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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Mon, 03 Aug 2026 10:04:34 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Guru Purnima 2026 Muhurat: गुरु पूजन के लिए कौन-से हैं 5 बेस्ट मुहूर्त? यहां करें नोट]]></title>
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            <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 07:33:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा के मौके पर हर कोई अपने गुरु की पूजा कर उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं। गुरु का पूजन हमेशा शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01jzpq0cn8j2e9y6a5qzjjr03x,imgname-guru-purnima-2025-date-1752035242664.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima 2026 Shubh Muhurat:&lt;/strong&gt; हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपने गुरु की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि गुरु की कृपा से ही सभी तरह की सिद्धियां हमें प्राप्त होती हैं। इसलिए गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है। गुरु पूर्णिमा के मौके पर गुरु की पूजा यदि शुभ मुहूर्त में की जाए तो और भी अच्छा होता है। आगे जानिए 29 जुलाई को गुरु पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त कौन हैं&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Bhajan: इन सुमधुर भजनों से करें गुरु पूर्णिमा के दिन की शुरुआत, मिलेगा गुरु का आशीर्वाद&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गुरु पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वैसे तो गुरु पूर्णिमा पर दिन भर ही गुरु की पूजा की जा सकती है लेकिन ये काम शुभ मुहूर्त में करने का विशेष महत्व है। खास बात ये है कि इस बार गुरु पूर्णिमा के मौके पर शश और हंस नाम के 2 दुर्लभ राजयोग भी बन रहे हैं, जिसके चलते इस पर्व का महत्व और भी अधिक हो गया है। ये हैं गुरु पूजा के लिए शुभ मुहूर्त&hellip;- सुबह 06:00 से 07:38 तक- सुबह 07:38 से 09:16 तक- सुबह 10:55 से दोपहर 12:33 तक- दोपहर 03:49 से शाम 05:28 तक- शाम 05:28 से 07:06 तक&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Aarti Lyrics: इस आरती के बिना अधूरी है गुरु पूजा, यहां जाने पूरी विधि और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों मनाते हैं गुरु पूर्णिमा उत्सव?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार द्वापर युग में महर्षि वेदव्यास का जन्म आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर हुआ था। उन्हीं के सम्मान में हर साल इस तिथि पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास को भगवान विष्णु को अवतार भी माना जाता है। इन्होंने महाभारत सहित 18 पुराणों की रचना की। इन्हीं के नाम पर गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। एक मान्यता ये भी है कि महर्षि वेदव्यास आज भी जीवित हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गुरु पूर्णिमा का महत्व&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि गुरु ही अपने शिष्यों को सही-गलत का ज्ञान देता है। इसी ज्ञान के आधार पर शिष्य अपने जीवन में नईं उपलब्धियां प्राप्त करते हैं। गुरु के ज्ञान के बिना मनुष्य किसी पशु की तरह हो जाएगा। इसलिए गुरु को ही सर्वशक्तिमान माना गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Sawan Somvar 2026 Wishes in Hindi: शिव की भक्ति... अपनों को यहां से भेजें सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/lifestyle/life/happy-sawan-somvar-2026-in-hindi-wishes-image-message-quotes-shayari-status-sawan-somvar-ki-hardik-shubhkamnaye-articleshow-3qegqgs</link>
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            <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 09:33:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sawan Somvar ki Hardik Shubhkamnaye:&lt;/strong&gt; सावन सोमवार 2026 पर अपनों को यहां से भेजें सावन सोमवार शुभकामना संदेश, शायरी, महादेव कोट्स, Happy Sawan Somvar 2026 Wishes, WhatsApp Wishes, Status, Quotes और दें सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kyyceztqav0fm8wzf82bw014,imgname-happy-sawan-somvar-2026-wishes-in-hindi-1785578618711.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Happy Sawan Somvar Wishes in Hindi: &lt;/strong&gt;सावन 2026 का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। सावन सोमवार के दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और परिवार, दोस्तों व प्रियजनों को महादेव के आशीर्वाद से जुड़े शुभकामना संदेश भेजकर इस पावन दिन की खुशियां शेयर करते हैं। यदि आप Happy Sawan Somvar 2026 Wishes, Sawan Somvar Shayari in Hindi, Mahadev Quotes, WhatsApp Messages, Status और Images की तलाश में हैं, तो यहां आपके लिए 20 बेहतरीन हिंदी शायरी और सावन सोमवार शुभकामना संदेश। इन्हें आप WhatsApp, Facebook, Instagram और X (Twitter) पर शेयर कर अपनों को सावन सोमवार 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दे सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोलेनाथ की कृपा सदा आपके संग रहे&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;भोलेनाथ की कृपा सदा आपके संग रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर मनोकामना आपकी पूरी हो जाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;Happy Sawan Somvar 2026: सावन की फुहार, महादेव का प्यार&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;सावन की फुहार, महादेव का प्यार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन रहे खुशियों से आबाद आपका संसार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर हर महादेव! शुभ सावन सोमवार!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: शिव की भक्ति से जीवन महके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिव की भक्ति से जीवन महके,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दुख-दर्द पल भर में बहके,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महादेव का आशीर्वाद सदा आप पर बना रहे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोलेनाथ का रहे सिर पर हाथ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोलेनाथ का रहे सिर पर हाथ,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन बने खुशियों की सौगात।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: हर-हर महादेव की गूंज रहे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हर-हर महादेव की गूंज रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में सुख और शांति का संयोग रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महादेव की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: सावन की फुहार, शिव का आशीर्वाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सावन की फुहार, शिव का आशीर्वाद,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर मनोकामना हो पूरी, मिले खुशियों का प्रसाद।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शुभ सावन सोमवार!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोले की भक्ति में जो खो जाता है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोले की भक्ति में जो खो जाता है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन का हर दुख दूर हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महादेव आपका जीवन मंगलमय करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: ॐ नमः शिवाय का जो लेता है नाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ॐ नमः शिवाय का जो लेता है नाम,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसके जीवन में भरते हैं शिव सुख और आराम।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, 10 तस्वीरों में करें दर्शन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: शिव की महिमा अपार है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिव की महिमा अपार है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी कृपा से हर सपना साकार है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका जीवन खुशियों से भर जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: सावन आया, खुशियां लाया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सावन आया, खुशियां लाया,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महादेव ने सब पर प्रेम बरसाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर-हर महादेव!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल का श्रृंगार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल का श्रृंगार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भोलेनाथ करें सबका उद्धार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शुभ सावन सोमवार 2026!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: महादेव का आशीर्वाद मिले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महादेव का आशीर्वाद मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर मुश्किल का समाधान मिले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपको सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोले बाबा की भक्ति का रंग निराला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोले बाबा की भक्ति का रंग निराला,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जिसने अपनाया उसका जीवन हुआ उजाला।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की मंगलकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Happy First Sawan Monday 2026 Wishes: पहले सावन सोमवार पर&hellip;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: शिव की आराधना से मन को मिले सुकून&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिव की आराधना से मन को मिले सुकून,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में खिलें खुशियों के अनगिनत फूल।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर-हर महादेव!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोलेनाथ की कृपा से घर में सुख-समृद्धि आए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोलेनाथ की कृपा से घर में सुख-समृद्धि आए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन नई उम्मीद और मुस्कान लाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: महादेव का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महादेव का नाम ही सबसे बड़ा सहारा है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी भक्ति में हर संकट से किनारा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: सावन का हर सोमवार मंगलमय हो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सावन का हर सोमवार मंगलमय हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपका हर सपना सफल और शुभ हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: शिव की जटा से बहती गंगा का आशीष मिले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिव की जटा से बहती गंगा का आशीष मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में प्रेम, शांति और सफलता मिले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोलेनाथ का आशीर्वाद आपके साथ रहे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोलेनाथ का आशीर्वाद आपके साथ रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर कदम पर खुशियों की बरसात रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शुभ सावन सोमवार!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: महादेव का डमरू बजे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महादेव का डमरू बजे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीवन में खुशियों के दीप सजे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर-हर महादेव!&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हैप्पी सावन सोमवार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: सावन की हर सुबह नई उम्मीद लेकर आए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सावन की हर सुबह नई उम्मीद लेकर आए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भगवान शिव आपकी हर प्रार्थना स्वीकार करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: शिव भक्ति का दीप जलाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिव भक्ति का दीप जलाएं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मन के सारे अंधेरे मिटाएं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपको और आपके परिवार को सावन सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Sawan Somvar 2026: भोले बाबा की कृपा से जीवन में आनंद ही आनंद हो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोले बाबा की कृपा से जीवन में आनंद ही आनंद हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन सफलता, हर पल खुशियां और हर सांस में &quot;ॐ नमः शिवाय&quot; का वास हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप सभी को Happy Sawan Somvar 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Sawan Puja Vidhi: सावन में कैसे करें महादेव की पूजा? जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि, मंत्र, उपाय सहित पूरी डिटेल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sawan-puja-vidhi-2026-shiv-puja-step-by-step-mantra-upay-aarti-lyrics-photoshow-6b6efce</link>
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            <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 04:10:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan Shiv Mantra: हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना सावन भगवान शिव को अति प्रिय है। इस महीने में की गई शिव पूजा और मंत्र जाप आदि का विशेष फल मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan Shiv Mantra: हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना सावन भगवान शिव को अति प्रिय है। इस महीने में की गई शिव पूजा और मंत्र जाप आदि का विशेष फल मिलता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Sawan Ke Upay: भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। ये पूरा महीना शिव पूजा के लिए बहुत ही खास माना गया है। इस महीने में लोग तरह-तरह के महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। सावन में रोज यदि शिवजी की पूजा विधि-विधान से की जाए तो हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आगे जानिए सावन में कैसे करें शिवजी की पूजा, मंत्र, उपाय आदि की पूरी डिटेल&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;- सावन मास में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर में ही या पास के किसी मंदिर में शिवजी की पूजा करें।- शिवलिंग के सामने आसन पर बैठकर सबसे पहले शुद्ध जल से अभिषेक करें। इसके बाद गाय के दूध से और एक बार फिर से शुद्ध जल से अभिषेक करें।- शिवलिंग पर चंदन से तिलक लगाएं और फूलों की माला पहनाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। धतूरा, बिल्व पत्र आदि चीजें एक-एक करके महादेव को चढ़ाएं।- पूजा के दौरान मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। महादेव को फल, मिठाई, नारियल आदि चीजों का भोग लगाएं और आरती भी करें।- संभव हो तो शिव चालीसा या शिव स्तुति आदि का पाठ भी कर सकते हैं। इस तरह सावन में शिव पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Mahakal Bhasma Aarti Booking: सावन में कैसे करें महाकाल भस्मारती की बुकिंग? यहां जानें पूरी प्रोसेस&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥ओम जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत, त्रिभुवन जन मोहे॥ओम जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥ओम जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका॥ओम जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ओम जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ओम जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठि दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोइ नर गावे।कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ओम जय शिव ओंकारा॥स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: &lsquo;मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा&rsquo;, इन 10 भजनों को सुने बिना अधूरा है सावन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सावन में शिवजी के मंत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ माना गया है। इस उपाय से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है। ये हैं शिवजी के 5 अचूक मंत्र-&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; ऊं नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; मृत्युञ्जयाय रुद्राय नीलकन्ताय शंभवेअमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः&lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; ऊं नमः शिवाय:&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; शिवपुराण के अनुसार, शिवलिंग पर चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है। ये उपाय यदि सावन में किया जाए तो और भी अधिक फल देता है।&lt;strong&gt;2. &lt;/strong&gt;गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक किया जाए तो शारीरिक कमजोरी दूर होती है।&lt;strong&gt;3. &lt;/strong&gt;शनि ग्रह से संबंधित दोष दूर करने के लिए शिवजी को तिल चढ़ाना चाहिए।&lt;strong&gt;4. &lt;/strong&gt;सावन में गाय को हरा चारा खिलाने से भी महादेव प्रसन्न होते हैं।&lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; सावन मास में बिल्व वृक्ष पर जल चढ़ाने और शुद्ध घी का दीपक जलाने से महादेव का आशीर्वाद मिलता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: ‘मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा’, इन 10 भजनों को सुने बिना अधूरा है सावन]]></title>
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            <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:50:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Shiv Bhajan Hindi Lyrics: सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है। इस महीने में महादेव के भजन सुनने से भी शुभ फल मिलते हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Shiv Bhajan Hindi Lyrics: सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा विशेष फल देने वाली मानी गई है। इस महीने में महादेव के भजन सुनने से भी शुभ फल मिलते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Superhit Shiv Bhajan in Hindi: इस बार भगवान शिव का प्रिय सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो रहा है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में भक्त अपने-अपने तरीके से महादेव की कृपा पाने का प्रयास करते हैं। सावन में महादेव के भजनों को सुनने से भी शुभ फल मिलते हैं, ऐसी मान्यता है। भगवान शिव के कुछ ऐसे ही मधुर भजनों के लिरिक्स आगे दिए गए हैं, जिन्हें सुनकर आप भी भोले की भक्ति में खो जाएंगे। ये हैं वो सुपरहिट भजन&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जापार्वती जब सीता बन करजय श्री राम के सम्मुख आईराम ने उनको माता कहकरशिव शंकर की महिमा गायीशिव भक्ति में सब कुछ सूझाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जातेरी जटा से निकली गंगाऔर गंगा ने भीष्म दिया हैतेरे भक्तों की शक्ति नेसारे जगत को जीत लिया हैतुझको सब देवोँ ने पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जामन मेरे मंदिर शिव मेरी पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जाओम नमः शिवाय नमोओम नमः शिवाय नमो &hellip;.&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सांसों की माला पेसिमरु में शिव का नामअब तो दुनियादारी से हैमेरा क्या कामशिव के रंग में ऐसी डूबाबन गया एक ही रूपशिव की माला जपते जपतेहो गयी सुबह श्यामसांसों की माला पे&hellip;शिवजी मेरे दिल में बसे हैसंग रहे दिन रातअपने मन की मै जानूसब के मन की रामसांसो की माला पेशिवजी मेरे अंतरयामीशिवजी मेरे स्वामीशिवजी के चरणों में अर्पणये जीवन तमामसांसों की माला पे&hellip;प्रेम पियाला जबसे पिया हैजी का है ये हालअंगारों पे नींद आ जाएऔर कांटो पे आरामसांसो की माला पे&hellip;सांसो की माला पेसिमरु मै शिव का नामअब तो दुनियादारी से हैमेरा क्या कामसांसों की माला पेसिमरु मै शिव का नाम&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भोले भोले.. महादेवा..सबना दा रखवाला ओ शिवजीडमरूवाला जी डमरू वालाउपर कैलाश रहंदा भोले नाथजी&hellip;धर्मियो जो तारदे शिवजीपापिया जो मारदा जी पापिया जो मारदाबड़ा ही दयाल मेरा भोले अमलीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायमहादेव तेरा डमरू डम डम,डम डम बजतो जाये रे हो महादेवा&hellip;ॐ नमः शिवाय शम्भुसर से तेरी बेहती गंगा काम मेरा हो जाता चंगानाम तेरा जब लेता ता ता ता महादेवा&hellip;मां पियादे घरे ओ गोरामहला च रहन्दी जी महला च रेहन्दीविच सम्साना राहंदा भोले नाथ जीकालेया कुंडला वाला मेरा भोले बाबाकिधर कैलाश तेरा डेरा ओ जी&hellip;सर पे तेरे ओं गंगा मैया विराजेमुकुट पे चंदा मामा ओं जीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायभंग जे पिन्दा ओं शिवजीधुनी रमान्दा जी धुनी रमान्दाबड़ा ही तपारी मेरा भोले अमलीमेरा भोला है भंडारी करता नंदी की सवारीभोलेनाथ रे ओं शंकर नाथ रेगौरा भांग रगड़ के बोलीतेरे साथ है भूतो की टोलीमेरे नाथ रे शम्भू नाथ रेओं भोले बाबा जी दर तेरे मै आया जीझोली खाली लाया जी खाली झोली भरदो जीकालिया सर्पा वाला मेरा भोले बाबाशिखरे कैलाशा विच रहंदा ओं जीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवाय&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;डम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम बेल पत्ते लायेंगेवही बेल हम भोले को चढ़ायेंगेथाली में फुल और चन्दन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम गंगा जल लायेंगेवही गंगाजल हम भोले को चढ़ायेंगेफिर तो भजन और किर्तन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम गंगा रेत लायेंगेवही गंगा रेत हम शिवलिंग बनायेगेफिर तो भोले का अभिनन्दन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम भांग धतुरा लायेंगेवही भांग धतुरा हम भोले को चढ़ाएंगेफिर तो भोले को भोग लगाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम कांवड़ लेके आयेंगेकांवड़ लेके आयेंगे हम भोले को मनाएंगेफिर तो चरणामृत हमको मिलेगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगा&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;नित ध्यान धरु तेरा बिगड़ी को बना जानातुझे अपना समझकर मै फरियाद सुनाता हुतेरे दर पर आकर मै नित धुनी रमाता हुक्यों भूल गये भगवन मुझे समझ के बेगानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनामेरी नाव भवर डोले तुम्ही तो खेवैया होजग के रखवाले तुम तुम ही तो कन्हैया होकर नंदी सवारी तुम भवपार लगा जानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनातुम बिन न कोई मेरा अब नाथ सहारा हैइस जीवन को मैंने तुझ पर ही वारा हैमर्जी है तेरी बाबा अच्छा नही तडपानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनानैनो में भरे आँसू क्यों तरस न खाते होक्या दोष हुआ मुझसे मुझे क्यों ठुकराते होअब मैहर करो बाबा सुन के मेरा अफसानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंमेरे भोले ओ बम भोले मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति हैउसी गंगा में नहाने को मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा हैउसी गंगा को पाने को मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मन्दिर हैउसी मन्दिर में पूजा को काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सजे है अंबर सजी है धरतीसजी पुरी आकाश जीगौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जीघुंघट में चंदा सी लगे मेरी मैया पार्वतीमन मोहक सा रूप है लगे मेरे भोलेनाथ कीमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने आये मेरे भोलेनाथ जीसजे है काशी सजी उज्जैनीसजी पुरी कैलाश जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीथामा हाथ मा गौरा का मेरे भोलेनाथ नेबचन दिया है साथ रहेंगे हर मुश्किल हालत मेंमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसजी हिमाचल सजी हिमालयसजी पुरी बरात जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसात फिरो से आज बनेगी पार्वती भोलेनाथ कीपुष्प की वर्षा देव करे है नमन करे हर बार जीमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसजे है अंबर साजी है धरतीसजी पुरी आकाश जीगौरा जी को लेने आए&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सजा दो घर को गुलशन सामेरे भोलेनाथ आये हैलगी कुटिया भी दुल्हन सीमेरे भोलेनाथ आये हैपखारो इनके चरणों कोबहाकर प्रेम की गंगाबिछा दो अपनी पलकों कोमेरे भोलेनाथ आये हैउमड़ आयी मेरी आँखेदेखकर अपने बाबा कोहुयी रोशन मेरी गलियामेरे भोलेनाथ आये हैतुम आकर फिर नही जानामेरी इस सुनी दुनिया सेकहू हरदम यही सबसेमेरे भोलेनाथ आये हैलगी कुटिया भी दुल्हन सीमेरे भोलेनाथ आये हैसजा दो घर को गुलशन सामेरे भोलेनाथ आये है&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;हे शिव शंकर हे अभयंकरपरम पिता परमेश्वर तुम होहे जग दाता भाग्य विधाताविश्वपति जदीश्वर तुम होहे शिव शंकर हे अभयंकर।।हे शिव शंकर हे अभयंकरपरम पिता परमेश्वर तुम होहे जग दाता भाग्य विधाताविश्वपति जदीश्वर तुम होहे शिव शंकर हे अभयंकर।।शरण तुम्हारी ली है हमनेरखना प्रभु लाज हमारीजय जय कैलाश के वासी।हम प्राण हैं ईश्वर तुम होये जाने सारे संसारीतुम हो दयालु प्रति उपकारीहे शिव शंकर हे अभयंकर।।शीश तुम्हारे गंगा धारामस्तक साजे चंद्रमा प्यारामन पूजा में लिया हुआ हैदेखा जबसे रूप तुम्हारा।।अधर की प्यास बुझा दो देवाहम प्यारे हैं सागर तुम होहे शिव शंकर हे अभयंकर।सागर मंथन विश सारातुम्हारे अपने कंठ उताराइस्सिये तो जग के स्वामीनील कंठ है नाम तुम्हारामन में झटका तो ये देखामेरे मन के भीतर तुम होहे शिव शंकर हे अभयंकर।।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,कोटि नमन दिगम्बरा ॥निर्विकार ओमकार अविनाशी,तुम्ही देवाधि देव,जगत सर्जक प्रलय करता,शिवम सत्यम सुंदरा ॥निरंकार स्वरूप कालेश्वर,महा योगीश्वरा,दयानिधि दानिश्वर जय,जटाधार अभयंकरा ॥शूल पानी त्रिशूल धारी,औगड़ी बाघम्बरी,जय महेश त्रिलोचनाय,विश्वनाथ विशम्भरा ॥नाथ नागेश्वर हरो हर,पाप साप अभिशाप तम,महादेव महान भोले,सदा शिव शिव संकरा ॥जगत पति अनुरकती भक्ति,सदैव तेरे चरण हो,क्षमा हो अपराध सब,जय जयति जगदीश्वरा ॥जनम जीवन जगत का,संताप ताप मिटे सभी,ओम नमः शिवाय मन,जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा,कोटि कोटि प्रणाम शम्भू,कोटि नमन दिगम्बरा ॥कोटि नमन दिगम्बरा..कोटि नमन दिगम्बरा..कोटि नमन दिगम्बरा..&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Guru Purnima Aarti Lyrics: इस आरती के बिना अधूरी है गुरु पूजा, यहां जाने पूरी विधि और महत्व]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/guru-purnima-2026-guru-aarti-lyrics-video-in-hindi-puja-vidhi-articleshow-8nr7ho1</link>
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            <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 06:00:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Purnima Ki Aarti Lyrics: इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन लोग अपने गुरु की पूजा करते हैं और आरती भी। आरती के बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Ki Aarti Lyrics In Hindi: &lt;/strong&gt;हर साला आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। इस बार ये उत्सव 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस पर्व का धर्म ग्रंथों में विशेष महत्व बताया गया है। इस पर्व में लोग अपने-अपने गुरुओं की पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा के बाद गुरु की आरती भी जरूर करनी चाहिए क्योंकि इसके बिना पूजा का पूरा फल नहीं मिलता। आगे जानिए कैसे करें गुरु की आरती&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Bhajan: &lsquo;गुरु मेरी पूजा-गुरु गोबिंद&rsquo;, ऐसे ही भजन सुन करें दिन की शुरूआत, मिलेंगे शुभ फल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आरती से पहले करें ऐसे करें पूजा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु को पैरों को साफ जल से धोएं और फूल अर्पित करें। इसके बाद गुरु के मस्तक पर कुमकुम से तिलक लगाएं। अपनी इच्छा अनुसार कपड़े, मिठाई, फल और धन राशि आदि भेंट करें। इसके बाद गुरु के पैर छूकर आशीर्वाद लें। थाली में दीपक लेकर गुरुदेव की आरती करें। इस तरह विधि-विधान से गुरु की पूजा-आरती करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima 2026: गुरु को क्या उपहार दें? यहां जानें राशि अनुसार बेस्ट गिफ्ट आइडिया&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गुरु महाराज की आरती हिंदी में&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जय गुरुदेव अमल अविनाशी, ज्ञानरूप अन्तर के वासी,पग पग पर देते प्रकाश, जैसे किरणें दिनकर कीं।आरती करूं गुरुवर की॥जब से शरण तुम्हारी आए, अमृत से मीठे फल पाए,शरण तुम्हारी क्या है छाया, कल्पवृक्ष तरुवर की।आरती करूं गुरुवर की॥ब्रह्मज्ञान के पूर्ण प्रकाशक, योगज्ञान के अटल प्रवर्तक।जय गुरु चरण-सरोज मिटा दी, व्यथा हमारे उर की।आरती करूं गुरुवर की।अंधकार से हमें निकाला, दिखलाया है अमर उजाला,कब से जाने छान रहे थे, खाक सुनो दर-दर की।आरती करूं गुरुवर की॥संशय मिटा विवेक कराया, भवसागर से पार लंघाया,अमर प्रदीप जलाकर कर दी, निशा दूर इस तन की।आरती करूं गुरुवर की॥भेदों बीच अभेद बताया, आवागमन विमुक्त कराया,धन्य हुए हम पाकर धारा, ब्रह्मज्ञान निर्झर की।आरती करूं गुरुवर की॥करो कृपा सद्गुरु जग-तारन, सत्पथ-दर्शक भ्रांति-निवारण,जय हो नित्य ज्योति दिखलाने वाले लीलाधर की।आरती करूं गुरुवर की॥आरती करूं सद्गुरु कीप्यारे गुरुवर की आरती, आरती करूं गुरुवर की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Guru Purnima Motivational Quotes: महर्षि वेदव्यास के 5 अनमोल वचन, जो आपकी लाइफ में ला सकते हैं पॉजिटिव चेंज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/guru-purnima-2026-maharishi-ved-vyas-motivational-quotes-in-hindi-anmol-vachan-articleshow-98xrsaz</link>
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            <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 08:17:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Purnima: इस बार गुरु पूर्णिमा के पर्व 29 जुलाई 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन गुरु की पूजा करने के साथ-साथ इनकी बातों को भी जीवन में उतारना चाहिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01jzhkm3syv1e51rxzgxftygja,imgname-guru-purnima-2025-1751863922494.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima 2026:&lt;/strong&gt; आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा या व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। वेद, पुराण और महाभारत जैसे महान ग्रंथों की रचना करने वाले महर्षि वेदव्यास को आदि गुरु भी कहा जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उनके कुछ ऐसे प्रेरणादायक वचन जानते हैं, जो आज भी जीवन को सही दिशा दिखाने का काम करते हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima 2026 Muhurat: गुरु पूजन के लिए कौन-से हैं 5 बेस्ट मुहूर्त? यहां करें नोट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. माता ही होती है पहली गुरु&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;श्लोक:&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;मातरं पितरं चैव दृष्ट्वा पुत्रो धर्मवित्।&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;प्रथमं मातरं वन्देत् पश्चात् पितरमेव च॥&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्थ:&lt;/strong&gt; महर्षि वेदव्यास के अनुसार, माता ही मनुष्य की पहली गुरु होती है। इसलिए जीवन में सबसे पहले माता-पिता का सम्मान करना चाहिए। जो व्यक्ति अपने माता-पिता का आदर करता है, उसके जीवन में सुख और सफलता बनी रहती है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Aarti Lyrics: इस आरती के बिना अधूरी है गुरु पूजा, यहां जाने पूरी विधि और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. परोपकार सबसे बड़ा पुण्य है&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;श्लोक:&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;परोपकारः पुण्याय पापाय परपीड़नम्॥&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्थ: &lt;/strong&gt;दूसरों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है, जबकि किसी को दुख पहुंचाना सबसे बड़ा पाप है। वेदव्यासजी का मानना था कि मनुष्य को हमेशा दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. धर्म की रक्षा करने वाला सुरक्षित रहता है&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;श्लोक:&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;धर्मो रक्षति रक्षितः॥&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्थ:&lt;/strong&gt; जो व्यक्ति धर्म, सत्य और नैतिकता का पालन करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। जीवन में चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियां आएं, सही रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. क्षमा सबसे बड़ा धर्म है&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;श्लोक:&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;क्षमा धर्मः क्षमा यज्ञः क्षमा वेदाः क्षमा श्रुतम्।&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;क्षमायाः परमो लाभः क्षमा स्वर्गस्य कारणम्॥&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्थ: &lt;/strong&gt;महर्षि वेदव्यास ने क्षमा को सबसे बड़ा धर्म बताया है। क्षमा करने वाला व्यक्ति मन की शांति प्राप्त करता है और समाज में सम्मान भी पाता है। क्रोध की जगह क्षमा को अपनाना ही सच्ची महानता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. बुराई पर अच्छाई से विजय पाएं&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;श्लोक:&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अक्रोधेन जयेत् क्रोधम् असाधुं साधुना जयेत्।&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;जयेत् सत्येन चानृतम्॥&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्थ:&lt;/strong&gt; क्रोध को शांति से, बुराई को अच्छाई से और झूठ को सत्य से हराना चाहिए। यही एक श्रेष्ठ व्यक्ति की पहचान होती है। वेदव्यासजी के अनुसार, संयम और सदाचार ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Sawan Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार कब है? जानें डेट, पूजा विधि-मंत्र और मुहूर्त]]></title>
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            <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 14:47:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan First Somwar 2026 Date: वैसे तो पूरे सावन मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है लेकिन इस महीने में आने वाले सोमवार को और भी शुभ माना गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01khb90hfp20r6hrrdzq831qv4,imgname-pradosh-vrat-feb-2026-03-1770978821622.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kab Hai Sawan Ka Pahla Somwar: &lt;/strong&gt;भगवान शिव की भक्ति का महीना सावन इस बार 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जो 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। वैसे तो पूरा सावन मास ही शिव पूजा के लिए शुभ है लेकिन इस महीने में आने वाले प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। मान्यता है कि सावन सोमवार को की गई शिव पूजा, उपाय, मंत्र जाप आदि का फल कई गुना होकर मिलता है। इस बार सावन में 4 सोमवार का संयोग बन रहा है। आगे जानिए कब है सावन का पहला सोमवार, पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त सहित पूरी डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: &lsquo;मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा&rsquo;, इन 10 भजनों को सुने बिना अधूरा है सावन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब है सावन 2026 का पहला सोमवार?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पूरे दिन रहेगी, इस दिन मौना पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुकर्मा, धृति, गत और मातंग नाम के 4 शुभ योग रहेंगे, जिसके चलते इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan 2026: सावन में इन 10 चीजों के दान से खुलेंगे भाग्य के द्वार, महादेव की बरसेगी कृपा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3 अगस्त 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सुबह 09:17 से 10:55 तक- दोपहर 12:07 से 12:59 तक (अभिजीत मुहूर्त)- दोपहर 02:10 से 03:48 तक- शाम 05:26 से 07:03 तक&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सावन सोमवार पूजा विधि-मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सावन सोमवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। ऊपर बताए गए किसी भी मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं।- शुभ मुहूर्त शुरू होने पर पहले शिवलिंग का अभिषेक शुद्ध जल से करें, फिर गाय के दूध से और इसके बाद पुन: जल से अभिषेक करें।- महादेव को चंदन लगाएं और फूल चढ़ाएं। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। अबीर, गुलाल, चावल, जनेऊ, बिल्व पत्र, धतूरा और आंकड़ा चढ़ाएं।- पूजा करते समय मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। शिवजी को अपनी इच्छा के अनुसार फल, मिठाई का भोग लगाएं।- इसके बाद विधि-विधान से आरती करें। प्रसाद भक्तों को बांट दें और संभव हो तो शिव चालीसा या शिव स्तुति आदि का पाठ करें।- इस तरह सावन सोमवार पर शिवजी की पूजा करने से आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिवजी की आरती लिरिक्स हिंदी में&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥ओम जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत, त्रिभुवन जन मोहे॥ओम जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥ओम जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका॥ओम जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ओम जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ओम जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठि दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोइ नर गावे।कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ओम जय शिव ओंकारा॥स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Mahakal Bhasma Aarti Video: सावन के पहले दिन रात 3 बजे हुई महाकाल की भस्मारती, देखें वीडियो]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/mahakal-bhasma-aarti-video-sawan-first-day-2026-videoshow-as3lu9x</link>
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            <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 08:11:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Mahakal Bhasma Aarti Video Today: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां रोज सुबह की जाने वाली भस्म आरती भी विश्व प्रसिद्ध है। देखें सावन के पहले दिन की भस्मारती की वीडियो&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;span&gt;Mahakal Bhasma Aarti Today Video: भगवान शिव का प्रिय &lt;/span&gt;सावन&lt;span&gt; मास इस बार 30 जुलाई, गुरुवार से शुरू हो चुका है। इस मौके पर देश भर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। उज्जैन स्थित बाबा &lt;/span&gt;महाकाल&lt;span&gt; के मंदिर में इस सावन के पहले दिन भक्तों का सैलाब देखा जा रहा है। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने रोज सुबह 4 बजे की जाने वाली बाबा महाकाल की भस्म आरती को 3 बजे करने का निर्णय लिया है। सावन के पहले दिन यानी 30 जुलाई की सुबह भी विधि-विधान से भगवान महाकाल की भस्म आरती की गई।&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Sawan First Somwar 2026: 3 अगस्त को रुद्राभिषेक का मुहूर्त क्या है? जानें पूजा विधि, मंत्र और उपाय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sawan-first-somwar-2026-3-august-rudrabhishek-shubh-muhurat-puja-vidhi-upay-articleshow-b2rux2i</link>
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            <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 14:41:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan First Somwar 2026 Muhurat: इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इस दिन रुद्राभिषेक का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। ऐसा करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rudrabhishek Muhurat 3 August 2026:&lt;/strong&gt; इस बार भगवान शिव का प्रिय सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में शिव पूजा की विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महीने के सोमवार को रुद्राभिषेक किया जाए तो भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन कईं शुभ योग भी बन रहे हैं जिसके चलते इस सोमवार का महत्व और भी अधिक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए 3 अगस्त को रुद्राभिषेक के लिए शुभ मुहूर्त कब-कब हैं&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रुद्राभिषेक के लिए श्रेष्ठ समय क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परंपरा के अनुसार भगवान शिव का रुद्राभिषेक सुबह करना सबसे शुभ माना जाता है। ये काम यदि ब्रह्म मुहूर्त में किया जाए तो और भी शुभ रहता है। अगर सुबह किसी कारणवश रुद्राभिषेक न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त और प्रदोष काल में भी कर सकते हैं। ये तीनों समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम माने गए हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Shivratri 2026 Date: सावन शिवरात्रि कब है, 11 या 12 अगस्त? जानें सही डेट, मुहूर्त और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2 अगस्त 2026 रुद्राभिषेक मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ब्रह्म मुहूर्त:&lt;/strong&gt; सुबह 04:19 बजे से 05:01 बजे तक&lt;strong&gt;अभिजीत मुहूर्त: &lt;/strong&gt;दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक&lt;strong&gt;प्रदोष काल: &lt;/strong&gt;शाम 06:26 बजे से 07:56 बजे तकइन तीनों में से किसी भी समय आप रुद्राभिषेक कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रुद्राभिषेक कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रुद्र का अर्थ है महादेव और अभिषेक यानी जल से स्नान करवाना। रुद्राष्टाध्यायी के 8 अध्यायों में कुल 176 मंत्र हैं, इन्हीं मंत्रों को बोलते हुए जब शिवलिंग का जल या अन्य विशेष द्रव्यों जैसे दूध आदि से अभिषेक किया जाता है तो इसे रुद्राभिषेक कहते हैं। शिवपुराण में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। विधि-विधान से रुद्राभिषेक करने से महादेव हर इच्छा पूरी करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रुद्राभिषेक के उपाय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; शिवपुराण के अनुसार गन्ने के रस से यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो धन लाभ के योग बनते हैं।&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; मानसिक शांति के लिए शुद्ध जल से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना चाहिए।&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; गुड लक के लिए शिवलिंग का रुद्राभिषेक गंगाजल से करें।&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; संतान प्राप्ति के लिए गाय के घी से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करें।&lt;strong&gt;5.&lt;/strong&gt; शिवपुराण की मानें तो गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Friendship Day 2026: कौन देगा मुश्किल में साथ-कौन धोखा? चाणक्य से जानें सच्ची दोस्ती के 5 संकेत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/friendship-day-2026-chanakya-niti-how-to-identify-true-friend-signs-articleshow-dc6kp6i</link>
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            <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 10:35:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Chanakya Niti: हर साल अगस्त के पहले रविवार को मित्रता दिवस यानी फ्रेंडशिप डे के रूप में मनाया जाता है। इस बार फ्रेंडशिप डे 2 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chanakya Quotes on Friendship: &lt;/strong&gt;आचार्य चाणक्य को भारत के महान विद्वानों के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जीवन के लगभग हर विषय पर अपने विचार दिए हैं। मित्रता को लेकर भी चाणक्य ने कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। उनके अनुसार, जीवन में सच्चा मित्र मिलना किसी सौभाग्य से कम नहीं होता। एक अच्छा मित्र न केवल सुख में साथ देता है, बल्कि कठिन समय में भी आपका हाथ नहीं छोड़ता। आचार्य चाणक्य ने सच्चे दोस्त की 5 पहचान बताई हैं। फ्रेंडशिप डे 2026 के मौके पर जानें क्या है सच्चे दोस्त की 5 पहचान&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Friendship Day Top 10 Songs: यारों दोस्ती बड़ी ही हसीन है... स्टेटस में लगाएं ये 10 सुपरहिट गाने, सब कहेंगे- वाह क्या चॉइस है!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;संकट के समय जो साथ दे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आचार्य चाणक्य के अनुसार, सच्चे मित्र की पहचान सुख के समय नहीं, बल्कि मुश्किल समय में होती है। जो व्यक्ति आपके बुरे दौर में भी आपका साथ निभाए, वही वास्तविक मित्र कहलाने योग्य है। संकट में साथ छोड़ देने वाले लोगों पर कभी आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Happy Friendship Day 2026: तेरी-मेरी दोस्ती... अपने खास दोस्त को यहां से भेजें शानदार फ्रेंडशिप डे विशेज मैसेज&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आपकी सफलता से खुश हो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सच्चा मित्र आपकी तरक्की और सफलता देखकर ईर्ष्या नहीं करता। वह दिल से आपकी उपलब्धियों का सम्मान करता है और आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। जो दोस्त आपकी सफलता से परेशान हो जाए, उससे सावधान रहना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गलत रास्ते पर जाने से रोके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चाणक्य कहते हैं कि अच्छा मित्र वही है जो आपकी गलतियों पर आंखें बंद न करे। यदि आप किसी गलत निर्णय या गलत काम की ओर बढ़ रहे हों तो वह आपको रोकने का प्रयास करेगा। जो मित्र सिर्फ आपकी हां में हां मिलाए, वह सच्चा मित्र नहीं माना जाता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विश्वास और गोपनीयता बनाए रखे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मित्रता की नींव विश्वास पर टिकी होती है। सच्चा दोस्त आपकी निजी बातों को दूसरों के सामने प्रकट नहीं करता। वह आपके भरोसे को बनाए रखता है और हर परिस्थिति में आपके विश्वास की रक्षा करता है। जो दोस्त आपकी गोपनीयता भंग कर दे वह कभी सच्चा दोस्त नहीं होता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्वार्थ नहीं, अपनापन रखे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति केवल अपने लाभ के लिए मित्रता रखता है, वह कभी सच्चा मित्र नहीं हो सकता। सच्चे दोस्त के मन में स्वार्थ नहीं बल्कि अपनापन और सद्भावना होती है। वह बिना किसी अपेक्षा के आपके हित के बारे में सोचता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Shivji Ki Aarti Lyrics: ‘ओम जय शिव ओंकारा’, सावन में इस विधि से करें आरती, मिलेगा पूजा का पूरा फल]]></title>
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            <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 06:30:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Om Jai Shiv Omkara Lyrics: वैसे तो भगवान शिव की अनेक प्रसिद्ध आरती हैं लेकिन इन सभी में सबसे ज्यादा प्रचलित है &lsquo;ओम जय शिव ओंकारा&rsquo;। इस आरती के बिना शिव पूजा अधूरी लगती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Shivji Ki Aarti Om Jai Shiv Omkara: &lt;/strong&gt;भगवान शिव का प्रिय सावन मास इस बार 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में शिव पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के बाद महादेव की आरती भी जरूर की जाती है। शिवजी की अनेक आरतियों में से एक है &lsquo;ओम जय शिव ओंकारा&rsquo;, जो सबसे ज्यादा प्रचलित है। शिवजी की आरती की एक खास विधि है। सावन के इस पवित्र महीने में जानें कैसे करें शिवजी की आरती&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: &lsquo;मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजा&rsquo;, इन 10 भजनों को सुने बिना अधूरा है सावन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महादेव की आरती कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिवजी की आरती के लिए सबसे पहले दीपक जलाएं और मूर्ति या चित्र के चरणों में 4 बार, नाभि से 2 बार, चेहरे से 1 बार और 7 बार पूरी मूर्ति पर आरती घुमाएं। शिवलिंग की आरती करनी हो तो भी कुल 14 बार आरती की थाली घुमानी चाहिए। दीपक आरती करने के बाद कर्पूर आरती करें। आरती पूरी होने के बाद थोड़ा का जल छिड़कें। सबसे पहले भगवान और आरती देकर चारों दिशाओं में आरती घुमाएं। इसके बाद अन्य लोगों को आरती दें।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार कब है? जानें डेट, पूजा विधि-मंत्र और मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिवजी की आरती लिरिक्स हिंदी में (Shivji Ki Aarti Lyrics in Hindi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥ओम जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत, त्रिभुवन जन मोहे॥ओम जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥ओम जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका॥ओम जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ओम जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ओम जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठि दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोइ नर गावे।कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ओम जय शिव ओंकारा॥स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Sawan Somwar Vrat Katha: शिवभक्ति से बदली किस्मत, मृत पुत्र भी हो गया जीवित, पढ़ें सावन सोमवार की ये कथा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sawan-somwar-vrat-katha-hindi-first-sawan-monday-2026-katha-shiv-vrat-mahatva-articleshow-hcazqhg</link>
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            <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 06:00:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan Somwar Katha: इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इस दिन व्रत का विशेष महत्व है। जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत करता है उसे इसकी कथा जरूर सुननी चाहिए।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sawan Somwar Vrat Katha In Hindi: &lt;/strong&gt;हिंदू पंचांग का पांचवां महीना है श्रावण, जिसे सावन भी कहते हैं। इस महीने में शिव पूजा का विशेष महत्व है। इस बार सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। इस दिन बहुत सारे लोग व्रत करते हैं। जो लोग सावन सोमवार का व्रत करते हैं, उनके लिए सावन सोमवार व्रत की कथा सुनना भी जरूरी है। तभी व्रत का पूरा फल मिलता है, ऐसी मान्यता है। आगे जानिए सावन सोमवार की कथा&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ये है सावन सोमवार की कथा (Sawan Somwar Vrat Katha)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- प्राचीन समय में एक नगर में धनवान साहूकार रहता था। वह भगवान शिव का परम भक्त था और प्रत्येक सोमवार शिव-पार्वती की पूजा करता था। संतान न होने के कारण वह हमेशा दुखी रहता था। उसकी भक्ति देख भगवान शिव एक दिन प्रकट हुए और उसे पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया। साथ ही ये भी कहा कि उसके पुत्र की आयु केवल 16 वर्ष होगी।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Shivratri 2026 Date: सावन शिवरात्रि कब है, 11 या 12 अगस्त? जानें सही डेट, मुहूर्त और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ समय बाद साहूकार के घर सुंदर पुत्र का जन्म हुआ। जब वह बालक 11 वर्ष का हुआ, तब उसे शिवजी का वरदान और भविष्यवाणी याद आई। तब साहूकार ने अपने पुत्र को उसके मामा के साथ शिक्षा प्राप्त करने के लिए काशी भेज दिया और जाते समय कहा कि रास्ते में जहां भी संभव हो, ब्राह्मणों को भोजन अवश्य कराना।यात्रा के दौरान एक नगर में राजा की पुत्री का विवाह हो रहा था। जिस राजकुमार से राजकुमारी का विवाह होना था, उसकी एक आंख नहीं थी। इस बात को छिपाने के लिए राजकुमार के पिता ने साहूकार के सुंदर पुत्र को बहला-फुसलाकर दूल्हे के रूप में विवाह मंडप में बैठा दिया।विवाह होने के बाद साहूकार का पुत्र काशी जाने लगा। जाने से पहले उसने राजकुमारी के दुपट्टे पर लिख दिया &lsquo;जिसके साथ तुम्हें विदा किया जाएगा, वह मैं नहीं, बल्कि काना राजकुमार है।&rsquo; जब राजकुमारी ने यह पढ़ा तो उसने काने राजकुमार के साथ जाने से इंकार कर दिया।उधर साहूकार का पुत्र अपने मामा के साथ काशी पहुंचकर शिक्षा ग्रहण करने लगा। जिस दिन वह 16 वर्ष का हुआ उसी दिन उसकी मृत्यु हो गई। उस समय भगवान शिव और माता पार्वती काशी में ही थे। 16 वर्षीय सुंदर युवक को मृत देखकर माता पार्वती अत्यंत दुखी हुईं।देवी पार्वती ने भगवान शिव से उस युवक को जीवनदान देने की प्रार्थना की। भगवान शिव ने अपनी कृपा से साहूकार का पुत्र पुनः जीवित हो गया। शिक्षा पूरी होने पर जब वह अपने मामा के साथ घर लौटने लगा। रास्ते में वही नगर आया, जहां उसका विवाह हुआ था।राजकुमारी ने युवक को देखते ही पहचान लिया और राजा को सारी बात बताई। राजा ने उसे अपना वास्तविक दामाद स्वीकार किया और सम्मानपूर्वक अपनी पुत्री तथा भरपूर धन-संपत्ति के साथ विदा किया। जब साहूकार ने अपने पुत्र को जीवित और सकुशल देखा तो वह बहुत खुश हुआ।उसी रात भगवान शिव ने उसे सपने में दर्शन देकर कहा कि यह सब सावन सोमवार व्रत, शिवभक्ति और सच्ची श्रद्धा का ही फल है। तभी से सावन सोमवार व्रत का महत्व और भी अधिक माना जाने लगा। इस कथा को सुने बिना सावन सोमवार व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक]]></title>
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            <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 11:56:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan 2026: राशि अनुसार उपाय करना बहुत ही शुभ माना गया है। ये उपाय अगर सावन मास में किए जाएं तो शुभ फलों के साथ-साथ महादेव की कृपा भी मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan 2026: राशि अनुसार उपाय करना बहुत ही शुभ माना गया है। ये उपाय अगर सावन मास में किए जाएं तो शुभ फलों के साथ-साथ महादेव की कृपा भी मिलती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Sawan 2026 Rashi Anusar Upay: भगवान शिव का प्रिय सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे महीने में शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र में भी सावन को बहुत शुभ माना गया है। सावन में यदि राशि के अनुसार आसान उपाय किए जाएं तो शिव कृपा के साथ-साथ ग्रहों का भी शुभ फल मिल सकता है। जानिए सावन में राशि अनुसार कौन-से उपाय करें&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोगों को सावन में शिवलिंग पर शहद अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही शिव मंदिर में लाल रंग का ध्वज चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। ये उपाय करने से इनके अटके काम पूरे हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि वाले शिवलिंग का अभिषेक कच्चे दूध से करें। महादेव को खीर का भोग लगाएं और जरूरतमंद लोगों को चावल का दान करें। इससे धन लाभ होने के योग बन सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग जल में बिल्व पत्र डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। साथ ही हरे रंग के फल भगवान शिव को अर्पित करें। यह उपाय बुद्धि, वाणी और निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग शिवलिंग पर मक्खन या गाय के शुद्ध घी का लेप करें और सफेद मिठाई का भोग लगाएं। जरूरतमंदों को दूध का दान भी करें। इससे इनकी टेंशन कम होगी और मन शांत होगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग जल में लाल चंदन मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। लाल रंग के फल अर्पित करें और गेहूं का दान करें। यह उपाय मान-सम्मान और पॉजिटिव एनर्जी में वृद्धि कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल अर्पित करें, साथ ही गौशाला में हरा चारा दान करना भी शुभ रहेगा। यह उपाय करियर और कार्यक्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग सावन में गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें। महादेव को गुड़ अर्पित करें और जरूरतमंदों को शक्कर का दान दें। इससे सुख-सुविधाओं और धन से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग पानी में लाल फूल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। जौ से बनी मिठाई या हलवे का भोग भगवान शिव को अर्पित करें। इसे उपाय से इनके बिगड़े काम फिर से बन सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि वालों को पानी में चंदन मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। पीले रंग के फल भगवान शिव को चढ़ाएं और धार्मिक सामग्री का दान करें। इससे किस्मत का साथ मिलने के योग बनते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग पानी में काले तिल डालकर शिवलिंग का अभिषेक करें। काले अंगूर का भोग लगाएं और जरूरतमंद लोगों की सहायता करें। यह उपाय शनि से जुड़े कष्टों को कम करने वाला माना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि वालों को तिल के तेल से अभिषेक करने के बाद अपराजिता के फूल शिवजी को अर्पित करने चाहिए। तिल से बनी मिठाई का भोग लगाएं। इससे शनिदेव और महादेव दोनों की कृपा प्राप्त होती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस राशि के लोग केसर मिले जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। पीले रंग की मिठाई और फल अर्पित करें। जरूरतमंदों को फल दान करने से सुख, शांति और समृद्धि में वृद्धि हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Sawan Shivratri 2026 Date: सावन शिवरात्रि कब है, 11 या 12 अगस्त? जानें सही डेट, मुहूर्त और महत्व]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sawan-shivratri-2026-date-muhurat-puja-time-significance-shiv-chaturdashi-vrat-august-photoshow-izwgahg</link>
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            <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 14:57:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan Shivratri 2026: सावन में आने वाली शिवरात्रि बहुत ही खास होती है। इस दिन की गई शिव पूजा का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस बार सावन शिवरात्रि अगस्त 2026 में है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Sawan Shivratri 2026: सावन में आने वाली शिवरात्रि बहुत ही खास होती है। इस दिन की गई शिव पूजा का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस बार सावन शिवरात्रि अगस्त 2026 में है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Sawan Shivratri Kab Hai: भगवान शिव का प्रिय सावन मास इस बार 30 जुलाई से शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, मासिक शिवरात्रि भी इनमें से एक है। इस व्रत को शिव चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो मासिक शिवरात्रि का व्रत हर महीने किया जाता है लेकिन सावन में आने वाली शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। आगे जानिए इस बार सावन शिवरात्रि का व्रत कब किया जाएगा&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त, मंगलवार की सुबह 04 बजकर 54 मिनिट से शुरू होगी, जो रात 01 बजकर 53 मिनिट तक रहेगी। चूंकि चतुर्दशी तिथि का सूर्योदय 11 अगस्त को होगा, इसलिए इसी दिन सावन शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सावन शिवरात्रि में रात के चारों प्रहर शिवजी की पूजा की जाती है। अगर ऐसा न कर पाएं तो अर्धरात्रि यानी निशिता काल में एक समय पूजा करने से भी इस व्रत का पूरा फल प्राप्त किया जा सकता है। ये हैं निशिता काल और रात के चारों प्रहर की पूजा के शुभ मुहूर्त-&lt;strong&gt;निशिता काल पूजा समय- रात 12:05 से से 12:48 तक&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय- शाम 07:04 से रात 09:45 तक&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय- रात 09:45 से 12:26 तक&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय- रात 12:26 से 03:07 तक&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय &ndash; रात 03:07 से 12 अगस्त की सुबह 05:49 तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Puja Vidhi: सावन में कैसे करें महादेव की पूजा? जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि, मंत्र, उपाय सहित पूरी डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव पहली बार ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसलिए इस तिथि पर हर साल महाशिवरात्रि का पर्व मनाते हैं। इस तिथि के महत्व को समझाने के लिए हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि व्रत करने का नियम है। इस तरह एक साल में 1 बार महाशिवरात्रि और 11 बार शिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sawan-shivratri-2026-date-muhurat-puja-time-significance-shiv-chaturdashi-vrat-august-photoshow-izwgahg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[श्रावण संकष्टी चतुर्थी व्रत कब, 2 या 3 अगस्त? जानें चंद्रोदय का समय, पूजा विधि, मंत्र और मुहूर्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shravan-gajanan-sankashti-chaturthi-2026-vrat-date-puja-vidhi-chandroday-muhurat-significance-articleshow-mdivrkf</link>
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            <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:51:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Shravan Sankashti Chaturthi 2026: श्रावण मास की संकष्टी चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। इसे गजानन संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं। इस बार ये व्रत अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में किया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwgwzf5874g7bsde6qsf4er4,imgname-krishnapingal-chaturthi-2026-01-1782978690216.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gajanan Sankashti Chaturthi 2026:&lt;/strong&gt; धर्म ग्रंथों के अनुसार हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए व्रत किया जाता है। इसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। इनमें श्रावण मास की संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। इसे गजानन संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार श्रावण संकष्टी चतुर्थी का व्रत अगस्त 2026 के पहले सप्ताह में किया जाएगा। जानें गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत कब करें, पूजा विधि, मंत्र और मुहूर्त की पूरी डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब करें गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत 2026?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 1 अगस्त, शनिवार की रात 11 बजकर 07 मिनिट से शुरू होगा जो अगले दिन यानी 2 अगस्त, रविवार की रात 11 बजकर 15 मिनिट तक रहेगा। चूंकि चतुर्थी तिथि का सूर्योदय 2 अगस्त को होगा, इसलिए इसी दिन गजानन संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Puja Vidhi: सावन में कैसे करें महादेव की पूजा? जानें स्टेप बाय स्टेप पूरी विधि, मंत्र, उपाय सहित पूरी डिटेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गजानन संकष्टी चतुर्थी का चंद्रोदय कब होगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संकष्टी चतुर्थी व्रत में भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। इसके बाद ही इस व्रत का पूरा फल मिलता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार 2 अगस्त, रविवार को चंद्रोदय रात 09 बजकर 24 मिनिट पर होगा। अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में आंशिक परिवर्तन हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गजानन संकष्टी चतुर्थी 2026 शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह 07:39 से 09:17 तकदोपहर 12:07 से 12:59 तक (अभिजीत मुहूर्त)दोपहर 12:33 से 02:11 तकदोपहर 03:49 से शाम 05:27 तक&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गजानन संकष्टी चतुर्थी व्रत-पूजा विधि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- 2 अगस्त, रविवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और इसके बाद हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें।- ऊपर बताए गए किसी शुभ मुहूर्त में घर में किसी साफ स्थान पर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा लकड़ी के बाजोट यानी पटिए पर स्थापित करें।- भगवान श्रीगणेश को कुमकुम से तिलक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। हल्दी लगी दूर्वा भी चढ़ाएं- इसके बाद रोली, वस्त्र, जनेऊ, अबीर, गुलाल आदि चीजें एक-एक करके अर्पित करें। मन में &lt;strong&gt;ऊं गं गणपतये नम:&lt;/strong&gt; का जाप भी करते रहें।- नारियल, मौसमी फल, लड्डू, मोदक व अन्य चीजों का अपनी इच्छा अनुसार भोग लगाएं। इसके बाद विधि-विधान से आरती करें।- चंद्रमा उदय होने पर जल से अर्ध्य दें और फूल-चावल व अन्य चीजों से पूजा करें। परिवार के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लें।- संभव हो तो जरूरतमंदों को दान करें और फिर स्वयं भोजन करें। इस व्रत से घर में सुख-शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Shiv Bhajan Lyrics in Hindi: सावन में सुनें महादेव के ये 10 सुपरहिट भजन, झूमने पर हो जाएंगे मजबूर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/spiritual/shiv-bhajan-lyrics-superhit-shiv-bhajan-lyrics-in-hindi-sawan-2023-shiv-ke-bhajan-shivji-ke-geet-mma/photoshow-mtkfodk</link>
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            <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 12:42:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Shiv Bhajan Hindi Lyrics: इस बार सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो रहा है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में अगर भगवान शिव के भजन पूरी भक्ति से सुनें जाएं तो महादेव की कृपा आप पर बनी रह सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kh34r4j366nc3c9bz0g9b905,imgname-mahashivratri-2026-date-1770705916483.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Shiv Bhajan Hindi Lyrics: इस बार सावन मास 30 जुलाई से शुरू हो रहा है जो 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में अगर भगवान शिव के भजन पूरी भक्ति से सुनें जाएं तो महादेव की कृपा आप पर बनी रह सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Superhit Shiv Bhajan in Hindi: भगवान शिव का प्रिय सावन मास &amp;nbsp;इस बार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से की जाती है। लोग अपने-अपने तरीके से महादेव को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। &amp;nbsp;इस महीने में अगर भगवान शिव के मधुर भजन सुने जाएं तो इसके भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। भगवान शिव के कुछ ऐसे ही मधुर भजनों की जानकारी आगे दी गई है जिन्हें सुनकर आप भी भोले की भक्ति में खो जाएंगे। ये हैं वो सुपरहिट भजन&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम ।सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥खुद को राख लपेटे फिरते, औरों को देते धन धाम ।देवो के हित विष पी डाला, नील कंठ को कोटि प्रणाम ॥सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥शिव के चरणों में मिलते सारी तीरथ चारो धाम ।करनी का सुख तेरे हाथों, शिव के हाथों में परिणाम ॥सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥शिव के रहते कैसी चिंता, साथ रहे प्रभु आठों याम ।शिव को भजले सुख पायेगा, मन को आएगा आराम ॥सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सांसों की माला पेसिमरु में शिव का नामअब तो दुनियादारी से हैमेरा क्या कामशिव के रंग में ऐसी डूबाबन गया एक ही रूपशिव की माला जपते जपतेहो गयी सुबह श्यामसांसों की माला पे&hellip;शिवजी मेरे दिल में बसे हैसंग रहे दिन रातअपने मन की मै जानूसब के मन की रामसांसो की माला पेशिवजी मेरे अंतरयामीशिवजी मेरे स्वामीशिवजी के चरणों में अर्पणये जीवन तमामसांसों की माला पे&hellip;प्रेम पियाला जबसे पिया हैजी का है ये हालअंगारों पे नींद आ जाएऔर कांटो पे आरामसांसो की माला पे&hellip;सांसो की माला पेसिमरु मै शिव का नामअब तो दुनियादारी से हैमेरा क्या कामसांसों की माला पेसिमरु मै शिव का नाम&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भोले भोले.. महादेवा..सबना दा रखवाला ओ शिवजीडमरूवाला जी डमरू वालाउपर कैलाश रहंदा भोले नाथजी&hellip;धर्मियो जो तारदे शिवजीपापिया जो मारदा जी पापिया जो मारदाबड़ा ही दयाल मेरा भोले अमलीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायमहादेव तेरा डमरू डम डम,डम डम बजतो जाये रे हो महादेवा&hellip;ॐ नमः शिवाय शम्भुसर से तेरी बेहती गंगा काम मेरा हो जाता चंगानाम तेरा जब लेता ता ता ता महादेवा&hellip;मां पियादे घरे ओ गोरामहला च रहन्दी जी महला च रेहन्दीविच सम्साना राहंदा भोले नाथ जीकालेया कुंडला वाला मेरा भोले बाबाकिधर कैलाश तेरा डेरा ओ जी&hellip;सर पे तेरे ओं गंगा मैया विराजेमुकुट पे चंदा मामा ओं जीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवायभंग जे पिन्दा ओं शिवजीधुनी रमान्दा जी धुनी रमान्दाबड़ा ही तपारी मेरा भोले अमलीमेरा भोला है भंडारी करता नंदी की सवारीभोलेनाथ रे ओं शंकर नाथ रेगौरा भांग रगड़ के बोलीतेरे साथ है भूतो की टोलीमेरे नाथ रे शम्भू नाथ रेओं भोले बाबा जी दर तेरे मै आया जीझोली खाली लाया जी खाली झोली भरदो जीकालिया सर्पा वाला मेरा भोले बाबाशिखरे कैलाशा विच रहंदा ओं जीॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवाय&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;नाच रहे है डमरू की ताल पे शिव शंभु जैसे नए साल पे,हर हर महादेव लोगो की जुबां पे नशा ऐसा छाया है,महादेव की ये ये माया है,आज भोले का दिन ये आया है, भगतो ने फिर से मनाया है,भोले का सुरूर ये छाया है, फिर से सावन ये आया है&hellip;खौफ फैला दो नाम का, भोले के मेरे नाम का,शिव शंभु के जाम का, ये भोले की ये शाम का,नाच रहे हैं भोले की बीट पे, चलता गाना फुल रिपीट पे,आंधी तूफ़ान से न डरते, भोले का नाम लिया करते है,भूतकाल को भूल जा, वर्तमन अभी बाकि है,महादेव की लहर है, तूफ़ान अभी बाकी है,भोले मेरे भोले मेरे भोले भंडारी&hellip;शिव की शक्ति शिव की भक्ति जैसे मेरा काम है है,हर हर महादेव है भोले उसका नाम है,भोले का ये दरबार है भोले ही पालनहार है,सजा दे ये माफ़ी दे भोले की ये सरकार है,पीता हू मैं भाँग रगड़ के भोले तेरे नाम से,चलती है ये दुनीया सारी तेरे ही ये काम से,काम मेरे महाकाल के नाम मेरे महाकाल के,बैठा हू सुबह शाम से तेरे ही ये नाम से,भोले मेरे भोले मेरे भोले भंडारी&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनानित ध्यान धरु तेरा बिगड़ी को बना जानातुझे अपना समझकर मै फरियाद सुनाता हुतेरे दर पर आकर मै नित धुनी रमाता हुक्यों भूल गये भगवन मुझे समझ के बेगानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनामेरी नाव भवर डोले तुम्ही तो खेवैया होजग के रखवाले तुम तुम ही तो कन्हैया होकर नंदी सवारी तुम भवपार लगा जानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनातुम बिन न कोई मेरा अब नाथ सहारा हैइस जीवन को मैंने तुझ पर ही वारा हैमर्जी है तेरी बाबा अच्छा नही तडपानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आनानैनो में भरे आँसू क्यों तरस न खाते होक्या दोष हुआ मुझसे मुझे क्यों ठुकराते होअब मैहर करो बाबा सुन के मेरा अफसानाफरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंमेरे भोले ओ बम भोले मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मुक्ति हैउसी गंगा में नहाने को मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में गंगा हैउसी गंगा को पाने को मैं काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूंसुना है हमने ओ भोले तेरी काशी में मन्दिर हैउसी मन्दिर में पूजा को काशी नगरी आई हूंतेरे डमरू की धुन सुनके मैं काशी नगरी आई हूं&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;डम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम बेल पत्ते लायेंगेवही बेल हम भोले को चढ़ायेंगेथाली में फुल और चन्दन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम गंगा जल लायेंगेवही गंगाजल हम भोले को चढ़ायेंगेफिर तो भजन और किर्तन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम गंगा रेत लायेंगेवही गंगा रेत हम शिवलिंग बनायेगेफिर तो भोले का अभिनन्दन होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम भांग धतुरा लायेंगेवही भांग धतुरा हम भोले को चढ़ाएंगेफिर तो भोले को भोग लगाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगासावन के महीने में हम कांवड़ लेके आयेंगेकांवड़ लेके आयेंगे हम भोले को मनाएंगेफिर तो चरणामृत हमको मिलेगाभोले मेरी कुटिया में आना होगाडम डम डमरू बजाना होगाभोले मेरी कुटिया में आना होगा&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सजे है अंबर सजी है धरतीसजी पुरी आकाश जीगौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जीघुंघट में चंदा सी लगे मेरी मैया पार्वतीमन मोहक सा रूप है लगे मेरे भोलेनाथ कीमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने आये मेरे भोलेनाथ जीसजे है काशी सजी उज्जैनीसजी पुरी कैलाश जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीथामा हाथ मा गौरा का मेरे भोलेनाथ नेबचन दिया है साथ रहेंगे हर मुश्किल हालत मेंमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसजी हिमाचल सजी हिमालयसजी पुरी बरात जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसात फिरो से आज बनेगी पार्वती भोलेनाथ कीपुष्प की वर्षा देव करे है नमन करे हर बार जीमिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जीगौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जीसजे है अंबर साजी है धरतीसजी पुरी आकाश जीगौरा जी को लेने आए&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सजा दो घर को गुलशन सामेरे भोलेनाथ आये हैलगी कुटिया भी दुल्हन सीमेरे भोलेनाथ आये हैपखारो इनके चरणों कोबहाकर प्रेम की गंगाबिछा दो अपनी पलकों कोमेरे भोलेनाथ आये हैउमड़ आयी मेरी आँखेदेखकर अपने बाबा कोहुयी रोशन मेरी गलियामेरे भोलेनाथ आये हैतुम आकर फिर नही जानामेरी इस सुनी दुनिया सेकहू हरदम यही सबसेमेरे भोलेनाथ आये हैलगी कुटिया भी दुल्हन सीमेरे भोलेनाथ आये हैसजा दो घर को गुलशन सामेरे भोलेनाथ आये है&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मन मेरा मंदिर शिव मेरी पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जापार्वती जब सीता बन करजय श्री राम के सम्मुख आईराम ने उनको माता कहकरशिव शंकर की महिमा गायीशिव भक्ति में सब कुछ सूझाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जातेरी जटा से निकली गंगाऔर गंगा ने भीष्म दिया हैतेरे भक्तों की शक्ति नेसारे जगत को जीत लिया हैतुझको सब देवोँ ने पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जामन मेरे मंदिर शिव मेरी पूजाशिव से बड़ा नहीं कोई दूजाबोल सत्यम शिवम बोल तू सुन्दरममन मेरे शिव की महिमा के गुण गाये जाओम नमः शिवाय नमोओम नमः शिवाय नमो &hellip;.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mangala Gauri Vrat 2026: मंगला गौरी व्रत कब करें? जानें पूजा विधि, मंत्र, मुहूर्त और आरती]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/mangala-gauri-vrat-2026-date-puja-vidhi-shubh-muhurat-mantra-aarti-articleshow-omx80kz</link>
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            <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 10:04:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Mangala Gauri Vrat 2026 Date: इस बार 30 जुलाई से सावन मास शुरू हो चुका है। सावन के प्रत्येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाता है। इस व्रत में देवी पार्वती करने का विधान है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kz2y49zx5p3b7m2nhmv4t1x9,imgname-mangala-gauri-vrat-2026-1785731360764.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mangala Gauri Vrat Kab Kare:&lt;/strong&gt; हिंदू कैलेंडर के पांचवें महीने का नाम श्रावण है, जिसे सावन भी कहते हैं। इस महीने में अनेक व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। मंगला गौरी व्रत भी इनमें से एक है। ये व्रत सावन के प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है। इस व्रत में देवी पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आगे जानिए सावन 2026 में कब करें पहला मंगला गौरी व्रत, पूजा विधि, मंत्र सहित पूरी डिटेल&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sawan Rashi Upay: सावन में राशि अनुसार उपाय चमका सकते हैं किस्मत, जानें मेष से मीन तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब है सावन 2026 का पहला मंगला गौरी व्रत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सावन 2026 की शुरूआत 30 जुलाई, गुरुवार से हो चुकी है। सावन का पहला मंगलवार 4 अगस्त को है, इसी दिन पहला मंगला गौरी व्रत भी किया जाएगा। इस दिन शुभ, अमृत, सर्वार्थसिद्धि, अमृतसिद्धि नाम के 4 शुभ योग बनेंगे, जिसके चलते इस व्रत का महत्व और भी अधिक माना जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Surya Grahan 2026: क्या अगस्त में होने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा? जानें डेट-टाइम और सूतक की अपडेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4 अगस्त 2026 मंगला गौरी व्रत शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह 09:17 से 10:55 तकसुबह 10:55 से दोपहर 12:33 तकदोपहर 12:07 से 12:59 तक (अभिजीत मुहूर्त)दोपहर 12:33 से 02:10 तकदोपहर 03:48 से शाम 05:25 PM&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मंगला गौरी व्रत-पूजा विधि (Mangala Gauri Vrat Vidhi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- मंगला गौरी व्रत से एक दिन पहले यानी 3 अगस्त, सोमवार को रात को सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।- अगले दिन यानी 4 अगस्त, मंगलवार की सुबह स्नान के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। दिन भर व्रत के नियमों का पालन करें।- शुभ मुहूर्त में देवी पार्वती का चित्र घर में उचित स्थान पर स्थापित करें। देवी के चित्र पर हार पहनाएं, कुमकुम से तिलक लगाएं।- शुद्ध घी का दीपक लगाने के बाद अबीर, गुलाल, रोली, फूल चावल, पान-सुपारी आदि चीजें एक-एक करके देवी को चढ़ाते जाएं।- सुहाग की सामग्री जैसे- चुनरी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, हल्दी आदि भी देवी को अर्पित करें। भोग लगाकर आरती करें।- पूजा के दौरान ऊं पार्वत्यै नमः मंत्र का जाप करते रहें। इस तरह मंगला गौरी व्रत करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देवी पार्वती की आरती लिरिक्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जय पार्वती माता, जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता।॥ जय पार्वती माता... ॥अरिकुल कंटक नासनि, निज सेवक त्राता,जगजननी जगदम्बा, हरिहर गुण गाता ।॥ जय पार्वती माता... ॥सिंह को वहान साजे, कुंडल है साथा,देव वधू जस गावत, नृत्य करत ता था।॥ जय पार्वती माता... ॥सतयुग रूप शील अतिसुंदर, नाम सती कहलाता,हेमाचंल घर जन्मी, सखियाँ संगराता ।॥ जय पार्वती माता... ॥शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमाचंल स्थाता,सहस्त्र भुजा तनु धरिके, चक्र लियो हाथा ।॥ जय पार्वती माता... ॥सृष्टि रूप तुही है जननी, शिव संग रंगराता,नन्दी भृंगी बीन लही, सारा जग मदमाता ।॥ जय पार्वती माता... ॥देवन अरज करत हम, चरण ध्यान लाता,तेरी कृपा रहे तो, मन नहीं भरमाता ।॥ जय पार्वती माता... ॥मैया जी की आरती, भक्ति भाव से जो नर गाता,नित्य सुखी रह करके, सुख संपत्ति पाता ।॥ जय पार्वती माता... ॥जय पार्वती माता, जय पार्वती माता,ब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता ।जय पार्वती माता, जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी, शुभ फल की दाता ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Surya Grahan 2026: क्या अगस्त में होने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा? जानें डेट-टाइम और सूतक की अपडेट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/surya-grahan-12-august-2026-india-me-dikhega-ya-nahi-sutak-kaal-time-photoshow-s3bprra</link>
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            <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 11:33:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Surya Grahan August 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त में होने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण के लेकर लोगों के मन में कईं सवाल हैं। खास बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण सावन मास की अमावस्या पर लगेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kz0gr5dcxavr6vamwhrww0gf,imgname-surya-grahan-august-2026-1785650222507.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Surya Grahan August 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त में होने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण के लेकर लोगों के मन में कईं सवाल हैं। खास बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण सावन मास की अमावस्या पर लगेगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Solar Eclipse August 2026 Date and Time: सूर्य ग्रहण यानी सोलर एक्लिप्स खगोलीय घटनाएं है जो समय-समय पर घटती रहती हैं। हजारों सालों से ये लोगों की जिज्ञासा का विषय रहा है और आज भी इस पर हजारों शोध हो रहे हैं। अगस्त 2026 में साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होने जा रहा है जिसे लेकर लोगों के मन में बहुत उत्सुकता है। लोग ये जानना चाहते हैं कि क्या ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा और यदि दिखाई देगा तो इसके सूतक का समय क्या रहेगा? आगे जानिए इन सभी सवालों के जवाब&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च में हो चुका है और अब दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त में होने जा रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार ये सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, बुधवार को होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन सावन मास की अमावस्या तिथि रहेगी। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में हरियाली अमावस्या, हरेली, दीप पूजा और जेडी पर्व-उत्सव मनाए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भारतीय समय के अनुसार 12 अगस्त 2026 को होने वाले सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनिट से शुरू होगा। इसकी समाप्ति मध्य रात्रि 1 बजकर 28 मिनिट पर होगी। सूर्य ग्रहण की अवधि 4 घंटे 24 मिनिट रहेगी। जहां भी ये ग्रहण दिखाई देगा, सिर्फ वहीं इसके सूतक आदि नियम मान्य होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Weekly Horoscope 2-9 August 2026: सूर्य-बुध बनाएंगे राजयोग, जानें करियर-पैसा और लव लाइफ पर असर, पढ़ें साप्ताहिक राशिफल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;वैज्ञानिकों के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को खग्रास सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। ये ग्रहण पश्चिम यूरोप, पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, उत्तरी अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत महासागर में दिखाई देगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Mangal Gochar 2026: 5 राशियों का मंगल करेगा मालामाल, प्रॉपर्टी से होगा लाभ-मिलेगी मनचाही जॉब&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण का सूतक इसके शुरू होने से 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है। इस हिसाब से 12 अगस्त को होने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल सुबह 9 बजकर 4 मिनिट से शुरू होगा जो ग्रहण के साथ ही समाप्त होगा। चूंकि ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए यहां इसका सूतक मान्य नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Guru Purnima 2026: भूलकर भी खाली हाथ न जाएं गुरु के पास, ये 5 चीजें जरूर दें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/guru-purnima-2026-guru-ko-kya-gift-kare-5-shubh-uphar-articleshow-yzmgef8</link>
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            <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 08:46:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Puja Gifts: गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा और उनका सम्मान करने की परंपरा सदियों पुरानी है। इस दिन श्रद्धा से गुरु को कुछ विशेष वस्तुएं भेंट करना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Best Gifts For Guru:&lt;/strong&gt; हर साल आषाढ़ पूर्णिमा पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को है। इस दिन गुरु का पूजन करने के साथ उन्हें श्रद्धा से कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा के अनुसार, गुरु को श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार उपहार देने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। जानिए गुरु पूजा में कौन-सी 5 चीजें जरूर भेंट करनी चाहिए&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Aarti Lyrics: इस आरती के बिना अधूरी है गुरु पूजा, यहां जाने पूरी विधि और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीले या सफेद वस्त्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु को नए वस्त्र भेंट करना सम्मान का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से पीले या सफेद रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं। पीला रंग ज्ञान, धर्म और देवगुरु बृहस्पति से जुड़ा माना जाता है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Guru Purnima Motivational Quotes: महर्षि वेदव्यास के 5 अनमोल वचन, जो आपकी लाइफ में ला सकते हैं पॉजिटिव चेंज&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फल और मिठाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु पूजा में मौसमी फल, नारियल, मिश्री, लड्डू या अन्य मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है। संभव हो तो पीले रंग की मिठाई अपने गुरु को भेंट करें ऐसा करने से आपको गुरु ग्रह से संबंधित शुभ फल भी प्राप्त होंगे। पूजा के बाद इसे आप प्रसाद के रूप में खा भी सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;धार्मिक ग्रंथ या प्रेरणादायक पुस्तक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु को धार्मिक ग्रंथ भेंट करने का विशेष महत्व है। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर आप अपने गुरु को भगवद्गीता, रामचरितमानस, उपनिषद या कोई प्रेरणादायक पुस्तक भेंट कर सकते हैं। यह गुरु के प्रति सम्मान और ज्ञान के महत्व को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कोई उपहार भी जरूर दें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु पूजन में गुरु को आप कोई उपहार भी दे सकते हैं। ये उपहार दैनिक जीवन में उपयोग से जुड़ा भी हो सकता है या इससे अलग भी। बिना उपहार के गुरु पूजन करने से बचना चाहिए। उपहार भले ही छोटा हो लेकिन गुरु पूजन में इसका विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दक्षिणा भी दें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरु को अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार दक्षिणा देना भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दक्षिणा का मूल्य नहीं, बल्कि उसके पीछे की भावना अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे गुरु के प्रति सम्मान और समर्पण प्रकट होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Guru Purnima Bhajan: इन सुमधुर भजनों से करें गुरु पूर्णिमा के दिन की शुरुआत, मिलेगा गुरु का आशीर्वाद]]></title>
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            <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 23:09:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Purnima Bhajan Lyrics: गुरु पूर्णिमा का उत्सव इस बार 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन की शुरुआत गुरु के सुमधुर भजनों को सुनकर करनी चाहिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kymwybcybk915rk67vsrcwxe,imgname-guru-purnima-bhajan-lyrics-in-hindi-1785260354974.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Guru Purnima Bhajan Lyrics: गुरु पूर्णिमा का उत्सव इस बार 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन की शुरुआत गुरु के सुमधुर भजनों को सुनकर करनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;Guru Purnima Bhajan Lyrics In Hindi: गुरु ही हमें जीवन में शिक्षा का महत्व बताता है। इसी शिक्षा के आधार पर जीवन में बहुत कुछ प्राप्त करते हैं। इसलिए गुरु के महत्व को समझाने के लिए हर साल गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव 29 जुलाई, बुधवार को मनाया जाएगा। गुरु पूर्णिमा की सुबह की शुरुआत यदि गुरु के मधुर भजनों को सुनकर की जाए &amp;nbsp;तो दिन की शुरूआत अच्छी होती है और गुरु की कृपा भी बनी रहती है। ये हैं गुरु के फेमस भजन&hellip;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंदगुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंतगुरु मेरा देव अलख अभेवसरब पूज्य, चरण गुरु सेवू॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु बिन अवर नहीं मैं थाओअन दिन जपो, गुर गुर नाओ॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु मेरा ग्यान, गुरु रिदे धयानगुरु गोपाल पुरख भगवान्॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु की सरन रहूँ कर जोरगुरु बिना मैं नाही होर॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु बोहित तारे भव पारगुरु सेवा ते यम छुटकार॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥अन्धकार में गुरु मन्त्र उजारागुरु कै संग सगल निस्तारा॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु पूरा पाईये वडभागीगुरु की सेवा दुःख ना लागी॥ गुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंद...॥गुरु का सबद ना मेटे कोईगुरु नानक नानक हर सोएगुरु मेरी पूजा गुरु गोबिंदगुरु मेरा पारब्रह्म, गुरु भगवंत&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में,हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो मेंहृदय में माँ गौरी लक्ष्मी, कंठ शारदा माता हैजो भी मुख से वचन कहें, वो वचन सिद्ध हो जाता हैहैं गुरु ब्रह्मा, हैं गुरु विष्णु, हैं शंकर भगवान आपके चरणो मेंहे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में&hellip;जनम के दाता मात पिता हैं, आप करम के दाता हैंआप मिलाते हैं ईश्वर से, आप ही भाग्य विधाता हैंदुखिया मन को रोगी तन को, मिलता है आराम आपके चरणो मेंहे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में&hellip;निर्बल को बलवान बना दो, मूर्ख को गुणवान प्रभु&lsquo;देवकमल&rsquo; और &lsquo;वंसी&rsquo; को भी ज्ञान का दो वरदान गुरुहे महा दानी हे महा ज्ञानी, रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणो मेंहे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में...&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,आठों याम जपूँ मैं, गुरूजी को नाम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,आठों याम जपूँ मैं, गुरूजी को नाम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||मैं हूँ दीन तो सतगुरु दयालु,&amp;nbsp;किरपा है करते बनके कृपालु,गुरुवर की सेवा ही, सबसे है ऊँचा काम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||सतगुरु में देखूं मथुरा और काशी,&amp;nbsp;आत्मा मेरी है सतगुरु की दासी,गुरु में ही देखे है, मैंने शिव और राम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||नैनो में बसे गुरु जय हो जय हो,&amp;nbsp;दिल कहूं गुरु जय हो जय हो,गुरु के बिना नहीं, जग में कही आराम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||कमल कपिल पूरी संत सयाने,&amp;nbsp;भक्तों के रहते है बनके मुहाने,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,&amp;nbsp;आठों याम जपूँ मैं, गुरूजी को नाम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,आठों याम जपूँ मैं, गुरूजी को नाम,गुरुवर के चरणो में, मेरा है प्रणाम ||&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मेरे गुरुदेव की मुझ पर कृपा एक बार हो जाये एक बार हो जाये,लगा लू रज मे चरणों की मेरा उद्धार हो जाये ||मेरे गुरुदेव की मुझ पर कृपा एक बार हो जाये एक बार हो जाये,लगा लू रज मे चरणों की मेरा उद्धार हो जाये ||मेरे हो तुम गूरूदेवा लगाकर मन करूँ सेवा,जगा दो ज्ञान की ज्योति, चमन गुलज़ार हो जाए || ||दया के आप हो सागर मेरी भरदो प्रभु गागर,बहा दो प्रेम की गँगा बेड़ा पार हो जाये || ||फँसे है मोह माया में, बिठा लो चरण छाया में,शरण तेरी जो आ जाए, कमल गुलज़ार हो जाए || ||मेरे गुरु देव की मुझ पर कृपा एक बार हो जाये,लगा लू रज मे चरणों की मेरा उद्धार हो जाये ||मेरे गुरुदेव की मुझ पर कृपा एक बार हो जाये एक बार हो जाये,लगा लू रज मे चरणों की मेरा उद्धार हो जाये ||&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान,सतगुरु कृपा निधान,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||मोह माया के फंद छुडावे,मोह माया के फंद छुडावे,हरि मिलन की लगन लगावे,हरि मिलन की लगन लगावे,करे हर विपदा निदान,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||श्री गुरु ही सतमार्ग दिखावे,श्री गुरु ही सतमार्ग दिखावे,भजन साधन की रीत सिखावे,भजन साधन की रीत सिखावे,श्री गुरु मेरे भगवान,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||श्री गुरु चरणों में जिसका ठिकाना,श्री गुरु चरणों में जिसका ठिकाना,उस पे लुटाया किरपा का खजाना,उस पे लुटाया किरपा का खजाना,हर पल रखते ध्यान,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||प्रभु नाम का अमृत पिला के,प्रभु नाम का अमृत पिला के,चित्र विचित्र को अपना बना के,चित्र विचित्र को अपना बना के,पागल किया कल्याण,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान,सतगुरु कृपा निधान,ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान ||&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
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