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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Thu, 11 Jun 2026 16:17:46 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Who is Vibhav Altekar: 2 अमेरिकी पायलटों की जान बचाने वाली AI ड्रोन बोट के पीछे निकला भारतीय दिमाग, जानिए कौन हैं विभव अल्टेकर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/who-is-vibhav-altekar-indian-origin-tech-leader-behind-ai-drone-boat-that-rescued-2-us-pilots-near-hormuz/articleshow-0p8ho26</link>
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            <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 14:06:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Who is Vibhav Altekar, US Navy Rescue Mission: &lt;/strong&gt;कौन हैं विभव अल्टेकर? आखिर कैसे एक भारतीय मूल के इंजीनियर की AI ड्रोन बोट ने 2 अमेरिकी पायलटों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई? क्या है Corsair ड्रोन बोट की खासियत? जानिए Saronic Technologies के CTO विभव अल्टेकर के बारे में।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vibhav Altekar, US Navy Drone Boat: &lt;/strong&gt;दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक की चर्चा के बीच एक भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। वजह है अमेरिकी नौसेना का वह हाई-टेक ड्रोन बोट मिशन, जिसमें पहली बार एक स्वायत्त (Autonomous) सतही पोत का इस्तेमाल कर समुद्र में फंसे दो सैन्य पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह ड्रोन बोट &lsquo;कॉर्सेयर&rsquo; (Corsair) है, जिसे टेक्सास स्थित Saronic Technologies ने विकसित किया है। इस कंपनी के को-फाउंडर में भारतीय मूल के इंजीनियर विभव अल्टेकर (Vibhav Altekar) भी शामिल हैं। अल्टेकर कंपनी में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और इसकी AI आधारित स्वायत्त तकनीक के प्रमुख वास्तुकार माने जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है Corsair ड्रोन बोट की खासियत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;24 फीट लंबी कॉर्सेयर ड्रोन बोट डीजल ईंधन से चलती है और 35 नॉट्स तक की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 1,000 नॉटिकल मील से अधिक बताई जाती है। यह करीब 1,000 पाउंड तक का भार ले जा सकती है और AI तकनीक की मदद से समुद्र में कई तरह के मिशन पूरे कर सकती है। अमेरिकी नौसेना की Task Force 59 के तहत इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। यह यूनिट AI आधारित ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम्स पर काम करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Who is Vibhav Altekar: कौन हैं विभव अल्टेकर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विभव अल्टेकर ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वे लंबे समय से रक्षा तकनीक तथा स्वायत्त प्रणालियों (Autonomous Systems) के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। Saronic Technologies की वेबसाइट के मुताबिक, वे कंपनी के ऑटोनॉमस सिस्टम्स, सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर और एडवांस्ड इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स का नेतृत्व करते हैं। उनकी टीम मशीन लर्निंग, नेविगेशन, परसेप्शन, कमांड एंड कंट्रोल और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम करती है। इससे पहले अल्टेकर रक्षा तकनीक कंपनी Anduril में शुरुआती इंजीनियरों में शामिल रहे थे, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। इनमें ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के लिए विकसित Ghost Shark ड्रोन सबमरीन प्रोग्राम भी शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों महत्वपूर्ण है विभव अल्टेकर की यह उपलब्धि?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI और रक्षा तकनीक आने वाले समय में युद्ध और सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाले हैं। ऐसे दौर में भारतीय मूल के इंजीनियरों का वैश्विक स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिका में पहुंचना भारत के लिए भी गर्व की बात है। विभव अल्टेकर (Vibhav Altekar) की कहानी बताती है कि भारतीय प्रतिभाएं केवल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य की सैन्य और रणनीतिक तकनीकों को भी आकार दे रही हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Best CUSAT Branches 2026: AI के दौर में CUSAT की कौन-सी ब्रांच सबसे सुरक्षित? जानिए टॉप 5 विकल्प]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/cusat-cat-2026-top-5-engineering-branches-safe-in-ai-era/articleshow-186788k</link>
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            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:08:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Top Engineering Branches in CUSAT Safe in AI Era: &lt;/strong&gt;क्या CUSAT CAT 2026 में सफल होने के बाद अब सही ब्रांच चुनना आपके करियर का सबसे बड़ा फैसला हो सकता है? AI के दौर में कौन-सी CUSAT इंजीनियरिंग ब्रांच सबसे सुरक्षित और सबसे ज्यादा डिमांड में है? क्या CSE, ECE या Naval Architecture भविष्य में बेहतर नौकरी दिला सकती है? जानिए टॉप 5 विकल्प।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CUSAT CAT 2026: &lt;/strong&gt;कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी&lt;strong&gt; &lt;/strong&gt;की ओर से&lt;strong&gt; &lt;/strong&gt;CUSAT CAT 2026 रिजल्ट जारी कर दिया गया है। अब सफल छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल सिर्फ कॉलेज में एडमिशन का नहीं, बल्कि सही ब्रांच चुनने का भी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से काम करने के तरीके बदल रहा है। ऐसे में कई छात्र यह जानना चाहते हैं कि CUSAT यानी कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में कौन-सी ब्रांच भविष्य के लिहाज से सबसे सुरक्षित और बेहतर मानी जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक AI कई कामों को ऑटोमेट जरूर करेगा, लेकिन टेक्नोलॉजी बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और जटिल सिस्टम संभालने वाले इंजीनियरों की जरूरत खत्म नहीं होगी। ऐसे में जानिए CUSAT की ऐसी 5 प्रमुख ब्रांचों के बारे में, जिनकी डिमांड आने वाले वर्षों में भी मजबूत रहने की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI के दौर में सबसे ज्यादा चर्चा कंप्यूटर साइंस की ही है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और AI जैसे क्षेत्रों में करियर के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। CUSAT का CSE प्रोग्राम अच्छी प्लेसमेंट और मजबूत टेक्निकल बेस के लिए जाना जाता है। यदि किसी छात्र की रुचि कोडिंग और टेक्नोलॉजी में है तो यह सबसे मजबूत विकल्पों में से एक है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI केवल सॉफ्टवेयर नहीं है, उसे चलाने के लिए हार्डवेयर भी चाहिए। चिप डिजाइन, एम्बेडेड सिस्टम, 5G, IoT और सेमीकंडक्टर सेक्टर में ECE इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर बढ़ते निवेश से इस ब्रांच का भविष्य और मजबूत माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IT ब्रांच छात्रों को सॉफ्टवेयर, नेटवर्किंग, डेटाबेस और डिजिटल सिस्टम की गहरी समझ देती है। AI टूल्स के बढ़ने के बावजूद उन्हें डिजाइन, मैनेज और सुरक्षित रखने के लिए IT प्रोफेशनल्स की जरूरत बनी रहेगी। टेक इंडस्ट्री में यह आज भी सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4. मैकेनिकल इंजीनियरिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई लोग मानते हैं कि AI के कारण मैकेनिकल इंजीनियरिंग की अहमियत कम होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट है। रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में मैकेनिकल इंजीनियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। AI मशीनों को स्मार्ट बना सकता है, लेकिन मशीनें बनाने का काम अब भी इंजीनियरों के हाथ में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5. नेवल आर्किटेक्चर एंड शिप बिल्डिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CUSAT की यह एक खास और प्रतिष्ठित ब्रांच मानी जाती है। भारत के समुद्री व्यापार और शिपिंग सेक्टर के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में विशेषज्ञ इंजीनियरों की मांग बनी हुई है। यह अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धा वाला लेकिन हाई-स्पेशलाइजेशन करियर विकल्प है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर CUSAT CAT 2026 की बात करें तो केवल ट्रेंड देखकर ब्रांच चुनना सही रणनीति नहीं होगी। छात्रों को अपनी रुचि, स्किल और भविष्य की इंडस्ट्री जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। AI कई बदलाव लाएगा, लेकिन जो छात्र तकनीकी ज्ञान, समस्या समाधान और नई तकनीकों के साथ खुद को लगातार अपडेट रखेंगे, उनके लिए अवसरों की कमी नहीं होगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[NDA Preparation Cost: एनडीए में जाना है? पहले जान लें फॉर्म, कोचिंग, SSB और ट्रेनिंग का पूरा खर्च]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/how-much-does-nda-preparation-and-training-cost-in-india/articleshow-39liplv</link>
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            <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 12:41:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NDA Total Cost from Exam to Training: &lt;/strong&gt;NDA में जाने का सपना देख रहे हैं? फॉर्म भरने में कितना खर्च आता है? NDA कोचिंग फीस कितनी होती है? SSB इंटरव्यू तक पहुंचने में जेब पर कितना बोझ पड़ता है? ट्रेनिंग के दौरान क्या खर्च सरकार उठाती है? जानिए UPSC NDA का पूरा खर्च और बजट का पूरा गणित।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;NDA Exam Preparation Expenses: &lt;/strong&gt;देश की तीनों सेनाओं, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए NDA (नेशनल डिफेंस एकेडमी) सबसे बड़ा रास्ता माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में छात्र NDA परीक्षा की तैयारी शुरू करते हैं, लेकिन एक सवाल अक्सर परिवारों के मन में रहता है कि क्या NDA की तैयारी और चयन प्रक्रिया में बहुत ज्यादा खर्च आता है? अगर आप भी UPSC NDA का सपना देख रहे हैं, तो फॉर्म भरने से लेकर ट्रेनिंग पूरी होने तक का पूरा खर्च समझ लेना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सबसे पहले जानिए NDA फॉर्म भरने का खर्च&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NDA परीक्षा का आयोजन UPSC करता है। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये होता है। वहीं एससी, एसटी और महिला उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क नहीं देना पड़ता। यानी परीक्षा फॉर्म भरने का खर्च बेहद कम है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NDA एग्जाम तैयारी पर कितना खर्च करना पड़ सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NDA की तैयारी का खर्च पूरी तरह छात्र की स्ट्रेटजी पर निर्भर करता है। अगर कोई छात्र सेल्फ स्टडी करता है तो किताबों और ऑनलाइन सामग्री के जरिए 2,000 से 5,000 रुपये में अच्छी तैयारी हो सकती है। हालांकि कई छात्र कोचिंग का विकल्प चुनते हैं। बड़े शहरों में NDA कोचिंग की फीस आमतौर पर 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये या उससे अधिक तक हो सकती है। इसके अलावा रहने और खाने का खर्च अलग से जुड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NDA परीक्षा पास होने के बाद भी कुछ खर्च&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लिखित परीक्षा और SSB इंटरव्यू के लिए जाने पर यात्रा का खर्च उम्मीदवार को उठाना पड़ सकता है। मेडिकल टेस्ट और अन्य औपचारिकताओं के दौरान भी कुछ छोटे-मोटे व्यक्तिगत खर्च सामने आ सकते हैं। हालांकि यह खर्च उम्मीदवार की लोकेशन और यात्रा के साधनों पर निर्भर करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NDA ट्रेनिंग के दौरान सरकार उठाती है बड़ा खर्च&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NDA में चयन होने के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। पुणे स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों की पढ़ाई, रहने, खाने और सैन्य प्रशिक्षण का अधिकांश खर्च सरकार वहन करती है। कैडेट्स को यूनिफॉर्म, उपकरण और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ व्यक्तिगत सामान और जेब खर्च की जिम्मेदारी जरूर उम्मीदवार की होती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NDA में जाने का सपना देख रहे कैंडिडेट्स को कुल मिलाकर कितना रखना चाहिए बजट?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर कोई छात्र बिना कोचिंग के तैयारी करता है तो NDA तक पहुंचने का कुल खर्च काफी सीमित रह सकता है। वहीं कोचिंग, हॉस्टल और अन्य सुविधाएं लेने पर खर्च 50 हजार से 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक भी पहुंच सकता है। अच्छी बात यह है कि चयन के बाद ट्रेनिंग का बड़ा वित्तीय बोझ उम्मीदवार या उसके परिवार पर नहीं पड़ता। यही वजह है कि NDA आज भी उन युवाओं के लिए सबसे आकर्षक करियर विकल्पों में शामिल है, जो कम खर्च में देश की सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा करना चाहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UPSC NDA 2 2026 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख आज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;UPSC NDA 2 2026 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख आज, 9 जून 2026 है। जो उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द से जल्द फॉर्म भर लें। आयोग ने साफ किया है कि आवेदन की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। NDA 2 परीक्षा (NDA Exam Date 2026) 13 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। अगर फॉर्म भरने में कोई परेशानी हो तो UPSC हेल्पडेस्क 1124041001 या 011-40303444 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा upscsoap@nic.in पर ईमेल करके भी सहायता ली जा सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[NEET Exam Security: हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगे NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र, वायुसेना ने संभाला जिम्मा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/iaf-deploys-mi-17-helicopters-to-securely-transport-neet-ug-2026-question-papers/articleshow-41o307b</link>
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            <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:25:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पेपर लीक रोकने हेतु, NEET-UG री-एग्जाम के प्रश्नपत्र वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टर व अन्य विमानों से 18 एयर फोर्स स्टेशनों पर पहुंचाए जाएंगे। यह कदम पिछली गड़बड़ियों के बाद निष्पक्ष व पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्लीः&lt;/strong&gt; 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना का Mi-17 हेलिकॉप्टर देश भर के 18 एयर फोर्स स्टेशनों तक पहुंचाएगा। एक टॉप रक्षा अधिकारी ने बताया कि इन एयर फोर्स स्टेशनों से, प्रश्नपत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अधिकारी ने यह भी बताया कि Mi-17 के अलावा, इस री-एग्जाम के लिए देश भर में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए दूसरे मिलिट्री एयरक्राफ्ट भी तैनात किए जाएंगे।उन्होंने कहा, &quot;इसका मकसद यह पक्का करना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह का पेपर लीक या सुरक्षा में कोई चूक न हो।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुरक्षा का यह कड़ा बंदोबस्त पिछली परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद के बाद किया गया है। इसी के तहत, प्रश्नपत्रों को लाने-ले जाने के लिए दूसरे सैन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां इस बार NEET-UG री-एग्जाम को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Inspirational Journey: सफाई कर्मचारी से करोड़ों के घर तक, भारतीय छात्र की सफलता की कहानी वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/indian-man-in-australia-goes-from-cleaner-to-owning-tesla-and-million-dollar-home/articleshow-4zdyb75</link>
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            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 12:42:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Indian Student Success: ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय छात्र ने सफाईकर्मी से शुरुआत कर सफलता पाई। कड़ी मेहनत और फाइनेंशियल प्लानिंग से उसने एक टेस्ला और मिलियन-डॉलर का घर खरीदा। उसकी यह प्रेरक कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;भारतीय मूल के एक शख्स की कहानी सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का दिल जीत रही है। ये कहानी है ऑस्ट्रेलिया में सफाई का काम करने से लेकर एक टेस्ला कार और मिलियन-डॉलर (करोड़ों) का घर खरीदने तक के सफर की। एक वायरल पोस्ट के जरिए शेयर की गई ये कहानी कड़ी मेहनत, फाइनेंशियल प्लानिंग और लगन की एक मिसाल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये शख्स एक इंटरनेशनल स्टूडेंट के तौर पर ऑस्ट्रेलिया गया था। उसने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष को याद किया। पढ़ाई के साथ-साथ अपना खर्चा चलाने के लिए कई दूसरे स्टूडेंट्स की तरह उसने भी कई नौकरियां कीं, जिनमें सफाई का काम भी शामिल था। सालों की लगातार मेहनत, करियर में ग्रोथ और स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग की बदौलत उसने वो मुकाम हासिल किया जो कभी एक सपना लगता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपने पोस्ट में उसने ऑस्ट्रेलिया आने के बाद से अब तक के अपने सफर की एक झलक दिखाई। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरों में उसकी साधारण शुरुआत और आज की कामयाबी के बीच का फर्क साफ दिखता है। आज वो एक टेस्ला कार और एक मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत वाले घर का मालिक है। उसके इस बदलाव ने कई यूजर्स को प्रभावित किया, जो इसे हिम्मत और लगन का नतीजा मान रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;यहां देखें वायरल वीडियो&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;देवेन (@insights_with_deven) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसने अपने सफर के बारे में लिखा, &quot;सफाई के काम से शुरुआत की थी। आज मैं टेस्ला चलाता हूं और एक मिलियन डॉलर के घर का मालिक हूं। इस सफर, संघर्षों और सीख के लिए आभारी हूं।&quot; यह मैसेज ऑनलाइन तेजी से वायरल हो गया। यूजर्स ने उसकी लगन और अपने अनुभव के संघर्ष और सफलता दोनों को शेयर करने की इच्छा की तारीफ की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट ने विदेश जाने, पढ़ाई करने और एक नए देश में जिंदगी बनाने की हकीकत पर बहस छेड़ दी है। कई कमेंट करने वालों ने कहा कि ऐसी कामयाबी की कहानियों के पीछे सालों का त्याग, मेहनत और अनिश्चितता छिपी होती है। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि यह सफलता उन स्टूडेंट्स और युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो अपने बड़े लक्ष्यों के लिए काम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उसे उसकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। कुछ ने कहा कि उसका अनुभव उन अनगिनत इंटरनेशनल स्टूडेंट्स की उम्मीदों को दिखाता है जो बेहतर मौकों की तलाश में अपना देश छोड़ते हैं। लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह की सफलता रातों-रात नहीं, बल्कि लगातार कोशिशों से मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह वायरल पोस्ट ऑनलाइन लगातार ध्यान खींच रहा है और लोगों को महत्वाकांक्षा, हिम्मत और फाइनेंशियल ग्रोथ के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। भले ही हर किसी का सफर अलग होता है, लेकिन इस शख्स की कहानी उन कई लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है जो अपनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और विदेश में व्यक्तिगत और पेशेवर सफलता पाने की कोशिश में लगे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/indian-man-in-australia-goes-from-cleaner-to-owning-tesla-and-million-dollar-home/articleshow-4zdyb75"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[JEECUP 2026 Answer Key के बाद कितनी रैंक बन सकती है? जानिए आपके नंबर पर कौन-सा पॉलिटेक्निक कॉलेज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/jeecup-2026-answer-key-expected-marks-rank-and-polytechnic-college-government-or-private/articleshow-90n8kkk</link>
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            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 15:46:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;JEECUP 2026 Expected Rank: &lt;/strong&gt;JEECUP 2026 प्रोविजनल आंसर जारी होने के बाद आपके संभावित मार्क्स के अनुसार संभावित रैंक कितनी बन सकती है? क्या आपके नंबर पर सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज मिलने की उम्मीद है? 250+, 200+, 150+ और 100+ अंकों पर कौन-कौन से विकल्प खुल सकते हैं? काउंसलिंग से पहले आपको क्या तैयारी करनी चाहिए? जानिए&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktv2rcv2pen25ew47rgtrbzn,imgname-jeecup-2026-rank-predictor-1781172810593.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;JEECUP 2026 Answer Key: &lt;/strong&gt;JEECUP 2026 (Joint Entrance Examination Council, Uttar Pradesh) की प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद हजारों छात्र अपने संभावित अंक निकाल रहे हैं। लेकिन ज्यादातर छात्रों की चिंता अब सिर्फ नंबरों को लेकर नहीं है। असली सवाल यह है कि इन नंबरों के आधार पर रैंक कितनी बन सकती है और काउंसलिंग में किस तरह के पॉलिटेक्निक College मिलने की संभावना है। अगर आपने भी Answer Key मिलाकर अपने अंक निकाल लिए हैं, तो यह समझना जरूरी है कि सिर्फ नंबर जानना काफी नहीं है। रैंक, कॉलेज और ब्रांच का अंदाजा लगाना भी उतना ही जरूरी है, ताकि रिजल्ट आने से पहले ही आप अपनी काउंसलिंग की तैयारी शुरू कर सकें। हालांकि, यह ध्यान रखना होगा कि अंतिम रैंक उम्मीदवारों की संख्या, परीक्षा के कठिनाई स्तर और कटऑफ पर निर्भर करेगी। इसलिए नीचे दिए गए आंकड़े संभावित अनुमान के तौर पर समझें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JEECUP 2026: 250 या उससे ज्यादा अंक? टॉप सरकारी पॉलिटेक्निक की दौड़ में हो सकते हैं शामिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपके संभावित अंक 250 या उससे अधिक बन रहे हैं, तो आपकी स्थिति काफी मजबूत मानी जा सकती है। इस स्कोर रेंज में आने वाले उम्मीदवारों को आमतौर पर अच्छी रैंक मिलने की संभावना रहती है। ऐसे छात्र काउंसलिंग के दौरान राज्य के प्रमुख सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों और लोकप्रिय ब्रांचों के लिए दावेदारी कर सकते हैं। इस स्कोर पर कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी डिमांड वाली ब्रांचों में सीट मिलने की संभावना बेहतर मानी जाती है, हालांकि अंतिम स्थिति कटऑफ पर निर्भर करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JEECUP 2026: 200 से 250 अंक? अच्छी रैंक और सरकारी कॉलेज मिलने की उम्मीद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;200 से 250 अंक के बीच स्कोर करने वाले छात्र भी मजबूत स्थिति में माने जा सकते हैं। इस रेंज में आने वाले उम्मीदवारों को कई सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीट मिलने की संभावना रहती है। हालांकि टॉप कॉलेज और सबसे ज्यादा डिमांड वाली ब्रांचों में प्रतिस्पर्धा ज्यादा हो सकती है। ऐसे छात्रों को काउंसलिंग के दौरान ज्यादा से ज्यादा कॉलेज विकल्प भरने की सलाह दी जाती है ताकि सीट मिलने की संभावना बढ़ सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;150 से 200 अंक? विकल्प अभी भी काफी खुले हैं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आपके संभावित अंक 150 से 200 के बीच हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। इस स्कोर रेंज में भी कई सरकारी और सहायता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिले के अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा कई अच्छे निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज भी छात्रों के लिए उपलब्ध रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेंज के छात्रों को केवल एक या दो कॉलेजों पर फोकस करने के बजाय ज्यादा विकल्पों के साथ काउंसलिंग में हिस्सा लेना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;100 से 150 अंक? काउंसलिंग को हल्के में न लें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;100 से 150 अंक के बीच स्कोर करने वाले छात्रों के लिए भी अवसर खत्म नहीं होते। कई बार बाद के राउंड में सीटें खाली रह जाती हैं और छात्रों को अच्छे विकल्प मिल जाते हैं। इसके अलावा निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी विभिन्न ब्रांचों में प्रवेश के अवसर उपलब्ध रहते हैं। ऐसे छात्रों को रिजल्ट आने के बाद काउंसलिंग शेड्यूल पर खास नजर रखनी चाहिए क्योंकि सही समय पर सही विकल्प चुनना यहां ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ नंबर नहीं, ये 3 चीजें भी तय करेंगी आपका कॉलेज&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अंतिम कटऑफ: प्रोविजनल आंसर की जारी होने के बाद कई छात्र आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं। इससे फाइनल आंसर की और कटऑफ पर असर पड़ सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सीटों की उपलब्धता: हर कॉलेज और ब्रांच में सीटों की संख्या अलग-अलग होती है। इसी आधार पर काउंसलिंग में आवंटन किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छात्रों की पसंद: कई बार अच्छी रैंक होने के बावजूद पसंदीदा ब्रांच नहीं मिलती, क्योंकि उस ब्रांच की मांग ज्यादा होती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;JEECUP 2026 रिजल्ट से पहले क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अपने संभावित अंक एक बार फिर जांच लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पसंदीदा कॉलेजों की सूची बनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पिछले वर्षों की कटऑफ और सीट मैट्रिक्स देखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;काउंसलिंग की तारीखों पर नजर बनाए रखें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;JEECUP 2026 की Answer Key से संभावित अंक निकालने के बाद अब छात्रों का फोकस रैंक और कॉलेज पर है। अगर आपके अंक उम्मीद से कम भी आ रहे हैं, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है। काउंसलिंग प्रक्रिया, कॉलेज विकल्प और सही रणनीति कई बार अंतिम नतीजे को पूरी तरह बदल देती है। इसलिए अभी से तैयारी शुरू करें और रिजल्ट के साथ-साथ काउंसलिंग अपडेट पर भी नजर बनाए रखें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Job Search: नौकरी गई तो हिम्मत नहीं हारी, डेढ़ महीने में इस टेक एक्सपर्ट ने ऐसे पाई नई रिमोट जॉब]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/laid-off-techie-reveals-job-search-strategy-that-landed-him-a-remote-role-in-6-weeks/articleshow-9psmrr0</link>
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            <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 10:24:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[एक सॉफ्टवेयर डेवलपर, जिसे प्रोबेशन के दौरान ही नौकरी से निकाल दिया गया था, ने अपनी शानदार वापसी की कहानी शेयर की है. उसने बताया कि कैसे लगातार कोशिशों, सही नेटवर्किंग और ढेरों जॉब एप्लीकेशन की मदद से उसे एक नई रिमोट जॉब मिली.]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktqt033v9650yxf4m8vpb6r7,imgname-viral-1781062962299.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;एक सॉफ्टवेयर डेवलपर, जिसे प्रोबेशन पीरियड के दौरान ही नौकरी से निकाल दिया गया था, ने अपनी शानदार वापसी की कहानी शेयर की है। उसने बताया कि कैसे लगातार कोशिशों, सही नेटवर्किंग और ढेरों जॉब एप्लीकेशन की मदद से उसे एक नई रिमोट जॉब मिल गई। इस डेवलपर ने Reddit के 'developersIndia' कम्युनिटी पर एक पोस्ट में अपनी पूरी कहानी बताई। उसने उस दौर को याद किया जब कुछ हफ़्ते पहले वह अनिश्चितता और निराशा से घिरा हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसने लिखा, &quot;प्रोबेशन में नौकरी चली गई, इनकम ज़ीरो हो गई।&quot; उसने बताया कि उस बुरे वक़्त में वह &quot;पूरी तरह से टूट गया था।&quot; लेकिन सिर्फ़ छह हफ़्ते बाद, हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। इस टेकी ने अब एक फुली रिमोट जॉब का ऑफ़र स्वीकार कर लिया है, हालांकि सैलरी पिछली नौकरी से क़रीब 30 प्रतिशत कम है। उसने लिखा, &quot;इस वक़्त मेरे लिए इतना ही काफ़ी है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रोबेशन में नौकरी चली गई। डेढ़ महीने बाद, मेरे पास एक ऑफ़र है। यहाँ वो बातें हैं जो मेरे काम आईं।by u/Turbulent_Writing834 in developersIndia&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डेवलपर के मुताबिक, उसकी जॉब हंट में सबसे बड़ा गेम-चेंजर ऑटोमेशन था। उसने एक कस्टम जॉब स्क्रैपर बनाया जो LinkedIn, Naukri, Instahyre, Wellfound और Uplers जैसे बड़े हायरिंग प्लेटफ़ॉर्म से हर चार घंटे में नई जॉब ओपनिंग की जानकारी इकट्ठा करता था। अप्लाई करने के बाद, वह खुद से आगे बढ़कर LinkedIn मैसेज और ईमेल के ज़रिए रिक्रूटर्स और हायरिंग मैनेजर्स से संपर्क करता था। हालांकि, ज़्यादातर मैसेज का कोई जवाब नहीं आया, लेकिन उसने बताया कि कुछ कोशिशों की वजह से उसे इंटरव्यू के अच्छे मौके मिले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नेटवर्किंग ने भी एक अहम भूमिका निभाई। पुराने सहकर्मियों और Reddit के दूसरे यूज़र्स ने उसे इंटरव्यू की तैयारी करने और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने में मदद की। उसकी पिछली Reddit पोस्ट पर भी उसे कई डायरेक्ट मैसेज आए, जिनसे उसे कई इंटरव्यू कॉल्स मिलीं। उसने माना, &quot;मैं उन्हें क्रैक नहीं कर सका, लेकिन प्रैक्टिस से बहुत मदद मिली।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डेवलपर ने कहा कि लगभग सभी इंटरव्यू में एक ट्रेंड साफ़ दिखा: कंपनियाँ अब उम्मीद करती हैं कि उम्मीदवार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल करने में सहज हों। हालांकि, उसने यह भी नोट किया कि कंपनियाँ गहरी तकनीकी जानकारी से ज़्यादा उसके प्रैक्टिकल इस्तेमाल में दिलचस्पी रखती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसने एक आम ग़लती पर भी सवाल उठाया जो उसके मुताबिक़ ज़्यादातर सॉफ्टवेयर इंजीनियर इंटरव्यू की तैयारी करते समय करते हैं। उसने लिखा, &quot;DSA के लिए सिर्फ़ Arrays और Hashes करें। मैं मज़ाक नहीं कर रहा। मेरे 90% इंटरव्यू यहीं तक सीमित रहे।&quot; उसका तर्क था कि कई उम्मीदवार ऐसे मुश्किल टॉपिक को सीखने में बहुत ज़्यादा समय बर्बाद करते हैं जो असल हायरिंग राउंड में शायद ही कभी पूछे जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;AI के वर्कप्लेस को बदलने की बहसों के बावजूद, डेवलपर ने देखा कि ज़्यादातर कंपनियों में भर्ती की प्रक्रिया अभी भी काफ़ी पारंपरिक है। कंपनियाँ उम्मीदवारों को परखने के लिए अब भी ऑनलाइन असेसमेंट, कोडिंग राउंड, सिस्टम डिज़ाइन डिस्कशन और बिहेवियरल इंटरव्यू पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;निराश होकर बैठने के बजाय, इस सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने खाली समय का इस्तेमाल Retrieval-Augmented Generation (RAG) सिस्टम और MCP सर्वर से जुड़े प्रोजेक्ट बनाने में किया। साथ ही, उसने अपने एक पर्सनल साइड प्रोजेक्ट में भी समय लगाया। उसने कहा कि जब जॉब एप्लीकेशन का कोई नतीजा नहीं निकल रहा था, तब प्रोडक्टिव बने रहने से उसे फ़ोकस और मोटिवेशन बनाए रखने में मदद मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपने अनुभव से सबक लेते हुए, उसने प्रोफ़ेशनल्स से आग्रह किया कि वे पूरी तरह से इनकम के एक ही सोर्स पर निर्भर न रहें। उसने सलाह दी, &ldquo;अभी से दूसरी इनकम बनाना शुरू कर दो। तब नहीं जब सब ठीक हो जाए।&rdquo; पोस्ट के आखिर में उसने मौजूदा जॉब मार्केट का कड़वा सच बताया, साथ ही उन लोगों के लिए एक मज़बूत संदेश भी दिया जो अभी भी नौकरी की तलाश में हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&quot;मार्केट की हालत बहुत ख़राब है। लेकिन आपको हर दिन कोशिश करते रहना है।&quot; उसकी कहानी तेज़ी से वायरल हो गई क्योंकि कई दूसरे प्रोफ़ेशनल्स भी नौकरी जाने, करियर बदलने और आर्थिक अनिश्चितता के दौर से गुज़र रहे हैं। कई यूज़र्स ने उसकी सलाह को प्रैक्टिकल और असलियत के करीब बताया, जबकि कुछ ने इंटरव्यू की तैयारी, DSA अप्रोच और दूसरी इनकम बनाने के तरीकों के बारे में और जानकारी मांगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bank of Baroda Recruitment: ग्रेजुएट्स के लिए बैंक ने निकाली बंपर भर्तियां!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/bank-of-baroda-announces-5000-apprentice-vacancies-for-graduates-nationwide/articleshow-bqa22x4</link>
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            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 16:17:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा ने देशभर में 5,000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। किसी भी विषय में 20-28 वर्ष के ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयनित होने पर ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01jnssw03pzey4ssstymdg5gfb,imgname---------.20-500-------------------7-.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;अगर आप ग्रेजुएट हैं और बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी करने का सपना देखते हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक, बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने देशभर में 5,000 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती से जुड़ी पूरी जानकारी, योग्यता और अप्लाई करने का तरीका नीचे दिया गया है&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भर्ती की खास बातें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संस्था का नाम: बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda - BOB)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुल पद: 5,000&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पद का नाम: अप्रेंटिस (Apprentice)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नौकरी का स्थान: पूरे भारत में (उम्मीदवारों को देश के अलग-अलग राज्यों की शाखाओं में पोस्टिंग दी जाएगी)&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;योग्यता और स्टाइपेंड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शैक्षणिक योग्यता:&lt;/strong&gt; इन पदों पर अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार का किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट (Degree) होना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मासिक स्टाइपेंड (सैलरी):&lt;/strong&gt; ट्रेनिंग के दौरान चुने गए उम्मीदवारों को हर महीने 15,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उम्र सीमा और छूट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 साल और अधिकतम उम्र 28 साल होनी चाहिए। सरकारी नियमों के मुताबिक, अलग-अलग कैटेगरी के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में छूट दी जाएगी:&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;कैटेगरी के हिसाब से उम्र में छूट&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;ओबीसी (OBC) उम्मीदवारों के लिए: 03 साल&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एससी/एसटी (SC/ST) उम्मीदवारों के लिए: 05 साल&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिव्यांग (PwBD) - सामान्य: 10 साल&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिव्यांग (PwBD) - ओबीसी: 13 साल&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिव्यांग (PwBD) - एससी/एसटी: 15 साल&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एप्लीकेशन फीस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवारों को अपनी कैटेगरी के हिसाब से तय फीस ऑनलाइन ही जमा करनी होगी:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एससी/एसटी/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए: 200 रुपये&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सामान्य/EWS/ओबीसी (पुरुष उम्मीदवारों के लिए): 800 रुपये&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सामान्य/EWS/ओबीसी (महिला और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए): 600 रुपये&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिलेक्शन प्रोसेस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक ऑफ बड़ौदा योग्य उम्मीदवारों को तीन चरणों के जरिए चुनेगा:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ऑनलाइन लिखित परीक्षा (Online Test):&lt;/strong&gt; उम्मीदवारों की नॉलेज परखने के लिए एक कंप्यूटर आधारित टेस्ट होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (Document Verification):&lt;/strong&gt; परीक्षा पास करने वालों के ओरिजिनल एजुकेशनल सर्टिफिकेट्स की जांच की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इंटरव्यू (Interview):&lt;/strong&gt; आखिरी दौर में पर्सनल इंटरव्यू लिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योग्य उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और वहां 'Careers' या भर्ती वाले लिंक पर क्लिक करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. जानकारी तैयार रखें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अप्लाई करने से पहले यह पक्का कर लें कि आपके पास एक एक्टिव ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. डॉक्यूमेंट्स स्कैन करें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपना आधार कार्ड, एजुकेशनल मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र, लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो और सिग्नेचर को तय साइज में स्कैन करके तैयार रखें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. डिटेल्स भरें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म खोलें और उसमें मांगी गई सभी पर्सनल और एजुकेशनल जानकारी बिना किसी गलती के सही-सही भरें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. फीस जमा करके सबमिट करें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आखिर में, अपनी कैटेगरी के अनुसार एप्लीकेशन फीस को ऑनलाइन बैंकिंग, कार्ड या UPI के जरिए जमा करें और फॉर्म 'Submit' कर दें। भविष्य के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का एक प्रिंटआउट जरूर ले लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/bank-of-baroda-announces-5000-apprentice-vacancies-for-graduates-nationwide/articleshow-bqa22x4"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Work From Home: ये कैसी 'घर से नौकरी'? GPS से ट्रैकिंग, दिल्ली-NCR से बाहर निकले तो लगेगी एब्सेंट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/indian-companys-gpstracked-work-from-home-policy-sparks-outrage/articleshow-ef1ahpg</link>
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            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 10:42:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;छंटनी के बाद एक कंपनी ने WFH शुरू किया, पर शर्त रखी कि कर्मचारी दिल्ली-NCR में ही रहें। उपस्थिति के लिए GPS ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे कर्मचारी इस नीति से निराश हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01krb1bq61rzzs3y0m9frx1sp5,imgname-work-from-home--1--1778486992064.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्लीः आ&lt;/strong&gt;मतौर पर जब किसी कंपनी में 'वर्क फ्रॉम होम' यानी घर से काम करने की सुविधा मिलती है, तो कर्मचारी खुशी से झूम उठते हैं। लेकिन एक कंपनी की नई वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी सुनकर कर्मचारी हैरान-परेशान हैं। कंपनी के ही एक कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया है कि घर से काम करने के दौरान कंपनी GPS से उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही है। ये पोस्ट अब इंटरनेट पर खूब चर्चा में है। कर्मचारी ने बताया कि पिछले महीने ही कंपनी ने बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरी से निकाला था, जिसके बाद यह नया नियम लाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वर्क फ्रॉम होम की वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छंटनी से पहले कंपनी में 40 कर्मचारी थे, जो अब सिर्फ 15 रह गए हैं। खर्च बचाने के लिए कंपनी ने छठी मंजिल पर मौजूद अपना बड़ा ऑफिस खाली कर दिया और नीचे पांचवीं मंजिल पर एक छोटी सी जगह में शिफ्ट हो गई। रेडिट के 'इंडियन वर्कप्लेस' पेज पर कर्मचारी ने लिखा, &quot;पांचवीं मंजिल पर हम सभी के बैठने की जगह नहीं है, इसलिए कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम देने का फैसला किया। वहां हमारे लिए सिर्फ 4 सीटें हैं। इसलिए, बाकी लोगों को बारी-बारी से घर से काम करना होगा। कुछ हफ्तों बाद घर वाले ऑफिस आएंगे और ऑफिस वाले घर से काम करेंगे।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंपनी ने WFH शुरू किया, लेकिन सिर्फ दिल्ली-NCR में, हम अपने घर नहीं जा सकते। क्या WFH ऐसे ही काम करता है?द्वारा u/Little_Sweet5706 में IndianWorkplace&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;ये तो धोखा है!&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;वर्क फ्रॉम होम का ऐलान सुनते ही कर्मचारी खुश हो गया कि वह अपने घर जाकर वहां से काम कर सकेगा, लेकिन 'GPS' वाली शर्त ने उसकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कर्मचारी ने बताया, &quot;मैं पहले बहुत खुश था कि आखिरकार मैं अपने होमटाउन जा सकूंगा। लेकिन बॉस ने साफ कह दिया कि काम सिर्फ दिल्ली-NCR के अंदर रहकर ही करना होगा। यह पक्का करने के लिए अटेंडेंस GPS के जरिए लगाई जाएगी। अगर कर्मचारी दिल्ली-NCR के दायरे में होगा, तभी सिस्टम उसकी हाजिरी लगाएगा।&quot; कर्मचारी के मुताबिक, बॉस ने इसका कोई ठोस कारण तो नहीं बताया, लेकिन शायद ऐसा इसलिए है ताकि किसी इमरजेंसी में ऑफिस बुलाने पर कर्मचारी जल्दी पहुंच सके। वह पूछता है, &quot;यह सुनकर मुझे बहुत निराशा हुई। क्या इसी को असली वर्क फ्रॉम होम कहते हैं?&quot;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;'यह तो गुलामी है'&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने कर्मचारी के साथ सहमति जताते हुए कंपनी के इस रवैये की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, &quot;इसे गुलामी कहते हैं, और दुर्भाग्य से यह हमारे समाज में आम होता जा रहा है।&quot; वहीं, कुछ लोगों ने बताया कि बड़ी-बड़ी कंपनियां भी ऐसा ही करती हैं। एक अन्य यूजर ने कहा, &quot;बड़ी मल्टी-नेशनल कंपनियों (MNCs) में भी यही हाल है। कई कर्मचारी बिजली चली गई या इंटरनेट नहीं है, जैसे बहाने बनाकर ऑफलाइन हो जाते हैं। शायद ऐसी चीजों से बचने के लिए कंपनी ने GPS ट्रैकिंग शुरू की है।&quot; वहीं, कुछ लोगों ने कंपनी का नाम न बताने पर कर्मचारी की आलोचना भी की।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[इंडिया पोस्ट GDS 4th मेरिट लिस्ट 2026 जारी: ऐसे चेक करें अपना नाम, PDF लिंक समेत पूरी डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/india-post-gds-4th-merit-list-2026-released-check-selection-status-online-india-post-gramin-dak-sevak-merit-list-pdf/articleshow-hmlwgd3</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/india-post-gds-4th-merit-list-2026-released-check-selection-status-online-india-post-gramin-dak-sevak-merit-list-pdf/articleshow-hmlwgd3</guid>
            <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 19:29:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Post GDS 4th Merit List 2026 Out:&lt;/strong&gt; क्या इंडिया पोस्ट ने GDS 4th मेरिट लिस्ट 2026 जारी कर दी है? क्या उम्मीदवार अब ऑनलाइन अपना नाम और चयन स्थिति चेक कर सकते हैं? क्या इस भर्ती में 28,636 पदों पर चयन 10वीं के अंकों के आधार पर किया जा रहा है? क्या आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जरूरी होगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktpav5k4vmjr0arvae9ky4vs,imgname-india-post-gds-4th-merit-list-2026-released-1781013517924.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Post GDS 4th Merit List 2026 Released: &lt;/strong&gt;इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 की 4th मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया था, वे अब आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जाकर अपनी चयन स्थिति ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए देशभर में 28,636 पदों को भरा जा रहा है। मेरिट लिस्ट में अलग-अलग पोस्टल सर्किल के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, केवल लिस्ट में नाम आ जाना अंतिम चयन की गारंटी नहीं है, क्योंकि आगे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जरूरी होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDS 4th मेरिट लिस्ट कैसे तैयार हुई?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इंडिया पोस्ट ने इस बार चयन पूरी तरह 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर सिस्टम जनरेटेड मेरिट से किया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सभी उम्मीदवारों के 10वीं के मार्क्स को आधार बनाया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जिन बोर्ड्स में ग्रेड दिए जाते हैं, उन्हें मार्क्स में बदला गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रतिशत की गणना चार दशमलव तक की गई है ताकि चयन में पारदर्शिता बनी रहे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;GDS 4th मेरिट लिस्ट 2026 कैसे चेक करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप अपना नाम लिस्ट में देखना चाहते हैं तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होमपेज पर &ldquo;GDS Merit List 2026&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अपना संबंधित पोस्टल सर्किल चुनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;PDF फाइल स्क्रीन पर खुल जाएगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उसमें अपना नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर सर्च करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;PDF डाउनलोड करके सेव कर लें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Post GDS 4th Merit List 2026 Direct Link&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDS कैंडिडेट्स के लिए जरूरी बातें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेरिट लिस्ट में नाम आना फाइनल सिलेक्शन नहीं है। चयन के बाद उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से गुजरना होगा। सभी ओरिजिनल दस्तावेज तय सेंटर पर जांचे जाएंगे। अपडेट्स के लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट नियमित चेक करनी होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आगे क्या होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जो उम्मीदवार इस मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट हुए हैं, उन्हें आगे की प्रक्रिया जैसे-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शेड्यूल&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जॉइनिंग प्रोसेस&lt;/li&gt; &lt;li&gt;और अन्य भर्ती अपडेट्स के लिए समय-समय पर इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहना होगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[इंटरव्यू के लिए मना किया तो फाउंडर ने भेजा अश्लील इमोजी, इंटरनेट पर मचा बवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/startup-founders-middle-finger-emoji-to-candidate-sparks-professionalism-debate/articleshow-ign8shz</link>
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            <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 10:41:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;एक स्टार्टअप फाउंडर ने इंटर्नशिप इंटरव्यू से मना करने वाले कैंडिडेट को मिडिल-फिंगर इमोजी भेजा। कैंडिडेट द्वारा रेडिट पर अनुभव साझा करने के बाद यह वायरल हो गया, जिससे स्टार्टअप्स में हायरिंग के तरीकों और प्रोफेशनलिज्म पर बहस छिड़ गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kdyrhgbqv3xexmh9nk3qwzc8,imgname-new-project--76--1767337673079.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;एक स्टार्टअप फाउंडर का अजीबोगरीब रिएक्शन इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। उसने इंटर्नशिप इंटरव्यू के लिए मना करने वाले एक कैंडिडेट को ऐसा जवाब दिया कि अब स्टार्टअप्स में हायरिंग के तौर-तरीकों और प्रोफेशनलिज्म पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक कैंडिडेट ने रेडिट पर अपना &quot;सबसे अजीब इंटर्नशिप एक्सपीरियंस&quot; शेयर किया। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और वर्कप्लेस कल्चर पर एक नई बहस शुरू हो गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;यहां देखें वायरल पोस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Backed out of an interview and got a middle finger &quot;&quot; from the founderby u/A-Genuine-Person in IndianWorkplace&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कैंडिडेट के मुताबिक, उसने लिंक्डइन पर एक इंटर्नशिप के लिए अप्लाई किया था। अगले ही दिन फाउंडर ने उससे संपर्क किया, उसकी प्रोफाइल में दिलचस्पी दिखाई और बातचीत को व्हाट्सएप पर जारी रखने को कहा। हालांकि, कैंडिडेट का दावा है कि हायरिंग का प्रोसेस बहुत अनौपचारिक महसूस हुआ। न कोई ऑफिशियल ईमेल आया, न कोई कैलेंडर इनवाइट और न ही इंटरव्यू का कोई तय शेड्यूल था। उसने यह भी कहा कि जब उसने कंपनी के बारे में रिसर्च की तो उसे शक हुआ, क्योंकि ऑनलाइन बहुत कम जानकारी थी और ऐसा लग रहा था कि एक ही ऑफिस से कई बिजनेस चल रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इंटरव्यू में न जाने का कारण बताते हुए कैंडिडेट ने लिखा, &quot;हो सकता है मेरी गट फीलिंग गलत हो, लेकिन कुछ तो गड़बड़ लग रहा था। इसलिए मैंने इंटरव्यू में न जाने का फैसला किया। बात यह है कि मैंने इंटरव्यू के लिए कभी हामी भरी ही नहीं थी। मैंने बस कहा था कि मैं आपको बता दूंगा।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कैंडिडेट ने बताया कि बाद में उसने व्हाट्सएप पर फाउंडर को सूचित किया कि वह नहीं आ पाएगा और किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगी। शुरुआत में, फाउंडर ने थम्स-अप इमोजी () के साथ रिएक्ट किया। लेकिन, जब कैंडिडेट ने एक दिन बाद चैट देखी, तो उसने पाया कि रिएक्शन कथित तौर पर बदलकर मिडिल-फिंगर इमोजी () कर दिया गया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपनी प्रतिक्रिया शेयर करते हुए रेडिट यूजर ने लिखा, &quot;माफ करना, लेकिन अगर आप एक फाउंडर हैं जो अपनी कंपनी को रिप्रेजेंट कर रहे हैं और एक कैंडिडेट के मना करने पर ऐसा रिएक्शन देते हैं, तो आपने उस कैंडिडेट के हर शक को सही साबित कर दिया है। ईमानदारी से कहूं तो इस इमोजी ने मुझे कंपनी कल्चर के बारे में उतना बता दिया, जितना शायद इंटरव्यू भी कभी नहीं बता पाता।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पोस्ट पर हजारों लोगों ने रिएक्ट किया। एक यूजर ने कमेंट किया, &quot;मुझे ऐसी कंपनियां पसंद हैं, मुझे वर्कप्लेस के कल्चर के बारे में दोबारा सोचने की ज़हमत नहीं उठानी पड़ती। वे सीधे मेरी ब्लैकलिस्ट में चली जाती हैं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक अन्य ने लिखा, &quot;इस देश में किसी में हिम्मत नहीं है और फिर ऑर्गनाइजेशन्स के बारे में शिकायत करते हैं। ऑर्गनाइजेशन का नाम बताने में क्यों डरना...&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक तीसरे यूजर ने लिखा, &quot;मैं तो बस कल्पना ही कर सकता हूं कि वह अपने स्टार्टअप में काम करने वाले गुलामों के साथ कैसा व्यवहार करता होगा, अगर वह व्हाट्सएप पर ऐसे इशारे करने जितना मैच्योर है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पोस्ट में कंपनी और फाउंडर का नाम नहीं बताया गया है, और इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, इस घटना ने स्टार्टअप इकोसिस्टम में प्रोफेशनलिज्म, पारदर्शिता और कैंडिडेट के साथ व्यवहार को लेकर बातचीत फिर से शुरू कर दी है। कई लोगों का तर्क है कि हायरिंग के दौरान होने वाली बातचीत अक्सर फॉर्मल इंटरव्यू से कहीं ज़्यादा कंपनी के वर्क कल्चर का खुलासा कर देती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[यूपी में समय से पहले हुए विधानसभा चुनाव, तो सरकारी भर्तियों का क्या होगा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/up-election-2027-early-polls-impact-on-government-jobs-and-bharti-exams/articleshow-lnzt3sp</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/up-election-2027-early-polls-impact-on-government-jobs-and-bharti-exams/articleshow-lnzt3sp</guid>
            <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 15:51:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Election 2027 Recruitment Impact: &lt;/strong&gt;अगर यूपी में समय से पहले विधानसभा चुनाव होते हैं, तो क्या पहले से चल रही सरकारी भर्तियां रुक जाएंगी? आचार संहिता लागू होने का युवाओं और नई वैकेंसियों पर क्या असर पड़ेगा? चुनाव जल्दी होने की स्थिति में भर्ती परीक्षाओं के टलने की क्या वजह हो सकती है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktnyefhd1r090296az665k5t,imgname-up-election-2027-recruitment-impact-1781000519213.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Early Elections Impact on Sarkari Bharti: &lt;/strong&gt;यूपी में एक तरफ विधानसभा चुनाव 2027 जल्दी कराने की चर्चा है, तो दूसरी तरफ उन युवाओं की टेंशन बढ़ गई है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उनके मन में सवाल उठ रहा है कि अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने तय समय से पहले हो गए, तो चल रही भर्तियों और नई वैकेंसी का क्या होगा? आचार संहिता (Code of Conduct) के नियम उनकी धड़कनें बढ़ा रहा है। आइए समझते हैं कि अगर चुनाव वाकई समय से पहले यानी इसी साल के अंत तक होते हैं, तो प्रदेश की सरकारी नौकरियों, परीक्षाओं और रिजल्ट्स पर इसका क्या असर पड़ेगा...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी चुनाव की चर्चा अचानक क्यों तेज हो गई है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीते कुछ दिनों में कई ऐसी चीजें हुई हैं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव शामिल हुए। भाजपा संगठन ने बूथ स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कई दल अपने संभावित उम्मीदवारों और संगठन को पहले से एक्टिव कर रहे हैं। वोटर लिस्ट और चुनावी तैयारियों को लेकर भी चर्चाएं बढ़ गई हैं। इन्हीं वजहों से यह सवाल उठ रहा है कि क्या यूपी में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले हो सकते हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव क्या वाकई समय से पहले होंगे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक गतिविधियां जरूर तेज हुई हैं, लेकिन चुनाव कब होंगे, इसका अंतिम फैसला चुनाव आयोग ही करेगा। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यूपी में चुनाव समय से पहले होंगे या नहीं। लेकिन इतना जरूर है कि सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ तैयारी में जुट चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी चुनाव जल्दी हुए तो भर्तियों पर क्या असर पड़ सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चल रही परीक्षाओं पर असर नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक्सपर्ट्स और जानकारों का मानना है कि चुनाव घोषित होते ही आचार संहिता लागू हो जाती है। ऐसे में सरकार नई योजनाओं और नई घोषणाओं को लेकर सीमित हो जाती है। लेकिन जिन भर्तियों के नोटिफिकेशन पहले ही जारी हो चुके हैं या जिनकी परीक्षाएं और इंटरव्यू चल रहे हैं, वे आचार संहिता के दौरान भी जारी रह सकते हैं। इसके लिए बस चुनाव आयोग से एक औपचारिक मंजूरी लेनी होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नए नोटिफिकेशन पर ब्रेक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आचार संहिता लागू होते ही सरकार किसी भी नई सरकारी नौकरी का विज्ञापन (Notification) जारी नहीं कर सकती है। यानी, अगर चुनाव जल्दी हुए तो नई वैकेंसी के लिए युवाओं को चुनाव खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जॉइनिंग और रिजल्ट्स में देरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जानकार बताते हैं कि कई बार रिजल्ट्स तैयार होने के बावजूद आचार संहिता के कारण उनके एलान या जॉइनिंग लेटर बांटने पर रोक लग जाती है, ताकि कोई पार्टी इसका चुनावी फायदा न उठा सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/up-election-2027-early-polls-impact-on-government-jobs-and-bharti-exams/articleshow-lnzt3sp"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[शौर्य शिखर की कहानी वायरल: IIT-JEE में फेल शख्स ने पिता को गिफ्ट की ₹55 लाख की BMW]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/shaurya-shikha-motivation-story-failed-iit-exam-now-earns-7-figures-buys-bmw-for-dad-viral-story-success-story/articleshow-n6b3nb5</link>
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            <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:31:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[एंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू ने 26 साल के शौर्य शिखर की कहानी शेयर की है। शौर्य IIT-JEE परीक्षा में फेल हो गए थे और सेहत से जुड़ी समस्याओं से भी जूझ रहे थे। लेकिन पांच साल बाद, उन्होंने न सिर्फ अपनी सेहत ठीक की, बल्कि आज वे हर महीने 7 अंकों में कमाते हैं। उनकी ये कहानी हिम्मत और लगन की एक मिसाल है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktjtjv6jtv7atp8r99p651q5,imgname-whatsapp-image-2026-06-08-at-10.13.11-am-1780895804626.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;हिम्मत, खुद को बदलने और लंबी दौड़ में कामयाब होने की एक कहानी इंटरनेट पर खूब ध्यान खींच रही है। इस कहानी को एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। ये कहानी है 26 साल के शौर्य शिखर की। पांच साल पहले, शौर्य एक बहुत बड़ी नाकामी से जूझ रहे थे। उन्होंने IIT-JEE की मुश्किल परीक्षा दी, लेकिन पास नहीं हो पाए। ये उनके लिए और भी बड़ी निराशा की बात थी क्योंकि उनके पिता खुद एक IIT-ian थे। इस नाकामी के बाद, उनकी सेहत भी बिगड़ने लगी, वजन 110 किलो से ज्यादा हो गया और उन्हें अपने BBA (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) कॉलेज की पढ़ाई से भी नफरत हो गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी मुश्किल दौर में, कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही शौर्य ने वारिकू की टीम जॉइन की। वारिकू बताते हैं कि उस वक्त शौर्य अपनी निजी मुश्किलों, करियर की अनिश्चितता और पढ़ाई की निराशा के बीच फंसे हुए थे। उन्हें अक्सर अपने लिए एक बेहतर भविष्य देख पाना भी मुश्किल लगता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वारिकू ने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, &quot;उसने IIT-JEE की परीक्षा दी और रिजेक्ट हो गया। इससे वो खुद को पूरी तरह से हारा हुआ महसूस करने लगा, खासकर इसलिए क्योंकि उसके पापा IIT से थे! ऊपर से, उसने इंजीनियरिंग करके खुद को साबित करने की कोशिश भी नहीं की। इसके बजाय, उसने अपना दिमाग खो दिया और BBA की डिग्री ले ली। उसका वजन 110+ किलो था। उसे लगता था कि उसने अपने माता-पिता को निराश किया है। उसे अपने कॉलेज से नफरत थी। उसे यकीन हो गया था कि उसकी ज़िंदगी में कुछ नहीं हो सकता।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पिछले पांच सालों में उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है। शौर्य अब 26 साल के हैं, उनका करियर शानदार चल रहा है और वे हर महीने सात अंकों में कमाते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने पिता को रिटायरमेंट गिफ्ट के तौर पर 55 लाख रुपये की एक BMW कार खरीदकर दी है। वारिकू ने बताया कि इस लग्ज़री कार की EMI शौर्य की महीने की कमाई के 7% से भी कम है, जबकि कार के लिए दी गई डाउन पेमेंट उनकी कुल संपत्ति (नेट वर्थ) के 5% से भी कम थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देखिए ये वायरल लिंक्डइन पोस्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनका बदलाव सिर्फ पैसों तक ही सीमित नहीं रहा। इन सालों में शौर्य ने अपनी सेहत और फिटनेस पर भी ध्यान दिया और आज वे अपनी ज़िंदगी के सबसे फिट दौर में हैं। वारिकू के मुताबिक, यह कहानी असल में दौलत, महंगी गाड़ियों या पैसों की कामयाबी के बारे में नहीं है। बल्कि, उन्होंने इसे एक सबक के तौर पर इस्तेमाल किया कि किसी इंसान की किस्मत उसकी नाकामियों से तय नहीं होती। जो चीज़ ज़िंदगी के एक पड़ाव पर असफलता लगती है, वही अक्सर एक बिल्कुल नए रास्ते की शुरुआत हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह कहानी ऑनलाइन हज़ारों लोगों के दिलों को छू गई। कई यूज़र्स ने कहा कि वे भी बड़ी निराशाओं के बाद होने वाली अनिश्चितता और आत्म-संदेह की भावना से खुद को जोड़कर देख पा रहे हैं। वहीं, दूसरों ने कहा कि यह कहानी इस बात की याद दिलाती है कि सफलता का रास्ता कभी भी सीधा नहीं होता और बड़े बदलाव अक्सर संघर्ष शुरू होने के कई साल बाद ही दिखाई देते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/shaurya-shikha-motivation-story-failed-iit-exam-now-earns-7-figures-buys-bmw-for-dad-viral-story-success-story/articleshow-n6b3nb5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BSTC Result 2026 Out: राजस्थान प्री डीएलएड रिजल्ट आया, लेकिन 5 गलतियां कर दीं तो हाथ से निकल जाएगी सीट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/rajasthan-pre-deled-result-2026-bstc-counselling-mistakes-seat-allotment-guide-date-latest-updates/articleshow-nbc061o</link>
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            <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 18:25:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rajasthan Pre DElEd Result 2026 Out, BSTC Counselling Mistakes:&lt;/strong&gt; क्या राजस्थान प्री डीएलएड (BSTC) रिजल्ट 2026 जारी हो गया है? BSTC Counselling 2026 कब से शुरू है? क्या आपको पता है कि काउंसलिंग में कौन-सी 5 गलतियां आपकी सीट छीन सकती हैं? क्या आप सही रणनीति से सीट पक्की करना चाहते हैं? जानिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktrsg6sys4ksrvw1amtv79dv,imgname-rajasthan-pre-deled-counselling-2026-date-1781095996222.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rajasthan Pre DElEd BSTC Result 2026 Out:&lt;/strong&gt; राजस्थान प्री डीएलएड (BSTC) परीक्षा 2026 का रिजल्ट आज, 10 जून 2026 को जारी कर दिया गया है। करीब 4.97 लाख अभ्यर्थियों के लंबे इंतजार के बाद अब नतीजे सामने हैं। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी (Vardhman Mahaveer Open University) की ओर से परिणाम जारी किए गए हैं और उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट predeledraj2026.com पर रोल नंबर और जन्मतिथि डालकर देख सकते हैं। राजस्थान प्री डीएलएड (BSTC Result 2026) जारी होने के बाद अब असली चुनौती है, काउंसलिंग में सही रणनीति अपनाना। जानिए राजस्थान प्री डीएलएड रिजल्ट जारी होने के बाद अब आगे का प्रोसेस क्या होगा और BSTC काउंसलिंग 2026 में कौन सी गलतियां सीट खोने की वजह बन सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राजस्थान प्री डीएलएड रिजल्ट के बाद अब क्या?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजस्थान प्री डीएलएड परीक्षा के जरिए राज्य की करीब 25,970 डीएलएड सीटों पर एडमिशन मिलेगा। यानी हर सफल उम्मीदवार के लिए सीट की लड़ाई अब रैंक और काउंसलिंग प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। राजस्थान प्री डीएलएड परीक्षा न्यूनतम पासिंग क्राइटेरिया की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए 50% अंक और एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग, विधवा व तलाकशुदा श्रेणियों के लिए 45% अंक तय किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राजस्थान प्री डीएलएड काउंसलिंग 2026 में न करें ये गलतियां&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एजुकेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि करीब 70% छात्र काउंसलिंग के दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे अच्छी रैंक होने के बावजूद मनपसंद कॉलेज नहीं मिल पाता। सबसे आम गलतियां ये हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कॉलेज चॉइस फिलिंग में जल्दबाजी करना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रैंक के हिसाब से विकल्प न भरना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डॉक्यूमेंट्स की सही जांच न करना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;काउंसलिंग डेट्स मिस करना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;विकल्प लॉक करने से पहले रिसर्च न करना।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;राजस्थान प्री डीएलएड काउंसलिंग 2026 में सीट कैसे पक्की करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप सफल उम्मीदवार हैं, तो सबसे पहले अपनी रैंक के आधार पर कॉलेजों की लिस्ट तैयार करें। पुराने कटऑफ और सीट ट्रेंड जरूर देखें। डॉक्यूमेंट्स पहले से तैयार रखें और काउंसलिंग शेड्यूल जारी होते ही समय पर रजिस्ट्रेशन करें। राजस्थान प्री डीएलएड काउंसलिंग प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द ही जारी किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें और किसी भी फर्जी लिंक या अफवाह से बचें। रिजल्ट भले ही सफलता का पहला कदम हो, लेकिन असली परीक्षा अब काउंसलिंग में है। सही जानकारी, सही समय पर निर्णय और समझदारी से भरी चॉइस फिलिंग ही आपकी सीट और करियर तय करेगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IIT-JEE में फेल, फिर Google तक का सफर: बेटे ने सबसे मशहूर बिलबोर्ड पर लगवाई मां की तस्वीर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/abhijay-arora-iit-jee-failure-success-story-indian-techie-surprises-single-mom-with-times-square-billboard-tribute/articleshow-rtnabsy</link>
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            <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 10:22:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;IIT-JEE में फेल होने के बावजूद अपनी मेहनत से गूगल तक पहुंचने वाले एक इंडियन टेकी ने अपनी मां को एक शानदार सरप्राइज दिया। अभिजय ने 2025 में किस कंपनी में प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में जॉइन किया? अभिजय के AI रिज्यूमे टूल ने उनके करियर में क्या भूमिका निभाई?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktjp6286snj2065e1q7vy4k3,imgname-son-s-loving-gift-to-mother-in-times-square-1780891191558.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Inspirational Story: &lt;/strong&gt;नाकामयाबी अक्सर हमारा दिल तोड़ देती है, लेकिन जो लोग हार नहीं मानते, जिंदगी में कामयाबी उन्हीं के कदम चूमती है। भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक, IIT-JEE में फेल होने के बाद भी, अपनी मेहनत के दम पर गूगल तक पहुंचने वाले एक इंडियन टेकी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने अपनी सिंगल मदर को एक ऐसा तोहफा दिया, जिसे देखकर उनकी मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटे ने मां के साथ अपनी तस्वीर दुनिया के सबसे मशहूर टाइम्स स्क्वायर के बिलबोर्ड पर लगवा दी। इसके बाद मां को वीडियो कॉल करके यह सरप्राइज दिखाया। बेटे के पीछे टाइम्स स्क्वायर पर अपनी तस्वीर देखकर मां की खुशी देखने लायक थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हर नाकामी में मां ने दिया साथ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका में गूगल में काम करने वाले अभिजय अरोड़ा ने अपनी मां को वीडियो कॉल किया और पीछे लगे एक बड़े से स्क्रीन पर देखने को कहा। देखते ही देखते बिलबोर्ड पर मां-बेटे की एक बड़ी सी तस्वीर चमकने लगी। यह तस्वीर अभिजय के ग्रेजुएशन समारोह की थी। दुनिया के सबसे बड़े शहर के सबसे मशहूर बिलबोर्ड पर अपनी मां की तस्वीर देखकर बेटे की खुशी का भी कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके पिता नहीं हैं और उनकी मां ने ही उन्हें अकेले पाला है। उन्होंने पुरानी किताबों से पढ़ाई की, लेकिन मां ने उन्हें सबसे अच्छे स्कूल में पढ़ाया। मां रात-रात भर जागकर उन्हें पढ़ाती थीं। अभिजय ने अपनी कहानी शेयर करते हुए लिखा, &quot;2012 में जब मैं IIT में फेल हुआ, तो वो भी रोईं और मैं भी। 2016 में बिना कैंपस जॉब के ग्रेजुएशन पूरी की। सभी बिजनेस स्कूलों ने मुझे रिजेक्ट कर दिया।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;Abhijay Arora Vuyyuru | AI, Tech &amp;amp; Careers (@abhijayarora_) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;नाकामयाबी से कामयाबी तक का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;अभिजय ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि सालों की अनिश्चितता और मुश्किलों में साथ खड़ी रहने वाली मां को धन्यवाद कहने का यह उनका तरीका है। उन्होंने लिखा, &quot;यह मेरी जिंदगी का सबसे खास दिन था, मैंने अपनी मां के सभी बलिदानों के लिए उन्हें धन्यवाद देने के लिए न्यूयॉर्क टाइम्स स्क्वायर बिलबोर्ड पर उनकी तस्वीर लगवाई।&quot; अमेरिका में भी उन्हें नौकरी के लिए भटकना पड़ा। उस मुश्किल वक्त में उनकी मां और पत्नी ने उनका साथ दिया। जब वह बेरोजगार थे तो पत्नी ने आर्थिक रूप से मदद की, जबकि मां हमेशा हौसला बढ़ाती रहीं। आखिरकार, एक AI रिज्यूमे टूल बनाना अभिजय के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके बाद उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिला। 2025 में उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में यूट्यूब के प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर गूगल जॉइन किया। बाद में उन्होंने सिलिकॉन वैली की सफल AI कंपनियों के CEOs के साथ एक पॉडकास्ट शुरू किया। आज उनकी 6,00,000 से ज्यादा फॉलोअर्स की एक ऑनलाइन कम्युनिटी है। अभिजय का यह वीडियो सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का दिल जीत रहा है। एक यूजर ने लिखा, &ldquo;इसने मुझे सच में खुश कर दिया। ऐसे ही आगे बढ़ते रहो और अपनी मां को और भी गौरवान्वित करो।&rdquo;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/abhijay-arora-iit-jee-failure-success-story-indian-techie-surprises-single-mom-with-times-square-billboard-tribute/articleshow-rtnabsy"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[AI Jobs for Rural Youth: मोबाइल-AI के दम पर गांव के युवा कमा रहे हैं ₹30000-₹50000 महीना, जानिए कैसे]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/how-village-youth-are-earning-rs-30000-to-50000-per-month-using-ai-and-smartphone/articleshow-v2pialz</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/career/how-village-youth-are-earning-rs-30000-to-50000-per-month-using-ai-and-smartphone/articleshow-v2pialz</guid>
            <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 14:46:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;How Rural Youth are Making Money with AI: &lt;/strong&gt;क्या सिर्फ मोबाइल और AI की मदद से ₹30,000 से ₹50,000 महीना कमाया जा सकता है? गांव के युवा आखिर कौन-से डिजिटल काम करके घर बैठे कमाई कर रहे हैं? क्या बिना बड़ी डिग्री और शहर जाए भी ऑनलाइन करियर बनाया जा सकता है? जानिए&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kttzeh23vqn238g9y6kdx3zj,imgname-ai-jobs-for-rural-youth-1781169341506.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;How to Earn Money with AI in India: &lt;/strong&gt;कुछ साल पहले तक गांव के युवाओं के लिए अच्छी नौकरी या कमाई का मतलब शहर जाना माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। स्मार्टफोन, सस्ता इंटरनेट और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स ने गांव और छोटे शहरों के युवाओं के लिए कमाई के नए दरवाजे खोल दिए हैं। कई युवा घर बैठे ऐसे डिजिटल काम कर रहे हैं, जिनसे हर महीने ₹30,000 से ₹50,000 तक की कमाई हो रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि इनमें से कई लोगों के पास न कोई बड़ी डिग्री है और न ही महंगे उपकरण। एक अच्छा स्मार्टफोन, इंटरनेट कनेक्शन और नई चीजें सीखने की इच्छा उनके लिए सबसे बड़ा निवेश साबित हो रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर कमाई हो कैसे रही है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;AI की मदद से युवा ऐसे काम कर रहे हैं जिनके लिए पहले विशेषज्ञता और लंबा अनुभव जरूरी माना जाता था। उदाहरण के लिए, कई युवा स्थानीय दुकानों, कोचिंग सेंटरों और छोटे कारोबारियों के लिए सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो तैयार कर रहे हैं। AI टूल्स की मदद से पोस्ट का टेक्स्ट, डिजाइन का आइडिया और वीडियो की स्क्रिप्ट कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है। इसके बदले एक ग्राहक से हर महीने ₹3,000 से ₹10,000 तक की फीस मिल जाती है। यदि किसी युवा के पास 5 से 6 रेगुलर कस्टमर हैं तो उसकी मासिक आय ₹30,000 से अधिक पहुंच सकती है। इसी तरह कुछ युवा वीडियो एडिटिंग का काम कर रहे हैं। AI आधारित वीडियो एडिटिंग टूल्स के जरिए यूट्यूब क्रिएटर्स और छोटे बिजनेस के लिए वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। एक वीडियो एडिट करने के बदले ₹500 से ₹2,000 तक मिल सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कंटेंट और फ्रीलांसिंग भी बन रही कमाई का जरिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई युवा AI की मदद से ब्लॉग लेखन, ट्रांसलेशन और डेटा रिसर्च जैसे काम भी कर रहे हैं। देश और विदेश की फ्रीलांसिंग वेबसाइटों पर छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लेकर वे अतिरिक्त आय कमा रहे हैं। कुछ लोगों ने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पेज भी शुरू किए हैं। AI की मदद से स्क्रिप्ट, थंबनेल और वीडियो आइडिया तैयार करने से काम आसान हो गया है। चैनल या पेज बढ़ने पर विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन से कमाई शुरू हो जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ AI नहीं, स्किल भी जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञों का कहना है कि AI कोई जादू की छड़ी नहीं है। यह काम को आसान जरूर बनाता है, लेकिन सफलता के लिए कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी और लगातार सीखते रहने की आदत जरूरी है। जो युवा AI को एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भविष्य में और बढ़ सकते हैं मौके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और ऑनलाइन सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है। यही वजह है कि अब गांवों के कई युवा बिना शहर गए, सिर्फ मोबाइल और AI की मदद से अपनी आय बढ़ाने में सफल हो रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/career/how-village-youth-are-earning-rs-30000-to-50000-per-month-using-ai-and-smartphone/articleshow-v2pialz"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारत से बैठे-बैठे मिली ₹1.8 करोड़ की विदेशी नौकरी, इंजीनियर ने बताया इंटरनेशनल ऑफर हासिल करने का पूरा फॉर्मूला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/indian-software-engineer-shares-how-he-got-rs-1-8-crore-international-job-offer-from-india/articleshow-vqks93f</link>
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            <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 16:03:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;How to Get an International Job from India: &lt;/strong&gt;क्या भारत में बैठकर 1.8 करोड़ रुपए की विदेशी नौकरी पाई जा सकती है? क्या बिना विदेश में नेटवर्क और बिना रिलोकेशन के इंटरनेशनल जॉब मिल सकती है? जानिए सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्तिक मोदी ने किस रणनीति और तैयारी से हासिल किया बड़ा ग्लोबल ऑफर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktnz24h6qv4fq31hpy52n5e9,imgname-how-to-get-an-international-job-from-india-1781001163302.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indian Engineer Gets ₹1.8 crore Job Offer:&lt;/strong&gt; विदेश में नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। टेक प्रोफेशनल कार्तिक मोदी ने सोशल मीडिया पर खुलासा किया है कि उन्होंने भारत में रहते हुए ही करीब 1.8 करोड़ रुपए सालाना का अंतरराष्ट्रीय जॉब ऑफर हासिल किया। खास बात यह रही कि इसके लिए न उनके पास विदेश में कोई मजबूत नेटवर्क था और न ही पहले से किसी दूसरे देश में रहने का अनुभव। कार्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय किसी शॉर्टकट या हैक को नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित तैयारी और लगातार मेहनत को दिया है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन्होंने LinkedIn Jobs, Indeed और Levels.fyi जैसे प्लेटफॉर्म की मदद से 25 से 30 ऐसी विदेशी कंपनियों की सूची बनाई जो वीजा स्पॉन्सरशिप देती थीं। इसके बाद उन्होंने करीब 35 से 40 जॉब डिस्क्रिप्शन का विश्लेषण किया। जिन स्किल्स की मांग बार-बार दिखाई दी, उन्हें अपनी तैयारी का आधार बनाया। इसी के आधार पर उन्होंने 10 से 12 सप्ताह का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार्तिक के अनुसार शुरुआती पांच सप्ताह डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिद्म (DSA) की तैयारी में लगाए गए। अगले तीन सप्ताह सिस्टम डिजाइन पर फोकस किया गया, जबकि बाद के हफ्तों में डोमेन नॉलेज, बिहेवियरल इंटरव्यू और मॉक इंटरव्यू की तैयारी की गई। उन्होंने बताया कि DSA में सैकड़ों सवाल हल करने की बजाय लगभग 100 महत्वपूर्ण समस्याओं पर ध्यान दिया और हर समाधान को समझाकर बोलने का अभ्यास किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सिस्टम डिजाइन की तैयारी को उन्होंने सबसे बड़ा गेम चेंजर बताया। इसके तहत ऑथेंटिकेशन, पेमेंट, सर्च, नोटिफिकेशन और फीड जैसे 8 से 10 प्रमुख सिस्टम्स की गहराई से तैयारी की गई। साथ ही अपने वास्तविक प्रोजेक्ट्स को भी व्यवस्थित तरीके से डॉक्यूमेंट किया, ताकि इंटरव्यू में स्केल, परफॉर्मेंस और तकनीकी फैसलों पर ठोस चर्चा की जा सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार्तिक ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय इंटरव्यू में केवल सही जवाब देना ही काफी नहीं होता। उम्मीदवार की सोच, समस्या सुलझाने का तरीका और ईमानदारी भी देखी जाती है। इसलिए उन्होंने स्पष्ट और संरचित जवाब देने की आदत विकसित की और जहां जवाब नहीं पता होता था, वहां अनुमान लगाने की बजाय साफ तौर पर स्वीकार किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Kartik Modi (@karrrtiiikkk)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने एक पेज का ग्लोबल-स्टैंडर्ड रिज्यूमे तैयार किया, कई मॉक इंटरव्यू दिए और केवल उन्हीं नौकरियों के लिए आवेदन किया जो उनकी प्रोफाइल से मेल खाती थीं। आखिरकार इसी स्ट्रेटजी ने उन्हें भारत से सीधे 1.8 करोड़ रुपए का इंटरनेशनल जॉब ऑफर दिलाया। कार्तिक का संदेश साफ है, विदेशी नौकरी पाने के लिए पहले विदेश जाना जरूरी नहीं है। सही दिशा में की गई तैयारी, लगातार अभ्यास और सोच-समझकर बनाई गई रणनीति आपको दुनिया की बड़ी कंपनियों तक पहुंचा सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CITS 2026 AICET रिजल्ट आ गया, अब ये 5 काम नहीं किए तो हाथ से निकल सकता है मौका]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/cits-aicet-result-2026-out-what-to-do-next-top-5-opportunities-for-qualified-candidates/articleshow-vvth4fd</link>
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            <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 15:08:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;What to Do After CITS Result 2026: &lt;/strong&gt;सीआईटीएस 2026 एआईसीईटी रिजल्ट जारी हो गया है, अब आगे क्या करना है? काउंसलिंग में सीट कैसे मिलेगी? रैंक के आधार पर कौन-सा संस्थान मिल सकता है? काउंसलिंग प्रक्रिया कब से शुरू हो रही है और किन दस्तावेजों की जरूरत होगी? CITS क्वालिफाई करने के बाद करियर के कौन से बड़े मौके खुल सकते हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktreaz29gfehg83gst80gzv2,imgname-cits-2026-aicet-result-out-1781084290121.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CITS 2026 AICET Result Out: &lt;/strong&gt;सीआईटीएस 2026 एआईसीईटी का रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट nimionlineadmission.in जारी हो चुका है और हजारों उम्मीदवार अब अपने स्कोरकार्ड और रैंक देख चुके हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि रिजल्ट के बाद आगे क्या करना है? CITS 2026 AICET का रिजल्ट जारी होने के बाद अब 15 जून से ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू होने वाली है। ऐसे में जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की है, उनके सामने सिर्फ एडमिशन का मौका नहीं बल्कि स्किल ट्रेनिंग और रोजगार से जुड़ी कई नई संभावनाएं भी खुल रही हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 बड़े मौके, जिन पर अभी से ध्यान देना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CITS 2026 Result Direct link to Download&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CITS 2026 AICET रिजल्ट के बाद पसंदीदा ट्रेड और संस्थान चुनने का मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CITS 2026 AICET रिजल्ट के बाद सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण काउंसलिंग है। उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर पसंदीदा ट्रेड और संस्थान चुन सकेंगे। अच्छी रैंक वाले उम्मीदवारों को अपनी पसंद के संस्थान में सीट मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी विकल्पों को अच्छी तरह से चेक कर लेना बेहतर रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्किल ट्रेनर बनने की दिशा में पहला कदम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CITS का मुख्य उद्देश्य इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर्स तैयार करना है। कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार आईटीआई और विभिन्न स्किल डेवलपमेंट संस्थानों में ट्रेनर के रूप में करियर बना सकते हैं। ऐसे में यह सिर्फ एक कोर्स नहीं बल्कि ट्रेनिंग और शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश का रास्ता भी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरकारी और स्किल सेक्टर में अवसर बढ़ेंगे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;देशभर में स्किल डेवलपमेंट पर लगातार जोर दिया जा रहा है। कई सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स की मांग रहती है। CITS प्रशिक्षण भविष्य में ऐसे अवसरों के लिए उम्मीदवारों की प्रोफाइल को मजबूत बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टेक्निकल एक्सपर्टीज से करियर ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई उम्मीदवार पहले से आईटीआई या तकनीकी क्षेत्र से जुड़े होते हैं। CITS उन्हें सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं बल्कि ट्रेनिंग और इंस्ट्रक्शन से जुड़ी प्रोफेशनल स्किल्स भी प्रदान करता है। इससे करियर ग्रोथ की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CITS 2026 काउंसिलिंग के लिए तैयार रखें ये डॉक्यूमेंट्स&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CITS 2026 AICET रिजल्ट के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया में समय पर भाग लेना बेहद जरूरी होगा। उम्मीदवारों को स्कोरकार्ड, पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। किसी भी चरण में देरी या दस्तावेजों की कमी सीट आवंटन को प्रभावित कर सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CITS 2026 AICET में सफल कैंडिडेट अब आगे क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब सफल उम्मीदवारों को नियमित रूप से आधिकारिक एडमिशन पोर्टल पर नजर रखनी चाहिए। 15 जून से शुरू होने वाली ऑनलाइन चॉइस फिलिंग और काउंसलिंग प्रक्रिया में समय पर भाग लेना सबसे अहम रहेगा। रिजल्ट आ चुका है, लेकिन सही फैसला और सही तैयारी ही तय करेगी कि यह सफलता आपके करियर को कितनी दूर तक ले जाती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[फिलीपींस भूकंप के बीच जानिए सुनामी से पहले समुद्र अचानक पीछे क्यों चला जाता है?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tsunami-warning-sign-why-sea-water-pulls-back-before-big-waves-what-it-means-amid-philippines-earthquake/articleshow-w8dcmd0</link>
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            <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:05:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tsunami Warning Sign: &lt;/strong&gt;क्या फिलीपींस में भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है? क्या जानते हैं कि सुनामी आने से पहले समुद्र का पानी अचानक पीछे क्यों हट जाता है? क्या यह प्रकृति का कोई सामान्य बदलाव है या बड़े खतरे का संकेत? समुद्र के पीछे हटने का सुनामी से क्या संबंध है? ऐसी स्थिति में लोगों को क्या करना चाहिए? जानिए पूरी सच्चाई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktjvgpqrg88wfbfynvpj350q,imgname-tsunami-warning-sign-1780896783096.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Philippines Earthquake, Tsunami Alert News: &lt;/strong&gt;दक्षिणी फिलीपींस में आए शक्तिशाली 7.8 तीव्रता के भूकंप के बाद कई देशों में सुनामी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे समय में अक्सर एक सवाल लोगों के मन में आता है कि सुनामी आने से पहले समुद्र का पानी अचानक पीछे क्यों चला जाता है? सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें समुद्र का किनारा अचानक कई मीटर तक खाली दिखाई देता है। दरअसल, यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनामी का एक बड़ा चेतावनी संकेत हो सकता है। जानिए सुनामी से पहले समुद्र अचानक पीछे चले जाने के पीछे क्या है वजह और यह कितना बड़ा अलर्ट है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सुनामी आने से पहले आखिर क्यों पीछे हट जाता है समुद्र?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनामी आमतौर पर समुद्र के भीतर आने वाले बड़े भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या समुद्र तल के खिसकने से पैदा होती है। जब समुद्र के नीचे की धरती अचानक ऊपर या नीचे खिसकती है, तो भारी मात्रा में पानी विस्थापित हो जाता है। इसी वजह से विशाल ऊर्जा वाली लहरें चारों दिशाओं में फैलने लगती हैं। कई बार सुनामी की पहली लहर समुद्र के पानी को तट से दूर खींच लेती है। इसका असर यह होता है कि समुद्र का स्तर अचानक नीचे चला जाता है और पानी सामान्य से काफी दूर तक पीछे हट जाता है। लोगों को समुद्र का खाली तल, चट्टानें और ऐसी जगहें दिखने लगती हैं जो आमतौर पर पानी के नीचे रहती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सुनामी से पहले समुद्र का यह नजारा खूबसूरत नहीं, खतरे की घंटी है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समुद्र अचानक तेजी से पीछे हटने लगे तो इसे देखने या फोटो खींचने के लिए तट की ओर नहीं जाना चाहिए। यह सुनामी आने का संकेत हो सकता है। कई ऐतिहासिक घटनाओं में देखा गया है कि लोग पीछे हटे समुद्र को देखने पहुंच गए और कुछ ही मिनटों बाद आई विशाल लहरों की चपेट में आ गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या हर सुनामी से पहले ऐसा होता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नहीं। हर सुनामी में समुद्र का पानी पीछे हटे, यह जरूरी नहीं है। कई बार पहली लहर सीधे ऊंची जलराशि के रूप में तट से टकराती है। इसलिए केवल समुद्र के पीछे हटने का इंतजार करना सुरक्षित नहीं है। यदि भूकंप के बाद सुनामी अलर्ट जारी हो या प्रशासन चेतावनी दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सुनामी के दौरान क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;समुद्र किनारे हों तो तुरंत ऊंचे स्थान की ओर जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आधिकारिक चेतावनियों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;समुद्र के पीछे हटने को देखने के लिए तट पर न जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पहली लहर के बाद भी वापस न लौटें, क्योंकि कई लहरें आ सकती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेडियो, मोबाइल अलर्ट और स्थानीय प्रशासन की सूचना पर नजर रखें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;सुनामी से पहले समुद्र का अचानक पीछे हटना प्रकृति का एक खतरनाक संकेत हो सकता है। यह देखने में भले ही अनोखा लगे, लेकिन वास्तव में यह कुछ ही मिनटों में आने वाली विनाशकारी लहरों की चेतावनी है। इसलिए ऐसी स्थिति में जिज्ञासा नहीं, बल्कि सतर्कता और तुरंत कार्रवाई ही जान बचा सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Philippines Earthquake: क्या आपका मोबाइल भूकंप आने से पहले चेतावनी दे सकता है? 90% लोग नहीं जानते]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/can-your-mobile-warn-you-before-an-earthquake-know-amid-philippines-earthquake/articleshow-xk4w948</link>
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            <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 11:25:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Can Your Mobile Warn You Before an Earthquake: &lt;/strong&gt;क्या आपका मोबाइल भूकंप आने से पहले चेतावनी दे सकता है? क्या आपके फोन में Earthquake Alert फीचर मौजूद है लेकिन आपको इसकी जानकारी नहीं है? क्या भूकंप से कुछ सेकंड पहले मिला अलर्ट आपकी जान बचा सकता है? क्या Android फोन भूकंप के झटकों से पहले चेतावनी भेज सकते हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktjwksye4px6q58da455n22n,imgname-earthquake-alert-on-mobile-1780897933262.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Earthquake Alert on Mobile: &lt;/strong&gt;फिलीपींस में आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद जारी सुनामी अलर्ट ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान प्राकृतिक आपदाओं की ओर खींचा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका स्मार्टफोन कई मामलों में भूकंप के झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले आपको चेतावनी दे सकता है? हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोगों को अपने मोबाइल में मौजूद इस फीचर की जानकारी ही नहीं होती। हालांकि यह तकनीक भूकंप की भविष्यवाणी नहीं करती, लेकिन शुरुआती चेतावनी देकर जान बचाने में मदद जरूर कर सकती है। जानिए कैसे आपका मोबाइल भूकंप आने से पहले चेतावनी दे सकता है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या मोबाइल भूकंप की चेतावनी दे सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जवाब है, हां, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। आधुनिक स्मार्टफोन में लगे सेंसर जमीन में होने वाली शुरुआती हलचल को पहचानने में मदद कर सकते हैं। कई देशों में भूकंप निगरानी नेटवर्क और मोबाइल तकनीक को जोड़कर एक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बनाया गया है। जब भूकंप आता है, तो सबसे पहले तेज गति वाली P-Waves निकलती हैं। ये आमतौर पर कम नुकसान पहुंचाती हैं। इनके बाद आने वाली S-Waves ज्यादा खतरनाक होती हैं और भवनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि सिस्टम P-Waves को जल्दी पहचान ले, तो कुछ सेकंड पहले लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एंड्रॉयड फोन में कैसे काम करता है यह फीचर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गूगल ने एंड्रॉइड भूकंप चेतावनी प्रणाली (Android Earthquake Alerts System) विकसित किया है। जिन देशों में यह सेवा उपलब्ध है, वहां एंड्रॉयड फोन भूकंप संबंधी चेतावनियां प्राप्त कर सकते हैं। यह सिस्टम स्मार्टफोन के एक्सेलेरोमीटर सेंसर और आधिकारिक भूकंप मॉनिटरिंग नेटवर्क की मदद से काम करता है। अगर आपके क्षेत्र में यह सुविधा उपलब्ध है, तो फोन स्क्रीन पर अलर्ट दिखाई दे सकता है और तेज आवाज के साथ चेतावनी भी मिल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या यह भूकंप की भविष्यवाणी करता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नहीं। यह बात समझना बेहद जरूरी है। कोई भी मोबाइल ऐप या फोन भूकंप की सटीक भविष्यवाणी नहीं कर सकता। यह तकनीक केवल भूकंप शुरू होने के बाद उसकी शुरुआती तरंगों का पता लगाकर कुछ सेकंड से लेकर कुछ दर्जन सेकंड पहले चेतावनी देती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोबाइल में फीचर चालू है या नहीं, कैसे जांचें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Android यूजर्स Settings में जाकर Safety &amp;amp; Emergency या Location Settings के भीतर Earthquake Alerts विकल्प देख सकते हैं। अलग-अलग कंपनियों के फोन में इसका स्थान थोड़ा अलग हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भूकंप से पहले कुछ सेकंड की चेतावनी भी क्यों है महत्वपूर्ण?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञों के अनुसार, 5 से 30 सेकंड का समय भी लोगों को सुरक्षित जगह जाने, गैस बंद करने, मशीनें रोकने या मजबूत मेज के नीचे शरण लेने का मौका दे सकता है। आपदा की स्थिति में यही कुछ सेकंड जिंदगी और मौत के बीच का फर्क साबित हो सकते हैं। भूकंप को रोकना या उसकी सटीक भविष्यवाणी करना अभी संभव नहीं है, लेकिन तकनीक ने लोगों को पहले से सतर्क करने की दिशा में बड़ी प्रगति की है। यदि आपके फोन में Earthquake Alerts फीचर उपलब्ध है, तो उसे सक्रिय रखना एक छोटा कदम हो सकता है, जो किसी बड़े खतरे के समय बेहद काम आ सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Career</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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