<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" standalone="yes"?>
<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" version="2.0">
    <channel>
        <title>Asianet News Hindi</title>
        <link>https://hindi.asianetnews.com</link>
        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
        <image>
            <url>https://static-assets.asianetnews.com/images/ogimages/OG_Hindi.jpg</url>
            <width>143</width>
            <height>100</height>
            <link>https://hindi.asianetnews.com</link>
            <title>Asianet News Hindi</title>
        </image>
        <lastBuildDate>Sat, 04 Jul 2026 20:31:00 +0530</lastBuildDate>
        <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/rss/national-news" rel="self" type="application/rss+xml"/>
        <item>
            <title><![CDATA[J&K में बड़ा बवाल: स्कूलों में बांटी आतंकी हाफिज सईद के तारीफ वाली किताब, हंगामा मचा तो लिया ये एक्शन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/jk-book-row-hafiz-saeed-praise-school-library-controversial-book-investigation-jammu-kashmir-articleshow-yu17geg</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/jk-book-row-hafiz-saeed-praise-school-library-controversial-book-investigation-jammu-kashmir-articleshow-yu17geg</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 20:30:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Jammu and Kashmir School Book Row:&lt;/strong&gt; जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी तक पहुंची एक विवादित किताब को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इसमें आतंकियों के महिमामंडन का आरोप है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwptcat3vj6n9rngvrtwsn8e,imgname-jk-book-row-1783177292611.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;J&amp;amp;K Book Row: &lt;/strong&gt;जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंची एक किताब को लेकर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। आरोप है कि इस किताब में आतंकियों और अलगाववादी नेताओं की तारीफ की गई है, साथ ही जम्मू-कश्मीर के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो विवाद की जड़ बन गए हैं। मामला इतना बढ़ा कि सरकार को आनन-फानन में किताब वापस लेनी पड़ी और अब पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर कौन-सी किताब है विवाद की वजह?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिस किताब को लेकर यह पूरा हंगामा मचा है, उसका नाम 'Personalities and Legends of J&amp;amp;K' है। यह किताब कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए मंजूर की गई थी और इसी वजह से अब इसकी सामग्री और मंजूरी प्रक्रिया दोनों सवालों के घेरे में हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किताब में क्या लिखा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आरोप है कि इस किताब में JKLF के आतंकी मकबूल भट्ट को 'शहीद' बताया गया है। इसके अलावा अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मसर्रत आलम और मीरवाइज उमर फारूक को भी सकारात्मक अंदाज में पेश किए जाने का दावा किया गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि किताब में 2008 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की भी तारीफ की गई है। साथ ही किताब में जम्मू-कश्मीर के लिए 'Indian Held Kashmir' और 'Indian Occupied Kashmir' जैसे शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि इस किताब पर कथित तौर पर समग्र शिक्षा, जम्मू-कश्मीर का लोगो छपा हुआ है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर सरकारी स्तर पर इसे स्कूलों में बांटने की मंजूरी कैसे मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Jammu: Leader of the Opposition in the J&amp;amp;K Assembly Sunil Sharma says, &quot;We strongly object to the book that has recently been distributed to the libraries of several schools in Jammu and Kashmir. The book carries the Samagra Shiksha Abhiyan logo on its cover, and this&hellip; pic.twitter.com/92oW1Gn09m&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BJP ने सरकार पर हमला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह किताबें जम्मू-कश्मीर के कई स्कूलों की लाइब्रेरी तक पहुंच चुकी थीं, जो एक गंभीर अपराध है। शर्मा ने कहा कि 'जो किताब मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की तारीफ करती है और कश्मीर को 'इंडियन-ऑक्यूपाइड कश्मीर' कहती है, वह आपत्तिजनक और विवादास्पद है, और इसे तुरंत बैन किया जाना चाहिए।' उन्होंने इस पूरे मामले में लेखक, प्रकाशक, एक्सपर्ट कमेटी और यहां तक कि शिक्षा मंत्री तक की जवाबदेही तय करने की मांग की, और कहा कि सरकार के मुखिया को तुरंत शिक्षा मंत्री को पद से हटाना चाहिए। इतना ही नहीं, शर्मा ने इसे एक बड़ी साजिश करार देते हुए दावा किया कि इसके पीछे एक खास एजेंडा है, और नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की इसमें शुरू से लेकर आखिर तक भूमिका होने का शक जताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Jammu: On the controversy over a book in Jammu and Kashmir schools that allegedly portrays terrorists and separatist leaders as 'great personalities,' LoP J&amp;amp;K Legislative Assembly, Sunil Sharma says, &quot;These books have been distributed to libraries in numerous schools&hellip; pic.twitter.com/XIBvgBOWG5&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हंगामे के बाद सरकार ने क्या कदम उठाया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारी विरोध और सियासी दबाव के बाद प्रशासन ने आखिरकार विवादित किताब को वापस ले लिया है। साथ ही इस बात की भी उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं कि आखिर यह किताब सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी तक मंजूरी पाकर कैसे पहुंची।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/jk-book-row-hafiz-saeed-praise-school-library-controversial-book-investigation-jammu-kashmir-articleshow-yu17geg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका! जिस पर आंख बंद कर भरोसा किया, उसने भी छोड़ा साथ]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-biggest-setback-chandrima-bhattacharya-resigns-tmc-news-articleshow-0mgv4kn</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-biggest-setback-chandrima-bhattacharya-resigns-tmc-news-articleshow-0mgv4kn</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 16:37:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Crisis: &lt;/strong&gt;ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस्तीफा दे दिया और बागी नेताओं से मुलाकात कर सियासी हलचल बढ़ा दी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwpd0k6g6fc2yngez1sbh9k3,imgname-mamata-banerjee-1783163276495.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Crisis Latest News: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) चीफ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के अंदर चल रही बगावत के बीच अब पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि इस्तीफा देने के तुरंत बाद उन्होंने बागी खेमे के नेताओं से मुलाकात भी की, जिससे सियासी गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चंद्रिमा भट्टाचार्य को लंबे समय तक ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। ऐसे में उनका इस्तीफा टीएमसी लीडरशिप के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा आखिर क्यों चर्चा में है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विधानसभा चुनाव में झटका लगने के बाद ममता बनर्जी ने पार्टी संगठन में बड़े बदलाव किए थे। इसी दौरान चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल TMC का अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने सुब्रत बक्शी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली थी। अब अपने इस्तीफे में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि वह राज्य अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी में मौजूद अन्य सभी जिम्मेदारियों से भी खुद को अलग कर रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी के बैंक खातों और चुनाव आयोग से जुड़े अधिकृत प्रतिनिधि की भूमिका से भी खुद को वापस लेने की घोषणा की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इस्तीफे के बाद बागी नेताओं से मुलाकात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इस्तीफा भेजने के कुछ ही समय बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बागी गुट के नेताओं से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बागी खेमे का नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। पार्टी के भीतर पहले से चल रही असंतुष्टि के बीच यह मुलाकात TMC की अंदरूनी स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है। यही वजह है कि विपक्ष इस घटनाक्रम को ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका बता रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TMC में बगावत कितनी बड़ी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पार्टी के भीतर बगावत का असर लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विधानसभा चुनाव में मिले झटके के बाद कई नेताओं और विधायकों ने नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर असंतुष्ट नेताओं को जल्द नहीं मनाया गया, तो TMC को संगठनात्मक स्तर पर और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बागी गुट और ममता समर्थक नेताओं के बीच टकराव अब खुलकर सामने आने लगा है, जिसका असर आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति पर भी पड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;TMC कार्यालय पर भी छिड़ी लड़ाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सियासी ड्रामा सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं रहा। कोलकाता स्थित तृणमूल भवन को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया है। बागी गुट ने पार्टी मुख्यालय पर दावा ठोकते हुए खुद को 'असली TMC' बताया। इसके बाद ममता समर्थक नेता भी सक्रिय हो गए और मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। हालात को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती तक करनी पड़ी। इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि पार्टी के अंदर संघर्ष अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बीजेपी ने साधा निशाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद बीजेपी नेताओं ने भी TMC पर हमला तेज कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि यह दिखाती है कि तृणमूल कांग्रेस अब गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। विपक्षी दल इसे बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव की शुरुआत के तौर पर पेश कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-biggest-setback-chandrima-bhattacharya-resigns-tmc-news-articleshow-0mgv4kn"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[खीर, नींद की गोलियां और एक छिपी हुई कब्र: आगरा की महिला ने कैसे की अपने पति की हत्या?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-sleeping-pills-kheer-body-buried-bathroom-murder-case-articleshow-zr7ch85</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-sleeping-pills-kheer-body-buried-bathroom-murder-case-articleshow-zr7ch85</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:11:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;आगरा मर्डर केस में खीर, नींद की गोलियां और बाथरूम के नीचे दबी लाश ने सबको चौंका दिया। पति की गुमशुदगी की कहानी कैसे खुली और पुलिस को कैसे मिला सबसे बड़ा सुराग?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwp807052n8v0tr5c7y65dh1,imgname-agra-wife-kills-husband-sleeping-pills-kheer-body-buried-bathroom-murder-case-1783158021125.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Agra Murder Case: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली मर्डर मिस्ट्री सामने आई है, जिसने क्रिमिनल थ्रिलर फिल्मों की स्क्रिप्ट को भी पीछे छोड़ दिया है। एक 40 वर्षीय महिला पर आरोप है कि उसने अपने पति को पहले बेहद प्यार से मीठी खीर परोसी और फिर उसी घर के बाथरूम को उसकी कब्रगाह बना दिया। हफ़्तों तक वह उसी घर में अपनी दो बेटियों के साथ चैन की सांस लेती रही, रोज़ उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती रही और बाहर दुनिया के सामने रो-रोकर पति के लापता होने का नाटक रचती रही। लेकिन कानून के हाथों से वो शातिर कातिल भी नहीं बच सकी। जब पुलिस ने टाइल वाला फर्श तोड़ा, तो नीचे जो दिखा उसने अनुभवी पुलिस अफसरों के भी होश उड़ा दिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मीठी खीर का 'जहरीला सस्पेंस': जब बेटियों ने पिता को बेसुध देखा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह खौफनाक कहानी आगरा के देहतोरा इलाके की रेणुका धाम कॉलोनी की है। 16 साल पहले रूबी शर्मा की शादी सुरेंद्र शर्मा (44) से हुई थी। बाहर से खुशहाल दिखने वाले इस परिवार के भीतर घरेलू हिंसा और शराब की लत का एक भयानक तांडव चल रहा था। सुरेंद्र बेरोजगार था और शराब के पैसों के लिए आए दिन रूबी को बेरहमी से पीटता था। 18 मई की रात को रूबी ने इस प्रताड़ना का हमेशा के लिए अंत करने की ठान ली। उसने घर में स्वादिष्ट खीर बनाई, लेकिन उस मीठे स्वाद के पीछे मौत का सामान छिपा था। रूबी ने उस खीर में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दीं। खीर खाते ही सुरेंद्र बेसुध होकर फर्श पर गिर पड़ा। जब उनकी दो मासूम बेटियों ने पिता को इस हालत में देखा, तो उन्हें कुछ भी अजीब नहीं लगा; वे आदी थीं अपने पिता को शराब के नशे में घंटों तक ऐसे ही बेसुध पड़े देखने की। बेटियों को क्या पता था कि उनके पिता अब कभी नहीं जागेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'बाथरूम ग्रेवयार्ड': अगली सुबह का वो अकेला खूनी मिशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पति को मौत की नींद सुलाने के बाद रूबी ने जो किया, वह किसी आम महिला के लिए सोचना भी नामुमकिन है। अगली सुबह उसने बेहद शातिराना अंदाज में अपनी दोनों बेटियों को अपने जीजा के घर छोड़ दिया। घर लौटकर वह अकेली थी, और सामने थी पति की लाश। उसने घर के बाथरूम का दरवाजा बंद किया और फर्श को खोदकर एक गहरा गड्ढा तैयार किया। सुरेंद्र की लाश को उस गड्ढे में धकेलने के बाद, उसने बाजार से मंगाए गए कंक्रीट प्लास्टर से उसे पूरी तरह सील कर दिया। सबूत मिटाने की सनक इस कदर थी कि उसने उस कंक्रीट के ऊपर हूबहू मैच करती हुई नई चमचमाती टाइलें लगा दीं, ताकि किसी को फर्श टूटने का जरा भी शक न हो। इसके बाद वह पुलिस स्टेशन पहुंची और खुद पति के गायब होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Police have arrested a 40-year-old woman in Uttar Pradesh for killing her husband. Ruby Sharma, from Agra, allegedly buried her husband Surendra's body beneath the bathroom floor of their home and continued to live there for weeks while pretending he had gone missing.Police&hellip; https://t.co/DcnAV9LAxT pic.twitter.com/HZaekBkJgd&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Hate Detector  (@HateDetectors) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एटीएम कार्ड की वो सीक्रेट मिस्ट्री: एक गलती और बिखर गया झूठ का किला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस हफ़्तों तक सुरेंद्र की तलाश में खाक छानती रही, लेकिन मामला तब उलझ गया जब सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने एक बेहद अजीब बात नोटिस की। सुरेंद्र के लापता होने के बाद भी उनके परिवार के पेंशन खाते से लगातार एटीएम (ATM) के जरिए नकद पैसे निकाले जा रहे थे। चूंकि एटीएम कार्ड सुरेंद्र के पास रहता था, इसलिए अनिल को शक हुआ कि अगर भाई गायब है तो पैसे कौन निकाल रहा है? अनिल ने तुरंत इसकी सूचना सिकंदरा पुलिस को दी। पुलिस ने जब बैंक स्टेटमेंट और परिवार के बयानों का मिलान किया, तो रूबी के बयानों में भारी विसंगतियां (Contradictions) मिलीं। संदेह के घेरे में आते ही पुलिस की टीम सीधे रूबी के घर के बाथरूम तक जा पहुंची। जब पुलिस ने नवनिर्मित टाइलों वाले फर्श को कुदाल से तोड़ा, तो हफ्तों पुराना सड़ चुका कंकाल बाहर आ गया। एसीपी हरिपरवत अमीषा ने पुष्टि की है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी रूबी हिरासत में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मारपीट, शराब की लत और घरेलू विवाद बना वजह?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र शर्मा लंबे समय से बेरोजगार थे और कथित तौर पर शराब के आदी थे। पुलिस का कहना है कि वह अक्सर शराब के लिए पत्नी से पैसे मांगते थे और इनकार करने पर उसके साथ मारपीट करते थे। पड़ोसियों ने भी दंपति के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों की पुष्टि की है। करीब 16 साल पुराने इस विवाह से उनकी दो बेटियां हैं। परिवार की आय का मुख्य स्रोत सुरेंद्र के दिवंगत पिता की पेंशन थी, जिसे वह अपने भाई के साथ साझा करते थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यही है आगरा की वो महिला जिस पर पति को मारकर बाथरूम के फर्श में उसकी लाश दफनाने का है आरोप...Agra Woman | #NewsLeader @agrapolice https://t.co/IuFeYSvz2j pic.twitter.com/7oh8l8r64h&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; News Leader (@NewsLeaderLive) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बेटियों को नहीं हुआ शक, क्योंकि यह दृश्य था 'सामान्य'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार, जब कथित तौर पर सुरेंद्र नींद की गोलियों के असर से बेसुध पड़े थे, तब उनकी बेटियों ने भी इसे असामान्य नहीं माना। जांचकर्ताओं का कहना है कि वे उन्हें शराब पीने के बाद घंटों तक सोते हुए देखने की आदी थीं। इसी वजह से किसी ने तत्काल संदेह नहीं किया। आरोप है कि अगले दिन रूबी ने बेटियों को रिश्तेदार के घर छोड़ा और लौटकर बाथरूम में गड्ढा खोदकर शव को दफनाया। इसके बाद उस स्थान को कंक्रीट से भरकर नई टाइलें लगा दी गईं ताकि किसी को शक न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस को गहरा शक: क्या इस 'खूनी खेल' के पीछे कोई तीसरा चेहरा भी है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूछताछ में रूबी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, लेकिन पुलिस के आला अधिकारी इस थ्योरी पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सैयद अली अब्बास ने मामले में सस्पेंस बढ़ाते हुए कहा, &quot;एक महिला के लिए अकेले किसी व्यक्ति की इतनी क्रूरता से हत्या करना, फिर भारी कंक्रीट मिक्सर तैयार करके घर के अंदर ही लाश को दफनाना और टाइलें लगाना लगभग नामुमकिन लगता है।&quot; पुलिस को अंदेशा है कि इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने या कंक्रीट का काम करने में रूबी के साथ कोई और 'तीसरा' मददगार भी शामिल था। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल्स और फॉरेंसिक सबूतों के जरिए उस छिपे हुए सह-आरोपी की तलाश कर रही है। आगरा का यह 'बाथरूम मर्डर केस' अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-sleeping-pills-kheer-body-buried-bathroom-murder-case-articleshow-zr7ch85"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM मोदी ने खोला जोधपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, राजस्थान को मिली 480 करोड़ की सौगात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-inaugurates-jodhpur-airport-new-terminal-udan-scheme-rajasthan-airport-project-articleshow-os7p66f</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-inaugurates-jodhpur-airport-new-terminal-udan-scheme-rajasthan-airport-project-articleshow-os7p66f</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 14:46:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;PM मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट की 480 करोड़ रुपये की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया और संशोधित UDAN योजना लॉन्च की। नया टर्मिनल आधुनिक सुरक्षा, ग्रीन डिजाइन और 20 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता से लैस है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwp6m2cdeefwybq1yzh9wvtv,imgname-pm-modi-inaugurates-jodhpur-airport-new-terminal-udan-scheme-rajasthan-airport-project-1783156574605.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जोधपुर, राजस्थान:&lt;/strong&gt; मरुधरा की वीर भूमि और राजपूती आन-बान-शान के प्रतीक सूर्य नगरी जोधपुर में आज नागरिक उड्डयन (Aviation) के एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने धुआंधार राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर एयरपोर्ट पर 480 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई बेहद भव्य और अत्याधुनिक नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन किया। यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि मारवाड़ की लोक संस्कृति और 21वीं सदी की आधुनिक तकनीक का एक ऐसा अकल्पनीय संगम है जो आने वाले समय में राजस्थान के विकास की उड़ान को नई ऊंचाई देने वाला है। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने देश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का चेहरा बदलने वाली संशोधित UDAN योजना का भी आगाज किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शाही झरोखों में भविष्य की तकनीक: 5-स्टार ग्रीन बिल्डिंग का 'इको-फ्रेंडली' सस्पेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जोधपुर एयरपोर्ट का यह नया टर्मिनल पहली नजर में किसी आधुनिक हवाई अड्डे की जगह राजस्थान का कोई भव्य और ऐतिहासिक राजमहल नजर आता है। राजस्थान की सदियों पुरानी शाही वास्तुकला से प्रेरित इस टर्मिनल में पारंपरिक और कलात्मक मेहराबों के साथ-साथ बेहद खूबसूरत झरोखे बनाए गए हैं। 23,000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा बड़े भूभाग में फैले इस आलीशान टर्मिनल की क्षमता अब सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की हो गई है। लेकिन, इस शाही लुक के पीछे पर्यावरण को बचाने का एक बड़ा सीक्रेट छिपा है। यह पूरा टर्मिनल 5-स्टार GRIHA ग्रीन बिल्डिंग के कड़े मानकों को पूरा करता है। इसका मतलब है कि यह इमारत पूरी तरह से ऊर्जा-कुशल है और कम से कम बिजली की खपत कर पर्यावरण के अनुकूल काम करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर क्यों खास है जोधपुर का नया टर्मिनल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली यह नई टर्मिनल बिल्डिंग सालाना लगभग 20 लाख यात्रियों की क्षमता रखती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका डिजाइन है, जो राजस्थान की पारंपरिक शाही वास्तुकला से प्रेरित है। भवन में मेहराब, झरोखे और स्थानीय स्थापत्य शैली की झलक देखने को मिलती है। इसके अलावा, यह टर्मिनल 5-स्टार GRIHA ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इसका मतलब है कि भवन ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ निर्माण के सिद्धांतों पर आधारित है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Prime Minister Narendra Modi inaugurates the Terminal Building of Jodhpur Airport and launch the Modified UDAN scheme in Jodhpur. Subsequently, at around 12:15 PM, he will travel to Balotra to dedicate, inaugurate, and lay the foundation stone for development projects&hellip; pic.twitter.com/QHhenNP0r3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10 सेकंड में बारूद का खात्मा: 'NanoSniffer' और डुअल-एनर्जी एक्स-रे का अभेद्य किला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस नए टर्मिनल की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खासियत है इसकी 'मल्टी-लेयर' सुरक्षा व्यवस्था, जिसने जोधपुर एयरपोर्ट को एक अभेद्य किले में बदल दिया है। यहाँ वेहान टेक्नोलॉजीज (Vehant Technologies) द्वारा एडवांस्ड कंप्यूटर विज़न और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस 9 एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम लगाए गए हैं। ये स्कैनर 'डुअल-एनर्जी इमेजिंग' तकनीक पर काम करते हैं, जो सुरक्षाकर्मियों को सामान का हॉरिजॉन्टल और वर्टिकल (दोनों तरफ का) व्यू एक साथ दिखाते हैं। इससे छिपाकर रखा गया कोई भी प्रतिबंधित सामान, ड्रग्स या हथियार पलक झपकते ही पकड़ा जाएगा। सुरक्षा का असली सस्पेंस यहीं खत्म नहीं होता। एयरपोर्ट पर 6 ऐसे एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ETD) लगाए गए हैं, जो दुनिया की पहली नैनोसेंसर-आधारित तकनीक पर चलते हैं। 'NanoSniffer' ब्रांड नाम वाले ये डिटेक्टर यात्रियों के कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या गाड़ियों पर लगे विस्फोटक (Rdx/Explosive) के सबसे सूक्ष्म अंश को भी 10 सेकंड से कम समय में ढूंढ निकालते हैं। यानी अब कोई भी संदिग्ध चीज़ सुरक्षा घेरे को चकमा नहीं दे पाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;28,840 करोड़ का 'मेगा गेमचेंजर': पीएम मोदी ने लॉन्च की नई 'उड़ान'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टर्मिनल के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने देश के एविएशन सेक्टर को बूस्ट देने के लिए संशोधित UDAN (उड़ान) योजना की शुरुआत की, जिसके लिए सरकार ने 28,840 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य फोकस देश के दूर-दराज के इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इसके तहत अगले एक दशक में देश भर के 100 नए या कम इस्तेमाल होने वाले एयरपोर्ट्स को पूरी तरह चालू किया जाएगा और पहाड़ी व दुर्गम इलाकों में 200 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&quot;We are all waiting&quot; for final AAIB report on AI-171 crash: Civil Aviation MinisterRead @ANI Story |https://t.co/CTJlu9FjI8#AI171crash #CivilAviation #AAIBreport pic.twitter.com/haZp2caXSP&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI Digital (@ani_digital) June 15, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रिफाइनरी में सीक्रेट इंस्पेक्शन और 1.06 लाख करोड़ की सौगात: मोदी का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जोधपुर में इस एविएशन क्रांति की शुरुआत करने के बाद पीएम मोदी का काफिला सीधे बालोतरा (पचपदरा) के लिए रवाना हुआ, जहां वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने वाले हैं। इस ऐतिहासिक दिन के पल-पल के कार्यक्रम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सुबह 10:45 बजे: विशेष वीवीआईपी विमान से सीधे जोधपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुबह 11:00 बजे: जोधपुर के नए टर्मिनल का फीता काटना और संशोधित UDAN योजना को हरी झंडी दिखाना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुबह 11:20 बजे: सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से सीधे पचपदरा (बालोतरा) के लिए उड़ान भरना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 12:15 बजे: बहुप्रतीक्षित HPCL रिफाइनरी के मुख्य कंट्रोल रूम में पहुंचना, रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का सघन निरीक्षण करना और परिसर में पौधा लगाना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 12:45 बजे: बालोतरा के मुख्य सार्वजनिक मंच और जनसभा स्थल पर आगमन।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 12:52 बजे: 'विकसित राजस्थान' थीम पर बनी एक विशेष शॉर्ट फिल्म की स्क्रीनिंग देखना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 01:15 बजे: प्रधानमंत्री द्वारा एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मारवाड़ को करोड़ों की सौगात देना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 01:45 बजे: बालोतरा से वापस जोधपुर के लिए प्रस्थान।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 02:40 बजे: जोधपुर एयरपोर्ट वापसी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोपहर 02:45 बजे: जोधपुर से साणंद (अहमदाबाद, गुजरात) के अगले मिशन के लिए उड़ान भरना।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-inaugurates-jodhpur-airport-new-terminal-udan-scheme-rajasthan-airport-project-articleshow-os7p66f"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA['ऐसी शादी जो कभी नहीं होगी': केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल की डिलीट चैट से खुलासा!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ketan-agarwal-murder-case-siya-goyal-deleted-chat-wedding-ticket-police-investigation-articleshow-9r1794m</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/ketan-agarwal-murder-case-siya-goyal-deleted-chat-wedding-ticket-police-investigation-articleshow-9r1794m</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 12:49:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया गोयल के फोन से डिलीट चैट रिकवर होने के बाद जांच ने नया मोड़ लिया। 'शादी के टिकट' वाला रहस्यमयी मैसेज, कोड वर्ड और तीसरे शख्स की भूमिका पर पुलिस की जांच तेज।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwnzw5379k11y00qpn2fpvhg,imgname-ketan-agarwal-murder-case-siya-goyal-deleted-chat-wedding-ticket-police-investigation-1783149499495.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ketan Agarwal Murder Case:&lt;/strong&gt; रियल एस्टेट एजेंट केतन अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या की जांच कर रही पुणे पुलिस के हाथ एक ऐसा सुराग लगा है, जिसने इस पूरे मामले को एक बेहद उलझी हुई और खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने आरोपी सिया गोयल के मोबाइल फोन से डिलीट किया जा चुका भारी-भरकम डेटा और चैट बैकअप रिकवर कर लिया है। इस डिलीटेड डेटा में एक ऐसी रहस्यमयी चैट सामने आई है, जिसने जांचकर्ताओं के भी कान खड़े कर दिए हैं। इस चैट में एक &quot;ऐसी शादी&quot; का जिक्र है जो कभी होने ही नहीं वाली थी, लेकिन फिर भी उसके नाम पर टिकट्स बुक किए जा रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'शादी के टिकट' और 'दस्तावेजों' का वो रहस्यमयी खेल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांचकर्ताओं के मुताबिक, रिकवर की गई चैट्स में से एक बेहद चौंकाने वाली बातचीत सिया गोयल और उसके एक करीबी दोस्त के बीच की है। इस बातचीत में सिया अपने दोस्त से टिकट्स बुक करने के बहाने उसके पहचान पत्र (आधार कार्ड) के आगे और पीछे दोनों तरफ की तस्वीरें मांग रही है। इस बातचीत का जो हिस्सा पुलिस के हाथ लगा है, वह किसी गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है। चैट में कथित तौर पर लिखा है: &ldquo;आधार कार्ड आगे पीछे भेज दें। शादी के टिकट के लिए जो होने वाली नई वाली पर फिर भी भेज दे।&quot; यानी सिया खुद मान रही थी कि वह एक ऐसी शादी के लिए टिकट बुक करने का नाटक कर रही है जो असल में कभी वजूद में आने ही नहीं वाली थी। दोस्त ने भी इसके जवाब में कहा कि वह दस्तावेज पहले ही व्हाट्सएप (WhatsApp) पर शेयर कर चुका है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि क्या 'शादी के टिकट' की आड़ में मर्डर के बाद भागने का या किसी को फंसाने का प्लान तैयार किया जा रहा था?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Pune | Lohagad Fort murder case&amp;nbsp;Accused Siya Goyal and Chetan Chaudhary in the Ketan Agarwal murder case produced again in Vadgaon Maval court after police custody ended. pic.twitter.com/2a1pMPuV69&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; indiainlast24hr (@indiain24hr) June 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कोडेड भाषा, निकनेम और इमोजी: डिजिटल सबूतों ने खोला राज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुणे पुलिस ने अदालत को सूचित किया है कि सिया गोयल के फोन से जो डेटा डिलीट किया गया था, वह केवल सामान्य बातचीत नहीं थी। आरोपियों ने आपस में बातचीत करने के लिए एक बेहद शातिराना 'कोडेड भाषा' का इस्तेमाल किया था। चैट्स में अजीबोगरीब निकनेम (उपनाम) और कूटशब्दों के साथ-साथ केवल इमोजी (Emojis) के जरिए बड़ी जानकारियां शेयर की गई थीं। इस मामले में पुलिस को तब एक और बड़ी कामयाबी मिली जब उन्होंने सिया गोयल द्वारा छिपाकर रखा गया उसका दूसरा मोबाइल फोन भी ढूंढ निकाला। इस दूसरे डिवाइस को तुरंत फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस फोन के अनलॉक होते ही केतन अग्रवाल की हत्या से जुड़े कई और घिनौने राज बेपर्दा हो जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;A fresh twist has emerged in the Ketan Agarwal murder investigation. An alleged Snapchat chat suggests accused Siya Goyal asked a friend for her Aadhaar card to book a flight ticket, reportedly saying, &ldquo;The wedding was never going to happen, but I need to book tickets.&rdquo;&hellip; pic.twitter.com/xVvzoYrO5Y&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Whats In The News (@_whatsinthenews) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बीड के रहस्यमयी युवक की एंट्री: &quot;मैंने उन्हें रोका था...&quot;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खूनी साजिश की आंच अब पुणे से निकलकर बीड जिले तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने बीड से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है और उससे बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है। तकनीकी जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी मर्डर के इस पूरे मास्टरप्लान को अंजाम देने से पहले बीड के इस युवक के लगातार संपर्क में थे और उन्होंने हत्या की योजना के बारीक विवरण (Details) उसके साथ साझा किए थे। हालांकि, पूछताछ के दौरान इस युवक ने खुद को बेकसूर बताते हुए एक बड़ा दावा किया है। उसने पुलिस को बताया कि जब सिया और चेतन ने उसे केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने के इस खौफनाक इरादे के बारे में बताया था, तो उसने इस मर्डर प्लान में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया था और उन दोनों को भी इस खूनी रास्ते पर न बढ़ने की सख्त सलाह दी थी। पुलिस अब इस युवक के बयानों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पॉलीग्राफ टेस्ट से इंकार और 14 दिनों की ज्यूडीशियल कस्टडी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केतन अग्रवाल की बेरहमी से की गई हत्या के इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस जब इस मर्डर मिस्ट्री की आखिरी कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों का साइंटिफिक टेस्ट यानी पॉलीग्राफ टेस्ट (Lie Detector Test) करवाना चाहती थी, तो दोनों आरोपियों ने कोर्ट के सामने साफ तौर पर इस टेस्ट से इंकार कर दिया। आरोपियों के इस असहयोग और सच छिपाने की जिद के बाद, अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। पुलिस अब सलाखों के पीछे बंद इन दोनों शातिर दिमाग आरोपियों के खिलाफ डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की एक ऐसी मजबूत कंक्रीट दीवार तैयार कर रही है, जिससे इनका कानून से बच निकलना नामुमकिन हो जाए। जांच जारी है और जल्द ही इस केस में किसी तीसरे बड़े चेहरे की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/ketan-agarwal-murder-case-siya-goyal-deleted-chat-wedding-ticket-police-investigation-articleshow-9r1794m"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[राम मंदिर दान चोरी: रोज़ 6-8 लाख की हेराफेरी,पार्क में बंटता था 'प्रसाद', अब घेरे में पूर्व ट्रस्टी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ram-temple-donation-scam-ayodhya-sit-investigation-embezzlement-sbi-fraud-corruption-articleshow-og2gtne</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/ram-temple-donation-scam-ayodhya-sit-investigation-embezzlement-sbi-fraud-corruption-articleshow-og2gtne</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:08:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अयोध्या राम मंदिर दान हेराफेरी केस में SIT जांच तेज, रोज़ 6-8 लाख की चोरी का शक, SBI कर्मचारियों पर सवाल, गुप्त मनी ट्रेल और अंदरूनी मिलीभगत की जांच जारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwnt2xdynq940a1m4v2dcmn8,imgname-ram-temple-donation-scam-ayodhya-sit-investigation-embezzlement-sbi-fraud-corruption-1783143429566.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अयोध्या: &lt;/strong&gt;आस्था के सबसे बड़े केंद्र अयोध्या धाम से एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाए जाने वाले दान में हुई महा-हेराफेरी की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, घोटाले का आकार देखकर जांचकर्ता भी हैरान हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की तफ्तीश में यह साफ हो गया है कि यह कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित लूट थी। अब इस मामले की आंच मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष तक पहुंच चुकी है, जिससे यह पूरी घटना एक हाई-प्रोफाइल क्राइम थ्रिलर में बदल गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;16 लाख से 26 लाख का रहस्य: आंकड़ों ने खोला खौफनाक राज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस महाघोटाले का भंडाफोड़ तब हुआ जब दान के आंकड़ों में एक अजीबोगरीब उछाल देखा गया। SIT द्वारा पूछताछ किए गए बैंक अधिकारियों ने जो गवाही दी, वह चौंकाने वाली थी। उन्होंने बताया कि इस बड़ी चोरी का पता चलने से पहले, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खातों में रोज़ाना औसतन 16 से 18 लाख रुपये का नकद दान जमा होता था। लेकिन, जैसे ही इस हेराफेरी का भंडाफोड़ हुआ और जांच शुरू हुई, यही दान राशि अचानक बढ़कर रोज़ाना 24 से 26 लाख रुपये हो गई। इन आंकड़ों का गणित सीधा और खौफनाक है-जांचकर्ताओं का अनुमान है कि शातिर चोरों की यह मंडली रोज़ाना भक्तों के चढ़ावे से 6 से 8 लाख रुपये साफ कर रही थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;भगवान देख रहे हैं...&quot;गहनों की डकैती और वो सनसनीखेज बातचीत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस घोटाले का सबसे हैरान करने वाला पहलू इसका बेखौफ अंदाज था। मंदिर में चढ़ाए जाने वाले सोने-चांदी के गहनों का कभी कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड ही नहीं रखा गया, जिससे उन्हें उड़ाना और भी आसान हो गया। तफ्तीश में सामने आया कि चोरी का पहला सुराग इस साल फरवरी में मिला था। कैश गिनने वाली टीम के एक सदस्य ने जब गिनती के इंचार्ज और रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव को टोका कि काउंटर पर खुलेआम पैसे चुराए जा रहे हैं, तो श्रीवास्तव का जवाब रूह कंपा देने वाला था। उसने बेहद ठंडे दिमाग से कहा, &quot;भगवान देख रहे हैं, ऐसा तो नहीं है कि यह तुम्हारे या मेरे घर से जा रहा है।&quot; सुभाष श्रीवास्तव अब उन आठ मुख्य आरोपियों में शामिल है, जिन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भीखापुर का वो गुप्त पार्क: जहां लगता था 'लूट की रकम' का मेला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;SIT की कस्टडी में मौजूद आरोपी अविनाश शुक्ला ने एक और गहरे राज से पर्दा उठाया है। उसने कबूल किया कि दान पेटियों से चुराए गए लाखों रुपये किसी बैंक या तिजोरी में नहीं जाते थे, बल्कि उन्हें हर रोज़ मंदिर के पास ही एक पार्क में ले जाया जाता था। 14 कोसी परिक्रमा रूट पर भीखापुर के पास स्थित इसी सुनसान पार्क में सभी आरोपी इकट्ठा होते थे और चोरी की रकम को आपस में बांटते थे। शुक्रवार को पुलिस की टीम आरोपी को उसी पार्क में क्राइम सीन री-क्रिएट करने के लिए लेकर गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बैंक और प्राइवेट एजेंसी का 'नेक्सस': रडार पर बड़े अधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राम मंदिर में नकद दान की गिनती की पूरी ज़िम्मेदारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की है। इसके लिए 14 लोगों की एक टीम बनाई गई थी, जिसमें 11 बैंक कर्मचारी और 3 ट्रस्ट के सदस्य थे। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर कैश गिनने जैसे बेहद संवेदनशील काम के लिए एक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के लोगों को लगा दिया गया था। SIT अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए मूल समझौते में बदलाव क्यों किए गए? अगर किसी को गड़बड़ी का शक था, तो सीनियर अधिकारियों को रिपोर्ट क्यों नहीं की गई? मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस अब मनी ट्रेल (Paisa Trail) का पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी पत्र लिखने जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;चंपत राय समेत तीन का इस्तीफा: अब प्रॉपर्टी और कमीशन की बारी!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले का सबसे बड़ा भूचाल तब आया जब गंभीर आरोपों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। SIT ने शुक्रवार को दूसरी बार इन तीनों से बंद कमरे में कड़ी पूछताछ की। अब जांच की सुई इनकी पर्सनल चल-अचल संपत्ति और आय के स्रोतों पर टिक गई है। SIT ने तीनों पूर्व अधिकारियों से उनकी संपत्तियों के दस्तावेज मांगे हैं। अनिल मिश्रा और गोपाल राव से विशेष रूप से इस बात पर पूछताछ की जा रही है कि पिछले कुछ सालों में उनकी संपत्ति में अचानक इतनी बढ़ोतरी कैसे हुई? इसके साथ ही मंदिर निर्माण और जमीन की खरीद के दौरान कुछ खास लोगों को कमीशन और अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की भी गहनता से जांच की जा रही है। SIT अब ट्रस्ट की सालाना ऑडिट रिपोर्ट का दोबारा ऑडिट कराने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/ram-temple-donation-scam-ayodhya-sit-investigation-embezzlement-sbi-fraud-corruption-articleshow-og2gtne"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Agra Murder Case: हर रोज की मारपीट और वो एक रात...पत्नी के कबूलनामे से हर कोई सन्न!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-ruby-confession-bathroom-buried-body-murder-case-police-investigation-sikandra-articleshow-4giqh6m</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-ruby-confession-bathroom-buried-body-murder-case-police-investigation-sikandra-articleshow-4giqh6m</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 10:39:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;आगरा में पत्नी रूबी ने पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या कर बाथरूम में शव दफनाने की के बाद पुलिस के सामने खौफनाक कुबूलनामा। शराब, मारपीट और 45 दिन की गुमशुदगी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwnrcc0fgsg4ewg9vpzp8ae2,imgname-agra-wife-kills-husband-ruby-confession-bathroom-buried-body-murder-case-police-investigation-sikandra-1783141642255.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Agra Murder Case: &lt;/strong&gt;ताजनगरी आगरा के सिकंदरा इलाके से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने घरेलू हिंसा के एक खौफनाक और जानलेवा अंजाम को उजागर किया है। एक परिवार करीब डेढ़ महीने तक अपने लापता बेटे को ढूंढने के लिए दर-दर भटकता रहा। पुलिस आती-जाती रही, रिश्तेदार किसी चमत्कार की उम्मीद में आंखें बिछाए बैठे रहे, लेकिन किसी को कानों-कान भनक नहीं हुई कि जिसे पूरी दुनिया बाहर ढूंढ रही है, उसका कंकाल उसी के घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफन है। इस गहरी साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब कातिल पत्नी ने खुद अपनी सास के सामने वो सच उगल दिया जिसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इस जोड़े के रिश्ते में शराब की क्या भूमिका थी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खबरों के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार शर्मा की शराब की लत के कारण अक्सर झगड़े और घरेलू हिंसा होती थी, जो रूबी के अपराध करने के कथित मकसद की एक वजह बनी। उनके भाई ने बताया कि सुरेंद्र बेरोजगार थे और शराब का लती था। शराब पीने की आदत के कारण घर में अक्सर झगड़े और कथित तौर पर घरेलू हिंसा होती थी। सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा के अनुसार, रूबी ने 18 मई को उन्हें फ़ोन किया और कहा कि पुलिस उनके घर पर छापा मार रही है। उसने उनसे सुरेंद्र की मां और जोड़े की दो बेटियों को ले जाने के लिए कहा। अनिल उन्हें अपने घर ले आए और अगले दिन रूबी भी उनके साथ आ गई। उसने कथित तौर पर परिवार को बताया कि सुरेंद्र घर से चले गए हैं और चार-पांच दिनों में लौट आएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रूबी शुरू में अपराध को छिपाने में कैसे कामयाब रही?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब सुरेंद्र वापस नहीं आए, तो अनिल और रूबी ने मिलकर 26 मई को स्थानीय पुलिस चौकी में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने रूबी के साथ CCTV फुटेज भी देखी, लेकिन सुरेंद्र के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। इस दिखावे ने उसे कई हफ़्तों तक शक के दायरे से बाहर रखा, जब तक कि उसने अपने जीजा को सच नहीं बता दिया। परिवार के अनुसार, रूबी अनिल के घर पर अपनी सास और बच्चों के साथ रहती रही और सुरेंद्र के लापता होने से परेशान भी दिखी। कुछ दिनों बाद, अनिल ने रूबी, अपनी मां और बच्चों को सुरेंद्र के घर वापस भेज दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जांच के दौरान पुलिस को क्या पता चला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूबी के कबूलनामे के बाद पुलिस को बाथरूम के फ़र्श के नीचे कंकाल के अवशेष मिले। वे मौत का सही कारण पता लगाने के लिए फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतज़ार कर रहे हैं, जो चल रही जांच के लिए बहुत ज़रूरी है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा के तौर पर हुई है, जो आगरा के सिकंदरा इलाके की रेणुका धाम कॉलोनी में अपनी पत्नी रूबी, माँ कमला और दो बेटियों के साथ रह रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शराब की लत और '26 मई' की वो खूनी रात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस की गिरफ्त में आई आरोपी महिला रूबी की शादी सुरेंद्र शर्मा से हुई थी। लेकिन बाहरी दुनिया के लिए सामान्य दिखने वाले इस रिश्ते के पीछे घरेलू हिंसा का एक लंबा और दर्दनाक इतिहास छिपा था। पुलिस पूछताछ में रूबी ने बताया कि सुरेंद्र बेरोजगार था और उसे शराब की इस कदर लत थी कि वह आए दिन नशे में धुत्त होकर घर लौटता था। पूरा परिवार सुरेंद्र की बूढ़ी मां को मिलने वाली पेंशन पर ही गुजारा कर रहा था, लेकिन इसके बावजूद सुरेंद्र लगातार रूबी के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। सालों के इस शारीरिक और मानसिक टॉर्चर को सहते-सहते रूबी के भीतर का गुबार लावा बन चुका था। 26 मई की रात को जब सुरेंद्र ने नशे की हालत में एक बार फिर रूबी पर हिंसक हमला किया, तो रूबी का सब्र का बांध टूट गया। उसी रात उसने अपने ही सुहाग को हमेशा के लिए खामोश करने का एक ऐसा खौफनाक फैसला लिया, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कैसे बढ़ा शक?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शक तब बढ़ा जब अनिल ने अपनी मां का बैंक अकाउंट चेक किया, जिसमें उनकी पेंशन आती थी। उसने आरोप लगाया कि रूबी ही अकाउंट संभाल रही थी और उसकी मां को पैसे का बहुत छोटा हिस्सा ही देती थी। शुक्रवार को रूबी ने अनिल को घर बुलाया। जब उसने फिर से सुरेंद्र के बारे में पूछा, तो रूबी ने कथित तौर पर बताया कि उसकी लाश बाथरूम के फ़र्श के नीचे दफ़ना दी गई थी। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस घर पहुंची और बाथरूम की खुदाई की। कंक्रीट के फ़र्श के नीचे से कंकाल मिला और उसे फ़ोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;45 दिनों का सस्पेंस: जिस घर में जांच हुई, वहीं नीचे दफन थी लाश!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हत्या को अंजाम देने के बाद रूबी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सबूतों को ठिकाने लगाने की थी। उसने बेहद शातिराना तरीके से घर के बाथरूम के फर्श को खोदा, पति के शव को उसमें डाला और ऊपर से गड्ढे को बंद कर कंक्रीट और प्लास्टर की एक मजबूत परत चढ़ा दी। इसके ठीक बाद सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा ने सिकंदरा पुलिस स्टेशन में उसके गायब होने की शिकायत दर्ज करा दी। अगले 45 दिनों तक पुलिस की टीम लगातार तफ्तीश करती रही। पुलिस अधिकारी बार-बार सुराग ढूंढने के लिए उसी घर में आते-जाते रहे, उसी बाथरूम के आसपास घूमते रहे, लेकिन फर्श के नीचे छिपे उस खौफनाक सच से पूरी तरह बेखबर रहे। रूबी भी इस दौरान बेहद सामान्य व्यवहार कर कानून की आंखों में धूल झोंकती रही।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात का कबूलनामा: सास के सामने जब टूटी कातिल की चुप्पी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरुवार को भी पुलिस की एक टीम हमेशा की तरह जांच के सिलसिले में परिवार के घर आई और कुछ सवाल-जवाब करके लौट गई। लेकिन पुलिस के जाने के बाद रूबी के सब्र और हौसले ने जवाब दे दिया। शायद 45 दिनों का मानसिक दबाव और गुनाह का अहसास उस पर हावी हो चुका था। उसी रात, घर के सन्नाटे को चीरते हुए रूबी ने अपनी सास के सामने घुटने टेक दिए। उसने रोते हुए कबूल किया कि सुरेंद्र कहीं गायब नहीं हुआ है, बल्कि उसकी हत्या की जा चुकी है। जब उसने थरथराते हुए बाथरूम के फर्श की तरफ इशारा कर बताया कि सुरेंद्र की लाश वहीं नीचे दबी है, तो बूढ़ी मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। भाई अनिल ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पुलिस को इस आधी रात के कबूलनामे की सूचना दी, जिसके बाद भारी पुलिस बल ने घर को चारों तरफ से घेर लिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;फर्श खोदते ही निकला कंकाल: अब 'तीसरे' मददगार की तलाश!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रूबी को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर मजदूरों को बुलाकर बाथरूम के फर्श को तोड़ना शुरू किया। जैसे ही कंक्रीट की परतें हटीं, पुलिस के सामने सुरेंद्र शर्मा का सड़ चुका कंकाल बरामद हो गया। पुलिस ने पूरे घर को सील कर दिया है और कंकाल को मौत के सही कारणों और समय की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम जांच के लिए भेज दिया है। अब इस मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस यह बना हुआ है कि क्या एक घरेलू महिला ने अकेले ही इतनी बड़ी हत्या को अंजाम देकर गहरी कब्र खोदने और प्लास्टर करने का काम कर लिया? आगरा पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि क्या इस खौफनाक वारदात और सबूत मिटाने के खेल में रूबी के साथ कोई और बाहरी शख्स या उसका कोई मददगार भी शामिल था। सिकंदरा पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को खंगालने में जुटी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस के सामने पति की हत्या के बारे में पीड़िता ने क्या बोला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूछताछ के दौरान रूबी ने अपने पति की हत्या करने की बात नहीं मानी है। पुलिस के अनुसार, उसने दावा किया कि सुरेंद्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने कहा कि उसकी मौत के बाद वह घबरा गई थी और कानूनी परेशानी से बचने के लिए लाश को बाथरूम के अंदर दफ़ना दिया था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सैयद अली अब्बास ने कहा कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा, &quot;एक मामला सामने आया है जिसमें एक महिला ने कथित तौर पर अपने पति की मौत के बाद उसकी लाश को बाथरूम के फ़र्श के नीचे दफ़ना दिया था। उससे पूछताछ की जा रही है और आगे के तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।&quot; पुलिस मौत का सही कारण पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम और फ़ोरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है। आगे की जांच जारी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/agra-wife-kills-husband-ruby-confession-bathroom-buried-body-murder-case-police-investigation-sikandra-articleshow-4giqh6m"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[लुधियाना हिट-एंड-रन: मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को कार ने 10 मीटर घसीटा-मौत, CCTV]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ludhiana-morning-walk-woman-dragged-10-meters-hit-and-run-cctv-speeding-car-police-search-driver-articleshow-wg1ogwn</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/ludhiana-morning-walk-woman-dragged-10-meters-hit-and-run-cctv-speeding-car-police-search-driver-articleshow-wg1ogwn</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 09:18:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ludhiana हिट-एंड-रन: मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को तेज़ रफ्तार कार ने टक्कर मारकर 10 मीटर तक घसीटा, CCTV में कैद खौफनाक वारदात। सिर-छाती में गंभीर चोट से मौत, फरार ड्राइवर की तलाश जारी-मामला रहस्यमय बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwnktz1hp99s4pet5xbjjwxk,imgname-ludhiana-morning-walk-woman-dragged-10-meters-hit-and-run-cctv-speeding-car-police-search-driver-1783136877617.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लुधियाना, पंजाब:&lt;/strong&gt; पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने सड़कों पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। रोज़ की तरह एक शांत और सामान्य सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला के लिए काल बनकर आई एक बेकाबू कार ने उसे न सिर्फ जोरदार टक्कर मारी, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करते हुए करीब 10 मीटर तक सड़क पर बेरहमी से घसीटा। यह पूरी रूह कंपा देने वाली हिट-एंड-रन घटना पास में ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए आखिरकार पीड़िता ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रोज़मर्रा की वो सैर... और पीछे से आता 'अदृश्य काल'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना शुक्रवार सुबह की है। शहर के एक स्थानीय प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी अपनी एक सहेली के साथ रोज़ाना की तरह ताज़ी हवा में वॉक करने के लिए घर से निकली थीं। दोनों महिलाएं सड़क किनारे बातचीत करते हुए टहल रही थीं और इस बात से बिल्कुल बेखबर थीं कि चंद पलों में उनके पीछे से मौत रफ्तार पकड़कर आ रही है। तभी अचानक पीछे से आ रही एक अत्यधिक तेज़ और अनियंत्रित कार ने सारी सीमाएं लांघते हुए सीधे उन दोनों महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि पीड़िता उछलकर सीधे कार के बोनट पर जा गिरी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; 6:15 AM.Model Town, Ludhiana.Two women &rarr;on a morning walk.From a gurudwara chowk toward a mandir.A speeding car &rarr; hit them both.And drove away.CCTV has the car.Police have traced the address.Teams are deployed.A morning walk is one of the safest things a person&hellip; pic.twitter.com/A62tEDL3ke&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rajneeti Tadka ️ (@RajneetiTadka) July 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सस्पेंस और क्रूरता की हद: ब्रेक लगाने के बजाय दबाया एक्सीलेटर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हादसे का सबसे भयानक और हैरान कर देने वाला पहलू टक्कर के ठीक बाद शुरू हुआ। आम तौर पर ऐसी दुर्घटनाओं में ड्राइवर घबराकर ब्रेक लगा देते हैं, लेकिन इस अज्ञात कार सवार के सिर पर तो जैसे खून सवार था। जैसे ही पीड़िता बोनट से नीचे गिरकर गाड़ी के निचले हिस्से (चेसिस) में फंसी, ड्राइवर ने रुकने या मदद करने के बजाय गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी। कार उस बेबस महिला को लगभग 10 मीटर तक बेरहमी से सड़क पर घसीटती चली गई। इसी आपाधापी में कार का एक भारी टायर सीधे महिला के सिर और छाती को कुचलता हुआ आगे निकल गया। टक्कर के वक्त महिला की सहेली खुशकिस्मत रही कि वह गाड़ी की दिशा से दूर जा गिरी, जिससे उसे सिर्फ मामूली चोटें आईं, लेकिन उसकी आंखों के सामने उसकी सहेली को मौत के घाट उतार दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वो तीसरी आंख: फुटेज में कैद हुआ कातिल गाड़ी का सुराग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे का पूरा सच तब सामने आया जब पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सुरक्षा कैमरों की जांच की। पास ही लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में यह खौफनाक मंजर हूबहू रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक तेज़ रफ्तार कार दोनों महिलाओं को रौंदती है, पीड़िता को घसीटती है और फिर बिना एक पल गंवाए कातिल की तरह मौके से फरार हो जाती है। सिर और छाती में आई प्राणघातक चोटों के कारण महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस का चक्रव्यूह: क्या कानून की गिरफ्त में आएगा 'फरार' ड्राइवर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे की गूंज सुनते ही मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से धुंधली तस्वीरों को साफ कर कार के रजिस्ट्रेशन नंबर को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। इलाके के लोगों में इस हिट-एंड-रन कांड को लेकर भारी गुस्सा है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने आरोपी ड्राइवर को दबोचने के लिए अलग-अलग टीमें बना दी हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह बना हुआ है कि वह बेकाबू कार आखिर किसकी थी, और क्या ड्राइवर नशे में था या फिर इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी है? पुलिस को भरोसा है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/ludhiana-morning-walk-woman-dragged-10-meters-hit-and-run-cctv-speeding-car-police-search-driver-articleshow-wg1ogwn"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Agra Murder: 45 दिन तक पति को लापता बताती रही पत्नी, बाथरूम का फर्श टूटा तो खुला राज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/agra-woman-kills-husband-buries-body-bathroom-missing-person-murder-case-police-investigation-articleshow-txyd81c</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/agra-woman-kills-husband-buries-body-bathroom-missing-person-murder-case-police-investigation-articleshow-txyd81c</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 07:15:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP के आगरा मर्डर केस में 45 दिन तक पति को लापता बताने का खेल चलता रहा। फिर बाथरूम का फर्श टूटा तो दफन शव मिला। पत्नी गिरफ्तार, अब पुलिस जांच रही है कि इस सनसनीखेज हत्या में और कौन शामिल था?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwncmf1h1tgdgrwaw71sp9hn,imgname-agra-woman-kills-husband-buries-body-bathroom-missing-person-murder-case-police-investigation-1783129324593.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Agra Murder Case: &lt;/strong&gt;ताजनगरी आगरा से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया है। यहाँ एक पत्नी ने न केवल अपने ही सुहाग की बेरहमी से हत्या कर दी, बल्कि शातिर कप्तानी दिखाते हुए शव को अपने ही घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया। पिछले 45 दिनों से चल रहे इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का अंत तब हुआ जब पुलिस ने कंक्रीट की परतें तोड़कर सच को बाहर निकाला। आरोपी महिला रूबी को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन इस खौफनाक साजिश के पीछे छिपे कई सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;गायब पति और 'आंसुओं' का वो मायाजाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कहानी की शुरुआत करीब डेढ़ महीने पहले हुई, जब सुरेंद्र शर्मा अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। पति के गायब होने के बाद रूबी ने एक ऐसी लाचार और बेबस पत्नी का रूप धारण किया, जिस पर किसी को शक तक न हो। वह रोज पड़ोसियों के सामने फूट-फूट कर रोती और लोगों से कहती कि उसके पति का कहीं कोई अता-पता नहीं है। इतना ही नहीं, जब पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू की, तो रूबी खुद आगे बढ़कर पुलिस के साथ सुरेंद्र को ढूंढने का नाटक करने लगी। वह कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए खुद जांच का हिस्सा बनी रही, ताकि किसी का ध्यान उसके घर की चारदीवारी के अंदर न जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; Agra, Uttar Pradesh : A woman allegedly buried her husband's body beneath the bathroom floor covered it with plaster and tiles and reportedly staged his disappearance for around 45 days. The body was recovered after police grew suspicious during a verification visit.&hellip; pic.twitter.com/rgP4u8bM8L&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; contentkikamii (@contentkikamii) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;विसंगतियों का जाल: जब भाई के शक ने पलटा पासा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सबूत पीछे छोड़ ही जाता है। रूबी का यह आंसुओं भरा नाटक ज्यादा दिनों तक टिक नहीं सका। सुरेंद्र के लापता होने की परिस्थितियों को लेकर रूबी जो कहानियां सुना रही थी, उसमें लगातार विरोधाभास आ रहा था। कभी वह कुछ कहती तो कभी कुछ। रूबी की बातों में इन विसंगतियों को सबसे पहले सुरेंद्र के भाई ने पकड़ा। भाई का शक गहराया और उसने पुलिस के सामने रूबी पर सीधे तौर पर उंगली उठा दी। इस एक सुराग ने पुलिस की जांच की दिशा को पूरी तरह से बदल दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कंक्रीट का सीक्रेट: बाथरूम के फर्श के नीचे से निकला खौफ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भाई के बयान और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर जब पुलिस की सुई रूबी पर घूमी, तो घर की तलाशी लेने का फैसला किया गया। शक की बिनाह पर जब पुलिस की टीम कुछ मजदूरों (कर्मचारियों) के साथ घर के बाथरूम में दाखिल हुई, तो वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। बाथरूम के फर्श पर प्लास्टर और सीमेंट की एक नई और अजीब परत दिखाई दे रही थी। बिना देर किए पुलिस ने कर्मचारियों को फर्श तोड़ने का आदेश दिया। जैसे ही कुदाल और हथौड़ों ने प्लास्टर की उस मजबूत परत को तोड़ा, उसके नीचे से सुरेंद्र शर्मा का सड़ चुका शव बरामद हुआ। जो पत्नी 45 दिनों से बाहर दुनिया के सामने रोने का नाटक कर रही थी, वह असल में रोज उसी बाथरूम का इस्तेमाल कर रही थी जिसके नीचे उसने अपने पति की लाश को दफन कर रखा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BREAKING : AGRAWIFE MURDERS HUSBAND, CEMENTS HIM IN BATHROOM, PULLS HIS MISSING STUNT FOR 45 DAYS !!!&amp;nbsp;पति को अपने ही घर के बाथरूम में दफनाकर लिखवाई गुमशुदगी, शव दफनाने के बाद बाथरूम में किया प्लास्टर,45 दिन तक पति के गायब होने का नाटक करती रही महिलापुराने मामले में&hellip; pic.twitter.com/6LCqtaEaOD&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Deepika Narayan Bhardwaj (@DeepikaBhardwaj) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'ब्लू ड्रम मर्डर' की खौफनाक यादें हुईं ताजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस घटना ने लोगों के जेहन में फरवरी 2025 के उस कुख्यात 'ब्लू ड्रम' मर्डर केस की यादें ताजा कर दी हैं, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान राजपूत और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर हत्या कर दी थी। उस मामले में भी शव के टुकड़े-टुकड़े कर उसे सीमेंट के जरिए एक नीले ड्रम में सील कर दिया गया था। आगरा की इस घटना में भी शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के लिए सीमेंट-कंक्रीट के इस्तेमाल का बिल्कुल वैसा ही पैटर्न देखने को मिला है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दिनांक 26.05.2026 को थाना सिकन्दरा पर सुरेन्द्र शर्मा की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। गुमशुदगी की जांच के दौरान प्रकाश में आया कि गुमशुदा व्यक्ति की पत्नी द्वारा ही उसकी हत्या कर शव को बाथरूम के फर्श के नीचे गाड़ दिया गया था।आज दिनांक 03.07.2026 को पुलिस द्वारा फर्श को तोड़कर मृतक&hellip; pic.twitter.com/U2GbTqN07H&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; POLICE COMMISSIONERATE AGRA (@agrapolice) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या कोई और भी था इस खौफनाक खेल में शामिल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों और समय का पता लगाया जा सके। रूबी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि क्या एक महिला अकेले दम पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकती है? फर्श को खोदना, भारी शव को वहां डालना और फिर पेशेवर तरीके से प्लास्टर करना-यह किसी एक इंसान के बस का काम नहीं लगता। पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि क्या इस मर्डर और सबूतों को छिपाने के पीछे रूबी के साथ कोई और 'मास्टरमाइंड' या मददगार शामिल था? जांच जारी है, और जल्द ही इस खौफनाक राज से पूरी तरह पर्दा उठने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/agra-woman-kills-husband-buries-body-bathroom-missing-person-murder-case-police-investigation-articleshow-txyd81c"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[इंदौर का 'घोस्ट हॉस्पिटल': कागज़ों पर तबादले, फाइलों में डॉक्टर-लेकिन ज़मीन पर सिर्फ सन्नाटा!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/indore-ghost-hospital-khajrana-civil-hospital-87-staff-no-building-madhya-pradesh-articleshow-bw0zt9k</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/indore-ghost-hospital-khajrana-civil-hospital-87-staff-no-building-madhya-pradesh-articleshow-bw0zt9k</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 08:18:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;इंदौर के खजराना सिविल हॉस्पिटल का चौंकाने वाला सच! 6 साल बाद भी न ज़मीन, न बिल्डिंग, फिर भी 87 स्टाफ और ट्रांसफर जारी। आखिर कागज़ों पर चल रहे इस 'घोस्ट हॉस्पिटल' का राज़ क्या है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwngd3t7k39e9rkpr5rwtnpz,imgname-indore-ghost-hospital-khajrana-civil-hospital-87-staff-no-building-madhya-pradesh-1783133278023.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indore Ghost Hospital:&lt;/strong&gt; क्या आपने कभी किसी ऐसे अस्पताल के बारे में सुना है जहां आलीशान पद हैं, डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्तियां होती हैं, बकायदा ट्रांसफर ऑर्डर भी जारी किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में उस अस्पताल की एक भी ईंट अस्तित्व में नहीं है? मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक ऐसा ही हैरतअंगेज और प्रशासनिक लापरवाही से भरा मामला सामने आया है। यह कहानी है इंदौर के खजराना सिविल हॉस्पिटल की, जो पिछले छह सालों से सिर्फ और सिर्फ सरकारी फाइलों और पोर्टल्स पर 'ज़िंदा' है, जबकि ज़मीन पर इसका कोई नामोनिशान तक नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जून 2026 का वो 'रहस्यमयी' ट्रांसफर ऑर्डर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भूतिया अस्पताल का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह आज भी सरकारी कागज़ात में पूरी तरह एक्टिव है। अभी हाल ही में, 15 जून, 2026 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक आधिकारिक पोस्टिंग ऑर्डर जारी किया गया। इस ऑर्डर के तहत एक लैब टेक्नीशियन का तबादला सीधे 'खजराना सिविल हॉस्पिटल' के लिए कर दिया गया। मज़ेदार बात यह है कि जिस अस्पताल में इस कर्मचारी को भेजा गया, वहां आज तक न तो कोई इमारत बनी है और न ही कभी कोई मरीज भर्ती हुआ है। इस अजीबोगरीब ट्रांसफर ने सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3 लाख जनता की उम्मीदें और 87 'अदृश्य' सरकारी पद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरी कहानी की शुरुआत 23 जून, 2020 को हुई थी, जब मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर के बेहद घनी आबादी वाले खजराना इलाके के लिए 100 बिस्तरों वाले एक सिविल अस्पताल को मंजूरी दी थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद खजराना, मूसाखेड़ी, तेजाजी नगर और बिचोली हप्सी जैसे क्षेत्रों के करीब तीन लाख से अधिक लोगों को सीधे स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना था। साथ ही, इससे शहर के बड़े अस्पतालों जैसे MY, MTH और जिला अस्पताल पर मरीजों का बोझ कम होना था। मंजूरी के साथ ही सरकार ने इस अस्पताल के लिए 87 सरकारी पदों को भी हरी झंडी दे दी। इन पदों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन शामिल थे। लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी यह अस्पताल फाइलों से बाहर नहीं निकल सका क्योंकि स्वास्थ्य विभाग इसके लिए जमीन ही अलॉट नहीं करवा पाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Indore, Madhya Pradesh: On the approval of posts for the hospital, Congress leader Sajjan Singh Verma says, &quot;I am not in a position to tell you about the medical staff. Some staff have been established, who have been transferred from other districts....'' pic.twitter.com/F9UD5uaob2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IANS (@ians_india) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सरकारी पोर्टल्स का मायाजाल: काम कहीं और, हाजिरी कहीं और!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिना बिल्डिंग के इन 87 कर्मचारियों का क्या हो रहा है? इसका जवाब भी बेहद दिलचस्प है। दरअसल, यह पूरा अमला विभागीय पोर्टल्स पर इसी 'घोस्ट हॉस्पिटल' का हिस्सा दिखता है। लेकिन हकीकत में इन कर्मचारियों को इंदौर के पीसी सेठी हॉस्पिटल, हुकुमचंद हॉस्पिटल और विभिन्न संजीवनी क्लीनिकों से अटैच किया गया है। कागज़ात में ये खजराना अस्पताल के कर्मचारी हैं, लेकिन असलियत में इस अस्पताल का न कोई वॉर्ड है, न बिस्तर और न ही कोई तय पता। इस प्रशासनिक विफलता का सीधा खामियाजा स्थानीय जनता भुगत रही है, जिन्हें आज भी इलाज के लिए शहर के दूरदराज़ और भीड़भाड़ वाले अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;ज़मीन ही नहीं मिली...&quot;सरकार और अधिकारियों की लाचारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अजीबोगरीब मामले पर जब राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट बढ़ी, तो सरकार की तरफ से भी बयान सामने आए। सूबे के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने माना कि समय के साथ इस प्रस्ताव में बदलाव हुए। उन्होंने कहा, &quot;पहले यह एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था, जिसे बाद में 50 बिस्तरों के अस्पताल में अपग्रेड किया गया। मंजूर पद विभागीय पोर्टल पर दिख रहे हैं और स्टाफ को दूसरी जगहों पर एडजस्ट किया गया है। हम जमीन की तलाश कर रहे हैं।&quot; वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव हसानी ने भी पैरवी करते हुए कहा कि शहरी इलाकों में जमीन का अधिग्रहण एक बेहद मुश्किल और समय लेने वाला काम है, जिसके चलते अभी तक जमीन का कब्जा नहीं लिया जा सका है और डेटा अपडेट होना बाकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अवैध कब्जे का खेल या महाघोटाला? विपक्ष के तीखे तेवर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सनसनीखेज खुलासे के बाद प्रदेश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसे एक बड़ा घोटाला करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा, &quot;यह बेहद अजीब और हास्यास्पद स्थिति है कि ज़मीन पर कोई अस्पताल ही नहीं है, फिर भी वहां नियुक्तियां और ट्रांसफर हो रहे हैं। कांग्रेस आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाएगी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दूसरी तरफ, खजराना अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष अरशद मिर्ज़ा बेग ने एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल के लिए ज़मीन तो उपलब्ध है, लेकिन विभाग जानबूझकर बहाने बना रहा है क्योंकि उस कीमती सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं का अवैध कब्जा है। अब देखना यह है कि क्या साल 2026 में उजागर हुआ यह 'घोस्ट हॉस्पिटल' कभी असलियत की ज़मीन पर उतर पाएगा या फिर कागज़ों पर ही डॉक्टरों के तबादलों का यह खौफनाक खेल चलता रहेगा?&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/indore-ghost-hospital-khajrana-civil-hospital-87-staff-no-building-madhya-pradesh-articleshow-bw0zt9k"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Top 10 Morning News: दुनिया में बढ़ा तनाव, भारत के बड़े फैसले...जानिए सुबह की 10 बड़ी खबरें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-july-4-2026-india-world-iran-trump-russia-ukraine-monsoon-defense-articleshow-zgsc8e4</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-july-4-2026-india-world-iran-trump-russia-ukraine-monsoon-defense-articleshow-zgsc8e4</guid>
            <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 06:42:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;ईरान में खामेनेई को अंतिम विदाई, ट्रम्प का बड़ा ऐलान, रूस-यूक्रेन युद्ध तेज, भारत ने ₹52,000 करोड़ रक्षा पैकेज मंजूर किया, सिंधु जल संधि पर सख्ती और देशभर में मॉनसून का रेड अलर्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwnavb2xr342sppxjzfaa420,imgname-top-10-morning-news-july-4-2026-india-world-iran-trump-russia-ukraine-monsoon-defense-1783127452765.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Today Top 10 Morning News:&lt;/strong&gt; 4 जुलाई 2026, शनिवार, देश-दुनिया में आज की सुबह बड़े घटनाक्रमों के साथ हुई है। ईरान से अमेरिका, रूस-यूक्रेन युद्ध, भीषण गर्मी, भारत की रक्षा तैयारियां, चुनावी सियासत, सिंधु जल संधि और मॉनसून-हर मोर्चे पर बड़ी खबरें सामने आई हैं। आइए जानते हैं आज की टॉप 10 मॉर्निंग न्यूज़&hellip;क्या दुनिया एक नए भू-राजनीतिक दौर की दहलीज पर खड़ी है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. तेहरान में महाशोक: क्या थमेगा महायुद्ध?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम एशिया संघर्ष में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में लाखों लोग जुटे। एक हफ्ते का सामूहिक अंतिम संस्कार शुरू हो चुका है। भारतीय दल भी वहाँ मौजूद है। नाजुक युद्धविराम के बीच क्षेत्र में भारी तनाव और सस्पेंस बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. माउंट रशमोर की गूंज: ट्रम्प का बड़ा दांव!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने छह कैदियों को माफी देकर सबको चौंका दिया। खराब मौसम और गहरे राजनीतिक विभाजन के साए में हो रहे इस ऐतिहासिक जश्न और ट्रम्प के संबोधन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. कातिल गर्मी का कहर: टूट रहे हैं सारे रिकॉर्ड!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यूरोप और अमेरिका भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। अकेले फ्रांस में गर्मी के चरम के दौरान 2,025 मौतें दर्ज की गईं, जिसने मृत्यु दर को 30% बढ़ा दिया। इतिहास का सबसे गर्म जून बीतने के बाद अब आगे क्या होगा, इसे लेकर दहशत का माहौल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. आसमान से बरसी मौत: कीव में हाहाकार!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 500 ड्रोन और मिसाइलों से अब तक का सबसे भीषण हमला किया, जिसमें 30 लोग मारे गए। जवाब में यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा ठिकानों को दहला दिया है, जिससे रूस में ईंधन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. मलबे में दबी जिंदगी: वेनेजुएला में भीषण तबाही!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद मलबे से अपनों को ढूंढने की जंग जारी है। मरने वालों का आंकड़ा 3,000 के करीब पहुंच गया है। सात दिन के राष्ट्रीय शोक के बीच सरकार के रिस्पॉन्स पर उठ रहे सवालों ने संकट को और गहरा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. ₹52,000 करोड़ का महा-पैकेज: सेना की बड़ी तैयारी!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीन-पाकिस्तान सीमाओं पर तनाव के बीच डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने ₹52,000 करोड़ के सैन्य पैकेज को मंजूरी दी है। 'मेक इन इंडिया' के तहत नए घातक हथियारों की इस बड़ी खरीद से दुश्मनों के खेमे में खलबली मचना तय है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. लोकतंत्र पर खतरा? CJI के पास पहुंचा विपक्ष!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विपक्षी INDIA ब्लॉक ने सीधे चीफ जस्टिस को चिट्ठी लिखकर चुनाव आयोग पर गंभीर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। विपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है, वहीं बीजेपी ने इसे देश को बदनाम करने की गहरी साजिश बताया है। राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. सिंधु जल संधि पर अल्टीमेटम: भारत का कड़ा रुख!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह नहीं रोकता, तब तक सिंधु जल संधि रुकी रहेगी। इस्लामाबाद की धमकियों के बीच भारत के इस सख्त रुख से पड़ोसी देश में हड़कंप मच गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. राम मंदिर में चोरी? RSS ने तोड़ी चुप्पी!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अयोध्या के नवनिर्मित राम मंदिर में दान की चोरी के आरोपों पर RSS ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोषियों को तुरंत सजा देने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी से वित्तीय ऑडिट की मांग कर सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. IMD रेड अलर्ट के बीच अमरनाथ यात्रा!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IMD ने देश के कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। भूस्खलन के कारण आदि कैलाश यात्रा रोकनी पड़ी है। इस खौफनाक मौसम और भारी सुरक्षा के साए के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हुई है, जहां पहले ही दिन 12,000 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-july-4-2026-india-world-iran-trump-russia-ukraine-monsoon-defense-articleshow-zgsc8e4"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सिंधु जल समझौता: पाकिस्तान की धमकियों पर भारत का सख्त जवाब, आतंकवाद बंद करो तभी होगी बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-pakistan-indus-waters-treaty-mea-response-cross-border-terrorism-articleshow-3zz3i14</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/india-pakistan-indus-waters-treaty-mea-response-cross-border-terrorism-articleshow-3zz3i14</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 19:03:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;भारत ने साफ किया है कि पाकिस्तान जब तक सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करेगा, तब तक सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत का फैसला नहीं बदलेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwm2xqxy8e5zcva48wk2vs6q,imgname-indus-water-treaty-update-1783085588414.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indus Waters Treaty: &lt;/strong&gt;भारत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty-IWT) को लेकर उसका फैसला पाकिस्तान की धमकियों या बयानों से प्रभावित नहीं होगा। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह और भरोसेमंद तरीके से बंद नहीं करता, तब तक संधि को रोके रखने का फैसला जारी रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Pahalgam Terror Attack के बाद लिया गया था फैसला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को रोके रखने का फैसला लिया था। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा कर रहा है कि भारत का यह कदम उन देशों के लिए गलत उदाहरण पेश करता है, जो सीमा पार बहने वाली नदियों का साझा उपयोग करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MEA का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद बंद करो, तभी बदलेगा भारत का रुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए दोहराया कि भारत का रुख पहले जैसा ही है। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि सिंधु जल संधि को पाकिस्तान द्वारा लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में रोका गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए अपना समर्थन पूरी तरह और भरोसेमंद तरीके से खत्म करना होगा। तभी इस मुद्दे पर कोई बदलाव संभव होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रणनीतिक विशेषज्ञों ने पाकिस्तान के रुख पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रणनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान इस मामले में खुद बनाई हुई स्थिति का सामना कर रहा है, लेकिन उसे स्वीकार नहीं करना चाहता। विशेषज्ञों के अनुसार, जिस देश में कभी अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन छिपा मिला था, वहां आज भी आतंकवादी संगठनों को भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर में हमले करने के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Ishaq Dar और Bilawal Bhutto के बयानों पर बढ़ा विवाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिंधु जल संधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने इस सप्ताह एक कार्यक्रम में कहा कि उनका देश भारत के फैसले को स्वीकार नहीं करता। उनके अनुसार, सिंधु जल संधि आज भी पूरी तरह वैध, बाध्यकारी और लागू है। इसी कार्यक्रम में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने विवादित बयान देते हुए &quot;परमाणु विकल्प&quot; (Nuclear Option) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर सिंधु जल संधि बहाल कराने की सभी कोशिशें विफल हो जाती हैं, तो पाकिस्तान को परमाणु विकल्प पर विचार करना चाहिए। रणनीतिक विशेषज्ञों ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत पहले भी IWT पर अपना रुख कर चुका है स्पष्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत पहले भी साफ कर चुका है कि जब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी, तब तक वह इसके तहत आने वाली जिम्मेदारियों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं होगा। जून 2025 में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि किसी भी मध्यस्थता अदालत, विशेष रूप से ऐसी आर्बिट्रेशन बॉडी जिसका कानूनी आधार ही मान्य नहीं है, को भारत जैसे संप्रभु देश के फैसलों की वैधता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Indus Waters Treaty: सिंधु जल समझौता क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत और पाकिस्तान ने वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हस्ताक्षर किए थे। करीब 9 वर्षों तक चली बातचीत के बाद बनी इस संधि के तहत सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और उपयोग के नियम तय किए गए थे। पिछले छह दशकों से यह समझौता दोनों देशों के बीच जल प्रबंधन का आधार रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत को मिला जापान का समर्थन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब पाकिस्तान के रुख को समझ रहा है। हाल ही में भारत और जापान की ओर से जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद की स्पष्ट शब्दों में निंदा की गई। दोनों देशों ने राज्य-समर्थित आतंकवादी ठिकानों और आतंकवाद की फंडिंग को खत्म करने के लिए वैश्विक स्तर पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। यह संयुक्त बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत का संदेश साफ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि पर उसका रुख पाकिस्तान के बयानों या दबाव से नहीं बदलेगा। सरकार का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक IWT को लेकर भारत के फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-pakistan-indus-waters-treaty-mea-response-cross-border-terrorism-articleshow-3zz3i14"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोकी सोनम रघुवंशी की ज़मानत? खुली मेघालय पुलिस की चौंकाने वाली चूक]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/supreme-court-sonam-raghuvanshi-bail-meghalaya-honeymoon-raj-raghuvanshi-murder-case-articleshow-5dmeb39</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/supreme-court-sonam-raghuvanshi-bail-meghalaya-honeymoon-raj-raghuvanshi-murder-case-articleshow-5dmeb39</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 15:32:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की ज़मानत पर रोक लगाने से इनकार किया। हनीमून मर्डर केस में गिरफ्तारी दस्तावेज़ों की खामियों पर सवाल बरकरार हैं, अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwkpvbw4h2qk56v6s9seevqg,imgname-supreme-court-sonam-raghuvanshi-bail-meghalaya-honeymoon-raj-raghuvanshi-murder-case-1783072927620.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; देश के सबसे चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले 'मेघालय हनीमून मर्डर केस' में एक ऐसा हैरान करने वाला मोड़ सामने आया है, जिसने देश की सर्वोच्च अदालत से लेकर कानून के जानकारों तक को हैरत में डाल दिया है। अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला तब आया है जब पुलिस की एक बेहद गंभीर और अजीबोगरीब लापरवाही के कारण 10 महीने जेल में काटने के बाद आरोपी सलाखों से बाहर आ चुकी है। इस सनसनीखेज हत्याकांड, पुलिस के उस 'ब्लंडर' (बड़ी गलती) और अदालती कार्यवाही की पूरी डिटेल स्टोरी यहां पढ़ें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रिहाई हो चुकी थी, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने कहा कि चूंकि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं, इसलिए फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की जरूरत नहीं है। अदालत ने सोनम को नोटिस जारी करते हुए मेघालय सरकार की अपील पर जवाब मांगा और संकेत दिया कि आगे की सुनवाई में ट्रायल की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। यानी अदालत ने ज़मानत को अंतिम राहत नहीं माना, बल्कि मामले को आगे विस्तृत सुनवाई के लिए खुला रखा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सरकार ने क्यों कहा- सिर्फ तकनीकी गलती के आधार पर नहीं मिल सकती राहत?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सोनम पर बेहद गंभीर आरोप हैं और केवल तकनीकी त्रुटियों के आधार पर उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। उन्होंने अदालत के सामने पुणे के चर्चित 'फोर्ट मर्डर केस' का भी उल्लेख किया और कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में अदालतों को व्यापक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; Supreme Court Questions Bail in Meghalaya Honeymoon Murder CaseA shocking courtroom hearing has put the spotlight back on one of India's most sensational murder cases.&amp;nbsp;The prosecution alleged that the murder was meticulously planned, claiming the wife travelled to&hellip; pic.twitter.com/uodub1gpes&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; LawChakra (@LawChakra) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर क्या थी वो अजीब कानूनी गलती? जिससे पिटी पुलिस की भद्द&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज बने। शिलांग की ट्रायल कोर्ट ने पाया था कि जांच एजेंसी ने गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी, चेकलिस्ट और अन्य रिकॉर्ड में हत्या से संबंधित सही कानूनी धारा 403(1) का उल्लेख नहीं किया। दस्तावेजों में बार-बार भारतीय न्याय संहिता की गलत धारा लिखी गई थी। अदालत ने माना कि यह केवल टाइपिंग या क्लेरिकल मिस्टेक नहीं कही जा सकती, क्योंकि किसी भी दस्तावेज में आरोपी को स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया गया था कि उसे हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है। इसी आधार पर अप्रैल में ट्रायल कोर्ट ने सोनम को ज़मानत दे दी थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हाई कोर्ट ने भी उठाए थे जांच पर गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेघालय सरकार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि यह केवल टाइपिंग की गलती थी, जिससे आरोपी को कोई वास्तविक नुकसान नहीं हुआ। लेकिन हाई कोर्ट ने सरकार की दलील स्वीकार नहीं की। अदालत ने सवाल उठाया कि एक जैसी गलती कई आधिकारिक दस्तावेजों में कैसे दोहराई गई। हाई कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि कुछ दस्तावेज मानो किसी पुराने टेम्पलेट से कॉपी किए गए थे। यहां तक कि रिकॉर्ड में एक ऐसा उल्लेख भी मिला, जिसमें आरोपी को सशस्त्र बलों से भगोड़ा (डेज़र्टर) बताया गया था, जबकि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं था। अदालत ने इसे जांच एजेंसी की गंभीर लापरवाही माना।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हनीमून से हत्या तक... कैसे सामने आया पूरा मामला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी पिछले साल 11 मई को हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों 20 मई को मेघालय के सोहरा हनीमून मनाने पहुंचे। तीन दिन बाद दोनों रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। 2 जून को राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। इसके बाद 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा को भी गिरफ्तार किया गया। यह मामला शुरुआत से ही देशभर में चर्चा का विषय बना रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi | On the Supreme Court refusing to stay bail granted to Sonam Raghuvanshi, key accused in the Raja Raghuvanshi murder case, Advocate Abhay Singh, counsel representing Sonam Raghuvanshi, says, &ldquo;The state of Meghalaya has challenged the order of the High Court today.&hellip; pic.twitter.com/pbegFV5FeG&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'आरोपी सेना से भागा हुआ भगोड़ा है...'हाई कोर्ट में खुली बिना सोचे-समझे की गई जांच की पोल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रायल कोर्ट के इस फैसले से बौखलाई मेघालय सरकार फौरन हाई कोर्ट पहुंची। सरकार की ओर से दलील दी गई कि यह सिर्फ एक मानवीय भूल थी और इससे आरोपी को कोई कानूनी नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन हाई कोर्ट के जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल बेंच ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;अदालत का स्तर&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;सरकार की दलील और कोर्ट का कड़ा रुख&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;मेघालय हाई कोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;कोर्ट ने सवाल उठाया कि एक ही गलती बार-बार हर सरकारी दस्तावेज में कैसे आई?&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;कॉपी-पेस्ट का खेल&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;जांच रिकॉर्ड के कुछ हिस्से स्टैंडर्ड टेम्प्लेट से सीधे कॉपी किए गए थे, जिसमें बिना सोचे-समझे सोनम को 'सशस्त्र बलों से भागा हुआ भगोड़ा (डेजर्टर)' तक लिख दिया गया था।&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;अदालत की टिप्पणी&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;यह साफ है कि कागजी कार्रवाई बिना दिमाग लगाए की गई है, जो जांच एजेंसी की गैर-जिम्मेदारी को दिखाता है।&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में 'पुणे मर्डर केस' की गूंज: अब 9 जुलाई पर क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करने के लिए पुणे के चर्चित 'लोहगढ़ किला मर्डर केस' (केतन अग्रवाल हत्याकांड) का हवाला दिया। उन्होंने कोर्ट से कहा कि सोनम पर अपने ही पति की हत्या का बेहद संगीन आरोप है, इसलिए उसे महज तकनीकी और क्लर्कल गलतियों के आधार पर खुला नहीं छोड़ा जा सकता। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मेघालय पुलिस की लापरवाही और हाई कोर्ट के आदेश पर गहरी चिंता तो जताई, लेकिन सोनम रघुवंशी की जमानत पर तुरंत रोक लगाने से मना कर दिया क्योंकि वह पहले ही रिहा हो चुकी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वे इस मामले में दखल देने से पहले ट्रायल की प्रगति और जमीनी हकीकत को देखना चाहेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या है इस फैसले का सबसे बड़ा संदेश?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल सोनम रघुवंशी को मिली ज़मानत बरकरार है, लेकिन यह मामला अभी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से साफ है कि अदालत तकनीकी खामियों, जांच प्रक्रिया और ट्रायल-तीनों पहलुओं की गहराई से समीक्षा करना चाहती है। ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल केस में आने वाले दिनों की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/supreme-court-sonam-raghuvanshi-bail-meghalaya-honeymoon-raj-raghuvanshi-murder-case-articleshow-5dmeb39"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[क्या बिना पासवर्ड कंट्रोल हो रही थी ई-रिक्शा की बैटरी? सरकार ने बैन किए ये 2 चीनी ऐप्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-e-rickshaw-chinese-apps-ban-bat-bms-epoch-li-ion-meity-play-store-articleshow-7luwlli</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-e-rickshaw-chinese-apps-ban-bat-bms-epoch-li-ion-meity-play-store-articleshow-7luwlli</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 14:44:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत बने चीनी BAT BMS और Epoch Li-ion ऐप्स पर सरकार का बड़ा एक्शन। आखिर कैसे एक क्लिक में बीच सड़क रुक रही थीं गाड़ियां?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwkm4sy2eye5p48k183dwgpy,imgname-delhi-e-rickshaw-chinese-apps-ban-bat-bms-epoch-li-ion-meity-play-store-1783070091202.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर मासूम ई-रिक्शा ड्राइवरों की रोजी-रोटी के साथ खिलवाड़ करने वाले डिजिटल 'प्रैंकस्टर्स' के खिलाफ केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने और व्यूज बटोरने के लिए स्मार्टफोन ऐप से चलते हुए ई-रिक्शा (स्थानीय भाषा में 'तिरी') को बीच सड़क पर ठप करने के खतरनाक खेल का अब 'द एंड' हो गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा और गरीब ड्राइवरों के आर्थिक नुकसान को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस डिजिटल स्ट्राइक, प्रभावित ड्राइवरों के आंसुओं और ऐप स्टोर पर लगे इस कड़े प्रतिबंध की पूरी और विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें...।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;MeitY का महा-एक्शन: Google Play Store और Apple App Store से गायब हुए ये दो खतरनाक ऐप्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली की सड़कों पर मचे इस बवाल की गूंज जब सरकार के गलियारों तक पहुंची, तो मंत्रालय ने बिना वक्त गंवाए त्वरित और सख्त कदम उठाया। सरकार ने ई-रिक्शा को दूर से ही लॉक करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो प्रमुख मोबाइल एप्लिकेशन्स-BAT BMS और Epoch Li-ion-को Android के Google Play Store और Apple के App Store दोनों से तुरंत प्रभाव से हटाने (Ban) का आदेश दे दिया है। CII साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान इस बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि करते हुए MeitY के सेक्रेटरी एस. कृष्णन ने बताया, &quot;यह बिल्कुल सही है... कुछ खतरनाक ऐप्स कल ही हमारे संज्ञान में आए थे और उन दोनों को तुरंत ऐप स्टोर से हटा दिया गया है।&quot; उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि सरकार अब सभी प्रमुख ऐप स्टोर के साथ मिलकर एक ऐसा पुख्ता सिस्टम बनाने पर बात कर रही है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह के नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स कभी भी पब्लिक डोमेन में न आएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ब्लूटूथ से 'हाईजैक' हो रही थीं गाड़ियां: आखिर क्या था इन ऐप्स का खौफनाक लूपहोल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ये दोनों ऐप्स मूल रूप से लिथियम-आयन बैटरी के 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' (BMS) को कंट्रोल करने के लिए डिजाइन किए गए थे। लेकिन इनका सुरक्षा ढांचा इतना कमजोर था कि यह वरदान की जगह अभिशाप बन गया। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस तकनीकी खामी की परतों को उघाड़ते हुए बताया कि इन सिस्टम्स में कोई पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन (प्रमाणीकरण) सुरक्षा नहीं दी गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by BE INDIA (@beindia_)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खतरनाक प्रोसेस: &lt;/strong&gt;कोई भी व्यक्ति इन ऐप्स को मोबाइल में खोलकर ब्लूटूथ के ज़रिए आसपास से गुजरने वाले कंपैटिबल ई-रिक्शा की लिथियम बैटरी से वायरलेस तरीके से कनेक्ट हो जाता था। ऐप में वोल्टेज और तापमान देखने के साथ-साथ एक 'डिस्चार्ज स्विच' का विकल्प होता था। प्रैंक करने वाले लोग जैसे ही उस स्विच पर टैप करते, गाड़ी का पावर आउटपुट कट जाता और चलती गाड़ी अचानक झटका खाकर सड़क के बीचों-बीच ठप हो जाती थी। सबसे बड़ी आफत यह थी कि ड्राइवर लाख कोशिशों के बाद भी गाड़ी तब तक स्टार्ट नहीं कर सकता था, जब तक कि उसी ऐप से उसे दोबारा 'ऑन' न किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;रोटी छिन गई साहब...&quot;सोशल मीडिया के मज़ाक ने उजाड़ी गरीबों की दुनिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किसी रईस इन्फ्लुएंसर के लिए जो महज कुछ सेकंड का एक मजेदार 'प्रैंक वीडियो' था, वह सुबह से शाम तक ₹400-500 कमाने वाले गरीब ई-रिक्शा चालकों के लिए एक खौफनाक दुःस्वप्न बन चुका था। इन दिनों इंस्टाग्राम पर कई ऐसे दिल दहला देने वाले वीडियो वायरल हुए, जिनमें बेबस और अनजान ड्राइवर सड़क किनारे खड़े होकर रोते हुए अपनी बंद गाड़ियों को देख रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;प्रभावित पक्ष&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;प्रैंक का असर और नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;तकनीकी और व्यावहारिक लाचारी&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;ई-रिक्शा ड्राइवर&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;गाड़ी बंद होने से पूरे दिन की कमाई का नुकसान (लगभग ₹400 से ₹500 प्रतिदिन)।&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;अधिकांश चालकों के पास न तो स्मार्टफोन हैं और न ही वे ऐप्स चलाने की तकनीकी समझ रखते हैं।&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;आर्थिक बोझ&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;गाड़ी ठीक कराने के लिए जबरन लोकल मैकेनिक के पास जाना और भारी खर्च उठाना।&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;रिक्शा किराए पर लेकर चलाने वाले चालकों पर मालिक को किराया देने का अतिरिक्त मानसिक दबाव।&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi | On removal of two apps which were being allegedly used to prank e-rickshaws from app stores, S. Krishnan, Secretary, MeiTY, says, &quot;There are a couple of apps which came to our notice yesterday, and both the apps have been taken down from the app stores. App&hellip; pic.twitter.com/Es9PikIHjF&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने साझा की अपनी पीड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने एक ऐसी ही दर्दनाक आपबीती साझा की। उन्होंने बताया, &quot;मैंने सड़क पर एक आदमी को अपने रिक्शे को दूसरे रिक्शे से बांधकर लाचारी में खींचते हुए देखा। मुझे शक हुआ कि इसके पीछे वही चीनी ऐप हो सकता है। मैं तुरंत अपनी गाड़ी उसके पास ले गया और अपने मोबाइल ऐप से उसके रिक्शे की बैटरी को सिंक किया। जैसे ही कनेक्शन हुआ, मैंने उसे रुकने को कहा और ऐप से कमांड देकर उसका रिक्शा दोबारा चालू कर दिया।&quot; सिद्दीकी ने बताया कि वह ड्राइवर भावुक होकर रोने लगा क्योंकि उसने वह रिक्शा किराए पर लिया था और पूरे दिन एक ही जगह खड़े रहने के कारण उसकी आजीविका पूरी तरह नष्ट हो गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;साइबर सुरक्षा पर बड़ा सवाल: क्या अब सुरक्षित है भारत का EV इकोसिस्टम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस घटना ने देश के तेजी से उभरते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर के सुरक्षा मानकों पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि केवल ऐप्स को बैन कर देना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जब तक लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली कंपनियां अपने हार्डवेयर और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड नहीं बनाएंगी, तब तक ऐसे 'चोर दरवाजों' से गाड़ियों को हाईजैक करने का खतरा हमेशा बना रहेगा। सरकार की इस त्वरित डिजिटल स्ट्राइक ने फिलहाल दिल्ली की सड़कों पर चल रहे इस खौफनाक खेल को रोक दिया है, लेकिन यह भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-e-rickshaw-chinese-apps-ban-bat-bms-epoch-li-ion-meity-play-store-articleshow-7luwlli"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[VIDEO: केतन मर्डर केस की आरोपी सिया गोयल ने कैमरे के सामने किया ऐसा इशारा, मच गया बवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/siya-goyal-ketan-agarwal-murder-case-middle-finger-video-pune-fort-court-articleshow-wiaryf1</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/siya-goyal-ketan-agarwal-murder-case-middle-finger-video-pune-fort-court-articleshow-wiaryf1</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 13:19:11 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;केतन अग्रवाल मर्डर केस में नया मोड़! कैमरे पर आरोपी सिया गोयल का मीडिया को 'मिडल फिंगर' इशारा वायरल, क्या इस वीडियो से बढ़ेंगी आरोपी की मुश्किलें? पुलिस हत्या की साजिश के आरोपों की जांच कर रही है, जबकि मामला कोर्ट में पहुंच चुका है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwkf6wwg52mb1asp3qjvkq8h,imgname-siya-goyal-ketan-agarwal-murder-case-middle-finger-video-pune-fort-court-1783064916880.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पुणे/नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों के विश्वास को तार-तार कर दिया है। अपने ही मंगेतर केतन अग्रवाल की बेरहमी से हत्या करने वाली मुख्य आरोपी सिया गोयल का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर पूरा देश आक्रोशित है। हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद भी सिया के चेहरे पर न तो कोई शिकन है और न ही अपने किए का कोई पछतावा। बल्कि, जब पुलिस उसे जांच के लिए उसके घर से बाहर ले जा रही थी, तब उसने कैमरे के सामने मीडिया को बेहद अश्लील इशारा (मिडल फिंगर) दिखाकर देश के कानून और समाज को चुनौती दे डाली। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड, आरोपी की इस खौफनाक बेशर्मी और उस खूनी साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी यहां पढ़ें...।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कैमरे के सामने अश्लील इशारा: 17 सेकंड के वीडियो ने उड़ाए सबके होश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;न्यूज़ एजेंसी IANS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 17 सेकंड का एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में सिया गोयल को पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके आलीशान घर से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है, जहां पुणे ग्रामीण पुलिस उसे क्राइम सीन री-क्रिएशन और जांच के सिलसिले में लेकर जा रही थी। काली टी-शर्ट पहने और चेहरे पर प्रिंटेड स्कार्फ लपेटे सिया जैसे ही घर की दहलीज से बाहर आई, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उसकी फुटेज लेने की कोशिश की। इस दौरान बिना किसी डर या पछतावे के, सिया ने सीधे कैमरों की तरफ देखा और मीडिया को 'मिडल फिंगर' दिखा दी। इस अश्लील और घमंडी हरकत का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स का गुस्सा फूट पड़ा। लोग उसे &quot;घमंडी&quot;, &quot;हक जताने वाली साइको&quot; और &quot;बिना दिल की क्रूर महिला&quot; कहकर अपनी गंभीर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Pune, Maharashtra: Siya Goyal, accused in the Ketan Agarwal murder case, was taken by Pune Rural Police to her Market Yard residence for investigation. After the investigation was completed, while leaving the house, Siya Goyal allegedly made obscene gestures and showed the middle&hellip; pic.twitter.com/mHnQKlfRrq&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IANS (@ians_india) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लोहगढ़ किले का 'डेथ ट्रैप': पहली बार झाड़ी ने बचाया, तो दूसरी बार रची खूनी साजिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केतन अग्रवाल की मौत की यह कहानी किसी डरावनी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसी है। सिया और केतन के परिवारों ने आपसी सहमति से दोनों की शादी तय की थी और इसी साल नवंबर में उनकी एक भव्य शादी होने वाली थी। लेकिन सिया के जीवन में उसका प्रेमी चेतन चौधरी पहले से मौजूद था, जो केतन को अपने रास्ते का सबसे बड़ा कांटा समझता था। इसके बाद दोनों ने मिलकर केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का एक खौफनाक प्लान तैयार किया। मौत का पहला नाकाम प्रयास: साजिश के तहत 14 जून को सिया अपने मंगेतर केतन को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले पर घुमाने ले गई। वहां उसने चुपके से केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि केतन चट्टान के किनारे उगी एक मजबूत झाड़ी को पकड़कर लटक गया और उसकी जान बच गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Murder accused Siya Goyal shows middle finger to media &amp;amp; public:&ldquo;Ukhad lo&hellip; Fu*k you all!&rdquo;Openly challenging the system.Shocking arrogance.#KetanAgarwal #Pune pic.twitter.com/AaBq3vVb8Y&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; The Alternate Media (@AlternateMediaX) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नकली सांप का नाटक और फिर... गहरी खाई में सीधे 'नो रिटर्न' का सफर!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब केतन पहली बार मौत के मुंह से बच निकला, तो शातिर सिया ने फौरन पासा पलट दिया। उसने चिल्लाना शुरू कर दिया कि वहां 'नकली सांप' आ गया था, जिसके डर से उसका संतुलन बिगड़ गया था। केतन को वापस ऊपर खींचकर सिया ने उसे गले लगा लिया ताकि उसे जरा भी शक न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस का दावा: पहले कोशिश नाकाम, फिर रची गई नई योजना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार, सिया और केतन की शादी परिवारों की सहमति से तय हुई थी और नवंबर में विवाह प्रस्तावित था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि चेतन चौधरी इस रिश्ते से खुश नहीं था और कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश बनाई गई। जांच में पुलिस ने दावा किया है कि 14 जून को भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच गया था। इसके बाद 18 जून को कथित तौर पर दोबारा योजना बनाई गई और लोहगढ़ किले पर उसे पीछे से घाटी में धक्का दे दिया गया। इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दोनों ने मिलकर केतन को पीछे से गहरी घाटी में धकेला, मौके पर ही दर्दनाक मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;18 जून को सिया दोबारा केतन को उसी लोहगढ़ किले में ले जाने में कामयाब रही। लेकिन इस बार वह अकेली नहीं थी; उसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी को भी गुप्त रूप से वहां बुला रखा था। जैसे ही केतन खाई की तरफ मुंह करके खड़ा हुआ, सिया और चेतन ने मिलकर उसे पीछे से जोरदार धक्का दे दिया। इस बार केतन को संभलने का कोई मौका नहीं मिला और सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिरने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'फिसलकर गिरने' की झूठी कहानी, ऐसे खुली खूनी मंगेतर की पोल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हत्या को अंजाम देने के बाद सिया ने बेहद शातिर तरीके से रोने का नाटक किया और स्थानीय पुलिस को बताया कि केतन का पैर फिसल गया था और वह गलती से नीचे गिर गया। शुरुआत में पुलिस ने इसे महज एक हादसा मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ (ADR) की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। लेकिन, अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ जाता है। पुलिस को जल्द ही सिया के व्यवहार पर गहरा शक होने लगा। मंगेतर की मौत के बाद भी उसके चेहरे पर रत्ती भर भी दुख या आंसू नहीं थे। इसी संदेह के आधार पर जब पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल्स और बयानों की कड़ाई से जांच की, तो परत दर परत पूरी खूनी साजिश खुलकर सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को सलाखों के पीछे डाल दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस दोनों आरोपियों को दोपहर 2:30 बजे वडगांव कोर्ट में पेश करेगी, जहां उनकी और ज्यादा रिमांड की मांग की जाएगी ताकि इस मामले से जुड़े अन्य सबूतों को भी पूरी तरह इकट्ठा किया जा सके।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/siya-goyal-ketan-agarwal-murder-case-middle-finger-video-pune-fort-court-articleshow-wiaryf1"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi-Dehradun Expressway: ₹12,000 करोड़ के प्रोजेक्ट की पहली बारिश में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-dehradun-expressway-potholes-congress-corruption-claims-nhai-response-monsoon-road-damage-articleshow-bivnmzk</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-dehradun-expressway-potholes-congress-corruption-claims-nhai-response-monsoon-road-damage-articleshow-bivnmzk</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:39:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के दो महीने बाद गड्ढे मिलने पर कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। NHAI ने ड्रेनेज और स्थानीय बाधा को वजह बताया, मरम्मत का दावा किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwkczbtn6z9x7gf50jfcvb3b,imgname-delhi-dehradun-expressway-potholes-congress-corruption-claims-nhai-response-monsoon-road-damage-0-1783062572885.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;देश के सबसे आधुनिक और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर का दावा करने वाले 12,000 करोड़ रुपये के दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है, जिसने देश की राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक तहलका मचा दिया है। 14 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बेहद भव्य तरीके से उद्घाटन किए गए इस 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर मानसून की पहली ही बारिश ने विकास के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। शामली के पास इस चमचमाती सड़क पर दो ऐसे खौफनाक और बड़े गड्ढे उभरे हैं, जिन्हें देखकर हर कोई सन्न है। उद्घाटन के महज दो महीने के भीतर दुनिया-स्तरीय बताए गए इस एक्सप्रेसवे की इस बदहाली ने अब एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक युद्ध का रूप ले लिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'यह कोई इत्तेफाक नहीं, महाघोटाला है'-2 महीने में ही उखड़ी विकास की परतें!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस घटना के सामने आते ही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट साझा करते हुए इसे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी फंड के गबन का जीता-जागता सबूत बताया है। कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए कहा, &ldquo;नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल, 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का बड़े जोर-शोर से उद्घाटन किया था। लेकिन सिर्फ दो महीने बाद ही, पहली ही बारिश में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर गहरे और जानलेवा गड्ढे दिखाई देने लगे। इससे साफ पता चलता है कि जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और गबन हुआ है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था।&amp;nbsp;लेकिन 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस वे में 2 महीने बाद ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए।ये दिखाता है कि इस एक्सप्रेस वे को बनाने में जमकर भ्रष्टाचार और पैसों का बंदरबांट किया गया है।&hellip; pic.twitter.com/yvrjGWOmMk&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Congress (@INCIndia) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुल से लेकर एयरपोर्ट की छतों तक: देश में ढहते इंफ्रास्ट्रक्चर का खौफनाक ट्रेंड?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस ने इस घटना को एक अकेली या मामूली लापरवाही मानने से साफ इनकार कर दिया है। पार्टी ने दावा किया है कि पूरे देश में इस वक्त सरकारी लापरवाही का एक खतरनाक पैटर्न देखने को मिल रहा है। विपक्ष ने अपनी चार्जशीट में देश के अन्य प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विपक्ष की चार्जशीट: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश भर में चाहे पुल हों या सड़कें, हाईवे हों या पानी की टंकियां, रेलवे स्टेशन हों या हाल ही में गिरे एयरपोर्ट की छतें&mdash;हर जगह आधुनिक बुनियादी ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने याद दिलाया कि इससे पहले 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे में भी उद्घाटन के महज एक महीने के भीतर ही बड़ी और डरावनी दरारें दिखाई दी थीं। इस आधार पर कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार देश और लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हाईवे पर रेंगती गाड़ियां और सोशल मीडिया पर फूटा ड्राइवरों का गुस्सा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए यह मानसून एक बुरे सपने जैसा साबित हो रहा है। शामली के पास हुए इन बड़े गड्ढों की वजह से गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। सोशल मीडिया पर वाहन चालकों द्वारा बनाए गए वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को टैग करते हुए तीखे सवाल पूछ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, &quot;गनीमत रही कि इन गड्ढों की वजह से किसी की जान नहीं गई। इस घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार कंपनी और ठेकेदारों को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए।&quot; हालांकि, इस पूरे विवाद पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12,000 Cr Delhi-Dehradun Expressway opened just months ago promising 2.5 hr travel. Now viral videos show massive potholes &amp;amp; cave-ins after rain.&amp;nbsp;This is the NHAI quality. Imagine the corruption level. But now no one talks about it. #NHAI pic.twitter.com/OLFX9Wft4V&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rahul Maurya (@rahul_mauryy) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;NHAI का पलटवार: 'भ्रष्टाचार नहीं, स्थानीय लोग हैं इस डैमेज के जिम्मेदार!'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब चौतरफा घिरी सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) पर दबाव बढ़ा, तो घटना के कई घंटों बाद NHAI ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। लेकिन, इस बयान में जो वजह बताई गई, उसने सबको चौंका दिया। प्राधिकरण ने इसके लिए खुद स्थानीय लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;NHAI का दावा और तात्कालिक कदम ग्राउंड रिपोर्ट और सच्चाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गड्ढे बनने की असली वजह बारिश के बाद पानी का भराव और वहां स्थायी जल निकासी (क्रॉस-ड्रेनेज) व्यवस्था का शुरू न हो पाना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्थानीय लोगों पर आरोप NHAI का दावा है कि स्थानीय लोगों ने उस जगह पर बैलेंसिंग कलवर्ट (पुलिया) का निर्माण नहीं करने दिया, क्योंकि वे उस रास्ते का इस्तेमाल वाहनों के आने-जाने के लिए कर रहे थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वर्तमान में राहत कार्य 1 जुलाई की सुबह ही प्रभावित हिस्से की पहचान कर मरम्मत कर दी गई थी। फिलहाल अस्थायी समाधान के रूप में 1.5 किमी लंबी समानांतर नाली बनाई जा रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'यह सिर्फ एक सड़क नहीं था...'पीएम मोदी के उस भव्य सपने का क्या हुआ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पूरा विवाद इसलिए भी ज्यादा हैरान करने वाला है क्योंकि इस एक्सप्रेसवे से उत्तर भारत के तीन बड़े राज्यों-दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड-के विकास की एक नई इबारत लिखी जानी थी। 213 किलोमीटर लंबे इस छह लेन वाले इकोनॉमिक कॉरिडोर को गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों की तकदीर बदलने वाला प्रोजेक्ट बताया गया था। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने बड़े गर्व से कहा था, &quot;यह सिर्फ एक सड़क नहीं है। यह पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के लिए नए अवसर खोलने वाला एक महाप्रोजेक्ट है, जो ईंधन की बचत करेगा और इंसानों व वन्यजीवों के टकराव को भी रोकेगा।&quot; लेकिन, पहली ही बारिश में आई इस बड़ी तकनीकी खामी ने यह साबित कर दिया है कि रफ्तार और तकनीक के इस बड़े दावों के पीछे जमीनी हकीकत में अभी भी कई बड़े और गहरे 'गड्ढे' बाकी हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Large potholes reportedly appeared on the ₹12,000 cr expressway within months of its inauguration. A viral video shows damaged stretches, raising concerns over construction quality and road safety. Authorities are yet to issue an official statement. #DelhiDehradunExpressway pic.twitter.com/OpARLSKSck&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Munsif News 24x7 (@MunsifNews24x7) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गडकरी के काम और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर खरी-खरी सुनाने वाले कुछ प्रमुख सोशल मीडिया कमेंट्स इस प्रकार हैं:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एक यूजर ने लिखा, @gadkari.nitin इथॅनॉल छोड़ो, इधर ध्यान दो। हाईवे पे इतनी गंदी सड़क हो रही है कि मेरे सामने 4-5 गाड़ियों का एक्सीडेंट हो गया, मेरी खुद की गाड़ी के अलॉय व्हील टेढ़े हो गए। क्या यही वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर है?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2. दूसरे यूजर ने लिखा, &amp;nbsp;@gadkari.nitin सर, E20 और ग्रीन फ्यूल पर फोकस करने के बजाय इस मुद्दे पर ध्यान दें। यह सीधे लोगों की जान और उनकी मेहनत की कमाई से जुड़ा मामला है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;3.एक अन्य यूजर ने लिखा, &amp;nbsp;₹12,000 करोड़ खर्च करके बनाई गई सड़क 3 महीने भी नहीं टिक पाई! क्या NHAI में अच्छे इंजीनियर नहीं हैं जो ढंग की सड़क नहीं बना सकते?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;4. चौथे यूजर ने लिखा, क्या सरकार अब डैमेज हुई गाड़ियों के नुकसान का हर्जाना देगी? या आप केवल टोल टैक्स वसूलने के लिए बैठे हैं?&lt;/li&gt; &lt;li&gt;5. एक अन्य यूजर ने लिखा, ऐसा लगता है कि ठेकेदार और अधिकारी 'हाई' होकर सड़क बना रहे थे! पहली ही बारिश में सड़कें धंस रही हैं। करदाताओं के पैसे की खुलेआम लूट!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-dehradun-expressway-potholes-congress-corruption-claims-nhai-response-monsoon-road-damage-articleshow-bivnmzk"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mumbai Rain Alert: अगले 3 दिन भारी बारिश, बाहर निकलने से पहले जरूर पढ़ लें IMD की ये चेतावनी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mumbai-heavy-rain-orange-alert-imd-weather-update-flood-traffic-lokals-trains-monsoon-forecast-monsoon-news-articleshow-1rb27ts</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/mumbai-heavy-rain-orange-alert-imd-weather-update-flood-traffic-lokals-trains-monsoon-forecast-monsoon-news-articleshow-1rb27ts</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 11:42:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुंबई भारी बारिश अलर्ट: 6 जुलाई तक ऑरेंज चेतावनी, जलभराव-ट्रैफिक ठप, लोकल ट्रेनें बाधित। क्या मानसून शहर को और बड़े संकट में धकेलेगा? IMD का रेड अलर्ट रहस्य बढ़ा रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwk9bkqrbgyz2b807hymbrrd,imgname-mumbai-heavy-rain-orange-alert-imd-weather-update-flood-traffic-lokals-trains-monsoon-forecast-monsoon-news-1783058779896.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मुंबई/नवी मुंबई:&lt;/strong&gt; मायानगरी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि पूरी रफ्तार थम सी गई है। शुक्रवार को मुंबई और नवी मुंबई में शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। सड़कों से लेकर रेल पटरियों तक, हर तरफ सिर्फ पानी का समंदर नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई समेत कई जिलों के लिए 6 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है, जबकि पड़ोसी जिले पालघर में हालात इतने गंभीर हैं कि वहां रेड अलर्ट घोषित करना पड़ा है। इस मानसून आफत, प्रभावित इलाकों और अगले तीन दिनों के खौफनाक मौसम पूर्वानुमान की पूरी इनसाइड स्टोरी नीचे दी गई है:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अंधेरी से सानपाडा तक पानी ही पानी: कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई भारी बारिश ने मुंबई के बुनियादी ढांचे की पोल खोल कर रख दी है। जलभराव और बेहद कम विज़िबिलिटी (धुंधलेपन) के कारण मुंबई और नवी मुंबई की मुख्य सड़कों पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर हो गईं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों की बात करें तो अंधेरी, सानपाडा और पूर्वी व पश्चिमी उपनगरों के कई निचले इलाके पूरी तरह टापू में तब्दील हो चुके हैं। अहम रास्ता माना जाने वाला अंधेरी सबवे पानी में डूब चुका है, जिसके कारण ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा। सड़कों पर मीलों लंबा जाम लग गया है और लोग घंटों गाड़ियों में फंसे रहने को मजबूर हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Mumbai is facing severe monsoon flooding today with the India Meteorological Department (IMD) issuing a red alert for Mumbai, Thane, and Palghar. Heavy rains have caused waterlogging, transport disruptions, and at least one tragic death.pic.twitter.com/g0LePa3vpt&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; War Updates FC (@k_c_shivansh) July 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लाइफलाइन पर ब्रेक: पटरियों पर भरा पानी, लोकल ट्रेनें घंटों लेट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मुंबई की धड़कन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा इस आसमानी आफत के आगे बेबस नजर आ रही है। भारी बारिश के चलते पटरियों पर भारी जलजमाव हो गया है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;यात्रियों की मुसीबत:&lt;/strong&gt; सेंट्रल रेलवे कॉरिडोर पर सफर करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं, जिसके कारण रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई है। दफ्तर जाने वाले और रोजमर्रा का सफर करने वाले आम लोग बीच रास्ते में फंस गए हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;IMD has extended the Orange Alert for Mumbai for the next 24 hours ⛈️. Expect intense spells of heavy to very heavy rain coupled with strong gusty winds up to 60 km/h. Keep emergency numbers handy and avoid non-essential travel! #MumbaiRains #OrangeAlert #MumbaiWeather pic.twitter.com/Wf8Pqs8Ew3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Yogendra Singh Rajput (@yogirajput12) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अगले 3 दिनों का खतरनाक शेड्यूल: वीकेंड पर और बढ़ेगी आफत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IMD के ताजा बुलेटिन ने मुंबईकरों की चिंता को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत (वीकेंड) में भी मॉनसून की यह आक्रामक गतिविधि थपने वाली नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;दिन-तारीख&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;मौसम का मिजाज और चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;अनुमानित तापमान&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;शनिवार, 4 जुलाई 2026&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;आसमान में काले बादल छाए रहेंगे , भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;22 &deg;C से 27 &deg;C तक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;रविवार, 5 जुलाई 2026&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;आंशिक रूप से बादल छाएंगे, मध्यम बारिश या आंधी-तूफान कुछ इलाकों में अचानक भारी बौछारें।&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;23 &deg;C से 287 &deg;C तक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;सोमवार, 6 जुलाई 2026&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;ऑरेंज अलर्ट का आखिरी दिन भारी बारिश से जलभराव और ट्रैफिक जाम की गंभीर आशंका।&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;22 &deg;C से 27 &deg;C तक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में मुंबई के कुछ हिस्सों में मध्यम से अत्यधिक तेज बारिश हो सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Maharashtra: Rain lashes parts of Navi Mumbai, creates traffic disruptions.(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/86BHspWrMv&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हाई अलर्ट पर आपदा टीमें: नागरिकों के लिए प्रशासन की सख्त गाइडलाइंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आने वाले दिनों में और ज्यादा पानी बरसने की आशंका को देखते हुए मुंबई की नागरिक एजेंसियां और आपदा प्रतिक्रिया टीमें (Disaster Response Teams) पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;गैर-जरूरी यात्रा से बचें: &lt;/strong&gt;नागरिकों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम न हो, घरों से बाहर न निकलें; विशेषकर निचले इलाकों की तरफ जाने से बचें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;ढीली चीजों को सुरक्षित करें: &lt;/strong&gt;तेज हवाओं और आंधी-तूफान को देखते हुए घरों के बाहर या बालकनी में रखी ढीली चीजों को बांधकर या हटाकर सुरक्षित कर लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अफवाहों से दूर रहें:&lt;/strong&gt; मौसम के पल-पल बदलते मिजाज की सटीक जानकारी के लिए केवल भरोसेमंद स्रोतों और IMD द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन पर ही भरोसा करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mumbai-heavy-rain-orange-alert-imd-weather-update-flood-traffic-lokals-trains-monsoon-forecast-monsoon-news-articleshow-1rb27ts"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM मोदी ने अमरनाथ यात्रा को बताया 'अमर अध्याय', तीर्थयात्रियों से 5 संकल्प अपनाने की अपील]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-amarnath-yatra-safe-journey-five-resolutions-pilgrims-baba-barfani-letter-india-news-articleshow-epako4b</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-amarnath-yatra-safe-journey-five-resolutions-pilgrims-baba-barfani-letter-india-news-articleshow-epako4b</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 10:53:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अमरनाथ यात्रा 2026 में बड़ा संदेश! PM मोदी के 5 संकल्प, सुरक्षा-आस्था-राष्ट्र निर्माण के बीच छुपा रहस्य क्या है? बाबा बर्फानी की यात्रा से जुड़ा नया राजनीतिक-आध्यात्मिक संकेत क्या इशारा कर रहा है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwk655h47j22949kq29bw54x,imgname-pm-modi-amarnath-yatra-safe-journey-five-resolutions-pilgrims-baba-barfani-letter-india-news-1783055423012.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक अखंडता की सबसे कठिन और पवित्र मानी जाने वाली 'अमरनाथ यात्रा' की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है। इस पावन अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और एक खुले पत्र के जरिए सभी शिव भक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजी हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब के बीच पीएम मोदी का यह संदेश सिर्फ एक शुभकामना पत्र नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण और अध्यात्म को आपस में जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज बन गया है। इस यात्रा की महत्ता, सुरक्षा बलों के त्याग और पीएम मोदी द्वारा दिए गए पांच महासंकल्पों की पूरी और विस्तृत इनसाइड स्टोरी नीचे दी गई है:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आस्था का महापर्व: 'अनेकता में एकता' की सबसे भव्य तस्वीर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमरनाथ यात्रा को सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पावन तीर्थयात्रा देश के कोने-कोने को एक सूत्र में पिरोती है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोग, विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और भिन्न-भिन्न रिवाजों को मानने वाले श्रद्धालु जब 'हर हर महादेव' और 'जय बाबा बर्फानी' के जयकारों के साथ जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर कदम बढ़ाते हैं, तो पूरा इलाका शिवमय हो जाता है। पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन होने वाली पहली पूजा से शुरू होने वाला यह आशीर्वाद लाखों शिव भक्तों के जीवन में कभी न भूलने वाला अनुभव लेकर आता है। दो महीनों तक चलने वाली यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों की बेमिसाल मेहमाननवाज़ी और देश भर से आए भक्तों द्वारा लगाए जाने वाले 'भंडारों' के जरिए 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श को पूरी दुनिया के सामने जीवंत करती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Amarnath Yatra 2026: Pilgrims receive letter from PM Modi, say it will boost their motivation. Visuals from Pahalgam.#AmarnathYatra2026 #Pahalgam(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/upTzdIcQGI&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अदृश्य रक्षक: दुर्गम पहाड़ियों पर सेवा और सुरक्षा का महाजाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस दुर्गम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने पर्दे के पीछे चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले तंत्र की खुलकर सराहना की। उन्होंने श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और अग्रिम मोर्चे पर डटे सुरक्षा बलों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। रक्षकों को सलाम: पीएम मोदी ने भारतीय सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस, ITBP, BSF, NDRF के जवानों के साथ-साथ डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हज़ारों की संख्या में ये कर्मवीर पूरी लगन और सेवा की भावना से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, ताकि हर एक श्रद्धालु सुरक्षित अपने घर लौट सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बाबा बर्फानी के दर्शन से जुड़ी श्री अमरनाथ यात्रा हमारी आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक एकता का शाश्वत अध्याय है। मेरी कामना है कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो! इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए पांच संकल्पों से जुड़ा मेरा यह पत्र&hellip; pic.twitter.com/6Bc2Y9tXJC&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;प्रधानमंत्री के 'पांच महासंकल्प': अध्यात्म से राष्ट्र-निर्माण का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने इस पवित्र अवसर पर तीर्थयात्रियों के नाम जारी अपने पत्र में पाँच विशेष संकल्पों का जिक्र किया है और सभी श्रद्धालुओं से इन्हें अपने जीवन और यात्रा में शामिल करने का कड़ा आग्रह किया है:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. पहला संकल्प: 'स्वच्छता महाअभियान'-देवभूमि को रखना है पावन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी ने श्रद्धालुओं से पहला संकल्प स्वच्छता को लेकर दिलाया। उन्होंने कहा कि पवित्र गुफा और पूरे यात्रा मार्ग की प्राकृतिक सुंदरता और पवित्रता को बनाए रखना हर शिव भक्त का परम कर्तव्य है। यात्रियों को कचरा न फैलाकर और सफ़ाई के नियमों का कड़ा पालन करके इस पावन देवभूमि को स्वच्छ रखने में अपना सक्रिय योगदान देना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. दूसरा संकल्प: 'सुरक्षा सर्वोपरि'-नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमरनाथ जी का मार्ग बेहद फिसलन भरा, पथरीला और मौसम के मिजाज के कारण अनिश्चित होता है। ऐसे में दूसरे संकल्प के तहत पीएम मोदी ने सभी भक्तों से प्रशासनिक निर्देशों, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है। विशेषकर बारिश और भारी ठंड के समय फिसलन भरे रास्तों पर कोई भी लापरवाही न बरतने की हिदायत दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. तीसरा संकल्प: 'वोकल फॉर लोकल'-जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूती&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री ने आर्थिक राष्ट्रवाद को तीर्थयात्रा से जोड़ते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण संकल्प दिया। उन्होंने कहा, &quot;आइए, हम अपनी तीर्थयात्रा के कुल बजट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पाद खरीदने में खर्च करें।&quot; इस कदम से जम्मू-कश्मीर के स्थानीय युवाओं, दस्तकारों और गरीब परिवारों की आजीविका को एक नई ताकत और मजबूती मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. चौथा संकल्प: 'एक पेड़ मां के नाम'-पर्यावरण को नया जीवन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यात्रा का समापन रक्षाबंधन के पावन दिन होता है। चौथे संकल्प के रूप में पीएम मोदी ने एक अद्भुत विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि यात्रा के समापन के दिन हर भाई-बहन को आपस में एक पौधा उपहार में देना चाहिए। इसके जरिए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को देश के कोने-कोने तक पहुँचाकर प्रकृति का कर्ज उतारा जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. पांचवां संकल्प: 'राष्ट्र प्रथम'-विकसित भारत का महान सपना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिरी और सबसे बड़ा संकल्प देश के प्रति अपने कर्तव्यों को लेकर है। पीएम मोदी ने आग्रह किया कि बाबा बर्फानी के दर्शन से मिलने वाली नई ऊर्जा और चेतना को समेटकर, सभी नागरिक पूरे साल 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करें और वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में अपना सर्वस्व योगदान दें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षित और मंगलमय यात्रा का अटूट विश्वास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपने पत्र के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा भरोसा जताया कि यह यात्रा हमेशा की तरह सनातन आस्था, निस्वार्थ सेवा और भारत की सांस्कृतिक एकता के एक भव्य उत्सव के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न होगी। उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा अमरनाथ की असीम कृपा पूरे देश पर बनी रहे और यह यात्रा हर शिव भक्त के जीवन में नई आध्यात्मिक शक्ति, नई चेतना और नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-amarnath-yatra-safe-journey-five-resolutions-pilgrims-baba-barfani-letter-india-news-articleshow-epako4b"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[स्मार्टफोन का एक टैप और बीच सड़क बंद हुआ ई-रिक्शा! BAT-BMS के बाद दूसरे ऐप ने बढ़ाई टेंशन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bat-bms-app-e-rickshaw-hack-delhi-bluetooth-ev-battery-security-articleshow-vgrzcvb</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/bat-bms-app-e-rickshaw-hack-delhi-bluetooth-ev-battery-security-articleshow-vgrzcvb</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 08:33:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BAT-BMS के बाद दूसरे ऐप से भी कम्पैटिबल ई-रिक्शा बंद होने का दावा सामने आया। दिल्ली सरकार ने जांच शुरू की, जबकि विशेषज्ञों ने EV बैटरी सुरक्षा और सख्त ऑथेंटिकेशन की मांग उठाई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwjytwj0p04q34sbx9bmrma8,imgname-bat-bms-app-e-rickshaw-hack-delhi-bluetooth-ev-battery-security-1783047746112.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BAT-BMS App Viral Video: &lt;/strong&gt;सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां अचानक हो रही हैं ठप, ड्राइवर हैरान और सहमे! देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर इस वक्त एक ऐसा अजीबोगरीब और खतरनाक खेल चल रहा है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर सरकार तक के कान खड़े कर दिए हैं। स्मार्टफोन के एक सिंगल क्लिक से चलते हुए ई-रिक्शा (स्थानीय भाषा में 'तिरी') बीच सड़क पर खिलौने की तरह बंद हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने के लिए कंटेंट क्रिएटर्स मासूम और गरीब ड्राइवरों की आजीविका के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस पूरे डिजिटल 'प्रैंक' और इसके पीछे छिपे गंभीर सुरक्षा खतरे की पूरी इनसाइड स्टोरी आइये विस्तार से जानते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एक 'चीनी ऐप' का क्लिक और चलती गाड़ी ठप: सोशल मीडिया का खौफनाक ट्रेंड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली की सड़कों पर इन दिनों रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो सोशल मीडिया (Instagram, YouTube और X) पर वायरल हो रहे हैं। इस पूरे विवाद के केंद्र में है BAT-BMS नाम का एक चीनी स्मार्टफोन ऐप। दरअसल, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स चुपके से सड़क पर चल रहे ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक स्कूटरों के पास जाते हैं और ब्लूटूथ कनेक्शन के जरिए उनकी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में सेंध लगा देते हैं।जैसे ही वे ऐप में जाकर 'डिस्चार्ज स्विच' को ऑफ करते हैं, वैसे ही बैटरी से पावर सप्लाई पूरी तरह कट जाती है। बीच रास्ते में सवारी लेकर जा रहा ई-रिक्शा अचानक झटका खाकर रुक जाता है। गाड़ी का डिस्प्ले पूरी तरह ब्लैक आउट (खाली) हो जाता है और हैरान-परेशान ड्राइवर लाख कोशिशों के बाद भी उसे दोबारा चालू नहीं कर पाता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर इस वक्त व्यूज बटोरने के लिए एक खतरनाक और घटिया Trend चल रहा है। 'BAT-BMS' App से कुछ लड़के सड़क पर चलते ई-रिक्शा को दूर से ही बंद कर दे रहे हैं और इसे Prank कह रहे हैं।&amp;nbsp;शर्मनाक #Samsung Grooming Gang Spain #JGJapan #FightingRadicals E Rickshaw India UP pic.twitter.com/BPSdEqAEFu&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ShubhamInFocus (@ShubhamInFocus) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक? 'बिना पासवर्ड' के खुल रहीं तिजोरियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस घटना ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री के सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा में लगी लिथियम-आयन बैटरियों के वोल्टेज, करंट और तापमान को रियल-टाइम मॉनिटर करने के लिए इन कनेक्टेड ऐप्स को डिजाइन किया गया था। लेकिन, सबसे बड़ा रेड फ्लैग यह है कि इन बैटरियों के कंट्रोल फंक्शन में कोई पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन (सत्यापन) सुरक्षा नहीं दी गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खतरनाक लूपहोल: &lt;/strong&gt;बिना किसी सिक्योरिटी लेयर के, सीमित दायरे में मौजूद कोई भी ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरी इस ऐप से आसानी से कनेक्ट हो जाती है। नतीजा यह हो रहा है कि बिना किसी डर के कोई भी बाहरी व्यक्ति गाड़ी का पावर आउटपुट काटकर उसे एक झटके में लाचार बना दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;People Using Bat-bms App ToRemotely Lock Control E-rickshawsCausing Trouble For Drivers pic.twitter.com/iM4F9Vu38h&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Believer (@PredatorVolk) July 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रियलिटी चेक: एक रास्ता बंद हुआ, तो चोर दरवाजा खुला!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब इस विवाद ने तूल पकड़ा, तो एक जमीनी पड़ताल (रियलिटी चेक) की गई। इस जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद चौंकाने वाली थीं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;BAT-BMS ऐप का अपडेट: &lt;/strong&gt;जब इस चीनी ऐप को दोबारा एक ई-रिक्शा पर टेस्ट किया गया, तो पाया कि विवाद के बाद कंपनी ने इसमें सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर जोड़ दी है। अब स्विच-ऑफ ऑप्शन पर टैप करते ही पासवर्ड का प्रॉम्प्ट आ जाता है। यानी बिना पासवर्ड के अब इस ऐप से गाड़ी बंद नहीं की जा सकती।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;Epoch Li-ion ऐप का नया खतरा: &lt;/strong&gt;कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जैसे ही टीम ने Epoch Li-ion नाम का दूसरा बैटरी मैनेजमेंट ऐप आजमाया, सुरक्षा के सारे दावे धरे के धरे रह गए। इस ऐप ने उसी बैटरी से बिना किसी पासवर्ड के कनेक्शन बना लिया और सिर्फ एक टैप में ई-रिक्शा का पूरा सिस्टम दोबारा डाउन कर दिया। गाड़ी तब तक स्टार्ट नहीं हुई, जब तक उसी ऐप से उसे दोबारा 'ऑन' कमांड नहीं दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिल्ली के एक ई-रिक्शा डीलर इंसाफ खान ने बताया, &quot;पिछले चार दिनों में हमारे वर्कशॉप में ऐसी ही शिकायतों के साथ 40 से 50 गाड़ियां आ चुकी हैं। यह समस्या बहुत बड़ी हो चुकी है। जैसे ही एक ऐप सुरक्षित होता है, दूसरा नया ऐप सामने आ जाता है।&quot;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Concern, not entertainment. Viral videos are raising concerns after some users appeared to misuse a battery management app to temporarily stop certain Bluetooth-enabled e-rickshaws. Similar clips have also surfaced involving some electric scooters.#EV #ERickshaw&hellip; pic.twitter.com/mSuZPB5gw1&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; contentkikamii (@contentkikamii) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;गरीब पेट पर लात&quot;: ड्राइवरों का छलका दर्द&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह सिर्फ एक मजेदार प्रैंक या तकनीकी खामी नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर दिल्ली के सबसे गरीब तबके की आजीविका पर सीधा हमला है। इस ग्राउंड रिपोर्ट का हिस्सा रहे ई-रिक्शा ड्राइवर रोशन लाल ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा: &quot;हमें ई-रिक्शा को धक्का देकर यहाँ तक लाना पड़ा। हम गरीब लोग हैं; यह हमारी कमाई का एकमात्र ज़रिया है। अगर हमारा ई-रिक्शा ऐसे ही बंद हो जाएगा, तो हम गुज़ारा कैसे करेंगे? शुक्र है कि उस समय अंदर कोई सवारी नहीं थी, वरना वे किराया देने से मना कर देते। हमारी सबसे बड़ी चिंता यही है कि हमारा काम किसी भी पल रुक सकता है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;⚠️सूचनाार्थ:तकनीकी छेड़छाड़ का वायरल वीडियोआदरणीय @Uppolice @CyberCellUP&amp;nbsp;अज्ञात ऐप/डिवाइस के जरिए चलती मिनी मेट्रो को बंद करने के वीडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी सामने आ रहे है सार्वजनिक सुरक्षा और इस नई तकनीकी समस्या की सूचना आपके संज्ञान में लाने के लिए यह पोस्ट साझा की जा रही है pic.twitter.com/A1eaD9B6hj&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sambhal_Seva_Surakhsa (@Sambhal_Voice) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली सरकार की एंट्री: ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने दिए कड़े निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार भी अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर पंकज सिंह ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भले ही अभी तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन लोगों ने सीधे उनके दफ्तर में आकर इस गंभीर मुद्दे को उठाया है। परिवहन मंत्री ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को तुरंत इस BAT-BMS ऐप की असलियत की जांच करने और इन दावों की बारीकी से पड़ताल करने के कड़े निर्देश दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी: EV सेक्टर के लिए सख्त कानून जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट एडवोकेट साक्षर दुग्गल का कहना है कि यह घटना भारत के तेजी से बढ़ते EV इकोसिस्टम के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में EV सेक्टर के लिए बेहद मजबूत सुरक्षा मानकों और गाइडलाइंस का होना अनिवार्य हो चुका है। अगर कोई कड़ा नियमन नहीं लाया गया, तो भविष्य में यह खामी किसी बड़े हादसे या फिर संगठित साइबर अपराध का जरिया बन सकती है। बैटरी निर्माता कंपनियों को अब अपनी ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को पूरी तरह एन्क्रिप्टेड और पासवर्ड-प्रोटेक्टेड बनाना ही होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bat-bms-app-e-rickshaw-hack-delhi-bluetooth-ev-battery-security-articleshow-vgrzcvb"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[WhatsApp के बाद Telegram-Signal भी रडार पर, यूज़रनेम फीचर पर भारत सरकार क्यों हुई सख्त?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/government-notice-telegram-signal-whatsapp-username-feature-impersonation-digital-fraud-articleshow-6zryp8r</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/government-notice-telegram-signal-whatsapp-username-feature-impersonation-digital-fraud-articleshow-6zryp8r</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 08:03:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;WhatsApp के बाद केंद्र सरकार ने Telegram और Signal को भी यूज़रनेम फीचर पर नोटिस भेजा है। सरकार को आशंका है कि इससे इम्पर्सोनेशन, साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध बढ़ सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwjx4kdcd841banxpjhwq5c3,imgname-government-notice-telegram-signal-whatsapp-username-feature-impersonation-digital-fraud-1783045967276.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;WhatsApp Username Feature Notice: &lt;/strong&gt;डिजिटल दुनिया में मच गया है भारी हड़कंप! क्या आपकी प्राइवेसी के नाम पर मिलने वाला सबसे बड़ा हथियार अब साइबर अपराधियों का सबसे खतरनाक औजार बनने जा रहा है? कल तक जो नोटिस सिर्फ WhatsApp की चौखट पर पहुंचा था, उसकी जद में अब दुनिया के दो सबसे सुरक्षित माने जाने वाले मैसेजिंग ऐप्स भी आ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल से उनके यूज़रनेम फीचर, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित जोखिमों पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पहचान (Impersonation) और साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। क्योंकि एक रिपोर्ट के हवाले से आई इस सनसनीखेज खबर ने टेक इंडस्ट्री से लेकर आम यूजर्स तक के होश उड़ा दिए हैं। केंद्र सरकार के इस कड़े एक्शन और इसके पीछे छिपे बड़े खतरों की पूरी इनसाइड स्टोरी नीचे दी गई है:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;WhatsApp के बाद दो और शिकार: सरकार का वो 'सीक्रेट' नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डिजिटल प्राइवेसी और नेशनल सिक्योरिटी के बीच छिड़ी जंग अब एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 02 जुलाई को WhatsApp को झटका देने के बाद, अब Telegram और Signal को भी एक कड़ा नोटिस थमा दिया है। इस नोटिस के जरिए सरकार ने दोनों प्लेटफॉर्म्स से उनके 'यूज़रनेम फ़ीचर' और उससे जुड़े सुरक्षा इंतज़ामों पर तुरंत एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जहां WhatsApp अभी इस फीचर को लॉन्च करने की तैयारी ही कर रहा था, वहीं Telegram में यह फीचर पहले से मौजूद है और Signal में यह एक ऑप्शनल (वैकल्पिक) सुविधा के तौर पर काम कर रहा है। सरकार के इस चौतरफा हमले ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;प्राइवेसी का मुखौटा या अपराधियों की ढाल? सरकार की सबसे बड़ी चिंता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार अचानक इन यूज़रनेम फीचर्स के पीछे हाथ धोकर पड़ गई है? इसके पीछे छिपा है एक गहरा और डरावना सस्पेंस। दरअसल, टेक कंपनियां दावा करती हैं कि यूज़रनेम की मदद से यूजर्स अपने फोन नंबर को छिपाकर अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकते हैं। लेकिन सरकार को अंदेशा है कि यही प्राइवेसी अपराधियों के लिए एक अभेद्य ढाल बन जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;खतरे की घंटी: &lt;/strong&gt;सरकार को सबसे बड़ी चिंता यह है कि पहचान पूरी तरह छिप जाने से ऑनलाइन किसी और का रूप धरने (Impersonation), वित्तीय धोखाधड़ी और देश में तेजी से बढ़ रहे 'डिजिटल अरेस्ट' के मामलों में एक भयानक बाढ़ आ सकती है। जब अपराधियों को कानून या पकड़े जाने का कोई डर ही नहीं रहेगा, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के मासूम लोगों को अपना शिकार बनाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;टेक वर्ल्ड में मची खलबली: भारतीय ऐप 'Arattai' ने टेक दिए घुटने!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार के इस सख्त रुख का असर सोशल मीडिया और भारतीय टेक इंडस्ट्री पर तुरंत देखने को मिला है। Zoho के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, &quot;सरकारी और रेगुलेटरी बदलावों का पूरी तरह पालन करने के लिए, हम अपने मैसेजिंग ऐप Arattai में यूज़रनेम-बेस्ड अकाउंट फीचर को तुरंत प्रभाव से बंद कर रहे हैं।&quot; जोहो का यह कदम दिखाता है कि सरकार का दबाव कितना गंभीर है और आने वाले दिनों में दूसरी कंपनियों को भी अपनी रणनीतियां बदलनी पड़ सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Meta को मिला 3 दिन का अल्टीमेटम: कंपनियों का 'डिफेंस' प्लान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इससे पहले, सरकार ने Meta के मालिकाना हक वाले WhatsApp को एक नोटिस जारी कर 3 दिनों के भीतर इस प्रस्तावित फीचर पर पूरी जानकारी देने को कहा था। सरकार ने साफ हिदायत दी है कि जब तक इस संवेदनशील मामले पर बातचीत और जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक WhatsApp इस फीचर को भारत में लाइव नहीं कर सकता।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;प्लेटफॉर्म&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;यूज़रनेम फीचर की वर्तमान स्थिति&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;सरकार का एक्शन&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;WhatsApp&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;अभी लॉन्च होना बाकी (प्रस्तावित)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&amp;nbsp;3 दिन में जवाब मांगा, लॉन्चिंग पर रोक&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;Telegram&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;पहले से ही पूरी तरह एक्टिव&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;सुरक्षा इंतजामों पर तुरंत रिपोर्ट तलब&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;Signal&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;एक्टिव (यूजर के लिए ऑप्शनल)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;सुरक्षा कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट के निर्देश&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Meta ने गिनाए सुरक्षा के कई स्तर, क्या होंगे पर्याप्त?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;WhatsApp की मूल कंपनी Meta का कहना है कि यूज़रनेम फीचर को सुरक्षित बनाने के लिए कई &quot;Layers of Defence&quot; तैयार किए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, हाई-प्रोफाइल नाम-जैसे सरकारी संस्थाएं, मशहूर हस्तियां और सार्वजनिक व्यक्तित्व-पहले से ब्लॉक (रिजर्व) रखे जाएंगे ताकि कोई दूसरा व्यक्ति उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। इसके अलावा, ऐसे यूज़रनेम जो किसी प्रसिद्ध नाम से मिलते-जुलते हों, उन्हें भी सीमित किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि उसके सिस्टम संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी पहचान बनाने की कोशिशों और बड़े पैमाने पर नए लोगों से संपर्क करने वाले अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने में सक्षम होंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल सरकार WhatsApp, Telegram और Signal से मिलने वाले जवाबों का अध्ययन करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि यूज़रनेम फीचर को मौजूदा स्वरूप में अनुमति दी जाए, उसमें बदलाव कराया जाए या उसके लिए नए नियामकीय मानक बनाए जाएं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यूज़र प्राइवेसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने को लेकर महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं। ऐसे में यह मामला केवल एक नए फीचर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारत में डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन पहचान से जुड़े नियमों की दिशा भी तय कर सकता है। अब देखना यह है कि क्या टेक दिग्गजों के ये दावे भारत सरकार को संतुष्ट कर पाते हैं, या फिर भारतीय यूजर्स को प्राइवेसी के इस नए दौर से दूर रहना पड़ेगा!&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/government-notice-telegram-signal-whatsapp-username-feature-impersonation-digital-fraud-articleshow-6zryp8r"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[स्टिंग में बड़ा खुलासा: चंपत राय के गेस्ट हाउस में कैसे राम मंदिर डोनेशन नेटवर्क चलाते हैं 'बाबूजी'?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ram-mandir-donation-scam-champat-rai-sting-operation-ayodhya-trust-investigation-articleshow-g6b1g4v</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/ram-mandir-donation-scam-champat-rai-sting-operation-ayodhya-trust-investigation-articleshow-g6b1g4v</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 07:25:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;योध्या राम मंदिर डोनेशन केस में चंपत राय के गेस्ट हाउस से नए खुलासे! स्टिंग ऑपरेशन, CCTV से बचने के दावों, बिना बिल दान और करोड़ों की बरामदगी के पीछे आखिर कौन?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwjv0s2v538bnxbn8xjddtmt,imgname-ram-mandir-donation-scam-champat-rai-sting-operation-ayodhya-trust-investigation-1783043744859.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ram Mandir Donation Scam:&lt;/strong&gt; अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर! जहां एक तरफ करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र भव्य राम मंदिर सुर्ख़ियों में रहता है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के दान नेटवर्क के भीतर चल रहे एक कथित और खौफनाक खेल का पर्दाफाश हुआ है। राष्ट्रीय मीडिया चैनल TIMES NOW के एक विस्फोटक स्टिंग ऑपरेशन ने राम मंदिर डोनेशन सिस्टम की उन परतों को उघाड़ कर रख दिया है, जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस पूरी खोजी रिपोर्ट और जांच का विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'बाबूजी' का सीक्रेट ठिकाना: बंद दरवाजों के पीछे का सच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी का मामला तब और गरमा गया जब TIMES NOW की रिपोर्ट के अनुसार उनकी टीम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय (जिन्हें इनर सर्कल में 'बाबूजी' कहा जाता है) के संदिग्ध कामकाज को कैमरे में कैद किया। कई दिनों से मीडिया के लिए बंद रहने वाले ट्रस्ट के गेस्ट हाउस के गेट तब अचानक खुल गए, जब अंडरकवर रिपोर्टर्स ने व्यापारी बनकर कहा कि वे 'चांदी डोनेट' करने आए हैं। कैमरे पर खुद को चंपत राय का करीबी बताने वाले प्रद्युम्न नाम के शख्स ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने कैमरों से बचने और दान को सीधे 'बाबूजी' तक सुरक्षित पहुंचाने का रास्ता बताया, जिससे यह साफ होता है कि जनता के सामने न आने वाले चंपत राय पर्दे के पीछे से अब भी पूरा नेटवर्क चला रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Operation 'Chanda Chori': TIMES NOW S.I.T Investigation- Revealed: Champat Rai still in charge- Trust employee claims 'media is lying'- 'Champat Rai is still holding meetings'Watch as @Madhavgk takes us through the report. pic.twitter.com/ET2z8xEZjQ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; TIMES NOW (@TimesNow) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;CCTV से बचने और बिना बिल डोनेशन का दावा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्टिंग में सामने आए वीडियो के मुताबिक, खुद को चंपत राय का करीबी बताने वाले व्यक्ति प्रद्युम्न ने कथित तौर पर कहा कि यदि दानदाता CCTV कैमरों से बचकर डोनेशन देना चाहता है तो उसमें भी मदद की जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि सोना या चांदी दान करने के लिए मूल खरीद बिल की मांग नहीं की गई। इसके बजाय एक शपथपत्र (एफिडेविट) तैयार कराने की बात कही गई, जिसमें दानकर्ता यह घोषित करे कि दान की गई संपत्ति पर भविष्य में उसका कोई दावा नहीं रहेगा। यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह डोनेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकते हैं। फिलहाल इन आरोपों की जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बिना बिल का सोना और 'अधिकार छोड़ने' का वो रहस्यमयी एफिडेविट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्टिंग ऑपरेशन में जो सबसे खतरनाक बात सामने आई, वह थी दान लेने की प्रक्रिया। आमतौर पर सोने-चांदी के बड़े दान के लिए पक्के बिल और कानूनी कागजात जरूरी होते हैं। लेकिन, चंपत राय के सहयोगियों ने अंडरकवर टीम से किसी भी असली बिल की मांग नहीं की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चौंकाने वाली शर्त:&lt;/strong&gt; नेटवर्क ने डोनर्स के सामने एक अजीब शर्त रखी। उन्हें एक ऐसा एफिडेविट (हलफनामा) साइन करने को कहा गया, जिसमें लिखा हो कि दान देने के बाद डोनर का उस धातु पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। यानी ट्रस्ट उस सोने या चांदी का इस्तेमाल अपनी मर्जी से किसी भी तरह करने के लिए पूरी तरह आजाद होगा। हद तो तब हो गई जब टीम दोबारा जानबूझकर नकली गहने लेकर पहुंची, तब भी बिना किसी वेरिफिकेशन या जांच के उन्हें स्वीकार करने पर जोर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Operation 'Chanda Chori': TIMES NOW S.I.T Investigation- Revealed: Champat Rai still in charge- Trust employee claims 'media is lying'- 'Champat Rai is still holding meetings'Watch as @Madhavgk takes us through the report. pic.twitter.com/ET2z8xEZjQ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; TIMES NOW (@TimesNow) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कंगाल से करोड़पति? रिकवरी मेमो में पैसों का 'मायाजाल'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच भी बेहद चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच चुकी है। पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश, सोने के गहने और अमेरिकी डॉलर बरामद किए हैं। लेकिन सबसे बड़ा विरोधाभास आरोपियों की आर्थिक पृष्ठभूमि को लेकर है।&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;आरोपी का नाम&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;बरामद हुई अनुमानित रकम&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;अविनाश शुक्ला&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹20.39 लाख + 1,121 अमेरिकी डॉलर + सोने के गहने&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;करुणेश पांडे&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹18.07 लाख&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;अनुकल्प मिश्रा&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹16.82 लाख&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;लवकुश मिश्रा&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹14.25 लाख&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;रमाशंकर मिश्रा&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹7.32 लाख&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला महाकुंभ से पहले तक अपनी पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्चों के लिए संघर्ष कर रहा था। ऐसे में सवाल उठता है: क्या ये मामूली पृष्ठभूमि वाले लोग ही असली मास्टरमाइंड थे, या ये किसी बेहद शक्तिशाली चेहरे के लिए केवल 'कस्टोडियन' (कैश रखने वाले) का काम कर रहे थे?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस की आधी रात छापेमारी और चंपत राय का कबूलनामा!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी, जिसके बाद 25 जून को FIR दर्ज कर मंदिर के दान काउंटिंग विभाग से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को अयोध्या पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा के घर पर सूखे चारे के ढेर तक की छानबीन की और उसके पिता बच्चू लाल मिश्रा को हिरासत में लिया। मौके से QR कोड वाला एक संदिग्ध दान-पात्र भी बरामद हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पूरे महाघोटाले की आंच जब चंपत राय तक पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर &quot;नैतिक जिम्मेदारी&quot; लेते हुए पहले इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि, वे अनिल मिश्रा के साथ मिलकर फिर से सक्रिय हैं। पुलिस ने जिला जेल में बंद अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की है और खुद चंपत राय का आधिकारिक बयान भी दर्ज किया है। इस मामले में एक योग प्रशिक्षक का नाम भी सामने आ रहा है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ रही हैं, यह साफ होता जा रहा है कि आस्था के नाम पर चल रहा यह खेल बहुत गहरा है और आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों बेनकाब हो सकते हैं!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Operation 'Chanda Chori': TIMES NOW S.I.T. InvestigationDuring the investigation, a Trust employee while speaking to @priyanktripathi, revealed that Champat Rai was inside the guest house at that very moment, holding meetings.He said, &quot;Hum turant milwa dete... Jhooth bhi&hellip; pic.twitter.com/ftjfudwmb3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; TIMES NOW (@TimesNow) July 2, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सबसे बड़ा सवाल अब भी बाकी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्टिंग ऑपरेशन के दावे और पुलिस जांच के अब तक के निष्कर्षों ने पूरे मामले को और जटिल बना दिया है। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या कथित वित्तीय अनियमितताएं कुछ व्यक्तियों तक सीमित थीं या डोनेशन प्रक्रिया में किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी? इसका जवाब अब SIT की विस्तृत जांच, डिजिटल साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नोट: &lt;/strong&gt;इस रिपोर्ट में वर्णित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े दावे संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच एजेंसियों और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/ram-mandir-donation-scam-champat-rai-sting-operation-ayodhya-trust-investigation-articleshow-g6b1g4v"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Top 10 Morning News: रूस-यूक्रेन से भारत तक मचा बवाल, जानिए आज की 10 सबसे बड़ी अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-india-world-headlines-russia-ukraine-delhi-mumbai-isro-july-3-2026-articleshow-iw9v5zs</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-india-world-headlines-russia-ukraine-delhi-mumbai-isro-july-3-2026-articleshow-iw9v5zs</guid>
            <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 06:38:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 Morning News: रूस का कीव पर बड़ा हमला, भारत-जापान समिट, दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम, मुंबई में बारिश का कहर, ISRO की तैयारी और गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwjra6ycvp7x95t80a2ej0nx,imgname-top-10-morning-news-india-world-headlines-russia-ukraine-delhi-mumbai-isro-july-3-2026-1783040908236.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Today Top 10 Morning News: &lt;/strong&gt;नमस्कार! 03 जुलाई 2026, शुक्रवार सुबह की शुरुआत करते हैं देश-दुनिया की 10 सबसे बड़ी खबरों के साथ। रूस-यूक्रेन युद्ध में भीषण हमला, भारत-जापान की अहम रणनीतिक बैठक, दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम, मुंबई में बारिश का कहर, स्पेस सेक्टर की बड़ी छलांग और गुजरात हाई कोर्ट का अहम फैसला-आज की हर खबर का असर दूर तक दिख सकता है। क्या आज की ये घटनाएं आने वाले दिनों की नई वैश्विक और राष्ट्रीय तस्वीर तय करने वाली हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. आसमान से बरसती मौत: कीव पर अब तक का सबसे भीषण हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 100 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों से विनाशकारी हमला किया। इस भयावह बहु-दिशात्मक हवाई हमले में 27 नागरिकों की मौत हो गई और 91 घायल हो गए। कई इलाकों की बिजली गुल है और बचाव दल मलबे में जिंदगियां तलाश रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. दिल्ली की जगह असम क्यों? जापानी पीएम का चौंकाने वाला दौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची अपने पहले आधिकारिक दौरे पर पीएम मोदी से मिलने सीधे असम पहुंचीं। पारंपरिक दिल्ली से हटकर हुए इस ऐतिहासिक समिट ने सबको चौंका दिया है। जापान ने उत्तर-पूर्व में सेमीकंडक्टर और डिफेंस के लिए $12.5 बिलियन के निवेश का वादा किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. वेटिकन का कड़ा प्रहार: 6 लाख कैथोलिकों का सामूहिक बहिष्कार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पोप लियो XIV की चेतावनियों को नजरअंदाज करने पर वेटिकन ने एक अलग हुए पारंपरिक कैथोलिक ग्रुप (SSPX) को पूरी तरह बहिष्कृत कर दिया है। चर्च की एकता बचाने के लिए उठाए गए इस सख्त कदम से दुनिया भर के करीब 6,00,000 सदस्यों का भविष्य अब अधर में लटक गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. मलबे के नीचे दबी चीखें: वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भयानक भूकंप के बाद वेनेजुएला में 7 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। मलबे के नीचे से अब तक 3,000 शव निकाले जा चुके हैं और हजारों लोग अब भी लापता हैं। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (झटकों) के कारण राहत और बचाव कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. अजेय स्पेन का तूफान: ऑस्ट्रिया को कुचलकर नॉकआउट में एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;FIFA वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने ऑस्ट्रिया को 3-0 से रौंदकर राउंड ऑफ़ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली है। मिकेल ओयारज़ाबल के दो जादुई गोल और टीम के आक्रामक खेल ने विरोधी टीम को टिकने का मौका नहीं दिया। इस धमाकेदार प्रदर्शन से स्पेन विश्व कप का प्रबल दावेदार बन गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. आधी रात का खौफनाक ऑपरेशन: दिल्ली में दहलाने वाली साजिश नाकाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली पुलिस ने आधी रात को छापेमारी कर पाकिस्तान की ISI समर्थित एक बड़े आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में विस्फोटक और भीड़भाड़ वाले इलाकों के ब्लूप्रिंट बरामद किए हैं, जिससे त्योहारों पर बड़ी तबाही टल गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. तेहरान की ओर बढ़ते कदम: ईरान में भारत का हाई-लेवल मिशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और उप विदेश मंत्री पवित्रा मार्गेरिआ इस गहरे सभ्यतागत संबंध का सम्मान करने तेहरान रवाना हो रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. थम गई सपनों की नगरी: मुंबई को निगलती समंदर की लहरें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारी मॉनसून बारिश के बाद मुंबई पूरी तरह ठहर गई है। निचले इलाकों में जलजमाव के कारण लोकल ट्रेनें और सड़कें ठप हो गई हैं, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं। हाई-टाइड की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों को अगले 48 घंटों तक घरों में रहने की सलाह दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. अंतरिक्ष में नया इतिहास: भारत का पहला सीक्रेट 'प्राइवेट रॉकेट'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ISRO पूरी तरह से प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित रॉकेट 'विक्रम-1' के लॉन्च की आखिरी काउंटडाउन जांच कर रहा है। कम लागत में सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने वाला यह ऐतिहासिक मिशन भारत को ग्लोबल एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा और प्रतिस्पर्धी हब बनाने के लिए तैयार है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. सिर्फ सर्टिफिकेट काफी नहीं: गुजरात हाई कोर्ट का बड़ा फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुजरात हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि पवित्र रीति-रिवाजों (जैसे सप्तपदी या सात फेरे) के बिना कोई भी हिंदू विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। कोर्ट ने साफ किया कि केवल मैरिज सर्टिफिकेट या रजिस्ट्रेशन पर साइन कर लेना शादी की वैधता का आधार नहीं हो सकता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-india-world-headlines-russia-ukraine-delhi-mumbai-isro-july-3-2026-articleshow-iw9v5zs"/>
        </item>
    </channel>
</rss>
