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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Sun, 14 Jun 2026 13:50:18 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Bengaluru Murder Case: लवर ने काटा 22 साल की प्रेमिका का गला, किस वजह से हिंसक हुआ प्रेमी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bengaluru-murder-case-boyfriend-slit-sikkim-girl-atihangma-subba-throat-over-affair-suspicion/articleshow-a059stm</link>
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            <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 13:50:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बेंगलुरू में 22 वर्षीय अति हंगमा सुब्बा की हत्या कैसे हुई? अति हंगमा सुब्बा कौन थीं और कहां की रहने वाली थीं? इस मामले में आरोपी पूर्बा लेपचा कौन है? दोनों कितने समय से रिलेशनशिप में थे? बेंगलुरू आने के बाद कपल कहां रह रहा था?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv2kdsgq6fanw972a2ypjcfz,imgname-bengaluru-murder-case-1781425169942.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sikkim Woman's Throat Slit By Lover: &lt;/strong&gt;बेंगलुरु में सिक्किम की रहने वाली 22 साल की एक महिला की उसके बॉयफ्रेंड ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। मृतक महिला की पहचान सिक्किम की रहने वाली 22 साल की अति हंगमा सुब्बा के तौर पर हुई है, जो एक सैलून में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी। वहीं आरोपी, दार्जिलिंग का रहने वाला पूर्बा लेपचा एक होटल में वेटर का काम करता था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों रिलेशनशिप में थे और करीब एक महीने पहले ही बेंगलुरु आए थे। वे डोड्डाकन्नाहल्ली में साथ रह रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हाल ही में बेंगलुरु आया था कपल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस के मुताबिक, सिक्किम की रहने वाली महिला अति हंगमा सुब्बा बेंगलुरु के डोड्डाकनाहल्ली इलाके में किराए के घर पर रहती थी। यहां उसके ब्वॉयफ्रेंड ने बहस के बाद उसकी हत्या कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर किचन में इस्तेमाल होने वाले चाकू से महिला का गला काट दिया। पुलिस ने बताया कि दोनों रिलेशनशिप में थे और करीब एक महीने पहले ही बेंगलुरु आए थे। वे डोड्डाकनाहल्ली में एक किराए के घर में साथ रह रहे थे, जो शहर के दक्षिण-पूर्वी इलाके में बेलंदूर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रिश्ते में शक बना विवाद की वजह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुरुआती जांच के मुताबिक, गुरुवार सुबह दोनों के बीच बहस हुई। पुलिस ने बताया कि यह झगड़ा कथित तौर पर तब शुरू हुआ जब लेपचा को शक हुआ कि सुब्बा का किसी दूसरे लड़के के साथ नाजायज संबंध है। जांचकर्ताओं ने बताया कि जो बहस मामूली विवाद के तौर पर शुरू हुई थी, वह जल्द ही हिंसक हो गई। पुलिस ने बताया कि बहस के दौरान लेपचा ने किचन के चाकू से सुब्बा पर हमला किया और उसका गला काट दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह हमला जानलेवा साबित हुआ और गंभीर चोट के कारण सुब्बा की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह मामला बेलंदूर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस उन घटनाओं के क्रम की जांच कर रही है जिनकी वजह से यह कथित हत्या हुई और जांच के हिस्से के तौर पर और सबूत भी जुटा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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            <title><![CDATA[लंदन में भारतीय युवक की हत्या: 6 आरोपी रिहा, '7वें' के पास दफन है खून का असली राज!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/london-indian-youth-gurbej-singh-west-london-stabbing-murder-southall-police-investigation-cctv/articleshow-bwzdcoa</link>
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            <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 12:41:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;वेस्ट लंदन में भारतीय युवक गुरबेज सिंह की चाकू मारकर हत्या-कौन था असली हमलावर? Southall के नॉर्थ रोड पर रात 12:30 बजे हुआ हमला अचानक क्यों हुआ? CCTV व गवाहों के बावजूद क्या पुलिस सच्चाई तक पहुंच पाएगी या केस उलझा रहेगा? क्या यह सिर्फ हत्या है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश और छिपा हुआ सच है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv2exsmqazptwxzs2ytdp3e5,imgname-london-indian-youth-gurbej-singh-west-london-stabbing-murder-southall-police-investigation-cctv-1781420451479.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लंदन/नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;सात समंदर पार सुनहरे भविष्य का सपना लेकर गए एक और भारतीय नौजवान की जिंदगी का दीया बेरहमी से बुझा दिया गया। वेस्ट लंदन के साउथॉल इलाके से एक ऐसी खौफनाक खबर आई है, जिसने न सिर्फ ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को सहमा दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 26 साल के भारतीय मूल के युवक गुरबेज सिंह पर बीच सड़क कुल्हाड़ी या चाकू से ऐसा जानलेवा हमला हुआ कि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस इस खूनी खेल की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, लेकिन कई परेशान करने वाले सवाल अब भी हवा में तैर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात का वो खौफनाक मंजर: दुकान के बाहर अचानक तड़प उठा युवक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह खौफनाक वारदात बुधवार तड़के की है, जब पूरा लंदन सो रहा था। साउथॉल में डॉर्मर्स वेल्स लेन के जंक्शन के पास स्थित नॉर्थ रोड पर अचानक चीख-पुकार मच गई। रात के करीब 12:30 बजे, जब 26 वर्षीय गुरबेज सिंह एक दुकान के बाहर खड़े थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हमला इतना अचानक और बेरहम था कि गुरबेज को संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्हें बचाने आए 30 साल के एक अन्य शख्स को भी हमलावरों ने नहीं बख्शा और उसे भी घायल कर दिया। खून से लथपथ गुरबेज सड़क पर तड़प रहे थे। सूचना मिलते ही लंदन एम्बुलेंस सर्विस और मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पैरामेडिक्स ने गुरबेज की उखड़ती सांसों को थामने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7 गिरफ्तारियां और 6 की रिहाई: आखिर कौन है वो 'सातवां' चेहरे के पीछे का राज?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद लंदन पुलिस के स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड ने मोर्चा संभाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश तेज की और आनन-फानन में घटनास्थल और उसके आसपास से सात संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की उम्र 20 से 30 साल के बीच थी। कूटनीतिक और कानूनी गलियारों में लगा कि मामला सुलझ गया है, लेकिन सस्पेंस तब और गहरा गया जब लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने सात में से छह लोगों को बिना किसी कार्रवाई के रिहा कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब पुलिस की हिरासत में सिर्फ सातवां शख्स बचा है, जिसे फिलहाल जमानत पर रिहा किया गया है और जांच पूरी होने तक नजर रखने को कहा गया है। सवाल उठता है कि अगर छह लोग बेकसूर थे, तो क्या वह सातवां शख्स ही इस कत्ल का मास्टरमाइंड है? या फिर असली कातिल अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर खुले आसमान में घूम रहा है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'कातिल की तलाश': जासूसों की हर आंख CCTV और गवाहों पर टिकी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेट्रोपॉलिटन पुलिस की डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर एलिसन फॉक्सवेल इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं। उन्होंने गुरबेज के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जनता से मदद की गुहार लगाई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फॉक्सवेल ने कहा, &quot;हमारा मानना है कि यह हमला नॉर्थ रोड और डॉर्मर्स वेल्स लेन के जंक्शन पर हुआ था। मैं उस इलाके के हर नागरिक, दुकानदार या राहगीर से अपील करती हूं कि जिसके पास भी उस वक्त का कोई सीसीटीवी फुटेज, डैशकैम रिकॉर्डिंग हो या जिसने उस रात कुछ भी संदिग्ध देखा हो, वह तुरंत आगे आए।&quot; पुलिस के खोजी दस्ते अब उस इलाके के डिजिटल फुटप्रिंट्स और गवाहों के बयानों की कड़ियों को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कत्ल की असली वजह (Motive) का पता लगाया जा सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या 'नस्लीय नफरत' बनी काल? ब्रिटेन में सुलगती इमिग्रेशन की आग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरभेज सिंह की यह दर्दनाक हत्या ऐसे समय में हुई है जब पूरा यूनाइटेड किंगडम (UK) इस समय इमिग्रेशन (प्रवासन) और पब्लिक सेफ्टी (सार्वजनिक सुरक्षा) के मुद्दे पर बारूद के ढेर पर बैठा है। इस घटना से ठीक पहले उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट में इमिग्रेशन-विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया था, जहां गाड़ियों और घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ब्रिटेन के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों और प्रवासियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसे सरकार ने &quot;नस्लवादी गुंडागर्दी&quot; करार दिया है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में एक भारतीय युवक की इस तरह सड़क पर चाकू मारकर हत्या कर देना, कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। क्या गुरभेज किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का शिकार हुए या फिर वे ब्रिटेन में सुलग रही इस नस्लीय नफरत और अंधाधुंध हिंसा की भेंट चढ़ गए? इस खौफनाक सच के बेपर्दा होने का इंतजार अब पूरी दुनिया को है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[गुरुग्राम IVF स्कैम:'पैदा तो मैंने किया, पर ये जुड़वां बच्चियां मेरी नहीं!' एक मां का खौफनाक सच]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ivf-clinic-gurgaon-embryo-swap-dna-test-twins-investigation-couple-rathore/articleshow-mkv7oe0</link>
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            <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 11:19:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या IVF क्लिनिक में भ्रूण बदलकर किसी और का बच्चा दे दिया गया? DNA टेस्ट में माता-पिता से मैच न होने का असली कारण क्या है? क्या IVF प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही या धोखाधड़ी हुई? आखिर किसकी पहचान हैं जुड़वां बेटियां-और सच कब सामने आएगा?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली/गुरुग्राम:&lt;/strong&gt; विज्ञान ने बेऔलाद दंपतियों को माता-पिता बनने का सुख तो दिया, लेकिन इसी विज्ञान की आड़ में जब लापरवाही या साज़िश का खेल खेला जाए, तो ज़िंदगी एक बुरे सपने में बदल जाती है। गुरुग्राम के राहुल राठौर और उनकी पत्नी मीनू राठौर के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। जिस IVF (इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन) तकनीक के ज़रिए उन्होंने अपने आंगन में खुशियां चहकने की उम्मीद की थी, उसी तकनीक ने उन्हें एक ऐसे दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां ममता और सच के बीच एक खौफनाक जंग छिड़ गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;*We Need Urgent Help*Parents Contact No :- 8130397073Please is video ko zyada se zyada share karein. Shayad ek share in Massum Bacho ko unke real parents se milva de or hamari family ko hamare bachcho tak pahunchane mein madad kar de. Please iss video ko apne WhatsApp,&hellip; pic.twitter.com/KqHduQL7gw&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rahul Rathore (@RathoreRahul39) June 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शक की पहली चिंगारी: जब शक्लें नहीं मिलीं तो धड़क उठा दिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जनवरी 2026 की शुरुआत राठौर परिवार के लिए दोहरी खुशियां लेकर आई थी। मीनू राठौर ने दो खूबसूरत जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। घर में बधाइयों का तांता लगा था, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए, राहुल और मीनू की आंखों में खुशियों की जगह एक अनजाना डर और शक घर करने लगा। दोनों बच्चियों की शक्ल-सूरत न तो अपनी मां मीनू से मिल रही थी और न ही पिता राहुल से। शुरुआत में इसे सामान्य माना गया, लेकिन दिल के किसी कोने में बैठा शक का कीड़ा शांत नहीं हो रहा था। आखिरकार, सच का पता लगाने के लिए उन्होंने आधुनिक विज्ञान की ही एक और विधा का सहारा लिया-DNA टेस्ट। उन्हें उम्मीद थी कि यह टेस्ट उनके शक को महज़ एक वहम साबित कर देगा, लेकिन रिपोर्ट ने जो खुलासा किया, उससे उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;DNA रिपोर्ट का महाविस्फोट: 'आप इन बच्चों के बायोलॉजिकल पेरेंट्स नहीं हैं!'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिस पितृत्व (Paternity) टेस्ट का इस्तेमाल अक्सर कोर्ट-कचहरी और विवादों को सुलझाने के लिए होता है, उसने इस हंसते-खेलते परिवार को कभी न भूलने वाला ज़ख्म दे दिया। DNA टेस्ट के नतीजों ने चीख-चीख कर गवाही दी कि मीनू के गर्भ से पैदा हुईं वे जुड़वां बच्चियां बायोलॉजिकली राहुल और मीनू की हैं ही नहीं! इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि दिल्ली के उस नामी क्लिनिक में मीनू राठौर के गर्भ (Uterus) में किसी दूसरे अनजान जोड़े का भ्रूण (Embryo) ट्रांसफर कर दिया गया था। यानी नौ महीने तक जिस बच्चे को मीनू ने अपने खून से सींचा, वह किसी और की अमानत था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;What if the babies you brought home after IVF were not biologically yours?This couple says their world collapsed after DNA tests allegedly showed that both of their children do not match either the father or the mother.They claim the children&rsquo;s physical features also raised&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Nut Boult (@NutBoult) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बंद कमरों का खेल: एग और स्पर्म के बदले 'भ्रूण की अदला-बदली'?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खौफनाक सच के सामने आने के बाद राहुल राठौर ने पूरी क्रोनोलॉजी बयां की। उन्होंने बताया कि द्वारका के एक प्रतिष्ठित अस्पताल ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित एक इनफर्टिलिटी क्लिनिक में रेफर किया था, जहां डॉ. शिवानी सचदेव इस पूरे केस को देख रही थीं। दंपति का आरोप है कि 9 जनवरी 2025 को डॉक्टरों ने उन्हें आश्वस्त किया था कि भ्रूण पूरी तरह से उनके ही स्पर्म और एग का इस्तेमाल करके तैयार किया जाएगा। इसके बाद 14 मई 2025 को मीनू के गर्भ में भ्रूण डाला गया। डॉक्टरों के इस भरोसे के पीछे आखिर क्या खेल चल रहा था? क्या यह महज़ एक मानवीय भूल थी या फिर इसके पीछे मेडिकल माफिया का कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा था?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ममता का दर्द: &quot;जिस तरह मैं तड़प रही हूं, कोई और मां भी तड़प रही होगी&quot;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले में सबसे दर्दनाक स्थिति मीनू राठौर की है। जन्म देने के बाद भी वह मानसिक रूप से इस कदर टूट चुकी हैं कि वे बच्चियों को ब्रेस्टफीडिंग (स्तनपान) तक नहीं करा पा रही हैं। रोते हुए मीनू ने कहा, &quot;मुझे मेरा अपना बच्चा चाहिए। जिस तरह मैं अपने असली बच्चे को ढूंढ रही हूँ, वैसे ही वह मां भी अपने बच्चे के लिए तड़प रही होगी, जिसका बच्चा इस वक्त मेरे पास है।&quot; हालांकि, इस कड़वे सच के बावजूद राठौर दंपति की इंसानियत ज़िंदा है। उन्होंने साफ कहा है कि भले ही ये बच्चियां उनकी नहीं हैं, फिर भी वे उनकी पूरी देखभाल कर रहे हैं क्योंकि इन मासूमों का कोई कसूर नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इंटरनेशनल कनेक्शन और कानूनी शिकंजा: क्या खुलेगा कोई बड़ा राज?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह मामला सिर्फ गुरुग्राम या दिल्ली तक सीमित नहीं दिख रहा है। मीनू राठौर ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि जब से उनका मामला सामने आया है, उन्हें कई देशों के ऐसे जोड़ों के फोन आ रहे हैं, जिनके साथ अलग-अलग IVF क्लीनिकों ने इसी तरह की धोखाधड़ी की है। इससे यह आशंका गहरा गई है कि क्या इसके पीछे कोई इंटरनेशनल फर्टिलिटी स्कैम चल रहा है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल, दिल्ली की एक अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करने और गहन जांच के निर्देश दिए हैं। राहुल राठौर ने मांग की है कि सच को सामने लाने के लिए अस्पताल के IVF रिकॉर्ड, लैब दस्तावेज़, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और CCTV फुटेज को तुरंत ज़ब्त कर सुरक्षित किया जाए। वहीं, पीड़ित मां ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि पुलिस की तफ्तीश में इस मेडिकल लापरवाही या साज़िश का क्या सच बाहर आता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[फ़ॉर्मेलिन क्या है और AIIMS भोपाल में 3 साल के कैंसर पेसेंट को क्यों दिया गया? चाैंकाने वाला खुलासा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/aiims-bhopal-cancer-child-death-formalin-injection-hospital-negligence-police-case/articleshow-6q9t0qh</link>
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            <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 09:41:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;AIIMS भोपाल में 3 साल के कैंसर मरीज की मौत, क्या यह इलाज की गलती थी या सिस्टम फेल? नर्स पर फॉर्मेलिन इंजेक्शन देने का आरोप, क्या IV लाइन में घातक लापरवाही हुई? जांच में घोर लापरवाही साबित, क्या अस्पताल सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह फेल हो गए? क्या इस दर्दनाक मौत के पीछे सिर्फ हादसा था या बड़ी मेडिकल चूक छुपी है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल: &lt;/strong&gt;अस्पताल को जीवन का मंदिर कहा जाता है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो इंसान किस पर भरोसा करे? एम्स (AIIMS) भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड से घोर लापरवाही की एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली दास्तां सामने आई है, जिसने पूरे देश के मेडिकल सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ब्लड कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे एक मासूम 3 साल के बच्चे की जिंदगी का दीया बीमारी ने नहीं, बल्कि अस्पताल की एक नर्सिंग ऑफिसर की सनक और लापरवाही ने हमेशा के लिए बुझा दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कहां और कब हुई घटना?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सागर जिले की बीना तहसील के कौरजा गांव के रहने वाले मासूम सार्थक यादव के साथ घटी। सार्थक को 15 दिसंबर 2025 को गंभीर हालत में एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। माता-पिता की आंखों में उम्मीद थी कि देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में उनका बच्चा ठीक हो जाएगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि 17 दिसंबर की सुबह उनके लिए एक कभी न खत्म होने वाला दुःस्वप्न लेकर आने वाली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;यहां डॉक्टर मैं हूं या तुम?&quot; जब पिता की मिन्नतें बनीं बेअसर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;17 दिसंबर 2025 की सुबह सार्थक की IV (इंट्रावेनस) लाइन अचानक ब्लॉक हो गई थी। ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा वार्ड में आई। उसने वहां पहले से पड़ी हुई एक सिरिंज उठाई, जिस पर रहस्यमयी तरीके से 'F' मार्क लगा हुआ था। नर्स ने बिना जांचे कि उस सिरिंज के भीतर क्या है, उसे सीधे बच्चे की IV बोतल में इंजेक्ट करना शुरू कर दिया। सार्थक के पिता सिद्धार्थ यादव ने सिरिंज पर 'F' का निशान देखकर खतरे को भांप लिया था। उन्होंने नर्स को एक, दो नहीं बल्कि तीन बार रोकने की कोशिश की और मिन्नतें कीं। लेकिन सत्ता और अहंकार के नशे में चूर नर्स ने पिता को बुरी तरह झिड़कते हुए कहा: &quot;क्या मैं यहां डॉक्टर हूं या तुम?&quot; नर्स ने पिता की चेतावनी को अनसुना कर उस जहरीले लिक्विड को मासूम के खून में उतार दिया। इसके कुछ ही सेकंड बाद, 3 साल का सार्थक तड़पने लगा और देखते ही देखते बेहोश हो गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वार्ड में मची चीख-पुकार और सबूत मिटाने की नाकाम कोशिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंजेक्शन लगते ही पीडियाट्रिक वार्ड एक खौफनाक जंग के मैदान में बदल गया। सार्थक की हालत बिजली की गति से बिगड़ने लगी। डॉक्टरों की टीम उसे आनन-फानन में पीआईसीयू (PICU) ले गई। वहां उसे सीपीआर (CPR) दिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सुबह 8:45 बजे मासूम की धड़कनें हमेशा के लिए रुक गईं।सिद्धार्थ यादव का आरोप है कि जैसे ही बच्चा बेहोश हुआ, अस्पताल के कर्मचारियों को अपनी भयानक गलती का अहसास हो गया था। वे तुरंत वार्ड में दौड़े और सबूत मिटाने के लिए उस आईवी बोतल को हटाने की कोशिश करने लगे। सिद्धार्थ ने बोतल को पकड़कर बचाने की कोशिश की, ताकि सच सामने आ सके, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने ताकत के बल पर उनसे वह बोतल छीन ली। डॉक्टरों ने बाद में केवल इतना कहा कि बच्चे के बचने की संभावना सिर्फ 50-50% थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आंतरिक जांच में बड़ा खुलासा: खुला घूम रहा था 'मौत का घोल'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में मचे हड़कंप के बाद एम्स प्रबंधन ने एक उच्च स्तरीय आंतरिक जांच समिति का गठन किया। हाल ही में आई जांच रिपोर्ट ने अस्पताल के भीतर सुरक्षा मानकों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि सार्थक की मौत का सीधा और एकमात्र कारण उसकी नसों में फ़ॉर्मेलिन (Formalin) इंजेक्ट किया जाना था। जांच में सामने आया कि बायोप्सी सैंपल के लिए इस्तेमाल होने वाले इस बेहद खतरनाक केमिकल को एक सिरिंज में भरकर वार्ड में लावारिस और खुला छोड़ दिया गया था। रिपोर्ट ने नर्सिंग ऑफिसर मधुबाला शर्मा को बच्चे को वह जानलेवा केमिकल देने और दूसरी नर्सिंग ऑफिसर अनुका गुजराती को उस खतरनाक केमिकल को सुरक्षित रूप से न रखने यानी घोर लापरवाही का दोषी पाया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या होता है फ़ॉर्मेलिन?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ़ॉर्मेलिन असल में फ़ॉर्मेल्डिहाइड गैस का पानी में बना एक अत्यंत शक्तिशाली और तीव्र घोल है। यह इंसानी शरीर के लिए एक घातक जहर की तरह काम करता है। मेडिकल साइंस में इसका इस्तेमाल केवल मृत शरीरों (शवों), बायोप्सी के लिए निकाले गए टिश्यूज और सैंपल्स को सड़ने से बचाने के लिए किया जाता है। इसे सीधे नसों में देना सीधे मौत को बुलावा देना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने अब तक क्या की कार्रवाई?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने दोनों आरोपी नर्सों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार, मुख्य आरोपी मधुबाला शर्मा पर घोर लापरवाही से मौत का कारण बनने के लिए भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) और अनुका गुजराती पर खतरनाक केमिकल को लापरवाही से संभालने के लिए धारा 286 के तहत केस दर्ज किया गया है। एम्स प्रबंधन ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है और पुलिस फिलहाल फरार नर्सों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। मासूम सार्थक तो लौट कर नहीं आएगा, लेकिन इस घटना ने सवाल छोड़ दिया है कि इस 'मेडिकल मर्डर' का असली जिम्मेदार कौन है?&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/aiims-bhopal-cancer-child-death-formalin-injection-hospital-negligence-police-case/articleshow-6q9t0qh"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Top 10 Morning News: AI जंग से लड़ाकू विमान हादसे के सच तक-सुबह की 10 बड़ी खबरें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-us-iran-modi-macron-iaf-crash-india-elexions-fifa-worldcup-ai-sovereign-india-us-tensn-yoga-record/articleshow-wpmiwu7</link>
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            <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 07:22:09 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;शांति या धोखा? राष्ट्रपति ट्रंप के रविवार को यूएस-ईरान शांति समझौते के दावे को तेहरान ने तुरंत खारिज क्यों किया और क्या होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी बंद रहेगा? जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान AN-32 विमान क्रैश में 5 जवानों की जान जाने और को-पायलट के घायल होने का असली जिम्मेदार कौन है? भारतीय नाविकों का कत्लेआम क्यों? अमेरिका की डिजिटल नाकेबंदी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv1x7tc2jfta44g645rxagz0,imgname-top-10-morning-news-us-iran-modi-macron-iaf-crash-india-elexions-fifa-worldcup-ai-sovereign-india-us-tensn-yoga-record-1781401905538.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Today Top 10 Morning News:&lt;/strong&gt; 14 जून 2026, दिन शनिवार की सुबह दुनिया और भारत कई बड़े घटनाक्रमों से हिल उठे हैं-ईरान-यूएस शांति समझौते पर अनिश्चितता, भारत-यूएस तनाव, IAF विमान हादसा, वैश्विक AI राजनीति और खेल से लेकर योग तक ऐतिहासिक पहलें सुर्खियों में हैं। क्या दुनिया एक नए भू-राजनीतिक मोड़ की ओर बढ़ रही है? पढ़िए देश और दुनिया की 10 बड़ी सुर्खियां...।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. अचानक बदला दावों का खेल: ट्रंप के शांति समझौते पर तेहरान का बड़ा झटका!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया कि रविवार, 14 जून को ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा। लेकिन तेहरान ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दुनिया को चौंका दिया कि अभी बड़े मुद्दों को सुलझाना बाकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. सीक्रेट डीप-टेक मिशन: पीएम मोदी और मैक्रॉन फ्रांस में क्या शुरू करने वाले हैं?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन आज फ्रांस के नीस में 'भारत इनोवेट्स 2026' का संयुक्त उद्घाटन करेंगे। इस तीन दिवसीय ग्लोबल डीप-टेक कॉन्क्लेव में भारत के 120 एडवांस्ड स्टार्टअप्स और दुनिया के बड़े निवेशक जुटे हैं, जिससे वैश्विक हलचल तेज है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. आसमान से बरसी मौत: जोरहाट एयरबेस पर क्रैश हुआ IAF का विमान, कौन बचा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;असम के जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान वायुसेना का AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। इस खौफनाक हादसे में दो अफसरों समेत IAF के 5 कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल को-पायलट को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इस तबाही की हाई-लेवल जांच शुरू हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. वक्त से पहले चुनाव का साया: क्या पांच राज्यों में पलटने वाली है सत्ता की बाजी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने की अटकलें तेज होने से राजनीतिक गलियारों में भूकंप आ गया है। अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेता महंगाई पर सरकार को घेर रहे हैं, तो वहीं कई राज्यों में भीतर ही भीतर बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. फीफा वर्ल्ड कप का महामुकाबला: क्या मोरक्को के सामने घुटने टेकेगा हैवीवेट ब्राजील?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फुटबॉल का बुखार चरम पर पहुंच गया है क्योंकि न्यू जर्सी स्टेडियम में आज ब्राजील अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत मोरक्को के खिलाफ करने जा रहा है। कतर और स्विट्जरलैंड के शुरुआती मैचों के बाद दुनिया भर के फैंस अपनी स्क्रीन से चिपके हैं और कोपाकबाना बीच पर जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. दिल्ली में राजनयिक हड़कंप: तीन नाविकों की मौत पर भारत ने US दूत को क्यों घेरा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समुद्री टैंकरों पर तीन दिनों के भीतर हुए दूसरे घातक सैन्य हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद नई दिल्ली में तनाव चरम पर है। भारत ने अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को ऑफिशियली तलब कर कड़ा रुख अपनाया है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी इन हमलों की निंदा की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. क्या आपका खून किसी की आखिरी उम्मीद है? WHO का यह संदेश उड़ा देगा होश!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&quot;इंसानियत की एक बूंद। खून दो। जानें बचाओ&quot; थीम के साथ आज पूरी दुनिया में वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जा रहा है। इसका मकसद मुफ्त रक्तदान करने वालों का आभार जताने के साथ-साथ अमीर देशों और गरीब इलाकों के बीच सुरक्षित खून की उपलब्धता में बढ़ते खौफनाक अंतर को उजागर करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. अमेरिका की डिजिटल नाकेबंदी: 'सॉवरेन AI' के जरिए भारत कैसे देगा मुंहतोड़ जवाब?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका द्वारा एंथ्रोपिक के फैबल 5 और मिथोस 5 जैसे एडवांस्ड मॉडल्स तक वैश्विक पहुंच रोकने के बाद भारतीय टेक एक्सपर्ट्स ने मोर्चा खोल दिया है। देश को डिजिटल गुलामी और विदेशी निर्भरता से बचाने के लिए भारत के दिग्गजों ने अब खुद का &quot;सॉवरेन AI&quot; इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर जोर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. बारिश का रोमांच और गिल का तूफान: अफगानिस्तान के मुंह से कैसे छीनी जीत?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कप्तान शुभमन गिल की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने बारिश से प्रभावित पहले वनडे मैच में अफगानिस्तान को धूल चटा दी। इस धमाकेदार जीत ने भारतीय टीम को एक नया मोमेंटम दे दिया है, खासकर तब जब कड़े वैश्विक शेड्यूल के बीच टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के वर्कलोड को संभालने में जुटा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. गिनीज रिकॉर्ड की गुप्त तैयारी: आयुष मंत्रालय का यह कदम दुनिया को कैसे चौंकाएगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज आयुष मंत्रालय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के इरादे से एक बेहद विशाल और ऐतिहासिक योग कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों और राज्य अधिकारियों की अगुवाई में हो रहे इस इवेंट के लिए देश भर में बड़े पैमाने पर पब्लिक रजिस्ट्रेशन ने सबको हैरान कर दिया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[व्हाइट हाउस की मुहर! फ्रांस के बंद कमरे में मिलेंगे PM मोदी और ट्रंप, क्या है असली एजेंडा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/modi-trump-g7-france-meeting-india-us-relations-trade-security-h1b-energy-diplomacy-2026-news/articleshow-syvi7rg</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 21:01:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;PM मोदी-ट्रंप G7 फ्रांस बैठक तय, क्या नया भू-राजनीतिक समीकरण बनेगा? भारत-अमेरिका तनाव के बीच बातचीत, क्या व्यापार और वीज़ा नीतियों में बड़ा बदलाव होगा? पश्चिम एशिया व जहाज़ हमलों के विवाद से क्या रिश्तों में और खटास आएगी? क्या यह मुलाकात भारत की रणनीतिक कूटनीति की दिशा बदल सकती है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv0sbgjyd0k8hhee9dy3aay8,imgname-modi-trump-g7-france-meeting-india-us-relations-trade-security-h1b-energy-diplomacy-2026-news-1781364277854.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; वैश्विक राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्रांस में एक बेहद गोपनीय और संवेदनशील मुलाकात होने जा रही है। पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के एक हफ्ते के ऐतिहासिक दौरे पर रवाना हो चुके हैं। लेकिन, इस रवानगी के पीछे छिपी है एक ऐसी कूटनीतिक बिसात, जिसने पूरी दुनिया के रक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने साफ कहा, &quot;भारत की रणनीतिक सोच में फ्रांस का एक खास स्थान है।&quot; भारत फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन के राफेल लड़ाकू विमान का एक बड़ा ग्राहक है, ऐसे में इस बयान के कई गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सस्पेंस: 17 जून की वो तारीख और बंद कमरे की खुफिया बैठक!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पर्दे के पीछे की कहानी यह है कि 17 जून को फ्रांस में होने जा रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप एक बंद कमरे में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के रिश्ते एक बेहद संवेदनशील और उतार-चढ़ाव वाले दौर से गुजर रहे हैं। कूटनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि इस बैठक का एजेंडा जितना सामान्य दिख रहा है, अंदरूनी कहानी उतनी ही उलझी हुई है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा सहयोग, H-1B वीज़ा नीतियां, क्षेत्रीय सुरक्षा और पश्चिम एशिया के बदलते समीकरणों पर ऐसी चर्चा होने वाली है, जो आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;On whether the India- US trade deal will be discussed between US President Donald Trump's meeting with PM Modi at the G7 Summit, senior U.S. officials say, &quot;I think that the potential trade deal will come up. We signed a joint framework agreement earlier this year. We have been&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;खौफनाक सच: समंदर में बहे खून का हिसाब मांगेगा भारत?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस महामुलाकात के पीछे एक गहरा तनाव भी छिपा हुआ है। दरअसल, कुछ ही दिनों पहले ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सैन्य हमलों का एक सिलसिला देखा गया, जिस पर नई दिल्ली ने कड़ा ऐतराज जताया था। पलाऊ के झंडे वाले टैंकर 'MT सेटेबेलो' पर हुए हमले में तीन बेकसूर भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। इस खौफनाक घटना के बाद भारत ने एक हफ्ते के भीतर दो बार अमेरिकी राजनयिक प्रतिनिधि (चार्ज डी'अफेयर्स) को तलब कर अपनी तीखी नाराजगी जाहिर की थी। क्या मोदी इस मुलाकात में ट्रंप के सामने सीधे तौर पर अपने नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाकर वाशिंगटन को बैकफुट पर लाएंगे? यह सवाल इस वक्त सबसे बड़ा सस्पेंस बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बिजनेस वॉर: ट्रेड और वीज़ा के खेल में कौन मारेगा बाजी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर खींचतान जारी है। भारत अपने कई तरह के एक्सपोर्ट पर अमेरिकी टैरिफ से बड़ी राहत चाहता है, जबकि वाशिंगटन भारतीय बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ाने और लेबर इश्यूज को लेकर अड़ा हुआ है। इसके साथ ही, अमेरिका में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रोफेशनल्स की किस्मत का फैसला करने वाले H-1B वीज़ा पर भी आर-पार की बातचीत होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ऑयल क्राइसिस: पश्चिम एशिया की जंग और होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खतरा!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह बैठक तब हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल से चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाने की गुप्त बातचीत चल रही है। प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के भविष्य को लेकर दोनों देशों में ठनी हुई है। चूंकि दुनिया भर के शिपिंग बेड़े में 3 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक तैनात हैं, इसलिए इस रूट की सुरक्षा भारत की सबसे बड़ी चिंता है। ग्लोबल ऑयल मार्केट में मचे इस हाहाकार के बीच मोदी और ट्रंप की ये बातचीत कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर कर सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इतिहास: स्लोवाकिया में 1993 के बाद पहली बार मचेगा तहलका!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 समिट में पीएम मोदी की यह लगातार सातवीं उपस्थिति है, जो भारत को 'ग्लोबल साउथ' का बेताज बादशाह बनाती है। लेकिन इस दौरे का सबसे गुप्त और ऐतिहासिक हिस्सा स्लोवाकिया की यात्रा है। स्लोवाकिया में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव के मुताबिक, 1993 में आजादी मिलने के बाद से आज तक कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया नहीं गया है। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय पीएम वहां कदम रखेगा। अब देखना यह है कि 15 से 17 जून के इस चक्रव्यूह से भारत दुनिया के सामने क्या नया कूटनीतिक चमत्कार दिखाता है!&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[मां टीचर-पिता इंस्पेक्टर, फिर 21 साल के बेटे ने क्यों चुना अपराध का रास्ता? जानिए पूरा सच]]></title>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:36:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;NEET में 2 बार फेल होने के बाद क्या 21 साल का युवक फर्जी ब्रिगेडियर बन गया? क्या मां&ndash;पिता के सपनों के दबाव ने उसे नकली NSG कमांडो और सेना की वर्दी तक पहुंचा दिया? कैसे टाटा हैरियर, झूठी नेमप्लेट और शहीद संग्रहालय का जाल उसे पकड़ने का कारण बना? क्या उसके पास मिला नकली ID, हथियार और चिन्ह किसी बड़े फ्रॉड नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv0kj6q1v5nxz13dcs5r6wmf,imgname-up-shahjahanpur-fake-brigadier-arrest-army-impersonation-case-air-pistol-tata-harrier-news-investigation-1781358205665.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शाहजहांपुर: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक ऐसी सनसनीखेज और फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) में लगातार दो बार फेल होने के बाद, माता-पिता के दबाव और डिप्रेशन के चलते 21 साल के एक युवक ने खुद को भारतीय सेना का 'ब्रिगेडियर' घोषित कर दिया। वह पिछले दो महीने से सेना की वर्दी पहनकर, अपनी कार पर सेना का झंडा लगाकर और साथ में नकली बंदूकधारी कमांडो लेकर सरेआम घूम रहा था। शाहजहांपुर पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने एक खुफिया जाल बिछाकर इस हाई-प्रोफाइल जालसाज को बेनकाब किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;पापा डॉक्टर बनाना चाहते थे, मां अफसर...&quot; एक कबूलनामा जो हैरान कर गया!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पकड़े गए आरोपी की पहचान शाहजहांपुर के रोज़ा इलाके के रहने वाले आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। आर्यन एक बेहद संभ्रांत और पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता अनिल वर्मा बागवानी विभाग में इंस्पेक्टर हैं और मां मनोज देवी एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। कड़ी पूछताछ में रोते हुए आर्यन ने बताया, &ldquo;मेरी मां चाहती थीं कि मैं आर्मी ऑफ़िसर बनूं और पिता मुझे डॉक्टर बनाना चाहते थे। मैं उन्हें निराश नहीं करना चाहता था। इंटर के बाद मैं दिल्ली नीट की तैयारी करने गया, लेकिन दो बार फेल हो गया। परिवार के इसी दबाव को झेलने के लिए मैंने जनवरी में दिल्ली से ब्रिगेडियर की यूनिफॉर्म खरीदी और घर पर झूठ बोल दिया कि मेरा चयन सेना में हो गया है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; BIG! Fake Brigadier Aryan Verma was caught at the Shahjahanpur Military Cantonment in Uttar Pradesh after months on the Army's radar.&amp;nbsp;He allegedly posed as a senior Army officer with two fake NSG commandos.&amp;nbsp;A fake Army ID and dummy pistol were recovered. His unusually&hellip; pic.twitter.com/hBlHA3BQDh&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Megh Updates &trade; (@MeghUpdates) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;टाटा हैरियर, वन-स्टार प्लेट और नकली NSG कमांडो&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;26 मई को जब आर्यन दिल्ली से शाहजहांपुर लौटा, तो उसने अपने पिता की टाटा हैरियर कार पर सेना का झंडा, 'डॉक्टर' और 'आर्मी' लिखवा लिया। उसने अपने तीन मंजिला मकान के बाहर बकायदा 'आर्मी ब्रिगेडियर' की नेमप्लेट भी टांग दी। इतना ही नहीं, उसने अपनी सुरक्षा के लिए दो स्थानीय लड़कों को नौकरी पर रखा और उन्हें नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो की ब्लैक यूनिफॉर्म पहना दी। वह अक्सर सेना के कैंटोनमेंट (छावनी) इलाके में गाड़ी लेकर घूमने लगा। यहीं पर तैनात पूर्व सैनिकों को उसकी कम उम्र और हाव-भाव को देखकर गहरा शक हुआ। पूर्व सैनिकों ने तुरंत इसकी भनक स्टेशन हेडक्वार्टर के कर्नल जेएस जाग्रन को दी। सेना ने उसे पकड़ने के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह रचा कि फर्जी ब्रिगेडियर खुद चलकर जाल में आ फंसा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मुख्य अतिथि बनकर आया 'शिकार', सेना के सवाल सुन उड़ गए होश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सेना के अधिकारी जानते थे कि अगर सीधे कार्रवाई की गई, तो आरोपी सतर्क होकर भाग सकता है। इसलिए उसे पकड़ने के लिए एक अनोखी योजना बनाई गई। आरोपी को जाल में फंसाने के लिए स्थानीय छात्रों को सम्मानित करने के बहाने 'शहीद संग्रहालय' में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया। सम्मान की बात सुनकर आरोपी का हौसला बढ़ गया और वह बिना किसी भनक के सीधे सेना के बनाए जाल में आ फंसा। जैसे ही वह अपने पूरे तामझाम के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों ने उसे और उसके साथियों को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जब रोंगटे खड़े कर देने वाला सस्पेंस खुला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंच पर पहुंचते ही वहां पहले से सादे कपड़ों में मौजूद सेना के असली अधिकारियों ने आर्यन को घेर लिया। अधिकारियों ने उससे सेना के नियमों, उसकी ट्रेनिंग और रेजिमेंट से जुड़े कुछ तकनीकी सवाल पूछने शुरू किए। एक के बाद एक मिलिट्री से जुड़े सवाल सुनकर आर्यन के पैर कांपने लगे, वह बुरी तरह नर्वस हो गया और कोई जवाब नहीं दे पाया। जब कड़ाई से पूछताछ हुई, तो उसने रोते हुए अपना सारा जुर्म उगल दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह कि कोई शक न कर सके&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आरोपी आर्यन वर्मा के साथ काले कपड़ों में मुस्तैद दो बाउंसर चल रहे थे, जो खुद को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के कमांडो बता रहे थे। इतना ही नहीं, उसकी गाड़ी के ड्राइवर के पास से भी भारत सरकार का एक फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ है, ताकि किसी भी चेकिंग के दौरान वह आसानी से बच सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सवालों के घेरे में मकसद: आखिर क्या थी इस नकल की असली वजह?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिरासत में लेने के बाद जब आरोपी और उसकी गाड़ी की तलाशी ली गई, तो सेना को कई आपत्तिजनक सामग्रियां मिलीं। अधिकारियों ने उसके पास से सेना के ब्रिगेडियर रैंक का एक हूबहू दिखने वाला नकली पहचान पत्र (ID Card), एक एयर पिस्टल, एएमसी रेजिमेंटल केन (Regimental Cane) और सेना के कई अन्य उपकरण व आधिकारिक चिन्ह बरामद किए हैं। शुक्रवार देर रात नायब सूबेदार अमित कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर शाहजहांपुर के सदर बाजार पुलिस स्टेशन में आरोपी आर्यन वर्मा और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सेना के प्रतीकों का गलत इस्तेमाल करने की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आर्यन ने इस फर्जी पहचान के जरिए किसी से पैसों की ठगी की थी या सेना की गोपनीय संपत्तियों को कोई नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। फिलहाल, फर्जी ब्रिगेडियर जेल की सलाखों के पीछे है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सिर्फ 7 सेकेंड में 13 राउंड फायरिंग और फिर...चंडीगढ़ में दुस्साहसी मर्डर का खौफनाक VIDEO]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/chandigarh-medical-store-shooting-13-bullets-automatic-weapon-cashier-murder-cctv-targeted-killing-news/articleshow-qekh5v0</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:35:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या चंडीगढ़ सेक्टर-11 में 13 गोलियों की टारगेटेड किलिंग पहले से प्लान थी? कौन थे मास्कधारी हमलावर जो CCTV में दिखे और बाइक से फरार हो गए? क्या ऑटोमैटिक हथियार इस्तेमाल कर कैशियर जानकी दास को खास निशाना बनाया गया? आखिर बिना धमकी के दिन-दहाड़े हुई यह सनसनीखेज हत्या का असली मकसद क्या है?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;चंडीगढ़: &lt;/strong&gt;देश के सबसे सुरक्षित और व्यवस्थित शहरों में शुमार 'द सिटी ब्यूटीफुल' शनिवार की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त और पॉश बाजारों में से एक, सेक्टर 11 के एक मशहूर मेडिकल स्टोर के भीतर घुसकर नकाबपोश हमलावरों ने कैशियर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुस्साहसी वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब बाजार में सैकड़ों लोगों की चहल-पहल थी। हमलावरों ने जिस बेरहमी और सधे हुए अंदाज से इस हत्याकांड को अंजाम दिया है, उसने पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दोपहर के 2:30 बजे... और अचानक गूंज उठीं 13 गोलियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शनिवार दोपहर के करीब 2:30 बज रहे थे। पीजीआईएमईआर (PGIMER) अस्पताल के ठीक पास स्थित सेक्टर 11 का केमिस्ट मार्केट रोजाना की तरह ग्राहकों से गुलजार था। इसी बाजार के एक नामचीन मेडिकल स्टोर में कैशियर जानकी दास (मूल निवासी, रोहड़ू, हिमाचल प्रदेश) काउंटर पर बैठकर अपने रोजमर्रा के हिसाब-किताब में व्यस्त थे। तभी दुकान के बाहर एक मोटरसाइकिल आकर रुकी, जिस पर तीन युवक सवार थे। एक युवक बाइक स्टार्ट कर बाहर ही खड़ा रहा, जबकि अन्य दो युवक तेजी से दुकान के भीतर दाखिल हुए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Chandigarh - In a shocking incident of daylight violence, two masked gunmen opened fire inside Shri Kumar Medicos, a medical store in Sector 11, Chandigarh, critically injuring the chemist. According to preliminary information, the armed duo entered the shop and fired at the&hellip; pic.twitter.com/BKy5aoTIlr&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; NextMinute News (@nextminutenews7) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सीसीटीवी (CCTV) में कैद मौत का लाइव वीडियो: सिर्फ 60 सेकंड का खेल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूरी वारदात दुकान के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका फुटेज रोंगटे खड़े कर देने वाला है। वीडियो में दिख रहा है कि 20-25 साल की उम्र के दो युवक, जिन्होंने चेहरे पर मास्क लगा रखा था, बेहद सामान्य तरीके से दुकान में आते हैं। जैसे ही वे कैशियर जानकी दास के बिल्कुल करीब पहुंचते हैं, दोनों अपने कपड़ों के भीतर से चमचमाते हुए ऑटोमैटिक हथियार निकाल लेते हैं। बिना एक पल गंवाए, एक हमलावर जानकी दास पर प्वाइंट ब्लैंक रेंज से ट्रिगर दबा देता है। दुकान के भीतर ताबड़तोड़ 13 राउंड फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज से पूरी दुकान धुएं और बारूद की गंध से भर गई, और जानकी दास लहूलुहान होकर वहीं काउंटर के पीछे गिर पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;टारगेटेड किलिंग का सस्पेंस: लुटेरे नहीं, वे 'सुपारी किलर' थे!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खौफनाक वारदात के पीछे की क्रोनोलॉजी पुलिस को भी हैरान कर रही है। सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात को लेकर है कि हमलावरों का मकसद लूटपाट कतई नहीं था। दुकान के काउंटर पर लाखों का कैश पड़ा था, लेकिन हमलावरों ने उसे छुआ तक नहीं। वारदात के वक्त दुकान में अन्य कर्मचारी और ग्राहक भी मौजूद थे, लेकिन शूटरों ने किसी दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचाया। उनका इकलौता टारगेट सिर्फ और सिर्फ जानकी दास थे। इस बात ने साफ कर दिया है कि यह एक सोची-समझी 'टारगेटेड किलिंग' (खास मकसद से की गई हत्या) का मामला है। हालांकि, दुकान के मालिक ने पुलिस को बताया है कि घटना से पहले उन्हें या उनके स्टाफ को किसी भी तरह की फिरौती या धमकी की कॉल नहीं मिली थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;चंडीगढ़ पुलिस का चक्रव्यूह: क्या पकड़े जाएंगे नकाबपोश शिकारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वारदात को अंजाम देने के ठीक बाद दोनों शूटर हवा में हथियार लहराते हुए बाहर दौड़े और पहले से स्टार्ट खड़ी मोटरसाइकिल पर अपने तीसरे साथी के साथ बैठकर पलक झपकते ही भीड़भाड़ वाले बाजार से रफूचक्कर हो गए। सरेआम हुई इस हत्या से पूरे सेक्टर 11 बाजार में हड़कंप मच गया और व्यापारियों ने डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दीं। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खाली खोल बरामद किए हैं। हमलावरों की पहचान और उनकी बाइक का रूट ट्रैक करने के लिए पूरे शहर के नाकों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। आखिर हिमाचल के रहने वाले एक सीधे-साधे कैशियर से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती थी? इस खूनी रहस्य से पर्दा उठना अभी बाकी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[8वें वेतन आयोग पर बड़ा धमाका! शिक्षकों की सैलरी और पेंशन में होने जा रहा है ये बड़ा बदलाव?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/8th-pay-commission-teachers-pension-ops-salary-hike-jammu-kashmir-demands-fitment-factor-update-news/articleshow-upopnc7</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 17:00:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;OPS vs NPS: OPS बहाली की मांग फिर क्यों तेज? क्या NPS से रिटायरमेंट सुरक्षा कमजोर हो रही है? 2009 बैच को कम वेतन क्यों मिल रहा है-क्या यह वेतन असमानता नहीं है? मेडिकल भत्ता ₹300 से ₹2000 और शिक्षा भत्ता ₹5000 तक बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी? हर 5 साल पेंशन संशोधन और बेहतर फिटमेंट फैक्टर क्या अब जरूरी सुधार बन चुके हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv0bwdcmnnr4vz066qyn8en6,imgname-8th-pay-commission-teachers-pension-ops-salary-hike-jammu-kashmir-demands-fitment-factor-update-news-1781350151572.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;श्रीनगर/जम्मू:&lt;/strong&gt; देश में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी सिफारिशों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। इसी बीच, जम्मू-कश्मीर से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार और वेतन आयोग के सामने एक बड़ा मांग पत्र सौंप दिया है। जम्मू-कश्मीर जनरल लाइन टीचर्स फोरम (JKGLTF) ने ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉई फेडरेशन (AINPSEF) के साथ मिलकर वेतन संरचना, भत्तों और पेंशन नीति में आमूल-चूल बदलाव की वकालत की है। वर्षों से अनसुलझी इन चिंताओं को लेकर शिक्षकों का साफ कहना है कि अब और इंतजार मुमकिन नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;OPS की वापसी या नई पेंशन की गारंटी? सबसे बड़ा टकराव यहीं से शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिक्षकों की सबसे बड़ी और विवादित मांग नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की है। फोरम ने नीति निर्माताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों का भविष्य असुरक्षित है। शिक्षक संघ का तर्क है कि वे बाजार के जोखिमों पर निर्भर रहने के बजाय एक गारंटीकृत पेंशन व्यवस्था चाहते हैं जो उनके बुढ़ापे को आर्थिक सुरक्षा दे सके। इसके साथ ही, नेशनल काउंसिल-Joint Consultative Machinery (NC-JCM) ने भी मांग उठाई है कि हर पांच साल में नियमित पेंशन संशोधन होना चाहिए और पारिवारिक पेंशन को 30% से बढ़ाकर अधिक किया जाए, ताकि पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद आश्रितों को आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वेतन का खेल: जब जूनियर की सैलरी सीनियर से ज्यादा हो गई!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मांग पत्र में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मुद्दा वेतन विसंगति (Salary Disparity) का उठाया गया है। फोरम के अनुसार, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग और प्रमोशन के पेचीदा नियमों के कारण एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है। साल 2009 में नियुक्त हुए अनुभवी जनरल लाइन शिक्षकों को वर्तमान में कम सर्विस वाले अपने जूनियर कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है। इस आर्थिक नुकसान और अपमान को ठीक करने के लिए शिक्षकों ने पिछले समय से लागू होने वाले लाभों (Retrospective Benefits) के साथ एकमुश्त सुधार प्रणाली की मांग की है। इसके अतिरिक्त, 2019 बैच के योग्य शिक्षकों के लिए दो नोशनल इंक्रीमेंट देने की सिफारिश भी की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भत्तों में 6 गुना तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव: क्या मानेगी सरकार?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिक्षकों ने अपनी मांगों में महंगाई और जीवन-यापन के बढ़ते खर्चों का हवाला देते हुए भत्तों में भारी बदलाव का प्रस्ताव रखा है:&lt;/p&gt;&lt;table&gt; &lt;tbody&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;भत्ता प्रकार&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;वर्तमान राशि (प्रती माह)&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;&lt;strong&gt;प्रस्तावित राशि (प्रति माह)&lt;/strong&gt;&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;मेडिकल भत्ता (Medical Allowance)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹300&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹2,000&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt;  &lt;tr&gt;   &lt;td&gt;बच्चों का शिक्षा भत्ता (CEA)&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹2,813&lt;/td&gt;   &lt;td&gt;₹5,000 (प्रति बच्चा)&lt;/td&gt;  &lt;/tr&gt; &lt;/tbody&gt;&lt;/table&gt;&lt;p&gt;शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में मिल रहा 300 रुपये का मेडिकल भत्ता आज के समय में इलाज के खर्चों के सामने एक भद्दा मजाक है। वहीं, बच्चों की पढ़ाई का असल खर्च मौजूदा भत्ते से कहीं अधिक है। इसके अलावा, नॉन-फंक्शनल प्रमोशन के लिए इंतजार की अवधि को 9 साल से घटाकर 5 या 6 साल करने और प्रमोशन के बाद पे लेवल-6A के बजाय सीधे पे लेवल-7 (ग्रेड पे 4600) देने की मांग की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष चक्रव्यूह और समानता की जंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घाटी और जम्मू के दुर्गम भौगोलिक, कठिन मौसमी और चुनौतीपूर्ण सामाजिक-आर्थिक हालातों का हवाला देते हुए फोरम ने मांग की है कि दिल्ली या अन्य केंद्र शासित प्रदेशों की तर्ज पर यहां के शिक्षकों को भी पूरी समानता और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, दिव्यांग कर्मचारियों (PwDs) के लिए विशेष रियायतों की मांग की गई है। दिव्यांगता और ट्रांसपोर्ट भत्ते को बढ़ाने, अतिरिक्त छुट्टियों के प्रावधान, विशेष टैक्स छूट और पक्के रिटायरमेंट लाभों को मजबूत करने की अपील की गई है ताकि उन्हें स्वास्थ्य देखभाल और सहायक तकनीकों के अतिरिक्त खर्चों से राहत मिल सके। अब देखना यह है कि 8वां वेतन आयोग इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म! नितिन गडकरी का वो सीक्रेट प्लान जो पूरी दुनिया को चौंका देगा!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-flex-fuel-vehicles-100-percent-ethanol-cars-nitin-gadkari-auto-industry-launch/articleshow-dk5zu39</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 16:15:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या 12 कंपनियों के 100% इथेनॉल वाहन भारत में पेट्रोल-डीजल का युग खत्म कर देंगे? क्या नितिन गडकरी का फ्लेक्स-फ्यूल प्लान देश को तेल आयात पर निर्भरता से मुक्त बना पाएगा? क्या इथेनॉल की बढ़ती मांग किसानों की आय बढ़ाएगी या खाद्य सुरक्षा पर नया संकट खड़ा करेगी? क्या देश का फ्यूल नेटवर्क 100% इथेनॉल वाहनों के लिए तैयार है, या सामने आएंगी बड़ी चुनौतियां?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv09az5kxbr6zdy9krd5j1pq,imgname-india-flex-fuel-vehicles-100-percent-ethanol-cars-nitin-gadkari-auto-industry-launch-1781347482803.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश को महंगे और प्रदूषण फैलाने वाले कच्चे तेल के आयात से मुक्ति दिलाने के लिए मोदी सरकार ने 'फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी' की तरफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठा दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया है कि मारुति सुजुकी, टाटा, महिंद्रा और टोयोटा समेत देश की 12 बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां बहुत जल्द 100% इथेनॉल (E100) से चलने वाले वाहनों को बड़े पैमाने पर बाजार में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही गडकरी ने साफ शब्दों में कहा, &quot;अब हमको पेट्रोल का चेहरा ही नहीं देखना है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इथेनॉल पर इतना बड़ा दांव क्यों?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत हर साल करोड़ों डॉलर का कच्चा तेल आयात करता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ता है और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन न केवल विदेशी मुद्रा बचाएगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करेगा। गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला इथेनॉल अब सिर्फ मिश्रित ईंधन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी तरह वाहन चलाने का माध्यम बन सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'अन्नदाता' अब बनेगा 'ईंधनदाता': किसानों के लिए सुनहरा मौका या नई चुनौती?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नितिन गडकरी ने इस नए विजन को देश के सामने रखते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 87 प्रतिशत पेट्रोल-डीजल और गैस दूसरे देशों से आयात करता है। इससे न केवल देश का लाखों-करोड़ रुपया बाहर जाता है, बल्कि हमारे शहरों में प्रदूषण का ग्राफ भी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। गडकरी ने कहा, &quot;हमने अपने किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता और अब 'ईंधनदाता' बना दिया है।&quot; गन्ने, मक्के और चावल के भूसे (बायोमास) से बनने वाला इथेनॉल अब सीधे गाड़ियों के इंजन को रफ्तार देगा, जिससे देश का पैसा देश के किसानों की जेब में जाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक अभूतपूर्व उछाल आएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मारुति और हीरो ने चली पहली चाल, शुरू हुआ 'फ्लेक्स-फ्यूल' का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस महा-अभियान की धमाकेदार शुरुआत भी हो चुकी है। हाल ही में राजधानी दिल्ली में आयोजित 'इंडिया गोज़ फ्लेक्स' इवेंट के दौरान मारुति सुजुकी ने देश की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार, WagonR Flex-Fuel को खुद नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में अनवील किया। यह कार E20 से लेकर शुद्ध 100% इथेनॉल (E100) पर आसानी से दौड़ सकती है। सिर्फ कारें ही नहीं, दोपहिया वाहनों की दुनिया में भी क्रांति आ चुकी है। हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी सबसे लोकप्रिय बाइक्स Splendor+ और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट्स से पर्दा उठा दिया है, जो इसी साल जुलाई से दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनिंदा इलाकों में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या बंद होने वाले हैं देश के पेट्रोल पंप? जानिए क्या है सरकार का मास्टरप्लान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कच्चे तेल पर निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने के लिए सरकार सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि ईंधन का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर (Ecosystem) बदलने जा रही है। सरकार के इस कदम से सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात को लेकर है कि क्या पारंपरिक पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे? केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकार देश के प्रमुख शहरों में 100% इथेनॉल के विशेष फ्यूल स्टेशन स्थापित कर रही है। देश में इथेनॉल स्टेशनों की संख्या को जल्द ही 500 और आने वाले सालों में बढ़ाकर 5,000 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। ह्यूंदै ने भी अपनी सबसे लोकप्रिय एसयूवी 'क्रेटा' का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश कर दिया है, जो आने वाले समय में सड़कों पर राज करने को तैयार है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;₹1.44 लाख करोड़ की महा-बचत और प्रदूषण मुक्त भारत का सपना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गडकरी के इस आक्रामक रुख और ऑटोमोबाइल कंपनियों की तैयारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब तेल के लिए खाड़ी देशों (Middle East) और वैश्विक तनावों पर निर्भर नहीं रहेगा। यदि देश में बिकने वाले नए दोपहिया और चार पहिया वाहनों में से 50% भी फ्लेक्स-फ्यूल पर शिफ्ट हो जाते हैं, तो इससे भारत को ₹1.44 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की सीधी बचत होगी। इसके अलावा, इथेनॉल के जलने पर कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश को प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी। गडकरी ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत ऊर्जा आयात करने वाले देश से बदलकर दुनिया का सबसे बड़ा 'ऊर्जा निर्यातक' देश बन जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर गडकरी का अंतिम लक्ष्य क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गडकरी लंबे समय से वैकल्पिक ईंधनों के पक्षधर रहे हैं। उनका मानना है कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। 100% इथेनॉल वाहनों की योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 12 कंपनियों के वाहनों के लॉन्च की घोषणा ने उत्साह तो बढ़ा दिया है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब ये वाहन आम सड़कों पर उतरेंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Jorhat AN-32 Crash: कौन हैं देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पांच वीर सपूत?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/assam-iaf-an32-plane-crash-jorhat-five-air-warriors-killed-agniveervayu-martyrs/articleshow-drbw0gt</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:37:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या रूटीन उड़ान के दौरान AN-32 में ऐसा क्या हुआ कि 5 एयर वॉरियर्स शहीद हो गए? क्या हादसे के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई और चौंकाने वाली वजह छिपी है? स्क्वाड्रन लीडर समेत 2 अग्निवीरवायु और 3 जवानों की जान क्यों नहीं बच सकी? क्या कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी इस रहस्यमयी जोरहाट IAF प्लेन क्रैश का पूरा सच सामने ला पाएगी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv07633nrd6m1vdej498hzxe,imgname-assam-iaf-an32-plane-crash-jorhat-five-air-warriors-killed-agniveervayu-martyrs-1781345225845.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जोरहाट (असम): &lt;/strong&gt;असम का आसमान एक बार फिर देश के जांबाज सैनिकों के खून से लाल हो गया। जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर एक रूटीन उड़ान के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) का AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में वायु सेना के पांच एयर वॉरियर्स ने देश की सेवा करते हुए अपनी ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दे दिया। इस हादसे ने न सिर्फ रक्षा गलियारों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पहली बार किसी बड़े विमान हादसे में 'अग्निवीरवायु' के शहीद होने से पूरे देश की आंखें नम हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Concern mounts as IAF AN-32 aircraft meets with an accident in Jorhat, Assam.The transport plane was involved in an incident today. Rescue and search operations are underway. More details awaited.Prayers for the safety of all personnel on board.@IAF_MCC is monitoring the&hellip; pic.twitter.com/Xb6xXWCa4K&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; GarudEyeIntel | OSINT  (@GarudEyeIntel) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुबह 10 बजे का वो मनहूस पल&hellip;जब रडार से गायब हुआ 'सैनिक'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुक्रवार की सुबह जोरहाट एयरबेस पर सब कुछ सामान्य था। सुबह के करीब 10 बज रहे थे जब सोवियत काल के इस भरोसेमंद कार्गो विमान AN-32 ने एक रूटीन उड़ान के लिए रनवे छोड़ा। लेकिन टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद, अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने विमान के भीतर मौजूद क्रू मेंबर्स के होश उड़ा दिए। देखते ही देखते विमान का संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया और वह जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन के परिसर के पास ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आसमान में उठते काले धुएं और मलबे से आ रही चीखों ने यह साफ कर दिया कि उत्तर-पूर्व के इस रणनीतिक एयरबेस पर एक बड़ा और खौफनाक हादसा हो चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कौन हैं देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पांच वीर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वायु सेना ने बेहद भारी मन से इस हादसे में शहीद हुए अपने पांच जांबाज एयर वॉरियर्स के नामों की पुष्टि की है। इस विमान को उड़ाने और संभालने की जिम्मेदारी वायु सेना के बेहद अनुभवी और युवा कंधों पर थी। शहीदों में शामिल हैं:&lt;/p&gt;&lt;ol&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह:&lt;/strong&gt; विमान की कमान संभाल रहे अनुभवी अधिकारी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;फ़्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार: &lt;/strong&gt;देश के आसमान की रक्षा में तैनात युवा और होनहार पायलट।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;सार्जेंट जितेंद्र शर्मा: &lt;/strong&gt;तकनीकी रूप से दक्ष और समर्पित एयर वॉरियर।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत:&lt;/strong&gt; नई पीढ़ी के वो वीर जो देश सेवा के जज्बे के साथ सेना में शामिल हुए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अग्निवीरवायु दानिश आलम:&lt;/strong&gt; मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले जांबाज।&lt;/li&gt;&lt;/ol&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The Indian Air Force deeply regrets the loss of five personnel in the An-32 accident at Jorhat, Assam.Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma, Agniveervayu Khemaram Kumawat and Agniveervayu Danish Alam made the supreme sacrifice in the line of duty.&hellip; pic.twitter.com/9SmOjtS5mU&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Indian Air Force (@IAF_MCC) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक बयान में गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, &quot;देश की सेवा करते हुए इन पांच एयर वॉरियर्स ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है। वायु सेना इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख जताती है और दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्रैश साइट पर 'सीक्रेट ऑपरेशन' और अटकलों का बाजार गर्म&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके को सेना ने अपने घेरे में ले लिया है। क्रैश साइट मैनेजमेंट ऑपरेशन और शुरुआती तकनीकी जांच युद्धस्तर पर जारी है ताकि मलबे के हर एक हिस्से से सच को खंगाला जा सके। हालांकि, हादसे की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है, जिसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच वायु सेना ने सख्त हिदायत जारी करते हुए कहा है, &quot;IAF सभी से अनुरोध करती है कि जब तक जांच के शुरुआती नतीजे सामने नहीं आ जाते, तब तक किसी भी तरह की अटकलें या कयास न लगाएं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या तकनीकी खराबी थी या कुछ और? जांच शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह हादसा कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है। रोरियाह/राउरिया एयर फ़ोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर में भारतीय वायु सेना का सबसे अहम ठिकाना माना जाता है, जो असम और चीन सीमा से लगे क्षेत्रों में सैन्य अभियानों और लॉजिस्टिक्स की रीढ़ है। लेकिन पिछले कुछ समय में इस इलाके में हुए बैक-टू-बैक विमान हादसों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। आखिर उड़ान के दौरान अचानक ऐसा क्या हुआ कि इन पांच जांबाज जांबाजों को संभलने का एक मौका तक नहीं मिला? जांच आगे बढ़ने पर ब्लैक बॉक्स और मलबे की फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही इस खौफनाक हादसे के पीछे छिपे असली रहस्य का पर्दाफाश हो सकेगा। पूरा देश इस समय शहीदों को नमन कर रहा है और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[फिर गई 5 जानें-1986 से अब तक 22 हादसे! जानिए AN-32 क्रैश के पीछे का वो खौफनाक सच?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/iaf-an32-crash-jorhat-air-base-five-airmen-killed-court-of-inquiry-ordered/articleshow-4z3zifm</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 15:05:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या लैंडिंग से ठीक पहले AN-32 में कोई रहस्यमय तकनीकी खराबी हुई थी, जिसने 5 IAF जवानों की जान ले ली? प्रत्यक्षदर्शी ने धमाके से पहले काला धुआं क्यों देखा, क्या विमान पहले से संकट में था? 1986 से AN-32 के 22 से अधिक हादसों के बावजूद, क्या यह विमान अब भी सुरक्षित माना जा सकता है? सुखोई-30MKI हादसे के कुछ महीनों बाद ही दूसरा बड़ा क्रैश क्यों हुआ?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv055vmcv24zecx4664j15ha,imgname-iaf-an32-crash-jorhat-air-base-five-airmen-killed-court-of-inquiry-ordered-1781343121035.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जोरहाट (असम): &lt;/strong&gt;शनिवार की दोपहर पूर्वोत्तर का आसमान एक बार फिर सैन्य विमान के मलबे और धुएं के गुबार से काला हो गया। असम के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील जोरहाट स्थित राउरिया एयर फ़ोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट लैंडिंग के वक्त भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में वायु सेना के 5 जांबाज जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विमान के को-पायलट चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गए हैं। यह हादसा उस वक्त हुआ जब विमान अपनी उड़ान पूरी कर रनवे को छूने ही वाला था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अरुणाचल से लौट रहा था विमान, फिर अचानक क्यों टूटा संपर्क?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम मोर्चे से उड़ान भरकर आया यह AN-32 विमान ऊपरी असम के इस महत्वपूर्ण एयर बेस पर उतरने की तैयारी कर रहा था। सब कुछ तय प्रोटोकॉल के मुताबिक था, लेकिन पहिए जमीन पर टिकते, उससे पहले ही मौत ने विमान को घेर लिया। एयर बेस की बाउंड्री वॉल के ठीक पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया, &quot;मैंने खिड़की से देखा कि विमान का पिछला हिस्सा (टेल सेक्शन) अजीब तरह से हवा में स्थिर था और उससे घना काला धुआं निकल रहा था। मैं डरकर उस जगह से दूर भागने ही लगा कि अचानक एक ऐसा गगनभेदी धमाका हुआ जिससे मेरी धरती हिल गई।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Concern mounts as IAF AN-32 aircraft meets with an accident in Jorhat, Assam.The transport plane was involved in an incident today. Rescue and search operations are underway. More details awaited.Prayers for the safety of all personnel on board.@IAF_MCC is monitoring the&hellip; pic.twitter.com/Xb6xXWCa4K&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; GarudEyeIntel | OSINT  (@GarudEyeIntel) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जीवन और मौत से जंग लड़ रहा को-पायलट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धमाके की गूंज सुनते ही राउरिया एयर फ़ोर्स स्टेशन के भीतर खतरे के सायरन बज उठे। वायु सेना की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें, दमकल की गाड़ियां और सैन्य डॉक्टर तुरंत मलबे की तरफ दौड़े। चारों तरफ विमान के परखच्चे बिखरे थे और आग की लपटें उठ रही थीं। रेस्क्यू टीम ने बेहद बहादुरी से काम करते हुए गंभीर रूप से घायल को-पायलट को मलबे से बाहर निकाला, जिन्हें तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। हालांकि, अन्य 5 जवानों को बचाया नहीं जा सका। वायु सेना ने दुखद पुष्टि करते हुए कहा कि लैंडिंग के दौरान हुए इस क्रैश में हमारे पांच बहादुर जवानों की जान चली गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;❗Five IAF Personnel Killed In AN-32 Crash At Jorhat, Air Force Names Fallen CrewThe Indian Air Force said Sqn Ldr Prashant Singh, Flt Lt Shubham Kumar, Sgt Jitendra Sharma and Agniveervayus Khemaram Kumawat and Danish Alam made the &ldquo;supreme sacrifice&rdquo; in the line of duty.The&hellip; https://t.co/ESQmZ5rlFt pic.twitter.com/LPEcSPOm6Z&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; RT_India (@RT_India_news) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;प्रत्यक्षदर्शी का दावा: 'पहले धुआं दिखा, फिर धरती हिला देने वाला धमाका'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एयर फ़ोर्स स्टेशन की सीमा दीवार के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने भयावह दृश्य का वर्णन करते हुए बताया कि उसने विमान का पिछला हिस्सा और आसमान में उठता घना काला धुआं देखा था। उसने कहा, &ldquo;विमान कुछ असामान्य लग रहा था। जैसे ही मैं उस दिशा से हटने लगा, एक जबरदस्त धमाका हुआ। धमाके की आवाज़ इतनी तेज थी कि पूरा इलाका कांप उठा।&rdquo; इस बयान ने हादसे को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विमान में हवा में ही कोई गंभीर खराबी आ गई थी? या फिर लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो गया?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जांच शुरू, कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी करेगी असली वजह का खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय वायु सेना ने हादसे के तुरंत बाद 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम फ्लाइट डेटा, तकनीकी रिकॉर्ड, मौसम संबंधी जानकारी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के संवादों की जांच करेगी। वायु सेना का लक्ष्य यह पता लगाना है कि आखिर दुर्घटना की जड़ क्या थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर क्यों बार-बार 'उड़ता ताबूत' साबित हो रहा है AN-32?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खौफनाक हादसे ने एक बार फिर भारतीय वायु सेना के इस सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले विमान के सुरक्षा रिकॉर्ड पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 1986 से लेकर अब तक भारत में AN-32 विमानों के साथ करीब 22 क्रैश की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें सबसे हालिया हादसा पिछले ही साल यानी 2025 में दर्ज किया गया था। इस डरावने इतिहास के बावजूद, देश के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में लॉजिस्टिक्स, रसद और ऑपरेशनल मिशनों को अंजाम देने के लिए यह एयरक्राफ्ट आज भी वायु सेना की रीढ़ बना हुआ है। लेकिन बार-बार होते ये हादसे अब किसी गहरी तकनीकी या रखरखाव की खामी की ओर इशारा कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुखोई के बाद अब AN-32; आसमान में गहराता जा रहा है रहस्य!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रक्षा गलियारों में इस बात को लेकर गहरी चिंता और सस्पेंस है कि आखिर जोरहाट के आसमान में ऐसा क्या है जो कुछ ही महीनों के भीतर दो बड़े हादसे हो गए? याद दिला दें कि कुछ महीने पहले ही इसी जोरहाट एयर बेस से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग ज़िले के बोकाजन सब-डिविजन में स्थित इंगलोंग एकोपी पहाड़ी पर IAF का एक अत्याधुनिक सुखोई-30MKI फाइटर जेट भी रूटीन ट्रेनिंग के दौरान क्रैश हो गया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल पूरे देश की निगाहें कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह महज एक तकनीकी विफलता थी, या इसके पीछे कोई और गहरी वजह छिपी है? पांच जवानों की शहादत ने इस सवाल को और गंभीर बना दिया है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, जोरहाट एयर बेस पर हुआ यह हादसा कई अनसुलझे रहस्यों और सवालों के साथ चर्चा का केंद्र बना रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[क्या साइबर वॉर के खौफ में है अमेरिका? रातों-रात भारतीयों के लिए बंद हुआ एडवांस्ड AI!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-ban-anthropic-claude-fable-5-mythos-5-foreign-users-india-ai-access-restrictions/articleshow-wa28i26</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 14:20:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या US ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर पहली बार AI सॉफ्टवेयर पर वैश्विक रोक लगाकर नई AI जंग छेड़ दी है? क्या Anthropic के Claude Fable 5 और Mythos 5 सचमुच साइबर हमलों का हथियार बन सकते थे, या यह सिर्फ एक आशंका है? क्या भारतीय यूजर्स के लिए अचानक AI एक्सेस बंद होना भविष्य के बड़े टेक प्रतिबंधों की चेतावनी है? &amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kv02s6g6ggp4e43smvb7b8zw,imgname-us-ban-anthropic-claude-fable-5-mythos-5-foreign-users-india-ai-access-restrictions-1781340609030.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US AI Export Control: &lt;/strong&gt;आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिकी (US) सरकार ने एक बेहद सख्त और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए AI स्टार्टअप Anthropic को आदेश दिया है कि वह भारतीयों समेत दुनिया के सभी विदेशी नागरिकों के लिए अपने सबसे शक्तिशाली और अत्याधुनिक AI मॉडल्स-Claude Fable 5 और Mythos 5 का एक्सेस तुरंत ब्लॉक करे। 12 जून को जारी इस एक्सपोर्ट-कंट्रोल आदेश के बाद Anthropic को वैश्विक स्तर पर इन मॉडल्स को अचानक बंद करना पड़ा है। इस फैसले ने पूरी दुनिया के टेक कॉरिडोर में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि यह इतिहास में पहली बार है जब किसी सरकार ने हार्डवेयर के बजाय सीधे AI सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर 'डिजिटल पाबंदी' लगाई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात को आया आदेश&hellip;और अचानक बंद हो गए दुनिया के सबसे शक्तिशाली दिमाग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पाबंदी कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह नियम तब भी लागू होता है जब कोई विदेशी नागरिक अमेरिका की धरती के अंदर मौजूद हो। इसमें Anthropic कंपनी के खुद के विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं। आदेश मिलते ही कंपनी ने Fable 5 और Mythos 5 को पूरी तरह ऑफलाइन कर दिया। Anthropic ने एक आधिकारिक बयान में कहा, &quot;इस आदेश का नतीजा यह है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए हमें अपने सभी ग्राहकों के लिए Fable 5 और Mythos 5 को तुरंत बंद करना होगा।&quot; हालांकि कंपनी के अन्य पुराने मॉडल्स काम करते रहेंगे, लेकिन सबसे एडवांस्ड तकनीक पर अचानक लगे इस ताले ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ANTHROPIC SUSPENDS GLOBAL ACCESS TO MYTHOS FABLE 5 The US government just ordered Anthropic to suspend foreign access to Mythos Fable 5 AI model, citing national security concerns.Anthropic has now disabled access for all users worldwide. pic.twitter.com/YatIRsGaUM&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; CryptoGoos (@cryptogoos) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर 'Fable 5' और 'Mythos' में ऐसा क्या है, जिससे खौफ में आ गया वॉशिंगटन?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिरकार रातों-रात अमेरिकी सरकार को इतना बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा? अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे 'साइबर वॉर' और राष्ट्रीय सुरक्षा का एक बेहद खौफनाक डर छिपा है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) को डर है कि Fable 5 के सुरक्षा घेरे (Safety Guardrails) में एक ऐसा 'जेलब्रेक' या लूपहोल मौजूद है, जिसके जरिए इसके भीतर छिपी 'Mythos' की महा-शक्तिशाली साइबर-सुरक्षा क्षमताओं का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;द वॉल स्ट्रीट जर्नल की चौंकाने वाली रिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पाबंदी के पीछे Amazon के रिसर्चर्स की एक बेहद गोपनीय रिसर्च है। इन रिसर्चर्स ने Anthropic के मॉडल को कुछ खास प्रॉम्प्ट्स देकर सॉफ्टवेयर की कई अज्ञात और संवेदनशील कमियों (Vulnerabilities) को उगलवा लिया था। जैसे ही यह रिपोर्ट अमेरिकी सरकार के पास पहुंची, वॉशिंगटन में खतरे के सायरन बज उठे। अधिकारियों को डर है कि अगर यह एडवांस्ड AI किसी दुश्मन देश या हैकर्स के हाथ लग गया, तो इसके जरिए बैंकों, सरकारी प्रणालियों और देश के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) पर विनाशकारी साइबर हमले किए जा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पर्दे के पीछे की जंग: ट्रम्प प्रशासन बनाम $1 ट्रिलियन का AI स्टार्टअप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि, Anthropic इस पाबंदी को पूरी तरह जायज नहीं मानती। कंपनी का दावा है कि उन्होंने लॉन्च से पहले अमेरिकी सरकारी एजेंसियों और UK के AI सेफ्टी इंस्टीट्यूट के साथ हफ्तों तक इसकी टेस्टिंग की थी और कोई 'यूनिवर्सल जेलब्रेक' नहीं मिला था। कंपनी का कहना है कि यह महज एक 'गलतफहमी' है जिसे सुलझाने की कोशिश की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन इस कहानी में एक और गहरा सस्पेंस है। यह आदेश Anthropic और ट्रम्प प्रशासन के बीच महीनों से चल रही अंदरूनी खींचतान का नतीजा माना जा रहा है। रिपोर्ट्स हैं कि इस साल की शुरुआत में Anthropic ने अपने AI मॉडल का इस्तेमाल अमेरिकी सरकार की 'घरेलू निगरानी' (Domestic Surveillance) और 'पूरी तरह से खुद से चलने वाले घातक हथियार सिस्टम' (Autonomous Weapons) के लिए करने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया था। इस इनकार ने पेंटागन और रक्षा अधिकारियों को नाराज कर दिया, जिन्होंने कंपनी को &quot;सप्लाई-चेन रिस्क&quot; तक घोषित कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह प्रतिबंध ठीक उस वक्त आया है जब Anthropic ने गोपनीय रूप से अपने IPO के लिए आवेदन किया है, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर (दुनिया के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप्स में से एक) होने का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;ग्लोबलाइजेशन खत्म हो चुका है!&quot;-भारत के लिए क्यों है चेतावनी की घंटी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस ऐतिहासिक प्रतिबंध ने भारत जैसे देशों के सामने एक बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है, जो आज भी विदेशी टेक्नोलॉजी और सिलिकॉन वैली के भरोसे बैठे हैं। अब तक अमेरिका सिर्फ एडवांस्ड चिप्स और सेमीकंडक्टर (जैसे चीन पर प्रतिबंध) को रोकता था, लेकिन अब उसने सॉफ्टवेयर की 'सप्लाई' को भी एक हथियार बना लिया है। इस घटना पर जोहो (Zoho) के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने भारत को एक बेहद कड़क वेक-अप कॉल (चेतावनी) दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि &quot;ग्लोबलाइजेशन अब खत्म हो चुका है।&quot; भारत अब आंख मूंदकर यह मानकर नहीं चल सकता कि उसे हमेशा दुनिया की सबसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का एक्सेस मिलता रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या यह AI दुनिया का नया टर्निंग पॉइंट है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज Anthropic ने रास्ता रोका है, कल को कोई और कंपनी भी ऐसा कर सकती है। वेम्बू के अनुसार, यह भारत के लिए अपनी 'सॉवरेन (स्वतंत्र) AI' क्षमताएं विकसित करने और घरेलू AI रिसर्च व ओपन-सोर्स मॉडल्स पर युद्धस्तर पर निवेश करने का आखिरी मौका है। आगे का रास्ता बेहद धुंधला है। अगर एडवांस्ड AI मॉडल्स के साथ भी सेमीकंडक्टर जैसा रणनीतिक और भू-राजनीतिक बर्ताव होने लगा, तो जो देश खुद की तकनीक नहीं बना पाएंगे, वे इस नई डिजिटल दुनिया में बहुत पीछे छूट जाएंगे। भारत के लिए अब संभलने का समय आ चुका है। और शायद यही कारण है कि विशेषज्ञ इस फैसले को केवल एक प्रतिबंध नहीं, बल्कि वैश्विक AI रेस का नया अध्याय मान रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[VIDEO में दिखा पालघर का वो भयानक सच, एकतरफा प्यार के जुनून ने बीच सड़क बहाया खून!]]></title>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 13:43:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिन-दहाड़े स्नेहल सावंत पर दरांती से हमला क्यों किया गया, क्या इसके पीछे एकतरफा प्यार है? CCTV में कैद हुई वारदात आरोपी अमोल मुले के बारे में कौन से नए राज खोल सकती है? गंभीर रूप से घायल पीड़िता को निशाना बनाने के पीछे आखिर असली मकसद क्या था? फरार आरोपी कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहेगा, और जांच में कौन से चौंकाने वाले खुलासे होंगे?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पालघर (महाराष्ट्र): &lt;/strong&gt;महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के बोइसर इलाके में दिन-दहाड़े डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में काम करने वाली एक 27 वर्षीय महिला कर्मचारी पर दरांती (हंसिया) से जानलेवा हमला किया गया। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए इस औचक हमले से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। लहूलुहान हालत में तड़प रही महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पूरी वारदात पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज देखकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर हमले से पहले क्या हुआ था?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 29 वर्षीय आरोपी अमोल मुले ने गोल्डन सिनेमा के पास महिला पर हमला किया और घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल स्नेहल सड़क पर गिर पड़ीं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इस हमले के पीछे वजह क्या थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बीच सड़क पर खूनी खेल&hellip;और अचानक थम गईं सांसें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह सनसनीखेज वारदात बोइसर के गोल्डन सिनेमा के पास हुई। 27 वर्षीय पीड़िता, जिसकी पहचान स्नेहल सावंत के रूप में हुई है, कलेक्टर ऑफिस में अपनी ड्यूटी के सिलसिले में या सामान्य काम से वहां से गुजर रही थीं। तभी अचानक 29 वर्षीय आरोपी अमोल मुले हाथ में तेज धारदार दरांती लेकर उसके सामने आ धमका। इससे पहले कि स्नेहल कुछ समझ पातीं या वहां मौजूद लोग बीच-बचाव करते, अमोल ने ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। दरांती के गहरे जख्मों के कारण स्नेहल चीखते हुए वहीं सड़क पर गिर पड़ीं। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी हथियार लहराता हुआ मौके से फरार हो गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;⚠️ Not for the faint hearted.Horrific scenes from Palghar, Maharashtra. A 27-year-old woman was repeatedly attacked with a koyta in broad daylight near Gold Cinema Hall. She is battling for her life in hospital. The accused fled the scene.How safe are our streets anymore? pic.twitter.com/v5jQ2lDKph&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sourabh Raut (@xzx_slipknot) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लाइफलाइन अस्पताल में जिंदगी की जंग और वो 'CCTV फुटेज'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हमले के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर बिना समय गंवाए मदद के लिए दौड़े। जमीन पर तड़प रही स्नेहल को आनन-फानन में बोइसर के अधिकारी लाइफलाइन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है। इधर, पुलिस के हाथ इस खूनी खेल का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज लगा है। जांचकर्ता इस समय फुटेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि हमले से पहले और बाद में आरोपी की हर हरकत और घटनाओं के सही क्रम को समझा जा सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एकतरफा प्यार का जुनून या कोई गहरा राज?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, इस भयानक हमले के पीछे एकतरफा प्यार (One-Sided Love) का एंगल सामने आ रहा है। शुरुआती रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अमोल मुले कथित तौर पर महिला से एकतरफा लगाव रखता था और मुमकिन है कि इनकार किए जाने पर उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतीश देशमुख ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुद घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि पुलिस हर संभावित पहलू को खंगाल रही है और मकसद की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;फरार शिकारी को पकड़ने के लिए विशेष चक्रव्यूह तैयार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरेराह हुई इस वारदात ने इलाके की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए पालघर पुलिस ने एक विशेष टीम (Special Task Force) का गठन किया है। पुलिस की कई टीमें इस समय संदिग्ध के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और उसके छिपने की जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस आरोपी का सुराग लगाने के लिए तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) यानी मोबाइल लोकेशन और स्थानीय खुफिया तंत्र का सहारा ले रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी ज्यादा दिन तक कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा और जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[AN-32 क्रैश: चश्मदीद ने बयां किया खौफनाक मंजर, धुएं के गुबार के बाद दहल उठा आसमान!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-air-force-an32-crash-jorhat-assam-roriyah-airbase-pilot-death-probe/articleshow-g48naqg</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 12:54:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या लैंडिंग से कुछ सेकंड पहले AN-32 में कोई रहस्यमय तकनीकी खराबी आ गई थी? क्या जोरहाट एयरबेस के पास हुआ यह हादसा पायलट की जान ले चुका है? आखिर विमान से उठते काले धुएं और धमाके के पीछे असली वजह क्या थी? 1986 से 22 से अधिक क्रैश के बाद भी AN-32 विमानों पर सवाल क्यों लगातार गहराते जा रहे हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktzxtmcha2a3nh88ga9rjtzf,imgname-india-air-force-an32-crash-jorhat-assam-roriyah-airbase-pilot-death-probe-1781335413137.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जोरहाट (असम): &lt;/strong&gt;शनिवार की एक सामान्य दोपहर अचानक एक खौफनाक चीख और घने काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। असम के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जोरहाट स्थित रोरियाह एयर फ़ोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (IAF) का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान भीषण हादसे का शिकार हो गया। अरुणाचल प्रदेश से उड़ान भरकर आ रहा यह कार्गो विमान जैसे ही रनवे के करीब पहुंचा, अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान के पायलट की मौत की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जबकि अन्य क्रू सदस्यों की स्थिति को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रनवे के ठीक पास... और फिर सब सुन्न हो गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चश्मदीदों के मुताबिक, विमान अपनी रूटीन उड़ान के बाद रोरियाह एयरपोर्ट पर लैंड करने की तैयारी कर रहा था। सब कुछ सामान्य था, लेकिन पहिए जमीन को छूते, उससे ठीक पहले कुछ ऐसा हुआ जिसने विमान का संतुलन बिगाड़ दिया। एयरबेस की बाउंड्री वॉल के पास रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने रोंगटे खड़े कर देने वाला आंखों देखा हाल बताया। उसने कहा, &quot;मैंने अचानक विमान का पिछला हिस्सा (टेल सेक्शन) देखा और आसमान में घने काले धुएं का गुबार उठने लगा। विमान अजीब तरह से स्थिर लग रहा था। मैं डरकर उस इलाके से दूर भागने ही वाला था कि तभी एक ऐसा ज़ोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।&quot; धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक लोग सहम गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;AN 32 plane crashes in Roureah air port in Jorhat Assam.Pilot of the aircraft feared deadRoureah is a vital Airforce station of Northeast and Assam. pic.twitter.com/5H0qCgApiA&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Abir Ghoshal (@abirghoshal) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रेस्क्यू ऑपरेशन और खामोशी का वो भारी पल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे की खबर मिलते ही एयरफ़ोर्स स्टेशन के भीतर इमरजेंसी सायरन गूंज उठे। आनन-फानन में फायर टेंडर और मेडिकल टीमों समेत भारी रेस्क्यू ऑपरेशन बल को मलबे की तरफ रवाना किया गया। वायु सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, &quot;असम के जोरहाट में एयर फ़ोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक मिलिट्री विमान क्रैश हो गया। यह एक AN-32 कार्गो विमान था, जिसका इस्तेमाल सामान पहुंचाने के लिए किया जाता है। आशंका है कि क्रैश में पायलट की जान चली गई होगी।&quot; फिलहाल घटना स्थल पर मलबे को हटाने और बाकी बचे क्रू मेंबर्स की तलाश के लिए युद्धस्तर पर काम जारी है, लेकिन बेस के भीतर से आ रही खामोशी किसी बड़े नुकसान का इशारा कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आखिर क्यों बार-बार 'काल' बन रहा है यह 'सैनिक'?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हादसे ने एक बार फिर AN-32 विमानों के सुरक्षा रिकॉर्ड पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। 1986 से अब तक भारत में AN-32 विमानों के करीब 22 क्रैश दर्ज हो चुके हैं, जिसमें सबसे हालिया क्रैश साल 2025 में ही हुआ था। लगातार होते इन हादसों के बावजूद, यह सोवियत काल का विमान आज भी भारतीय वायु सेना की रीढ़ बना हुआ है। दुर्गम और पहाड़ी इलाकों, खासकर उत्तर-पूर्व के अग्रिम मोर्चों तक रसद और सैन्य साजो-सामान पहुंचाने में इसकी भूमिका इतनी अहम है कि वायु सेना इसके बिना ऑपरेशन्स की कल्पना भी नहीं कर पाती। लेकिन सवाल वही है कि आखिर कब तक तकनीकी खामियां या मौसम हमारे जांबाज पायलटों की जिंदगी पर भारी पड़ता रहेगा?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;उत्तर-पूर्व के आसमान में मंडराता ये कैसा साया?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जोरहाट और इसके आसपास के आसमान में पिछले कुछ समय से हादसों का एक काला साया मंडराता दिख रहा है। रक्षा गलियारों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि यह क्रैश उस घटना के कुछ ही महीनों बाद हुआ है, जब जोरहाट एयर बेस से महज 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग ज़िले के बोकाजन सब-डिविज़न में एक सुखोई-30MKI फाइटर जेट रूटीन ट्रेनिंग के दौरान इंगलोंग इकोपी पहाड़ी पर क्रैश हो गया था। बैक-टू-बैक हुए इन हादसों ने वायु सेना को अलर्ट मोड पर ला दिया है। हादसे की असल वजह तकनीकी खराबी थी, मानवीय भूल या फिर अचानक बदला मौसम? इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए वायु सेना ने तुरंत एक उच्च स्तरीय 'कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी' (जांच समिति) के गठन के आदेश दे दिए हैं। फिलहाल, पूरे देश की नजरें जोरहाट से आने वाली अगली आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-air-force-an32-crash-jorhat-assam-roriyah-airbase-pilot-death-probe/articleshow-g48naqg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[इस सरकारी कॉलेज में एडमिशन की होड़, पर 565 लड़कियों के लिए सिर्फ 4 टॉयलेट!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/karnataka-college-success-story-marred-by-toilet-and-classroom-shortage/articleshow-7lvcvfg</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 11:32:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कर्नाटक के एक सरकारी गर्ल्स कॉलेज में शानदार नतीजों के कारण एडमिशन की होड़ है। इस साल 565 छात्राओं ने दाखिला लिया है, लेकिन कॉलेज सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहा है। यहाँ 565 लड़कियों के लिए सिर्फ 4 टॉयलेट और 6 क्लासरूम हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktznxa3yzp93vf7bxaxbedcs,imgname-----------------------2026-06-13t103437.232-1781327112318.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;हुविनाहडगली (कर्नाटक):&lt;/strong&gt; एक तरफ जहां सरकारी कॉलेजों से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है, वहीं कर्नाटक का एक सरकारी गर्ल्स कॉलेज ऐसा भी है जहां एडमिशन के लिए लाइन लगी है। ये कहानी है विजयनगर के हुविनाहडगली में मौजूद श्रीमती सोप्पिना कालम्मा गवर्नमेंट गर्ल्स प्री-ग्रेजुएट कॉलेज (SKG Govt PU College) की। यहां एडमिशन के लिए छात्राएं दूर-दूर से आ रही हैं और इस साल 565 लड़कियों ने दाखिला लिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शानदार रिजल्ट, लेकिन टॉयलेट के लिए लगती है लाइन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सरकारी कॉलेज ने पिछले साल पीयू परीक्षा (12वीं बोर्ड) में 77% का शानदार रिजल्ट देकर प्राइवेट कॉलेजों को भी पीछे छोड़ दिया। कॉमर्स में 94%, साइंस में 81।2% और आर्ट्स में 67% छात्राएं पास हुईं। इतना ही नहीं, 12 छात्राओं ने कन्नड़ में 100 में से 100 नंबर हासिल किए। पिछले 5 सालों से यहां एडमिशन लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एडमिशन के लिए लगी है होड़&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस साल फर्स्ट ईयर पीयू (11वीं) में 320 और सेकेंड ईयर पीयू (12वीं) में 245 समेत कुल 565 छात्राओं ने एडमिशन लिया है। कॉलेज के बेहतरीन नतीजों की वजह से कोप्पल, मुंडरगी, संदूर, रानीबेन्नूर, शिरहट्टी, हगरीबोम्मनहल्ली और हरपनहल्ली जैसे आस-पास के तालुकों से भी छात्राएं यहां पढ़ने आ रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन इस कामयाबी के पीछे एक कड़वी सच्चाई भी है। कॉलेज में सुविधाओं की भारी कमी है। 565 छात्राओं के लिए सिर्फ 4 टॉयलेट हैं, जो एक ही कमरे में बने हैं। लड़कियों को टॉयलेट जाने के लिए लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ता है। यहां तक कि महिला और पुरुष लेक्चरर्स के लिए भी अलग से कोई टॉयलेट नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पढ़ाई के लिए भी सिर्फ 6 कमरे हैं। जिस क्लासरूम में 80 छात्राओं के बैठने की क्षमता है, वहां 150 से ज्यादा छात्राएं किसी तरह एडजस्ट करके बैठती हैं। कॉलेज में 16 लेक्चरर हैं, जिनमें से 6 गेस्ट लेक्चरर हैं। प्रिंसिपल का पद भी खाली है। यहां आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस, एजुकेशन और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई होती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, स्थानीय विधायक कृष्णा नाइक ने कॉलेज के विकास पर ध्यान दिया है। उन्होंने अपने फंड से फर्नीचर, एयर-कंडीशन्ड कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और बैठने की व्यवस्था करवाई है। लेकिन कॉलेज का खेल का मैदान अभी भी अधूरा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कॉलेज को अभी भी कम से कम 6 और क्लासरूम, एक हाई-टेक टॉयलेट कॉम्प्लेक्स और एक ऑडिटोरियम की सख्त जरूरत है। बारिश के दिनों में तो हालत और भी खराब हो जाती है। पानी निकलने की कोई व्यवस्था न होने के कारण पूरा कैंपस तालाब जैसा बन जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कॉलेज के इंचार्ज प्रिंसिपल ए। कोट्रगौडा का कहना है, &quot;अच्छे रिजल्ट की वजह से एडमिशन के लिए भीड़ है। हमारे पास 565 छात्राएं हैं, लेकिन कमरों और टॉयलेट की बहुत कमी है। हमने इस बारे में विधायक जी को जानकारी दी है।&quot;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[ओमान तट पर चौथे भारतीय जहाज पर हमले की खबर निकली फेक, सभी क्रू मेंबर सेफ]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/oman-coast-indian-ship-attack-report-fake-mea-confirms-all-crew-safe/articleshow-2rydw9g</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 10:30:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Oman Coast Attack: &lt;/strong&gt;क्या ओमान तट पर चौथे भारतीय जहाज 'MT Liaki Freedom' पर हमला हुआ है? ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों पर हमले के लिए कौन जिम्मेदार है? अमेरिकी नौसेना के हमलों में कितने भारतीय नाविकों की जान गई है? भारत सरकार ने अमेरिका के सामने इस मुद्दे को कैसे उठाया है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktznjjjvqc0chzfjhfh0dcwb,imgname-oman-coast-attack-1781326760538.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indian Crew Ship Attack News: &lt;/strong&gt;ओमान तट के पास भारतीय क्रू वाले तेल टैंकर MT Liaki Freedom पर हमले की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि जहाज पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है और सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, MT Liaki Freedom के कैप्टन से बातचीत की गई, उन्होंने बताया है कि जहाज पर मौजूद सभी लोग सेफ हैं और हमले की खबर पूरी तरह गलत है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MEA ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने जहाज के कप्तान से संपर्क किया और उनसे स्थिति की जानकारी ली। कप्तान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जहाज पर किसी प्रकार का हमला नहीं हुआ है। MEA के अनुसार, 'हमने MT Liaki Freedom के मास्टर से बात की है। उन्होंने पुष्टि की है कि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और हमले की खबर गलत है।' इस बयान के बाद भारतीय परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Fake News Alert!Please stay alert against such false and baseless claims and posts on social media. pic.twitter.com/Xn8I65LdKu&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; MEA FactCheck (@MEAFactCheck) June 13, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हमले की खबर क्यों और कहां से आई?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;MT Liaki Freedom को लेकर आई खबर ऐसे समय में सामने आई जब ओमान और खाड़ी क्षेत्र में लगातार तनाव बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में भारतीय नाविकों वाले कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इसी वजह से MT Liaki Freedom से जुड़ी जानकारी ने तुरंत चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि बाद में यह जानकारी फर्जी साबित हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हाल ही में भारतीय क्रू वाले कई जहाज बने निशाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भले ही चौथे जहाज पर हमले की खबर अफवाह निकली हो, लेकिन ओमान तट पर स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। पिछले एक हफ्ते में अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय क्रू वाले तीन अलग-अलग विदेशी जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिसमें 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि ये सभी जहाज भले ही विदेशी झंडे (Foreign-Flagged) के थे, लेकिन इन पर भारतीय नागरिक तैनात थे और इन पर हमले अमेरिकी नौसेना की तरफ से ही किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारतीय जहाजों पर कब-कब हुआ हमला?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8 जून (MT Marivex): &lt;/strong&gt;पलाऊ के झंडे वाले इस ऑयल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। इसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10 जून (MT Settebello):&lt;/strong&gt; पलाऊ ध्वज वाले ही इस दूसरे टैंकर पर अमेरिका ने हमला किया। इस भीषण हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;11 जून (MT Jalveer): &lt;/strong&gt;गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला बोला, जिसमें 20 भारतीय सेफर्स मौजूद थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत का सख्त रुख, US राजदूत दोबारा तलब&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस कूटनीतिक संकट के बाद भारत सरकार बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। भारत ने शुक्रवार को एक ही हफ्ते में दूसरी बार अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत (US Charg&eacute; d&rsquo;Affaires Jason Meeks) को तलब किया और इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने दोटूक कहा है कि समंदर में भारतीय नागरिकों पर हो रहे ये हमले तुरंत रुकने चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप ने ईरान के सिर फोड़ा ठीकरा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमलों के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें &quot;बेबुनियाद&quot; बताया है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/oman-coast-indian-ship-attack-report-fake-mea-confirms-all-crew-safe/articleshow-2rydw9g"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[TMC में बगावत: 19 सांसदों के साइन, लेकिन 'नंबर 13' का स्लॉट खाली, कौन है वो बड़ा चेहरा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-tmc-split-news-19-rebel-mps-sign-letter-mystery-over-number-13-name-west-bengal-politics/articleshow-lycq2x4</link>
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            <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 08:22:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Crisis Latest Update: &lt;/strong&gt;टीएमसी में बगावत को लेकर ताजा अपडेट क्या है? 19 सांसदों के साइन वाली चिट्ठी में क्या लिखा है? 'नंबर 13' का स्लॉट खाली क्यों छोड़ा गया? क्या कोई बड़ा टीएमसी नेता बागी गुट से जुड़ने वाला है? क्या बागी सांसद पार्टी सिंबल पर दावा कर सकते हैं? ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें क्यों बढ़ रही हैं?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktzeaee4yjsta00b1zhqrq3k,imgname-tmc-crisis-1781319154115.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee TMC Conflict: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया सस्पेंस पैदा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर चल रही बगावत के बीच 19 सांसदों के समर्थन वाली एक चिट्ठी की चर्चा तेज है। लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान एक ऐसी चीज ने खींचा है, जिसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। बताया जा रहा है कि बागी सांसदों की लिस्ट में 1 से 20 तक नंबर दिए गए हैं, लेकिन 13 नंबर पर किसी के सिग्नेचर यानी दस्तखत नहीं हैं। यही खाली जगह अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई है। आइए जानते हैं कि आखिर पर्दे के पीछे क्या खिचड़ी पक रही है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है पूरा मामला?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;TMC के कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं। इन सांसदों ने लोकसभा में खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने और पार्टी के चुनाव सिंबल पर दावा करने के लिए स्पीकर को एक लेटर भेजा है। दो सांसदों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया है कि उन्होंने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, स्पीकर कार्यालय की ओर से अभी तक इस पत्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'नंबर 13' ने क्यों बढ़ाया सस्पेंस?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, लोकसभा स्पीकर को जो चिट्ठी भेजी गई है, उसमें बकायदा 1 से लेकर 20 तक की नंबरिंग (सीरियल नंबर) की गई है। इस पर 19 सांसदों ने अपने दस्तखत भी कर दिए हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें सीरियल नंबर 13 के आगे किसी का साइन नहीं है, वो जगह बिल्कुल खाली छोड़ी गई है! अब सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यह खाली जगह पार्टी के किसी बहुत बड़े और कई बार के सांसद के लिए रखी गई है। माना जा रहा है कि वो बड़ा चेहरा सही मौका देखकर इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराएगा। इस एक खाली स्लॉट ने ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की टेंशन बढ़ा दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टीएमसी के बागी सांसद क्या चाहते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बागी गुट का कहना है कि लोकसभा में वही असली TMC का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका दावा है कि उन्हें अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। अब यह फैसला स्पीकर के पास है। नियमों के मुताबिक दस्तावेजों की जांच और सांसदों से बातचीत के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अभिषेक बनर्जी निशाने पर क्यों हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरी बगावत की मुख्य वजह हाल ही में मिली चुनावी हार को माना जा रहा है। पार्टी के कई पुराने और वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि संगठन में उनकी बातों और सुझावों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। सांसदों के गुस्से का सीधा निशाना ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं। बात इतनी बढ़ चुकी है कि वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने तो साफ कह दिया है कि ममता दीदी को अब उनके और अभिषेक में से किसी एक को चुनना होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पश्चिम बंगाल में आगे क्या होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. पार्टी और सिंबल पर कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर इन 19 सांसदों को लोकसभा स्पीकर और चुनाव आयोग से मान्यता मिल जाती है (जैसा महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के साथ हुआ था), तो ये बिना इस्तीफा दिए 'असली टीएमसी' बन जाएंगे और सिंबल पर कब्जा कर लेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. NDA में मर्जर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कानून के मुताबिक, दलबदल कानून से बचने के लिए दो-तिहाई सांसदों का होना जरूरी है। 28 में से दो-तिहाई यानी कम से कम 19 सांसद होते हैं। अगर ये ग्रुप चाहे तो सीधे एनडीए (NDA) को समर्थन दे सकता है या बीजेपी में शामिल हो सकता है। बागी नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात भी की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. महुआ मोइत्रा का तीखा हमला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर साफ कहा है कि इन कानून तोड़ने वालों को नियम नहीं पता। उन्होंने कहा कि इन सभी 19 लोगों को इस्तीफा देकर दोबारा बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-tmc-split-news-19-rebel-mps-sign-letter-mystery-over-number-13-name-west-bengal-politics/articleshow-lycq2x4"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[TMC विवाद: खामोश! मेरी लीडर ममता दीदी न कि अभिषेक बनर्जी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tmc-crisis-shatrughan-sinha-supports-mamata-banerjee-denies-leaving-party/articleshow-epvnolh</link>
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            <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 19:26:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;TMC में फूट की खबरों के बीच ममता बनर्जी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा का बयान क्यों चर्चा में है? शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता बनर्जी को अपनी एकमात्र नेता क्यों बताया? क्या शत्रुघ्न सिन्हा ने नेताओं के पार्टी छोड़ने के पीछे लालच और दबाव को वजह बताया?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kty1w3xvfyhrv8refh57mxv2,imgname-shatrughan-sinha-on-tmc-crisis-1781272547259.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Crisis Latest Update: &lt;/strong&gt;तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक उठापटक और पार्टी में संभावित टूट की खबरों के बीच सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने शुक्रवार (12 जून) को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया। उन्होंने साफ कहा कि उनका पार्टी छोड़ने या किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने का कोई इरादा नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी को बताया अपनी एकमात्र नेता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी ही उनकी एकमात्र नेता हैं और वे इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ रहे हैं और वर्तमान परिस्थिति में भी ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा, &quot;मैं पहले भी उनके साथ था और आगे भी उनके साथ रहूंगा। फिलहाल मेरा किसी दूसरे दल में जाने या कोई नया राजनीतिक गठबंधन बनाने का कोई इरादा नहीं है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी के नेतृत्व की जमकर तारीफ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिन्हा ने ममता बनर्जी को एक समझदार, अनुभवी और सफल नेता बताया। उन्होंने कहा कि आज के राजनीतिक माहौल में किसी पार्टी का 41 प्रतिशत वोट हासिल करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उनके मुताबिक, यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में जनता का भरोसा अभी भी कायम है और ऐसी सफलता हासिल करना हर राजनीतिक दल के बस की बात नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब उनसे उन नेताओं के बारे में पूछा गया जिन्होंने हाल के दिनों में पार्टी छोड़ने का फैसला किया है, तो शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ऐसे समय में पार्टी का साथ छोड़ना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही हो, तब नेताओं को संगठन के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर कुछ नेताओं ने पार्टी के सबसे चुनौतीपूर्ण समय में ही अलग रास्ता क्यों चुना।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नेताओं पर लगाया ममता की नकल करने का आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किसी नेता का नाम लिए बिना शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि कई लोग &quot;दीदी&quot; की शैली अपनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब पार्टी संकट में आई तो वही लोग पीछे हट गए। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं के फैसलों के पीछे लालच, डर या फिर जांच एजेंसियों का दबाव जैसी वजहें हो सकती हैं। सिन्हा ने दोहराया, &quot;उनमें से कोई भी मेरा नेता नहीं है। मेरी सिर्फ एक नेता हैं और वह हैं ममता बनर्जी। ममता बनर्जी और सिर्फ ममता बनर्जी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी राय रखी। वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी द्वारा अभिषेक बनर्जी के कामकाज को लेकर जताई गई चिंताओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की शिकायत या असहमति को पार्टी के आंतरिक मंचों पर उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को एक बेहतरीन बुद्धिजीवी बताया और कहा कि संगठन के अंदर बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान निकाला जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BJP में शामिल होने की अटकलों को किया खारिज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में शत्रुघ्न सिन्हा ने माना कि उनका भाजपा के साथ करीब 30 वर्षों का जुड़ाव रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनका कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके अच्छे और बुरे समय में उनका साथ दिया, वे उनके प्रति हमेशा आभारी रहेंगे। उन्होंने विशेष रूप से ममता बनर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय में उन्होंने उन्हें अवसर दिया और भरोसा जताया। सिन्हा ने कहा, &quot;मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन जिन्होंने मेरा साथ दिया, खासकर मुश्किल समय में, उनमें ममता जी सबसे आगे रहीं। अब मेरी नेता ममता बनर्जी हैं और वही रहेंगी। फिलहाल मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है।&quot;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Ahmedabad Plane Crash Survivor: एक साल बाद भी नहीं मिटा हादसे का दर्द, अकेले बचे विश्वास रमेश ने बयां की आपबीती]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/air-india-ai171-crash-survivor-vishwash-ramesh-one-year-after-struggle/articleshow-5cm55i0</link>
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            <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:49:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अहमदाबाद विमान हादसा कब और कहां हुआ था? एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 किस रूट पर जा रही थी? विमान में कुल कितने यात्री और क्रू मेंबर सवार थे? हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई थी? इस विमान हादसे में कितने लोग जीवित बचे थे? विश्वास रमेश विमान हादसे से कैसे बच गए?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktxnfgek8p86hgwkscnj9fjs,imgname-ahmedabad-plane-crash-anniversary-1781259551187.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Air India AI171 Crash:&lt;/strong&gt; एक साल पहले गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भयावह हादसे में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा था, जबकि बाकी सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जीवित बचे यात्री विश्वासकुमार रमेश की तस्वीरें दुनियाभर के मीडिया में दिखाई गई थीं। तस्वीरों में वे खून से सनी टी-शर्ट पहने और हाथ में मोबाइल फोन लिए दुर्घटनास्थल से दूर जाते नजर आए थे। अब हादसे के एक साल बाद, विश्वास रमेश ने बताया है कि वे आज भी उस घटना की यादों और उसके मानसिक प्रभाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विश्वास रमेश ने बताया हादसे के बाद का संघर्ष&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;39 वर्षीय विश्वास रमेश का कहना है कि लोग अक्सर यह देखते हैं कि वे बच गए, लेकिन उनके सामने आने वाली चुनौतियों को नहीं समझ पाते। उन्होंने कहा, &quot;लोग देखते हैं कि मैं बच गया हूं, लेकिन वे यह नहीं देख पाते कि बंद दरवाजों के पीछे मुझे किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। एक साल बाद भी मैं अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने और अपने परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहा हूं।&quot; रमेश ने बताया कि वे आज भी नींद न आने, एंग्जायटी और हादसे से जुड़ी दर्दनाक यादों से जूझ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Air India AI171 Crash में कितने लोगों की हुई थी मौत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी। विमान में 12 क्रू मेंबर समेत कुल 242 लोग सवार थे। उड़ान भरने के लगभग 32 सेकंड बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन की इमारत पर गिर गया। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान गई थी। इनमें विमान में सवार 241 यात्री और क्रू मेंबर और जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हादसे में भाई को भी खो चुके हैं विश्वास रमेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्रिटेन के लेस्टर शहर में रहने वाले विश्वास रमेश ने इस दुर्घटना में अपने भाई अजय रमेश को खो दिया था। उनका कहना है कि इस हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा, मैं जीवित बचने के लिए शुक्रगुजार हूं, लेकिन जीवित बच जाना कहानी का केवल एक हिस्सा है। इसके बाद जो कुछ मैंने झेला है, उसे शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल है।&quot; उन्होंने यह भी बताया कि वे आज भी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कानूनी सहायता और पुनर्वास के लिए चल रही प्रक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विश्वास रमेश ने अपने हितों की रक्षा और संभावित सिविल दावों का मूल्यांकन करने के लिए ब्रिटेन की कानूनी फर्म Hudgell Solicitors को नियुक्त किया है। यह फर्म हादसे से जुड़े संभावित मुआवजे और अन्य कानूनी विकल्पों पर काम कर रही है। साथ ही, शारीरिक और मानसिक पुनर्वास सहायता को लेकर एयर इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एयर इंडिया ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, &quot;एयर इंडिया AI171 त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों की देखभाल और सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रतिबद्ध है।&quot; लेस्टर के कम्युनिटी लीडर और रमेश परिवार के सलाहकार संजीव पटेल ने बताया कि विश्वास रमेश आज भी गंभीर मानसिक सदमे से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, &quot;वे बिना किसी सहारे के घर से बाहर नहीं निकल पाते। वे गहरे सदमे में हैं और इस हादसे के घाव लंबे समय तक, शायद पूरी जिंदगी, उनके साथ रह सकते हैं।&quot; पटेल ने कहा कि इस दुर्घटना से प्रभावित सभी परिवार अब भी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और विश्वास रमेश तथा उनका परिवार विशेष रूप से बेहद दर्दनाक परिस्थितियों का सामना कर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हादसे की जांच में भी शामिल हुए विश्वास रमेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्च 2026 में विश्वास रमेश ने अहमदाबाद में एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) के अधिकारियों से मुलाकात की थी। यह मुलाकात हादसे की आधिकारिक जांच के तहत हुई थी। ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच, जो भारतीय जांच एजेंसियों को तकनीकी सहयोग दे रही है, ने कहा कि उनकी संवेदनाएं इस हादसे से प्रभावित सभी देशों और परिवारों के साथ हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक साल बाद भी जारी है दर्द&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे को एक साल बीत चुका है, लेकिन विश्वास रमेश के लिए यह दर्दनाक अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ है। अपने भाई को खोने का दुख, मानसिक आघात और सामान्य जीवन में लौटने की कोशिशें आज भी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनी हुई हैं। उनके लिए जीवित बचना एक चमत्कार जरूर था, लेकिन उस चमत्कार के बाद की लड़ाई अब भी जारी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MT जलवीर केस: आखिर अमेरिकी सेना ने समंदर में ऐसा क्या किया, जिससे गुस्से से लाल हो गया भारत?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-us-diplomatic-row-strait-hormuz-mt-jalveer-attack-mea-summons-us-diplomat-oil-tanker-incident/articleshow-ltwf6ta</link>
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            <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:04:09 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर लगातार मिसाइल हमले बढ़ते युद्ध तनाव का संकेत हैं? क्या MT जलवीर और अन्य जहाजों पर हमला किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा हो सकता है? क्यों भारत ने दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब कर इतना कड़ा विरोध दर्ज कराया? MT सेटेबेलो हमले में 3 भारतीयों की मौत के बाद क्या यह संकट और गहराने वाला है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktxjtwwkerqw6b385759myrg,imgname-india-us-diplomatic-row-strait-hormuz-mt-jalveer-attack-mea-summons-us-diplomat-oil-tanker-incident-1781256778643.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;MEA Summons US Diplomat Twice: &lt;/strong&gt;अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच, भारत सरकार ने एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने महज 72 घंटों के भीतर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) जेसन मीक्स को तलब किया है। अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल हमलों ने दोनों लोकतांत्रिक महाशक्तियों के बीच एक गहरा सस्पेंस और तनाव पैदा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi: US Charg&eacute; d&rsquo;Affaires Jason Meeks leaves from the MEA after about 45 minutes.&amp;nbsp;MEA summons him to lodge a protest against attacks on commercial vessels off the coast of Oman. Yesterday, yet another vessel with 20 Indian crew on board came under attack. The US&hellip; pic.twitter.com/3P1V45fozo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आसमान से बरसी मौत: होर्मुज स्ट्रेट के पास MT जलवीर पर क्या हुआ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे ड्रामे का सबसे नया और खौफनाक अध्याय 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के पास लिखा गया। गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला एक विशाल कमर्शियल जहाज 'MT जलवीर' अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था। इस जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे। तभी अचानक अमेरिकी सेना की ओर से इस जहाज को निशाना बनाकर हमला किया गया। हालांकि इस हमले में भारतीय क्रू सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन तीन दिनों के भीतर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा बड़ा हमला है। इस घटना ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के कान खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Another day, another misinformation campaign from Rahul Gandhi.India officially summoned the US diplomat, registered a strong protest, and conveyed its deepest concerns after the attack that killed three Indian seafarers.Claiming that the PM or India remained silent is simply&hellip; https://t.co/cIPbf1EOPH pic.twitter.com/moeQWeSq2G&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Satya Kumar Yadav (@satyakumar_y) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ओमान की खाड़ी का वो खूनी मंजर: जब मारे गए तीन भारतीय नाविक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह गुस्सा और तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे ओमान की खाड़ी में हुई एक बेहद दर्दनाक और घातक घटना है। कुछ ही दिन पहले पलाऊ के झंडे वाले टैंकर 'MT सेटेबेलो' (Settebello) पर अमेरिकी सेना ने भीषण हमला किया था। यह हमला इतना घातक था कि इसमें तीन भारतीय नाविकों की मौके पर ही मौत हो गई। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की जान जाने के बाद से पूरे भारत में आक्रोश की लहर है। लोग यह समझने में नाकाम हैं कि एक मित्र देश की सेना कमर्शियल जहाजों पर इस तरह के जानलेवा हमले क्यों कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;MEA summons US Charg&eacute; d&rsquo;Affaires Jason Meeks to lodge a protest against attacks on commercial vessels off the coast of Oman. Yesterday, yet another vessel with 20 Indian crew on board came under attack. pic.twitter.com/waMjk0CEaR&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Shalinder Wangu (@Wangu_News18) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बंद कमरे में डिमार्श: विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूत से क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही MT जलवीर पर हमले की खबर नई दिल्ली पहुंची, विदेश मंत्रालय तुरंत एक्शन में आ गया। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) ने अमेरिकी मिशन के प्रतिनिधि जेसन मीक्स को साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय में तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान भारत ने अमेरिका को बेहद सख्त शब्दों में औपचारिक विरोध (Demarche) दर्ज कराया है। इससे पहले बुधवार को भी 'MT सेटेबेलो' कांड के बाद मीक्स को तलब किया गया था। लगातार दूसरी बार राजनयिक को समन जारी करना यह साफ दर्शाता है कि भारत इस मुद्दे पर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दोस्ती या दुश्मनी का खेल? खाड़ी में अमेरिकी हमलों के पीछे का असली सस्पेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इन हमलों पर क्या सफाई देता है। आखिर अमेरिकी सेना खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों को बार-बार निशाना क्यों बना रही है? क्या यह कोई बहुत बड़ी रणनीतिक चूक है, या फिर समंदर के इस इलाके में कोई ऐसा सीक्रेट गेम चल रहा है जो अभी दुनिया के सामने नहीं आया है? इन हमलों ने वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर तो सवाल उठाए ही हैं, साथ ही भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों के भविष्य पर भी एक बहुत बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट का वो बड़ा फैसला: जिससे मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदों पर फिरा पानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/meenakshi-natarajan-supreme-court-rajya-sabha-nomination-cancelled-election-petition-form26-article329-india-news/articleshow-e83imre</link>
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            <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 14:12:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका सिर्फ चुनाव प्रक्रिया के नियमों के कारण खारिज की? क्या फॉर्म 26 में जानकारी छिपाने का आरोप ही नामांकन रद्द होने की असली वजह बना? क्या चुनाव प्रक्रिया में कोर्ट का दखल पूरी तरह बंद होना भविष्य में बड़े विवाद पैदा करेगा? क्या नटराजन के पास अब केवल चुनाव याचिका ही एकमात्र कानूनी रास्ता बचा है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ktxfx1g8wq2fnq8n0vsntb89,imgname-meenakshi-natarajan-supreme-court-rajya-sabha-nomination-cancelled-election-petition-form26-article329-india-news-1781253703176.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Meenakshi Natarajan Supreme Court Case:&lt;/strong&gt; देश की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मध्य प्रदेश से कांग्रेस की कद्दावर नेता मीनाक्षी नटराजन को देश की सबसे बड़ी अदालत से एक ऐसा झटका लगा, जिसकी उम्मीद खुद कांग्रेस खेमे ने भी नहीं की थी। राज्यसभा चुनाव के ऐन वक्त पर नामांकन रद्द होने के बाद, नटराजन न्याय की गुहार लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। लेकिन शुक्रवार को कोर्ट रूम के भीतर जो कुछ भी हुआ, उसने न सिर्फ नटराजन के सियासी सफर पर एक बड़ा ब्रेक लगा दिया, बल्कि चुनावी मैदान में एक नया सस्पेंस भी पैदा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Delhi: The Supreme Court has dismissed Congress leader Meenakshi Natarajan's plea challenging rejection of her nomination papers for the Rajya Sabha election from Madhya Pradesh. Advocate Sanket Gupta, counsel of BJP's Mahesh Kewat, says, &quot;I was from the side of Mahesh&hellip; pic.twitter.com/DSV3Am2PKW&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;THIS IS PEAK CONGRESS &amp;gt; Madhya Pradesh Congress MLAs came to Delhi to meet the President over Meenakshi Natarajan case&amp;gt; Thousands of workers also joined&amp;gt; But they were denied meeting with the President&amp;gt; So they launched aggressive protests in Delhi like Tsunami&amp;gt;&hellip; pic.twitter.com/Ae6RJW8SpX&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Ankit Mayank (@mr_mayank) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;फॉर्म 26 का वो छिपा हुआ पन्ना: आखिर हलफनामे में क्या छुपाया गया था?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे सियासी ड्रामे की शुरुआत तब हुई जब रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन पत्र अचानक खारिज कर दिया। इसके पीछे एक ऐसा कारण था जिसने सबको चौंका दिया। दरअसल, नटराजन ने अपने नामांकन के साथ दाखिल किए जाने वाले 'फॉर्म 26' हलफनामे को अधूरा छोड़ दिया था। उन पर आरोप लगा कि उन्होंने तेलंगाना में अपने खिलाफ लंबित एक आपराधिक शिकायत मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई। हैरान करने वाली बात यह थी कि नटराजन इस मामले से अनजान नहीं थीं; उन्होंने उस शिकायत के जवाब में पहले लिखित दस्तावेज भी दाखिल किए थे। इसके बावजूद, मुख्य चुनावी हलफनामे में इस जानकारी का न होना उनके लिए सबसे बड़ा जाल बन गया, जिसमें उनकी उम्मीदवारी पूरी तरह फंस गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi: On Supreme Court rejecting her plea over Rajya Sabha nomination, Congress leader Meenakshi Natarajan says, &quot;I have been saying from day one that the Election Commission is deeply compromised, and today this has been proven once again. When the lawyer for the State&hellip; pic.twitter.com/XLN6lIhoE2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट रूम का हाई-वोल्टेज ड्रामा: सिंघवी की दलीलें और चुनाव आयोग का पलटवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब मामला सुप्रीम कोर्ट की बेंच (जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर) के सामने पहुंचा, तो कोर्ट रूम किसी रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। नटराजन की तरफ से देश के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मोर्चा संभाला। सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि जिस मामले को आधार बनाकर नामांकन रद्द किया गया है, उसमें तो कोर्ट ने अब तक संज्ञान भी नहीं लिया है और न ही आरोप तय हुए हैं। उन्होंने कुछ पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि &quot;असाधारण परिस्थितियों में अदालत को दखल देना चाहिए, ताकि चुनाव निष्पक्ष हो सकें।&quot; दूसरी तरफ, चुनाव आयोग और प्रतिवादियों के वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि चुनाव लड़ना कोई मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि एक कानूनी अधिकार है। अगर नामांकन रद्द हुआ है, तो उसका फैसला सिर्फ चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद 'चुनाव याचिका' (Election Petition) के जरिए ही हो सकता है, बीच में नहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Delhi: On Supreme Court rejecting her plea over Rajya Sabha nomination, Congress leader Meenakshi Natarajan says, &quot;We all know the Election Commission's stance. I do not wish to make any comment regarding the Supreme Court.&quot; pic.twitter.com/11UaAwwzKA&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) June 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;संविधान का वो अटूट नियम: चुनाव के बीच में अदालती दखल पर सख्त मनाही&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया, जिसने पूरी बहस पर पूर्णविराम लगा दिया। बेंच ने ऐतिहासिक 'पोन्नुस्वामी फैसले' का हवाला देते हुए साफ किया कि भारत के संविधान के तहत, एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अदालतें उसमें किसी भी तरह का दखल नहीं दे सकतीं। सिंघवी की उस दलील को कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने &quot;साफ तौर पर गैर-कानूनी&quot; रद्दीकरण के मामलों में रियायत देने की बात कही थी। बेंच ने कहा कि अगर हम आज ऐसा कोई अपवाद बनाएंगे, तो यह संविधान के साथ खिलवाड़ होगा। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि नटराजन के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है-वे चुनाव संपन्न होने का इंतजार करें और उसके बाद कानूनी तौर पर चुनाव याचिका दायर करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आगे क्या? नटराजन के सियासी भविष्य पर गहराया सस्पेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;याचिका खारिज होने के साथ ही मीनाक्षी नटराजन के लिए इस राज्यसभा चुनाव के दरवाजे फिलहाल पूरी तरह बंद हो चुके हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह राहत जरूर दी है कि आज की गई टिप्पणियों का असर भविष्य में नटराजन द्वारा दायर की जाने वाली किसी भी चुनाव याचिका पर नहीं पड़ेगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस हाई-प्रोफाइल रद्दीकरण के बाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट का समीकरण अब क्या मोड़ लेगा? कांग्रेस इस बड़े झटके से खुद को कैसे उबारेगी, इस पर अब पूरे देश की सियासी नजरें टिकी हुई हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>National</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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