की हो रही है। इस नीति के तहत छात्र एक बार किसी कंपनी का ऑफर स्वीकार कर लेता है, तो उसे दूसरी कंपनियों के लिए बैठने की अनुमति नहीं मिलती। सामान्य परिस्थितियों में यह सिस्टम प्लेसमेंट वितरण को संतुलित रखने के लिए बनाया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में यही नियम कई छात्रों के लिए संकट बन गया है। ऑरेकल के ऑफर वापस होने के बाद ऐसे कई छात्र बिना किसी बैकअप विकल्प के रह गए, क्योंकि प्लेसमेंट सीजन के दौरान वे दूसरी कंपनियों के अवसर पहले ही छोड़ चुके थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;छात्रों में बढ़ रहा मानसिक दबाव, सोशल मीडिया पर छलका दर्द&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्लेसमेंट सीजन को इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सबसे तनावपूर्ण दौर माना जाता है। महीनों की कोडिंग तैयारी, इंटर्नशिप, इंटरव्यू और सीजीपीए दबाव के बाद जब फाइनल जॉब ऑफर मिलता है, तो उसे करियर सिक्योरिटी की तरह देखा जाता है। ऐसे में ऑफर वापस लेने की खबरों ने छात्रों के बीच चिंता और निराशा बढ़ा दी है। रेडिट पर वायरल पोस्ट्स में कई यूजर्स ने लिखा कि छात्रों ने अपनी पूरी प्लेसमेंट रणनीति एक ऑफर के भरोसे बनाई थी। अब डिग्री पूरी होने के बाद अचानक ऑफर रद्द होने की स्थिति में कई छात्रों को कम वेतन पैकेज या ऑफ-कैंपस नौकरी तलाशने की तरफ जाना पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या बदलना होगा कैंपस प्लेसमेंट सिस्टम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह मामला अब सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पूरे कैंपस भर्ती सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों को अब प्लेसमेंट नीतियों में लचीलापन लाना होगा। खासतौर पर उन मामलों में जहां कंपनियां जॉइनिंग डेट आगे बढ़ाएं या ऑफर वापस लें। कई विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि छात्रों को बैकअप प्लेसमेंट विंडो दी जाए। ऑफर वापस लेने पर कंपनियों की जवाबदेही तय हो। कॉलेज आपातकालीन भर्ती अभियान आयोजित करें और मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था मजबूत की जाए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[NEET 2026 Paper Leak: 10 लाख में खरीदा पेपर, फिर भी बेटे के आए 107 नंबर! CBI पूछताछ में आरोपी ने खोले कई राज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/neet-ug-2026-paper-leak-case-cbi-reveals-father-paid-10-lakh-but-son-scored-only-107-marks-recovers-chat-deleted-data/articleshow-syxq47t</link>
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            <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:53:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: &lt;/strong&gt;नीट यूजी 2026 पेपर लीक केस में CBI जांच के दौरान बड़े पोल खुल रहे हैं। गिरफ्तार एक आरोपी के अनुसार उसने बेटे के लिए 10 लाख रुपये में नीट क्वेश्चन पेपर खरीदा, व्हाट्सएप पर डील हुई, लेकिन बेटे को फिर भी 107 नंबर आए। सीबीआई जांच में पेपर डील चैट, सीकर कनेक्शन और पूरे नेटवर्क की परतें अब खुलती जा रही हैं। जानिए&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krnbqc85fk801xst9g3zdnak,imgname-neet-ug-2026-paper-leak-1778833404165.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: &lt;/strong&gt;नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस कथित रैकेट की नई परतें सामने आ रही हैं। अब CBI की पूछताछ में ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने लाखों रुपये लेकर छात्रों तक कथित लीक प्रश्नपत्र पहुंचाने का संगठित सिस्टम बना रखा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि 10 लाख रुपये खर्च कर पेपर हासिल करने के बावजूद एक आरोपी का बेटा परीक्षा में महज 107 अंक ही ला सका।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: आरोपी दिनेश बिवाल ने खोली पोल, CBI को बताई पूरी कहानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने बेटे ऋषि के लिए कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र खरीदा था। दावा है कि इस सौदे के लिए करीब 10 लाख रुपये दिए गए। जांच में सामने आया कि छात्रों को यह भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें ऐसे सवाल दिए जाएंगे, जो सीधे परीक्षा में आएंगे और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लगभग तय हो जाएगा। लेकिन मामला तब चर्चा में आया जब कथित तौर पर पूरा पेपर मिलने के बावजूद दिनेश का बेटा सिर्फ 107 अंक ही हासिल कर पाया। यही तथ्य अब जांच एजेंसियों के लिए भी अहम बन गया है, क्योंकि इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रों को सफलता का लालच देकर बड़े पैमाने पर ठगी भी की जा रही थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीकर का फ्लैट कैसे बना नीट यूजी पेपर लीक संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच एजेंसियों के मुताबिक राजस्थान का सीकर इस नेटवर्क की गतिविधियों का अहम ठिकाना बनकर सामने आया है। आरोप है कि दिनेश बिवाल ने वहां एक फ्लैट लिया हुआ था, जहां उसका बेटा रहकर कोचिंग कर रहा था। सूत्रों का कहना है कि इसी फ्लैट से कई छात्रों तक कथित प्रश्नपत्र पहुंचाए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश और मंगीलाल कथित तौर पर डिलीवरी चैन की भूमिका निभा रहे थे, यानी प्रश्नपत्र और उत्तर सामग्री अलग-अलग उम्मीदवारों तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। सीकर पहले से देश के सबसे बड़े मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब में गिना जाता है। ऐसे में अब एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या इस नेटवर्क के तार कोचिंग सर्किल तक भी जुड़े हुए थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBI का दावा: सिर्फ पेपर लीक नहीं, बड़ा संगठित नेटवर्क है एक्टिव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI ने अदालत में पेश किए गए रिमांड पेपर में कहा है कि मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं दिख रहा। एजेंसी का मानना है कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें कई स्तरों पर लोगों की भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसी अब इन बातों का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र का असली स्रोत कौन था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पेपर कैसे शेयर हुआ। किन-किन छात्रों तक PDF पहुंची। लाखों रुपये का लेन-देन किन माध्यमों से हुआ। क्या किसी अंदरूनी अधिकारी की भूमिका थी और मोबाइल, चैट और डिलीट डेटा में क्या सुराग छिपे हैं। CBI ने कोर्ट से कहा कि आरोपियों से गहन पूछताछ जरूरी है ताकि सबूत मिटाने और गवाहों को प्रभावित करने की संभावनाओं को रोका जा सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नासिक से गुरुग्राम तक फैली नीट यूजी पेपर डील की कहानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में नासिक निवासी शुभम ने यश यादव से संपर्क किया था। इसी दौरान कथित तौर पर मंगीलाल अपने बेटे के लिए NEET पेपर हासिल करना चाहता था। CBI के मुताबिक यहीं से 10 से 12 लाख रुपये की डील शुरू हुई। आरोप है कि व्हाट्सएप के जरिए बातचीत हुई और उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट, रोल नंबर और सिक्योरिटी के तौर पर चेक भी मांगे गए। जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क में कई लोग मिडिलमैन की तरह काम कर रहे थे, जो छात्रों को जोड़ने और पैसे इकट्ठा करने का काम संभाल रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: 500 से ज्यादा सवाल आएंगे का दावा, Telegram PDF से फैला नेटवर्क&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI के अनुसार आरोपियों ने छात्रों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया था कि उन्हें फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायोलॉजी के 500-600 महत्वपूर्ण सवाल दिए जाएंगे, जिनमें से बड़ी संख्या असली परीक्षा में मैच करेगी। 29 अप्रैल को कथित तौर पर टेलीग्राम के जरिए PDF फाइल शेयर की गई। जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद डिजिटल डॉक्यूमेंट्स में क्वेश्चन पेपर के साथ संदिग्ध चैट रिकॉर्ड भी मिले हैं। डील की शर्त यह बताई जा रही है कि यदि लगभग 150 सवाल असली परीक्षा से मेल खाते हैं, तभी पूरी रकम दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: रिश्तेदारों, दोस्तों और शिक्षकों तक पहुंचा कथित पेपर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कथित लीक सामग्री केवल एक-दो छात्रों तक सीमित नहीं थी। आरोप है कि पेपर की प्रिंट कॉपियां रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचित उम्मीदवारों तक भी पहुंचाई गईं। जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ शिक्षकों तक भी ये सामग्री पहुंचाई गई थी। इसके अलावा कई छात्रों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए शेयर की गई। सूत्रों के अनुसार नेटवर्क का विस्तार रेफरल सिस्टम की तरह किया जा रहा था, यानी नए उम्मीदवार जोड़ने पर कथित तौर पर फ्री पेपर या कमीशन जैसी बातें कही जा रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NEET UG 2026 Paper Leak: डिलीट चैट्स से खुल सकते हैं और बड़े नाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CBI ने अदालत को बताया है कि आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। हालांकि एजेंसी का दावा है कि कुछ चैट और डेटा डिलीट किए गए थे। अब जब्त किए गए iPhone और अन्य डिवाइस फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि रिकवर डेटा से इस पूरे नेटवर्क में शामिल और लोगों की पहचान हो सकती है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह नेटवर्क राष्ट्रीय स्तर पर कई राज्यों में फैला हुआ संगठित सिंडिकेट तो नहीं था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सबसे बड़ा सवाल: क्या मेडिकल एंट्रेंस अब मार्केट बनता जा रहा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के एग्जाम में पेपर लीक के आरोप केवल परीक्षा प्रणाली पर सवाल नहीं उठाते, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भरोसे को भी प्रभावित करते हैं। इस केस में सामने आए खुलासों ने यह दिखाया है कि किस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और पैसों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर छात्रों को सफलता की शॉर्टकट गारंटी बेची जा रही थी। अब सबकी नजर CBI की आगे की जांच पर है, क्योंकि फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल रिकवरी के बाद इस केस में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट जारी, 85.20% छात्र पास, Direct Link से चेक और डाउनलोड करें स्कोरकार्ड]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/cbse-12th-result-2026-out-at-results-cbse-nic-in-direct-link-details-here/articleshow-ugh5uk8</link>
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            <pubDate>Wed, 13 May 2026 14:38:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CBSE 12th Result 2026 Out: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट जारी कर दिया गया है। परीक्षा में शामिल छात्र ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट चेक करने के लिए Direct Link नीचे देखें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krg9gn7sct0qrgvty9zeydwd,imgname-cbse-12th-board-result-2026-out-pass-percentage-1778663314681.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Out: &lt;/strong&gt;देशभर के लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आ गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी Central Board of Secondary Education ने आखिरकार CBSE Class 12 Result 2026 आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस साल कुल 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। छात्र अपने रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी की मदद से ऑनलाइन रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट लिंक एक्टिव होते ही वेबसाइट्स पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला, लेकिन बोर्ड ने DigiLocker और UMANG जैसे प्लेटफॉर्म पर भी डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध करा दी है। ऐसे में छात्र रिजल्ट चेक करने के लिए अन्य विकल्पों का भी उपयोग कर सकते हैं। नीचे देखें सीबीएसई 12वीं रिजल्ट चेक करने के लिए डायरेक्ट लिंक।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Direct Link&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CBSE 12th Result 2026 Direct Link 2&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Board Result 2026 Pass Percentage: पिछले साल से घटा पास प्रतिशत, लड़कियों ने मारी बाजी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीबीएसई 12वीं बोर्ड रिजल्ट 2026 में इस बार 85.20% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। इस साल का पास प्रतिशत पिछले साल के पास प्रतिशत से कम है। पिछले साल यानी 2025 का पास प्रतिशत 88.39% था। लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से बेहतर है। इस बार लड़कियों का कुल पास प्रतिशत 88.86% और लड़कों का कुल पास प्रतिशत 82.13% रहा है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 में 94,028 स्टूडेंट्स ने 90% या इससे ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं। वहीं 17,113 स्टूडेंट्स को 95 प्रतिशत से ज्यादा नंबर मिले हैं। इस साल सीबीएसई 12वीं परीक्षा 2026 के लिए 17,80,365 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे और अब जारी रिजल्ट के अनुसार 15,07,109 स्टूडेंट्स पास हो गए हैं। इस साल पास प्रतिशत 85.20% रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किन वेबसाइट्स पर जारी हुआ CBSE 12th Result 2026?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीबीएसई 12वीं Science, Commerce और Arts तीनों स्ट्रीम के छात्रों के रिजल्ट एक साथ जारी किए गए हैं। छात्र अपना CBSE Class 12 का रिजल्ट 2026 नीचे दिए गए आधिकारिक पोर्टल्स पर जाकर चेक रक सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;results.cbse.nic.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;cbse.gov.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;results.cbse.nic.in/results&lt;/li&gt; &lt;li&gt;www.digilocker.gov.in&lt;/li&gt; &lt;li&gt;umang.gov.in&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;CBSE 12th Result 2026: रोल नंबर से ऐसे चेक करें&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छात्र नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करके कुछ मिनट में अपना सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 देख सकते हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in खोलें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होमपेज पर &ldquo;Senior School Certificate Examination (Class XII) Result 2026&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब अपना Roll Number, School Number, Centre Number, Admit Card ID भरें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Submit बटन दबाते ही स्क्रीन पर आपका स्कोरकार्ड दिखाई देगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मार्कशीट PDF डाउनलोड करके उसका प्रिंट सुरक्षित रखें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;CBSE 12th Result 2026 Out: DigiLocker पर भी उपलब्ध हुई डिजिटल मार्कशीट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;छात्रों की सीबएसई 12वीं मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट अब DigiLocker पर भी उपलब्ध हैं। DigiLocker से मार्कशीट डाउनलोड करने का तरीका नीचे देखें-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;DigiLocker ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट www.digilocker.gov.in खोलें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मोबाइल नंबर या आधार से लॉगिन करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;CBSE Certificates&rdquo; सेक्शन में जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Class 12 Marksheet 2026 डाउनलोड करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[NEET Paper Leak Case: लेक्चरर, ब्यूटीशियन से लेकर दलाल तक, देखिए नीट पेपर लीक गैंग के 9 चेहरे]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/neet-paper-leak-case-mastermind-list-9-accused-exposed-check-latest-updates/articleshow-w7h03um</link>
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            <pubDate>Sat, 16 May 2026 21:48:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET Leak Updates:&lt;/strong&gt; नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें लेक्चरर से लेकर ब्यूटिशियन तक शामिल हैं। इनमें से दो आरोपी तो NTA की पेपर सेटिंग कमेटी का हिस्सा थे, जिन्होंने परीक्षा से पहले ही अपने घरों पर स्पेशल क्लास चलाकर छात्रों को हुबहू वही सवाल रटवा दिए थे। जानिए गैंग में कौन-कौन शामिल है...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krrry5cfteawm2hswe6214bv,imgname-neet-paper-leak-case-1778947921295.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NEET-UG 2026 Paper Leak Masterminds List: &lt;/strong&gt;मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में अब तक कई खुलासे और नाम सामने आए हैं। देश के करीब 23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला यह गिरोह कोई साधारण अपराधियों का नेटवर्क नहीं है। इसमें कॉलेज के प्रोफेसर्स, लेक्चरर और ब्यूटीशियन तक शामिल हैं। सीबीआई ने शनिवार को पुणे से एक महिला बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार किया, जिसके बाद इस पूरे रैकेट के 9 सबसे बड़े चेहरों का पर्दाफाश हो चुका है। आइए जानते हैं अब तक अरेस्ट किए गए 9 मास्टरमाइंड में कौन-कौन शामिल है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'मैडम गैंग' की मनीषा मांढरे गिरफ्तार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीबीआई ने शनिवार को पुणे की रहने वाली बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मांढरे को दिल्ली हेडक्वार्टर में लंबी पूछताछ के बाद अरेस्ट किया। जांच एजेंसी का दावा है कि मनीषा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की उस सीक्रेट 'पेपर सेटिंग कमेटी' का हिस्सा थी, जो परीक्षा का पेपर तैयार करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घर पर चलाई 'लीक' कोचिंग क्लास&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मनीषा को पहले से पता था कि परीक्षा में बॉटनी और जूलॉजी के कौन से सवाल आने वाले हैं। उसने परीक्षा से ठीक पहले अपने पुणे वाले घर पर कुछ चुनिंदा छात्रों के लिए एक स्पेशल कोचिंग क्लास शुरू की। वहां उसने बच्चों को सीधे वही सवाल नोटबुक में लिखवाए और किताबों में टिक करवा दिए। 3 मई को जब असली पेपर सामने आया, तो मनीषा के बताए सवाल 100% मैच कर रहे थे। इसके बदले छात्रों और उनके माता-पिता से लाखों रुपये वसूले गए। मनीषा मांढरे तक छात्र पहुंचाने का काम पुणे की ही एक ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे करती थी, जिसे 14 मई को पकड़ी गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नीट पेपर लीक नेटवर्क के 9 आरोपी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीषा गुरुनाथ मांढरे: &lt;/strong&gt;पुणे में बायोलॉजी लेक्चरर, एनटीए पैनल की सदस्य, जिसने अपने ही सेट किए सवाल लीक किए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पीवी कुलकर्णी: &lt;/strong&gt;लातूर में केमिस्ट्री प्रोफेसर। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड, जो सालों से नीट के पेपर सेट करने वाले पैनल में था। इसने अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही अपने घर पर बच्चों को सवाल-जवाब रटवा दिए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मनीषा वाघमारे: &lt;/strong&gt;पुणे की ही ब्यूटीशियन और मनीषा मांढरे की जोड़ीदार, जिसने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर अमीर पेरेंट्स और अभ्यर्थियों को इस जाल में फंसाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शुभम खैरनार:&lt;/strong&gt; दलाल और डेंटल डॉक्टर, टेलीग्राम ग्रुप पर लीक पेपर की पीडीएफ फाइल बनाकर बांटने का मुख्य आरोपी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;धनंजय लोखंडे: &lt;/strong&gt;डेंटल मैकेनिक, जिसने लोकल लेवल पर दलाली और छात्रों को जोड़ने का काम किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मांगीलाल बिंवाल: &lt;/strong&gt;राजस्थान का दलाल और एजेंट, राजस्थान और हरियाणा के बड़े सिंडिकेट से सौदा करने वाला बिचौलिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विकास बिंवाल: &lt;/strong&gt;MBBS छात्र, मांगीलाल का बेटा, जो खुद मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है लेकिन इस गैंग के लिए काम कर रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यश यादव: &lt;/strong&gt;अभिभावक और दलाल, 15 से 45 लाख रुपए की डील कर लीक पेपर खरीदने और आगे बेचने का आरोपी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रवि अत्री: &lt;/strong&gt;छात्र और मिडिएटर, अलग-अलग राज्यों में पेपर सप्लाई करने वाले नेटवर्क की मुख्य कड़ी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस लीक के सामने आने के बाद देश की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने लिखा, 'नीट परीक्षा में देश के 22 लाख से ज्यादा मासूम बच्चों के साथ धोखा हुआ है, लेकिन मोदी जी इस पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तुरंत हटाया जाना चाहिए, या फिर सरकार को खुद इसकी पूरी जवाबदेही लेनी चाहिए।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW. pic.twitter.com/6FRMMa8AI8&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 16, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NTA में आए 4 नए बड़े अफसर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चौतरफा दबाव और किरकिरी के बाद केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के भीतर बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। पेपर लीक रोकने और एजेंसी को सुधारने के लिए चार कड़क अफसरों की सीधी एंट्री कराई गई है। आकाश जैन (IRS अफसर) को नया जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया है। आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को भी जॉइंट डायरेक्टर की जिम्मेदारी मिली है। अनुजा बापट और रुचिता विज को NTA में जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। ये सभी अधिकारी अगले 5 सालों तक कमान संभालेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नीट री-एग्जाम कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;3 मई को देश-विदेश के 565 केंद्रों पर हुई इस परीक्षा को गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने 12 मई को पूरी तरह रद्द कर दिया था। अब सीबीआई आरोपियों को 10 दिन की रिमांड पर लेकर उनके लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक स्टेटमेंट्स की डिजिटल जांच कर रही है ताकि नए सिरे से होने वाली परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। एग्जाम की नई डेट भी आ गई है। 21 जून, 2026 को नीट की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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