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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Fri, 23 Oct 2026 10:31:53 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Who Is Victoria Basu: कौन हैं विक्टोरिया बसु, बेटे को लेकर क्या हुआ कि जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस?]]></title>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 10:31:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Victoria Basu Case: कौन हैं रूसी नागरिक विक्टोरिया बसु, जिनके खिलाफ जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिस? बेटे की कस्टडी को लेकर ऐसा क्या विवाद हुआ कि दिल्ली पुलिस को प्रत्यर्पण की मांग करनी पड़ी? जानिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़े इस मामले की पूरी कहानी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kj31tpbgerpk2apvrxsb72,imgname-who-is-victoria-basu-why-red-corner-notice-issued-child-custody-case-1792731613014.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Russian Woman Extradition News: &lt;/strong&gt;पति-पत्नी के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर होने वाले विवाद अक्सर कोर्ट तक पहुंचते हैं, लेकिन दिल्ली से जुड़ा यह मामला बेहद चौंकाने वाला है। एक रूसी महिला अपने ही भारतीय पति को चकमा देकर और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज कर अपने नाबालिग बेटे को लेकर देश छोड़कर भाग गई है। अब इस मामले में कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Child Custody Dispute: क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शादी और परिवार: सैकत बसु ने साल 2017 में रूसी नागरिक विक्टोरिया बसु से शादी की थी। 29 अक्टूबर 2020 को उनके घर एक बेटा पैदा हुआ, जिसके बाद पारिवारिक कलह शुरू हो गई।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अचानक घर छोड़ना:&lt;/strong&gt; आरोप है कि 13 मार्च 2023 को विक्टोरिया अपनी मां के साथ बिना बताए घर से निकल गई और बच्चे को वहीं छोड़ गई। इसके बाद उसने कोर्ट में बच्चे की अकेली कस्टडी पाने के लिए अर्जी दाखिल कर दी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट का आदेश: &lt;/strong&gt;मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत से बच्चे की 'जॉइंट कस्टडी' (संयुक्त देखरेख) का आदेश मिल चुका था, लेकिन इसके बावजूद महिला ने कानून को धत्ता बता दिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Delhi Police Action: साकेत कोर्ट में दाखिल हुई स्टेटस रिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी पुलिस स्टेशन में सैकत बसु की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में दिल्ली पुलिस ने साकेत जिला अदालत में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास दीपकशी राणा की अदालत के सामने अपनी 'एक्शन टेकन Report' (ATR) पेश की।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;प्रत्यर्पण की मांग: &lt;/strong&gt;पुलिस ने कोर्ट को बताया कि मुख्य आरोपी विक्टोरिया बसु का पता लगाकर उसे वापस भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जरिए औपचारिक 'प्रत्यर्पण अनुरोध' (Extradition Request) भेज दिया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;रेड कॉर्नर नोटिस जारी: &lt;/strong&gt;महिला के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए इंटरपोल का 'रेड कॉर्नर नोटिस' भी जारी कर दिया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;दस्तावेजों की जांच: &lt;/strong&gt;पुलिस शिकायतकर्ता द्वारा मुहैया कराए गए सभी दस्तावेजों की तकनीकी और कानूनी बारिकी से जांच कर रही है, ताकि आगे की पुख्ता कार्रवाई की जा सके। फिलहाल इस मामले में अदालत की अगली सुनवाई और प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर सबकी नजर टिकी हुई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Delhi Police Extradition Request: अब आगे क्या होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दिल्ली पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दीपकशी राणा की अदालत में बताया कि विक्टोरिया बसु को वापस लाने के लिए संबंधित सरकारी एजेंसियों के जरिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस प्रत्यर्पण अनुरोध के जरिए महिला को भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस उनके बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानकारी साझा करने और उन्हें तलाशने में मदद कर सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस शिकायत से जुड़े दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी है। विक्टोरिया बसु की वापसी और बच्चे की कस्टडी को लेकर आगे की स्थिति संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई तथा अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Assam Vigilance Officer Death: होटल में मृत मिले CM विजिलेंस सेल के DSP, मौत की क्या है वजह?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/assam-dsp-death-khargeshwar-rabha-cm-vigilance-cell-hotel-investigation-articleshow-72e7o0d</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 10:03:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Assam DSP Death: असम के बोंगाईगांव में CM विजिलेंस सेल के अधिकारी खर्गेश्वर राभा होटल के कमरे में मृत मिले। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और विजिटर लॉग की जांच कर रही है। जानिए पूरा मामला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kg74kbz16ba7pckpvw14k0,imgname-assam-dsp-death-khargeshwar-rabha-cm-vigilance-cell-hotel-investigation-1792729649771.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Assam News:&lt;/strong&gt; असम से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां मुख्यमंत्री के विजिलेंस सेल में तैनात एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का शव बोंगाईगांव जिले के एक होटल के कमरे से बरामद हुआ है। शव मिलने के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उनकी मौत कैसे हुई, यह अभी साफ नहीं है। पुलिस स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका पर भी जांच कर रही है, लेकिन किसी गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Assam DSP Death: होटल के कमरे में कैसे मिला शव?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;मृतक की पहचान: &lt;/strong&gt;मृत अधिकारी की शिनाख्त डीएसपी खर्गेश्वर राभा के रूप में हुई है, जो मुख्यमंत्री की विजिलेंस सेल से जुड़े थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;घटनास्थल: &lt;/strong&gt;बोंगाईगांव का 'होटल जाह्नवी रीजेंसी', जिसके एक कमरे में उनका शव मिला।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बदबू से हुआ खुलासा:&lt;/strong&gt; रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीएसपी राभा 18 अक्टूबर को इस होटल में ठहरे थे। काफी समय तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और अजीब सी बदबू आने लगी, तो होटल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पुलिस की कार्रवाई: &lt;/strong&gt;सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, इलाके को सील किया और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाते हुए शव को कब्जे में ले लिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Bongaigaon Police Investigation: बीमारी या कुछ और?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच-पड़ताल कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;एसएसपी का बयान: &lt;/strong&gt;वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नुमल महतो ने बताया कि शुरुआती तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी की मौत किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण हुई हो सकती है। हालांकि, किसी भी तरह की साजिश या फाउल प्ले की संभावना को नकारा नहीं जा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;तकनीकी जांच:&lt;/strong&gt; पुलिस अधिकारियों द्वारा होटल का सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और विजिटर लॉग की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इन दिनों कौन-कौन उनसे मिलने आया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: &lt;/strong&gt;शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के असली कारणों और समय का पुख्ता पता चल सकेगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के आधिकारिक खुलासे किए जाएंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[UP Election 2027: कांग्रेस ने SP को सौंपी 170 सीटों की लिस्ट, 120 सीटों पर क्यों अड़ी पार्टी?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/up-election-2027-congress-sp-seat-sharing-170-seats-list-akhilesh-yadav-seat-sharing-articleshow-4xvcnzx</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 09:34:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP Election 2027: कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी के साथ 170 विधानसभा सीटों की सूची साझा की है। पार्टी 115-120 सीटों पर दावा कर रही है। जानिए सीट शेयरिंग का फॉर्मूला, अखिलेश यादव का रुख और कांग्रेस की चुनावी रणनीति।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Congress SP Alliance: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से सियासी गोटियां बिछनी शुरू हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर करने के मकसद से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीट शेयरिंग की बातचीत तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने सपा को करीब 170 सीटों की एक विस्तृत लिस्ट सौंपी है।**&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;UP Election Seat Sharing: सीटों का बंटवारा और कांग्रेस का '4-कैटेगरी' फॉर्मूला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस ने राज्य में अपनी जमीनी पकड़ और पिछले चुनावी नतीजों के आधार पर इन 170 सीटों को A, B, C और D की चार श्रेणियों में बांटा है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;श्रेणी A: &lt;/strong&gt;इन सीटों पर कांग्रेस का दावा बेहद मजबूत है और समझौते की गुंजाइश न के बराबर है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;श्रेणी B:&lt;/strong&gt; इन सीटों पर थोड़ा-बहुत फेरबदल संभव है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;श्रेणी C और D:&lt;/strong&gt; इन सीटों पर कांग्रेस सपा के साथ खुलकर बातचीत और लेन-देन करने को तैयार है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;जॉइंट कमेटी:&lt;/strong&gt; दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की एक संयुक्त समिति बनेगी जो कई दौर की बैठकों के बाद अंतिम निर्णय लेगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Congress SP Bargaining: 120 सीटों से कम पर मानने को क्यों तैयार नहीं कांग्रेस?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में 6 सीटें जीतने के बाद कांग्रेस का हौसला बुलंद है। पार्टी नेता अब 2017 के उस फॉर्मूले का हवाला दे रहे हैं जब उसने सपा के साथ 114 सीटों पर चुनाव लड़ा था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;120 सीटों का दावा: &lt;/strong&gt;यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने 50 फीसदी सीटों पर लड़ने की पैरवी की है, जबकि अंदरूनी तौर पर पार्टी 115 से 120 सीटों की मांग कर रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बयानों से तल्खी:&lt;/strong&gt; सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने साफ कहा कि कांग्रेस खुद को खत्म करके सपा को सरकार बनाने में मदद नहीं करेगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अखिलेश का रुख:&lt;/strong&gt; अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया है कि गठबंधन जारी रहेगा, लेकिन उनका एकमात्र फॉर्मूला 'सीटें नहीं, बल्कि जीत' होगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Rahul Gandhi Outreach: दलित, मुस्लिम और OBC को साधने की बड़ी रणनीति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस नेताओं का मानना है कि संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर दलित, मुस्लिम और गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) वोटर तेजी से राहुल गांधी के साथ आ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पूर्वांचल से अवध तक यात्रा: &lt;/strong&gt;पार्टी बलिया से मेरठ तक एक बड़े राजनीतिक आउटरीच कार्यक्रम और यात्रा की तैयारी कर रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;संगठन सृजन अभियान: &lt;/strong&gt;राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को नए सिरे से खड़ा किया जा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;एंटी-इंकंबेंसी का फायदा:&lt;/strong&gt; लगातार दो कार्यकाल के बाद योगी सरकार के खिलाफ पनपने वाली सत्ता विरोधी लहर को भुनाने पर कांग्रेस का मुख्य फोकस है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Candidate Selection Rules: 'पैसे लेकर बैठने वाले' नेताओं पर कसने जा रहा शिकंजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2022 के चुनाव में 399 सीटों पर लड़कर महज 2 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने इस बार टिकट वितरण की प्रक्रिया को बेहद सख्त बनाने का फैसला किया है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;साधन-संपन्न प्रत्याशी प्राथमिकता: &lt;/strong&gt;पार्टी ऐसे चेहरों को तरजीह देगी जो अपने दम पर चुनावी अभियान का खर्च उठा सकें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;फंड बचाने पर रोक: &lt;/strong&gt;पिछले चुनाव में कई प्रत्याशियों पर फंड का सही इस्तेमाल न करने का आरोप लगा था। पार्टी इस बार इस गफलत से बचना चाहती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अपवाद का नियम: &lt;/strong&gt;केवल वही गरीब या साधारण पृष्ठभूमि के नेता छूट पाएंगे, जिनके जीतने की जमीनी संभावना बहुत मजबूत होगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Kerala Train Derailment: केरल में भारी बारिश से भूस्खलन, बिलासपुर एक्सप्रेस बेपटरी, ये 6 ट्रेनें रद्द]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-landslide-causes-bilaspur-express-derailment-near-parassala-six-trains-cancelled-articleshow-thg77gf</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:56:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kerala Landslide Train News: &lt;/strong&gt;केरल में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से पारसाला रेलवे स्टेशन के पास भूस्खलन हो गया। इस हादसे में बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया और 6 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। फिलहाल दूसरे इंजन की मदद से ट्रेन को आगे बढ़ाने और ट्रैक ठीक करने का काम जारी है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parasala Railway Station:&lt;/strong&gt; केरल में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसी वजह से दक्षिण केरल के पारसाला रेलवे स्टेशन के पास अचानक भूस्खलन हो गया। मलबे की चपेट में आने से बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया, जिससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, रात करीब 2:19 बजे भूस्खलन के चलते ट्रेन नंबर 22619 को रोकना पड़ा। जांच में पता चला कि ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया है। इसके बाद तुरंत एक दूसरे इंजन का इंतजाम किया गया ताकि ट्रेन को आगे भेजा जा सके। रेलवे कर्मचारी ट्रैक को ठीक करने में जुटे हुए हैं। ट्रैक बंद होने से नेय्याट्टिनकरा और तिरुनेलवेली के बीच ट्रेनों की आवाजाही आंशिक रूप से रोक दी गई है। वहीं, इस रूट पर चलने वाली 6 पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मैसूर से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के लिए चलेगी वन-वे स्पेशल ट्रेन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 23 अक्टूबर को मैसूर से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के लिए एक वन-वे स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्रेन नंबर 06276 मैसूर-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी वन-वे स्पेशल एक्सप्रेस 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे मैसूर से रवाना होगी और 25 अक्टूबर को सुबह 10 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन केएसआर बेंगलुरु, धर्मावरम, रायचूर, सिकंदराबाद, काजीपेट, बल्हारशाह, नागपुर, इटारसी और भोपाल स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में कुल 20 कोच होंगे, जिनमें 12 स्लीपर क्लास, 6 जनरल क्लास और दिव्यांगों के लिए खास सुविधा वाले 2 लगेज-कम-ब्रेक वैन शामिल हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[EC RTI: दो चुनाव आयुक्तों की शिकायत पर कैबिनेट सचिवालय ने क्यों नहीं की कार्रवाई?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/election-commission-internal-rift-cabinet-secretariat-refuses-action-manish-garg-rti-articleshow-b0tx8bc</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:33:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Election Commission: सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मनीष गर्ग के कामकाज को लेकर शिकायत की थी। RTI दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने पूरे चुनाव आयोग की औपचारिक सूचना न होने पर कार्रवाई से इनकार किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kbb4ryc8stqa21rb9y4za6,imgname-election-commission-internal-rift-cabinet-secretariat-refuses-action-manish-garg-rti-1792724538142.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Election Commission RTI News:&lt;/strong&gt; चुनाव आयोग के भीतर अधिकारियों के कामकाज को लेकर उठा विवाद अब सामने आ गया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने दो चुनाव आयुक्तों की शिकायतों पर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उसका तर्क है कि ये पत्र व्यक्तिगत हैसियत से भेजे गए थे, पूरे चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक संवाद नहीं था। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखकर वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के कामकाज पर चिंता जताई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ECI Controversy: जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों बढ़ा विवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पत्र से हुआ खुलासा: चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग पत्र भेजकर चिंता जताई थी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;वरिष्ठ अधिकारी पर आरोप: &lt;/strong&gt;दोनों आयुक्तों की शिकायत वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के कामकाज और फैसलों को लेकर थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बिना मंजूरी काम का बंटवारा: &lt;/strong&gt;आरोप है कि गर्ग ने आयोग या वरिष्ठ अधिकारियों से बिना कोई सलाह किए उप चुनाव आयुक्तों और महानिदेशकों के काम का बंटवारा (Work Allocation) बदल दिया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;नियमों की अनदेखी:&lt;/strong&gt; आयुक्तों का कहना था कि बार-बार मौखिक और लिखित मनाही के बावजूद यह कदम उठाया गया, जो 'मुख्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023' का उल्लंघन है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Cabinet Secretariat Stance: सचिवालय ने कार्रवाई करने से क्यों किया साफ इंकार?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कमोडोर (सेवानिवृत्त) लोकेश बत्रा द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में सामने आया कि कैबिनेट सचिवालय ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से किनारा कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;व्यक्तिगत हैसियत से भेजे खत: &lt;/strong&gt;सचिवालय का कहना है कि यह पत्र दो चुनाव आयुक्तों की व्यक्तिगत क्षमता में भेजे गए थे, न कि पूरे चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक पत्राचार था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;संवैधानिक स्वतंत्रता का हवाला: &lt;/strong&gt;चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। बिना पूरे आयोग के औपचारिक प्रस्ताव के कोई भी कदम उठाना इसके कामकाज में सीधा सरकारी हस्तक्षेप माना जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;रिकॉर्ड में रखा गया पत्र: &lt;/strong&gt;भले ही कार्रवाई न की गई हो, लेकिन इन पत्रों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय और DoPT को भेज दी गई हैं ताकि भविष्य में अधिकारी से जुड़े फैसलों में इन्हें ध्यान में रखा जा सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Expert Reaction: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सचिवालय के इस रुख के बाद पूर्व चुनाव आयुक्तों और राजनीतिक विश्लेषकों ने आयोग की अंदरूनी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;आंतरिक बैठक क्यों नहीं?: &lt;/strong&gt;पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और विश्लेषक योगेंद्र यादव ने पूछा कि आखिर दोनों आयुक्तों ने आयोग की आंतरिक बैठक बुलाकर मामला सुलझाने के बजाय सीधे कैबिनेट सचिव का रुख क्यों किया?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पारदर्शिता की मांग: &lt;/strong&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले पर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Election Commission Response: चुनाव आयोग ने सफाई में क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बवाल बढ़ता देख चुनाव आयोग ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई जारी की है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;आदेश नहीं हुए लागू: &lt;/strong&gt;आयोग ने स्पष्ट किया कि मनीष गर्ग द्वारा काम के पुनर्वितरण से जुड़े जो भी आदेश जारी किए गए थे, उन्हें दोनों आयुक्तों के निर्देशों के बाद लागू नहीं किया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;नीतिगत फैसलों पर असर नहीं: &lt;/strong&gt;आयोग का कहना है कि यह मामला केवल प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के प्रशासनिक कामकाज तक सीमित था और इसका किसी भी नीतिगत फैसले या चुनाव प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Blinkit Train Delivery: चलती ट्रेन में भूल गए चार्जर या दवा? अब Blinkit करेगा आपकी सीट पर डिलीवरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/blinkit-starts-delivery-services-in-running-trains-for-essential-items-photoshow-g6o6suv</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:17:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Blinkit Train Delivery: &lt;/strong&gt;ट्रेन के सफर में चार्जर या जरूरी दवाएं ले जाना भूल गए हैं? अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) अब चलती ट्रेन में यात्रियों को जरूरी सामान की डिलीवरी दे रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5j1ze7p5cc6rm1rv459vjcx,imgname-railway--5--1792681162998.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Blinkit Train Delivery: &lt;/strong&gt;ट्रेन के सफर में चार्जर या जरूरी दवाएं ले जाना भूल गए हैं? अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) अब चलती ट्रेन में यात्रियों को जरूरी सामान की डिलीवरी दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ट्रेन में भूख लगने पर हम स्विगी और जोमैटो से खाना ऑर्डर करते हैं। अब इसी तरह आप सफर के दौरान अपनी जरूरत का सामान भी मंगा सकते हैं। अगर आप फोन का चार्जर या कोई पर्सनल केयर का सामान भूल गए हैं, तो ब्लिंकिट ऐप से ऑर्डर कर सकते हैं। हालांकि, यह सर्विस अभी सभी स्टेशनों पर नहीं है। इसलिए ऑर्डर करने से पहले चेक कर लें कि आपके स्टेशन पर यह सुविधा है या नहीं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दक्षिण रेलवे के सलेम डिवीजन ने क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के साथ एक खास करार किया है। इस पार्टनरशिप के जरिए ट्रेन यात्रियों को उनकी सीट पर जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। रेलवे ने अभी इस सर्विस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया है। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो आने वाले समय में इसे देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ब्लिंकिट ऐप के जरिए यात्री अपनी जरूरत के हिसाब से कई चीजें ऑर्डर कर सकते हैं। इनमें जरूरी दवाएं, हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स, मोबाइल चार्जर, पर्सनल केयर का सामान, स्नैक्स और बच्चों की देखभाल से जुड़े प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, कौन सा सामान मिलेगा, यह उस स्टेशन के स्टॉक पर निर्भर करता है। दवाओं और कुछ खास चीजों की डिलीवरी पर कुछ नियम और शर्तें भी लागू हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;चलती ट्रेन में अपना जरूरी सामान मंगाना बहुत आसान है। सबसे पहले अपने फोन में ब्लिंकिट ऐप खोलें। इसके बाद उस रेलवे स्टेशन की लोकेशन चुनें जहां आप डिलीवरी चाहते हैं। अब अपनी जरूरत का सामान कार्ट में डालें। ऐप आपसे ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ की जानकारी मांगेगा, उसे भर दें। अपना ऑर्डर कंफर्म करें और डिलीवरी के निर्देश पढ़ लें। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही तय डिलीवरी पॉइंट से अपना सामान ले लें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;यात्री कोई भी ऑर्डर करने से पहले स्टेशन की लोकेशन, सामान की उपलब्धता और डिलीवरी का समय जरूर चेक कर लें। यह भी पक्का कर लें कि स्टेशन पर ट्रेन के रुकने का समय डिलीवरी लेने के लिए काफी है या नहीं। रेलवे ने यह सर्विस अभी सिर्फ कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर ही शुरू की है। इसलिए यह मानकर न चलें कि हर ट्रेन या हर स्टेशन पर आपको ब्लिंकिट की डिलीवरी मिल जाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mysuru To Jhansi Special Train: मैसूर से अचानक चली स्पेशल ट्रेन, दशहरा बाद घर लौटने वालों की मौज!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/indian-railways-announces-mysuru-to-jhansi-one-way-special-train-for-festival-rush-articleshow-x9oa8ia</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:12:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mysuru Jhansi Special Train: &lt;/strong&gt;त्योहारी भीड़ को देखते हुए साउथ वेस्टर्न रेलवे 23 अक्टूबर को मैसूर से झांसी के लिए एकतरफा स्पेशल ट्रेन चला रहा है। यह ट्रेन बेंगलुरु, रायचूर और नागपुर जैसे बड़े स्टेशनों से होकर गुजरेगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5k8zses69qrzbzrexyr22z3,imgname-mysuru-to-jhansi-one-way-special-express-train-1792722068953.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indian Railways Special Train:&lt;/strong&gt; अगर आप भी त्योहारी सीजन में ट्रेन टिकट न मिलने से परेशान हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए साउथ वेस्टर्न रेलवे (SWR) ने मैसूर से उत्तर प्रदेश के वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन तक एकतरफा (वन-वे) स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह स्पेशल ट्रेन बेंगलुरु समेत कई बड़े स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे उत्तर भारत जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ट्रेन का शेड्यूल:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्रेन नंबर: 06276 (मैसूर-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी वन-वे स्पेशल एक्सप्रेस)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चलने का दिन और समय: यह ट्रेन 23 अक्टूबर को दोपहर 2:00 बजे मैसूर स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहुंचने का दिन और समय: 25 अक्टूबर की सुबह 10:00 बजे यह ट्रेन वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पहुंचेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रास्ते में कहां-कहां रुकेगी ट्रेन? (Major Halts)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह स्पेशल ट्रेन कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी। इसके मुख्य स्टॉपेज इस तरह हैं:&lt;/p&gt;&lt;ol&gt; &lt;li&gt;केएसआर बेंगलुरु (KSR Bengaluru)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धर्मावरम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रायचूर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सिकंदराबाद&lt;/li&gt; &lt;li&gt;काजीपेट&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बल्हारशाह&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नागपुर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इटारसी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भोपाल&lt;/li&gt;&lt;/ol&gt;&lt;h2&gt;कोच की जानकारी (Coach Composition):&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए गए हैं:&lt;/li&gt; &lt;li&gt;12 स्लीपर क्लास (Sleeper Class) कोच&lt;/li&gt; &lt;li&gt;6 जनरल सेकंड क्लास (General Second Class) कोच&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2 लगेज-कम-ब्रेक वैन (दिव्यांगों के लिए अनुकूल डिब्बे सहित)&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;साउथ वेस्टर्न रेलवे ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि त्योहारों के समय टिकट के लिए परेशान होने वाले यात्रियों को इससे बड़ी मदद मिलेगी। खासकर उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में जाने वाले मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों के लिए यह स्पेशल ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Tibet Earthquake: 7.0 तीव्रता के भूकंप से 16 मौतें, 300 से ज्यादा घर ढहे, भारत में कहां तक दिखा असर?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tibet-earthquake-7-magnitude-16-dead-300-houses-collapsed-china-earthquake-news-articleshow-4m0bqai</link>
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            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 07:01:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Tibet Earthquake Updates: उत्तरी तिब्बत के नागकू में 7.0 तीव्रता का भयानक भूकंप आया है। इसमें 16 लोगों की जान चली गई और 300 से ज्यादा घर तबाह हो गए। राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5k6138jen9hb0ywtkjcaeep,imgname-tibet-earthquake-7-magnitude-16-dead-300-houses-collapsed-china-earthquake-news-1792718966034.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tibet Earthquake: &lt;/strong&gt;तिब्बत में आए भीषण भूकंप ने एक बार फिर कुदरत का कहर दिखाया है। गुरुवार रात जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी 7.0 तीव्रता के झटकों ने पूरी जमीन हिला दी। अचानक आई इस आफत ने देखते ही देखते कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Tibet Earthquake: नागकू में आया 7.0 तीव्रता का भूकंप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि चीन के दूरदराज और दुर्गम तिब्बती इलाके में गुरुवार रात 10:33 बजे (14:33 GMT) एक शक्तिशाली भूकंप आया। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क सेंटर (CENC) की मानें तो इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी तिब्बत के नागकू क्षेत्र में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BREAKING: At least 16 people are dead and 32 injured after a magnitude 7.0 earthquake struck Tibet, China, officials say. Hundreds of homes have collapsed. https://t.co/unfVsNUS1x&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Breaking911 (@Breaking911) October 22, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;China Earthquake: नागकू और ल्हासा से कितनी दूर था केंद्र?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;USGS का आकलन:&lt;/strong&gt; अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागकू से करीब 190 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था। यह क्षेत्रीय राजधानी ल्हासा से लगभग 390 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित पहाड़ी इलाके में बताया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। कई घरों के ढहने से राहत टीमों के सामने बड़ी चुनौती है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों तक मदद पहुंचाना है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Tibet Death Toll: 16 की मौत, 300 से ज्यादा मकान पूरी तरह जमींदोज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। सरकारी एजेंसी 'शिन्हुआ' ने स्थानीय अफसरों के हवाले से जो आंकड़े दिए हैं, वे काफी डराने वाले हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;जान-माल का नुकसान:&lt;/strong&gt; इस हादसे में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;घायलों का आंकड़ा: &lt;/strong&gt;32 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;इमारतों की तबाही:&lt;/strong&gt; भूकंप के कारण 300 से अधिक कच्चे और पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं, हालांकि पहाड़ी रास्ता होने की वजह से मदद पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;A 7-magnitude earthquake has struck China.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The highest number of casualties is in China&rsquo;s Tibet Autonomous Region.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;As a result of the tremors, 339 houses collapsed, and cracks appeared in various buildings. https://t.co/yiyWvhzfB2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Гакрукс (@Gakruks1) October 22, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Disaster History: बाढ़ के जख्म भरे नहीं थे कि आ गया भूकंप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह त्रासदी उस वक्त आई है जब तिब्बत और नेपाल का सीमावर्ती इलाका पहले से ही एक बड़ी कुदरती आफत के जख्म सह रहा था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अगस्त की विनाशकारी बाढ़: &lt;/strong&gt;महज कुछ हफ्ते पहले नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;1400 से ज्यादा मौतें: &lt;/strong&gt;उस बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और सैकड़ों घर बह गए थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;दोहरी मार:&lt;/strong&gt; बाढ़ के सदमे से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि इस 7.0 तीव्रता के भूकंप ने इलाके को फिर से बर्बादी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;China Tremors Update: भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी हलचल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मुख्य झटके के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। National Center for Seismology (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;चीन के एक अन्य हिस्से में रात 8:29 बजे (IST) 5.2 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पांगिन से करीब 505 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में 15 किलोमीटर की गहराई में था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फिलहाल नागकू में मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है। अधिकारी नुकसान की जमीनी समीक्षा कर रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;/h2&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/tibet-earthquake-7-magnitude-16-dead-300-houses-collapsed-china-earthquake-news-articleshow-4m0bqai"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA['रिजीम चेंज में कुछ भी गलत नहीं', नेहा बोरा के वकील की दलील पर कोर्ट में क्यों मचा बवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/neha-bora-peace-bond-case-delhi-high-court-regime-change-remark-aisa-protest-delhi-police-articleshow-1z86es7</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 21:13:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;नेहा बोरा ने 10,000 रुपये के पीस बॉन्ड नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। &lsquo;रिजीम चेंज&rsquo; की मांग पर बहस के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5j4bmef6h50m605s1w2haym,imgname-neha-bora-peace-bond-regime-change-1792683659727.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Neha Bora Peace Bond: &lt;/strong&gt;ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। बोरा ने दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10,000 रुपये का शांति बॉन्ड भरने के लिए कहा गया था। सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करने में कुछ भी गलत नहीं है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि बोरा ऐसी सभा में शामिल थीं, जहां सरकार बदलने की मांग की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कहा कि सत्ता परिवर्तन वोटों के जरिए होना चाहिए, न कि नई दिल्ली में जुटे कुछ &lsquo;उपद्रवी तत्वों&rsquo; के जरिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस प्रसाद की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश शुक्रवार शाम 6 बजे सुनाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;10,000 रुपये के शांति बॉन्ड नोटिस को चुनौती&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यह याचिका नई दिल्ली जिले के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की ओर से 17 अक्टूबर को जारी नोटिस के खिलाफ दायर की गई है। इसी दिन नेहा बोरा को रिहा किया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्हें 16 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। नोटिस में उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और एक जमानतदार के साथ 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरने का निर्देश दिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बोरा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन गलत नहीं है। इसके जवाब में चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार बदलने का फैसला चुनाव में वोटों के जरिए होना चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने दावा किया कि नोटिस सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियाती कार्यवाही के तहत जारी किया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली पुलिस ने 12 उल्लंघनों का दिया हवाला&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ASG चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि नोटिस जारी करने से पहले अधिकारियों ने उपलब्ध सामग्री का आकलन किया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उनके मुताबिक, पुलिस सब-इंस्पेक्टर से मिली जानकारी, पुरानी FIR और मौजूदा हालात पर विचार करने के बाद पूरा रिकॉर्ड मजिस्ट्रेट के सामने रखा गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शर्मा ने आरोप लगाया कि बोरा ने बार-बार पाबंदियों का उल्लंघन किया और इसके समर्थन में 12 मामलों का हवाला दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि बोरा ऐसी सभा में शामिल थीं, जहां &lsquo;कॉकरोच जनता पार्टी&rsquo; (CJP) के नेताओं और एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण के साथ सत्ता परिवर्तन की मांग से जुड़े बयान दिए गए थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शर्मा ने बोरा के इस दावे का भी विरोध किया कि संबंधित इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू नहीं थी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने के बावजूद बोरा रोके जाने पर नहीं रुकीं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;नेहा बोरा ने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वकील अभिक चिमनी के जरिए दायर याचिका में नेहा बोरा ने नोटिस को अस्पष्ट और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उनका कहना है कि इसमें शांति भंग होने की आशंका का कोई ठोस आधार नहीं दिया गया और न ही संबंधित समय, स्थान या घटना का स्पष्ट उल्लेख है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नेहा के वकील शंकरनारायणन ने कहा कि बोरा 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में CJP के प्रदर्शन में शामिल नहीं थीं, बल्कि मंडी हाउस में अपने अलग प्रदर्शन में थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस के नोटिस में मंडी हाउस में नारेबाजी, निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर के पास बार-बार प्रदर्शन और लोगों को कनॉट प्लेस के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए थे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मंडी हाउस मार्च और CJP नेताओं की गिरफ्तारी&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;16 अक्टूबर को नेहा बोरा ने AISA कार्यकर्ताओं के साथ मंडी हाउस से फ्लैग मार्च निकाला था। वे वोटिंग सिस्टम में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और करीब 12 घंटे बाद 17 अक्टूबर की सुबह लगभग 6 बजे रिहा कर दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह घटनाक्रम CJP के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुआ। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[नक्सलवाद के बाद अब ड्रग्स पर वार, अमित शाह ने तय कर दी 31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/amit-shah-sets-december-31-2029-deadline-for-drug-free-india-after-naxalism-mission-articleshow-t3gr5ab</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:24:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Amit Shah on Drugs: &lt;/strong&gt;नक्सलवाद के बाद अब केंद्र सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ बड़ा लक्ष्य तय किया है। अमित शाह ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशे के खतरे से मुक्त करने के लिए रोडमैप बताया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m050v8j86fk8rq6tax291kz1,imgname-vande-mataram-row-amit-shah-attacks-sonia-gandhi-and-congress-demands-apology-1786875060808.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;भारत की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार ने अब अगला बड़ा लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर कहा कि देश को 31 दिसंबर 2029 तक ड्रग्स के खतरे से मुक्त करने के लिए देशभर की पुलिस को मिलकर काम करना होगा। इससे पहले सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खिलाफ अपने लक्ष्य को हासिल करने की घोषणा की थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई डेडलाइन के साथ ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और अर्थव्यवस्था से जुड़ी चुनौती के तौर पर पेश किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नक्सलवाद के बाद अब ड्रग्स पर फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;21 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित नेशनल पुलिस मेमोरियल में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2026 के बाकी महीनों के साथ 2027, 2028 और 2029 ड्रग्स के खिलाफ एकजुट लड़ाई के लिए समर्पित होंगे। उन्होंने पुलिस बलों से &lsquo;नशा मुक्त भारत&rsquo; के लिए तैयार रोडमैप को जमीन पर लागू करने की अपील की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार के मुताबिक, नशे का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। ड्रग्स आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करने के साथ अर्थव्यवस्था पर बोझ डालता है और नशीले पदार्थों से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आपराधिक तथा राष्ट्रविरोधी नेटवर्क में भी हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;राष्ट्रपति मुर्मू के साथ दशहरा मनाने पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, बोलीं- राम के आदर्शों से मिटेगा अधर्म&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2029 तक कैसे हासिल होगा &lsquo;Drug-Free India&rsquo; का लक्ष्य?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने 2026 से 2029 के लिए एक बहु-स्तरीय रोडमैप तैयार किया है। इसमें चार प्रमुख आधार हैं&mdash;इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, डिमांड व हार्म रिडक्शन और संस्थागत क्षमता व समन्वय।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस रणनीति में सिर्फ ड्रग्स की खेप पकड़ना ही लक्ष्य नहीं है। सरकार ड्रग नेटवर्क, तस्करी के रास्तों, वित्तीय लेनदेन, अवैध लैब और नेटवर्क के प्रमुख लोगों तक पहुंचने पर भी जोर दे रही है। रोडमैप में राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल को अहम माना गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नक्सलवाद के बाद नई चुनौती कितनी अलग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने मार्च 2026 में नक्सलवाद के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने की घोषणा की। गृह मंत्रालय के अनुसार 2024, 2025 और मार्च 2026 तक 706 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए, 2,218 गिरफ्तार हुए और 4,839 ने आत्मसमर्पण किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन ड्रग नेटवर्क की प्रकृति अलग है। इसका फैलाव सीमाओं, बंदरगाहों, शहरों, गांवों और डिजिटल नेटवर्क तक हो सकता है। इसलिए 2029 की डेडलाइन के साथ असली चुनौती सिर्फ बरामदगी बढ़ाना नहीं, बल्कि तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसकी फंडिंग पर प्रभावी कार्रवाई करना होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;France Protest में 'Bismillah' लिखकर क्यों निकले छात्र? मुस्लिम कनेक्शन की पूरी कहानी सामने आई&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/amit-shah-sets-december-31-2029-deadline-for-drug-free-india-after-naxalism-mission-articleshow-t3gr5ab"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Raihan Vadra Photos Row: रायहान की 74 तस्वीरें क्यों हटाईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/raihan-vadra-photos-removed-bikaner-house-statement-priyanka-gandhi-exhibition-row-articleshow-15piynt</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 14:50:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;प्रियंका गांधी के बेटे रायहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाने के मामले में बीकानेर हाउस ने बयान जारी किया है। जानें तस्वीरें हटाने पर प्रबंधन ने क्या कहा, रायहान ने क्या आरोप लगाए और प्रियंका गांधी ने कैसी प्रतिक्रिया दी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5hefqv9b0w0b61bqey582q9,imgname-raihan-vadra-photos-removed-bikaner-house-statement-priyanka-gandhi-exhibition-row-1792660725609.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Raihan Vadra Photos Row UPDate &lt;/strong&gt;: दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो एग्जिबिशन से तस्वीरें हटाए जाने पर मचे बवाल के बाद आखिरकार बीकानेर हाउस मैनेजमेंट की ओर से आधिकारिक बयान आ गया है। मैनेजमेंट ने रेहान वाड्रा के उन दावों पर सफाई दी है, जिनमें उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले उनकी 74 तस्वीरों को हटा दिया गया था। संस्था का कहना है कि यह कदम नीतिगत कारणों से उठाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Raihan Vadra Exhibition: बीकानेर हाउस ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने गुरुवार को एक औपचारिक बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मैनेजमेंट ने कहा कि बीकानेर हाउस कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक सार्वजनिक संस्थान है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिसर में आयोजित होने वाली सभी प्रदर्शनियों को सोसाइटी के दिशा-निर्देशों और तय नीतियों का पालन करना अनिवार्य है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बयान के मुताबिक, रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी &lsquo;नो आइडिया इज फाइनल&rsquo; (No Idea Is Final) की कुछ तस्वीरें संस्था की नीति के अनुरूप नहीं थीं, इसीलिए उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सोसाइटी ने यह भी साफ किया कि जो तस्वीरें नीतिगत मानकों पर खरी उतरीं, उन्हें प्रदर्शनी में बने रहने दिया गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रेहान का आरोप: 105 में से हटाई गईं 74 तस्वीरें, तिरंगे की फोटो पर भी विवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इससे पहले रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया था कि बुधवार शाम प्रदर्शनी के प्रीव्यू से ठीक कुछ घंटे पहले उन्हें 105 में से करीब 75 तस्वीरें हटाने का अल्टीमेटम मिला था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेहान के अनुसार, ये तस्वीरें दिल्ली में हाल ही में हुए युवा और राजनीतिक प्रदर्शनों का एक कलात्मक दस्तावेज थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने दावा किया कि हटाई गई तस्वीरों में दो ऐसी भी थीं जिनमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) दिख रहा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेहान का आरोप है कि जब वे वहां मौजूद नहीं थे, तब कर्मचारियों ने इनमें से एक तस्वीर को दीवार से हटा दिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;VIDEO | PTI Exclusive: Artist and photographer Raihan Vadra, the son of Priyanka Gandhi Vadra and Robert Vadra, on Thursday said the Bikaner House administration pulled down many of his pictures of the recent Delhi protests ahead of a solo exhibition.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Raihan Vadra says, &ldquo;My show, &lsquo;No Idea Is Final&rsquo;, was supposed to start at 7PM yesterday at Bikaner House. Twenty-four hours before the opening, I was approached by the Bikaner House management and told that some of the pictures might be objectionable or against their policy. I said that I did not believe they were, but I was happy to discuss the matter and asked them to get back to me in writing, explaining what the concerns were&hellip;Then, at around 12.30 pm, we received a call from the Deputy Resident Commissioner saying that I had to remove 70 of the 105 photographs in the exhibition because they were allegedly against the policy&hellip; After all, it was their venue. In any case, after reviewing their policy, I had already set aside and removed images that contained overtly political slogans&hellip; He explained that the context of the protests and everything happening in Delhi was what made the artwork political, and that I had to remove the photographs&hellip; Once we had removed them, the officials came back to inspect the exhibition and said that the arrangement still did not work. They sent me an email saying that I had to remove some more photographs as well. So I took them down, and they told me to leave them aside&hellip; Afterwards, they came back and said that I had to remove the two photographs of the Indian flag as well. I said, &lsquo;But they are just pictures of the Indian flag. I do not think there is anything in your policy that says photographs of the Indian flag have to be removed&rsquo;. At that point, I firmly told them to put their demand in writing if they wanted me to remove the photographs of the Indian flag. They did not send me anything in writing. They left one photograph in place, but while I was at home changing for the opening, they removed the other photograph of the Indian flag themselves. I have a video of them doing that.&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) October 22, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;प्रियंका गांधी का पलटवार: 'सत्ता का डर और लोकतंत्र की हत्या'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस पूरे घटनाक्रम पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए बीकानेर हाउस के कदम को &quot;बेतुका&quot; बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रियंका ने कहा कि तस्वीरों में कोई टिप्पणी या अपमानजनक सामग्री नहीं थी, यह सिर्फ विरोध प्रदर्शनों का एक विज़ुअल रिकॉर्ड था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में युवाओं और कलाकारों की आवाज को दबाया जा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रियंका ने सोशल मीडिया पर अपने बेटे का हौसला बढ़ाते हुए लिखा कि जब सत्ता में बैठा व्यक्ति अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह अपनी ही जमीन खो बैठता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;No Idea Is Final: प्रदर्शनी जारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तस्वीरें हटाए जाने के विवाद के बावजूद &lsquo;No Idea Is Final&rsquo; प्रदर्शनी जारी है। मामले में बीकानेर हाउस ने अपना पक्ष नीति के आधार पर रखा है, जबकि रायहान और प्रियंका ने तस्वीरें हटाने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। विवाद के केंद्र में यही अंतर है कि संस्थान इसे अपनी नीति का मामला बता रहा है और रायहान इसे विरोध प्रदर्शनों के दृश्य दस्तावेज से जुड़ा मुद्दा मानते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Telecom Rules 2026: ₹10,000 आवेदन फीस, नई तकनीक की टेस्टिंग कैसे होगी? जानें स्टार्टअप्स के नियम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/telecom-sandbox-rules-2026-startups-testing-fee-application-user-safety-articleshow-urz7vmf</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 13:43:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सरकार के Telecom Sandbox Rules 2026 के तहत स्टार्टअप्स और शोधकर्ता नई टेलीकॉम तकनीकों, सेवाओं और बिजनेस मॉडल का नियंत्रित माहौल में ट्रायल कर सकेंगे। जानें ₹10,000 आवेदन फीस, 24 महीने की अवधि, नियामक छूट और यूजर की सहमति से जुड़े नियम।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5hajfwa86vp774xmq3q34ee,imgname-telecom-sandbox-rules-2026-startups-testing-fee-application-user-safety-1792656621450.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Telecom Regulatory Sandbox Rules 2026:&lt;/strong&gt; दूरसंचार के क्षेत्र में नए विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने 'टेलीकम्युनिकेशंस (रेगुलेटरी सैंडबॉक्स) नियम, 2026' का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नए फ्रेमवर्क की मदद से देश के स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और कंपनियां बिना किसी कानूनी अड़चन के एक नियंत्रित माहौल (controlled environment) में अपनी नई टेलीकॉम टेक्नोलॉजी, सेवाओं और बिजनेस मॉडल का लाइव ट्रायल कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सैंडबॉक्स ट्रायल की फीस और समयावधि की शर्तें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने इन परीक्षणों के लिए एक निश्चित समय-सीमा और फीस तय की है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;24 महीने की शुरुआती अवधि:&lt;/strong&gt; कोई भी रेगुलेटरी सैंडबॉक्स शुरुआत में अधिकतम 2 साल के लिए मान्य होगा, जिसे जरूरत पड़ने पर 12 महीने के लिए और बढ़ाया जा सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;10,000 रुपये फीस: &lt;/strong&gt;ट्रायल की अनुमति या एक्सटेंशन मांगने के लिए आवेदकों को 10,000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;जरूरी दस्तावेज: &lt;/strong&gt;आवेदकों को अपनी पुरानी लैब टेस्ट रिपोर्ट और नियमों से मांगी जा रही छूट का पूरा ब्योरा सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करना होगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;यूजर्स की सुरक्षा और फ्री ट्रायल का नियम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नए फ्रेमवर्क में आम लोगों की सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा गया है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;सहमति अनिवार्य: &lt;/strong&gt;परीक्षण में शामिल होने वाले यूजर्स से पहले लिखित या डिजिटल सहमति (consent) लेना अनिवार्य होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;ट्रायल बिल्कुल मुफ्त:&lt;/strong&gt; कंपनियां परीक्षण में शामिल यूजर्स से कोई भी फीस या चार्ज वसूल नहीं कर सकती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;कमर्शियल बिक्री पर रोक: &lt;/strong&gt;सैंडबॉक्स के तहत टेस्ट की जा रही तकनीक या सर्विस की बाजार में व्यावसायिक बिक्री पर पूरी तरह बैन रहेगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रिकॉर्ड संभालकर रखना होगा जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कंपनियों को अपनी टेस्टिंग प्रक्रिया, यूजर कंसेंट और एक्शन प्लान से जुड़े सभी दस्तावेज संभालकर रखने होंगे। सैंडबॉक्स खत्म होने के बाद भी कम से कम 1 साल तक इन रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Tiger Shroff Firing Case: हमले से पहले शूटरों की थी शूटिंग की प्रैक्टिस, होटल में चली गई थी कारतूस?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-case-shooting-practice-hotel-room-bullet-arrests-articleshow-nxk9vv6</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:28:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट। पूछताछ में हमले से पहले हथियारों की टेस्टिंग और अंधेरी के होटल में गोली चलने की जानकारी सामने आई। पुलिस 10 गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h6fg0d50m602mjxyjs1g8z,imgname-tiger-shroff-firing-case-shooting-practice-hotel-room-bullet-arrests-1792652328973.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: &lt;/strong&gt;बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में रोज़ नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया है कि इस सनसनीखेज हमले को अंजाम देने से पहले उन्होंने हथियारों की बकायदा प्रैक्टिस की थी। हद तो तब हो गई जब अंधेरी के एक होटल के कमरे में टेस्ट के दौरान गलती से चली गोली सीधे बिस्तर पर जा धंसी। इस खुलासे के बाद मुंबई पुलिस और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल की जांच का दायरा और ज्यादा बड़ा हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हमले से पहले की गई थी शूटिंग की प्रैक्टिस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हमला करने से पहले मुंबई के पास एक सुनसान जगह पर हथियार आजमाए थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूछताछ में सामने आया है कि उस जगह पर एक आरोपी ने दो राउंड और दूसरे ने एक राउंड फायरिंग करके हथियारों को परखा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके अलावा, अंधेरी के एक होटल में भी हथियार चेक करते वक्त लापरवाही में गोली चल गई थी जो बेड पर जा लगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस अब इन दोनों जगहों की तकनीकी और भौतिक जांच कर रही है ताकि आरोपियों के हर कदम का पूरा ब्योरा जुटाया जा सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन और हथियारों की तस्करी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस पूरे मामले के तार खतरनाक गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ते नजर आ रहे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अमेरिका में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित के इशारे पर हरियाणा के पानीपत से जुड़े गुर्गों ने इस साजिश को रचा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुणाल और सुमित नाम के आरोपियों ने अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस मंगवाए थे, जिन्हें राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं ने ट्रेन के जरिए सुरक्षित तरीके से मुंबई तक पहुंचाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हरियाणा से सात और लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में शिकंजे में आए कुल संदिग्धों की संख्या 10 हो गई है। दिल्ली से लाए गए चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या था पूरा मामला और घायलों का हाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है जब टाइगर श्रॉफ जुहू के एक क्लब से बाहर निकल रहे थे। हमलावरों की इस फायरिंग में अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन उनका ड्राइवर और एक राहगीर (व्लॉगर उमेश चौहान) घायल हो गए। बुधवार को अस्पताल में सर्जरी के बाद व्लॉगर के शरीर से गोली निकाल ली गई है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस इस मामले में हर एक कड़ी को तेजी से जोड़ने में जुटी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sonia Gandhi Instagram: 7 तस्वीरों में देखें सोनिया गांधी की पहली इंस्टाग्राम पोस्ट, संस्मरण की झलक से प्रियंका संग जश्न तक]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/sonia-gandhi-makes-instagram-debut-shares-first-look-of-memoir-belonging-with-priyanka-gandhi-photoshow-ydnaalk</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 13:23:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Priyanka Gandhi Vadra: सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर डेब्यू कर लिया है। उन्होंने 22 अक्टूबर को अपनी पहली पोस्ट में अपनी आने वाली किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' की पहली झलक शेयर की। इस वीडियो में वह किताब की पहली कॉपी लेते हुए और अपनी बेटी&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h7kb6v9099h0nrrr0ev9wt,imgname-sonia-gandhi-instagram--53d7f9fa0fd749b9ab04368832e575d7-1792653503707.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Priyanka Gandhi Vadra: सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर डेब्यू कर लिया है। उन्होंने 22 अक्टूबर को अपनी पहली पोस्ट में अपनी आने वाली किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' की पहली झलक शेयर की। इस वीडियो में वह किताब की पहली कॉपी लेते हुए और अपनी बेटी&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर कदम रख दिया है। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में अपने आने वाले संस्मरण 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' की झलक दिखाई है। दिग्गज कांग्रेस नेता ने इस किताब को &quot;प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनापन तलाशने&quot; की एक निजी कहानी बताया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गुरुवार, 22 अक्टूबर को शेयर किए गए इस वीडियो में सोनिया गांधी किताब की पहली कॉपी हासिल करती दिख रही हैं। इस खास मौके पर वह अपनी बेटी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मिठाइयां भी बांट रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सोनिया गांधी ने अपनी पहली पोस्ट में कहा, &quot;सभी को नमस्कार, मैं आप सभी के साथ इस पल को शेयर करते हुए सच में बहुत आभारी हूं; यह 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' की पहली झलक है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, &quot;यह प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनापन तलाशने की कहानी है। मैं इसे आपके साथ शेयर करने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।&quot;&lt;/p&gt;View this post on Instagram&lt;p&gt;A post shared by Sonia Gandhi (@soniagandhi)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोनिया गांधी ने किताब में शामिल तस्वीरों को भी दिखाया है। इससे उनके फॉलोअर्स को अगले महीने रिलीज होने से पहले ही संस्मरण की एक झलक मिल गई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;हार्पर कॉलिन्स इंडिया 10 नवंबर को 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' पब्लिश करेगी। पिछले महीने हुई इस घोषणा ने भारत में किताब के पब्लिकेशन को लेकर चल रही अनिश्चितता को खत्म कर दिया। इससे पहले लेखिका की टीम और पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) के बीच गतिरोध चल रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हार्पर कॉलिन्स ने इस संस्मरण को अपने समय की सबसे बहुप्रतीक्षित राजनीतिक किताबों में से एक बताया है। इसमें प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की निजी कहानी के साथ-साथ भारत के सफर पर एक अंदरूनी नजरिया देखने को मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मैन्युस्क्रिप्ट में प्रस्तावित संपादकीय बदलावों को लेकर PRHI और सोनिया गांधी की टीम के बीच मतभेदों की खबरें आई थीं। इसके बाद ही पब्लिशर बदला गया। कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और मोदी सरकार के दौरान भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे से जुड़े हिस्सों को हटाने का दबाव था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;PRHI ने कहा था कि वह इस संस्मरण को पब्लिश करने के लिए बहुत उत्सुक था। हालांकि, एक खास मुद्दे पर गतिरोध के कारण उसने अंततः हाथ खींच लिए। पब्लिशर ने किसी भी बाहरी दबाव से इनकार किया और गोपनीयता का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;'बिलॉन्गिंग' में सोनिया गांधी के युद्ध के बाद इटली के वेनेटो में बीते बचपन से लेकर भारत के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक के सदस्य के रूप में उनके जीवन के सफर को दिखाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह संस्मरण कैम्ब्रिज में बिताए उनके समय को याद करता है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी। राजीव भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पोते थे। किताब में उनकी शादी, उनकी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उनकी पहली मुलाकात और भारतीय जीवन में ढलने के उनके संघर्ष का जिक्र है। इसमें हिंदी सीखना, साड़ी पहनना और भारतीय भोजन व संस्कृति को अपनाना शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;यह किताब उन त्रासदियों को भी याद करती है जिन्होंने गांधी परिवार को गहराई से प्रभावित किया। इनमें विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह संस्मरण 2004 के आम चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के इर्द-गिर्द हुए राजनीतिक घटनाक्रमों को भी टटोलता है। सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय कांग्रेस और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) का नेतृत्व किया, जिसने अगले एक दशक तक भारत पर शासन किया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सोनिया गांधी के डेब्यू के साथ ही कांग्रेस परिवार का एक और प्रमुख सदस्य इंस्टाग्राम पर आ गया है। डेब्यू के 2 घंटे के भीतर ही उनके करीब 23,000 फॉलोअर्स हो गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर लगभग 106.8 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो विश्व स्तर पर सबसे ज्यादा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लगभग 36.1 मिलियन, जबकि राहुल गांधी के लगभग 16.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा के अकाउंट पर लगभग 2.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। ये आंकड़े अनुमानित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। सोनिया गांधी का नया अकाउंट यूजर्स को उनके संस्मरण और सार्वजनिक जीवन के बारे में अपडेट देगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/sonia-gandhi-makes-instagram-debut-shares-first-look-of-memoir-belonging-with-priyanka-gandhi-photoshow-ydnaalk"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sonia Gandhi Instagram Entry: पहली पोस्ट में दिखी ‘Belonging’ की झलक, खुलेंगे कौन से राज?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/sonia-gandhi-instagram-debut-belonging-a-journey-of-love-memoir-first-look-articleshow-allv21w</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:12:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sonia Gandhi ने Instagram पर डेब्यू करते हुए अपनी किताब &lsquo;Belonging: A Journey of Love&rsquo; की पहली झलक साझा की। वीडियो में प्रियंका गांधी वाड्रा भी नजर आईं। किताब 10 नवंबर 2026 को भारत में रिलीज होगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h53dwd6x7z8smybwzx36p5,imgname-sonia-gandhi-instagram-debut-belonging-a-journey-of-love-memoir-first-look-1792650885005.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sonia Gandhi Instagram: &lt;/strong&gt;कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना कदम रखा। अपनी पहली ही पोस्ट में उन्होंने अपनी बहुप्रतीक्षित किताब 'बिलोंगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) की पहली झलक दुनिया के सामने पेश की। इस वीडियो में वे अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ किताब की पहली कॉपी मिलने की खुशी मनाती और एक-दूसरे को मिठाई खिलाती नजर आ रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर लिखी दिल की बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सोनिया गांधी ने अपनी पहली पोस्ट में इस किताब को अपने जीवन के निजी पलों, फर्ज, नुकसान और भारत में अपनी जगह बनाने की एक भावुक कहानी बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने लिखा, &quot;आप सभी के साथ इस खास पल को शेयर करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। पेश है मेरी किताब 'बिलोंगिंग' की पहली झलक।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वीडियो में सोनिया अपनी बेटी प्रियंका को किताब के पन्नों में छपी पुरानी तस्वीरों को दिखाती हुई बेहद सहज अंदाज में नजर आ रही हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लंबे इंतजार के बाद हार्परकॉलिन्स इंडिया इसे 10 नवंबर को भारत में पब्लिश करने जा रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;View this post on Instagram&lt;p&gt;A post shared by Sonia Gandhi (@soniagandhi)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पब्लिशर विवाद और किताब से जुड़ी अहम बातें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इससे पहले इस संस्मरण को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पब्लिश करने वाला था, लेकिन एडिटोरियल बदलावों को लेकर बात नहीं बनी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि सरकार के दबाव के चलते पेंगुइन ने हाथ पीछे खींचे, हालांकि पब्लिशर ने किसी भी बाहरी राजनीतिक दबाव से इनकार किया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बचपन से कैम्ब्रिज तक का सफर:&lt;/strong&gt; किताब की शुरुआत युद्ध के बाद इटली में सोनिया गांधी के बचपन और फिर कैम्ब्रिज जाने की कहानी से होती है, जहां 1965 में उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;भारतीय संस्कृति में ढलने की कहानी:&lt;/strong&gt; इसमें राजीव गांधी से शादी, सास इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात, हिंदी सीखने और साड़ी पहनने जैसे शुरुआती अनुभवों को साझा किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पारिवारिक त्रासदियां: &lt;/strong&gt;संजय गांधी की एक्सीडेंट में मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की शहादत जैसे दर्दनॉक हादसों पर भी रोशनी डाली गई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;2004 का राजनीतिक मोड़: &lt;/strong&gt;किताब में 2004 में कांग्रेस की जीत के बाद सोनिया गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पद ठुकराने और यूपीए सरकार की कमान संभालने के राजनीतिक घटनाक्रम को भी जगह दी गई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/sonia-gandhi-instagram-debut-belonging-a-journey-of-love-memoir-first-look-articleshow-allv21w"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CJP के दास और रांका की मुश्किलें और बढ़ीं, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जारी किया समन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-crime-branch-cjp-saurav-das-ashutosh-ranka-summons-jantar-mantar-protest-case-articleshow-n78hfqn</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-crime-branch-cjp-saurav-das-ashutosh-ranka-summons-jantar-mantar-protest-case-articleshow-n78hfqn</guid>
            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:45:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CJP के सौरव दास और आशुतोष रंका को Delhi Crime Branch ने Jantar Mantar Protest Case में समन भेजा है। दोनों से दो FIR के सिलसिले में पूछताछ होगी। CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी बुलाया गया है। जानिए पूरी खबर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h3zryk3akn6jfbnn1gjdrb,imgname-delhi-crime-branch-cjp-saurav-das-ashutosh-ranka-summons-jantar-mantar-protest-case-1792649716691.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders Crime Branch Summons: &lt;/strong&gt;जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए हाई-वोल्टेज हंगामे और विरोध प्रदर्शन के मामले में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तिहाड़ जेल से एक हफ्ते की न्यायिक हिरासत के बाद रिहा होने के तुरंत बाद, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को पूछताछ के लिए समन भेज दिया है। उनके साथ एक अन्य सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी बुलाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जंतर-मंतर घुसपैठ और तिरंगा फहराने का मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;क्राइम ब्रांच ने यह समन जंतर-मंतर पर बिना अनुमति जबरन घुसने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश से जुड़े दो मामलों में भेजा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ये दोनों मामले 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े हैं, जिन्हें अब आगे की जांच के लिए स्पेशल क्राइम ब्रांच यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक FIR कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज है, जिसमें सरकारी आदेश की अवहेलना, हाउस ट्रेसपास और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दूसरी FIR संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई है, जिसमें पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और झड़प के दौरान उन्हें चोट पहुंचाने का जिक्र है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Delhi Crime Branch Summons: दास और रंका को कब बुलाया?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुधवार को ही एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए सौरव दास और आशुतोष रंका को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;क्राइम ब्रांच ने दास और रंका को गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित अपने कार्यालय में पेश होने को कहा है। यह समन ऐसे समय आया है, जब दोनों सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद बुधवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अदालत ने दोनों से 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके भरवाए और शांति बनाए रखने का लिखित वचन लिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नेताओं ने वादा किया है कि जब तक जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल नहीं किया जाता, वे वहां कोई धरना नहीं देंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;CJP के ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद इस राजनीतिक मामले में क्या नया मोड़ आता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Hyderabad Crime: शादी के लिए नहीं थे पैसे, जॉबलेस प्रेमी युगल कर बैठा ऐसा कांड कि पीछे पड़ गई पुलिस!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/hyderabad-chain-snatching-lover-couple-arrested-for-stealing-gold-chain-to-fund-marriage-articleshow-hu3mhg0</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:04:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Hyderabad Chain Snatching Case में पुलिस ने आंध्र प्रदेश के प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शादी के लिए पैसे जुटाने के मकसद से दोनों ने मंदिर में सफाई कर रही 65 वर्षीय महिला की 30 ग्राम सोने की चेन छीनी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h1kbt4m3b98q8wzvn321rv,imgname-hyderabad-chain-snatching-lover-couple-arrested-for-stealing-gold-chain-to-fund-marriage-1792647212868.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hyderabad Crime News:&lt;/strong&gt; प्यार में लोग क्या कुछ नहीं करते, लेकिन हैदराबाद से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। शादी के खर्च के लिए पैसे जुटाने के चक्कर में एक बेरोजगार प्रेमी जोड़े ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। आंध्र प्रदेश के रहने वाले इस जोड़े ने मलकजगिरी इलाके के एक मंदिर में अकेली बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया और उनके गले से सोने की चेन उड़ा ली। वनस्थलीपुरम पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मंदिर में सफाई कर रही बुजुर्ग महिला पर किया हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यह पूरी घटना 18 अक्टूबर की सुबह करीब 6:04 बजे वेंकट रमना कॉलोनी स्थित राजा राजेश्वरी मंदिर में हुई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पीड़िता अंडुगुला रामुलम्मा मंदिर में साफ-सफाई कर रही थीं और उस समय वहां कोई दूसरा भक्त मौजूद नहीं था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय अन्नपु रेड्डी दुर्गा रमना रेड्डी और 24 वर्षीय तेनका वरलक्ष्मी के रूप में हुई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;योजना के तहत वरलक्ष्मी ने बुजुर्ग महिला को पीछे से दबोचकर उनका मुंह बंद कर दिया, जबकि रमना रेड्डी ने जबरन उनके गले से करीब 30 ग्राम की सोने की चेन (पुस्तेलताडु) खींच ली। इसके बाद दोनों एक्टिवा स्कूटर पर बैठकर फरार हो गए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Hyderabad Crime News: शादी के लिए क्यों चुना अपराध का रास्ता?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं। 23 वर्षीय अन्नपु रेड्डी दुर्गा रमना रेड्डी और 24 वर्षीय तेनका वरलक्ष्मी पिछले करीब डेढ़ साल से रिलेशनशिप में हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस के मुताबिक, दोनों लगभग एक महीने पहले काम की तलाश में हैदराबाद आए थे। नौकरी नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। आरोप है कि उन्होंने शादी के लिए पैसे जुटाने के मकसद से चेन स्नेचिंग की योजना बनाई। दोनों गुर्रमगुडा इलाके में साथ रह रहे थे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नौकरी की तलाश में आए थे हैदराबाद, सीसीटीवी ने खोले राज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस पूछताछ में जो बात सामने आई, वह हैरान करने वाली है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह जोड़ा करीब एक महीना पहले ही काम की तलाश में आंध्र प्रदेश से हैदराबाद आया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जब शहर में उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली और शादी के लिए पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया, तो उन्होंने यह शॉर्टकट रास्ता चुना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वे पिछले डेढ़ साल से रिलेशनशिप में थे और गुर्रमगुडा में साथ रह रहे थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कमला नगर की एक ज्वेलरी शॉप के पास से इन्हें दबोच लिया। इनके पास से लूटा गया सोना और मोबाइल बरामद हो चुका है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Hyderabad Police: आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे जांच की जा रही है। फिलहाल, पुलिस के आरोपों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही घटना की जानकारी सामने आई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कौन हैं बबीता और राधा? जिसकी टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हुई गिरफ्तारी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/entertainment/tiger-shroff-firing-case-who-is-babita-and-radha-delivered-the-bag-of-weapons-to-mumbai-articleshow-vmgb5s2</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 10:52:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तार बबीता और राधा की कहानी सामने आई है। दोनों रोजगार के लिए सोनीपत गई थीं। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर मुंबई में हथियारों का बैग पहुंचाया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h05q9tt2axehjafg7ena91,imgname-tiger-shroff-1792645717306.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें दो महिला भी शामिल है। इन दोनों महिलाओं की कहानी सामने आई है। एक महिला का नाम बबीता है, जबकि दूसरे का राधा। दोनों यूपी की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि दोनों काम की तलाश में हरियाणा के सोनीपत पहुंची थी। पुलिस का आरोप है कि दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर मुंबई पहुंचकर हथियारों से भरा बैग एक नाबालिग को सौंपा था। हालांकि, मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच जारी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कौन हैं बबीता और राधा?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The Indian Express रिपोर्ट के अनुसार, बबीता उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के कोठियार गांव की रहने वाली हैं। वह तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके दोनों भाई दूसरे राज्यों में काम करते हैं, जबकि उनकी बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। बताया गया है कि बबीता करीब दो साल पहले रिश्तेदारों की सलाह पर सोनीपत गई थीं। उन्हें वहां पैकेजिंग के काम में ठीक-ठाक कमाई होने की जानकारी मिली थी। वह परिवार की आर्थिक मदद के लिए नौकरी करना चाहती थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, राधा उत्तर प्रदेश के एक गांव की रहने वाली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी शादी साल 2016 में सुनील कुमार से हुई थी और उनका एक बेटा भी है। पारिवारिक विवाद के बाद वह पति से अलग होकर अपने मायके लौट आई थीं। बाद में रोजगार की तलाश में वह घर से बाहर निकलीं। सोनीपत में ही राधा और बबीता की मुलाकात हुई थी और दोनों दोस्त बन गए थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोनीपत में करती थीं नौकरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट में बताया गया है कि राधा और बबीता हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र में रहती थीं और काम करके अपने परिवारों की मदद कर रही थीं। बबीता के गांव के प्रधान के मुताबिक, वह नौकरी के लिए ही घर से बाहर गई थीं। उनके परिवार और गांव के लोगों को गिरफ्तारी की खबर से हैरानी हुई। राधा के गांव के पूर्व प्रधान ने भी बताया कि उनके परिवार का कहना है कि उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे सामने आया कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली पुलिस के अनुसार, राधा की मुलाकात कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुनाल से हुई थी। पुलिस का आरोप है कि कुनाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने और वहां एक युवक को सौंपने के लिए राजी किया। इसके बदले दोनों महिलाओं को 12-12 हजार रुपये देने का वादा किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। पुलिस के मुताबिक, राधा ने अपनी दोस्त बबीता को भी इस काम में शामिल किया। इसके बाद 15 अक्टूबर को दोनों दिल्ली से ट्रेन के जरिए मुंबई रवाना हुईं। वे 17 अक्टूबर को मुंबई के दादर पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। पुलिस का आरोप है कि वहां एक नाबालिग लड़के ने राधा से बैग लिया, जिसमें कथित तौर पर पिस्तौल थी। इसके अगले दिन, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिलाओं द्वारा सौंपा गया हथियार इसी घटना में इस्तेमाल हुआ था या नहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और पढ़ें: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और आमिर भी थे निशाने पर, खुलासा होने पर हिला बॉलीवुड&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 20 अक्टूबर को राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। इसी मामले में कुनाल और सुमित नाम के दो अन्य लोगों को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया। इससे पहले फायरिंग के मामले में तीन कथित हमलावरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अब कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क, आरोपियों के आपसी संपर्क और फायरिंग की साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और पढ़ें: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में 'लेडी' कनेक्शन? 5 और आरोपी गिरफ्तार, दो महिलाएं भी शामिल&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Nitu Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra 2026: मूर्ति लेकर जा रहा हाथी अचानक भड़का, एक घंटे तक मची अफरा-तफरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/shivamogga-dasara-elephant-somanna-goes-out-of-control-damages-cars-articleshow-dd5oatw</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 10:40:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Shivamogga Dasara Elephant: &lt;/strong&gt;कर्नाटक के शिवमोगा में दशहरा जुलूस के दौरान एक हाथी अचानक भड़क गया। भीड़ को देखकर घबराए इस हाथी ने कई गाड़ियां तोड़ दीं और करीब एक घंटे तक दहशत फैलाई। बाद में उसे ट्रेंकुलाइज करके काबू में किया गया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Elephant Goes on Rampage:&lt;/strong&gt; कर्नाटक में दशहरा के जश्न के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सोमन्ना नाम का हाथी शिवमोगा में चामुंडेश्वरी देवी की मूर्ति ले जाते समय अचानक भड़क गया। इस हाथी ने करीब एक घंटे तक जमकर आतंक मचाया। पशु चिकित्सकों ने बाद में उसे ट्रेंकुलाइज (बेहोश करने वाला इंजेक्शन) करके काबू में किया। हाथी ने इस दौरान दो कारों को नुकसान पहुंचाया और महावत भी घायल हो गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोमन्ना जुलूस की शुरुआत में बिल्कुल शांत था। वह कोटे रोड स्थित जैन भवन तक अपनी पीठ पर अंबारी (हौदा) लेकर आराम से चल रहा था। 'सागर' और 'बहादुर' नाम के हाथी उसके आगे-पीछे चल रहे थे। वन विभाग और पुलिस ने रस्सियां बांधकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चश्मदीदों का कहना है कि हाथियों की जगह बदलने की वजह से यह पूरी गड़बड़ी हुई। वन विभाग ने आगे चल रहे सागर को पीछे कर दिया और अंबारी ले जा रहे सोमन्ना को सबसे आगे कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | शिवमोगा, कर्नाटक: शिवमोगा कोटे पैलेस के पास जंबू सवारी के दौरान एक अप्रिय घटना सामने आई, जब अंबारी (हौदा) ले जा रहा हाथी सोमन्ना घबरा गया और मौके पर दहशत फैल गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घबराहट में हाथी सोमन्ना ने पास खड़ी कारों और बाइकों पर हमला कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने अब हाथी को काबू में कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) 21 अक्टूबर 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोमन्ना सबसे आगे आते ही भीड़ देखकर घबरा गया और तय रास्ते से भटक कर भागने लगा। वह पतली गलियों में घुसने के बाद और ज्यादा आक्रामक हो गया। उसने अपनी पीठ से अंबारी गिराने की कोशिश की और रास्ते में खड़ी कारों में तोड़फोड़ की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पशु चिकित्सकों ने हालात बिगड़ते देख तुरंत हाथी को ट्रेंकुलाइज किया। कर्मचारियों ने इसके बाद बहादुर हाथी की मदद से सोमन्ना को काबू में किया। महावत और बाकी कर्मचारियों ने फौरन मूर्ति और अंबारी को सुरक्षित नीचे उतारा। अधिकारियों ने फिर हाथी को जंजीरों से बांधकर जिला केंद्र के टेंट में भेज दिया। हाथी थोड़ी देर बाद पूरी तरह शांत हो गया। महावत को उसे काबू करने की कोशिश में चोटें आई हैं। डिप्टी कमिश्नर ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Congress-PI Link: क्या विदेशी ताकतों के इशारे पर भारत में सत्ता परिवर्तन की साजिश? चौंकाने वाली रिपोर्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/congress-progressive-international-link-fox-news-101-protest-organizations-november-1-2026-protest-articleshow-hb6apyh</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 10:29:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Fox News Digital की रिपोर्ट में 13 देशों के 101 संगठनों का जिक्र है। प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल, राहुल-सोनिया की मुलाकात और 1 नवंबर के प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस से सवाल पूछे हैं। जानें पूरा मामला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5gyy9xvshejwyek3jwc28yp,imgname-congress-progressive-international-link-fox-news-101-protest-organizations-november-1-2026-protest-1792644425659.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Congress-PI Link:&lt;/strong&gt; देश की राजनीति में इन दिनों एक विदेशी रिपोर्ट को लेकर भूचाल आया हुआ है। 'फॉक्स न्यूज डिजिटल' ( Fox News Digital ) की एक सनसनीखेज जांच रिपोर्ट ने भारत में चल रहे राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बीच किसी गहरी सांठगांठ की ओर इशारा किया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं, और 1 नवंबर 2026 को होने वाले प्रदर्शनों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Fox News Report: 101 संगठनों के नेटवर्क में क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Fox News Digital की 20 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट का शीर्षक 'ग्लोबल केओस इंक' यानि &lsquo;Global Chaos Inc Grows to 101 Groups With Plans for New Rounds of Demonstrations&rsquo; है। रिपोर्ट के मुताबिक:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;13 देशों में 101 ऐसे संगठनों की पहचान की गई है, जो प्रदर्शनों को आयोजित करने, उनमें समन्वय करने या उन्हें प्रचारित करने से जुड़े बताए गए हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रिपोर्ट में वामपंथी, समाजवादी, कम्युनिस्ट और दूसरे सक्रिय समूहों के बीच संपर्कों का जिक्र है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फ्रांस में प्रस्तावित प्रदर्शनों के साथ-साथ अन्य देशों के आंदोलनों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका पर भी चर्चा की गई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Progressive International: भारत समेत कई देशों के आंदोलनों का जिक्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल ने 16 अक्टूबर की अपनी ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया में चल रहे आंदोलनों का उल्लेख किया था। संगठन ने सवाल उठाया कि इन विरोध-प्रदर्शनों से पैदा हो रहा जनाक्रोश राजनीतिक ताकत में कैसे बदल सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ब्रीफिंग में अलग-अलग देशों के आंदोलनों के बीच सहयोग और संगठन बनाने की जरूरत पर चर्चा की गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;PI ने कहा कि वह इन आंदोलनों से जुड़ी ताकतों को समर्थन देने और उनके बीच संपर्क बढ़ाने का काम कर रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;Global investigation exposes Anarchy and Regime Change Plot of Congress!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Investigation report titled &quot;Global Chaos inc grows to 101 groups&quot; flags how communist organization Progressive International( PI) was coordinating common messaging between protest in France, Albania and India.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Aim of the messaging was :&quot; Acquiring organized power through new rebellion&quot;.: Regime change!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Rahul Gandhi and Sonia Gandhi had met Progressive International at 10 Janpath on 10th April 2025!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;This further proves Rahul Gandhi and Congress is in the remote control of Foreign Anti Democratic Forces!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Congress must reveal:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- Was it coordinating with Progressive International during protest&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- What was messaging between Congress and this organization when protest were ongoing.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- Rahul Gandhi moving to Vietnam is it related to taking instructions from many such organization for November 1 Anarchic protest.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;- Sanjay Raut posting about Albania was not a mere coincidence. Albania is the country mentioned in the report.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;In India the Regime Change attempt; anarchy attempt through violence on street could fail because of Indian Democracy being protected under PM Modi's govt.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Congress must answer!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Congress Regime Change Plot gets exposed in global investigation&lt;/p&gt;&lt;p&gt;https://t.co/Z1M3XHzv8H&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) October 22, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Rahul Gandhi-Sonia Gandhi: PI प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात क्यों चर्चा में?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अप्रैल 2025 में मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। उस बैठक में वैश्विक मुद्दों और प्रगतिशील समूहों को जोड़ने के प्रयासों पर चर्चा की खबरें आई थीं। Fox News की ताजा रिपोर्ट के बाद इस मुलाकात का फिर से जिक्र हो रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से बैठक और कथित साजिश के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं होता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Pradeep Bhandari: कांग्रेस से पूछे सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस से पूछा कि क्या वह प्रदर्शनों के दौरान PI के संपर्क में थी और दोनों के बीच क्या बातचीत हुई। उन्होंने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा और 1 नवंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाए। ये भंडारी के आरोप और सवाल हैं, स्थापित तथ्य नहीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Sanjay Raut Statement: अल्बानिया का मामला भी चर्चा में&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विवाद के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की अल्बानिया में अशांति को लेकर की गई टिप्पणी भी चर्चा में है। उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर हमला किया और अन्य देशों, खासकर भारत, को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए। भाजपा ने उनके बयान की आलोचना की, जबकि सहयोगी प्रियंका चतुर्वेदी ने इससे असहमति जताई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन 1 नवंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करेगा। ऐसे में इस प्रदर्शन से पहले अंतरराष्ट्रीय संगठनों, विपक्ष की रणनीति और भाजपा के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CJP Leaders Video: जेल से छूटते ही आशुतोष रांका की अभिजीत दिपके से बात, वायरल हुआ वीडियो]]></title>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 09:59:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CJP Leaders Video में जेल से रिहाई के बाद आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके की बातचीत वायरल है। रांका ने गिरफ्तारी को गलत बताया। सौरव दास और रांका ने &lsquo;Gyaanu Must Go&rsquo; का नारा लगाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders Ashutosh Ranka and Sourav Das Released: &lt;/strong&gt;CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जेल से रिहाई के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस बीच आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके के बीच वीडियो कॉल पर हुई बातचीत भी सामने आई है। बातचीत में दिपके कहते सुनाई देते हैं, &lsquo;नेता जी छूट गए!&rsquo; वहीं, रांका अपनी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाते हैं और बताते हैं कि उन्हें किस तरह हिरासत में लिया गया था। रिहाई के बाद दोनों नेताओं ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के साथ &lsquo;Gyaanu Must Go&rsquo; के नारे भी लगाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Ashutosh Ranka Video: रिहाई के बाद अभिजीत दिपके से क्या बोले?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कॉल में दोनों के बीच गिरफ्तारी और रिहाई को लेकर बातचीत होती सुनाई देती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका के जेल से बाहर आने पर कहते हैं, &lsquo;नेता जी छूट गए!&rsquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बातचीत के दौरान आशुतोष रांका अंग्रेजी में कहते हैं, &lsquo;They could not handle you coming here&rsquo;, यानी वे आपके यहां आने को संभाल नहीं पाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रांका अपनी गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहते हैं कि उन्हें निजी संपत्ति से उठाया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders Arrest: आशुतोष रांका ने गिरफ्तारी पर क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वीडियो में रांका अपनी हिरासत से जुड़ी परिस्थितियों का जिक्र करते हैं। उनके मुताबिक, गिरफ्तारी की कार्रवाई गैरकानूनी थी। उन्होंने कहा कि आदेश सुबह 10 बजे भेजा गया, जबकि उन्हें सुबह 8 बजे ही गिरफ्तार कर लिया गया था। यह समयक्रम रांका के बयान के मुताबिक है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रांका ने यह भी बताया कि जिस बस में उन्हें लेकर जाया गया था, उसी बस से वापस छोड़ा गया। उन्होंने अपनी रिहाई को जीत की तरह पेश किया और गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Police Action: कोर्ट में पुलिस ने क्या दलील दी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रांका के मुताबिक, अदालत में पुलिस ने कहा कि संबंधित संपत्ति को उसके कब्जे में ले लिया गया था। इस तरह वीडियो में गिरफ्तारी को लेकर रांका का पक्ष और अदालत में पुलिस की बताई गई दलील, दोनों का जिक्र सामने आता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से अदालत की पूरी कार्यवाही या गिरफ्तारी की वैधता पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष स्पष्ट नहीं होता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Gyaanu Must Go: रिहाई के बाद CJP नेताओं का नारा&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जेल से रिहा होने के कुछ घंटों बाद CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपना एक और वीडियो साझा किया। इसमें दोनों भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए &lsquo;Gyaanu Must Go&rsquo; के नारे लगाते दिखाई दिए। दोनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। रिहाई के बाद सामने आए इन वीडियो के जरिए CJP नेताओं ने अपना विरोध जारी रखने का संदेश दिया। आशुतोष रांका और अभिजीत दिपके की बातचीत वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[TV News Advisory: न्यूज चैनलों को क्या दिखाने से बचना होगा? जानिए सरकार के 10 बड़े निर्देश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tv-news-advisory-government-10-guidelines-india-ai-controversial-debates-live-coverage-articleshow-p1o1v8s</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 09:07:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;TV News Advisory में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निजी न्यूज चैनलों के लिए 10 निर्देश जारी किए हैं। आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की लाइव कवरेज, हिंसक विजुअल्स, भड़काऊ डिबेट, AI के इस्तेमाल और एडिटोरियल सिस्टम को लेकर जानें पूरी गाइडलाइन।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TV Channels Advisory: &lt;/strong&gt;सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने देश के सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों के लिए एक कड़ी एडवाइजरी जारी कर दी है। सरकार का साफ कहना है कि न्यूज के नाम पर देशविरोधी विचार, भड़काऊ बहसें और बिना सोचे-समझे AI का इस्तेमाल अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। अंतर-विभागीय समिति (IDC) की जांच में पाया गया था कि कई चैनल लगातार 'प्रोग्राम कोड' की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसी को देखते हुए केबल टीवी नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट के तहत यह 10 सूत्रीय गाइडलाइन थमाई गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सरकार के ये हैं वो 10 सख्त नियम: जानिए चैनलों को क्या निर्देश दिए गए?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. एंटी-टेरर ऑपरेशन की नो लाइव कवरेज: &lt;/strong&gt;आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान लाइव प्रसारण पर पूरी तरह बैन रहेगा। सेना या पुलिस के ऑपरेशन खत्म होने के बाद जब अधिकृत अधिकारी ब्रीफिंग देंगे, सिर्फ वही जानकारी दिखाई जा सकेगी। पुराने फुटेज दिखाते वक्त 'टाइम-स्टैंप' लगाना अनिवार्य है ताकि दर्शक इसे लाइव न समझें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. हिंसक और विचलित करने वाले दृश्यों पर लगाम: &lt;/strong&gt;एक्सीडेंट, मर्डर या हिंसा के ऐसे सीन जिनसे देखने वालों को धक्का पहुंचे, उन्हें दिखाने से बचने को कहा गया है। टीवी स्क्रीन पर शालीनता और संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. क्राइम रिपोर्टिंग में सिर्फ पक्के फैक्ट्स चलेंगे: &lt;/strong&gt;अपराध से जुड़ी खबरों में किसी भी तरह की अफवाह या अधकचरी जानकारी दिखाने से सख्त मना किया गया है। जो भी रिपोर्टिंग हो, वह तथ्यों पर आधारित और संतुलित होनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. सनसनी फैलाना बंद करें, लूप में न चलाएं खतरनाक फुटेज: &lt;/strong&gt;किसी जुर्म को बढ़ा-चढ़ाकर या ग्लैमराइज करके पेश करने पर रोक लगाई गई है। खून-खराबे या खौफनाक तस्वीरों को बार-बार लूप में चलाने के बजाय ब्लर या मास्क करने का आदेश दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. हादसों और प्राकृतिक आपदा की जिम्मेदार कवरेज: &lt;/strong&gt;भूकंप, बाढ़ या बड़े हादसों के दौरान ऐसी रिपोर्टिंग न हो जिससे लोगों में भगदड़ या खौफ फैले। विजुअल्स पर टाइम-स्टैंप लगाना जरूरी होगा ताकि खबर की सटीक टाइमिंग का पता चल सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;6. भारत का सिर्फ आधिकारिक नक्शा ही चलेगा: &lt;/strong&gt;ग्राफिक्स, बैकड्रॉप या डिजिटल स्क्रीन पर केवल 'सर्वे ऑफ इंडिया' (Survey of India) द्वारा जारी किया गया भारत का आधिकारिक मैप ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। गलत या विवादित नक्शा दिखाने पर कार्रवाई होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;7. भड़काऊ डिबेट्स और जहरीले पैनलिस्ट पर नकेल: &lt;/strong&gt;चैनलों को ऐसे गेस्ट या एंकरों को रोकने के लिए म्यूट बटन, डिस्क्लेमर या सीधे फीड काटने की तैयारी रखनी होगी जो लाइव शो में सांप्रदायिक या देशविरोधी बातें फैलाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8. यौन अपराध पीड़ितों की पहचान पर पूर्ण गोपनीयता: &lt;/strong&gt;रेप या यौन उत्पीड़न की शिकार पीड़िता का नाम, फोटो, परिवार का पता या कोई भी ऐसा सुराग देना गैरकानूनी है जिससे उनकी पहचान जाहिर हो सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;9. AI और जनरेटिव टूल्स के इस्तेमाल में सतर्कता: &lt;/strong&gt;जनरेटिव AI, ग्राफिक्स और वर्चुअल न्यूज प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें। AI खबरों की सटीकता, प्रामाणिकता और संवेदनशीलता को प्रभावित न करे। अंतिम कंटेंट में प्रोग्राम कोड का पालन जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10. एडिटोरियल टीम की ट्रेनिंग और सिस्टम की मजबूती: &lt;/strong&gt;न्यूज चैनल खबर जुटाने, एडिटिंग, प्रोडक्शन और प्रसारण की समीक्षा व्यवस्था मजबूत करें। कर्मचारियों को प्रोग्राम कोड की जानकारी देने के लिए नियमित ट्रेनिंग, वर्कशॉप और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Rehan Vadra: बीकानेर हाउस में ऐसा क्या हुआ कि रेहान को हटानी पड़ीं 70+ तस्वीरें? भड़की प्रियंका गांधी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rehan-vadra-photo-exhibition-priyanka-gandhi-bikaner-house-delhi-protest-photos-removed-photos-photoshow-wbqv4ph</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:46:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Rehan Vadra Photo Exhibition: दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सोलो फोटो एग्जिबिशन से 70 से अधिक तस्वीरें हटाई गईं। जानिए क्यों मचा है राजनीतिक और कला जगत में बवाल और क्या बोले रेहान वाड्रा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5grfzrtgsv39vgpm4863y25,imgname-rehan-vadra-photo-exhibition-priyanka-gandhi-bikaner-house-delhi-protest-photos-removed-photos-1792637665050.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Rehan Vadra Photo Exhibition: दिल्ली के बीकानेर हाउस में प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सोलो फोटो एग्जिबिशन से 70 से अधिक तस्वीरें हटाई गईं। जानिए क्यों मचा है राजनीतिक और कला जगत में बवाल और क्या बोले रेहान वाड्रा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rehan Vadra Photo Exhibition: &lt;/strong&gt;दिल्ली के मशहूर बीकानेर हाउस में आयोजित एक फोटो प्रदर्शनी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सोलो फोटो एग्जिबिशन &lsquo;नो आइडिया इज फाइनल&rsquo; से 70 से ज्यादा तस्वीरें अचानक हटा दी गईं। यह कार्रवाई प्रदर्शनी के आधिकारिक उद्घाटन से ठीक कुछ घंटे पहले की गई, जिसके बाद कला और राजनीति के गलियारों में बहस छिड़ गई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रेहान वाड्रा के मुताबिक, उन्हें बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे प्रशासन की तरफ से अल्टीमेटम दिया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उनसे कहा गया कि अगर शाम 5 बजे तक प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो पूरी प्रदर्शनी को ही रद्द कर दिया जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रदर्शनी में शुरुआत में 100 से ज्यादा तस्वीरें रखी गई थीं, लेकिन इस कार्रवाई के बाद अब दीवार पर केवल 40 के आसपास फोटो ही बची हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बीकानेर हाउस प्रबंधन ने 'मौजूदा राजनीतिक माहौल' का हवाला देकर इन तस्वीरों पर आपत्ति जताई थी, जबकि रेहान का कहना है कि पूरा लेआउट पहले ही पास कराया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रेहान की प्रदर्शनी का प्रीव्यू बुधवार को हुआ, जबकि यह गुरुवार से आम दर्शकों के लिए खुलेगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बीकानेर हाउस की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेहान के मुताबिक, प्रदर्शनी का प्रस्ताव और पूरा लेआउट पहले ही प्रबंधन को दिया जा चुका था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हटाई गई ज्यादातर तस्वीरें पिछले छह महीनों के दौरान दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों की थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इन तस्वीरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच का तनाव, हिरासत के दृश्य और एक तस्वीर में राहुल गांधी भी नजर आ रहे थे। ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेहान का कहना है कि ये सिर्फ एक कलात्मक दस्तावेज थीं, जिनमें कोई सीधा राजनीतिक संदेश नहीं था। उन्होंने साफ कहा कि वे राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे की तस्वीर को बिल्कुल नहीं हटाएंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रेहान ने कहा कि तस्वीरें पिछले छह महीनों में दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों का दस्तावेज हैं। उनका दावा है कि इनमें किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तस्वीरों में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दृश्य हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कई तस्वीरों में प्रदर्शनों के दौरान तनावपूर्ण माहौल दर्ज किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक तस्वीर में राहुल गांधी भी प्रदर्शनकारियों के बीच नजर आते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रेहान ने कहा कि कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन किस बात से डर रहा है और यहां तक कि तिरंगे की तस्वीर हटाने की बात क्यों कही गई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे हास्यास्पद और तानाशाही करार दिया। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं और कलाकारों की स्वतंत्र आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। प्रियंका के मुताबिक, इन फोटो में किसी के खिलाफ अपमानजनक बात नहीं थी, फिर भी ऐसा कदम उठाना दर्शाता है कि आज कला पर किस तरह का दबाव बनाया जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CJP Protest: जंतर-मंतर विवाद में दास और रंका को किस शर्त पर मिली जमानत? क्यों देना पड़ा लिखित वचन?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cjp-protest-saurav-das-ashutosh-ranka-release-jantar-mantar-protest-court-promise-articleshow-vyv0r0v</link>
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            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 06:48:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने और प्रदर्शन करने के मामले में CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्होंने कोर्ट में लिखित वादा किया है कि जब तक कानूनी अनुमति नहीं मिलती, वे वहां कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। जानिए पूरी खबर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5gjz75qmp9j2wf37h08cw86,imgname-cjp-protest-saurav-das-ashutosh-ranka-release-jantar-mantar-protest-court-promise-1792631872694.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders: &lt;/strong&gt;कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को सात दिन की न्यायिक हिरासत के बाद बुधवार को आखिरकार जेल से रिहा कर दिया गया। दोनों ने नई दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत में लिखित वचन दिया कि जंतर-मंतर को दोबारा आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की मान्यता मिलने तक वे वहां किसी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। हालांकि, दोनों के खिलाफ जांच अभी जारी रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders Release: 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर मिली रिहाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रंका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बांड पर रिहा करने का आदेश दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोनों ने शांति भंग नहीं करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने न्यायपालिका और उसकी प्रक्रियाओं में विश्वास जताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लिखित वचन में कहा गया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की मान्यता बहाल होने तक वहां प्रदर्शन नहीं बुलाया जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह भी कहा गया कि भविष्य में कोई प्रदर्शन हुआ तो वह संविधान और कानून के दायरे में होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;Saurav and Ashu are not just better but much much bigger leaders than me.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Happy to follow your orders my leaders. Jaan hazir hai!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Lekin iske baad mere bina garden me koi akela nahi ghumega!!! @SauravDassss @AshutoshRanka&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 21, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Jantar Mantar Protest: बंद गेट फांदकर फहराया था तिरंगा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दास और रंका 14 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में थे। इससे एक दिन पहले, 13 अक्टूबर को दोनों ने जंतर-मंतर के बंद गेट को फांदकर वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। यह कार्रवाई जंतर-मंतर की प्रदर्शन स्थल के तौर पर मान्यता खत्म किए जाने के विरोध में की गई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस के मुताबिक, इस घटना से उस शांति बांड के उल्लंघन का मामला बना, जिस पर दोनों ने 10 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद हस्ताक्षर किए थे। उस समय CJP ने कथित चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt; Delhi Update&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Saurav Das (सौरव दास) and Ashutosh Ranka (आशुतोष रांका) are finally out of Tihar Jail following the SEM Court&rsquo;s release order&lt;/p&gt;&lt;p&gt;REAL Gen Z energy is back&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#CJP #SauravDas #AshutoshRanka #GenZ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;https://t.co/a8EORDlbLo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; JD  (@JD__737) October 21, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Delhi High Court: 'आप सबसे आगे हैं, बाकी लोग भी ऐसा कर सकते हैं'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;CJP की ओर से कार्यवाही में देरी का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बॉन्ड के उल्लंघन और प्रदर्शनकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कोर्ट ने कहा कि जब प्रदर्शन में आगे रहने वाले लोग बैरिकेड तोड़ते हैं तो बाकी लोगों के भी ऐसा करने की संभावना बढ़ जाती है। अदालत ने विदेशों में छात्रों के आंदोलनों के हिंसक घटनाओं में बदलने का उदाहरण भी दिया। इसी दौरान बेंच ने दोनों नेताओं की उम्र पूछी। उम्र 27 और 31 साल बताए जाने पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि वे 'Gen Z' नहीं हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CJP अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। संगठन का आरोप है कि चुनाव आयोग ने एकतरफा तरीके से काम किया और मतदाता सूची के Special Intensive Revision में अनियमितताएं हुईं। यही मुद्दा राहुल गांधी के नेतृत्व वाला विपक्ष भी उठा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पत्नी मोदी कैबिनेट में मंत्री, पति ने सरकार के खिलाफ ही खोला मोर्चा! 23 अक्टूबर को होने जा रहा 'बड़ा खेला']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/nirmala-sitharaman-husband-parakala-prabhakar-anti-sir-protest-october-23-2026-articleshow-0zw0hlx</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 19:28:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;SIR Protest October 23: &lt;/strong&gt;जाने-माने अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर 23 अक्टूबर को SIR विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगे। जानें इस प्रदर्शन में और कौन से लोग शामिल होंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parakala Prabhakar Anti-SIR Protest: &lt;/strong&gt;केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और जाने-माने अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर (Parakala Prabhakar) 23 अक्टूबर को होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं। ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया यानी SIR के खिलाफ बुलाया गया है। इस दौरान एक्टर प्रकाश राज, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और कई दूसरे लोग भी शामिल हो सकते हैं। 'People Against SIR' नाम के गठबंधन ने इस प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन की मांग है कि SIR की प्रक्रिया रोकी जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। परकला प्रभाकर की मौजूदगी से इस प्रदर्शन पर लोगों का ध्यान बढ़ने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;23 अक्टूबर को क्या होने वाला है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;23 अक्टूबर को देशभर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी है। आयोजकों ने लोगों से अपने इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने की अपील की है। इस अभियान में शामिल संगठन का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जो वोट देने के योग्य हैं। गठबंधन का दावा है कि इससे गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों पर खास असर पड़ा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Har gali me Jantar Mantar !&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Friday, 23 October, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;People&rsquo;s March to Restore Democracy&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Let&rsquo;s Rise to the Challenge https://t.co/JFq3tzujsS&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Parakala Prabhakar (@parakala) October 21, 2026&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं पराकला प्रभाकर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पराकला प्रभाकर एक जाने-माने अर्थशास्त्री और लेखक हैं। वह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के पति हैं। दोनों की मुलाकात दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने 1986 में शादी की थी। निर्मला सीतारमण बीजेपी की सीनियर नेता हैं, जबकि परकला प्रभाकर कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनकी राजनीतिक सोच और सार्वजनिक बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं। परकला प्रभाकर ने अपनी किताब 'The Crooked Timber of New India' में नोटबंदी, बेरोजगारी और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहले भी सरकार की नीतियों पर उठा चुके हैं सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परकला प्रभाकर का राजनीतिक सफर भी रहा है। साल 2009 में वह अभिनेता चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से जुड़े थे। इसके बाद 2014 से 2018 तक उन्होंने आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार में कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया। अप्रैल 2018 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और NDA के बीच मतभेद चल रहे थे। इससे पहले 8 अक्टूबर को भी पराकला प्रभाकर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहां अभिनेता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत कई लोग मौजूद थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;SIR के खिलाफ क्यों हो रहा है विरोध?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;SIR (Special Intensive Revision), वोटर लिस्ट की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाती है और वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। 'पीपल अगेंस्ट SIR' (People Against SIR) का कहना है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। संगठन चाहता है कि इस प्रक्रिया को रोका जाए और जिन योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाए। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। ये मांगें प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठन की हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर दी गई जानकारी और संबंधित आधिकारिक आंकड़ों को भी इस विवाद को समझने के लिए देखना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नए गठबंधन के जरिए देशभर में आंदोलन की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;'People Against SIR' का गठन 14 अक्टूबर को हुआ था। इसमें छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े समूह शामिल हैं। गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने की अपील की है। उसका नारा है, 'हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर।' संगठन चाहता है कि लोग अपने शहरों और इलाकों में इकट्ठा होकर वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दे उठाएं। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह को लेकर भी विवाद है। हाल ही में इस जगह को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाए जाने की खबर सामने आई थी। ऐसे में प्रदर्शनकारी दूसरे स्थानों पर भी अपनी आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CJP Big Relief: जेल से छूटे सौरव दास-आशुतोष रांका, जानें कोर्ट से किन शर्तों पर मिली रिहाई?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cjp-leaders-saurav-das-ashutosh-ranka-released-sem-court-delhi-high-court-petition-judicial-custody-jantar-mantar-articleshow-q4xvw0l</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 19:04:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को SEM कोर्ट ने रिहा कर दिया। इससे पहले दोनों ने न्यायिक हिरासत के खिलाफ हाई कोर्ट से याचिका वापस ली थी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5ek3qm383sbpqssyn53x167,imgname-saurav-das-ashutosh-ranka-case-transfer-1792564911746.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार 21 अक्टूबर को दिल्ली के एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) ने रिहा कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले ही दोनों नेताओं ने अपनी न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका वापस ले ली थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दोनों नेताओं को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित &lsquo;तिरंगा विरोध प्रदर्शन&rsquo; करने की कोशिश के बाद हिरासत में लिया गया था। उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने और जमानतदारों को बार-बार खारिज किए जाने के मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसके बाद दोनों ने याचिका वापस लेने का फैसला किया और SEM की कार्यवाही के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CJP नेताओं की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में क्या हुआ?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने सवाल उठाया कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने अन्य कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने से पहले सीधे हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जज ने सुझाव दिया कि दोनों नेताओं को पहले उसी दिन दोपहर 2 बजे होने वाली विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की कार्यवाही का इंतजार करना चाहिए था। इसके बाद वे कानून के मुताबिक अगला कदम उठा सकते थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जस्टिस प्रसाद ने कहा, &ldquo;क्या आपके लिए यह बेहतर नहीं होगा कि आप इस याचिका को वापस ले लें, देखें कि दोपहर 2 बजे क्या होता है, और फिर कानून के अनुसार आगे बढ़ें?&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद कोर्ट ने दोनों नेताओं को मामले के गुण-दोष पर कोई राय दिए बिना अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी। कुछ घंटे बाद SEM ने दोनों को रिहा कर दिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi: CJP leaders Saurav Das and Ashutosh Ranka are being taken from Mandir Marg Police Station after the SEM Court has ordered their release.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;They were produced before the SEM Court after 2 days in judicial custody. https://t.co/eaNnewdW13&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) October 21, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वकील ने हिरासत और जमानतदारों को खारिज करने पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हाई कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका की ओर से वकील अभिक चिमनी पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि 19 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाने का जो आदेश दिया था, उसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनसे तत्काल खतरा क्या था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वकील ने दोनों नेताओं के जमानतदारों को बार-बार खारिज किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस कार्रवाई को मनमाना बताते हुए दास और रांका को निजी मुचलके पर रिहा करने की मांग की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसे आदेशों को चुनौती देने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कानूनी उपाय उपलब्ध हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन आरोपों पर भी गौर किया कि दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश करके अपने शांति मुचलकों का उल्लंघन किया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और शांति मुचलके का मामला&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सौरव दास और आशुतोष रांका के मामले में यह सवाल भी उठा कि क्या उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश करके अपने शांति मुचलकों की शर्तों का उल्लंघन किया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जंतर-मंतर को अब विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। हाई कोर्ट ने ध्यान दिलाया कि इस अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;19 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऋतु राज ने कहा था कि दोनों नेताओं ने जानबूझकर अपने बॉन्ड का उल्लंघन किया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मजिस्ट्रेट ने उन्हें नए जमानतदार पेश करने का निर्देश भी दिया था। इसके पीछे जमा किए गए दस्तावेजों में विसंगतियां और पूछताछ के दौरान मिले जवाबों का संतोषजनक नहीं होना बताया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;CJP नेताओं को पहली बार 10 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को सबसे पहले एक हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद 50,000 रुपये के शांति मुचलके भरने पर उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश के बाद दोनों को फिर से हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद 19 अक्टूबर को SEM ने उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब बुधवार को हाई कोर्ट से याचिका वापस लेने और SEM की कार्यवाही के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा कर दिया गया। इस मामले में हाई कोर्ट ने याचिका पर कोई फैसला सुनाने के बजाय दोनों नेताओं को उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाने का रास्ता सुझाया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/cjp-leaders-saurav-das-ashutosh-ranka-released-sem-court-delhi-high-court-petition-judicial-custody-jantar-mantar-articleshow-q4xvw0l"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CJP: रांका-दास जेल में ही रहेंगे या मिलेगी राहत? हिरासत पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cjp-leaders-saurav-das-ashutosh-ranka-judicial-custody-extension-sem-court-hearing-order-articleshow-c4ehxe9</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 18:28:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ashutosh Ranka-Saurav Das Judicial Custody: CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत पर SEM कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। पुलिस ने तीन दिन की बढ़ोतरी मांगी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5ew8gft7t1sc94zg3mffjeb,imgname-delhi-high-court-cjp-leaders-gen-z-comment-saurav-das-ashutosh-ranka-petition-withdrawal-1792574505466.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के मामले में SEM कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। पुलिस ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत 3 दिन और बढ़ाने की मांग की है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब हर किसी की नजर कोर्ट के फैसले पर नजर है। माना जा रहा है कि कोर्ट दोनों की न्यायिक हिरासत पर जल्द अपना फैसला सुनाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रांका-दास की सुनवाई में क्या हुआ?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इन दोनों को बुधवार को एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आरोप है कि ये जंतर-मंतर (जिसे अब विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है) में दाखिल हुए थे और इन्होंने 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने के समझौते) का उल्लंघन किया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद, इन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में, 19 अक्टूबर को इनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई थी, जो बुधवार को खत्म होने वाली थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि SEM कोर्ट दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की पुलिस की मांग को स्वीकार करेगा या नहीं। इस पर फैसला कोर्ट के आदेश के बाद ही सामने आएगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;13 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे CJP नेता&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। इसके अगले दिन, यानी 14 अक्टूबर को दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद 19 अक्टूबर को कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी थी। अब पुलिस ने एक बार फिर दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की मांग की है। इस पर SEM कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi High Court: ‘आप Gen Z नहीं हैं’, CJP नेताओं से कोर्ट की दोटूक, जानिए दास और रंका ने फिर क्या किया?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-high-court-cjp-leaders-gen-z-comment-saurav-das-ashutosh-ranka-petition-withdrawal-articleshow-gbrg6cv</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:52:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Delhi High Court ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि वे Gen Z नहीं हैं। कोर्ट ने वैकल्पिक कानूनी रास्ते पर सवाल उठाया। बाद में दोनों नेताओं को याचिका वापस लेने की अनुमति मिली। पूरी खबर पढ़ें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5ew8gft7t1sc94zg3mffjeb,imgname-delhi-high-court-cjp-leaders-gen-z-comment-saurav-das-ashutosh-ranka-petition-withdrawal-1792574505466.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi High Court CJP Case: &lt;/strong&gt;दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को एक दिलचस्प और गरमागरम सुनवाई देखने को मिली। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रंका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं की उम्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे 'जेन जेड' (Gen Z) की श्रेणी में नहीं आते हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि जब दूसरे कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं, तो सीधे हाई कोर्ट आने की जरूरत क्यों पड़ी। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने साफ किया कि उसकी टिप्पणियों को मामले के गुण-दोष पर राय न माना जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Delhi High Court News: &lsquo;Gen Z&rsquo; पर कोर्ट ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुधवार, 21 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान बेंच ने CJP नेताओं की उम्र पूछी। उनके वकील अभिक चिमनी ने बताया कि सौरव दास 27 साल और आशुतोष रंका 32 साल के हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lsquo;Gen Z&rsquo; का मतलब पूछने पर अदालत को बताया गया कि यह शब्द आम तौर पर 1997 के बाद जन्मे लोगों के लिए इस्तेमाल होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद कोर्ट ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता इस पीढ़ी में नहीं आते।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अदालत ने &lsquo;सत्ता परिवर्तन&rsquo; का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता बदलने का रास्ता मतदान है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Leaders Detention: हिरासत को लेकर क्या है मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दोनों नेताओं ने सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उन्हें एहतियाती हिरासत में रखा गया था। यह कार्रवाई जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिकृत जगहों की सूची से हटाने के विरोध में हुए प्रदर्शनों के बाद हुई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रंका, अजिंक्य शिंदे और CJP के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर निजी संपत्ति के रास्ते जंतर-मंतर पहुंचे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दास और रंका को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;CJP की कानूनी टीम ने हिरासत को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Petition: हाई कोर्ट ने वैकल्पिक कानूनी रास्ते पर क्यों उठाया सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अदालत ने पूछा कि जब मामले की सुनवाई उसी दिन दोपहर 2 बजे SEM के सामने होनी थी, तो सीधे हाई कोर्ट आने की इतनी जल्दी क्यों थी। बेंच ने यह भी कहा कि संबंधित अदालत करीब दो किलोमीटर दूर है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कोर्ट ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता पहले SEM के सामने चल रही कार्यवाही का नतीजा देखें और फिर कानून के तहत उपलब्ध विकल्प अपनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुनवाई में 10 अक्टूबर के प्रदर्शन, 11 अक्टूबर को जमा किए गए जमानत बॉन्ड और जंतर-मंतर को डी-नोटिफाई किए जाने का भी उल्लेख हुआ।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अदालत ने सवाल किया कि यदि अधिकारियों के अनुसार फिर से शांति भंग होने की आशंका बनी, तो क्या दूसरी एहतियाती कार्रवाई में नई जमानत या मुचलके मांगे जा सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CJP Case Update: नेताओं ने वापस ली याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान अदालत ने दास और रंका को याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियां मामले के अंतिम गुण-दोष पर फैसला नहीं हैं। अब संबंधित कार्यवाही SEM के सामने आगे बढ़ेगी, जिसके बाद नेता कानून के तहत उपलब्ध अन्य विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-high-court-cjp-leaders-gen-z-comment-saurav-das-ashutosh-ranka-petition-withdrawal-articleshow-gbrg6cv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Rahul Gandhi Foreign Trip: राहुल गांधी के विदेश दौरे पर बवाल, थरूर बोले- 'मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rahul-gandhi-foreign-trip-sparks-bjp-congress-row-as-tharoor-dodges-question-articleshow-yzx9mlx</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:03:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rahul Gandhi Latest News: &lt;/strong&gt;राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी तंज कस रही है कि 'दिल्ली चलो' के नारे पर आए लोग तिहाड़ में हैं और राहुल विदेश में मजे कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि पीएम भी संसद सत्र के दौरान विदेश घूमते हैं, जबकि राहुल अपना काम खत्म करके गए हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5aq8cj2s40c54xxmwj3y9yg,imgname-mixcollage-20-oct-2026-12-06-am-4983-1792435040833.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rahul Gandhi Foreign Tour:&lt;/strong&gt; कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। बीजेपी ने राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए तंज कसा, तो कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों का जिक्र कर पलटवार किया। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान भी चर्चा में आ गया है। राहुल गांधी की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राहुल गांधी के विदेश दौरे पर BJP का निशाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गोवा में कांग्रेस की रैली के बाद राहुल गांधी के दिल्ली नहीं लौटने को लेकर बीजेपी नेताओं ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए। बीजेपी नेताओं ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें राहुल गांधी विमान में बैठे नजर आ रहे हैं। इसके साथ दावा किया गया कि राहुल गांधी वियतनाम गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वह कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के कार्यक्रमों के बीच विदेश चले गए। कुछ नेताओं ने उनकी यात्रा को छुट्टियों से जोड़ते हुए कांग्रेस से दौरे के बारे में जानकारी देने की मांग की। बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बदलाव चुनाव और वोट के जरिए होता है, विदेश यात्रा से लौटकर प्रदर्शन करने से नहीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस ने PM मोदी के विदेश दौरों का दिया हवाला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीजेपी के हमलों के बाद कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का बचाव किया। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद विदेश गए हैं। पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों का जिक्र करते हुए बीजेपी के आरोपों पर सवाल उठाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, राहुल गांधी की यात्रा को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आने की बात कही गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल विदेश में हैं और कुछ दिनों में लौट आएंगे। उनकी यात्रा का उद्देश्य और सटीक कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शशि थरूर के बयान ने बढ़ाई चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर जब पत्रकारों ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं। उनके इस बयान को राहुल गांधी की यात्रा से जुड़े सवालों से दूरी बनाने के तौर पर देखा गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बीच, राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट से अलग-अलग मुद्दों पर पोस्ट जारी होने की बात भी सामने आई। इससे उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने किया राहुल का बचाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बीजेपी के हमलों के बीच विपक्षी गठबंधन के कुछ नेताओं ने राहुल गांधी का समर्थन किया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने इसे निजी यात्रा के रूप में देखने की बात कही। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने भी राहुल गांधी का बचाव किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। बीजेपी जहां उनकी गैरमौजूदगी पर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस और विपक्षी नेता इसे निजी यात्रा बताते हुए बीजेपी के आरोपों का जवाब दे रहे हैं। राहुल गांधी की यात्रा से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/rahul-gandhi-foreign-trip-sparks-bjp-congress-row-as-tharoor-dodges-question-articleshow-yzx9mlx"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA['डेड लेटर बॉक्स', एन्क्रिप्टेड चैट और महिला कूरियर: टाइगर श्रॉफ फायरिंग के हथियार मुंबई कैसे पहुंचे?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-dead-letter-box-girlfriend-courier-encrypted-chat-amritsar-mumbai-weapons-articleshow-guundp5</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:55:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में हथियारों की सप्लाई का नया कनेक्शन सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अमृतसर में &lsquo;डेड लेटर बॉक्स&rsquo; से हथियार लेकर दो महिला कूरियर उन्हें मुंबई पहुंचाने आई थीं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े इस मामले की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5en3mjbwtx9wkhd0kkde34a,imgname-tiger-shroff-firing-case-dead-letter-box-amritsar-weapons-mumbai-supply-network-1792567005771.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tiger Shroff Firing: &lt;/strong&gt;बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की जांच में हर दिन एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हो रहा है। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस फायरिंग की घटना को अंजाम देने के लिए हथियारों की सप्लाई किस तरह की गई थी, इसका पर्दाफाश हो चुका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार अमृतसर से एक बेहद शातिर तरीके यानी 'डेड लेटर बॉक्स' के जरिए मंगवाए गए थे, ताकि किसी को भनक तक न लगे। दावा है कि दो महिला कूरियर बैग में छिपाकर हथियार मुंबई लाई थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या है 'डेड लेटर बॉक्स' तरीका और कैसे मिले हथियार?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड गैंगस्टर अनिल पंडित था, जो विदेश में बैठकर अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;गुप्त जगह पर हथियारों की डिलीवरी:&lt;/strong&gt; 'डेड लेटर बॉक्स' एक ऐसा तरीका होता है जिसमें बिना आमने-सामने मिले या एक-दूसरे को जाने, किसी तय जगह पर सामान (हथियार) छोड़ दिया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;कुणाल और सुमित की भूमिका: &lt;/strong&gt;अनिल पंडित के कहने पर सोनीपत जेल से हाल ही में छूटा कुणाल और उसका साथी सुमित अमृतसर गए थे। उन्हें नहीं पता था कि हथियार वहां किसने रखे थे, लेकिन उन्हें एक गुप्त जगह से बैग मिल गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पैसों का लेन-देन: &lt;/strong&gt;इस काम के लिए मास्टरमाइंड ने कुणाल को 70 से 80 हजार रुपये दिए थे, जिसमें से कुछ पैसे दो महिलाओं को कूरियर के रूप में काम करने के लिए दिए गए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महिला कोरियर के जरिए मुंबई पहुंचे हथियार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हथियारों को अमृतसर से मुंबई तक पहुंचाने का जिम्मा दो महिलाओं-राधा और बबीता-को सौंपा गया था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;गर्लफ्रेंड को बनाया जरिया: &lt;/strong&gt;आरोपी कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा और उसकी साथी बबीता को इस खतरनाक काम में शामिल किया। सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करने वाली इन दोनों महिलाओं ने हथियारों से भरा बैग उठाया और मुंबई के लिए निकल पड़ीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल:&lt;/strong&gt; पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी लगातार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे और मास्टरमाइंड के निर्देशों का पालन कर रहे थे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जुहू में कब और कैसे हुआ था हमला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;18 अक्टूबर की शाम को जब टाइगर श्रॉफ जुहू के पुष्पा नरसी पार्क के पास फुटबॉल खेलकर अपनी कार से लौट रहे थे, तब मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ 7 गोलियां बरसा दीं। हालांकि किस्मत अच्छी थी कि टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है, और पुलिस अब इस पूरे हथियार तस्करी नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए तेजी से छानबीन कर रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-dead-letter-box-girlfriend-courier-encrypted-chat-amritsar-mumbai-weapons-articleshow-guundp5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Inspirational Story: 6 ऑपरेशन और अटूट हौसला! जानिए कैसे अपने पैरों पर खड़े हुए परसन कुमार?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/parsan-kumar-kushinagar-clubfoot-treatment-narayan-seva-sansthan-success-story-articleshow-ng16cor</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 11:43:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP के कुशीनगर निवासी 22 वर्षीय परसन कुमार जन्म से क्लबफुट की समस्या से जूझ रहे थे। उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान में छह ऑपरेशन के बाद उनकी चलने की क्षमता में सुधार हुआ। जानें उनके संघर्ष, इलाज और परिवार के सहयोग की पूरी कहानी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5ehewyg4a2pkb92dzszzd7s,imgname-parsan-kumar-kushinagar-clubfoot-treatment-narayan-seva-sansthan-success-story-1792563180496.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Clubfoot Treatment: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो किसी के भी मन में उम्मीद की नई किरण जगा सकती है। भठही बुजुर्ग गांव के रहने वाले 22 वर्षीय परसन कुमार जन्म से ही क्लबफुट (मुड़े हुए पैर) की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। बचपन से चलना-फिरना एक बड़ी चुनौती था, लेकिन परसन ने कभी भी अपनी दिव्यांगता को अपनी राह का रोड़ा नहीं बनने दिया। मुश्किलों का सामना करते हुए उन्होंने न सिर्फ अपनी ग्रेजुएशन पूरी की, बल्कि एक प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवार का आर्थिक सहारा भी बने।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्लबफुट की बीमारी और इलाज की लंबी जद्दोजहद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परसन के माता-पिता, पिता बुनेला प्रसाद और मां मालती देवी ने अपने बेटे के इलाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। परिवार की आजीविका खेती-किसानी और छोटी-मोटी नौकरी पर टिकी है, फिर भी उन्होंने हमेशा बेटे का हौसला बढ़ाया:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;स्थानीय स्तर पर प्रयास:&lt;/strong&gt; परिवार ने शुरुआत में कुशीनगर के जिला अस्पताल समेत कई डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई पक्का समाधान नहीं निकल सका।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;दोस्त की सलाह से मिली राह: &lt;/strong&gt;काफी निराशा के बाद, परसन के एक दोस्त ने उन्हें उदयपुर स्थित नारायण सेवा संस्थान के बारे में जानकारी दी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;संस्थान में रजिस्ट्रेशन: &lt;/strong&gt;नई उम्मीद लेकर परसन 17 अक्टूबर 2025 को उदयपुर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनके पैरों की जांच की और इलाज की रूपरेखा तैयार की।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;छह सफल ऑपरेशन और उम्मीदों की नई शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पैरों के पंजों को सीधा करना आसान नहीं था। इसके लिए डॉक्टरों को एक लंबी और जटिल सर्जिकल प्रक्रिया से गुजरना पड़ा:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;लंबे इलाज का सफर: &lt;/strong&gt;पैरों को पूरी तरह सामान्य करने के लिए परसन के कुल छह बड़े ऑपरेशन किए गए। इस दौरान उन्होंने धैर्य और हिम्मत बनाए रखी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;17 अगस्त 2026 का ऐतिहासिक दिन: &lt;/strong&gt;17 अगस्त 2026 को उनका आखिरी ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और कुछ ही दिनों की रिकवरी के बाद वे अपने पैरों पर चलने लगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;परिवार में खुशी की लहर: &lt;/strong&gt;बेटे को बिना किसी सहारे के आत्मविश्वास के साथ चलता देख पिता बुनेला प्रसाद, मां मालती देवी, भाई राम भरोसा और बहन प्रतिभा के चेहरे पर सुकून और खुशी साफ झलक रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नारायण सेवा संस्थान का जताया आभार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब बिना किसी तकलीफ के सामान्य रूप से चल पा रहे परसन का कहना है कि उनका पैर अब बिल्कुल ठीक हो चुका है। वे उदयपुर के संस्थान के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगजनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां जरूरतमंदों का पूरी तरह मुफ्त इलाज किया जाता है। परसन का यह सफर साबित करता है कि अगर परिवार का साथ, शिक्षा और मन में अटूट आत्मविश्वास हो, तो इंसान हर शारीरिक बाधा को पार कर सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Tiger Shroff Case: टाइगर पर फायरिंग का आरोपी कौन? मां बोली-तस्वीर में दिख रहा शख्स मेरा बेटा नहीं!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-case-accused-identity-family-denies-son-articleshow-quh73ev</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 11:18:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Tiger Shroff firing case में बेगूसराय के आरोपी की पहचान पर सवाल उठे हैं। परिवार ने तस्वीर में दिख रहे युवक को बेटा मानने से इनकार किया। जानिए बिहार पुलिस की जांच और वायरल ऑडियो से जुड़े दावों की पूरी जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tiger Shroff Firing Case:&lt;/strong&gt; बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले की गुत्थी उलझती जा रही है। मुंबई के पॉश इलाके जुहू में हुई इस फायरिंग की घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सनसनी फैला दी है। पुलिस इस मामले में लगातार दबिश दे रही है और राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन इस बीच मामले में एक नया और हैरान करने वाला मोड़ आ गया है, जिससे पुलिस की जांच भी असमंजस में पड़ गई है। बिहार के बेगूसराय के जिस युवक को इस मामले में आरोपी बताया जा रहा है, उसके परिवार ने उसकी पहचान पर ही संदेह जताया है। युवक की पृष्ठभूमि की जांच कर रही बिहार पुलिस अब परिवार और मुंबई पुलिस से मिली जानकारी का मिलान कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Tiger Shroff Firing: कोटा से पकड़े गए थे तीन आरोपी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुंबई में रविवार शाम हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने तीन लोगों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। कोटा पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन (22) और हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान (18) के रूप में बताई थी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मुंबई पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस के मुताबिक, ऋतिक का संबंध बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी गांव से बताया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बिहार पुलिस आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहचान की जांच कर रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Bihar Police Investigation: परिवार ने पहचानने से किया इनकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष के मुताबिक, उपलब्ध जानकारी के आधार पर राम बाबू महतो को आरोपी का पिता माना गया था। वह किराने की दुकान चलाते हैं। पुलिस ने बताया कि ऋतिक दिल्ली में एक फूड कैटरिंग एजेंसी में काम करता था और करीब तीन महीने पहले मुंबई गया था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हालांकि, राम बाबू महतो की पत्नी ने स्थानीय मीडिया से कहा कि पुलिस ने उन्हें जो तस्वीर दिखाई, वह उनके बेटे की नहीं है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;महिला ने आरोपी की तस्वीर और अपने बेटे की पहचान पर सवाल उठाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने पुलिस से असली आरोपी का पता लगाने की मांग की है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उनका कहना है कि उनके बेटे से भी कुछ समय से संपर्क नहीं हो पा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बेगूसराय के एसपी ने स्पष्ट किया है कि परिवार के बयानों और मुंबई पुलिस के इनपुट के आधार पर आरोपी की पृष्ठभूमि की गहन जांच की जा रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Lawrence Bishnoi Gang: सलमान खान कनेक्शन और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सनसनीखेज वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ सामने आ रहा है। हमले के बाद वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप ने मामले को और गंभीर बना दिया है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अनिल पंडित का ऑडियो:&lt;/strong&gt; अमेरिका में रह रहे और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी बताने वाले गैंगस्टर अनिल पंडित ने हमले की जिम्मेदारी ली है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;चेतावनी को नजरअंदाज करने का आरोप: &lt;/strong&gt;ऑडियो में दावा किया गया है कि टाइगर श्रॉफ को सुपरस्टार सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी गई थी, जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;1998 का काला हिरण मामला:&lt;/strong&gt; बिश्नोई समुदाय द्वारा काले हिरण को पवित्र माने जाने के कारण यह गैंग लगातार सलमान खान और उनके करीबियों को निशाना बना रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Juhu Firing Case: जांच में आगे क्या?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जुहू में हुई गोलीबारी में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान, हमले की साजिश और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है। परिवार के इनकार के बाद आरोपी की पहचान की पुष्टि इस मामले का अहम पहलू बन गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Tiger Shroff Firing: टाइगर श्रॉफ नहीं, सलमान खान थे शूटरों का असली निशाना? ऐसे बदली प्लानिंग]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-case-salman-khan-original-target-shooters-plan-articleshow-wnrrym8</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 10:32:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Tiger Shroff firing case: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में रिपोर्ट्स के मुताबिक, शूटरों का मूल निशाना सलमान खान थे। घर की कड़ी सुरक्षा के बाद उन्होंने कथित तौर पर योजना बदली। जानिए रेकी, हमले और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दावे से जुड़ी पूरी जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5edbmsr1a6y5scbyfy86nqk,imgname-tiger-shroff-firing-case-salman-khan-original-target-shooters-plan-1792558879544.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tiger Shroff Firing: &lt;/strong&gt;बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले को लेकर रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलकर लौट रहे टाइगर की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे साजिश की परतें खुल रही हैं। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि हमलावरों का असली निशाना टाइगर श्रॉफ नहीं, बल्कि सलमान खान थे। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सलमान खान के घर के आसपास रेकी करने के बाद हमलावरों को वहां की कड़ी सुरक्षा का अंदाजा हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना निशाना बदल दिया। हालांकि, मामले की जांच जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Tiger Shroff Firing Case: क्यों बदला हमलावरों ने अपना निशाना?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NDTV और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने किसी दूसरे हाई-प्रोफाइल व्यक्ति को निशाना बनाने की बात बताई। बाद की रिपोर्ट्स में उस व्यक्ति की पहचान सलमान खान के तौर पर की गई है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सूत्रों के मुताबिक, हमले से पहले आरोपियों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट्स के आसपास रेकी की थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखकर वे अपने इरादे में आगे नहीं बढ़ सके।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने की योजना बनाई गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने सोशल मीडिया पर अभिनेता और उनके प्रशंसकों की पोस्ट के जरिए उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Salman Khan Security: सलमान खान के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान सलमान खान को अपना पहला निशाना बताया। इसके बाद मुंबई पुलिस ने सलमान खान के घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। हालांकि, पुलिस ने पहले निशाने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Juhu Firing: टाइगर श्रॉफ की कार पर कैसे हुई गोलीबारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह घटना मुंबई के जुहू इलाके में उस समय हुई, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे। तीन आरोपियों पर उनकी कार पर कई राउंड फायरिंग करने का आरोप है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस ने बिहार के ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा के रेहान समेत तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से पकड़ा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मामले में हमले की साजिश, आरोपियों की भूमिका और कथित मददगारों की जांच की जा रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों को कथित तौर पर 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे और काम पूरा होने पर अतिरिक्त रकम का वादा किया गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Lawrence Bishnoi Gang: हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गोलीबारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने ऑडियो संदेश में हमले की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। संदेश में सलमान खान से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, किसी गैंग या व्यक्ति के दावे को अपने आप में पुलिस की पुष्टि नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियां हमले के पीछे की साजिश, कथित गैंग कनेक्शन और सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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