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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Thu, 09 Jul 2026 20:17:40 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[CG News : 1 लाख की मदद, नई बीमा योजना और e-KYC... श्रमिकों के लिए क्या-क्या बदला?]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 20:17:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लिया है। ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया है। गिग वर्कर्स, चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए नई योजनाएं तैयार होंगी। सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन भी अनिवार्य होगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx3nggk1c47fkvmrjt1gx9w8,imgname-cg-unorganised-workers-new-schemes-e-rickshaw-subsidy-1-lakh-1783608394337.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान बढ़ाना, गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए नई योजनाएं तैयार करना तथा श्रमिकों के लिए व्यापक बीमा व्यवस्था पर काम शुरू करना शामिल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान हुआ दोगुना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में सबसे बड़ा फैसला ई-रिक्शा सहायता योजना को लेकर लिया गया। अब इस योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गिग वर्कर्स, चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए नई पहल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार अब असंगठित क्षेत्र के नए वर्गों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। डिलीवरी का काम करने वाले गिग वर्कर्स के लिए अलग कल्याणकारी योजना बनाई जाएगी। वहीं चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए विशेष योजना तैयार होगी। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लाने का भी निर्णय लिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में श्रम मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। साथ ही योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट तैयार करने तथा आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;व्यापक बीमा योजना पर भी हुई चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आर्थिक संकट की स्थिति में सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है, ताकि वे और उनके परिवार अधिक सुरक्षित रह सकें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहली बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महानदी भवन में आयोजित इस पहली बैठक में मंडल के सदस्य एवं विधायक चैतराम अटामी, विधायक सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े सहित वित्त विभाग, भारतीय जीवन बीमा निगम और श्रम विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इन फैसलों के जरिए असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत किया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Delhi Saksham Programme: AI स्कूल, STEM लैब्स... सरकारी स्कूलों के लिए रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा ऐलान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/cm-rekha-gupta-delhi-government-schools-saksham-programme-ai-smart-school-toilet-stem-innovation-labs-articleshow-ty94fix</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 19:46:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार ने सक्षम कार्यक्रम के तहत AI स्मार्ट टॉयलेट, STEM लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम और छात्राओं के स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत की। शीर्ष छात्र अमेरिका जाएंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx3kms3fc7e9g6kzv88546ea,imgname-rekha-gupta-delhi-government-schools-saksham-programme-1783606436974.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए 'सक्षम' (Saksham) कार्यक्रम के तहत कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इन नई योजनाओं का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना, छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना और उनके स्वास्थ्य व शिक्षा दोनों पर समान रूप से ध्यान देना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को ऐसी सुविधाओं से लैस करना है, जहां छात्र आधुनिक तकनीक के साथ सीखें, नवाचार करें और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शालीमार बाग में देश का पहला AI-इंटीग्रेटेड स्मार्ट स्कूल टॉयलेट शुरू&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सक्षम कार्यक्रम के तहत दिल्ली के शालीमार बाग स्थित एक सरकारी स्कूल में भारत का पहला AI-Integrated Smart School Toilet शुरू किया गया। यह स्मार्ट टॉयलेट आधुनिक तकनीक से लैस है, जहां साफ-सफाई, रखरखाव और उपयोग की निगरानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों, विशेषकर छात्राओं को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्कूलों में स्वास्थ्यकर वातावरण तैयार करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में शुरू हुई STEM Innovation Labs&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में STEM Innovation Labs की शुरुआत की है। इन लैब्स में छात्र विज्ञान (Science), तकनीक (Technology), इंजीनियरिंग (Engineering) और गणित (Mathematics) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों में वैज्ञानिक सोच, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार और रिसर्च की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल छात्रों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक कंप्यूटर लैब्स की शुरुआत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को अधिक प्रभावी और इंटरैक्टिव बनाने के लिए आधुनिक Computer Labs और Smart Digital Classrooms भी शुरू किए गए हैं। इन कक्षाओं में डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक कंप्यूटर और तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा ताकि छात्र बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकें और डिजिटल शिक्षा का लाभ उठा सकें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3,000 छात्राओं के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सक्षम कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 3,000 छात्राओं के लिए विशेष स्वास्थ्य अभियान भी शुरू किया गया है। इसके तहत ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नियमित मेडिकल चेक-अप&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आंखों की जांच (Eye Screening)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जरूरतमंद छात्राओं को मुफ्त चश्मे&lt;/li&gt; &lt;li&gt;डी-वॉर्मिंग (कृमिनाशक दवा)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर प्रशिक्षण&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इस पहल का उद्देश्य छात्राओं के स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और नियमित शिक्षा को मजबूत करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लाडली फाउंडेशन के सहयोग से लागू हो रहा है सक्षम कार्यक्रम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इन सभी पहलों को लाडली फाउंडेशन के सहयोग से लागू किया जा रहा है। यह साझेदारी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक, नवाचार और समग्र छात्र विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि इस कार्यक्रम से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी निजी संस्थानों जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली के छात्रों को अमेरिका में स्पेस साइंस प्रोग्राम का मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सक्षम कार्यक्रम के तहत शुरू हुई STEM Innovation Labs के शीर्ष पांच प्रदर्शन करने वाले छात्रों का चयन प्रतिष्ठित United States Space &amp;amp; Rocket Center (USSRC) के Space Science Program के लिए किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये छात्र अमेरिका जाकर स्पेस साइंस से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। उनकी हवाई यात्रा सहित पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चयनित छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल इन विद्यार्थियों की नहीं बल्कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता और प्रतिभा का भी प्रमाण है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई शिक्षा नीति और डिजिटल लर्निंग को मिलेगा बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित शिक्षा, STEM लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम और छात्र स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसी पहलें भविष्य की शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। इससे सरकारी स्कूलों के छात्रों को तकनीकी कौशल, नवाचार और वैश्विक अवसरों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। दिल्ली सरकार का यह प्रयास शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक को एक साथ जोड़ते हुए सरकारी स्कूलों को भविष्य के अनुरूप विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Chhattisgarh News: रायपुर के व्यापार को मिली नई रफ्तार, डुमरतराई थोक बाजार का हुआ भव्य लोकार्पण]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-news-vishnu-deo-sai-raipur-dumartarai-wholesale-market-phase-2-inauguration-sardar-vallabhbhai-patel-statue-articleshow-chdi5mz</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 19:15:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के डुमरतराई थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। परिसर का नाम सरदार पटेल के नाम पर होगा और 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर के डुमरतराई स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने घोषणा की कि इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नाम देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही परिसर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरदार वल्लभ भाई पटेल के योगदान को दी जाएगी स्थायी श्रद्धांजलि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी थी। उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए इस व्यापारिक परिसर का नाम उनके नाम पर रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद रखने का प्रतीक बनेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आधुनिक थोक बाजार से व्यापार और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं विकसित होती हैं, वहां निवेश बढ़ता है, आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;36 एकड़ में विकसित अत्याधुनिक व्यापारिक परिसर की खासियत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक थोक बाजार में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, व्यवस्थित यातायात व्यवस्था और आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' पर सरकार का विशेष फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ लिविंग पर भी बराबर ध्यान दे रही है। निवेशकों और व्यापारियों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने हेतु कई सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक असर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में दिखाई दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गृह निर्माण मंडल अब अधोसंरचना विकास में भी निभा रहा बड़ी भूमिका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। मंडल प्रदेश की विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि नई कार्यशैली और बेहतर प्रबंधन के जरिए मंडल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ओ.पी. चौधरी बोले- वर्षों पुराना सपना हुआ साकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में जिस आधुनिक थोक बाजार की कल्पना की गई थी, वह अब साकार हो चुकी है। इससे व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया विकास का नया मॉडल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि नवीन थोक बाजार गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति मंडल की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन और प्रदेश के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दो चरणों में तैयार हुआ आधुनिक थोक बाजार परिसर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डुमरतराई थोक बाजार का निर्माण दो चरणों में पूरा किया गया है। पहले चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें और हॉल बनाए गए। वहीं दूसरे चरण में करीब 145 करोड़ रुपये खर्च कर 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया। दोनों चरण पूरे होने के बाद प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सभी सुविधाओं से युक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और व्यापारी रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[CG Tourism: छत्तीसगढ़ को टूरिज्म हब बनाने का बड़ा प्लान, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तय की डेडलाइन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-tourism-development-minister-rajesh-agrawal-review-meeting-tourism-culture-projects-hindi-news-articleshow-f7lrgtw</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 18:54:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यटन और संस्कृति विकास को नई गति देने के लिए समीक्षा बैठक की। मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल करने और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित व विकसित करने के उद्देश्य से मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों विभागों की योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना, विकास परियोजनाओं, प्रमुख पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पर्यटन विभाग ने विकास कार्यों और आगामी योजनाओं का दिया प्रस्तुतीकरण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को विभाग की विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना के विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;संस्कृति विभाग ने संरक्षण और लोक कलाओं के संवर्धन की जानकारी साझा की&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण कार्यक्रमों, लोककला और लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों, पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में संस्कृति विभाग के कार्यों और योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मंत्री राजेश अग्रवाल ने समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरे करने के दिए निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रस्तुतीकरण के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता, पारदर्शिता, गति और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर मिले पहचान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं और मजबूत पर्यटन अधोसंरचना पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में मंत्री ने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक मजबूत बनाने तथा नए पर्यटन स्थलों का योजनाबद्ध विकास करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन सुविधाओं में लगातार सुधार से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और नई पीढ़ी को जोड़ने पर विशेष ध्यान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों और सांस्कृतिक आयोजनों को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद आवश्यक है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नियमित मॉनिटरिंग से समय पर पूरे होंगे विकास कार्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणाम आधारित कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की अवर सचिव श्रीमती रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-tourism-development-minister-rajesh-agrawal-review-meeting-tourism-culture-projects-hindi-news-articleshow-f7lrgtw"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Uttarakhand News: धामी सरकार का बैंकों को निर्देश- कर्ज देने में आनाकानी न करें, 6 जिलों पर खास नजर]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 18:40:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैंकों को राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो सुधारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने समाज कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा की और छात्र हॉस्टलों का काम पूरा करने के साथ-साथ पात्र नागरिकों को अपने आप वृद्धावस्था पेंशन देने का आदेश दिया।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-0697527d-292e-47f7-874b-17d1ca9a7aed.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक की। इस दौरान, सीएम ने बैंकों को पूरे राज्य में क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो यानी कर्ज-जमा अनुपात को बेहतर बनाने पर खास जोर देने का निर्देश दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा कि जिन जिलों में सीडी रेशियो कम है, वहां कर्ज का फ्लो बढ़ाने के लिए नियमित तौर पर आउटरीच कैंप लगाए जाएं। उन्होंने बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी गढ़वाल में खराब क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो पर चिंता जताते हुए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी जोर दिया कि &quot;सरकार की अलग-अलग जन कल्याणकारी योजनाओं का फायदा लेने में लोगों को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 97वीं बैठक में अधिकारियों को प्रदेश के ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) में वृद्धि हेतु प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कदम उठाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से जिन जनपदों में ऋण-जमा अनुपात कम है, वहां नियमित ऋण शिविर आयोजित कर पात्र लाभार्थियों&hellip; pic.twitter.com/FEZ7sW07ct&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;समाज कल्याण योजनाओं की समीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा, बुधवार को सीएम धामी ने समाज कल्याण विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कल्याणकारी योजनाएं न केवल आज की जरूरतों को, बल्कि अगले 25 सालों की चुनौतियों और आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर डिजाइन की जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाएं समय के साथ प्रभावी बनी रहनी चाहिए और दूसरे राज्यों के लिए &quot;बेस्ट प्रैक्टिस&quot; मॉडल के रूप में काम करनी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;हॉस्टल निर्माण और वित्तीय प्रबंधन के लिए निर्देश&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि डोईवाला (देहरादून) में बाबू जगजीवन राम बॉयज हॉस्टल, पैंस (नैनीताल) में बाबू जगजीवन राम बॉयज हॉस्टल, और सोमेश्वर (अल्मोड़ा) में बाबू जगजीवन राम गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण अक्टूबर तक पूरा हो जाए। इससे अनुसूचित जाति के छात्रों को जल्द ही बेहतर आवासीय और शैक्षिक सुविधाएं मिल सकेंगी। एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने योजनाओं को लागू करने और निर्माण के दौरान कुशल वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऑटोमेटिक पेंशन&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने आगे निर्देश दिया कि 60 साल की उम्र पूरी करने वाले पात्र नागरिकों को अपने आप वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत लाया जाए, ताकि गैर-जरूरी प्रक्रियात्मक देरी खत्म हो और उन्हें समय पर पेंशन का लाभ मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;DBT के जरिए 145 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री आवास के सभागार में हुई बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) &quot;वन-क्लिक&quot; सिस्टम के माध्यम से विभिन्न समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के तहत जून 2026 की पेंशन किस्तें ट्रांसफर कीं। कुल 980,950 लाभार्थियों को लगभग 145.42 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में मिले। इसमें से केंद्र सरकार ने लगभग 7.02 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जबकि राज्य सरकार ने लगभग 138.40 करोड़ रुपये का योगदान दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;(हेडलाइन को छोड़कर, यह कहानी एशियनेट न्यूज संपादकीय कर्मचारियों द्वारा संपादित नहीं की गई है और एक सिंडिकेटेड फ़ीड से प्रकाशित हुई है।)&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi Metro: अब और तेज होगी दिल्ली मेट्रो! 10 नए स्टेशन और लंबी होगी मैजेंटा लाइन]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 17:40:17 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi Metro&lt;/strong&gt;: दिल्ली मेट्रो के इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 12.37 किमी लंबा यह भूमिगत रूट 10 नए स्टेशनों के साथ मैजेंटा लाइन को करीब 89 किमी लंबा बनाएगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kf2hcp7vv6pttedmttngmhfk,imgname-delhi-metro-dmrc-bike-taxi-auto-cab-service-10-stations-31-january-2026-08-1768538134779.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली मेट्रो से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर के निर्माण की औपचारिक शुरुआत कर दी है। सराय रोहिल्ला मेट्रो स्टेशन पर डायाफ्राम वॉल निर्माण के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम शुरू हो गया है। इस कॉरिडोर के तैयार होने के बाद राजधानी के कई प्रमुख इलाकों तक पहुंच आसान होगी और मैजेंटा लाइन दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा ड्राइवरलेस कॉरिडोर बन जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सराय रोहिल्ला स्टेशन से शुरू हुआ निर्माण कार्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;DMRC के अनुसार, सराय रोहिल्ला स्टेशन मैजेंटा लाइन के इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर का प्रमुख भूमिगत स्टेशन होगा। यह स्टेशन सेंट्रल दिल्ली के महत्वपूर्ण इलाके में स्थित है, जहां करोल बाग मार्केट, देशबंधु गुप्ता रोड, कई शिक्षण संस्थान और सिनेमा हॉल जैसे प्रमुख स्थान मौजूद हैं। डायाफ्राम वॉल निर्माण शुरू होने के साथ परियोजना ने निर्माण के अहम चरण में प्रवेश कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;12.37 किलोमीटर लंबा होगा नया भूमिगत कॉरिडोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर की कुल लंबाई 12.377 किलोमीटर होगी और यह पूरी तरह भूमिगत बनाया जाएगा। इस रूट पर 10 नए भूमिगत स्टेशन विकसित किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद मैजेंटा लाइन का विस्तार बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक करीब 89 किलोमीटर हो जाएगा, जिससे यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सात मेट्रो लाइनों से मिलेगा इंटरचेंज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टी-इंटरचेंज सुविधा होगी। यात्री इंद्रलोक पर रेड और ग्रीन लाइन, नई दिल्ली स्टेशन पर येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस, दिल्ली गेट पर वॉयलेट लाइन तथा इंद्रप्रस्थ स्टेशन पर ब्लू लाइन से आसानी से जुड़ सकेंगे। इससे राजधानी में यात्रा का समय कम होगा और अलग-अलग इलाकों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक बनेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इन प्रमुख स्थानों तक होगी आसान पहुंच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नया कॉरिडोर सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, दिल्ली सचिवालय, अरुण जेटली स्टेडियम, झंडेवालान मंदिर, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इससे रोजाना लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मैजेंटा लाइन बनेगी सबसे लंबी ड्राइवरलेस लाइन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;DMRC ने बताया कि विस्तार पूरा होने के बाद मैजेंटा लाइन लगभग 89 किलोमीटर लंबी पूरी तरह ड्राइवरलेस मेट्रो लाइन होगी। वहीं, जनकपुरी पश्चिम से आर.के. आश्रम मार्ग तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर और सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में भी निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की मेट्रो कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुविधाजनक हो जाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP के उमरिया में खौफनाक घटना: सिद्ध बाबा के पास एक परिवार के 4 लोगों की मौत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/umaria-road-accident-car-crashes-into-parked-truck-four-killed-one-critical-madhya-pradesh-articleshow-m5qg9a9</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 17:28:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Umaria Road Accident: मध्य प्रदेश के उमरिया में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। यह मंजर इतना भयानक था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx3bq9ssh7wqmv638w52842v,imgname-chatgpt-image-jul-9--2026--05-25-15-pm-1783598131001.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उमरिया (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के उमरिया जिले से एक बेहद दुखद खबर आई है. यहां नेशनल हाईवे-43 पर एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और एक महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिद्ध बाबा मंदिर के पास हुआ हुआ हादसा&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यह हादसा गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. पुलिस के मुताबिक, हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के भरौला गांव में सिद्ध बाबा मंदिर के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों व घायल को अस्पताल भिजवाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया, &quot;आज सुबह करीब 3 बजे, अनूपपुर का एक परिवार कार से किसी पारिवारिक काम के लिए जा रहा था। उमरिया और कटनी के बीच भरौला गांव में सिद्ध बाबा धाम के पास उनकी कार सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। हम इस मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;जो जिंदा बचा वो भी लड़ रहा जंग&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पुलिस के अनुसार, मरने वालों की पहचान कुलपत सिंह (37), सविता सिंह (32), प्रियंका सिंह (24) और एक तीन साल के बच्चे के रूप में हुई है। वहीं, 22 साल की खुशबू मार्को गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (CMHO) डॉक्टर वी.के. चंदेल ने बताया, &quot;आज सुबह अस्पताल में जानकारी मिली कि भरौला के पास हुए एक्सीडेंट के पांच लोगों को यहां लाया गया है. इनमें से चार की मौत हो चुकी थी, जबकि पांचवीं शख्स (एक महिला) की हालत बेहद गंभीर थी. जब वह यहां पहुंचीं तो उनकी नब्ज बहुत कमजोर थी. डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर दिया और फर्स्ट एड देकर उनकी हालत स्थिर की।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[1.62 करोड़ कैश, 13 किलो सोना... लखनऊ के पूर्व ARTO के घर मिला ऐसा खजाना कि उड़ गए होश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/former-up-artos-house-raid-reveals-assets-worth-35-crore-vigilance-team-rewarded-articleshow-u8va1gc</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/former-up-artos-house-raid-reveals-assets-worth-35-crore-vigilance-team-rewarded-articleshow-u8va1gc</guid>
            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:37:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Vigilance Raid:&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ स्थित घर पर विजिलेंस की छापेमारी में करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ। 1.62 करोड़ कैश, 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और करोड़ों की प्रॉपर्टी मिलने के बाद जांच तेज हो गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx38ypnbd261ys3hrcnbwb1n,imgname-former-up-artos-house-raid-reveals-assets-worth-35-crore-vigilance-team-rewarded-1783595227819.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Former ARTO Lalit Kumar Raid:&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले ने सभी को चौंका दिया है। विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट ने पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर दो दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच के दौरान नकदी, सोना, चांदी, करोड़ों की अचल संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों का बड़ा जखीरा मिला। शुरुआती आकलन के अनुसार बरामद संपत्ति की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद छापेमारी करने वाली टीम को भी सम्मानित करने का फैसला लिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दो दिन चली तलाशी, नकदी और सोने का मिला बड़ा जखीरा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विजिलेंस की टीम अदालत से सर्च वारंट लेकर लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के घर पहुंची थी। जांच अधिकारियों को कुछ अहम दस्तावेज मिलने की उम्मीद थी, लेकिन तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों से 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा 13 किलो सोना मिला, जिसमें गोल्ड बार, सोने की ईंटें और आभूषण शामिल थे। वहीं 9 किलो चांदी भी बरामद हुई, जिसमें सिल्ली, बिस्किट और चांदी के आभूषण शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश सरकार ये सब करके क्या साबित करना चाह रही है... योगी जी काम तो सही किया आपने लेकिन इस काम मे 2027 चुनाव की बू क्यों आ रही है..&amp;nbsp;उत्तर प्रदेश पूर्व ARTO ललित कुमार के लखनऊ घर पर विजिलेंस की रेड। 13 KG सोना, 9 KG चांदी सहित 20 करोड़ रुपए की ज्वेलरी मिली। 1.62 करोड़ रुपए&hellip; pic.twitter.com/WhDxVODQDf&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; J.Kapoor Indian (@indiameradesh12) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कई शहरों में करोड़ों की संपत्तियों के दस्तावेज मिले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तलाशी के दौरान अधिकारियों को लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली से जुड़ी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले। जांच में कई मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग के रिकॉर्ड सामने आए हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इन अचल संपत्तियों की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये है। इसके अलावा बैंक जमा, पोस्ट ऑफिस योजनाओं, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड में एक करोड़ रुपये से अधिक निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गाड़ियां, रिवॉल्वर और अन्य सामान भी जांच के दायरे में&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच टीम ने घर के बाहर खड़ी टोयोटा इनोवा और हुंडई i20 कार को भी जांच के दायरे में लिया है। एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई है, जिसके लाइसेंस और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। महंगे फर्नीचर और अन्य कीमती घरेलू सामान का भी मूल्यांकन कराया जा रहा है ताकि कुल संपत्ति का सही आकलन किया जा सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शिकायत के बाद शुरू हुई थी विजिलेंस जांच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ललित कुमार पहले आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और अदालत से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई। फिलहाल बरामद दस्तावेजों का सत्यापन जारी है और संपत्ति के स्रोत की जांच की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;छापेमारी करने वाली टीम को मिलेगा पुरस्कार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बड़ी कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और विजिलेंस एस्टैब्लिशमेंट के निदेशक ने लखनऊ सेक्टर की छापेमारी टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद संपत्तियां किस स्रोत से अर्जित की गईं। यदि जांच में यह साबित होता है कि ये संपत्तियां ज्ञात आय से अधिक हैं, तो पूर्व एआरटीओ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बारिश के बीच सड़क पर उतरीं CM रेखा गुप्ता, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश- WATCH]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/cm-rekha-gupta-shalimar-village-waterlogging-inspection-delhi-monsoon-articleshow-f9bcqyy</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:22:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi Waterlogging:&lt;/strong&gt; दिल्ली में लगातार बारिश के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालामार गांव का दौरा कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों को जलनिकासी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। जानिए दिल्ली सरकार की मानसून से निपटने की पूरी तैयारी।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CM Rekha Gupta Reviews Drainage Arrangements: &lt;/strong&gt;दिल्ली में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने कई इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ा दी है। ऐसे में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद हालात का जायजा लेने मैदान में उतरीं। उन्होंने शालामार गांव का दौरा कर जलनिकासी की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को पानी की निकासी में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि राजधानी में मानसून के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;शालामार गांव पहुंचीं मुख्यमंत्री, अधिकारियों को दिए निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;रेखा गुप्ता ने शालामार गांव में जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से मौजूदा जलनिकासी व्यवस्था की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बारिश का पानी जल्द से जल्द निकाला जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान होना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली: दिल्ली में मानसून की भारी बारिश के बीच जलभराव (Waterlogging) की समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने आज शालीमार गाँव का दौरा किया और वहाँ जलभराव से निपटने के लिए की गई जलनिकासी (Drainage) की&hellip; pic.twitter.com/eLzBT5FPLO&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Asianetnews Hindi (@AsianetNewsHN) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मानसून से निपटने के लिए सरकार अलर्ट मोड में&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली सरकार के अनुसार, भारी बारिश के बीच सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां आवश्यकता है, वहां अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रमुख सड़कों, कॉलोनियों और संवेदनशील इलाकों में पानी लंबे समय तक जमा न रहे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोगों की परेशानी कम करना सरकार की प्राथमिकता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जलनिकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए, जहां हर बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है। दिल्ली सरकार का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन के दौरान राहत और निगरानी कार्य लगातार जारी रहेंगे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CM Mohan Yadav in Shajapur: किसानों को बड़ी सौगात-UCC लागू करने की तैयारी तेज, CM मोहन यादव ने किये कई बड़े ऐलान]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:21:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;शाजापुर में CM मोहन यादव ने 30.86 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। किसानों, महिलाओं, सिंचाई, UCC, निवेश और विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx37y1nyav3t374zykz67309,imgname-mohan-yadav-kisan-samriddhi-sankalp-sammelan-shajapur-1783594157758.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल/शाजापुर। &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 जुलाई को शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 30.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन और 'हरा-भरा कालापीपल' पौधरोपण अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री का भव्य रोड शो निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के लिए नई सड़कें और रेलवे ओवरब्रिज बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रयास करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP News: शाजापुर की प्राकृतिक संपदा और पौधरोपण अभियान की मुख्यमंत्री ने की सराहना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कालापीपल और शाजापुर का क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। उन्होंने मां राजराजेश्वरी का आशीर्वाद इस क्षेत्र पर बताया और कहा कि यहां का पौधरोपण अभियान एक नया रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने कहा कि नेवज, लकुंदर, चिल्लर, पार्वती सहित कई नदियों का आशीर्वाद इस इलाके को मिला है। मुख्यमंत्री ने शाजापुर की तुलना उस धरती से की जो देश को समृद्धि देती है। उन्होंने कहा कि यह जिला कृषि, संगठन और विकास तीनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान रखता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसान सम्मेलन: किसानों को एक साल का ऋण, ब्याज की परेशानी होगी खत्म&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग धरती को हरियाली देते हैं, वही भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित में हर संभव निर्णय लेने के लिए तैयार है। उन्होंने घोषणा की कि अब किसानों को छह-छह महीने में ब्याज जमा कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार उन्हें एक वर्ष की अवधि का कृषि ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि सहित अनेक योजनाएं लगातार किसानों को लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदा परियोजना के माध्यम से शाजापुर के 118 गांवों तक पानी पहुंच चुका है और शेष गांवों तक भी जल्द सिंचाई सुविधा पहुंचाई जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिंचाई परियोजनाओं से बदली तस्वीर, बीजेपी सरकार में बढ़ा सिंचित रकबा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में केवल लगभग साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जबकि अब यह क्षेत्र बढ़कर करीब 44 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को बिजली और पानी के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी, लेकिन अब गांव और खेतों के लिए अलग-अलग बिजली व्यवस्था की गई है। आने वाले समय में किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसानों को अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद की बेहतर सुविधा मिल रही है और सरकार उनकी लागत कम तथा आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस पर निशाना, किसानों और पानी के मुद्दे पर लगाए गंभीर आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों और सिंचाई के क्षेत्र में अपेक्षित काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद बढ़े और किसानों को उचित सुविधाएं नहीं मिल सकीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को सम्मान देने के साथ-साथ उनकी आमदनी बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पार्वती-कालीसिंध और केन-बेतवा परियोजनाओं से मिलेगा बड़ा लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध परियोजना के जरिए मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच वर्षों पुराना जल विवाद समाप्त हुआ है। इससे राजस्थान के 15 और मध्यप्रदेश के 13 जिलों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के साथ समझौता किया गया है, जिससे पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की स्थिति बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरदार सरोवर परियोजना के तहत प्रदेश पर आने वाला आर्थिक बोझ भी काफी कम हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लाड़ली बहना योजना पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने बताया कि अब तक लाड़ली बहना योजना के तहत लगभग 60 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाई गई और इससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर योजना का विरोध करने का आरोप भी लगाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UCC लागू करने की तैयारी, एक देश-एक कानून की वकालत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना चाहिए ताकि सभी को समान अधिकार और सम्मान मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इसी महीने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और समान अधिकारों को ध्यान में रखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;निवेश, रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और पदोन्नति के रास्ते भी खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि शाजापुर क्षेत्र में पेप्सिको का प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे किसानों को आलू की खेती का बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही किसानों को सड़क किनारे अपनी जमीन पर होम-स्टे विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसे होम-स्टे पर अतिरिक्त बिजली शुल्क नहीं लिया जाएगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Noida से Ghaziabad तक बारिश का कहर, वायरल PHOTOS देखकर रह जाएंगे हैरान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/noida-greater-noida-ghaziabad-heavy-rain-waterlogging-news-photoshow-fag909g</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 16:13:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Greater Noida Waterlogging: &lt;/strong&gt;दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में जलभराव से हालात बिगड़ गए। हाईराइज सोसाइटियों के बेसमेंट में पानी भर गया, सड़कें डूब गईं और गाजियाबाद में स्कूलों की छुट्टी घोषित करनी पड़ी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx37cyhkwydcxgj9qhqe989m,imgname-delhi-ncr-heavy-rain-1783593597491.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Greater Noida Waterlogging: &lt;/strong&gt;दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में जलभराव से हालात बिगड़ गए। हाईराइज सोसाइटियों के बेसमेंट में पानी भर गया, सड़कें डूब गईं और गाजियाबाद में स्कूलों की छुट्टी घोषित करनी पड़ी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि हाईराइज सोसाइटियों के बेसमेंट और पार्किंग में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। हालात ऐसे रहे कि कई जगहों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ग्रेटर नोएडा के ईटा-2 स्थित मिग्सन ट्विंस सोसाइटी के बेसमेंट में भारी जलभराव हो गया। इससे वहां खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अरिहंत गार्डन सोसाइटी के बाहर मुख्य सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई। नालों के ओवरफ्लो होने से कई फीट तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;नोएडा सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन सिटी सोसाइटी की बेसमेंट पार्किंग में भी पानी भर गया। वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियां निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके अलावा सेक्टर-100 स्थित गुलशन इकेबाना और सेक्टर-143 के आसपास भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उधर, अमरपाली गोल्फ होम्स सोसाइटी में लिफ्ट के अंदर पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गाजियाबाद में भी लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए। वसुंधरा के अटल चौक के पास सड़क धंसने से एक कार और स्कूटर गड्ढे में गिर गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के कारण मिट्टी पहले से कमजोर थी और लगातार बारिश के चलते सड़क धंस गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा पुराना शहर, रमतेराम रोड, गोविंदपुरम, कवि नगर, राजनगर, शास्त्री नगर और संजय नगर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच गया, जबकि लैंडक्राफ्ट मेट्रो होम्स सोसाइटी का बेसमेंट और कमर्शियल एरिया भी पानी में डूब गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;बारिश से बिगड़े हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने गाजियाबाद के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। वहीं, जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित रहा और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लगातार सामने आ रही जलभराव की घटनाओं ने एक बार फिर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के दावे अब तक जमीन पर नजर नहीं आए हैं। बारिश के बीच वायरल हो रहे वीडियो भी शहरी जलनिकासी व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पढ़ाई से बचने के लिए बच्चे ने माता-पिता को बना दिया 'किडनैपर', CCTV देखकर पुलिस भी रह गई हैरान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/gorakhpur-boy-mistakes-parents-as-kidnappers-to-avoid-studies-cctv-reveals-truth-articleshow-1470dou</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:49:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gorakhpur Kidnapping Case&lt;/strong&gt;: गोरखपुर में 12 वर्षीय बच्चे ने पढ़ाई से बचने के लिए रास्ते में 'बचाओ, किडनैपर' चिल्लाना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस ने 50 से ज्यादा CCTV खंगाले, लेकिन जांच में पता चला कि कथित किडनैपर कोई और नहीं बल्कि बच्चे के अपने माता-पिता ही थे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx366w8a1fh66pmy48g9852w,imgname-gorakhpur-boy-mistakes-parents-as-kidnappers-to-avoid-studies-cctv-reveals-truth-1783592349962.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gorakhpur Viral Video: &lt;/strong&gt;गोरखपुर में सामने आया एक मामला पहले अपहरण की सनसनी बन गया, लेकिन जांच पूरी होने पर इसकी सच्चाई ने पुलिस को भी चौंका दिया। एक 12 वर्षीय बच्चा बाइक पर बैठकर लगातार &quot;बचाओ... बचाओ... किडनैपर&quot; चिल्लाता रहा। राहगीरों ने इसे अपहरण समझकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दो थानों की पुलिस और चार टीमें हरकत में आ गईं। करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'किडनैपर' निकले बच्चे के अपने माता-पिता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी 12 वर्षीय भरत भूषण पिछले कुछ दिनों से अपने मामा के घर रह रहा था। परिवार का कहना है कि बच्चा पढ़ाई में रुचि नहीं ले रहा था, इसलिए उसकी मां शालिनी उसे कुछ दिन के लिए मामा के घर छोड़ आई थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बुधवार को जब माता-पिता उसे वापस घर ले जाने पहुंचे तो बच्चे ने जाने से इनकार कर दिया। काफी समझाने के बाद भी वह नहीं माना। आखिरकार मां उसे बाइक पर बैठाकर घर ले जाने लगी। इसी दौरान बच्चा रास्ते भर जोर-जोर से &quot;बचाओ... बचाओ... किडनैपर&quot; चिल्लाने लगा। यह देखकर राहगीरों को अपहरण का शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;50 CCTV कैमरे खंगालने के बाद सामने आई सच्चाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर चिलुआताल और गुलरिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बाइक का पीछा करते हुए बच्चे तक पहुंची। पूछताछ में पता चला कि जिन लोगों को बच्चा किडनैपर बता रहा था, वे उसके अपने माता-पिता थे। परिवार ने पुलिस को बताया कि बच्चा सिर्फ पढ़ाई से बचने और मामा के घर रुकने के लिए ऐसा कर रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गोरखपुर, उत्तर प्रदेशबचावों-बचावों....मेरा अपहरण हुआ है।&amp;nbsp;आधी रात 2 लोग बाइक से जा रहे थे तभी एक 12 साल बच्चा चिल्लाने लगा, आसपास के लोगों ने आनन-फानन में पुलिस सूचना दी। अब मुख्यमंत्री जी के शहर की बात तुरंत पुलिस हरकत में आई और अपहरण की सूचना पर छानबीन की&amp;nbsp;पुलिस छानबीन में&hellip; pic.twitter.com/4OCizvcNJN&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Ashish Paswan (@ashishpaswan0) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुलिस ने जांच के बाद परिवार को जाने दिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉलेज के पास एक राहगीर ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी कि एक बच्चा बाइक पर बैठा &quot;बचाओ, किडनैपर&quot; चिल्ला रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल चार टीमें गठित की गईं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जांच में स्पष्ट हुआ कि कोई अपहरण नहीं हुआ था। बच्चा अपने माता-पिता के साथ सुरक्षित था और घर जाने से बचने के लिए ऐसा कर रहा था। आवश्यक पूछताछ और वीडियोग्राफी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने परिवार को जाने दिया। इस घटना ने यह भी दिखाया कि पुलिस ने सूचना मिलने के बाद बिना देर किए तेजी से कार्रवाई की, जिससे संभावित खतरे की पूरी तरह जांच सुनिश्चित हो सकी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[WATCH VIDEO: वह चाहती थी आजादी, बदले में मिली मौत! जानिए कोलकाता मर्डर का पूरा सच]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kolkata-wife-murder-sodepur-husband-stabs-wife-domestic-violence-knife-attack-articleshow-o8tcthy</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:12:53 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कोलकाता के सोदेपुर में रिश्ता खत्म करने की जिद खूनी वारदात में बदल गई। पति ने बीच सड़क पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी, फिर खुद पर हमला किया। घरेलू हिंसा और पुलिस जांच ने कई सवाल खड़े कर दिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx32nb7q13yjz02v5z4p5t3k,imgname-kolkata-wife-murder-sodepur-husband-stabs-wife-domestic-violence-knife-attack-1783588629751.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कोलकाता:&lt;/strong&gt; पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सोदेपुर इलाके से रोंगटे खड़े कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एकतरफा जिद और घरेलू हिंसा के खूनी दलदल में फंसा एक रिश्ता बुधवार (8 जुलाई) की सुबह मौत के खौफनाक मोड़ पर जाकर खत्म हुआ। सोदेपुर की एक बेहद व्यस्त सड़क पर सबके सामने, एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस खूनी खेल को रचने के बाद आरोपी ने खुद को भी खत्म करने की कोशिश की। इस रूह कँपाने वाले मंजर को देखकर तमाशबीन बने लोग बेबस खड़े रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; SHOCKING | Sodepur, West BengalA domestic dispute turned tragic after Prabhas Das allegedly stabbed his wife, Geeta Das, over suspicions of an affair.He then reportedly turned the same knife on himself and is now battling for his life in critical condition. pic.twitter.com/Pob9hmQwK1&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; RB. (@KailashVashi) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सरेराह तबाही: सुबह-सुबह बीच सड़क पर खिंचा खंजर, चीखों से दहला इलाका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह खौफनाक वाकया बुधवार सुबह सोदेपुर के स्कूल रोड इलाके का है। आम दिनों की तरह सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी थी, तभी अचानक चीख-पुकार मच गई। सोदेपुर के स्कूल रोड पर किराए के मकान में रहने वाले 45 वर्षीय सुभाष दास ने अपनी 40 वर्षीय पत्नी गीता दास को रास्ते में घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच कुछ ही सेकंड बात हुई और अचानक सुभाष ने अपनी जेब से धारदार चाकू निकालकर गीता पर हमला कर दिया। वह एक के बाद एक गीता के पेट और सीने पर वार करता गया। तमाशबीन बने पड़ोसियों और राहगीरों ने सुभाष को रोकने और उससे हथियार छीनने की कोशिश की, लेकिन सुभाष के सिर पर खून सवार था। वह किसी जंगली जानवर की तरह अपनी पत्नी को तब तक गोदता रहा जब तक कि वह सड़क पर खून से लथपथ होकर गिर नहीं गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Another Video- In #Sodepur, #WestBengal, Prabhas Das allegedly stabbed his wife Geeta Das to death in broad daylight. He then turned the knife on himself in an attempted suicide and is now in critical condition in hospital.A shocking case of alleged domestic violence unfolding&hellip; pic.twitter.com/FWdg0KMoe4&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Siraj Noorani (@sirajnoorani) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&ldquo;मैं यह रिश्ता खत्म करना चाहती हूँ...&rdquo;आखिर क्यों हैवान बना पति?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भयावह हत्याकांड के पीछे की कहानी बेहद दर्दनाक और सस्पेंस से भरी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुभाष और गीता ने कुछ साल पहले प्रेम विवाह किया था। गीता के मायके वाले इस शादी के सख्त खिलाफ थे, इसलिए दोनों अपने परिवार से दूर सोदेपुर में किराए पर रह रहे थे। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही सुभाष का असली चेहरा सामने आ गया। वह गीता के साथ अक्सर बेरहमी से मारपीट करता था। गीता इस नर्क बन चुके रिश्ते से पूरी तरह तंग आ चुकी थी और उसने सुभाष से अलग होने (रिश्ता खत्म करने) का फैसला कर लिया था। लेकिन सुभाष को अपनी पत्नी का यह फैसला मंजूर नहीं था। उसकी सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने ठान लिया कि अगर गीता उसकी होकर नहीं रहेगी, तो वह उसे जिंदा भी नहीं छोड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस डायरी और पड़ोसियों के वो खुलासे: जो टाल सकते थे यह कत्लेआम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ यह है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई थी। स्थानीय निवासी तरुण कांति दास ने मीडिया को बताया कि इस जोड़े के बीच का विवाद कोई राज नहीं था, पूरा पड़ोस इससे वाकिफ था। तरुण ने बताया: &quot;इन दोनों के बीच लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। हमने कई बार स्थानीय पुलिस को भी इसकी लिखित जानकारी दी थी। अभी कुछ दिन पहले ही जब सुभाष ने गीता को बुरी तरह पीटा था, तब हम पड़ोसियों ने मिलकर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।&quot; लेकिन पुलिस की ढिलाई और सुभाष की बढ़ती सनक का नतीजा यह हुआ कि बुधवार की सुबह यह खूनी खेल सरेआम सड़क पर खेला गया। गीता की बेरहमी से हत्या करने के बाद, सुभाष ने उसी लहूलुहान चाकू से अपनी जान लेने की नियत से खुद पर भी कई वार किए और अपना गला रेतने की कोशिश की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अस्पताल में आखिरी सांस और पुलिस की जांच: क्या बच पाएगी कातिल की जान?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वारदात के तुरंत बाद स्थानीय क्लब के अध्यक्ष और पड़ोसियों की मदद से दोनों को तुरंत नजदीकी सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने गीता को बचाने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं, अपनी जान लेने की कोशिश करने वाला आरोपी सुभाष दास अभी भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है और डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत बेहद नाजुक है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;North 24 Parganas, West Bengal: In Sodepur, Gita Das was allegedly stabbed to death by her husband, Subhash Das, in a public attack. He later attempted suicide. Both were rushed to hospital by locals, where Gita was declared dead. pic.twitter.com/ynzcj2xe5D&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IANS (@ians_india) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने शुरू की जांच, कई पहलुओं की पड़ताल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना की जानकारी मिलते ही बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के डिप्टी पुलिस कमिशलर (DCP) कार्तिक चंद्र मंडल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत इकट्ठा किए हैं। डीसीपी मंडल ने पुष्टि की है कि पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है और पड़ोसियों द्वारा बताए गए कुछ संदिग्ध नामों और पुलिस की पिछली शिकायतों के आधार पर तफ्तीश को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय रहते घरेलू हिंसा पर कड़े कदम न उठाए जाएं, तो अंजाम कितना भयानक हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;घरेलू हिंसा के संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि यदि घरेलू हिंसा की शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न हो या पीड़ित को पर्याप्त सुरक्षा न मिले, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पहले मिली शिकायतों के बाद क्या-क्या कदम उठाए गए थे और क्या इस वारदात को रोका जा सकता था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UCC लागू, नकल माफिया पर सख्ती...धामी सरकार के 5 साल में क्या-क्या बदला?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/uttarakhand-dhami-government-5-years-ucc-anti-copying-law-achievements-articleshow-zy3iuul</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 15:08:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pushkar Singh Dhami&lt;/strong&gt;: उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार के 5 वर्षों के दौरान लागू हुए बड़े फैसलों पर एक नजर। UCC लागू करने से लेकर देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, भर्ती सुधार, पारदर्शी प्रशासन और विकास परियोजनाओं तक जानिए सरकार की प्रमुख उपलब्धियां।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले पांच वर्षों में खुद को नीति आधारित और स्थिर शासन देने वाली सरकार के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है। सरकार का दावा है कि राजनीतिक स्थिरता की वजह से लंबे समय से लंबित सुधारों को लागू करने का मौका मिला। इस दौरान समान नागरिक संहिता (UCC), भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून, बुनियादी ढांचे के विकास और पारदर्शी प्रशासन जैसे कई कदम उठाए गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धामी सरकार के कार्यकाल का सबसे बड़ा फैसला 27 जनवरी 2025 से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना रहा। इसके साथ ही उत्तराखंड ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। इस कानून के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू की गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक व्यवस्था लागू करना और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही बाल विवाह, बहुविवाह, तीन तलाक, हलाला और इद्दत जैसी प्रथाओं से जुड़े मुद्दों पर भी कानूनी स्पष्टता लाने की कोशिश की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त कानून&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों के बाद सरकार ने वर्ष 2023 में उत्तराखंड लोक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसे देश के सबसे सख्त एंटी-कॉपीिंग कानूनों में शामिल माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस कानून के तहत संगठित नकल गिरोह, कोचिंग संस्थानों, प्रिंटिंग प्रेस और अन्य दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों पर जेल, आर्थिक दंड और अधिकतम 10 वर्ष तक प्रतियोगी परीक्षाओं से प्रतिबंध लगाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और मेरिट आधारित चयन सुनिश्चित करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने अपने कार्यकाल में सड़क, कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता देने का दावा किया है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बनी रही राजनीतिक स्थिरता के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई, पारदर्शिता बढ़ी और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई। धामी सरकार का मानना है कि इन पांच वर्षों के दौरान किए गए विधायी और प्रशासनिक सुधार उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Uttarakhand Literacy: उत्तराखंड ने रचा इतिहास, बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttarakhand/uttarakhand-declared-india-sixth-fully-literate-state-pushkar-singh-dhami-government-nep-2020-ullas-scheme-viksit-bharat-articleshow-c6b23us</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:53:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[उत्तराखंड के लिए 9 जुलाई, 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और 'उल्लास' कार्यक्रम के तहत, राज्य आज भारत का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;आज यानी 9 जुलाई, 2026 को उत्तराखंड ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड अब भारत का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। यह सफलता राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और 'उल्लास' (अंडरस्टैंडिंग लाइफ़लॉन्ग लर्निंग फ़ॉर ऑल इन सोसाइटी) कार्यक्रम की बदौलत मिली है। इस कामयाबी के साथ ही उत्तराखंड अब उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने 100% साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर लिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य ने यह दर्जा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा तय किए गए वयस्क साक्षरता के मानकों को पूरा करने के बाद हासिल किया है। 'उल्लास' कार्यक्रम, जिसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी कहा जाता है, केंद्र सरकार की एक योजना है। इसका मकसद 15 साल और उससे ज़्यादा उम्र के उन लोगों को पढ़ाना-लिखाना है, जो औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित रह गए थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे पूरे किए साक्षरता के मानक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तराखंड की पूर्ण साक्षरता की यह यात्रा आज पूरी हुई। राज्य में साक्षरता दर अब 98 प्रतिशत से ज़्यादा है। 'उल्लास' कार्यक्रम के तहत, किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को तब पूर्ण साक्षर माना जाता है, जब वहां कम से कम 95 प्रतिशत आबादी साक्षर हो। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी, जिसके बाद राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उत्तराखंड से पहले, पांच और राज्य यह दर्जा हासिल कर चुके हैं: मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम। राज्य कैबिनेट ने 19 जून को ही उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'विकसित भारत' की दिशा में एक सामूहिक प्रयास&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के लिए एक &quot;मील का पत्थर&quot; बताया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय लोगों की सक्रिय भागीदारी और सरकार के लगातार प्रयासों को दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयासों से 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के हर निवासी के लिए गर्व का क्षण बताया। 'उल्लास' कार्यक्रम 15 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को बुनियादी साक्षरता, अंक ज्ञान (numeracy), और डिजिटल व वित्तीय साक्षरता जैसे ज़रूरी जीवन कौशल सिखाने पर ध्यान केंद्रित करता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[दिल्ली से पटना सिर्फ 5 घंटे! बिहार के इन 5 शहरों में आ रही बुलेट ट्रेन, जानिए पूरा रूट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-patna-bullet-train-varanasi-siliguri-route-bihar-stations-high-speed-rail-corridor-articleshow-8iaoefk</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:22:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बिहार को बड़ा तोहफा मिल सकता है। पटना समेत 5 स्टेशन प्रस्तावित हैं। क्या 5 घंटे में दिल्ली पहुंचने का सपना जल्द हकीकत बनेगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx3103sgf8cvrfbj0hthyy0e,imgname-delhi-patna-bullet-train-varanasi-siliguri-route-bihar-stations-high-speed-rail-corridor-1783586885424.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली/पटना:&lt;/strong&gt; भारतीय रेलवे के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला अध्याय लिखे जाने की तैयारी हो चुकी है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना और बंगाल के सिलीगुड़ी तक एक ऐसा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क बिछाया जा रहा है, जो पूर्वी भारत की पूरी तस्वीर को हमेशा के लिए बदल देगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत अब दिल्ली से पटना का सफर, जो फिलहाल सुपरफास्ट ट्रेनों से 12 से 14 घंटे लेता है, सिमटकर महज 5 घंटे 41 मिनट का रह जाएगा। बिहार और उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सफर 15 घंटे का, वक्त सिर्फ 5 घंटे: रेल मंत्री के इस ऐलान से मच गया तहलका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयानों ने देश के परिवहन क्षेत्र में खलबली मचा दी है। वर्तमान में दिल्ली और पटना के बीच चलने वाली सबसे प्रीमियम ट्रेनें जैसे तेजस राजधानी या वंदे भारत भी आधा दिन ले लेती हैं। लेकिन सरकार के सात प्राथमिकता वाले बुलेट ट्रेन नेटवर्कों में शामिल यह दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर इस दूरी को पूरी तरह बेअसर कर देगा। हैरान करने वाली बात यह है कि इस कॉरिडोर के जरिए न सिर्फ दिल्ली से पटना बल्कि दिल्ली से सीधे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक का सफर भी मात्र 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह भारत के इतिहास का सबसे लंबा और सबसे तेज बुलेट ट्रेन रूट होने जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बिहार के 5-6 स्टेशन और 4 राज्यों का 'पावर गेम': कहां-कहां रुकेंगी रफ्तार की कड़ियां?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह नया रूट बिहार के लिए एक बहुत बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाला है। शुरुआती सर्वे के अनुसार, इस पूरे हाई-स्पीड नेटवर्क में बिहार के हिस्से में 5 से 6 स्टेशन आ सकते हैं। वाराणसी से आगे बढ़कर यह बुलेट ट्रेन बिहार के निम्नलिखित प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगी:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;प्रवेश और मुख्य स्टेशन: &lt;/strong&gt;बक्सर, आरा और पटना।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पूर्वी बिहार का कनेक्ट: &lt;/strong&gt;बख्तियारपुर, बेगूसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बंगाल सीमा का रूट: &lt;/strong&gt;पूर्णिया और किशनगंज के रास्ते यह सीधे सिलीगुड़ी में दाखिल होगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश इस पूरे प्रोजेक्ट का 'पावर सेंटर' बनकर उभरेगा, जहां यह ट्रेन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या और न्यू भदोही जैसे हाई-प्रोफाइल आर्थिक, धार्मिक और शैक्षणिक केंद्रों से गुजरेगी। कुल मिलाकर यह नेटवर्क दिल्ली, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे 4 बड़े राज्यों को एक धागे में पिरो देगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Upcoming RRTS Corridors in BiharPatna &ndash; Gaya JiPatna Airport &ndash; BegusaraiPatna &ndash; AraPatna &ndash; Hajipur &ndash; Muzaffarpur (connecting Hajipur and the upcoming Sonepur Airport) https://t.co/kSuCrMBZoC pic.twitter.com/rI7FcsChnk&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Bihar Infra Tales (@BiharInfraTales) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;350 किमी की प्रलयंकारी रफ्तार: जापानी 'शिन्कान्सेन' तकनीक का दिखेगा जलवा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तर्ज पर ही अत्याधुनिक और बेहद सुरक्षित बनाया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ट्रैक की डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि ट्रेनें इस पर 320 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से दौड़ेंगी। इस कॉरिडोर में जापान की विश्वप्रसिद्ध शिन्कान्सेन (Shinkansen) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें बिना गिट्टी वाले कंक्रीट ट्रैक (Ballastless Track) तैयार किए जाते हैं। इसका मतलब यह है कि इतनी भीषण रफ्तार के बावजूद यात्रियों को झटके का अहसास तक नहीं होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रेल मंत्री ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क तैयार होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर लगभग 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इसी परियोजना के तहत दिल्ली से पटना की यात्रा भी मौजूदा समय की तुलना में काफी कम हो जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सिर्फ यात्रा नहीं, अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी रफ्तार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र, रिटेल हब, लॉजिस्टिक्स सेंटर और आवासीय परियोजनाएं तेजी से विकसित होती हैं। इससे रोजगार, निवेश और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई शहरों में भूमि विकास और निवेश के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रीयल एस्टेट का 'ब्लास्ट' और इकोनॉमिक कॉरिडोर: कब शुरू होगी पहली फ्लीट?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस महा-प्रोजेक्ट का असर सिर्फ सफर के समय पर ही नहीं, बल्कि चारों राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा। रीयल एस्टेट एक्सपर्ट्स और अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल के मुताबिक, दुनिया का अनुभव बताता है कि जहां से बुलेट ट्रेन गुजरती है, वहां औद्योगिक विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। इन स्टेशनों के आसपास नए औद्योगिक शहर, रिटेल हब, आलीशान आवासीय परियोजनाएं और ऑफिस स्पेस विकसित होंगे। अकेले बिहार में बुनियादी रेल ढांचे के विकास के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट पर पहले से काम चल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अभी क्या है परियोजना की स्थिति?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल, दिल्ली-वाराणसी खंड की डीपीआर (DPR) तैयार हो चुकी है, जबकि वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी रूट के लिए हवाई सर्वे (Aerial Survey) और फिजिबिलिटी रिपोर्ट का काम तेजी से चल रहा है। देश की पहली बुलेट ट्रेन का सूरत-बिलिमोरा खंड जल्द शुरू होने वाला है, वहीं रियल एस्टेट और रेलवे के सूत्रों का मानना है कि इस दिल्ली-पटना-सिलीगुड़ी रूट पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने में साल 2030 तक का समय लग सकता है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस कॉरिडोर पर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने में अभी कुछ वर्ष लग सकते हैं। यदि यह परियोजना तय समय में पूरी होती है, तो यह केवल एक बुलेट ट्रेन नहीं होगी, बल्कि उत्तर और पूर्वी भारत के बीच तेज कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi-NCR में प्लॉट खरीदने वालों की लगी लॉटरी! 13 जुलाई तक बड़ा मौका]]></title>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 14:14:49 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली-NCR में अपना घर बनाने के लिए जमीन खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। प्लॉट्स की मेगा नीलामी करने जा रहा है। जानिए कब तक है मौका..&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;GDA Plot Auction 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली-NCR में घर बनाने, दुकान खोलने या निवेश के लिए प्लॉट खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए शानदार मौका आया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) आगामी 17 जुलाई को एक मेगा प्रॉपर्टी नीलामी (GDA Property Auction) आयोजित करने जा रहा है। इस नीलामी में 19 अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत आवासीय, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट्स बेचे जाएंगे। अगर आप भी इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपके पास आवेदन करने के लिए सिर्फ 13 जुलाई तक का ही समय बचा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;19 योजनाओं में मिल रहे हैं हर तरह के प्लॉट्स&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;GDA की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मेगा ऑक्शन में हर वर्ग के खरीदारों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। चाहे आप अपने रहने के लिए जमीन ढूंढ रहे हों या भविष्य के किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए, यहां हर कैटेगरी के भूखंड उपलब्ध हैं। प्राधिकरण को उम्मीद है कि पिछली नीलामियों की तरह इस बार भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलेगा। बता दें कि हाल ही में हुई GDA की प्लॉट नीलामी से विभाग को करीब 213 करोड़ रुपये का बंपर रेवेन्यू (राजस्व) मिला था, जिसे देखते हुए इस बार तैयारियां और बड़े स्तर पर की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;17 जुलाई को होगी GDA की मेगा प्रॉपर्टी नीलामी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस मेगा नीलामी में अलग-अलग जरूरतों के अनुसार कई तरह के प्लॉट उपलब्ध होंगे। इनमें आवासीय (Residential) प्लॉट, कॉमर्शियल (Commercial) प्लॉट, औद्योगिक (Industrial) भूखंड, ग्रुप हाउसिंग के लिए जमीन, दुकानों के प्लॉट, होटल के लिए जमीन, सामुदायिक केंद्र, स्कूल और अस्पताल के लिए संस्थागत भूमि शामिल हैं। यानी घर खरीदने वालों से लेकर बड़े निवेशकों और संस्थानों तक, सभी के लिए एक ही मंच पर जमीन खरीदने का मौका मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बड़े निवेशकों और संस्थानों के लिए बड़ा मौका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;GDA की ओएसडी (OSD) कनिका कौशिक ने बताया कि 'इस बार छोटे खरीदारों के साथ-साथ बड़े कॉर्पोरेट निवेशकों और बड़े संस्थानों के लिए भी बेहतरीन अवसर है। प्राधिकरण ने सभी तरह की संपत्तियों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया है। इससे बड़े अस्पताल, नामी स्कूल और होटल चेन शुरू करने वाले निवेशकों को गाजियाबाद के प्राइम लोकेशन पर जमीन मिल सकेगी।'&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDA नीलामी में आवेदन का तरीका क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मेगा नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए समय पर आवेदन करना सबसे जरूरी शर्त है। ओएसडी कनिका कौशिक के अनुसार, जो लोग तय समय के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करेंगे, केवल वही 17 जुलाई को होने वाली बोली में शामिल हो पाएंगे। आवेदन करने के लिए GDA ने दोनों तरह के ऑप्शन दिए हैं। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खरीदार सीधे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और जरूरी फीस जमा कर सकते हैं। जो लोग कागजी कार्रवाई के जरिए आवेदन करना चाहते हैं, वे राजनगर (गाजियाबाद) स्थित एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की आरडीसी (RDC) शाखा से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं और वहीं भरकर जमा भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GDA निलामी की जरूरी तारीखें&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;आवेदन की आखिरी तारीख:&lt;/strong&gt; 13 जुलाई 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मेगा नीलामी की तारीख: &lt;/strong&gt;17 जुलाई 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-ncr-ghaziabad-gda-property-auction-dates-apply-online-process-articleshow-2heoxif"/>
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            <title><![CDATA[दिल्ली में बारिश का कहर: सड़कें बनीं दरिया, ढही 4 मंजिला इमारत, 3 की मौत, IMD का रेड अलर्ट!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-heavy-rain-red-alert-waterlogging-building-collapse-traffic-jam-3-deaths-articleshow-5uks7xg</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 13:14:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली में रातभर की भारी बारिश ने तबाही मचा दी। सड़कें दरिया बन गईं, रोहिणी में इमारत ढहने से 3 की मौत हुई। IMD का रेड अलर्ट जारी है। जानिए किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर पड़ा।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली: &lt;/strong&gt;राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों में रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसा तांडव मचाया है कि देश का दिल पूरी तरह ठप हो गया है। आसमान से बरसी इस आफत ने दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह बेअसर कर दिया, जिससे आलीशान कॉलोनियों से लेकर मुख्य हाईवे तक समंदर में तब्दील हो गए। इस मानसून की सबसे खतरनाक बारिश के बीच रोहिणी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और डरावना हादसा सामने आया है, जहां एक इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। मौसम विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए राजधानी में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात का खौफ: रोहिणी में ढही चार मंजिला इमारत, मलबे में दबी जिंदगियां&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भारी बारिश के बीच सबसे दिल दहला देने वाला और खौफनाक हादसा दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुआ। रात के अंधेरे और लगातार हो रही तेज़ बारिश के थपेड़ों को एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत बर्दाश्त नहीं कर सकी। आधी रात को अचानक यह विशालकाय इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। मलबे के गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस मलबे की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने दिल्ली में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भारी बारिश के बीच उनके सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Ghaziabad: Heavy rainfall leads to waterlogging in parts of Delhi- NCR. Visuals from Indirapuram.(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/jmssgFZStz&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सड़कें या नदियां? घुटने तक पानी में रेंगती गाड़ियां और ठप पड़ी दिल्ली&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरुवार सुबह जब दिल्लीवालों की आंख खुली, तो नजारा किसी डरावने सपने जैसा था। सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा, मुनिरका और द्वारका जैसे इलाकों में सड़कें पूरी तरह गायब हो चुकी थीं और उनकी जगह मटमैले पानी की नदियां बह रही थीं। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग ने महज 24 घंटों के भीतर रिकॉर्ड 72.6 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि लोधी रोड पर यह आंकड़ा 80.2 मिमी तक पहुंच गया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और धौला कुआं जैसे व्यस्त रास्तों पर कारें और बसें पानी में आधी डूबी नजर आईं। दफ्तर जाने वाले लोग घुटने तक भरे पानी में पैदल चलने को मजबूर थे, और कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण सुबह की भीड़भाड़ कई किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम में बदल गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारी बारिश का असर राजधानी के लगभग हर हिस्से में देखने को मिला। सदर बाजार, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, नासिरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर, कुशक रोड, मुनिरका, द्वारका, विकास मार्ग, पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति रही। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और धौला कुआं, महिपालपुर तथा रजोकरी के पास नेशनल हाईवे-48 पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कम दृश्यता और पानी भरी सड़कों ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Heavy rain cripples Delhi, triggers widespread waterlogging; IMD issues red alertThe IMD said moderate to heavy rainfall accompanied by thunderstorms and lightning is likely to continue through the day. pic.twitter.com/JVb7tHOuhU&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Shakeel Yasar Ullah (@yasarullah) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इस्कॉन मंदिर के पास उखड़े विशालकाय पेड़, गुरुग्राम हाईवे पर लगा लंबा जाम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस आसमानी आफत का असर सिर्फ पानी भरने तक सीमित नहीं रहा। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण राजधानी के कई हिस्सों में विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए। ईस्ट ऑफ कैलाश में प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर के पास और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के बाहर दो बड़े पेड़ गिरने से मुख्य रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। इस तबाही का असर पड़ोसी शहर गुरुग्राम (साइबर सिटी) में भी साफ देखने को मिला। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर, बसई और सोहना रोड के पास सैकड़ों गाड़ियां जलभराव के कारण बीच सड़क पर ही बंद हो गईं, जिससे दिल्ली-NCR को जोड़ने वाले इस मुख्य हाईवे पर गाड़ियों का मीलों लंबा रेला लग गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;IMD का रेड अलर्ट, अभी और बरसेगा आसमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड पर 80.2 मिमी, रिज में 77.8 मिमी, पालम में 63 मिमी और अयानगर में 57.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी की तरफ खिसकने के कारण राजधानी में भारी बारिश का दौर जारी है। जब तक यह सिस्टम आगे नहीं बढ़ता, तब तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;VIDEO | Delhi: Heavy rainfall triggers severe waterlogging in the Sadar Bazar area, disrupting normal movement. Civic authorities deploy water pumps to drain the accumulated rainwater.#DelhiRains #Monsoon #SadarBazaar(Full video available on PTI Videos -&hellip; pic.twitter.com/sNZ3EhlKE3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Press Trust of India (@PTI_News) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बारिश ने दी राहत भी, हवा रही 'संतोषजनक'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक ओर जहां बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं दूसरी ओर राजधानी की हवा साफ हो गई। गुरुवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 61 दर्ज किया गया, जो &quot;संतोषजनक&quot; श्रेणी में आता है। फिलहाल प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे जलभराव वाले इलाकों से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और अत्यधिक जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। आने वाले घंटों में मौसम का मिजाज और बिगड़ सकता है, इसलिए राजधानी में सतर्कता बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;हिमालय की तलहटी का वो 'वेदर सिस्टम' और AQI का हैरान करने वाला आंकड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिर अचानक दिल्ली में इतनी प्रलयंकारी बारिश क्यों शुरू हो गई? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों के मुताबिक, इसके पीछे एक बड़ा मौसमी कारण है। दरअसल, मॉनसून ट्रफ़ (Monsoon Trough) उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी की तरफ बढ़ गया है, जिसके चलते दिल्ली-NCR के ऊपर बादलों का भारी जमावड़ा हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक यह सिस्टम पूरी तरह उत्तर की ओर नहीं निकल जाता, तब तक दिल्ली में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। इस भयंकर तबाही के बीच दिल्लीवालों के लिए सिर्फ एक राहत की खबर रही। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हवा में मौजूद प्रदूषण पूरी तरह धुल गया, जिससे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुधरकर 61 (संतोषजनक श्रेणी) पर पहुंच गया। फिलहाल, नगर निगम और आपातकालीन टीमें सड़कों से पेड़ हटाने और पानी निकालने के काम में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-heavy-rain-red-alert-waterlogging-building-collapse-traffic-jam-3-deaths-articleshow-5uks7xg"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi EV Policy 2026: दिल्ली में अब EV चार्जिंग की नो-टेंशन, रेखा गुप्ता सरकार का 32,000 स्टेशन बनाने का मेगा प्लान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-ev-policy-2026-rekha-gupta-government-announces-plan-for-32000-new-ev-charging-stations-by-2030-articleshow-1g4cib5</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:45:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दिल्ली सरकार ने अपनी EV पॉलिसी 2026 के तहत 2030 तक 32,000 पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। यह शहर के चार्जिंग नेटवर्क को कई गुना बढ़ाने की एक बड़ी योजना है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2vpae3dfhg2w902p2za9hc,imgname-delhi-ev-charging-infrastructure-1783581321666.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर एक बड़ा प्लान बना रही है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक 32,000 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना है। यह कदम दिल्ली EV पॉलिसी 2026 का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद राजधानी को सस्टेनेबल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मामले में देश का एक बड़ा हब बनाना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चार्जिंग नेटवर्क में चार गुना बढ़ोतरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में अभी हजारों पब्लिक चार्जिंग पॉइंट्स हैं, लेकिन सरकार अगले चार सालों में इस नेटवर्क को लगभग चार गुना तक बढ़ाना चाहती है। ये नए चार्जिंग स्टेशन रिहायशी कॉलोनियों, कमर्शियल इलाकों, मेट्रो स्टेशनों, पब्लिक पार्किंग और बड़े ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी जगहों पर लगाए जाएंगे ताकि EV यूजर्स को आसानी से चार्जिंग की सुविधा मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फास्ट चार्जिंग पर रहेगा फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस नई पॉलिसी में फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया गया है, ताकि गाड़ियों को चार्ज करने में लगने वाला समय कम हो और लोगों को सहूलियत मिले। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एडवांस चार्जिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें और प्राइवेट ऑपरेटरों के साथ मिलकर एक भरोसेमंद चार्जिंग इकोसिस्टम तैयार करें। यह नेटवर्क प्राइवेट और कमर्शियल, दोनों तरह की इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सपोर्ट करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;EV अपनाने वालों को मिलेगा बढ़ावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार सरकार के उस लक्ष्य को पाने के लिए जरूरी है, जिसके तहत 2030 तक 30% से ज्यादा लोग EV अपनाएंगे। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर छूट, व्हीकल टैक्स में माफी, पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर फायदे और मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कदम भी शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली बनेगी साफ और हरी-भरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का यह विस्तार दिल्ली की क्लीन मोबिलिटी स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। इसका बड़ा मकसद वायु प्रदूषण और पेट्रोल-डीजल जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है। सरकार इलेक्ट्रिक बसों को चलाने और EV खरीदारों को छूट देने के साथ-साथ उम्मीद कर रही है कि बेहतर चार्जिंग नेटवर्क से लोगों के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल में इलेक्ट्रिक गाड़ियां ज्यादा प्रैक्टिकल बनेंगी और शहर की हवा भी साफ होगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Tirupati Wedding Murder: मैरिज हॉल के बाहर डबल मर्डर, CCTV और VIDEO बने सबसे बड़े गवाह]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tirupati-wedding-double-murder-knife-attack-family-dispute-two-killed-video-articleshow-1wm801k</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:39:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;तिरुपति में शादी की खुशियां खूनी वारदात में बदल गईं। मैरिज हॉल के बाहर चाकू से दो लोगों की हत्या के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस पारिवारिक विवाद के एंगल से जांच कर रही है, जबकि वायरल VIDEO कई सवाल खड़े कर रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2v7zsyavp0skq4n9dsfstv,imgname-tirupati-wedding-double-murder-knife-attack-family-dispute-two-killed-video-1783580852029.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तिरुपति: &lt;/strong&gt;आंध्र प्रदेश के पवित्र मंदिरों के शहर तिरुपति से एक बेहद दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक मैरिज हॉल में चल रहे शादी के जश्न के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई। पारिवारिक विवाद को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने कुछ ही मिनटों में इतना भयानक रूप अख्तियार कर लिया कि सरेआम दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। इस दोहरे हत्याकांड (Double Murder) के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पद्मावती कल्याण मंडपम में सन्नाटा: रात 9:40 बजे का वो खौफनाक मंजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना तिरुपति के व्यस्त तिरुचनूर रोड पर स्थित पद्मावती कल्याण मंडपम मैरिज हॉल के पास हुई। बुधवार की रात करीब 9:40 बजे, जब शादी समारोह अपने शबाब पर था और मेहमान खाने-पीने और खुशियों में डूबे हुए थे, ठीक उसी वक्त मैरिज हॉल के ठीक बाहर कुछ लोग आपस में बुरी तरह उलझ रहे थे। देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई का यह दौर खूनी संघर्ष में बदल गया। हमलावरों ने अचानक अपनी जेबों से धारदार चाकू निकाले और दो लोगों पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया। जब तक आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, दोनों लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। सूचना मिलते ही जब स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो जीवकोना निवासी 50 वर्षीय मुनिरत्नम रेड्डी जमीन पर मृत पड़े थे, जबकि सुब्बा रेड्डी नगर के रहने वाले मणिकंटा की सांसें आखिरी मोड़ पर थीं। मणिकंटा को तुरंत श्री वेंकटेश्वर रामनारायण रुइया सरकारी जनरल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Tirupati Double Murder Shocker!  Two mediators, Munirathnam &amp;amp; Manikanta, brutally killed while trying to resolve a family dispute at a wedding. Attack by Sunil's family turns a marriage into a bloody crime scene. Police registered case, probe underway.#Tirupati #CrimeNews pic.twitter.com/Q8bifmLlJL&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; TheSpectrum_IN (@TheSpectrum_IN) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सालों पुराना वो पारिवारिक विवाद: आखिर कौन था शादी में आया 'बिन बुलाया मेहमान'?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों ने इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की सस्पेंस भरी कहानी से पर्दा उठा दिया है। इस पूरी खूनी साजिश का मुख्य सूत्रधार सुनील नाम का एक शख्स है, जो यरपेडू मंडल के जंगलपल्ली गांव का रहने वाला है। सुनील पिछले कई सालों से अपनी पत्नी से अलग रह रहा था और दोनों परिवारों के बीच अदालती और सामाजिक विवाद चल रहा था। बुधवार की रात सुनील चुपके से इस शादी समारोह में शामिल होने पहुंचा था। इत्तेफाक से, सुनील की सास संपूर्णम्मा की नजर उस पर पड़ गई। संपूर्णम्मा ने तुरंत इसकी जानकारी मुनिरत्नम और मणिकंटा को दी&mdash;ये वो दो लोग थे जिन्होंने संपूर्णम्मा की बेटी की शादी का सारा इंतजाम कराया था और हर मोड़ पर उसकी मदद की थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Double Murder in Temple City Tirupati, Andhra Pradesh.&amp;nbsp;The World Famous #TempleCity #Tirupati was left in Shock, a double murder took place at the Sri Padmavathi Kalyana Mandapam near Lakshmipuram Circle.Two people were brutally stabbed to death, during a wedding ceremony at&hellip; pic.twitter.com/A4tzOLJvoO&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Surya Reddy (@jsuryareddy) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'सास, दामाद और वो दो मददगार': बहसबाजी के बाद सरेआम खिंच गए चाकू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुनिरत्नम और मणिकंटा ने जैसे ही सुना कि सुनील वहां आया हुआ है, वे सीधे मैरिज हॉल के बाहर पहुंचे और उसे आड़े हाथों लिया। उन्होंने सुनील को घेर लिया और उसकी पत्नी को लावारिस छोड़ने और सालों से प्रताड़ित करने के आरोपों पर तीखे सवाल-जवाब शुरू कर दिए। शुरुआत में सुनील बैकफुट पर था, लेकिन तभी शादी में मौजूद सुनील के भाई, बहन और एक अन्य करीबी रिश्तेदार भी इस बहस में कूद पड़े। चंद मिनटों की बहस के बाद माहौल में बारूद सा तनाव फैल गया। खुद को घिरता देख सुनील और उसके रिश्तेदारों ने आव देखा न ताव, सीधे मुनिरत्नम और मणिकंटा के पेट और छाती में चाकू घोंप दिए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भागने की फिराक में थे कातिल: नाकेबंदी कर पुलिस ने शहर छोड़ने से पहले दबोचा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरेराह हुए इस दोहरे हत्याकांड से पूरी तिरुपति पुलिस महकमे में खलबली मच गई। तिरुपति ईस्ट सर्कल इंस्पेक्टर श्रीनिवासुलु के नेतृत्व में तुरंत अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने मैरिज हॉल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और चश्मदीदों द्वारा मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए वीडियो क्लिपों की जांच शुरू की। हत्यारे शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे और हाईवे की तरफ बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने चारों तरफ से जाल बिछाकर आरोपियों को तिरुपति से निकलने से ठीक पहले ही धर दबोचा और पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पवित्र तीर्थस्थल में हुई इस खूनी वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पुलिस ने क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तिरुपति ईस्ट सर्कल के इंस्पेक्टर श्रीनिवासुलु ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। शुरुआती संकेत पारिवारिक विवाद की ओर इशारा करते हैं, लेकिन अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस दोहरे हत्याकांड ने तिरुपति में सनसनी फैला दी है। शादी जैसे खुशहाल माहौल में हुई इस हिंसक घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की पूरी साजिश और वास्तविक कारण सामने आ पाएंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/tirupati-wedding-double-murder-knife-attack-family-dispute-two-killed-video-articleshow-1wm801k"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi Property Fraud: दिल्ली में अब GPA से प्रॉपर्टी खरीदना-बेचना होगा मुश्किल, रेखा गुप्ता सरकार लाई नए नियम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-rekha-gupta-government-tightens-gpa-rules-to-tackle-property-fraud-and-revenue-loss-articleshow-hq9gbdr</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:31:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दिल्ली सरकार ने जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के जरिए होने वाली प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियम कड़े कर दिए हैं। इसका मकसद स्टांप ड्यूटी चोरी, प्रॉपर्टी फ्रॉड और सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान को रोकना है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2tvzw6trsja79m1pk1xmxq,imgname-delhi-registration-rules-1783580458886.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसमें जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) भी शामिल है। इन नए और सख्त नियमों का मकसद GPA एग्रीमेंट्स के गलत इस्तेमाल को रोकना है। दरअसल, अब तक स्टांप ड्यूटी बचाने या धोखे से प्रॉपर्टी बेचने के लिए GPA का खूब इस्तेमाल होता आया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नियमों को सख्त क्यों किया गया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रालय ने बताया कि कई प्रॉपर्टी सौदों को सिर्फ GPA पेपर के तौर पर रजिस्टर किया जा रहा था, जबकि उनमें प्रॉपर्टी की बिक्री, मालिकाना हक का ट्रांसफर या कब्जा देने जैसी बातें शामिल होती थीं। इस वजह से लोग सेल डीड पर लगने वाली पूरी स्टांप ड्यूटी देने से बच जाते थे। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था, बल्कि धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नए नियमों में क्या खास है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नए स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, अब सब-रजिस्ट्रार रजिस्ट्रेशन के लिए आए हर GPA डॉक्यूमेंट की बारीकी से जांच करेंगे। अधिकारी यह भी चेक करेंगे कि कागज में पैसों के लेन-देन, मालिकाना हक के ट्रांसफर, या प्रॉपर्टी को बेचने, गिरवी रखने या ट्रांसफर करने जैसे परमानेंट अधिकार तो नहीं दिए गए हैं। अगर ऐसे क्लॉज मिलते हैं, तो रजिस्ट्रेशन से पहले उस डॉक्यूमेंट की और गहराई से जांच की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कई मामलों में कलेक्टर की मंजूरी जरूरी होगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अब एक बड़ा बदलाव यह है कि अगर GPA किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर है जो करीबी रिश्तेदार (जैसे- माता-पिता, पति-पत्नी, बच्चे, भाई-बहन) नहीं है, तो सब-रजिस्ट्रार उसे सीधे रजिस्टर नहीं करेंगे। ऐसे मामलों में, डॉक्यूमेंट को कलेक्टर ऑफ स्टांप्स के पास भेजा जाएगा। कलेक्टर यह तय करेंगे कि डॉक्यूमेंट को एक सामान्य GPA माना जाए या फिर एक कन्वेयंस डीड, जिस पर पूरी स्टांप ड्यूटी लगती है। कलेक्टर को 30 दिनों के अंदर इस पर फैसला देना होगा, हालांकि विशेष परिस्थितियों में यह समय तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने सभी सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों को ऐसे मामलों के लिए एक अलग रजिस्टर बनाने और नियमित रूप से रिपोर्ट देने को कहा है। एक महीने के अंदर एक ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू किया जाएगा, ताकि इन मामलों की निगरानी हो सके और पारदर्शिता बढ़े। जो अधिकारी इन नए नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन पाबंदियों का मकसद लैंड माफिया पर लगाम कसना और आम लोगों को प्रॉपर्टी की धोखाधड़ी से बचाना है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से सरकारी राजस्व की सुरक्षा होगी और दिल्ली में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता आएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-rekha-gupta-government-tightens-gpa-rules-to-tackle-property-fraud-and-revenue-loss-articleshow-hq9gbdr"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Chhattisgarh News: निजी कर्ज से मिलेगी राहत! विष्णु देव साय सरकार लाई वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-news-vishnu-deo-sai-launched-short-term-loan-scheme-against-salary-for-government-employees-op-choudhary-articleshow-awmxngf</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:49:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू की है। ई-कोष पोर्टल से बिना ब्याज, डिजिटल और त्वरित वित्तीय सहायता मिलेगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2r8199ct6c0wfcqznscc76,imgname-chhattisgarh-short-term-loan-scheme-against-salary-for-government-employees-1783577707817.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन के सभागार में राज्य के शासकीय सेवकों के लिए वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने योजना की आधिकारिक पुस्तिका (ब्रोशर) का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कर्मचारी कल्याण, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को जरूरत के समय सम्मानजनक, त्वरित और सरल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना से कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय कर्मचारी राज्य के विकास की मजबूत नींव हैं। यदि कर्मचारी आर्थिक चिंताओं से मुक्त रहेंगे तो वे पूरी क्षमता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। इससे शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और भी आसान होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को अब निजी साहूकारों या अधिक ब्याज पर ऋण लेने की मजबूरी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिसके माध्यम से पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक कागजी प्रक्रिया के आसानी से अल्पावधि ऋण प्राप्त कर सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ई-कोष डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी पूरी तरह पेपरलेस सुविधा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त विभाग ने इस योजना को सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से ई-कोष प्रणाली से जोड़ दिया है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पेपरलेस, सुरक्षित और पारदर्शी बनाई गई है। इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस नवाचार के लिए वित्त विभाग की पूरी टीम की सराहना करते हुए सभी शासकीय कर्मचारियों से विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले- बिना ब्याज मिलेगी तात्कालिक वित्तीय सहायता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारी हितों से जुड़े फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू करने के बाद अब वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बिना ब्याज वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने जानकारी दी कि योजना के पायलट चरण के केवल दो महीनों में 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने अपना पंजीयन कराया है, जबकि 27 हजार कर्मचारी इस सुविधा का लाभ भी ले चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कर्मचारी संगठनों ने योजना का किया स्वागत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संघ के प्रांतीय संयोजक श्री कमल वर्मा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से कर्मचारी ऐसी सुविधा की मांग कर रहे थे। यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक और समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ई-कोष कर्मचारी पोर्टल से होगा ऑनलाइन आवेदन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार के अनुसार यह पूरी सुविधा ई-कोष प्रणाली से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर में जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के दौरान ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण और आवश्यक सहमति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ऋण स्वीकृति और राशि का वितरण तेजी से किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, संचालक (बजट एवं वित्त) श्री ऋषभ पराशर, छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री चंद्रकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बिना सुरक्षा, लंबा घूंघट और फर्राटेदार इंग्लिश...क्यों वायरल हो रहा राजस्थान की Ex MLA का VIDEO?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-former-mla-preeti-singh-shaktawat-ghunghat-fluent-english-municipal-eo-video-articleshow-y6wbdvz</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 11:08:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;घूंघट में पहुंचीं उदयपुर की पूर्व विधायक प्रीति सिंह शक्तावत को पहचान नहीं पाए अधिकारी। फर्राटेदार अंग्रेजी में EO से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, घटना बनी चर्चा का विषय।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2n7tr522jrz57nf6m1c96t,imgname-rajasthan-former-mla-preeti-singh-shaktawat-ghunghat-fluent-english-municipal-eo-video-1783574555397.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;उदयपुर/भीण्डर: &lt;/strong&gt;राजस्थान की धरा अपनी समृद्ध संस्कृति, रजवाड़े इतिहास और पारंपरिक मर्यादाओं के लिए जानी जाती है। लेकिन इसी मरुधरा के उदयपुर जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने अफसरशाही के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक तहलका मचा दिया है। भीण्डर नगर पालिका कार्यालय में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब पारंपरिक 'घूंघट' काढ़े एक साधारण सी दिखने वाली ग्रामीण महिला दफ्तर में दाखिल हुई। लेकिन जैसे ही उस महिला ने घूंघट के पीछे से बेहद तीखे तेवर में 'फर्राटेदार अंग्रेजी' बोलना शुरू किया, सामने कुर्सी पर बैठे अधिशासी अधिकारी (EO) के पसीने छूट गए। जब उस घूंघट के पीछे छिपी असली शख्सियत का पर्दाफाश हुआ, तो नगर पालिका परिसर में हड़कंप मच गया। वह कोई आम फरियादी नहीं, बल्कि इलाके की बेहद रसूखदार और कद्दावर नेता थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'आम नागरिक' का भेष और सरकारी दफ्तर में औचक एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भीण्डर नगर पालिका में पिछले काफी समय से पट्टों के आवंटन और स्थानीय प्रशासनिक कामकाज को लेकर जनता के बीच घमासान मचा हुआ था। भ्रष्टाचार और लापरवाही की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच, उदयपुर के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व कांग्रेस विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत ने जमीनी हकीकत जानने के लिए एक ऐसा तरीका चुना जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। प्रशासन की पारदर्शिता को कसौटी पर कसने के लिए पूर्व विधायक ने किसी तामझाम या सुरक्षा गार्ड्स के बिना, स्थानीय राजपूती संस्कृति की पारंपरिक मर्यादा के तहत लंबा घूंघट निकाला और एक बेहद साधारण ग्रामीण महिला का भेष धरकर नगर पालिका कार्यालय में औचक निरीक्षण के लिए घुस गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;घूँघट में फर्राटे दार इंग्लिश सुन कर नगरपालिका EO सकते में आ गए.घुँघट में दिख रही महिला कोई साधारण महिला नहीं बल्कि वल्लभनगर उदयपुर से कांग्रेस की पूर्व विधायक प्रीति सिंह शक्तावत हैं प्रीति सिंह के पति स्वर्गीय गजेंद्र सिंह शक्तावत भी कांग्रेस से 2 बार विधायक रहे थे.! pic.twitter.com/qBRvvjk3AF&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Jeetu Besla (@JeetuBesla) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जब घूंघट की ओट से गूंजी 'Fluent English', तो कुर्सी छोड़ खड़े हुए अधिकारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ऑफिस में दाखिल होकर जब वह सीधे अधिशासी अधिकारी (EO) के सामने पहुंचीं, तो अधिकारी ने उन्हें एक आम और कम पढ़ी-लिखी ग्रामीण महिला समझकर हल्के में लेने की भूल कर दी। लेकिन सस्पेंस तब गहरा गया जब पीड़ित जनता की समस्याओं पर बात करते-करते अचानक उस घूंघट वाली महिला ने बेहद स्पष्ट, तीखी और उच्च दर्जे की धाराप्रवाह अंग्रेजी (Fluent English) में अफसर की क्लास लगानी शुरू कर दी। &quot;एक आम ग्रामीण महिला के मुंह से ऐसे अंग्रेजी के शब्द और कानूनी नियम सुनकर वहां मौजूद ईओ और अन्य कर्मचारी पूरी तरह दंग रह गए। दफ्तर में सन्नाटा पसर गया और अधिकारी का चेहरा देखने लायक था।&quot; प्रशासनिक लापरवाही पर अंग्रेजी में फटकार लगाते हुए जब उस महिला ने अपने चेहरे से घूंघट थोड़ा हटाया, तब जाकर अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। सामने वल्लभनगर की पूर्व विधायक प्रीति सिंह शक्तावत खड़ी थीं। अपनी पूर्व विधायक को इस रूप में देखकर अधिकारी तुरंत अपनी कुर्सी छोड़कर खड़े हो गए और दफ्तर के बाकी स्टाफ में हड़कंप मच गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कौन हैं प्रीति सिंह शक्तावत? मेवाड़ के सबसे कद्दावर राजनीतिक घराने से हैं ताल्लुक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घूंघट के पीछे से अंग्रेजी की गूंज सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन प्रीति सिंह शक्तावत की पृष्ठभूमि को देखा जाए तो यह कोई हैरानी की बात नहीं है। वह राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र के सबसे रसूखदार और प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवारों में से एक से ताल्लुक रखती हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;ससुर की विरासत: &lt;/strong&gt;वह राजस्थान के पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय गुलाब सिंह शक्तावत की बहू हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पति का सफर: &lt;/strong&gt;उनके पति स्वर्गीय गजेंद्र सिंह शक्तावत भी वल्लभनगर से दो बार विधायक और राज्य सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;उपचुनाव में जीत: &lt;/strong&gt;जनवरी 2021 में पति के असामयिक निधन के बाद प्रीति सिंह ने राजनीति में कदम रखा और नवंबर 2021 के उपचुनाव में बंपर जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बिजनेस वुमन: &lt;/strong&gt;राजनीति के साथ-साथ वह बेहद उच्च शिक्षित (ग्रेजुएट प्रोफेशनल) हैं और पारिवारिक मार्बल व्यवसाय (धरणी मार्बल्स प्राइवेट लिमिटेड) व कमर्शियल पेट्रोल पंप का संचालन भी करती हैं।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;परंपरा और आधुनिकता का अनोखा समन्वय, सोशल मीडिया पर तारीफों का सैलाब&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;50 वर्षीय पूर्व विधायक प्रीति कुंवर का यह तीखा और राजनैतिक अंदाज अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। लोग इस बात की जमकर तारीफ कर रहे हैं कि इतनी उच्च शिक्षित होने, बिजनेस संभालने और विधायक रहने के बावजूद, उन्होंने अपनी स्थानीय राजपूती संस्कृति और घूंघट की मर्यादा का भी पूरा सम्मान किया। प्रशासनिक कमियों को उजागर करने का उनका यह 'सीक्रेट मिशन' न केवल सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड कर रहा है, बल्कि इसने निकम्मे अधिकारियों को यह कड़ा संदेश भी दे दिया है कि घूंघट के पीछे बैठी देश की आधी आबादी को कमजोर या अनपढ़ समझने की भूल कतई न करें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-former-mla-preeti-singh-shaktawat-ghunghat-fluent-english-municipal-eo-video-articleshow-y6wbdvz"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सरदार सरोवर परियोजना पर ऐतिहासिक फैसला, मध्यप्रदेश को मिला बड़ा फायदा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/sardar-sarovar-project-agreement-madhya-pradesh-relief-tulsi-ram-silawat-message-pm-modi-mohan-yadav-amit-shah-articleshow-krtbuwc</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:21:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सरदार सरोवर परियोजना पर चार राज्यों के ऐतिहासिक समझौते से मध्यप्रदेश को बड़ी राहत मिली। 1500 करोड़ की संभावित देनदारी घटकर 231 करोड़ रह गई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2j617drsdntc3ntkxhdh7s,imgname-tulsi-ram-silawat-message-sardar-sarovar-project-agreement-1783571350765.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सरदार सरोवर परियोजना को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से चार राज्यों के बीच करीब तीन दशक से लंबित मुद्दे का समाधान संभव हो पाया। उनके मुताबिक लंबे समय से परियोजना से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर चारों राज्यों के बीच अलग-अलग दावे और गणनाएं चल रही थीं, जिससे विवाद लगातार बना हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अटॉर्नी जनरल की राय के बाद मध्यप्रदेश पर बढ़ा था आर्थिक बोझ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्री सिलावट ने बताया कि फरवरी 2026 में भारत के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले पर अपना कानूनी अभिमत दिया था। इस राय के आधार पर ऐसी स्थिति बन रही थी कि मध्यप्रदेश को गुजरात सरकार को लगभग 1500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ सकता था। इसकी वजह यह थी कि उस समय गुजरात के हिस्से में परियोजना के खर्च की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी तय मानी जा रही थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह की पहल से बदला खर्च का फार्मूला, एमपी को मिली बड़ी राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जल संसाधन मंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चारों राज्यों के प्रतिनिधियों ने विस्तृत चर्चा की। वहीं केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के मार्गदर्शन में यह फैसला लिया गया कि परियोजना के खर्च में गुजरात की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दी जाए। इस निर्णय के बाद मध्यप्रदेश की देनदारी में बड़ी कमी आई और 1500 करोड़ रुपये का संभावित भुगतान घटकर केवल 231 करोड़ रुपये रह गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;31 लाख हेक्टेयर सिंचाई और सस्ती बिजली का लाभ रहेगा जारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्री सिलावट ने कहा कि इस समझौते के बाद सरदार सरोवर परियोजना से जुड़ा विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब मध्यप्रदेश को पहले की तरह 31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलती रहेगी। साथ ही राज्य को 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली की आपूर्ति भी लगातार जारी रहेगी, जिससे किसानों और प्रदेश के विकास को लाभ मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का जताया आभार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्री सिलावट ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हृदय से आभार व्यक्त करती है। उनके नेतृत्व और पहल के कारण वर्षों से लंबित इस विवाद का ऐसा समाधान निकला, जिससे सभी संबंधित राज्यों को लाभ मिला। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से यह महत्वपूर्ण फैसला संभव हुआ।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Tulsi Ram Silawat (@tulsiramsilawat)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस से राजनीति नहीं करने की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तुलसीराम सिलावट ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह विषय राजनीतिक विवाद का नहीं, बल्कि चार राज्यों और देश के हित से जुड़ा मामला है। इसलिए कांग्रेस को इस पर राजनीति करने के बजाय इस ऐतिहासिक समाधान का स्वागत करना चाहिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/sardar-sarovar-project-agreement-madhya-pradesh-relief-tulsi-ram-silawat-message-pm-modi-mohan-yadav-amit-shah-articleshow-krtbuwc"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[VIDEO: महाराष्ट्र बाढ़ में बहे 3,000 LPG सिलेंडर, DM की न छूने की चेतावनी, फिर भी नहीं माने लोग!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/maharashtra-raigad-flood-3000-lpg-cylinder-washed-away-hpcl-patalganga-river-warning-articleshow-v47ih9a</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 10:02:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश से HPCL LPG प्लांट में बाढ़ आई, 3,000 सिलेंडर पातालगंगा नदी में बहे। प्रशासन ने लोगों को सिलेंडर न छूने की चेतावनी दी। जानिए पूरी घटना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2jav7n30jds0yrnxhsdn7h,imgname-maharashtra-raigad-flood-3000-lpg-cylinder-washed-away-hpcl-patalganga-river-warning-1783571508469.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायगढ़/मुंबई: &lt;/strong&gt;महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक ऐसी खौफनाक और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ के बीच एक सरकारी गैस बॉटलिंग प्लांट पानी में डूब गया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी भयानक आपदा से कम नहीं था-एक-दो नहीं बल्कि करीब 3,000 एलपीजी (LPG) सिलेंडर बाढ़ के तेज बहाव में बहकर पातालगंगा नदी में चले गए। अब नदी के पानी में तैरते ये हजारों सिलेंडर किसी 'टाइम बम' की तरह आगे बढ़ रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कैसे हुआ हादसा? प्लांट में पानी भरने से मची अफरा-तफरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका अंतर्गत MIDC चवाने में स्थित प्लॉट नंबर E-1/7 पर बने HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट में हुई। पिछले कुछ दिनों से रायगढ़ और आस-पास के इलाकों में आसमानी आफत बरस रही है। भारी बारिश के चलते पातालगंगा नदी उफान पर थी और अचानक नदी का गंदा, तेज पानी प्लांट की सुरक्षा दीवारों को तोड़ते हुए भीतर घुस गया। पानी का बहाव इतना खतरनाक था कि उसने प्लांट के यार्ड में रखे भारी-भरकम सिलेंडरों को तिनके की तरह बहाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते करीब 3,000 सिलेंडर (जिनमें भरे हुए और खाली दोनों शामिल हैं) पानी के रेले के साथ बहकर सीधे पातालगंगा नदी की मुख्य धारा में समा गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश से LPG बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ आ गई। करीब 3 हजार गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। pic.twitter.com/lTnSeLwpJG&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sachin Gupta (@Sachingupta) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जब नदी के सीने पर तैरने लगे मौत के गोले: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सुबह होते ही सोशल मीडिया पर इस घटना के कई रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो और तस्वीरें वायरल होने लगीं। वीडियो में देखा जा सकता है कि मटमैले पानी की लहरों के ऊपर सैकड़ों लाल रंग के गैस सिलेंडर इंसानी लाशों की तरह तैरते हुए आगे बढ़ रहे हैं। यह नजारा जितना हैरान करने वाला था, उससे कहीं ज्यादा डरावना था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रशासन की मनाही के बावजूद कुछ जगहों पर लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के किनारे से इन सिलेंडरों को खींचकर अपने घर ले जाने की कोशिश करते दिखे। लोगों की इस नासमझी ने एक बड़े संभावित ब्लास्ट या हादसे के खतरे को कई गुना बढ़ा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश से LPG बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ आ गई। करीब 3 हजार गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। pic.twitter.com/lTnSeLwpJG&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sachin Gupta (@Sachingupta) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&quot;उत्सुकता पड़ेगी भारी...&quot; ज़िला कलेक्टर की वो डरावनी चेतावनी!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही यह बात रायगढ़ के जिला कलेक्टर किशन जावले तक पहुँची, उन्होंने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे क्षेत्र के लिए एक बेहद गंभीर और डरावनी चेतावनी (Advisory) जारी की। कलेक्टर जावले ने तटीय इलाकों और नदी के बहाव की दिशा में रहने वाले सभी नागरिकों से हाथ जोड़कर अपील की कि वे इन सिलेंडरों के पास भी न जाएं। कलेक्टर ने सीधे शब्दों में आगाह करते हुए कहा: &quot;इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि नदी में बहे इन सिलेंडरों में कितनी गैस बची है या वे इस वक्त किस सुरक्षित स्थिति में हैं। पानी के तेज बहाव और पत्थरों से टकराने के कारण इनके वॉल्व ढीले हो सकते हैं या गैस लीक हो सकती है। उत्सुकता या निजी लालच में आकर इन्हें छूना, उठाना, खोलना या अपने घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। यह सीधे-सीधे मौत को दावत देने जैसा है। नागरिक खुद को और अपने परिवार को जोखिम में न डालें।&quot; प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि अगर किसी भी ग्रामीण या राहगीर को नदी के किनारे या झाड़ियों में कोई भी सिलेंडर फंसा हुआ दिखे, तो वह उसे खुद निकालने की बहादुरी बिल्कुल न दिखाए, बल्कि तुरंत स्थानीय पुलिस या आपदा प्रबंधन टीम को सूचित करे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एलपीजी का रिसाव तो कई बार देखा होगा आपने एलपीजी का बहाव भी देख लीजिए l#LPG l #Maharashtra l #HPCL pic.twitter.com/USOrgzniLV&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sanjeev Kumar (@san_jeev_1) July 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'कर्मों का हिसाब' या कुदरत का कहर? कोल्हापुर से रायगढ़ तक हाहाकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बीच, इस विनाशकारी घटना को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में इसे 'कर्मों का न्याय' बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि सिर्फ 3 महीने पहले इसी इलाके के कुछ जमाखोरों और गोदाम मालिकों ने कथित तौर पर गरीबों को चूना लगाया था और एलपीजी की कालाबाजारी की थी, और आज कुदरत के इस सैलाब ने पूरे के पूरे गोदाम को ही बहा दिया। लोग लिख रहे हैं कि- &quot;कर्म का हिसाब देर से हो सकता है, लेकिन होता ज़रूर है।&quot; बहरहाल, रायगढ़ और पड़ोसी जिले कोल्हापुर में भी बाढ़ का पानी कई गैस गोदामों तक पहुँच चुका है, जिससे नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नदी में 'सर्च ऑपरेशन': सिलेंडरों को ढूंढने में जुटी सरकारी टीमें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल, रायगढ़ जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, MIDC के अधिकारी और HPCL कंपनी की रेस्क्यू टीमें हाई अलर्ट पर हैं। पातालगंगा नदी के निचले बहाव वाले इलाकों और खाड़ियों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि नदी में बह रहे इन 'तैरते हुए खतरों' को समय रहते पानी से बाहर निकाला जा सके और किसी भी बड़ी विस्फोटक दुर्घटना को टाला जा सके। पूरी स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एक छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़ा खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के बाद मिले किसी भी LPG सिलेंडर को सामान्य वस्तु समझना बड़ी गलती हो सकती है। दबाव, क्षति या वाल्व में खराबी के कारण ऐसे सिलेंडर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और नदी में बहे सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से हटाना है। प्रशासन ने साफ कहा है कि सावधानी ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/maharashtra-raigad-flood-3000-lpg-cylinder-washed-away-hpcl-patalganga-river-warning-articleshow-v47ih9a"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP News: सरदार सरोवर समझौते से MP को बड़ी राहत, ₹1500 करोड़ का बोझ घटा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-madhya-pradesh-sardar-sarovar-project-rehabilitation-dispute-settlement-mp-financial-relief-mohan-yadav-articleshow-ie62xc3</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:46:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सरदार सरोवर परियोजना के 30 साल पुराने विवाद के समाधान से मध्यप्रदेश को बड़ी राहत मिली है। अब राज्य को 1500 करोड़ की जगह सिर्फ 231.80 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2hc9cs0y6z7hpyae0727qh,imgname-madhya-pradesh-sardar-sarovar-project-rehabilitation-dispute-settlement-1783570507161.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े करीब तीन दशक पुराने पुनर्वास एवं पुनर्बसाहट व्यय विवाद का सर्वसम्मति से समाधान निकाल लिया गया। इस फैसले से मध्यप्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;30 साल पुराने पुनर्वास व्यय विवाद पर बनी सहमति, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की मिसाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह फैसला राज्यों के बीच बेहतर संवाद, आपसी सहयोग और सहमति के जरिए जटिल मामलों को सुलझाने का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98% से घटकर 16.17% हुई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत के अटॉर्नी जनरल ने फरवरी 2026 में दिए गए अपने अभिमत में पुनर्वास व्यय में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत तय की थी। इसके आधार पर प्रदेश को गुजरात को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ता। हालांकि, दिल्ली में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच हुई बैठक में सभी राज्यों की सहमति से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी घटाकर 16.17 प्रतिशत कर दी गई। इस बदलाव के बाद अब मध्यप्रदेश को केवल 231.80 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा, जिससे राज्य को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चारों राज्यों की नई हिस्सेदारी तय, गुजरात को मिलेगा सबसे बड़ा हिस्सा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में पुनर्वास व्यय को लेकर चारों राज्यों की नई हिस्सेदारी भी तय की गई।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गुजरात की हिस्सेदारी 50.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 15.15 प्रतिशत से घटाकर 7.66 प्रतिशत तय की गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राजस्थान की हिस्सेदारी 2.31 प्रतिशत से घटाकर 1.17 प्रतिशत कर दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत से घटाकर 16.17 प्रतिशत निर्धारित की गई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस नई व्यवस्था के अनुसार गुजरात को सहभागी राज्यों से कुल 553.43 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरदार सरोवर परियोजना से मध्यप्रदेश को बिजली, सिंचाई और पेयजल का बड़ा लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा एवं सरदार सरोवर परियोजना से उत्पादित कुल बिजली का 57 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश को मिलता है। अब तक प्रदेश को लगभग 3,900 करोड़ यूनिट बिजली औसतन 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से करीब 31 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके अलावा जबलपुर, कटनी, देवास, उज्जैन, इंदौर, धार सहित कई शहरों को नर्मदा का पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही पीथमपुर, देवास और विक्रम उद्योगपुरी जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसी परियोजना से जलापूर्ति की जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-madhya-pradesh-sardar-sarovar-project-rehabilitation-dispute-settlement-mp-financial-relief-mohan-yadav-articleshow-ie62xc3"/>
        </item>
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            <title><![CDATA[100 की रफ्तार, ड्राइवर रील्स में बिजी! आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का VIDEO देख कांप जाएंगे आप]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bus-driver-watches-reels-while-driving-at-100-kmph-on-agra-lucknow-expressway-viral-video-articleshow-h83cd5u</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:30:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बस ड्राइवर 100 की रफ़्तार से गाड़ी चलाते हुए मोबाइल पर रील्स देख रहा था। यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले इस वीडियो के वायरल होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2cc51edv12x9j98x5d5msp,imgname-agra-lucknow-expressway-1783565259822.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; हमारे देश की सड़कों पर हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। सड़क हादसों में मौतों का बढ़ता आंकड़ा ट्रैफिक नियमों को और सख्त करने की मांग करता है। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। वीडियो में एक बस ड्राइवर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार में बस चलाते हुए बड़ी लापरवाही से मोबाइल पर रील्स देख रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;100 की स्पीड पर बस, ड्राइवर रील्स में मस्त&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वायरल पोस्ट के मुताबिक, यह वीडियो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का है, जहां बस करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले शख्स ने बताया कि वह आलमबाग से बस में चढ़ा था और दिल्ली जा रहा था। बस का ड्राइवर अपनी दोनों कोहनियों को स्टीयरिंग पर टिकाकर बस को कंट्रोल कर रहा था और साथ ही मोबाइल पर रील्स देखने में मगन था। वह कभी-कभार ही सड़क की तरफ देख रहा था। हैरानी की बात यह है कि ड्राइवर के बगल में लेटा कंडक्टर भी अपने मोबाइल पर रील्स का मजा ले रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यात्रियों से खचाखच भरी बस 100 की स्पीड से लगभग बिना किसी कंट्रोल के दौड़ रही थी। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि ऐसा अक्सर होता है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के बाद प्राइवेट बस के ड्राइवर अक्सर बोरियत मिटाने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Bus driver and conductor both watching videos on their phones while speeding at 100 km/h on the Agra-Lucknow Expressway.This is why accidents keep happening every single day.This is not one bus. This is the standard practice in most private buses.You are traveling with&hellip; pic.twitter.com/BlizJ8U08v&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Mr Tiwari (@MrTiwaree) July 5, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोगों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि पोस्ट में यह नहीं बताया गया है कि यह घटना कब हुई या बस कौन सी थी, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूजर्स ने लिखा कि भारत में इंसानी जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। एक यूजर ने लिखा कि सरकार तेज-तर्रार हाईवे तो बना रही है, लेकिन वहां कानून का पालन हो रहा है या नहीं, यह देखने की जिम्मेदारी भी उसी की है। कुछ लोगों ने कहा कि हादसा होने के बाद जांच करने का कोई फायदा नहीं। कई लोगों ने ड्राइवर और बस का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bus-driver-watches-reels-while-driving-at-100-kmph-on-agra-lucknow-expressway-viral-video-articleshow-h83cd5u"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP News: मोहन यादव कैबिनेट ने खोला खजाना, 2300 करोड़ के फैसलों पर लगी मुहर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-mohan-yadav-cabinet-decision-approves-scooty-yojana-data-center-ken-betwa-project-ujjain-science-park-articleshow-revl9nv</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-mohan-yadav-cabinet-decision-approves-scooty-yojana-data-center-ken-betwa-project-ujjain-science-park-articleshow-revl9nv</guid>
            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 09:19:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मध्यप्रदेश कैबिनेट ने स्कूटी योजना, स्टेट डेटा सेंटर, केन-बेतवा परियोजना, डॉक्टर भर्ती, नगर वन, आईटी निवेश समेत 2300 करोड़ रुपये से अधिक के कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx2fn9p2bk2cvxvftbm1mewa,imgname-mp-news-mohan-yadav-cabinet-decision-1783568705218.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 8 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, स्वास्थ्य, पर्यावरण और निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद ने करोड़ों रुपये की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी देते हुए कई नई नीतियों और संशोधनों को भी स्वीकृति प्रदान की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बैठक में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने, स्टेट डेटा सेंटर 3.0 परियोजना, नमो हरित-नगर योजना, विज्ञान पार्क, बायोटेक पार्क, एकल नागरिक डेटाबेस और सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्वास पैकेज सहित अनेक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2026 को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Cabinet Meeting: प्रदेश के विकास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये मंजूर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट बैठक में राज्यभर में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए लगभग 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत स्वामित्व योजना में तैयार किए गए हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट देने का भी निर्णय लिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके साथ ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा निस्तारण नीति-2026 को मंजूरी दी गई। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित करने के लिए 'नमो हरित-नगर योजना' के तहत 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP State Data Center 3.0: डेटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण पर 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने मध्यप्रदेश स्टेट डेटा सेंटर (एसडीसी) 3.0 परियोजना को मंजूरी देते हुए इसके विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस परियोजना के तहत राज्य के डेटा सेंटर को नई तकनीकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ डिजास्टर रिकवरी सिस्टम का विस्तार और आवश्यक नॉन-आईटी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भोपाल स्थित स्टेट डेटा सेंटर वर्ष 2012 से लगातार संचालित हो रहा है और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की डिजिटल सेवाओं और आईटी एप्लिकेशन की होस्टिंग का प्रमुख केंद्र है। नागरिकों को ऑनलाइन सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Digital Madhya Pradesh: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के लिए तैयार होगा नया डेटा सेंटर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार का कहना है कि डिजिटल सेवाओं की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए डेटा सेंटर को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप विकसित करना जरूरी हो गया है। एसडीसी 3.0 परियोजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में सुरक्षित, स्केलेबल और हाई-एफिशिएंसी डेटा सेंटर तैयार करना है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पहले चरण में कोर आईटी और नॉन-आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्क को विकसित किया जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दूसरे चरण में डिजास्टर रिकवरी (डीआर) साइट तैयार की जाएगी और डेटा सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तीसरे चरण में आधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों का बेहतर उपयोग किया जा सके।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Science Park MP: विज्ञान पार्क, बायोटेक पार्क और एकल नागरिक डेटाबेस के लिए 123 करोड़ मंजूर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। इनमें विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डेटाबेस परियोजना और बायोटेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और संचालन शामिल है। इन योजनाओं के लिए कुल 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि में विज्ञान पार्क के लिए 39.39 करोड़ रुपये, एकल नागरिक डेटाबेस के लिए 75 करोड़ रुपये तथा बायोटेक पार्क के लिए 8.59 करोड़ रुपये शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Ujjain Science Park: उज्जैन में बनेगा आधुनिक तारामंडल और वेधशाला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उज्जैन स्थित आचार्य वराहमिहिर न्यास परिसर में अत्याधुनिक तारामंडल और खगोलीय वेधशाला विकसित की जा रही है। यहां एक मीटर का ऑप्टिकल टेलीस्कोप और 4.5 मीटर का रेडियो टेलीस्कोप स्थापित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं को उच्चस्तरीय अध्ययन और अनुसंधान का अवसर मिलेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार का मानना है कि यह परियोजना खगोल विज्ञान के अध्ययन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच विकसित करने और अंधविश्वासों को कम करने में भी मदद करेगी। साथ ही उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख विज्ञान एवं खगोलीय अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने में यह महत्वपूर्ण साबित होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Single Citizen Database: एक क्लिक पर मिल सकेंगी सरकारी योजनाओं का लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार एकल नागरिक डेटाबेस परियोजना पर भी तेजी से काम कर रही है। इस परियोजना के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों का एकीकृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और आसान तरीके से मिल सकेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस व्यवस्था से अलग-अलग विभागों में बार-बार पंजीकरण कराने की जरूरत कम होगी। प्रमाणित जानकारी के आधार पर नागरिकों को कई सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके साथ &quot;परिचय&quot; परियोजना के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे डीबीटी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। इस योजना के संचालन के लिए कुल 495 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के तहत संचालित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों के उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जो पहली बार नियमित परीक्षार्थी के रूप में शामिल होकर कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करेंगे और अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार के अनुसार इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं के साथ-साथ छात्रों को भी प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Wheat Disposal Policy 2026: गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा बिक्री के लिए नई नीति लागू&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत सरकारी उपार्जन के बाद खाद्यान्नों की बिक्री अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से की जाएगी, ताकि किसानों की उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति गठित होगी। यह समिति उपलब्ध स्टॉक का आकलन करेगी, रिजर्व प्राइस तय करेगी और ई-टेंडर या ई-ऑक्शन के माध्यम से बिक्री प्रक्रिया पूरी कराएगी। प्राप्त दरों की जांच और अंतिम स्वीकृति भी यही समिति देगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ESDM Investment Policy 2023: आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीईएस एवं ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2023 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य इस नीति को अधिक निवेशक-अनुकूल बनाना है ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और डेटा सेंटर क्षेत्र में नए निवेश आकर्षित किए जा सकें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;संशोधित नीति के तहत पहले से कार्यरत आईटी या डेटा सेंटर कंपनियों को विस्तार के लिए अपने मौजूदा निवेश में कम से कम 30 प्रतिशत अतिरिक्त निवेश करना होगा या अपने परिसर का क्षेत्रफल 30 प्रतिशत बढ़ाना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली ईएसडीएम कंपनियों को मशीनरी में न्यूनतम 30 प्रतिशत या कम से कम 15 करोड़ रुपये (या 50 करोड़ रुपये, जो भी कम हो) का नया निवेश करना होगा। साथ ही उन्हें उत्पादन क्षमता में कम से कम 20 प्रतिशत वृद्धि भी करनी होगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इन शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियों को नई इकाइयों की तरह सरकारी प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Industrial Land Policy: उद्योगों के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई व्यवस्था के तहत उद्योगों को जमीन आवंटित करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। सभी आवेदन डिजिटल माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। यदि किसी एक भूखंड के लिए एक से अधिक कंपनियां आवेदन करती हैं तो ई-बिडिंग के जरिए जमीन आवंटित की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, बड़े निवेश वाले मेगा प्रोजेक्ट्स को ई-बिडिंग से छूट दी गई है। ऐसे प्रोजेक्ट्स को 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर जमीन आवंटित की जा सकेगी। कंपनियां एमपीआईडीसी के अलावा अन्य सरकारी विभागों की भूमि भी निर्धारित नियमों के अनुसार प्राप्त कर सकेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Swamitva Yojana MP: अभिलेख पंजीयन पर स्टांप ड्यूटी और उपकर से राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए गए अभिलेखों के पंजीयन पर देय अतिरिक्त स्टांप शुल्क और उपकर से छूट देने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन आसान होगा और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita: संशोधन विधेयक को मिली कैबिनेट की मंजूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंत्रिपरिषद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। अब इस विधेयक को आगे की विधायी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Legal Aid Defence Counsel Scheme: कमजोर वर्गों को मिलती रहेगी मुफ्त कानूनी सहायता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;योजना के तहत राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से अपना वित्तीय योगदान बढ़ाएगी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वर्ष 2026-28 तक कुल व्यय का 25 प्रतिशत&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वर्ष 2028-30 तक 50 प्रतिशत&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वर्ष 2030-31 तक 75 प्रतिशत&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वर्ष 2031 से योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;पूरे कार्यक्रम के लिए लगभग 42 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Namo Harit Nagar Yojana: 65 शहरों में विकसित होंगे नगर वन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने नमो हरित-नगर योजना के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रत्येक नगर निकाय में कम से कम आधा एकड़ क्षेत्र में एक नगर वन तैयार करने का प्रयास होगा। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना, स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और पर्यावरण संतुलन मजबूत करना है। योजना के लिए राशि तीन चरणों में संबंधित निकायों को जारी की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;NCC Scheme MP: एनसीसी और शिक्षा संबंधी योजनाओं को 543 करोड़ रुपये की मंजूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं और परियोजनाओं की निरंतरता को भी मंजूरी दी है। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक इन योजनाओं के संचालन के लिए 543.09 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से एनसीसी से जुड़े प्रशासनिक कार्य, कर्मचारियों के वेतन, कार्यालय संचालन और कैडेट्स के प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना और मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए 202 करोड़ 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को बेहतर पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को बिना बाधा आगे बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Ken Betwa Link Project MP: 313 नए परिवारों को मिलेगा विशेष पुनर्वास पैकेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पुनर्वास पैकेज के लिए निर्धारित कटऑफ तिथि बढ़ाने का फैसला किया है। पहले वर्ष 2022 की अधिसूचना के आधार पर 1,890 परिवारों को पात्र माना गया था। बाद में आबादी क्षेत्र और मकानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर प्रभावित परिवारों और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए कटऑफ तिथि में संशोधन किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब 313 अतिरिक्त परिवारों को भी विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ मिलेगा। इसके लिए लगभग 39.12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इसके बाद इस परियोजना के पुनर्वास पर कुल स्वीकृत राशि बढ़कर 439.32 करोड़ रुपये हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Runj Irrigation Project: 730 परिवारों को मिलेगा बढ़ा हुआ पुनर्वास पैकेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैबिनेट ने रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित 730 परिवारों को राहत देने का भी निर्णय लिया। पहले प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये का पुनर्वास अनुदान दिया जाना तय था। अब केन-बेतवा परियोजना की तर्ज पर प्रत्येक पात्र परिवार को 7.50 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस तरह कुल पुनर्वास सहायता 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के बराबर हो जाएगी। इस निर्णय के लिए 54 करोड़ 75 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Majhgaon Irrigation Project: 1450 विस्थापित परिवारों को भी मिलेगी अतिरिक्त सहायता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित 1450 परिवारों को भी पुनर्वास पैकेज बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इन परिवारों को पहले 5 लाख रुपये की सहायता मिलनी थी, लेकिन अब प्रत्येक परिवार को 7.50 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे, जिससे कुल सहायता राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के बराबर हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने 108 करोड़ 75 लाख रुपये की अतिरिक्त मंजूरी दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Health Recruitment: विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती अब होगी तेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के बड़ी संख्या में खाली पदों को भरने के लिए कैबिनेट ने नई भर्ती व्यवस्था को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, जिससे कई स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े थे। अब मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम-2022 के तहत विभागीय स्तर पर सीधे भर्ती की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Online Recruitment: हर महीने होगी ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक महीने की एक तारीख को विभाग उपलब्ध रिक्तियां एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर जारी करेगा। इसके बाद 15 तारीख तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्राप्त होने के बाद विभागीय चयन समिति अगले निर्धारित बैठक दिवस पर सभी पात्र अभ्यर्थियों का साक्षात्कार करेगी। साक्षात्कार के आधार पर चयनित उम्मीदवारों के नाम राज्य सरकार को भेजे जाएंगे, जिसके बाद सीधे नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Doctor Posting Rules: तीन साल तक नहीं होगा तबादला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहली नियुक्ति उन्हीं स्थानों पर की जाएगी, जहां रिक्तियां प्रकाशित की गई थीं। सरकार ने यह भी तय किया है कि ऐसे डॉक्टरों का पहले तीन वर्षों तक स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, ताकि दूरस्थ और जरूरत वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध रह सकें।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-mohan-yadav-cabinet-decision-approves-scooty-yojana-data-center-ken-betwa-project-ujjain-science-park-articleshow-revl9nv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[9 जुलाई 2026 मौसम अपडेट: दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी और राजस्थान में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/weather-update-9-july-2026-delhi-ncr-up-bihar-jharkhand-mp-rajasthan-heavy-rain-alert-hindi/articleshow-od32duf</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 06:40:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Weather Update 9 July 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी, राजस्थान और महाराष्ट्र में आज कैसा रहेगा मौसम? IMD के अनुसार जानिए बारिश, आंधी-तूफान का हाल, लेटेस्ट पूर्वानुमान।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Aaj Ka Mausam 9 July: &lt;/strong&gt;उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पश्चिम भारत तक मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 9 जुलाई 2026 को भी कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का असर देखने को मिलेगा, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश और आंधी-तूफान का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में मौसम राहत देने वाला रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर भारी बारिश परेशानी भी बढ़ा सकती है। जानिए दिल्ली-एनसीआर से लेकर महाराष्ट्र के मुंबई तक आज के मौसम का हाल&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली-NCR में भारी बारिश और गरज के साथ बारिश का दौर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;9 जुलाई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होगी। सुबह से रात तक कई बार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। नोएडा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। आने वाले 10 और 11 जुलाई को भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उत्तर प्रदेश में कई शहरों में बारिश, आगरा में भारी बारिश का अलर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश के आगरा में 9 जुलाई को भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में भी बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होगी। कानपुर में 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि लखनऊ में 11 जुलाई तक लगातार बादल और बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। तापमान अधिकांश शहरों में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिहार और झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पटना, छपरा, आरा और बक्सर में 9 जुलाई को बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। पटना और छपरा में बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी है। झारखंड के रांची, गिरिडीह, दुमका और डालटनगंज में गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। धनबाद में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। अगले 12 से 14 जुलाई तक झारखंड में बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी सक्रिय रहेगा मानसून&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 9 जुलाई को बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना बनी हुई है। अगले कई दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और जोधपुर में भी बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा। जयपुर में 10 जुलाई तक तूफानी बारिश की संभावना है, जबकि उदयपुर में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। जैसलमेर में हल्की बारिश के बीच गर्मी बनी रहेगी और तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुंबई और पुणे में बारिश से मिलेगी राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र में मुंबई और नवी मुंबई में 9 जुलाई को मध्यम बारिश का अनुमान है। भारी बारिश का असर कम होगा, लेकिन बादल पूरे दिन छाए रहेंगे। पुणे में भी लगातार दूसरे दिन मध्यम बारिश की संभावना है। 10 से 14 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने से तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा और उमस से कुछ राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 से 14 जुलाई तक उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी कई जिलों में बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। जिन इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/weather-update-9-july-2026-delhi-ncr-up-bihar-jharkhand-mp-rajasthan-heavy-rain-alert-hindi/articleshow-od32duf"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[9 जुलाई 2026 मौसम अपडेट: दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी और राजस्थान में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/weather-update-9-july-2026-delhi-ncr-up-bihar-jharkhand-mp-rajasthan-heavy-rain-alert-hindi-articleshow-od32duf</link>
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            <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 06:40:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Weather Update 9 July 2026: &lt;/strong&gt;दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी, राजस्थान और महाराष्ट्र में आज कैसा रहेगा मौसम? IMD के अनुसार जानिए बारिश, आंधी-तूफान का हाल, लेटेस्ट पूर्वानुमान।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0pwdy4e53sckhbwxkhm0z2,imgname-weather-update-9-july-2026-1783509170116.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Aaj Ka Mausam 9 July: &lt;/strong&gt;उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पश्चिम भारत तक मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 9 जुलाई 2026 को भी कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का असर देखने को मिलेगा, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी बारिश और आंधी-तूफान का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई इलाकों में मौसम राहत देने वाला रहेगा, हालांकि कुछ जगहों पर भारी बारिश परेशानी भी बढ़ा सकती है। जानिए दिल्ली-एनसीआर से लेकर महाराष्ट्र के मुंबई तक आज के मौसम का हाल&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली-NCR में भारी बारिश और गरज के साथ बारिश का दौर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;9 जुलाई को दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश होगी। सुबह से रात तक कई बार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। नोएडा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी है। आने वाले 10 और 11 जुलाई को भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उत्तर प्रदेश में कई शहरों में बारिश, आगरा में भारी बारिश का अलर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश के आगरा में 9 जुलाई को भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में भी बादल छाए रहेंगे और रुक-रुककर बारिश होगी। कानपुर में 10 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि लखनऊ में 11 जुलाई तक लगातार बादल और बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। तापमान अधिकांश शहरों में 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिहार और झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पटना, छपरा, आरा और बक्सर में 9 जुलाई को बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। पटना और छपरा में बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी है। झारखंड के रांची, गिरिडीह, दुमका और डालटनगंज में गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। धनबाद में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। अगले 12 से 14 जुलाई तक झारखंड में बारिश का दौर जारी रहने के संकेत हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी सक्रिय रहेगा मानसून&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 9 जुलाई को बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना बनी हुई है। अगले कई दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। राजस्थान के जयपुर, उदयपुर और जोधपुर में भी बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा। जयपुर में 10 जुलाई तक तूफानी बारिश की संभावना है, जबकि उदयपुर में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। जैसलमेर में हल्की बारिश के बीच गर्मी बनी रहेगी और तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुंबई और पुणे में बारिश से मिलेगी राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र में मुंबई और नवी मुंबई में 9 जुलाई को मध्यम बारिश का अनुमान है। भारी बारिश का असर कम होगा, लेकिन बादल पूरे दिन छाए रहेंगे। पुणे में भी लगातार दूसरे दिन मध्यम बारिश की संभावना है। 10 से 14 जुलाई के बीच हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने से तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा और उमस से कुछ राहत मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 से 14 जुलाई तक उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी कई जिलों में बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। जिन इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Temple Donation: राम मंदिर के बाद अब MP के इस प्रसिद्ध मंदिर में चढ़ावे पर गड़बड़ी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mp-maglamukhi-temple-donation-controversy-after-the-ayodhya-ram-ram-mandir-dispute-articleshow-03qkc52</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:23:11 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Temple Donation Controversy : अयोध्या का राम मंदिर अभी चंदा को लेकर विवादों में है, मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि मध्य प्रदेश के एक बड़े और प्रसिद्ध मंदिर में चढ़ावे पर गड़बड़ी सामने आने से हड़कंप मच गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx07zn7qyymb7hpjm80vbztj,imgname-chatgpt-image-jul-8--2026--12-21-46-pm-1783493547255.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;आगर मालवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दान और चढ़ावे में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों से हड़कंप मच गया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी बना दी है।यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि क्या कोई गैर-सरकारी समिति भक्तों से मिले कैश, सोने और चांदी के चढ़ावे को सरकारी मंदिर मैनेजमेंट कमेटी से अलग, अपने निजी बैंक खातों में जमा कर रही थी। कमेटी को सात दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कलेक्टर ने ने दिए जांच के आदेश&hellip;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने 7 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इस जांच कमेटी के अध्यक्ष जिला पंचायत के CEO बी.एस. सोलंकी होंगे। उनके साथ जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नलखेड़ा नगर परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आदेश में कहा गया है, &quot;नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर को लेकर मिली शिकायतों के मुताबिक, आरोप है कि एक गैर-सरकारी कमेटी मंदिर परिसर में सरकारी मंदिर मैनेजमेंट कमेटी से अलग होकर भक्तों से कैश और सोने-चांदी के गहनों के रूप में दान ले रही थी। निजी बैंक खातों के इस्तेमाल और वित्तीय गड़बड़ी के भी गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच के लिए तीन सदस्यों की एक संयुक्त जांच कमेटी बनाई गई है।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कलेक्टर ने कमेटी को यह जांचने का निर्देश दिया है कि क्या मंदिर परिसर में कोई गैर-सरकारी या गैर-रजिस्टर्ड कमेटी दान और चढ़ावा इकट्ठा करने के लिए एक समानांतर सिस्टम चला रही थी। इसके साथ ही, रसीद बुक, बैंक खातों और दूसरे रिकॉर्ड्स की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि कितना कैश, सोना और चांदी मिला और उसका हिसाब-किताब क्या है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;वित्तीय गड़बड़ी में कौन कौन शामिल?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के अलावा, कमेटी यह भी पता लगाएगी कि इस कथित गड़बड़ी में कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर मैनेजमेंट का कोई पदाधिकारी या कोई दूसरा व्यक्ति शामिल था या नहीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कलेक्टर ने कमेटी को तुरंत मंदिर परिसर का निरीक्षण करने, जरूरी सबूत इकट्ठा करने, संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने और सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपने का निर्देश दिया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bengal:11 साल की बच्ची के रेप-मर्डर का आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर, छीना था हथियार]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-baruipur-girl-rape-murder-main-accused-killed-police-encounter-articleshow-0iva4o1</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:29:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बारुईपुर रेप-मर्डर केस में बड़ा मोड़! नाबालिग बच्ची के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत, रीकंस्ट्रक्शन से पहले हथियार छीनकर भागने की कोशिश का दावा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx01gntnarzqb07cpzyn3q21,imgname-west-bengal-baruipur-girl-rape-murder-main-accused-killed-police-encounter-1783486764885.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;West Bengal Baruipur Rape Murder Case: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में मंगलवार की आधी रात के सन्नाटे को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने चीर दिया। समय था करीब रात के 12:45 बजे। बारुईपुर पुलिस स्टेशन की एक विशेष टीम 12 साल की मासूम बच्ची के रेप और मर्डर के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल को लेकर सूर्यपुर की तरफ बढ़ रही थी। पुलिस का मकसद था उस खौफनाक वारदात के घटनाक्रम को फिर से समझना (क्राइम रीकंस्ट्रक्शन)। लेकिन जैसे ही टीम उस जगह पहुंची जहाँ पीड़िता का शव मिला था, हवा में तैरता सस्पेंस एक खूनी मुठभेड़ में बदल गया। रीकंस्ट्रक्शन शुरू होने से ठीक पहले, आरोपी मंडल ने अचानक एक पुलिसकर्मी पर झपट्टा मारा और उसका सर्विस हथियार छीन लिया। उसने पुलिस टीम पर एक राउंड फायर किया और अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की; गोलियों की आवाज थमी तो मंडल जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;12-Year-Old Girl Gang-Raped and Murdered in Baruipur, West Bengal The 12-year-old went missing on July 4, 2026, in Surjyapur Haat, Baruipur. Her mutilated body was found the next day in a pond, autopsy confirming rape, severe injuries.&amp;nbsp;Om Shanti #CaptainVikramBatra pic.twitter.com/J4G6bdMFcf&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; VOICE OF WESTBENGAL (@OfWestbengal) July 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बोरी में बंद वो 'लाश'... जिसने पूरे बंगाल को ला खड़ा किया बारूद के ढेर पर!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खूनी मुठभेड़ की पटकथा कुछ दिनों पहले 4 जुलाई को ही लिख दी गई थी, जब एक मासूम लड़की अचानक लापता हो गई। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने पूरे इलाके की रूह कंपा दी। लड़की का शव बारुईपुर के एक सुनसान तालाब में एक बोरी के भीतर बेरहमी से ठसा हुआ मिला। इस वीभत्सता ने स्थानीय लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। गुस्साए लोगों ने बारुईपुर-जयनगर रोड को पूरी तरह जाम कर दिया, रास्तों पर टायर जलाए और पुलिस के वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। जनता की बस एक ही मांग थी&mdash;दोषियों को तुरंत फांसी दी जाए। जनआक्रोश को थामने के लिए पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए प्रभाष मंडल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया और छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Rape and Murder of 12-year-old girl in West Bengal's Baruipur Triggers Political Tensions; Mamata Banerjee carried out a Protest March&amp;nbsp;The body of a 12-year-old schoolgirl, who was allegedly raped before being killed, was found in a pond near Surjapur Haat in Baruipur on Sunday&hellip; pic.twitter.com/kqReqXODuR&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Surya Reddy (@jsuryareddy) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Heartbreaking tragedy in Baruipur, South 24 Parganas, West Bengal:A 12-year-old Muslim girl left home on Saturday evening to buy food items but never returned. Her family alleged she was forcibly taken by four people. On Sunday morning, her body was recovered from a nearby&hellip; pic.twitter.com/1YBp2EheNo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Nightmare of Haters  (@imTrueIndia1) July 6, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शक की बिनाह पर 'मॉब लिंचिंग': भीड़ के वीभत्स न्याय ने ले ली एक निर्दोष की जान!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब समाज में कानून व्यवस्था पर से भरोसा डगमगाता है, तो भीड़ खुद जज और जल्लाद बनने की कोशिश करती है। बारुईपुर में भी ऐसा ही एक खौफनाक मोड़ आया। बच्ची का शव मिलने के कुछ ही घंटों बाद, एक बेकाबू और गुस्साई भीड़ ने शक के आधार पर इंद्रजीत मंडल नाम के एक स्थानीय व्यक्ति को घेर लिया। पुलिस की तफ्तीश से पहले ही भीड़ ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसकी पीट-पीटकर हत्या (लिंचिंग) कर दी। बाद में जो खुलासा हुआ, उसने सबको सुन्न कर दिया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद पुष्टि की कि पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर इंद्रजीत मंडल पूरी तरह निर्दोष थे। उनका इस घिनौने अपराध से कोई लेना-देना नहीं था। भीड़ के इस 'गलत न्याय' ने एक बेकसूर परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;He is local BJP leader Shantanu Mondal (in black tshirt).&bull;He helped Police arrest Prabhas Mondal, who was one of the accused in the alleged gangrape and murder of 12-year-old girl in Baruipur.&bull;But Islamists and Leftists had spread misinformation that BJP leader had helped&hellip; pic.twitter.com/RWd5mk1H7N&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Facts (@BefittingFacts) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का '72 घंटे' का अल्टीमेटम: क्या प्रशासनिक लापरवाही छिपी थी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस दोहरे हत्याकांड और एनकाउंटर के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। लोगों के भारी गुस्से और तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने साउथ 24 परगना के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके तुरंत बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धार्थ नाथ गुप्ता को इस पूरे घटनाक्रम पर महज 72 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा, &quot;अगर शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की कार्रवाई में एक प्रतिशत की भी लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ऐसा एक्शन होगा जिसे वे भूल नहीं पाएंगे।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;A 12-year-old Muslim girl was brutally raped &amp;amp; murdered in Baruipur, West Bengal. Accused: Indrajit Tanti &amp;amp; Prabash Mondal. pic.twitter.com/MmFRtkxnYg&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Sameer Shaikh (@SameerS12990349) July 6, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'राष्ट्र-विरोधी ताकतों' का सीक्रेट कॉल रिकॉर्ड: क्या इस दंगे के पीछे कोई बड़ी साजिश थी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले में एक और बेहद सनसनीखेज दावा किया है, जिसने इस घटना में एक नया सियासी सस्पेंस पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भीषण हिंसा, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और रेलवे ट्रैक को बाधित करने के पीछे सामान्य नागरिकों का गुस्सा नहीं, बल्कि विपक्षी दलों और &quot;कट्टरपंथी व राष्ट्र-विरोधी ताकतों&quot; से जुड़े लोगों का हाथ था। उन्होंने खुलासा किया कि जांचकर्ताओं ने हिंसा भड़काने वाले मास्टरमाइंड्स के खिलाफ कॉल रिकॉर्डिंग सहित कई पुख्ता डिजिटल सबूत जुटा लिए हैं। उपद्रव मचाने वाले लगभग 200 लोगों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और निर्दोष इंद्रजीत की लिंचिंग करने वालों पर सीधे हत्या का मुकदमा चलेगा। दोनों प्रभावित परिवारों को इंसाफ, मुआवजा और सूर्यपुर में नई पुलिस चौकी का वादा करते हुए मुख्यमंत्री ने घायलों का हाल भी जाना।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/west-bengal-baruipur-girl-rape-murder-main-accused-killed-police-encounter-articleshow-0iva4o1"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP Tech Growth 3.0: भोपाल बनेगा टेक हब, करोड़ों के निवेश और हजारों नौकरियों की तैयारी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-tech-growth-3-bhopal-gcc-data-center-semiconductor-investment-madhya-pradesh-cm-mohan-yadav-articleshow-165bkhm</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 08:28:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;भोपाल में 13 जुलाई को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 आयोजित होगा। इसमें GCC, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश, रोजगार और नई परियोजनाओं पर फोकस रहेगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwztfv9e3dwtk0gpf3v6ktra,imgname-mp-tech-growth-3-1783479397678.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 13 जुलाई को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर एडिशन का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च क्षमता वाले तकनीकी क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), डेटा सेंटर तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य सरकार की तकनीक आधारित औद्योगिक विकास की रणनीति प्रस्तुत करेंगे। साथ ही उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निवेश, परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा भी करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Tech Growth Conclave का रिकॉर्ड: पहले दो संस्करणों में मिला हजारों करोड़ का निवेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पहले दो संस्करणों ने प्रदेश में तकनीकी निवेश को नई दिशा दी है। पहले कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनसे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। वहीं, दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 48 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना बनी। अब कॉन्क्लेव 3.0 का लक्ष्य इस निवेश अभियान को और आगे बढ़ाते हुए रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में उद्योगों की भागीदारी को मजबूत करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;GCC, Data Center और Semiconductor कंपनियों की रहेगी बड़ी भागीदारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मध्यप्रदेश अपनी उद्योग-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, बेहतर भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल के कारण देश के तेजी से उभरते तकनीकी निवेश केंद्रों में शामिल हो रहा है। कॉन्क्लेव में देश और विदेश की कई प्रमुख कंपनियों, उद्योग संगठनों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालकों, डेटा सेंटर डेवलपर्स, सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों की भागीदारी रहेगी। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड सहित कई अग्रणी कंपनियों और टेक इकोसिस्टम से जुड़े साझेदार भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Startup, Innovation और Research Ecosystem को मिलेगा बड़ा मंच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार आधारित उद्यमों, इनक्यूबेटर्स और टेक इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी अपनी संभावनाएं प्रस्तुत करने का अवसर देगा। आईआईएसईआर और आईआईएम इंदौर जैसे प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाने से जुड़े अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नई घोषणाएं, साझेदारियां और निवेश समझौते होंगे आकर्षण का केंद्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं, परियोजनाओं का लोकार्पण और रणनीतिक साझेदारियों के साथ विभिन्न समझौतों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश के तकनीकी इकोसिस्टम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि यह आयोजन प्रदेश में तकनीक आधारित औद्योगिक विकास को नई गति देगा। साथ ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर तैयार करेगा। एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 को मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी तकनीकी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[धार के पीथमपुर में 272 करोड़ की नई इंडस्ट्रियल यूनिट, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया भूमि-पूजन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-pithampur-liugong-india-272-crore-new-manufacturing-unit-bhoomi-poojan-articleshow-1844md3</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:52:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pithampur Industrial Development: &lt;/strong&gt;धार के पीथमपुर में 272 करोड़ की लियुगोंग इंडिया यूनिट का भूमि-पूजन हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0xpg6jrwks9jg3ags46h0x,imgname-pithampur-industrial-development-1783516315858.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;MP Industry News: &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 272 करोड़ रुपये की नई विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज की धरती पर एक और बड़ा उद्योग स्थापित होना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि पीथमपुर प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यहां लगातार नए निवेश आ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Investment News: निवेश और रोजगार के नए अवसर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के जरिए मध्यप्रदेश को करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। केवल 1 जनवरी से 30 जून के बीच प्रदेश को 76,862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे करीब 82 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Industrial Growth in MP: सरकार ने गिनाईं बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में कई बड़े उद्योगों की शुरुआत हुई है। सतगढ़ी में 150 करोड़ रुपये के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, शिवपुरी में 2,500 करोड़ रुपये की अडाणी डिफेंस यूनिट, उज्जैन में 1,250 करोड़ रुपये की पेप्सिको विनिर्माण इकाई और नीमच में 1,554 करोड़ रुपये की 38 नई औद्योगिक इकाइयों का शुभारंभ या भूमि-पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि उन्हें जमीन पर भी उतारती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;LiuGong India Expansion: मेक इन इंडिया को मिलेगा नया बल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लियुगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने कहा कि नया प्लांट स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और रिसर्च व मशीन निर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा। कंपनी के प्रतिनिधि वरुण विजयवर्गीय ने बताया कि वर्ष 2009 से उत्पादन कर रही कंपनी अब इस नए प्लांट के माध्यम से अपनी उत्पादन क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़ाकर 7,500 मशीन प्रतिवर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को और मजबूत बनाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में ROB-RUB परियोजनाओं पर बड़ा एक्शन, अफसरों को मिला अल्टीमेटम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/cg-speeds-up-rob-and-rub-projects-to-ease-traffic-congestion-articleshow-2r926mm</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 20:56:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Railway Under Bridge: &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में रेलवे ओवर-ब्रिज (ROB) और अंडर-ब्रिज (RUB) परियोजनाओं को तेज करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx15ce9kdgp86dfz83wv6hsr,imgname-cg-speeds-up-rob-and-rub-projects-to-ease-traffic-congestion-1783524374835.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम और आवागमन की परेशानी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रेलवे ओवर-ब्रिज (ROB) और रेलवे अंडर-ब्रिज (RUB) परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभागीय सचिव मुकेश कुमार बंसल ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ROB-RUB परियोजनाओं में तेजी लाने पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग और दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। सचिव मुकेश कुमार बंसल ने दोनों विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटकों पर जाम कम करने और लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए परियोजनाओं को जल्द पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बाधाएं हटाकर जल्द शुरू होंगे लंबित कार्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन परियोजनाओं का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, उनकी सभी प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए। भूमि अधिग्रहण, नामांतरण, अतिक्रमण हटाने, भूमि व्यपवर्तन और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया। साथ ही जहां जरूरत हो, वहां लोक निर्माण विभाग और रेलवे के अधिकारी संयुक्त निरीक्षण कर ड्राइंग-डिजाइन और प्राक्कलन की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हर तीन महीने होगी प्रगति की समीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हर तीन महीने में समीक्षा बैठक आयोजित कर परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाए और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार का मानना है कि रेलवे ओवर-ब्रिज और अंडर-ब्रिज परियोजनाएं पूरी होने से न केवल सड़क यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा, बल्कि माल परिवहन की गति भी बढ़ेगी। इससे आम लोगों को रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और प्रदेश का परिवहन नेटवर्क अधिक मजबूत होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[MP News: दिल्ली दौरे पर एक्शन में CM मोहन यादव, कई केंद्रीय मंत्रियों से अहम चर्चा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-cm-mohan-yadav-delhi-visit-narmada-project-meeting-amit-shah-central-ministers-articleshow-5ogcnkr</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 08:52:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली दौरे में अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। नर्मदा परियोजनाओं, अंतर्राज्यीय मुद्दों और मध्यप्रदेश के विकास पर चर्चा हुई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwzvwgcm9xxb5m4mc484bksg,imgname-mohan-yadav-delhi-visit-1783480861076.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल/नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दो दिवसीय नई दिल्ली दौरे के दौरान मध्यप्रदेश के विकास और राज्यहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर कई केंद्रीय मंत्रियों और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने सभी केंद्रीय मंत्रियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Narmada Project Meeting: अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा परियोजनाओं से जुड़े लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस महत्वपूर्ण बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी भाग लिया। सभी राज्यों के बीच नर्मदा परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही परियोजनाओं के लंबित कार्यों में तेजी लाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Development: रक्षा, रेल, जल शक्ति और कृषि मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में मध्यप्रदेश के विकास, राज्यहित से जुड़ी योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार के सहयोग और समन्वय को लेकर भी विचार-विमर्श किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Inter-State Projects: पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी हुई अहम बातचीत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से भी अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में विभिन्न अंतर्राज्यीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन, समन्वय और आपसी सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री का यह दौरा मध्यप्रदेश से जुड़े विकास कार्यों को गति देने, नर्मदा परियोजनाओं में समन्वय बढ़ाने और केंद्र तथा अन्य राज्यों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[केजरीवाल के जिस 'शीश महल' पर मचा था बवाल, अब उसी बंगले को लेकर दिल्ली सरकार ने लिया बड़ा फैसला!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/arvind-kejriwal-old-bungalow-sheesh-mahal-delhi-government-house-guest-house-conversion-articleshow-5pq0l8f</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 10:02:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;शीश महल' से गेस्ट हाउस तक का सफर! जिस बंगले पर हुआ था सियासी घमासान, अब वहीं बनेगा स्टेट गेस्ट हाउस। अरविंद केजरीवाल का 6 फ्लैगस्टाफ रोड वाला बंगला अब बदलेगा रूप, जानिए विवादित घर को लेकर सरकार का बड़ा प्लान।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwzzz7e8qa6ym8hrg7f5a2bs,imgname-arvind-kejriwal-old-bungalow-sheesh-mahal-delhi-government-house-guest-house-conversion-1783485144520.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Arvind Kejriwal Sheesh Mahal:&lt;/strong&gt; दिल्ली की राजनीति का वो सबसे चर्चित और रहस्यमयी पता&mdash;6 फ्लैगस्टाफ रोड। यह वही बंगला है जिसने एक दशक तक दिल्ली की सत्ता के सबसे बड़े फैसलों को अपनी दीवारों के भीतर कैद रखा। साल 2015 से लेकर लगभग दस सालों तक इस बंगले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी पूरी ताकत के साथ रहे। लेकिन समय का पहिया ऐसा घूमा कि आरोपों और सियासी घमासान के बीच यह बंगला अक्टूबर 2024 में खाली हो गया। महीनों से सूने पड़े और रहस्य के घेरे में लिपटे इस वीरान बंगले को लेकर अब दिल्ली सरकार के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है, जिसने राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'शीश महल' का नया अवतार: क्या मिट पाएंगे करोड़ों की विलासिता के निशान?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विपक्ष जिस बंगले को भ्रष्टाचार का प्रतीक बताकर 'शीश महल' कहता था, अब उसे हमेशा-हमेशा के लिए एक स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर में तब्दील करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस बंगले को चमचमाती आधुनिक सुविधाओं, विशाल पार्किंग स्पेस और एक आलीशान वेटिंग हॉल के साथ फिर से विकसित किया जा रहा है। अब इस जगह पर कोई मुख्यमंत्री या राजनेता स्थाई तौर पर नहीं रहेगा, बल्कि भारत और दुनिया भर से आने वाले वीवीआईपी (VVIP) मंत्रियों, आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों, खास मेहमानों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के ठहरने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके लिए बाकायदा शुल्क भी वसूला जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बहुरूपिया नक्सली गिरगिट अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास जिसके लिए क्या क्या नहीं किया था बेचारे @ArvindKejriwal ने अब @gupta_rekha सरकार ने शीश महल को स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां दिल्ली सरकार के VVIP महमानों की मेजबानी करेगी। pic.twitter.com/wihDyqUK23&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Dinesh Tripathi (@Dineshtripthi) July 6, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सस्पेंस की वो रात... जब 7 करोड़ का बजट अचानक बन गया 33 करोड़!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिर इस बंगले को लेकर इतना बवाल क्यों था? इस सस्पेंस से पर्दा तब उठा जब भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक बेहद गोपनीय और सनसनीखेज रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा के पटल पर पेश की गई। रिपोर्ट के आंकड़ों ने सबको सुन्न कर दिया। साल 2020 में जब इस बंगले के नवीनीकरण (रेनोवेशन) का ठेका दिया गया, तब शुरुआती अनुमान महज 7.91 करोड़ रुपये था। लेकिन जैसे ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 2022 में अपना काम पूरा किया, तो इसकी फाइल पर दर्ज कुल लागत बढ़कर 33.66 करोड़ रुपये हो चुकी थी&mdash;यानी मूल अनुमान से 340% से भी ज़्यादा की भारी-भरकम बढ़ोतरी!&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'एंटीक और सजावटी' चीज़ों का सीक्रेट: दीवारों के पीछे छिपे थे 19 करोड़ के राज़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CAG की जांच रिपोर्ट में एक और सबसे हैरान करने वाला खुलासा हुआ। कुल 33 करोड़ रुपये की भारी राशि में से लगभग 18.88 करोड़ रुपये सिर्फ और सिर्फ &quot;बेहतर स्पेसिफिकेशन, कलात्मक, एंटीक और सजावटी&quot; चीज़ों को खरीदने और लगाने में फूंक दिए गए थे। इतना ही नहीं, इस रेनोवेशन के चक्कर में परिसर का बिल्ट-अप एरिया (निर्मित क्षेत्र) एक-तिहाई से ज़्यादा बढ़कर 1,397 वर्ग मीटर से सीधे 1,905 वर्ग मीटर हो गया था। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाकर विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान इसके छोटे-छोटे मॉडल जनता के बीच घुमाए और इसे 'शीश महल' का नाम देकर सीधे भ्रष्टाचार के संगीन आरोप जड़े।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10 कर्मचारियों का 'अदृश्य' पहरा: खाली बंगले में रोज़ क्यों चल रहे हैं AC?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगला भले ही खाली हो चुका है, लेकिन इसके भीतर का सस्पेंस अब भी बरकरार है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल इस आलीशान परिसर की देखभाल के लिए 10 से ज़्यादा विशेष कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं। ये कर्मचारी न सिर्फ रोज़ाना झाड़ू-पोछा और डस्टिंग करते हैं, बल्कि बंगले के भीतर लगे महंगे रेफ्रिजरेटर और दर्जनों एयर कंडीशनर (AC) जैसे बिजली के उपकरणों को सुचारू रूप से चलाने का काम करते हैं ताकि वे खराब न हों। मानो बंगला आज भी अपने किसी खास मेहमान के स्वागत के लिए पलकें बिछाए खड़ा हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लुटियंस दिल्ली के नए ठिकाने: कहां छिपे हैं अब 'आप' के मुखिया?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस चौतरफा राजनीतिक घेराबंदी और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद अरविंद केजरीवाल को यह बंगला मजबूरी में छोड़ना पड़ा था। इसके बाद सियासत का यह सबसे बड़ा चेहरा कुछ समय के लिए मंडी हाउस के पास 5 फ़िरोज़शाह रोड पर पार्टी के पूर्व सांसद अशोक मित्तल के सरकारी बंगले में शरण लेने पहुंचा। लेकिन सस्पेंस यहीं खत्म नहीं हुआ; केजरीवाल अब पूरी तरह से लुटियंस दिल्ली के एक अति-सुरक्षित इलाके 95, लोधी एस्टेट वाले घर में शिफ्ट हो चुके हैं, जो कि टाइप-VII श्रेणी का एक बेहद वीआईपी सरकारी बंगला है। अब देखना यह है कि इस 'शीश महल' के गेस्ट हाउस बनने के बाद क्या दिल्ली की राजनीति का यह जिन्न हमेशा के लिए शांत हो पाएगा?&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/arvind-kejriwal-old-bungalow-sheesh-mahal-delhi-government-house-guest-house-conversion-articleshow-5pq0l8f"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[PM Modi Indonesia Award: PM मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, CM मोहन यादव ने जताई खुशी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/pm-modi-indonesia-highest-civilian-award-bintang-adipurna-prabowo-subianto-madhya-pradesh-cm-mohan-yadav-reaction-articleshow-7lzdh8m</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 08:45:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwzveg450y1etmcpjfbgd4m9,imgname-pm-modi-indonesia-award-mohan-yadav-reaction-1783480402053.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान &quot;बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया&quot; से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे भारत और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, भारत की लगातार बढ़ती वैश्विक पहचान और भारत-इंडोनेशिया के मजबूत सामरिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक संबंधों का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडोनेशियाई संसद के संयुक्त सत्र को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संबोधित किया जाना पूरे देश के लिए सम्मान और गौरव का अवसर है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;India-Indonesia Relations: मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों को मिली नई मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा और नया विश्वास देखने को मिला है। दोनों देश विकास, सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान &quot;Bintang Adipurna of the Republic of Indonesia&quot; से सम्मानित किया जाना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरवमयी क्षण है।यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व, भारत की बढ़ती वैश्विक&hellip; pic.twitter.com/XehdLFtXM2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Prabowo Subianto का जताया आभार, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का किया उल्लेख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान करना भारत के प्रति इंडोनेशिया की गहरी मित्रता और सम्मान को दर्शाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले वर्ष कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के बाद इंडोनेशिया ने भारत के समर्थन में मजबूती से अपनी एकजुटता दिखाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सहयोग दोनों देशों के विश्वासपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[उज्जैन से अयोध्या तक पैदल जाएंगे दिग्विजय सिंह, राम मंदिर चंदा विवाद पर किया एक और बड़ा ऐलान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/digvijaya-singh-slams-bjp-rss-over-ram-temple-donation-probe-announces-padyatra-articleshow-7mighkr</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:57:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Ram Mandir Donation Scam :अयोध्या के राम मंदिर में चंदा गबन मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब एमपी के पूर्व सीएम और &amp;nbsp;कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने &amp;nbsp;बीजेपी और RSS पर निशाना हुए उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का भी ऐलान किया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0m66sxg3qzstmntzta6k1h,imgname-chatgpt-image-jul-8--2026--03-55-02-pm-1783506344765.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली : अयोध्या के राम मंदिर में चंदा गबन मामले पर विपक्ष एक जुट होकर केंद्र और यूपी की योगी सरकार के साथ आरएसएएस पर जमकर हमला कर रहा है। इसी बीच मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर चंदे में कथित हेरफेर के मामले पर बीजेपी और RSS पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, &quot;मैं धर्म को समझता हूं और इसकी रक्षा के लिए कुछ भी करूंगा।&quot; सालाथ ही दिग्गी राजा ने उज्जैन से लेकर अयोध्या तक पैदल यात्रा करने का ऐलान किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;&rsquo;अब मेरा मिशन सिर्फ धर्म की रक्षा करना''&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राम मंदिर चंदा मामले पर बात करते हुए सिंह ने कहा, &quot;मैं धर्म को, सनातन धर्म को समझता हूं। मैं बीजेपी, VHP और RSS को भी समझता हूं। अब मेरा मिशन सिर्फ धर्म की रक्षा करना है - आखिरी सांस तक आस्था का बचाव करूंगा। इसमें कोई राजनीति नहीं है... मैं संतोष दुबे जी को भी बुलाऊंगा। वो वही कार सेवक हैं, जिनके शरीर में चार गोलियां लगी थीं। वह (मेरी यात्रा में) मुख्य अतिथि होंगे।&quot;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उज्जैन से अयोध्या तक करेंगे पदयात्रा&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे में हुई कथित चोरी के विरोध में 2 अक्टूबर को एक 'गैर-राजनीतिक' पदयात्रा का ऐलान किया है। यह पदयात्रा उज्जैन के महाकाल मंदिर से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने साफ किया कि यह मार्च पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है, जिसने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;राम मंदिर से चंदा जूतों और निजी सामान में चुराकर ले गए दान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में अयोध्या के राम मंदिर के काउंटिंग रूम में सुरक्षा में गंभीर चूक की बात सामने आई है। जांच में कहा गया है कि यहां के कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और दूसरे निजी सामानों में छिपा लेते थे। SIT ने यह भी बताया कि यह चोरी कोई एक-दो बार की घटना नहीं, बल्कि &quot;योजनाबद्ध&quot; तरीके से बार-बार की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;27 अप्रैल से 5 जून के बीच 70 घटनाएं पकड़ी गईं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;SIT के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की CCTV फुटेज की जांच में करीब 70 ऐसी संदिग्ध घटनाएं पकड़ी गईं, जिनमें काउंटिंग स्टाफ कैश के बंडल छिपाते हुए दिखे। SIT की शुरुआती जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल में खामियां पाई गईं। जांच में बताया गया है कि काउंटिंग हॉल के एंट्री और एग्जिट गेट पर कर्मचारियों की कोई तलाशी नहीं होती थी। साथ ही, कर्मचारियों द्वारा अंदर-बाहर ले जाए जाने वाले निजी सामानों पर भी कोई खास निगरानी नहीं रखी जाती थी।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi News: सदर बाजार को लेकर CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, व्यापारियों को राहत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-news-cm-rekha-gupta-decision-on-sadar-bazar-shift-delhi-government-clarification-traders-relief-hindi-news-articleshow-dnsxpu2</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:48:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सदर बाजार को शिफ्ट करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने विकास और सुविधाओं पर जोर दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0thcb74zawzxb3x354zpd6,imgname-rekha-gupta-decision-on-sadar-bazar-shift-1783513002343.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली के प्रमुख थोक बाजारों में शामिल सदर बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के पास सदर बाजार को शिफ्ट करने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही इस दिशा में किसी तरह की योजना पर काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ समय से बाजार को दूसरी जगह ले जाने से जुड़ी कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। इन चर्चाओं के कारण व्यापारियों के बीच भ्रम और भविष्य को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और फिलहाल इस तरह की कोई प्रक्रिया भी नहीं चल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Sadar Bazar Traders: हजारों व्यापारियों को मिली राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदर बाजार से जुड़े हजारों व्यापारियों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हाल के दिनों में बाजार के स्थानांतरण की अटकलों ने व्यापारी वर्ग की चिंताओं को बढ़ा दिया था। कई व्यापारी अपने कारोबार और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सदर बाजार देश के सबसे बड़े और व्यस्त थोक बाजारों में गिना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों व्यापारी और खरीदार पहुंचते हैं तथा यहां से देश के अलग-अलग राज्यों में बड़े पैमाने पर सामान की आपूर्ति की जाती है। ऐसे महत्वपूर्ण बाजार को शिफ्ट किए जाने की खबरों ने व्यापारिक समुदाय में कई तरह की आशंकाएं पैदा कर दी थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Rekha Gupta Meeting: व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से साझा की चिंता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सदर बाजार व्यापार संगठन के वरिष्ठ व्यापारी परमजीत सिंह पम्मा ने बताया कि बाजार के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस बैठक में व्यापारियों ने बाजार को शिफ्ट किए जाने की चर्चाओं से पैदा हुए भ्रम और चिंता से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पिछले कुछ समय से बाजार को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की खबरें तेजी से फैल रही हैं। इसके चलते हजारों व्यापारी अपने कारोबार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। व्यापारियों की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार के स्तर पर सदर बाजार को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव या योजना मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सदर बाजार को हटाना नहीं, बल्कि उसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ उसका विकास करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Delhi Government Plan: बाजार की पुरानी समस्याओं के समाधान का भरोसा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (FESTA) के अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में केवल शिफ्टिंग की अफवाहों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि बाजार की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को भी विस्तार से रखा गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;व्यापारियों ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण, बिजली व्यवस्था और पुराने बुनियादी ढांचे जैसी समस्याओं की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इनके समाधान के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाएगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-news-cm-rekha-gupta-decision-on-sadar-bazar-shift-delhi-government-clarification-traders-relief-hindi-news-articleshow-dnsxpu2"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[DCPCR: दिल्ली बाल अधिकार आयोग को 3 साल बाद मिली नई टीम, ओम प्रकाश व्यास बने चेयरमैन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/rekha-gupta-government-dcpcr-delhi-child-rights-commission-reconstituted-om-prakash-vyas-appointed-new-chairperson-articleshow-h747ghb</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:57:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दिल्ली सरकार ने करीब तीन साल बाद दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) को फिर से बना दिया है। ओम प्रकाश व्यास को इसका नया चेयरमैन और चार नए सदस्यों को नियुक्त किया गया है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0qm28qk75eavwp24nbvccw,imgname-delhi-child-rights-commission-reconstituted-1783509944599.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। करीब तीन साल से लगभग निष्क्रिय पड़े दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आदेश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने ये नियुक्तियां की हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ओम प्रकाश व्यास को आयोग का नया चेयरमैन बनाया गया है। उनके साथ राहुल गौतम, कुंदन कंसकर, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है। ये सभी नियुक्तियां 'बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005' और 'दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008' के तहत की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आदेश के मुताबिक, सभी की नियुक्ति पद संभालने के दिन से ही प्रभावी होगी। चेयरमैन और सदस्यों का कार्यकाल तीन साल का होगा। हालांकि, चेयरमैन के लिए अधिकतम उम्र 65 साल और सदस्यों के लिए 60 साल तय की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) का पुनर्गठन किया गया है।आयोग में श्री ओम प्रकाश व्यास को अध्यक्ष तथा श्री राहुल गौतम, श्री कुंदन कंसकार, श्रीमती स्वाति गुप्ता और श्रीमती मोनिका शर्मा को सदस्य नियुक्त किया गया है।दिल्ली&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; CMO Delhi (@CMODelhi) July 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, &quot;हर बच्चे को एक सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन पाने का अधिकार है। उन्हें आगे बढ़ने और फलने-फूलने के लिए बराबर मौके मिलने चाहिए।&quot; उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और उम्मीद जताई कि नया आयोग बच्चों के हितों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता, खुलेपन और जवाबदेही के साथ काम करेगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आयोग का यह पुनर्गठन ऐसे समय में हुआ है, जब दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा पर खास ध्यान दे रही है। हाल ही में, अधिकारियों ने शहर के सभी 5,633 स्कूलों को जुलाई के अंत तक 'बाल संरक्षण समितियां' बनाने का निर्देश दिया था, ताकि छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। उम्मीद है कि यह नया आयोग बाल अधिकारों की निगरानी करने, शिकायतों को संभालने, नीतिगत मुद्दों पर सरकार को सलाह देने और बच्चों से जुड़े कानूनों को लागू करवाने में अहम भूमिका निभाएगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/rekha-gupta-government-dcpcr-delhi-child-rights-commission-reconstituted-om-prakash-vyas-appointed-new-chairperson-articleshow-h747ghb"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[दिल्ली के सरकारी स्कूलों की बदलने वाली है तस्वीर! CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/mission-kayakalp-launched-delhi-government-schools-set-for-major-infrastructure-upgrade-articleshow-hkt7chq</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:57:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए मिशन कायाकल्प शुरू किया है। योजना के तहत स्कूल भवनों की मरम्मत, आधुनिक लैब, आरओ प्लांट, शौचालयों का नवीनीकरण, हरियाली और छात्रों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0v5ad3yc1027z4jcmgvdpx,imgname-mission-kayakalp-launched-delhi-government-schools-set-for-major-infrastructure-upgrade-1783513655715.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली के सरकारी स्कूलों को आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से लैस बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मिशन कायाकल्प' की शुरुआत करते हुए कहा कि राजधानी के सरकारी स्कूलों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक शिक्षण परिसर में बदला जाएगा। इस अभियान के तहत स्कूलों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्कूलों में होंगे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कायाकल्प के तहत चयनित सरकारी स्कूलों में व्यापक स्तर पर मरम्मत और विकास कार्य किए जाएंगे। इनमें भवनों की मरम्मत, दीवारों की पुताई, वाटरप्रूफिंग, छतों की जल निकासी व्यवस्था, शौचालयों का नवीनीकरण, आरओ प्लांट और वाटर कूलर की स्थापना, विज्ञान प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं, हरियाली बढ़ाना और स्कूल परिसर को आकर्षक बनाना शामिल है। सरकार के अनुसार, इस योजना में सरकारी फंड के साथ सामाजिक संगठनों, मार्केट एसोसिएशन, स्थानीय समुदाय और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) का भी सहयोग लिया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कई स्कूलों में दिखने लगा बदलाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक राजस्व जिले के दो सरकारी स्कूलों में शुरुआती चरण के तहत काम पूरा किया जा चुका है। उत्तर जिले के शंकराचार्य मार्ग स्थित स्कूल में विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सेंसरी पार्क का नवीनीकरण, आरओ प्लांट और वाटर कूलर लगाए गए हैं। वहीं रूप नगर के सरकारी स्कूल में फिजिक्स लैब को आधुनिक बनाया गया है ताकि छात्रों को बेहतर प्रैक्टिकल शिक्षा मिल सके। दक्षिण जिले के रामानुजन सर्वोदय कन्या विद्यालय, महरौली और कुतुब महरौली स्थित सर्वोदय को-एड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शौचालयों की मरम्मत, सैनिटरी फिटिंग बदलने, दीवारों और छतों की मरम्मत तथा पूरे भवन की नई पेंटिंग जैसे कार्य पूरे किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चरणबद्ध तरीके से सभी स्कूलों तक पहुंचेगी योजना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन स्कूलों की इमारतें पहले जर्जर थीं और जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहां अब तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से आने वाले समय में राजधानी के अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों को मिशन कायाकल्प से जोड़ा जाए। सरकार का मानना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाएं छात्रों के सीखने के माहौल को मजबूत करेंगी और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Delhi Rohini Building Collapse: रोहिणी में अचानक ढही 3 मंजिला इमारत, मलबे में कितने लोग फंसे?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rohini-sector-16-building-collapse-delhi-rescue-operation-articleshow-lyil2am</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 17:37:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Rohini building collapse: दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में एमसीडी स्कूल के पीछे निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। पुलिस, दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0syrfmq88ge2hw61qsv693,imgname-rohini-sector-16-building-collapse-delhi-rescue-operation-1783512392180.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली के रोहिणी इलाके से शनिवार शाम एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंचकर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रोहिणी सेक्टर-16 में अचानक गिरी निर्माणाधीन बिल्डिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, यह हादसा रोहिणी सेक्टर-16 के पॉकेट G-5 स्थित एमसीडी स्कूल के पीछे हुआ। यहां एक तीन मंजिला इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। शाम करीब 4:20 बजे इमारत अचानक ढह गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने पूरे इलाके को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रोहिणी में बहुमंजिला इमारत ढही, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंकादिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। pic.twitter.com/HPSLXVmUAb&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Abhishek Sharma (@Abhishe06085356) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मलबे के नीचे कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना मिली है। इसी आधार पर रेस्क्यू टीम सावधानी के साथ मलबा हटाने का काम कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने लोग अंदर थे और कितने लोग सुरक्षित बाहर निकल पाए हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जुट गए हैं। प्रशासन ने लोगों से रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न डालने की अपील की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रोहिणी सेक्टर 16 के G5 ब्लॉक में चार मंजिला इमारत गिरी, मलबा हटाने का काम जारी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। @NBTDilli pic.twitter.com/w6DH1XXdQd&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Ashwani Sharma (@ashwanituntun) July 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बारिश को माना जा रहा हादसे की वजह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण निर्माणाधीन इमारत की संरचना कमजोर पड़ गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रही हैं। प्रशासन का कहना है कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही नुकसान और हताहतों की सही जानकारी सामने आएगी। हादसे की जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Delhi Pollution: अब दिल्ली लेगी चैन की सांस, प्रदूषण से लड़ने के लिए बनेंगे 100 ऑक्सीजन पार्क]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-to-get-100-oxygen-parks-under-rekha-gupta-government-green-initiative-to-fight-pollution-articleshow-razle7h</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:08:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि शहर में बढ़ते प्रदूषण से निपटने और हरियाली बढ़ाने के लिए सरकार 100 ऑक्सीजन पार्क बनाएगी। यह सरकार के मेगा प्लांटेशन अभियान का हिस्सा है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k38g5q9wggav0wvsf9crw4gv,imgname-delhi-cm-rekha-gupta-1755853282620.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि दिल्ली में 100 ऑक्सीजन पार्क बनाए जाएंगे। यह ऐलान सरकार के उस बड़े वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत के मौके पर किया गया, जिसका मकसद दिल्ली में हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण से लड़ना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने 10 ऑक्सीजन पार्कों की नींव भी रखी और बताया कि राजधानी में 18 ऐसे पार्कों पर काम पहले से ही चल रहा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार यह योजना गुजरात के सफल ऑक्सीजन पार्क कॉन्सेप्ट से प्रेरणा लेकर बना रही है। इसके तहत सिर्फ देसी प्रजाति के पेड़ लगाकर खास ग्रीन एरिया तैयार किए जाएंगे जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद हों।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ये ऑक्सीजन पार्क आम पार्कों से अलग होंगे। इनमें पीपल, बरगद, जामुन और आम जैसे देसी पेड़ लगाए जाएंगे। ये पेड़ हवा को साफ करने, बायोडायवर्सिटी (जैव विविधता) को बढ़ाने और एक स्वस्थ शहरी माहौल बनाने में बहुत कारगर माने जाते हैं। अधिकारी इन पार्कों को शहर के 'हरे फेफड़े' (ग्रीन लंग्स) के तौर पर देख रहे हैं, जो लोगों को साफ हवा और बेहतर पब्लिक स्पेस देंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली का 2026-27 का बजट 'ग्रीन बजट' के तौर पर पेश किया गया था। यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की गंभीरता को दिखाता है। कुल बजट का लगभग 22% हिस्सा पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों के लिए रखा गया है। सरकार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और दूसरी संस्थाओं को भी वित्तीय मदद दे रही है, ताकि वे अपने आस-पास के पार्कों को विकसित कर सकें और पौधारोपण में हिस्सा ले सकें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिज क्षेत्र में पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और पुरानी वाटिका जैसे विशेष थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे। pic.twitter.com/DrrSqcB79u&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Amit Shah (@AmitShah) July 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस कार्यक्रम के तहत लगाए जाने वाले हर पेड़ को डिजिटल तरीके से टैग किया जाएगा और ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और यह भी सुनिश्चित होगा कि नए लगाए गए पौधे लंबे समय तक जीवित रहें। इस टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके का मकसद जवाबदेही बढ़ाना है। साथ ही, अधिकारी समय-समय पर हर पौधे की सेहत और रखरखाव पर नजर रख सकेंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऑक्सीजन पार्क कार्यक्रम, सरकार के बड़े अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' का ही हिस्सा है। इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने शहर भर में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसमें आम लोगों, संस्थाओं और नगर निगम अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी होगी। सरकार के इस विशाल ग्रीन प्रोजेक्ट का मकसद प्रदूषण को कम करना, बायोडायवर्सिटी को बढ़ावा देना और दिल्ली को एक साफ, हरा-भरा और टिकाऊ शहर बनाना है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Narmada Award: 60 साल पुराना विवाद खत्म, अमित शाह की मौजूदगी में चार राज्यों में ऐतिहासिक समझौता]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/narmada-award-payment-settlement-amit-shah-mohan-yadav-mp-gujarat-maharashtra-rajasthan-sardar-sarovar-agreement-articleshow-syqq9rb</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 09:03:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अमित शाह की मौजूदगी में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान पर ऐतिहासिक वन टाइम सेटलमेंट किया, जिससे वर्षों पुराना विवाद समाप्त हो गया।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल/नई दिल्ली।&lt;/strong&gt; केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित भुगतान विवाद का ऐतिहासिक समाधान निकल आया। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने वर्षों से लंबित भुगतान के अंतिम निपटान पर सहमति जताते हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केन्द्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नर्मदा अवॉर्ड भुगतान विवाद का वन टाइम सेटलमेंट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण लागत के साझाकरण से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। चारों राज्यों के बीच लंबित वित्तीय देनदारियों का अंतिम समाधान वन टाइम सेटलमेंट (One-Time Settlement) के जरिए किया गया है। इस फैसले के बाद परियोजना से जुड़े भुगतान संबंधी वर्षों पुराने विवाद का स्थायी समाधान हो गया है, जिससे राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमित शाह बोले- वर्षों पुराना विवाद सौहार्द से सुलझा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच नर्मदा अवॉर्ड भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था, जिसका अब आपसी सहमति से समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने से राज्यों के बीच बेहतर तालमेल विकसित हुआ है, जिससे राजनीतिक मतभेद कम हुए हैं और लंबे समय से लंबित कई विवादों का तेजी से समाधान संभव हो रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सरदार सरोवर परियोजना से कई राज्यों को मिला बड़ा लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण समझौते के लिए मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों की रचनात्मक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना का सबसे अधिक लाभ मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान को मिला है। बांध के पूरा होने के बाद इन राज्यों के कई इलाकों तक सिंचाई का पानी और बिजली पहुंची है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राजस्थान को भले ही परियोजना का हिस्सा छोटा दिखाई देता हो, लेकिन जिन क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचा है वहां खेती की तस्वीर बदल गई है। इससे किसानों की आय बढ़ी है और जमीन की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जल विवादों के समाधान पर केन्द्र सरकार का जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल के नेतृत्व में राज्यों के बीच जल बंटवारे और जल संसाधनों से जुड़े विवादों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में हरियाणा और राजस्थान के बीच जल विवाद के समाधान का उल्लेख करते हुए कहा कि किशाऊ बांध परियोजना सहित कई पुराने मामलों में भी सकारात्मक प्रगति हुई है। उनके अनुसार ये सभी उदाहरण सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमित शाह ने कहा कि पानी किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों और विशेष रूप से किसानों के हित से जुड़ा विषय है। चाहे जल का उपयोग किसी भी राज्य में हो, उसका लाभ अंततः देश के नागरिकों को ही मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्यों को किसी भी विवाद का समाधान करते समय राष्ट्रीय हित और उससे होने वाले संभावित नुकसान को ध्यान में रखना चाहिए। यदि कोई पड़ोसी राज्य विकास करता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव आसपास के राज्यों पर भी पड़ता है। इसी सोच के साथ सभी राज्यों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/narmada-award-payment-settlement-amit-shah-mohan-yadav-mp-gujarat-maharashtra-rajasthan-sardar-sarovar-agreement-articleshow-syqq9rb"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[फ्लाइट नहीं, Vande Bharat पकड़िए... दिल्ली से इन 5 डेस्टिनेशन का सफर होगा आसान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-vande-bharat-routes-from-delhi-one-day-trip-articleshow-usef6z9</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 11:23:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vande Bharat Express:&lt;/strong&gt; दिल्ली से फ्लाइट नहीं, Vande Bharat पकड़िए और कुछ ही घंटों में आगरा, जयपुर, हरिद्वार, चंडीगढ़ और देहरादून पहुंचिए। जानिए दिल्ली से चलने वाली टॉप 5 वंदे भारत ट्रेनों के रूट, यात्रा समय और एक दिन की ट्रिप के लिए कौन-सा विकल्प सबसे बेहतर है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx04k6jmqzwsgqa99q72czg7,imgname-top-vande-bharat-routes-from-delhi-one-day-trip-1783489993300.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Top 5 Vande Bharat destinations from Delhi:&lt;/strong&gt; अगर हर बार घूमने का प्लान फ्लाइट के महंगे किराए या लंबी यात्रा की वजह से टल जाता है, तो अब आपके पास बेहतर विकल्प है। दिल्ली से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ने कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज बना दिया है। कुछ रूट ऐसे हैं, जहां आप सुबह निकलकर शाम तक वापस भी लौट सकते हैं। जानिए दिल्ली से चलने वाली 5 ऐसी वंदे भारत ट्रेनों के बारे में, जो आरामदायक और कम समय वाली यात्रा का शानदार विकल्प हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1. आगरा: ताजमहल का सबसे तेज सफर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-आगरा वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 1 घंटा 55 मिनट में आगरा पहुंचाती है। ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी देखने के साथ-साथ पेठा और बेदाई-सब्जी का स्वाद भी आपकी ट्रिप को यादगार बना सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. चंडीगढ़, हरिद्वार और देहरादून का आसान सफर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-चंडीगढ़ वंदे भारत महज 2 घंटे 50 मिनट में आपको सिटी ब्यूटीफुल पहुंचा देती है। यहां रॉक गार्डन, सुखना झील और सेक्टर-17 मार्केट घूमने का मौका मिलता है। अगर धार्मिक यात्रा पसंद है, तो 4 घंटे 15 मिनट में हरिद्वार पहुंचकर हर की पौड़ी की गंगा आरती और मनसा देवी मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वहीं, 4 घंटे 45 मिनट में देहरादून पहुंचकर रॉबर्स केव, पहाड़ी मौसम और शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. जयपुर भी अब कुछ घंटों की दूरी पर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजस्थान की राजधानी जयपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 4 घंटे 40 मिनट का समय लेती है। हवा महल, आमेर किला, सिटी पैलेस और जौहरी बाजार जैसी जगहें एक दिन की ट्रिप के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। अगर आप कम समय में आरामदायक, तेज और प्रीमियम यात्रा चाहते हैं, तो फ्लाइट की बजाय वंदे भारत एक्सप्रेस बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। दिल्ली से इन पांच डेस्टिनेशन तक का सफर अब पहले से ज्यादा सुविधाजनक और समय बचाने वाला बन गया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Delhi News: 70 लाख पौधे, 300 ई-बसें... दिल्ली बदलने रेखा गुप्ता सरकार की बड़ी तैयारी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-green-project-70-lakh-saplings-plantation-300-electric-buses-narela-jail-vehicle-testing-centre-rekha-gupta-govt-articleshow-vqdr727</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 13:44:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार ने 70 लाख पौधे लगाने, 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने, तीन आधुनिक बस डिपो, नरेला हाई सिक्योरिटी जेल और ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर बनाने की घोषणा की है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0cazynqhcnm3n58pgf3a9q,imgname-delhi-green-project-1783498112981.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार ने राजधानी को अधिक हरित, स्वच्छ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की है। नई विकास योजना में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण कम करना, हरित क्षेत्र बढ़ाना, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाना और तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई योजना के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, आधुनिक बस डिपो, अत्याधुनिक वाहन परीक्षण केंद्र और उच्च सुरक्षा वाली नई जेल जैसी कई परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Delhi Green Initiative: 70 लाख पौधों का होगा वृक्षारोपण, ऑनलाइन निगरानी भी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राजधानी में हरियाली बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार 70 लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू करेगी। यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी देखभाल और जीवित रहने की दर (Survival Rate) बढ़ाने के लिए तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार प्रत्येक पौधे की ऑनलाइन डेटा टैगिंग करेगी, जिससे यह रिकॉर्ड रखा जा सकेगा कि पौधा किस स्थान पर लगाया गया है, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है और उसकी नियमित निगरानी कैसे की जा रही है। इस डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पौधों की उचित निगरानी और रखरखाव किया जाए तो दिल्ली के ग्रीन कवर में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिससे वायु गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Electric Bus Project: 300 नई इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा ग्रीन ट्रांसपोर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए सरकार 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल करेगी। इन बसों के संचालन से डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते बेड़े के साथ यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, शांत और प्रदूषण मुक्त यात्रा का अनुभव मिलेगा। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाना है ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम हो सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Modern Bus Depot: तीन अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो होंगे विकसित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नई इलेक्ट्रिक बसों के बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए तीन आधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो विकसित किए जाएंगे। इन डिपो में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी रखरखाव और बसों के संचालन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क का विस्तार आसान होगा और राजधानी में ग्रीन मोबिलिटी को नई गति मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Narela High Security Jail: आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं वाली नई जेल बनेगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योजना के तहत नरेला में एक हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण भी किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह जेल आधुनिक सुरक्षा मानकों और उन्नत निगरानी प्रणाली से लैस होगी। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप सुरक्षित और आधुनिक कारागार व्यवस्था विकसित करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Automated Vehicle Testing Centre: वाहन फिटनेस जांच होगी पूरी तरह आधुनिक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में एक अत्याधुनिक ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर भी बनाया जाएगा। इस केंद्र में आधुनिक तकनीक की मदद से वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी। नई व्यवस्था से वाहन परीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक होगी। साथ ही सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और प्रदूषण फैलाने वाले अनुपयुक्त वाहनों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Clean Air Mission: प्रदूषण कम करने और तकनीक आधारित प्रशासन पर फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली सरकार का कहना है कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना नहीं, बल्कि राजधानी को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित करना है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन, आधुनिक वाहन परीक्षण प्रणाली और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी पहलें स्वच्छ हवा, बेहतर परिवहन व्यवस्था और तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। यदि इन परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो आने वाले वर्षों में दिल्ली के पर्यावरण और शहरी विकास दोनों को इसका सकारात्मक लाभ मिल सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/delhi-green-project-70-lakh-saplings-plantation-300-electric-buses-narela-jail-vehicle-testing-centre-rekha-gupta-govt-articleshow-vqdr727"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[TMC के खातों पर ED की बड़ी कार्रवाई, 440 करोड़ रुपये फ्रीज; ममता बनर्जी गुट की मुश्किलें बढ़ीं]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tmc-ed-freezes-440-crore-bank-accounts-mamata-banerjee-articleshow-wv7mzag</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 16:14:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ED freezes TMC Accounts: &lt;/strong&gt;ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत टीएमसी से जुड़े 3 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें 440 करोड़ रुपये जमा हैं। जानिए केयरवेल एविएशन, चार्टर्ड विमान, हेलीकॉप्टर खरीद और ममता बनर्जी गुट से जुड़े पूरे मामले की बड़ी अपडेट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kwtv3zc5qm7bs9hqsca7bbn8,imgname-mamata-banerjee-1783312285061.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें करीब 440 करोड़ रुपये जमा बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की गई है। इस कदम से ममता बनर्जी गुट की राजनीतिक और कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;440 करोड़ रुपये वाले खातों पर ED की कार्रवाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए कोलकाता में कई स्थानों पर छापेमारी भी की। जांच का फोकस उन वित्तीय लेनदेन पर है, जिनका संबंध निजी चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद तथा उनके इस्तेमाल से बताया जा रहा है। एजेंसी ने 'केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज' और उसकी एविएशन इकाई से जुड़े परिसरों की भी तलाशी ली। आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर धन का लेनदेन किया गया, जिसकी वैधता की जांच जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जांच में क्या सामने आया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ED की शुरुआती जांच के मुताबिक, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये 'केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' और उससे जुड़ी इकाइयों के खातों में भेजे गए। इसके बाद कंपनी ने करीब 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य नई कंपनी को ट्रांसफर किए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी वित्तीय श्रृंखला में लगभग 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 'एम्ब्रेयर लिगेसी 600' कॉरपोरेट विमान और 'अगस्ता वेस्टलैंड 109SP' हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया। आरोप है कि बाद में इन्हीं विमानों को TMC को किराए पर उपलब्ध कराया गया। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेनदेन का वास्तविक लाभ किसे मिला।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बागी गुट की शिकायत के बाद तेज हुई जांच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि पार्टी में आंतरिक विवाद और बागी विधायकों की शिकायत के बाद पार्टी फंड के स्रोतों की जांच की मांग उठी थी। इसी क्रम में वित्तीय लेनदेन की पड़ताल शुरू हुई। इस बीच, खातों पर रोक लगाए जाने के खिलाफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। फिलहाल ED पूरे मामले में पैसों के स्रोत, लेनदेन की प्रकृति और कथित लाभार्थियों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Mahila Samriddhi Yojana: दिल्ली की महिलाओं को रक्षाबंधन का तोहफा, हर महीने खाते में आएंगे 2500 रुपये]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/delhi/rekha-gupta-government-delhi-mahila-samriddhi-yojana-rakshabandhan-to-give-women-2500-rupees-monthly-articleshow-zgzlfri</link>
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            <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:55:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दिल्ली सरकार रक्षाबंधन पर 'महिला समृद्धि योजना' शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में मिलेंगे।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx0m3nx2v6r569k03f7xymfy,imgname-delhi-mahila-samriddhi-yojana-1783506261922.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दिल्ली सरकार रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रही है। 28 अगस्त को 'महिला समृद्धि योजना' लॉन्च की जाएगी। इस स्कीम के तहत, पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में भेजे जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह आर्थिक मदद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए है। दिल्ली सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5,110 करोड़ रुपये का फंड रखा है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से करीब 20 से 22 लाख महिलाओं को फायदा मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महिला समृद्धि योजना का किन्हें मिलेगा फायदा?&lt;/h2&gt;&lt;h3&gt;आवेदन करने वाली महिलाओं को इन शर्तों को पूरा करना होगा:&lt;/h3&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वह दिल्ली की स्थायी निवासी होनी चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उनकी उम्र 21 से 60 साल के बीच हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से 3 लाख रुपये के बीच होनी चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जिन महिलाओं के पास राशन कार्ड है, उन्हें रजिस्ट्रेशन में प्राथमिकता दी जाएगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;किन्हें नहीं मिलेगा महिला समृद्धि योजना का लाभ?&lt;/h2&gt;&lt;h3&gt;इन महिलाओं को योजना से बाहर रखा जाएगा:&lt;/h3&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सरकारी कर्मचारी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इनकम टैक्स भरने वाली महिलाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकारी पेंशन पाने वाली महिलाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जिन महिलाओं के नाम पर चार पहिया गाड़ी (कार) है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;महिला समृद्धि योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से ऑनलाइन होगा। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;आधार नंबर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मोबाइल नंबर&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पते का सबूत (Proof of residence)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जन्म तिथि&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वैवाहिक स्थिति (शादीशुदा हैं या नहीं)&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्व-घोषणा पत्र (Self-declaration form)&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;सरकार ने इसके लिए वेबसाइट तैयार कर ली है और योजना के आधिकारिक लॉन्च के तुरंत बाद आवेदन शुरू हो जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना आसानी से लागू हो, ताकि हर पात्र महिला बिना किसी परेशानी के इसका लाभ उठा सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस योजना का मकसद दिल्ली में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्थिर और सशक्त बनाना है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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