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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Fri, 24 Apr 2026 10:27:53 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीया कब है 19 या 20 अप्रैल? जानिए सही डेट, सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-date-kab-ahi-akshaya-tritiya-19-and-20-april-shopping-time-sona-kharidne-ka-shubh-muhurat/articleshow-49vzv0m</link>
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            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 19:44:53 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya 2026 Kab Hai: अक्षय तृतीया 2026 कब है? सही तारीख और शॉपिंग शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय, पूजा विधि समेत पूरी डिटेल यहां पढ़ें। साथ ही जानिए अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने और दान-पुण्य का क्या महत्व है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kn493dnfjj7t1fvwd9yhrb7w,imgname-akshaya-tritiya-2026-date-1775039002287.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026 Date:&lt;/strong&gt; वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। अक्षय तृतीया को हिंदू धर्म में बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। यह दिन कभी खत्म न होने वाले पुण्य और धन का प्रतीक है। इसलिए अक्षय तृतीय के दिन सोना-चांदी, घर-कार की खरीदारी करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना या धन, सामान अक्षय होता है यानी जिसका कभी क्षय नहीं होता और लगातार बढ़ता रहता है। इसी प्रकार इस दिन किया गया दान-पुण्य भी कभी न खत्म होने वाला माना गया है। हर साल की तरह 2026 में भी लोग जानना चाहते हैं कि अक्षय तृतीया 2026 कब है और सोना खरीदने या शॉपिंग का शुभ मुहूर्त कब से कब तक है। अगर आपके मन में भी ये सवाल हैं, तो जानने के लिए नीचे पढ़ें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया 2026 कब है 19 या 20 अप्रैल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:45 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7:49 बजे तक रहेगी। लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिस दिन तृतीया तिथि मध्याह्न (दोपहर) में पड़ती है, उसी दिन अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इसलिए अक्षय तृतीया 2026 का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को ही मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया 2026 पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप अक्षय तृतीया 2026 पर इस दिन पूजा करना चाहते हैं, तो शुभ पूजा मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक है। यह लगभग डेढ़ घंटे का समय &ldquo;सर्वसिद्ध मुहूर्त&rdquo; जैसा माना जाता है, जिसमें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया 2026 पर सोना खरीदने-शॉपिंग का शुभ समय कब तक है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना सबसे लोकप्रिय परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया धन लगातार बढ़ता रहता है। अक्षय तृतीया 2026 पर सोना खरीदने का शुभ समय- 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे तक है। इस दौरान की गई खरीदारी को स्थायी समृद्धि का संकेत माना जाता है। सोना के अलावा इस दिन वाहन, घर, जमीन जैसी खास चीजों की खरीदारी करना भी शुभ माना गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त क्यों माना जाता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शास्त्रों में अक्षय तृतीया के दिन को अबूझ मुहूर्त कहा गया है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे भी आप कोई भी शुभ काम कर सकते हैं। इस दिन किए जाने वाले कार्यों में गृह प्रवेश, शादी-विवाह, नया बिजनेस शुरू करना, निवेश या प्रॉपर्टी खरीदना जैसे शुभ काम शामिल हैं, जिसके लिए इस दिन किसी विशेष मुहूर्त की जरूरत नहीं होती।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया पूजा कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप अक्षय तृतीया के दिन घर पर सरल पूजा करना चाहते हैं, तो ये आसान विधि अपनाएं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;घर के मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दीपक जलाएं और फूल-फल अर्पित करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तुलसी जी की पूजा करें।0&lt;/li&gt; &lt;li&gt;विष्णु सहस्रनाम या लक्ष्मी मंत्र का जाप करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया सरल धन वृद्धि मंत्र: &ldquo;ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः&rdquo; इस मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया पर बन रहा दुर्लभ संयोग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया 206 पर दो दुर्लभ संयोग बन रहे हैं सौभाग्य योग और आयुष्मान योग। साथ ही इस दिन भगवान परशुराम और हयग्रीव जयंती भी मनाई जाती है, जिससे इस तिथि का महत्व और बढ़ जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीय पर क्या दान करें? जानें महत्व&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है, जिसका फल कभी खत्म नहीं होता। इसलिए इस दिन हर व्यक्ति को अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों को भोजन, फल, वस्त्र आदि दान देना शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन जल से भरा घड़ा, सत्तू, गुड़, छाता, चप्पल और अनाज का दान भी बेहद फलदायी माना जाता है, खासकर गर्मी के मौसम में ये वस्तुएं जरूरतमंदों के लिए बहुत उपयोगी होती हैं। सच्चे मन से किया गया दान न केवल पुण्य बढ़ाता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी लाता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Parshuram Jayanti 2026 Wishes in Hindi: अपनों को यहां से भेजें भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं, 75+ शानदार मैसेज विशेज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/parshuram-jayanti-wishes-in-hindi-top-75-messages-quotes-images-status-to-share-parshuram-jayanti-ki-shubhkamnaye-2026/articleshow-4h2ukoq</link>
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            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 19:33:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti ki Shubhkamnaye 2026:&lt;/strong&gt; भगवान परशुराम जयंती इस साल 19 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है। इस शुभ दिन पर अपनों को भेजें परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं (Parshuram Jayanti ki Shubhkamnaye 2026), हैप्पी परशुराम जयंती शुभकामना संदेश, इमेज, कोट्स विशेज। यहां हैं 75 से अधिक हैप्पी परशुराम जयंती (Happy Parshuram Jayanti 2026) शानदार विशेज।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpge4ws35kn0ke3caj69p9fv,imgname-happy-parshuram-jayanti-2026-wishes-1776520688419.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti 2026 Wishes in Hindi: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में भगवान परशुराम की जयंती अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। हर साल भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया के दिन ही मनाई जाती है। इसलिए इस बार परशुराम की जयंती 19 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है। यह दिन धर्म, साहस और न्याय के प्रतीक भगवान परशुराम को समर्पित होता है। इस खास अवसर पर आप अपने प्रियजनों को ये शानदार भगवान परशुराम जयंती शुभकामनाएं, परशुराम जयंती शुभकामना मैसेज, परशुराम जयंती स्टेटस और हैप्पी परशुराम जयंती कोट्स भेजकर इस शुभ दिन की खुशियां शेयर कर सकते हैं। यहां हैं 75 से ज्यादा Parshuram Jayanti 2026 Wishes in Hindi, अपनों को जरूर शेयर करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भगवान परशुराम जयंती 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं (Parshuram Jayanti ki Hardik Shubhkamnaye)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;धर्म की राह दिखाने आए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;अधर्म का अंत कराने आए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परशुराम जी के आशीर्वाद से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में खुशियां भर जाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;क्रोध में भी जिनका न्याय था,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हाथों में जिनके परशु का बल था,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी कृपा से जीवन संवर जाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन खुशियों का पल हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जी का आशीर्वाद मिले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन में हर खुशी साथ मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दुख-दर्द सब दूर हो जाएं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन नया विश्वास मिले।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शक्ति और भक्ति का संगम है,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;परशुराम जी का ये पावन दिन है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में सुख बरसे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर पल खुशियों से रोशन है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;धर्म का दीप जलाए रखें,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;सत्य के मार्ग पर चलें,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परशुराम जी की कृपा से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर मुश्किल को सरल करें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जी का नाम जो लेता है,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर संकट से वो बच जाता है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी कृपा बनी रहे सदा,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन खुशियों से भर जाता है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अधर्म के अंधकार को मिटाया,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;धर्म का दीप जलाया,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परशुराम जी की कृपा से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर जीवन में उजाला छाया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती का पावन दिन,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;लाए खुशियों का हर क्षण,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में सुख समाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन बने एक नया उत्सव।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;साहस और शक्ति का प्रतीक,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;परशुराम जी हैं सबसे अद्वितीय,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी कृपा आप पर बनी रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन बने सदा सुखमय और विशेष।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जय परशुराम का नारा गूंजे,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिल में श्रद्धा पूजे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी कृपा से जीवन खिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर सपना आपका सच हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Wishes: भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं, भगवान आपको शक्ति और साहस दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख-समृद्धि लाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धर्म और न्याय के प्रतीक परशुराम जी आपकी हर मनोकामना पूरी करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पावन दिन पर आपके जीवन में खुशियों की बरसात हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती पर आपको और आपके परिवार को ढेरों शुभकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में सफलता और खुशियों का संचार हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर संकट से रक्षा करें भगवान परशुराम।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;खुशियों से भरा रहे आपका जीवन।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Quotes: भगवान परशुराम जयंती कोट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&ldquo;धर्म की रक्षा के लिए जो खड़ा हो, वही सच्चा वीर होता है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;साहस और सत्य ही जीवन की असली ताकत है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;अधर्म का अंत और धर्म की विजय निश्चित है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;शक्ति का सही उपयोग ही सच्ची वीरता है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;जो धर्म के मार्ग पर चलता है, वही सच्चा विजेता होता है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti WhatsApp Status: जय परशुराम स्टेटस&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जय परशुराम!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;धर्म की जीत, अधर्म का नाश।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शक्ति और भक्ति का संगम- परशुराम जयंती।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्री परशुराम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती की शुभकामनाएं!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Messages: भगवान परशुराम जयंती मैसेज&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस पावन अवसर पर भगवान परशुराम से प्रार्थना है कि आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती आपके जीवन में नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का आशीर्वाद आपके हर कार्य में सफलता दिलाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके घर में खुशियों का वास हो और दुखों का नाश हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस शुभ दिन पर आपकी सभी इच्छाएं पूरी हों।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Greeting Lines: जय परशुराम ग्रीटिंग मैसेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&ldquo;जय परशुराम! आपके जीवन में हमेशा खुशियां बनी रहें।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा मिले।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;आपका जीवन उज्ज्वल और सफल हो।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;भगवान परशुराम आपको हर कठिनाई से बचाएं।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;सुख-समृद्धि से भरा रहे आपका जीवन।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Parshuram Jayanti Short Wishes (परशुराम जयंती शॉर्ट विशेज)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जय परशुराम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शुभ परशुराम जयंती&lt;/li&gt; &lt;li&gt;Happy Parshuram Jayanti&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्री परशुराम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान का आशीर्वाद बना रहे&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Wishes (परशुराम जयंती की शुभकामनाएं)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती का यह पर्व आपके जीवन में नई रोशनी लाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में सदैव खुशियां बनी रहें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का आशीर्वाद आपको सफलता दिलाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में प्रेम और शांति का वास हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिन आपके लिए खास बने।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti Motivational Lines (भगवान परशुराम जयंती प्रेरणादायक पंक्तियां)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&ldquo;सत्य और धर्म के लिए लड़ना ही सच्ची वीरता है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;अपने कर्मों से महान बनो।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;धैर्य और साहस से हर मुश्किल आसान होती है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;सही मार्ग पर चलना ही जीवन का उद्देश्य है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;संघर्ष ही सफलता की कुंजी है।&rdquo;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Parshuram Jayanti 2026 WhatsApp Greetings (परशुराम जयंती व्हाट्सऐप ग्रीटिंग्स)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्री परशुराम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान का आशीर्वाद बना रहे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शुभ परशुराम जयंती&lt;/li&gt; &lt;li&gt;खुशियों से भरा दिन हो&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti 2026 Wishes: परशुराम जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जीवन में खुशियों की बहार आए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर सपना आपका साकार हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान का आशीर्वाद सदा बना रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुख-शांति और समृद्धि मिले।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका हर दिन मंगलमय हो।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti 2026 Special Wishes Lines: परशुराम जयंती विशेज लाइनें&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;धर्म, साहस और सत्य का प्रतीक है परशुराम जयंती।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह पर्व हमें सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का जीवन हमें संघर्ष और साहस सिखाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दिन हमें धर्म के प्रति समर्पित होना चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह दिन नई शुरुआत का प्रतीक है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti 2026 Wishes: परशुराम जयंती शुभकामनाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम आपकी हर इच्छा पूरी करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में खुशियों की कमी न हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिन आपके लिए शुभ हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका जीवन सफलता से भरा रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय परशुराम!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Parshuram Jayanti 2026: (भगवान परशुराम जयंती शुभकामना संदेश)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम आपको हर संकट से बचाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में प्रेम और विश्वास बना रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिन नई उम्मीद लेकर आए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका जीवन सुखमय हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम का आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परशुराम जयंती की ढेरों शुभकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका हर दिन मंगलमय हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जीवन में सफलता आपके कदम चूमे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान परशुराम आपको खुश रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्री परशुराम&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya 2026: आखा तीज पर कौन-से 5 काम भूलकर न करें?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/webstories/religious-news/akshaya-tritiya-2026-akha-teej-par-bhulkar-bhi-na-karein-ye-5-kaam-64xmeo3</link>
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            <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 09:17:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya Par Kon Se Kaam Na Kare: इस बार अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को है। ये बहुत ही शुभ तिथि है, इसलिए इस दिन कुछ काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए, नहीं तो इसका बुरा परिणाम मिलता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kphxaxe6c3jsbaffjv0ef7gq,imgname-akshaya-tritiya-2026-01-1776570168773.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Ganga Saptami 2026: मरते हुए व्यक्ति के मुंह में क्यों डालते हैं गंगा जल? जानें रोचक मान्यताएं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/ganga-saptami-2026-marte-hue-vyakti-ko-kyon-pilate-hain-ganga-jal-religious-scientific-reason/articleshow-6g208a2</link>
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            <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 10:06:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ganga Saptami Kab Hai: हिंदू धर्म में गंगा जल को बहुत पवित्र माना गया है, इसलिए मरते हुए व्यक्ति को गंगाजल पिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से मरने वाले के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;why ganga is holy river scientific reason:&lt;/strong&gt; देवनदी गंगा को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी माना गया है। इसलिए हर शुभ काम जैसे पूजा-पाठ आदि में भी गंगा जल का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति मरणासन्न &zwnj;अवस्था में हो यानी शीघ्र ही मरने वाला हो तो उसके मुंह में गंगा जल डालने की परंपरा भी हिंदू धर्म में है। इस परंपरा से जुड़ी कईं मान्यताएं हैं जिनके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। आगे जानिए मरते हुए व्यक्ति के मुंह में क्यों डालते हैं गंगा जल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोक्ष प्रदान करता है गंगा जल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्राचीन कथा के अनुसार, कपिल मुने के क्रोध से राजा सगर के अनेक पुत्र जलकर भस्म हो गए थे। उनकी मुक्ति का एक ही उपाय था गंगा जल। राजा सगर की कईं पीढ़ियों के बाद राजा भागीरथ हुए। वे तपस्या करके देवनदी गंगा को धरती पर लेकर आए। गंगा जल के स्पर्श से ही राजा भागीरथ के पूर्वजों को मोक्ष मिल गया। इसी मान्यता के चलते मरते हुए व्यक्ति को गंगा जल पिलाया जाता है कि उसे भी इस जन्म-मृत्यु के बंधनों से मुक्ति मिले और वह भी मोक्ष को प्राप्त हो।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Hindu Tradition: शवयात्रा को नमस्कार क्यों करते हैं, क्या आप जानते हैं ये रहस्य?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पापों से मुक्ति दिलाता है गंगा जल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हर व्यक्ति अपने जीवन काल में जाने-अनजानें में कईं पाप करता है। ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के बाद उसे अपने पापों का दण्ड नरक में भोगना पड़ता है। मरने वाले को नरक में मिलने वाले दण्डों से बचाने के लिए भी उसे गंगा जल पिलाया जाता है जिससे कि उसके सभी पाप नष्ट हो सकें। गरुड़ पुराण आदि में भी इस बात का वर्णन मिलता है कि मरने वाले के मुंह में गंगा जल डाल दिया जाए तो उसके सभी पाप उसी समय नष्ट हो जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गंगा का जल क्यों है इतना पवित्र?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऐसी मान्यता है कि गंगा स्वर्ग से उतरकर धरती पर आई है, इसलिए इसे देवनदी भी कहते हैं। स्वर्ग से आने के कारण ही गंगा के जल को परम पवित्र माना गया है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी गंगाजल को विशेष माना जाता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक तत्व और बैक्टीरियोफेज पाए जाते हैं जो पानी को लंबे समय तक खराब होने से बचाते हैं। यही कारण है कि गंगाजल को शुद्ध और पवित्र समझा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Shankaracharya Jayanti 2026: कौन थे आदि गुरु शंकराचार्य? 5 रहस्य जो कर देंगे हैरान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shankaracharya-jayanti-2026-kab-hai-adi-guru-shankaracharya-facts-history/articleshow-8p0n2w1</link>
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            <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 10:06:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Shankaracharya Jayanti 2026: आदि गुरु शंकराचार्य के बारे में हम सभी जानते हैं। इन्होंने न सिर्फ 4 मठों की स्थापना की बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए अखाड़े बनाए। इन्होंने ही बद्रीनाथ और केदारनाथ की पुनर्स्थापना भी की।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Shankaracharya Jayanti 2025:&lt;/strong&gt; वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती हर साल मनाई जाती है। इस बार पंचांग भेद के चलते ये पर्व 21 और 22 दो दिनों तक मनाया जाएगा। आदि गुरु शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी कम उम्र में ही अनेक ऐसे कार्य किए, जो किसी साधारण मनुष्य के बस की बात नहीं है। आदि गुरु शंकराचार्य कौन थे, उनका जन्म कहां हुआ, इसके बारे में कम ही लोगों को बता है। आगे जानिए आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी खास बातें&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Kedarnath Dham Yatra 2026: कब खुलेंगे केदारनाथ के कपाट? जानें भीष्म श्रृंगार का रहस्य&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन थे आदि गुरु शंकाराचार्य?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार आदि गुरु शंकाराचार्य का जन्म 788 ईस्वी में केरल के कालड़ी गांव में नम्बूदरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम शिव गुरु और माता का नाम आर्याम्बा था। इन्हें साक्षात भगवान शिव का अवतार ही माना जाता है क्योंकि इनके द्वारा किए गए कार्य कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता था।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बचपन में ही पढ़ लिए सारे वेद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिस उम्र में छोटे बच्चों को ठीक से लिखना-पढ़ना नहीं आता, उस उम्र में यानी 8 वर्ष की अल्प आयु में ही आदि गुरु शंकराचार्य ने सारे वेद पढ़ लिए थे, साथ ही उन्हें ये सभी वेद कंठस्थ भी हो गए। इतनी कम उम्र में वेदों का अध्ययन करना साधारण बात नहीं थी, इसलिए इन्हें दिव्य शक्ति के रूप में लोगों ने स्वीकार किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ये श्लोक है प्रचलित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आदि शंकराचार्य के विषय में एक श्लोक प्रचलित है-&lt;strong&gt;अष्टवर्षेचतुर्वेदी, द्वादशेसर्वशास्त्रवित्&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;षोडशेकृतवान्भाष्यम्द्वात्रिंशेमुनिरभ्यगात्&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अर्थ-&lt;/strong&gt; आदि गुरु शंकराचार्य ने 8 वर्ष की आयु में चारों वेदों पढ़ लिए थे। 12 वर्ष की आयु में उन्होंने सभी शास्त्रों का अध्ययन कर लिया। 16 वर्ष की आयु में शांकरभाष्य की रचना की और 32 वर्ष की आयु में उन्होंने शरीर त्याग दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4 मठों की स्थापना की&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आदि गुरु शंकराचार्य के समय सनातन धर्म की स्थिति ठीक नहीं थी। अन्य धर्म इस पर हावी हो रहे थे। तब आदि गुरु शंकाराचार्य ने 3 बार पूरे भारत की यात्रा की और मठ-मंदिरों की स्थापना की। देश के 4 मठ भी इन्हीं की देन है। केदारनाथ और बद्रीनाथ की पुर्नस्थापना भी आदि गुरु शंकाराचार्य ने ही की थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कनकधारा स्त्रोत से करवाई सोने की बारिश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक बार आदि गुरु शंकराचार्य एक गरीब ब्राह्मण के घर दान लेने गए। उस ब्राह्मण के पास कुछ भी नहीं था, लेकिन फिर भी उसने एक सूखा आंवला उन्हें दान में दे दिया। उसके मन में दान की भावना देख आदि गुरु शंकराचार्य उसी समय कनकधारा स्त्रोत की रचना की जिससे देवी लक्ष्मी ने प्रसन्न होकर उस गरीब व्यक्ति के घर सोने की बारिश कर दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Hindu Tradition: शवयात्रा को नमस्कार क्यों करते हैं, क्या आप जानते हैं ये रहस्य?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/hindu-funeral-rites-why-fold-hands-during-shav-yatra-ram-naam-satya-hai-meaning-sigbificance/articleshow-a02mzgo</link>
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            <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 13:55:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;hindu tradition after death: हिंदू धर्म को मानने वाले अगर किसी की शवयात्रा को देखते हैं तो हाथ जरूर जोड़ते हैं। ये बात उन्हें बचपन से ही सिखाई जाती है। ये एक तरह से हिंदुओं की परंपरा है लेकिन इसके पीछे का कारण कम ही लोगों को पता है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;hindu funeral rites and ritual: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में अनेक परंपराएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से कुछ के पीछे धार्मिक तो कुछ के पीछे वैज्ञानिक कारण छिपे होते हैं। कुछ परपंराएं ऐसी भी हैं जो मनोवैज्ञानिक तथ्यों से जुड़ी हुई हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि अगर रास्ते पर कोई शवयात्रा निकल रही है तो हिंदू धर्म को मानने वाले उसे देखकर सम्मान पूर्वक हाथ जोड़ते हैं। शवयात्रा को देखकर हाथ क्यों जोड़ते हैं, ये बात बहुत कम लोगों को पता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए इस परंपरा के पीछे की वजह&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों शवयात्रा के जोड़ते हैं हाथ?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अगर कोई शवयात्रा मार्ग पर दिख जाए तो हाथ जोड़कर नमस्कार जरूर करना चाहिए। लेकिन ये नमस्कार उस शव या शवयात्रा को नहीं किया जाता बल्कि भगवान का स्मरण कर किया जाता है और ये प्रार्थना भी की जाती है कि भगवान मरने वाले व्यक्ति की आत्मा को मोक्ष प्रदान करें और उसके परिवार को इस दुख की घड़ी से निपटने के लिए साहस प्रदान करें। लेकिन ये बात बहुत कम लोगों को पता है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी कब, 22 या 23 अप्रैल? जानें पूजा विधि, मुहूर्त और आरती&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शवयात्रा में क्यों बोलते हैं राम नाम सत्य है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शवयात्रा में चल रहे लोग राम नाम सत्य है बोलते हुए भी चलते हैं। इसके पीछे भी एक मनोवैज्ञानिक कारण छिपा है। वो ये है कि जन्म लेते ही मनुष्य इस संसार में मोह-माया में फंस जाता है। जीवन यापन के लिए वो कईं गलत काम भी करता है और दूसरों के धन को भी हड़पने का प्रयास करता है लेकिन वो ये भूल जाता है वो इस धन को अपने साथ नहीं ले जा सकता है। भगवान राम का नाम ही एकमात्र सत्य है। इसलिए भगवान की भक्ति में रहते हुए अपना जीवन धर्मपूर्वक बिताना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शवयात्रा में जाएं तो क्या करें-क्या नहीं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; जब भी आप किसी शवयात्रा में जाएं तो वहां किसी भी तरह का हंसी-मजाक न करें।&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; मृत आत्मा की शांति के लिए भगवान को प्रार्थना करें।&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; मृतक का कंधा जरूर दें। इससे आपको पुण्य फल प्राप्त होगा।&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; शवयात्रा में कपड़े आदि शालीन होना चाहिए।&lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; शवयात्रा के लौटकर स्नान जरूर करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Kedarnath Dham Yatra 2026: कब खुलेंगे केदारनाथ के कपाट? जानें भीष्म श्रृंगार का रहस्य]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/kedarnath-dham-yatra-2026-kapat-kab-khulenge-bhishma-shringar-kya-hai/articleshow-g61neiy</link>
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            <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:02:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Kedarnath Dham Yatra: उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। गंगोत्री-यमनौत्री के बाद अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलते ही सबसे पहले भीष्म श्रृंगार हटाया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;kedarnath ke pat kab khulenge 2026:&lt;/strong&gt; हर साल अक्षय तृतीया से उत्तराखंड की 4 धाम यात्रा शुरू होती है। इस 4 धाम यात्रा में गंगोत्री-यमनौत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम आते हैं। 19 अप्रैल को गंगौत्री और यमनौत्री मंदिर के पट दर्शनों के लिए खुल चुके हैं। अब 22 अप्रैल को केदारनाथ मंदिर के कपाट आम भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ मंदिर खुलते ही सबसे पहले बाबा केदारनाथ का भीष्म श्रृंगार हटाया जाता है। आगे जानें इस श्रृंगार से जुड़ी खास बातें&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Badrinath Mandir: बद्रीनाथ मंदिर में क्यों लगाते हैं &lsquo;कॉकरोच&rsquo; को भोग, क्या है ये परंपरा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है भीष्म श्रृंगार, क्यों करते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केदारनाथ मंदिर शीत ऋतु के दौरान बंद रहता है क्योंकि इस दौरान यहां भयंकर बर्फबारी होती है। दिवाली के आस-पास हर साल केदारनाथ मंदिर को अक्षय तृतीया तक के लिए बंद कर दिया जाता है। बंद करने से पहले केदारनाथ शिवलिंग का भीष्म श्रृंगार किया जाता है।इस श्रृंगार में शिवलिंग पर 6 लीटर शुद्ध घी का लेपन किया जाता है। इसके बाद इस पर खास तरह से तैयार किया गया सफेद कॉटन का कपड़ा लपेटा जाता है। ऐसा इसलिए करते हैं कि शिवलिंग पर शीत ऋतु का प्रभाव न हो और ये प्राकृतिक रूप में बना रहे।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन करता है बाबा केदारनाथ का भीष्म श्रृंगार?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बाबा केदारनाथ का भीष्म श्रृंगार कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के पुजारी करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 5 घंटे का समय लगता है। श्रृंगार के बाद बाबा केदारनाथ को मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स का भोग लगाते हैं। इसे आर्घा कहते हैं। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन खोलता है केदारनाथ धाम के कपाट?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया के बाद कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के पुजारी ही केदारनाथ धाम के कपाट खोलते हैं और सबसे पहले भीष्म श्रृंगार को हटाते हैं। इसके बाद शिवलिंग का विशेष मंत्रों के साथ गंगा जल से अभिषेक किया जाता है। इसके बाद पंचामृत स्थान करके बाबा केदारनाथ को नए फूलों, भस्म लेप और चंदन का तिलक लगाकर विशेष श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद आम भक्तों को दर्शन करने का मौका मिलता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Unique Temples: मिर्ची से हवन, तंत्र से सिद्धि! हैरान कर देंगे इस देवी मंदिर के रहस्य]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/baglamukhi-temple-ujjain-madhya-pradesh-mirchi-havan-tantra-sadhana-mahatva-history/articleshow-iato5eo</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/baglamukhi-temple-ujjain-madhya-pradesh-mirchi-havan-tantra-sadhana-mahatva-history/articleshow-iato5eo</guid>
            <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 09:27:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Baglamukhi Jayanti 2026: हमारे देश में अनेक प्राचीन देवी मंदिर हैं। इन मंदिरों से कोई न कोई खास बात जरूर जुड़ी है। ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी है, जो देवी बगलामुखी को समर्पित है। ये स्थान तंत्र साधना के लिए जाना जाता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpystejt7czvt95r656zj5j9,imgname-ujjain-nalkheda-baglamukhi-temple-1777002691161.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India's Unique Temples:&lt;/strong&gt; आपने अब तक अनेक हवनों के बार में देखा और सुना होगा लेकिन क्या मिर्ची से हवन के बारे में सुना है। सुनने में ये बात अजीब लगे लेकिन ये सच है। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नलखेड़ा नामक स्थान पर देवी बगलामुखी का एक प्राचीन मंदिर हैं। यहां विशेष कामों में सफलता के लिए मिर्ची अनुष्ठान किया जाता है। इस अनुष्ठान में हवन में लाल मिर्च डाली जाती है। यहां दूर-दूर से तांत्रिक आकर देवी को प्रसन्न करने के लिए साधनाएं करते हैं। बगलामुखी जयंती (24 अप्रैल 2026) के मौके पर जानिए इस मंदिर से जुड़ी खास बातें&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Baglamukhi Jayanti 2026: कब है बगलामुखी जयंती, कैसे करें पूजा? जानें मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है बगलामुखी मंदिर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों में देवी की 10 महाविद्याओं का वर्णन भी मिलता है। इनमें से एक हैं बगलामुखी। देवी का ये रूप तंत्र-मंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। मान्यता है कि देवी बगलामुखी की पूजा से हर तरह का दुख और संकट दूर हो जाता है। इनका एक नाम पीतांबरा भी है। वैसे तो देवी बगलामुखी के अनेक मंदिर हमारे देश में हैं लेकिन इनमें से 2 ही सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं। ये दोनों ही मध्य प्रदेश में है। पहला दतिया में पीतांबरा शक्तिपीठ और दूसरा उज्जैन के नलखेड़ा में स्थित बगलामुखी मंदिर।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इसलिए तंत्र-मंत्र के लिए है प्रसिद्ध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नलखेड़ा के बगलामुखी मंदिर में देवी बगलामुखी की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है। देवी बगलामुखी की प्रतिमा के दाएं ओर मां लक्ष्मी तथा बाईं ओर देवी सरस्वती की प्रतिमा भी हैं। कहा जाता है कि ये प्रतिमा खुद प्रकट हुईं। इस मंदिर के चारों श्मशान है और पास में ही लखूंदर नदी बहती है। श्मशान और नदी का किनारा होने से इस स्थान पर की गई तंत्र साधना बहुत ही जल्दी सिद्ध हो जाती है। यही कारण है कि नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दूर से तांत्रिक साधना करने आते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ यहीं होता है मिर्ची अनुष्ठान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हवन में आमतौर पर समिधा का उपयोग किया जाता है लेकिन बगलामुखी मंदिर में विशेष कार्य की सिद्धि के लिए मिर्ची अनुष्ठान यानी मिर्ची यज्ञ करने की परंपरा है। ये अनुष्ठान शत्रुओं पर विजय पाने के लिए किया जाता है। इस अनुष्ठान में साबूत लाल मिर्ची के साथ चंदन, गूगल, सरसों के तेल का उपयोग भी किया जाता है। संभवत ये देश का पहला ऐसा मंदिर हैं जहां मिर्ची से यज्ञ किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया कब है? जानें सही डेट, पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-kab-hai-date-shubh-muhurat-puja-vidhi-mantra-mahatva-significance/photoshow-ihngkzf</link>
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            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 10:21:39 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीय को धर्म ग्रंथों में बहुत ही शुभ तिथि बताया गया है। यही कारण है इस दिन लोग शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि बिना मुहूर्त के भी कर लेते हैं। इस दिन सोना खरीदने का भी विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpfdbfnsjjnz02kg3mesvkbj,imgname-akshaya-tritiya-2026-date-1776486301369.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीय को धर्म ग्रंथों में बहुत ही शुभ तिथि बताया गया है। यही कारण है इस दिन लोग शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि बिना मुहूर्त के भी कर लेते हैं। इस दिन सोना खरीदने का भी विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Akshaya Tritiya Kab Hai: हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर अक्षय तृतीया का उत्सव मनाया जाता है। धर्म ग्रंथो में इसे अबूझ और स्वयंसिद्ध मुहूर्त बताया गया है। इस बार अक्षय तृतीया की डेट को लेकर ज्योतिषियों में मतभेद की स्थिति बन रही है, जिसके चलते ये पर्व 2 दिन तक मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी तिथि पर देवी लक्ष्मी ने कुबेर को धन का स्वामी बनाया था, इसलिए इस तिथि पर देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। आगे जानिए कब है अक्षय तृतीया, कैसे करें देवी लक्ष्मी की पूजा, शुभ मुहूर्त, मंत्र आदि खास बातें&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti 2026: कब है परशुराम जयंती, कैसे करें पूजा? जानें विधि, मंत्र और मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल, रविवार की सुबह 10 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी जो 20 अप्रैल, सोमवार की सुबह 07 बजकर 27 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अक्षय तृतीया पर्व से संबंधित सभी कार्य दोपहर में किए जाते हैं, इसलिए ये पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी। जहां सूर्योदय तिथि से पर्व मनाते हैं, वहां ये पर्व 20 अप्रैल को मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya Upay: इस दिन 5 जगह दीपक जलाएं, मां लक्ष्मी की कृपा से बढ़ेगा धन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुबह 07:41 से 09:16 तकसुबह 09:16 से 10:51 तकसुबह 10:49 से दोपहर 12:20 (श्रेष्ठ मुहूर्त)दोपहर 12:00 से 12:51 तक (अभिजीत मुहूर्त)दोपहर 02:00 से 03:35 तक&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;- अक्षय तृतीया की सुबह यानी 19 अप्रैल को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त से पहले पूजा की पूरी तैयारी कर लें।- शुभ मुहूर्त शुरू होने पर भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करें। इसके लिए एक पटिए पर इनकी तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। सबसे पहले दीपक जलाएं।- गाय के दूध से विष्णु-लक्ष्मी प्रतिमा का अभिषेक करें। फूलों की माला पहनाएं। अबीर, गुलाल, चावल, फूल, पान, फल, वस्त्र, नारियल आदि चीजें एक-एक चढ़ाते रहें।- पूजा करते समय ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊं मंत्र का जाप करते रहें। खीर का भोग भी लगाएं। आरती करें और प्रसाद भक्तों में बांट दें।- पूजा के बाद सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। अक्षय तृतीया पर देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से धन सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ऊं जय लक्ष्मी माता, जय लक्ष्मी माता।तुमको निसिदिन सेवत हर विष्णु-धाता।। ऊं।।उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग माता।सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।। ऊं...।।दुर्गारूप निरंजनि, सुख-सम्पत्ति दाता।जो कोई तुमको ध्यावत, रिद्धि-सिद्धि धन पाता।। ऊं...।।तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधिकी त्राता।। ऊं...।।जिस घर तुम रहती, तहँ सब सद्गुण आता।सब संभव हो जाता, मन नहिं घबराता।। ऊं...।।तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न हो पाता।खान-पान का वैभव सब तुमसे आता।। ऊं...।।शुभ-गुण-मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहिं पाता।। ऊं...।।महालक्ष्मी(जी) की आरती, जो कोई नर गाता।उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।। ऊं...।।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Baglamukhi Jayanti 2026: कब है बगलामुखी जयंती, कैसे करें पूजा? जानें मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल]]></title>
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            <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 15:25:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Baglamukhi Jayanti 2026 Date: देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक है। इनकी पूजा तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए की जाती है। इनका एक नाम पीतांबरा भी है। हर साल वैशाख मास में बगलामुखी जयंती का पर्व मनाया जाता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpwvwd3txjppg0b1vp4k7azs,imgname-baglamukhi-jayanti-2026-1776937743482.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Baglamukhi Jayanti Kab Hai:&lt;/strong&gt; देवी पुराणमें 9 देवियों के अलावा 10 महाविद्याओं के बारे में भी बताया गया है। इन्हीं 10 महाविद्याओं में से एक है देवी बगलामुखी। हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को इनका जयंती पर्व मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 24 अप्रैल, शुक्रवार को है। मां बगलामुखी तंत्र-मंत्र की देवी हैं। दुश्मनों का नाश करने और विशेष कामों में सफलता के लिए इनकी पूजा की जाती है। आगे जानिए देवी बगलामुखी की पूजा विधि, मंत्र, आरती आदि&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Hindu Tradition: शवयात्रा को नमस्कार क्यों करते हैं, क्या आप जानते हैं ये रहस्य?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बगलामुखी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह 06:02 से 07:38 तकसुबह 07:38 से 09:13 तकदोपहर 11:59 से 12:50 तक (अभिजीत मुहूर्त)दोपहर 12:25 से 02:00 तकशाम 05:11 से 06:47 तक&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देवी पीतांबरा की पूजा विधि और मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- 24 अप्रैल, शुक्रवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और व्रत-पूजा का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त से पहले पूजा की तैयारी कर लें। संभव हो तो पूजा के लिए पीले वस्त्र पहनें।- जिस स्थान पर पूजा करनी हो तो उसे साफ कर लें। वहां एक पटिए पर देवी बगलामुखी की तस्वीर स्थापित करें। सबसे पहले पीले फूलों का हार पहनाएं और हल्दी से तिलक करें।- शुद्ध घी का दीपक जलाएं। साथ ही पीले चावल भी देवी को अर्पित करें। रोली, अबीर, गुलाल आदि चीजें एक-एक कर देवी को चढ़ाएं, साथ ही पीली चुनरी भी। पीली मिठाई का भोग लगाएं।- पूजा करते समय ऊं ह्लीं बगलामुख्यै नमः मंत्र का जाप करते रहें। पूजा के बाद देवी की आरती करें। रात में देवी बगलामुखी के मंत्रों का जाप करें। अगले दिन व्रत का पारणा करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देवी बगलामुखी की आरती (Devi Baglamukhi Ki Aarti)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जय जय श्री बगलामुखी माता, आरती करहुँ तुम्हारी ।पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी ॥कर कमलों में मुदगर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर नारी ।चम्पक माल गले लहरावे, सुर नर मुनि जय जयति उचारी ॥त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब, भक्ति सदा तव है सुखकारी ।पालत हरत सृजत तुम जग को, सब जीवन की हो रखवारी ॥मोह निशा में भ्रमत सकल जन, करहु हृदय महँ, तुम उजियारी ।तिमिर नशावहु ज्ञान बढ़ावहु, अम्बे तुम ही हो असुरारी ॥संतन को सुख देत सदा ही, सब जन की तुम प्राण पियारी ।तब चरणन जो ध्यान लगावै, ताको हो सब भव-भयकारी ॥&lt;strong&gt;॥ दोहा ॥&lt;/strong&gt;बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोयविनती कुलपति मिश्र की, सुख संपत्ति सब होय&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Parshuram Jayanti 2026 Date: परशुराम जयंती कब है 19 या 20 अप्रैल? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/parshuram-jayanti-2026-date-kab-hai-parshuram-jayanti-correct-date-tithi-shubh-muhurat-puja-vidhi-significance/articleshow-ngqlf74</link>
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            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 19:41:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti 2026 Kab Hai: &lt;/strong&gt;परशुराम जयंती, बैसाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है। लेकिन इस साल तृतीया तिथि दो दिन पड़ने के कारण परशुराम जयंती की डेट को लेकर भ्रम है। ऐसे में जानें परशुराम जयंती 2026 कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि समेत जरूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01knvmf134fkf50j2nr9rxxvzs,imgname-parshuram-jayanti-2026-date-1775822668900.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti 2026 Date Muhurat: &lt;/strong&gt;परशुराम जयंती हर साल बैसाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इसी दिन अक्षय तृतीया का शुभ दिन भी मनाया जाता है। परशुराम को भगवान विष्णु का छठे अवतार माना जाता है। इस साल तृतीया तिथि को लेकर चल रहे कंफ्यूजन के कारण लोग कंफ्यूज हैं कि 2026 में परशुराम जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाएगी या 20 अप्रैल को। ऐसे में जानिए कि परशुराम जयंती 2026 की सही डेट क्या है और अक्षय तृतीया 2026 कब है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Parshuram Jayanti 2026 Puja Shubh Muhurat: परशुराम जयंती 2026 तिथि और समय (अक्षय तृतीया डेट)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;तिथि: 19 अप्रैल 2026, रविवार&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तृतीय तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तृतीय तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026, सुबह 7:27 बजे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 6:49 से 8:12 बजे तक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;द्रिक पंचांग के अनुसार, परशुराम जयंती पूजा मुहूर्त 19 अप्रैल को शाम 6 बजकर 49 मिनट से रात 8 बजकर 12 मिनट तक है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था। इसी कारण यह समय पूजा-अर्चना के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026: सोना नहीं खरीद सकते तो क्या, ये 3 चीजें खरीदते ही चमक जाएगी किस्मत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;परशुराम जयंती पूजा विधि? (Parshuram Jayanti Puja Vidhi)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले सुबह उठ कर स्नान करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दिन गंगा में स्नान करना विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। लेकिन ऐसा संभव न हो, तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिला कर स्नान करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब भगवान परशुराम और भगवान विष्णु की पूजा करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;घर के मंदिर में या पूजा स्थान पर भगवान परशुराम की मूर्ति या चित्र रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब दीप जलाकर पूजा की शुरुआत करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परशुराम जी के मंत्रों का जाप करें और आचमन, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पण करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फल, मिठाई का भोग लगाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अंत में आरती करें और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या धन का दान करना शुभ माना जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह दिन नए काम या व्यापार, बिजनेस शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026 Date: अक्षय तृतीया कब है 19 या 20 अप्रैल? जानिए सही डेट, सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;परशुराम जयंती का महत्व (Parshuram Jayanti Significance)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भगवान परशुराम ब्राह्मण थे लेकिन फिर भी उनमें क्षत्रिय गुण थे। उन्होंने अत्याचारी शासकों से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए जन्म लिया था। मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर कहीं तप कर रहे हैं। भगवान परशुराम की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। यह भी कहा जाता है कि इससे व्यक्ति अपने पिछले पापों से मुक्त हो जाता है। दान और भक्ति के कार्यों से आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनके आदर्शों पर चलने से व्यक्ति में साहस, धर्म के प्रति आस्था और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की शक्ति विकसित होती है। उनका जीवन संयम, तप और धर्म की रक्षा का प्रतीक माना जाता है, जो आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/parshuram-jayanti-2026-date-kab-hai-parshuram-jayanti-correct-date-tithi-shubh-muhurat-puja-vidhi-significance/articleshow-ngqlf74"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/budhwa-mangal-2026-bada-mangal-kab-hai-8-tuesdays-jyeshtha-maas-puja-mahatva-katha/articleshow-o5biknt</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/budhwa-mangal-2026-bada-mangal-kab-hai-8-tuesdays-jyeshtha-maas-puja-mahatva-katha/articleshow-o5biknt</guid>
            <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 09:28:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Budhwa Mangal Kab Hai: हिंदू पंचांग का तीसरा महीना यानी ज्येष्ठ हनुमानजी की भक्ति के लिए बहुत ही खास माना गया है। इस महीने मे आने वाले सभी मंगलवार को बड़ा और बुढ़वा मंगल कहते हैं। इस दिन हनुमानजी की विशेष पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kk8tpk5t4wer96e6br331248,imgname-hanuman-ji-career-remedy-1773044190394.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bada Mangal Kab Hai:&lt;/strong&gt; आपने बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के बारे में जरूर सुना होगा। ये शब्द सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में प्रचलित है। देश के अन्य राज्यों में इनके बारे में कम ही पता है। ज्येष्ठ मास में जितने भी मंगलवार आते हैं, उन्हें बुढ़वा और बड़ा मंगल के नाम से जाता है। इन सभी मंगलवार पर भगवान श्री हनुमानजी की विशेष पूजा की जाती है। उत्तर प्रदेश में इन मंगलवार पर हनुमान मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। जानें क्या है बड़ा मंगल का महत्व&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Hindu Tradition: 36 में से कितने गुण मिलने पर होती है सफल शादी? ज्योतिष का चौंकाने वाला खुलासा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है बड़ा मंगल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बड़ा मंगल को लेकर कईं कथाएं प्रचलित हैं। उनमें से एक के अनुसार ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हनुमानजी का पहली बार श्रीराम से मिलन हुआ था। वहीं दूसरी मान्यता ये है कि इसी दिन हनुमानजी ने पांडु पुत्र भीम का अहंकार तोड़ा था। इन्हें मान्यताओं के चलते ज्येष्ठ मास के हर मंगलवार को बड़ा और बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इन मंगलवार पर हनुमानजी की विशेष पूजा व उपाय आदि किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में बड़ा मंगल का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Badrinath Mandir: बद्रीनाथ मंदिर में क्यों लगाते हैं &lsquo;कॉकरोच&rsquo; को भोग, क्या है ये परंपरा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2026 में कितने बड़ा मंगल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषियों के अनुसार इस बार ज्येष्ठ का अधिक मास होने से इस महीने में 4 नहीं बल्कि 8 मंगलवार आएंगे। कईं दशकों में ऐसा दुर्लभ संयोग बनता है। इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई, शनिवार से शुरू होगा जो 29 जून, सोमवार तक रहेगा। इस दौरान 17 मई, रविवार से 15 जून, सोमवार तक अधिक मास रहेगा। ज्येष्ठ मास में आने वाला सभी 8 मंगलवार बुढ़वा यानी बड़ा मंगल कहलाएंगे। आगे जानिए 2026 में बुढ़वा मंगल कब-कब है&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बुढ़वा मंगल की डेट्स (Bada Mangal 2026 Dates)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026पांचवां बड़ा मंगल: 2 जून 2026छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026आठवां व अंतिम बड़ा मंगल: 23 जून 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Happy Akshaya Tritiya 2026 Wishes in Hindi: धन-खुशियों की बरसात हो... अपनों को यहां से भेजें अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं]]></title>
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            <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 08:54:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Happy Akshaya Tritiya 2026 Wishes in Hindi: अक्षय तृतीया पर यहां से अपनों को भेजें बेस्ट Happy Akshaya Tritiya Wishes, अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं, हैप्पी अक्षय तृतीया मैसेज, इमेज, हैप्पी अक्षय तृतीया शायरी और अक्षय तृतीया कोट्स। दोस्तों-परिवार को भेजने के लिए लेटेस्ट और दिल छू लेने वाले अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं विशेज, इमेज और संदेश।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpgb6am01hatt1t6bh9vhmnk,imgname-happy-akshaya-tritiya-2026-wishes-in-hindi-1776517589632.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Happy Akshaya Tritiya 2026 Wishes in Hindi: &lt;/strong&gt;अक्षय तृतीया 2026 इस बार 19 और 20 अप्रैल दोनों ही दिन मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में बेहद शुभ माने जाने वाले इस दिन को धन, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया हर शुभ कार्य और निवेश अक्षय फल देता है, इसलिए लोग अपने प्रियजनों को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं भेजते हैं। अगर आप भी अपने दोस्तों, परिवार और रिश्तेदारों को भेजने के लिए बेस्ट अक्षय तृतीया विशेज, लेटेस्ट शुभकामना संदेश, दिल छू लेने वाली शायरी या ट्रेंडिंग कोट्स ढूंढ रहे हैं, तो यहां आपको एक ही जगह पर मिलेगा अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं (Akshaya Tritiya ki Hardik Shubhkamnaye), हैप्पी अक्षय तृतीया विशेज (Happy Akshaya Tritiya Wishes), अक्षय तृतीया शुभकामना संदेश, मैसेज (Akshaya Tritiya Messages), हैप्पी अक्षय तृतीया विशेज शायरी (Happy Akshaya Tritiya Shayari), अक्षय तृतीया शुभकमाना कोट्स (Happy Akshaya Tritiya Quotes)। अपनों को यहां से भेजें करें। इन्हें आप अपने सोशल मीडिया, इंस्टा, व्हाट्सअप स्टेटस, SMS पर भी शेयर कर इस खास दिन को और भी खास बना सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Akshaya Tritiya 2026 Wishes in Hindi: अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया का ये प्यारा त्योहार,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;लाए जीवन में खुशियों की बहार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मां लक्ष्मी का रहे सदा आशीर्वाद,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भर जाए घर आपका सुख और प्यार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया 2026।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सोना-चांदी से नहीं, दिल से अमीर बनो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन खुशियों का नसीब बनो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर यही दुआ है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप हर पल खास और करीब बनो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;धन की नहीं, खुशियों की बरसात हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन आपका खास हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया का ये संदेश,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में हर पल प्रकाश हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मां लक्ष्मी का हाथ हो सिर पर,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन नया उजाला हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर यही दुआ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका जीवन निराला हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर घर में खुशियां आए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर चेहरा मुस्कुराए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया का ये पर्व,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सबको खुशहाल बनाए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सुख-समृद्धि का दीप जले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन में उजाला पले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर ये दुआ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दुख आपसे दूर चले&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया 2026।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सोने की चमक, खुशियों की बरसात हो जाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिल में आज नई सी सौगात हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर बरसे मां लक्ष्मी का प्यार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर घर में सुख-समृद्धि की बात हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया का ये पावन त्योहार आया,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर चेहरे पर खुशियों का रंग छाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;धन-धान्य से भर जाए हर एक घर-आंगन,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मां लक्ष्मी का आशीर्वाद सबने पाया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दिन हो खुशियों का मेला,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन बने सुनहरा खेला,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया का ये त्योहार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भर दे खुशियों का रेला&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;धन-धान्य से घर भर जाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर सपना पूरा हो जाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की कृपा से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन आपका मुस्काए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;खुशियों का सागर मिले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर सपना मुकम्मल मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभ बेला में,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपको हर खुशी का फल मिले&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया शुभ हो।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जीवन में रोशनी ही रोशनी हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर तरफ खुशी ही खुशी हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर यही दुआ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपकी हर इच्छा पूरी हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दिन हो खास आपका,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर सपना हो पास आपका,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया का आशीर्वाद,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बना रहे साथ आपका&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक बधाई।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दुख दूर हो जाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर खुशी पास आए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभ बेला,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में खुशियां लाए&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सपनों को मिले नई उड़ान,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन बने खुशहाल जहान,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर यही कामना,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका बढ़े सम्मान&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर राह आसान हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन शानदार हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की कृपा से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन खुशियों से भरपूर हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया 2026।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सुख का दीप जले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खुशियों का फूल खिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया के दिन,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर सपना आपका मिले&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दिन नया उजाला हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन में खुशहाली हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया का आशीर्वाद,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर पल निराली हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;खुशियों की बरसात हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन नई बात हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर दुआ है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके साथ हर सौगात हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जीवन में प्यार ही प्यार हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिन त्यौहार हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर दुआ है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका घर गुलजार हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दिन नई उम्मीद मिले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन को नई जीत मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर आपको,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खुशियों की प्रीत मिले&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर ख्वाब साकार हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन खुशहाल हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया की कृपा से,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका हर दिन कमाल हो&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Akshaya Tritiya 2026: हैप्पी अक्षय तृतीया विशेज&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं, आपके जीवन में सुख-समृद्धि कभी कम न हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पावन दिन आपके घर धन, वैभव और खुशियां हमेशा बनी रहें। अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां लक्ष्मी की कृपा से आपका जीवन सदा उज्ज्वल रहे। Happy Akshaya Tritiya 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया आपके लिए नई खुशियां और नए अवसर लेकर आए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में सफलता और समृद्धि का अक्षय भंडार बना रहे। अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस शुभ दिन आपके हर सपने पूरे हों। हैप्पी अक्षय तृतीया 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान विष्णु का आशीर्वाद आपके साथ हमेशा बना रहे। हैप्पी अक्षय तृतीया&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके घर खुशियों की कभी कमी न हो। हैप्पी अक्षय तृतीया&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस अक्षय तृतीया आपका जीवन धन-धान्य से भर जाए। अक्षय तृतीया शुभ हो&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिन आपके लिए मंगलमय और सुखद हो। अक्षय तृतीया की ढेरों शुभकामनाएं&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Akshaya Tritiya Wishes: हैप्पी अक्षय तृतीया शुभकामना संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया के इस पावन पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाए। अक्षय तृतीया की बधाईयां&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हमेशा आप पर बना रहे। हैप्पी अक्षय तृतीया&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह पर्व आपके जीवन में नई खुशियां लेकर आए। अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके हर कार्य में सफलता मिले। अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके घर में धन और वैभव का वास हो। Happy Akshaya Tritiya 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन की हर बाधा दूर हो। अक्षय तृतीया 2026 की शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया आपके लिए सौभाग्य लेकर आए। हैप्पी अक्षय तृतीया 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आपके जीवन में खुशियों की कभी कमी न हो। अक्षय तृतीया 2026 की शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिन आपके लिए शुभ और मंगलमय हो। हैप्पी अक्षय तृतीया 2026&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Akshaya Tritiya Message: अक्षय तृतीया शुभकामना मैसेज&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया पर सुख-समृद्धि आपके द्वार आए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया शुभ हो, मां लक्ष्मी का आशीर्वाद सदा रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया पर आपके जीवन में खुशियां ही खुशियां हों।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया के साथ हर दिन आपके लिए शुभ हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया पर धन और वैभव की वृद्धि हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया के शुभ दिन पर आपके सपने पूरे हों।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;खुशियों से भरा रहे आपका जीवन, हैप्पी अक्षय तृतीया 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हैप्पी अक्षय तृतीया 2026, हर पल मंगलमय हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया आपके लिए खास बने।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Akshaya Tritiya Quotes: अक्षय तृतीया कोट्स&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया सिर्फ धन का नहीं, शुभ शुरुआत का प्रतीक है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सच्ची समृद्धि दिल की खुशी में होती है। Happy Akshaya Tritiya 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया का यह दिन नई शुरुआत का सबसे शुभ अवसर है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दान और पुण्य से ही जीवन अक्षय बनता है। अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, यही अक्षय तृतीया का संदेश है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर शुभ काम की शुरुआत के लिए यह दिन सर्वोत्तम है, हैप्पी अक्षय तृतीया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सच्चा धन संतोष और प्रेम है। अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया का यह पर्व हमें सकारात्मकता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जीवन में अच्छाई का बीज बोएं, फल अक्षय मिलेगा। अक्षय तृतीया शुभ हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया सफलता और समृद्धि का द्वार खोलती है। हैप्पी अक्षय तृतीया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya Katha: पढ़ें अक्षय तृतीया व्रत की रोचक कथा, श्रीकृष्ण ने स्वयं सुनाई थी युधिष्ठिर को]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-vrat-katha-2026-hindi-mahatva-shri-krishna-yudhishthir-story/articleshow-teskhlg</link>
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            <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 06:00:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया साल में आने वाले 4 अबूझ मुहूर्त में से एक है। इसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त भी कहते हैं। इस तिथि से जुड़ी एक कथा भी है जो सभी को सुननी चाहिए। ये कथा स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सुनाई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kjc20qvnncg39a1e299fnvw4,imgname-amalaki-ekadashi-2026-05-1772078784373.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya Story In Hindi:&lt;/strong&gt; इस बार अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु के तीन अवतार (परशुराम, हयग्रीव और नर-नारायण) इसी दिन प्रकट हुए थे। ऐसा भी कहते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान सूर्य ने द्रौपदी को अक्षय पात्र दिया था। अक्षय तृतीया से जुड़ी एक रोचक कथा हैं। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को ये कथा सुनाई थी। आगे आप भी पढ़ें अक्षय तृतीया की रोचक कथा&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर किसने करवाई थी सोने की बारिश? पढ़ें रोचक कथा और उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया व्रत की कथा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रचलित कथा के अनुसार, किसी समय महोदय नाम का एक वणिक यानी बनिया एक शहर में रहता था। वह हमेशा सच बोलता था और दूसरों की मदद भी करता था। धर्म-कर्म के कामों में भी वह हमेशा आगे रहता था। एक बार जब महोदय अपने किसी काम से जा रहा था तो उसी मार्ग पर एक ऋषि अक्षय तृतीया का महत्व लोगों को बता रहे थे।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया कब है? जानें सही डेट, पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महोदय ने जब अक्षय तृतीया का महत्व सुना तो वह भी वहीं रुक गया। ऋषि ने महोदय से कहा &lsquo;अक्षय तृतीया पर दान, हवन, पूजन आदि शुभ कामों का अक्षय यानी संपूर्ण फल प्राप्त होता है। इस दिन पितरों के लिए भी अगर कोई दान, हवन, तर्पण आदि किया जाए तो उसका भी शुभ प्राप्त होता है। उसका पुण्य भी कभी खत्म नहीं होता।&rsquo;अक्षय तृतीया का महत्व सुनकर महोदय ने सोचा कि वह भी अक्षय तृतीया का व्रत करेगा। समय आने वाले जब अक्षय तृतीया का पर्व आया तो महोदय ने गंगा तट पर अपने पितरों और देवताओं का तर्पण किया। ब्राह्मणों को अनाज, भोजन, कपड़े, दही, दूध जैसी चीजों का दान किया। ऐसा करने से उसे परम सुख का अनुभव हुआ।समय आने पर महोदय की मृत्यु हो गई। अगले जन्म में उसने कुशावतीपुरी में क्षत्रिय के रूप में जन्म लिया। इस जन्म में भी वह दान-धर्म करके लोगों की मदद करता था। अक्षय तृतीया व्रत करने से ही महोदय से दूसरे जन्म में भी सभी प्रकार के सुख मिले। इस तरह वह जीवन-मरण के बंधन से मुक्त होकर भगवान के धाम को चला गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Vinayki Chaturthi 2026: अप्रैल में कब करें विनायकी चतुर्थी व्रत? जानें मंत्र-मुहूर्त सहित पूरी डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/vinayaki-chaturthi-2026-date-20-april-vrat-muhurat-puja-vidhi-chandra-darshan-time-ganesh-aarti/articleshow-tkkpq9z</link>
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            <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 16:04:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Vinayki Chaturthi 2026 Date: हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। हर चतुर्थी का एक अलग नाम है। इस व्रत में भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा का भी विधान है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kggvaqgrf61wtz5bvwv27qyq,imgname-dwijpriya-sankashti-chaturthi-2026-01-1770092060184.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sankarshan Chaturthi Vrat Kab Kare: &lt;/strong&gt;वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की विनायकी चतुर्थी को संकर्षण चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस चतुर्थी का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। संकर्षण भगवान बलराम यानी शेषनाग का भी एक नाम है। इस व्रत में पहले भगवान श्रीगणेश की और चंद्रोदय होने पर चंद्रमा की पूजा की जाती है। इस बार संकषर्ण विनायकी चतुर्थी का व्रत 20 अप्रैल, सोमवार को किया जाएगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त आदि की डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Weekly Horoscope 20 To 26 April 2026: 7 दिन में होगा बड़ा उलटफेर! जानें आपके लिए कैसा रहेगा ये सप्ताह?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;संकर्षण विनायकी चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संकर्षण विनायकी चतुर्थी पर भगवान श्रीगणेश की पूजा का समय सुबह 11 बजकर 02 मिनिट से दोपहर 01 बजकर 38 तक रहेगा। यानी पूजा के लिए भक्तों को पूरे 02 घण्टे 36 मिनट का समय मिलेगा। इस दिन चंद्रमा के दर्शन रात 10 बजकर 20 मिनिट के बाद करें। चंद्रमा के दर्शन के बाद ही भोजन करें।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Weekly Tarot Horoscope: इस हफ्ते करियर, पैसा और लव लाइफ में क्या होगा? टैरो कार्ड से जानें अपना भविष्य&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;संकर्षण विनायकी चतुर्थी व्रत-पूजा विधि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- 20 अप्रैल, सोमवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीगणेश की पूजा करें।- श्रीगणेश की प्रतिमा या चित्र साफ स्थान पर स्थापित करें। सबसे पहले फूलों की माला पहनाएं और दीपक जलाएं।- मस्तक पर तिलक भी लगाएं। इसके बाद जनेऊ, अबीर, गुलाल, रोली, दूर्वा, चावल आदि चीजें एक-एक कर चढ़ाएं।- पूजा करते समय ऊं गं गणपतये नम: मंत्र का जाप मन ही मन में करते रहें। भगवान को इच्छा अनुसार भोग लगाएं।- इसके बाद परिवार सहित भगवान श्रीगणेश की आरती उतारें। चंद्रमा उदय होने पर इसकी भी पूजा करें।- इस तरह पूजा के बाद स्वयं भोजन करें। इस व्रत के प्रभाव से आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गणेशजी की आरती लिरिक्स हिंदी में&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवामाता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥एक दंत दयावंत, चार भुजाधारीमाथे पे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥अंधन को आंख देत, कोढ़िन को कायाबांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥हार चढ़ै, फूल चढ़ै और चढ़ै मेवालड्डुअन को भोग लगे, संत करे सेवा ॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारीकामना को पूर्ण करो, जग बलिहारी ॥जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा ॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर किसने करवाई थी सोने की बारिश? पढ़ें रोचक कथा और उपाय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-kanakadhara-stotram-lyrics-in-hindi-story-gold-rain-lakshmi-katha/articleshow-tzg3zeo</link>
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            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:07:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना बहुत शुभ माना गया है। इस परंपरा के पीछे एक कथा है जो बहुत कम लोग जानते हैं। ऐसा कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर आदिगुरु शंकराचार्य ने सोने की बारिश करवाई थी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpfmy4nzxc79dre0vkwy6jf0,imgname-akshaya-tritiya-story-1776494252735.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kanakadhara Stotram Lyrics in Hindi: &lt;/strong&gt;इस बार अक्षय तृतीया का पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। ऐसा कहते हैं अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना बहुत शुभ होता है। इसलिए इस दिन लोग सोना विशेष रूप से खरीदते हैं। इस मान्यता से जुड़ी एक रोचक कथा भी है, जिसके बारे में कम ही लोगों को पता है। प्रचलित कथा के अनुसार, एक बार आदि गुरु शंकराचार्य भिक्षा मांगने एक गरीब ब्राह्मण के घर गए तो उसने भिक्षा के रूप में उन्हें एक सूखा आंवला दे दिया। गरीब होने पर भी उस गरीब ब्राह्मण के मन में दान का भाव देखकर आदि गुरु शंकराचार्य ने उसी समय कुछ विशेष मंत्रों की रचना की और उनका जाप करने लगे, जिससे प्रसन्न होकर देवी लक्ष्मी ने उस ब्राह्मण के घर सोने की बारिश कर दी। उस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि थी। तभी से इस तिथि पर सोना खरीदने की परंपरा शुरू हुई।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Parshuram Jayanti 2026: कब है परशुराम जयंती, कैसे करें पूजा? जानें विधि, मंत्र और मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कनकधारा स्त्रोत से बनते हैं धन लाभ के योग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आदि गुरु शंकराचार्य ने जिन मंत्रों को बोलकर सोने की बारिश करवाई थी, उसे कनकधारा स्त्रोत कहते हैं। कनक यानी सोना और धारा यानी बारिश। विद्वानों का कहना है कि यदि कोई गरीब भी नियमित रूप से पूरे विधि-विधान से कनकधारा स्त्रोत का पाठ करे तो देवी लक्ष्मी की कृपा से वह मालामाल हो सकता है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया कब है? जानें सही डेट, पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;श्री कनकधारा स्तोत्र (Kankdhara Strotra Lyrics In Hindi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अंगहरे पुलकभूषण माश्रयन्ती भृगांगनैव मुकुलाभरणं तमालम।अंगीकृताखिल विभूतिरपांगलीला मांगल्यदास्तु मम मंगलदेवताया:।।1।।मुग्ध्या मुहुर्विदधती वदनै मुरारै: प्रेमत्रपाप्रणिहितानि गतागतानि।माला दृशोर्मधुकर विमहोत्पले या सा मै श्रियं दिशतु सागर सम्भवाया:।।2।।विश्वामरेन्द्रपदविभ्रमदानदक्षमानन्द हेतु रधिकं मधुविद्विषोपि।ईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणार्द्धमिन्दोवरोदर सहोदरमिन्दिराय:।।3।।आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्दमानन्दकन्दम निमेषमनंगतन्त्रम्।आकेकर स्थित कनी निकपक्ष्म नेत्रं भूत्यै भवेन्मम भुजंगरायांगनाया:।।4।।बाह्यन्तरे मधुजित: श्रितकौस्तुभै या हारावलीव हरिनीलमयी विभाति।कामप्रदा भगवतो पि कटाक्षमाला कल्याण भावहतु मे कमलालयाया:।।5।।कालाम्बुदालिललितोरसि कैटभारेर्धाराधरे स्फुरति या तडिदंगनेव्।मातु: समस्त जगतां महनीय मूर्तिभद्राणि मे दिशतु भार्गवनन्दनाया:।।6।।प्राप्तं पदं प्रथमत: किल यत्प्रभावान्मांगल्य भाजि: मधुमायनि मन्मथेन।मध्यापतेत दिह मन्थर मीक्षणार्द्ध मन्दालसं च मकरालयकन्यकाया:।।7।।दद्याद दयानुपवनो द्रविणाम्बुधाराम स्मिभकिंचन विहंग शिशौ विषण्ण।दुष्कर्मधर्ममपनीय चिराय दूरं नारायण प्रणयिनी नयनाम्बुवाह:।।8।।इष्टा विशिष्टमतयो पि यथा ययार्द्रदृष्टया त्रिविष्टपपदं सुलभं लभंते।दृष्टि: प्रहूष्टकमलोदर दीप्ति रिष्टां पुष्टि कृषीष्ट मम पुष्कर विष्टराया:।।9।।गीर्देवतैति गरुड़ध्वज भामिनीति शाकम्भरीति शशिशेखर वल्लभेति।सृष्टि स्थिति प्रलय केलिषु संस्थितायै तस्यै नमस्त्रि भुवनैक गुरोस्तरूण्यै ।।10।।श्रुत्यै नमोस्तु शुभकर्मफल प्रसूत्यै रत्यै नमोस्तु रमणीय गुणार्णवायै।शक्तयै नमोस्तु शतपात्र निकेतानायै पुष्टयै नमोस्तु पुरूषोत्तम वल्लभायै।।11।।नमोस्तु नालीक निभाननायै नमोस्तु दुग्धौदधि जन्म भूत्यै ।नमोस्तु सोमामृत सोदरायै नमोस्तु नारायण वल्लभायै।।12।।सम्पतकराणि सकलेन्द्रिय नन्दानि साम्राज्यदान विभवानि सरोरूहाक्षि।त्व द्वंदनानि दुरिता हरणाद्यतानि मामेव मातर निशं कलयन्तु नान्यम्।।13।।यत्कटाक्षसमुपासना विधि: सेवकस्य कलार्थ सम्पद:।संतनोति वचनांगमानसंसत्वां मुरारिहृदयेश्वरीं भजे।।14।।सरसिजनिलये सरोज हस्ते धवलमांशुकगन्धमाल्यशोभे।भगवति हरिवल्लभे मनोज्ञे त्रिभुवनभूतिकरि प्रसीद मह्यम्।।15।।दग्धिस्तिमि: कनकुंभमुखा व सृष्टिस्वर्वाहिनी विमलचारू जल प्लुतांगीम।प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथ गृहिणी ममृताब्धिपुत्रीम्।।16।।कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूरतरां गतैरपाड़ंगै:।अवलोकय माम किंचनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयाया : ।।17।।स्तुवन्ति ये स्तुतिभिर भूमिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्।गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते बुधभाविताया:।।18।।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Ganga Saptami Vrat Katha: किसने पी लिया था गंगा का सारा जल? पढ़ें गंगा सप्तमी की ये रोचक कथा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/kab-hai-ganga-saptami-2026-katha-kyon-manate-hain-ganga-saptami-stori-in-hindi/articleshow-tzsh5cc</link>
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            <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 09:19:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ganga Saptami Vrat Katha In Hindi: हर साल वैशाख मास में गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 23 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग देवनदी गंगा की पूजा करते हैं और व्रत भी रखते हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01gjg37xpy1366t3w7mt663szy,imgname-gettyimages-128113606-170667a-1669135070887.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ganga Saptami Story:&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में गंगा को देवनदी कहा जाता है क्योंकि गंगा धरती पर आने से पहले स्वर्ग में बहती थीं। हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा नदी के तटों पर भक्त पूजा करते हैं और व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। गंगा सप्तमी का पर्व क्यों मनाते हैं, इससे जुड़ी एक रोचक कथा है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। आगे पढ़ें ये रोचक कथा&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसने पी लिया था गंगा नदी का पूरा जल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार, राजा भागीरथ द्वारा प्रसन्न करने पर देव नदी गंगा जब धरती पर आई तो पहले उन्हें भगवान शिव ने अपनी जटाओं में बांध लिया और इसके बाद धरती पर छोड़ा। इस समय भी गंगा का प्रवाह बहुत अधिक था। गंगा तेजी से उस ओर बहने लगी जहां राजा भागीरथ के पूर्वजों के अवशेष थे।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Hindu Tradition: शवयात्रा को नमस्कार क्यों करते हैं, क्या आप जानते हैं ये रहस्य?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस दौरान गंगा के प्रचण्ड वेग से ऋषि जाह्नु का आश्रम नष्ट हो गया। ये देख ऋषि ने क्रोधित होकर गंगा का समप्त जल पी लिया। ये देख राजा भागीरथ सहित सभी देवताओं ने उनसे क्षमा मांगी और देवनदी गंगा को मुक्त करने का निवेदन किया। जब ऋषि जाह्नु ने देखा कि देवनदी गंगा तो जनकल्याण के लिए धरती पर आईं तो उन्होंने अपने कान से गंगा को प्रवाहित कर दिया।जिस दिन ऋषि जाह्नु ने देवनदी गंगा को अपने कान से मुक्त किया, उस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी। तभी से इस तिथि पर हर साल गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। ऋषि जाह्नु द्वारा पी लेने और इसके बाद मुक्त करने के चलते देवनदी गंगा उनकी पुत्री जाह्नवी कहलाई।गंगा सप्तमी के दिन गंगा नदी के तटो पर लाखों भक्त आते हैं और पूजा करते हैं। इस दिन गंगा स्नान का विशेष फल मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। बहुत से लोग इस दिन व्रत भी करते हैं। व्रत करने वाले लोगों के लिए ये कथा सुनना जरूरी है, तभी उन्हें इस व्रत का पूरा फल मिलता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Akshaya Tritiya 2026: सोना नहीं खरीद सकते तो क्या, ये 3 चीजें खरीदते ही चमक जाएगी किस्मत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-what-to-buy-if-not-gold-3-auspicious-things-you-shouldnt-miss/articleshow-vmf50q5</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-what-to-buy-if-not-gold-3-auspicious-things-you-shouldnt-miss/articleshow-vmf50q5</guid>
            <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 19:43:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;What to Buy on Akshaya Tritiya if Not Gold:&lt;/strong&gt; अक्षय तृतीया 2026 पर सोना नहीं खरीद सकते तो कोई बात नहीं। महंगा सोना खरीदना जरूरी नहीं है। जानें 3 सस्ते और शुभ विकल्प, जो ला सकते हैं घर में सुख-समृद्धि और पैसा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01knkvp6zrv4c1xz319qmwkfza,imgname-akshaya-tritiya-2026-1775561808888.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Affordable Akshaya Tritiya Shopping Ideas 2026:&lt;/strong&gt; अक्षय तृतीया, जिसे अखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। यह वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन किया गया हर शुभ काम कभी खत्म नहीं होता, यानी उसका फल अक्षय रहता है। इस दिन विशेष रूप से मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिन्हें धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है। इसलिए लोग इस दिन नई शुरुआत, निवेश और खरीदारी को बहुत शुभ मानते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है अक्षय तृतीया का महत्व? (Significance of Akshaya Tritiya)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्षय शब्द का अर्थ होता है, जो कभी कम न हो। मान्यता है कि इस दिन जप, यज्ञ, दान-पुण्य और पितरों के लिए किए गए तर्पण का फल हमेशा बना रहता है। यही वजह है कि लोग इस दिन शुभ कार्य करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। खास बात यह भी है कि अगर अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र और बुधवार के साथ पड़े, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2026 में अक्षय तृतीया कब है? (When is Akshaya Tritiya 2026)&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया डेट: रविवार, 19 अप्रैल 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:34 तक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तृतीया तिथि शुरू: 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दौरान 19 अप्रैल सुबह 10:49 से 20 अप्रैल सुबह 5:51 बजे तक खरीदारी करना बेहद शुभ माना गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी नहीं खरीद सकते, तो ये चीजें खरीदना भी है बेहद शुभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अक्सर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदते हैं, लेकिन आज के महंगे दौर में हर कोई ऐसा नहीं कर पाता। ऐसे में आप नीचे दिए गए ऑप्शन अपनाकर भी शुभ फल पा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;मिट्टी का घड़ा (मटका)&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;अक्षय तृतीया पर मिट्टी का घड़ा खरीदना और उसमें पानी भरकर दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। यह मन को शांति देता है और काम में एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;किचन के बर्तन और उपकरण&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;रसोई से जुड़ी चीजें जैसे बर्तन, कुकवेयर या छोटे-मोटे किचन अप्लायंसेज खरीदना भी शुभ माना जाता है। ये घर की समृद्धि और परिवार के सुख-शांति का प्रतीक होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;चने की दाल और चावल&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;अगर सोना खरीदना संभव न हो, तो चने की दाल और साबुत चावल घर लाना भी बहुत लाभकारी माना गया है। इनका संबंध गुरु ग्रह से होता है और यह आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास होती है अक्षय तृतीया के दिन की खरीदारी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई कोई भी वस्तु लंबे समय तक शुभ फल देती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती है। इसलिए इस दिन छोटी-सी खरीदारी भी भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, भूमि या नए कार्यों की शुरुआत करना विशेष रूप से फलदायी होता है। इस शुभ अवसर पर की गई खरीदारी समृद्धि, सफलता और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक मानी जाती है, जिससे पूरे वर्ष घर में सुख-शांति बनी रहती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/akshaya-tritiya-2026-what-to-buy-if-not-gold-3-auspicious-things-you-shouldnt-miss/articleshow-vmf50q5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी कब, 22 या 23 अप्रैल? जानें पूजा विधि, मुहूर्त और आरती]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/ganga-saptami-2026-kab-hai-date-muhurat-puja-vidhi-ganga-aarti-lyrics-in-hindi-significance/articleshow-y1bt25l</link>
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            <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 10:13:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ganga Saptami Kab Hai: हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पवित्र नदी माना गया है। साल में देवनदी गंगा से जुड़े अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, गंगा सप्तमी भी इनमें से एक है। ये पर्व वैशाख मास में मनाया जाता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kpq5akj2ccfs27gfr9e4s6qk,imgname-ganga-saptami-2026-1776746319425.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ganga Saptami Kis Tarikh Ko Hai: &lt;/strong&gt;धर्म ग्रंथों में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि इस दिन गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। गंगा को देवनदी भी कहते हैं क्योंकि धरती पर आने से पहले ये स्वर्ग में बहती थीं। राजा भगीरथ ने घोर तपस्या करके गंगा देवी को प्रसन्न किया और धरती पर आने के लिए आग्रह किया। इस बार गंगा सप्तमी का पर्व &zwnj;अप्रैल 2026 में मनाया जाएगा। आगे जानिए गंगा सप्तमी पर्व कब है और इसकी पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Kedarnath Dham Yatra 2026: कब खुलेंगे केदारनाथ के कपाट? जानें भीष्म श्रृंगार का रहस्य&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब है गंगा सप्तमी 2026?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 22 अप्रैल, बुधवार की रात 10 बजकर 49 मिनिट से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 23 अप्रैल, गुरुवार की रात 08 बजकर 49 मिनिट तक रहेगी। चूंकि सप्तमी तिथि का सूर्योदय 23 अप्रैल को होगा, इसलिए इसी दिन गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सर्वार्थसिद्धि, गुरु पुष्य, और अमृतसिद्धि नाम के 3 शुभ योग भी बनेंगे, जिससे इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गंगा सप्तमी 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह 10:49 से दोपहर 12:25 तकदोपहर 11:59 से 12:50 तक (अभिजीत मुहूर्त)दोपहर 12:25 से 02:00 तकदोपहर 02:00 से 03:36 तकशाम 06:46 से 08:11 तक&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गंगा सप्तमी पूजा विधि (Ganga Saptami Puja Vidhi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- गंगा सप्तमी के दिन यानी 23 अप्रैल, गुरुवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। ऊपर बताए गए किसी भी शुभ मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। इसके पहले पूरी तैयारी कर लें।- घर में किसी साफ स्थान पर लकड़ी के बाजोट यानी पटिए पर देवी गंगा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। कुमकुम से देवी के मस्तक पर तिलक लगाएं। फूलों की माला पहनाएं। इसके बाद शुद्ध घी का दीपक लगाएं।- अबीर, गुलाल, चावल, फूल, हल्दी एक-एक करके देवी गंगा को चढ़ाते रहें। पूजा के बाद इच्छा अनुसार भोग लगाएं और आरती करें। देवी गंगा की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गंगा आरती लिरिक्स हिंदी में (Ganga Aarti Lyrics In Hindi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ओम जय गंगे माता, श्री जय गंगे माताजो नर तुमको ध्यान, मन वंचित फल पाताओम जय गंगे माता &hellip;चंद्रा सी ज्योत तुम्हारी, जल निर्मल आताशरण पडे जो तेरी, सो नर तर जाताओम जय गंगे माता ..&hellip;पुत्रा सागर के तारे, सब जग को ग्याताकृपा द्रष्टि तुमहारी, त्रिभुवन सुख दाताओम जय गंगे माता ..&hellip;एक बर जो परानी, शरण तेरी आतायम की तस मितकार, परमगति पाताओम जय गंगे माता ..&hellip;आरती मात तुमहारी, जो जन नित्य गातासेवक वाही सहज मैं, मुक्ति को पाताओम जय गंगे माता ..&hellip;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Sita Navmi 2026: कब है सीता नवमी, 25 या 26 अप्रैल? जानें शुभ मुहूर्त-मंत्र सहित पूरी पूजा विधि]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sita-navami-2026-date-25-or-26-april-shubh-muhurat-puja-vidhi-mantra-janaki-jayanti-details-in-hindi/articleshow-yphv133</link>
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            <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 10:27:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sita Navmi 2026: वैशाख मास में हर साल सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। इसे जानकी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने में देवी सीता धरती से प्रकट हुई थीं। इस दिन देवी सीता की विशेष पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sita Navmi 2026: &lt;/strong&gt;वैसाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि बहुत ही खास होती है क्योंकि इस दिन सीता नवमी का पर्व मनाया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में इसी तिथि पर देवी लक्ष्मी ने जनक पुत्री सीता के रूप में अवतार लिया था। इसलिए हर साल इस तिथि पर देवी सीता की विशेष पूजा करने की परंपरा है। इस दिन सीता मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। आगे जानिए साल 2026 में कब है सीता नवमी और पूजा विधि, शुभ मुहूर्त आदि की डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhwa Mangal 2026: क्या है बड़ा मंगल? जानें रोचक कथा, महत्व और डेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब है सीता नवमी 2026?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 24 अप्रैल, शुक्रवार की शाम 07 बजकर 22 मिनिट से शुरू होगी, जो 25 अप्रैल, शनिवार की शाम 06 बजकर 28 मिनिट तक रहेगा। चूंकि नवमी तिथि का सूर्योदय 25 अप्रैल को होगा, इसलिए इसी दिन सीता नवमी का व्रत किया जाएगा। इस दिन मानस, वृद्धि और पद्म नाम के 3 शुभ योग होने से इस पर्व का महत्व और बढ़ जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Budhaditya Rajyoga: सूर्य-बुध बनाएंगे राजयोग, 4 राशि वालों पर होगी पैसों की बारिश!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीता नवमी 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;25 अप्रैल, शनिवार को सीता नवमी पूजन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनिट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनिट तक रहेगा। यानी भक्तों को पूजा के लिए पूरे 02 घण्टे 37 मिनट का समय मिलेगा। मुहूर्त से पहले पूजा की पूर तैयारी कर लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीता नवमी की पूजा विधि (Sita Navami puja vidhi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- 25 अप्रैल, शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और इसके बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त से पहले पूजा की पूर तैयारी कर लें।- शुभ मुहूर्त शुरू होने पर भगवान श्रीराम के साथ देवी सीता का चित्र साफ स्थान पर स्थापित करें। सबसे पहले चित्र पर कुमकुम से तिलक लगाएं।- चित्र पर फूलों की माला पहनाएं और शुद्ध घी का दीपक लगाएं। अबीर, गुलाल, चावल, फूल, रोली, फल आदि चीजें भगवान को एक-एक करके चढ़ाएं।- भगवान श्रीराम को सफेद और देवी सीता को लाल वस्त्र अर्पित करें। बिंदी, काजल, चूड़ी, मेहंदी आदि चीजें भी देवी सीता को अर्पित करें।- पूजा के बाद फल व अन्य चीजों का भोग भगवान को लगाएं और आरती करें। संभव हो तो कुछ देर देवी सीता के मंत्रों का जाप भी करें।- सीता नवमी पर इस तरह पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इस दिन गरीबों को दान देने का भी विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देवी सीता की आरती (Devi Sita Ki Arti)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जगत जननी जग की विस्तारिणी,नित्य सत्य साकेत विहारिणी,परम दयामयी दिनोधारिणी,सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥सती श्रोमणि पति हित कारिणी,पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,त्याग धर्म मूर्ति धरी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥विमल कीर्ति सब लोकन छाई,नाम लेत पवन मति आई,सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,शरणागत जन भय हरी की ॥आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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