<?xml version="1.0" encoding="UTF-8" standalone="yes"?>
<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" version="2.0">
    <channel>
        <title>Asianet News Hindi</title>
        <link>https://hindi.asianetnews.com</link>
        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
        <image>
            <url>https://static-assets.asianetnews.com/images/ogimages/OG_Hindi.jpg</url>
            <width>143</width>
            <height>100</height>
            <link>https://hindi.asianetnews.com</link>
            <title>Asianet News Hindi</title>
        </image>
        <lastBuildDate>Sun, 25 Oct 2026 09:47:44 +0530</lastBuildDate>
        <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/rss/religious-news" rel="self" type="application/rss+xml"/>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra Totke: रावण दहन की राख घर लाना क्यों है शुभ? इसके 3 टोटके बना सकते हैं मालामाल!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/ravan-dahan-ki-rakh-ke-totke-benefits-dussehra-2026-hindi-articleshow-08cdaye</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/ravan-dahan-ki-rakh-ke-totke-benefits-dussehra-2026-hindi-articleshow-08cdaye</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 11:55:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra 2026 Totke: &lt;/strong&gt;रावण दहन की राख से पैसों की प्रॉब्लम दूर हो सकती है। जानें विजयादशमी की रात रावण की राख से जुड़े 3 टोटके जो धन लाभ, सफलता और सुख-समृद्धि लाते हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bzsac8rw8ptsppwq72rmaa,imgname-dussehra-2026-totke-1792477538695.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra 2026 Upay: &lt;/strong&gt;आज पूरे देश में विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। शाम ढलते ही गली-मोहल्लों और मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धूकर जल उठेंगे। हम सभी बचपन से रावण दहन देखते आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुतला जलने के बाद बची हुई राख (Ravan Dahan ki Rakh) कोई साधारण राख नहीं होती? ज्योतिष शास्त्र और तंत्र-मंत्र की दुनिया में इस राख को बेहद चमत्कारिक माना गया है। देश के कई हिस्सों में रावण दहन के बाद लोग इस राख को सोने के भाव लूटते हैं और अपने घर ले जाते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस राख में ऐसा क्या है और इसके 3 अचूक उपाय, जो मालामाल बना सकते हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रावण दहन की राख घर लाना क्यों शुभ है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रावण कोई साधारण राक्षस नहीं था। वह चारों वेदों और छह शास्त्रों का ज्ञाता, परम ज्ञानी और भगवान शिव के सबसे बड़े भक्तों में से एक था। जब रावण के पुतले का दहन होता है, तो वह बुराई के अंत और सत्य की जीत का प्रतीक होता है। माना जाता है कि इस अग्नि में सभी नकारात्मक ऊर्जाएं (Negative Energies) जलकर भस्म हो जाती हैं। इसलिए पुतले की राख को विजय, सकारात्मकता और शक्तिशाली तंत्र-मंत्र के प्रभाव को काटने वाली अचूक औषधि माना जाता है। इसे घर लाने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और बुरी शक्तियों का नाश होता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रावण की राख के 3 अचूक टोटके&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तिजोरी कभी नहीं होगी खाली&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रावण दहन के तुरंत बाद पुतले की थोड़ी सी राख घर ले आएं। इसे एक साफ लाल या पीले रंग के सूती कपड़े में बांध लें। इसके बाद इस पोटली को अपने घर की तिजोरी, अलमारी या उस जगह पर रख दें जहां आप अपना पैसा या ज्वैलरी रखते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से धन के मार्ग में आ रही सभी रुकावटें दूर हो सकती हैं और घर में मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नजर दोष और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आपके घर में अक्सर लोग बीमार रहते हैं या बने-बनाए काम बिगड़ जाते हैं, तो ये नजर दोष या नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है। रावण दहन की राख को पीली सरसों के दानों के साथ मिलाकर घर के हर कोने में छिड़क दें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में मौजूद हर प्रकार की 'बुरी नजर' और वास्तु दोष कट जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बिजनेस और नौकरी में तरक्की का उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर आपके बिजनेस में घाटा हो रहा है या जॉब में प्रमोशन रुका हुआ है, तो एक कागज की पुड़िया में रावण की राख रख लें। इस पुड़िया को अपनी दुकान के गल्ले (कैश बॉक्स) या ऑफिस की दराज में रख लें। मान्यता है कि ये उपाय आपके करियर में आ रही बाधाओं को भस्म कर देगा और सफलता के नए रास्ते खोलेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र, तंत्र शास्त्र और लोक कथाओं पर आधारित है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पाठकों तक सूचना पहुंचाना है। हम इन उपायों और टोटकों की वैज्ञानिक सटीकता या सफलता का दावा नहीं करते हैं। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/ravan-dahan-ki-rakh-ke-totke-benefits-dussehra-2026-hindi-articleshow-08cdaye"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Pradosh Vrat 2026: शुक्र प्रदोष 23 अक्टूबर को, जानें व्रत-पूजा की विधि, मंत्र, मुहूर्त, आरती और महत्व]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shukra-pradosh-vrat-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-aarti-mahatva-significance-articleshow-3618qry</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shukra-pradosh-vrat-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-aarti-mahatva-significance-articleshow-3618qry</guid>
            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:40:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Shukra Pradosh Vrat 2026: इस बार प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर को किया जाएगा। शुक्रवार को प्रदोष व्रत होने से ये शुक्र प्रदोष कहलाएगा। जानें महादेव की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, शिव मंत्र और व्रत के जरूरी नियम।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01khb90hfp20r6hrrdzq831qv4,imgname-pradosh-vrat-feb-2026-03-1770978821622.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pradosh Vrat October 2026: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। ये व्रत हर महीने के दोनों पक्षों (कृष्ण और शुक्ल) की त्रयोदशी तिथि पर किया जाता है। मान्यता है कि सबसे पहला प्रदोष व्रत चंद्रदेव ने किया था। इस व्रत को करने से हर परेशानी दूर हो सकती है। इस बार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर, शुक्रवार को किया जाएगा। जानें कैसे करें प्रदोष व्रत, पूजा की विधि, मंत्र सहित पूरी विधि&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;23 अक्टूबर प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम को की जाती है। 23 अक्टूबर, शुक्रवार को प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 44 मिनिट से शुरू होगा जो रात 08 बजकर 16 मिनिट तक रहेगा। यानी पूजा के लिए भक्तों को पूरे 02 घण्टे 33 मिनट का समय मिलेगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: कब है शरद पूर्णिमा, 25 या 26 अक्टूबर? नोट करें सही डेट और शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे करें शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- शुक्रवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।- शाम को प्रदोष काल में पूजा करने के लिए जगह को अच्छी तरह साफ करें और पूजा की सभी सामग्री तैयार रखें।- पूजा की शुरुआत शिवलिंग पर जल चढ़ाकर करें। इसके बाद दूध से अभिषेक करें और फिर जल अर्पित करें।- महादेव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, भस्म, चंदन और फूल चढ़ाएं। इस दौरान ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें।- इसके बाद भगवान शिव को फल, मिठाई या अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग लगाएं। अंत में शिवजी की आरती करें और परिवार के साथ प्रसाद बांटें।- धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से उनकी कृपा मिलती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिवजी की आरती लिरिक्स हिंदी में (Shivji Ki Aarti Lyrics in Hindi)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ओम जय शिव ओंकारा॥एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे॥ओम जय शिव ओंकारा॥दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे।त्रिगुण रूप निरखत, त्रिभुवन जन मोहे॥ओम जय शिव ओंकारा॥अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी।त्रिपुरारी कंसारी, कर माला धारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे।सनकादिक गरुणादिक, भूतादिक संगे॥ओम जय शिव ओंकारा॥कर के मध्य कमण्डलु, चक्र त्रिशूलधारी।जगकर्ता जगभर्ता, जगसंहारकर्ता॥ओम जय शिव ओंकारा॥ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका।प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका॥ओम जय शिव ओंकारा॥पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा।भांग धतूरे का भोजन, भस्मी में वासा॥ओम जय शिव ओंकारा॥जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला।शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला॥ओम जय शिव ओंकारा॥काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।नित उठि दर्शन पावत, महिमा अति भारी॥ओम जय शिव ओंकारा॥त्रिगुणस्वामी जी की आरती, जो कोइ नर गावे।कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ओम जय शिव ओंकारा॥स्वामी ओम जय शिव ओंकारा॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shukra-pradosh-vrat-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-aarti-mahatva-significance-articleshow-3618qry"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: कब है शरद पूर्णिमा, 25 या 26 अक्टूबर? नोट करें सही डेट और शुभ मुहूर्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-date-25-or-26-october-lakshmi-puja-shubh-muhurat-snan-daan-articleshow-3yifewu</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-date-25-or-26-october-lakshmi-puja-shubh-muhurat-snan-daan-articleshow-3yifewu</guid>
            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:01:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima 2026 Kab Hai: हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी धरती पर घूमने आती हैं। इसलिए इस उत्सव का विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h1551jjjeg1wqfs91fdv02,imgname-sharad-purnima-2026-1792646747185.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026 Date:&lt;/strong&gt; शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन चंद्रमा की पूजा करने, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने का खास महत्व माना जाता है। शरद पूर्णिमा पर खीर बनाकर चांदनी में रखने की भी परंपरा है। साल 2026 में शरद पूर्णिमा की तारीख को लेकर सवाल है कि यह पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 26 अक्टूबर को। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए शरद पूर्णिमा की सही डेट&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब से कब तक रहेगी पूर्णिमा तिथि?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, रविवार को सुबह 11 बजकर 55 मिनिट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 9 बजकर 41 मिनिट तक रहेगी। इस तरह पूर्णिमा तिथि का संयोग 2 दिन बन रहा है, जिसके चलते लोगों के मन में असमंजस की स्थिति बन रही है कि ये व्रत 25 अक्टूबर को करें या 26 अक्टूबर को?&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Diwali 2026: 5 नहीं 6 दिनों का होगा दिवाली उत्सव, नोट करें धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की डेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा का व्रत किस दिन करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार पूर्णिमा का चंद्रोदय 25 अक्टूबर, रविवार को होगा, इसलिए इसी दिन शरद पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। इस दिन लोग चंद्रमा की पूजा करेंगे और खीर बनाकर चांदनी में रखेंगे। धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें अमृत के समान होती हैं। इसी वजह से लोग रात में खीर को खुले आसमान के नीचे रखते हैं और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Financial Problems Astrology: 5 राशियों की जिंदगी में मचेगी उथल-पुथल! बैंक बैलेंस से लेकर रिश्तों तक पड़ेगा असर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा पर स्नान-दान कब करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि 26 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 9:41 बजे तक रहेगी। चूंकि पूर्णिमा तिथि का सूर्योदय 26 अक्टूबर को होगा, इसलिए ये दिन पूर्णिमा के स्नान दान के लिए श्रेष्ठ रहेगा। इस दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करने के बाद जरूरतमंद लोगों को अनाज, कपड़े, फल और अन्य जरूरी चीजों का दान कर सकते हैं। पूर्णिमा पर स्नान-दान करने से विशेष पुण्य मिलता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा 2026 के शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा पर पूजा और स्नान-दान के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त हैं। इनकी डिटेल इस प्रकार है-- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 25 अक्टूबर की रात 11:39 से 12:30 तक- स्नान-दान मुहूर्त- 26 अक्टूबर की सुबह 04:46 से 05:38 तक- स्नान-दान मुहूर्त- 26 अक्टूबर की सुबह 9:17 से 10:41 बजे तक&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-date-25-or-26-october-lakshmi-puja-shubh-muhurat-snan-daan-articleshow-3yifewu"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: कब निकलेगा करवा चौथ का चांद? जानें सही समय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-kab-niklega-chand-moonrise-time-chandraoday-ka-samay-articleshow-4lsptpm</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-kab-niklega-chand-moonrise-time-chandraoday-ka-samay-articleshow-4lsptpm</guid>
            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 10:10:39 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Karwa Chauth 2026 Chandraoday Time: करवा चौथ हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। ये पर्व दिवाली के 10 दिन पहले कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस बार ये पर्व अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में मनाया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kgx4y61r7a68xcaftznvc0,imgname-karwa-chauth-2026-moonrise-time-1792730371014.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth 2026 Kab Niklega Chand: &lt;/strong&gt;करवा चौथ एक ऐसा पर्व है जिसका इंतजार हर महिला को होता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में भी बताया गया है। इस व्रत में भगवान श्रीगणेश के साथ-साथ चंद्रमा की पूजा भी की जाती है। इसलिए महिलाएं रात को चंद्रमा के उदय होने का इंतजार करती हैं। बिना चंद्रमा के दर्शन किए ये व्रत पूरा नहीं होता। आगे जानिए साल 2026 में करवा चौथ पर चंद्रोदय कब होगा&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल यह तिथि 29 अक्टूबर, गुरुवार को पड़ रही है। इस दिन महिलाएं सुबह सरगी खाने के बाद व्रत शुरू करती हैं। कई महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को भगवान गणेश, माता पार्वती और करवा माता की पूजा करती हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ में चंद्रमा के दर्शन का खास महत्व है। महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती हैं और उसके दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। हालांकि, चंद्रोदय का समय शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। प्रमुख शहरों में चांद निकलने का संभावित समय इस प्रकार है-&lt;strong&gt;दिल्ली:&lt;/strong&gt; रात 8:17 बजे&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; रात 8:31 बजे&lt;strong&gt;इंदौर:&lt;/strong&gt; रात 8:39 बजे&lt;strong&gt;जयपुर:&lt;/strong&gt; रात 8:28 बजे&lt;strong&gt;मुंबई:&lt;/strong&gt; रात 9 बजे&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; रात 8:06 बजे&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Diwali 2026: 5 नहीं 6 दिनों का होगा दिवाली उत्सव, नोट करें धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की डेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ पर कैसे खोलें व्रत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ के दिन शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा की जाती है। इस दौरान महिलाएं करवा माता और भगवान गणेश की पूजा करती हैं तथा व्रत कथा सुनती हैं। इसके बाद चंद्रमा निकलने पर छलनी से चांद और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा है। चंद्रमा को जल अर्पित करके पति के हाथों से पानी पीने के बाद व्रत खोला जाता है। करवा चौथ का व्रत श्रद्धा, प्रेम और वैवाहिक रिश्ते की मजबूती से जुड़ा पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-kab-niklega-chand-moonrise-time-chandraoday-ka-samay-articleshow-4lsptpm"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra 2026: दशहरे पर क्यों करते हैं शमी वृक्ष की पूजा? जानें विधि, मुहूर्त, मंत्र और उपाय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shami-puja-dussehra-2026-date-shubh-muhurat-vidhi-mantra-upay-shami-puja-kyo-karte-hai-articleshow-62164vs</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shami-puja-dussehra-2026-date-shubh-muhurat-vidhi-mantra-upay-shami-puja-kyo-karte-hai-articleshow-62164vs</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 09:13:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra 20 or 21 October:&lt;/strong&gt; इस बार विजयादशमी उत्सव 20 और 21 अक्टूबर यानी 2 दिन मनाया जाएगा। दशहरे पर शस्त्र पूजन के साथ-साथ शमी वृक्ष की पूजा का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि दशहरे पर शमी वृक्ष की पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bpgxt8xn7rryj4hmqcvx6f,imgname-shami-puja-on-dussehra-2026-1792467826504.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Shami Puja on Dussehra 2026:&lt;/strong&gt; दशहरा यानी विजयादशमी से अनेक परंपराएं और मान्यताएं जुड़ी हैं। ऐसी ही एक परंपरा है शमी पूजन की। मान्यता है कि दशहरे पर शमी के पेड़ की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस पेड़ को शनि देव से भी जोड़कर देखा जाता है। कई जगहों पर दशहरे के दिन शमी के पत्ते बांटने की परंपरा है, जिन्हें सोने के प्रतीक के रूप में दिया जाता है। जानिए दशहरे पर शमी वृक्ष की पूजा क्यों की जाती है, इसकी विधि, मंत्र और खास उपाय&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दशहरे पर क्यों करते हैं शमी वृक्ष की पूजा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मान्यताओं के अनुसार, शमी वृक्ष को शुभता, विजय और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। महाभारत के समय पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान अपने शस्त्र शमी के पेड़ पर छिपाए थे। अज्ञातवास पूरा होने के बाद उन्होंने इसी पेड़ से अपने शस्त्र वापस लिए थे। इसलिए शमी वृक्ष को विजय और शक्ति से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यताओं में भी शमी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shastra Puja 2026 Date: कब करें शस्त्र पूजा, 20 या 21 अक्टूबर? जानें शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;20 अक्टूबर 2026 को शमी पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सुबह 10:46 से दोपहर 12:11 तक- दोपहर 11:48 से 12:34 तक- दोपहर 01:59 से 02:45 मिनिट तक (विजय मुहूर्त)- दोपहर 03:02 से शाम 04:28 तक&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Jawara Visarjan 2026 Date: जवारे विसर्जन कब करें, कौन-सा मंत्र बोलें? जानें विधि, शुभ मुहूर्त और सही तारीख&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;21 अक्टूबर 2026 को शमी पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सुबह 10:46 से दोपहर 12:11 तक- दोपहर 01:14 से 03:30 तक (विजय मुहूर्त)- दोपहर 03:02 से शाम 04:27 तक- शाम 04:27 से 05:52 तक&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शमी वृक्ष की पूजा विधि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सबसे पहले शमी वृक्ष के पास की जगह साफ करें। पेड़ के पास दीपक जलाएं और जल अर्पित करें। शमी वृक्ष पर कुमकुम और चावल चढ़ाएं।- फूल अर्पित करके श्रद्धा के साथ प्रणाम करें। भगवान श्रीराम और शनि देव का ध्यान करते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।- पूजा के बाद शमी वृक्ष की परिक्रमा करें। दीपक से आरती भी करें। इस तरह शमी वृक्ष की पूजा से आपके परेशानियां दूर हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शमी पूजा का मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शमी शमयते पापं शमी शत्रुविनाशिनी।&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस मंत्र के जरिए शमी वृक्ष से पापों के शमन, शत्रुओं से रक्षा और जीवन में विजय की कामना की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शमी वृक्ष के उपाय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1.&lt;/strong&gt; दशहरे पर शमी वृक्ष के पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।&lt;strong&gt;2.&lt;/strong&gt; शमी की पूजा करने से शनि से संबंधित दोष दूर होते हैं।&lt;strong&gt;3.&lt;/strong&gt; घर के बाहर शमी का पौधा लगाने से किस तरह की निगेटिव एनर्जी घर में प्रवेश नहीं करती।&lt;strong&gt;4.&lt;/strong&gt; प्रतिदिन शमी वृक्ष पर जल चढ़ाने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।&lt;strong&gt;5. &lt;/strong&gt;शिवजी को शमी के पत्ते चढ़ाने से उनकी कृपा हम पर हमेशा बनी रहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/shami-puja-dussehra-2026-date-shubh-muhurat-vidhi-mantra-upay-shami-puja-kyo-karte-hai-articleshow-62164vs"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर खीर बनाते समय भूलकर न करें ये गलतियां, ध्यान रखें 5 बातें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-banate-samay-na-karen-ye-5-galtiyan-articleshow-7md9l0v</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-banate-samay-na-karen-ye-5-galtiyan-articleshow-7md9l0v</guid>
            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 10:55:18 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima 2026 Kab Hai: ज्योतिष शास्त्र में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। एक साल में 12 पूर्णिमा होती है इनमें से शरद पूर्णिमा बहुत खास होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने, चंद्रमा को अर्घ्य देने और रात में चांदनी के नीचे खीर रखने की परंपरा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kk9ky3n396cs121cgznngp,imgname-sharad-purnima-2026-1792732876739.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026 Date:&lt;/strong&gt; आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। इसी वजह से लोग इस रात खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं और प्रसाद के रूप में खाते हैं। लेकिन खीर बनाते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 5 बातें&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खीर के लिए कौन-सा दूध उपयोग करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वैसे तो खीर भैंस या गाय किसी के भी दूध से बनाई जा सकती है लेकिन शरद पूर्णिमा पर बनाई जाने वाली खीर बहुत खास होती है। इसलिए इसके लिए गाय के दूध का उपयोग करना चाहिए। गाय के दूध को अमृत के समान माना गया है और इसलिए पूजा-पाठ आदि में इसी के दूध का उपयोग किया जाता है। इसके विपरीत भैंस का दूध धार्मिक कामों में उपयोग न करने की सलाह दी जाती है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Diwali 2026: 5 नहीं 6 दिनों का होगा दिवाली उत्सव, नोट करें धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की डेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खीर बनाने के लिए कैसे बर्तन का उपयोग करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिंदू धर्म में पूजा-पाठ और भगवान को भोग लगाने से पहले शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए शरद पूर्णिमा की खीर बनाने के लिए बर्तन भी ऐसे होने चाहिए जो कभी किसी तामसिक भोजन को बनाने में उपयोग न किए गए हों। नहीं तो आपकी खीर अशुद्ध हो सकती है। खीर बनाने से पहले रसोई घर की सफाई भी जरूर करें।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खीर बनाते समय क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा पर खीर सिर्फ एक पकवान नहीं, बल्कि पूजा और भोग का हिस्सा भी होती है। इसलिए खीर बनाते समय मन में मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भक्ति भाव से तैयार किया गया भोग पूजा का खास हिस्सा होता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खीर का भोग लगाए बिना प्रसाद न बांटें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा पर खीर तैयार होने के बाद पहले भगवान को भोग लगाने की परंपरा है। इसके बाद संभव हो तो रात भर या कुछ देर के लिए चंद्रमा की रोशनी में इसे रखें। इसके बाद खीर को प्रसाद के रूप में परिवार के लोगों को दें। इसके बाद स्वयं खाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इस बात का भी रखें खास ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने से वह विशेष मानी जाती है। इसलिए लोग इसे खुले स्थान या छत पर रखते हैं। ऐसा करते समय खीर को साफ बर्तन में रखें और ऊपर से साफ जाली या ढक्कन से ढक दें, ताकि धूल-मिट्टी और कीड़े उसमें न गिरें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-banate-samay-na-karen-ye-5-galtiyan-articleshow-7md9l0v"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर थाली कितनी बार घुमानी चाहिए? जानें थाली फेरने की परंपरा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-puja-thali-pherne-ka-tarika-niyam-articleshow-82g1frq</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-puja-thali-pherne-ka-tarika-niyam-articleshow-82g1frq</guid>
            <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 09:42:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth 2026 Puja Vidhi:&lt;/strong&gt; करवा चौथ की पूजा में थाली फेरने की रस्म कैसे निभाई जाती है? जानें थाली घुमाने का सही तरीका, कितनी बार थाली बदलते हैं और घर पर अकेले पूजा करने के नियम।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5k9e0v23wz5529n09segf9v,imgname-karwa-chauth-thali-pherna-1792722535266.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth Puja&lt;/strong&gt;: करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए खास त्योहार है। इस बार ये व्रत 29 अक्टूबर को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। करवा चौथ की पूजा में व्रत कथा सुनने, आरती करने और चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ ही थाली फेरने की रस्म भी निभाई जाती है। कई जगह महिलाएं एक-दूसरे की पूजा की थाली आगे बढ़ाती हैं। आइए जानते हैं किस तरह से करवाचौथ की थाली फेरना या घुमाना चाहिए...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ की पूजा में थाली घुमाने का सही तरीका&lt;/h2&gt;&lt;h2&gt;पूजा की थाली तैयार करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सबसे पहले &lt;strong&gt;करवा चौथ&lt;/strong&gt; की पूजा के लिए थाली तैयार करें। इसमें रोली, चावल, मिठाई, दीपक और अपनी परंपरा के अनुसार जरूरी पूजा सामग्री रखें। जलता हुआ दीपक रखते समय सावधानी बरतें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सभी महिलाएं एक साथ बैठें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सामूहिक पूजा में महिलाएं एक जगह गोल घेरा बनाकर बैठ सकती हैं। इसके बाद करवा चौथ की व्रत कथा सुनी जाती है। कई जगह कथा के दौरान पारंपरिक गीत भी गाए जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;और पढे़ं- Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक-दूसरे को थाली दें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;थाली फेरने की रस्म में महिलाएं अपनी पूजा की थाली बगल में बैठी दूसरी महिला को देती हैं और उनकी थाली लेती हैं। इस तरह थालियां एक-दूसरे के पास आगे बढ़ाई जाती हैं। कुछ परिवारों में यह रस्म सात बार करने की परंपरा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गीत गाकर रस्म पूरी करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई जगह थाली फेरते समय पारंपरिक करवा चौथ के पंजाबी गीत गाए जाते हैं। रस्म पूरी होने के बाद परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा, कथा और आरती की जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या थाली को गोल-गोल घुमाना जरूरी है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ की सामूहिक पूजा में आमतौर पर थाली को हाथ में लेकर गोल-गोल घुमाने के बजाय एक महिला से दूसरी महिला को दिया जाता है। हालांकि, कुछ परिवारों में पूजा की थाली या करवे को घुमाने की अलग परंपरा भी होती है। इसलिए अपने घर की बुजुर्ग महिलाओं या पूजा कराने वाले पंडित से विधि पूछना अच्छा रहता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अकेले करवा चौथ की पूजा करने पर क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप घर पर अकेले करवा चौथ की पूजा कर रही हैं, तो दूसरी महिलाओं के साथ थाली बदलने की रस्म करना जरूरी नहीं है। आप अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा कर सकती हैं। इसके बाद व्रत कथा सुनें और चंद्रमा निकलने पर अपनी परंपरा के अनुसार पूजा पूरी करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ध्यान रखें कि करवा चौथ की पूजा में रीति-रिवाज जगह और परिवार के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए पूजा करते समय अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ पूजा को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. करवा चौथ में थाली कितनी बार घुमाई जाती है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कुछ परिवारों में थाली सात बार फेरने की परंपरा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. करवा चौथ में थाली कैसे फेरी जाती है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सामूहिक पूजा में महिलाएं आमतौर पर एक-दूसरे को अपनी पूजा की थाली आगे बढ़ाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. क्या अकेले करवा चौथ की पूजा में थाली फेरना जरूरी है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नहीं, दूसरी महिलाओं के साथ थाली बदलने की रस्म सामूहिक परंपरा है। अकेले पूजा करने पर अपने परिवार की विधि के अनुसार पूजा कर सकती हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Deepali Virk</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-puja-thali-pherne-ka-tarika-niyam-articleshow-82g1frq"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra Pujan Mantra: दशहरा पूजन कैसे करें ? विजयादशमी पर पढ़ें 10 शक्तिशाली मंत्र]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-pujan-mantra-hindi-articleshow-8e86byt</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-pujan-mantra-hindi-articleshow-8e86byt</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 14:00:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Dussehra pujan mantra&lt;/strong&gt;: दशहरा पूजा के 10 मंत्र हिंदी में जानें। भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, शमी वृक्ष और माता अपराजिता के मंत्रों के अर्थ के साथ घर पर विजयादशमी पूजा करें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5c6xt735056cw335wgv09hp,imgname-dussehra-pujan-mantra-1792485026019.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;देशभर में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने, मां दुर्गा का स्मरण करने, शमी वृक्ष की आराधना और शस्त्र पूजन की परंपरा है। मान्यता है कि विजयादशमी पर श्रद्धा से पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से मन में साहस, सकारात्मकता और नए कार्यों के प्रति उत्साह बढ़ता है। अगर आप भी दशहरे पर घर में पूजा करना चाहते हैं, तो यहां जानिए 10 दशहरा पूजा मंत्र के बारे में।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दशहरा पूजन के 10 मंत्र (Dussehra Pujan Mantra in Hindi)&lt;/h2&gt;&lt;h2&gt;1. भगवान श्रीराम का सरल मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ॐ श्री रामाय नमः॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: भगवान श्रीराम को नमन है। यह मंत्र मर्यादा, धैर्य, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: भगवान श्रीराम की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और शांत मन से इस मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;2. भगवान श्रीराम का विजय मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: भगवान श्रीराम, रामभद्र, रामचंद्र, रघुनाथ और माता सीता के स्वामी को नमन है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: दशहरे की पूजा में भगवान राम को फूल अर्पित करके इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। यह मंत्र रामभक्ति और उनके आदर्शों का स्मरण करने के लिए पढ़ा जाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;3. श्रीराम नाम जाप मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;श्री राम जय राम जय जय राम॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: भगवान श्रीराम की जय हो। यह एक सरल नाम-जाप है, जिसे आसानी से याद रखा जा सकता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: अगर आपको लंबे मंत्र याद नहीं रहते, तो इस मंत्र का 11, 21 या अपनी सुविधानुसार अधिक बार जाप कर सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;4. माता अपराजिता का पूजा मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ॐ अपराजितायै नमः॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: कभी पराजित न होने वाली देवी अपराजिता को नमन है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: विजयादशमी पर देवी अपराजिता का स्मरण करते हुए फूल और अक्षत अर्पित करें। परंपरा के अनुसार यह पूजा विजय मुहूर्त या अपराह्न काल में की जाती है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;5. दशहरा पूजन मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा का मंत्र&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ॐ दुं दुर्गायै नमः॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: मां दुर्गा को नमन है, जो अपने भक्तों को साहस और शक्ति प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजी जाती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: मां दुर्गा की तस्वीर के सामने बैठकर दीपक जलाएं और इस मंत्र का 11 बार जाप करें। नवरात्रि के समापन पर भी मां का स्मरण किया जा सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;6. मां दुर्गा की प्रसिद्ध स्तुति&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: हे मां नारायणी! आप सभी मंगलों में श्रेष्ठ, कल्याण करने वाली और अपने भक्तों को शरण देने वाली हैं। आपको नमस्कार है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: मां दुर्गा को लाल या पीले फूल अर्पित करके इस स्तुति का पाठ करें। आप इसे पूजा के अंत में भी पढ़ सकते हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;7. शमी वृक्ष की पूजा का मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शमी शमयते पापं शमी शत्रुविनाशिनी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: इस पारंपरिक श्लोक में शमी वृक्ष की महिमा का वर्णन करते हुए उससे अमंगल दूर करने और कल्याण की कामना की जाती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: जहां शमी वृक्ष उपलब्ध हो, वहां श्रद्धापूर्वक उसकी पूजा करें। जल, पुष्प या शमी के पत्ते अर्पित करने की परंपरा है। पेड़ को नुकसान न पहुंचाएं और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;8. मां दुर्गा के लिए शक्ति मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: यह देवी चामुंडा की उपासना में प्रयुक्त एक बीज मंत्र है। इसका संबंध देवी शक्ति की आराधना से है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: यदि आप इस मंत्र से परिचित हैं, तो श्रद्धापूर्वक इसका जाप कर सकते हैं। तांत्रिक अनुष्ठान या विशेष साधना के लिए योग्य गुरु का मार्गदर्शन लेना उचित है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;9. हनुमान जी का स्मरण मंत्र&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ॐ हनुमते नमः॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: भगवान हनुमान को नमन है। उन्हें शक्ति, भक्ति, साहस और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: भगवान राम की पूजा के साथ हनुमान जी का स्मरण करना चाहें, तो इस मंत्र का 11 बार जाप करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;10. भगवान राम की विजय के लिए प्रार्थना&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;जय श्री राम॥&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अर्थ: भगवान श्रीराम की जय हो। यह संक्षिप्त उद्घोष धर्म, सत्य और मर्यादा की विजय का स्मरण कराता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जाप कैसे करें: पूजा के अंत में श्रद्धापूर्वक जय श्रीराम बोलें और अपने परिवार की सुख-शांति तथा सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-pujan-mantra-hindi-articleshow-8e86byt"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर कितनी देर रहेगी भद्रा, पूजा कर पाएंगे या नहीं? दूर करें कन्फ्यूजन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-bhadra-ka-saya-timing-puja-muhurat-moonrise-time-articleshow-9zm3egd</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-bhadra-ka-saya-timing-puja-muhurat-moonrise-time-articleshow-9zm3egd</guid>
            <pubDate>Sat, 24 Oct 2026 16:15:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Karwa Chauth Bhadra Timing: भद्रा को अशुभ समय माना गया है इसलिए इस समय शुभ काम नहीं करनी चाहिए। बहुत से लोगों का कहना है इस बार करवा चौथ पर भद्रा रहेगी जिसके चलते पूजा के समय में थोड़ी देरी हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5pjrncv2nz5zmvyn2kppy2d,imgname-karwa-chauth-2026-1792832984475.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bhadra on Karwa Chauth 2026:&lt;/strong&gt; ज्योतिष शास्त्र में कईं अशुभ समय बताए गए हैं, भद्रा भी इनमें से एक है। भद्रा में शुभ कार्य नहीं करना चाहिए, नहीं तो उसका पूरा फल नहीं मिलता, ऐसी मान्यता है। कुछ विद्वानों का कहना है कि इस बार करवा चौथ पर भद्रा का साया रहेगा जिसके चलते पूजा के समय में थोड़ा परिवर्तन रहेगा जबकि कुछ विद्वान इस बात से इंकार कर रहे हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए करवा चौथ पर भद्रा रहेगी या नहीं और रहेगी तो कितने समय तक रहेगी&hellip;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब है करवा चौथ 2026?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत किया जाता है। इसे कर्क चतुर्थी भी कहते हैं। इस बार ये तिथि 28 अक्टूबर, बुधवार की रात 01 बजकर 07 मिनट से शुरू होगी जो 29 अक्टूबर, गुरुवार की रात 10 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। चूंकि चतुर्थी तिथि का सूर्योदय 29 अक्टूबर, गुरुवार को होगा, इसलिए इसी दिन करवा चौथ का व्रत किया जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: कब निकलेगा करवा चौथ का चांद? जानें सही समय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 पर कब से कब तक रहेगी भद्रा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार, करवा चौथ के एक दिन पहले यानी 28 अक्टूबर की सुबह 5 बजकर 31 मिनट पर भद्रा शुरू होगी जो 29 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। यानी भद्रा की अवधि करवा चौथ की तारीख तक जरूर रहेगी, लेकिन इसका समापन गुरुवार को सूर्योदय से पहले ही हो जाएगा। इसलिए करवा चौथ पर भद्रा का कोई भी प्रभाव नहीं माना जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 पर कब निकलेगा चंद्रमा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही महिलाएं अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। इसलिए इस दिन सभी को चांद निकलने का इंतजार रहता है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग हो सकता है। प्रमुख शहरों में चांद निकलने का संभावित समय यहां देखें।- दिल्ली: रात 8:17 बजे- भोपाल: रात 8:31 बजे- इंदौर: रात 8:39 बजे- जयपुर: रात 8:28 बजे- मुंबई: रात 9:00 बजे- लखनऊ: रात 8:06 बजे&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-2026-bhadra-ka-saya-timing-puja-muhurat-moonrise-time-articleshow-9zm3egd"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: सिर्फ 51 मिनट के शुभ मुहूर्त में कैसे करें लक्ष्मी पूजा? यहां जानें विधि, मंत्र और आरती]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-puja-vidhi-mantra-shubh-muhurat-kojagari-purnima-articleshow-d7ery36</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-puja-vidhi-mantra-shubh-muhurat-kojagari-purnima-articleshow-d7ery36</guid>
            <pubDate>Sat, 24 Oct 2026 09:57:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima 2026 Date: शरद पूर्णिमा को हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है। मान्यता है कि इस रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो लोग जागकर उनकी पूजा करते हैं, उन पर माता की कृपा बनी रहती है। इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5p2a63pt07767k7hbt8cte0,imgname-sharad-purnima-2026-1792815732854.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026 Puja Vidhi:&lt;/strong&gt; इस बार शरद पूर्णिमा का पर्व 2 दिन मनाया जाएगा। 25 अक्टूबर, रविवार को व्रत किया जाएगा और इसके अगले दिन यानी 26 अक्टूबर, सोमवार को स्नान-दान की पूर्णिमा रहेगी। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ऐसे में भक्तों के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त जानना जरूरी है। आगे जानिए शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की पूजा कैसे करें, कौन-सा मंत्र जपें और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर खीर बनाते समय भूलकर न करें ये गलतियां, ध्यान रखें 5 बातें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा 2026 लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा यानी 25 अक्टूबर, रविवार की रात देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ समय रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक है। इस दौरान भक्तों को पूजा के लिए करीब 51 मिनट मिलेंगे। रात के इस खास समय को निशीथ काल कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर श्रद्धा से देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: कब निकलेगा करवा चौथ का चांद? जानें सही समय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा पर इस तरह करें देवी लक्ष्मी की पूजा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- 25 अक्टूबर, रविवार को सुबह उठकर स्नान करें। इसके बाद हाथ में जल, चावल और फूल लेकर देवी लक्ष्मी का ध्यान करें और व्रत-पूजा का संकल्प लें।- रात में पूजा से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें। घर के साफ स्थान पर लकड़ी की चौकी रखें और उस पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।- देवी लक्ष्मी को कुमकुम का तिलक लगाएं, फूलों की माला अर्पित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं। बीर, गुलाल, वस्त्र और सुपारी जैसी चीजें भी चढ़ाएं।- माता लक्ष्मी को लाल चुनरी, चूड़ियां और मेहंदी जैसी सुहाग की सामग्री भी अर्पित करें। श्रद्धा अनुसार फल, मिठाई या अन्य चीजों का भोग लगाएं।- पूजा के दौरान नीचे लिखे लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। अंत में कपूर जलाकर माता की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें।&lt;strong&gt;मंत्र- ऊं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः&lt;/strong&gt;- 26 अक्टूबर, सोमवार को स्नान-दान करें। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा दें।- शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसलिए भक्त माता की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ये है देवी लक्ष्मी की आरती (Devi laxmi Ki Aarti)&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता ।सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता ।जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥तुम ही पाताल निवासनी, तुम ही शुभदाता ।कर्म-प्रभाव-प्रकाशनी, भव निधि की त्राता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥जिस घर तुम रहती हो, ताँहि में हैं सद्गुण आता ।सब सभंव हो जाता, मन नहीं घबराता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥तुम बिन यज्ञ ना होता, वस्त्र न कोई पाता ।खान पान का वैभव, सब तुमसे आता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता ।रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गाता ।उँर आंनद समाता, पाप उतर जाता ॥॥ऊं जय लक्ष्मी माता...॥ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-puja-vidhi-mantra-shubh-muhurat-kojagari-purnima-articleshow-d7ery36"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Karwa Chauth Kab Hai: करवा चौथ कितनी तारीख को है? जानें व्रत विधि, पूजा मुहूर्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-kab-hai-2026-date-and-day-puja-muhurat-moonrise-time-vrat-katha-fast-rules-articleshow-dgg0iw6</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-kab-hai-2026-date-and-day-puja-muhurat-moonrise-time-vrat-katha-fast-rules-articleshow-dgg0iw6</guid>
            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:50:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Karwa Chauth date 2026: करवा चौथ कब की है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, चांद निकलने का समय, व्रत की विधि, सरगी, पूजा सामग्री और प्रेग्नेंसी व पीरियड्स में व्रत से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5h7kzy9t9gbj9j0rcvjs4t0,imgname-karwa-chauth-date-2026-1792653524937.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं जान लें कि इस साल करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को करवा चौथ की पूजा और रात में चांद को अर्घ्य देने तक, इस त्योहार से जुड़ी कई परंपराएं निभाई जाती हैं। अगर आप भी खोज रही हैं कि करवा चौथ कितनी तारीख को है, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और चांद कितने बजे निकलेगा, तो यहां आपको जरूरी जानकारी मिलेगी। पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के साथ-साथ प्रेग्नेंट महिलाओं और पीरियड्स के दौरान व्रत रखने को लेकर मन में उठने वाले सवालों के जवाब भी जानिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 कब है? जानें सही तारीख और दिन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ का व्रत इस साल 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। अलग-अलग पंचांगों में मास का नाम अमांत और पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार अलग हो सकता है, लेकिन इस साल व्रत की तारीख 29 अक्टूबर ही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 शुभ मुहूर्त और चांद निकलने का समय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ पर पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं पहले से पूजा का समय और चांद निकलने का समय जानना चाहती हैं। दिल्ली के लिए करवा चौथ 2026 का पूजा मुहूर्त शाम 5:46 बजे से 7:01 बजे तक है। यहां चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 8:41 बजे है। ध्यान रखें कि दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, हैदराबाद और दूसरे शहरों में चांद निकलने का समय अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर का पंचांग देखकर ही पूजा और व्रत खोलने का समय तय करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ की पूजा के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ की पूजा के लिए जरूरी सामान पहले से तैयार कर लें। इससे पूजा के समय किसी चीज की कमी नहीं होगी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मिट्टी का करवा या कलश&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूजा की थाली और दीपक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रोली, कुमकुम, अक्षत और हल्दी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फूल और फल&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जल से भरा लोटा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मिठाई या घर में बना प्रसाद&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छलनी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी की तस्वीर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;करवा चौथ की कथा की पुस्तक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चूड़ियां, सिंदूर, चुनरी जैसी सुहाग सामग्री&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ की पूजा विधि: सुबह से रात तक क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;h2&gt;1. सुबह सरगी खाकर व्रत शुरू करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ पर सरगी खाने की परंपरा है। इसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है। सरगी में फल, दूध, दही, मेवे और दूसरी पौष्टिक चीजें शामिल कर सकती हैं। इसके बाद महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत शुरू करती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. स्नान करके व्रत का संकल्प लें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें और भगवान का स्मरण करें। अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ व्रत का संकल्प लें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. शाम को करवा चौथ की पूजा करें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शाम को पूजा की जगह साफ करें। चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की तस्वीर रखें। करवा में जल भरें और पूजा की थाली तैयार करें। शुभ मुहूर्त में दीपक जलाकर रोली, अक्षत और फूल अर्पित करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4. करवा चौथ की कहानी पढ़ें या सुनें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। कथा के बाद माता करवा और भगवान शिव-पार्वती का स्मरण करें। कई परिवारों में महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती हैं और पूजा की थाली साझा करती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5. चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोलें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रात में चंद्रमा दिखाई देने पर जल अर्पित करें। कई परिवारों में छलनी से चांद देखने के बाद पति का चेहरा देखने की परंपरा है। इसके बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोला जाता है। घर की परंपरा के अनुसार पूजा करने के तरीके अलग हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ की कहानी: क्यों रखा जाता है यह व्रत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ की पूजा में व्रत की कहानी सुनने का विशेष महत्व माना जाता है। इस त्योहार से जुड़ी अलग-अलग लोककथाएं प्रचलित हैं। उनमें से एक प्रसिद्ध कथा वीरवती की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पौराणिक लोककथा के अनुसार, वीरवती अपने भाइयों की लाडली बहन थी। विवाह के बाद उसने पहली बार करवा चौथ का व्रत रखा। दिनभर भूखी-प्यासी रहने के कारण वह काफी कमजोर हो गई। अपनी बहन की परेशानी देखकर उसके भाइयों से रहा नहीं गया। उन्होंने दूर पेड़ के पीछे रोशनी दिखाकर उसे चांद निकलने का भ्रम दिया।वीरवती ने उस रोशनी को चांद समझकर व्रत खोल लिया। लोककथा के अनुसार, इसके बाद उसे अपने पति के संकट की खबर मिली। वह दुखी हुई और उसने पूरे मन से देवी की प्रार्थना की। उसकी श्रद्धा और प्रार्थना से जुड़ी इस कथा को करवा चौथ के व्रत के महत्व के रूप में सुनाया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ पर चांद की पूजा क्यों करते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा त्योहार की सबसे खास परंपराओं में से एक है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में चंद्रमा को शीतलता, मन की शांति और शुभता से जोड़ा जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहली बार करवा चौथ का व्रत रख रही हैं? इन बातों का रखें ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अगर आप पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं, तो पूजा की तैयारी के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सरगी की सामग्री एक दिन पहले तैयार कर लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सुबह क्या खाना है, इसकी योजना पहले से बना लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूजा का मुहूर्त और अपने शहर में चंद्रोदय का समय देख लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूजा की विधि और कथा के बारे में घर के बड़ों से पूछ लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिनभर ज्यादा मेहनत करने और धूप में रहने से बचें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;प्रेग्नेंट महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखें या नहीं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रेग्नेंसी में करवा चौथ का व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी, ऊर्जा और पोषण की जरूरत होती है। लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के रहने से डिहाइड्रेशन और कमजोरी हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;व्रत रखने से पहले अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बिना डॉक्टर की सलाह के निर्जला व्रत न रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चाहें तो बिना उपवास किए पूजा, कथा और प्रार्थना में शामिल हो सकती हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पीरियड्स में करवा चौथ का व्रत और पूजा कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीरियड्स के दौरान करवा चौथ का व्रत रखने और पूजा करने को लेकर अलग-अलग परिवारों में अलग मान्यताएं हैं। कुछ परिवारों में इस दौरान प्रत्यक्ष पूजा से परहेज किया जाता है, जबकि कुछ परिवारों में महिलाएं अपनी परंपरा के अनुसार व्रत और पूजा करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से पीरियड्स आना अपने आप में उपवास पर रोक नहीं है। हालांकि, अगर आपको ज्यादा रक्तस्राव, एनीमिया, चक्कर, तेज दर्द या कमजोरी की समस्या है, तो लंबे समय तक बिना पानी के रहना सुरक्षित नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में अपनी सेहत को प्राथमिकता दें। परिवार की धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा में शामिल होने का तरीका चुन सकती हैं या मन ही मन प्रार्थना कर सकती हैं। पीरियड्स एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, इसलिए इस दौरान पूजा करने या न करने के फैसले को लेकर खुद को दोषी महसूस करने की जरूरत नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ के बाद दिवाली कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ के बाद दिवाली का त्योहार आता है। अगर आप त्योहारों की तैयारी कर रही हैं, तो इन तारीखों को भी नोट कर लें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर, रविवार&lt;/li&gt; &lt;li&gt;करवा चौथ 2026: 29 अक्टूबर, गुरुवार&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिवाली 2026: 8 नवंबर, रविवार&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा की तारीख और दिवाली की तारीख प्रकाशित पंचांग और कैलेंडर के अनुसार हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करवा चौथ 2026 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल&lt;/h2&gt;&lt;h2&gt;1. करवा चौथ कब पड़ेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. करवा चौथ कितनी तारीख को है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;साल 2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर को है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. करवा चौथ किस दिन है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस साल करवा चौथ गुरुवार को पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4. 2026 में करवा चौथ कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पूजा और चांद निकलने का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5. शरद पूर्णिमा कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;साल 2026 में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;6. दिवाली कब है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;7. क्या करवा चौथ पर पानी पी सकते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परंपरागत रूप से कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन यह सभी के लिए सुरक्षित नहीं है। गर्भावस्था, बीमारी या दूसरी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपवास करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anshika Tiwari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/karwa-chauth-kab-hai-2026-date-and-day-puja-muhurat-moonrise-time-vrat-katha-fast-rules-articleshow-dgg0iw6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात कब रखें चंद्रमा की रोशनी में खीर? जानें देवी लक्ष्मी को भोग लगाने का समय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-khir-rakhne-ka-samay-lakshmi-puja-shubh-muhurat-articleshow-emhw3oc</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-khir-rakhne-ka-samay-lakshmi-puja-shubh-muhurat-articleshow-emhw3oc</guid>
            <pubDate>Sun, 25 Oct 2026 09:47:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima Kab Hai: आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। इस पर्व से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। कहते हैं कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी से अमृत टपकता है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5kk9ky3n396cs121cgznngp,imgname-sharad-purnima-2026-1792732876739.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026 Shubh Muhurat: &lt;/strong&gt;शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में कुछ देर खीर रखकर उसे खाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। इसी वजह से कई घरों में दूध और चावल से बनी खीर रातभर चांदनी में रखी जाती है और सुबह पूजा के बाद प्रसाद के रूप में खाई जाती है। इस बार शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जा रही है। ऐसे में जानिए खीर रखने का सही समय, सुबह इसे कब निकालें और मां लक्ष्मी की पूजा का मुहूर्त क्या है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात करें देवी लक्ष्मी के 108 नामों का जाप, दूर होगी पैसों की तंगी!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा पर खीर कब रखें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा की रात खीर रखने के लिए चंद्रमा निकलने के बाद का समय चुना जा सकता है। 25 अक्टूबर, रविवार को चंद्रोदय शाम करीब 5 बजकर 30 मिनिट पर होने का अनुमान है। अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर आ सकता है। ऐसे में खीर पहले से बनाकर रख लें और चंद्रमा निकलने के बाद उसे चांदनी में रख दें।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima Vrat Katha: व्रत के असर से मृत बच्चा हो गया जीवित! पढ़ें शरद पूर्णिमा की ये रोचक कथा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब लगाएं देवी लक्ष्मी को खीर का भोग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धर्म ग्रंथों के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं और कौन जाग रहा है, ये देखती हैं। जो लोग जागते हैं, देवी लक्ष्मी उनके घर में निवास करती हैं। इसलिए शरद पूर्णिमा की रात निशीथ काल में लक्ष्मी पूजा का विधान है। इस बार निशीथ काल पूजा मुहूर्त रात 11:40 से 12:31 तक रहेगा। इस दौरान आप देवी लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं तो शुभ रहेगा। भोग लगाने के बाद आप प्रसाद रूप में खीर खा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा की रात खीर खुले आसमान में क्यों रखते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को औषधियों का स्वामी माना जाता है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और इस रात उसकी किरणों को खास गुणों वाला माना जाता है। मान्यता है कि चांदनी में अमृत जैसा प्रभाव होता है, इसलिए लोग इस रात दूध और चावल से बनी खीर को खुले आसमान के नीचे रखते हैं। अगली सुबह इसे प्रसाद के रूप में खाते हैं। ऐसा विश्वास है कि चांदनी में रखी खीर सेहत के लिए फायदेमंद होती है।&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-khir-rakhne-ka-samay-lakshmi-puja-shubh-muhurat-articleshow-emhw3oc"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima Vrat Katha: व्रत के असर से मृत बच्चा हो गया जीवित! पढ़ें शरद पूर्णिमा की ये रोचक कथा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-vrat-katha-do-behno-ki-kahani-kojagari-purnima-articleshow-g51rzcl</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-vrat-katha-do-behno-ki-kahani-kojagari-purnima-articleshow-g51rzcl</guid>
            <pubDate>Sun, 25 Oct 2026 06:30:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima Ki Katha: इस बार शरद पूर्णिमा का व्रत 25 अक्टूबर, रविवार को किया जाएगा। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं। इस व्रत से जुड़ी एक रोचक कथा भी है जिसे सुने बिना इस व्रत का पूरा फल नहीं मिलता।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ky9cxtzmhertz4r516j3y8c9,imgname-devshayani-ekadashi-2026-1784874462196.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima Katha In Hindi:&lt;/strong&gt; आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात देवी लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा करती हैं। शरद पूर्णिमा पर व्रत और पूजा करने के साथ कथा सुनने का भी खास महत्व है। आइए जानते हैं दो बहनों से जुड़ी शरद पूर्णिमा की रोचक कथा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा की कथा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्राचीन समय में एक गांव में दो बहनें रहती थीं। दोनों हर पूर्णिमा पर व्रत रखती थीं, लेकिन उनके व्रत करने के तरीके में अंतर था। बड़ी बहन पूरी श्रद्धा से व्रत करती थीं और सभी नियमों का पालन करती थी। वहीं, छोटी बहन व्रत तो रखती थी, लेकिन न तो नियमों का ठीक से ध्यान देती थी और न ही पूरी श्रद्धा से पूजा करती थी।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: कैसे बर्तन में बनाएं शरद पूर्णिमा पर खीर, कितनी देर रखें चांद की रोशनी में, कब खाएं?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;समय बीतने के साथ दोनों बहनों का विवाह हो गया। कुछ समय बाद बड़ी बहन ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया, जबकि छोटी बहन को संतान प्राप्ति में काफी परेशानी हुई। जब उसके घर संतान हुई भी, तो वह जीवित नहीं रह सकी। इस घटना से छोटी बहन बहुत दुखी रहने लगी।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: सिर्फ 51 मिनट के शुभ मुहूर्त में कैसे करें लक्ष्मी पूजा? यहां जानें विधि, मंत्र और आरती&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक दिन उसने एक संत से अपनी परेशानी का कारण पूछा। संत ने उसे बताया कि वह पूर्णिमा का व्रत बिना श्रद्धा और नियमों के करती थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत का महत्व तभी है, जब उसे सच्चे मन और पूरी आस्था के साथ किया जाए। संत की बात सुनकर छोटी बहन को अपनी गलती का एहसास हुआ।इसके बाद उसने शरद पूर्णिमा का व्रत पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से किया। मान्यता के अनुसार, कुछ समय बाद उसे एक स्वस्थ पुत्र की प्राप्ति हुई। लेकिन दुर्भाग्य से जन्म के बाद उस बच्चे की भी मृत्यु हो गई। छोटी बहन को विश्वास था कि उसकी बड़ी बहन के स्पर्श से बच्चा फिर से जीवित हो सकता है।उसने बच्चे को कपड़े से ढककर बिस्तर पर लिटा दिया और बड़ी बहन को अपने घर बुलाया। जब बड़ी बहन वहां आई और बिस्तर पर बैठी, तो उसका हाथ बच्चे को छू गया। उसके स्पर्श से बच्चा दोबारा जीवित हो उठा। यह देखकर छोटी बहन हैरान रह गई और उसने बड़ी बहन को पूरी बात बता दी।छोटी बहन ने कहा कि बड़ी बहन के पूर्णिमा व्रत और चंद्रदेव की कृपा के कारण ही उसके बच्चे को नया जीवन मिला है। इसके बाद दोनों बहनों ने व्रत की महिमा को स्वीकार किया। मान्यता है कि तभी से शरद पूर्णिमा के व्रत और कथा सुनने की परंपरा प्रचलित हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-vrat-katha-do-behno-ki-kahani-kojagari-purnima-articleshow-g51rzcl"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[95+ Vijayadashami Wishes in Hindi: बुराई का अंत अच्छाई का उजाला हो... यहां से शेयर करें विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/95-vijayadashami-wishes-in-hindi-dussehra-heartfelt-quotes-devotional-messages-shayari-and-status-images-for-loved-ones-articleshow-gyyvlkv</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/95-vijayadashami-wishes-in-hindi-dussehra-heartfelt-quotes-devotional-messages-shayari-and-status-images-for-loved-ones-articleshow-gyyvlkv</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 10:56:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;95+ Happy Vijayadashami 2026 Wishes, Devotional Quotes, Messages &amp;amp; Status Images in Hindi: विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं, दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं, भगवान श्रीराम के आशीर्वाद, मां दुर्गा के भक्तिमय संदेश, WhatsApp स्टेटस और खूबसूरत शुभकामनाएं यहां से अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m59sp0gqpn0w21jqfkc9y8f9,imgname-happy-vijayadashami-2026-wishes-in-hindi-1792404029975.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;95+ Happy Vijayadashami 2026 Wishes, Quotes, Shayari, Devotional Messages &amp;amp; Status Images in Hindi for Friends, Family and Loved Ones:&lt;/strong&gt; विजयादशमी 2026 इस बार 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। बुराई पर अच्छाई की जीत, अधर्म पर धर्म की विजय और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार हर किसी के जीवन में नई उम्मीद, खुशियां और सकारात्मकता लेकर आता है। यह पावन पर्व भगवान श्रीराम की विजय और मां दुर्गा की शक्ति का स्मरण कराता है। इस खास अवसर पर हर कोई अपने दोस्तों, परिवार और प्रियजनों को दशहरा की शुभकामनाएं देना चाहता है। अगर आप भी Happy Vijayadashami 2026 Wishes in Hindi, विजयादशमी शुभकामना शायरी, दशहरा के शुभकामना संदेश, भगवान श्रीराम के आशीर्वाद, मां दुर्गा के भक्तिमय संदेश और WhatsApp स्टेटस तलाश रहे हैं, तो यहां हैं 95 से ज्यादा विजयादशमी शुभकामना संदेश। इन्हें आप अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों के साथ शेयर कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Vijayadashami 2026 Wishes in Hindi: दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दिल में राम बसें, हर घर में खुशहाली हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन से मिट जाए अंधेरा, हर तरफ उजियाली हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुराई पर अच्छाई की जीत का यह पर्व लाए बहार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में खुशियों की बरसात हो अपार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रावण के अहंकार का अंत, श्रीराम की विजय का संदेश,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर जीवन में प्रेम हो, हर दिल में हो विश्वास विशेष।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके सपने पूरे हों, खुशियों से सजे संसार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी लाए जीवन में सफलता और सुख अपार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जय श्री राम! विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अधर्म का अंत हो, धर्म का सदा सम्मान रहे,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर चेहरे पर मुस्कान हो, हर दिल में श्रीराम रहें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीत सत्य की होती है, यही दशहरे का पैगाम,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में सदा बना रहे खुशियों का धाम।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आप सभी को दशहरे की मंगलमय शुभकामनाएं!&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुराई का अंत हो, अच्छाई का उजाला हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर चेहरे पर मुस्कान, हर दिल में उजाला हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्रीराम के आदर्शों से महके जीवन आपका,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस दशहरे हर सपना आपका पूरा होने वाला हो।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;श्रीराम के नाम से हर मुश्किल आसान हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में खुशियों की नई पहचान हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सत्य की राह पर कदम बढ़ते रहें हमेशा,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके हर प्रयास में विजय का वरदान हो।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;खुशियों के दीप जलें, गम का अंधेरा मिटजाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिल में प्रेम और विश्वास का फूल खिल जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे का यह पर्व ऐसी सौगात लेकर आए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन से हर परेशानी दूर हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रावण के पुतले के साथ अहंकार भी जलाएं,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;मन में दया और प्रेम के दीपक खूब जलाएं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सत्य और धर्म की राह पर आगे बढ़ते जाएं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस दशहरे को जीवन की नई शुरुआत बनाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;घर में खुशियां रहें, रिश्तों में मिठास रहे,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;अपनों के चेहरे पर हमेशा प्यारी मुस्कान रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्रीराम की कृपा से महकता रहे संसार आपका,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर दिन आपके जीवन में उत्सव का एहसास रहे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विजय का संदेश लेकर आया है त्योहार,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खुशियों से भर जाए आपका घर-संसार।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दुख और निराशा आपसे दूर रहें सदा,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुबारक हो आपको दशहरा बारंबार।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर सुबह नई उम्मीद का पैगाम लेकर आए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर शाम खुशियों की सौगात देकर जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी पर यही दुआ है हमारी,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपकी जिंदगी हर दिन सफलता से सज जाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा की शक्ति का आशीर्वाद मिले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर मुश्किल में आपको नई राह मिले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सच्चाई और साहस से जीतें हर जंग,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में खुशियों के हजारों रंग खिलें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नफरत मिटे, दिलों में प्यार का वास हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर रिश्ते में विश्वास और मिठास हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा लाए अमन और खुशियों की बहार,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हर घर में सुख-समृद्धि का निवास हो।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सत्य की जीत का पैगाम आया है,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खुशियों का प्यारा त्योहार आया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्रीराम की कृपा बनी रहे आप पर,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा आपके लिए सौभाग्य लाया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Dussehra 2026: माया से सीता तक, रावण के विनाश की वजह बनीं 5 महिलाएं! तीसरी का नाम सुन कहेंगे &lsquo;OMG&rsquo;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Dussehra Shayari: दशहरा शुभकामना शायरी&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;श्रीराम के आदर्शों से जीवन सजाएं,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;बुराई छोड़कर अच्छाई अपनाएं,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे पर खुशियों के दीप जलाएं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रावण जले और अहंकार मिट जाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर दिल में प्रेम का फूल खिल जाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विजयादशमी खुशियों की सौगात लाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सत्य की राह पर चलते रहिए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर मुश्किल का सामना करते रहिए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;श्रीराम की कृपा से आगे बढ़ते रहिए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा का आशीर्वाद मिले,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर कदम पर सफलता और प्यार मिले,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपको दशहरे की खुशियां अपार मिलें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हर दुख का अंधेरा दूर हो जाए,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर सपना आपका पूरा हो जाए,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा आपके लिए शुभ हो जाए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अच्छाई की हमेशा जीत हो,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;जीवन में खुशियों का संगीत हो,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके हर दिन की नई शुरुआत हो।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;श्रीराम का नाम जुबां पर रहे,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खुशियों का बसेरा घर में रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरा मंगलमय जीवन का संदेश दे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रिश्तों में प्यार और विश्वास रहे,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर चेहरे पर खुशियों का एहसास रहे,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आपके जीवन में सुखों का वास रहे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुराई से दूर, अच्छाई के करीब रहें,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हर परिस्थिति में हौसले से खड़े रहें,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दशहरे पर सफलता के नजदीक रहें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विजयादशमी का त्योहार निराला है,&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खुशियों और उमंगों की प्यारी माला है,&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अपनों को शुभकामनाएं देना ही खुशियों का उजाला है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Best Vijayadashami Messages: दशहरा शुभकामना संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! भगवान श्रीराम आपके जीवन से सभी दुखों और बाधाओं को दूर करें। आपके घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशियों का सदैव वास रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दशहरे पर आपके जीवन से हर बुराई का अंत हो और खुशियों का नया सवेरा आए। आपका हर सपना पूरा हो। आपको और आपके परिवार को विजयादशमी की ढेरों शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि सत्य और धर्म की राह पर चलने वालों की अंततः जीत होती है। आपके जीवन में भी हमेशा अच्छाई की विजय हो। हैप्पी विजयादशमी 2026!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रावण के दस सिरों की तरह हमारे भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या का भी अंत हो। आपके जीवन में प्रेम, विश्वास और सद्भाव का उजाला फैले। शुभ दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद, मां दुर्गा की कृपा और अपनों का प्यार हमेशा आपके साथ बना रहे। आपके जीवन में सफलता और खुशियों की विजय हो। विजयादशमी की शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पावन पर्व पर आपके सभी कष्ट दूर हों, जीवन में नई उमंग आए और हर कदम पर सफलता आपका स्वागत करे। आपको दशहरा की हार्दिक बधाई!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अच्छाई के सामने उसे झुकना ही पड़ता है। इसी विश्वास के साथ आपके जीवन में नई उम्मीदों और सफलता का आगमन हो। शुभ विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरे का यह पावन पर्व आपके परिवार में प्रेम, एकता और खुशहाली बढ़ाए। आपके घर-आंगन में हमेशा मुस्कान और समृद्धि बनी रहे। हैप्पी दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान श्रीराम आपको सही मार्ग पर चलने की शक्ति दें, मां दुर्गा हर संकट से आपकी रक्षा करें और आपका जीवन खुशियों से भर दें। विजयादशमी की मंगलकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बुराई पर अच्छाई की जीत का यह पर्व आपके जीवन में नई शुरुआत लेकर आए। हर मुश्किल आसान हो, हर मंजिल करीब आए और आपका हर दिन मंगलमय बने। शुभ दशहरा 2026!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Vijayadashami 2026 Quotes in Hindi: विजयादशमी कोट्स&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&ldquo;विजय केवल दूसरों पर जीत हासिल करना नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय पाना भी है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;सत्य की राह कठिन हो सकती है, लेकिन उसका अंत हमेशा सम्मान और विश्वास की ओर ले जाता है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;दशहरा हमें याद दिलाता है कि अहंकार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;जीवन में सबसे बड़ी जीत वह है, जब हम अपने क्रोध पर संयम, अपने लोभ पर नियंत्रण और अपने मन पर विजय प्राप्त करते हैं।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;भगवान श्रीराम का जीवन सिखाता है कि शक्ति के साथ मर्यादा और सफलता के साथ विनम्रता भी जरूरी है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;अंधकार को कोसने से बेहतर है कि अपने जीवन में अच्छाई का एक दीप जलाया जाए।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;सच्ची विजय वही है, जिसमें हमारा आचरण बेहतर हो, विचार पवित्र हों और दूसरों के प्रति मन में करुणा हो।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;हर दशहरा अपने भीतर की किसी एक बुराई को छोड़ने और एक अच्छी आदत अपनाने का अवसर है।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;साहस, धैर्य और धर्म के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति में भी उम्मीद नहीं खोता।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&ldquo;विजयादशमी का संदेश है- अच्छाई पर विश्वास रखिए, सत्य का साथ दीजिए और हर परिस्थिति में इंसानियत को सर्वोपरि रखिए।&rdquo;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Dussehra Devotional Messages in Hindi: भगवान श्रीराम के आशीर्वाद वाले दशहरा शुभकामना संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;प्रभु श्रीराम आपके जीवन को सुख, शांति और समृद्धि से भर दें। आपके परिवार पर उनकी कृपा सदैव बनी रहे। जय श्रीराम! शुभ विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम आपको सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें। आपके जीवन में सदैव मंगल हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;श्रीराम की कृपा से आपके सभी संकट दूर हों, मन में आत्मविश्वास बढ़े और हर कार्य में सफलता प्राप्त हो। जय श्रीराम!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रभु राम आपके हृदय में प्रेम, वाणी में मधुरता और कर्मों में सच्चाई का वास कराएं। आपको दशहरा पर्व की मंगलकामनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान श्रीराम आपके जीवन से निराशा दूर करके नई आशाओं का संचार करें। आपके परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;श्रीराम का आशीर्वाद आपके साथ हो, हर मुश्किल में आपका विश्वास अडिग रहे और हर मंजिल तक पहुंचने का साहस मिले।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रघुनंदन श्रीराम आपकी रक्षा करें, आपके परिवार को स्वस्थ और प्रसन्न रखें तथा जीवन में धर्म और सदाचार की प्रेरणा दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रभु राम के आदर्श आपके जीवन का मार्गदर्शन करें। आप सदा सत्य का साथ दें और अपने व्यवहार से सबका दिल जीतें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान श्रीराम के चरणों में यही प्रार्थना है कि आपके घर में सुख-शांति, मन में संतोष और जीवन में सफलता बनी रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्रीराम! इस विजयादशमी पर प्रभु राम आपके सभी अच्छे संकल्पों को पूरा करने की शक्ति दें और जीवन को खुशियों से भर दें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Devotional Dussehra Wishes: मां दुर्गा के भक्तिमय संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा की कृपा से आपके जीवन के सभी संकट दूर हों और सुख-समृद्धि का आगमन हो। मां जगदंबा आपके परिवार की रक्षा करें। शुभ विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा आपको शक्ति, साहस और धैर्य प्रदान करें। हर कठिन परिस्थिति में आपका विश्वास मजबूत रहे और विजय आपके कदम चूमे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;माता रानी के आशीर्वाद से आपके घर में खुशियों की बहार आए, हर मनोकामना पूर्ण हो और परिवार में प्रेम बना रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा के चरणों में यही प्रार्थना है कि आपके जीवन से दुखों का अंधकार दूर हो और आशा का प्रकाश हमेशा बना रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय माता दी! मां भवानी आपको बुरी शक्तियों से बचाएं, सही मार्ग दिखाएं और जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां जगदंबा की कृपा आपके परिवार पर बनी रहे। हर सुबह मंगलमय हो, हर दिन सुखद हो और हर रात सुकून से भरी हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;माता रानी आपके मन से भय दूर करें, हृदय में भक्ति जगाएं और हर चुनौती का सामना करने का आत्मबल प्रदान करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा की दिव्य शक्ति आपके जीवन में सकारात्मकता, खुशहाली और नई उम्मीदों का संचार करे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां शेरावाली आपके जीवन को प्रेम, शांति और समृद्धि से भर दें। आपकी सभी नेक इच्छाएं पूरी हों। जय माता दी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पावन विजयादशमी पर मां दुर्गा से प्रार्थना है कि हर घर में सुख, हर दिल में शांति और हर जीवन में खुशियों का वास हो।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;WhatsApp Status for Vijayadashami 2026: विजयादशमी 2026 के लिए व्हाट्सएप स्टेटस&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व- आप सभी को हैप्पी विजयादशमी 2026!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मन का रावण जलाएं, प्रेम और सत्य का दीप जलाएं। शुभ दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जय श्रीराम! सत्य की राह पर चलें और विजय का उत्सव मनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मां दुर्गा की कृपा और प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे। शुभ विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अहंकार का अंत हो, प्रेम की शुरुआत हो। यही है दशहरे की सच्ची सौगात।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अच्छाई चुनें, सच्चाई अपनाएं और हर दिन को विजयादशमी बनाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रावण दहन के साथ मन की बुराइयों का भी दहन करें। हैप्पी दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सत्य की जीत, धर्म की विजय और खुशियों की बहार, मुबारक हो दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हर दिल में राम, हर घर में खुशहाली। विजयादशमी की शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नई उम्मीद, नई शुरुआत और खुशियों की सौगात, हैप्पी विजयादशमी 2026!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Vijayadashami Wishes for Family: परिवार के लिए विजयादशमी शुभकामना संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मेरे प्यारे परिवार को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम हम सभी को स्वस्थ, सुखी और एकजुट रखें। हमारे घर में हमेशा प्यार और खुशियां बनी रहें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दशहरे पर ईश्वर से प्रार्थना है कि हमारे परिवार के हर सदस्य के जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि आए। शुभ दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इस विजयादशमी पर हमारे रिश्तों में प्रेम बढ़े और हर मनमुटाव दूर हो। आप सभी को ढेरों शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद और मां दुर्गा की कृपा हमारे पूरे परिवार पर बनी रहे। हमारा घर हमेशा हंसी, खुशियों और अपनापन से भरा रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस पावन पर्व पर हमारे परिवार के सभी सपने पूरे हों और हर सदस्य को जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिले। हैप्पी दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दशहरा हमें सिखाता है कि सत्य, संस्कार और एकता से बड़ी कोई शक्ति नहीं। आइए, हम अपने परिवार में इन मूल्यों को हमेशा बनाए रखें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मेरे परिवार की हर मुस्कान बनी रहे, हर परेशानी दूर हो और हर दिन नई खुशियां लेकर आए। आप सभी को विजयादशमी की मंगलकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दशहरे पर भगवान श्रीराम हमारे घर को सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद दें। अपनों का साथ हमेशा बना रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार के साथ मनाया गया हर त्योहार खास होता है। यह दशहरा हमारे रिश्तों में और मिठास लाए। शुभ विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मेरे जीवन की सबसे बड़ी खुशियां मेरा परिवार है। इस पावन अवसर पर आप सभी के लिए खुशियों, अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूं। शुभ दशहरा!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shastra Puja 2026 Date: कब करें शस्त्र पूजा, 20 या 21 अक्टूबर? जानें शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Happy Vijayadashami Wishes for Friends: दोस्तों के लिए विजयादशमी शुभकामना संदेश&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मेरे प्यारे दोस्त, तुम्हारी जिंदगी में हमेशा खुशियां रहें और हर मुश्किल पर तुम्हारी जीत हो। तुम्हें और तुम्हारे परिवार को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोस्ती की मिठास बनी रहे और सफलता हर कदम पर तुम्हारा स्वागत करे। इस दशहरे पर तुम्हारी सभी अच्छी इच्छाएं पूरी हों। हैप्पी दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोस्त, इस विजयादशमी पर अपने सारे डर पीछे छोड़ दो और नए हौसले के साथ आगे बढ़ो। तुम्हारी जीत ही हमारी खुशी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रावण का दहन तो हर साल होता है, लेकिन इस दशहरे पर अपने भीतर के डर और नकारात्मकता को भी खत्म करना। शुभ दशहरा, दोस्त!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भगवान श्रीराम तुम्हें सही रास्ता दिखाएं और मां दुर्गा तुम्हें हर चुनौती से लड़ने की शक्ति दें। विजयादशमी की ढेर सारी शुभकामनाएं!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोस्ती में प्यार, जिंदगी में बहार और हर मंजिल पर जीत मिले। तुम्हारा दशहरा खुशियों से भरा रहे!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस दशहरे पर तुम्हारी सारी परेशानियां दूर हों, करियर में तरक्की मिले और जिंदगी में सफलता के नए रास्ते खुलें। हैप्पी विजयादशमी!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोस्त, हमेशा सच का साथ देना और अपने हौसले को कभी कमजोर मत होने देना। अच्छाई की जीत की तरह तुम्हारी मेहनत भी रंग लाए। शुभ दशहरा!&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हमारी दोस्ती हमेशा यूं ही मजबूत बनी रहे। इस विजयादशमी पर तुम्हारे जीवन में प्यार, खुशहाली और कामयाबी की नई शुरुआत हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान रहे, दिल में सुकून रहे और जिंदगी में सफलता की बहार रहे। मेरे प्यारे दोस्त, तुम्हें दशहरे की ढेरों बधाइयां!&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Happy Vijayadashami 2026: खूबसूरत शुभकामनाएं और Status Images के लिए कैप्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दशहरा के अवसर पर शुभकामना संदेशों के साथ सुंदर तस्वीरें साझा करना भी लोगों को खूब पसंद आता है। आप इन कैप्शन को भगवान श्रीराम, रावण दहन, मां दुर्गा और पारंपरिक दशहरा थीम वाली शुभकामना तस्वीरों के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. भगवान श्रीराम की तस्वीर के लिए:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;सत्य, धर्म और मर्यादा के प्रतीक प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! जय श्रीराम!&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. रावण दहन की तस्वीर के लिए:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;इस दशहरे पर बुराई का अंत हो और अच्छाई की नई शुरुआत। आपके जीवन में हमेशा सत्य और सफलता की विजय हो।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. मां दुर्गा की तस्वीर के लिए:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;मां दुर्गा की कृपा से आपके जीवन में शक्ति, शांति और समृद्धि का संचार हो। शुभ विजयादशमी!&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. परिवार के लिए शुभकामना इमेज:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;परिवार में प्यार बना रहे, हर घर खुशियों से सजा रहे। आप सभी को दशहरा की मंगलकामनाएं!&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. दोस्तों के लिए शुभकामना इमेज:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;दोस्ती में मिठास और जिंदगी में खुशियों की बहार बनी रहे। हैप्पी दशहरा, मेरे दोस्त!&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;6. पारंपरिक दशहरा ग्रीटिंग:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी आपके जीवन में नई उम्मीदें लेकर आए।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;7. भक्तिमय स्टेटस इमेज:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;जय श्रीराम! प्रभु की कृपा से आपके सभी शुभ कार्य सफल हों और जीवन मंगलमय बने।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8. सकारात्मक संदेश वाली तस्वीर:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;अपने भीतर की बुराइयों पर विजय पाएं और जीवन को प्रेम, करुणा व सच्चाई से सजाएं।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;9. हिंदी दशहरा ग्रीटिंग कार्ड:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;सुख, शांति, समृद्धि और सफलता आपके जीवन का हिस्सा बनें। विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10. सोशल मीडिया दशहरा पोस्ट:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;विजय का उत्सव, खुशियों का संदेश और अच्छाई पर विश्वास&mdash;आप सभी को हैप्पी विजयादशमी 2026!&rdquo;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/95-vijayadashami-wishes-in-hindi-dussehra-heartfelt-quotes-devotional-messages-shayari-and-status-images-for-loved-ones-articleshow-gyyvlkv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Dussehra 2026: पति रावण की मौत के बाद मंदोदरी का क्या हुआ? जानिए रामायण की वो कहानी जो कम लोग जानते हैं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-2026-what-happened-to-mandodari-after-ravan-death-in-ramayana-vibhashan-marriage-articleshow-h830ki9</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-2026-what-happened-to-mandodari-after-ravan-death-in-ramayana-vibhashan-marriage-articleshow-h830ki9</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 11:00:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vijayadashami 2026: &lt;/strong&gt;रावण के वध के बाद उसकी पत्नी और लंका की महारानी मंदोदरी का क्या हुआ? जानिए रामायण की वो कहानी, जिससे आज भी बहुत से लोग अनजान हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bwmnjszfhns3ez9za1wsgk,imgname-mandodari-story-1792474240601.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mandodari Story after Ravan: &lt;/strong&gt;आज 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में विजयादशमी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के इस प्रतीक दिन पर हम हर साल रावण के पुतले का दहन करते हैं और भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान करते हैं। लेकिन, रावण दहन और लंका विजय के बाद की कहानी के कुछ ऐसे पहलू हैं, जिनसे आज भी कई लोग अनजान हैं। रामायण के सबसे बड़े खलनायक रावण के वध के बाद लंका का क्या हुआ? और उससे भी बड़ा सवाल, रावण की परम रूपवती और पतिव्रता पत्नी मंदोदरी का क्या हुआ? आइए दशहरा के इस खास मौके पर जानते हैं रामायण की अनसुनी कहानी...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रावण वध और मंदोदरी का विलाप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब युद्ध भूमि में भगवान राम के बाणों से दशानन रावण का अंत हुआ, तो लंका में शोक की लहर दौड़ गई। मंदोदरी, जो रावण की महारानी और ऋषि कश्यप के पुत्र असुरराज मय दानव की पुत्री थीं, रणभूमि में पहुंचीं और अपने पति के शव को देखकर विलाप करने लगीं। मंदोदरी हमेशा से जानती थीं कि श्रीराम कोई साधारण मानव नहीं, बल्कि स्वयं भगवान विष्णु के अवतार हैं। उन्होंने कई बार रावण को समझाया था कि सीता को ससम्मान लौटा दें और श्रीराम से शत्रुता न लें, लेकिन अहंकार में चूर रावण ने उनकी एक न सुनी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विभीषण का राज्याभिषेक और श्रीराम का आदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लोककथाओं रावण के वध के बाद, लंका के सिंहासन का उत्तराधिकारी विभीषण को बनाया गया। भगवान राम ने अपने अनुज लक्ष्मण से कहकर विभीषण का राज्याभिषेक संपन्न करवाया। लेकिन लंका का राजपाट संभालना विभीषण के लिए आसान नहीं था। प्रजा में शोक और आक्रोश था। ऐसे में लंका को एक कुशल मार्गदर्शन और स्थिरता की जरूरत थी। &lt;strong&gt;'अद्भुत रामायण', 'कंबन रामायण'&lt;/strong&gt; और देवदत्त पटनायक की &lt;strong&gt;'Sita: An Illustrated Retelling of the Ramayana'&lt;/strong&gt; समेत कुछ अन्य पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी समय भगवान राम ने विभीषण और मंदोदरी को शादी करने का सुझाव दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मंदोदरी और विभीषण का विवाह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भगवान श्रीराम ने विभीषण को सुझाव दिया कि वह रावण की विधवा मंदोदरी से विवाह कर लें। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण थे। लंका की प्रजा मंदोदरी का बहुत सम्मान करती थी। विभीषण को राजा के रूप में स्वीकार करने में प्रजा को समय लगता, लेकिन मंदोदरी के महारानी बने रहने से लंका में विद्रोह की आशंका समाप्त हो गई। उस युग में एक विधवा रानी का जीवन बहुत कठिन होता था। श्रीराम चाहते थे कि मंदोदरी जैसी पतिव्रता और ज्ञानी स्त्री को राज्य में वही सम्मान मिलता रहे जिसकी वह अधिकारी हैं। विभीषण और मंदोदरी दोनों ही धर्म के मार्ग पर चलने वाले थे। इन दोनों के मिलन से लंका में राक्षसी प्रवृत्तियों का अंत हुआ और धर्म का राज स्थापित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या मंदोदरी, विभीषण से विवाह के लिए तुरंत मान गईं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुरुआत में मंदोदरी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और खुद को महल में कैद कर लिया। वह अपना शेष जीवन एक विधवा के रूप में भगवान की भक्ति में बिताना चाहती थीं। लेकिन जब विभीषण ने राज्य के हित और श्री राम के आदेश का हवाला दिया, तब लंका और उसकी प्रजा की भलाई के लिए मंदोदरी को यह प्रस्ताव स्वीकार करना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'पंचकन्याओं' में से एक हैं मंदोदरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पत्रकार और ब्लॉगर शैलेंद्र तिवारी की पॉपुलर किताब &lt;strong&gt;'रावण एक अपराजित योद्धा'&lt;/strong&gt; और अन्य लोककथाओं के अनुसार, हिंदू धर्म में जिन 5 महान और पवित्र स्त्रियों (पंचकन्या) के स्मरण मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं, उनमें मंदोदरी का नाम भी शामिल है। 'अहिल्या द्रौपदी सीता तारा मंदोदरी तथा। पंचकन्या स्मरेन्नित्यं महापातक नाशनम्।।' मंदोदरी सिर्फ एक असुर की पत्नी नहीं थीं, बल्कि बुद्धिमत्ता, क्षमाशीलता और दूरदर्शिता की प्रतीक थीं। उन्होंने अपने अंतिम क्षणों तक लंका को धर्म के रास्ते पर चलाने में विभीषण का साथ दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;डिस्क्लेमर: &lt;/strong&gt;इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, लोक कथाओं और अलग-अलग धार्मिक ग्रंथों और किताबों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना और रोचक प्रसंग पाठकों तक पहुंचाना है। हम इन तथ्यों की पूर्ण सटीकता का दावा नहीं करते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/dussehra-2026-what-happened-to-mandodari-after-ravan-death-in-ramayana-vibhashan-marriage-articleshow-h830ki9"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Papankusha Ekadashi Vrat Katha: कैसे एक लुटेरे को मिला मोक्ष? पढ़ें पापांकुशा एकादशी की ये रोचक कथा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-vrat-katha-in-hindi-2026-date-puja-vidhi-mahatva-articleshow-oaa89go</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-vrat-katha-in-hindi-2026-date-puja-vidhi-mahatva-articleshow-oaa89go</guid>
            <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:30:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Papankusha Ekadashi Vrat Katha in Hindi: विजयादशमी के बाद आने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है इसलिए इसका नाम पापांकुशा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ky9v1wcb1hz6s331s48yzdqa,imgname-devshayni-ekadashi-upay-1784889274763.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Papankusha Ekadashi 2026 Kab Hai: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का खास महत्व माना जाता है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। साल 2026 में पापांकुशा एकादशी 22 अक्टूबर, गुरुवार को है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने के साथ पापांकुशा एकादशी की कथा पढ़ना या सुनना भी शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इस व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Papankusha Ekadashi 2026: आज करें पापांकुशा एकादशी व्रत, जानें पूजा विधि, मंत्र और मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पापांकुशा एकादशी व्रत कथा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रचलित कथा के अनुसार, प्राचीन समय में विंध्य पर्वत पर एक लुटेरा रहता था। उसने अपने जीवन में कई बुरे काम किए थे। वह लोगों को लूटता था, हिंसा करता था और गलत रास्ते पर चलता था। उसके मन में कभी अपने कर्मों को लेकर पछतावा नहीं हुआ। धीरे-धीरे उसकी उम्र बीतने लगी और जब उसकी मृत्यु का समय करीब आया, तो यमदूत उसके प्राण लेने के लिए पहुंच गए।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Diwali 2026: 5 नहीं 6 दिनों का होगा दिवाली उत्सव, नोट करें धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की डेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यमदूतों को सामने देखकर लुटेरा बुरी तरह डर गया। उन्होंने उसे बताया कि उसके जीवन का अंतिम समय आ चुका है और उसे अपने बुरे कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा। यह सुनकर वह घबरा गया। उसे पहली बार एहसास हुआ कि उसने जीवनभर कितने गलत काम किए हैं। अब उसे अपने भविष्य की चिंता सताने लगी और वह किसी तरह पापों से मुक्ति पाने का रास्ता खोजने लगा।इसके बाद वह अंगिरा ऋषि के आश्रम पहुंचा। उसने ऋषि के सामने अपने सभी बुरे कर्मों की बात बताई और उनसे पूछा कि क्या उसे इन पापों से छुटकारा मिल सकता है। लुटेरे ने ऋषि से अपने किए पर पछतावा जताते हुए मुक्ति का उपाय बताने की प्रार्थना की।लुटेरे की बात सुनकर अंगिरा ऋषि को उस पर दया आ गई। उन्होंने उसे समझाया कि मनुष्य को अपने गलत कर्मों का एहसास होने पर सही रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। संयोग से उस समय आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि थी। ऋषि ने लुटेरे को पापांकुशा एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की सच्चे मन से पूजा करने की सलाह दी।ऋषि के बताए अनुसार लुटेरे ने पूरी श्रद्धा और नियम से पापांकुशा एकादशी का व्रत किया। उसने भगवान विष्णु का स्मरण किया और अपने किए गलत कामों के लिए पश्चाताप किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत के पुण्य प्रभाव से उसके सभी पाप नष्ट हो गए। मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-vrat-katha-in-hindi-2026-date-puja-vidhi-mahatva-articleshow-oaa89go"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: कैसे बर्तन में बनाएं शरद पूर्णिमा पर खीर, कितनी देर रखें चांद की रोशनी में, कब खाएं?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-kaise-banaye-chandni-mein-kitni-der-rakhen-kab-khayen-articleshow-pv92owu</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-kaise-banaye-chandni-mein-kitni-der-rakhen-kab-khayen-articleshow-pv92owu</guid>
            <pubDate>Sat, 24 Oct 2026 10:52:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima Kheer Significance: आश्विन मास की पूर्णिमा पर हर साल शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व से अनेक मान्यताएं जुड़ी हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं। कहते हैं कि द्वापर युग में इसी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने महारास किया था।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5p5mw0r5xt8r24d6kp5rw2j,imgname-sharad-purnima-2026-1792819228696.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026 Date:&lt;/strong&gt; शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने और उसे चांद की रोशनी में कुछ देर रखकर खाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसलिए इस खीर में विशेष औषधीय गुण आ जाते हैं जिसे खाने से कईं तरह की रोग अपने आप ही दूर हो जाते हैं। इस बार शरद पूर्णिमा का पर्व 25 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। जानें इस दिन खीर किस बर्तन में बनाएं, इसे कितनी देर चांद की रोशनी में रखें और इसे खाने का सही समय क्या है&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: सिर्फ 51 मिनट के शुभ मुहूर्त में कैसे करें लक्ष्मी पूजा? यहां जानें विधि, मंत्र और आरती&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा पर कैसे बनाएं खीर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शरद पूर्णिमा पर खीर बनाते समय बहुत सी बातों का ध्यान रखना चाहिए तभी इसके औषधीय गुण बने रहते हैं, जैसे इसे बनाने के लिए गाय के दूध का उपयोग करें। खीर बनाते समय बर्तन का चयन भी ठीक होना चाहिए। वैसे तो चंद्रमा की धातु चांदी है लेकिन सभी के घरों में चांदी के बर्तन नहीं होते इसलिए मिट्टी के बर्तन का उपयोग करना चाहिए। मिट्टी के बर्तन में बनी खीर औषधीय गुणों वाली मानी गई है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर खीर बनाते समय भूलकर न करें ये गलतियां, ध्यान रखें 5 बातें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कितनी देर चांद की रोशनी में रखें खीर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;परंपरा के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात खुले आसमान के नीचे ही खीर बनानी चाहिए और भगवान को भोग लगाने के बाद इसे रात भर चंद्रमा की रोशनी में रखनी चाहिए। लेकिन आज के समय में ऐसा करना सभी के लिए संभव नही है इसलिए खीर बनाकर कुछ घंटों के लिए चांद की रोशनी में रख सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शरद पूर्णिमा पर खीर कब खाएं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वैसे तो शरद पूर्णिमा की पूरी रात खीर को चांद की रोशनी में रखने के बाद सुबह इसे खाना चाहिए लेकिन ऐसा न कर पाएं तो रात में देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद इसे खा सकते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी धरती पर आती हैं इसलिए निशिथ काल में इनकी पूजा की परंपरा है। इस बार निशिथ काल पूजा मुहूर्त रात 11:40 बजे से 12:31 बजे तक है। इसके बाद खीर को प्रसाद रूप में खाएं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-kheer-kaise-banaye-chandni-mein-kitni-der-rakhen-kab-khayen-articleshow-pv92owu"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Papankusha Ekadashi 2026: कब करें पापांकुशा एकादशी व्रत, 21 या 22 अक्टूबर? जानें पूजा विधि, मंत्र और मुहूर्त]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-21-or-22-october-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-significance-articleshow-px88hct</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-21-or-22-october-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-significance-articleshow-px88hct</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 13:09:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Papankusha Ekadashi 2026 Date : दशहरे के अगले दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से पुण्य फल मिलता है। जानिए 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत किस तारीख को रखा जाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m479sqqsjze8ak16v5pwyxha,imgname----------------1791246524153.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Papankusha Ekadashi 2026 Kab Hai: &lt;/strong&gt;हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस बार एकादशी तिथि दो दिनों में पड़ने के कारण व्रत की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है। ऐसे में उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी से जानिए 2026 में पापांकुशा एकादशी कब मनाई जाएगी। साथ ही जानें पूजा विधि, मंत्र, शुभ मुहूर्त और व्रत से जुड़ी जरूरी बातें&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Diwali 2026: 5 नहीं 6 दिनों का होगा दिवाली उत्सव, नोट करें धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की डेट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कब करें पापांकुशा एकादशी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 21 अक्टूबर, बुधवार की दोपहर 02 बजकर 12 मिनिट से शुरू होगी, जो अगले दिन यानी 22 अक्टूबर, गुरुवार की दोपहर 02 बजकर 48 मिनिट तक रहेगी। चूंकि एकादशी तिथि का सूर्योदय 22 अक्टूबर को होगा, इसलिए इसी दिन पापांकुशा एकादशी का व्रत किया जाएगा।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Chanakya Niti for Money: पैसा आते ही खर्च कर देते हैं? चाणक्य की ये 6 बातें दूर कर देंगी आर्थिक तंगी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पापांकुशा एकादशी 2026 मुहूर्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सुबह 10:46 से दोपहर 12:11 तक- दोपहर 11:48 से 12:34 तक (अभिजीत मुहूर्त)- दोपहर 12:11 से 01:36 तक- दोपहर 01:36 से 03:01 तक- शाम 05:51 से 07:26 तक&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पापांकुशा एकादशी व्रत-पूजा विधि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- पापांकुशा एकादशी के दिन यानी 22 अक्टूबर, गुरुवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इसके बाद भगवान विष्णु के सामने व्रत रखने का संकल्प लें। पूरे दिन व्रत के नियमों का पालन करें और किसी से झूठ बोलने या गुस्सा करने से बचें।- पूजा के शुभ मुहूर्त से पहले घर के किसी साफ स्थान पर लकड़ी का बाजोट रखें। इस पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। भगवान को कुमकुम का तिलक लगाएं और फूलों की माला चढ़ाएं।- भगवान के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद अबीर, गुलाल, रोली, चावल, फूल, सुपारी, पान, जनेऊ और कलावा आदि पूजा सामग्री अर्पित करें। भोग में तुलसी के पत्ते रखना न भूलें।- भगवान विष्णु को अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग लगाएं। पूजा के दौरान 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः' मंत्र का जाप करें। अंत में भगवान की आरती करें। रात में जागकर भजन-कीर्तन करना भी इस व्रत का हिस्सा माना जाता है।- अगले दिन यानी 23 अक्टूबर, शुक्रवार को अपनी परंपरा के अनुसार पूजा करें और ब्राह्मणों को भोजन कराने के बाद व्रत का पारण करें। धार्मिक मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/papankusha-ekadashi-21-or-22-october-2026-puja-vidhi-mantra-muhurat-significance-articleshow-px88hct"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Navratri Visarjan 2026: नवरात्रि के बाद कलश, जवारे, नारियल और पूजन सामग्री का क्या करें?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/navratri-2026-after-puja-kalash-jaware-nariyal-puja-samagri-kya-kare-articleshow-vtqkvnu</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/navratri-2026-after-puja-kalash-jaware-nariyal-puja-samagri-kya-kare-articleshow-vtqkvnu</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 09:44:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Navratri Visarjan Vidhi: इस बार शारदीय नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर, मंगलवार को हो रहा है। इस दिन लोग स्थापित की गई दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। प्रतिमा विसर्जन के बाद कलश, जवारे और नारियल का क्या करें? आगे जानिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5br1ce77msjwhscd8dtbxxy,imgname-navratri-visarjan-2026-1792469414343.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Navratri Kalash Visarjan:&lt;/strong&gt; शारदीय नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के बाद दशमी तिथि पर घट स्थापना के कलश, जवारे और पूजा में इस्तेमाल की गई दूसरी चीजों को लेकर लोगों के मन में सवाल रहता है कि इनका क्या करना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भूल से भी इन चीजों का अपमान नहीं करना चाहिए। जानिए नवरात्रि के बाद कलश, नारियल, जवारे और दूसरी पूजन सामग्री का क्या करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नवरात्रि के बाद कलश का क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के समय कलश में जल भरकर पूजा की जाती है। पूजा पूरी होने के बाद कलश के जल को घर में छिड़क सकते हैं। इसे साफ गमले या पौधों में डालना भी एक विकल्प है। अगर कलश में सिक्का, सुपारी या दूसरी सामग्री रखी थी, तो उन्हें निकालकर साफ कर लें। कलश को धोकर अगले साल की पूजा के लिए संभालकर रख सकते हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Dussehra 2026: दशहरे पर क्यों करते हैं शमी वृक्ष की पूजा? जानें विधि, मुहूर्त, मंत्र और उपाय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नारियल और जवारे का क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नवरात्रि में कलश पर रखा नारियल पूजा के बाद प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटा जा सकता है। यदि नारियल खराब हो गया हो, तो उसे खाने से बचें। वहीं, जवारे को मां दुर्गा का आशीर्वाद मानने की परंपरा है। इन्हें श्रद्धापूर्वक किसी साफ जगह पर मिट्टी में दबा सकते हैं या स्थानीय परंपरा के अनुसार विसर्जित कर सकते हैं।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Shastra Puja 2026 Date: कब करें शस्त्र पूजा, 20 या 21 अक्टूबर? जानें शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र और महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नवरात्रि की पूजन सामग्री का क्या करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पूजा में उपयोग हुई सामग्री का उपयोग भी अलग-अलग तरीके से कर सकते हैं। फूल, पत्ते और अन्य प्राकृतिक चीजों को मिट्टी में दबाया जा सकता है या प्रवाहित भी किया जा सकता है। मौली, चुनरी और कपड़े को साफ करके पूजा की परंपरा के अनुसार संभालकर रखें। दीपक और पूजा के बर्तन साफ करके रख दें। अगर पूजा में मिट्टी की प्रतिमा का इस्तेमाल किया गया है, तो उसका विसर्जन स्थानीय नियमों और परंपरा के अनुसार करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इस बात का रखें ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नदी या तालाब में पूजा से संबंधित ऐसी भी चीज प्रवाहित न करें जिससे जल प्रदूषित हो। ऐसी चीजों को सम्मान पूर्वक जमीन में दबा दें। इन चीजों को दोबारा उपयोग में लेने में भी कोई परेशानी नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार इन चीजों का निस्तारण करें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/navratri-2026-after-puja-kalash-jaware-nariyal-puja-samagri-kya-kare-articleshow-vtqkvnu"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात करें देवी लक्ष्मी के 108 नामों का जाप, दूर होगी पैसों की तंगी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-108-names-jaap-benefits-wealth-prosperity-articleshow-zkbdshe</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-108-names-jaap-benefits-wealth-prosperity-articleshow-zkbdshe</guid>
            <pubDate>Sun, 25 Oct 2026 09:03:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और धन से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k9xspkbcjwn7j3z8avc572hc,imgname-58004e5f-6e98-43af-aa06-218bacb2e25c--1--1763010366828.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima Upay:&lt;/strong&gt; इस साल शरद पूर्णिमा का पर्व 25 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागकर उनकी आराधना करने वाले भक्तों पर कृपा करती हैं। इस मौके पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करना भी विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी के नामों का जाप कैसे करें और उनके 108 नाम कौन-कौन से हैं&hellip;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima Vrat Katha: व्रत के असर से मृत बच्चा हो गया जीवित! पढ़ें शरद पूर्णिमा की ये रोचक कथा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे करें देवी लक्ष्मी के 108 नामों का जाप?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;- सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें और वहां देवी लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।- मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और फूल अर्पित करें। साफ आसन पर बैठकर मन को शांत करें और मां लक्ष्मी का ध्यान करें।- नामों का जाप करने के लिए कमलगट्टे की माला का इस्तेमाल करें। श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करें।- जाप के दौरान दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें। ये दीपक शुद्ध की हो और पूजा के अंत तक जलता रहना चाहिए।- मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा और उनके नामों का जाप करने से सुख, शांति और समृद्धि आती है।&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Sharad Purnima 2026: कैसे बर्तन में बनाएं शरद पूर्णिमा पर खीर, कितनी देर रखें चांद की रोशनी में, कब खाएं?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देवी लक्ष्मी के 108 नाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;1. सुरभि2. परमात्मिका3. वाचि4. पद्मा5. शुचि6. प्रकृति7. विकृति8. विद्या9. सर्वभूतहितप्रदा10. श्रद्धा11. विभूति12. आदित्य13. दिति14. दीपायै15. वसुधा16. वसुधारिणी17. कमलसम्भवा18. कान्ता19. कामाक्षी20. स्वाहा21. स्वधा22. सुधा23. धन्या24. हिरण्मयी25. लक्ष्मी26. नित्यपुष्टा27. विभा28. अमृता29. दीप्ति30. लोकशोकविनाशिनी31. धर्मनिलया32. करुणा33. क्षीरोदसम्भवा34. अनुग्रहप्रदा35. बुद्धि36. अनघा37. हरिवल्लभा38. अशोका39. रमा40. पद्ममालाधरा41. देवी42. पद्मिनी43. पद्मगन्धिनी44. लोकमाता45. पद्मप्रिया46. पद्महस्ता47. पद्माक्षी48. पद्मसुन्दरी49. पद्मोद्भवा50. पद्ममुखी51. पद्मनाभप्रिया52. चतुर्भुजा53. चन्द्ररूपा54. इन्दिरा55. इन्दुशीतला56. आह्लादजननी57. पुष्टि58. शिवा59. शिवकरी60. सत्या61. विमला62. विश्वजननी63. तुष्टि64. दारिद्र्यनाशिनी65. प्रीतिपुष्करिणी66. शान्ता67. शुक्लमाल्याम्बरा68. पुण्यगन्धा69. सुप्रसन्ना70. प्रसादाभिमुखी71. प्रभा72. चन्द्रवदना73. चन्द्रा74. चन्द्रसहोदरी75. हेममालिनी76. धनधान्यकरी77. सिद्धि78. स्त्रैणसौम्या79. जया80. मंगला देवी81. श्री82. भास्करी83. बिल्वनिलया84. वरारोहा85. यशस्विनी86. वसुन्धरा87. उदारांगा88. हरिणी89. हिरण्यप्राकारा90. भुवनेश्वरी91. दारिद्र्यध्वंसिनी92. देवी93. सर्वोपद्रववारिणी94. नवदुर्गा95. महाकाली96. ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका97. त्रिकालज्ञानसम्पन्ना98. शुभप्रदा99. नृपवेश्मगतानन्दा100. वरलक्ष्मी101. वसुप्रदा102. शुभा103. विष्णुवक्षस्थलस्थिता104. विष्णुपत्नी105. प्रसन्नाक्षी106. नारायणसमाश्रिता107. समुद्रतनया108. पद्मलया&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Religion</category>
            <dc:creator>Manish Meharele</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/religious-news/sharad-purnima-2026-lakshmi-108-names-jaap-benefits-wealth-prosperity-articleshow-zkbdshe"/>
        </item>
    </channel>
</rss>
