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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Tue, 05 May 2026 20:24:32 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[“जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय”: बंगाल के नतीजों पर CM योगी का सख्त संदेश]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:20:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Yogi Adityanath Reacts to Bengal Election Results&lt;/strong&gt;: सीएम योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय है। गोरखपुर में 612 करोड़ की 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqebsddx8vewf8yxbzqqgrha,imgname-ayodhya-ram-mandir-shiv-mandir-dharm-dhwajarohan-cm-yogi-adityanath-1777524848061.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;गोरखपुर से एक ऐसा राजनीतिक संदेश निकला है, जिसकी गूंज सीधे पश्चिम बंगाल तक सुनाई दे रही है। विकास कार्यों के उद्घाटन मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए साफ कहा कि जनता को नजरअंदाज करने वालों का राजनीतिक सफाया तय है। उनके बयान ने न सिर्फ चुनावी नतीजों को लेकर बहस तेज की, बल्कि शासन और जनविश्वास के रिश्ते को भी केंद्र में ला दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंगाल के जनादेश पर योगी का संदेश: &ldquo;जनता सब देखती है&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम उन राजनीतिक दलों के लिए सबक है, जो जनता की उपेक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जो सरकारें विकास के पैसों में भ्रष्टाचार करती हैं, गुंडों को संरक्षण देती हैं और सनातन परंपराओं का अपमान करती हैं, उनका अंत तय होता है। उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल &lsquo;सोनार बांग्ला&rsquo; की दिशा में आगे बढ़ेगा। यह बयान राजनीतिक तौर पर एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अमेरिकी जहाज! क्या खाड़ी में फिर भड़कने वाली है जंग?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गोरखपुर से विकास का संदेश: 612 करोड़ की 71 परियोजनाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गोरखपुर के जंगल बेनी माधव क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 612.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें एक अत्याधुनिक कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का उद्घाटन भी शामिल रहा, जिसे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए एक बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो, तो विकास के परिणाम अपने आप सामने आते हैं। उन्होंने 2017 के बाद उत्तर प्रदेश और खासकर गोरखपुर में हुए बदलाव को इसका उदाहरण बताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;अच्छी सरकार ही लाती है अच्छे परिणाम&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की गुणवत्ता ही विकास की दिशा तय करती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि जहां अच्छी सरकार नहीं होती, वहां हालात बिगड़ते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि अब राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंद खाद कारखाने से फोर-लेन सड़कों तक: बदली गोरखपुर की तस्वीर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के विकास की कहानी को विस्तार से रखते हुए बताया कि जो खाद कारखाना कभी बंद पड़ा था और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुका था, वह आज फिर से संचालित हो रहा है। इसके साथ ही शहर में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, फोर-लेन सड़कें, ओवरब्रिज, बाईपास और बेहतर कनेक्टिविटी ने गोरखपुर को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि पहले जहां गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8-9 घंटे लगते थे, अब वही दूरी साढ़े तीन घंटे में तय हो जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;मच्छर और माफिया दोनों खत्म&rdquo;: बदली पहचान का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले गोरखपुर की पहचान &ldquo;मच्छर और माफिया&rdquo; से जुड़ी थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनके मुताबिक, आज गोरखपुर सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि और मजबूत सड़कों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देकर लोगों में विश्वास पैदा किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तेज विकास ही समृद्धि का रास्ता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने विकास और समृद्धि के सीधे संबंध पर जोर देते हुए कहा कि जितनी तेज विकास की गति होगी, उतनी ही तेजी से समाज और राष्ट्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की मजबूती, आयुष विश्वविद्यालय और नई आवासीय योजनाओं ने आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। साथ ही, नए निवेश से रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;परियोजनाएं जो बदलेंगी शहर की तस्वीर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस कार्यक्रम के दौरान कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनमें एकीकृत मंडलीय कार्यालय, कुश्मी एंक्लेव आवास योजना, सड़क चौड़ीकरण, रिंग रोड विकास और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रशासनिक सुविधा बढ़ाना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और शहरी जीवन को अधिक सुगम बनाना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;कानपुर की शातिर &ldquo;लुटेरी गैंग&rdquo; ऑटो में महिलाओं के साथ ऐसे करते थे लूट&hellip; हैरान रह जाएंगे!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[UP News: CM योगी आदित्यनाथ की शिक्षामित्रों को सलाह, बच्चों को प्यार से पढ़ाएं और स्कूल तक लाएं]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:18:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को बच्चों को प्यार से पढ़ाने, &lsquo;स्कूल चलो&rsquo; अभियान तेज करने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा से ही मजबूत समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोरखपुर।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षामित्र सम्मान समारोह में केवल मुख्य अतिथि ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में भी नजर आए। उन्होंने शिक्षामित्रों को बच्चों के साथ बेहतर व्यवहार और शिक्षा के महत्व को समझाने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हर बच्चे के मन में पढ़ने की इच्छा पैदा करना अभिभावक, शिक्षक और समाज- तीनों की जिम्मेदारी है। शिक्षामित्र केवल पढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि हर बच्चे को स्कूल तक लाने के लिए अभियान भी चलाएं। शिक्षक और शिक्षामित्र बच्चों की मजबूत नींव तैयार करने वाले कारीगर होते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बच्चों के साथ व्यवहार: मारपीट नहीं, प्यार से सिखाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं होनी चाहिए। पिटाई से बच्चे जिद्दी और डरपोक बन सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को प्यार और समझदारी से पढ़ाएं। अच्छी कहानियां, कविताएं और प्रेरणादायक उदाहरणों के जरिए उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक अपने व्यक्तिगत तनाव या पारिवारिक समस्याएं स्कूल में न लाएं, ताकि बच्चों पर नकारात्मक असर न पड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षा और भविष्य: जैसा सिखाएंगे, वैसा समाज बनेगा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज जो बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं, वही आगे चलकर देश का भविष्य बनेंगे। अगर उन्हें सही दिशा मिलेगी तो वे अच्छे डॉक्टर, शिक्षक, किसान, अधिकारी और नेता बनेंगे। उन्होंने कहा कि नेता भी इसी समाज से निकलते हैं, इसलिए बच्चों को सही शिक्षा देना बहुत जरूरी है। उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ काम करने पर जोर देते हुए कहा कि हर शिक्षामित्र में बेहतर परिणाम देने की क्षमता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;280 बच्चों वाले स्कूल का उदाहरण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक स्कूल में 280 बच्चों की उपस्थिति देखी। उन्होंने कहा कि यह संख्या इस बात का संकेत है कि वहां अच्छा काम हो रहा है। जब शिक्षा का माहौल सकारात्मक होता है, तो बच्चों की संख्या अपने आप बढ़ती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे पहले सांसद रहते हुए भी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा करते थे और आज भी बच्चों से मिलना उन्हें पसंद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आंगनवाड़ी केंद्र का प्रेरणादायक अनुभव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने एक दिलचस्प घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को गाने के माध्यम से गिनती सिखाई जा रही थी- &ldquo;एक-एक-एक मेरी नाक एक&hellip; दो-दो-दो मेरी आंखें दो&hellip;&rdquo; जब उन्होंने बच्चों से पूछा, तो बच्चों ने तुरंत उसी तरीके से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे सरल और रचनात्मक तरीकों से बच्चों को आसानी से सिखाया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्वच्छता और यूनिफॉर्म: अभिभावकों की जिम्मेदारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से कहा कि वे अभिभावकों को भी जागरूक करें।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बच्चे साफ-सुथरे कपड़ों में स्कूल आएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नियमित स्नान करके आएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सही यूनिफॉर्म और जूते-मोजे पहनें&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि पहले कई बच्चे बिना जूते या चप्पल के स्कूल आते थे, लेकिन अब सरकार यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्वेटर दे रही है। इसलिए अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;स्कूल चलो&rsquo; अभियान: हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने जुलाई में स्कूल खुलने से पहले &ldquo;स्कूल चलो&rdquo; अभियान को और तेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक और शिक्षामित्र:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;स्कूल समय से पहले पहुंचें&lt;/li&gt; &lt;li&gt;घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल लाने के लिए प्रेरित करें&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह सुनिश्चित करें कि कोई बच्चा स्कूल समय में इधर-उधर न भटके&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;खेलकूद और शिक्षा: संतुलित विकास पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ खेलकूद में भी भाग लें। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित समाज ही मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बना सकता है। इसी से विकसित भारत की नींव रखी जा सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[योगी से सम्राट तक: देखिए BJP राज्यों के CM 5 मई को अलग अंदाज में दिखे]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:12:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बंगाल, असम और पुदुचेरी में जीत के बाद बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अलग-अलग गतिविधियां सामने आई हैं।म्राट चौधरी ने मुंगेर में मंदिर दर्शन किए। योगी आदित्यनाथ ने जनता को सौगात देते हुए पुल का उद्घाटन किया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw6ytrjbswyqw43cem51t8r,imgname-untitled-design---2026-05-05t174234.317-1777989544722.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बंगाल, असम और पुदुचेरी में जीत के बाद बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अलग-अलग गतिविधियां सामने आई हैं।म्राट चौधरी ने मुंगेर में मंदिर दर्शन किए। योगी आदित्यनाथ ने जनता को सौगात देते हुए पुल का उद्घाटन किया।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;बंगाल-असम और पदुचेरी के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत के बाद सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं में जीत का जश्न अभी तक चल रहा है तो वहीं दूसरी एर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की आज 5 मई को अलग तस्वीरें सामने आई हैं। जहां कोई सीएम भक्ति करते नजर आया तो किसी ने जनता के लिए सौगात दी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हैं, जिन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्ट के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित हवन कार्यक्रम और पूजा पाट किया। इसी दौरान सैनी ने 'गोशाला चारा अनुदान वितरण समारोह' के दौरान गाय को चारा खिलाया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता हैं, जो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ नई दिल्ली के सीआर पार्क स्थित काली मंदिर में पूजा करने के लिए पहुंची।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं। जो सीएम बनने के बाद पहली बार मुंगेर दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने ज्योति मंदिर में पूजा-अर्चना की।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। जिन्होंने 5 मई मंगलवार को जनता को सौगात देते हुए दो लेन के पुल का उद्घाटन किया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहे मंध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं। जिन्होंने मंगलवार 5 मई को कैबिनेट बैठक की और जनता के लिए कई अहम फैसले लिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के भाबानीपुर उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जो बंगाल के सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तस्वीर में नजर आ रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जिन्होंने विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है। मंगलवार को असम विधानसभा चुनाव जीतने के बाद बोकाखाट निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए-एजीपी के उम्मीदवार अतुल बोरा ने मुख्यमंत्रीसे मुलाकात की।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[कानपुर की शातिर “लुटेरी गैंग” ऑटो में महिलाओं के साथ ऐसे करते थे लूट… हैरान रह जाएंगे!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kanpur-auto-robbery-gang-busted-women-targeted-in-shocking-theft-modus-operandi-police-crack-case-with-cctv-surveillance/articleshow-hhglc9x</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 20:08:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kanpur Auto Robbery Gang Busted: &lt;/strong&gt;कानपुर में ऑटो से महिलाओं को निशाना बनाने वाली लुटेरी गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत CCTV और सर्विलांस से 3 आरोपी गिरफ्तार, करीब 5 लाख का सामान बरामद। जानिए कैसे करते थे वारदात।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw94dp92eyysy74kq6wcnbf,imgname-kanpur-auto-robbery-gang-busted-women-targeted-in-shocking-theft-modus-operandi-police-crack-case-with-cctv-surveillance-1777991825097.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Crime News: &lt;/strong&gt;कानपुर में महिलाओं को निशाना बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गैंग का खुलासा हुआ है। यह गैंग इतनी चालाकी से वारदात को अंजाम देता था कि पीड़ितों को देर तक समझ ही नहीं आता था कि उनके साथ चोरी हो चुकी है। लेकिन पुलिस के &lsquo;ऑपरेशन त्रिनेत्र&rsquo; ने इस संगठित गिरोह की पूरी कहानी सामने ला दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सवारी नहीं, जाल था ऑटो का सफर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया है कि यह गैंग ऑटो में सवारी के बहाने महिलाओं को बैठाता था और फिर मौका देखकर उनके बैग से नकदी और कीमती सामान पार कर देता था। इस पूरे खेल में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ऑटो चालक खुद इस गैंग का हिस्सा था। यानी जिस ऑटो पर बैठकर महिलाएं खुद को सुरक्षित समझती थीं, वही उनके लिए जाल साबित हो रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;&ldquo;मैं इस्तीफा नहीं दूंगी!&rdquo; हार के बाद ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक घटना से खुला पूरा नेटवर्क&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला यात्री ने शिकायत दर्ज कराई कि ऑटो में सफर के दौरान उसके बैग से 25 हजार रुपये नकद, झुमकी और अंगूठियां चोरी हो गईं। शुरू में यह एक सामान्य चोरी का मामला लग रहा था, लेकिन पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की तो एक बड़े गैंग का खुलासा हुआ।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;ऑपरेशन त्रिनेत्र&rsquo; बना गेमचेंजर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी विश्लेषण और सर्विलांस का सहारा लिया गया। इसी डिजिटल जांच ने गैंग की गतिविधियों को ट्रैक करने में अहम भूमिका निभाई और आखिरकार पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तीन शातिर गिरफ्तार, कई वारदातों का खुलासा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नौबस्ता थाना पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग लंबे समय से महिलाओं को निशाना बना रहा था और कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार, गैंग बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था और हर वारदात के बाद तुरंत लोकेशन बदल देता था, जिससे पकड़ में आना मुश्किल हो जाता था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5 लाख की बरामदगी, स्कूटी तक खरीदी गई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया है। इसमें नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान शामिल है। कुल बरामदगी करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। इतना ही नहीं, चोरी के पैसों से खरीदी गई एक्टिवा स्कूटी भी पुलिस ने जब्त कर ली है, जिसका इस्तेमाल गैंग अन्य गतिविधियों में करता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले पर दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगातार निगरानी और तकनीकी जांच से इस गैंग का पर्दाफाश संभव हो सका। उन्होंने लोगों, खासकर महिला यात्रियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन में सफर करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तकनीक और सतर्कता से टूटा अपराध का नेटवर्क&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, तकनीक और सतर्क जांच के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकता। हालांकि यह घटना एक चेतावनी भी है कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले साधारण साधनों के जरिए भी अपराधी बड़े स्तर पर वारदात को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अमेरिकी जहाज! क्या खाड़ी में फिर भड़कने वाली है जंग?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/kanpur-auto-robbery-gang-busted-women-targeted-in-shocking-theft-modus-operandi-police-crack-case-with-cctv-surveillance/articleshow-hhglc9x"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Sports News: सहारनपुर-फतेहपुर में नए स्पोर्ट्स कॉलेज, 2026-27 से एडमिशन शुरू]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-sports-news-cm-yogi-adityanath-government-saharanpur-fatehpur-sports-college-admission-2026-2027-details/articleshow-i3oxr2z</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 19:39:58 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और फतेहपुर में दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज 2026-27 से शुरू होंगे। कक्षा 9 से एडमिशन, 80-80 सीटें और नई खेल सुविधाओं से युवाओं को अपने क्षेत्र में ही बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw7f299w4qsg8ppw43nthay,imgname-saharanpur-fatehpur-sports-college-1777990076713.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने सहारनपुर और फतेहपुर में बने दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को शुरू करने का निर्णय लिया है। इन कॉलेजों में शैक्षिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई और प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं और प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली नई गति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ये दोनों स्पोर्ट्स कॉलेज लंबे समय से अधूरे पड़े थे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को जनवरी 2011 में मंजूरी मिली थी और नवंबर 2011 में निर्माण शुरू हुआ था। इसे जुलाई 2018 तक पूरा होना था, लेकिन काम समय पर नहीं हो पाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण फरवरी 2011 में शुरू होना था और फरवरी 2013 तक पूरा होना था, लेकिन यह भी अधूरा रह गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;योगी सरकार ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देकर पूरा कराया और अब इन्हें शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी बनेगा पांच स्पोर्ट्स कॉलेज वाला राज्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन दो नए कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में कुल स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले से संचालित कॉलेज:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;लखनऊ का गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कक्षा 9 से एडमिशन शुरू: खिलाड़ियों को मिलेगा मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दोनों नए स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। इससे दूर-दराज के छात्रों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका समय व खर्च बचेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में कुल 80 सीटें होंगी, जिनमें:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एथलेटिक्स (रनर, जम्पर, थ्रोवर)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हॉकी और गोलकीपर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुश्ती&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हैंडबॉल&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इन सभी खेलों के लिए अलग-अलग सीटें तय की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज: नए खेलों की शुरुआत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में भी 80 सीटों पर एडमिशन होगा। यहां इन खेलों को शामिल किया गया है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एथलेटिक्स (रनर, जम्पर, थ्रोवर)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हॉकी और गोलकीपर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जूडो&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बॉक्सिंग&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भारोत्तोलन&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;खास बात यह है कि भारोत्तोलन खेल पहली बार किसी स्पोर्ट्स कॉलेज में शुरू किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चयन प्रक्रिया और पात्रता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ही प्रवेश मिलेगा, जिससे खेल प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर का लक्ष्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलना है। इन केंद्रों में खिलाड़ियों को रहने, पढ़ाई और प्रशिक्षण की पूरी सुविधा मिलेगी। स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह अलग-अलग खेलों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्पोर्ट्स कॉलेज ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर हैं, जो खेलों में करियर बनाना चाहते हैं। यहां पढ़ाई और खेल दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाता है। आधुनिक सुविधाएं, प्रोफेशनल कोचिंग और अनुशासित माहौल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करता है। सहारनपुर और फतेहपुर में नए स्पोर्ट्स कॉलेजों की शुरुआत से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और भविष्य में देश को बेहतर खिलाड़ी मिल सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Vikramotsav 2026: मध्यप्रदेश को बड़ा सम्मान, विक्रमोत्सव 2026 को WOW Awards में गोल्ड-सिल्वर अवॉर्ड]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/vikramotsav-2026-wow-awards-mp-win-cultural-live-event-of-the-year-gold-best-government-integration-silver-award/articleshow-9yhutg2</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:56:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;विक्रमोत्सव 2026 को WOW Live Awards में गोल्ड और सिल्वर अवॉर्ड मिले। 139 दिन चले इस आयोजन ने 17.72 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw4z1wh7p0snyy1wmrqxv2r,imgname-vikramotsav-2026-wow-awards-madhya-pradesh-1777987454865.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष बड़ी उपलब्धि मिली है। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित Shows of India Conclave 2026 में इस आयोजन को दो बड़े सम्मान मिले।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव को Cultural Live Event of the Year (Gold Award) और Best Government Integration for a Live Event (Silver Award) से सम्मानित किया गया। यह अवॉर्ड WOW Live Awards के तहत दिए गए। जल्द ही आयोजक टीम भोपाल आकर यह सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विक्रमोत्सव: दुनिया का सबसे लंबा सांस्कृतिक आयोजन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव को दुनिया का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। इसमें केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि बिजनेस और सामाजिक गतिविधियां भी शामिल होती हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन EVENTFAQS Media द्वारा किया गया, जो इवेंट और एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग का प्रमुख प्लेटफॉर्म है। इस साल 300 से अधिक प्रविष्टियां आईं, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण: संस्कृति को मिला वैश्विक मंच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने कहा कि यह सम्मान पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रस्तुति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के &ldquo;विरासत से विकास&rdquo; के विजन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जा रहा है। विक्रमोत्सव अब परंपरा, नवाचार और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का बड़ा मंच बन चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े अवॉर्ड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव को पिछले वर्षों में भी कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;2025 में Emax Global Awards से Longest Standing IP of the Year&lt;/li&gt; &lt;li&gt;WOW Awards Asia 2025 में Gold Award&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2024 में Asia&rsquo;s Biggest Religious Event Award&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह उपलब्धियां इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डिजिटल रिकॉर्ड: 17.72 करोड़ लोगों तक पहुंच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव 2026 ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नया रिकॉर्ड बनाया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम के जरिए 47.85 लाख लोगों की सीधी पहुंच&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यूजर जनरेटेड कंटेंट और हैशटैग्स से 17.24 करोड़ से अधिक डिजिटल रीच&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह आंकड़े आयोजन की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;139 दिवसीय आयोजन: संस्कृति, समाज और पर्यावरण का संगम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव 2026 कुल 139 दिनों तक चला। इसकी शुरुआत वर्ष प्रतिपदा से हुई और इसमें जल संरक्षण को लेकर जल गंगा संवर्धन अभियान भी शामिल किया गया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आयोजन की अवधि: 12 फरवरी से 30 जून 2026&lt;/li&gt; &lt;li&gt;41 से अधिक गतिविधियां आयोजित&lt;/li&gt; &lt;li&gt;4000 से अधिक कलाकारों की भागीदारी&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;पहला चरण महाशिवरात्रि पर प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम के &lsquo;शिवोऽहम&rsquo; कार्यक्रम से पूरा हुआ। दूसरा चरण 19 मार्च से 30 जून तक चला, जिसमें जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम हुए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वाराणसी में महानाट्य: सम्राट विक्रमादित्य की गाथा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव के तहत 3 से 5 अप्रैल 2026 को वाराणसी में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाट्य का मंचन किया गया। इसका उद्देश्य उनकी न्यायप्रियता और सुशासन को आम लोगों तक पहुंचाना था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विक्रमोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की पहचान बन चुका है। यह आयोजन परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता को जोड़ते हुए राज्य को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि भविष्य में और बेहतर आयोजन करने की प्रेरणा देती है और प्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CM मोहन यादव अचानक हेलीकॉप्टर से सीधे पहुंचे किसानों के पास, कर दिया बड़ा फैसला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-wheat-procurement-ujjain-warehouse-capacity-farmers-mp/articleshow-uw9wgqh</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:26:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन के नागझिरी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। किसानों को राहत देने के लिए वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया गया, जिससे बेमौसम बारिश में अनाज सुरक्षित रखा जा सके।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw38pywaa83pvetzd73y0h9,imgname-untitled-design---2026-05-05t182207.790-1777985674204.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;भोपाल। 'मैं कहीं भी हेलीकॉप्टर उतार सकता हूं और गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकता हूं..।' कुछ दिनों पहले ये बात कहने वाले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 5 मई को उज्जैन की सेवा सहकारी संस्था दताना के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने यहां केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सुविधा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने का भी फैसला किया। वेयरहाउस की क्षमता बढ़ने से गेहूं को बेमौसम बारिश से बचाया जा सकेगा। इससे पहले सीएम डॉ यादव शाजापुर और खरगोन में भी गेहूं उपार्जन का आकस्मिक दौरा कर चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हेलीकॉप्टर से सीधे उपार्जन केंद्र पहुंचे सीएम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं यहां गेहूं उपार्जन केंद्र पर आया हूं। हमने पूर्व में घोषित किया है कि गेहूं खरीदी को लेकर पूरे प्रदेश में स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाई है। गेहूं उपार्जन लगातार चल रहा है। मुझे बताया गया है कि हर जगह हमारी खरीदी सहज और सामान्य हुई है, लेकिन फिर भी आकस्मिक दौरे लगाकर हमने किसानों के साथ अपनी भावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जानकारी मिल रही है कि अब नियमित अंतराल से सात दिन के अंदर भुगतान भी हो रहा है। इस बीच लोगों का माल ढुलाई का काम भी चल रहा है। ऐसी परिस्थिति में तौल कांटे भी बढ़वाए गए हैं। सरकार ने सुविधाएं भी बढ़ाई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसान कल्याण वर्ष&rsquo; पर बड़ा एक्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किसानों को मिलें सभी सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे बताया गया था कि वेयरहाउस के अंदर अगर क्षमता बढ़ा दें, तो बारिश के मौसम में काफी लाभ होगा। आज हमने वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के ऑर्डर भी निकाल दिए हैं। किसानों को किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यह साल किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। हमारा प्रयास है कि किसानों को सब प्रकार की सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि अभी तक मेरी जानकारी में सरकार ने कल तक 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया है। हम अपनी कैपेसिटी और बढ़ा सकते हैं। मैं किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि अपने क्षेत्र के तौल कांटे पर जाकर प्रक्रिया में भागीदार बनें। इस दौरान कोई भी कष्ट होने पर जिला प्रशासन से संपर्क करें। जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूप की स्थापना की है। हम गेहूं उपार्जन की रोज मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गेहूं के साथ चना और मसूर की खरीदी भी चल रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-wheat-procurement-ujjain-warehouse-capacity-farmers-mp/articleshow-uw9wgqh"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Gorakhpur Bridge News: गोरखपुर में टू-लेन ब्रिज का उद्घाटन, कनेक्टिविटी और रोजगार में होगी बढ़ोतरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/gorakhpur-two-lane-bridge-inauguration-yogi-up-development-news/articleshow-kqxi6ud</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 18:18:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gorakhpur Bridge News: &lt;/strong&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 14.33 करोड़ रुपये के टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया। इससे तारामंडल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जाम से राहत मिलेगी और शहर के तेजी से हो रहे विकास को नई गति मिलेगी। जानिए पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw2trzzwejs34q031y3pbz5,imgname-gorakhpur-two-lane-bridge-inauguration-1777985217535.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gorakhpur Two Lane Bridge Inauguration: &lt;/strong&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने टू-लेन ब्रिज के लोकार्पण के दौरान उन्होंने कहा कि 2017 के बाद शहर में विकास कार्यों की लंबी श्रृंखला शुरू हुई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इन सुविधाओं का संरक्षण भी करें, ताकि इसका लाभ लंबे समय तक मिलता रहे। कहा कि देश और प्रदेश के साथ गोरखपुर भी तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;14.33 करोड़ की लागत से बना आधुनिक ब्रिज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने फीता काटकर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को जनता को समर्पित किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि पहले गोरखपुर की छवि असुरक्षा और पिछड़ेपन से जुड़ी थी, लेकिन अब यहां निवेश बढ़ा है और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। गीडा क्षेत्र में ही 50 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी मिली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में बड़ा बदलाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि आज गोरखपुर में फोर-लेन और सिक्स-लेन सड़कों का जाल है। एम्स, खाद कारखाना, पिपराइच चीनी मिल, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर और रामगढ़ताल जैसे पर्यटन स्थल शहर को नई पहचान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह विकास सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तारामंडल क्षेत्र बना पॉश इलाका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि 20 साल पहले तारामंडल क्षेत्र में लोग बसने से डरते थे, लेकिन आज यह सबसे महंगे और विकसित इलाकों में शामिल है। नए ब्रिज से क्षेत्र की आंतरिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यहां साइंस पार्क, कन्वेंशन सेंटर और वाटर बॉडी का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कनेक्टिविटी बेहतर, जाम से राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;112 मीटर लंबे इस ब्रिज के दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ बनाया गया है। इसके बनने से कई कॉलोनियों के लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। साथ ही नए सवेरा क्षेत्र में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;श्रमिकों का सम्मान और जनसंवाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को बुलाकर उनके साथ फोटो खिंचवाई और बच्चों से भी मुलाकात की। सांसद रविकिशन ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में गोरखपुर विकास की नई मिसाल बन रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Ayushman Bharat Yojana: बागपत बना नंबर-1, 94% परिवार जुड़े, 5 लाख तक मुफ्त इलाज का लाभ]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 17:56:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;आयुष्मान भारत योजना के तहत यूपी के बागपत जिले में 94% परिवार जुड़े हैं। 5 लाख तक मुफ्त इलाज, 123 करोड़ से ज्यादा क्लेम और कई लाभार्थियों की सफलता की कहानियों से योजना का असर साफ दिख रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqw1kkh4pw1mdxxfq379sxwt,imgname-ayushman-bharat-yojana-uttar-pradesh-baghpat-success-top-city-1777983933988.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में लाखों परिवारों को अब बीमारी के समय आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा को नई दिशा मिली है। बागपत जनपद इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन में प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां लक्ष्य के मुकाबले 94 प्रतिशत से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आयुष्मान कार्ड बना भरोसे और सुरक्षा का प्रतीक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डबल इंजन सरकार की इस योजना ने गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इलाज को आसान बना दिया है। अब पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में मिल रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, आयुष्मान कार्ड अब लोगों के लिए उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन गया है। इस योजना के तहत बागपत में साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल चुका है। इससे लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बागपत बना मॉडल जिला: ₹123 करोड़ से ज्यादा क्लेम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बागपत में आयुष्मान योजना के तहत ₹123 करोड़ से अधिक का क्लेम दर्ज किया गया है। यह दर्शाता है कि योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों की जिंदगी बदल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सफलता की कहानी: श्वेता को मिला नया जीवन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बड़ौत की रहने वाली श्वेता कूल्हे की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं। उनके लिए ₹2 लाख का ऑपरेशन कराना संभव नहीं था। आयुष्मान कार्ड की मदद से उनका ऑपरेशन सूचीबद्ध अस्पताल में मुफ्त हुआ। अब वे सामान्य जीवन जी रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;समदीन को पथरी के दर्द से राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बड़ौत के समदीन लंबे समय से किडनी स्टोन की समस्या से परेशान थे। ₹55 हजार का ऑपरेशन उनके लिए संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज निःशुल्क हुआ और अब वे स्वस्थ होकर अपने काम पर लौट चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सहाना के लिए बना जीवन रक्षक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हो गई थी। ₹40 हजार का खर्च परिवार के लिए बड़ा बोझ था। आयुष्मान योजना के तहत उनका ऑपरेशन मुफ्त हुआ और आज वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर घर तक पहुंची राहत: लोगों में बढ़ा भरोसा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे कई लाभार्थियों की कहानियां इस योजना की सफलता को दिखाती हैं। पहले जहां बीमारी का नाम सुनकर लोग डर जाते थे, अब आयुष्मान कार्ड ने उन्हें भरोसा दिया है कि इलाज संभव है और आर्थिक सुरक्षा भी मिल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;योगी सरकार की सक्रियता से मिला लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी व्यवस्था और सक्रिय कार्यान्वयन के कारण आयुष्मान योजना आज प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऐसे हासिल किया 100% लक्ष्य: प्रशासन की रणनीति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि लक्ष्य पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सभी वृद्धावस्था पेंशनधारकों को योजना से जोड़ा गया&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शिक्षकों, कर्मचारियों और शिक्षामित्रों के माता-पिता को शामिल किया गया&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी योजना के दायरे में लाया गया&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इन प्रयासों से बागपत ने लक्ष्य के करीब 94% से अधिक कवरेज हासिल किया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[“मैं इस्तीफा नहीं दूंगी!” हार के बाद ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-refuses-resign-bengal-election-controversy-2026/articleshow-abp867z</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 17:13:09 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Refuses Resign&lt;/strong&gt;: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने नतीजों को मानने से इनकार किया और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और सड़कों पर संघर्ष जारी रखेंगी। जानिए पूरा सियासी विवाद।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqs9mdm28zn0fgt056190h6x,imgname-bjp-takes-strong-lead-in-west-bengal-election-2026-mamata-banerjee-raises-questions-over-counting-process-1777891686018.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। सत्ता बदलने के साथ ही बयानबाजी भी तेज हो गई है, लेकिन सबसे तीखा और सीधा संदेश आया है ममता बनर्जी की ओर से। हार के बाद भी उन्होंने न सिर्फ नतीजों को स्वीकार करने से इनकार किया, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस बड़े संघर्ष का संकेत है, जिसकी तैयारी तृणमूल कांग्रेस अब खुलकर करती दिख रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;हम हारे नहीं, हमें हराया गया&rdquo;: ममता का सीधा आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस चुनाव नहीं हारी है, बल्कि बड़े स्तर पर &ldquo;वोटों की लूट&rdquo; हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 100 सीटों पर गड़बड़ी की गई और जनादेश को प्रभावित किया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि यह लड़ाई केवल भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नहीं थी, बल्कि उन्हें चुनाव आयोग के रवैये से भी जूझना पड़ा। उनके अनुसार, चुनाव आयोग पूरी तरह पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Shocking! बहन की लव मैरिज से नाराज़ भाइयों ने रचा खौफनाक प्लान! जीजा को ट्रेन से कटवाया, फिर...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;लोकभवन क्यों जाऊं?&rdquo; इस्तीफे से साफ इनकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी का सबसे चर्चित बयान रहा &ldquo;मैं लोकभवन क्यों जाऊं? अगर मुझे शपथ लेनी होती तो जाती।&rdquo; उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और सड़कों पर संघर्ष जारी रखेंगी। उनका यह रुख बताता है कि तृणमूल कांग्रेस अब विपक्ष की भूमिका में भी आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। ममता ने कहा कि वह पहले भी सड़कों पर थीं और आगे भी वहीं रहेंगी, यानी आंदोलन की राजनीति एक बार फिर तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;EVM, गिरफ्तारी और ट्रांसफर: चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद EVM मशीनों पर सवाल उठे, दो चरणों के मतदान के बाद उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए। उनका दावा है कि सिस्टम में &ldquo;एकतरफा हस्तक्षेप&rdquo; हुआ और सत्ता पक्ष ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। यह आरोप चुनाव की निष्पक्षता पर सीधे सवाल खड़े करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;मेरे साथ ऐसा हुआ तो आम लोगों के साथ क्या हुआ होगा?&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने एक भावनात्मक पहलू भी सामने रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें खुद बूथ से धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि जब एक महिला नेता के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम मतदाताओं के साथ क्या हुआ होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है। यह बयान चुनावी प्रक्रिया में कथित दमन और दबाव की ओर इशारा करता है, जिसे लेकर अब राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;INDIA गठबंधन का समर्थन, विपक्ष एकजुट होने की कोशिश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने यह भी बताया कि उन्हें देश के कई बड़े नेताओं का समर्थन मिला है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन और अखिलेश यादव सहित INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने उनसे बातचीत की है। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जा सकता है और विपक्ष एक साझा रणनीति बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;काउंटिंग सेंटर हाईजैक हुआ&rdquo;: नई जांच की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर तक को &ldquo;हाईजैक&rdquo; किया गया और उनके पार्टी कार्यालयों पर कब्जा किया गया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हो रहे हैं। इन आरोपों के बीच तृणमूल कांग्रेस ने 10 सदस्यीय &ldquo;फाइंडिंग कमेटी&rdquo; बनाने का ऐलान किया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जांच करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी। यह कदम बताता है कि पार्टी इस मामले को लंबे राजनीतिक और कानूनी संघर्ष में बदल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;यह ब्लैक हिस्ट्री है, लेकिन हम बाउंस बैक करेंगे&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम को &ldquo;ब्लैक हिस्ट्री&rdquo; करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक ही पार्टी की सरकार चाहती है और देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। हालांकि, अपने भाषण के अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तृणमूल कांग्रेस हार मानने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी &ldquo;टाइगर की तरह&rdquo; लड़ी है और आगे भी मजबूती से वापसी करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंगाल में चुनाव खत्म, लेकिन सियासी लड़ाई अभी बाकी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजे भले आ चुके हों, लेकिन राजनीतिक संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। ममता बनर्जी के तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में राज्य में सियासी टकराव और तेज होगा। अब नजर इस बात पर है कि क्या ये आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेंगे या फिर इससे कोई बड़ा संवैधानिक और कानूनी विवाद खड़ा होगा। इतना तय है कि बंगाल की राजनीति में यह अध्याय अभी लंबा चलने वाला है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;108 सीटें जीतकर भी संकट में विजय! क्या 2 हफ्तों में बन पाएगी TVK की सरकार?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: शिक्षामित्रों को ₹18,000 सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और शिक्षा सुधारों पर CM योगी का बड़ा बयान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-cm-yogi-adityanath-gorakhpur-shikshamitra-samman-samaroh-salary-increase-health-insurance-education-reforms/articleshow-qc8hfc5</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 17:12:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹18,000 किया और ₹5 लाख हेल्थ कवर देने का ऐलान किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए शिक्षा सुधार, स्कूल सुविधाओं और &lsquo;स्कूल चलो अभियान&rsquo; पर जोर दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvz1kgew2y56wsepfb9mznf,imgname-yogi-adityanath-gorakhpur-shikshamitra-samman-samaroh-1777981246990.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोरखपुर।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने नियम-कानूनों की अनदेखी करते हुए शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाने की कोशिश की, जो पूरी तरह गलत था। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश देना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय स्थिति बहुत गंभीर थी। करीब डेढ़ लाख परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। ये लोग 18-19 वर्षों से सेवा दे रहे थे और अचानक नौकरी जाने पर उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया कि उनकी सेवाएं खत्म नहीं की जाएंगी, बल्कि उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी: ₹3,500 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने बताया कि 2017 में सरकार बनने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे और बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है, जो अप्रैल से लागू हो चुका है। यह घोषणा उन्होंने गोरखपुर में आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षामित्र सम्मान समारोह में की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;संवाद और सहयोग से समाधान: टकराव नहीं, सकारात्मक सोच जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील करते हुए कहा कि अब ट्रेड यूनियन जैसी सोच और नकारात्मकता को छोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल मांगों पर अड़े रहने से बच्चों की शिक्षा और समाज दोनों को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि &quot;पहले देश, फिर हम&quot; की भावना के साथ काम करना जरूरी है। सरकार ने भी आपकी समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग के माध्यम से किया है, न कि टकराव से।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षामित्रों के लिए 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने बताया कि सभी शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्री की तर्ज पर ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी जल्द शामिल किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पात्र शिक्षामित्रों को यह सुविधा जल्द से जल्द दी जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बैंक खाते और नजदीकी पोस्टिंग की सुविधा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मानदेय सीधे खाते में पहुंचे। इसके साथ ही उन्हें उनके जिले या नजदीकी स्कूल में तैनाती दी जा रही है। खासकर महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के पास ट्रांसफर की सुविधा भी दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षा में बड़ा बदलाव: ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूलों की तस्वीर बदली&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों की स्थिति पूरी तरह बदल गई है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पहले सुविधाएं 30-36% थीं, अब 96-99% तक पहुंच गई हैं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ड्रॉपआउट रेट 19% से घटकर 3% रह गया है&lt;/li&gt; &lt;li&gt;1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, जूते, मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि पहले बच्चे पढ़ नहीं पाते थे, लेकिन अब छोटे बच्चे भी अच्छी तरह पढ़ने लगे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई शिक्षा योजनाएं: निपुण भारत, पीएम श्री और अटल टिंकरिंग लैब&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निपुण भारत मिशन, पीएम श्री स्कूल, अटल टिंकरिंग लैब और अटल आवासीय विद्यालय जैसे मॉडल तेजी से विकसित हो रहे हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया गया है और नए विकास खंडों में आवासीय स्कूल खोले जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;स्कूल चलो अभियान&rsquo; को तेज करने की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से कहा कि जुलाई में स्कूल खुलने के साथ ही &lsquo;स्कूल चलो अभियान&rsquo; को तेज करें। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षक रोज आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें और घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें। बच्चों को प्यार से पढ़ाएं और उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल में मारपीट से बचें और बच्चों को कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षामित्र सम्मान समारोह: 1.43 लाख शिक्षामित्रों को बधाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों को बधाई दी और उन्हें ईमानदारी और समर्पण से काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में चयनित शिक्षामित्रों को सम्मानित किया और बढ़े हुए मानदेय के चेक भी दिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;अरुणोदय&rsquo; कैलेंडर का विमोचन और बच्चों से संवाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने &lsquo;अरुणोदय&rsquo; कैलेंडर का विमोचन किया। इसका उद्देश्य प्रार्थना सभा को बच्चों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है। इसमें विज्ञान, गणित, भाषा कौशल, रोल प्ले, कला और संवाद जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों के मॉडल्स देखे, उनकी सराहना की और उनसे बातचीत भी की। साथ ही उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया और महिलाओं को उपहार दिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Contributor Asianet</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-cm-yogi-adityanath-gorakhpur-shikshamitra-samman-samaroh-salary-increase-health-insurance-education-reforms/articleshow-qc8hfc5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Goa में मिट्टी से कमाई! 150 साल पुराना हुनर, जो अब बन गया ग्लोबल बिजनेस मॉडल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/business-news/goa-handmade-pottery-business-idea-150-year-old-tradition-turned-global-brand/articleshow-iybstzg</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 17:00:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Goa Traditional Business: गोवा की पहचान सिर्फ बीच और पार्टी नहीं है, बल्कि यहां 150 साल पुरानी मिट्टी की कला आज भी जिंदा है। कारीगरों ने इस पारंपरिक पोटरी को मॉडर्न डिजाइन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़कर इसे एक सफल बिजनेस मॉडल बना दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Goa Local Business Ideas:&lt;/strong&gt; गोवा का नाम सुनते ही आपके दिमाग में क्या आता है? लहराता समंदर, चमकते बीचेस और रातभर चलने वाली पार्टियां। है ना? लेकिन क्या आप जानते हैं कि गोवा के इस ग्लैमर के पीछे एक बहुत ही शांत और खूबसूरत दुनिया भी है? यहां की गलियों में आज भी मिट्टी की वह खुशबू जिंदा है, जो 150 साल पुरानी विरासत को समेटे हुए है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे गोवा के कुछ कलाकारों ने पुरानी मिट्टी की कला को एक सुपरहिट बिजनेस मॉडल में बदल दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गोवा में बीचेस के शोर में छिपी सुकून की कला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गोवा की रंग-बिरंगी संस्कृति में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां चाक (Wheel) पर घूमती मिट्टी सिर्फ बर्तन नहीं, बल्कि पीढ़ियों की कहानियां गढ़ती है। यहां मिट्टी का काम सिर्फ मजदूरी नहीं, बल्कि एक पहचान बन चुका है। कुछ परिवार यह काम पिछले 150 सालों से चल रहा है। उनके दादा और पिता भी यही काम करते थे। करीब 40-50 साल पहले मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल सिर्फ खाना पकाने या रोटियां बनाने के लिए होता था। बीच में यह कला थोड़ी फीकी पड़ने लगी थी, लेकिन इन परिवारों के जुनून ने इसे फिर से जिंदा कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जब मिट्टी बनी 'मॉडर्न आर्ट'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज गोवा की पोटरी (Pottery) सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है। अब इसमें आधुनिकता का तड़का लग चुका है। इसमें कुछ कलाकारों ने पुरानी कला को आज की लाइफस्टाइल से जोड़ दिया है। उनके काम में मछली, ऑक्टोपस और कोरल (Coral) जैसे समुद्री जीवों की झलक मिलेगी। अब मिट्टी से सिर्फ मटके नहीं, बल्कि लग्जरी डेकोरेशन के पीस और कस्टम डिजाइन वाले सिरेमिक आइटम बनाए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मिट्टी के गहने और ऑनलाइन डिमांड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब गोवा की मिट्टी से सुंदर और रंग-बिरंगे गहने (Jewelry) भी बनाए जा रहे हैं। जो लोग कुछ अलग और हैंडमेड पहनना पसंद करते हैं, उनके लिए ये मिट्टी के गहने पहली पसंद बन गए हैं। गोवा घूमने आने वाले लोग तो इसे खरीदते ही हैं, लेकिन अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रेजेंस की वजह से इनके पास पिछले 15 सालों से वफादार ग्राहक जुड़े हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है यह बिजनेस मॉडल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह कला अब सिर्फ म्यूजियम में रखने की चीज नहीं रह गई है, बल्कि कमाई का एक शानदार जरिया बन गई है, क्योंकि यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। इसमें लोकल पहचान और ग्लोबल डिजाइन का मेल है। यह पर्यटकों को कुछ ऐसा देता है जो उन्हें दुनिया में कहीं और नहीं मिलता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[108 सीटें जीतकर भी संकट में विजय! क्या 2 हफ्तों में बन पाएगी TVK की सरकार?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/vijays-massive-win-but-no-majority-who-will-help-form-government-in-tamil-nadu-big-political-drama-unfolds-in-2-weeks/articleshow-g8086o5</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 16:20:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vijay&rsquo;s Massive Win, But No Majority: &lt;/strong&gt;तमिलनाडु चुनाव 2026 में विजय की TVK ने बंपर जीत हासिल की लेकिन बहुमत से दूर रह गई। अब सवाल है कि सरकार किसकी मदद से बनेगी और अगले 2 हफ्तों में कौन सा गठबंधन सत्ता संभालेगा। DMK और AIADMK की भूमिका अहम हो गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsjgnz648qrsnkjb9q6hg1p,imgname-whatsapp-image-2026-05-04-at-6.48.23-pm-1777901000678.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tamil Nadu Politics: &lt;/strong&gt;तमिलनाडु की सियासत इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां जीत का शोर तो है, लेकिन सत्ता की कुर्सी अब भी दूर नजर आ रही है। चुनाव परिणामों ने राज्य की दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति की बुनियाद हिला दी है, लेकिन इसी बदलाव के बीच एक नई जटिलता भी पैदा हो गई है क्या जीत हमेशा सत्ता की गारंटी होती है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम ने इस चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की है और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लेकिन यही आंकड़ा अब उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों का आंकड़ा अभी भी दूर है। यानी जीत बड़ी है, लेकिन सरकार बनाने के लिए अभी भी रास्ता अधूरा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जब जीत का जश्न सत्ता की गणित से टकरा गया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव नतीजों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में जो सबसे बड़ा सवाल उभरा है, वह यह है कि इतनी बड़ी सफलता के बावजूद TVK आखिर सरकार कैसे बनाएगी। विधानसभा की 234 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जबकि TVK इस संख्या से पीछे रह गई है। स्थिति को और जटिल बनाने वाली बात यह है कि तकनीकी कारणों से पार्टी की प्रभावी संख्या और भी कम मानी जा रही है, क्योंकि दो सीटों पर विजय की जीत के चलते एक सीट खाली होनी तय है। ऐसे में बहुमत का गणित और भी कठिन हो जाता है। अब यह चुनाव सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि राजनीतिक जोड़-तोड़ और गठबंधन की परीक्षा बन चुका है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Pakistan Navy: अरब सागर में फंसा भारतीय जहाज, मदद के लिए दौड़ पड़ी पाकिस्तानी नौसेना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अगले दो हफ्ते तय करेंगे तमिलनाडु की सत्ता का भविष्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव नतीजों के तुरंत बाद TVK ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है और साथ ही विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए लगभग दो हफ्तों का समय मांगा है। यह समयसीमा अब तमिलनाडु की राजनीति का सबसे अहम चरण बन चुकी है। इन्हीं दो हफ्तों में यह तय होगा कि क्या TVK अपने दम पर या सहयोगियों के सहारे सरकार बना पाएगी, या फिर राज्य में कोई और राजनीतिक समीकरण उभरकर सामने आएगा। राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि यह अवधि विधायकों को साधने, छोटे दलों से बातचीत और संभावित गठबंधन तैयार करने के लिए बेहद निर्णायक होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गठबंधन की राजनीति के बीच शुरू हुई असली सियासी दौड़&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तमिलनाडु की मौजूदा स्थिति साफ संकेत दे रही है कि अब सरकार अकेले दम पर नहीं, बल्कि गठबंधन के सहारे तय होगी। यही वह जगह है जहां असली राजनीति शुरू होती है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के पास 59 सीटों के साथ मजबूत उपस्थिति है, जबकि अन्नाद्रमुक भी 47 सीटों के साथ निर्णायक भूमिका में है। इसके अलावा छोटे दल, निर्दलीय विधायक और गठबंधन के अन्य घटक भी इस खेल में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यही कारण है कि तमिलनाडु में अब सत्ता का रास्ता सीधे चुनाव परिणामों से नहीं, बल्कि राजनीतिक समझौतों से होकर गुजर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विजय की सबसे बड़ी परीक्षा: लोकप्रियता से लेकर नेतृत्व तक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विजय के लिए यह चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि नेतृत्व की परीक्षा भी बन गया है। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या वह इस जनसमर्थन को राजनीतिक स्थिरता में बदल पाएंगे। गठबंधन की राजनीति में सबसे बड़ी चुनौती विश्वास की होती है। अलग-अलग विचारधाराओं, क्षेत्रीय हितों और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को एक साथ जोड़ना किसी भी नए नेता के लिए आसान नहीं होता। इसी वजह से अगले कुछ दिन विजय के राजनीतिक करियर के सबसे महत्वपूर्ण दिन माने जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राज्यपाल की भूमिका और सत्ता का अंतिम फैसला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब पूरी नजर इस बात पर टिकी है कि राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर किस पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। उनका फैसला इस पूरे राजनीतिक खेल की दिशा तय करेगा। यदि TVK बहुमत साबित करने में सफल रहती है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा। लेकिन अगर आंकड़े नहीं जुटे, तो राज्य में नया गठबंधन या वैकल्पिक सरकार की संभावना भी खुली रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नतीजे से ज्यादा जटिल बनी सत्ता की कहानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि आधुनिक राजनीति में जीत और सत्ता अब हमेशा साथ नहीं चलते। तमिलनाडु में जो जनादेश मिला है, वह बदलाव का संकेत भी है और अस्थिरता की शुरुआत भी। विजय की पार्टी ने जनता का बड़ा भरोसा जीता है, लेकिन अब असली चुनौती उस भरोसे को स्थायी सरकार में बदलने की है। आने वाले दो हफ्ते यह तय करेंगे कि यह जीत इतिहास बनती है या सत्ता की सबसे बड़ी राजनीतिक पहेली बनकर रह जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Shocking! बहन की लव मैरिज से नाराज़ भाइयों ने रचा खौफनाक प्लान! जीजा को ट्रेन से कटवाया, फिर...&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/vijays-massive-win-but-no-majority-who-will-help-form-government-in-tamil-nadu-big-political-drama-unfolds-in-2-weeks/articleshow-g8086o5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP Cabinet News: मोहन यादव सरकार के बड़े फैसले, सड़क-IT और किसानों को बड़ा लाभ]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-cabinet-news-mohan-yadav-government-deisions-vyapari-kalyan-board-benefits-for-road-infrastructure-it-sector-farmers/articleshow-ahx1q5v</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:49:53 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 5 मई 2026 की बैठक में ₹38,555 करोड़ की स्वीकृतियां दीं। सड़क, IT, आंगनवाड़ी, दलहन मिशन और व्यापारी कल्याण बोर्ड जैसे बड़े फैसलों से विकास, रोजगार और किसानों को लाभ मिलेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvt7ajazvwwfgzfqz67zerm,imgname-mp-cabinet-news-mohan-yadav-government-deisions-1777976191562.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 5 मई को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल ₹38,555 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं। इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कृषि को आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक सुरक्षा को बेहतर करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;व्यापारियों के लिए बड़ा फैसला: राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने प्रदेश के व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड (STWB) बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसका उद्देश्य व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, जिससे समस्याओं का जल्दी समाधान हो सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और इसमें कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। साथ ही, CII, FICCI, DICCI, FIEO और लघु उद्योग भारती जैसे प्रमुख व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया गया है। जिला स्तर पर भी समितियां (DLC) बनाई जाएंगी, जो हर महीने बैठक करेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए ₹32,405 करोड़ मंजूर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क और आवास से जुड़ी योजनाओं के लिए ₹32,405 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सड़क-सेतु संधारण योजना के लिए ₹6,150 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए ₹1,345 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के निर्माण/उन्नयन के लिए ₹24,300 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सड़क सुरक्षा योजनाओं के लिए ₹610 करोड़&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;ये योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा: ₹1,295 करोड़ की स्वीकृति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत IT और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ₹1,295.52 करोड़ स्वीकृत किए गए।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;IT और ई-गवर्नेंस केंद्रों (RCBC, DEGS, NIC) के संचालन के लिए ₹244.20 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए ₹225.32 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;IT निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए ₹300 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) के लिए ₹526 करोड़&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में IT उद्योगों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आंगनवाड़ी और मिशन वात्सल्य के लिए ₹2,412 करोड़&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल संरक्षण योजनाओं के लिए ₹2,412 करोड़ की स्वीकृति दी गई।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;1500 नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए ₹1,800 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मिशन वात्सल्य के संचालन के लिए ₹606.68 करोड़&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए ₹5 करोड़&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इस योजना के तहत जरूरतमंद बच्चों को पोषण, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन: ₹2,442 करोड़ की मंजूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने &quot;दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन&quot; को अगले 5 वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹2,442.04 करोड़ की स्वीकृति दी। इस मिशन के तहत:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;उन्नत बीजों का उत्पादन और वितरण&lt;/li&gt; &lt;li&gt;खेती का क्षेत्र बढ़ाना&lt;/li&gt; &lt;li&gt;किसानों को प्रशिक्षण देना&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फसल कटाई के बाद प्रोसेसिंग और स्टोरेज को बढ़ावा देना&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह योजना 11 अक्टूबर 2025 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उत्पादन में वृद्धि करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन सभी फैसलों से मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि, IT सेक्टर और सामाजिक योजनाओं को मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य राज्य को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-cabinet-news-mohan-yadav-government-deisions-vyapari-kalyan-board-benefits-for-road-infrastructure-it-sector-farmers/articleshow-ahx1q5v"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mamata Banerjee: क्या खत्म हो गया ममता दीदी का पॉलिटिकल करियर? हार के बाद अब सिर्फ 4 ऑप्शन!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-political-career-over-or-not-after-west-bengal-election-loss-know-future-options-and-challenges/articleshow-psrg1me</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:29:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Future Options:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल में TMC और खुद ममता बनर्जी की हार के बाद उनके करियर पर सवाल उठने लगे हैं। माना जा रहा है कि यह उनकी राजनीतिक पारी का अंत हो सकता है, लेकिन जानकारों का कहना है कि राजनीति से उनका सफर खत्म नहीं माना जा सकता। उनके पास एक नहीं कई ऐसे ऑप्शन हैं, जहां से नई शुरुआत कर सकती हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvs62ph8krdhme2zwbrq5qy,imgname-mamata-banerjee-1777975102161.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Next Move:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल की राजनीति में 15 साल तक एकछत्र राज करने वाली 'दीदी' यानी ममता बनर्जी अब मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीचे उतर चुकी हैं। बीजेपी ने 206 सीटों के साथ बंगाल में प्रचंड जीत हासिल की है। ममता बनर्जी अपनी खुद की भवानीपुर सीट भी नहीं बचा पाईं। सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15 हजार वोटों से शिकस्त दी है। ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या ये उनके राजनीतिक करियर का अंत है या कहानी अभी बाकी है? औआइए जानते हैं ममता दीदी के पास क्या-क्या ऑप्शन हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या चुनाव में हार का मतलब करियर खत्म?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भारतीय राजनीति में कई बड़े नेता हार के बाद और मजबूत होकर लौटे हैं। दीदी के साथ भी वही हो सकता है। उनके पास जमीन पर पकड़, अपना वोट बैंक और पहचान अभी भी है, ये तीनों चीजें किसी भी वापसी की सबसे बड़ी ताकत होती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी के पास अब क्या-क्या ऑप्शन हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. विपक्ष की सबसे बड़ी आवाज बनना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भले ही ममता बनर्जी की सरकार चली गई, लेकिन उनकी राजनीति नहीं। दीदी चाहें तो राज्य में मुख्य विपक्षी चेहरा बनकर नई सरकार को घेर सकती हैं, मुद्दे उठाना, लोगों के बीच रहना, और अगली लड़ाई की तैयारी करने का काम कर सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. पार्टी को रीसेट करना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हार के बाद अक्सर पार्टियां खुद को नया रूप देती हैं। संगठन में बदलाव, नए चेहरे, पुराने विवादों से दूरी, ये सब करके वे अपनी पार्टी को फिर से खड़ा कर सकती हैं और एक बार फिर खुद को मजबूत बना सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. दिल्ली की राजनीति में एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य से निकलकर ममता बनर्जी को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा रोल मिल सकता है। अगर विपक्षी दल साथ आते हैं, तो दीदी उनमें एक प्रमुख चेहरा बन सकती हैं और अगर ऐसा होता है तो उनका अलग रूप भी देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. अगली पीढ़ी को आगे करना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पार्टी के भीतर नई लीडरशिप को मौका देना भी एक रास्ता है। इससे संगठन मजबूत होता है और खुद दीदी बैकएंड से रणनीति संभाल सकती हैं। चर्चा यह भी है कि अब वह खुद पीछे हटकर अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को पार्टी की पूरी जिम्मेदारी सौंप दें और खुद एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी के पास विधानसभा पहुंचने का रास्ता क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी अपनी सीट भवानीपुर से हार गई हैं, मतलब अब वो विधायक भी नहीं हैं। चूंकि पश्चिम बंगाल में विधानपरिषद नहीं है, ऐसे में उन्हें किसी खाली सीट से नामांकन दाखिल करना होगा और उपचुनाव जीतकर विधायक बनना होगा। इसके लिए सिर्फ एक ऑप्शन यह है कि उनकी पार्टी का कोई विधायक अपनी सीट से इस्तीफा दे दे और फिर खाली हुई उस सीट पर उपचुनाव (Bye-Election) हो, जहां से ममता बनर्जी चुनाव लड़ें और जीत हासिल करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी के सामने क्या हैं चुनौतियां?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनावी हार के बाद वापसी करना ममता बनर्जी के लिए आसान बिल्कुल भी नहीं है। उनके सामने कई चुनौतियां हैं। 15 साल बाद सत्ता जाने से नेटवर्क और पकड़ पर असर पड़ता है। पार्टी पर लगे आरोपों से इमेज को नुकसान पहुंचा है। नई सरकार के सामने राजनीतिक स्पेस भी कम होगा। यानी वापसी आसान नहीं, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Shocking! बहन की लव मैरिज से नाराज़ भाइयों ने रचा खौफनाक प्लान! जीजा को ट्रेन से कटवाया, फिर...]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bijnor-honor-killing-horror-man-pushed-before-train-over-inter-caste-love-marriage-accused-arrested/articleshow-8zcnah2</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/bijnor-honor-killing-horror-man-pushed-before-train-over-inter-caste-love-marriage-accused-arrested/articleshow-8zcnah2</guid>
            <pubDate>Tue, 05 May 2026 15:08:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Honor Killing In Bijnor: &lt;/strong&gt;बिजनौर के स्योहारा में ऑनर किलिंग की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां प्रेम विवाह से नाराज भाइयों ने युवक गुलशन को ट्रेन के आगे धक्का देकर मार डाला। पुलिस ने मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvr1az3hpbkxwswztw4g92x,imgname-bijnor-honor-killing-horror-man-pushed-before-train-over-inter-caste-love-marriage-accused-arrested-1777973898211.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने एक बार फिर &ldquo;ऑनर किलिंग&rdquo; जैसे सामाजिक कलंक को चर्चा में ला दिया है। स्योहारा थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने अपनी पसंद से शादी कर ली थी। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में आज भी मौजूद जातीय और पारिवारिक हिंसा की कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रेम विवाह बना मौत की वजह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मृतक युवक की पहचान 24 वर्षीय गुलशन, निवासी ग्राम जुझैला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गुलशन का गांव रहटौली की एक युवती से पिछले तीन-चार वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों अलग-अलग जातियों से थे, गुलशन दलित समुदाय से और युवती सैनी समाज से। परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव के बावजूद दोनों ने लगभग 15 दिन पहले कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि शादी के बाद युवती अपने मायके में ही रह रही थी, जिससे विवाद और गहराता चला गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Pakistan Navy: अरब सागर में फंसा भारतीय जहाज, मदद के लिए दौड़ पड़ी पाकिस्तानी नौसेना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सुनियोजित साजिश और बेरहमी से हत्या&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस जांच में सामने आया है कि 30 अप्रैल की रात गुलशन अपनी पत्नी से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान युवती के भाइयों अतर सिंह और पंकज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते में रोक लिया। गुलशन के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उसे जबरन पास के महमूदपुर रेलवे ट्रैक पर ले जाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे देहरादून-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने शव को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया, ताकि मामला दुर्घटना या आत्महत्या जैसा लगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;परिवार का आरोप और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मृतक के पिता नृपेन्द्र सिंह ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका जताई और स्योहारा पुलिस को तहरीर दी। स्थानीय स्तर पर आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े लोगों ने भी विरोध दर्ज कराया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। शुरुआती जांच में पुलिस को कई ऐसे संकेत मिले, जो यह साफ कर रहे थे कि यह एक सुनियोजित हत्या है, न कि कोई हादसा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुलिस जांच में खुला राज, तीन गिरफ्तार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पूर्वी ए. के. श्रीवास्तव ने तत्काल विशेष टीमें गठित कीं। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों की मदद से पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अतर सिंह, राहुल सैनी और रजनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सामाजिक सवाल और कानून की चुनौती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि समाज में आज भी मौजूद जातीय असहिष्णुता और &ldquo;ऑनर&rdquo; के नाम पर होने वाली हिंसा की गंभीर तस्वीर भी पेश करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में समय पर कानूनी हस्तक्षेप और सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि ऑनर किलिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई और तेज़ ट्रायल ही ऐसे अपराधों को रोकने में प्रभावी हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;17 हजार की बढ़त कैसे बनी 15 हजार की हार? भवानीपुर में बुरी तरह हारी ममता बनर्जी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bijnor-honor-killing-horror-man-pushed-before-train-over-inter-caste-love-marriage-accused-arrested/articleshow-8zcnah2"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BIG BREAKING: पश्चिम बंगाल की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह की तारीख आई सामने]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-2026-bjp-victory-chief-minister-oath-ceremony-may-9-2026-kolkata-government-update/articleshow-d620nf6</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-2026-bjp-victory-chief-minister-oath-ceremony-may-9-2026-kolkata-government-update/articleshow-d620nf6</guid>
            <pubDate>Tue, 05 May 2026 12:28:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BJP की बंगाल जीत के बाद सत्ता का अंतिम अध्याय शुरू-नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख 9 मई तय। कोलकाता में बड़े राजनीतिक बदलाव की तैयारी, लेकिन CM का नाम अब भी रहस्य में। West Bengal Election 2026 में नया सस्पेंस गहराया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvevtptax47f13fhzz9p4d6,imgname-west-bengal-election-2026-bjp-victory-chief-minister-oath-ceremony-may-9-2026-kolkata-government-update-1777964280538.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal oath ceremony 2026: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने घोषणा की है कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जहां लंबे समय से चली आ रही सत्ता संरचना अब नए नेतृत्व के हाथों में जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Kolkata | BJP State President Samik Bhattacharya says, &quot;The oath-taking ceremony of the new Chief Minister of West Bengal will take place on 9th May...&quot; pic.twitter.com/KVyR0AwN5y&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) May 5, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस तारीख की पुष्टि करते हुए कहा कि तैयारियां अंतिम चरण में हैं और शपथ ग्रहण समारोह को बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। हालांकि मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पार्टी ने अभी आधिकारिक नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे राजनीतिक सस्पेंस और बढ़ गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BREAKING NEWS | पश्चिम बंगाल की नई सरकार के शपथग्रहण की तारीख आई सामने-नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दी जानकारी#WestBengalElectionResult2026 | BJP Wins Bengal Election | @SamikBJP @BJP4Bengal pic.twitter.com/tUXhk2no5L&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; News Leader (@NewsLeaderLive) May 5, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सत्ता के गलियारों में तेज हलचल, CM के नाम पर अब भी रहस्य बरकरार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई सरकार के गठन से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री कौन होगा। पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा गया है। सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण से पहले विधायक दल की बैठक में नेता का चयन किया जाएगा। इस बीच राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और दावा कर रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक दिशा में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;चुनावी जनादेश और &ldquo;बदलाव&rdquo; की राजनीति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BJP ने इस चुनाव में भारी बहुमत हासिल कर राज्य में सत्ता परिवर्तन किया है। पार्टी का कहना है कि यह जनादेश &ldquo;परिवर्तन और विकास&rdquo; के एजेंडे पर जनता की मुहर है। चुनाव परिणामों के बाद से ही राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि नई सरकार पारदर्शिता, सुरक्षा और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देगी। वहीं, समर्थक इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति में &ldquo;नए युग की शुरुआत&rdquo; बता रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शपथ ग्रहण समारोह में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;9 मई का शपथ ग्रहण समारोह सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसे राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। राजधानी कोलकाता में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आयोजन स्थल पर बड़े पैमाने पर भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आने वाले दिनों में और बढ़ेगा सस्पेंस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा, नई कैबिनेट की संरचना और पहली नीतिगत दिशा&mdash;ये सभी सवाल अभी अनुत्तरित हैं। 9 मई का दिन न केवल एक शपथ ग्रहण होगा, बल्कि यह तय करेगा कि पश्चिम बंगाल की नई राजनीतिक दिशा किस ओर जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-2026-bjp-victory-chief-minister-oath-ceremony-may-9-2026-kolkata-government-update/articleshow-d620nf6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कौन हैं कलिता माझी? दूसरे के घरों में झाड़ू-पोछा करके 2500 महीना कमाने वाली कामगार महिला बनी MLA]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-bjp-victory-kalita-majhi-osgram-seat-domestic-worker-mla-election-2026-bangla-politics/photoshow-hf1sbvd</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 12:09:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;गुस्करा की घरेलू कामगार कलिता माझी बनीं MLA, ऑसग्राम सीट में BJP की बड़ी जीत ने बंगाल चुनाव 2026 को हिला दिया। भगवा लहर, सत्ता परिवर्तन, TMC हार और रहस्यमयी राजनीतिक उलटफेर ने पूरे पश्चिम बंगाल में सियासी सस्पेंस बढ़ा दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvctmvmgjdtr5vzd3fcppsf,imgname-west-bengal-bjp-victory-kalita-majhi-osgram-seat-domestic-worker-mla-election-2026-bangla-politics-0-1777962144628.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;गुस्करा की घरेलू कामगार कलिता माझी बनीं MLA, ऑसग्राम सीट में BJP की बड़ी जीत ने बंगाल चुनाव 2026 को हिला दिया। भगवा लहर, सत्ता परिवर्तन, TMC हार और रहस्यमयी राजनीतिक उलटफेर ने पूरे पश्चिम बंगाल में सियासी सस्पेंस बढ़ा दिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kalita Majhi Osgram MLA: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने इस बार कई चौंकाने वाले नतीजे दिए, लेकिन ऑसग्राम सीट से BJP उम्मीदवार कलिता माझी की जीत सबसे अधिक चर्चा में रही। गुस्करा की रहने वाली कलिता माझी, जो पहले चार घरों में झाड़ू-पोछा और चूल्हा चोका का काम करती थीं, अब विधायक बन चुकी हैं। सीमित आय और साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विधानसभा तक पहुंचने की उनकी यात्रा को राजनीतिक विश्लेषक एक असाधारण &ldquo;ग्राउंड-टू-गवर्नेंस ट्रांजिशन&rdquo; मान रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;रसोई से राजनीति तक: संघर्ष की अनसुनी कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजनीति में आने से पहले कलिता माझी चार अलग-अलग घरों में झाड़ू पोछा, बर्तन का काम करती थीं। उससे वह हर महीने 2500 से 3000 रुपए कमाती थी। सीमित संसाधनों और कठिन जीवन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सामाजिक जुड़ाव को बनाए रखा। यही जुड़ाव आगे चलकर उनकी राजनीतिक ताकत बन गया। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उस समय वे तृणमूल कांग्रेस के अभेदानंद थांडर से 11,518 वोटों से हार गई थीं। लेकिन पार्टी ने उनके स्थानीय प्रभाव और जनता से सीधे जुड़ाव पर भरोसा बनाए रखा, और 2026 में उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया&mdash;जो अब एक निर्णायक फैसला साबित हुआ है। इस बार चुनावी आंकड़ों के अनुसार, कलिता माझी को 1,07,692 वोट प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BJP की सुनामी में व्यक्तिगत जीत का उभार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बार का चुनाव केवल एक उम्मीदवार की जीत नहीं था, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव का हिस्सा था। भारतीय जनता पार्टी ने 294 सीटों में से 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया, जिससे पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों से चली आ रही तृणमूल कांग्रेस की सत्ता समाप्त हो गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह परिणाम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक चेतना में एक गहरे पुनर्गठन का संकेत है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;&lsquo;कमल खिल गया&rsquo; से लेकर राष्ट्रीय संदेश तक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परिणाम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि &ldquo;पश्चिम बंगाल में कमल खिल गया है।&rdquo; उन्होंने इसे संगठन की ताकत और जनता तक पहुंच का परिणाम बताया। उनके अनुसार यह जीत केवल राज्य स्तर की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित करने वाली है। इस जीत ने बीजेपी के लिए पूर्वी भारत में एक मजबूत आधार तैयार किया है, जिसे लंबे समय तक वाम और तृणमूल का गढ़ माना जाता रहा था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भवानीपुर में बड़ा उलटफेर और सियासी झटका&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगा, जिन्होंने भवानीपुर सीट बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से हार दी। यह हार प्रतीकात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ पर गंभीर सवाल उठे हैं। ममता बनर्जी ने कई क्षेत्रों में अनियमितताओं के आरोप लगाए और कहा कि उनकी पार्टी वापसी करेगी, लेकिन चुनावी आंकड़े बताते हैं कि कई इलाकों में टीएमसी के समर्थन में स्पष्ट गिरावट दर्ज हुई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बदलती राजनीति की नई तस्वीर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बीजेपी का बंगाल में यह उदय अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे हुए राजनीतिक विस्तार का परिणाम है। 2011 में सीमित उपस्थिति से शुरू होकर 2021 में एक मजबूत विपक्ष और अब सत्ता तक पहुंच&mdash;यह यात्रा राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव को दर्शाती है। इस बड़े राजनीतिक परिवर्तन के बीच कलिता माझी की जीत एक प्रतीक बनकर उभरी है-एक ऐसी कहानी जो बताती है कि लोकतंत्र में सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि बाधा नहीं, बल्कि संभावनाओं की शुरुआत हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पीटा गया, हटाया गया, लूटा गया: भवानीपुर में हार पर ममता बनर्जी का सनसनीखेज फोन कॉल वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bhavanipur-election-mamata-banerjee-phone-call-claims-vote-counting-irregularities-evm-tmc-bjp-allegations/articleshow-wg9vqy6</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 11:15:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Mamata Banerjee Phone Call Leak: भवानीपुर चुनाव विवाद में ममता बनर्जी ने EVM गड़बड़ी, वोट काउंटिंग धांधली और गिनती केंद्र हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। TMC का दावा-हार नहीं, &ldquo;साजिश से बदला गया नतीजा&rdquo;, चुनाव आयोग और BJP पर सवाल, कानूनी लड़ाई की तैयारी जारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqvaezrn1b70mmk7p49jdpqv,imgname-bhavanipur-election-mamata-banerjee-phone-call-claims-vote-counting-irregularities-evm-tmc-bjp-allegations-1777959665429.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Bhabanipur Controversy:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तीखे आरोपों और चुनावी विवादों के केंद्र में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा सार्वजनिक की गई एक कथित फोन बातचीत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणामों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बातचीत में ममता बनर्जी ने दावा किया कि वोटों की गिनती के दौरान &ldquo;अनियमितताएं और दबाव की स्थिति&rdquo; बनी रही, जिसे उन्होंने एक &ldquo;चुराया हुआ जनादेश&rdquo; करार दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;गुंडों ने गिनती केंद्रों पर कब्ज़ा किया&rdquo;-आरोपों की श्रृंखला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फोन कॉल के अनुसार, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गिनती केंद्रों पर कुछ &ldquo;असामाजिक तत्वों&rdquo; ने प्रवेश कर वातावरण को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि उनके गिनती एजेंटों को कथित रूप से धमकाकर बाहर निकाला गया, जिससे अंतिम चरण की मतगणना में पारदर्शिता प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों (CRPF) और चुनावी अधिकारियों की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही और वे &ldquo;निर्देशित तरीके&rdquo; से कार्य कर रहे थे। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Mamata Banerjee leaves the counting centre &mdash; alone. No TMC workers by her side.Four more rounds still to go in Bhabanipur.The silence around her speaks louder than the crowds once did. pic.twitter.com/iLmxyrqTlF&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Dr.Barlin (@DrBarlin) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;मैं बाहर खड़ी थी, अंदर जाने से रोका गया&rdquo;-ममता का दावा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Kalyan Banerjee द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक फोन कॉल ने पूरे मामले को और गरमा दिया। इस बातचीत में Mamata Banerjee कथित तौर पर भवानीपुर के परिणाम को &ldquo;अनैतिक और गंदे खेल&rdquo; का हिस्सा बता रही हैं। फोन कॉल में उन्होंने दावा किया कि गिनती के दौरान उनकी पार्टी आगे चल रही थी, लेकिन अंतिम चरणों में स्थिति अचानक बदल गई।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;EVM और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी के आरोपों का एक बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कई मशीनें सही तरीके से सील नहीं थीं और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम तक ले जाने की प्रक्रिया संदिग्ध थी। उनका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में चुनावी नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;West Bengal: TMC leader Kalyan Banerjee shares an audio clip on Facebook with Chief Minister Mamata Banerjee, alleging irregularities during the counting rounds in the Bhawanipur constituency(Source - Kalyan Banerjee Facebook) pic.twitter.com/EEu2RpO5yI&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IANS (@ians_india) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;बिजली गुल और अफरा-तफरी का माहौल&rdquo;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना के अंतिम दौर में केंद्रों के भीतर अफरा-तफरी का माहौल था और कुछ जगहों पर बिजली तक चली गई। उनके अनुसार, इसी अव्यवस्था का फायदा उठाकर वोटों की गिनती को प्रभावित किया गया। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर &ldquo;सीधा हमला&rdquo; बताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;कानूनी लड़ाई तय है&rdquo;-अगला राजनीतिक मोर्चा तैयार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े &ldquo;दस्तावेजी साक्ष्य&rdquo; एकत्र किए जा रहे हैं और इस परिणाम को अदालत में चुनौती दी जाएगी। उन्होंने इसे केवल एक चुनावी हार नहीं, बल्कि &ldquo;प्रक्रियात्मक अनियमितताओं से प्रभावित परिणाम&rdquo; बताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बढ़ता सियासी तनाव, नए विवाद की आहट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां TMC इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बता रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी बयानबाज़ी का हिस्सा भी मान रहे हैं। फिलहाल, इन आरोपों पर चुनाव आयोग या संबंधित प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला तेजी से राजनीतिक और कानूनी बहस का रूप लेता दिख रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bhavanipur-election-mamata-banerjee-phone-call-claims-vote-counting-irregularities-evm-tmc-bjp-allegations/articleshow-wg9vqy6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Electricity News: प्रीपेड मीटर बने पोस्टपेड, बिजली बिल अब किस्तों में भरने की सुविधा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-electricity-news-smart-meter-bill-new-rules-prepaid-to-postpaid-installment-payment-facility-relief-to-consumers/articleshow-t2rlkif</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:25:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब प्रीपेड मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। बिल 10 तारीख तक मिलेगा, भुगतान के लिए 15 दिन मिलेंगे और बकाया 10 किस्तों में जमा किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqv7rzfbcgwk8zn4zs9sjadt,imgname-up-electricity-news-smart-meter-bill-new-rules-1777956847083.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर अब सभी प्रीपेड मीटर पोस्टपेड स्मार्ट मीटर की तरह काम करेंगे। इस नई व्यवस्था में पहले की तरह ही बिजली बिल में भुगतान की अंतिम तिथि दी जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं को बकाया बिल 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिलिंग सिस्टम में बदलाव: SMS और WhatsApp पर मिलेगा बिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री A. K. Sharma ने बताया कि बिलिंग साइकिल पहले की तरह ही रहेगी, जैसा पोस्टपेड मीटर में होता था। हर महीने की 1 तारीख से लेकर महीने के अंत तक की खपत का बिल उपभोक्ताओं को SMS और WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर बदल गया है, वे इसे अपडेट करा सकते हैं, ताकि उन्हें समय पर बिल मिल सके। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिलिंग प्रक्रिया ज्यादा सरल और पारदर्शी बनेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर महीने 10 तारीख तक मिलेगा बिजली बिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार के अनुसार, सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल मिल जाएगा। बिल मिलने के बाद भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल नहीं मिलता है, तो वह WhatsApp चैटबॉट पर अपनी कंज्यूमर संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा 1912 पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर भी बिल प्राप्त किया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बकाया बिल के लिए 10 किस्तों की सुविधा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 30 अप्रैल तक का बकाया बिल (मई के बिल से पहले) 10 आसान किस्तों में जमा किया जा सकेगा। अगर किसी को बिल से संबंधित समस्या है, तो मई और जून में खंड एवं उपखंड स्तर पर बड़े कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। उपभोक्ता 1912 पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिक्योरिटी राशि जमा करने में भी राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिन उपभोक्ताओं के यहां पहले प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी, अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर उनसे सिक्योरिटी एक साथ नहीं ली जाएगी। उन्हें यह राशि 4 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिजली आपूर्ति पर सख्त निर्देश: निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी क्षेत्रों में तय शेड्यूल के अनुसार बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही ट्रांसफॉर्मर खराब होने की स्थिति में उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिल न मिलने पर इन नंबरों पर करें संपर्क&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पूर्वांचल: +91 8010968292&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मध्यांचल: +91 7669003409&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पश्चिमांचल: +91 7859804803&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दक्षिणांचल: +91 8010957826&lt;/li&gt; &lt;li&gt;केस्को (कानपुर): +91 8287835233&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह बैठक शक्ति भवन में आयोजित की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल, प्रबंध निदेशक नितीश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[तमिलनाडु में भी कर्नाटक-महाराष्ट्र जैसा खेल? क्या सबसे ज्यादा सीट लाकर भी CM नहीं बन पाएंगे थलपति विजय]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tamil-nadu-government-formation-thalapathy-vijay-tvk-majority-climax-karnataka-maharashtra-style-politics/articleshow-ua7gyo0</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:21:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Thalapathy Vijay TVK Government Formation: &lt;/strong&gt;तमिलनाडु चुनाव में 107 सीटें जीतकर भी क्या थलपति विजय की कुर्सी खतरे में है? क्या कर्नाटक और महाराष्ट्र की तरह यहां भी बड़ा 'पॉलिटिकल खेल' हो सकता है? जानिए TVK को सरकार बनाने में कौन-सी सबसे बड़ी पेंच हैं और सुपरस्टार विजय की सबसे बड़ी टेंशन क्या है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqv7cw1dwc2zpkd5pedy9x7h,imgname-thalapathy-vijay-tvk-government-formation-1777956450349.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tamil Nadu Government Formation: &lt;/strong&gt;तमिलनाडु में सुपरस्टार थलपति विजय की नई नवेली पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में बॉक्स ऑफिस फाड़ प्रदर्शन किया है। 107 सीटों के साथ विजय सबसे आगे तो हैं, लेकिन उनकी टेंशन बढ़ा रहा है सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर यानी बहुमत, जिससे अभी 11 कदम दूर है। अब सवाल ये है कि क्या विजय 'सिंघम' की तरह अकेले सरकार बनाएंगे या फिर तमिलनाडु में भी कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसा 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' वाला ड्रामा शुरू होगा? आइए समझते हैं कि विजय की कुर्सी कहां फंसी है...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तमिलनाडु में सरकार बनाने का नंबर गेम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 का जादुई आंकड़ा चाहिए। फिलहाल की तस्वीर कुछ ऐसी है कि TVK (विजय) को 107 सीटें मिली है और वह बहुमत से 11 सीट दूर है। DMK गठबंधन (स्टालिन) 74 सीटें जीती हैं, जबकि AIADMK और BJP गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं। 60 साल से तमिलनाडु में DMK और AIADMK की बारी-बारी से हुकूमत रही है। पहली बार किसी तीसरी ताकत ने इनका किला ढहाया है, लेकिन पेंच ये है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय अभी 'किंग' नहीं बन पाए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;थलपति विजय मुख्यमंत्री कैसे बन सकते हैं?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सीन 1: AIADMK विजय का साथ दे?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तमिलनाडु में थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार बनाने का सबसे सीधा रास्ता ये है कि विजय और AIADMK हाथ मिला लें। विजय की पार्टी की 107 और AIADMK की 45 सीटें मिलाकर 152 सीटें हो जाएंगी और आराम से सरकार बन जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि इसके चांस कितने हैं? राजनीतिक जानकार इसे काफी ज्यादा संभावना वाला सिनैरियो बताते हैं, क्योंकि विजय ने पूरे चुनाव में DMK और स्टालिन को तो जमकर कोसा, लेकिन AIADMK के लिए उनके सुर थोड़े सॉफ्ट रहे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो AIADMK बिना बीजेपी के भी विजय को समर्थन दे सकती है, बस बदले में उन्हें कुछ मलाईदार मंत्रालय चाहिए होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सीन 2: राहुल गांधी न सकते हैं 'संकटमोचन'?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;क्या आपको पता है कि विजय और राहुल गांधी के बीच अच्छी दोस्ती है? जब विजय की फिल्म पर संकट आया था, तब राहुल उनके समर्थन में खड़े हुए थे। यहीं से नया दांव शुरू हो सकता है। DMK के गठबंधन में कांग्रेस (5 सीट), CPI (2 सीट) और कुछ छोटे दल शामिल हैं। अगर ये दल स्टालिन का साथ छोड़कर विजय के पाले में आ जाएं, तो विजय का आंकड़ा 118 पार कर जाएगा। चूंकि कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु की सत्ता से बाहर है। स्टालिन उन्हें सरकार में हिस्सेदारी देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अगर विजय कांग्रेस को 'मंत्री पद' का ऑफर देते हैं, तो हाथ (Congress) का साथ विजय को मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;थलपति विजय की सरकार कहां अटक सकती है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब एक सवाल ये भी है कि अगर विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए, तो क्या होगा? क्या धुर विरोधी DMK और AIADMK एक साथ आ सकते हैं? सुनने में यह नामुमकिन लगता है, लेकिन राजनीति में 'दुश्मन का दुश्मन दोस्त' होता है। 2018 में कर्नाटक में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और JDS मिल गए थे। 2019 में महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया था। अगर तमिलनाडु में भी पुराने दिग्गज अपनी साख बचाने के लिए मिल गए, तो विजय के लिए सीएम की कुर्सी सपना बनकर रह जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;थलपति विजय की असली टेंशन क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'विचारधारा' है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ और 'द्रविड़ गौरव' की राजनीति की है। इसी के दम पर पहली बार में ही सबसे ज्यादा सीटें लेकर आए हैं। अगर वो सत्ता के लिए किसी से समझौता करते हैं, तो क्या उनके फैंस इसे स्वीकार कर पाएंगे?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/tamil-nadu-government-formation-thalapathy-vijay-tvk-majority-climax-karnataka-maharashtra-style-politics/articleshow-ua7gyo0"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: योगी सरकार में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान, 10 लाख रोजगार के नए अवसर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-yogi-adityanath-government-sugar-industry-reforms-ganna-kisan-payment-mills-expansion-employment-growth/articleshow-7cg6xwf</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 10:12:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;योगी सरकार के बाद यूपी के चीनी उद्योग में बड़ा सुधार हुआ है। 3.16 लाख करोड़ रुपये गन्ना भुगतान, बढ़ी पेराई क्षमता, बंद मिलों का संचालन और 10 लाख रोजगार के अवसर से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;वर्ष 2017 में योगी सरकार के आने के बाद से उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार ने गन्ना भुगतान, चीनी मिलों की पेराई क्षमता बढ़ाने, बंद मिलों को दोबारा शुरू करने और उनके विस्तार पर लगातार काम किया है। इन प्रयासों का सीधा फायदा गन्ना किसानों को मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति में पहले की तुलना में सुधार आया है। साथ ही, लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बने हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गन्ना भुगतान में रिकॉर्ड सुधार: 3.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वर्ष 2017 से पहले गन्ना किसानों का हजारों करोड़ रुपये का भुगतान बकाया था। किसान मिलों और प्रशासन के बीच फंसकर खेती छोड़ने की स्थिति में पहुंच गए थे। लेकिन योगी सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले गन्ना भुगतान व्यवस्था को सुधारा गया। गन्ना विभाग के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में किसानों को 3.16 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेराई क्षमता में वृद्धि: 8.47 लाख टन प्रतिदिन की क्षमता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि किसानों का गन्ना खेतों में खराब न हो। इसके लिए चीनी मिलों की पेराई क्षमता को बढ़ाकर 8.47 लाख टन प्रतिदिन कर दिया गया है। इस बढ़ी हुई क्षमता के चलते पिछले 9 वर्षों में 9,156 लाख टन गन्ने की रिकॉर्ड पेराई की गई है, जिससे उत्पादन और सप्लाई दोनों में सुधार हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंद चीनी मिलों का पुनः संचालन और आधुनिकीकरण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कई वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को भी फिर से चालू कराया गया है। रमाला (बागपत), मुंडेरवा (बस्ती) और पिपराइच (गोरखपुर) जैसी मिलों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोबारा शुरू किया गया। इसके अलावा 44 से अधिक चीनी मिलों का आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार किया गया, जिससे गन्ना पेराई और सप्लाई की प्रक्रिया और आसान हो गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;10 लाख लोगों को रोजगार: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस समय प्रदेश के 45 जिलों में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। इन मिलों के जरिए करीब 10 लाख लोगों को रोजगार मिला है। इसमें अलग-अलग योग्यता वाले युवा शामिल हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इसके साथ ही, गन्ना मूल्य का समय पर भुगतान होने से ग्रामीण बाजारों में हर पेराई सत्र के दौरान 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सर्कुलेशन हो रहा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-yogi-adityanath-government-sugar-industry-reforms-ganna-kisan-payment-mills-expansion-employment-growth/articleshow-7cg6xwf"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, कुशीनगर में नर्सिंग कॉलेज को मंजूरी, मेडिकल शिक्षा और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-yogi-adityanath-govt-cabinet-decision-kushinagar-nursing-college-approved-medical-education-employment-growth/articleshow-pkpkhk5</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 09:58:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को योगी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। मेडिकल कॉलेज के पास 0.405 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqv66xhbz8fmttk7dqh4scr7,imgname-yogi-adityanath-government-cabinet-decision-kushinagar-nursing-college-approved-1777955206699.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ/कुशीनगर। &lt;/strong&gt;तथागत बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में राजकीय नर्सिंग कॉलेज की स्थापना का रास्ता अब साफ हो गया है। सोमवार को हुई योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत मेडिकल कॉलेज के पास स्थित जमीन को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैबिनेट बैठक में भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट के फैसले के अनुसार, कुशीनगर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के बगल में मौजूद सीलिंग भूमि में से 0.405 हेक्टेयर जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को दी जाएगी। यह भूमि पहले से निर्धारित थी और इसके हस्तांतरण को अब औपचारिक मंजूरी मिल गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;केंद्र सहायतित योजना के तहत मिल रहा लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत सरकार की केंद्र सहायतित योजना के तहत उत्तर प्रदेश को कुल 27 नर्सिंग कॉलेज आवंटित किए गए हैं, जिनमें कुशीनगर भी शामिल है। प्रत्येक नर्सिंग कॉलेज की लागत 10 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें 60% राशि केंद्र सरकार द्वारा और 40% राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पडरौना के रामपुर क्षेत्र में बनेगा नर्सिंग कॉलेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह नर्सिंग कॉलेज पडरौना तहसील के मौजा रामपुर में स्थापित किया जाएगा। यहां मेडिकल कॉलेज के पास कुल 1.054 हेक्टेयर सीलिंग भूमि उपलब्ध है, जिसमें से 0.405 हेक्टेयर जमीन नर्सिंग कॉलेज के लिए निर्धारित की गई है। यह स्थान पडरौना-कुबेरस्थान मुख्य मार्ग से लगभग 500 मीटर दक्षिण में स्थित है, जिससे पहुंच भी आसान होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्थानीय रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कुशीनगर मेडिकल कॉलेज परिसर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[‘दीदी’ का अंत कैसे हुआ? वो 10 बड़ी गलतियां, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में ढहा दिया ममता बनर्जी का किला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-defeat-2026-west-bengal-election-results-bjp-victory-reasons-analysis/photoshow-cxbm861</link>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 09:14:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;15 साल का किला कैसे ढहा? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ममता बनर्जी की हार के पीछे RG Kar केस, भर्ती घोटाला, संदेशखाली विवाद, एंटी-इंकम्बेंसी और बदला हुआ वोटिंग पैटर्न बड़ा फैक्टर बना-बंगाल की राजनीति में ये चौंकाने वाला टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqv37c17eqgc97ytf4a1dhp3,imgname-mamata-banerjee-defeat-2026-west-bengal-election-results-bjp-victory-reasons-analysis-1777952075815.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;15 साल का किला कैसे ढहा? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ममता बनर्जी की हार के पीछे RG Kar केस, भर्ती घोटाला, संदेशखाली विवाद, एंटी-इंकम्बेंसी और बदला हुआ वोटिंग पैटर्न बड़ा फैक्टर बना-बंगाल की राजनीति में ये चौंकाने वाला टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Defeat 2026:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 का चुनाव सिर्फ एक चुनाव नहीं था-यह एक युग के अंत और नए राजनीतिक समीकरणों की शुरुआत का संकेत बन गया। कभी अजेय मानी जाने वाली ममता बनर्जी की सरकार को जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने परास्त किया, वह कई गहरे कारणों का परिणाम था। यह हार अचानक नहीं थी-इसके पीछे कई परतें, कई घटनाएं और बदलता जनमानस जिम्मेदार था। आइए जानतें हैं वो 10 बड़े कारण जो ममता बनर्जी को बंगाल की सत्ता से बेदखली का सबसे बड़ा कारण बने...&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. 15 साल का शासन: ताकत या थकान?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजनीति में एंटी-इंकम्बेंसी कोई नया शब्द नहीं है, लेकिन बंगाल में यह धीरे-धीरे एक ठोस वास्तविकता बन गई। 15 साल तक एक ही चेहरा, एक ही शैली और एक ही राजनीतिक संरचना-मतदाताओं के लिए बदलाव की इच्छा स्वाभाविक थी। जिस तरह ममता ने 2011 में वामपंथ को हटाया था, उसी चक्र ने 2026 में उन्हें भी बाहर कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. RG Kar कांड: भरोसे की सबसे बड़ी दरार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज में हुई दर्दनाक घटना ने सरकार की सबसे मजबूत छवि-महिला सुरक्षा-को तोड़ दिया। यह मामला सिर्फ अपराध नहीं रहा, बल्कि भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दा बन गया। विरोध प्रदर्शन, प्रशासनिक देरी और आरोपों ने जनता के विश्वास को कमजोर किया। महिला वोटर्स, जो TMC की ताकत थीं, इस बार निर्णायक रूप से दूर हो गईं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. भर्ती घोटाला: युवाओं का टूटता भरोसा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;टीईटी और अन्य भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं को सीधे प्रभावित किया। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं था, बल्कि &ldquo;भविष्य छिनने&rdquo; जैसा अनुभव था। अदालतों और जांच एजेंसियों की दखल के बावजूद ठोस कार्रवाई की कमी ने शिक्षित वर्ग को TMC के खिलाफ खड़ा कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. संदेशखाली: कानून व्यवस्था पर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संदेशखाली की घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभरीं। ED अधिकारियों पर हमला, आरोपी का महीनों फरार रहना और कोर्ट का हस्तक्षेप-इन सबने यह संदेश दिया कि सत्ता संरक्षण की राजनीति हावी है। यह मुद्दा चुनाव तक लोगों के मन में ताजा रहा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. &ldquo;भतीजा मॉडल&rdquo; ने बदली धारणा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) का बढ़ता प्रभाव TMC के अंदरूनी ढांचे को बदलता गया। विपक्ष ने इसे &ldquo;परिवारवाद&rdquo; का मुद्दा बनाया, लेकिन यह आरोप केवल प्रचार नहीं था-पार्टी के अंदर भी असंतोष था। सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) जैसे नेताओं का पार्टी छोड़ना इसी का संकेत था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;6. अल्पसंख्यक वोट बैंक में दरार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता की लगातार जीत का आधार मुस्लिम वोटों का एकजुट होना था। लेकिन 2026 में यह समीकरण टूट गया। वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) और बदलते सामाजिक समीकरणों ने इस समर्थन को कमजोर कर दिया। कई क्षेत्रों में वोट बंट गए, जिससे सीधा फायदा BJP को मिला।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;7. चुनावी मशीनरी पर कड़ा नियंत्रण&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस बार भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की। केंद्रीय बलों की तैनाती, नए मतदान केंद्र और सख्त निगरानी ने &ldquo;बूथ मैनेजमेंट&rdquo; के पुराने आरोपों को निष्प्रभावी कर दिया। परिणामस्वरूप मतदान अधिक स्वतंत्र और निष्पक्ष हुआ-और नतीजे भी अलग आए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;8. फाल्टा री-पोल: सिस्टम पर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान का आदेश चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों की पुष्टि जैसा था। यह घटना विपक्ष के आरोपों को मजबूत करती है कि चुनावी प्रणाली में हस्तक्षेप हुआ था। इसका असर राज्यभर में धारणा पर पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;9. मतुआ समुदाय का निर्णायक झुकाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मतुआ समुदाय, जो लाखों वोटों का प्रतिनिधित्व करता है, इस बार कल्याणकारी योजनाओं से ज्यादा नागरिकता के मुद्दे की ओर झुका। CAA के वादों ने उनकी प्राथमिकताओं को बदल दिया और यह बदलाव कई सीटों पर निर्णायक साबित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;10. कोलकाता का मिडिल क्लास: साइलेंट गेमचेंजर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कोलकाता का शिक्षित मध्यम वर्ग लंबे समय तक निष्क्रिय रहा था। लेकिन 2026 में बेहतर चुनावी व्यवस्था और सुरक्षा के कारण इस वर्ग ने बड़ी संख्या में मतदान किया। RG कर और भर्ती घोटाले जैसे मुद्दों ने उनके निर्णय को प्रभावित किया और यह बदलाव TMC के खिलाफ गया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-defeat-2026-west-bengal-election-results-bjp-victory-reasons-analysis/photoshow-cxbm861"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Election 2026 Shockwave: बंगाल में सत्ता बदली, दक्षिण में नई सियासी लहर और बदल गया भारत का राजनीतिक नक्शा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-election-2026-bjp-bengal-win-assam-hattrick-vijay-tvk-tamilnadu-kerala-congress-left-out-puducherry-nda/articleshow-mqs8qgv</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/india-election-2026-bjp-bengal-win-assam-hattrick-vijay-tvk-tamilnadu-kerala-congress-left-out-puducherry-nda/articleshow-mqs8qgv</guid>
            <pubDate>Tue, 05 May 2026 08:26:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;BJP First Government in Bengal: बंगाल चुनाव 2026 में बड़ा उलटफेर-पहली बार BJP की ऐतिहासिक जीत, &ldquo;ममता युग&rdquo; का अंत। तमिलनाडु में विजय की TVK ने 59 साल का इतिहास बदला, DMK-AIADMK खत्म। असम में BJP हैट्रिक, केरल में कांग्रेस वापसी। क्या ये भारत की राजनीति में नई दिशा का संकेत है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqtywb3f01aefct08n3v4kby,imgname-india-election-2026-bjp-bengal-win-assam-hattrick-vijay-tvk-tamilnadu-kerala-congress-left-out-puducherry-nda-1777947520111.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Election Results 2026: &lt;/strong&gt;भारत के पांच राज्यों-पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी-के विधानसभा चुनाव 2026 ने देश की राजनीति में ऐसा भूकंप ला दिया है, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक सुनाई देगी। यह सिर्फ सरकार बदलने की कहानी नहीं है, यह सत्ता, रणनीति और जनमत के एक नए समीकरण का जन्म है। जहां एक तरफ पूर्वी भारत में ऐतिहासिक बदलाव हुआ, वहीं दक्षिण भारत में दशकों से जमी राजनीतिक परंपराएं टूट गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Nitin Nabin has emerged as a &ldquo;lucky mascot&rdquo; for PM Modi. Out of five states, the BJP won in Bengal, Assam, and Puducherry, while increasing its seat share in Kerala and Tamil Nadu. pic.twitter.com/lbiIDYskNC&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Mr Sinha (@Mrsinha) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बंगाल में &lsquo;असंभव&rsquo; हुआ संभव: 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में जो हुआ, उसने हर विश्लेषक को चौंका दिया। 15 साल से मजबूत मानी जा रही सत्ता अचानक ढह गई। भाजपा ने 206 सीटें जीतकर न सिर्फ बहुमत हासिल किया, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसने राज्य की राजनीतिक दिशा ही बदल दी। जबकि तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) 81 सीटों पर सिमट गई। यह बदलाव केवल संख्या का नहीं, बल्कि मानसिकता का भी है। राज्य में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की हार सिर्फ एक सीट की हार नहीं थी-यह एक युग के अंत का संकेत था। उनका 15 साल पुराना किला ढह गया। उनकी भवानीपुर सीट पर हार ने यह साफ कर दिया कि जनता बदलाव चाहती थी-और उसने खुलकर वोट दिया। 12 मंत्रियों का हारना बताता है कि यह बदलाव सतही नहीं, बल्कि गहराई तक गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;डेटा में छिपी कहानी: 3 से 206 सीटों तक का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भाजपा का बंगाल में उदय किसी एक चुनाव की देन नहीं है। 10 साल पहले जहां पार्टी के पास सिर्फ 3 सीटें थीं, वहीं आज वह 206 पर पहुंच गई है। 45.84% वोट शेयर के साथ यह जीत रणनीतिक विस्तार और संगठनात्मक मजबूती का परिणाम है। इसके विपरीत, TMC का वोट शेयर 48.5% से गिरकर 40.8% पर आ गया। यह गिरावट सीधे तौर पर सत्ता-विरोधी लहर और संगठनात्मक थकान को दर्शाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&lsquo;चेहरा नहीं, सिस्टम जीता&rsquo;: अब CM कौन?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भाजपा ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा-जो एक जोखिम भरा लेकिन सफल प्रयोग साबित हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यही है: बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? संभावित नामों में सुबेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari), सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) और दिलीप घोष (Dilip Ghosh) शामिल हैं। पार्टी एक महिला चेहरे को भी आगे ला सकती है-जो राज्य की राजनीति में नया अध्याय जोड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रणनीति की सर्जिकल स्ट्राइक बनाम भावनाएं : कैसे जीती भाजपा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इइस जीत के पीछे सिर्फ लहर नहीं, बल्कि बेहद सटीक माइक्रो-मैनेजमेंट था। गृह मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने बंगाल में 15 दिन बिताकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया। 44,000 मतदान केंद्रों को श्रेणियों में बांटा गया और &lsquo;पन्ना प्रमुख&rsquo; मॉडल लागू किया गया-जहां हर कार्यकर्ता को 30-60 वोटर्स की जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटने और वोट प्रतिशत में बदलाव ने भी समीकरण बदल दिए। चुनाव सिर्फ प्रचार से नहीं, बल्कि डेटा और ग्राउंड गेम से जीता गया। यह रणनीति सीधे मतदाता तक पहुंचने में निर्णायक साबित हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;तमिलनाडु में &lsquo;आउटसाइडर&rsquo; की एंट्री-&lsquo;थलपति&rsquo; का सियासी विस्फोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तमिलनाडु में 50+ साल की स्थापित राजनीति को एक नई पार्टी ने झकझोर दिया। अभिनेता विजय की TVK ने 108 सीटें जीतकर DMK और AIADMK दोनों को पीछे छोड़ दिया। यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक सिस्टम ब्रेक था-जहां पहली बार पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से हटकर जनता ने नया विकल्प चुना। CM एम.के. स्टालिन की हार ने इस बदलाव को और भी नाटकीय बना दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&lsquo;सुपरस्टार से सीएम&rsquo;-क्या विजय संभालेंगे कमान?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;TVK के उभार ने तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत कर दी है। TVK को 34.92% वोट मिले-जो पहली बार चुनाव लड़ने वाली पार्टी के लिए असाधारण है। उत्तर और तटीय तमिलनाडु में पार्टी का दबदबा साफ दिखा। पार्टी ने यह दिखा दिया कि करिश्मा और एंटी-इंकंबेंसी का मेल कितना असरदार हो सकता है। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि विजय मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं बल्कि यह है कि क्या यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों में भी दोहराया जाएगा?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;असम में &lsquo;हैट्रिक&rsquo; और परफेक्ट स्कोर-BJP की तीसरी बार वही सरकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जहां बाकी राज्यों में सत्ता बदली, वहीं असम में स्थिरता दिखी। असम में हिमंता बिस्वा शर्मा (Himanta Biswa Sarma) के नेतृत्व में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकार का एक भी मंत्री चुनाव नहीं हारा। 92.1% स्ट्राइक रेट अपने आप में एक रिकॉर्ड है, जो बताता है कि वहां एंटी-इंकंबेंसी लगभग न के बराबर थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;केरलम में लेफ्ट का अंत: 50 साल का इतिहास टूटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केरलम में जो हुआ, वह ऐतिहासिक है। यहां भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के नेतृत्व वाला UDF सत्ता में लौटा और पिनरई विजयन (Pinarayi Vijayan) की हार ने बड़ा संकेत दिया। यह 5 दशकों में पहली बार है जब देश में कहीं भी लेफ्ट की सरकार नहीं बची। यह केवल एक राज्य का परिणाम नहीं, बल्कि वैचारिक बदलाव का संकेत है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुडुचेरी: स्थिरता का अपवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जहां बाकी राज्यों में उथल-पुथल रही, वहीं पुडुचेरी में एन रंगास्वामी (N. Rangasamy) ने पांचवीं बार सत्ता में वापसी की। पुडुचेरी में एन. रंगासामी की वापसी ने दिखाया कि छोटे राज्यों में भी राजनीतिक समीकरण कितने अहम होते हैं। AINRC ने 12 सीटें जीतकर सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट (75%) हासिल किया। यह परिणाम बताता है कि स्थानीय नेतृत्व और स्थिरता अभी भी महत्वपूर्ण कारक हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महिलाओं का साइलेंट वोट-गेम चेंजर फैक्टर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन चुनावों में एक चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया-हर राज्य में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया। यह &lsquo;साइलेंट वोट&rsquo; कई सीटों पर निर्णायक साबित हुआ और भविष्य की राजनीति में महिला वोट बैंक की ताकत को और स्पष्ट कर गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जमीनी कहानियां: बर्तन मांजने वाली से विधायक तक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल की औशग्राम सीट से कलिता माझी की जीत इस चुनाव की सबसे प्रेरणादायक कहानी है। घरेलू काम करने वाली एक महिला का विधायक बनना इस बात का संकेत है कि राजनीति में सामाजिक बदलाव की गहराई बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;राष्ट्रीय राजनीति पर असर: 11 राज्यों में भाजपा बहुमत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन नतीजों के बाद भाजपा अब 11 राज्यों में पूर्ण बहुमत में है और 11 अन्य राज्यों में गठबंधन का हिस्सा है। यह राष्ट्रीय स्तर पर उसकी पकड़ को और मजबूत करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भारत की राजनीति का &lsquo;रीसेट मोमेंट&rsquo;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2026 के चुनाव परिणाम सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं हैं-यह भारत की राजनीति का रीसेट बटन है। पूर्व में भाजपा का विस्तार, दक्षिण में नए नेतृत्व का उभार और केरल में वैचारिक बदलाव-ये सब मिलकर एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत कर रहे हैं। अब नजर इस पर होगी कि यह बदलाव स्थायी साबित होता है या आने वाले समय में राजनीति फिर नया मोड़ लेती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Weather Today: एमपी-छत्तीसगढ़ में तापमान 42°C पार, यूपी, झारखंड-बिहार में बारिश-आंधी का अलर्ट]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 05:15:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Weather Today: &lt;/strong&gt;आज, 5 मई का मौसम कैसा रहेगा, हीटवेव बढ़ेगी या राहत मिलेगी? जानिए यूपी, एमपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ का ताजा IMD Weather Update और अगले दिनों का पूरा पूर्वानुमान।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Weather Today: &lt;/strong&gt;आज, 5 मई का मौसम कैसा रहेगा, हीटवेव बढ़ेगी या राहत मिलेगी? जानिए यूपी, एमपी, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ का ताजा IMD Weather Update और अगले दिनों का पूरा पूर्वानुमान।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज 5 मई 2026 को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में मौसम मिला-जुला रहेगा, लेकिन गर्मी का असर साफ दिखेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में तापमान 41-42&deg;C तक पहुंच रहा है, जो हीटवेव जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। वहीं यूपी के लखनऊ, कानपुर और आगरा में बादल और आंधी-बारिश के कारण तापमान 31-35&deg;C के बीच रहेगा। झारखंड (रांची) और बिहार (पटना) में भी आंशिक राहत है, लेकिन उमस बढ़ेगी। कुल मिलाकर गर्मी बरकरार है, बस कुछ जगहों पर बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश के आगरा, बांदा, लखनऊ, प्रयागराज और कानपुर में आज मौसम काफी एक्टिव रहेगा। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा) और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। तापमान 31&deg;C से 38&deg;C के बीच रहेगा, जिससे हीटवेव का असर थोड़ा कम रहेगा लेकिन उमस परेशान करेगी। खासकर बांदा और प्रयागराज में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा ज्यादा है। लोगों को खुले में जाने से बचना चाहिए और मौसम अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भोपाल और इंदौर में तापमान 41-42&deg;C तक पहुंच रहा है, जो साफ तौर पर हीटवेव जैसी स्थिति को दिखाता है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी तापमान 41&deg;C के आसपास रहेगा, लेकिन यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। यानी दिन में गर्मी और शाम में मौसम का अचानक बदलना, दोनों का खतरा मौजूद है। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए पानी ज्यादा पिएं और दोपहर में बाहर निकलने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रांची और पटना में तापमान 32-34&deg;C के बीच रहेगा, लेकिन यहां मौसम ज्यादा अस्थिर रहेगा। रांची में गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) का खतरा है, जो अचानक नुकसान पहुंचा सकता है। बिहार के पटना में भी बादल, बारिश और आंधी का दौर देखने को मिलेगा। यहां हीटवेव तो नहीं, लेकिन उमस और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। किसानों और खुले में काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आने वाले 5-10 मई के बीच मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तापमान लगातार 40-42&deg;C के आसपास बना रहेगा, जिससे हीटवेव का खतरा बना रहेगा। यूपी में धीरे-धीरे बारिश कम होगी और तापमान फिर 36-38&deg;C तक पहुंच सकता है। झारखंड और बिहार में भी बादलों के बीच गर्मी और उमस बढ़ेगी। यानी राहत अस्थायी है और मई के दूसरे हफ्ते में गर्मी फिर तेज हो सकती है। अभी से सावधानी जरूरी है, खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IMD Delhi Weather: दिल्ली वाले हो जाएं तैयार! बारिश के बाद शुरू होगी झुलसाने वाली गर्मी, हीटवेव की चेतावनी]]></title>
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            <pubDate>Tue, 05 May 2026 05:00:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Delhi Weather Today: &lt;/strong&gt;दिल्ली में 5 मई 2026 का मौसम कैसा रहेगा। बारिश से राहत मिलेगी या हीटवेव से बढ़ेगी परेशानी? जानिए IMD की रिपोर्ट के अनुसार आज दिल्ली का तापमान, बारिश और आने वाले दिनों में गर्मी का पूरा हाल।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Delhi Weather Today: &lt;/strong&gt;दिल्ली में 5 मई 2026 का मौसम कैसा रहेगा। बारिश से राहत मिलेगी या हीटवेव से बढ़ेगी परेशानी? जानिए IMD की रिपोर्ट के अनुसार आज दिल्ली का तापमान, बारिश और आने वाले दिनों में गर्मी का पूरा हाल।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;5 मई 2026 को दिल्ली का मौसम राहत और चिंता दोनों लेकर आएगा। IMD की रिपोर्ट के अनुसार आज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे दिनभर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह और दोपहर के समय उमस ज्यादा रहेगी, लेकिन शाम तक बारिश से हल्की राहत मिल सकती है। हालांकि यह राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ने के संकेत हैं। मौसम का यह बदलाव हीटवेव की शुरुआत का संकेत भी हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 33&deg;C और न्यूनतम 22&deg;C रहने का अनुमान है। हालांकि तापमान सामान्य से थोड़ा कम दिख सकता है, लेकिन 90% तक की उच्च आर्द्रता के कारण उमस काफी ज्यादा महसूस होगी। इसका मतलब यह है कि शरीर को असल तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस होगी। हीट इंडेक्स के हिसाब से आज का दिन लोगों को चिपचिपी और भारी गर्मी का अनुभव कराएगा, जो आने वाले हीटवेव की भूमिका तैयार कर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज का थंडरस्टॉर्म एक अस्थायी राहत है, लेकिन 6 मई से तापमान तेजी से बढ़ना शुरू होगा। 6 मई को 36&deg;C, 7 मई को 37&deg;C और 8-10 मई के बीच तापमान 38-39&deg;C तक पहुंच सकता है। यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि दिल्ली हीटवेव के करीब पहुंच रही है। आसमान साफ होते ही सूरज की तेज किरणें जमीन को तेजी से गर्म करेंगी, जिससे दिन के समय झुलसाने वाली गर्मी का असर बढ़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज भले ही बारिश हो, लेकिन लोगों को आने वाली गर्मी के लिए अभी से तैयार रहना जरूरी है। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, धूप में बाहर निकलने से बचें और हल्के कपड़े पहनें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय बाहर जाने से बचाना चाहिए। घर में ठंडक बनाए रखने के उपाय करें, जैसे पर्दे बंद रखना और कूलिंग डिवाइस का उपयोग करना। हीटवेव के लक्षण जैसे चक्कर, कमजोरी या सिरदर्द को नजरअंदाज न करें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में 5 मई की बारिश के बाद गर्मी का असली दौर शुरू होगा। 6 से 10 मई के बीच तापमान लगातार बढ़ेगा और 39&deg;C तक पहुंच सकता है। नमी में गिरावट के साथ ही सूखी और तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं, जो हीटवेव की स्थिति बना सकती हैं। यानी अभी जो राहत मिल रही है, वह अस्थायी है और जल्द ही दिल्लीवासियों को तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभी से सावधानी बरतना जरूरी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/imd-delhi-weather-today-thunderstorm-barish-ke-baad-badhegi-garmi-heatwave-forecast-delhi-ka-mausam/photoshow-ggkrawo"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Cabinet Big Decisions: ट्रांसफर से लेकर टेक्सटाइल पार्क तक, योगी कैबिनेट के फैसलों ने मचाई हलचल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/yogi-cabinet-big-decisions-2026-one-district-one-dish-new-transfer-policy-and-major-boost-for-farmers-and-industry/articleshow-qiggddx</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 22:23:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;योगी कैबिनेट के बड़े फैसले&mdash;&lsquo;एक जनपद-एक व्यंजन&rsquo; योजना, नई ट्रांसफर पॉलिसी, किसानों को दोगुना मुआवजा और टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी। जानिए यूपी सरकार के इन फैसलों से किसे कितना फायदा मिलेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kbf7exyc9rgv4k4vbytmrnp3,imgname-yogi-cabinet-decisions-ddrcs-for-disabled-persons-ayodhya-mandir-museum-1764668962764.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;लखनऊ में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे फैसले लिए, जिनका असर सीधे आम लोगों, किसानों, युवाओं और उद्योगों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जहां स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक पहचान देने की पहल की गई, वहीं किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने, ट्रांसफर पॉलिसी तय करने और रोजगार बढ़ाने जैसे कई अहम निर्णय लिए गए। ये फैसले राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;एक जनपद-एक व्यंजन&rsquo; योजना: स्थानीय स्वाद को मिलेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने &lsquo;वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट&rsquo; की तर्ज पर &lsquo;एक जनपद-एक व्यंजन&rsquo; योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद हर जिले के पारंपरिक व्यंजन को पहचान देना और उसे बाजार में ब्रांड के रूप में स्थापित करना है। इस योजना के तहत:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जाएगी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गुणवत्ता सुधार और शेल्फ लाइफ बढ़ाने पर फोकस होगा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कारीगरों और उद्यमियों को 25% तक सब्सिडी (अधिकतम ₹20 लाख)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुल ₹150 करोड़ का बजट निर्धारित&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और जौनपुर की इमरती जैसे व्यंजन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह बना सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;हिंसा मुक्त बंगाल का संकल्प, अब यूपी पर नजर&hellip; बंगाल जीत के बाद पीएम मोदी के 5 बड़ी बातें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई ट्रांसफर पॉलिसी 2026-27: 31 मई तक होंगे तबादले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दी है। मुख्य बिंदु:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सभी ट्रांसफर 31 मई 2026 तक पूरे होंगे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;3 साल (जनपद) और 7 साल (मंडल) पूरा करने पर ट्रांसफर अनिवार्य&lt;/li&gt; &lt;li&gt;समूह &lsquo;क&rsquo; व &lsquo;ख&rsquo; के 20% और समूह &lsquo;ग&rsquo; व &lsquo;घ&rsquo; के 10% तक ट्रांसफर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मेरिट आधारित ऑनलाइन सिस्टम से तबादले&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को प्राथमिकता&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इस नीति का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;PWD में सख्ती: अब घटिया काम पर लगेगा ब्रेक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लोक निर्माण विभाग में गुणवत्ता सुधार के लिए सरकार ने नई टेंडर प्रक्रिया लागू की है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;₹5 करोड़ से ऊपर की परियोजनाओं में सख्त मानक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कम दर पर टेंडर लेने वालों से अतिरिक्त सिक्योरिटी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;15% से ज्यादा कम बोली पर विशेष जांच&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इससे घटिया निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के लिए बड़ा फैसला: हाईटेंशन लाइनों पर दोगुना मुआवजा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;टावर के नीचे की जमीन पर 200% मुआवजा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लाइन कॉरिडोर में आने वाली जमीन पर 30% मुआवजा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुल मिलाकर किसानों को 21% से 33% ज्यादा लाभ&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और बिजली परियोजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टेक्सटाइल पार्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए बंद पड़ी मिलों की जमीन का उपयोग होगा। वहीं, लखनऊ में ₹546 करोड़ की सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे औद्योगिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;वन ट्रिलियन डॉलर&rsquo; लक्ष्य के लिए हर जिले में CM फेलो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने हर जिले में दो विशेषज्ञ फेलो तैनात करने का फैसला किया है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एक इकोनॉमिक डेवलपमेंट फेलो&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक डेटा एनालिस्ट फेलो&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इनका काम होगा विकास योजनाओं की निगरानी और डेटा आधारित रणनीति बनाना। चयनित फेलो को ₹50,000 मासिक वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शिक्षा, न्याय और ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े कदम&lt;/li&gt; &lt;li&gt;150 सरकारी स्कूलों में ड्रीम स्किल लैब्स&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डिजिटल सिस्टम से ई-साक्ष्य और ई-समन व्यवस्था&lt;/li&gt; &lt;li&gt;छोटे अपराधों में जेल के बजाय सामुदायिक सेवा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नोएडा-यमुना क्षेत्र में ₹653 करोड़ का हाईटेक बिजली उपकेंद्र&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;विकास, पारदर्शिता और रोजगार पर फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी कैबिनेट के ये फैसले सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रशासन और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम हैं। स्थानीय व्यंजन को वैश्विक पहचान देने से लेकर किसानों को राहत और युवाओं को रोजगार के अवसर देने तक, सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर जमीन पर कितना दिखता है, यह सबसे अहम होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;17 हजार की बढ़त कैसे बनी 15 हजार की हार? भवानीपुर में बुरी तरह हारी ममता बनर्जी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/yogi-cabinet-big-decisions-2026-one-district-one-dish-new-transfer-policy-and-major-boost-for-farmers-and-industry/articleshow-qiggddx"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[17 हजार की बढ़त कैसे बनी 15 हजार की हार? भवानीपुर में बुरी तरह हारी ममता बनर्जी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-defeated-in-bhabanipur-suvendu-adhikari-wins-by-15114-votes-in-dramatic-turnaround/articleshow-31nt9d6</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:50:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Bhabanipur Result: &lt;/strong&gt;भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को बड़ा झटका, सुवेंदु अधिकारी ने 15,114 वोटों से हराया। जानिए कैसे शुरुआती बढ़त हार में बदली, वोटर लिस्ट विवाद और इस नतीजे के राजनीतिक मायने।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqcrwvcer37kecen8wwh9q54,imgname-untitled-design---2026-04-29t191553.993-1777471483278.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कभी कोलकाता के दक्षिण में स्थित भवानीपुर सीट को अजेय किला माना जाता था, लेकिन इस बार चुनावी नतीजों ने राजनीति के सबसे मजबूत दावों को भी पलट दिया। ममता बनर्जी ने मार्च में भरोसा जताया था कि वे भवानीपुर से एक वोट से भी जीत जाएंगी, लेकिन नतीजे इसके बिल्कुल उलट आए। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों के अंतर से हराकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शुरुआती बढ़त से हार तक: कैसे बदला चुनावी समीकरण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मतगणना के शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी मजबूत स्थिति में दिख रही थीं। सातवें राउंड तक उन्होंने 17,000 से ज्यादा वोटों की बढ़त बना ली थी। लेकिन इसके बाद तस्वीर तेजी से बदली। 14वें राउंड तक उनकी बढ़त घटकर 4,000 से भी कम रह गई और अंततः पूरी तरह खत्म हो गई। बाद के राउंड्स में वोटों का रुझान पूरी तरह भाजपा के पक्ष में चला गया, जिसने खेल पलट दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;बंगाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे &lsquo;शाह मॉडल&rsquo;: रणनीति, संगठन और सटीक अमल की कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भवानीपुर: टीएमसी का गढ़, लेकिन इस बार हाई-वोल्टेज मुकाबला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भवानीपुर लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। 2011 से लेकर अब तक ममता बनर्जी इस सीट का प्रतिनिधित्व करती रही हैं (नंदीग्राम चुनाव को छोड़कर)। लेकिन इस बार यह सीट सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई थी। दोनों बड़े नेता खुद काउंटिंग सेंटर पर मौजूद रहे, जिससे मुकाबले की गंभीरता साफ झलकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नंदीग्राम के बाद दूसरी बड़ी हार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह दूसरी बार है जब सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव में हराया है। इससे पहले 2021 में नंदीग्राम में भी उन्होंने बेहद करीबी मुकाबले में उन्हें मात दी थी। उस हार के बाद ममता ने उपचुनाव के जरिए भवानीपुर से वापसी की थी, लेकिन इस बार उसी सीट पर हार ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राउंड-दर-राउंड उतार-चढ़ाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पहले राउंड में ममता बनर्जी को 1,996 वोटों की मामूली बढ़त मिली थी। दूसरे राउंड में अधीकारी थोड़े समय के लिए आगे निकले, लेकिन तीसरे राउंड में ममता ने फिर बढ़त बना ली। हालांकि, बाद के राउंड्स में वोटिंग ट्रेंड पूरी तरह बदल गया और भाजपा उम्मीदवार ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वोटर लिस्ट विवाद: ममता ने उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने भवानीपुर में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि करीब 60,000 नाम हटाए गए हैं। करीब 2.6 लाख मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में पहले भी मतदाता सूची में संशोधन हो चुके हैं, लेकिन इस बार यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राजनीतिक मायने: क्या बदलेंगे बंगाल के समीकरण?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हार के कई बड़े राजनीतिक संकेत हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;टीएमसी के मजबूत गढ़ में सेंध लगना&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भाजपा का शहरी क्षेत्रों में बढ़ता प्रभाव&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ममता बनर्जी की व्यक्तिगत राजनीतिक पकड़ पर सवाल&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परिणाम आने वाले चुनावों में बंगाल की राजनीति को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी का &lsquo;एक वोट से जीत&rsquo; वाला दावा इस चुनाव में टिक नहीं पाया। भवानीपुर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर हार यह दिखाती है कि मतदाता का मूड अंतिम क्षणों में भी पूरी तरह बदल सकता है। यह नतीजा सिर्फ एक सीट की हार नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बदलते ट्रेंड का संकेत भी है, जिस पर आने वाले समय में सभी दलों की नजर रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;West Bengal: बंगाल में कौन बनेगा BJP का पहला मुख्यमंत्री, दो महिलाओं समेत ये 6 प्रबल दावेदार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-defeated-in-bhabanipur-suvendu-adhikari-wins-by-15114-votes-in-dramatic-turnaround/articleshow-31nt9d6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बंगाल के बाद BJP का पूरा फोकस अब 'सिखों के गढ़' पर! क्या AAP में फूट का उठाएगी फायदा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-amit-shah-bjp-next-mission-punjab-after-west-bengal-victory-aap-internal-rift-analysis/articleshow-gml0z32</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:27:09 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BJP Next Mission: &lt;/strong&gt;बंगाल में रिकॉर्डतोड़ जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी अपने अगले मिशन में जुटने वाली है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि अगला निशाना उत्तर भारत में 'सिखों का गढ़' है, जहां फिलहाल विपक्षी खेमे में भारी कलह मची हुई है। जानिए बीजेपी का यह मिशन क्या है और पार्टी की क्या तैयारी है...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsva8er4vzk06dre0h8bfhs,imgname-bjp-next-mission-1777910227416.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BJP Next Target after Bengal Win: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब बीजेपी ने अपनी नजरें पंजाब पर टिका दी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी का अगला बड़ा मिशन अब 'सिखों के गढ़' यानी पंजाब को फतह करना है। पंजाब की मौजूदा सियासी उथल-पुथल को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बीजेपी वहां एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पंजाब ही बीजेपी का अगला टारगेट क्यों है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. विपक्ष में बड़ी फूट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बीजेपी का ध्यान अब पूरी तरह से पंजाब की ओर शिफ्ट हो गया है। इसके पीछे कुछ बड़े कारण माने जा रहे हैं। जिनमें सबसे पहला विपक्ष में बड़ी फूट है। हाल के दिनों में पंजाब की सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) में जो आंतरिक कलह और टूट-फूट की खबरें आई हैं, बीजेपी उसे एक सुनहरे मौके की तरह देख रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. भाषाई राज्यों पर पकड़&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बीजेपी अब उन 10 मुख्य भाषाई राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जहां क्षेत्रीय दल काफी ताकतवर हैं। पंजाब इसका बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा आंध्र, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक जैसे राज्य शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. पुराना रिकॉर्ड तोड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;देश के 22 राज्यों में एनडीए (NDA) की सरकार बनने और 17 राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्री होने के बाद पार्टी अब उन इलाकों में भी अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है, जहां वह पहले कमजोर थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या पंजाब में बीजेपी दोहरा पाएगी बंगाल वाला करिश्मा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल की जीत ने साबित कर दिया है कि बीजेपी अब किसी भी राज्य में 'ब्रांड मोदी' के दम पर चुनाव का रुख पलट सकती है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स, दक्षिण भारत में अभी भी बीजेपी को संघर्ष करना पड़ रहा है, इसलिए पार्टी अब उत्तर और पूर्व भारत के उन इलाकों को पूरी तरह अपने कब्जे में लेना चाहती है जो अब तक अछूते थे। पंजाब में अकाली दल से अलग होने के बाद बीजेपी वहां अकेले अपने पैर जमाने की कोशिश में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पंजाब में बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पंजाब में बीजेपी के लिए राह इतनी भी आसान नहीं है। वहां पार्टी के सामने दो बड़ी मुश्किलें हैं। पहला कैडर के बीच तालमेल। बंगाल की तरह पंजाब में भी दूसरी पार्टियों से आने वाले नेताओं और पुराने बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बैठाना एक बड़ी चुनौती होगी। दूसरा क्षेत्रीय पहचान, क्योंकि पंजाब की अपनी एक अलग सांस्कृतिक और भाषाई पहचान है, जिसे साधे बिना वहां सत्ता तक पहुंचना मुश्किल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पंजाब में क्या हो सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक पंडितों का कहना है कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी पंजाब में अपनी जमीन इतनी मजबूत कर लेना चाहती है कि वह वहां एक बड़ी ताकत बनकर उभरे। अब अगर बीजेपी इसमें कामयाब होती है, तो वहां की सत्ता में इसका असर देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Chhattisgarh News: सरोधी में महिला समूह की पहल, सीएम विष्णु देव साय ने सराहा ग्रामीण आत्मनिर्भरता का प्रयास]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/vishnu-deo-sai-sushasan-tihar-sarodhi-self-help-group-women-rural-economy-chhattisgarh-news/articleshow-cm5cru8</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:14:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम विष्णु देव साय ने सरोधी गांव में चौपाल के दौरान महिला स्व सहायता समूह की पहल की सराहना की। महिलाओं ने स्थानीय उत्पाद भेंट कर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया और बताया कि योजनाओं से उनकी आय बढ़ रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqstj28brd2ctrxr98gvxqye,imgname-vishnu-deo-sai-sushasan-tihar-sarodhi-self-help-group-1777909434635.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; Vishnu Deo Sai के सुशासन तिहार के तहत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी और आत्मीयता से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान गांव का माहौल उत्साह और अपनत्व से भरा हुआ नजर आया, जहां लोग मुख्यमंत्री से सीधे संवाद के लिए उत्साहित दिखे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Self Help Group Women: महिला समूह ने भेंट किए स्थानीय उत्पाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अवसर पर &ldquo;जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह&rdquo; की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को आम, रखिया बड़ी, कुटकी, चार और पपीता से सजी टोकरी भेंट की। ये सभी स्थानीय उत्पाद गांव की समृद्ध परंपरा, मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Rural Economy Empowerment: सीएम ने महिला समूह के प्रयासों की सराहना की&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने महिला समूह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्व सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को आगे भी इसी तरह काम करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Government Schemes Support: योजनाओं से बढ़ रही महिलाओं की आय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महिला समूह की सदस्यों ने बताया कि वे स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं से उन्हें लगातार सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका काम और मजबूत हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Women Empowerment Chhattisgarh: आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पहल दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। सरकार की योजनाओं और समर्थन से वे न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/vishnu-deo-sai-sushasan-tihar-sarodhi-self-help-group-women-rural-economy-chhattisgarh-news/articleshow-cm5cru8"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sushasan Tihar: CM विष्णु देव साय का अनोखा अंदाज, चौपाल में नवजात का नामकरण कर जीता दिल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/cm-vishnu-deo-sai-sushasan-tihar-kabirdham-baby-naming-kamarakhol-chhattisgarh-news/articleshow-ntc1rg2</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:08:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम विष्णुदेव साय ने कबीरधाम के कमराखोल गांव में चौपाल के दौरान एक नवजात का नाम &lsquo;रविशंकर&rsquo; रखा। इस भावुक क्षण ने ग्रामीणों के साथ उनके आत्मीय जुड़ाव और सुशासन की भावना को दर्शाया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqst6tmaa6fs9dq68myva0ky,imgname-cm-vishnu-deo-sai-sushasan-tihar-kabirdham-baby-naming-1777909066378.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;Vishnu Deo Sai का सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के बैगा बहुल ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) दौरा एक भावनात्मक और आत्मीय पल का गवाह बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो पूरा माहौल अपनत्व और विश्वास से भर गया। इस संवाद में शासन और जनता के बीच की दूरी खत्म होती नजर आई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Vishnu Deo Sai Chaupal: ग्रामीणों से सीधे संवाद, भरोसे का माहौल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने चौपाल के दौरान ग्रामीणों से खुलकर बातचीत की और उनकी समस्याओं व अनुभवों को ध्यान से सुना। यह दृश्य इस बात का प्रतीक था कि सरकार लोगों के बीच जाकर उनकी बात समझने और समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Emotional Moment Naming Ceremony: नवजात के नामकरण का अनोखा प्रसंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इसी दौरान गांव की निवासी श्रीमती ऋषि बघेल अपने एक महीने के नवजात शिशु को लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं। उन्होंने विनम्रता से अपने बेटे का नाम रखने का अनुरोध किया। यह छोटा सा अनुरोध ग्रामीण जीवन की सादगी और मुख्यमंत्री के प्रति उनके विश्वास को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Baby Naming by CM Vishnu Deo Sai: &ldquo;रविशंकर&rdquo; नाम से गूंजा चौपाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिन के बारे में पूछा। जब उन्हें बताया गया कि बच्चे का जन्म रविवार को हुआ है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए उसका नाम &ldquo;रविशंकर&rdquo; रखा। जैसे ही नाम की घोषणा हुई, पूरा चौपाल तालियों से गूंज उठा और वहां खुशी का माहौल बन गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Public Trust &amp;amp; Governance: जनप्रतिनिधि और जनता के बीच विश्वास का प्रतीक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह घटना केवल एक नामकरण नहीं थी, बल्कि जनप्रतिनिधि और आम जनता के बीच गहरे विश्वास और जुड़ाव का प्रतीक बनी। इससे यह संदेश भी गया कि सरकार केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन के हर पहलू में उनके साथ खड़ी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Good Governance Meaning: सुशासन का असली अर्थ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह व्यवहार दर्शाता है कि सुशासन का असली मतलब लोगों से जुड़ना, उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है। इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की भावना को और अधिक मजबूत किया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Chhattisgarh News: CM विष्णुदेव साय का सादगी भरा अंदाज, श्रमिकों संग किया भोजन और पानी समस्या पर त्वरित कार्रवाई]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/vishnu-deo-sai-lunch-with-workers-sushasan-tihar-kabirdham-water-scheme-chhattisgarh-government-yojana-news/articleshow-bob7nv5</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 21:00:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम विष्णुदेव साय ने कबीरधाम में श्रमिकों के साथ बैठकर भोजन किया और योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी। ग्रामीणों की पेयजल समस्या पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे सुशासन की झलक देखने को मिली।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsspmtb0mx7exvchrfvvj0t,imgname-vishnu-deo-sai-lunch-with-workers-1777908536139.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; CM Vishnu Deo Sai के सुशासन तिहार के तहत कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री निर्माणाधीन पंचायत भवन के औचक निरीक्षण के दौरान सीधे श्रमिकों के बीच पहुंच गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनका यह दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों से उनके जुड़ाव और संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण बन गया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से श्रमिकों में उत्साह और खुशी का माहौल बन गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Vishnu Deo Sai Lunch with Workers: श्रमिकों के साथ किया सादा भोजन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;निरीक्षण के दौरान वहां काम कर रही महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री को स्नेहपूर्वक दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और उनसे पूछा कि वे क्या भोजन लाई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महिलाओं ने बताया कि वे घर से बोरे बासी, पान पुरवा रोटी, चना भाजी, चरोटा भाजी, मुनगा बड़ी और आम की चटनी लाई हैं। मुख्यमंत्री ने उनके साथ जमीन पर बैठकर उनके टिफिन से ही भोजन किया और पारंपरिक भोजन का स्वाद लिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Traditional Food Chhattisgarh: बोरे बासी और आमा चटनी की सराहना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोजन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पारंपरिक खाना उनकी संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ा है। उन्होंने बोरे बासी और आमा (आम) की चटनी की खास तौर पर सराहना की। यह दृश्य मुख्यमंत्री और आम जनता के बीच सादगी और अपनत्व को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Government Schemes Ground Reality: योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक महिलाओं से बातचीत कर सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं के लाभ के बारे में पूछा। महिलाओं ने अपने अनुभव खुले तौर पर साझा किए, जिससे मुख्यमंत्री को योजनाओं की वास्तविक स्थिति का सीधा फीडबैक मिला।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Water Problem Kabirdham: ग्रामीणों ने बताई पेयजल की समस्या&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब मुख्यमंत्री ने गांव की समस्याओं के बारे में पूछा, तो महिलाओं ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पेयजल की समस्या बनी रहती है। बोरवेल और हैंडपंप लंबे समय तक काम नहीं करते, जिससे गर्मियों में पानी की समस्या और बढ़ जाती है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Drinking Water Scheme: 26 गांवों के लिए विशेष योजना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कलेक्टर से जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि 26 गांवों के लिए विशेष पेयजल योजना तैयार की गई है, जिसमें दूर के जल स्रोतों से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। यह योजना तकनीकी रूप से तैयार है और जल्द लागू की जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Vishnu Deo Sai Instructions: जल्द शुरू हो पेयजल योजना का कार्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिया कि इस योजना को जल्द मंजूरी देकर जमीन पर काम शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सुशासन का मतलब है कि योजनाएं समय पर और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचें। सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[“जनता को मंजूर नहीं था बंगाल का पीछे रहना”: BJP की जीत पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-hails-bjp-victory-in-bengal-assam-credits-modi-leadership-and-peoples-mandate/articleshow-o0a64b4</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:54:50 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल और असम में BJP की प्रचंड जीत पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इसे जनता का जनादेश और महाकाल का आशीर्वाद बताया। जानिए विपक्ष पर क्या बोले और NDA के विस्तार पर क्या कहा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqss9v7b1fk74jveseecb3e1,imgname-cm-mohan-yadav-hails-bjp-victory-in-bengal-assam-credits-modi-leadership-and-peoples-mandate-1777908116715.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी नतीजों ने देश की राजनीति में एक नया संदेश दिया है। भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद जहां पार्टी खेमे में उत्साह का माहौल है, वहीं इस जनादेश को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे और जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कई अहम बातें कहीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पार्टी मुख्यालय में जश्न, &ldquo;महाकाल का आशीर्वाद&rdquo; बताया जनादेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोहन यादव ने पार्टी नेताओं के साथ अनौपचारिक माहौल में चर्चा की और इस जीत को &ldquo;महाकाल का आशीर्वाद&rdquo; और &ldquo;देशभक्तों की विजय&rdquo; बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं है, बल्कि जनता का स्पष्ट संदेश है कि वह देश के विकास और स्थिर नेतृत्व के साथ खड़ी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: CM Mohan Yadav, Minister Shivraj Singh Chouhan and others seen enjoying jhalmuri, as they celebrate the BJP&rsquo;s Bengal assembly election victory. pic.twitter.com/t8X1cl7ubX&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें:&lt;strong&gt; बंगाल में पलटी सत्ता! 15 साल बाद TMC OUT, BJP IN, लेकिन क्यों उठे EVM पर सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंगाल-असम में सरकार बनने का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि असम में पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, जबकि पश्चिम बंगाल में यह जीत लंबे संघर्ष का परिणाम है। मोहन यादव के मुताबिक, पिछले चुनाव में पार्टी ने &ldquo;आधा रास्ता&rdquo; तय किया था, जिसे इस बार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा कर लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: On BJP's winning streak, CM Mohan Yadav says, &quot;... Under Modi&rsquo;s leadership, a massive victory has come. The people have endorsed Modi&rsquo;s policies, rejected appeasement, and strengthened the NDA across states. This is a moment of pride. Leaders&hellip; pic.twitter.com/IZgL4zYVhv&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विपक्ष पर तीखा हमला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए कहा कि हाल के समय में नारी शक्ति और सामाजिक मुद्दों पर जिस तरह के बयान दिए गए, जनता ने उसका जवाब चुनाव में दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने डीएमके पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सनातन संस्कृति के खिलाफ दिए गए बयानों का असर भी चुनावी परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | भोपाल | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कहा, &quot;जैसी जिसकी करनी वैसी उसकी भरनी। जनता ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया... जनता ने उन(TMC) पर विश्वास व्यक्त करके सरकार बनाई थी लेकिन सरकार बनाने के बाद जिस तरह का व्यवहार&hellip; pic.twitter.com/43ONnGGYv3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;घुसपैठ और अलगाववाद के खिलाफ जनादेश&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोहन यादव ने कहा कि यह जीत उन ताकतों के खिलाफ भी है, जिन्हें वे &ldquo;अलगाववादी और घुसपैठिए&rdquo; बताते हैं। उनके अनुसार, जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भरोसा जताया है और यही भरोसा इस प्रचंड जनादेश के रूप में सामने आया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NDA का बढ़ता दायरा और नया रिकॉर्ड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जीत के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश में भाजपा और NDA शासित राज्यों की संख्या अब और बढ़ेगी, जो पार्टी के विस्तार और जनस्वीकृति का संकेत है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जीत का उल्लास, बंगाल की मिठास...#BJPSweepsBengal #electionresult2026 pic.twitter.com/3lNQpMpjgU&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;अब बंगाल में विकास की बयार आएगी&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल को लेकर मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य लंबे समय तक विभिन्न सरकारों के कारण विकास की दौड़ में पीछे रह गया। उन्होंने कहा कि अब जब &ldquo;कमल खिला है&rdquo;, तो राज्य में विकास की नई धारा शुरू होगी और जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मोहन यादव ने इस जीत को पूरे देश के विकास की दिशा में एक और कदम बताते हुए जनता का आभार व्यक्त किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;बंगाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे &lsquo;शाह मॉडल&rsquo;: रणनीति, संगठन और सटीक अमल की कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[West Bengal Election Result: भाजपा की जीत पर CM योगी आदित्यनाथ को बधाई, गोरखपुर में हुआ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/west-bengal-election-result-bjp-victory-cm-yogi-adityanath-welcome-in-gorakhpur-bjp-leaders-congratulate-chief-minister/articleshow-07ounv6</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:50:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की जीत पर नेताओं ने सीएम योगी को बधाई दी। गोरखपुर पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पूजा कर गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर आशीर्वाद लिया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोरखपुर। &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद भाजपा नेताओं ने CM Yogi Adityanath को बधाई दी। चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी की रैलियों ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मजबूत माहौल तैयार किया। सोमवार को जैसे ही नतीजे आए, गोरखपुर के भाजपा कार्यकर्ता खुशी से झूम उठे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गोरखपुर पहुंचने पर सीएम योगी का हुआ भव्य स्वागत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लखनऊ से महराजगंज होते हुए शाम को गोरखपुर पहुंचे। एमपी पॉलिटेक्निक ग्राउंड के हेलीपैड पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह और महानगर संयोजक राजेश गुप्ता सहित कई नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सभी नेताओं ने पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली शानदार जीत पर खुशी जताई और सीएम योगी को बधाई दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भाजपा नेताओं ने जीत पर जताई खुशी और उत्साह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हेलीपैड पर मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि इस जीत में सीएम योगी की रैलियों और जनसभाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Yogi Adityanath ने गोरखनाथ मंदिर में किया दर्शन-पूजन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बधाई स्वीकार करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे Gorakhnath Temple पहुंचे। यहां उन्होंने शिवावतार महायोगी गोरखनाथ का विधि-विधान से दर्शन और पूजन किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Mahant Avaidyanath Samadhi: गुरुदेव की समाधि पर लिया आशीर्वाद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंदिर में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री अपने पूज्य गुरुदेव Mahant Avaidyanath की समाधि स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां प्रतिमा का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और श्रद्धा अर्पित की।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[UP Shikshamitra Samman Samaroh: योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 80% मानदेय वृद्धि के बाद अब होगा सम्मान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-shikshamitra-samman-samaroh-yogi-adityanath-shikshamitra-salary-hike-honor-event-gorakhpur-up-education-news/articleshow-v59421c</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:40:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किया और अब गोरखपुर में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित करेंगे। इस कदम से शिक्षामित्रों का मनोबल और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsrkvh3190zb7mp58gqrh3t,imgname-up-shikshamitra-samman-samaroh-1777907396131.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गोरखपुर।&lt;/strong&gt; CM Yogi Adityanath ने शिक्षामित्रों का मानदेय 80 प्रतिशत बढ़ाने के बाद अब उनके सम्मान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बेसिक शिक्षा को मजबूत बनाने में उनके योगदान को देखते हुए प्रदेश स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन मंगलवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Shikshamitra Salary Hike UP: 10 हजार से बढ़कर 18 हजार हुआ मानदेय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को पहले 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए इसे बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल महीने से लागू हो चुका है। इस बढ़ोतरी को सम्मान के रूप में देने की शुरुआत गोरखपुर में आयोजित इस समारोह से होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Education Department Event: गोरखपुर में भव्य कार्यक्रम की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शिक्षामित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। मंगलवार सुबह 11 बजे से होने वाले इस कार्यक्रम में Sandeep Singh भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री 10 शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक प्रदान करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Arunodaya Calendar Launch: &lsquo;अरुणोदय&rsquo; कैलेंडर का होगा विमोचन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धियों से जुड़े स्टॉल का निरीक्षण करेंगे। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व वाली प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित &lsquo;अरुणोदय&rsquo; कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। राज्य स्तर के इस आयोजन के साथ-साथ सभी जिलों में भी समान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Shikshamitra Enthusiasm: शिक्षामित्रों में बढ़ा उत्साह और मनोबल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी के अनुसार, इस सम्मान समारोह को लेकर शिक्षामित्रों में काफी उत्साह है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्र शामिल होंगे और मुख्यमंत्री का संबोधन सुनेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि मानदेय वृद्धि से शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और उनकी पहचान भी मजबूत होगी। सरकार की इस पहल से उनका मनोबल बढ़ेगा और इसका सकारात्मक असर शिक्षा की गुणवत्ता पर भी देखने को मिलेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-shikshamitra-samman-samaroh-yogi-adityanath-shikshamitra-salary-hike-honor-event-gorakhpur-up-education-news/articleshow-v59421c"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Religious Tourism: काशी विश्वनाथ में 65 लाख श्रद्धालु, योगी सरकार में बढ़ी आस्था और सुविधाएं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/kashi-vishwanath-temple-record-devotees-yogi-adityanath-government-up-religious-tourism-varanasi/articleshow-g6n1x3d</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:32:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;काशी विश्वनाथ मंदिर में मार्च में 65 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर रिकॉर्ड बनाया। योगी सरकार के कॉरिडोर और बेहतर सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन बढ़ा है, जिससे वाराणसी की अर्थव्यवस्था और रोजगार में भी सुधार हुआ है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsr3qgczxsh3a0kzbth5ynp,imgname-up-religious-tourism-1777906867724.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath के नेतृत्व में धार्मिक पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण Kashi Vishwanath Temple में उमड़ी श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या है। मार्च महीने में करीब 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर नया रिकॉर्ड बनाया। यह बढ़ती आस्था के साथ-साथ बेहतर व्यवस्थाओं का भी प्रमाण है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Kashi Vishwanath Corridor: कॉरिडोर से बदली मंदिर की तस्वीर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Kashi Vishwanath Dham Corridor के निर्माण के बाद मंदिर परिसर पूरी तरह बदल गया है। पहले जहां श्रद्धालुओं को संकरी गलियों और भारी भीड़ का सामना करना पड़ता था, वहीं अब विशाल, भव्य और सुव्यवस्थित परिसर ने दर्शन को आसान बना दिया है। इससे श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा मिल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Digital Facilities &amp;amp; Queue Management: श्रद्धालुओं को मिल रहा बेहतर अनुभव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कॉरिडोर बनने से मंदिर तक पहुंच पहले से ज्यादा आसान हो गई है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार ने साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी है। आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, व्यवस्थित कतार प्रबंधन और डिजिटल निगरानी जैसी सुविधाओं ने दर्शन के अनुभव को बेहतर बनाया है। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालु सुरक्षित और सहज तरीके से पूजा कर पा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Varanasi Development: सौंदर्यीकरण और क्रूज सेवाओं से बढ़ा आकर्षण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Varanasi में बुनियादी ढांचे के विकास ने धार्मिक पर्यटन को नई गति दी है। सड़कों का चौड़ीकरण, बेहतर ट्रांसपोर्ट, घाटों का सौंदर्यीकरण और आकर्षक लाइटिंग ने शहर की छवि को बदल दिया है। साथ ही Ganga River में शुरू हुई क्रूज सेवाओं ने पर्यटकों को काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नए तरीके से देखने का मौका दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Local Economy Boost: पर्यटन से बढ़ा रोजगार और आय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी का सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। होटल, गेस्ट हाउस, दुकानों और अन्य व्यवसायों में तेजी आई है। इससे रोजगार के नए अवसर बने हैं और स्थानीय लोगों की आय में सुधार हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Tourism Minister Statement: काशी बनी आस्था और आधुनिकता का संगम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने कहा कि Narendra Modi के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में काशी का बड़ा कायाकल्प हुआ है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर के विस्तार से मंदिर क्षेत्र और अधिक विशाल हुआ है और श्रद्धालुओं को दिव्य और सुगम दर्शन का अनुभव मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी कहा कि काशी अब आस्था, आध्यात्म और आधुनिक पर्यटन का बेहतरीन संगम बन चुकी है। गंगा घाटों का विकास, आधुनिक लाइटिंग, स्वच्छता, बेहतर कनेक्टिविटी, रोपवे परियोजना, मल्टीलेवल पार्किंग और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने काशी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Recruitment News: CM योगी आदित्यनाथ ने 500 युवाओं को दिए नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती की मिसाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-recruitment-news-cm-yogi-adityanath-gave-500-appointment-letter-transparent-process-women-empowerment/articleshow-5p6hnvo</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:21:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बताया। महिलाओं को भी बराबरी का अवसर मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsqgqhk1b9jezcmk8g8htw2,imgname-up-recruitment-news-cm-yogi-adityanath-1777906245171.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;CM Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को और मजबूत करते हुए सोमवार को लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सहकारी समितियां, पंचायत लेखा परीक्षा विभाग और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए चयनित 500 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए युवाओं के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Transparent Recruitment UP: बिना सिफारिश और दबाव के मिली नौकरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चयन होना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा गर्व की बात यह है कि उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी ने इसे अपने जीवन का ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जहां किसी सिफारिश या दबाव की जरूरत नहीं होती। उन्होंने युवाओं को मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करने का संदेश दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Women Empowerment UP: महिलाओं को मिल रहा बराबरी का अवसर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। इस बार बड़ी संख्या में महिलाओं का चयन इस बात का प्रमाण है कि योगी सरकार महिलाओं को बराबरी का अवसर दे रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जो भी जिम्मेदारी उन्हें मिलेगी, वह उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Zero Tolerance Policy: पारदर्शी प्रक्रिया से मिला योग्य उम्मीदवारों को अधिकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भर्ती प्रक्रिया की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया आसान, स्पष्ट और निष्पक्ष रही। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हुआ है और योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल रहा है। कम शुल्क और बिना किसी परेशानी के पूरी प्रक्रिया पूरी होना युवाओं के लिए राहत की बात है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UP Women Success: महिलाएं बना रहीं अपनी अलग पहचान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;झांसी की वंदना कुशवाहा और मयंक कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र लेना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महिलाओं को ज्यादा अवसर मिल रहे हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। सुल्तानपुर, झांसी, आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थियों ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था ने उनका भरोसा मजबूत किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Appointment List UP: किन अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सहकारी समिति एवं पंचायत लेखा परीक्षा पदों के लिए सुल्तानपुर के राम कुमार चौरसिया, झांसी की वंदना कुशवाहा, आजमगढ़ के देवव्रत यादव और विवेक सिंह, लखनऊ की आयुषी त्रिपाठी, मऊ के सौरभ कुमार गोंड, शाहजहांपुर की सुनेहा मिश्रा, वाराणसी के राम कुमार गुप्ता और गोरखपुर की पूर्णिमा सिंह को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के लिए पीलीभीत के वकार हुसैन अंसारी, सोनभद्र की कुमारी प्रांशु सिंह, हमीरपुर के सुधीर यादव, झांसी की तनु प्रजापति, शाहजहांपुर के अमित कुमार, प्रयागराज की बबीता, अयोध्या के सुधीर कुमार शुक्ला, लखनऊ की अना अली, गोरखपुर के सर्वजीत सिंह कोहली और बलिया की श्वेता को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बंगाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे ‘शाह मॉडल’: रणनीति, संगठन और सटीक अमल की कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/inside-amit-shahs-winning-strategy-how-bjp-cracked-west-bengal-with-precision-campaigning/articleshow-r4g5eko</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 20:21:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Amit Shah Bengal Strategy:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP की जीत के पीछे अमित शाह की रणनीति, माइक्रो मैनेजमेंट और मजबूत संगठन की बड़ी भूमिका रही। जानिए कैसे रैलियों, टीमवर्क और डिजिटल नैरेटिव ने बदला पूरा चुनावी खेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsg81pcjf41eesrr3vsr3ve,imgname-thumb-14-1777898620620.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में आया बदलाव सिर्फ एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान का नतीजा माना जा रहा है। इस पूरी कहानी के केंद्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति, संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ को निर्णायक फैक्टर के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;करीब पंद्रह दिनों तक लगातार बंगाल में डेरा डालकर उन्होंने जिस तरह से चुनावी अभियान को दिशा दी, उसने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। दिन में रैलियों और रोड शो के जरिए माहौल बनाया गया, तो रात में संगठन को मजबूत करने का काम हुआ, यही संतुलन इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बना।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिन में जनसंपर्क, रात में रणनीति: कैसे चला &lsquo;डुअल मोड कैंपेन&rsquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव के दौरान अमित शाह की कार्यशैली बेहद व्यवस्थित रही। दिनभर वे जनसभाओं और रोड शो के जरिए सीधे मतदाताओं से संवाद करते रहे, जबकि देर रात तक चलने वाली बैठकों में संगठन के साथ गहराई से चर्चा होती थी। इन बैठकों में जमीनी फीडबैक लिया जाता, स्थानीय नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए जाते और अगले दिन उसी रणनीति को लागू किया जाता। यही वजह रही कि अभियान में निरंतरता और स्पष्टता दोनों दिखाई दीं। पचास से अधिक रैलियों और रोड शो के जरिए कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार हुआ और मतदाताओं के बीच सीधा कनेक्शन बना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;&quot;The Lotus blooms in West Bengal&quot;... वोटों की गिनती के बीच क्या बोले पीएम मोदी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घोषणाओं ने बनाया स्पष्ट नैरेटिव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव के दौरान किए गए वादों ने भी बड़ा असर डाला। सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग लागू करने की बात और कानून-व्यवस्था पर सख्ती का संदेश, इन दोनों ने मतदाताओं को स्पष्ट विकल्प दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह रणनीति सिर्फ वादों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे एक ठोस नैरेटिव में बदल दिया गया, जिससे मतदाताओं के बीच भरोसा बना।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;110 सीट&rsquo; का दावा और मनोवैज्ञानिक बढ़त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पहले चरण के मतदान के बाद अमित शाह का यह दावा कि भाजपा 110 से अधिक सीटें जीत रही है, चुनावी माहौल में बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस बयान ने मतदाताओं के बीच सत्ता परिवर्तन की संभावना को मजबूत किया, जिसका असर अगले चरणों के मतदान पर भी पड़ा। इसे चुनावी मनोविज्ञान की एक सटीक चाल के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ शाह नहीं, पूरी टीम का समन्वय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह जीत केवल एक नेता की रणनीति का परिणाम नहीं थी। इसके पीछे एक संगठित टीम का सामूहिक प्रयास भी उतना ही अहम रहा।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;संगठन के &lsquo;माइक्रो मैनेजर&rsquo;: Bhupender Yadav ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कानूनी चुनौतियों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके माइक्रो-मैनेजमेंट ने जमीनी पकड़ को मजबूती दी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पन्ना प्रमुख मॉडल की ताकत : Sunil Bansal ने संगठन को नई धार देते हुए पन्ना प्रमुख मॉडल को प्रभावी तरीके से लागू किया। इससे कार्यकर्ताओं का नेटवर्क मजबूत हुआ और टीएमसी के कैडर सिस्टम को चुनौती मिली।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रणनीतिक संतुलन के मास्टरमाइंड: Dharmendra Pradhan ने पूरे अभियान में सामाजिक और जातीय समीकरणों का संतुलन बनाए रखा। केंद्र और राज्य इकाई के बीच तालमेल स्थापित करना उनकी बड़ी उपलब्धि रही।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आक्रामक प्रचार की धार: Biplab Kumar Deb ने उन क्षेत्रों में प्रभाव डाला जहां सामाजिक-सांस्कृतिक समानताएं थीं। उनकी आक्रामक प्रचार शैली ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डिजिटल नैरेटिव की कमान: Amit Malviya ने सोशल मीडिया के जरिए चुनावी नैरेटिव को दिशा दी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विपक्ष के प्रचार का जवाब देकर जनमत को प्रभावित करने में उनकी भूमिका अहम रही।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;बंगाल की राजनीति में नया अध्याय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे अभियान ने यह साबित किया कि चुनाव अब सिर्फ रैलियों का खेल नहीं रह गया है, बल्कि यह डेटा, रणनीति, संगठन और नैरेटिव का मिश्रण बन चुका है। Mamata Banerjee के लंबे शासन के बाद आया यह बदलाव बताता है कि मतदाता अब विकल्प और प्रदर्शन, दोनों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;शाह मॉडल&rsquo; की सफलता का संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल का यह चुनाव एक केस स्टडी बन सकता है, कैसे एक आक्रामक लेकिन संगठित अभियान, स्पष्ट संदेश और मजबूत टीमवर्क मिलकर राजनीतिक परिदृश्य बदल सकते हैं। यह जीत सिर्फ सीटों की संख्या नहीं, बल्कि एक रणनीतिक मॉडल की सफलता भी है, जिसने यह दिखाया कि सही योजना और जमीनी क्रियान्वयन से सबसे मजबूत गढ़ भी बदले जा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;बंगाल में पलटी सत्ता! 15 साल बाद TMC OUT, BJP IN, लेकिन क्यों उठे EVM पर सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/inside-amit-shahs-winning-strategy-how-bjp-cracked-west-bengal-with-precision-campaigning/articleshow-r4g5eko"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Assembly Election Result 2026: CM योगी का बड़ा बयान- 'PM मोदी पर जनता का अटूट भरोसा, भाजपा की ऐतिहासिक जीत']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/assembly-election-result-2026-cm-yogi-adityanath-statement-bjp-win-west-bengal-assam-puducherry-pm-modi-leadership/articleshow-ybzro61</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/assembly-election-result-2026-cm-yogi-adityanath-statement-bjp-win-west-bengal-assam-puducherry-pm-modi-leadership/articleshow-ybzro61</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 19:52:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा चुनाव परिणामों को पीएम मोदी पर जनता के भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की जीत &lsquo;नया भारत-विकसित भारत&rsquo; के लक्ष्य को गति देगी और कार्यकर्ताओं व जनता का आभार जताया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsnsbmxcvgsyf40bzjd2axr,imgname-assembly-election-result-2026-cm-yogi-adityanath-statement-1777904430749.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; CM Yogi Adityanath ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये परिणाम देश के लोगों का Narendra Modi के प्रति अटूट विश्वास दर्शाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &lsquo;एक्स&rsquo; पर पोस्ट कर यह बात कही।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम मोदी के नेतृत्व पर जनता का मजबूत भरोसा | Election Results 2026 Reaction&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व और जनहितकारी नीतियों पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यह विश्वास ही अब चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश देश के विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन की जीत | BJP Victory Analysis&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने बताया कि-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पश्चिम बंगाल में पहली बार,&lt;/li&gt; &lt;li&gt;असम में लगातार तीसरी बार,&lt;/li&gt; &lt;li&gt;और पुडुचेरी में दूसरी बार&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;भाजपा गठबंधन की सरकार बनना इस विश्वास का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के यशस्वी नेतृत्व एवं लोक-कल्याणकारी नीतियों पर देश वासियों का अटूट विश्वास है, जो आज विधान सभा चुनाव के ऐतिहासिक परिणामों के रूप में पुनः परिलक्षित हुआ है।पश्चिम बंगाल में पहली बार, असम में लगातार तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;नया भारत-विकसित भारत&rsquo; को मिलेगी नई गति | Modi Vision India Growth&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि जनता का यह अभूतपूर्व समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के &lsquo;नया भारत-विकसित भारत&rsquo; के लक्ष्य को और तेजी से आगे बढ़ाएगा। यह परिणाम देश के उज्जवल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कार्यकर्ताओं और जनता को धन्यवाद | BJP Workers Appreciation Message&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने इस जीत के लिए पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के भाजपा संगठन से जुड़े सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके समर्थन से सुशासन और राष्ट्रवाद को मजबूती मिली है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/assembly-election-result-2026-cm-yogi-adityanath-statement-bjp-win-west-bengal-assam-puducherry-pm-modi-leadership/articleshow-ybzro61"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बंगाल में पलटी सत्ता! 15 साल बाद TMC OUT, BJP IN, लेकिन क्यों उठे EVM पर सवाल?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bjp-sweeps-west-bengal-tmc-questions-counting-process-and-evm-data-after-shock-defeat/articleshow-yhnxs4z</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 19:06:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Questions Counting Process and EVM: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में BJP की बड़ी जीत के बाद TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने काउंटिंग प्रक्रिया और EVM डेटा पर सवाल उठाए। जानिए कैसे 15 साल की ममता सरकार खत्म हुई और क्या हैं पूरे विवाद के पीछे की बड़ी वजहें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kfb6y9d0dg4vf66pbq4k2sqf,imgname-thumb--5--1768829167008.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति ने 4 मई को एक बड़ा मोड़ ले लिया। लंबे समय से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस का किला ढह गया और भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। इस बदलाव ने सिर्फ सरकार नहीं बदली, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा और बहस का केंद्र भी बदल दिया है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पहली बार चुनावी नतीजों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने जहां जनता के फैसले को स्वीकार करने की बात कही, वहीं चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल भी उठाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;जनता का फैसला स्वीकार, लेकिन प्रक्रिया पर सवाल&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिषेक बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और हर किसी को उसे स्वीकार करना चाहिए। लेकिन उन्होंने साथ ही वोटों की गिनती की प्रक्रिया को लेकर असामान्य परिस्थितियों की ओर इशारा किया। उनका कहना है कि 2021 के चुनाव में जहां 8&ndash;9 घंटे के भीतर लगभग 90% गिनती पूरी हो गई थी, वहीं इस बार उसी समय में सिर्फ 6&ndash;8 राउंड की गिनती ही हो सकी। यह अंतर सिर्फ तकनीकी देरी है या इसके पीछे कोई और कारण, यही सवाल अब सियासी बहस का केंद्र बनता जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;West Bengal Election 2026: SIR, केंद्रीय बल और डर की राजनीति ने कैसे बदला बंगाल का चुनावी गणित&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;काउंटिंग एजेंट्स को चेतावनी और धैर्य की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और काउंटिंग एजेंट्स से साफ कहा कि वे किसी भी हाल में काउंटिंग सेंटर न छोड़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर नतीजों को मीडिया के साथ साझा नहीं किया जा रहा, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बर्धमान दक्षिण सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जीत के बावजूद वहां दोबारा गिनती कराई जा रही है, जो संदेह को और बढ़ाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;EVM और डेटा मैचिंग पर बड़ा आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सबसे गंभीर आरोप कल्याणी क्षेत्र से सामने आया, जहां अभिषेक बनर्जी के मुताबिक कम से कम 8 ईवीएम ऐसी हैं, जिनमें कंट्रोल यूनिट का डेटा Form 17C से मेल नहीं खा रहा। EVM डेटा और आधिकारिक दस्तावेजों के बीच इस तरह का अंतर चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधे सवाल खड़ा करता है। हालांकि, इस पर चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BJP की रणनीतिक जीत: TMC के गढ़ में सेंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस चुनाव में सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत यह है कि भाजपा ने उन क्षेत्रों में बढ़त बनाई, जिन्हें तृणमूल का मजबूत गढ़ माना जाता था। मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल जैसे इलाकों में भाजपा की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। 15 साल तक सत्ता में रही ममता बनर्जी की सरकार का अंत सिर्फ एक चुनावी हार नहीं, बल्कि जनमत में बड़े बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;काउंटिंग सेंटर पर विवाद और सियासी तनाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हेस्टिंग्स काउंटिंग सेंटर पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब अभिषेक बनर्जी वहां पहुंचे और चुनाव आयोग ने उन्हें बाहर जाने के लिए कहा, क्योंकि वे उस सीट के उम्मीदवार नहीं थे। दूसरी ओर, तृणमूल की ओर से आरोप लगाया गया कि काउंटिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो रहा है और &ldquo;काउंटिंग सेंटर को लूटने&rdquo; जैसी स्थिति बनाई जा रही है। यह बयानबाजी बताती है कि चुनाव परिणाम के साथ-साथ राजनीतिक तनाव भी चरम पर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आगे क्या? राज्यपाल से मुलाकात की अटकलें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूत्रों के अनुसार ममता बनर्जी जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात कर सकती हैं। यह मुलाकात आगे की राजनीतिक रणनीति और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर अहम मानी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जीत, हार और सवालों के बीच नया बंगाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है। यह एक ऐसा मोड़ है जहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और राजनीतिक विश्वास तीनों पर एक साथ बहस हो रही है। एक तरफ भाजपा की ऐतिहासिक जीत है, तो दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के गंभीर आरोप। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की भूमिका, जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तय करेंगी कि यह विवाद किस दिशा में जाता है। फिलहाल इतना तय है कि बंगाल की राजनीति अब पहले जैसी नहीं रहने वाली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;West Bengal Election Results Live Updates: रुझानों में BJP को बहुमत, भवानीपुर से ममता बनर्जी आगे&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मध्यप्रदेश में शिक्षा क्रांति की ओर बड़ा कदम, ग्वालियर को मिला नया एजुकेशन हब]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mp-cm-mohan-yadav-rishi-galav-university-gwalior-foundation-education-hub/articleshow-lgy71iz</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:20:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होकर इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा शैक्षणिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsgd6p5phmmm2n375ggz65r,imgname-untitled-design---2026-05-04t181531.400-1777898789573.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर प्राचीन काल से ही वीरता, विद्वता और कला का शिखर रही है। ऋषि गालव विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही ग्वालियर प्रदेश के एजुकेशन हब के रूप में नई पहचान गढ़ने की ओर अग्रसर है। एक विश्वविद्यालय शिक्षा का केन्द्र होने के साथ ही राष्ट्र निर्माण का भी स्थल होता है। ऋषि गालव के नाम पर बनने वाला यह संस्थान हमारी आने वाली पीढ़ियों को संस्कार, संस्कृति और कौशल से सुसज्जित कर राष्ट्र निर्माण का अग्रदूत बनाएगा। मध्य भारत शिक्षा समिति के संस्थापक श्रद्धेय सदाशिव गणेश गोखले का त्याग पूजनीय है, उन्होंने 85 वर्ष पहले 21 जुलाई 1941 को इस समिति नींव रख पराधीनता के कठिन काल में शिक्षा की अलख जगाने का संकल्प लिया। एक स्कूल से शुरू हुआ यह सफर चार महाविद्यालयों, पांच विद्यालयों और एक खेल अकादमी तक पहुंचा। वर्तमान में विभिन्न संस्थाओं में 5 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऋषि गालव विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परम्परा के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान और टेक्नोलॉजी की शिक्षा भी छात्रों को मिलेगी। इसका लक्ष्य ऐसा नागरिक तैयार करना है, जो ज्ञानवान, चरित्रवान, नवाचारी और समाज के लिए उत्तरदायी हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों में योग्यता पर विशेष ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, कंस वध के बाद शिक्षा ग्रहण करने उज्जैन पधारे और इस दौरान उन्होंने सुदामा से मित्रता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। यह इस बात का संकेत है कि गरीब-अमीर के बीच कोई परदा नहीं होना चाहिए। इसी समय हमें द्रोणाचार्य और द्रुपद के संदर्भ से शिक्षा के दुरूपयोग का उदाहरण भी प्राप्त होता है, परंतु नालंदा, तक्षशिला विश्वविद्यालयों के माध्यम से मानवता के मूल्यों के प्रसार का उदाहरण भी भारतीय ज्ञान परम्परा में विद्यमान है। इसी भाव का अनुसरण करते हुए प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों में योग्यता, दक्षता और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का संदर्भ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश की सीमाओं तक राष्ट्रवादी विचारों का विस्तार लगातार जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;काले कोट के स्थान पर साफे के साथ दीक्षांत समारोह की परम्परा आरंभ&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऋषि गालव विश्वविद्यालय सरकार और समाज के साझा प्रयासों का एक सजीव उदाहरण बनेगा। राष्ट्रवादी विचारों को समर्पित इस विश्वविद्यालय की पूर्ण गौरव और गरिमा के साथ स्थापना में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी इै, इसे आधार मानकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए हैं। इस क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति को कुलगुरू का सम्मानजनक और श्रद्धापूर्ण संबोधन प्रदान किया गया है। संपूर्ण प्रदेश में गुरू पूर्णिमा का आयोजन भी इसी क्रम का नवाचार है। काले कोट के स्थान पर साफे के साथ भारतीय वेशभूषा में दीक्षांत समारोह की परम्परा आरंभ की गई। पहले कई-कई वर्षों तक दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं होते थे, अब हर साल हर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तात्या टोपे, टंट्या भील के नाम पर आरंभ किए गए विश्वविद्यालय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय और खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। सागर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय पहले से ही था, इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय आरंभ किया गया। प्रदेश के सभी 55 जिलों में पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर इन्हें नई शिक्षा नीति के अनुरूप बहु संकाय कॉलेजों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य भारत शिक्षा समिति को ऋषि गालव की गौरवशाली परम्परा को विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्जीवित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अगले साल गुरू पूर्णिमा तक आरंभ करने का संकल्प पूर्ण हो यही कामना है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[10 साल की सत्ता पर जनता का फैसला, केरल में UDF की ऐतिहासिक जीत, शशि थरूर बोले ‘बदलाव तय था’]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kerala-elections-2026-udf-historic-win-ends-10-years-of-ldf-rule-tharoor-explains-why/articleshow-77kkhr5</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:06:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;केरल चुनाव 2026 में UDF की ऐतिहासिक जीत ने 10 साल की LDF सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। जानिए शशि थरूर ने युवाओं के पलायन, रोजगार और निवेश को लेकर क्या कहा और क्यों जनता ने बदलाव चुना।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsft0s5fzh7nrh7sqn65ykk,imgname-kerala-elections-2026-udf-historic-win-ends-10-years-of-ldf-rule-tharoor-explains-why-1777898160933.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;केरल की सियासत में इस बार जो जनादेश सामने आया है, उसने सिर्फ सरकार नहीं बदली, बल्कि एक बड़े राजनीतिक अध्याय के अंत का संकेत भी दे दिया। लंबे समय से सत्ता में बनी रही लेफ्ट सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा आखिरकार वोट में तब्दील हो गया। 2026 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने ऐसी बढ़त बनाई है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक &lsquo;निर्णायक बदलाव&rsquo; मान रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;युवाओं का पलायन बड़ा मुद्दा&rsquo; शशि थरूर का बड़ा बयान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चुनाव नतीजों के बीच साफ कहा कि केरल के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार और निवेश की कमी रही है। उनके मुताबिक, राज्य के युवा बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे राज्यों और विदेशों की ओर जा रहे हैं, जो लंबे समय में राज्य के विकास के लिए खतरे का संकेत है। थरूर ने जोर देकर कहा कि अगर केरल में निवेश वापस लाया जाए, तो न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि युवाओं का पलायन भी रुकेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर ममता का आया रिएक्शन, जोड़ लिए हाथ!- WATCH&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;10 साल की LDF सरकार पर एंटी-इनकंबेंसी भारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट की 10 साल की सत्ता के खिलाफ इस बार स्पष्ट एंटी-इनकंबेंसी देखने को मिली। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में सरकार पर प्रशासनिक फैसलों और विकास की रफ्तार को लेकर सवाल उठते रहे। जनता के बीच यह धारणा बनी कि राज्य को नई दिशा और नई सोच की जरूरत है, और यही भावना चुनाव परिणामों में साफ झलकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UDF का &lsquo;विकास&rsquo; नैरेटिव हुआ सफल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने इस चुनाव में विकास, निवेश और रोजगार को केंद्र में रखा। शशि थरूर के मुताबिक, UDF का यह संदेश जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचा और मतदाताओं ने इसे स्वीकार किया। 140 सदस्यीय विधानसभा में UDF ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है और रुझानों के अनुसार 100 से अधिक सीटों की ओर बढ़ता दिख रहा है, जो इसे एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत बनाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;ऐतिहासिक दिन&rsquo;- थरूर ने बताया क्यों खास है यह जनादेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शशि थरूर ने इस जीत को &lsquo;ऐतिहासिक&rsquo; और &lsquo;तगड़ा जनादेश&rsquo; करार दिया। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि भारत की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में लेफ्ट की कमजोरी उसके अंतिम बड़े गढ़ के कमजोर होने का संकेत है, जो राष्ट्रीय राजनीति में भी असर डाल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मतदान और काउंटिंग: कैसे तय हुआ जनादेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें 78.27 प्रतिशत की उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की गई। गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हुई, जिसमें पहले पोस्टल बैलेट और उसके बाद ईवीएम वोटों की गिनती की गई। चुनाव आयोग की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई, और हर राउंड के नतीजे रियल टाइम में अपडेट किए जाते रहे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या केरल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केरल का यह जनादेश सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि प्राथमिकताओं के बदलाव का संकेत देता है। रोजगार, निवेश और विकास जैसे मुद्दों पर जनता की स्पष्ट राय सामने आई है। अब नजर इस बात पर होगी कि नई सरकार इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है और क्या वह युवाओं को राज्य में ही अवसर देने में सफल हो पाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;15 साल की सत्ता पर जनता का प्रहार&hellip; जानिए क्यों बंगाल में ममता को झटका लगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[Thalapathy Vijay TVK No. 1: विजय की जीत पर नाच उठा तमिलनाडु, 100+ सीटों की बढ़त देख फैंस बोले- 'थलापति ही असली किंग']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tamil-nadu-election-results-2026-thalapathy-vijay-tvk-major-party-in-tn-social-media-reactions/articleshow-vugi7q5</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 18:00:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tamil Nadu Election Result Public Reactions: &lt;/strong&gt;तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी TVK ने 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर इतिहास रच दिया है। इस जीत के बाद इंटरनेट पर 'विजय सुनामी' आ गई है। फैंस 'लियो' और 'धुरंधर' के मीम्स शेयर कर जश्न मना रहे हैं। फैंस का कहना है कि रील लाइफ का हीरो अब असल जिंदगी का 'किंग' बन चुका है। देखिए लोगों का रिएक्शन...&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsff3j3s5jn8nqy4p7cz48k,imgname-thalapathy-vijay-social-media-reactions-1777897803331.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Tamil Nadu People Reaction after Thalapathy Vijay TVK Victory:&lt;/strong&gt; तमिलनाडु की राजनीति में आज वो हो गया जिसकी कल्पना बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों ने भी नहीं की थी। पर्दे पर विलेन की छुट्टी करने वाले 'थलापति' विजय ने अब राजनीति के मैदान में भी झंडे गाड़ दिए हैं। रुझानों में विजय की पार्टी TVK (तमिझगा वेत्री कड़गम) ने सेंचुरी मार दी है और वह अभी तक 105 सीटों के साथ नंबर-1 बनी है। इस जीत के बाद सोशल मीडिया से लेकर चेन्नई की गलियों तक बस एक ही नाम गूंज रहा है- थलापति विजय। सोशल मीडिया पर #ThalapathyVijay खूब ट्रेंड कर रहा है। फैंस अपने 'थलापति' की इस ऐतिहासिक जीत को अलग-अलग अंदाज में सेलिब्रेट कर रहे हैं। उनका रिएक्शन देखने लायक है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'रील नहीं, रियल लाइफ का 'धुरंधर'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंटरनेट पर इस वक्त विजय की फिल्म 'धुरंधर 2' और 'लियो' के क्लिप्स सबसे ज्यादा शेयर हो रहे हैं। एक यूजर ने 'लियो' फिल्म का वो सीन शेयर किया जिसमें विलेन सबको थलापति का फ्रेम दिखाता है और कैप्शन में लिखा- 'अब ये फोटो फ्रेम हर सरकारी दफ्तर में लगेगा, क्योंकि असली किंग आ गया है!' लोग कह रहे हैं कि जो स्वैग पर्दे पर दिखता था, अब वो तमिलनाडु की सत्ता में दिखेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Right now Vijay#TVKVijay&zwnj; #ThalapathyVijay pic.twitter.com/jXnbu8efxu&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ❤️HONESTU❤️ (@honestuuuu) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Thats The Tweet #ThalapathyVijay  pic.twitter.com/yXuMqIJERp&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; BEN K MATHEW (@BENKMATHEW) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;From child artist to superstar&mdash;Thalapathy Vijay&rsquo;s journey is pure dedication and fan power. Now entering politics, he continues to inspire Tamil Nadu. Read More: https://t.co/ZgEGUK2QYW#ThalapathyVijay #Vijay #Kollywood #TamilCinema #Thalapathy #Inspiration #TamilNadu&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rio Feeds (@Rio_Feed) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'ड्राइवर का बेटा भी बनेगा MLA', इमोशनल हुए फैंस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस जीत में सबसे ज्यादा चर्चा उस उम्मीदवार की है, जो विजय के ड्राइवर का बेटा है। एक इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए यूजर ने लिखा- 'इसे कहते हैं असली लीडर! विजय ने सिर्फ वोट नहीं मांगे, बल्कि एक आम इंसान को सत्ता तक पहुंचाया है।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;From a driver&rsquo;s family to the verge of victory what a story!#ThalapathyVijay trusted talent over status, and it&rsquo;s paying off big time.#TVKVijay #Vijay #TVK pic.twitter.com/NWiV01tY58&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; The Nalanda Index (@Nalanda_index) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रील Vs रियल: भीड़ देखकर उड़े विरोधियों के होश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;X पर एक वीडियो ट्रेंड कर रहा है जिसमें एक तरफ विजय की फिल्मों की एंट्री दिखाई गई है और दूसरी तरफ उनकी रैलियों में उमड़ा जनसैलाब। फैंस लिख रहे हैं कि भारत के बड़े-बड़े सुपरस्टार्स भी अपने राज्य में ऐसा करिश्मा नहीं कर पाए। केरल बॉक्स ऑफिस ने भी ट्वीट किया कि विजय का राजनीतिक प्रभाव 'Unbelievable)' है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#ThalapathyVijay Hold the &quot;No. 1 Position&quot; in Tamil Nadu Election Thalapathy Vijay's STARDOM in FULL DISPLAY ON POLITICAL PARTY TOO#TVKVijay&zwnj; . #TVK . pic.twitter.com/tkSlcRmZ2g&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Naresh (@Naresh46841242) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;His influence in Tamil Nadu is beyond imagination. No actor has ever matched it. Not even the biggest superstars in India have had this kind of impact in their own states.The OG Jananayagan! #ThalapathyVijay #TVKVijay&zwnj;pic.twitter.com/JBNy99h90v&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Kerala Box Office (@KeralaBxOffce) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'Words, Action, History': वादे से ज्यादा काम पर यकीन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक फैन पेज 'Milagro Movies' ने लिखा- 'विजय ने जो कहा, वो कर दिखाया।' फैंस का कहना है कि विजय ने सिर्फ रैलियों में भीड़ नहीं जुटाई, बल्कि अपने मैनिफेस्टो और वादों से लोगों का दिल जीता। सोशल मीडिया पर लोग इसे 'सुनामी' बता रहे हैं जिसने पुराने सियासी किलों को ढहा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;He said it&hellip; and he DID it. That&rsquo;s #ThalapathyVijayWords &rarr; Action &rarr; History. ✊#TVKVijay&zwnj; #Vijay #TVK pic.twitter.com/QO0HgCfZdK&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Milagro Movies (@MilagroMovies) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'रिटायरमेंट का फल': फिल्मों को छोड़ जनता को चुना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फैंस इस बात की भी तारीफ कर रहे हैं कि विजय ने अपने करियर के पीक पर फिल्मों से संन्यास लेने का फैसला किया ताकि वे जनता की सेवा कर सकें। यूजर्स लिख रहे हैं- '2025 में फिल्मों से विदाई लेना बेकार नहीं गया, तमिलनाडु को उसका नया रक्षक मिल गया है।'&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;That's a tausanami created by Thalapathy @actorvijay #TNAssemblyElections2026 #ThalapathyVijay #TVKVijay&zwnj; pic.twitter.com/XhV53th8zD&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Indian Clicks (@IndianClicks) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Chhattisgarh PM Awas Yojana Story: सीएम विष्णुदेव साय पहुंचे ग्रामीण के घर, गृह प्रवेश में शामिल होकर जीता दिल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/cm-vishnudev-sai-lokhan-visit-pm-awas-yojana-beneficiary-home-entry-story-chhattisgarh/articleshow-d1a70ly</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 17:37:10 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CM Vishnudev Sai Lokhan Visit: &lt;/strong&gt;कबीरधाम के लोखान गांव में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक ग्रामीण के निमंत्रण पर उसके नए घर के गृह प्रवेश में भाग लिया। प्रधानमंत्री आवास योजना से बने इस घर ने सरकारी योजनाओं के जमीनी असर को दर्शाया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqse4x5e4mrqtvk3pntgq36k,imgname-cm-vishnudev-sai-lokhan-gram-grih-pravesh-story-1777896420512.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CM Vishnudev Sai Lokhan Gram Grih Pravesh Story: &lt;/strong&gt;कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक बेहद भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को स्वीकार कर उसे खास बना दिया। उनके गांव आगमन से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल था और इस घटना ने शासन व आमजन के बीच की नजदीकी को भी उजागर किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;PM Awas Yojana Beneficiary Story: गृह प्रवेश में शामिल हुए मुख्यमंत्री&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें मुख्यमंत्री के गांव में होने की जानकारी मिली, उन्होंने सीधे जाकर उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण दिया। यह एक आम ग्रामीण की सच्ची भावना थी, जिसे मुख्यमंत्री ने सहजता से स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Narendra Modi Scheme Impact: &ldquo;आवास कोन भेजिस?&rdquo; संवाद बना खास पल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोहन मरावी के घर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बिना औपचारिकता के नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश की रस्म पूरी कराई। इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा &ldquo;आवास कोन भेजिस?&rdquo; जिस पर मोहन ने जवाब दिया &ldquo;मोदी जी ने।&rdquo; यह छोटा संवाद नरेंद्र मोदी की योजनाओं के जमीनी असर को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gramin Success Story: मेहनत और योजना से बना चार कमरों का पक्का घर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोहन मरावी ने बताया कि उनका घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली राशि और अपनी मेहनत से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन 2024&ndash;25 में योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने खुद ईंट बनाकर चार कमरों का मजबूत घर बनाया। यह उनकी मेहनत, संकल्प और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Development Model Chhattisgarh: मुख्यमंत्री ने सराहा प्रयास&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री साय ने घर की गुणवत्ता और निर्माण में लगी मेहनत की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जब सरकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की भागीदारी होती है, तभी वास्तविक विकास दिखाई देता है। उन्होंने इस पहल को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[15 साल की सत्ता पर जनता का प्रहार… जानिए क्यों बंगाल में ममता को झटका लगा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-elections-2026-how-bjp-is-heading-for-a-historic-victory-after-15-years-of-mamata-rule/articleshow-5pdrpor</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:56:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Defeat Reasons: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक बदलाव दिख रहा है। ममता बनर्जी के 15 साल के शासन के बाद बीजेपी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। जानिए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और वोट बैंक में बदलाव कैसे बना गेम चेंजर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqcrwvcc1xefv884d3p4gjye,imgname-untitled-design---2026-04-29t191712.946-1777471483276.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Elections 2026: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी दिख रही है। 2011 में 34 वर्षों के वाम शासन को खत्म कर सत्ता में आईं ममता बनर्जी ने &lsquo;मां, माटी, मानुष&rsquo; के नारे पर जनता का भरोसा जीता था। लेकिन 15 साल बाद अब वही जनता बदलाव की नई कहानी लिखती नजर आ रही है। चुनावी रुझान संकेत दे रहे हैं कि इस बार बंगाल में &lsquo;परिवर्तन&rsquo; सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की ठोस हकीकत बन सकता है, जहां भारतीय जनता पार्टी पहली बार ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ती दिख रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;90 के दशक से अब तक: बीजेपी का लंबा सफर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल में बीजेपी का सफर बेहद सीमित उपस्थिति से शुरू हुआ था। 90 के दशक में पार्टी के पास केवल एक विधायक और दो सांसद थे। लेकिन दशकों की राजनीतिक मेहनत और संगठन विस्तार के बाद आज वही पार्टी सत्ता के दरवाजे पर खड़ी है। जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य में कमल खिलाना बीजेपी का पुराना सपना रहा है, जो अब साकार होता नजर आ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Assam Election 2026: जिस नेता पर टिकी थी कांग्रेस, वही नहीं बचा पाए सीट, BJP ने मारी बाजी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और हिंसा: चुनाव का टर्निंग पॉइंट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2011 में ममता बनर्जी ने जिन मुद्दों भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और रोजगार को आधार बनाकर वाम दलों को सत्ता से बाहर किया था, वही मुद्दे अब उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं। बीजेपी ने इन विषयों को आक्रामक तरीके से उठाया और &lsquo;परिवर्तन&rsquo; का नैरेटिव तैयार किया, जो वोटों में बदलता दिखाई दे रहा है। सिंगूर और नंदीग्राम जैसे आंदोलनों के सहारे सत्ता में आई सरकार पर अब उद्योग, निवेश और रोजगार के मोर्चे पर पिछड़ने के आरोप लगे। बीजेपी ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया और विकास के नए मॉडल का वादा किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वोट बैंक में सेंध: मुस्लिम और SC-ST समीकरण बदला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल की राजनीति में मुस्लिम वोट लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस की ताकत माने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार मालदा, मुर्शिदाबाद और 24 परगना जैसे इलाकों में वोटों का बंटवारा देखने को मिला है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पारंपरिक वोट बैंक में दरार आई है। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मतुआ समुदाय और चाय बागान के श्रमिकों का झुकाव बीजेपी की ओर दिखा है। उत्तर बंगाल से लेकर जंगल महल तक बीजेपी की पकड़ मजबूत हुई है, जो चुनावी समीकरण को पूरी तरह बदल देता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महिला वोटर: इस बार बदला रुख?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पिछले चुनावों में महिलाओं ने ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया था। &lsquo;लक्ष्मी भंडार&rsquo; और &lsquo;स्वास्थ्य साथी&rsquo; जैसी योजनाओं ने महिला वोटरों को आकर्षित किया था। लेकिन इस बार तस्वीर बदलती दिख रही है। बीजेपी ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता और मुफ्त बस यात्रा जैसे वादे किए, जो महिला मतदाताओं को प्रभावित करते नजर आए। चुनावी रुझानों से संकेत मिलते हैं कि महिला वोट अब निर्णायक रूप से बंट चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एंटी-इनकंबेंसी और बड़े विवादों का असर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, 15 साल की सत्ता के बाद एंटी-इनकंबेंसी पूरी तरह हावी रही। शिक्षक भर्ती घोटाला, कानून-व्यवस्था पर सवाल और चर्चित मामलों ने सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठनात्मक मजबूती और बूथ स्तर पर पकड़ ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। वहीं, विपक्षी नेताओं के दल बदल और राजनीतिक दबाव के आरोपों ने भी चुनावी माहौल को प्रभावित किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;निष्पक्ष चुनाव और प्रशासनिक बदलाव की भूमिका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग की सख्ती भी इस बार बड़ा फैक्टर बनी। बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती, पर्यवेक्षकों की निगरानी और प्रशासनिक फेरबदल ने मतदान प्रक्रिया को अपेक्षाकृत निष्पक्ष बनाया। इससे मतदाताओं ने निर्भय होकर मतदान किया, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर दिखाई दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या बंगाल में नई राजनीतिक धारा का जन्म?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल की राजनीति में यह चुनाव एक युग परिवर्तन की तरह देखा जा रहा है। अगर रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति में बदलाव का संकेत होगा। बीजेपी के लिए यह जीत पूर्वी भारत में पकड़ मजबूत करने का बड़ा अवसर है, वहीं ममता बनर्जी के लिए यह आत्ममंथन का समय साबित हो सकता है। बंगाल की जनता ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि यहां सत्ता स्थायी नहीं, प्रदर्शन स्थायी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें:&lt;strong&gt; पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर ममता का आया रिएक्शन, जोड़ लिए हाथ!- WATCH&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बंगाल में 83 साल बाद हिंदुत्व की वापसी: मोदी-शाह का 'मिशन ईस्ट' कैसे हुआ पूरा, क्या हैं इसके मायने?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-results-2026-bjp-victory-pm-modi-amit-shah-mission-east-complete-after-defeated-mamata-banerjee-tmc/articleshow-g5kb8os</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-results-2026-bjp-victory-pm-modi-amit-shah-mission-east-complete-after-defeated-mamata-banerjee-tmc/articleshow-g5kb8os</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:28:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;BJP Victory in West Bengal: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल में करीब 8 दशकों के लंबे इंतजार के बाद हिंदुत्व की राजनीति ने सत्ता में वापसी की है। 1941 के बाद यह पहली बार है, जब राज्य में इस विचारधारा की सरकार बन रही है। इस जीत के साथ ही बंगाल, बिहार और ओडिशा में एक ही विचारधारा के शासन का मिशन-ईस्टय भी पूरा हो गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqsa791xvzrn3egrqm0meqq6,imgname-west-bengal-election-results-1777892303933.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi-Amit Shah Mission East: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज वो हो गया जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। करीब 8 दशकों के लंबे इंतजार के बाद बंगाल में हिंदुत्व की राजनीति ने सत्ता के शिखर को छुआ है। दोपहर के रुझानों ने साफ कर दिया है कि बीजेपी 193 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है, जबकि ममता बनर्जी की TMC महज 90 के आसपास सीटों पर थमती दिख रही है। हैरानी की बात यह है कि बीजेपी का वोट शेयर तो सिर्फ 7% बढ़ा, लेकिन सीटों के मामले में उसने 117 सीटों की लंबी छलांग लगा दी। ममता बनर्जी का वो 'अजेय' किला भी ढह गया जहां वो पिछले 15 सालों से राज कर रही थीं। आखिर ये 'खेला' हुआ कैसे? आइए समझते हैं बीजेपी की जीत के 5 बड़े कारण, मोदी-शाह के मिशन ईस्ट के पूरा होने का मतलब और सियासी मायने...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंगाल में बीजेपी की जीत के 5 सबसे बड़े कारण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;1. 'माछ-भात' और 'मां काली' का दांव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बीजेपी ने बंगाल की संस्कृति को अपना हथियार बनाया। ममता बनर्जी ने जब कहा कि बीजेपी आई तो मछली-भात खाना बंद हो जाएगा, तो बीजेपी नेताओं ने खुद मछली खाकर जवाब दिया कि उनका हिंदुत्व बंगाल की थाली के खिलाफ नहीं है। साथ ही, टीएमसी के 'काबा-मदीना' वाले बयानों के सामने बीजेपी ने 'जय मां काली' का नारा बुलंद कर दिया, जिससे हिंदू वोटर्स एक तरफ लामबंद हो गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;2. महिलाओं के लिए ₹3000 का मास्टरस्ट्रोक&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी का सबसे मजबूत आधार महिलाएं थीं। बीजेपी ने इसे तोड़ने के लिए 'लक्ष्मीर भंडार' के जवाब में हर महीने ₹3000 देने का वादा किया। साथ ही, संदेशखाली और आरजी कर जैसी घटनाओं की पीड़ित महिलाओं के परिजनों को टिकट देकर बीजेपी ने सुरक्षा के मुद्दे पर दीदी के महिला वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा दी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;3. वोटर लिस्ट का 'शुद्धिकरण' अभियान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;चुनाव से ठीक पहले SIR के जरिए वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख नाम हटाए गए। इनमें एक बड़ी संख्या उन नामों की थी जिन्हें बीजेपी 'अवैध घुसपैठिया' बताती रही है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से टीएमसी के कई मजबूत गढ़ों में समीकरण पूरी तरह बदल गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;4. आक्रामक लेकिन 'मर्यादित' प्रचार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पिछली बार 'दीदी-ओ-दीदी' जैसे नारों से ममता को सहानुभूति मिली थी, इसलिए इस बार बीजेपी ने उन पर निजी हमले बंद कर दिए। इसकी जगह उन्होंने सिंडिकेट राज, बेरोजगारी और सुरक्षा को मुद्दा बनाया। योगी आदित्यनाथ और हेमंत बिस्वा सरमा जैसे नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर टीएमसी को जमकर घेरा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;5. &amp;nbsp;अमित शाह का माइक्रो-मैनेजमेंट और पन्ना प्रमुख&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमित शाह ने खुद 15 दिनों तक बंगाल में कैंप किया और रात 3-3 बजे तक बैठकें कीं। उन्होंने 'पन्ना प्रमुख' सिस्टम लागू किया, जिसमें एक कार्यकर्ता को सिर्फ 30-60 वोटर्स को बूथ तक लाने की जिम्मेदारी दी गई। इसी बूथ लेवल मैनेजमेंट ने हारी हुई बाजी को जीत में बदल दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोदी-शाह का 'मिशन ईस्ट' पूरा और जीत के मायने&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;83 साल बाद बंगाल में हिंदुत्व विचारधारा की बड़ी वापसी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बंगाल में 1941 के बाद यह पहली बार है जब हिंदुत्व की विचारधारा वाली राजनीति सत्ता में लौटी है। बदला हुआ नैरेटिव दिख रहा है। लंबे समय तक कांग्रेस, लेफ्ट और फिर टीएमसी के प्रभाव में रहे बंगाल में अब 'जय मां काली' और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का नया दौर शुरू होने वाला है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मोदी-शाह का मिशन-ईस्ट पूरा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पीएम मोदी और अमित शाह ने 'मिशन ईस्ट' के तहत बिहार (अंग), बंगाल (बंग) और ओडिशा (कलिंग) को जीतने का जो लक्ष्य रखा था, वह अब पूरा हो गया है। 1970 के दशक के बाद यह पहला मौका है, जब इन तीनों बड़े राज्यों में एक ही राजनीतिक विचारधारा की सरकारें होंगी, जिससे केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल का नया ढांचा बनेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विपक्ष का सबसे मजबूत किला ढहा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी को विपक्ष का सबसे साहसी और 'स्ट्रीट फाइटर' नेता माना जाता था। उनकी हार से राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन का मनोबल काफी कमजोर होगा। विपक्षी खेमे में राहुल गांधी के बाद ममता बनर्जी को ही प्रधानमंत्री पद का सबसे बड़ा दावेदार देखा जाता था, लेकिन राज्य में सत्ता गंवाने के बाद उनकी दावेदारी पर सवाल उठ सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी अब अपने पीक पर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस जीत के साथ बीजेपी फिर से अपने उस दौर में पहुंच गई है, जब उसका देशभर में सबसे ज्यादा प्रभाव था। अब देश के 22 राज्यों में NDA की सरकारें होंगी, जिनमें से 17 राज्यों में अकेले बीजेपी के मुख्यमंत्री होंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;महिलाएं बनीं निर्णायक 'पावर सेंटर'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बंगाल के नतीजों ने साबित कर दिया है कि अब महिलाएं किसी भी पार्टी के लिए सबसे निर्णायक वोट बैंक बन चुकी हैं। बीजेपी ने महिलाओं को ₹3000 देने का जो वादा किया, उसने ममता बनर्जी के कोर वोट बैंक में सेंध लगा दी। यह मॉडल आने वाले 2029 के लोकसभा चुनाव की दिशा तय कर सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी के माइक्रो-मैनेजमेंट की जीत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अमित शाह ने खुद 15 दिनों तक बंगाल में रहकर 80 हजार पोलिंग बूथों का डेटा खंगाला। यूपी की तर्ज पर 'पन्ना प्रमुख' तैनात किए गए, जिन्होंने एक-एक वोटर को घर से निकालकर बूथ तक पहुंचाया। यही वो बारीक प्लानिंग थी जिसने ममता बनर्जी के 'खेला' को फेल कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-results-2026-bjp-victory-pm-modi-amit-shah-mission-east-complete-after-defeated-mamata-banerjee-tmc/articleshow-g5kb8os"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढ़त पर ममता का आया रिएक्शन, जोड़ लिए हाथ!- WATCH]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bjp-takes-strong-lead-in-west-bengal-election-2026-mamata-banerjee-raises-questions-over-counting-process/articleshow-lehhovu</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:18:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Election Results 2026:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के रुझानों में भाजपा 194 सीटों पर आगे चल रही है। ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। भवानीपुर सीट पर ममता बढ़त बनाए हुए हैं। अंतिम नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqs9mdm28zn0fgt056190h6x,imgname-bjp-takes-strong-lead-in-west-bengal-election-2026-mamata-banerjee-raises-questions-over-counting-process-1777891686018.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Reaction: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ी हलचल मतगणना केंद्रों से आ रही है। जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे तस्वीर भी साफ होती जा रही है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत बढ़त बनाकर चुनावी मुकाबले को एकतरफा करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, इस बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की ओर से गंभीर आरोप भी सामने आए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रुझानों में भाजपा की बढ़त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दोपहर करीब 1:50 बजे तक भाजपा ने 194 सीटों पर बढ़त बना ली थी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस करीब 92 सीटों पर आगे चल रही थी। उत्तरी बंगाल की कई सीटों मेखलीगंज, माथाभांगा, कूचबिहार उत्तर-दक्षिण, सीतलकुची, दिनहाटा, तुफानगंज, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी पर भाजपा की मजबूत पकड़ देखने को मिली है। यह रुझान संकेत दे रहे हैं कि इस बार चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव संभव है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Thalapathy Vijay in Trend: तमिलनाडु की गलियों में गूंज रहे हैं विजय के 'पंच'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रुझानों में पीछे दिख रही तृणमूल कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां उनकी पार्टी बढ़त बना रही है, वहां मतगणना की प्रक्रिया धीमी की जा रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि अंतिम राउंड तक स्थिति स्पष्ट होगी और उनकी पार्टी जीत हासिल करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों के जरिए कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अंतिम वोट तक डटे रहें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;জরুরি বার্তা pic.twitter.com/Uc82oihwEL&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 4, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भवानीपुर सीट पर क्या है स्थिति?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परंपरागत सीट भवानीपुर पर भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। शुरुआती रुझानों में कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन बाद में ममता ने बढ़त बना ली। खबर लिखे जाने तक ममता बनर्जी को 38,328 वोट मिल चुके थे, जबकि भाजपा के सुवेंदु अधिकारी को 24,486 वोट मिले। इस तरह ममता करीब 13,842 वोटों से आगे चल रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चुनावी नतीजों के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस जहां मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा अपनी बढ़त को जनसमर्थन का संकेत बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अंतिम परिणाम आने तक स्थिति में उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन शुरुआती रुझान निश्चित रूप से राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अंतिम नतीजों पर टिकी नजर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल पूरे देश की नजर पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर टिकी हुई है। यह चुनाव न केवल राज्य की सत्ता का फैसला करेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या रुझान नतीजों में बदलते हैं या फिर अंतिम दौर में कोई बड़ा उलटफेर होता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Assam Election 2026: जिस नेता पर टिकी थी कांग्रेस, वही नहीं बचा पाए सीट, BJP ने मारी बाजी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP News: ग्वालियर में वेलनेस सेंटर, डबरा में पशु अस्पताल, सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/gwalior-animal-wellness-center-dabra-veterinary-hospital-mohan-yadav-dairy-farmers-benefit-kisan-kalyaan-varsh-pm-modi/articleshow-czfr05i</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:18:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सीएम मोहन यादव ने ग्वालियर में वेलनेस सेंटर और डबरा में पशु चिकित्सालय खोलने की घोषणा की। पशुपालकों को अब बेहतर इलाज, गौ-एंबुलेंस और डेयरी योजनाओं का लाभ मिलेगा। सरकार किसान और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल/ग्वालियर।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर और डबरा के पशुपालकों के लिए बड़ी सौगातों का ऐलान किया। अब पशुओं, खासकर गायों को इलाज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। ग्वालियर में वेलनेस सेंटर और डबरा में नया पशु चिकित्सालय खोला जाएगा। इसके साथ ही वेलनेस सेंटर में पशु आहार निर्माण की सुविधा भी होगी। यह घोषणा 4 मई को ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन में की गई, जहां सीएम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बंगाल चुनाव पर CM मोहन यादव का बयान: 'गौ-माता के आशीर्वाद से मिली जीत'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को वहां जीत गौ-पालकों और गौ-माता के आशीर्वाद से मिली है। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि घुसपैठियों को बढ़ावा देकर अराजकता फैलाने की कोशिश की गई, लेकिन जनता ने इसका जवाब दे दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ग्वालियर की पहचान और गौ-सेवा का महत्व&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर का इतिहास गौरवशाली रहा है और यहां वीरता, सेवा और समर्पण की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में गौ-सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। उन्होंने भगवान शिव के वाहन नंदी और भगवान कृष्ण के गोपाल रूप का उल्लेख करते हुए कहा कि गौ-सेवा का विशेष महत्व है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'देश तेजी से आगे बढ़ रहा है'- CM मोहन यादव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जनता का विश्वास एनडीए पर बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घुसपैठ और राजनीति पर तीखा हमला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने कहा कि घुसपैठियों का भारत में आना और वोट देना चिंता का विषय है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के लिए गलत तरीके अपनाए गए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं है और जनता ने इसका जवाब चुनाव में दे दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'यह वर्ष किसान कल्याण का वर्ष'- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साल किसान कल्याण को समर्पित है। उन्होंने भगवान कृष्ण के उदाहरण से दूध और गौ-पालन की ताकत को समझाया। उन्होंने कहा कि किसान, महिला, युवा और गरीब- इन चार वर्गों का विकास ही प्रदेश और देश के विकास की कुंजी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लाड़ली बहना योजना और महिलाओं को लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने बताया कि सरकार ने लाड़ली बहना योजना के तहत बड़ी राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है और हर महिला को औसतन 40 हजार रुपये मिल चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के लिए योजनाएं और आर्थिक सहायता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा राज्य सरकार भी किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने बताया कि गेहूं उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और अब किसानों को बेहतर दाम मिल रहा है। पहले जहां सुविधाओं की कमी थी, अब बिजली, सड़क और पानी की स्थिति में सुधार हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डेयरी सेक्टर को बढ़ावा और 10 लाख की सहायता योजना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने कहा कि पशुपालन से किसानों की आय बढ़ रही है। यदि कोई किसान 25 गाय पालने की योजना लाता है, तो सरकार उसे 10 लाख रुपये तक की सहायता देगी। उन्होंने कहा कि सरकार दूध खरीदने के साथ उचित मूल्य भी सुनिश्चित करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गौ-एंबुलेंस और गौशाला सहायता बढ़ाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं के इलाज के लिए गौ-एंबुलेंस की सुविधा भी दी गई है। अब कोई भी पशुपालक फोन करके एंबुलेंस बुला सकता है। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को दी जाने वाली सहायता 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दूध उत्पादन में बढ़ोतरी और लक्ष्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने बताया कि प्रदेश में दूध संग्रह 9 लाख लीटर से बढ़कर 12.5 लाख लीटर हो गया है। लक्ष्य है कि इसे 50 लाख लीटर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में हजारों करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीएम मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ग्वालियर में पशु वेलनेस सेंटर और पशु आहार निर्माण इकाई&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हेमसिंह परेड अस्पताल का उन्नयन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डबरा में नया पशु चिकित्सालय&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/gwalior-animal-wellness-center-dabra-veterinary-hospital-mohan-yadav-dairy-farmers-benefit-kisan-kalyaan-varsh-pm-modi/articleshow-czfr05i"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Economy News: CM योगी बोले- 'यूपी अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, गंगा एक्सप्रेसवे बिना कर्ज पूरा']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-economy-news-uttar-pradesh-revenue-surplus-state-cm-yogi-adityanath-ganga-expressway-financial-growth-analysis/articleshow-g4gqy5i</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 16:04:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाएं बिना कर्ज पूरी हुई हैं। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता और अनुशासन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार में तेजी आई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqs8r9hs87zxk6kepr2gr3aw,imgname-uttar-pradesh-revenue-surplus-state-1777890764345.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अपने संसाधनों से पूरा करने की क्षमता रखता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 600 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिना बैंक लोन के पूरा किया गया, जिस पर 36,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के किनारे 9 इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए करीब 7,000 एकड़ जमीन ली गई है। पूरी परियोजना पर अब तक 42,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2017 से पहले &lsquo;बीमारू&rsquo; छवि, अब आर्थिक मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश को &lsquo;बीमारू&rsquo; राज्य माना जाता था और कोई भी बैंक कर्ज देने को तैयार नहीं था। लेकिन अब यूपी &lsquo;रेवेन्यू सरप्लस स्टेट&rsquo; बन चुका है। उन्होंने बताया कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन, अनुशासन और संसाधनों को बढ़ाने की रणनीति से यह बदलाव संभव हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'बैंक अधिकारी फोन तक नहीं उठाते थे'- CM योगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद स्थिति बेहद कठिन थी। राज्य का खजाना खाली था और बैंकों के अधिकारी फोन तक उठाने को तैयार नहीं थे। ऐसे में सरकार ने तय किया कि बाहरी कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर वित्तीय अनुशासन नहीं रखा जाता और अनियंत्रित खर्च किया जाता, तो आज प्रदेश पर भारी कर्ज का बोझ होता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मजबूत वित्तीय ढांचे से बढ़ी अर्थव्यवस्था&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने बताया कि वित्त विभाग, स्थानीय लेखा और पंचायत लेखा से जुड़े अधिकारियों ने मिलकर मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार किया। इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना तक बढ़ गया। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए कई बैंक और संस्थान खुद फंड देने को तैयार थे, लेकिन सरकार ने साफ किया कि अब यूपी आत्मनिर्भर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;JPNIC प्रोजेक्ट पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान शुरू हुए जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी लागत 200 करोड़ से बढ़कर 860 करोड़ हो गई, फिर भी परियोजना अधूरी है। उन्होंने इसे वित्तीय कुप्रबंधन और अनुशासनहीनता का उदाहरण बताया और कहा कि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक्साइज राजस्व में बड़ा इजाफा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश को एक्साइज से 12 हजार करोड़ रुपये की आय होती थी, जो अब बढ़कर 62-63 हजार करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि लीकेज रोकने और पारदर्शिता लाने से संभव हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी वित्तीय अनुशासन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आत्मनिर्भर बनने के लिए वित्तीय अनुशासन और प्रभावी प्रबंधन बेहद जरूरी है। ग्राम पंचायत से लेकर नगर निगम तक सभी संस्थाएं विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय निकायों को वित्तीय अनुशासन सिखाना जरूरी है और इसमें इंटरनल ऑडिट की महत्वपूर्ण भूमिका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और &lsquo;जीरो टॉलरेंस&rsquo; नीति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने कहा कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी प्रकार की सिफारिश नहीं होती। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया इतनी गोपनीय होती है कि उच्च स्तर के अधिकारी भी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति &lsquo;जीरो टॉलरेंस&rsquo; की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2017 से पहले भर्ती में गड़बड़ियों का आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पेपर लीक और सिफारिश संस्कृति आम थी। कई बार पदों से ज्यादा लोगों की भर्ती हो जाती थी, जिससे विवाद और कोर्ट केस बढ़ते थे। अब योग्यता के आधार पर सभी वर्गों को समान अवसर मिल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रोजगार और महिला भागीदारी में वृद्धि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम ने बताया कि राज्य में अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। हाल ही में चयनित 371 लेखा परीक्षकों में 78 महिलाएं और 129 में से 25 महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में करीब 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है और विभिन्न योजनाओं के जरिए युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-economy-news-uttar-pradesh-revenue-surplus-state-cm-yogi-adityanath-ganga-expressway-financial-growth-analysis/articleshow-g4gqy5i"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Assam Election 2026: जिस नेता पर टिकी थी कांग्रेस, वही नहीं बचा पाए सीट, BJP ने मारी बाजी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/assam-election-2026-congress-face-gaurav-gogoi-loses-jorhat-seat-bjps-hitendra-nath-goswami-secures-big-win/articleshow-lc835yc</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:31:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Jorhat Election Result 2026:&lt;/strong&gt; असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के चेहरे गौरव गोगोई जोरहाट सीट से हार गए, जबकि बीजेपी के हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने बड़ी जीत दर्ज की। जानिए पूरा चुनाव विश्लेषण और बदलते सियासी समीकरण।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kjw6zej165tfyg19yew2psj2,imgname-fotojet---2026-03-04t161039.777-1772620855873.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राजनीति का पूरा नैरेटिव बदल दिया है। जिस चेहरे पर कांग्रेस ने पूरा दांव लगाया, वही चेहरा इस बार पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका बन गया। जोरहाट सीट से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई की हार ने न सिर्फ पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि असम की राजनीति में एक नया संदेश भी दिया है, यह चुनाव अब सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि भरोसे और नेतृत्व की परीक्षा बन चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जोरहाट में करारी हार: 23 हजार वोटों का बड़ा अंतर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जोरहाट विधानसभा सीट पर बीजेपी के अनुभवी नेता Hitendra Nath Goswami ने गौरव गोगोई को 23 हजार से अधिक वोटों से हराया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हितेंद्र नाथ गोस्वामी को 69 हजार से ज्यादा वोट मिले&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गौरव गोगोई करीब 46 हजार वोटों पर सिमट गए&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस ने पूरे राज्य में चुनावी अभियान का केंद्र गौरव गोगोई को ही बनाया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Prashant Kishor: 'मेरा वो वीडियो संभालकर रखना', एक्टर विजय पर की गई PK की भविष्यवाणी वायरल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&ldquo;चेहरे की राजनीति पर भारी पड़ा संगठन और रणनीति&rdquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी गठबंधन लगभग 97 सीटों पर जीत दर्ज करता दिख रहा है। इसके मुकाबले कांग्रेस सिर्फ 24 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, कांग्रेस ने इस बार नेतृत्व को आगे रखकर चुनाव लड़ा, लेकिन जमीनी स्तर पर संगठन और बूथ मैनेजमेंट में बीजेपी ने बाजी मार ली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोकसभा में जीत, विधानसभा में हार, क्यों बदला समीकरण?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2024 के लोकसभा चुनाव में गौरव गोगोई ने जोरहाट सीट से शानदार जीत हासिल की थी। उस समय इस लोकसभा क्षेत्र की 10 विधानसभा सीटों में कांग्रेस मजबूत स्थिति में थी। लेकिन 2026 विधानसभा चुनाव में तस्वीर पूरी तरह बदल गई-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;10 में से 9 सीटों पर बीजेपी गठबंधन आगे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सिर्फ सिबसागर सीट परअखिल गोगोई बढ़त बनाए हुए&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;यह बदलाव बताता है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की प्राथमिकताएं अलग-अलग हो सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AIUDF से दूरी: रणनीति या बड़ी चूक?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस ने इस बार All India United Democratic Front से गठबंधन नहीं किया। पार्टी का मानना था कि इससे उसकी स्वतंत्र पहचान मजबूत होगी, लेकिन नतीजे इसके उलट आए। कांग्रेस जिन 24 सीटों पर जीतती दिख रही है, उनमें से 19 पर मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत दर्ज होना भी पार्टी के सीमित वोटबैंक की ओर इशारा करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन हैं हितेंद्र नाथ गोस्वामी, जिन्होंने गोगोई को हराया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हितेंद्र नाथ गोस्वामी असम की राजनीति का एक मजबूत और अनुभवी चेहरा हैं।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;1991 से 2001 तक असम गण परिषद से तीन बार विधायक&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2014 में बीजेपी में शामिल&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2017&ndash;2021 तक असम विधानसभा के स्पीकर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2026 में जीत के साथ 6 बार विधायक&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;उनकी लगातार तीसरी जीत ने यह साफ कर दिया है कि जोरहाट में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस के लिए क्या संकेत देते हैं ये नतीजे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गौरव गोगोई की हार सिर्फ एक सीट का नुकसान नहीं है, बल्कि कांग्रेस के नेतृत्व मॉडल पर बड़ा सवाल है। जिस नेता को पार्टी ने असम में बदलाव का चेहरा बनाया, वही अपनी सीट नहीं बचा पाए। विशेषज्ञ मानते हैं कि कांग्रेस को अब अपनी रणनीति, गठबंधन और संगठन तीनों स्तरों पर पुनर्विचार करना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;असम विधानसभा चुनाव 2026 ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ चेहरा नहीं, बल्कि जमीनी पकड़ और मजबूत संगठन ही जीत दिलाता है। जोरहाट का नतीजा एक संकेत है, राजनीति में भरोसा तभी बनता है, जब नेतृत्व के साथ संगठन भी उतना ही मजबूत हो।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Assembly Bypoll Results 2026: 5 राज्यों की 7 सीटों में 3 BJP जीती, बारामती से सुनेत्रा का क्या है हाल?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/assam-election-2026-congress-face-gaurav-gogoi-loses-jorhat-seat-bjps-hitendra-nath-goswami-secures-big-win/articleshow-lc835yc"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Assembly Bypoll Results 2026: 5 राज्यों की 7 सीटों में 3 BJP जीती, बारामती से सुनेत्रा का क्या है हाल?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bypoll-2026-baramati-ajit-pawar-sunetra-rahuri-karnataka-gujarat-nagaland-tripura-results-bjp-congress-counting/articleshow-4zoyb7l</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/bypoll-2026-baramati-ajit-pawar-sunetra-rahuri-karnataka-gujarat-nagaland-tripura-results-bjp-congress-counting/articleshow-4zoyb7l</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 14:17:16 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;5 राज्यों की 7 सीटों के उपचुनाव 2026 में बड़ा सियासी सस्पेंस-बारामती से सुनेत्रा पवार आगे, भाजपा ने 3 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, राहुरी में 50 हजार वोटों की भारी लीड, कर्नाटक में कांग्रेस की वापसी, नगालैंड-त्रिपुरा में भाजपा की जीत से बदलता राजनीतिक गणित। क्या यह सत्ता संतुलन का नया खेल है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqs2h1dayarr7vajzwjwhw3g,imgname-bypoll-2026-baramati-ajit-pawar-sunetra-rahuri-karnataka-gujarat-nagaland-tripura-results-bjp-congress-counting-1777884235178.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Bypoll Results 2026: &lt;/strong&gt;देश के 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की मतगणना में शुरुआती रुझान तेजी से बदलते सियासी समीकरण दिखा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात, नगालैंड और त्रिपुरा की एक-एक सीट जीतकर मजबूत शुरुआत की है। गुजरात की उमरेठ सीट पर भाजपा उम्मीदवार हर्षद परमार ने कांग्रेस के भृगुराजसिंह चौहान को पीछे छोड़ते हुए निर्णायक बढ़त हासिल की। महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम एवं अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती सीट से आगे चल रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महाराष्ट्र में BJP की लहर, राहुरी में एकतरफा मुकाबला, सुनेत्रा पवार आगे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र की राहुरी सीट पर भाजपा उम्मीदवार अक्षय कार्डिले ने भारी बढ़त के साथ लगभग जीत सुनिश्चित कर ली है। 50,000 से अधिक वोटों की बढ़त ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया है। मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाना शुरू कर दिया। यह सीट पूर्व विधायक के निधन के बाद खाली हुई थी, और पार्टी ने उनके बेटे को मैदान में उतारा था। बारामती सीट पर भी सस्पेंस बना हुआ है, जहां NCP उम्मीदवार सुनेत्रा पवार आगे चल रही हैं। यह मुकाबला अजित पवार के प्रभाव क्षेत्र में बेहद अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कर्नाटक में कांटे की टक्कर, कांग्रेस ने मारी पलटी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कर्नाटक की दोनों सीटों पर शुरुआत में भाजपा आगे थी, लेकिन दावणगेरे साउथ सीट पर कांग्रेस ने मजबूत वापसी करते हुए बढ़त हासिल कर ली है। उमेश मेटी की जगह चुनाव लड़ रहे समरथ मल्लिकार्जुन अब भाजपा उम्मीदवार से आगे चल रहे हैं। बागलकोट सीट पर भी कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है, जिससे राज्य में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नगालैंड और त्रिपुरा में भाजपा की जीत, कांग्रेस को झटका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नगालैंड की कोरिडांग सीट पर भाजपा उम्मीदवार दाओचियर आई. इमचेन और त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर जाहर चक्रवर्ती ने जीत दर्ज कर ली है। इन नतीजों ने पूर्वोत्तर में भाजपा की पकड़ को और मजबूत कर दिया है, जबकि कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अंतिम तस्वीर अभी अधूरी, कई सीटों पर रोमांच बरकरार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि कई सीटों पर नतीजे साफ हो चुके हैं, लेकिन बारामती और कर्नाटक की कुछ सीटों पर अभी भी मुकाबला बेहद करीबी है। उपचुनावों के ये रुझान आने वाले राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकते हैं, जहां हर राउंड की गिनती के साथ सस्पेंस और बढ़ता जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bypoll-2026-baramati-ajit-pawar-sunetra-rahuri-karnataka-gujarat-nagaland-tripura-results-bjp-congress-counting/articleshow-4zoyb7l"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Assembly Election 2026 Results: पश्चिम बंगाल-असम में भाजपा की बड़ी बढ़त, CM मोहन यादव का TMC पर तीखा हमला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/assembly-election-2026-results-bjp-towards-winning-assam-west-bengal-cm-mohan-yadav-statement-amit-shah-pm-modi-tmc-govt/articleshow-a6cnzqr</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/assembly-election-2026-results-bjp-towards-winning-assam-west-bengal-cm-mohan-yadav-statement-amit-shah-pm-modi-tmc-govt/articleshow-a6cnzqr</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 13:58:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे जनता का समर्थन बताया और टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन की लहर है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqs1hy27y0yvtbt782mbtm3n,imgname-assembly-election-2026-results-bjp-towards-winning-1777883215943.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल और असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बड़ी जीत की तरफ बढ़ती नजर आ रही है। इस पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को दिल से बधाई दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव के इस समय में जनता ने अपना भरोसा भाजपा पर दिखाया है, जो बहुत महत्वपूर्ण है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह का बयान और राष्ट्रीय माहौल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज देशभर में भाजपा का झंडा लहराता दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत बताया और कहा कि असम में एक बार फिर घुसपैठ के खिलाफ मजबूत संदेश गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पश्चिम बंगाल में टीएमसी पर निशाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ था। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले बंगाल एक मजबूत और विकसित राज्य था, लेकिन कांग्रेस, कम्युनिस्ट और फिर टीएमसी के शासन में यहां हालात बिगड़ते गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य पिछड़ गया और जनता अब इसका जवाब दे रही है। &ldquo;जब निर्ममता होगी, तो उसकी कीमत भी चुकानी पड़ेगी,&rdquo; उन्होंने कहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर तरफ भाजपा का झंडा, जनता का समर्थन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव परिणाम टीएमसी की नीतियों के खिलाफ जनता का जवाब है। उन्होंने कहा कि जो भी सर्वे सामने आए थे, वे अब सही साबित होते दिख रहे हैं। हर जगह भाजपा को समर्थन मिल रहा है और जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में धैर्य और साहस दिखाया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भाजपा का विस्तार और एनडीए की मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने दावा किया कि यह 22वां राज्य हो सकता है जो एनडीए के साथ खड़ा होगा और 17वां राज्य जहां भाजपा का मुख्यमंत्री होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम मोदी के नेतृत्व में सुशासन की बात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सुशासन की लहर चल रही है। इस जीत का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व को दिया, साथ ही कार्यकर्ताओं के योगदान को भी सराहा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/assembly-election-2026-results-bjp-towards-winning-assam-west-bengal-cm-mohan-yadav-statement-amit-shah-pm-modi-tmc-govt/articleshow-a6cnzqr"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पानीहाटी चुनाव परिणाम 2026: RG Kar पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ आगे, MC खेमे में चिंता]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/panihat-election-result-2026-rg-kar-victim-mother-bjp-ratna-debnath-tmc-tirthankar-ghosh-vote-count-west-bengal-assembly/articleshow-3ltmbiz</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/panihat-election-result-2026-rg-kar-victim-mother-bjp-ratna-debnath-tmc-tirthankar-ghosh-vote-count-west-bengal-assembly/articleshow-3ltmbiz</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 13:06:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;West Bengal Election Results 2026: पानीहाटी चुनाव 2026 में रहस्य गहराया! RG Kar पीड़िता की मां व BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ TMC से 5067 वोटों से आगे। बंगाल चुनाव रुझानों ने सियासी भूचाल ला दिया है। 92% मतदान के बाद सत्ता बदलाव की चर्चा तेज, नतीजों पर टिकी निगाहें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrydg5pnfh8h7y8t6m55e3a,imgname-panihat-election-result-2026-rg-kar-victim-mother-bjp-ratna-debnath-tmc-tirthankar-ghosh-vote-count-west-bengal-assembly-1777879924918.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Election 2026: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की चर्चित पानीहाटी विधानसभा सीट पर 2026 के चुनावी नतीजों ने राजनीतिक माहौल को बेहद तनावपूर्ण और रोमांचक बना दिया है। शुरुआती मतगणना रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार रत्ना देबनाथ अपने प्रतिद्वंद्वी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से आगे चल रही हैं। अब तक के आंकड़ों के मुताबिक, देबनाथ को 13,784 वोट मिले हैं, जबकि घोष 8,717 वोटों पर हैं, जिससे उनके बीच 5,067 वोटों का अंतर बन गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;व्यक्तिगत दर्द से राजनीति तक का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रत्ना देबनाथ का चुनावी सफर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि गहरे व्यक्तिगत संघर्ष से जुड़ा हुआ है। वह उस पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की माँ हैं, जिनकी 2024 में आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और महिला सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी। देबनाथ ने चुनावी अभियान को अपनी बेटी की स्मृति और उन महिलाओं को समर्पित बताया है, जिन्हें वह वर्तमान शासन में असुरक्षित मानती हैं। उन्होंने साफ कहा है कि उनका उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि &ldquo;न्याय और जवाबदेही&rdquo; की लड़ाई को आगे बढ़ाना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;तीखे बयान और बढ़ता राजनीतिक तनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रचार के दौरान देबनाथ ने TMC सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि &ldquo;ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के भ्रष्ट नेता मेरी बेटी की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।&rdquo; उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन लगातार उनके साथ है और लोग बदलाव के मूड में हैं। उनका यह भी कहना रहा कि वह जब तक न्याय नहीं मिलता, व्यक्तिगत जीवन के कई पहलुओं से दूरी बनाए रखेंगी, जो उनके संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भाजपा की बढ़त को लेकर यह चर्चा तेज हो गई है कि राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है। हालांकि, अभी मतगणना पूरी नहीं हुई है और अंतिम परिणामों तक तस्वीर स्पष्ट नहीं मानी जा सकती। 92% के उच्च मतदान प्रतिशत ने भी इस चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि जनता ने इस बार चुनाव को बेहद गंभीरता से लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अंतिम परिणाम पर टिकी नजरें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पानीहाटी सीट पर मुकाबला अभी निर्णायक दौर में है। एक ओर व्यक्तिगत संघर्ष की भावनात्मक कहानी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सत्ता में रही राजनीतिक ताकत। ऐसे में हर राउंड की गिनती के साथ सस्पेंस और बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजरें अंतिम परिणाम पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि पानीहाटी की राजनीति किस दिशा में जाएगी&mdash;परिवर्तन की ओर या निरंतरता की ओर।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Weather: खराब मौसम पर CM योगी अलर्ट, जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने और तुरंत राहत देने का आदेश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-weather-cm-yogi-adityanath-storm-rain-alert-up-administration-relief-work-farmers-compensation-news-hindi/articleshow-wku9e6w</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:34:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-बारिश और खराब मौसम को लेकर प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने 24 घंटे में मुआवजा, राहत कार्य तेज करने और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता देने पर जोर दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrwr5px2vzxszy1qjff7p8k,imgname-up-weather-cm-yogi-adityanath-alert-1777878177501.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में आई आंधी-बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय रखी जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर हाल में यह सुनिश्चित करें कि खराब मौसम का असर कम से कम हो। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जनहानि, पशुहानि, घायलों या आपदा प्रभावित लोगों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों और आम जनता के लिए सरकार का साथ, राहत कार्य तेज करने के निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार हर कठिन परिस्थिति में किसानों और प्रदेश के सभी नागरिकों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण कई जिलों में सड़क दुर्घटनाएं भी हुई हैं। ऐसे स्थानों पर राहत और बचाव कार्यों को तेजी से चलाया जाए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आंधी और बारिश के कारण किसानों और आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि हर संभव प्रयास किया जाए ताकि इस खराब मौसम का असर न्यूनतम हो और लोगों को राहत मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने और हालात पर नजर रखने के निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लगातार फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लें। इसके साथ ही फील्ड अधिकारियों को भी प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संपर्क करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी आपसी समन्वय के साथ राहत कार्यों को प्रभावी तरीके से चलाएं। किसी भी तरह की आपात स्थिति या जरूरत की जानकारी समय पर एकत्र कर शासन तक पहुंचाई जाए, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mamata Banerjee Fake Degree Controversy: ममता बनर्जी को नाम से क्यों हटाना पड़ा 'डॉक्टर'? क्या था उस 'फर्जी' PhD का सच]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bengal-election-results-2026-mamata-banerjee-fake-phd-degree-controversy-why-she-removed-doctor-title-from-her-name/photoshow-6g86qz0</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:17:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee PhD Controversy: &lt;/strong&gt;चुनावी नतीजों के रुझानों में ममता बनर्जी की TMC सत्ता से जाती नजर आ रही है। बंगाल राजनीति में फ्रंटफुट पर रहने वाली दीदी की जिंदगी में ऐसा वक्त भी आया, जब उन्हें अपनी डिग्री की वजह से बैकफुट पर आना पड़ा था।पढ़िए किस्सा&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrvhammvkx58mvm333fqaeg,imgname-mamata-banerjee-phd-controversy-1777876904595.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee PhD Controversy: &lt;/strong&gt;चुनावी नतीजों के रुझानों में ममता बनर्जी की TMC सत्ता से जाती नजर आ रही है। बंगाल राजनीति में फ्रंटफुट पर रहने वाली दीदी की जिंदगी में ऐसा वक्त भी आया, जब उन्हें अपनी डिग्री की वजह से बैकफुट पर आना पड़ा था।पढ़िए किस्सा&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पश्चिम बंगाल: जब 29 साल की लड़की बनी राजनीति की 'जायंट किलर'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बात 1984 की है। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में सहानुभूति की लहर थी। कांग्रेस ने जादवपुर सीट से एक 29 साल की साधारण कार्यकर्ता को मैदान में उतारा। नामांकन पत्र पर सरनेम तक नहीं था, बस ममता लिखा था। सामने कम्युनिस्टों के दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी थे। सबने मान लिया था कि ममता का चुनाव जीतना नामुमकिन है, लेकिन नतीजों ने सबको सन्न कर दिया। ममता ने सोमनाथ चटर्जी को करीब 20,000 वोटों से हरा दिया और देश की सबसे युवा सांसदों में से एक बन गईं। यहीं से उन्हें 'जायंट किलर' कहा जाने लगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ममता बनर्जी संसद पहुंचीं और नाम के आगे लगाया 'डॉक्टर'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;1984 में सांसद बनने के बाद ममता ने अपने नाम की नेमप्लेट और आधिकारिक कागजों पर 'डॉ. ममता बनर्जी' लिखना शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अमेरिका की 'यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट जॉर्जिया' से अपनी पीएचडी (PhD) पूरी की है। उस वक्त एक युवा महिला सांसद के नाम के आगे 'डॉक्टर' जुड़ना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी और इसकी वजह से बड़ा विवाद छिड़ गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ममता बनर्जी ने जहां से डॉक्टरी की पढ़ाई की, वह वजूद में ही नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जैसे ही ममता के विरोधी सक्रिय हुए, इस डिग्री की जांच शुरू हो गई। जांच में जो खुलासा हुआ, उसने संसद से लेकर कोलकाता तक हड़कंप मचा दिया। पता चला कि जिस 'यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट जॉर्जिया' का ममता जिक्र कर रही थीं, उसका तो पूरी दुनिया में कोई वजूद ही नहीं था। उसका कोई कैंपस तक नहीं है। उस नाम की कोई यूनिवर्सिटी अमेरिका में नहीं मिली। वह महज कागजी या फर्जी यूनिवर्सिटी निकली। जैसे ही यह खबर फैली, ममता बनर्जी की काफी किरकिरी हुई। उन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के चुपचाप अपने नाम के आगे से 'डॉक्टर' हटा लिया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ममता बनर्जी की डिग्री विवाद को राजीव गांधी ने हंसकर टाला&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इस विवाद को ज्यादा तूल नहीं दिया और इसे हंसकर टाल दिया। उन्होंने ममता को बंगाल में बड़ी जिम्मेदारियां भी दीं। कहा जाता है कि राजीव गांधी, ममता को बंगाल के ही बड़े नेता प्रणव मुखर्जी के खिलाफ तैयार कर रहे थे, लेकिन 1989 के चुनाव में राजीव सरकार बहुमत से पीछे रह गई और ममता भी अपनी सीट हार गईं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bengal Election Result: क्या कह रहा है बंगाल का मूड?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सालों बाद आज फिर बंगाल एक बड़े सियासी मोड़ पर खड़ा है। 293 सीटों पर हो रही गिनती के ताजा हालात की बात करें, तो दोपहर 12 बजे तक भाजपा (BJP) करीब 160 सीटों पर आगे चल रही है, तो टीएमसी (TMC) सिर्फ 117 पर फंसी नजर आ रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CM Yogi Janta Darshan: CM योगी का शिक्षा-रोजगार पर जोर और अवैध कब्जे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/cm-yogi-adityanath-janta-darshan-education-employment-illegal-encroachment-action-up-news-hindi/articleshow-gau0id3</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 12:07:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और अवैध कब्जे जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने &lsquo;जनता दर्शन&rsquo; कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। मुख्यमंत्री ने सभी फरियादियों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर सही और उचित समस्या का समाधान करवाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिक्षा पर जोर: बच्चों का स्कूल में दाखिला कराना जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जनता दर्शन में कुछ अभिभावक अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। जब पता चला कि कुछ बच्चों का अभी तक स्कूल में एडमिशन नहीं हुआ है, तो उन्होंने अभिभावकों से इसका कारण जानना चाहा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बच्चों को पढ़ाना बहुत जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में गुणवत्ता के साथ शिक्षा दी जा रही है। सरकार द्वारा बच्चों के लिए ड्रेस, कॉपी-किताब, जूते-मोजे आदि के लिए 1200 रुपये सीधे अभिभावकों के खाते में भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों को पौष्टिक मिड-डे मील भी दिया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का जल्द से जल्द स्कूल में दाखिला कराएं और नियमित रूप से पढ़ाई सुनिश्चित करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रोजगार के अवसर: युवाओं को मेहनत से तैयारी की सलाह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जनता दर्शन में कई युवा नौकरी से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बताया कि पिछले 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है। इस वर्ष भी कई विभागों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे पूरी मेहनत और लगन से तैयारी करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी प्रकार की सिफारिश की जरूरत नहीं है, योग्यता के आधार पर ही नौकरी मिलेगी। युवाओं ने मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने का भरोसा जताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अवैध कब्जे पर सख्ती: तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जनता दर्शन के दौरान अवैध कब्जे की शिकायतें भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने संबंधित फरियादियों से प्रार्थना पत्र लेकर उसे पढ़ा और अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि राजस्व, प्रशासन और पुलिस मिलकर इन मामलों की जांच करें और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही पीड़ितों को संतुष्ट करने और पूरी रिपोर्ट शासन को देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अवैध कब्जे जैसी शिकायतें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[शून्य से शिखर तक: 15 साल में BJP ने कैसे बदली बंगाल की सियासत? जिससे दरक गया ममता का किला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-results-2026-bjp-rise-tmc-politics-vote-share-seats-analysis/articleshow-ruvlvch</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:31:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 लाइव अपडेट्स में BJP की 15 साल की राजनीतिक चढ़ाई निर्णायक मोड़ पर है। शून्य से 37% वोट शेयर तक पहुंची पार्टी क्या अब सत्ता की कुंजी बनेगी या TMC फिर से पूरा खेल पलट देगी-बंगाल की राजनीति में बड़ा सस्पेंस और सत्ता संघर्ष चरम पर है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrrnv0zzjpq4hj88ds1ny50,imgname-west-bengal-election-results-2026-bjp-rise-tmc-politics-vote-share-seats-analysis-1777873906719.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Election Results 2026: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2011 एक ऐतिहासिक मोड़ था। उस समय भारतीय जनता पार्टी राज्य में लगभग अप्रासंगिक मानी जाती थी। पार्टी का वोट शेयर मात्र 4.06% था और सीटों के कॉलम में शून्य दर्ज था। दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 38.93% वोटों के साथ 184 सीटें जीतकर वामपंथी शासन के लंबे दौर को समाप्त कर दिया। यह बदलाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं था, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा का पुनर्निर्धारण था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2016: धीरे-धीरे बढ़ती बीजेपी, लेकिन सीमित असर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2016 के विधानसभा चुनावों में BJP ने पहली बार हल्की लेकिन महत्वपूर्ण प्रगति दिखाई। पार्टी का वोट शेयर 10.16% तक पहुंचा और उसने 3 सीटें भी जीतीं। हालांकि यह प्रदर्शन अभी भी सीमित था, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह वह दौर था जब BJP ने जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार शुरू किया। दूसरी तरफ TMC ने अपनी पकड़ और मजबूत की और सत्ता में स्थिरता बनाए रखी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2021: राजनीतिक खेल पूरी तरह बदल गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2021 का चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। BJP का वोट शेयर तेजी से बढ़कर 37.97% तक पहुंच गया और पार्टी ने 77 सीटें जीतकर राज्य में मुख्य विपक्ष की भूमिका हासिल कर ली। वहीं TMC ने 48.02% वोटों और 215 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी। यह पहली बार था जब राज्य में राजनीति स्पष्ट रूप से दो ध्रुवों में बंट गई-TMC बनाम BJP।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2026: क्या यह सत्ता परिवर्तन की आहट है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब 2026 के नतीजे सामने आ रहे हैं और राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित बना हुआ है। BJP के लिए यह चुनाव सिर्फ वोट शेयर बढ़ाने का नहीं, बल्कि उसे सीटों में बदलकर सत्ता की वास्तविक चुनौती पेश करने का अवसर माना जा रहा है। सवाल यह है कि क्या BJP अपनी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को निर्णायक जीत में बदल पाएगी या फिर TMC एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ममता बनाम BJP: निर्णायक टक्कर का समय?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार का चुनाव सिर्फ़ आंकड़ों की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक ताकत की असली परीक्षा माना जा रहा है। Mamata Banerjee के लिए यह अपनी पकड़ बनाए रखने की लड़ाई है, जबकि BJP के लिए यह &ldquo;वैकल्पिक सत्ता&rdquo; बनने की आखिरी निर्णायक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अंतिम पड़ाव: क्या 15 साल की यात्रा पूरी होगी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;15 साल में शून्य से 77 सीटों तक पहुंचना BJP के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही है। लेकिन 2026 का सवाल और भी बड़ा है-क्या यह उछाल सत्ता में तब्दील हो पाएगा, या फिर बंगाल की राजनीति एक बार फिर पुराने समीकरणों पर लौट जाएगी? नतीजे जैसे-जैसे सामने आ रहे हैं, बंगाल की सियासत एक बार फिर इतिहास के बेहद अहम मोड़ पर खड़ी दिख रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-election-results-2026-bjp-rise-tmc-politics-vote-share-seats-analysis/articleshow-ruvlvch"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mamata Banerjee: 3:30 बजे उठकर चूल्हा फूंकने वाली लड़की कैसे बनी बंगाल की सीएम?, अब BJP के चक्रव्यूह में फंसी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-biography-childhood-name-struggle-to-west-bengal-cm-story-amid-bengal-election-results-2026-bjp-vs-tmc/photoshow-5aif9fq</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 11:31:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Life Story: &lt;/strong&gt;बंगाल चुनाव के रूझानों में ममता बनर्जी का किला ढहता नजर आ रहा है। भवानीपुर सीट से वह पीछे चल रही हैं। 15 साल से सत्ता में चल रही दीदी का बचपन संघर्षों में बीता है। जानिए 3:30 बजे उठकर चूल्हा फूंकने वाली लड़की कैसे बनी CM?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrs7fjbpq6s2qn1k9z4djhm,imgname-mamata-banerjee-1777874484811.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mamata Banerjee Life Story: &lt;/strong&gt;बंगाल चुनाव के रूझानों में ममता बनर्जी का किला ढहता नजर आ रहा है। भवानीपुर सीट से वह पीछे चल रही हैं। 15 साल से सत्ता में चल रही दीदी का बचपन संघर्षों में बीता है। जानिए 3:30 बजे उठकर चूल्हा फूंकने वाली लड़की कैसे बनी CM?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ममता बनर्जी की फैमिली और बचपन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी का जन्म कोलकाता की एक छोटी सी गली, हरीश चटर्जी स्ट्रीट में हुआ था। उनका परिवार दो कमरों के मकान में रहता था। बचपन में उन्हें घर के लोग प्यार से 'मोनाबाबा' बुलाते थे। पिता सरकारी ठेकेदार थे और घर में सब ठीक चल रहा था, लेकिन जब ममता सिर्फ 15 साल की थीं, तब पिता का साया सिर से उठ गया। उस दिन ने 'मोनाबाबा' का बचपन छीन लिया। घर में बीमार मां और 5 छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी अचानक ममता के कंधों पर आ गई।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुबह 3:30 उठना, चूल्हा फूंकना और पढ़ाई करना&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;तंगहाली के उस दौर में ममता की जिंदगी काफी कठिन थी। वह रोज सुबह तड़के 3:30 बजे उठ जाती थीं और चूल्हा फूंकती थीं। भाइयों के लिए खाना बनाना और उन्हें स्कूल भेजना उनकी रोज की ड्यूटी थी। इतनी गरीबी और काम के बोझ के बावजूद उन्होंने इतिहास, शिक्षाशास्त्र और वकालत की डिग्री हासिल की। यही वह समय था जब उन्होंने राजनीति की राह चुनी और कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI से जुड़ गईं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस से अलग बनाई अपनी पार्टी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस में रहते हुए ममता को लगने लगा था कि कुछ नेता कम्युनिस्टों के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं को 'तरबूज' कहना शुरू कर दिया यानी ऊपर से हरा (कांग्रेस) और अंदर से लाल (कम्युनिस्ट)। इसी बगावत और सोनिया गांधी से हुई एक कड़वी मुलाकात के बाद, 1 जनवरी 1998 को ममता ने अपनी अलग पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) बनाई। उन्होंने खुद इसका चुनाव चिह्न (मिट्टी से उगते दो फूल) डिजाइन किया था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बंगाल में पहली बार सत्ता में ममता बनर्जी का कब्जा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ममता बनर्जी की राजनीतिक पहचान एक ऐसी 'स्ट्रीट फाइटर' की रही है, जिसने अपमान का जवाब हमेशा अपनी जिद और संकल्प से दिया है। साल 1993 की वह रात उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ थी, जब एक मूक-बधिर पीड़िता के लिए न्याय मांगते हुए उन्हें सचिवालय (राइटर्स बिल्डिंग) से पुलिस ने बालों से पकड़कर सीढ़ियों से नीचे घसीटा था। आधी रात को लॉकअप में बंद होने के बाद, ममता ने उसी अपमान की आग में जलते हुए एक भीषण कसम खाई थी कि वह अब उस बिल्डिंग में तभी कदम रखेंगी, जब खुद मुख्यमंत्री बनेंगी। उनकी इस छवि को और मजबूती तब मिली जब साल 1990 में एक प्रदर्शन के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ और उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया। अस्पताल के बिस्तर पर पट्टियों में लिपटे उनके चेहरे ने बंगाल की राजनीति में एक नई 'दीदी' को जन्म दिया, जिसने आखिरकार 2011 में अपनी कसम पूरी की और 34 साल पुराने वामपंथी शासन को उखाड़ फेंका।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या बंगाल चुनाव 2026 के चक्रव्यूह में फंसी ममता दीदी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आज बंगाल की 293 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझान ममता बनर्जी के लिए अच्छे नहीं दिख रहे हैं। सुबह 11 बजे तक भाजपा फिलहाल 157 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी 115 पर सिमटती दिख रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ममता बनर्जी अपनी खुद की सीट भवानीपुर से पीछे चल रही हैं और सुवेंदु अधिकारी आगे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mamata-banerjee-biography-childhood-name-struggle-to-west-bengal-cm-story-amid-bengal-election-results-2026-bjp-vs-tmc/photoshow-5aif9fq"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Madhya Pradesh: 20 घंटे जंगल में अकेला रहा 2 साल का मासूम, पिता ने ही मरने के लिए छोड़ा था]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/madhya-pradesh-toddler-survives-20-hours-alone-in-forest-after-father-abandons-him/articleshow-ycm6v3z</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 10:35:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मध्य प्रदेश में एक 2 साल का बच्चा जंगल में 20 घंटे तक अकेला जीवित रहा। उसे उसके पिता ने पत्नी की हत्या करने के बाद वहां छोड़ दिया था। पुलिस ने एक तलाशी अभियान के बाद बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrnskm83g1e29ps98mkc4mx,imgname-untitled-design---2026-05-04t102948.105-1777870884488.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;एक 2 साल के बच्चे के जंगली इलाके में ज़िंदा बचने की कहानी ने सबको हैरान कर दिया है। मध्य प्रदेश के एक जंगल में इस बच्चे को अकेला छोड़ दिया गया था। वह करीब 20 घंटे तक नंगे पैर भटकता रहा, जिसके बाद उसे ढूंढ लिया गया। यह दर्दनाक घटना शनिवार दोपहर के आसपास शुरू हुई, जब विदिशा जिले के एक गांव के रहने वाले 25 साल के एक शख्स ने पत्थर से सिर कुचलकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खतरनाक जंगली जानवरों से भी नहीं डरा बच्चा&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हमले के वक्त उनका छोटा बेटा भी वहीं मौजूद था। जुर्म करने के बाद, वह आदमी बच्चे को अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर रायसेन जिले की सीमा के पास करीब 2 किलोमीटर अंदर जंगल में ले गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने बच्चे को एक घने जंगल में मंदिर के पीछे एक नाले के पास छोड़ दिया और अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग गया। यह इलाका खतरनाक जंगली जानवरों के लिए जाना जाता है और यह वयस्कों के लिए भी सुरक्षित नहीं है, खासकर एक छोटे बच्चे के लिए जिसके पास न तो ढंग के कपड़े थे और न ही जूते।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जब महिला का शव मिला तो पुलिस ने पिता से पूछताछ की। उसने पुलिस को गुमराह किया और यह नहीं बताया कि बच्चा कहां है। इस देरी की वजह से तलाशी शुरू करने में मुश्किल हुई। जब और लोगों से पूछताछ की गई और रिश्तेदारों से संपर्क किया गया, तब अधिकारियों को एहसास हुआ कि बच्चा गायब है। तब तक अंधेरा हो चुका था, जिससे तलाशी और भी मुश्किल हो गई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;चमत्कारी बचाव&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस की टीमों ने पूरी रात इलाके में तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने जंगलों, खेतों, तालाबों और दूसरी सुनसान जगहों पर बच्चे को ढूंढा। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे, बचाव दल को कुछ कमजोर आवाजें सुनाई दीं और उन्होंने बच्चे को अकेले घूमते हुए पाया। वह कमजोर, प्यासा और बहुत भूखा था। उसने तुरंत बचाव दल से खाना और पानी लिया और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बेगमगंज की सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) सोनाली गुप्ता ने कहा, &ldquo;यह एक चमत्कार था कि वह बच गया।&rdquo; कठिन हालात, जानवरों से खतरे, ठंड और संभावित चोटों के बावजूद बच्चा बच गया। अधिकारियों का मानना है कि वह पूरी रात चलता रहा होगा, जो उसके बचने की कहानी को और भी असाधारण बनाता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Mobile Addiction: 16 साल की बेटी को मोबाइल की लत, 24 घंटे नजर रखने परिवार ने लगाए 4 बाउंसर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ahmedabad-parents-hire-bouncers-for-rs-65000-to-cure-daughters-social-media-addiction/articleshow-mfi831r</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 09:36:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अहमदाबाद में एक परिवार ने 16 वर्षीय बेटी की सोशल मीडिया लत से परेशान होकर ₹65,000 महीने पर 4 बाउंसर रखे हैं। लड़की के हिंसक होने पर डॉक्टर की सलाह के बाद उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrfpsva35mkj3s3pkyrwqq7,imgname-----------------------2026-05-04t084437.031-1777864501098.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अहमदाबाद:&lt;/strong&gt; गुजरात के अहमदाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार अपनी 16 साल की बेटी की सोशल मीडिया की लत से इतना परेशान हो गया कि उसे छुड़ाने के लिए 65,000 रुपये महीने खर्च कर 4 बाउंसर काम पर रख लिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ये बाउंसर 2 शिफ्ट में 24 घंटे लड़की पर नज़र रखते हैं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की को मोबाइल की बुरी तरह लत लग गई थी। वह दिन-भर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती और लाइक्स गिनती रहती थी। इतना ही नहीं, वह सोशल मीडिया पर बने दोस्तों से असल में मिलने भी लगी थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब भी माता-पिता उससे मोबाइल छीनने की कोशिश करते, तो वह हिंसक हो जाती थी। उसने गुस्से में टीवी जैसी चीजें अपार्टमेंट से बाहर फेंक दी थीं। एक बार तो उसने अपनी मां पर भी हाथ उठाने की कोशिश की। परेशान होकर जब परिवार उसे डॉक्टर के पास ले गया, तो उन्होंने इलाज के साथ-साथ उस पर कड़ी निगरानी रखने की भी सलाह दी। इसके बाद ही परिवार ने बाउंसर रखने का फैसला किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऐसे और भी मामले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सूरत में 17 साल का एक लड़का गेमिंग की लत के कारण इतना गुस्सैल हो गया था कि वह अपने पिता के पालतू कुत्ते को पीटने लगा था। उस पर नजर रखने के लिए भी बाउंसर रखे गए थे। एक और मामले में, ड्रग्स की लत का इलाज करा चुके लड़के पर नजर रखने के लिए बाउंसरों को काम पर लगाया गया था, ताकि वह दोबारा उस रास्ते पर न जाए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Ambedkar Nagar: 4 बच्चों की हत्या के बाद मां की लाश नाले में मिली, कहानी में आया सनसनीखेज मोड़]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/ambedkar-nagar-horror-mother-found-dead-in-drain-after-four-children-murdered-in-up-home/articleshow-b6io30u</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 08:58:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अंबेडकर नगर में 4 बच्चों की हत्या के बाद उनकी लापता माँ का शव भी एक नाले से मिला है। पहले माँ पर हत्या का शक था, लेकिन इस नए मोड़ ने मामले को और रहस्यमयी बना दिया है। पुलिस अब हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqqdxyxeab23dhjxtgtk9m1e,imgname-murder-mystery-1777829084078.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ:&lt;/strong&gt; एक ही परिवार के चार बच्चों की घर में हत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। बच्चों की मां, जो घटना के बाद से गायब थी, उसकी लाश भी एक नाले से बरामद हुई है। ये दिल दहला देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर की है। 37 साल की नासिया खातून शनिवार सुबह से लापता थीं। रविवार शाम को उनकी लाश पास के एक नाले से मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;शनिवार को अकबरपुर थाना क्षेत्र के मीरनपुर इलाके में एक घर के अंदर 8 से 14 साल के चार बच्चों की लाशें मिली थीं। किसी हथियार से उनके सिर पर वार करके हत्या की गई थी। घटना के बाद से बच्चों की मां गायब थी और उसका फोन भी बंद था, इसलिए शक की सुई उसी पर थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मारे गए बच्चों के नाम शफीक (14), सऊद (12), उमर (10) और सादिया (8) हैं। उनके पिता, 42 साल के नियाज, सऊदी अरब में काम करते हैं। पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद नाले से नासिया की लाश मिली। विदेश में मौजूद पति नियाज को जब लाश की तस्वीर भेजी गई, तो उन्होंने अपनी पत्नी को पहचान लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अंबेडकर नगर की एसपी प्राची सिंह ने बताया कि नासिया की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मौत की असली वजह रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नासिया की किसी ने हत्या की है या उसने खुद जहर खाकर नाले में छलांग लगा दी। एसपी ने उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि लाश बोरे में बंधी मिली थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पुलिस इस मामले में महिला के परिवार वालों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है। ये भी जांच की जा रही है कि इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ तो नहीं है। वहीं, रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद बच्चों के शवों को महरुआ इलाके के कसदा गांव लाया गया, जहां का माहौल बेहद गमगीन था। रिश्तेदारों और पड़ोसियों समेत सैकड़ों लोगों ने बच्चों को आखिरी विदाई दी। इसके बाद गांव के कब्रिस्तान में उन्हें दफना दिया गया। अब नासिया की मौत की खबर आने के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अंबेडकरनगर&amp;nbsp;➡अंबेडकरनगर में दिल दहला देने वाला मामला&amp;nbsp;➡पहले घर में 4 मासूम बच्चों के शव मिले➡बच्चों की हत्या का शक मां गासिया खातून पर गया➡अब घर से कुछ दूरी पर नाले में मां का शव मिला&amp;nbsp;➡नए घटनाक्रम ने पूरे केस को रहस्यमयी बना दिया➡गासिया का शौहर नियाज सऊदी अरब में रहता&hellip; pic।twitter।com/ahCPs669mo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) 3 मई, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/ambedkar-nagar-horror-mother-found-dead-in-drain-after-four-children-murdered-in-up-home/articleshow-b6io30u"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Vrihad Podharopan Abhiyan: यूपी में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य, योगी सरकार का हरित अभियान तेज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-vrihad-podharopan-abhiyan-35-crore-plantation-yogi-adityanath-green-cover-target-india/articleshow-8cizyqy</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 08:27:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में 2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। योगी आदित्यनाथ ने इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। ग्रीन कवर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrejawjktsbpfrq7rkxehf1,imgname-up-vrihad-podharopan-abhiyan-1777863306130.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में बड़ी सफलता हासिल की है और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने &lsquo;एक पेड़ मां के नाम&rsquo; अभियान के तहत हर आंगनबाड़ी केंद्र में कम से कम 5 सहजन के पौधे लगाने और स्कूल-कॉलेजों में प्रत्येक छात्र द्वारा एक पौधा लगाने का आह्वान किया। साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि निरंतर चलने वाला जन-अभियान बनाया जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी में वृक्षारोपण उपलब्धियां और ग्रीन कवर ग्रोथ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में वृक्षारोपण के क्षेत्र में लगातार प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में प्रदेश के वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि भी राष्ट्रीय औसत 1.13 प्रतिशत से अधिक 2.46 प्रतिशत दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य रखा कि वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण हासिल किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वैज्ञानिक और योजनाबद्ध वृक्षारोपण अभियान 2026&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 का वृक्षारोपण अभियान पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणाम आधारित होना चाहिए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की नींव बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नर्सरी और पौधों की उपलब्धता: 50 करोड़ पौधों की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। इसके अलावा उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डिजिटल मॉनिटरिंग और पौधों की सुरक्षा पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है। इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। &lsquo;हरीतिमा&rsquo; ऐप, GIS मैपिंग, QR कोड ट्रैकिंग, प्लांटेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (PMS) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (NMS) के माध्यम से पौधरोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के सर्वे में लगाए गए पौधों की जीवितता दर 80 प्रतिशत दर्ज की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शहीदों के नाम पर वन और विशेष पौधरोपण अभियान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर वन और वाटिका विकसित करने पर जोर दिया। नदियों और हाईवे किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधरोपण के निर्देश दिए गए। इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनभागीदारी और समयबद्ध कार्ययोजना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि 30 मई तक अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और तय समय के अनुसार वृक्षारोपण अभियान पूरा करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रामसर साइट: शेखा झील पक्षी विहार को मिला सम्मान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग ने मुख्यमंत्री को शेखा झील पक्षी विहार को रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र सौंपा। प्रदेश में अब कुल 12 रामसर स्थल हैं, जो 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हुए हैं। शेखा झील 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है, जिसे 2016 में पक्षी विहार घोषित किया गया था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-vrihad-podharopan-abhiyan-35-crore-plantation-yogi-adityanath-green-cover-target-india/articleshow-8cizyqy"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: 357 Junior Analyst भर्ती, 18 लैब पूरी तरह सक्रिय, दवा जांच में आएगी तेजी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-junior-analyst-recruitment-2026-drug-testing-labs-health-security-uttar-pradesh-yogi-adityanath-government/articleshow-94cn9ko</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 08:14:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में 357 कनिष्ठ विश्लेषकों की भर्ती से दवा जांच व्यवस्था मजबूत होगी। 18 प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता से काम करेंगी और जांच क्षमता 12,000 से बढ़कर 54,500 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrdw39vjyka0423c3rzdny9,imgname-up-news-junior-analyst-recruitment-1777862577467.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। रविवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अंतर्गत चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। वर्ष 2024 के विज्ञापन के आधार पर वर्ष 2026 में पूरी हुई यह भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हुई। इन नियुक्तियों से दवा की गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया तेज होगी और प्रदेश की सभी 18 प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता के साथ काम कर सकेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;औषधि गुणवत्ता जांच में तेजी: Drug Testing System Uttar Pradesh&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कनिष्ठ विश्लेषक (औषधि) की नियुक्ति से प्रदेश में दवा और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को नई गति मिलेगी। इनका मुख्य कार्य औषधि एवं कास्मेटिक्स एक्ट 1940 और संबंधित नियमों के तहत विभिन्न जिलों से लिए गए नमूनों का वैज्ञानिक परीक्षण करना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह जांच दवाओं की शुद्धता, प्रभावशीलता और मानकों के अनुरूप होने को सुनिश्चित करेगी। साथ ही नकली, मिलावटी और घटिया उत्पादों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी। इससे बाजार में उपलब्ध दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जा सकेगी और लोगों को सुरक्षित उत्पाद मिल पाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;18 आधुनिक प्रयोगशालाएं: Lab Infrastructure Uttar Pradesh&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश में दवा परीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर मंडल मुख्यालय पर आधुनिक औषधि प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। अब कुल 18 प्रयोगशालाएं फर्नीचर और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। पहले जहां केवल 5 प्रयोगशालाओं के माध्यम से पूरे प्रदेश की जांच होती थी, वहीं अब यह नेटवर्क काफी विस्तृत और मजबूत हो गया है। नई नियुक्तियों के बाद सभी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता से काम करेंगी, जिससे जांच की गति बढ़ेगी और लंबित मामलों में कमी आएगी। इससे गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4 गुना बढ़ेगी जांच क्षमता: Sample Testing Capacity Boost&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई भर्ती के बाद प्रदेश में औषधि नमूनों की जांच क्षमता में बड़ी वृद्धि होगी। पहले जहां हर साल लगभग 12,000 नमूनों की जांच हो पाती थी, अब यह संख्या बढ़कर 54,500 नमूनों तक पहुंच जाएगी। यह चार गुना से अधिक वृद्धि है, जिससे अधिक व्यापक स्तर पर दवाओं और कास्मेटिक उत्पादों की निगरानी संभव होगी। इससे समय पर जांच पूरी होगी और बाजार में मौजूद संदिग्ध या मानकहीन उत्पादों पर जल्दी कार्रवाई की जा सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: UPSSSC Recruitment 2026&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भर्ती में कुल 357 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जिसमें 143 अनारक्षित, 75 अनुसूचित जाति, 06 अनुसूचित जनजाति, 97 अन्य पिछड़ा वर्ग और 36 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। यह चयन पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित रहा। 11 मार्च 2026 को घोषित परिणाम सरकार की तेज और जवाबदेह कार्यप्रणाली को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रणाली ने नई कार्यसंस्कृति स्थापित की है, जिससे युवाओं को बिना भेदभाव के समान अवसर मिल रहे हैं और सरकारी तंत्र पर भरोसा मजबूत हुआ है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मिशन दृष्टि लॉन्च, GalaxEye का ऑप्टोसार सैटेलाइट बना भारत की बड़ी उपलब्धि, CM मोहन यादव ने दी बधाई]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/galaxeye-launch-mission-drishti-optosar-satellite-india-private-space-achievement-2026-mohan-yadav-wishes/articleshow-nzk4zh6</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:57:51 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मिशन दृष्टि, दुनिया का पहला ऑप्टोसार सैटेलाइट, गैलेक्सआई द्वारा सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताया और युवा स्टार्टअप्स की भूमिका की सराहना की।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqrcyrd5p3vfk3fks6ptxykk,imgname-galaxeye-launch-mission-drishti-optosar-satellite-1777861616037.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुनिया के पहले और भारत में निर्मित सबसे बड़े निजी ऑप्टोसार उपग्रह &lsquo;मिशन दृष्टि&rsquo; के सफल प्रक्षेपण पर गैलेक्सआई के संस्थापकों और उनकी युवा टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि &lsquo;मिशन दृष्टि&rsquo; अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह मिशन भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार की ताकत को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का प्रभाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को विज्ञान और तकनीक सहित हर क्षेत्र में प्रोत्साहन देने का सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई दे रहा है। देश में स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने से अंतरिक्ष जैसे जटिल क्षेत्रों में भी युवा लगातार नए प्रयोग और नवाचार कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GalaxEye स्टार्टअप और सैटेलाइट लॉन्च की जानकारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सआई ने रविवार, 3 मई 2026 को &lsquo;मिशन दृष्टि&rsquo; नामक दुनिया का पहला ऑप्टोसार सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह 190 किलोग्राम वजनी उपग्रह भारत में किसी निजी कंपनी द्वारा निर्मित सबसे बड़ा सैटेलाइट है। इसे स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से कैलिफोर्निया से प्रक्षेपित किया गया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IMD Heatwave Alert: एमपी-छत्तीसगढ़ में 41°C , पटना-रांची में बारिश की चेतावनी! जानिए 10 प्रमुख शहरों का मौसम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/imd-heatwave-alert-raipur-bhopal-high-temperature-patna-lucknow-rain-thunderstorm-forecast-4-may-2026-weather/photoshow-hnsf1lm</link>
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            <pubDate>Mon, 04 May 2026 05:15:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;IMD Heatwave Alert: 4 मई को उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जानिए कहां पड़ेगी भीषण गर्मी और कहां मिलेगी बारिश से राहत? IMD का पूरा वेदर अपडेट और हीटवेव अलर्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kk1mtazv36ejpw35a6sa1692,imgname-weather-update-1772803140603.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;IMD Heatwave Alert: 4 मई को उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जानिए कहां पड़ेगी भीषण गर्मी और कहां मिलेगी बारिश से राहत? IMD का पूरा वेदर अपडेट और हीटवेव अलर्ट।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पटना, रांची, लखनऊ, आगरा और रायपुर समेत उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में आज मौसम मिला-जुला रहने वाला है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या धूलभरी आंधी देखने को मिल सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि लगातार चल रही गर्मी के बीच ये बादल और हवाएं तापमान को थोड़ा कंट्रोल में रखेंगी। लेकिन दोपहर के समय उमस और चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज सबसे ज्यादा तापमान रायपुर और इंदौर में दर्ज होने की संभावना है, जहां पारा 40-41&deg;C तक जा सकता है। भोपाल भी इससे ज्यादा पीछे नहीं है। इन शहरों में साफ आसमान और तेज धूप के कारण हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है। दूसरी ओर पटना और रांची में तापमान थोड़ा कम (33-34&deg;C) रहेगा, लेकिन नमी ज्यादा होने के कारण यहां तापमान अधिक महसूस होगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज कितना रहेगा तापमान (City-wise Trend)&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पटना: 33&deg;C / 23&deg;C- उमस और हल्की आंधी की संभावना&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रांची: 34&deg;C / 21&deg;C- गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लखनऊ: 36&deg;C / 22&deg;C- बादल, हल्की बारिश संभव&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आगरा: 35&deg;C / 25&deg;C- थंडरशावर और तेज हवा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कानपुर: 34&deg;C / 22&deg;C- हल्की बारिश और आंधी की संभावना&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रयागराज: 36&deg;C / 25&deg;C- गरज-चमक के साथ बारिश संभव&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बांदा: 38&deg;C / 21&deg;C- गर्मी के बीच हल्की बारिश के आसार&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भोपाल: 39&deg;C / 24&deg;C- साफ आसमान, तेज गर्मी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इंदौर: 40&deg;C / 24&deg;C- तेज धूप, गर्मी ज्यादा&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रायपुर: 41&deg;C / 26&deg;C- लू जैसे हालात, सबसे ज्यादा तापमान&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;कुल मिलाकर, मध्य भारत (खासतौर पर रायपुर, भोपाल, इंदौर) में गर्मी ज्यादा तीखी है, जबकि पूर्वी भारत (पटना, रांची) और उत्तर प्रदेश के शहरों में बादल, आंधी और बारिश के कारण मौसम थोड़ा बदला हुआ नजर आएगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;जहां रायपुर, भोपाल और इंदौर में हीटवेव जैसी स्थिति है, वहां दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें, पानी और ORS का सेवन बढ़ाएं। वहीं पटना, रांची और लखनऊ में तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आने वाले 3-4 दिनों में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तापमान 40&deg;C के आसपास बना रहेगा, यानी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। वहीं बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और बादलों की वजह से तापमान 33-36&deg;C के बीच रहेगा। हालांकि 7-8 मई तक यहां भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा, जिससे गर्मी फिर से तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/imd-heatwave-alert-raipur-bhopal-high-temperature-patna-lucknow-rain-thunderstorm-forecast-4-may-2026-weather/photoshow-hnsf1lm"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IMD Delhi Weather: आज आंधी-बारिश से गर्मी में राहत, लेकिन 3 दिन बाद फिर तपेगी दिल्ली]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/imd-delhi-weather-today-barish-aandhi-garmi-heatwave-delhi-mausam-forecast-4-may-2026/photoshow-vasid74</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/imd-delhi-weather-today-barish-aandhi-garmi-heatwave-delhi-mausam-forecast-4-may-2026/photoshow-vasid74</guid>
            <pubDate>Mon, 04 May 2026 05:00:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi Weather:&lt;/strong&gt; दिल्ली में 4 मई 2026 का मौसम गर्मी से राहत देगा या हीटवेव का खतरा और बढ़ेगा? जानें आज का पूरा वेदर अपडेट। तापमान, बारिश, आंधी, तेज हवाएं और आने वाले दिनों में कितनी बढ़ेगी गर्मी, IMD की लेटेस्ट अपडेट के साथ दिल्ली वेदर का फोरकास्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi Weather:&lt;/strong&gt; दिल्ली में 4 मई 2026 का मौसम गर्मी से राहत देगा या हीटवेव का खतरा और बढ़ेगा? जानें आज का पूरा वेदर अपडेट। तापमान, बारिश, आंधी, तेज हवाएं और आने वाले दिनों में कितनी बढ़ेगी गर्मी, IMD की लेटेस्ट अपडेट के साथ दिल्ली वेदर का फोरकास्ट।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में 4 मई 2026 का मौसम गर्मी और राहत दोनों का मिश्रण लेकर आ रहा है। अधिकतम तापमान करीब 36&deg;C और न्यूनतम 26&deg;C रहने की संभावना है। दिन के समय उमस (Humidity ~70%) के कारण गर्मी ज्यादा महसूस होगी, लेकिन दोपहर के बाद मौसम करवट लेगा। IMD के अनुसार आज थंडरस्टॉर्म के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट आएगी। हीटवेव जैसी स्थिति पूरी तरह नहीं बनेगी, लेकिन गर्मी का दबाव बना रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;आज दिल्ली में तापमान भले ही 40&deg;C के पार नहीं जाएगा, लेकिन हाई ह्यूमिडिटी और लो विंड फ्लो के कारण तापमान ज्यादा महसूस हो सकता है। यही कारण है कि लोगों को हल्की हीटवेव जैसी स्थिति महसूस हो सकती है। दोपहर तक धूप तेज रहेगी और हीट इंडेक्स बढ़ेगा। हालांकि 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और बारिश इस गर्मी को कुछ हद तक कंट्रोल करेंगी। कुल मिलाकर, गर्मी से राहत आंशिक ही मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;IMD के अनुसार 4 मई को दोपहर और शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म और बिजली चमकने की संभावना है। साथ ही 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह मौसम बदलाव अचानक होगा, इसलिए बाहर निकलते समय सतर्क रहें। खासकर खुले स्थान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यह सिस्टम गर्मी को तोड़ने में मदद करेगा, लेकिन मौसम को अस्थिर भी बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;भले ही हीटवेव का ऑफिशियल अलर्ट नहीं है, लेकिन गर्मी, उमस और अचानक मौसम बदलाव शरीर पर असर डाल सकते हैं। दोपहर में बाहर निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, और पर्याप्त पानी पीते रहें। आंधी-बारिश के दौरान घर में रहना बेहतर है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है। अगर बाहर हैं तो छाता या रेनकोट साथ रखें, क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;5 मई को भी मौसम कुछ हद तक ऐसा ही रहेगा। तापमान 36&deg;C से 23&deg;C और थंडरस्टॉर्म की संभावना, लेकिन कोई अलर्ट नहीं। 6 से 8 मई के बीच आसमान साफ होगा और तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 38&deg;C तक पहुंच सकता है। यानी आने वाले दिनों में गर्मी फिर से जोर पकड़ सकती है और हीटवेव की संभावना बढ़ सकती है। अभी की बारिश अस्थायी राहत है, लेकिन मई के दूसरे हफ्ते में दिल्ली फिर से तपने के संकेत दे रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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