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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Sun, 13 Sep 2026 10:04:51 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[BRICS Summit: 140 पॉइंट के घोषणा-पत्र में क्या-क्या? टैरिफ, गाजा, AI और स्थानीय मुद्रा पर बड़ा संदेश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-new-delhi-declaration-key-takeaways-gaza-tariffs-ai-india-brazil-articleshow-s5lr21n</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 10:04:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन में शनिवार को 140-बिंदुओं वाला New Delhi Declaration अपनाया गया। दस्तावेज़ ने 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम हमले की निंदा की, गाज़ा में संघर्षविराम की मांग की, एकतरफा टैरिफ/प्रतिबंध और कार्बन बॉर्डर टैक्स का विरोध किया, स्थानीय-मुद्रा व्यापार, BRICS Risk Lab, AI शासन और Big Cats Alliance को समर्थन दिया।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS New Delhi Declaration:&lt;/strong&gt; राजधानी में आयोजित BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने शनिवार को 140 बिंदुओं वाले नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया। &ldquo;New Delhi Declaration &mdash; Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability&rdquo; नाम से जारी इस दस्तावेज में वैश्विक संघर्ष, आतंकवाद, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर समूह की प्राथमिकताएं सामने रखी गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घोषणा-पत्र में चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन किया। इसके अलावा स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, वित्तीय जोखिम से निपटने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े बिल्लियों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;व्यापार और टैरिफ पर BRICS का सख्त रुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS देशों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताई। समूह का कहना है कि ऐसे कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घोषणा-पत्र में पर्यावरण नीतियों की आड़ में संरक्षणवादी कदम उठाने का भी विरोध किया गया। BRICS ने ऐसे कार्बन बॉर्डर समायोजन उपायों पर आपत्ति जताई, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सदस्य देशों ने WTO में सुधार के प्रति समर्थन दोहराते हुए खुली, पारदर्शी, निष्पक्ष, समावेशी और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था की वकालत की। विकासशील और अल्प-विकसित देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार के सिद्धांतों को भी दोहराया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS ने सीमा-पार भुगतान और वित्तीय संदेश प्रणालियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। सदस्य देशों ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए BRICS की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश के निपटान को बढ़ावा देने का समर्थन किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत के प्रस्तावित BRICS Risk Lab को गुजरात के GIFT City स्थित International Financial Services Centre में स्थापित करने में भी सदस्यों ने रुचि दिखाई। यह पहल स्वैच्छिक BRICS Insurance Resilience Centre के तहत साझा जोखिम मॉडल, बेहतर प्रक्रियाओं और नई क्षमताओं के विकास पर केंद्रित होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गाजा और फिलिस्तीन पर क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS ने गाजा में तत्काल इजरायली संघर्षविराम और मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच की मांग की। समूह ने फिलिस्तीनियों के किसी भी बहाने से अस्थायी या स्थायी जबरन विस्थापन का विरोध किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घोषणा-पत्र में फिलिस्तीन की पूर्ण संयुक्त राष्ट्र सदस्यता का समर्थन किया गया। साथ ही 1967 की सीमाओं पर आधारित दो-राष्ट्र समाधान का आह्वान किया गया, जिसमें पूर्वी येरूशलम को फिलिस्तीन की राजधानी बनाने की बात शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेबनान को लेकर भी BRICS ने इजरायल से लेबनानी सरकार के साथ हुए समझौतों का सम्मान करने और लेबनानी क्षेत्र से कब्जे वाली सेनाओं की वापसी की अपील की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समूह ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इस तरह की हिंसा के खिलाफ सख्त रुख का संदेश दिया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के UNIFIL मिशन में तैनात इंडोनेशियाई शांति सैनिकों और अन्य कर्मियों की मौत पर भी शोक जताया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;परमाणु प्रतिष्ठानों और AI को लेकर भी अहम बातें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS ने नागरिक ढांचे और IAEA के सुरक्षा तंत्र के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। समूह ने ऐसे हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और IAEA के प्रस्तावों के विपरीत बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन को लेकर भी BRICS नेताओं के वक्तव्य को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। समूह ने AI के क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक स्तर पर बेहतर शासन व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Big Cats संरक्षण में भी बढ़ेगा सहयोग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घोषणा-पत्र में भारत की International Big Cats Alliance पहल को भी समर्थन दिया गया। BRICS देशों ने बड़े बिल्लियों के संरक्षण और उनसे जुड़े प्रयासों में आपसी सहयोग बढ़ाने की बात कही।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस तरह नई दिल्ली घोषणा-पत्र में व्यापार और वित्त से लेकर वैश्विक संघर्ष, आतंकवाद, AI, परमाणु सुरक्षा और पर्यावरण तक कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया। 140 बिंदुओं वाला यह दस्तावेज BRICS देशों के बीच सहयोग के व्यापक एजेंडे को सामने रखता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Air India Pilot Death: वसंत कुंज के 5-स्टार होटल में मृत मिले पूर्व फ्लाइट कैप्टन, आखिर क्या हुआ?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-air-india-former-pilot-death-vasant-kunj-hotel-grand-sunny-asaldekar-photoshow-o0c30l7</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 09:36:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली के वसंत कुंज स्थित 5-स्टार 'होटल द ग्रैंड' में एयर इंडिया के पूर्व फ्लाइट कैप्टन सनी असल्देकर मृत पाए गए। फोन न उठाने पर मास्टर की से कमरा खोला गया था। पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2ceh75y98b2df5sx2fxe4sw,imgname-delhi-air-india-former-pilot-death-vasant-kunj-hotel-grand-sunny-asaldekar-1789271776446.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली के वसंत कुंज स्थित 5-स्टार 'होटल द ग्रैंड' में एयर इंडिया के पूर्व फ्लाइट कैप्टन सनी असल्देकर मृत पाए गए। फोन न उठाने पर मास्टर की से कमरा खोला गया था। पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi News:&lt;/strong&gt; दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित 5-स्टार होटल 'द ग्रैंड' से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एयर इंडिया के पूर्व फ्लाइट कैप्टन सनी असल्देकर होटल के अपने कमरे में बेसुध पाए गए। जब उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही होटल और पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कैप्टन सनी असल्देकर ने 10 सितंबर को 'होटल द ग्रैंड' में चेक-इन किया था। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अगले दिन कहानी में अजीब मोड़ आया। सनी के भाई ने उन्हें कई बार फोन किया, पर जब बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद सनी के भाई ने सीधे होटल मैनेजर को फोन करके मामले की जानकारी दी और उनसे कमरे में जाकर देखने का अनुरोध किया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भाई की सूचना पर होटल मैनेजर और स्टाफ तुरंत कैप्टन सनी के कमरे के बाहर पहुंचे। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। कमरा अंदर से पूरी तरह लॉक था। इसके बाद मैनेजर ने आपातकालीन मास्टर की (Master Key) का इस्तेमाल कर दरवाजा खोला। अंदर जाते ही सबके होश उड़ गए; कैप्टन सनी बिस्तर पर बेसुध पड़े थे और उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही थी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सनी असल्देकर एयर इंडिया में फ्लाइट कैप्टन के पद पर रह चुके थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कराया। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत जांच की प्रक्रिया शुरू की है। इस तरह की कार्रवाई में मौत की परिस्थितियों की जांच और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है। फिलहाल पुलिस होटल में सनी के ठहरने, उनके संपर्क में रहे लोगों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। मौत का कारण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी जान किन परिस्थितियों में गई।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[BRICS Summit: जयशंकर ने नाइजीरिया, क्यूबा और बेलारूस के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/jaishankar-engages-with-nigeria-cuba-and-belarus-at-new-delhi-brics-summit-articleshow-g04n4e2</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 08:48:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Jaishankar Cuba Foreign Minister: &lt;/strong&gt;विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नाइजीरिया, क्यूबा और बेलारूस के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। बातचीत में आर्थिक सहयोग, दक्षिण-दक्षिण संबंध और द्विपक्षीय रिश्तों पर जोर दिया गया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026 latest News:&lt;/strong&gt; राजधानी में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं। शनिवार को उन्होंने नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुकवु और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज परिला से मुलाकात की। इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नाइजीरिया के साथ आर्थिक सहयोग पर मंथन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुकवु से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बातचीत मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग और भारत-नाइजीरिया के लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर केंद्रित रही। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं को देखते हुए यह बैठक BRICS के मंच पर भारत की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा रही।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यूबा के विदेश मंत्री से दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जयशंकर ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज परिला से भी मुलाकात की। उन्होंने इसे दक्षिण-दक्षिण सहयोग को लेकर उपयोगी बातचीत बताया। भारत लंबे समय से विकासशील देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। ऐसे में BRICS के विस्तार के बीच क्यूबा जैसे साझेदार देश के साथ बातचीत को भी इसी व्यापक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बेलारूस के साथ व्यापार और निवेश पर हुई बात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इससे पहले जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रायझेनकोव से भी बैठक की थी। दोनों नेताओं ने भारत और बेलारूस के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। बैठक में व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसके साथ ही मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी दोनों पक्षों ने विचारों का आदान-प्रदान किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS 2026 की मेजबानी कर रहा भारत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत वर्ष 2026 के लिए BRICS का अध्यक्ष है और इसी क्रम में नई दिल्ली में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा साझेदार और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम &ldquo;Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability&rdquo; है। इसका उद्देश्य लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित जन-केंद्रित वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS में 11 सदस्य और 10 साझेदार देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वर्तमान में BRICS के सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।वहीं, साझेदार देशों में बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। ऐसे में BRICS का बढ़ता दायरा भारत को विभिन्न क्षेत्रों के देशों के साथ आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने का अवसर दे रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[दिल्ली BRICS समिट की दुनिया में चर्चा, विदेशी AI एक्सपर्ट ने भारत के नेतृत्व को बताया शानदार]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-praised-for-ai-focus-at-brics-summit-as-new-delhi-declaration-2026-is-adopted-articleshow-ud5hipa</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:55:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Artificial Intelligence: नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स समिट में भारत के नेतृत्व की जमकर तारीफ हो रही है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर सहयोग बढ़ाने को लेकर। एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ने इसे भारत की बड़ी कामयाबी बताया है। समिट में 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026' को भी अपनाया गया, जिसमें टेक्नोलॉजी&hellip;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit New Delhi:&lt;/strong&gt; राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के शानदार आयोजन और भविष्य को लेकर पेश किए गए विजन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। दो दिनों तक चले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, तकनीक, सतत विकास और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर व्यापक मंथन हुआ। इसी बीच मिस्र के एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ ने BRICS को तकनीक के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए भारत के नेतृत्व की जमकर सराहना की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मिस्र के AI एक्सपर्ट ने की भारत के नेतृत्व की तारीफ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मिस्र के AI एक्सपर्ट अहमद अलशरकावी ने ANI से बातचीत में कहा कि सम्मेलन का आयोजन बेहद शानदार और सुनियोजित तरीके से किया गया। उन्होंने भारत को ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन में एक मजबूत नेतृत्वकर्ता बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अलशरकावी के मुताबिक, BRICS का यह संस्करण खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Sovereign AI जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सदस्य देशों के बीच सहयोग और तालमेल बढ़ाने पर फोकस करेगा। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में AI को लेकर BRICS देशों की साझेदारी को भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मजबूती, इनोवेशन और सहयोग पर केंद्रित रही समिट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली में आयोजित इस BRICS समिट की थीम &ldquo;Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability&rdquo; रही। यानी सम्मेलन का मुख्य फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और सतत विकास पर था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान तकनीकी सहयोग को मजबूत करने, विकासशील देशों की जरूरतों को प्राथमिकता देने और वित्तीय साझेदारी को आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच BRICS को सहयोग के एक मजबूत मंच के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 बना भविष्य का रोडमैप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सम्मेलन की सबसे अहम उपलब्धियों में &lsquo;नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026&rsquo; को सर्वसम्मति से अपनाया जाना रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह घोषणापत्र BRICS के बढ़ते दायरे और मजबूत होते उद्देश्यों को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री ने कहा कि इस डिक्लेरेशन में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंधों को प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य विकासशील देशों की उम्मीदों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए एक मजबूत सहयोगी व्यवस्था तैयार करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स पर होगा सहयोग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भविष्य के रोडमैप को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS देश कई नई तकनीकों और क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स, MSMEs, विज्ञान और रिसर्च जैसे क्षेत्र शामिल हैं। तकनीक के इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने से सदस्य देशों को नई खोज, इनोवेशन और डिजिटल विकास में एक-दूसरे की क्षमता का फायदा मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;न्यू डेवलपमेंट बैंक को मजबूत करने पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS देशों ने न्यू डेवलपमेंट बैंक को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। इन फैसलों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS के 20 साल और दो स्मारक डाक टिकट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सम्मेलन में BRICS की 20 साल की यात्रा और उसकी राजनयिक उपलब्धियों का भी जश्न मनाया गया। इस खास मौके पर भारत ने दो स्मारक डाक टिकट जारी किए, जो वैश्विक संवाद और सहयोग के मंच के रूप में BRICS के विकास को दर्शाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बरगद के पौधे लगाकर दिया हरित भविष्य का संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पर्यावरण और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य BRICS नेताओं ने कार्यक्रम स्थल पर बरगद के पौधे भी लगाए। भारतीय संस्कृति में बरगद को मजबूती, सहनशीलता और लंबे जीवन का प्रतीक माना जाता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और टिकाऊ भविष्य बनाने के सदस्य देशों के साझा संकल्प का संदेश देती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;11 सदस्य देशों के साथ लगातार बढ़ रहा BRICS परिवार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS का दायरा लगातार बढ़ रहा है और यह मंच अब वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनता जा रहा है। संगठन में वर्तमान में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात सहित 11 सदस्य देश शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा साझेदार देशों की बढ़ती भागीदारी ने BRICS के वैश्विक सहयोग के दायरे को और व्यापक बनाया है। नई दिल्ली में आयोजित 18वें शिखर सम्मेलन ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले समय में AI, तकनीक, विकास और वैश्विक सहयोग BRICS के एजेंडे में सबसे अहम स्थान रखने वाले हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-praised-for-ai-focus-at-brics-summit-as-new-delhi-declaration-2026-is-adopted-articleshow-ud5hipa"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[डुप्लीकेट चाबी, AirTag से जासूसी और मर्डर! कैलिफ़ोर्निया में शालिनी के कातिल की खौफनाक कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/california-indian-woman-shalini-thakur-murder-airtag-stalking-rohit-restraining-order-photoshow-ev2bpv3</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:41:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कैलिफ़ोर्निया में 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की 22 साल के रोहित ने दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। एक साल से पीछा कर रहे रोहित ने एयरटैग और डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया था। बाद में उसने खुद को भी उड़ा लिया। पूरी वारदात की अंदरूनी कहानी पढ़ें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2c7ka5hb83yb01wcg6r9fh6,imgname-california-indian-woman-shalini-thakur-murder-airtag-stalking-rohit-restraining-order-1789264505009.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कैलिफ़ोर्निया में 38 वर्षीय शालिनी ठाकुर की 22 साल के रोहित ने दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। एक साल से पीछा कर रहे रोहित ने एयरटैग और डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया था। बाद में उसने खुद को भी उड़ा लिया। पूरी वारदात की अंदरूनी कहानी पढ़ें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US California Crime:&lt;/strong&gt; कैलिफ़ोर्निया के सैक्रामेंटो शहर में दिन-दहाड़े हुई एक वारदात ने हर किसी को सन्न कर दिया है। 38 साल की शालिनी ठाकुर अपने सामान्य काम में लगी थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रेस्टोरेंट 'पनेरा ब्रेड' के बाहर मौत उनका इंतज़ार कर रही है। 22 साल का रोहित, जो पिछले एक साल से शालिनी के पीछे पड़ा हुआ था, उसने गोलियों से उनकी जान ले ली। घटना के बाद भागते वक्त आरोपी ने हाईवे 50 पर पुलिस से घिरने पर खुद को भी गोली मार ली।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को गोली चलने की सूचना मिली। अधिकारी हाउ एवेन्यू के 800 ब्लॉक में पहुंचे, जहां शालिनी गंभीर हालत में मिलीं। मेडिकल टीम ने उन्हें मौके पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, हमलावर ने पहले उनका पीछा किया और फिर गोली चलाई। शालिनी के गिरने के बाद भी गोली चलाए जाने की बात सामने आई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;वारदात को अंजाम देकर रोहित अपनी कार से भागा। सैक्रामेंटो शेरिफ की टीम ने गाड़ी की लोकेशन ट्रैक कर हाईवे पर उसे घेर लिया। जब अधिकारियों ने गाड़ी रुकवाई, तो उसने अचानक ब्रेक मार दिए। पुलिस ने ड्रोन से अंदर का मुआयना किया, जहांरोहित ड्राइवर सीट पर खून से लथपथ मिला। उसने खुद को गोली मार ली थी। एक मासूम जिंदगी का इस तरह खौफनाक अंत किसी को भी डराने के लिए काफी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शालिनी की मां सुदेश कुमारी के मुताबिक, रोहित करीब एक साल से उनकी बेटी का पीछा कर रहा था। स्थानीय रिपोर्टों और अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, कथित स्टॉकिंग सितंबर 2025 के आसपास शुरू हुई थी और समय के साथ गंभीर होती गई।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शालिनी और रोहित की पहली मुलाकात DoorDash डिलीवरी के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे रोहित उस पर शादी का दबाव बनाने लगा। शालिनी ने उम्र के अंतर के कारण साफ मना कर दिया, लेकिन रोहित बाज नहीं आया। वह उसके घर के बाहर घंटों बैठा रहता, कार के टायर पंचर कर देता और जासूसी के लिए गाड़ी के नीचे Apple AirTag तक लगा चुका था। हद तो तब पार हो गई जब उसने शालिनी के फ्लैट की नकली चाबी बनवा ली और उसके सोते वक्त अंदर घुस गया। तंग आकर शालिनी ने कोर्ट से 'रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर' भी लिया, पर वह भी उसे नहीं रोक पाया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुदेश कुमारी के लिए यह दुख ऐसा है जो कभी नहीं भरेगा। दो साल पहले पति को खोने के बाद शालिनी ही उनका एकमात्र सहारा थीं। घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:58 बजे शालिनी ने माँ से बात की थी और कहा था, &quot;15 मिनट में वापस फोन करती हूँ।&quot; लेकिन वह फोन कभी नहीं आया। माँ लगातार कॉल करती रहीं, WhatsApp पर &quot;प्लीज कॉल करो, मैं परेशान हूं&quot; जैसे मैसेज भेजती रहीं, पर दूसरी तरफ से सन्नाटा छा चुका था। लगभग 3 बजे पुलिस को गोलीबारी की सूचना मिली।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: दिल्ली में आज BRICS समिट का आखिरी दिन, कई देशों के नेता ओपन सेशन में करेंगे बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-concludes-in-delhi-with-open-session-for-partner-countries-articleshow-99glhii</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:39:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit in Delhi: दिल्ली में दो दिनों से चल रहे ब्रिक्स समिट का आज आखिरी दिन है। आज समिट के दूसरे दिन, ब्रिक्स में शामिल होने वाले पार्टनर देशों के साथ एक ओपन सेशन भी होगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2arpj628wxwcxa8tq8a9scm,imgname-vlcsnap-2026-09-12-17h44m49s250-1789215328450.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit Last Day: &lt;/strong&gt;दिल्ली में पिछले दो दिनों से चल रहा BRICS शिखर सम्मेलन आज समाप्त हो जाएगा। समिट के दूसरे और आखिरी दिन पार्टनर देशों के साथ एक अहम ओपन सेशन आयोजित किया जाएगा। यह बैठक सुबह 10 बजे शुरू होने वाली है, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि वैश्विक स्तर के अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज ओपन सेशन में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत की अध्यक्षता में हो रहे इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ग्लोबल इकोनॉमी, आपसी सहयोग, विकास और दुनियाभर में शांति जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। BRICS देशों के साथ-साथ पार्टनर देशों की भागीदारी इस बैठक को खास बना रही है। माना जा रहा है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली में मौजूद हैं दुनिया के कई बड़े नेता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस BRICS समिट के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई बड़े देशों के नेता दिल्ली पहुंचे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक सहयोग के लिहाज से भी इस सम्मेलन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहले दिन हुईं अंदरूनी और द्विपक्षीय बैठकें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समिट के पहले दिन BRICS सदस्य देशों के बीच कई अहम अंदरूनी बातचीत और द्विपक्षीय बैठकें हुईं। इस दौरान सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा वैश्विक मंच पर BRICS की भूमिका बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने आपस में मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की। अब सभी की नजर समिट के आखिरी दिन होने वाले ओपन सेशन पर है, जहां दुनिया के सामने कई अहम वैश्विक मुद्दों पर नेताओं के विचार रखे जाएंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM Narendra Modi: BRICS घोषणापत्र पर फंसा था पेंच, मोदी की पहल के बाद कैसे बनी सहमति?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-intervention-key-to-brics-declaration-consensus-iran-softens-stance-articleshow-3bgz0em</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:33:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Narendra Modi BRICS: &lt;/strong&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर आम सहमति बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका अहम रही। मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की, जिसके बाद घोषणापत्र को लेकर ईरान अपने कड़े रुख से पीछे हट गया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2agbm1x8rk6n8btzffhbxt6,imgname-brics-summit-consensus-reached-on-joint-declaration-to-be-released-today--1--1789206581309.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit mein PM Modi&lt;/strong&gt;: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर आम सहमति बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घोषणापत्र की भाषा को लेकर कुछ देशों के बीच मतभेद बने हुए थे, जिन्हें दूर करने के लिए भारत ने सक्रिय भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति के साथ बातचीत के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनने का रास्ता साफ हुआ।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका-इजरायल हमले के जिक्र को लेकर अड़ा था ईरान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की मांग थी कि ब्रिक्स घोषणापत्र में अमेरिका और इजरायल के हमलों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए। इस मुद्दे पर सहमति बनना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, बातचीत के बाद ईरान ने अपने रुख में नरमी दिखाई, जिसके बाद साझा घोषणापत्र को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पश्चिमी देशों के खिलाफ कड़े बयान से भारत ने बनाई दूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घोषणापत्र में अमेरिका और पश्चिमी देशों के खिलाफ बेहद आक्रामक भाषा इस्तेमाल करने की मांग को भी शामिल नहीं किया गया। भारत का रुख इस मुद्दे पर साफ बताया गया कि ब्रिक्स का उद्देश्य दुनिया को दो विरोधी गुटों में बांटना नहीं होना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने के पक्ष में है। माना जा रहा है कि इसी संतुलित सोच का असर घोषणापत्र की भाषा पर भी दिखाई दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ब्रिक्स की साझा करेंसी का मुद्दा भी नहीं आया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ब्रिक्स देशों की एक साझा करेंसी का जिक्र घोषणापत्र में शामिल नहीं किया गया। भारत का जोर वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सुधार, सहयोग बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच मजबूत साझेदारी पर रहा, बजाय इसके कि किसी नए वैश्विक शक्ति गुट की तस्वीर पेश की जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत-चीन रिश्तों पर पीएम मोदी के बयान की चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बीच भारत और चीन के संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख की चीनी मीडिया में भी काफी चर्चा हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी ने यह संदेश दिया कि भारत और चीन को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, सीमा विवाद समेत कई अहम मुद्दे अभी भी दोनों देशों के रिश्तों में चुनौती बने हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत की जमीन चीन के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होगी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीनी मीडिया की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत की जमीन का इस्तेमाल चीन के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा। इस दावे को लेकर भारतीय पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया और दोनों देशों के औपचारिक बयानों का महत्व अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीमा विवाद सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध भारत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से आई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत सीमा विवाद का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा को लेकर मतभेद रहे हैं और इसे द्विपक्षीय संबंधों की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने यह भी संकेत दिया कि दूसरे देशों के साथ उसके संबंधों का असर चीन के साथ द्विपक्षीय रिश्तों पर नहीं पड़ना चाहिए। ऐसे में ब्रिक्स मंच पर हुई बातचीत ने भारत-चीन संबंधों को लेकर एक बार फिर नई चर्चा शुरू कर दी है।37 व&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-intervention-key-to-brics-declaration-consensus-iran-softens-stance-articleshow-3bgz0em"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS में मोदी-शी मुलाकात, पुतिन का बड़ा आदेश, Tata Sons पर संकट, पढ़ें सुबह की 10 बड़ी खबरें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/news-pulse-india-world-brics-modi-xi-tata-sons-putin-iran-h1b-doda-chess-spicejet-articleshow-bvmlyqf</link>
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            <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 06:57:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;News Flash Roundup: क्या BRICS समिट का नया घोषणापत्र और टाटा का IPO दुनिया को चौंका देगा? युद्धविराम, वीज़ा संकट और टेक-ऑफ के दौरान हवा में उड़ते पहिए के बीच जानिए आज की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली 10 खबरें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2c5v82pg3wrybxkxyrdrxyp,imgname-news-pulse-india-world-brics-modi-xi-tata-sons-putin-iran-h1b-doda-chess-spicejet-1789262667862.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुप्रभात! &lt;/strong&gt;13 सितंबर 2026, रविववार सुबह के मुख्य समाचारों में आपका स्वागत है। आज हम लाएं हैं देश और दुनिया की 10 सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें। BRICS समिट के समापन से लेकर कॉर्पोरेट जगत के बड़े फैसलों, सीमा सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय शांति वार्ताओं और खेल की दुनिया तक, हर क्षेत्र की हलचल पर हमारी नज़र है। लेकिन इस सब के बीच, क्या टेक-ऑफ के दौरान हवा में पहिया निकल जाने के बावजूद विमान सही-सलामत ज़मीन पर उतर पाया?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. नई दिल्ली में BRICS समिट का ऐतिहासिक समापन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;18वें BRICS समिट में 'नई दिल्ली घोषणापत्र' पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें पश्चिमी देशों के एकतरफा व्यापार प्रतिबंधों से निपटने, आर्थिक भगोड़ों के प्रत्यर्पण और AI सुरक्षा पर सहमति बनी। भारत ने ईरान-UAE मतभेद सुलझाने में भी अहम भूमिका निभाई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The 18th BRICS Summit took place in New Delhi, India, gathering significant leaders from around the world. Prime Minister Narendra Modi, alongside other heads of state, participated in a ceremonial joint tree planting program at the Bharat Mandapam convention complex. During this&hellip; pic.twitter.com/zKhJyd3JRf&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Bosmanbusinessworldforum (@bosmanakanbi) September 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. मोदी-शी वार्ता और जलवायु नीति पर बड़ा फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार बताया और LAC सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता जताई। समूह ने पश्चिमी देशों के जलवायु मॉडल को नकारते हुए दस्तावेज़ से 'नेट ज़ीरो' समय-सीमा हटा दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. Tata Sons के लिए RBI का कड़ा झटका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;RBI ने Tata Sons की प्राइवेट कंपनी बने रहने की अपील खारिज कर दी है। 'अपर लेयर' NBFC नियमों के तहत अब कंपनी को पब्लिक लिस्टिंग करानी अनिवार्य होगी, जिससे भारतीय बाजार में देश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक IPO आने की संभावना बन गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. कीव पर 72 घंटे का सीज़फायर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी दूतों की यात्रा के लिए कीव पर 72 घंटे के हवाई हमले रोकने का आदेश दिया। क्रेमलिन ने पुष्टि की कि आधी रात से युद्धविराम लागू हो चुका है, ताकि सालों से जारी संघर्ष को सुलझाने के लिए शांति वार्ता हो सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt; Zelensky says he'll meet Putin at the Miami G20 in December &mdash; &quot;yes, of course.&quot; The catch: Putin has dodged every such meeting for years.In an interview with Germany's Deutsche Welle (recorded Friday in Canada, released Saturday, Sept. 12), Ukrainian President Zelensky&hellip; pic.twitter.com/QS0IBTIt7Z&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; The Informant (@theinformant_x) September 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. लाल सागर में बढ़ता समुद्री संकट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी सेना की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की समुद्री नाकेबंदी और हूथी हमलों के कारण 100 से अधिक मालवाहक जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा है। इससे वैश्विक फ्रेट इंश्योरेंस की लागत बढ़ गई है और एशिया-यूरोप आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. डोडा में आतंकी ढेर, आधुनिक हथियार बरामद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जम्मू-कश्मीर के डोडा में सुरक्षा बलों को जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी का शव मिला, जिसके पास से अमेरिकी M4 राइफल और कारतूस मिले। स्थानीय कट्टरपंथी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए SIA ने पुंछ और उधमपुर में बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. सुप्रीम कोर्ट का स्पेशल कोर्ट बनाने का निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;न्यायिक प्रक्रिया में देरी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आतंकवाद के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए राष्ट्रीय नीति और स्पेशल कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। केंद्र को इस संबंध में निश्चित समयसीमा के भीतर ढांचा जमा करना होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. ट्रंप के बयानों से भारतीय IT सेक्टर में हलचल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका में चुनावों के बीच डोनाल्ड ट्रंप के संरक्षणवादी बयानों और H-1B वीज़ा पर प्रस्तावित कड़े प्रतिबंधों से भारतीय टेक इंडस्ट्री चिंतित है। इससे सिलिकॉन वैली में भारतीय पेशेवरों की आवाजाही और कंपनियों की टैलेंट पाइपलाइन प्रभावित हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. खिताब बचाने समरकंद पहुंची भारतीय टीम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उज़्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 2026 शतरंज ओलंपियाड में भाग लेने भारतीय टीम पहुंच गई है। पिछले टूर्नामेंट में डबल-गोल्ड जीतने के बाद, भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर्स टॉप सीड के रूप में उतर रहे हैं और उन पर वर्ल्ड टाइटल डिफेंड करने का बड़ा दबाव है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. हवा में विमान का पहिया निकलने से मचा हड़कंप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्पाइसजेट विमान का टेक-ऑफ के दौरान लैंडिंग गियर का पहिया निकल गया। पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए अतिरिक्त फ्यूल जलाकर वजन कम किया और सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। रनवे पर अलर्ट के बावजूद सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/news-pulse-india-world-brics-modi-xi-tata-sons-putin-iran-h1b-doda-chess-spicejet-articleshow-bvmlyqf"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Gala Dinner: खांडवी से शहतूत फिरनी तक, गाला डिनर में मेहमानों ने चखे ये 10 खास पकवान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-gala-dinner-menu-indian-food-khandvi-gucchi-paneer-lababdar-jalebi-shahtoot-phirni-articleshow-dpre20b</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 21:31:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 के गाला डिनर में खांडवी, गुच्ची, पनीर लबाबदार, बाजरा पुलाव, जलेबी और शहतूत फिरनी समेत खास भारतीय व्यंजन परोसे गए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2b5fc5gmn9d54vycnh38asy,imgname-brics-gala-dinner-2026-menu-1789228724400.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 में दुनिया के कई बड़े नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। शिखर सम्मेलन के पहले दिन 12 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित गाला डिनर भी खास आकर्षण रहा। इस डिनर के मेन्यू में भारतीय खानपान की अलग-अलग परंपराओं और क्षेत्रीय स्वादों को शामिल किया गया। गाला डिनर के लिए तैयार किए गए मेन्यू में खांडवी, मशरूम कबाब, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, गाजर-बीन पोरियल, बाजरा पुलाव और चुकंदर रायता जैसे व्यंजन शामिल रहे। वहीं, मिठाई में ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS Gala Dinner में भारतीय व्यंजनों की खास झलक&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गाला डिनर के स्टार्टर में सबसे पहले खांडवी मिले-फ्युइल रखा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह भाप में पके बेसन के रोल से तैयार किया गया व्यंजन है, जिसे सरसों, नारियल और करी पत्तों का तड़का दिया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसे केसर आम, माइक्रो ग्रीन्स और दही की ड्रेसिंग के साथ परोसा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके साथ खुम्ब गलौटी भी मेन्यू का हिस्सा रहा। इसमें नरम पैन-ग्रिल्ड मशरूम कबाब को पुदीने के दानों के साथ तैयार कर शीरमल ब्रेड पर परोसा गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मुख्य व्यंजनों में पनीर से लेकर हिमालयी गुच्ची तक&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मुख्य व्यंजनों में पनीर लबाबदार शामिल था। इसमें नरम पनीर के टुकड़ों को प्याज और टमाटर की गाढ़ी ग्रेवी में पकाया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मेन्यू में खास तौर पर गुच्ची मार्मिक भी शामिल रही।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसमें हिमालयी मोरेल मशरूम और नरम शतावरी को केसर, किशमिश और ममरा बादाम के साथ धीमी आंच पर पकाया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस तरह मेन्यू में भारत के अलग-अलग हिस्सों के स्वाद और सामग्री को एक साथ पेश करने की कोशिश दिखाई दी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;BRICS Summit | Menu of the gala dinner hosted by Prime Minister Narendra Modi at Bharat Mandapam in Delhi pic.twitter.com/WSQnxIG0hZ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) September 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मेहमानों ने दक्षिण भारतीय स्वाद भी चखा&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गाला डिनर के मुख्य व्यंजनों में गाजर-बीन पोरियल भी परोसा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह गाजर और हरी बीन्स से तैयार किया गया व्यंजन है, जिसे सुगंधित दक्षिण भारतीय मसालों में नारियल तेल के साथ भूना गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके ऊपर ताजा कसा हुआ नारियल डाला गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके अलावा थक्कली बेल्ले सारू भी मेन्यू में था। यह अरहर दाल से तैयार किया गया हल्का शोरबा है, जिसमें ताजे टमाटर और करी पत्तों का स्वाद शामिल किया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;BRICS 2026: जिस होटल में ठहरे जिनपिंग वो बना &lsquo;नो फ्लाई जोन&rsquo;, कैसा है 24 घंटे का सुरक्षा घेरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बाजरा पुलाव और चुकंदर रायता&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मेन्यू में बाजरा पुलाव को भी जगह दी गई। इसे सुगंधित बासमती चावल और बाजरे को मसालों और मौसमी सुगंधित सामग्री के साथ पकाकर तैयार किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके साथ चुकंदर रायता परोसा गया, जिसमें ठंडे दही के साथ चुकंदर और ताजी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मेहमानों के लिए विभिन्न प्रकार की भारतीय ब्रेड भी रखी गईं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मिठाई में दिखा दिल्ली और पारंपरिक भारतीय स्वाद&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;डिनर के अंत में मिठाई के तौर पर ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम जलेबी के साथ परोसी गई। इसमें मौसमी फलों और हल्की फेंटी हुई क्रीम को कुरकुरी मीठी जलेबी के साथ जोड़ा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके अलावा शहतूत फिरनी भी मेन्यू का हिस्सा रही। दूध और चावल से धीमी आंच पर तैयार की गई इस पारंपरिक मिठाई को मीठे शहतूत और गोल्डन लीफ से सजाया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;BRICS 2026: पहले दिन की 10 सबसे दमदार तस्वीरें, एक फ्रेम में दिखे मोदी-जिनपिंग-पुतिन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS Summit 2026 में भारतीय संस्कृति और स्वाद की झलक&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;BRICS Summit 2026 भारत के लिए सिर्फ कूटनीतिक और आर्थिक चर्चाओं का मंच नहीं रहा, बल्कि यहां भारतीय संस्कृति, खानपान और क्षेत्रीय विविधता को भी दुनिया के सामने पेश करने का अवसर मिला।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गाला डिनर के मेन्यू में गुजरात की खांडवी से लेकर दक्षिण भारतीय पोरियल, हिमालयी गुच्ची, बाजरा और पुरानी दिल्ली की जलेबी तक अलग-अलग भारतीय स्वादों को शामिल किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस खास मेन्यू के जरिए विदेशी मेहमानों के सामने भारतीय खानपान की विविधता, पारंपरिक सामग्री और आधुनिक प्रस्तुति को एक साथ पेश किया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-gala-dinner-menu-indian-food-khandvi-gucchi-paneer-lababdar-jalebi-shahtoot-phirni-articleshow-dpre20b"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: क्या हैं मोदी के वो 3 मंत्र, जो भारत-चीन सीमा पर शांति के लिए बेहद जरूरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-modi-xi-jinping-meeting-india-china-border-peace-mutual-respect-sensitivity-interest-photoshow-57euo4s</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 20:09:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पीएम मोदी ने 12 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। भारत ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2b037fmz9yczm2tj20c8hdc,imgname-modi-jinping-pics-1789223083508.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पीएम मोदी ने 12 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। भारत ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया। मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के लगातार विकास के लिए जरूरी आधार है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;भारत की ओर से यह संदेश ऐसे समय में दिया गया है, जब दोनों देश अपने संबंधों को फिर से सामान्य और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मोदी और शी जिनपिंग ने अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन संबंधों में हुई &lsquo;लगातार प्रगति&rsquo; का स्वागत किया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने एक बार फिर इस बात पर सहमति जताई कि भारत और चीन को अपने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिया अपनाना चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद का रूप नहीं लेने देना चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए &lsquo;तीन आपसी बातों&rsquo; (Three Mutuals) को ध्यान में रखकर काम करने पर जोर दिया। इन तीन बातों में शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आपसी सम्मान (Mutual Respect)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपसी संवेदनशीलता (Mutual Sensitivity)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपसी हित (Mutual Interest)&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों को इन तीनों सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए ही अपने संबंधों को आगे बढ़ाना चाहिए। मुलाकात में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;बैठक में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि बॉर्डर से सटे इलाकों में शांति और स्थिरता आपसी संबंधों के लगातार विकास के लिए बेहद जरूरी है। दोनों देशों को सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और समझ का पालन करते हुए सुलझाना चाहिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS 2026: जिस होटल में ठहरे जिनपिंग वो बना ‘नो फ्लाई जोन’, कैसा है 24 घंटे का सुरक्षा घेरा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/xi-jinping-india-visit-brics-summit-2026-delhi-security-no-fly-zone-taj-palace-15000-police-cctv-articleshow-yh29bpo</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/xi-jinping-india-visit-brics-summit-2026-delhi-security-no-fly-zone-taj-palace-15000-police-cctv-articleshow-yh29bpo</guid>
            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 17:16:18 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 के लिए शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। दिल्ली में उनकी सुरक्षा के लिए 15 हजार पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां तैनात हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2apth6yc8y972j817pqp90j,imgname-xi-jinpng-brics-security-1789213361374.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Xi jinpng brics security:&lt;/strong&gt; चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। शी जिनपिंग का यह दौरा भारत और चीन के बीच हाल के दिनों में हुई कई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद हो रहा है। चीनी राष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। बता दें कि सिर्फ 24 घंटे के लिए भारत आए जिनपिंग की सुरक्षा के लिए बेहद कड़ी व्यवस्था की गई है। उनकी आवाजाही और ठहरने की सुरक्षा में कई सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जिनपिंग के होटल का एरिया नो फ्लाई जोन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शी जिनपिंग जिस होटल में ठहरेंगे, उसके आसपास के क्षेत्र को &lsquo;नो-फ्लाई जोन&rsquo; घोषित किया गया है। होटल में आतंकवाद-रोधी और बम-निरोधक टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा पूरे होटल परिसर की व्यापक सुरक्षा जांच भी की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ताज पैलेस में ठहरे चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, शी जिनपिंग नई दिल्ली के ताज पैलेस में ठहरे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, होटल के सभी कमरे फिलहाल बुक हो चुके हैं। सुरक्षा जांच के दौरान संभावित परमाणु, विकिरण और जैव-रासायनिक खतरों का पता लगाने के लिए भी विशेष उपाय किए गए हैं। होटल परिसर के आसपास भूमिगत पाइपलाइनों और अन्य बुनियादी ढांचे की भी जांच की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चीन से पहले ही पहुंची शी जिनपिंग की खास कार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खबरों के मुताबिक, चीन ने शी जिनपिंग के भारत दौरे से करीब 10 दिन पहले एक कार्गो विमान भारत भेजा था। इस विमान में चीनी राष्ट्रपति की &lsquo;होंगकी&rsquo; स्टेट लिमोजीन, एक बैकअप वाहन और कम्युनिकेशन से जुड़े उपकरण भेजे गए थे। शी जिनपिंग के भारत में करीब 24 घंटे रहने की उम्मीद है। वह रविवार सुबह करीब 11 बजे भारत मंडपम से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें :&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt; BRICS 2026: ग्लोबल साउथ की अगुवाई को भारत तैयार, PM Modi के भाषण की 10 सबसे बड़ी बात&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हाई-सिक्योरिटी Boeing 747-8 से यात्रा करते हैं शी जिनपिंग&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शी जिनपिंग एयर चाइना द्वारा संचालित विशेष रूप से तैयार Boeing 747-8 विमान से यात्रा करते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह विमान चीन के प्रमुख सरकारी विमानों में शामिल है और इसे एक तरह के मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह विमान मूल रूप से एक कमर्शियल पैसेंजर जेट था। इसे 2014 में एयर चाइना की सेवा में शामिल किया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मई 2015 में इसे कई महीनों के बदलाव और कन्वर्जन के लिए सेवा से हटा दिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद 2016 में इसे VIP इंटीरियर, सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम और विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ सरकारी सेवा में शामिल किया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन से लैस है विमान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शी जिनपिंग के इस सरकारी विमान में एन्क्रिप्टेड सैटेलाइट कम्युनिकेशन की सुविधा है। इसके जरिए वह सरकार और सैन्य कमांड सेंटरों के संपर्क में रह सकते हैं। विमान में खतरे का पता लगाने वाले सिस्टम और मिसाइल-डिफेंस काउंटरमेजर भी मौजूद हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की सुरक्षा के लिए EMP शील्डिंग की व्यवस्था भी बताई गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली में 15 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राजधानी में 15,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की करीब 200 कंपनियां तैनात की गई हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कई इलाकों में बैरिकेड लगाए गए हैं और वाहनों की लगातार चेकिंग की जा रही है। अलग-अलग सेक्टर और जोन में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुरक्षा के लिए टेक्निकल सर्विलांस उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;BRICS 2026: पुतिन से जिनपिंग तक, भारत मंडपम पहुंचे वर्ल्ड लीडर्स का PM मोदी ने किया वेलकम, 11 PHOTOS&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एयरपोर्ट से शांति पथ तक 700 से ज्यादा CCTV कैमरे&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शांति पथ के बीच के रास्ते पर 700 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पूरे रूट की निगरानी के लिए पांच कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके अलावा तुगलक रोड पुलिस स्टेशन में एक विशेष CCTV कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां करीब 500 कैमरों की लाइव फीड पर नजर रखी जा सकती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शी जिनपिंग की आवाजाही वाले रास्ते पर ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सर्विलांस कैमरे भी लगाए गए हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/xi-jinping-india-visit-brics-summit-2026-delhi-security-no-fly-zone-taj-palace-15000-police-cctv-articleshow-yh29bpo"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS की इन 5 PHOTOS ने दे दिया दुनिया को बड़ा मैसेज, भारत पर टिकी हैं सबकी नजर?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-5-photos-that-send-a-powerful-message-about-indias-global-diplomacy-photoshow-3vpg7pv</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:39:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit की कुछ तस्वीरें सामान्य डिप्लोमैटिक फोटो-ऑप से कहीं ज्यादा बड़ा संदेश देती नजर आईं। एक फ्रेम में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई दिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2akkqmb7gpcm6pw7dmn62b9,imgname-pm-modi-putin-jinping-1789209992843.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit की कुछ तस्वीरें सामान्य डिप्लोमैटिक फोटो-ऑप से कहीं ज्यादा बड़ा संदेश देती नजर आईं। एक फ्रेम में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई दिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली तस्वीर वह रही, जिसमें पीएम मोदी पुतिन और शी जिनपिंग के साथ नजर आए। रूस और चीन दोनों BRICS को पश्चिमी नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था के विकल्प के रूप में देखते हैं, लेकिन भारत की रणनीति अलग है। नई दिल्ली दोनों देशों के साथ संवाद रखते हुए अमेरिका और यूरोप से भी अपने रिश्ते मजबूत कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;चार बड़े नेताओं की एक मंच पर मौजूदगी इस सम्मेलन की अहम तस्वीर बन गई। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का संघर्ष और अमेरिका के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इन नेताओं का एक मंच पर आना बताता है कि BRICS में अलग-अलग हित रखने वाले देश बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भारत-रूस संबंधों की तस्वीर भी इस सम्मेलन में महत्वपूर्ण रही। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य भी बातचीत में अहम रहा। यह तस्वीर बताती है कि पश्चिमी दबाव के बावजूद भारत रूस के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को बनाए हुए है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शी जिनपिंग की भारत यात्रा को भी कूटनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। 2020 के सीमा विवाद के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की एक साथ मौजूदगी केवल औपचारिक मुलाकात नहीं है। दुनिया यह देख रही है कि क्या BRICS का मंच दोनों देशों के बीच संवाद और रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए नई जगह बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मौजूदगी पश्चिम एशिया के तनाव के बीच खास महत्व रखती है। भारत के लिए ईरान ऊर्जा, व्यापार और चाबहार बंदरगाह के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। साथ ही भारत अमेरिका और यूरोप के साथ भी अपने रिश्ते आगे बढ़ा रहा है। यही संतुलन BRICS की इन तस्वीरों का सबसे बड़ा संदेश है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS 2026 की ये तस्वीरें इसलिए खास हैं क्योंकि इनमें सिर्फ चार राष्ट्राध्यक्ष नहीं दिखते, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था का एक पूरा फ्रेम नजर आता है। भारत की कोशिश साफ है&mdash;किसी एक खेमे का हिस्सा बनने के बजाय, हर महत्वपूर्ण शक्ति केंद्र से संवाद रखते हुए अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-5-photos-that-send-a-powerful-message-about-indias-global-diplomacy-photoshow-3vpg7pv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS 2026: ग्लोबल साउथ की अगुवाई को भारत तैयार, PM Modi के भाषण की 10 सबसे बड़ी बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-speech-global-south-unsc-reforms-joint-statement-india-presidency-photoshow-n9qggre</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-speech-global-south-unsc-reforms-joint-statement-india-presidency-photoshow-n9qggre</guid>
            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 16:25:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पीएम मोदी ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर BRICS Summit 2026 की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र में नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण पर आधारित रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2akkqmb7gpcm6pw7dmn62b9,imgname-pm-modi-putin-jinping-1789209992843.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पीएम मोदी ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर BRICS Summit 2026 की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र में नेताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण पर आधारित रही है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का BRICS Summit एक ऐतिहासिक पड़ाव है, क्योंकि संगठन अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा कि इंसानी जिंदगी में 20 साल की उम्र परिपक्वता और जिम्मेदारी के एक नए दौर की शुरुआत होती है। इस उम्र में सपनों के साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ती हैं और क्षमताओं को नई दिशा मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि आज BRICS भी परिपक्वता के दौर में पहुंच चुका है। पिछले 20 वर्षों में संगठन ने वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इसी सोच के तहत भारत में 350 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान BRICS से जुड़ी टीमों का करीब 30 शहरों में स्वागत करने का अवसर मिला।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में BRICS ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संगठन के सदस्य एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं और आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि BRICS किसी के खिलाफ नहीं है। संगठन का उद्देश्य सभी को साथ लेकर चलने के नजरिए के साथ आगे बढ़ना है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि UNSC सुधार में अब और देरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को नियम बनाने वाला बनना चाहिए और वैश्विक फैसले लेने की प्रक्रिया में उसकी भूमिका बढ़नी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने वैश्विक शासन व्यवस्था यानी Global Governance के मौजूदा ढांचे की तुलना एक पिरामिड से की। उन्होंने कहा कि इस ढांचे में सबसे ऊपर ताकत और फैसले लेने की क्षमता केंद्रित है। वहीं नीचे ऐसे देश हैं, जो इन फैसलों से प्रभावित होते हैं, लेकिन उन्हें तय करने में उनकी भूमिका बहुत कम होती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों में सबसे आगे है, लेकिन फैसले लेने के मामले में पीछे है। प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS को मजबूत बनाने के लिए BRICS Continuity and Implementation Mechanism का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इसके तहत BRICS की सभी पहलों और उनके नतीजों पर &lsquo;ट्रोइका&rsquo; के जरिए नजर रखी जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने एक सुरक्षित डिजिटल रिपॉजिटरी बनाने का सुझाव दिया। इसमें BRICS के हर फैसले के साथ संबंधित नोडल पॉइंट, समय-सीमा और उसके कार्यान्वयन की स्थिति दर्ज की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने कहा कि BRICS को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक सुधारों की दिशा भी तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि संगठन को अगले 20 वर्षों के लिए एक नए और बड़े लक्ष्य वाले एजेंडे पर काम करने की जरूरत है। इसकी शुरुआत BRICS की अपनी कार्यप्रणाली से ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि BRICS की अध्यक्षता हर साल बदलती है, लेकिन इससे संगठन के संस्थागत कामकाज की गति धीमी नहीं पड़नी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस बीच, BRICS Summit 2026 से जुड़ी एक बड़ी कूटनीतिक सफलता भी सामने आई। BRICS देशों ने शनिवार सुबह करीब 4 बजे तक चली लंबी बातचीत के बाद एक संयुक्त बयान पर सहमति बना ली। उम्मीद है कि शिखर सम्मेलन के दौरान बाद में यह संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;संयुक्त बयान को लेकर बातचीत के दौरान कई विवादित मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आए। इसके बावजूद भारत ने अलग-अलग विचार रखने वाले सदस्य देशों के बीच तालमेल बनाने और आम सहमति तैयार करने के लिए लगातार बातचीत की अगुवाई की। संयुक्त बयान पर सहमति को भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-speech-global-south-unsc-reforms-joint-statement-india-presidency-photoshow-n9qggre"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit 2026: 60 सेकंड में कैंसर जांच और रेयर-अर्थ-फ्री EV! भारत के 37 स्टार्टअप्स का धमाका]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-india-37-deep-tech-startups-ai-quantum-space-innovation-articleshow-vdsvp9g</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-india-37-deep-tech-startups-ai-quantum-space-innovation-articleshow-vdsvp9g</guid>
            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:24:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 में भारत 37 Deep-Tech वेंचर के जरिए अपनी तकनीकी ताकत दिखाएगा। कैंसर स्क्रीनिंग, AI हेल्थकेयर, रेयर-अर्थ-मुक्त इलेक्ट्रिक मोटर, Quantum Computing और Space Tech के इनोवेशन प्रदर्शित किए जाएंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2a2v1zq9amcv9y735c8ezfy,imgname-brics-summit-2026-india-37-deep-tech-startups-ai-quantum-space-innovation-1789192407031.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026:&lt;/strong&gt; नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit के दौरान भारत अपनी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की ताकत भी दुनिया के सामने रखेगा। दो दिन चलने वाली &lsquo;BRICS Bharat Innovates Exhibition&rsquo; में देश के 37 डीप-टेक वेंचर अपने प्रोडक्ट और तकनीकी समाधान पेश करेंगे। इनमें हेल्थटेक, AI, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इनमें कुछ ऐसे इनोवेशन हैं, जो सीधे आम लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। Periwinkle Technologies का AI आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग और ट्राइएज प्लेटफॉर्म एक मिनट से भी कम समय में जोखिम का आकलन करने का दावा करता है। वहीं Janitri Innovations का AI सिस्टम गर्भावस्था के दौरान मां और भ्रूण से जुड़े क्लिनिकल जोखिमों की निगरानी करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;AI Healthcare: कैंसर स्क्रीनिंग से मातृ स्वास्थ्य तक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हेल्थकेयर सेक्टर की बात करें तो इस प्रदर्शनी में पेरिविंकल टेक्नोलॉजीज का एआई आधारित एक ऐसा प्लेटफॉर्म पेश किया जा रहा है, जो 60 सेकंड से भी कम समय में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम का सटीक पता लगा लेता है। इसके अलावा निरामई का रेडिएशन-मुक्&zwj;त थर्मल इमेजिंग सिस्टम ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान में मदद करता है, तो जनित्री का एआई सिस्टम माताओं और भ्रूण के स्वास्थ्य की रियल-टाइम निगरानी करता है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी भारत ने बड़ा कदम उठाया है; चारा टेक्नोलॉजीज ने रेयर-अर्थ मटीरियल से मुक्त इलेक्ट्रिक पावरट्रेन तैयार किया है, जो चीन जैसी महाशक्तियों पर निर्भरता को खत्म करेगा। दूसरी तरफ QpiAI शिक्षा और रिसर्च के लिए 8-क्यूबिट सिस्टम से लेकर 64-क्यूबिट कावेरी प्रोसेसर तक अपनी क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमता दिखाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | India is witnessing a startup revolution, with over 2 lakh startups and 120+ unicorns, emerging as a hub for global solutions across AI, education, healthcare, green hydrogen, batteries, defence and space. Through BRICS, India&rsquo;s world-class innovations can reach global&hellip; pic.twitter.com/2wDsA0xfip&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; DD News (@DDNewslive) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Quantum Computing and Space Tech India: क्वांटम प्रोसेसर और स्पेस में भारत का दबदबा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अंतरिक्ष और सुपरकंप्यूटिंग में भी भारतीय प्रतिभा का जलवा है। QpiAI अपना 64-क्यूबिट 'कावेरी' प्रोसेसर और आठ-क्यूबिट क्वांटम मशीनें दिखा रहा है। वहीं स्पेस सेक्टर में ध्रुव स्पेस के स्मॉल-सैटेलाइट प्लेटफॉर्म्स और गैलेक्सआई की 'दृष्टि' तकनीक सबका ध्यान खींच रही है, जो किसी भी मौसम में पृथ्वी की बेहद सटीक तस्वीरें ले सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;BRICS Portal Launch Agriculture: किसानों और स्टार्टअप्स को जोड़ने के लिए ब्रिक्स पोर्टल लॉन्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तकनीकी प्रदर्शन के साथ-साथ ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के भारत चैप्टर के प्रतिनिधि विक्रमजीत सिंह साहनी ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सदस्य देशों के किसानों, रिसर्चर्स, निवेशकों और बिजनेस को आपस में जोड़ने के लिए जल्द ही एक विशेष ब्रिक्स पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इससे वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी और कृषि व तकनीक के क्षेत्र में नया व्यापार बढ़ेगा। भारत अपनी डीप-टेक क्षमता के जरिए यह भी दिखाएगा कि हेल्थ, AI, स्पेस और क्वांटम टेक्नोलॉजी में देश किस तेजी से आगे बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-india-37-deep-tech-startups-ai-quantum-space-innovation-articleshow-vdsvp9g"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit 2026: दोस्त, दुश्मन और ट्रंप फैक्टर, क्या भारत साध पाएगा कूटनीति का सबसे बड़ा संतुलन?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-india-trump-russia-china-iran-saudi-uae-diplomatic-challenge-articleshow-w2pt28o</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-india-trump-russia-china-iran-saudi-uae-diplomatic-challenge-articleshow-w2pt28o</guid>
            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:02:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 में भारत के सामने अमेरिका, रूस, चीन, ईरान, सऊदी अरब और UAE के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। Trump Factor और मध्य पूर्व संकट के बीच साझा घोषणापत्र पर सहमति बनाना PM मोदी के लिए कितना मुश्किल होगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2a1e2ejganzwdaq834nbm6a,imgname-brics-summit-2026-india-trump-russia-china-iran-saudi-uae-diplomatic-challenge-1789190932946.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi BRICS Challenge:&lt;/strong&gt; 18वें BRICS Summit की अध्यक्षता करते हुए भारत के सामने इस बार कूटनीतिक संतुलन की कठिन परीक्षा है। एक तरफ अमेरिका के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी है, तो दूसरी ओर रूस और चीन हैं, जो वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की पैरवी करते रहे हैं। ईरान भी BRICS का हिस्सा है, जबकि उसका अमेरिका से टकराव सऊदी अरब और UAE तक असर डाल रहा है। सितंबर 2023 में भारत ने G20 Summit के दौरान यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और पश्चिमी देशों को एक साझा घोषणापत्र पर सहमत कराकर अपनी कूटनीतिक क्षमता दिखाई थी। अब BRICS में चुनौती और पेचीदा है। भारत मंडपम में 11 सदस्य देशों के नेता जुटेंगे, जिनमें चीन के शी जिनपिंग और रूस के व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं। ईरान, सऊदी अरब और UAE की मौजूदगी इस बैठक को और संवेदनशील बनाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Trump Factor: BRICS पर अमेरिका की नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप BRICS को अमेरिकी आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए चुनौती मानते रहे हैं। उन्होंने BRICS देशों को डॉलर के विकल्प के तौर पर नई करेंसी बनाने पर 100 फीसदी टैरिफ की धमकी तक दी थी। इसलिए भारत को यह भी देखना होगा कि BRICS की पहल अमेरिका के साथ उसके रिश्तों को नुकसान न पहुंचाए। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि BRICS का मकसद डॉलर को हटाने के लिए कोई साझा करेंसी बनाना नहीं है। इसके बजाय राष्ट्रीय मुद्राओं में आपसी व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;India-Iran-Saudi-UAE: सबसे मुश्किल मोर्चा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मध्य पूर्व का संकट BRICS के लिए सबसे संवेदनशील मुद्दों में है। ईरान अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख चाहता है, जबकि सऊदी अरब और UAE ईरान के हमलों का मुद्दा उठा सकते हैं। भारत के इन तीनों देशों के साथ अलग-अलग स्तर पर मजबूत संबंध हैं। मई में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक भी मध्य पूर्व को लेकर मतभेदों के बीच बिना संयुक्त बयान के खत्म हुई थी। ऐसे में भारत के लिए सर्वसम्मति वाला घोषणापत्र तैयार करना आसान नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;India Foreign Policy BRICS: पश्चिम-विरोधी छवि से बचने की कोशिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूर्व G20 शेरपा अमिताभ कांत और अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता एक &quot;अनुभवी और समझदार खिलाड़ी&quot; की तरह करनी होगी। भारत ने हमेशा ब्रिक्स को 'ग्लोबल साउथ' का मंच माना है, न कि पश्चिम-विरोधी गुट। भारत का मकसद किसी एक खेमे का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि सभी वैश्विक शक्तियों के साथ मिलकर काम करना और एक संतुलित साझा घोषणापत्र जारी करना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;BRICS Consensus: भारत की असली परीक्षा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;SCO के बिश्केक घोषणापत्र में भारत ने ईरान पर हमलों की निंदा की थी। अब BRICS में उसे किसी एक गुट के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पूर्व राजनयिकों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत को अमेरिका, यूरोप, रूस और चीन के साथ समानांतर रूप से काम करते हुए BRICS को पश्चिम-विरोधी मंच बनने से रोकना होगा। भारत के सामने लक्ष्य साफ है-किसी एक पक्ष का साथ दिए बिना ऐसा साझा बयान तैयार करना, जिसे विरोधी खेमों में खड़े सदस्य भी स्वीकार कर सकें। यही इस BRICS Summit में नई दिल्ली की सबसे बड़ी कूटनीतिक चुनौती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bharat Mandapam Security: भारत मंडपम बना किला, चप्पे-चप्पे पर डॉग स्क्वॉड और पुलिस का पहरा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-delhi-under-heavy-security-blanket-at-bharat-mandapam-articleshow-t2a8lhm</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 09:36:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit Latest News&lt;strong&gt;: &lt;/strong&gt;नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। भारत मंडपम में डॉग स्क्वॉड तैनात हैं और दिल्ली पुलिस के 15,000 जवानों के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की करीब 200 कंपनियां सुरक्षा में लगी हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bharat Mandapam Security:&lt;/strong&gt; भारत इस साल 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस अहम सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। आयोजन स्थल और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ डॉग स्क्वॉड की भी तैनाती की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;15 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS सम्मेलन की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने 15 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय की ओर से करीब 200 CAPF कंपनियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अन्य जरूरी सुरक्षा और परिचालन कार्यों में लगाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत मंडपम में चप्पे-चप्पे पर नजर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत मंडपम और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा टीमें भी तैनात हैं। आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है इस साल BRICS का थीम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2026 के BRICS शिखर सम्मेलन का थीम &ldquo;Building Resilience for Innovation, Cooperation, and Sustainable Development&rdquo; यानी नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए जुझारूपन का निर्माण है। सम्मेलन में विकास, व्यापार, वित्त, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS में शामिल हैं 11 देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS में फिलहाल 11 देश शामिल हैं। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। समूह अब वैश्विक दक्षिण के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाने वाले महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि BRICS देश दुनिया की करीब 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत वैश्विक GDP और 25 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इस समूह का बढ़ता प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की चर्चा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;समुद्री सुरक्षा पर PM मोदी का जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक दिन पहले BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए समुद्री रास्ते सुरक्षित, सप्लाई चेन खुली और नाविक सुरक्षित होने चाहिए। भारत समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का समर्थन करता रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वैश्विक चुनौतियों के बीच अहम सम्मेलन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ऐसे समय में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, तकनीकी बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक सहयोग और विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: मोदी-पेज़ेशकियन की बातचीत में आया समुद्री रास्ता, भारत ने किस बात पर दिया जोर?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-pm-modi-pezeshkian-meeting-india-iran-maritime-routes-dollar-trade-articleshow-oq5c6sb</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 08:36:53 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 में पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की मुलाकात। मध्य पूर्व संकट, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा चिंताओं और डॉलर मुक्त व्यापार पर हुई अहम चर्चा की पूरी जानकारी पढ़ें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m29s9q2r3vm49hbmnqcvpamm,imgname-brics-summit-pm-modi-pezeshkian-meeting-india-iran-maritime-routes-dollar-trade-1789182401624.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi-Pezeshkian Meeting: &lt;/strong&gt;ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन शुक्रवार को BRICS Summit के लिए नई दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। खास बात यह है कि दो हफ्ते से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान भी दोनों की बातचीत हुई थी। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों के साथ मध्य पूर्व के मौजूदा संकट पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद BRICS से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए ईरानी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;From Bishkek to Delhi, the productive discussions continue.&amp;nbsp;Happy to have met Dr. Masoud Pezeshkian, the President of Iran. This visit is more special because it is his first visit to India.&amp;nbsp;We talked about the India-Iran friendship. We believe that we should move forward&hellip; pic.twitter.com/DtxWuhB9Ba&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Middle East Crisis: समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर भारत का जोर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को अहम मुद्दा बताया है। सूत्रों के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि समुद्री यात्रियों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने संकट के स्थायी समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी रास्ता बताया। साथ ही भारत की चिंता ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी है। तेल और दूसरे जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित समुद्री रास्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण बताया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Iran President Pezeshkian Speech BRICS: डॉलर के दबदबे को खत्म करने की पुरजोर मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS Business Forum में पेज़ेशकियन ने कहा कि दुनिया इस समय भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर जोर दिया। ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि BRICS को ऐसा आर्थिक माहौल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जहां कोई देश वित्तीय साधनों पर एकाधिकार के जरिए दूसरे देशों के वैध व्यापार को प्रभावित न कर सके। उन्होंने BRICS की आर्थिक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया और डॉलर पर निर्भरता कम करने की जरूरत बताई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Met President Masoud Pezeshkian in Bishkek. Reiterated our commitment to strengthening India&rsquo;s long standing friendship with Iran across diverse sectors. We want to expand and diversify our trade basket in the times to come.&amp;nbsp;We had a discussion on the prevailing situation in&hellip; pic.twitter.com/qagQy5o108&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;India Iran Relations BRICS Summit: बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि भारत अपने मजबूत कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करे और मध्य पूर्व में संघर्षरत पक्षों को हिंसा छोड़कर बातचीत की मेज पर लाने के लिए प्रोत्साहित करे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों देशों के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिक्स साझेदार के रूप में भारत और ईरान साझा समृद्धि के लिए लगातार मिलकर काम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[BRICS Summit: पुतिन और अल-सिसी की मुलाकात, बोले- मिस्र हमारा पुराना और भरोसेमंद दोस्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/putin-and-sisi-strengthen-russia-egypt-ties-at-new-delhi-brics-summit-articleshow-x0s7zuq</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:55:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Putin Al Sisi Meeting: &lt;/strong&gt;रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की। पुतिन ने दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार और साझा प्रोजेक्ट्स की तारीफ की और अल-सिसी को रूस-अफ्रीका समिट के लिए न्योता भी दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026:&lt;/strong&gt; नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, बढ़ते व्यापार, बड़े साझा प्रोजेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। पुतिन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियों के बावजूद रूस और मिस्र के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मिस्र को बताया पुराना और भरोसेमंद दोस्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान पुतिन ने रूस-मिस्र संबंधों में हुई प्रगति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है और इसकी संरचना में भी लगातार सुधार हो रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने मिस्र को रूस का &ldquo;पुराना और भरोसेमंद दोस्त&rdquo; बताते हुए राष्ट्रपति अल-सिसी के नेतृत्व की भी तारीफ की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बड़े प्रोजेक्ट्स पर रूस ने जताया भरोसा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुतिन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद रूस और मिस्र के बीच चल रहे बड़े साझा प्रोजेक्ट्स तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने काहिरा के साथ साझेदारी को लेकर मॉस्को की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि मॉस्को अपनी व्यावहारिक विदेश नीति तैयार करते समय मिस्र के रुख और आकलन को महत्व देता है। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर अल-सिसी की राय को महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं ने ब्रिक्स सम्मेलन के मौके पर द्विपक्षीय मुद्दों के साथ अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर भी विचार-विमर्श किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुतिन ने अल-सिसी को रूस आने का दिया न्योता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुतिन ने राष्ट्रपति अल-सिसी को अक्टूबर में मॉस्को में होने वाले रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने सोची में रूस-अफ्रीका साझेदारी के मौजूदा प्रारूप की शुरुआत को याद किया और कहा कि आगामी सम्मेलन में मिस्र की भागीदारी का रूस स्वागत करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ब्रिक्स बनाम G7 पर पुतिन का बड़ा दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इससे पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पुतिन ने G7 पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी रहती है और इनके पास बड़ा तथा तेजी से बढ़ता घरेलू बाजार है। पुतिन के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP में ब्रिक्स देशों का योगदान 40 फीसदी से ज्यादा रहा, जबकि G7 का योगदान करीब 29 फीसदी रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोदी से भी हुई पुतिन की द्विपक्षीय बैठक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी द्विपक्षीय मुलाकात की। सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से चर्चा में हैं। ऐसे में पुतिन की मिस्र और भारत के नेताओं के साथ मुलाकातों को रूस की कूटनीतिक सक्रियता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: दिल्ली में आज से ब्रिक्स देशों का जमावड़ा, अहम बैठकों का दौर शुरू]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-kicks-off-in-delhi-amid-key-diplomatic-talks-articleshow-zfg8pb2</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:31:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 Delhi: दिल्ली में आज से दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पहुंचने से पहले चीनी राजदूत ने भारत-चीन को अच्छे पड़ोसी और दोस्त बनने की इच्छा जताई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m29hxvrczc9fzn4swyc2bh90,imgname-mixcollage-12-sep-2026-06-24-am-5127-1789174673164.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;राजधानी दिल्ली में आज से ब्रिक्स देशों का अहम शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था, आपसी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है। सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत आज दोपहर में होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सुबह से शुरू होंगी नेताओं की अहम बैठकें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिखर सम्मेलन के औपचारिक उद्घाटन से पहले सुबह के समय सदस्य देशों के नेताओं के बीच अलग-अलग बैठकों का दौर शुरू होगा। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दोपहर तक दिल्ली पहुंचेंगे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आज दोपहर तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। उनके भारत दौरे और ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदारी पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। शी जिनपिंग की मौजूदगी भारत और चीन के संबंधों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शी के आने से पहले चीनी राजदूत का अहम संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने से ठीक पहले भारत में चीन के राजदूत का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि चीन चाहता है कि भारत और चीन अच्छे पड़ोसी और अच्छे दोस्त बनें। उनके इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत-चीन संबंधों पर टिकी रहेंगी नजरें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला है। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी और संभावित बातचीत काफी अहम हो सकती है। विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह सम्मेलन भारत-चीन संबंधों में नई सकारात्मक शुरुआत का रास्ता तैयार करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कल भी जारी रहेगा ब्रिक्स सम्मेलन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में शुरू हो रहा यह शिखर सम्मेलन कल भी जारी रहेगा। दो दिनों तक चलने वाली बैठकों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन से निकलने वाले फैसलों और नेताओं के बयानों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी करीबी नजर रहेगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit Video: फोटो के लिए मोदी के पास पहुंचे डेलीगेट्स, फिर PM Modi ने कही ये मजेदार बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-business-forum-pm-modi-photo-putin-pezeshkian-delegates-video-articleshow-ycws5yq</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 07:17:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ फोटो खिंचवाने के लिए डेलीगेट्स की भीड़ उमड़ पड़ी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने रास्ता बनाया। जानिए पीएम मोदी का वह मजेदार किस्सा!&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m29mntpxfb4qpb35ch8pmc0c,imgname-brics-business-forum-pm-modi-photo-putin-pezeshkian-delegates-video-1789177555677.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Business Forum: &lt;/strong&gt;नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान एक बहुत ही दिलचस्प और हल्का-फुल्का नजारा देखने को मिला। अमूमन ऐसे सम्मेलनों में कूटनीति और गंभीर मुद्दों पर ही बातचीत होती है, लेकिन शुक्रवार को माहौल थोड़ा खुशनुमा हो गया। हुआ यह कि विदेशी प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक फोटो खिंचवाने के लिए अचानक उनके इर्द-गिर्द इकट्ठा होने लगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायलर हो रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;क्या हम एक फोटो ले सकते हैं?&rdquo; PM Modi ने कहा हां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत सरकार की ओर से X पर शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि BRICS के डेलीगेट्स प्रधानमंत्री मोदी के आसपास इकट्ठा होने लगे। एक प्रतिनिधि ने उनसे पूछा, &ldquo;क्या हम एक फोटो ले सकते हैं?&rdquo; पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, &ldquo;हां, जरूर।&rdquo; इसके बाद कुछ अन्य डेलीगेट्स भी प्रधानमंत्री से फोटो के लिए अनुरोध करते नजर आए। देखते ही देखते वहां ग्रुप फोटो का माहौल बन गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lsquo;Can we have a picture&rsquo;&amp;nbsp;&lsquo;Please Prime Minister&rsquo;The global craze for Modi ji at BRICS SUMMIT 2026! pic.twitter.com/EFjlsKX3Ju&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; BJP Assam Pradesh (@BJP4Assam) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Putin और Pezeshkian भी पहुंचे, फोटो के लिए बनी जगह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब डेलीगेट्स प्रधानमंत्री मोदी के आसपास खड़े होने लगे, उस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन भी वहां से आगे बढ़ते दिखाई दिए। ग्रुप फोटो के लिए लोग अपनी जगह बना रहे थे और पीएम मोदी ने तस्वीर लेने से पहले सभी को थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;PM Modi Funny Moment BRICS: 'आप लोग लकी हैं'-जब पीएम ने किया मजाक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्रुप फोटो की तैयारी चल ही रही थी कि पीएम मोदी ने सबको एक पल रुकने का इशारा किया। इसके बाद माहौल और हल्का हो गया, जब पीएम ने समूह में मौजूद महिला प्रतिनिधियों की तरफ देखा और मजाकिया लहजे में कहा, &quot;आप लोग लकी हैं, ग्रुप में इतनी सारी महिलाएं हैं!&quot; इस पर वहां मौजूद महिलाओं ने ठहाका लगाते हुए कहा, &quot;हम सब बहुत लकी हैं कि आपके साथ हैं।&quot; फोटो खिंचवाने के बाद पीएम ने मुस्कुराते हुए सभी का धन्यवाद किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit में व्यस्त रहा PM Modi का दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह अनौपचारिक पल ऐसे समय सामने आया, जब BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। उन्होंने BRICS Business Forum को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। BRICS Business Forum का यह वीडियो औपचारिक बैठकों के बीच नेताओं और डेलीगेट्स के बीच दिखे एक सहज और दोस्ताना माहौल की झलक देता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-business-forum-pm-modi-photo-putin-pezeshkian-delegates-video-articleshow-ycws5yq"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[शी-मोदी मुलाकात, पुतिन की एंट्री, तेल $100 पार और कमजोर रुपया...आज सुबह की 10 बड़ी हलचल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/today-top-10-morning-news-xi-jinping-modi-putin-trump-iran-oil-apple-asia-cup-rupee-articleshow-bepixmq</link>
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            <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 06:55:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 Morning News: 11 सितंबर 2026 की 10 बड़ी खबरें: शी जिनपिंग का भारत दौरा, पुतिन की एंट्री और $100 पार क्रूड ऑयल! जानिए ट्रंप के $5,000 वादे से लेकर iPhone 17 के बढ़ते दामों और भारत के 2035 स्पेस स्टेशन का पूरा सच।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m29kdaxwfenbsexsptpz37rg,imgname-today-top-10-morning-news-xi-jinping-modi-putin-trump-iran-oil-apple-asia-cup-rupee-0-1789176228796.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Morning Briefing:&lt;/strong&gt; आज 12 सितंबर 2026, शनिवार सुबह की प्रमुख वैश्विक और राष्ट्रीय खबरें कूटनीतिक सफलताओं, आर्थिक घोषणाओं और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का संकेत देती हैं। जहां एक ओर भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह मजबूत कर रहा है, वहीं अमेरिकी चुनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक हलचल बढ़ा रही हैं। लेकिन क्या मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले हर अमेरिकी नागरिक को $5,000 देने का वादा अमेरिकी अर्थव्यवस्था को उबार पाएगा या महंगाई का नया संकट खड़ा करेगा?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. सात साल का सन्नाटा खत्म: शी जिनपिंग भारत दौरे पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीजिंग ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा की पुष्टि कर दी है। 2020 के सैन्य गतिरोध के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। बातचीत में सीमा विवाद सुलझाने और व्यापारिक संबंधों को फिर से पटरी पर लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Chinese President #XiJinping will attend the 18th #BRICS Summit in New Delhi this weekend &ndash; his first visit to #India in seven years. Experts say the trip offers a key chance to further improve China-India ties and strengthen Global South cooperation. @Kanthan2030&hellip; pic.twitter.com/PF1nWvpSxk&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Record GBA (@RecordGBA) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. 2035 का अंतरिक्ष मिशन: भारत बनाएगा अपना स्पेस स्टेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2035 तक स्वतंत्र भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने का अपना रोडमैप पेश किया। उन्होंने कक्षीय मलबे के प्रबंधन, बाहरी अंतरिक्ष को हथियारों से मुक्त रखने और जिम्मेदार वैज्ञानिक सहयोग पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. नई दिल्ली में पुतिन: डी-डॉलराइजेशन पर मंथन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे। समिट में वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों, ऊर्जा सुरक्षा और डॉलर पर निर्भरता घटाने की रणनीतियों पर अहम चर्चा हो रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi shares glimpses from today&rsquo;s engagements at Bharat Mandapam, including the BRICS Business Forum, bilateral meetings and more.(Video source: PM Narendra Modi/X) pic.twitter.com/QajtnMCe8Q&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. ट्रंप का बड़ा दांव: $5,000 नकद देने का वादा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में जीत हासिल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने हर वयस्क को $5,000 नकद भुगतान ('ट्रंप डिविडेंड') का वादा किया है। आलोचकों ने इसे वोट खरीदने का हथकंडा और महंगाई बढ़ाने वाला कदम बताया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. तेल $100 पार, ईरान संकट का अगला असर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान-अमेरिका में बढ़ते तनाव और बाब अल-मंडेब में हूती हलचल से ब्रेंट क्रूड $100/बैरल पार कर गया है। तेल की यह तेजी भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर भारी वित्तीय दबाव डाल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. भारत-कनाडा व्यापार डील: इस साल के अंत तक मुहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय राजदूत ने संकेत दिया है कि सालों की देरी के बाद व्यापक भारत-कनाडा व्यापार समझौता इस साल के अंत तक पूरा हो सकता है। इससे टैरिफ कम होंगे और पेशेवरों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. सुप्रीम कोर्ट का FSSAI को निर्देश: न्यूट्रिशनल वॉर्निंग अनिवार्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से 'फ्रंट-ऑफ-पैक' वार्निंग लेबल की समय-सीमा तय करने को कहा है। अदालत ने प्रोसेस्ड फूड में शुगर व फैट की जानकारी देने और स्कूलों में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने का आदेश दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. iPhone 17 महंगा, जेब पर कितना असर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सप्लाई चेन की बढ़ती लागत, महंगे सेमीकंडक्टर और नए कैमरा सेंसर्स के चलते Apple ने iPhone 17 की रिटेल कीमतें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च कीमतों के बावजूद बाजार में मांग बनी रहने का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. India vs Bangladesh, सेमीफाइनल में किसका दबदबा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एशिया कप के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से होने जा रहा है। भारत की मजबूत बल्लेबाजी और बांग्लादेश के खतरनाक स्पिन अटैक के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. रुपया 34 पैसे गिरा, आगे और मुश्किल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल के महंगे होने से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 34 पैसे गिर गया। भू-राजनीतिक तनाव जारी रहने पर एक्सपर्ट्स ने रुपये पर आगे भी दबाव की चेतावनी दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/today-top-10-morning-news-xi-jinping-modi-putin-trump-iran-oil-apple-asia-cup-rupee-articleshow-bepixmq"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[India News Today: BRICS से मौसम और बाजार तक...11 सितंबर को देश में क्या-क्या हुआ?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-latest-news-today-11-september-2026-pm-modi-putin-meeting-brics-summit-stock-market-rupee-weather-neet-ss-photoshow-5ms02vi</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 21:41:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;11 सितंबर 2026 की India Latest News में BRICS Summit, मोदी-पुतिन मुलाकात, शेयर बाजार और रुपया, बारिश अलर्ट, NEET-SS, UP Home Guard PET और महिला एशिया कप की बड़ी खबरें जानें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m28kra5mgcbsk2xa076g183h,imgname-india-latest-news-today-11-september-2026-pm-modi-putin-meeting-brics-summit-stock-market-rupee-weather-neet-ss-1789143034036.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;11 सितंबर 2026 की India Latest News में BRICS Summit, मोदी-पुतिन मुलाकात, शेयर बाजार और रुपया, बारिश अलर्ट, NEET-SS, UP Home Guard PET और महिला एशिया कप की बड़ी खबरें जानें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। उनका यह दौरा BRICS Summit से पहले हुआ है। इसके बाद PM नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई, जिसमें ऊर्जा, रक्षा, कारोबार और वैश्विक संघर्षों पर चर्चा हुई।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;PM मोदी और पुतिन की मुलाकात के दौरान भारत-रूस दोस्ती के साथ संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। मोदी ने पुतिन को प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट किया। तिरुक्कुरल में 1330 कुरल हैं और इसमें जीवन, समाज, शासन, आचरण और प्रेम से जुड़े विचार हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। Nifty 50 करीब 0.92% गिरकर 23,261.7 पर और Sensex 0.84% गिरकर 74,272.61 पर बंद हुआ।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भारतीय रुपया शुक्रवार को 95.55 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक सप्ताह में रुपये में करीब 1.1% की गिरावट दर्ज की गई, जो 4 महीने में इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। महंगे कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को इसके पीछे बड़ी वजह माना गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;IMD के मुताबिक- दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गुजरात में करीब तीन सप्ताह के मानसून ब्रेक के बाद 12 सितंबर से बारिश बढ़ने का अनुमान है। IMD ने दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। कई जिलों में 12 से 16 सितंबर के बीच येलो और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से NEET-SS की न्यूनतम क्वालिफाइंग कटऑफ को लेकर अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। कोर्ट के सामने बताया गया कि 2000 से ज्यादा सुपर स्पेशियलिटी सीटें खाली रह सकती हैं। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में Home Guard भर्ती 2026 के Physical Efficiency Test यानी PET को एक बार फिर टाल दिया गया है। लगातार बारिश और कई परीक्षा केंद्रों पर जलभराव के कारण यह फैसला लिया गया। नई तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;असम पुलिस के एक अधिकारी को कथित crude oil theft racket से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। जांच में आरोप है कि ONGC की पाइपलाइन में छेद करके कच्चा तेल चोरी किया जा रहा था। पुलिस अधिकारी का नाम इसी मामले की जांच के दौरान सामने आया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;जम्मू में NCB की हिरासत से फरार हुए कथित ड्रग तस्कर Aqib Bashir को पंजाब के जालंधर में दोबारा गिरफ्तार किया गया। उसने पुलिस से बचने के लिए अपना लुक बदलने की कोशिश की थी। NCB, जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे पकड़ा गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भारत की महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को 40 रन से हराकर Women's T20 Asia Cup के फाइनल में जगह बना ली। शफाली वर्मा ने 40 गेंदों पर 64 रन की तेज पारी खेली। भारत के ऑलराउंड प्रदर्शन ने टीम को फाइनल तक पहुंचाया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-latest-news-today-11-september-2026-pm-modi-putin-meeting-brics-summit-stock-market-rupee-weather-neet-ss-photoshow-5ms02vi"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Exclusive: क्या है तिरुक्कुरल जिसे पीएम मोदी ने पुतिन को किया भेंट, 1330 दोहे वाले 'तमिल महाकाव्य' की पूरी कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-gifted-thirukkural-russian-translation-to-putin-what-is-thiruvalluvar-tamil-literature-history-articleshow-nc5ck10</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-gifted-thirukkural-russian-translation-to-putin-what-is-thiruvalluvar-tamil-literature-history-articleshow-nc5ck10</guid>
            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 17:07:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पीएम मोदी ने BRICS Summit में पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। जानें क्या है यह प्राचीन तमिल ग्रंथ और इसमें मानव मूल्यों की क्या सीख है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m283mhvnw52cg55q1201kpr1,imgname-thirukkural-tamil-mahakavya-1789126133621.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 के दौरान शुक्रवार, 11 सितंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तोहफे में तमिल के प्रसिद्ध ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का रूसी अनुवाद भेंट किया। किताब देते समय प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पुस्तक मानव मूल्यों से जुड़ी हुई है। आखिर तिरुक्कुरल क्या है और पीएम मोदी ने पुतिन को यह पुस्तक क्यों भेंट की? आइए जानते हैं इसके बारे में।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तिरुक्कुरल क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तिरुक्कुरल (Thirukkural) तमिल भाषा का एक प्रसिद्ध और प्राचीन नैतिक ग्रंथ है। इसे महान तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर ने लिखा था। इस ग्रंथ में जीवन, नैतिकता, प्रेम, शासन, समाज और अच्छे आचरण से जुड़े विषयों पर बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली तरीके से बातें कही गई हैं। तिरुक्कुरल में व्यक्ति के अच्छे व्यवहार से लेकर समाज और शासन व्यवस्था तक के लिए महत्वपूर्ण विचार मिलते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तिरुक्कुरल का मतलब क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;'तिरुक्कुरल' नाम 2 शब्दों से बना है। 'तिरु' का अर्थ पवित्र या सम्मानित और 'कुरल' का मतलब छोटी पंक्ति या संक्षिप्त काव्य रचना से है। बहुत बड़े विचार को सिर्फ 2 छोटी पंक्तियों में बताया जाता है, यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। यानी यहां पर लंबी कहानी या बड़ा अध्याय नहीं है। हर कुरल अपने आप में एक विचार देता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तिरुक्कुरल में कितने दोहे हैं?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;तिरुक्कुरल में कुल 1,330 कुरल (दोहे) हैं। इन्हें 133 अध्यायों में बांटा गया है और प्रत्येक अध्याय में 10 कुरल हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तिरुक्कुरल के रचनाकाल को लेकर विद्वानों में अलग-अलग मत हैं। इसका काल ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी से लेकर ईसा की छठी शताब्दी के बीच माना जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस ग्रंथ को मुख्य रूप से तीन बड़े हिस्सों में बांटा गया है:&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;अरम (Aram) &ndash; धर्म, नैतिकता और सदाचार से जुड़े विचार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पोरुल (Porul) &ndash; राजनीति, शासन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इनबम (Inbam) &ndash; प्रेम और वैवाहिक जीवन से जुड़े विचार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहला भाग अरम है। इसमें अच्छे आचरण, परिवार, दया, सत्य, कृतज्ञता और सही व्यवहार जैसी बातें हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दूसरा भाग पोरुल है। इसमें समाज, शासन, नेतृत्व, न्याय, दोस्ती, शिक्षा, मेहनत और आर्थिक जीवन से जुड़ी बातें मिलती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तीसरा भाग इनबम है। इसमें प्रेम, मिलन, विरह और रिश्तों की भावनाओं को जगह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर कुरल केवल दो पंक्तियों का होता है, लेकिन इन छोटी-छोटी पंक्तियों में जीवन से जुड़ी गहरी और महत्वपूर्ण सीख दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Brics Summit 2026: दिल्ली के जिस होटल में रुके व्लादिमीर पुतिन जानें उसका एक रात का किराया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तिरुक्कुरल में राजनीति की भी बातें हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हां। इसके दूसरे भाग में राजा, मंत्री, प्रशासन, न्याय, सेना, कूटनीति, दोस्ती, दुश्मनी और शासन से जुड़े कई विचार मिलते हैं। यानी एक तरफ यह इंसान को अच्छा इंसान बनने की बात करता है, तो दूसरी तरफ यह बताता है कि समाज और शासन कैसे बेहतर तरीके से चलना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तिरुक्कुरल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इसकी सबसे बड़ी खासियत है सार्वभौमिकता। इसमें ऐसी बातें हैं जिन्हें अलग-अलग समय और समाज के लोग अपने जीवन से जोड़ सकते हैं। जैसे अच्छे व्यवहार की जरूरत, शिक्षा का महत्व, सही दोस्त चुनना, लालच से बचना, न्याय करना और दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना। इसी वजह से तिरुक्कुरल का प्रभाव तमिलनाडु से बाहर भी पहुंचा और इसके कई भाषाओं में अनुवाद हुए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Putin Aurus Senat: 'पहियों पर चलता-फिरता किला' है पुतिन की बुलेटप्रूफ कार, जानें फीचर्स और स्पीड&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल क्यों भेंट की?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी द्वारा तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद पुतिन को भेंट करना भारत की समृद्ध तमिल साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने रखने का एक तरीका भी माना जा सकता है। तिरुक्कुरल में मानव जीवन, नैतिकता, अच्छे आचरण और समाज से जुड़े सार्वभौमिक विचार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी किताब भेंट करते समय इसे मानव मूल्यों से जुड़ा ग्रंथ बताया। ऐसे में इसका रूसी अनुवाद पुतिन को देना दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों की साझेदारी का संदेश देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Extra Fact: 'तिरुक्कुरल' नाम से भारत में एक ट्रेन भी चलती है, जो तमिलनाडु के कन्याकुमारी को दिल्ली से जोड़ती है।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूसी भाषा में तिरुक्कुरल कब पहुंचा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यहां एक दिलचस्प फैक्ट है। रूसी भाषा में तिरुक्कुरल का ट्रांसलेशन नया नहीं है। जे. जे. ग्लाजोव और ए. कृष्णमूर्ति के संयुक्त प्रयास से तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद 1963 में हुआ था। इसके बाद 1974 में मॉस्को में अलीफ इब्रागिमोव का ट्रांसलेशन सामने आया। 1990 में पूरे तिरुक्कुरल का एक और रूसी अनुवाद पब्लिश हुआ। इसका मतलब है रूस में तमिल के इस महाकाव्य को समझने की कोशिश कई दशकों से हो रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फिर 2026 में तिरुक्कुरल की चर्चा क्यों?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2026 में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं के दौरान तिरुक्कुरल को दूसरी भाषाओं में पहुंचाने की बात फिर सामने आई। 31 अगस्त 2026 को उज्बेकिस्तान दौरे पर मोदी ने तिरुक्कुरल का उज़्बेक भाषा में अनुवाद करने की बात की थी। इसका मकसद तमिल महाकाव्य और भारतीय विचारों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था। यह किताब भारत की सांस्कृतिक विरासत बन चुकी है जो अब दुनिया के सामने आ रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-pm-modi-gifted-thirukkural-russian-translation-to-putin-what-is-thiruvalluvar-tamil-literature-history-articleshow-nc5ck10"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Putin Aurus Senat: 'पहियों पर चलता-फिरता किला' है पुतिन की बुलेटप्रूफ कार, जानें फीचर्स और स्पीड]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/putin-aurus-senat-bulletproof-presidential-car-features-engine-speed-security-brics-summit-2026-articleshow-vg3irw2</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 16:01:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Brics Summit 2026: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की Aurus Senat को 'पहियों पर चलता किला' कहा जाता है। जानें 598 HP इंजन, बुलेटप्रूफ सुरक्षा, स्पीड और इस खास राष्ट्रपति कार की खूबियां।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m280bmmz0m5mkxwnq1fj9qxm,imgname-putin-aurus-senet-car-features-1789122695839.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Putin Aurus Senat Limousine Features:&lt;/strong&gt; रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें BRICS Summit के लिए नई दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके साथ उनका बड़ा सुरक्षा काफिला भी भारत आया है। इसमें उनका खास तौर पर तैयार किया गया राष्ट्रपति विमान, जिसे अक्सर 'फ्लाइंग क्रेमलिन' कहा जाता है, और उनकी बुलेटप्रूफ Aurus Senat Limousine भी शामिल है। दुनिया के कई बड़े नेता विदेश यात्राओं के दौरान अपने निजी या राष्ट्रपति विमान का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन पुतिन की विदेश यात्राओं की एक खास बात यह है कि उनकी खास कार भी उनके साथ पहुंचती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Aurus Senat क्यों है दुनिया की सबसे सीक्रेट CAR&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन की Aurus Senat दुनिया की सबसे सुरक्षित और सुरक्षा कारणों से सबसे ज्यादा सीक्रेट रखी जाने वाली गाड़ियों में से एक है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;करीब 25 वर्षों से रूस की सत्ता के शीर्ष पर रहे पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत है और उनकी कार भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह कार पिछले साल चीन में हुए Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit के दौरान भी चर्चा में आई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतिन के साथ Aurus Senat में बैठने की तस्वीरें सामने आई थीं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पुतिन के काफिले में कितनी कारें होती हैं?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन के सुरक्षा काफिले में आमतौर पर करीब दो दर्जन कारें शामिल होती हैं। हालांकि, विदेश यात्राओं के दौरान राष्ट्रपति की यात्रा के लिए उनकी खास बुलेटप्रूफ और धमाके-रोधी Aurus Senat का इस्तेमाल किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसी वजह से इस कार को कई बार 'पहियों पर चलता किला' भी कहा जाता है। यह एक बड़ी लग्जरी लिमोजीन है, जिसे रूसी कार निर्माता Aurus Motors ने तैयार किया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Aurus Motors रूस के सरकारी रिसर्च इंस्टीट्यूट NAMI, Solers JSC और UAE की Tawazun Holding का जॉइंट वेंचर है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें :&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt; Brics Summit 2026: दिल्ली के जिस होटल में रुके व्लादिमीर पुतिन जानें उसका एक रात का किराया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2018 में पेश हुई थी Aurus Senat&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Aurus Senat को साल 2018 में पेश किया गया था। यह रूस के Kortezh Project का हिस्सा थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Kortezh रूस का ऐसा कार्यक्रम है, जिसके तहत सरकारी इस्तेमाल के लिए देश में ही लग्जरी और बुलेटप्रूफ गाड़ियां तैयार की गईं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Aurus Senat का डिजाइन सोवियत दौर की ZIS-110 Limousine से इंस्पायर्ड है। रूस इस कार का आम लोगों के लिए भी एक वर्जन बनाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसकी उत्पादन क्षमता काफी सीमित है और सालाना करीब 120 यूनिट ही तैयार की जाती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दमदार हाई सिक्योरिटी फीचर्स और मार्डर्न टेक्नोलॉजी की वजह से इसकी कीमत लगभग 4.8 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Aurus Senat का इंजन कितना दमदार है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन की Aurus Senat में 4.4 लीटर ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है। यह इंजन हाइब्रिड सिस्टम के साथ काम करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका इंजन करीब 598 हॉर्सपावर की ताकत और 880 Nm का टॉर्क पैदा करता है। कार में 9-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दिया गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Aurus Senat की लंबाई और स्पीड&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आकार के मामले में भी Aurus Senat काफी बड़ी कार है। इसकी लंबाई 5,630 mm, चौड़ाई 2,000 mm और ऊंचाई 1,700 mm है। इसका व्हीलबेस 3,300 mm है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कार की टॉप स्पीड करीब 160 kmph बताई गई है। यह करीब 9 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार पकड़ सकती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Putin Security: बॉडीगार्ड से बुलेटप्रूफ कार तक, कैसे चलता है पुतिन का हाई-सिक्योरिटी काफिला?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Aurus Senat में कैसी सुरक्षा मिलती है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Aurus Senat को राष्ट्रपति के काफिले के लिए बेहद मजबूत सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसकी बॉडी में मजबूत सुरक्षा कवच दिया गया है और कार को बुलेटप्रूफ तथा धमाके से सुरक्षा के लिहाज से तैयार किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कार में कई आधुनिक सेफ्टी फीचर्स भी दिए गए हैं। इनमें एक्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर वॉर्निंग, इलेक्ट्रॉनिक ट्रैक्शन कंट्रोल और एडवांस्ड ब्रेकिंग सिस्टम मौजूद हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इनके अलावा कार की सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रपति के उच्च सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप तैयार किया गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;कार का इंटीरियर भी बेहद लग्जरी&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Aurus Senat सिर्फ सुरक्षा के लिए ही खास नहीं है, बल्कि इसके अंदर का हिस्सा भी काफी शानदार है। इसमें बेहतरीन लेदर, वुड ट्रिम और आधुनिक इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कार को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे बहुत ज्यादा गर्मी या कड़ाके की ठंड जैसे मुश्किल मौसम में भी इस्तेमाल किया जा सके।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यानी Aurus Senat में लग्जरी, ताकत और सुरक्षा तीनों का खास कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यही वजह है कि यह पुतिन के विदेश दौरों के दौरान उनके सुरक्षा काफिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: दिल्ली में लग्जरी कारों का किराया लाख के पार, इस रंग की गाड़ियों की मची है लूट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-delhi-skyrockets-luxury-car-rental-prices-photoshow-71sygob</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 15:28:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट की वजह से लग्जरी कारों की डिमांड आसमान छू रही है। एक-एक दिन का किराया लाख रुपये से ज्यादा हो गया है। विदेशी मेहमानों के लिए ज्यादातर काले रंग की प्रीमियम गाड़ियां बुक की जा रही हैं&hellip;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27tpzatpjh4z9h3efr2xm0c,imgname-brics-car-rent--2--1789116775770.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट की वजह से लग्जरी कारों की डिमांड आसमान छू रही है। एक-एक दिन का किराया लाख रुपये से ज्यादा हो गया है। विदेशी मेहमानों के लिए ज्यादातर काले रंग की प्रीमियम गाड़ियां बुक की जा रही हैं&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;नई दिल्ली में प्रतिष्ठित ब्रिक्स (BRICS) समिट की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही हैं। इस अहम बैठक के लिए विदेशी मेहमान, VVIP और सीनियर अधिकारी पहुंच रहे हैं, जिससे दिल्ली में लग्जरी कारों की भारी डिमांड हो गई है। इन कारों का एक दिन का किराया लाख रुपये से भी ज़्यादा हो गया है।&lt;img&gt;विदेशी मेहमानों के आने-जाने के लिए मर्सिडीज (Mercedes), बीएमडब्ल्यू (BMW), मेबैक (Maybach) और टोयोटा वेलफायर (Toyota Vellfire) जैसी महंगी गाड़ियां बुक की जा रही हैं। इनका किराया अब एक लाख रुपये के आंकड़े को छू गया है।&lt;img&gt;समिट में आने वाले ज़्यादातर मेहमानों की पहली पसंद 'काले रंग' की लग्जरी गाड़ियां हैं। काले रंग की मेबैक और मर्सिडीज कारों को पहली प्राथमिकता दी जा रही है, हालांकि सफेद रंग की कारों की भी अच्छी-खासी मांग है।&lt;img&gt;दिल्ली में इतनी लग्जरी गाड़ियों की कमी के चलते, आस-पास के शहरों और राज्यों से भी कारें मंगाई जा रही हैं। साथ ही, कुछ लोकल गाड़ियों की स्पीड लिमिट 80 किमी/घंटा होती है, इसलिए मेहमानों के तेज़ सफ़र के लिए बाहर से बेहतर गाड़ियां बुलाई जा रही हैं।&lt;img&gt;इन कारों को चलाने वाले ड्राइवरों (Drivers) को खास ट्रेनिंग दी गई है। विदेशी मेहमानों से बातचीत के लिए उन्हें बेसिक इंग्लिश सिखाई गई है। साथ ही, अच्छे ड्रेस कोड और विनम्र व्यवहार पर भी ज़ोर दिया गया है।&lt;img&gt;अंतरराष्ट्रीय स्तर के समिट सिर्फ़ कूटनीतिक चर्चा तक ही सीमित नहीं रहते। ये लोकल होटल इंडस्ट्री, सिक्योरिटी और लग्जरी गाड़ियों के बाज़ार के लिए करोड़ों रुपये का कारोबार भी लेकर आते हैं।]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-delhi-skyrockets-luxury-car-rental-prices-photoshow-71sygob"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Putin Security: बॉडीगार्ड से बुलेटप्रूफ कार तक, कैसे चलता है पुतिन का हाई-सिक्योरिटी काफिला?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/putin-security-team-advance-security-layers-food-testing-lab-medical-arrangements-brics-summit-2026-articleshow-7wbpwgr</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 14:17:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Putin Security: Brics Summit 2026 के लिए भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन की सुरक्षा कई लेयर में होती है। एडवांस टीम, सुरक्षित वाहन, मेडिकल इंतजाम और फूड टेस्टिंग लैब विदेश दौरे से पहले सुरक्षा की जांच करती है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27t9a3sgqdgn6gd427jk2cn,imgname-putin-security-brics-2026-1789116328057.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Putin Advance Security Team:&lt;/strong&gt; दिल्ली में होने वाले BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। उनके दौरे से पहले ही तीन रूसी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट गुरुवार को ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच चुके थे। पुतिन की सुरक्षा को लेकर उनकी एक एडवांस सिक्योरिटी टीम पहले ही दिल्ली पहुंच गई है। यह टीम अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी हर तैयारी की जांच अपने स्तर पर करती है। आइए जानते हैं हर एक विदेशी दौरे से पहले कैसे तैयार होता है पुतिन का सुरक्षा घेरा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कई लेयर में होता है पुतिन का सुरक्षा घेरा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था कई लेयर में होती है। वह जहां भी जाते हैं, उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा होती है। इसमें हाईटेक हथियारों से लैस बॉडीगार्ड, बुलेटप्रूफ ब्रीफकेस, बुलेटप्रूफ कार और खाने की जांच करने वाली मेडिकल टीम जैसी कई चीजें शामिल होती हैं। पुतिन का ये अभेद्य सिक्योरिटी कवच कोई अचानक तैयार नहीं हुआ है, बल्कि रूस ने पिछले कई दशकों में अपने राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मॉर्डर्न और हाईटेक बनाया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुतिन जहां जाते हैं, पहले पहुंचता है सुरक्षा नेटवर्क&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन की सुरक्षा को सिर्फ बंदूकधारी कमांडो या बख्तरबंद कार तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस नेटवर्क में एडवांस सिक्योरिटी टीम, सुरक्षा अधिकारी, मेडिकल विशेषज्ञ, फूड टेस्टिंग टीम, शेफ, सुरक्षित वाहन, विमान और कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल होते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यानी पुतिन जब किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं तो उनकी सुरक्षा वहां पहुंचने के बाद शुरू नहीं होती। उनकी यात्रा की तैयारी काफी पहले से शुरू हो जाती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल के कमरे तक और खाने की प्लेट से लेकर इस्तेमाल होने वाली चीजों तक, सुरक्षा टीम हर स्तर पर संभावित जोखिम को कम करने की कोशिश करती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुतिन के किसी विदेशी दौरे से पहले उनकी एडवांस सिक्योरिटी टीम संबंधित देश में पहले पहुंच जाती है। वहां होटल के कमरों, आने-जाने के रास्तों, खाने की जगह और दूसरी जरूरी चीजों की जांच की जाती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका मतलब है कि पुतिन जिस जगह पहुंचते हैं, वहां उनकी सुरक्षा टीम उससे पहले ही अपना सुरक्षा इंतजाम और नेटवर्क तैयार कर चुकी होती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Brics Summit 2026: दिल्ली के जिस होटल में रुके व्लादिमीर पुतिन जानें उसका एक रात का किराया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुतिन के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में एक और खास चीज शामिल होने की बात कही जाती है। यह है उनकी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुतिन की टीम में स्पेशल शेफ, फूड टेस्टिंग से जुड़े लोग और तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं। इनका काम राष्ट्रपति को दिए जाने वाले खाने, पानी और ड्रिंक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसी वजह से किसी दूसरे देश में आयोजित डिनर या लंच के दौरान भी पुतिन तक वही खाना पहुंचता है, जिसे उनकी टीम की मंजूरी मिली हो।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बायोलॉजिकल सिक्योरिटी पर भी रहती है खास नजर&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;2011 से 2014 के दौरान पुतिन की सुरक्षा व्यवस्था में जैविक सुरक्षा यानी Biological Security को लेकर ज्यादा सतर्कता की रिपोर्टें सामने आईं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक, पुतिन के इस्तेमाल में आने वाली चीजों को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जाने लगी। गिलास, टिश्यू, तौलिया और दूसरी इस्तेमाल की गई वस्तुओं को लेकर सुरक्षा टीम सतर्क रहती थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका मकसद केवल किसी संभावित खतरे से बचना नहीं था। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि टीम इस बात को लेकर सावधान रहती थी कि राष्ट्रपति के इस्तेमाल की कोई जैविक सामग्री दूसरे लोगों के हाथ न लगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यानी पुतिन की सुरक्षा का दायरा सिर्फ उनके शरीर की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पीछे छूटने वाली चीजों तक भी पहुंच गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;होटल के कमरे से स्टाफ तक की होती है जांच&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विदेश यात्रा के दौरान पुतिन के ठहरने के लिए जो होटल का कमरा तय किया जाता है, वहां एडवांस टीम पहले पहुंचती है। इसके बाद होटल और कार्यक्रम स्थल की जांच की जाती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कमरे में इस्तेमाल होने वाली चीजों की भी गहराई से जांच की जाती है। साथ ही, होटल में आने-जाने वाले स्टाफ पर भी नजर रखी जाती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य राष्ट्रपति के ठहरने और कार्यक्रम के दौरान संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करना होता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Brics Summit: दिल्ली के जिस होटल में ठहरेंगे जिनपिंग, जानें उसके प्रेसिडेंशियल सुइट का किराया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4.8 करोड़ की Aurus Senat Limousine से चलते हैं पुतिन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Aurus Senat Limousine में कई ऐसे फीचर्स हैं, जो इसे एक खास प्रेसिडेंशियल कार बनाते हैं। इसमें 4.4 लीटर V8 इंजन, ऑल-व्हील ड्राइव (AWD), 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स, हैवी आर्मर और बुलेटप्रूफ सिक्योरिटी, बम धमाके से सुरक्षा के लिए खास सिक्योरिटी फीचर्स मौजूद हैं। इसके अलावा इसमें राष्ट्रपति के लिए स्पेशल कम्युनिकेशन और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम भी है। इस लग्जरी कार की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए के आसपास है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुतिन का विमान भी होता है खास&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुतिन की विदेश यात्रा में उनके विमान और काफिले पर खास ध्यान रहता है। विदेश दौरे के दौरान बड़े रूसी विमान पहले से संबंधित जगह पर पहुंच जाते हैं। इन विमानों में राष्ट्रपति की यात्रा से जुड़ी जरूरी चीजों के अलावा सुरक्षा और मेडिकल जरूरतों का सामान भी शामिल होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;विमान में मेडिकल सुविधाओं से लैस मिनी-क्लिनिक जैसी व्यवस्था होने की खबरें भी सामने आई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि किसी विदेशी देश में भी राष्ट्रपति को जरूरी मेडिकल सुविधा के लिए पूरी तरह स्थानीय व्यवस्था पर निर्भर न रहना पड़े।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit: 7 साल बाद भारत आ रहे शी जिनपिंग, मोदी संग बैठक में उठेंगे ये बड़े मुद्दे!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/xi-jinping-india-visit-modi-meeting-lac-trade-border-dispute-brics-2026-articleshow-mpgrqa7</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:55:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026: 7 साल बाद चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping India Visit के दौरान PM मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक में LAC, सीमा विवाद, Trade Deficit, Investment, Visa और Direct Flights पर चर्चा हो सकती है। जानिए भारत-चीन रिश्तों में क्या बदलेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27s03rqezppcfseepwcwmd2,imgname-xi-jinping-india-visit-modi-meeting-lac-trade-border-dispute-brics-2026-1789114978071.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Xi Jinping India Visit: &lt;/strong&gt;चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ रहे हैं। साल 2019 में महाबलीपुरम में हुई मुलाकात के बाद, लगभग सात साल में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के बीच उपजे गहरे कूटनीतिक अविश्वास और सैन्य तनातनी के बीच यह बैठक काफी मायने रखती है। शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय बातचीत में रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Modi-Xi Meeting: LAC और सीमा विवाद सबसे बड़ा मुद्दा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बातचीत के मेज पर सबसे बड़ा मुद्दा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव घटाना होगा। अक्टूबर 2024 में सीमा पर गश्त को लेकर बने समझौते और अगस्त 2025 में हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं ने बर्फ पिघलाने का काम किया है। इसके बाद ही सीधी उड़ानें शुरू हुईं और वीज़ा नियमों में ढील दी गई। हालांकि, लगभग 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा पर सेना की तैनाती, अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के बेतुके दावे और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा अब भी भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;India-China Trade: व्यापार घाटे पर होगी चर्चा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच भारी असंतुलन है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों के बीच 151 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, लेकिन इसमें भारत का व्यापार घाटा ही रिकॉर्ड 112 अरब डॉलर रहा। भारत चीनी पुर्जों और तकनीक पर अपनी निर्भरता घटाने के साथ व्यापार संतुलन चाहता है। इसके अलावा, तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो (ब्रह्मपुत्र) नदी पर चीन द्वारा बनाए जा रहे विशाल 60,000 मेगावाट के मेडोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर भी भारत में चिंताएं हैं, क्योंकि इससे निचले इलाकों में पानी के बहाव पर असर पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वैश्विक समीकरण और क्वाड का पहलू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका के साथ बदलती व्यापारिक नीतियों और वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत और चीन दोनों ही एक-दूसरे से कामचलाऊ रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं। ब्रिक्स और एससीओ (SCO) जैसे मंचों पर चीन खुद को मजबूत रखना चाहता है, वहीं भारत अमेरिका के साथ क्वाड (Quad) में अपनी साझेदारी को मजबूत कर संतुलन बना रहा है। अब देखना यह होगा कि शनिवार को होने वाली यह द्विपक्षीय बातचीत सिर्फ औपचारिक बनकर रह जाती है या सीमा और व्यापार के मामलों में कोई ठोस नतीजा सामने लाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एजेंडे में Visa, Flights और Business Mobility भी&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीधी उड़ानों, वीजा प्रक्रिया और लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाना भी रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश का हिस्सा है। इसके साथ तकनीक, बिजनेस मोबिलिटी और निवेश से जुड़ी पाबंदियों को कम करने पर बातचीत संभव है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;BRICS में साथ, लेकिन रणनीतिक दूरी बरकरार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS मंच पर भारत और चीन कई मुद्दों पर साथ दिखाई देते हैं, लेकिन सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में दोनों के हित हमेशा एक जैसे नहीं हैं। अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते, चीन-पाकिस्तान संबंध और इंडो-पैसिफिक की राजनीति भी इस पूरी तस्वीर को प्रभावित करती है। इसलिए मोदी-शी बैठक को रिश्तों का पूरा &ldquo;रीसेट&rdquo; मानना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा यह होगी कि क्या बातचीत से सीमा पर स्थिरता, व्यापार में संतुलन और आपसी भरोसे को आगे बढ़ाने के लिए ठोस रास्ता निकलता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Delhi Rare Medical Case: बांझपन की जांच में युवक के शरीर में मिला गर्भाशय, डॉक्टर हैरान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-medical-case-24-year-old-man-uterus-persistent-mullerian-duct-syndrome-pmds-infertility-test-articleshow-8oxsffg</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:30:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Delhi Rare Medical Case में 24 साल के युवक की infertility जांच में uterus और M&uuml;llerian structures मिले। MRI और genetic tests से PMDS की पुष्टि हुई। दोनों undescended testes में से एक में pre-cancerous बदलाव भी मिला। जानिए क्या है परसिस्टेंट मुलेरियन डक्ट सिंड्रोम (PMDS), इसके लक्षण और डॉक्टरों ने सर्जरी क्यों की।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27qh75dhjmrk7wbkhfwdbwx,imgname-delhi-medical-case-24-year-old-man-uterus-persistent-mullerian-duct-syndrome-pmds-infertility-test-1789113441453.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;दिल्ली से एक बेहद हैरान कर देने वाला मेडिकल मामला सामने आया है। यहां 24 साल का एक व्यक्ति इनफर्टिलिटी (बांझपन) की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। लेकिन जब डॉक्टरों ने उसकी अंदरूनी जांच की, तो उसके पेट के भीतर एक पूरी तरह से विकसित गर्भाशय (uterus) पाया गया। राजौरी गार्डन स्थित आरजी हॉस्पिटल्स के चीफ यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुशील खरबंदा के मुताबिक, वह व्यक्ति आम पुरुषों की तरह सामान्य जीवन जी रहा था और उसमें सभी पुरुषों वाले शारीरिक लक्षण मौजूद थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इनफर्टिलिटी टेस्ट के दौरान खुली पोल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामला तब बिगड़ा जब सीमेन एनालिसिस (वीर्य परीक्षण) में एक भी स्पर्म नहीं मिला, जिसे मेडिकल भाषा में 'एज़ोस्पर्मिया' कहते हैं। शारीरिक जांच में पता चला कि उसकी अंडकोष की थैली (स्क्रोटम) में टेस्टिस ही मौजूद नहीं थे। इसके बाद जब जेनेटिक और क्रोमोसोम टेस्ट कराया गया, तो क्रोमोसोम पैटर्न सामान्य पुरुष (XY) निकला। लेकिन जब डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड और MRI स्कैन कराया, तो पेट के अंदर पूरी तरह बना हुआ गर्भाशय और ओवरी जैसी दिखती दो टेस्टिस देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या है 'परसिस्टेंट मुलेरियन डक्ट सिंड्रोम' (PMDS)?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंसुलिन और एंड्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. चिराग भंडारी का कहना है कि यह एक बेहद दुर्लभ बीमारी है जिसे 'परसिस्टेंट मुलेरियन डक्ट सिंड्रोम' (PMDS) कहा जाता है। आम तौर पर पुरुष भ्रूण के विकास के समय 'एंटी-मुलेरियन हार्मोन' (AMH) के असर से गर्भाशय बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। कुछ मामलों में यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं हो पाती और गर्भाशय या फैलोपियन ट्यूब जैसी संरचनाएं शरीर में बनी रह जाती हैं। मेडिकल लिटरेचर में PMDS के 300 से भी कम मामले रिपोर्ट किए गए हैं और आमतौर पर इसका पता बचपन में ही चल जाता है। इस मामले में वयस्क होने तक इसकी पहचान नहीं हो सकी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कैंसर के खतरे को देखते हुए की गई सर्जरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉक्टरों ने बताया कि पेट के अंदर फंसे टेस्टिस (Undescended Testes) का तापमान सामान्य से ज्यादा होता है, जिससे भविष्य में कैंसर होने का गंभीर जोखिम रहता है। इसी खतरे को टालने के लिए डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के जरिए गर्भाशय और दोनों टेस्टिस को बाहर निकाल दिया। बायोप्सी में भी कैंसर की शुरुआती संभावनाओं का पता चला, जिससे सही समय पर इलाज संभव हो पाया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Brics Summit: दिल्ली के जिस होटल में ठहरेंगे जिनपिंग, जानें उसके प्रेसिडेंशियल सुइट का किराया]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-xi-jinping-taj-palace-delhi-presidential-suite-room-rent-facilities-articleshow-h1kf3k9</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 13:24:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 के लिए शी जिनपिंग दिल्ली पहुंचेंगे और Taj Palace में ठहरेंगे। जानें इसके प्रेसिडेंशियल सुइट का किराया और होटल की खास सुविधाएं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27q5xzr95yt354h8wcdk341,imgname-xi-jinping-taj-palace-hotel-brics-summit-2026-1789113071608.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Xi Jinping Taj Palace Presidential Suite: &lt;/strong&gt;दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के लिए दुनिया के कई बड़े नेताओं का राजधानी पहुंचना शुरू हो गया है। इसी क्रम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 11 सितंबर की देर रात दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शी जिनपिंग दिल्ली के Taj Palace Hotel में ठहरेंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस आलीशान होटल के प्रेसिडेंशियल सुइट का एक रात का किराया कितना है और यहां मेहमानों को कौन-कौन सी खास सुविधाएं मिलती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Taj Palace Presidential Suite का कितना है किराया?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, Taj Palace के प्रेसिडेंशियल सुइट का क्षेत्रफल करीब 2,680 से 3,875 वर्गफीट तक है। इस सुइट में मेहमानों को कई लग्जरी सुविधाएं मिलती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुइट में पूल का नजारा, किंग साइज बेड, स्टडी रूम और जकूजी बाथटब जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा यहां 24 घंटे बटलर सर्विस भी मिलती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्टैंडर्ड बुकिंग रेट के हिसाब से इस प्रेसिडेंशियल सुइट का अनुमानित किराया करीब 1,04,000 से ₹1,25,000 प्रति रात + टैक्स है। यह किराया खास पैकेज, सीजन और खाने या बटलर सर्विस जैसी सुविधाओं पर निर्भर करता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Taj Mahal Hotel के लक्जरी सुइट का किराया&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नई दिल्ली के मानसिंह रोड स्थित Taj Mahal Hotel में भी शानदार प्रेसिडेंशियल सुइट और हेरिटेज स्टाइल के लक्जरी सुइट उपलब्ध हैं। इनमें रामबाग सुइट जैसे सुइट भी शामिल हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इन सुइट्स में लुटियंस-स्टाइल की सजावट के साथ प्राइवेट पैंट्री, मास्टर बेडरूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मिलती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस होटल में टॉप-लेवल सिग्नेचर और प्रेसिडेंशियल-लेवल हेरिटेज सुइट का किराया आम तौर पर 90,000 रुपये से 1,20,000 रुपये या इससे अधिक प्रति रात से शुरू होता है। हालांकि, कमरे का किराया मिलने वाली सुविधाओं और मौसम के हिसाब से बदल सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;6 एकड़ में फैला है Taj Palace New Delhi&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;9 नई दिल्ली में स्थित Taj Palace New Delhi करीब 6 एकड़ के हरे-भरे बगीचों में फैला हुआ एक आलीशान होटल है। यहां से शहर का शानदार नजारा दिखाई देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होटल में आउटडोर स्विमिंग पूल और वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां के हर कमरे में एयर कंडीशनिंग और मिनीबार की सुविधा दी गई है। साथ ही कमरों में इलेक्ट्रिक केतली भी उपलब्ध है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Brics Summit 2026: दिल्ली के जिस होटल में रुके व्लादिमीर पुतिन जानें उसका एक रात का किराया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कमरों में मिलती हैं कई लग्जरी सुविधाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;होटल के प्राइवेट बाथरूम में शॉवर के अलावा बाथटब और हेयर ड्रायर की सुविधा भी मौजूद है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Taj Palace New Delhi में मेहमानों के लिए फिटनेस सेंटर भी है। इसके अलावा यहां मीटिंग की सुविधा, टिकट सर्विस और टूर डेस्क जैसी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होटल और इसके आसपास गोल्फिंग तथा मिनी गोल्फ जैसी कई गतिविधियां भी की जा सकती हैं। प्रॉपर्टी में मेहमानों के लिए मुफ्त पार्किंग की सुविधा भी है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;चार अवॉर्ड-विनिंग रेस्टोरेंट और Jiva Spa&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Taj Palace New Delhi में दुनिया भर के अलग-अलग तरह के व्यंजन परोसने वाले चार अवॉर्ड-विनिंग रेस्टोरेंट हैं। इसके अलावा यहां एक स्टाइलिश बार भी मौजूद है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होटल में नाइन-होल पुटिंग ग्रीन्स, तापमान नियंत्रित स्विमिंग पूल और बड़ा Jiva Spa भी है। इन सुविधाओं की वजह से यह होटल दिल्ली जैसे व्यस्त शहर के बीच मेहमानों को आरामदायक माहौल देता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;होटल में खास एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;होटल में एक खास इलेक्ट्रॉनिक एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम भी लगाया गया है। यह सिस्टम होटल के अंदर हवा की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वहीं, Taj Club Rooms और Suites में ठहरने वाले मेहमानों को बटलर सर्विस, लाउंज में खास एंट्री और दूसरी विशेष सुविधाओं का लाभ मिलता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;BRICS Summit 2026: ब्रिक्स में मोदी के साथ कौन-कौन नेता होंगे शामिल? सामने आई पूरी लिस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट से कितनी दूर है होटल?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Taj Palace New Delhi दिल्ली के कई प्रमुख स्थानों के नजदीक स्थित है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह राष्ट्रपति भवन से करीब 3.5 किलोमीटर, जंतर-मंतर से 5.7 किलोमीटर और इंडिया गेट से करीब 6.1 किलोमीटर दूर है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से होटल तक पहुंचने में करीब 15 मिनट की ड्राइव लगती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Brics Summit 2026: दिल्ली के जिस होटल में रुके व्लादिमीर पुतिन जानें उसका एक रात का किराया]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-vladimir-putin-itc-maurya-hotel-chanakya-presidential-suite-room-rent-articleshow-fw1pd1k</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:22:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 के लिए पुतिन दिल्ली पहुंचे और ITC Maurya के प्रेसिडेंशियल सुइट में ठहरे हैं। जानें 4600 वर्गफीट के इस आलीशान सुइट का किराया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vladimir Putin Hotel Delhi: &lt;/strong&gt;ब्रिक्स समिट के चलते दिल्ली में अगले दो दिनों तक वीआईपी मूवमेंट रहेगी। 12 और 13 सितंबर को होने वाली BRICS Summit के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार देर रात ही दिल्ली पहुंच गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुतिन दिल्ली के मशहूर और आलीशान ITC Maurya Hotel में ठहरे हैं। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल है कि आखिर इस होटल में एक रात रुकने का किराया कितना है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ITC Maurya का 'चाणक्य' सुइट कितना आलीशान है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ITC Maurya के ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट 'चाणक्य' में ठहरे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह सुइट करीब 4,600 वर्गफीट में फैला हुआ है। इस आलीशान सुइट में कई खास सुविधाएं मौजूद हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसमें मास्टर बेडरूम, पर्सनल जिम, स्पा, सौना बाथ के साथ 12 लोगों के बैठने की क्षमता वाला डाइनिंग रूम भी शामिल है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट का किराया करीब 8 से 10 लाख रुपये रोजाना है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;ITC Maurya में एक रात का सामान्य किराया कितना है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इससे पहले भी ITC Maurya में ठहर चुके हैं। होटल की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इसके अलग-अलग कमरों का किराया अलग है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Executive Club Exclusive कमरे का एक रात का किराया करीब 35,000 से 45,000 रुपये प्लस टैक्स है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वहीं, Run Of The House कमरे के लिए करीब 24,000 रुपये प्रति रात चुकाने पड़ते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके अलावा ITC One कमरे का एक रात का किराया करीब 27,000 रुपये है। हालांकि, ये सामान्य कमरों की उपलब्ध दरें हैं जो समय के साथ बदलती रहती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल किए जा रहे ग्रैंड प्रेसिडेंशियल सुइट 'चाणक्य' का किराया इससे काफी अधिक है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पुतिन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल के लिए भी खास इंतजाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के ठहरने की व्यवस्था भी ITC Maurya की ऊपरी मंजिलों में की गई है। ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को देखते हुए होटल में विशेष इंतजाम किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;होटल के कमरे का किराया हमेशा फिक्स नहीं रहता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी लग्जरी होटल के कमरे का किराया हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कमरे की कीमत तारीख, मांग, उपलब्धता और किसी खास मौके के हिसाब से बदलती रहती है। BRICS Summit जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की मांग बढ़ने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में किराया अलग हो सकता है। इसलिए किसी होटल की वेबसाइट पर दिखाई गई दर को हर तारीख के लिए फिक्स किराया नहीं माना जा सकता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bank Strike 2026: 5 Days Banking की मांग, UFBU हड़ताल से Cash-Cheque Services प्रभावित]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bank-strike-2026-5-days-banking-ufbu-public-sector-banks-cash-cheque-services-articleshow-k92bfu4</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:23:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Bank Strike 2026 में 5 Days Banking की मांग को लेकर UFBU ने देशव्यापी हड़ताल की। जानिए सरकारी बैंकों में Cash, Cheque और Branch Services पर कितना असर पड़ा और UPI-ATM चलेंगे या नहीं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27kqwtj4wgj3sv1w45ymfw7,imgname-bank-strike-2026-5-days-banking-ufbu-public-sector-banks-cash-cheque-services-1789109465938.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bank Strike 2026: &lt;/strong&gt;देशभर में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। United Forum of Bank Unions (UFBU) के आह्वान पर हुई इस nationwide strike का मुख्य मुद्दा सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। इसके साथ वेतन, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को लेकर भी यूनियनें सरकार पर दबाव बना रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Bank Strike 2026: सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हड़ताल का सबसे ज्यादा असर Public Sector Banks यानी सरकारी बैंकों की शाखाओं पर पड़ा। कई जगह शाखाएं बंद रहीं, जबकि कुछ जगह सीमित कामकाज हुआ। Cash Deposit, Cash Withdrawal, Cheque Processing, KYC और दूसरे branch-based काम प्रभावित हुए। UFBU सात प्रमुख बैंक यूनियनों का संगठन है। यूनियन का दावा है कि यह बैंकिंग क्षेत्र के 90 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर भी असर पड़ने की संभावना रही, लेकिन private banks पर प्रभाव सरकारी बैंकों की तुलना में काफी सीमित रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Patna : Banking services impacted as unions go on nationwide strike to press for 5-day work-week. pic.twitter.com/vYcIQoQir5&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; News Arena India (@NewsArenaIndia) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5 Days Banking की मांग क्यों?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद, सरकार की ओर से अब तक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम का कहना है कि सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण कर्मचारियों पर यह हड़ताल थोपी गई है। उनका आरोप है कि केवल बैंक कर्मचारियों के साथ ही इस तरह का भेदभाव किया जा रहा है। UFBU का कहना है कि सरकार की ओर से 5 Days Banking पर अभी कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Rajkot, Gujarat | Rajkot All India SBI Officers&rsquo; Association Deputy General Secretary Pawan Sharma says, &ldquo;Today's strike is being held under the aegis of the UFBU, an umbrella body of seven organisations representing 9 lakh bank employees at the national level. Our&hellip; https://t.co/Ji7Nyufp2U pic.twitter.com/g8Ii0edm4p&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Bank Customers पर क्या पड़ा असर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हड़ताल के दौरान Cash और Cheque से जुड़े कई काम प्रभावित हुए। हालांकि Digital Banking Services पर इसका सीधा असर नहीं पड़ा। UPI, Mobile Banking, Internet Banking और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहीं, हालांकि किसी खास बैंक में कुछ सेवाओं की स्थिति अलग हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Nagaon, Assam: The United Forum of Bank Unions has called a one-day bank strike, demanding immediate implementation of a five-day workweek, changes to the PLI scheme and resolution of pending issues. pic.twitter.com/3Y0cG5Ui5b&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IANS (@ians_india) September 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Bank Employees की और क्या मांगें?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक यूनियनों का गुस्सा सिर्फ 5 डे बैंकिंग तक सीमित नहीं है। वे पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देने की मांग भी जोर-शोर से उठा रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बड़े सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका जता दी थी। वर्तमान व्यवस्था में बैंक पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं, जिसे कर्मचारी पूरी तरह खत्म कर 5 डे वीक लागू करने पर अड़े हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BRICS Summit 2026: दिल्ली के लक्ज़री होटलों में बढ़ी डिमांड, विदेशी मेहमानों के लिए बना खास मेन्यू]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/brics-summit-2026-delhi-hotels-demand-special-menu-delegates-hospitality-articleshow-ztmd9uk</link>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 11:58:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BRICS Summit 2026 से दिल्ली के Luxury Hotels में Demand बढ़ी है। जानिए विदेशी Delegates के लिए कैसे तैयार हो रहे Special Menu, Personalised Service और भारतीय Hospitality के खास इंतजाम।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m27jernjes4pckn108ma4md5,imgname-brics-summit-2026-delhi-hotels-demand-special-menu-delegates-hospitality-1789108118194.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;BRICS Summit 2026: &lt;/strong&gt;होटल कंपनियां सिर्फ कमरे तैयार नहीं कर रहीं, बल्कि मेहमानों की पसंद और जरूरत के हिसाब से पूरी hospitality strategy बदल रही हैं। रोज़ेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के CEO कुश कपूर के मुताबिक, BRICS को लेकर diplomatic, government और corporate यात्रियों की पूछताछ बढ़ी है। कंपनी को उम्मीद है कि summit के दौरान उसके दिल्ली के होटलों में सामान्य से 30-50% ज्यादा demand रह सकती है। कुछ अन्य रिपोर्टों में भी दिल्ली के प्रमुख luxury hotels में occupancy 90-100% तक पहुंचने और कमरों की उपलब्धता तेजी से घटने की बात सामने आई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;द लीला पैलेस: भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का संगम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;'द लीला पैलेस नई दिल्ली' की जनरल मैनेजर प्रीति मखीजा ने बताया कि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करना उनके लिए गर्व का विषय है। लीला पैलेस की टीमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही हैं। शाही भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्वाद वाले मेनू बहुत बारीकी से तैयार किए जा रहे हैं, जिससे भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक मेहमाननवाज़ी का बेहतरीन अनुभव दिया जा सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ITC मौर्य: 'रिस्पॉन्सिबल लक्ज़री' और स्थानीय जायके का तड़का&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ITC मौर्य के जनरल मैनेजर और नॉर्थ लक्ज़री होटल्स के एरिया मैनेजर अमान किदवई का कहना है कि उनकी तैयारियाँ भारतीय परंपरा 'नमस्ते' के भाव और उच्च स्तरीय सेवा पर केंद्रित हैं। ITC मौर्य में भारत के अलग-अलग हिस्सों से लाई गई बेहतरीन सामग्रियों से खास व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं। इसका मकसद विदेशी नेताओं को भारत के प्रामाणिक क्षेत्रीय जायके और आधुनिक पाक-कला का एक अनोखा संगम पेश करना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Delhi: Taj Mahal Executive Chef Kaushik Mishra on BRICS preparations and special cuisines says, &quot;Welcome, everybody. The Taj Mahal New Delhi is known for its hospitality. For 48 years, we have hosted many heads of state at this hotel. We always try to create a culinary&hellip; pic.twitter.com/tkbrNVDIXq&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;BRICS से होटल कारोबार को बड़ा Boost&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BRICS Summit ने दिल्ली के hospitality sector को बड़ा business opportunity दिया है। बढ़ती bookings के साथ luxury hotels में room rates भी ऊपर गए हैं। कुछ प्रमुख होटलों में summit के दौरान कमरे ₹2 लाख से ज्यादा प्रति रात तक पहुंच गए हैं।यानी Bharat Mandapam में जहां BRICS की बड़ी diplomatic बैठकों पर दुनिया की नजर होगी, वहीं दिल्ली के होटल इस summit के जरिए भारतीय hospitality, food और service standards को दुनिया के सामने पेश करने की तैयारी में हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रोज़ेट होटल्स में बुकिंग में 30 से 50 फीसदी का उछाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रोज़ेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के सीईओ कुश कपूर के मुताबिक, ब्रिक्स समिट के चलते उनके होटलों में पूछताछ और बुकिंग की रफ़्तार में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। सामान्य दिनों के मुकाबले इस दौरान कमरे की मांग 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक रहने का अनुमान है। मेहमानों के आने से पहले ही उनकी पसंद के हिसाब से कमरे तैयार किए जा रहे हैं। हर प्रतिनिधिमंडल के लिए पर्सनल बटलर सेवा और उनकी घरेलू स्वाद के अनुसार विशेष मैन्यू तैयार किया गया है ताकि लंबे सत्रों के बाद वे सहज महसूस कर सकें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Abhijit Dipke: जंतर-मंतर हिलाने वाले दीपके की जरांगे से मुलाकात, क्या बदलेगी मराठा राजनीति?]]></title>
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            <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 10:47:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मराठा आरक्षण की मांग पर मनोज जरांगे की भूख हड़ताल के 14वें दिन आंदोलन और तेज हो गया है। CJP चीफ अभिजीत दीपके की मुलाकात से नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं। शनिवार को मुंबई मार्च का ऐलान होगा, वहीं प्रशासन ने बिना सबूत कुनबी प्रमाण-पत्र देने से इनकार किया है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई: &lt;/strong&gt;मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी है। जालना के अंतरवाली सराटी में चल रहे इस आंदोलन के बीच अब अभिजीत दिपके की प्रस्तावित मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। दिपके ने पहले ही जरांगे के आंदोलन को समर्थन दिया है और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने की बात कही थी। जरांगे की मुख्य मांग मराठा समुदाय के पात्र लोगों को कुनबी प्रमाण-पत्र और उससे जुड़े अधिकारों को लागू करने की है। सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक ऐसा समाधान सामने नहीं आया है, जिससे जरांगे अपना अनशन खत्म करें। दूसरी ओर, सरकार की ओर से कुनबी रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्र प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए गए हैं, लेकिन आंदोलनकारी पक्ष पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Abhijit Dipke Meeting: क्यों अहम है मुलाकात?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके शुक्रवार को अंतरवाली सराटी पहुंचकर मनोज जरांगे से मिलने वाले हैं। इससे पहले वह साफ कह चुके हैं कि जरांगे गलत मांग नहीं कर रहे हैं और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। दिपके का समर्थन ऐसे समय में सामने आया है, जब मराठा आरक्षण आंदोलन फिर तेज हो रहा है। इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जरांगे पहले दिपके के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली गए थे। अब दिपके का अंतरवाली सराटी पहुंचना दोनों आंदोलनों के बीच राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के बाद दिपके क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Maratha Protest: 12 सितंबर के बाद क्या होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मनोज जरांगे पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका मुंबई आंदोलन तय है। समर्थकों के अंतरवाली सराटी में जुटने के बाद 12 सितंबर को आगे की रणनीति और मुंबई कूच की तारीख को लेकर फैसला होने की बात कही गई है। जरांगे का कहना है कि वह सरकार के प्रतिनिधिमंडल का इंतजार नहीं कर रहे हैं और आंदोलन अपनी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगा। ऐसे में अभिजीत दिपके की मुलाकात और 12 सितंबर की रणनीति, दोनों ही मराठा आरक्षण आंदोलन की अगली दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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