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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Fri, 29 May 2026 22:58:41 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[UP Weather Update: यूपी में गर्मी से राहत, लेकिन 70 KM की रफ्तार से आएगा तूफान; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/up-weather-update-heavy-rain-and-thunderstorm-alert-issued-across-uttar-pradesh/articleshow-2i372yx</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 22:58:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Weather Update: &lt;/strong&gt;यूपी के किन जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है? यूपी के किन जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है? क्या यूपी में अब हीटवेव पूरी तरह खत्म हो जाएगी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksj1agvg2kyd29wvfeszx1gy,imgname-up-weather-alert-imd-issues-red-alert-for-storm-rain-and-hailstorm-during-nautapa-1779795575664.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 30 मई को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी बारिश और वज्रपात का विशेष अलर्ट भी जारी किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे पिछले कई दिनों से चल रही हीटवेव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह से ही कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम खराब होना शुरू हो सकता है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जो कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने जैसी घटनाओं की भी आशंका जताई गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बुंदेलखंड और मध्य यूपी : बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पूर्वांचल और तराई क्षेत्र: सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में भी मौसम बिगड़ सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पश्चिमी उत्तर प्रदेश : सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के इलाकों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आम जनजीवन पर पड़ सकता है असर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और वज्रपात की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। कई इलाकों में दृश्यता कम होने और सड़क यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के लिए मौसम विभाग की खास सलाह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम में अचानक आए इस बदलाव का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। तेज हवाओं के कारण गन्ना, मक्का, उर्द और मूंग जैसी फसलें गिर सकती हैं, जबकि फूल और फल झड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। आम और केले के बागानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे तेज हवाओं के दौरान सिंचाई न करें, पौधों को सहारा दें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि बारिश का पानी जमा न हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गर्मी से राहत, लेकिन सतर्क रहना जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालांकि बारिश और बादलों की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहेंगे। ऐसे में प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और लोगों से मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[महीनों बाद बैगा गांव में लौटी पानी की राहत, प्रशासन की कार्रवाई से बदली तस्वीर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/water-supply-restored-in-chhattisgarhs-baiga-village-after-solar-pump-repair-in-achanakmar-area/articleshow-6c445xp</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 22:33:42 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chhattisgarh Water Supply: &lt;/strong&gt;मुंगेली जिले के अचानकमार क्षेत्र के शिवलखार गांव में खराब सोलर पंप सुधरने से बैगा समुदाय को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद गांव में फिर से नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू हो गई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kstb0jzhzvsb5pe4b50zstth,imgname-water-supply-restored-in-chhattisgarhs-baiga-village-after-solar-pump-repair-in-achanakmar-area-1780074171377.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;गर्मी के दिनों में पानी की एक-एक बूंद कितनी कीमती हो जाती है, यह बात उन गांवों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता जहां पीने का पानी भी रोज संघर्ष के बाद मिलता है. छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सुदूर वनांचल ग्राम शिवलखार में रहने वाले बैगा समुदाय के लोग पिछले कई महीनों से इसी मुश्किल का सामना कर रहे थे. लेकिन अब प्रशासन की त्वरित पहल से गांव में राहत लौट आई है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खराब पड़े सोलर पंप को सुधारकर दोबारा चालू कर दिया गया है, जिसके बाद गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है. इस कदम से खास तौर पर महिलाओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रमुख सचिव के दौरे में सामने आई समस्या&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा हाल ही में मुंगेली जिले के दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के साथ अचानकमार ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम शिवलखार में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव की सबसे बड़ी समस्या यानी पेयजल संकट को प्रमुखता से उठाया. लोगों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए दो ड्यूल सोलर पंपों में से एक लंबे समय से खराब पड़ा हुआ था.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;होर्मुज स्ट्रेट से नहीं निकल पा रहे दुनिया के जहाज, फिर भारत ने अपने 14 शिप कैसे बचाए?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गर्मी में और बढ़ गई थी परेशानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ग्रामीणों के मुताबिक, सोलर पंप खराब होने के कारण पूरे गांव में पानी की भारी दिक्कत हो रही थी. विशेष रूप से बैगा जनजाति की महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था. गर्मी बढ़ने के साथ हालात और ज्यादा गंभीर हो गए थे. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की थी.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मौके पर ही दिए गए त्वरित निर्देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समस्या की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने चौपाल में ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. इसके बाद विभाग ने क्रेडा विभाग के साथ समन्वय बनाकर खराब सोलर पंप को बदलने और सुधारने का काम तेजी से पूरा किया. प्रशासन की सक्रियता के चलते कुछ ही समय में पंप दोबारा चालू हो गया.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गांव में फिर शुरू हुई नियमित जल आपूर्ति&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोलर पंप के शुरू होते ही गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो गई है. इससे ग्रामीणों में खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से उन्हें बड़ी राहत मिली है. खासकर महिलाओं और बच्चों को अब पानी के लिए भटकना नहीं पड़ रहा.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Bank Holiday: जून में बैंक छुट्टियों की भरमार! KYC और लॉकर का काम पहले निपटाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[CM Yogi Mau Visit: मऊ में गरजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ! ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह के जज्बे को सलाम, विरोधियों को कड़ा संदेश]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/cm-yogi-adityanath-mau-visit-gramin-sainik-hospital-inauguration-brigadier-pn-singh-tajopur-news-updates/articleshow-8g87s9x</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 20:06:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मऊ के ताजोपुर में CM योगी ने ग्रामीण सैनिक अस्पताल का उद्घाटन कर विकास की नई इबारत लिखी। क्या एक गांव पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकता है? क्या सेवानिवृत्त अधिकारी बदल सकते हैं ग्रामीण भारत की तस्वीर? कैसे &quot;पंच प्रण&quot; से बनेगा विकसित भारत? जानिए मऊ में मुख्यमंत्री के संबोधन की हर रोमांचक बात और विकास का यह अनोखा मॉडल।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मऊ।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जिले के ताजोपुर गांव में ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी जन्मभूमि के प्रति सेवा भाव रखना ही वास्तविक देशभक्ति है। सीएम ने ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सेना में 35 वर्षों की लंबी सेवा के बाद अपनी माटी में लौटकर अस्पताल और शिक्षण संस्थान खोलना पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जन्मभूमि की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: सीएम योगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि &quot;जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी&quot; यानी माता और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जीवन में कितनी भी ऊंचाई पर क्यों न पहुँच जाए, उसे अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। ब्रिगेडियर सिंह ने आर्मी मेडिकल कोर से सेवानिवृत्त होने के बाद ताजोपुर में स्वास्थ्य और शिक्षा के जो केंद्र स्थापित किए हैं, वे ग्रामीण भारत के विकास का एक उत्कृष्ट मॉडल हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मऊ के ताजोपुर में स्वास्थ्य और शिक्षा का नया हब&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह द्वारा स्थापित यह संस्थान केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी संवार रहे हैं। यहाँ सैनिक नर्सिंग कॉलेज के जरिए नर्सिंग की पढ़ाई, फार्मेसी कॉलेज से तकनीकी शिक्षा और आईटीआई के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। सैनिक पब्लिक स्कूल क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहा है। सीएम ने कहा कि एक समय मऊ अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा था, लेकिन आज इन संस्थानों की बदौलत जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रधानमंत्री मोदी के 'पंच प्रण' पर दिया जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने पीएम मोदी द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव पर दिए गए &quot;पंच प्रण&quot; का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए हमें:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अपनी विरासत पर गर्व करना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गुलामी की मानसिकता को जड़ से मिटाना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के संकल्प के साथ एकजुट रहना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान करना होगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नागरिक कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से पालन करना होगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;विकसित भारत के लिए गांवों का आत्मनिर्भर होना जरूरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत तभी विकसित राष्ट्र बनेगा जब हमारे गांव आत्मनिर्भर होंगे। ताजोपुर में बने ये संस्थान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा कर रहे हैं। उन्होंने ब्रिगेडियर सिंह के 'चरैवेति-चरैवेति' (निरंतर चलते रहना) के मंत्र की सराहना की और भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार ऐसे राष्ट्रहित के कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा, दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह और अस्पताल के संस्थापक ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Rajasthan Viral News: राजस्थान यूनिवर्सिटी में पानी को लेकर बवाल, HOD के कमरे से फ्रिज उठा ले गए छात्र]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-university-students-seize-hods-fridge-amid-water-crisis/articleshow-0s27g8t</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 19:54:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने HOD के ऑफिस से फ्रिज बाहर क्यों निकाला? छात्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी में पीने के पानी को लेकर क्या समस्या थी? छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने फ्रिज को लेकर क्या तर्क दिया? वायरल वीडियो में छात्रों ने फ्रिज को कहां रखकर उसका इस्तेमाल शुरू किया?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kssy8k0n63c0070jd593p9aj,imgname-jaipur-1780060802069.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;जयपुर की चिलचिलाती गर्मी के बीच राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीने के पानी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। यहां कुछ छात्र एक HOD (विभागाध्यक्ष) के ऑफिस में रखा फ्रिज उठाकर बाहर ले आए और उसे सभी छात्रों के इस्तेमाल के लिए रख दिया। यह घटना राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी की है। छात्रों का कहना था कि भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें पीने के लिए साफ और ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन से पानी के कूलर ठीक कराने और पीने के पानी का सही इंतजाम करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कई वॉटर कूलर खराब पड़े थे, जिससे छात्रों में गुस्सा और हताशा बढ़ती जा रही थी। यह विरोध तब और तेज हो गया जब छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने लाइब्रेरी में छात्रों को पानी के लिए संघर्ष करते देखा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;और फिर HOD साहब के कमरे की फ्रिज स्टूडेंट उठा ले गए....राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी स्टूडेंट के लिए पानी नहीं था। कई बार छात्रों ने इस बात की शिकायत किया, जब यूनिवर्सिटी प्रशासन को नहीं समझ आया तो स्टूडेंट ने HOD साहब के कमरे की फ्रिज उठाकर लाइब्रेरी में रखवा दिया pic.twitter.com/h5q0cGPwcs&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Kavish aziz (@azizkavish) May 27, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अब वायरल हो रहे वीडियो में, रेवाड़ अपने समर्थकों के साथ सेंट्रल लाइब्रेरी में HOD के कमरे में घुसते और वहां रखे फ्रिज को उठाकर बाहर एक कॉमन एरिया में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजस्थान विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में भीषण गर्मी के बीच छात्रों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं थी। वहीं, लाइब्रेरी के HOD के कमरे में AC और फ्रिज जैसी सभी सुविधाएं मौजूद थी।इससे नाराज़ छात्रों ने HOD के ऑफिस से फ्रिज उठाकर लाइब्रेरी में रख दिया, ताकि छात्रों को&hellip; pic.twitter.com/nuQfBqQTP5&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Akash Tripathi (@Akash2711222) May 27, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके तुरंत बाद, फ्रिज में पानी की बोतलें भर दी गईं, ताकि छात्रों को ठंडा पानी मिल सके। इस घटना के बारे में बात करते हुए, रेवाड़ ने तर्क दिया कि HOD के ऑफिस में रखा फ्रिज किसी अधिकारी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसे छात्रों की फीस के पैसे से खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि इसलिए छात्रों की फीस से खरीदी गई सुविधाओं पर पहला हक भी उन्हीं का है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने यह भी दावा किया कि पीने के पानी की समस्या को लेकर बार-बार की गई शिकायतों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते छात्रों को यह कदम उठाना पड़ा। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे चिलचिलाती गर्मी में पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब यूनिवर्सिटी के अधिकारी एयर-कंडीशन्ड कमरों में बैठकर ठंडे पानी का आनंद ले रहे थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-university-students-seize-hods-fridge-amid-water-crisis/articleshow-0s27g8t"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CM Yogi in Mau: मुख्यमंत्री योगी ने मऊ में बांटे लैपटॉप, टैबलेट और आवास, योजनाओं की बरसात से खुश जनता]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/cm-yogi-in-mau-distributed-beneficiaries-cheque-laptop-awas-yojana-pm-svanidhi-up-news-hindi/articleshow-ifiqfky</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 19:46:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP News: मऊ में किसे मिले लाखों के चेक, लैपटॉप और आवास की चाबियां? क्या महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए सरकार ने खोला खजाना? क्या सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे लोगों तक पहुंच रहा है? मऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को सम्मानित कर विकास योजनाओं की बड़ी तस्वीर पेश की।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kst1brefkp95kfb156ws6srg,imgname-cm-yogi-in-mau-distributed-beneficiaries-benefits-1780064051663.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मऊ/लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पात्र लोगों को चेक, आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र, लैपटॉप, टैबलेट और आयुष्मान कार्ड वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के गोदभराई कार्यक्रम में हिस्सा लिया और छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। कार्यक्रम में मऊ जिले के विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कृषि मशीनीकरण योजना के तहत रमला देवी को मिला 38.68 लाख का चेक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रमला देवी को सबमिशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 38.68 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को मिला लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लवंगी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किस्त की धनराशि का प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं भगवान सोनकर को पीएम स्वनिधि योजना के तहत तीसरे ऋण के रूप में 50 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आयुष्मान कार्ड और लैपटॉप पाकर खुश दिखे छात्र-छात्राएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम में संजू सिंह को आयुष्मान कार्ड सौंपा गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कक्षा-10 की छात्राएं अमृता यादव और तोयेशा चौहान को लैपटॉप दिए गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों की सहायता राशि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने मधुबनी संकुल स्तरीय संघ के 33 समूहों को सीआईएफ वितरण के लिए 49.50 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह चेक श्रद्धा सिंह ने प्राप्त किया। इसी तरह नया सवेरा संकुल स्तरीय संघ के 30 समूहों को सीआईएफ के लिए 49.50 लाख रुपये का चेक दिया गया, जिसे रिंकू सिंह ने प्राप्त किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुख्यमंत्री आवास योजना और युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को सहायता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मालती को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत घर की चाबी और स्वीकृति पत्र सौंपा गया। वहीं सुधीर को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चार लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत मिला टैबलेट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्वरांजलि को स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत टैबलेट वितरित किया गया। इसके अलावा महेश कुमार त्रिपाठी को नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 21.87 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महिलाओं और बच्चों से भी मिले मुख्यमंत्री योगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की गोदभराई रस्म में हिस्सा लिया। उन्होंने बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया और लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिलने की जानकारी ली।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: मऊ से गरजे CM योगी, बोले- बेटी और व्यापारी को धमकाने वालों का इंतजार करेगा यमराज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-news-yogi-adityanath-mau-visit-inaugurated-development-projects-attack-mafia-and-opposition-modi-government-schemes/articleshow-cbebhd2</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 19:21:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Yogi Adityanath in Mau: क्या अब यूपी में माफिया पूरी तरह खत्म हो जाएंगे? धार्मिक आयोजनों में उपद्रव करने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई? क्या है बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा पर सीएम योगी का बड़ा संदेश? मऊ से सीएम योगी ने विपक्ष, माफिया और अपराधियों पर बेहद आक्रामक अंदाज में बड़ा हमला बोला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksszwt512bnepj2y1j26tz22,imgname-yogi-adityanath-mau-visit-1780062513313.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;मऊ/लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ की धरती से माफिया और गुंडों के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में किसी माफिया या अपराधी की हिम्मत नहीं है कि वह त्योहारों या धार्मिक आयोजनों में उपद्रव कर सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने रामलीला, यज्ञ, कथा, जन्माष्टमी, रामनवमी, शिवरात्रि या रक्षाबंधन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में बाधा पहुंचाने की कोशिश की तो उसकी स्थिति रावण और कंस जैसी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में कोई भी अपराधी खुलेआम पिस्टल लहराते हुए हिंदुओं को धमकाने का साहस नहीं कर सकता। बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल कठोर कार्रवाई तय है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;392 करोड़ की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ के गांधी मैदान में 392 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मऊ को क्रांति और साहित्य की भूमि बताते हुए साहित्यकार श्याम नारायण पांडेय, समाज सुधारक स्वामी सहजानंद सरस्वती और पूर्व केंद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व राज्यपाल फागू चौहान का उल्लेख करते हुए भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर भी नमन किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अच्छी सरकार विकास देती है, गलत लोग सुरक्षा छीन लेते हैं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि जब जनता सही नेतृत्व चुनती है तो विकास तेज़ी से आगे बढ़ता है। सड़क, पुल, अस्पताल और बाढ़ सुरक्षा जैसी सुविधाएं जाति देखकर काम नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि गलत लोगों को सत्ता मिलने पर विकास का पैसा लूट लिया जाता है और कानून व्यवस्था कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाती है जबकि गलत शासन में व्यापारियों और बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2017 से पहले यूपी में धार्मिक आयोजनों में होती थी बाधा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने 2005 के मऊ दंगे का उल्लेख करते हुए कहा कि भरत-मिलाप कार्यक्रम के दौरान हिंसा फैलाकर पूरे शहर को जलाने की कोशिश की गई थी। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता संरक्षण में माफिया रामलीला और धार्मिक आयोजनों में व्यवधान पैदा करते थे। निर्दोष लोगों की हत्या होती थी और सरकार चुप रहती थी। उन्होंने कहा कि रामनवमी, जन्माष्टमी और शिवरात्रि जैसे आयोजनों में भी डर और अराजकता का माहौल रहता था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बेटियों की सुरक्षा और व्यापारियों के सम्मान का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों का अपहरण होता था और व्यापारी शाम होते ही अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर रहते थे। लेकिन अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि अब व्यापारी रात में भी निडर होकर काम कर रहे हैं और बेटियां नाइट शिफ्ट में भी सुरक्षित तरीके से नौकरी कर रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम मोदी की योजनाओं से बदला उत्तर प्रदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब, युवा, महिला और किसान को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से 2017 तक सपा सरकार ने केंद्र की कई योजनाओं को प्रदेश में लागू नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पहले गरीबों को शौचालय, राशन और आवास जैसी सुविधाएं नहीं मिलती थीं, लेकिन अब करोड़ों लोग सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गरीबों को आवास, राशन और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास दिए गए हैं। करीब पौने तीन करोड़ परिवारों को शौचालय की सुविधा मिली है और 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लगभग 10 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना का भी किया जिक्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि यदि किसी किसान या बटाईदार परिवार पर दुर्घटना या आपदा आती है तो मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत 24 घंटे के भीतर पांच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिना रुके चल रहा विकास अभियान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य लगातार जारी हैं। सड़क, पुल, पेयजल, पर्यटन, बिजली और बाढ़ सुरक्षा जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला और युवाओं के लिए योजनाएं चला रही है ताकि प्रदेश का समग्र विकास हो सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक वोट की ताकत का दिया संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि जनता का एक वोट प्रदेश और देश की दिशा बदल सकता है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य जनता के समर्थन से संभव हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में माफिया का आतंक खत्म हो चुका है और अवैध कब्जा करने वालों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मऊ को बताया अपना आंगन, सड़क और एक्सप्रेसवे का किया जिक्र&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊ उनके लिए पड़ोसी जिला ही नहीं बल्कि परिवार जैसा है। उन्होंने कहा कि सांसद रहते हुए भी वे मऊ की समस्याओं के लिए संघर्ष करते थे। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से वाराणसी के बीच फोरलेन सड़क बनने से आवागमन आसान हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए लोग कुछ घंटों में लखनऊ पहुंच सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घोसी चीनी मिल विस्तार और मेडिकल कॉलेज पर बड़ा बयान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि घोसी चीनी मिल के विस्तार के लिए प्रस्ताव मांगा गया है और प्रस्ताव मिलते ही धन उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मऊ में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है और जल्द ही उसका उद्घाटन किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गर्मी और आंधी-तूफान से बचाव की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से मौसम को लेकर सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी, लू और आंधी-तूफान के दौरान लोग सतर्क रहें, पर्याप्त पानी पिएं और खुले स्थान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सीएम योगी ने गिनाईं विकास परियोजनाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि लोकार्पित 38 परियोजनाओं में सड़क, पुल-पुलिया, ग्रामीण पेयजल, पुलिस भवन, पॉलीटेक्निक, आईटीआई, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 237 करोड़ रुपये की 76 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। इनमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर विकास और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Mohan Yadav Vaishno Devi Visit: वैष्णो देवी से क्या सीखने पहुंचे सीएम मोहन यादव? जानिए पूरा प्लान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mohan-yadav-katra-vaishno-devi-visit-mahakal-bhojshala-crowd-management-religious-tourism-mp-news/articleshow-sfncizo</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 18:02:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Katra News: आखिर वैष्णो देवी से क्या सीखने पहुंचे सीएम मोहन यादव? क्या महाकाल और भोजशाला की व्यवस्थाओं में होगा बड़ा बदलाव? क्यों देशभर में भेजे गए अध्ययन दल? क्या मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया मॉडल? श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर सरकार अब बड़े प्लान पर काम कर रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kssvccrczhqtrn3s7pzdf50z,imgname-mohan-yadav-katra-vaishno-devi-visit-1780057781004.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल/कटरा।&lt;/strong&gt; मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार, 29 मई को जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुंचे। यहां वे माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के साथ-साथ मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का अध्ययन करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जो धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और जनसुविधाओं की व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण करेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महाकाल और भोजशाला जैसे धार्मिक स्थलों के लिए तैयार होगा बेहतर मॉडल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कटरा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से यह अध्ययन दौरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान और भोजशाला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक प्रभावी और सुव्यवस्थित मॉडल विकसित करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला को मां वाग्देवी का मंदिर माना है। ऐसे में वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजे गए अध्ययन दल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम डॉ. यादव ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रबंधन प्रणाली को समझने के लिए राज्य सरकार ने देश के कई हिस्सों में अलग-अलग टीमों को भेजा है। इन टीमों का उद्देश्य वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मध्यप्रदेश में बेहतर मॉडल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कटरा में श्रद्धालुओं के लिए बेहद व्यवस्थित और सुगम व्यवस्था बनाई गई है, जिससे दर्शन करने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का करेंगे निरीक्षण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि यहां मंदिर प्रबंधन के अलावा विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और कई सेवा आधारित संस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सेवा प्रणाली का अध्ययन कर मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों पर भी ऐसी व्यवस्थाओं को लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;धार्मिक पर्यटन और जनसुविधाओं पर सरकार का फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आधुनिक प्रबंधन प्रणाली और बेहतर जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Chhattisgarh News: ‘नवा अंजोर विजन 2047’ से बदल जाएगी छत्तीसगढ़ की खेती और किसानों की किस्मत]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-news-nava-anjor-vision-2047-modern-farming-digital-agriculture-kisan-news-rashtriya-krishi-sammelan/articleshow-gi8ew4t</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:57:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;CG Kisan News: क्या छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रही है नई कृषि क्रांति? क्या डिजिटल तकनीक बदल देगी किसानों की किस्मत? क्या ड्रोन और स्मार्ट सिंचाई से खेती की लागत घटेगी? &lsquo;नवा अंजोर विजन 2047&rsquo; अब किसानों के लिए बड़ा बदलाव लाने वाला है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kssqmpzwmbqq6mh6jta01sym,imgname-chhattisgarh-nava-anjor-vision-2047-1780053859323.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;धान उत्पादन के लिए प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल खेती की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना &lsquo;नवा अंजोर विजन 2047&rsquo; के तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने राज्य की कृषि योजनाओं और भविष्य की रणनीति की जानकारी साझा की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;40 लाख किसान परिवारों के आर्थिक उत्थान पर सरकार का फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था अब बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। राज्य सरकार करीब 40 लाख किसान परिवारों के आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इनमें 82 प्रतिशत लघु और सीमांत किसान हैं, जबकि 31 प्रतिशत किसान अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में 76 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं तिलहन फसलों के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। खरीफ 2026 के लिए अरहर, उड़द और मूंग की खेती को क्लस्टर आधारित मॉडल पर बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित उर्वरक उपलब्ध कराना है, ताकि खेती अधिक लाभकारी बन सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक खेती से बदल रही कृषि व्यवस्था&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक, डिजिटल सिस्टम और मजबूत कृषि ढांचे से राज्य में खेती की तस्वीर बदल रही है। खरीफ 2026 के लिए पूरी तैयारी वैज्ञानिक और तकनीक आधारित मॉडल पर की जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने बताया कि किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की सिफारिश के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छोटे किसानों को एकमुश्त खाद दी जा रही है, जबकि यूरिया की कालाबाजारी रोकने और संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए बड़े किसानों को चरणबद्ध तरीके से खाद वितरण की व्यवस्था बनाई गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राज्य में डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के जरिए पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दलहन और तिलहन उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि दलहन उत्पादन में 76 प्रतिशत की वृद्धि राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। वहीं राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन और तिलहन मिशन के तहत सरसों, सोयाबीन और मूंगफली के बीज वितरण से तिलहनी फसलों का क्षेत्र 28 हजार हेक्टेयर से अधिक बढ़ा है। इसके अलावा फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित बागवानी मॉडल पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्राकृतिक खेती और सॉइल हेल्थ पर विशेष जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य में 23,050 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया जा चुका है। इसके लिए 461 क्लस्टर और 922 कृषि सखियों की मदद ली जा रही है। सॉइल हेल्थ मिशन के तहत वर्ष 2025-26 में 2.81 लाख सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए हैं। नई पीढ़ी को खेती से जोड़ने के लिए राज्य के 126 पीएम श्री स्कूलों में सॉइल टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ड्रोन तकनीक और स्मार्ट सिंचाई से घटेगी खेती की लागत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lsquo;पर ड्रॉप मोर क्रॉप&rsquo; योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। खेती की लागत कम करने के लिए ड्रोन तकनीक और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम यानी फसल, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित मॉडल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार जून-जुलाई 2026 के दौरान विशेष किसान क्रेडिट कार्ड अभियान भी चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं पीएम आशा योजना के तहत दलहन और तिलहन की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने की दिशा में काम हो रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;केंद्र सरकार से विशेष कृषि पैकेज की मांग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने सम्मेलन में केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान प्रधान राज्य है, इसलिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए अलग प्रोत्साहन नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़े उत्पादों के लिए अलग न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग भी उठाई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा उर्वरकों की समय पर आपूर्ति, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी पर विशेष अनुदान, छोटे किसानों के लिए 25 किलो की खाद की बोरियां तथा आदिवासी और वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए विशेष कृषि पैकेज की मांग भी की गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सम्मेलन में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अवसर पर संचालक कृषि राहुल देव, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी लोकेश चंद्राकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/chhattisgarh/chhattisgarh-news-nava-anjor-vision-2047-modern-farming-digital-agriculture-kisan-news-rashtriya-krishi-sammelan/articleshow-gi8ew4t"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Cockroach Found in Airport Lounge Food: रांची एयरपोर्ट के वीआईपी लाउंज में परोसा गया ‘कॉकरोच वाला खाना’! सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cockroach-found-in-food-at-ranchi-airport-lounge-passenger-shares-shocking-photos-on-facebook/articleshow-yv6ka8p</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:41:53 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ranchi Airport Lounge Food Cockroach Incident:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt; क्या एयरपोर्ट लाउंज में परोसा जा रहा खाना सुरक्षित है? क्या रांची एयरपोर्ट लाउंज में खाने में कॉकरोच मिला है? क्या भारी फीस लेने वाले वीआईपी लाउंज में साफ-सफाई सिर्फ दिखावा है? एयरपोर्ट लाउंज में खाने में कॉकरोच मिलने के मामले पर एयरपोर्ट प्रबंधन क्या कार्रवाई करेगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksspqqg17ymbcjzkn89st44d,imgname-cockroach-found-in-airport-lounge-food-1780052909569.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Cockroach Found in Lounge Food Ranchi Airport:&lt;/strong&gt; रांची एयरपोर्ट के एआईआरआर (AIRR) लाउंज की एक तस्वीर ने सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा कर दिया है। कारोबारी और यात्री सुरेश पोद्दार ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि रांची एयरपोर्ट के लाउंज में परोसे गए खाने में कॉकरोच मिला। पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीरों में चावल की प्लेट में साफ तौर पर एक कॉकरोच दिखाई दे रहा है, जिसके बाद एयरपोर्ट की खानपान व्यवस्था और साफ-सफाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सुरेश पोद्दार की ओर से शेयर फोटो में रांची एयरपोर्ट के लाउंज में उस खाने की प्लेट को साफ देखा जा सकता है, जिसमें कॉकरोच मिलने की शिकायत की गई है। शिकायत फॉर्म में पैसेंजर का नाम अपूर्वा पोद्दार है। पैसेंजर ने इसे &ldquo;Very Much Disappointing&rdquo; बताते हुए मौके पर ही फीडबैक फॉर्म भरकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई। वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि प्लेट में चावल, दाल और सब्जी परोसी गई थी, लेकिन चावल के बीच एक कॉकरोच पड़ा हुआ था। नीेचे देखें फोटो और वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फीडबैक फॉर्म में भी दर्ज कराई शिकायत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पोस्ट में साझा किए गए फीडबैक फॉर्म में अपूर्वा पोद्दार ने साफ तौर पर खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा कि इस तरह की लापरवाही एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित स्थान पर बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हो सकती। तस्वीरों में लाउंज स्टाफ भी नजर आ रहा है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिकायत तत्काल मौके पर ही की गई थी। हालांकि, अब तक एयरपोर्ट प्रबंधन या लाउंज संचालक की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों ने एयरपोर्ट प्रशासन और लाउंज प्रबंधन को जमकर घेरा। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों से भारी शुल्क लेने वाले लाउंज में अगर खाने की यह स्थिति है, तो आम यात्रियों की सुरक्षा का क्या होगा। लोगों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से मामले की जांच कराने और जिम्मेदार एजेंसी पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि रांची एयरपोर्ट प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है और यात्रियों का भरोसा दोबारा कैसे कायम करता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Twisha Sharma Case Update: CBI की 'टनल व्यू' तकनीक, ऐसे रीक्रिएट हो रहे हैं आखिरी घंटे]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cbi-uses-tunnel-view-tech-in-twisha-sharma-death-investigation/photoshow-qe9u0r1</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:09:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;ट्विशा शर्मा की मौत मामले में CBI एडवांस 'टनल व्यू' तकनीक की मदद ले रही है। 12 मई को ट्विशा भोपाल स्थित घर में मृत मिली थीं। जांच एजेंसी CCTV, फोन रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग और फॉरेंसिक मैपिंग को मिलाकर उनके आखिरी घंटों का सच जानने की कोशिश कर रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspz2zxq9r5a8q1xw1757akw,imgname-twisha-sharma-case-cbi-investigation-giribala-singh-bhopal-bail-cancel-murder-allegation-1779961003959.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;ट्विशा शर्मा की मौत मामले में CBI एडवांस 'टनल व्यू' तकनीक की मदद ले रही है। 12 मई को ट्विशा भोपाल स्थित घर में मृत मिली थीं। जांच एजेंसी CCTV, फोन रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग और फॉरेंसिक मैपिंग को मिलाकर उनके आखिरी घंटों का सच जानने की कोशिश कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व एक्टर-मॉडल ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत के मामले में 'टनल व्यू' नामक एक एडवांस डिजिटल जांच तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। 33 साल की ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनकी मौत के बाद परिवार ने पति और ससुराल वालों पर उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और हत्या के गंभीर आरोप लगाए थे। अब CBI मिनट-दर-मिनट डिजिटल रीकंस्ट्रक्शन के जरिए ट्विशा की मौत से पहले के आखिरी पलों का सच जानने में जुटी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इंडिया टुडे के सूत्रों के मुताबिक, 'टनल व्यू' तकनीक से जांच अधिकारी कई तरह के डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को एक साथ मिलाकर एक विस्तृत टाइमलाइन बनाते हैं। एजेंसी घर से जुड़े CCTV फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग, इंटरनेट एक्टिविटी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्मार्ट डिवाइस डेटा की जांच कर रही है। जांचकर्ता क्राइम सीन का एक वर्चुअल मॉडल बनाने के लिए घर के हर कमरे की मैपिंग भी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना से पहले घर में कौन-कहां गया, क्या गतिविधियां हुईं और क्या सबूतों से कोई छेड़छाड़ हुई थी। इस तकनीक का इस्तेमाल अक्सर किसी व्यक्ति के आखिरी पलों की गतिविधियों को डिजिटल रूप से रीक्रिएट करने के लिए किया जाता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI अधिकारी ट्विशा के आखिरी घंटों का विजुअल सिमुलेशन बनाने के लिए सर्विलांस फुटेज को मोबाइल एक्टिविटी और इंटरनेट इस्तेमाल से मिला रहे हैं। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि यह डिजिटल रीकंस्ट्रक्शन गवाहों के बयानों में विरोधाभास या किसी साजिश के संकेतों को उजागर करेगा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या ट्विशा की मौत के बाद क्राइम सीन से कोई छेड़छाड़ की गई थी। माना जा रहा है कि ये डिजिटल सबूत भविष्य की पूछताछ और फॉरेंसिक एनालिसिस में अहम भूमिका निभाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;नोएडा की रहने वालीं ट्विशा शर्मा ने पिछले साल दिसंबर में भोपाल के समर्थ सिंह से शादी की थी। उनकी मौत के बाद, माता-पिता ने पति और उसके परिवार पर शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सास गिरिबाला सिंह, जो एक पूर्व जिला अदालत की जज हैं, ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। ट्विशा के परिवार ने पहले अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और दिल्ली AIIMS में दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। 24 मई को दूसरी ऑटोप्सी पूरी होने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, ससुराल वालों ने सभी आरोपों से इनकार किया। उनका दावा था कि अप्रैल में अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में जानने के बाद ट्विशा परेशान हो गई थीं और कथित तौर पर इसे जारी नहीं रखना चाहती थीं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;घटना के बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह लापता हो गए थे और बाद में 22 मई को जबलपुर में सरेंडर कर दिया था। इसके तुरंत बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालिया घटनाक्रम में, CBI ने 28 मई को गिरिबाला सिंह को भी भोपाल में उनके आवास पर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी विरोधाभासों की जांच के लिए मां और बेटे दोनों को एक-दूसरे के बयानों से आमना-सामना कराने की योजना बना रही है। उनकी गिरफ्तारी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सेशन कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत रद्द करने के तुरंत बाद हुई। CBI ने इसी हफ्ते औपचारिक रूप से मामला अपने हाथ में लिया और मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR को फिर से दर्ज किया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और डिजिटल सबूतों की जांच चल रही है, ऐसे में जांचकर्ताओं का मानना है कि मामला एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। उम्मीद है कि एजेंसी आने वाले दिनों में पूछताछ तेज करेगी और यह पता लगाने के लिए फॉरेंसिक रीकंस्ट्रक्शन पर बहुत ज्यादा निर्भर करेगी कि ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात आखिर हुआ क्या था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;(एजेंसियों से इनपुट के साथ)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/cbi-uses-tunnel-view-tech-in-twisha-sharma-death-investigation/photoshow-qe9u0r1"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Hamirpur Bridge Collapse: पुल हादसे और आंधी-तूफान पर एक्शन में सीएम योगी, किया बड़ा ऐलान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/hamirpur-bridge-collapse-betwa-pul-hadsa-cm-yogi-adityanath-action-announce-compensation-appeal-to-people/articleshow-neu72ac</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 15:04:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP News: क्या हमीरपुर पुल हादसे में बढ़ सकती है कार्रवाई? आंधी-तूफान से यूपी में और बढ़ेगा खतरा? क्यों सीएम योगी ने अफसरों को युद्धस्तर पर राहत कार्य के आदेश दिए? खराब मौसम के बीच सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दे रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kssh8jyatj7ves3w88b4kp7g,imgname-hamirpur-bridge-collapse-yogi-adityanath-action-1780047170506.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ। &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे पुल के दौरान हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताते हुए मृतक श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद तत्काल उपलब्ध कराई जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;SDRF के साथ युद्धस्तर पर चलाया गया राहत और बचाव अभियान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत इसका संज्ञान लिया और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की टीमों के साथ मिलकर युद्धस्तर पर अभियान चलाया जाए ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों से कहा गया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों को साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आंधी-तूफान और बारिश से कई जिलों में भारी नुकसान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार देर रात प्रदेश के कई जिलों में आए तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का भी संज्ञान लिया। खराब मौसम के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत फील्ड में जाकर नुकसान का सर्वे करें और प्रभावित लोगों को राहत राशि जल्द जारी करें। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और हर तीन घंटे में स्थिति की अद्यतन रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर साझा होगी राहत कार्यों की जानकारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मुआवजा वितरण, राहत शिविरों, बचाव अभियान और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई जाए। इससे लोगों को सही और समय पर सूचना मिल सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/hamirpur-bridge-collapse-betwa-pul-hadsa-cm-yogi-adityanath-action-announce-compensation-appeal-to-people/articleshow-neu72ac"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सिद्धारमैया के इस्तीफे से चमकी इस 'कॉफी कंपनी' की किस्मत, शेयर बाजार भी हैरान! क्या है लिंक?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/coffee-day-shares-surge-20-percent-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-ccd-link/articleshow-eage7d1</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/coffee-day-shares-surge-20-percent-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-ccd-link/articleshow-eage7d1</guid>
            <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:36:28 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद Coffee Day शेयर 20% क्यों उछले? क्या DK Shivakumar&ndash;CCD फैमिली कनेक्शन ने बाजार में सट्टा बढ़ाया? क्या राजनीतिक बदलाव ही इस अपर सर्किट के पीछे असली कारण है? क्या निवेशकों की उम्मीदें और अफवाहें शेयरों को प्रभावित कर रही हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kssfqhpfrjd357qpkrhvr9pw,imgname-coffee-day-shares-surge-20-percent-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-ccd-link-1780045563599.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;बेंगलुरु / मुंबई। &lt;/strong&gt;भारतीय राजनीति और स्टॉक मार्केट के बीच का रिश्ता हमेशा से ही बेहद संवेदनशील रहा है, लेकिन कर्नाटक के राजनीतिक ड्रामे ने दलाल स्ट्रीट पर एक ऐसी हलचल पैदा कर दी, जिसकी कल्पना शायद ही किसी निवेशक ने की होगी। गुरुवार को जैसे ही कर्नाटक के कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने अचानक मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की, वैसे ही शेयर बाजार में 'कॉफी डे एंटरप्राइजेज' (Coffee Day Enterprises) के काउंटरों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ ही मिनटों में, कैफ़े कॉफ़ी डे (CCD) ब्रांड की पैरेंट कंपनी के शेयर 20% का अपर सर्किट छूकर फ्रीज हो गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजनीति के गलियारों में हो रहे एक इस्तीफे का असर सीधे एक मशहूर कॉफी चेन कंपनी के शेयरों पर इस कदर पड़ेगा, इसने हर किसी को हैरान कर दिया। लेकिन जब इस पूरे घटनाक्रम की परतों को खोला गया, तो इसके पीछे सत्ता की कुर्सी, एक मशहूर पारिवारिक विरासत और एक वैवाहिक गठबंधन का ऐसा ताना-बाना सामने आया, जिसने निवेशकों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;किंगमेकर से 'किंग' बनने की तैयारी: डीके शिवकुमार का बढ़ता कद&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद, कर्नाटक की सत्ता की कमान संभालने के लिए जो नाम सबसे आगे चल रहा है, वह है राज्य के उपमुख्यमंत्री और संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) का। सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे। जैसे ही यह खबर फैली, बाजार के पंडितों ने तुरंत शिवकुमार के राजनीतिक रसूख और उनके पारिवारिक संबंधों का विश्लेषण करना शुरू कर दिया। दरअसल, डीके शिवकुमार सिर्फ एक कद्दावर राजनेता ही नहीं हैं, बल्कि वे देश के सबसे अमीर और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में से एक हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना मात्र से ही उन सभी व्यावसायिक हितों को बल मिलने लगा है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके करीब माने जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'CCD' और डीके शिवकुमार: ससुर-दामाद का वह रिश्ता जिसने बदल दी बाजार की चाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आखिर सिद्धारमैया के इस्तीफे और डीके शिवकुमार के संभावित राज्याभिषेक से कॉफी डे के शेयरों में 20% का अपर सर्किट कैसे लग गया? इस सस्पेंस का जवाब दोनों परिवारों के बीच के गहरे वैवाहिक संबंधों में छिपा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पारिवारिक जुड़ाव की इनसाइड स्टोरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कॉफ़ी डे (CCD) के दिवंगत संस्थापक वीजी सिद्धार्थ (VG Siddhartha) के बेटे, अमर्त्य हेगड़े की शादी किसी और से नहीं, बल्कि डीके शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या से हुई है। इस तरह, डीके शिवकुमार और सीसीडी का मालिकाना हक रखने वाला परिवार आपस में बेहद करीबी रूप से जुड़ा हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साल 2019 में वीजी सिद्धार्थ के दुखद निधन के बाद से ही कॉफी डे ग्रुप भारी कर्ज और कानूनी और वित्तीय संकटों से जूझ रहा है। हालांकि कंपनी ने संपत्तियों को बेचकर अपने कर्ज को काफी हद तक कम किया है, लेकिन निवेशकों को हमेशा से एक मजबूत बैकअप की तलाश थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;निवेशकों का दांव: क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी चमकाएगी ब्रांड की किस्मत?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शेयर बाजार हमेशा भविष्य की संभावनाओं और कयासों पर चलता है। निवेशकों के बीच यह धारणा बन गई है कि यदि डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उनके इस सर्वोच्च राजनीतिक रसूख का अप्रत्यक्ष लाभ कॉफी डे एंटरप्राइजेज को मिल सकता है। एक शक्तिशाली मुख्यमंत्री का दामाद होने के नाते अमर्त्य हेगड़े और उनके परिवार की कंपनी को वित्तीय हलकों और कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग में एक नया आत्मविश्वास और मजबूती मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी सस्पेंस और 'पॉवर गेम' के चलते बाजार में भारी वॉल्यूम के साथ खरीदारी हुई और शेयर रॉकेट बन गए। अब देखना यह होगा कि कर्नाटक के राजभवन से शुरू हुआ यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में सीसीडी के बिजनेस को कितनी नई ऊंचाई दे पाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Rajasthan Murder: पहले पूर्व सरपंच को मारा, फिर एक-एक कर खत्म किए 3 गवाह, कुबूलनामा चौंकाने वाला]]></title>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 14:14:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या दो पत्नियों के बीच का विवाद बना 4 हत्याओं की वजह? क्या नाबालिग बेटे ने महीनों पहले रची थी खूनी साजिश? क्यों जलती स्कॉर्पियो ने खोला अजमेर हत्याकांड का डरावना राज? क्या परिवार ने मिलकर सबूत मिटाने के लिए शवों को आग लगाई?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksse5jfm5bmj7dxvbs6z0r64,imgname-rajasthan-ex-sarpanch-murder-first-wife-children-confession-ajmer-family-killing-case-1780043926004.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अजमेर।&lt;/strong&gt; राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर श्रीरामपुरा गांव के पास नेशनल हाईवे पर जब लोगों ने एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को धू-धू कर जलते देखा, तो पहली नजर में यह एक आम सड़क हादसा लगा। लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची और जलती हुई गाड़ी की आग बुझाई गई, तो उसके भीतर का मंजर देखकर अनुभवी जांचकर्ताओं के भी होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर तीन इंसानी कंकाल पूरी तरह जल चुके थे, जबकि कुछ ही दूरी पर एक खेत में दूसरी पत्नी का खून से लथपथ, गला रेता हुआ शव बरामद हुआ। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया चौहरा हत्याकांड (Quadruple Murder) था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;किस-किस की हुई हत्या?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मृतकों की पहचान श्रीरामपुरा के पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी बुजुर्ग मां पूसी देवी, उनकी दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान देवी और उनकी मासूम भतीजी महिमा चौधरी के रूप में हुई। शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल टावर डेटा, फोरेंसिक साक्ष्य और घर की दीवारों पर मिले खून के छींटों ने जल्द ही इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजस्थान: अजमेर जिले में पूर्व सरपंच समेत चार लोगों की गुरुवार सुबह छह बजे स्कार्पियो गाड़ी में जली हुई लाश मिली थी। मृतकों में पूर्व सरपंच, उसकी दूसरी पत्नी, मां व भांजी शामिल थी।पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को पूर्व सरपंच की पहली पत्नी, बेटी एवं नाबालिग बेटे ने अंजाम दिया&hellip; pic.twitter.com/ssMeakyPvr&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दो पत्नियां और एक ही छत: 'साइलेंट किलर' बन रही थी नफरत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच में सामने आया कि इस खौफनाक हत्याकांड की जड़ें उस घर के भीतर चल रहे लंबे और दमघोंटू घरेलू विवाद में छिपी थीं। पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी ने साल 2005 में सुनीता से पहली शादी की थी, जिससे उनके दो बच्चे (एक बेटी सरिता और एक नाबालिग बेटा) थे। साल 2019 में राम सिंह ने सुनीता की मर्जी के खिलाफ जाकर सूर्यज्ञान देवी से दूसरी शादी कर ली, जो जिला परिषद सदस्य थीं और कानून की पढ़ाई कर रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नाबालिग बेटे ने क्यों उठाया ऐसा खौफनाक कदम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राम सिंह अपनी दोनों पत्नियों और बच्चों के साथ एक ही छत के नीचे रहते थे। पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के अनुसार, घर के भीतर का माहौल किसी टाइम बम की तरह था। पहली पत्नी सुनीता को बंधक जैसी जिंदगी जीने पर मजबूर किया गया था। उसे घर के सारे काम करने पड़ते थे और बाहर कदम रखने की भी इजाजत नहीं थी। शराब के नशे में राम सिंह अक्सर सुनीता और बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करता था। इसी रोज-रोज के उत्पीड़न ने राम सिंह के ही नाबालिग बेटे के भीतर नफरत का एक ऐसा ज्वालामुखी पैदा कर दिया, जो आखिरकार 27 मई की काली रात को फट पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH राजस्थान: अजमेर में स्कॉर्पियो में 4 लोगों के शव मिलने पर SP हर्षवर्द्धन अग्रवाल ने बताया, &quot;सुबह ही करीब 5:30 बजे सूचना प्राप्त हुई थी की राम सिंह चौधरी श्रीरामपुरा गांव के निवासी, वे पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं। उनकी, उनकी माता, उनकी दूसरी पत्नी और उनकी भांजी की लाश एक जले&hellip; pic.twitter.com/AYY5dPKPkC&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ऑनलाइन मंगाया चाकू&hellip;फिर आधी रात काट दिया पिता का गला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पकड़े गए नाबालिग बेटे ने पूछताछ में जो कबूलनामा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। उसने बताया कि वह अपने पिता से इस कदर नफरत करने लगा था कि उसने पहले भी कई बार उन्हें मारने की नाकाम कोशिशें की थीं-कभी खाने में जहर मिलाकर तो कभी माइनिंग एरिया (खनन क्षेत्र) की पहाड़ी से नीचे धकेल कर। इस बार उसने पूरी प्लानिंग के साथ ऑनलाइन एक धारदार चाकू ऑर्डर किया था। 27 मई की शाम को राम सिंह और सुनीता के बीच फिर से तीखी बहस हुई। गुस्से में बेटे ने अपने पिता को जान से मारने की धमकी दी। रात को जब राम सिंह गहरी नींद में सो रहे थे, तब नाबालिग बेटे ने खंजर से उनका गला रेत दिया। लेकिन खौफ का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;&hellip;फिर एक-एक कर खत्म किए गवाह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चश्मदीदों को मिटाने का खूनी तांडव: &amp;gt; पिता का गला कटते ही पास सो रही दूसरी पत्नी सूर्यज्ञान की आंख खुल गई। उसने आरोपी को देख लिया। पकड़े जाने के डर से लड़के ने सूर्यज्ञान पर भी हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बगल के कमरे से राम सिंह की बुजुर्ग मां पूसी देवी और भतीजी महिमा दौड़कर आईं। खुद को फंसता देख लड़के ने अपनी मां सुनीता और बहन सरिता के साथ मिलकर, गवाहों को खत्म करने के इरादे से, उन दोनों पर भी भारी और धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#Rajasthan : Former Sarpanch Ramsingh Chaudhary , his mother and former sarpanch Pusi Devi , his wife and Zila Parishad member Surgyam Devi and Niece Mahima found burnt to death inside Scorpio car in Ajmer. All were native of Srirampur.&amp;nbsp;Earlier it was thought off as an&hellip; pic.twitter.com/B5ai0yp9na&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Amitabh Chaudhary (@MithilaWaaala) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सबूत मिटाने का खेल और एक झूठी कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चार हत्याओं को अंजाम देने के बाद सबूतों को ठिकाने लगाने का दौर शुरू हुआ। आरोपियों ने घर में खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला। राम सिंह, उनकी मां और भतीजी के शवों को घसीटकर स्कॉर्पियो गाड़ी में डाला। गाड़ी की पिछली सीटों को मोड़ दिया गया ताकि शवों को आसानी से छुपाया जा सके। इसके बाद गाड़ी को घर से 500 मीटर दूर ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया। सूर्यज्ञान का शव हड़बड़ाहट में पास के खेत में ही छूट गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगली सुबह जब पुलिस पूर्व सरपंच के घर पहुंची, तो पहली पत्नी सुनीता ने बेहद शातिराना अंदाज में कहानी गढ़ी कि राम सिंह अपनी बीमार मां को लेकर अस्पताल गए हैं। हालांकि, फोरेंसिक टीम को घर के फर्श और दीवारों पर पानी और केमिकल से धोए गए खून के हल्के धब्बे मिल गए। कड़ाई से की गई पूछताछ में नाबालिग बेटे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी नाबालिग बेटे, पहली पत्नी सुनीता और बेटी सरिता को हिरासत में ले लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Chaudhary Charan Singh Punyatithi: चौधरी चरण सिंह को नमन कर सीएम योगी ने किसानों को लेकर दिया बड़ा संदेश]]></title>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:39:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP News: UP के किसानों को फिर मिलेगा बड़ा फायदा? चौधरी चरण सिंह के सपनों को आगे बढ़ा रही है योगी सरकार? क्या गांव और खेतों से तय होगा देश का विकास? चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर भावुक दिखे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री और &lsquo;भारत रत्न&rsquo; चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विधान भवन परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने चौधरी चरण सिंह को किसानों का सच्चा हितैषी और भारत मां का महान सपूत बताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कृषि और राजस्व सुधारों में चौधरी चरण सिंह का बड़ा योगदान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और राजस्व व्यवस्था में कई बड़े सुधारों का श्रेय चौधरी चरण सिंह को जाता है। उनका मानना था कि भारत के विकास का रास्ता गांव, खेत और खलिहानों से होकर गुजरता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों को सरकार की प्राथमिकता बनाने पर दिया जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को हमेशा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना चाहिए। सरकार की योजनाएं ऐसी हों, जिनका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपने पूरे जीवन में किसानों के अधिकारों और उनकी खुशहाली के लिए संघर्ष किया। देशहित में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें &lsquo;भारत रत्न&rsquo; से सम्मानित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही यूपी सरकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार चौधरी चरण सिंह की स्मृतियों को संजोने और किसानों के हितों को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क का निर्माण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम योगी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ एक बड़े राजनेता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने समाज और देश के विकास में भी अहम भूमिका निभाई। 29 मई 1987 को उनका निधन हुआ था, लेकिन किसानों और ग्रामीण विकास को लेकर उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री केपी मलिक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान और उमेश द्विवेदी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Pune Viral Video: गर्लफ्रेंड को दुकान में घसीटा और लात-घूंसों से पीटा, वीडियो देख कांप जाएगी रूह]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pune-man-brutally-assaults-girlfriend-in-store-cctv-video-goes-viral/articleshow-9k5gxrr</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:30:58 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Pimpri-Chinchwad के मोशी इलाके में कपड़ों की दुकान के अंदर क्या हुआ था? वायरल CCTV वीडियो में आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ किस तरह की हिंसा की? पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर पाई? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं सामने आईं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kss2fz987mh05r4wv31azhgr,imgname-whatsapp-image-2026-05-29-at-9.34.09-am--1--1780031683880.jpeg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके का एक CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक शख्स कपड़ों की दुकान के अंदर अपनी गर्लफ्रेंड को बेरहमी से पीटता दिख रहा है। इस घटना ने पार्टनर की हिंसा, लोगों की चुप्पी और ऐसे कानूनी सिस्टम पर बहस छेड़ दी है, जो पीड़ित के चुप रहने पर बेबस हो जाता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह घटना 27 मई, 2026 को शाम करीब 4:47 बजे हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी को किसी बात का शक हुआ और वो सीधे कपड़ों की दुकान में घुस आया। उसने पहले लड़की का गला पकड़ा और फिर उसे बुरी तरह पीटने लगा। जब लड़की रोने लगी, तो उसने बाल पकड़कर उसे जमीन पर घसीटा। दुकान में मौजूद एक बच्चा डरकर काउंटर के नीचे छिप गया। आरोपी बच्चे को भी डराता हुआ दिखा। करीब चार मिनट तक यह मारपीट चलती रही। जब सब खत्म हुआ, तो उस शख्स ने माफी मांगते हुए लड़की के पैर पकड़ लिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ और पुलिस हरकत में आई, तो लड़की ने शिकायत दर्ज कराने से साफ इनकार कर दिया। उसने इसे अपना 'निजी मामला' बताया। इस वजह से पुलिस के पास गिरफ्तारी का कोई कानूनी आधार नहीं बचा और कोई FIR दर्ज नहीं की गई। आरोपी अब भी आजाद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;देखिए वायरल वीडियो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;This is a heinous act. He should not be spared and should be treated like this in public. This is utterly unjust, inhuman, and a perverted mentality. This person, regardless of the reason, should receive the harshest punishment. https://t.co/SJgNNBfrKQ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Param Choudhary (@Param_117) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दुकान के मालिकों ने भी बीच-बचाव नहीं किया। किसी ने भी उस वक्त पुलिस को फोन नहीं किया। जब तक वीडियो ऑनलाइन सामने नहीं आया, तब तक स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। एक व्यस्त दुकान में चार मिनट तक चले हमले पर वहां मौजूद हर वयस्क की चुप्पी अपने आप में एक सवाल है। इस वीडियो पर X पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, कुछ लोग पीड़ित को ही दोष दे रहे हैं तो कुछ अजीब सवाल पूछ रहे हैं। एक यूजर ने गुस्से में पूछा, &quot;दुकान वाले कहां थे? उन्होंने पुलिस को फोन क्यों नहीं किया?&quot; एक अन्य ने लिखा, &quot;उसे लड़की पर हाथ उठाने का हक किसने दिया?&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन कुछ लोगों ने अपना गुस्सा पीड़िता पर ही निकाला। वे पूछ रहे हैं कि उसने पलटकर जवाब क्यों नहीं दिया, वह वहां से भागी क्यों नहीं, या वह ऐसे इंसान के साथ क्यों है जो उसे सरेआम पीटता है। राज्यों की बात करें तो, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 66,381 मामले दर्ज हुए, जिसके बाद महाराष्ट्र में 47,101, राजस्थान में 45,450, पश्चिम बंगाल में 34,691 और मध्य प्रदेश में 32,342 मामले सामने आए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pune-man-brutally-assaults-girlfriend-in-store-cctv-video-goes-viral/articleshow-9k5gxrr"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bihar DElEd Admit Card 2026 Out: एडमिट कार्ड जारी, यहां है डाउनलोड लिंक, एग्जाम डेट-जरूरी गाइडलाइन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/career/bihar-deled-admit-card-2026-out-download-link-exam-date-important-guidelines-check-here/articleshow-txmlwbs</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:22:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bihar DElEd Admit Card 2026 Download Link: &lt;/strong&gt;क्या बिहार बोर्ड DElEd Admit Card 2026 जारी हो गया है? बिहार बोर्ड DElEd एडमिट कार्ड 2026 कहां से कैसे डाउनलोड करें? बिहार बोर्ड DElEd परीक्षा 2026 कब होगी? बिहार बोर्ड DElEd परीक्षा 2026 गाइडलाइन में क्या-क्या है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kss825ts3q4phmfeh3r5e3gg,imgname-bihar-deled-admit-card-2026-out-1780037523289.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bihar DElEd Admit Card 2026 Download Link and Guidelines:&lt;/strong&gt; बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने बिहार बोर्ड DElEd एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। जिन उम्मीदवारों ने डीएलएड (Diploma in Elementary Education) परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब अपना हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट bsebdeled.com से डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और यह सुविधा 22 जून 2026 तक उपलब्ध रहेगी। वहीं परीक्षा का आयोजन (Bihar DElEd Exam 2026 Date) 8 जून से 22 जून 2026 के बीच विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिहार बोर्ड DElEd एग्जाम 2026: बिना एडमिट कार्ड एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एडमिट कार्ड परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसमें उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि और शिफ्ट जैसी जरूरी जानकारी दर्ज होती है। बिना एडमिट कार्ड के किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड में दी गई सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें। यदि किसी भी प्रकार की गलती नजर आती है तो तुरंत संबंधित बोर्ड से संपर्क करना जरूरी होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bihar DElEd Admit Card 2026 कैसे डाउनलोड करें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bsebdeled.com पर जाएं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;होमपेज पर &ldquo;Bihar Board DElEd Admit Card 2026&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब नया पेज खुलेगा, जहां लॉगिन डिटेल्स दर्ज करनी होंगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जानकारी भरकर सबमिट बटन पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड दिखाई देगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसे डाउनलोड करें और प्रिंट आउट निकाल लें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bihar DElEd Admit Card 2026 Download Link&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bihar DElEd Exam Guidelines: एग्जाम डे के लिए जरूरी गाइडलाइन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिहार बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा के दिन समय से पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। उम्मीदवारों को कम से कम 1.5 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। इसके अलावा परीक्षा में केवल ये चीजें ले जाना अनिवार्य है-&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एडमिट कार्ड की प्रिंट कॉपी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकारी मान्यता प्राप्त फोटो आईडी प्रूफ।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;केवल बॉलपॉइंट पेन।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या किसी भी प्रकार की नकल सामग्री को परीक्षा केंद्र में ले जाना सख्त वर्जित है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बीच सड़क पत्नी ने पति को घसीट-घसीटकर पीटा, छतरपुर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/wife-publicly-slaps-husband-in-chhatarpur-video-goes-viral/articleshow-9d7kh95</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 11:25:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Chhatarpur में महिला ने सरेआम अपने पति की पिटाई क्यों की? सड़क पर हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान लोग क्या करते रहे? पुलिस को मौके पर क्यों बुलाना पड़ा और बाद में क्या कार्रवाई हुई? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोग किस तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksrxnp3mdprp4pvzkhf3rvt5,imgname-wife-slaps-husband-1780026628212.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मध्य प्रदेश के छतरपुर में सरेआम एक महिला के अपने पति को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यह घटना छतरपुर के आरटीओ ऑफिस के पास एक व्यस्त सड़क पर हुई, जहां आने-जाने वाले लोग बस तमाशा देखते रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान उनका छोटा बच्चा भी वहीं मौजूद था। आखिर में, वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर दोनों को थाने पहुंचाया, तब जाकर इलाके में ट्रैफिक फिर से शुरू हो पाया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कॉलर पकड़ा, घसीटा और थप्पड़ जड़े&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह वीडियो 'फ्री प्रेस मध्य प्रदेश' नाम के एक्स हैंडल से शेयर किया गया है। कैप्शन में लिखा है, &quot;महाराष्ट्र के छतरपुर में पत्नी ने सरेआम पति को पीटा। उसे घुमाकर फेंका।&quot; वीडियो में साफ दिख रहा है कि कई लोगों के सामने पत्नी अपने पति का हाथ पकड़कर उसके चेहरे पर कई बार थप्पड़ मार रही है। इस बीच दोनों में कहासुनी भी हो रही है। इस पूरे समय पति रोता हुआ और बेबस नजर आ रहा है। महिला लगातार अपने पति को थप्पड़ मारती रही, लेकिन तमाशबीन बने लोग बीच-बचाव करने के बजाय घटना का मजा लेते रहे। कुछ लोग महिला से बात करने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह किसी की नहीं सुनती। भीड़ में से कुछ लोग इस पूरी घटना का वीडियो भी बना रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Chhatarpur में सड़क पर पति-पत्नी के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने बीच सड़क पर पति की पिटाई कर दी।#ViralVideo #HighVoltageDrama #BreakingNews #MPNews #ChhatarpurNews #SocialMediaViral #LatestNews #CoupleFight pic.twitter.com/pXZz7LRHt0&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Naxatra News (@naxatraindia) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;पारिवारिक विवाद&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब दोनों का झगड़ा लंबा खिंच गया तो पास में मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें सड़क से हटने और ट्रैफिक जाम खत्म करने को कहा। लेकिन वे नहीं माने, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने 112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले गई। पूछताछ में पता चला कि दोनों आगरा से काम की तलाश में छतरपुर आए थे। पत्नी का नाम सुमन चौरसिया और पति का नाम देव चौरसिया है। पुलिस ने बताया कि सड़क पर हंगामे के वक्त उनका बच्चा भी पास में ही था और दोनों की जिद की वजह से ही विवाद इतना बढ़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कमेंट कर रहे हैं कि &quot;अब पुरुषों को भी पत्नियों से सुरक्षा की जरूरत है&quot;।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/wife-publicly-slaps-husband-in-chhatarpur-video-goes-viral/articleshow-9d7kh95"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP News: मध्यप्रदेश बना नंबर-1, रिकॉर्ड गेहूं खरीदी पर CM मोहन यादव ने दी बड़ी खुशखबरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-madhya-pradesh-wheat-procurement-record-purchase-cm-mohan-yadav-message-to-farmers-pm-modi-krishak-kalyan-varsh/articleshow-dggt5gk</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 11:09:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;MP Farmers News: क्या मध्यप्रदेश ने गेहूं खरीदी में बना दिया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड? क्या किसानों को MSP के साथ बोनस का बड़ा फायदा मिला? क्या छोटे किसानों को पहली बार सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई? आखिर क्यों CM मोहन यादव ने इसे किसान कल्याण वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया? जानिए पूरी रिपोर्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kss3rpaqmbg87xvknatjx5e4,imgname-mp-wheat-procurement-mohan-yadav-message-1780033018199.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल। &lt;/strong&gt;मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों को बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों के हित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार मध्यप्रदेश ने पूरे देश में सबसे अधिक किसानों से गेहूं खरीदकर नया रिकॉर्ड बनाया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1 करोड़ 4 लाख 31 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर सबसे ज्यादा किसानों से गेहूं खरीदने के मामले में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। साथ ही, सबसे लंबे समय तक गेहूं खरीदी व्यवस्था चलाने वाला राज्य भी मध्यप्रदेश ही रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Wheat Procurement in Madhya Pradesh: गेहूं उत्पादन में भी मजबूत स्थिति में प्रदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देश में गेहूं उत्पादन और उपार्जन की बात की जाए तो पंजाब के बाद मध्यप्रदेश का दूसरा स्थान है। प्रदेश में बड़े पैमाने पर गेहूं उत्पादन होने के बावजूद सरकार ने रिकॉर्ड खरीदी कर किसानों को राहत पहुंचाई है। उन्होंने बताया कि पहली बार राज्य सरकार ने छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को प्राथमिकता देते हुए उनकी उपज खरीदने का फैसला लिया। सरकार ने लघु किसानों से करीब 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। सीएम ने कहा कि लगभग 13 लाख 75 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया है। जिन किसानों ने पंजीयन कराया था, उनकी उपज सुरक्षित रूप से गोदामों तक पहुंच चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MSP on Wheat: किसानों को बोनस के साथ मिला बेहतर दाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कई चुनौतियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए रिकॉर्ड गेहूं खरीदी की गई है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण वर्ष के दौरान प्रदेश सरकार ने किसानों को 24 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की है। सरकार ने किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपये बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। आने वाले समय में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में और बढ़ोतरी की संभावना है तथा किसान कल्याण योजनाओं को और तेजी से लागू किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। गेहूं उपार्जन के मामले में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है।इस वर्ष लघु एवं सीमांत किसानों से प्राथमिकता के साथ गेहूं खरीदी&hellip; pic.twitter.com/gWBxD6Lpq0&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Farmer Welfare in MP: किसान कल्याण के लिए लगातार काम करेगी सरकार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन होना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और सरकार की योजनाओं के कारण मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हितों की रक्षा करती रहेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं लागू करेगी। उन्होंने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि किसान समृद्ध होंगे तो मध्यप्रदेश भी तेजी से विकास करेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-news-madhya-pradesh-wheat-procurement-record-purchase-cm-mohan-yadav-message-to-farmers-pm-modi-krishak-kalyan-varsh/articleshow-dggt5gk"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[दीदी के किले में सबसे बड़ी दरार? TMC में 11 बड़े नेताओं की बगावत से मचा हड़कंप!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tmc-crisis-mamata-banerjee-abhishek-factionalism-bengal-politics-leaders-exit-power-struggle/articleshow-btqymm1</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/tmc-crisis-mamata-banerjee-abhishek-factionalism-bengal-politics-leaders-exit-power-struggle/articleshow-btqymm1</guid>
            <pubDate>Fri, 29 May 2026 10:22:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या ममता बनर्जी की TMC अब अंदरूनी बगावत से टूटने लगी है? क्या अभिषेक बनर्जी का बढ़ता प्रभाव पुराने वफादारों को बाहर कर रहा है? क्या 11 वरिष्ठ नेताओं का संभावित दलबदल बंगाल राजनीति में बड़ा विस्फोट करेगा? क्या भ्रष्टाचार, गुटबाजी और हार ने &ldquo;दीदी के किले&rdquo; में सबसे बड़ी दरार डाल दी है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kss171y8vrjqg9b0kxjynb2b,imgname-tmc-crisis-mamata-banerjee-abhishek-factionalism-bengal-politics-leaders-exit-power-struggle-1780030343112.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TMC Controversy: &lt;/strong&gt;पश्चिम बंगाल की राजनीति में दशकों तक एकछत्र राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) आज अपने इतिहास के सबसे गंभीर दौर से गुजर रही है। कभी 'मां, माटी, मानुष' के नारे से वामपंथ के अभेद्य किले को ढहाने वाली ममता बनर्जी की पार्टी आज खुद अंदरूनी जंग और बिखराव के मुहाने पर खड़ी है। यह कमजोरी किसी बाहरी राजनीतिक विरोधी की वजह से नहीं, बल्कि पार्टी के अपने ही स्तंभों के दरकने के कारण पैदा हुई है। वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक मंचों पर हो रही तीखी बहस और इस्तीफों की झड़ी ने यह साफ कर दिया है कि तृणमूल का अंदरूनी ढांचा भीतर से खोखला हो चुका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जब वफादार ही बागी हो गए: काकोली और शांतनु का अप्रत्याशित कदम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पार्टी के भीतर लंबे समय से सुलग रही असंतोष की आग अब पूरी तरह भड़क चुकी है। लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार और कल्याण बनर्जी के बीच सार्वजनिक रूप से हुई तीखी तकरार ने पार्टी के अनुशासन की धज्जियां उड़ा दी हैं। दस्तीदार और उनके पति सुदर्शन घोष दस्तीदार, जो आंदोलन के दिनों से ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे, उनका अचानक बागी रुख अख्तियार करना टीएमसी के लिए एक बड़ा झटका है। बात यहीं नहीं रुकी; दस्तीदार की खुली असहमति के कुछ ही घंटों बाद एक और कद्दावर नेता शांतनु सेन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जब सालों पुराने लॉयल नेटवर्क के सबसे भरोसेमंद चेहरे ही बगावत पर उतर आएं, तो यह साफ है कि संकट केवल गुटबाजी का नहीं, बल्कि साख और भरोसे का है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अभिषेक बनर्जी फैक्टर ने क्यों बढ़ाई अंदरूनी बेचैनी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पार्टी के इस बिखराव के पीछे एक समानांतर सत्ता केंद्र का उभरना सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बढ़ते कद और संगठनात्मक फैसलों में उनकी मजबूत पकड़ ने पुराने और अनुभवी नेताओं को हाशिए पर धकेल दिया है। I-PAC और डेटा की राजनीति: अनुभवी नेताओं का आरोप है कि आंदोलन से उपजे संगठन को अब कॉर्पोरेट रणनीतिकार, डेटा ऑपरेटर और 'प्रेजेंटेशन की राजनीति' चलाने वाले लोग नियंत्रित कर रहे हैं। पुराने वफादारों की उपेक्षा: मुकुल रॉय, शुभेंदु अधिकारी और दिनेश त्रिवेदी जैसे कद्दावर नेताओं के जाने के बाद भी पार्टी ने सबक नहीं सीखा। जमीन पर पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं की जगह ग्लैमरस चेहरों और सोशल मीडिया स्टार्स को तरजीह दी जाने लगी, जिसने जमीनी कैडर को पूरी तरह निराश कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सत्ता का डर या भविष्य की तैयारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 11 वरिष्ठ नेता&mdash;जिनमें चार सांसद और तीन पूर्व मंत्री शामिल हैं&mdash;अब राजनीतिक विकल्प तलाश रहे हैं। कुछ नेताओं के दूसरे राजनीतिक खेमों से संपर्क की खबरें भी सामने आ रही हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी को हालिया चुनावी झटकों के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है। विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी वैचारिक संरचना रही है। पार्टी का संगठन लंबे समय तक सत्ता, प्रभाव और स्थानीय नेटवर्क पर टिका रहा। जब तक जीत मिलती रही, यह मॉडल चलता रहा। लेकिन जैसे ही हार और असंतोष सामने आया, वही ढांचा बिखरता दिखाई देने लगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;11 कद्दावर नेता और कतार में: क्या ढह जाएगा तृणमूल का साम्राज्य?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पार्टी के भीतर से आ रही खबरें बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली हैं। अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि कम से कम 11 और वरिष्ठ नेता, जिनमें 4 मौजूदा सांसद और 3 पूर्व मंत्री शामिल हैं, बहुत जल्द पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं। इनमें से कई नेता सत्ताधारी खेमे के साथ बैकचैनल बातचीत कर रहे हैं, तो कुछ सिर्फ सही राजनीतिक मौके के इंतजार में खुद को संगठन से दूर कर चुके हैं। हालिया चुनावी झटकों के बाद ममता बनर्जी के 'अजेय' होने का जो तिलस्म था, वह टूट चुका है। विचारधारा के अभाव और सिर्फ सत्ता के संरक्षण पर टिकी इस पार्टी के नेता अब खुद को सुरक्षित करने के लिए नए ठिकाने तलाश रहे हैं। क्या दीदी अपनी बिखरती हुई इस 'गुटों की फैक्ट्री' को दोबारा एकजुट कर पाएंगी, या फिर 2026 के बाद शुरू हुआ यह मंथन तृणमूल कांग्रेस के अंत की शुरुआत है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/tmc-crisis-mamata-banerjee-abhishek-factionalism-bengal-politics-leaders-exit-power-struggle/articleshow-btqymm1"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP News: यूपी पुलिस बनेगी देश की सबसे हाईटेक फोर्स,  क्या है CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा प्लान?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-police-igot-training-reform-cm-yogi-adityanath-cyber-forensic-ai-modern-policing-update-2026/articleshow-dpx0lzc</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 10:04:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP Police News: क्या यूपी पुलिस अब देश की सबसे हाईटेक फोर्स बनने जा रही है? क्या योगी सरकार AI, ड्रोन और साइबर फॉरेंसिक से पुलिसिंग बदलने वाली है? क्या मालदीव पुलिस को भी यूपी में ट्रेनिंग दी जाएगी? जानिए योगी सरकार का बड़ा मास्टर प्लान।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kss03njxshz2ddxs4n6g3ym9,imgname-up-police-igot-training-reform-1780029183581.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि बदलते दौर में पुलिसिंग अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, साइबर अपराधों की समझ, संवाद कौशल, फॉरेंसिक विशेषज्ञता और संवेदनशील व्यवहार प्रभावी पुलिसिंग की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली को पूरी तरह तकनीक आधारित, व्यवहारिक, परिणामोन्मुख और समय के अनुसार तैयार किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस देश की सबसे भरोसेमंद, अनुशासित और दक्ष पुलिस फोर्स के रूप में स्थापित हो सके।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UP Police Training System: आधुनिक तकनीक और पारदर्शिता पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो और नियमित मूल्यांकन व्यवस्था भी लागू की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिसकर्मियों को सिर्फ कानून लागू करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की भी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Police Academy Moradabad: प्रशिक्षण क्षमता 18 हजार से बढ़कर 60 हजार पार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में बताया गया कि पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के तहत पुलिस अकादमी मुरादाबाद, 11 प्रशिक्षण संस्थान, 6 पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, 2 आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग संस्थान और 62 अस्थायी व 31 स्थायी रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। 112 रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर पर एक साथ प्रशिक्षण शुरू कर पारदर्शी तरीके से अंतिम परीक्षाएं आयोजित की गईं और परिणाम भी एक साथ घोषित किए गए। प्रदेश में प्रशिक्षण क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 तक पहुंचा दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके साथ ही प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपडेट किया गया है और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बाहरी विषय विशेषज्ञों के मानक भी तय किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UP Police Training Portal: 5 हजार विशेषज्ञ प्रशिक्षक तैयार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल के जरिए प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं को डिजिटल प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 5,000 विशेषज्ञ प्रशिक्षक तैयार किए जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत iGOT पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने शानदार प्रदर्शन किया है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं और 59,02,703 कोर्स पूरे किए जा चुके हैं। 20 मार्च 2026 को यूपी पुलिस की 149 इकाइयों को iGOT पोर्टल से जोड़ा गया, जिससे जिला, वाहिनी और इकाई स्तर पर प्रशिक्षण की बेहतर निगरानी संभव हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Sadhana Week Achievement: साधना सप्ताह में यूपी पुलिस देश में नंबर-1&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में जानकारी दी गई कि 2 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सभी राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों में पहला स्थान हासिल किया। यूपी पुलिस ने अकेले 28 लाख से ज्यादा कोर्स पूरे किए, जो कई राज्यों के संयुक्त प्रदर्शन से भी ज्यादा रहा। इस दौरान 2,61,032 पुलिसकर्मियों ने 2 घंटे से अधिक और 2,16,724 कर्मियों ने 4 घंटे से ज्यादा का लर्निंग समय पूरा किया। वहीं 2,45,645 पुलिसकर्मियों ने AI आधारित कोर्स भी पूरे किए। मुख्यमंत्री ने रोल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विकसित करने के निर्देश दिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;National Defense University: पुलिस अधिकारियों को मिल रही डिग्री&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए एमओयू के तहत नवंबर 2025 में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 34 पुलिस उपाधीक्षकों को &lsquo;एमए इन पुलिस साइंस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट&rsquo; की डिग्री दी गई। वहीं मई 2026 में पुलिस अकादमी मुरादाबाद में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 47 उपनिरीक्षकों को &lsquo;पीजी डिप्लोमा इन पुलिस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट&rsquo; प्रदान किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;UP Police Recruitment Training: हजारों पुलिसकर्मियों का होगा प्रशिक्षण&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में बताया गया कि आगामी समय में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों का आधारभूत प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इसमें 4,253 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 15,131 आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस, 2,282 महिला पीएसी आरक्षी, 10,469 आरक्षी नागरिक पुलिस और 1,341 यूपीएसएसएफ आरक्षी शामिल हैं। इसके अलावा 4,500 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस और प्लाटून कमांडरों के प्रशिक्षण की भी तैयारी की जा रही है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 11 नए संवेदनशीलता मॉड्यूल जोड़े गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ATS, STF, NDRF, SDRF, RAF, यूपी-112, विमेन पावरलाइन, चाइल्डलाइन, BDS और फायर सर्विसेज जैसी एजेंसियों द्वारा ऑपरेशनल मॉक ड्रिल और विशेष कैप्सूल कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Cyber Forensic Lab: ड्रोन और साइबर फॉरेंसिक तकनीक पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस प्रशिक्षण में अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन ट्रेनिंग, साइबर फॉरेंसिक लैब, फॉरेंसिक लैब, ड्राइविंग सिम्युलेटर और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम के जरिए विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Police Behavior Training: खराब व्यवहार वाले पुलिसकर्मियों की होगी विशेष ट्रेनिंग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की असली पहचान होता है। बैठक में बताया गया कि जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत वाले 5,816 पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया गया है। इन पुलिसकर्मियों के लिए संवाद कौशल और सौम्य व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई द्वारा फरवरी 2026 में 37 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करने के लिए इम्पैक्ट असेसमेंट सिस्टम लागू किया गया है। इसमें महिला सम्मान, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, संवाद कौशल और संवेदनशील व्यवहार जैसे 18 बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Maldives Police Training: यूपी पुलिस अकादमी को मिल सकती है अंतरराष्ट्रीय पहचान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में बताया गया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी मुरादाबाद में मालदीव पुलिस सेवा के उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। यह प्रस्ताव विदेश मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है और गृह मंत्रालय के माध्यम से भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इसे भारत और पड़ोसी देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CM Yogi Instructions: पुलिस प्रशिक्षण में लगातार हो नवाचार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था में निरंतर नवाचार, जवाबदेही और आधुनिक तकनीकों का समावेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को हर चुनौती का सामना अधिक दक्षता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल क्षमता के साथ करने के लिए तैयार किया जाए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[MP Wheat Procurement: मोहन यादव सरकार ने रचा इतिहास, 13 लाख किसानों से रिकॉर्ड गेहूं खरीदी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-wheat-procurement-record-2026-msp-purchase-cm-mohan-yadav-government-farmers-payment-news/articleshow-31uh03l</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 09:52:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;MP News: क्या 13 लाख किसानों को मिला सबसे बड़ा फायदा? क्या मोहन यादव सरकार ने MSP पर बनाया नया रिकॉर्ड? क्या किसानों के खातों में पहुंच गए 23 हजार करोड़ रुपये? जानिए कैसे 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी कर एमपी बना देश में चर्चा का केंद्र।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksryh2qyff55yh9c81jmzetz,imgname-mp-wheat-procurement-record-purchase-1780027525886.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल।&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस वर्ष गेहूं खरीदी के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रदेश में तय लक्ष्य 100 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 104 लाख 22 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी की गई। यह उपलब्धि राज्य की कृषि व्यवस्था और किसानों के हित में किए गए प्रभावी प्रबंधन को दर्शाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पहले प्रदेश को 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया। प्रदेश ने इस संशोधित लक्ष्य को भी पार कर नया कीर्तिमान बना दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MSP Wheat Procurement: 13 लाख से ज्यादा किसानों से खरीदी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 13 लाख 41 हजार 266 किसानों से गेहूं खरीदा है। इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश किसानों से गेहूं खरीदी करने वाला देश का नंबर-1 राज्य बन गया है। वहीं कुल गेहूं उपार्जन के मामले में प्रदेश पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। कोविड-19 अवधि को छोड़ दें तो पिछले 10 वर्षों में यह समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मध्यप्रदेश ने किसानों से गेहूं खरीदी में पूरे देश में नया इतिहास रचा है।13 लाख 46 हजार से अधिक किसानों से रिकॉर्ड गेहूं खरीदी कर प्रदेश ने अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है। विशेष संतोष इस बात का है कि पहली बार लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 34 लाख मीट्रिक टन&hellip; pic.twitter.com/U4x9PNIxGo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Small Farmers Benefit: लघु और सीमांत किसानों को मिला प्राथमिकता लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया में लघु और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी। प्रदेश के 8 लाख 9 हजार 990 छोटे एवं सीमांत किसानों से 32 लाख 14 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं कई खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही किसानों से बातचीत कर भुगतान और खरीदी व्यवस्था की जानकारी भी ली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Wheat Procurement Payment: किसानों को 23 हजार करोड़ से ज्यादा भुगतान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश सरकार ने किसानों को खरीदे गए गेहूं का अब तक 23,708.13 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया है। वहीं खरीदे गए गेहूं में से 96 लाख 52 हजार 957 मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन भी पूरा किया जा चुका है, जो कुल उपार्जन का लगभग 93 प्रतिशत है। इस वर्ष किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा गया। इसके अलावा राज्य सरकार ने 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया। इस तरह किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर मिली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;MP Division Wise Wheat Procurement: संभागवार गेहूं खरीदी के आंकड़े&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश के विभिन्न संभागों में गेहूं खरीदी के आंकड़े भी सामने आए हैं। भोपाल संभाग सबसे आगे रहा, जहां 28 लाख 47 हजार 284 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रीवा संभाग: 6 लाख 15 हजार 851 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जबलपुर संभाग: 12 लाख 73 हजार 667 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शहडोल संभाग: 70 हजार 666 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सागर संभाग: 8 लाख 56 हजार 968 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;भोपाल संभाग: 28 लाख 47 हजार 284 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नर्मदापुरम संभाग: 9 लाख 22 हजार 508 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उज्जैन संभाग: 22 लाख 84 हजार 47 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इंदौर संभाग: 8 लाख 62 हजार 719 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ग्वालियर संभाग: 4 लाख 36 हजार 805 मीट्रिक टन&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चंबल संभाग: 2 लाख 40 हजार 581 मीट्रिक टन&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;Wheat Procurement Facilities: खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर इंतजाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं कीं। हर केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तौल कांटे लगाने का अधिकार जिलों को दिया गया। तौल पर्ची जारी करने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। वहीं देयक जारी करने की प्रक्रिया भी रात 12 बजे तक जारी रखी गई। खरीदी कार्य सप्ताह में 6 दिन संचालित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;किसानों के लिए केंद्रों पर पीने के पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा बारदाना, तौल कांटे, हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, गुणवत्ता जांच उपकरण, पंखे और छन्ने जैसी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/mp-wheat-procurement-record-2026-msp-purchase-cm-mohan-yadav-government-farmers-payment-news/articleshow-31uh03l"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[योगी सरकार का बड़ा दावा: 8 साल में लाखों किसानों को मिला करोड़ों का सीधा भुगतान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/yogi-government-claims-major-boost-for-farmers-through-record-wheat-and-paddy-procurement-in-up/articleshow-al79iad</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 21:20:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UP Farmer Scheme&lt;/strong&gt;: योगी सरकार के अनुसार गेहूं और धान खरीद से कितने किसानों को लाभ मिला? किसानों के लिए खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने क्या बदलाव किए? MSP पर फसल खरीद और सीधे भुगतान से किसानों को क्या फायदा हो रहा है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksqmdqve44w6na6bjdnw66hb,imgname-yogi-government-claims-major-boost-for-farmers-through-record-wheat-and-paddy-procurement-in-up-1779983376238.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में किसानों को लेकर सरकार की नीतियां लगातार चर्चा में रहती हैं। कभी न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर बहस होती है तो कभी फसल खरीद व्यवस्था को लेकर सवाल उठते हैं। इसी बीच योगी सरकार ने ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जो यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि प्रदेश में किसानों के लिए खरीद व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत और पारदर्शी बनाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खाद्य तथा रसद विभाग के मुताबिक, रबी विपणन वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक राज्य में गेहूं खरीद अभियान के जरिए 51 लाख से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिला है। सरकार का दावा है कि इस दौरान किसानों के खातों में 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजी गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गेहूं खरीद में 51 लाख किसानों को फायदा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में गेहूं खरीद अभियान को बड़े स्तर पर संचालित किया गया। इस दौरान प्रदेशभर में 5,837 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 51,70,117 किसानों से गेहूं खरीदा गया। इसके बदले किसानों को 45,935.46 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। खाद्य एवं रसद विभाग का कहना है कि पूरी खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया, जिससे किसानों की बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;अब कोयले से चलेगा भारत? सरकार के बड़े प्लान से क्या सस्ता होगा पेट्रोल और गैस?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;धान खरीद में बना बड़ा रिकॉर्ड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश सरकार ने धान खरीद को लेकर भी बड़े आंकड़े जारी किए हैं। विभाग के मुताबिक, वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक धान खरीद के जरिए 80,39,539 किसानों को लाभ पहुंचाया गया। इन किसानों को कुल 1,03,694.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। सरकार का दावा है कि भुगतान प्रक्रिया को सीधे बैंक खातों से जोड़ा गया, जिससे किसानों को समय पर पैसा मिल सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भुगतान समय पर हो और खरीद केंद्रों की संख्या पर्याप्त रहे, तो किसानों का सरकारी खरीद व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ज्वार और बाजरा खरीद पर भी फोकस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरकार ने सिर्फ गेहूं और धान तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अन्य फसलों की खरीद को भी बढ़ावा देने की बात कही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 और 2025-26 के दौरान ज्वार खरीद से 26,972 किसानों को लाभ मिला। इसके बदले सरकार ने 363.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया। वहीं बाजरा खरीद से 1,48,718 किसानों को फायदा पहुंचा और उन्हें लगभग 1,854 करोड़ रुपये की राशि दी गई। इन आंकड़ों को सरकार किसानों के बीच बढ़ते भरोसे और खरीद व्यवस्था की मजबूती के तौर पर पेश कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;योगी सरकार की रणनीति क्या है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सीधे मिले और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इसी रणनीति के तहत ऑनलाइन पंजीकरण, डिजिटल भुगतान और खरीद केंद्रों के विस्तार पर जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि राज्य में किसानों से जुड़ी योजनाएं हमेशा राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अहम रहती हैं। ऐसे में सरकार के लिए खरीद व्यवस्था को प्रभावी दिखाना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किसानों के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अक्सर समय पर भुगतान और उचित कीमत की होती है। अगर सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत रहती है, तो किसानों को बाजार की अनिश्चितता से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ खरीद बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यह भी जरूरी है कि भुगतान समय पर हो और खरीद प्रक्रिया आसान बनी रहे। उत्तर प्रदेश सरकार के ताजा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में भी राज्य सरकार कृषि खरीद व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता में बनाए रखना चाहती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, क्या अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[BIG BREAKING: हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, रेस्क्यू जारी]]></title>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 08:47:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का भारी-भरकम स्लैब वाकई सिर्फ 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश के कारण ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया? क्या निर्माण स्थल पर उनके सोने के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी? क्या SDRF और जेसीबी (JCB) की टीमें समय रहते उन्हें इस कंक्रीट के खौफनाक जाल से जिंदा बाहर निकाल पाएंगी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksrvs0166y63k0q5majy4ena,imgname-hamirpur-under-construction-bridge-slab-collapse-betwa-river-laborers-dead-1780024639526.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hamirpur Bridge Collapse: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कँपा देने वाला वाकया सामने आया है। यहां बेतवा नदी पर बन रहे एक बड़े निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम स्लैब अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया। यह भयानक हादसा शुक्रवार तड़के करीब 2 से 3 बजे के बीच हुआ, जब पूरा इलाका गहरी नींद में सोया हुआ था। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक 6 मज़दूरों की मौत की अधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य ज़िंदगियाँ अब भी मलबे के नीचे दबी हुई हैं। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब ढहा, 6 मजदूरों की हुई दर्दनाक मौतरात करीब 3 बजे बारिश और तेज आंधी के दौरान हुआ हादसा, कई मजदूर स्लैब के नीचे सो रहे थे।SDRF और प्रशासन की टीम मौके पर राहत-बचाव कार्य में जुटी।मृतकों में बांदा और हमीरपुर जनपद के मजदूर&hellip; pic.twitter.com/l8lL4uSXO3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Siddharatha Pratap Singh (@siddhartha9945) May 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात का सन्नाटा और अचानक आया 'मौत का बवंडर'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चश्मदीदों और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, शुक्रवार की रात सब कुछ सामान्य था। बेतवा नदी के तट पर चल रहे इस पुल निर्माण कार्य से जुड़े मज़दूर दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद पुल के निचले हिस्से में ही आराम कर रहे थे। तभी अचानक मौसम ने खौफनाक करवट ली। मौसम विभाग की मानें तो आधी रात के बाद हमीरपुर और आसपास के इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी चली और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। कोई कुछ समझ पाता या अपनी जान बचाने के लिए भाग पाता, उससे पहले ही कंक्रीट का एक विशालकाय स्लैब सीधे सोते हुए मज़दूरों पर काल बनकर गिर गया। चीखने-चिल्लाने का मौका भी नहीं मिला और पलक झपकते ही कई ज़िंदगियाँ मलबे के ढेर में दफ़्न हो गईं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यूपी:हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब भरभराकर गिर पड़ा,जिसमें दबने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, ये पुल बेतवा नदी पर बन रहा था, अभी कई मजदूरों के दबे होने की आशंका हैमौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है,JCB से मलबा हटाया जा रहा है, SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है pic.twitter.com/ASeWIyYNUP&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Mukesh Rajput Journalist (@Mukeshk92294988) May 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मलबे के नीचे सांसों की जंग: आधी रात से जारी है खौफनाक रेस्क्यू ऑपरेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे की खबर मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) और जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) को बुलाया गया। तड़के सुबह से ही मलबे को हटाने के लिए कई जेसीबी (JCB) मशीनें लगातार काम कर रही हैं। कंक्रीट और सरियों के उस खौफनाक मलबे के नीचे से अब तक 6 शवों को बाहर निकाला जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि कम से कम 6 और मज़दूरों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की गंभीर आशंका है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, मलबे के नीचे दबे लोगों की सांसों की जंग और भी चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। अपनों को तलाशते परिजनों की चीखें बेतवा नदी के किनारों पर गूँज रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी से कुरारा के नैठी व कंडौर गांव के बीच निर्माणाधीन लगभग एक किमी लंबे पुल का एक हिस्सा (स्लैब) गुरुवार रात में लगभग तीन बजे ढहने से मलबे में दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई है।#accident #betwa #hamirpur #upnews pic.twitter.com/o412XumTLd&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; SANJAY TRIPATHI (@sanjayjourno) May 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कुदरत का कहर या लापरवाही का बड़ा खेल? उठ रहे हैं गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक तरफ प्रत्यक्षदर्शी और स्थानीय लोग इसे तेज आंधी और आसमानी आफ़त का नतीजा बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आंधी-बारिश से एक बड़े पुल का निर्माणाधीन स्लैब इस तरह पूरी तरह ज़मींदोज़ नहीं हो सकता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या इस पुल के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;क्या मौसम के इस बदले मिजाज़ के बीच मज़दूरों की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही बरती गई? फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकालने पर है, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया है कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जाँच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IMD Weather Forecast: कहीं 44°C की भीषण गर्मी कहीं तेज आंधी-बारिश, जानें दिल्ली-UP से MP, बिहार-झारखंड तक मौसम का हाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/imd-weather-forecast-delhi-up-mp-cg-bihar-jharkhand-rain-thunderstorm-heatwave-alert-29-may-2026/articleshow-33c6tad</link>
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            <pubDate>Fri, 29 May 2026 06:00:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Weather Forecast Today: &lt;/strong&gt;29 मई को मौसम कैसा रहेगा? कहां पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी? किन राज्यों में आंधी-बारिश और थंडरस्टॉर्म का अलर्ट है? दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, एमपी और छत्तीसगढ़ में आज कैसा रहेगा मौसम? आपके शहर में हीटवेव से राहत मिलेगी या परेशानी बढ़ेगी?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Weather Update 29 May 2026: &lt;/strong&gt;मई के आखिरी कुछ दिनों में एक तरफ उत्तर भारत के कई शहरों में तेज गर्मी और उमस लोगों को बेहाल कर रही है, तो दूसरी तरफ बारिश, थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार 29 मई 2026 को दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी। वहीं कुछ शहर अब भी हीटवेव की चपेट में रहेंगे। सबसे ज्यादा गर्म शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के अछनेरा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान 42 से 43 डिग्री के आसपास बना रहेगा, जबकि छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग में भी भीषण गर्मी जारी रहेगी। हालांकि कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तापमान को कुछ हद तक नीचे लाएंगी। जानिए IMD के अनुसार आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के प्रमुख शहरों में मौसम का हाल।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast Delhi: दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम, कब आएगी आंधी-बारिश?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 29 मई को मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश के साथ तेज थंडरस्टॉर्म आ सकता है। IMD ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। दिल्लीवालों को पिछले कई दिनों की झुलसाने वाली गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast UP: यूपी में मौसम का बड़ा बदलाव, कई शहरों में येलो-अलर्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में 29 मई को मौसम सबसे ज्यादा एक्टिव रहने वाला है। आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली और लखनऊ समेत कई शहरों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी है। आगरा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक रहेगा, लेकिन इसके साथ ओलावृष्टि और 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी आने की संभावना है। कानपुर और बरेली में भी तेज थंडरस्टॉर्म और भारी बारिश जैसी स्थिति बन सकती है। बरेली में तो भारी बारिश और तेज हवाओं का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ में तापमान 34 डिग्री के आसपास रहेगा और दिनभर बादल छाए रहने के साथ बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं। प्रयागराज में गर्मी अभी भी परेशान करेगी, जहां पारा 43 डिग्री तक पहुंच सकता है, लेकिन शाम तक तेज हवाओं और बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast Bihar: बिहार में उमस भरी गर्मी के बीच बारिश के संकेत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिहार के पटना, आरा, बक्सर और औरंगाबाद में मौसम मिला-जुला रहने वाला है। पटना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और नमी 79 फीसदी तक पहुंच सकती है, जिससे उमस काफी बढ़ेगी। औरंगाबाद में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं आरा और बक्सर में हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है। हालांकि यहां हीटवेव जैसी स्थिति नहीं बनेगी, लेकिन उमस लोगों को परेशान करेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast Jharkhand: झारखंड में लगातार एक्टिव रहेगा थंडरस्टॉर्म सिस्टम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;झारखंड के रांची, चतरा और डाल्टनगंज में 29 मई को तेज आंधी और बारिश का असर बना रहेगा। रांची में तापमान 35 डिग्री तक रहेगा, लेकिन 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। चतरा और डालटनगंज में भी बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और मोबाइल चार्जिंग या खुले स्थानों से बचने की सलाह दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast MP: मध्य प्रदेश में अभी जारी रहेगी लू जैसी गर्मी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में 29 मई को गर्मी का असर बना रहेगा। भोपाल में तापमान 42 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री और उज्जैन-इंदौर में 41-42 डिग्री तक रहने का अनुमान है। हालांकि 30 मई के बाद कई शहरों में बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में 2 से 4 डिग्री की गिरावट संभव है। फिलहाल दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने की जरूरत होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गर्म रहेगा रायपुर-दुर्ग&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग 29 मई को सबसे ज्यादा गर्म शहरों में शामिल रहेंगे। रायपुर में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और दुर्ग में भी 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। दुर्ग में थंडरस्टॉर्म और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जगदलपुर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रदेश में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तेज गर्मी और बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में कम निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। जहां थंडरस्टॉर्म का अलर्ट है वहां खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवाओं के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर कम करें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;IMD Weather Forecast: आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IMD के मुताबिक 30 मई से 2 जून के बीच उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर धीरे-धीरे कम होगा, लेकिन कई शहरों में पारा अब भी 40 डिग्री के आसपास बना रह सकता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/imd-weather-forecast-delhi-up-mp-cg-bihar-jharkhand-rain-thunderstorm-heatwave-alert-29-may-2026/articleshow-33c6tad"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[CM मोहन यादव ने फिर दिखाई सादगी, गाड़ियों का काफिला छोड़ बस से पहुंचे उज्जैन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-bus-journey-indore-to-ujjain-mitvyayata-message-mp-politics/articleshow-wfbieiz</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 19:55:58 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;CM Mohan Yadav Bus Journey:&lt;/strong&gt; मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर से उज्जैन तक बस से यात्रा क्यों की? CM मोहन यादव की इस पहल को मितव्ययता और सादगी का संदेश क्यों माना जा रहा है? क्या VIP कल्चर को लेकर मुख्यमंत्री का यह कदम बड़ा राजनीतिक संदेश है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksqfky08qkpm24ba45naxx4g,imgname-cm-mohan-yadav-bus-journey-indore-to-ujjain-mitvyayata-message-mp-politics-1779978336264.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;राजनीति में अक्सर बड़े काफिले, सुरक्षा घेरा और प्रोटोकॉल चर्चा का विषय बनते हैं। लेकिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार एक अलग कार्यशैली की मिसाल पेश कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने फिर ऐसा कदम उठाया, जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक का ध्यान खींच लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से उज्जैन तक की यात्रा सरकारी काफिले की बजाय बस से की। उनके साथ मंत्री, सांसद और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का यह कदम सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि सादगी, मितव्ययता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का सार्वजनिक संदेश माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;काफिला छोड़ बस से की यात्रा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;28 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर से उज्जैन जाने के दौरान अपना पारंपरिक काफिला छोड़ दिया। उन्होंने एक सामान्य बस से सफर किया, जिसमें मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी उनके साथ शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययता और संसाधनों के संतुलित उपयोग की अपील की है। उसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने स्वयं बस से यात्रा करने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने कहा, &ldquo;आज मैं स्वयं लोकल वाहन से इंदौर से उज्जैन जा रहा हूं। हम सभी प्रयास कर रहे हैं कि वैश्विक संकट के इस दौर में संसाधनों का मितव्ययता से उपयोग हो। यही समय की जरूरत है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;अब एक और देश के साथ जंग शुरू करने वाले हैं ट्रंप! किस ओर जा रहा है अमेरिका?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रशासन में नई कार्य संस्कृति स्थापित करने की कोशिश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉ. मोहन यादव पिछले कुछ समय से प्रशासनिक खर्चों में संयम और सादगीपूर्ण कार्यशैली को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह कदम आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है। सरकारी स्तर पर ईंधन बचत, अनावश्यक खर्चों में कमी और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का बस से सफर करना प्रतीकात्मक रूप से बड़ा संदेश माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिंगरौली दौरे में भी दिखी थी सादगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री ने इस तरह की पहल की हो। इससे पहले सिंगरौली दौरे के दौरान भी उन्होंने टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल तक यात्रा की थी। उस समय भी उनके साथ लंबा काफिला नहीं था। मुख्यमंत्री ने तब कहा था कि किसी जनप्रतिनिधि की पहचान उसके प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता के प्रेम और सेवा से होती है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जनता को भी दिया संदेश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने लोगों से भी अपील की कि वे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करें। उनका कहना था कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन और सरकारी संसाधनों की बचत बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की पहल लगातार जारी रहती है, तो इससे सरकारी खर्चों में कमी के साथ-साथ जनता में भी जागरूकता बढ़ सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है यह पहल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय राजनीति में वीआईपी कल्चर को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में किसी मुख्यमंत्री का सार्वजनिक रूप से काफिला छोड़ बस में सफर करना आमतौर पर देखने को नहीं मिलता। यही वजह है कि डॉ. मोहन यादव की यह यात्रा सिर्फ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है। खासकर ऐसे समय में, जब सरकारें खर्चों में संतुलन और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की बात कर रही हैं। मुख्यमंत्री की यह पहल आने वाले समय में प्रदेश की राजनीतिक संस्कृति में बदलाव की दिशा में एक संकेत मानी जा सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;अब कोयले से चलेगा भारत? सरकार के बड़े प्लान से क्या सस्ता होगा पेट्रोल और गैस?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा मौत केस में CBI का सबसे बड़ा एक्शन!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/cbi-arrests-former-judge-giribala-singh-in-model-twisha-sharma-death-case/articleshow-u3pwogz</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 19:11:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने किसे गिरफ्तार किया है? ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की मुलाकात कब और कैसे हुई थी? ट्विशा के परिवार ने ससुराल वालों पर कौन-कौन से गंभीर आरोप लगाए हैं? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर क्या अहम बातें सामने आईं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksq9raeb6cy6rbyywvhna79a,imgname-twisha-sharma-1779972188619.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;भोपाल:&lt;/strong&gt; मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने उनकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद गुरुवार सुबह CBI की टीम ने यह कार्रवाई की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;CBI की टीम भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन में गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। वहां कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आपको बता दें कि 12 मई को ट्विशा शर्मा भोपाल में अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की मुलाकात हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। लेकिन शादी के सिर्फ पांच महीने बाद ही 12 मई को नोएडा की रहने वाली 33 साल की ट्विशा की लाश उनके पति के घर पर मिली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्विशा की मां रेखा शर्मा समेत परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। ट्विशा के अपनी मां को भेजे गए वॉट्सऐप मैसेज भी सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह इस शादी में फंस गई हैं। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिवार का यह भी आरोप है कि ट्विशा के ससुराल वाले उन पर दहेज के लिए दबाव बना रहे थे, उन्हें पीटा गया और जबरन उनका गर्भपात भी कराया गया। पुलिस ने भी पुष्टि की थी कि ट्विशा के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मारपीट के निशान और मौत से एक हफ्ते पहले गर्भपात होने के सबूत मिले थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्विशा की मौत के दो दिन बाद, 15 मई को भोपाल की एक सेशंस कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी। समर्थ सिंह फिलहाल CBI की हिरासत में है। CBI ने इसी हफ्ते मध्य प्रदेश पुलिस से इस केस को अपने हाथ में लिया है। राज्य पुलिस की FIR को CBI ने फिर से दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Weather Delhi: दिल्ली वालों को गर्मी से राहत! शाम से बदला मौसम, तेज आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/delhi-ncr-weather-update-evening-thunderstorm-rain-orange-alert-imd-forecast-flight-delay-heatwave-relief/articleshow-q11sblr</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 18:49:11 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Delhi Weather: &lt;/strong&gt;दिल्ली में आज शाम कितनी तेज आंधी और बारिश की संभावना है? दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी से कितनी और कब तक राहत मिलेगी? IMD की ओर से दिल्ली के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट क्या है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksqbh8mycvh7xv2m7ey147te,imgname-imd-delhi-weather-28-may-2026-1779974054558.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Delhi Weather:&lt;/strong&gt; दिल्ली-एनसीआर में कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आज शाम से मौसम राहत देने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी में बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार शाम से ही मौसम बदलने के संकेत मिलने लगे हैं और अगले तीन दिनों तक दिल्ली का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहेगा। हालांकि दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चल सकती है। कुछ इलाकों में बिजली चमकने और धूल भरी आंधी की भी आशंका है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी, कितनी गंभीर है स्थिति?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली के लिए IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में शुरू हुई थंडरस्टॉर्म गतिविधियां शाम तक दिल्ली-एनसीआर पहुंच सकती हैं और रातभर असर दिखा सकती हैं। स्काइमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, शुक्रवार को बारिश और आंधी का असर और ज्यादा बढ़ सकता है। यह सिस्टम 30 मई तक एक्टिव रह सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Red NowcastWarningIntense thunderstorms activity over several parts of South Harayana, adjoining Delhi &amp;amp; entire NCR likely to get affected due to strong winds reaching upto 80kmph accompanied with hail and duststorm pic.twitter.com/ceGa2F4ImG&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; India Meteorological Department (@Indiametdept) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;7 डिग्री तक गिर सकता है तापमान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली वालों के लिए सबसे बड़ी राहत तापमान में गिरावट होगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 29 मई से अधिकतम तापमान अचानक गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री तक आ सकता है। 30 और 31 मई को भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। यानी भीषण लू से परेशान लोगों को अगले कुछ दिन राहत मिल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली-एनसीआर में कब होगी सबसे ज्यादा बारिश?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार, शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फ्लाइट्स पर भी असर, SpiceJet ने जारी किया अपडेट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है। एयरलाइन SpiceJet ने कहा है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर खराब मौसम की वजह से उड़ानों के आने-जाने में देरी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WeatherUpdate: Due to bad weather in Delhi (DEL), all departures/arrivals and their consequential flights may be affected. Passengers are requested to keep a check on their flight status via https://t.co/2wynECZugy.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; SpiceJet (@flyspicejet) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;h2&gt;अचानक क्यों बदला दिल्ली का &amp;nbsp;मौसम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और पूर्वी हवाओं की वजह से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव हो रहा है। इसी कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली वालों के लिए राहत भरे अगले 3 दिन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पिछले कई दिनों से 45 डिग्री तक पहुंच रहे तापमान ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया था। लेकिन अब आने वाले तीन दिन राहत भरे रहने वाले हैं। हालांकि तेज आंधी और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Sports College Admission 2026: 518 सीटों के लिए 2600 आवेदन, युवाओं में खेल करियर का बढ़ा क्रेज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-sports-college-admission-2026-record-2600-applications/articleshow-kobu0xi</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 18:05:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Sports College Admission UP: &lt;/strong&gt;उत्तर प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में एडमिशन 2026 के लिए रिकॉर्ड 2600 आवेदन मिले हैं। योगी सरकार की खेल नीति, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और आधुनिक सुविधाओं से युवाओं का खेलों की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है। जानिए पूरी डिटेल।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksq970314c6hkms2ymnvezb3,imgname-up-sports-college-admission-2026-1779971620961.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;यूपी स्पोर्ट्स कॉलेज एडमिशन 2026:&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार की खेलोन्मुख नीतियों और आधुनिक सुविधाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सत्र 2026-27 में प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस बार प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों की कुल 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन किया है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इससे साफ है कि प्रदेश के युवा अब खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बेहतर करियर के रूप में भी देखने लगे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पिछले साल की तुलना में बढ़े आवेदन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस वर्ष करीब 2600 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पिछले साल यह संख्या लगभग 1800 थी। आवेदन में हुई इस बड़ी बढ़ोतरी से सरकारी खेल संस्थानों के प्रति युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मेरिट और प्रदर्शन आधारित चयन प्रक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित बनाया गया है। प्रारंभिक चयन परीक्षा 100 अंकों की रखी गई थी। इसमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक स्किल एवं गेम टेस्ट के लिए निर्धारित किए गए। दोनों परीक्षाओं में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3 से 6 जून तक होगी मुख्य चयन परीक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मुख्य चयन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। लखनऊ और कानपुर मंडल में पिछले साल 264 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस बार 393 खिलाड़ियों ने भाग लिया। मुख्य चयन परीक्षा 3-4 जून और 5-6 जून को आयोजित होगी। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जैविक आयु जांच और काउंसलिंग प्रक्रिया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच कराई जाएगी। यह प्रक्रिया अभिभावकों की सहमति से पूरी होगी। इसके बाद प्रमाणपत्र सत्यापन और काउंसलिंग के जरिए सीट आवंटन किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले सत्र में आवेदन संख्या को 3 से 4 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-sports-college-admission-2026-record-2600-applications/articleshow-kobu0xi"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Sultan Goat: नाम 'सुल्तान'-वजन 200 किलो, कीमत 8 लाख! कूलर की हवा खाता है ये बकरा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/indore-bakrid-market-star-sultan-goat-priced-at-8-lakhs/articleshow-8bcsayr</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/indore-bakrid-market-star-sultan-goat-priced-at-8-lakhs/articleshow-8bcsayr</guid>
            <pubDate>Thu, 28 May 2026 17:19:44 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;इंदौर के वायरल बकरे &lsquo;सुल्तान&rsquo; की नस्ल और वजन कितना बताया गया है? सुल्तान की खास डाइट और लग्जरी सुविधाओं में क्या-क्या शामिल है? &lsquo;गोलू लाला&rsquo; नाम के बकरे की देखभाल को लेकर उसकी मालकिन ने क्या जानकारी दी? बकरीद के मौके पर इन बकरों को लेकर सोशल मीडिया पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspy4g3j68pptc33ndgvqqzx,imgname-bakrid-special-sultan-1779960004721.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ब&lt;/strong&gt;करीद को लेकर बाजारों में भारी भीड़ है। गोवध पर पाबंदी और गोरक्षकों की सख्ती के चलते बकरे के मांस की मांग बढ़ गई है। इसी बीच, इंदौर का एक बकरा सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच रहा है। इसका नाम 'सुल्तान' है और यह बकरी पालक मोईन खान का है। सुल्तान पंजाबी बीटल नस्ल का है और इसका वजन 200 किलोग्राम है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'सुल्तान'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;'सुल्तान' कोई मामूली बकरा नहीं है। वह शाही जिंदगी जीता है। पीने के लिए दूध, खाने के लिए ड्राई फ्रूट्स और रहने के लिए कूलर जैसी सुविधाएं उसे मिली हुई हैं। इसी 'लग्जरी' देखभाल ने सुल्तान को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। एक और मशहूर बकरा 'गोलू लाला' भी अपने शाही रहन-सहन की वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है। मालिकों का कहना है कि इस साल बकरीद पर दोनों बकरों की कुर्बानी दी जाएगी।&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;डिगियाना न्यूज़ नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड (@digiananews) द्वारा साझा की गई एक पोस्ट&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुल्तान पंजाबी बीटल नस्ल का है। इसका वजन 200 किलो से ज्यादा और ऊंचाई करीब 48 इंच है। इसके मालिक गुलजार कॉलोनी के मोईन खान हैं। मोईन खान बताते हैं कि वह एक साल पहले सुल्तान को पंजाब से लाए थे। इसे लाने में दो दिन लगे और 1,000 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। मोईन का कहना है कि उन्होंने सुल्तान को परिवार के सदस्य की तरह पाला है और उसकी खास देखभाल की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सुल्तान की एक दिन की डाइट में 2 लीटर दूध, 250 ग्राम सूखे मेवे और करीब 10 किलो पत्तियां शामिल हैं। गर्मी से बचाने के लिए उसके लिए एक खास कूलर भी लगाया गया है। उसे पीने के लिए ठंडा पानी और छाछ दी जाती है। सुल्तान का अपना एक कमरा भी है। जैसे-जैसे उसकी शोहरत बढ़ी, उसकी कीमत 8 लाख रुपए तक पहुंच गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूर-दूर से लोग सुल्तान को एक नजर देखने के लिए आ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h3&gt;&lt;strong&gt;'गोलू लाला'&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;&lt;p&gt;इंदौर के बकरीद बाजार में 'गोलू लाला' नाम का एक और बकरा भी काफी मशहूर हो रहा है। उसकी मालकिन फातिमा बताती हैं कि उन्होंने गोलू लाला को एक साल पहले खरीदा था। उसे भी परिवार के सदस्य की तरह ही पाला गया है। गोलू लाला का अपना बिस्तर है और वह सुबह के नाश्ते में पारले-जी बिस्किट खाता है। इसके बाद, घरवाले जो भी खाते हैं, उसका एक हिस्सा उसे भी दिया जाता है। गोलू लाला की डाइट में बादाम, काजू और दूध भी शामिल हैं। गर्मी में उसे राहत देने के लिए एक खास कूलर भी लगाया गया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/indore-bakrid-market-star-sultan-goat-priced-at-8-lakhs/articleshow-8bcsayr"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मथुरा में भयानक बवाल, भंडारे को लेकर 2 पक्षों में चली ताबड़तोड़ गोलियां, कई घायल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/violent-clashes-rock-mathura-two-factions-exchange-rapid-gunfire-over-community-feast/videoshow-qr5np53</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 17:00:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;मथुरा के महोली गांव में भंडारे को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। पत्थरबाजी और फायरिंग में कई लोग घायल हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू में लेकर जांच शुरू कर दी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://geo.dailymotion.com/player/x1tbu.html?video=xabhu3s" medium="video" height="768" width="1024"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मथुरा के हाईवे क्षेत्र में महोली गांव में गुरुवार को जमकर बवाल सामने आया। यहां भंडारे के आयोजन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। पहले दोनों पक्षों में ईंट-पत्थर चले फिर फायरिंग भी की गई। मामले में आधार दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। प्रकरण में आगे की जांच पड़ताल पुलिस के द्वारा की जा रही है। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे हुए हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Gaurav Shukla</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/violent-clashes-rock-mathura-two-factions-exchange-rapid-gunfire-over-community-feast/videoshow-qr5np53"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, क्या अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कमान?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/karnataka-cm-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-next-chief-minister-congress-crisis/articleshow-ugi9ipx</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:55:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karnataka CM Siddaramaiah Resignation:&lt;/strong&gt; आखिर सिद्धारमैया ने अचानक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया? क्या डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं? नेतृत्व परिवर्तन के बाद कर्नाटक कांग्रेस में क्या बदलने वाला है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksq59qw8n0wgqmenmrjnd7pr,imgname-karnataka-cm-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-next-chief-minister-congress-crisis-1779967516552.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद उठाया गया यह कदम राज्य की सत्ता में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक इस राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा तेज है। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर महीनों से चल रही हलचल अब खुलकर सामने आ चुकी है। सिद्धारमैया के इस्तीफे के साथ ही यह सवाल और बड़ा हो गया है कि आखिर अब कर्नाटक की कमान किसके हाथ में जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इस्तीफे के बाद क्या बोले सिद्धारमैया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक अंदाज में कहा कि संविधान ही उनका धर्म है और जनता उनके लिए भगवान के समान है। उन्होंने कहा, &ldquo;मुझे कन्नड़नाडु के 7 करोड़ लोगों से बात करने और दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला। इसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का आभार व्यक्त करता हूं।&rdquo; सिद्धारमैया ने यह भी साफ किया कि उनके इस्तीफे के बावजूद कांग्रेस सरकार पूरी तरह स्थिर है और बहुमत में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास 135+1 सीटें हैं और दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;अब कोयले से चलेगा भारत? सरकार के बड़े प्लान से क्या सस्ता होगा पेट्रोल और गैस?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lsquo;कावेरी&rsquo; आवास पर हुई अहम बैठक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास &lsquo;कावेरी&rsquo; पर कांग्रेस नेताओं की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है जिसमें डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया को सम्मान देते नजर आए। इसे सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में एचके पाटिल, प्रियांक खड़गे, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल और रामलिंगा रेड्डी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इससे साफ संकेत मिला कि कांग्रेस नेतृत्व बदलाव को लेकर पूरी तैयारी में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या डीके शिवकुमार होंगे अगले मुख्यमंत्री?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद सबसे मजबूत दावेदार के रूप में डीके शिवकुमार का नाम सामने आ रहा है। उनके समर्थकों ने बेंगलुरु स्थित आवास के बाहर मिठाइयां बांटकर खुशी भी जाहिर की। डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी। हालांकि कांग्रेस हाईकमान की तरफ से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। माना जा रहा है कि दिल्ली में अंतिम चर्चा के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रियांक खड़गे को लेकर भी बढ़ी चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रियांक खड़गे का नाम भी सुर्खियों में आ गया है। कलबुर्गी में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विशेष पूजा कर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उठाई। प्रियांक खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं और पार्टी के युवा चेहरों में उनकी पहचान लगातार मजबूत हुई है। ऐसे में अगर कांग्रेस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करती है, तो उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है, लेकिन अभी औपचारिक स्वीकृति मिलना बाकी है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत यात्रा पर हैं और बेंगलुरु लौटने के बाद आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सिद्धारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करना और नए मुख्यमंत्री को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती क्या?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस ने कर्नाटक में हाल ही में अपने शासन के तीन साल पूरे किए हैं। ऐसे समय में नेतृत्व परिवर्तन पार्टी के लिए राजनीतिक अवसर भी है और चुनौती भी। एक तरफ पार्टी नई ऊर्जा और संतुलन के साथ सरकार चलाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सत्ता परिवर्तन से संगठन में असंतोष न बढ़े। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बदलाव सुचारू तरीके से होता है, तो कांग्रेस 2028 विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत स्थिति बना सकती है। लेकिन किसी भी तरह की अंदरूनी खींचतान विपक्ष को बड़ा मुद्दा दे सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कर्नाटक की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिद्धारमैया का इस्तीफा सिर्फ एक मुख्यमंत्री का पद छोड़ना नहीं, बल्कि कर्नाटक कांग्रेस की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि कांग्रेस इस बदलाव को कितनी मजबूती से संभाल पाती है और क्या डीके शिवकुमार वाकई कर्नाटक की सत्ता के नए चेहरे बनने जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;अब एक और देश के साथ जंग शुरू करने वाले हैं ट्रंप! किस ओर जा रहा है अमेरिका?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/karnataka-cm-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-next-chief-minister-congress-crisis/articleshow-ugi9ipx"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Viral Video: केरल 9/10, यूपी 0/10… विदेशी महिला ट्रैवलर के सेफ्टी रिपोर्ट कार्ड से छिड़ी बहस]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/viral-video-foreign-woman-traveller-ranks-safest-and-most-unsafe-states-in-india-for-women/articleshow-9vyh7ip</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/viral-video-foreign-woman-traveller-ranks-safest-and-most-unsafe-states-in-india-for-women/articleshow-9vyh7ip</guid>
            <pubDate>Thu, 28 May 2026 16:55:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Viral Video, Foreign Woman Traveller Ranks Safest States and Most Unsafe States India:&lt;/strong&gt;भारत का सबसे सुरक्षित राज्य कौन सा है? भारत का सबसे असुरक्षित राज्य कौन सा है? क्या भारत महिलाओं के लिए सुरक्षित है? विदेशी महिला ट्रैवलर ने केरल को सबसे सेफ और उत्तर प्रदेश को सबसे अनसेफ क्यों बताया?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksq4jp053kw0k1jrahe6s4jr,imgname-viral-video-foreign-woman-traveller-ranks-indian-states-1779966760964.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Viral Video Foreign Woman Traveller Ranks Indian States: &lt;/strong&gt;भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन इस बार चर्चा की वजह बनी हैं न्यूयॉर्क से भारत आकर रहने वाली ट्रांस वुमन और कंटेंट क्रिएटर केन्ना काला (Kenna Kala)। पिछले एक साल से भारत के अलग-अलग राज्यों में सोलो ट्रैवल कर रहीं केन्ना काला ने एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। &lsquo;Ranking how safe I felt as a woman in India by state&rsquo; टाइटल वाले इस वीडियो में उन्होंने अपने निजी अनुभवों के आधार पर अलग-अलग राज्यों को सेफ्टी स्कोर दिए। किसी राज्य को 0/10 तो किसी को 9/10। खास बात यह रही कि केन्ना काला ने भारत को एक सिंगल एक्सपीरियंस मानने से इनकार करते हुए कहा कि देश का हर राज्य महिलाओं के लिए अलग माहौल और अनुभव देता है। उनका यह वीडियो अब लाखों बार देखा जा चुका है और सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर खुलकर अपनी राय दे रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;उत्तर प्रदेश को दिया सबसे खराब स्कोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केन्ना काला ने उत्तर प्रदेश को 0/10 रेटिंग दी। उन्होंने दावा किया कि प्रयागराज के एक मंदिर में उनके साथ छेड़छाड़ हुई थी। इसी अनुभव को याद करते हुए उन्होंने राज्य को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित बताया। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे एक व्यक्तिगत अनुभव कहकर पूरे राज्य की छवि से जोड़ने का विरोध किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली पर बोलीं- &lsquo;क्या मुझे समझाने की जरूरत है?&rsquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;देश की राजधानी दिल्ली को केन्ना काला ने 1/10 रेटिंग दी। वीडियो में उन्होंने कहा, &ldquo;Do I have to explain?&rdquo; दरअसल, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली की छवि पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। यही वजह है कि उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने सहमति जताई। हालांकि कुछ यूजर्स ने कहा कि दिल्ली में सुरक्षा को लेकर कई सुधार हुए हैं और एक शहर को सिर्फ उसके पुराने टैग से नहीं आंकना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राजस्थान पसंद आया, लेकिन सुरक्षा पर सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केन्ना काला ने राजस्थान को 5/10 स्कोर दिया। उन्होंने माना कि उन्हें यह राज्य बेहद पसंद है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने इसे पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना। उनकी इस टिप्पणी ने पर्यटन और महिला सुरक्षा को लेकर फिर बहस शुरू कर दी। क्योंकि राजस्थान विदेशी टूरिस्ट्स के बीच भारत के सबसे लोकप्रिय राज्यों में गिना जाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गोवा और वेस्ट बंगाल को 6/10&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गोवा को केन्ना काला ने 6/10 दिया। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने कहा कि वहां उन्हें आम लोगों से ज्यादा पुलिस से डर महसूस हुआ। वहीं वेस्ट बंगाल के लिए उन्होंने कहा कि वह रात में अकेले बाहर निकलना पसंद नहीं करेंगी। इसके बावजूद उन्होंने राज्य को औसत से बेहतर स्कोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;साउथ इंडिया ने जीता दिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो का सबसे बड़ा पॉजिटिव हिस्सा साउथ इंडिया को लेकर रहा। तमिलनाडु को केन्ना काला ने 7/10 दिया। हालांकि पांडिचेरी में उनके साथ एक असहज घटना हुई, लेकिन फिर भी उन्होंने कहा कि यहां उन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित महसूस हुआ। कर्नाटक को 8/10 देते हुए उन्होंने कहा, &ldquo;I love it here so much.&rdquo; लेकिन सबसे ज्यादा तारीफ केरल की हुई। केन्ना काला ने केरल को 9/10 देते हुए कहा कि यह शायद भारत का सबसे सुरक्षित राज्य है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर छिड़ गई North vs South बहस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर North India और South India की तुलना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने लिखा, &ldquo;Again South India saved the whole country.&rdquo; कुछ लोगों ने कहा कि South India में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक व्यवहार अपेक्षाकृत बेहतर है। वहीं कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि विदेशी ट्रैवलर अक्सर सिर्फ दिल्ली, यूपी या राजस्थान जैसे राज्यों में ही क्यों जाते हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्त्राखंड जैसे शांत राज्यों को नजरअंदाज कर देते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Kenna &zwj;♂️ (@kenna.kala)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों खास है केन्ना काला का नजरिया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केन्ना काला सिर्फ एक विदेशी ट्रैवलर नहीं हैं, बल्कि एक ट्रांस वुमन भी हैं। ऐसे में उनका अनुभव सामान्य ट्रैवल कंटेंट से अलग माना जा रहा है। उन्होंने भारत को पूरी तरह सुरक्षित या पूरी तरह असुरक्षित कहने की बजाय यह दिखाने की कोशिश की कि यहां हर राज्य का सामाजिक माहौल अलग है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/viral-video-foreign-woman-traveller-ranks-safest-and-most-unsafe-states-in-india-for-women/articleshow-9vyh7ip"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Rajasthan Viral Desi Fridge: भीषण गर्मी में वायरल हुआ राजस्थान का देसी फ्रिज, बिना बिजली पानी बर्फ जैसा ठंडा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-viral-desi-fridge-without-electricity-keeps-water-cold-in-extreme-heat-watch-video/articleshow-64a1opx</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-viral-desi-fridge-without-electricity-keeps-water-cold-in-extreme-heat-watch-video/articleshow-64a1opx</guid>
            <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:42:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rajasthan Viral Desi Fridge Without Electricity:&lt;/strong&gt; भीषण गर्मी में बिना बिजली और बिना फ्रिज पानी कैसे ठंडा रखें? बिना बिजली पानी ठंडा रखने का देसी तरीका क्या है? क्या बिना बिजली भी पानी बर्फ जैसा ठंडा रह सकता है? क्या है राजस्थान का वायरल &lsquo;देसी फ्रिज&rsquo;? आखिर कैसे काम करता है ये पारंपरिक वाटर कूलिंग सिस्टम?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksq0x9b0vmv9x7n8eqmsw7h5,imgname-rajasthan-viral-desi-fridge-without-electricity-1779962914144.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Rajasthan Viral Desi Fridge Video: &lt;/strong&gt;देशभर में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री के पार जारी है। ऐसे में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पुराने देसी तरीकों की ओर लौटते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच राजस्थान का एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग &ldquo;बिना बिजली वाला देसी फ्रिज&rdquo; कह रहे हैं। यह वीडियो खासतौर पर इसलिए लोगों का ध्यान खींच रहा है क्योंकि इसमें बेहद साधारण और कम खर्च वाले तरीके से पानी को ठंडा करते हुए दिखाया गया है। सोशल मीडिया यूजर्स इस देसी तकनीक को देखकर हैरान हैं और पुराने समय के लोगों की समझदारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है वायरल वीडियो में दिख रहा देसी कूलिंग सिस्टम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वायरल क्लिप में एक मिट्टी के घर के अंदर बनाया गया पारंपरिक वाटर कूलिंग सिस्टम दिखाई देता है। इसमें एक लंबा पाइप लगा है, जिसके चारों तरफ मोटी रस्सीनुमा कपड़े की परत लपेटी गई है। यह उस तरह का कपड़ा माना जा रहा है, जिसे गांवों में पानी की मटकी या बोतलों को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पाइप के ऊपरी हिस्से में पानी डालने की जगह बनाई गई है, जबकि नीचे एक छोटा नल लगा हुआ है, जहां से ठंडा पानी निकाला जाता है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक, कपड़े की परत हमेशा गीली रखी जाती है। गर्म हवा जब गीले कपड़े से गुजरती है तो पानी का तापमान प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है। यही वजह है कि बिना बिजली के भी पानी काफी ठंडा महसूस होता है। नीचे देखें वीडियो-&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Ganesh Lakhara (@glrajasthani)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे काम करता है ये नेचुरल फ्रिज?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह तकनीक पूरी तरह इवैपोरेशन कूलिंग यानी वाष्पीकरण आधारित कूलिंग सिस्टम पर काम करती है। यही सिद्धांत पुराने समय में मिट्टी की मटकी, सुराही और खस के पर्दों में इस्तेमाल होता था। जब गीले कपड़े से पानी धीरे-धीरे वाष्पित होता है, तब आसपास की गर्मी को अपने साथ खींच लेता है। इससे पाइप के अंदर मौजूद पानी का तापमान कम हो जाता है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में बिजली की जरूरत नहीं पड़ती। विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान जैसे शुष्क और रेगिस्तानी इलाकों में यह तकनीक ज्यादा असरदार होती है क्योंकि वहां हवा में नमी कम होती है और पानी तेजी से वाष्पित होता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दावा- 1950 से इस्तेमाल हो रही है पानी ठंडा करने की ये तकनीक&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर वायरल कई पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राजस्थान के गांवों में इस तरह की तकनीक 1950 के दशक से इस्तेमाल की जा रही है। बिजली और फ्रिज आम घरों तक पहुंचने से पहले लोग इसी तरह प्राकृतिक तरीकों से पानी ठंडा रखते थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गांवों में मटकी, सुराही और पारंपरिक कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल दशकों से होता आया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;View this post on Instagram&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;p&gt;A post shared by Ganesh Lakhara (@glrajasthani)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स लगातार इस देसी जुगाड़ की तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि पुराने जमाने के लोग सच में साइंटिस्ट थे, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे भारत का असली इको-फ्रेंडली फ्रिज बताया। एक यूजर ने कमेंट किया, आज भी गांवों में ऐसी तकनीकें बिजली से ज्यादा भरोसेमंद हैं। वहीं एक और यूजर ने लिखा, महंगे फ्रिज से बेहतर है ये देसी तरीका, कम खर्च और नेचुरल कूलिंग।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज भी क्यों जरूरी हैं ऐसे देसी तरीके?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी बिजली की समस्या बनी रहती है। ऐसे में कम लागत वाले पारंपरिक कूलिंग सिस्टम लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। बढ़ती गर्मी और बिजली की खपत के बीच यह वायरल वीडियो लोगों को पुराने भारतीय ज्ञान और देसी जुगाड़ की याद दिला रहा है। गर्मी के इस मौसम में राजस्थान का यह &lsquo;देसी फ्रिज&rsquo; सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि पुराने समय में लोग प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर कैसे मुश्किल मौसम का सामना करते थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/rajasthan-viral-desi-fridge-without-electricity-keeps-water-cold-in-extreme-heat-watch-video/articleshow-64a1opx"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Twisha Sharma Case: पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, गिरफ्तारी की उल्टी गिनती शुरू!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/twisha-sharma-case-cbi-investigation-giribala-singh-bhopal-bail-cancel-murder-allegation/articleshow-o8igeod</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 15:09:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी तय है, जब CBI उनके भोपाल घर पहुंच चुकी है? क्या ट्विशा शर्मा केस में WhatsApp चैट्स और 7 चोटें बड़े राज़ खोलेंगी? क्या हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम ज़मानत रद्द होना जांच को नई दिशा दे रहा है? क्या सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप पूर्व जज को कानूनी घेरे में ला देंगे?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspz2zxq9r5a8q1xw1757akw,imgname-twisha-sharma-case-cbi-investigation-giribala-singh-bhopal-bail-cancel-murder-allegation-1779961003959.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Twisha Sharma Case Update: &lt;/strong&gt;मध्य प्रदेश के न्यायिक और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गुरुवार को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी (CBI) की एक विशेष टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह के भोपाल स्थित आलीशान बंगले पर धमक पड़ी। यह हाई-वोल्टेज ड्रामा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा उनकी बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के महज कुछ ही घंटों बाद शुरू हुआ। हाई कोर्ट के वेकेशन जज जस्टिस देवनारायण मिश्रा ने अपने 17 पन्नों के कड़े आदेश में सेशंस कोर्ट द्वारा पूर्व जज को दी गई सुरक्षा की ढाल को पूरी तरह से उखाड़ फेंका। जैसे ही कानूनी ढाल हटी, वैसे ही पूर्व महिला जज की गिरफ्तारी की अटकलें और सस्पेंस चरम पर पहुंच गया है। क्या एक पूर्व जज को सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7 गहरे जख्म और WhatsApp चैट्स: क्या बंद कमरों में घोंटा गया ट्विशा का दम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस खौफनाक मामले की शिकार ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं, जिनकी शादी 19 दिसंबर, 2025 को पूर्व जज के वकील बेटे समर्थ सिंह से हुई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शादी के महज कुछ ही महीनों बाद, 12 मई को भोपाल में ससुराल के बंद कमरे में ट्विशा की लाश फंदे से लटकी मिली।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;इस मामले में सस्पेंस और वीभत्सता तब बढ़ गई जब मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने हाई कोर्ट के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;AIIMS भोपाल की रिपोर्ट का खुलासा&lt;/strong&gt;: ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले के 7 गंभीर चोटों के निशान (Antemortem Injuries) मिले हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये चोटें फंदे से लाश उतारते वक्त नहीं लग सकती थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;गर्भपात का खूनी दबाव: &lt;/strong&gt;आरोप है कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद पति और सास ने उसके चरित्र पर शक किया और उसे जबरन अबॉर्शन (गर्भपात) कराने के लिए मजबूर किया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;क्रूर WhatsApp चैट्स:&lt;/strong&gt; मृतका के मोबाइल से मिले मैसेजेस साफ बयां करते हैं कि ससुराल के अंदर उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किस कदर किया जा रहा था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Twisha Sharma death case | A CBI team is present at the residence of Giribala Singh, mother-in-law of Twisha, in Bhopal, Madhya Pradesh. pic.twitter.com/mskxC0hjb2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सबूतों से खिलवाड़ और 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' का दुस्साहस: पूर्व जज ने चली न्यायिक चाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अदालत में अभियोजन पक्ष और ट्विशा के परिवार के वकीलों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वकीलों का दावा है कि गिरिबाला सिंह ने अपनी पुरानी न्यायिक सेवा के अनुभव और रसूख का इस्तेमाल करके न केवल 'क्राइम सीन' (घटनास्थल) के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि सबूतों को भी प्रभावित करने की कोशिश की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सनसनी तब और फैल गई जब यह बात सामने आई कि 15 मई को भोपाल के 10वें अतिरिक्त सेशंस जज से चालाकी से अग्रिम जमानत पाने के बाद, पूर्व जज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आरोप है कि उन्होंने मृतका ट्विशा की छवि को खराब करने और जनता को गुमराह करने के लिए पुलिस द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज के चुनिंदा हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल करवा दिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हाई कोर्ट ने इस चालाकी और जांच में असहयोग को बेहद गंभीरता से लिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Twisha Sharma dowry death case: Female sleuths of CBI at Giribala Singh's house in Bhopal. A CBI vehicle enters the house, the ex judge likely to be taken into custody. @NewIndianXpress @santwana99 @jayanthjacob pic.twitter.com/J9jUjFAi2M&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Anuraag Singh (@anuraag_niebpl) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट का वो एक आदेश: और CBI के शिकंजे में तड़प उठा रसूखदार परिवार!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह के अनुसार &quot;हाई कोर्ट ने आरोपी के रसूख, चोटों की गंभीरता और जांच में लगातार किए गए असहयोग को देखते हुए जमानत रद्द की है। अब यह पूरी तरह CBI को तय करना है कि वे इस पूर्व जज को कब और कैसे कस्टडी में लेते हैं।&quot; इस मामले में कानूनी मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने कई अदालतों में उलझी इस कार्यवाही को देखते हुए सीधे CBI को जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दिया। CBI ने केस डायरी मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की FIR को री-रजिस्टर किया और एक्शन मोड में आ गई। ट्विशा का पति समर्थ सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे CBI की रिमांड पर है और अपने गुनाहों के पन्ने खोल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Twisha Sharma death case | Twisha's mother-in-law, Giribala Singh, was spotted feeding a stray ANI reporter outside her residence in Bhopal.The reporter feeds live reports to Smita Prakash. pic.twitter.com/hEKmY98Ptx&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; रामखेलावन (@ramkhelawan0033) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या सलाखों के पीछे गुजरेंगी रातें? पुख्ता हो रही है गिरफ्तारी की स्क्रिप्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरुवार की दोपहर जब CBI की टीम पूर्व जज के भोपाल स्थित आवास पर पूछताछ के लिए दाखिल हुई, तो पड़ोसियों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक सन्नाटा पसर गया। सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में गिरिबाला सिंह से तीखे सवाल-जवाब किए गए हैं। जांचकर्ता अब इस बात पर अंतिम मंथन कर रहे हैं कि दहेज उत्पीड़न, हत्या की आशंका और सबूत मिटाने के इस उलझे हुए जाल को सुलझाने के लिए पूर्व जज को हिरासत में लेना कितना जरूरी है। कानूनी जानकारों की मानें तो, हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी अब सिर्फ चंद घंटों का सस्पेंस बनकर रह गई है!&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/twisha-sharma-case-cbi-investigation-giribala-singh-bhopal-bail-cancel-murder-allegation/articleshow-o8igeod"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bharat Taxi: 100% कमाई ड्राइवरों को, गुजरात से शुरू हुई देश की नई डिजिटल क्रांति]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/indian-state-news/bharat-taxi-driver-owned-cooperative-app-gujarat-zero-commission-cab-service-digital-revolution/articleshow-u7rqd6y</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 14:47:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Bharat Taxi News: क्या भारत टैक्सी बदल देगी देश का कैब मॉडल? क्या अब टैक्सी ड्राइवर ही बनेंगे मालिक? आखिर कैसे जीरो कमीशन से बढ़ रही सारथियों की कमाई? गुजरात से शुरू हुई यह डिजिटल सहकारिता क्रांति अब पूरे देश में कितनी तेजी से फैल रही है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspxwxeb2bfhcdnb9evksxv5,imgname-bharat-taxi-driver-owned-cooperative-app-1779959756235.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;गांधीनगर।&lt;/strong&gt; जब भी &lsquo;सहकारिता&rsquo; की बात होती है, तो सबसे पहले अमूल जैसी सफल डेयरी क्रांति का उदाहरण सामने आता है। लेकिन अब गुजरात की सड़कों पर एक नई डिजिटल सहकारिता क्रांति तेजी से आकार ले रही है, जिसका नाम है &lsquo;भारत टैक्सी&rsquo;। यह केवल एक कैब बुकिंग ऐप नहीं, बल्कि ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसने हजारों ड्राइवरों को सिर्फ कर्मचारी नहीं, बल्कि इस पूरी व्यवस्था का मालिक बना दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के &lsquo;सहकार से समृद्धि&rsquo; विजन को आगे बढ़ाने वाली इस पहल का शुभारंभ 5 फरवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। लॉन्च के बाद से ही यह मॉडल देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसमें तकनीक और सहकारिता को जोड़कर ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bharat Taxi Cooperative Model: ड्राइवर-ओन्ड प्लेटफॉर्म से बदल रही सारथियों की जिंदगी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी के चेयरमैन और अमूल के एमडी जयेन मेहता के मुताबिक, यह मॉडल पारंपरिक एग्रीगेटर कंपनियों से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म में राइड से होने वाली 100 फीसदी कमाई सीधे ड्राइवरों तक पहुंचती है और किसी तरह का कमीशन नहीं काटा जाता। उनके अनुसार&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी दुनिया का सबसे बड़ा मोबिलिटी कोऑपरेटिव बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे सारथियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और सहकारिता मॉडल को नई पहचान मिल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Zero Commission Bharat Taxi: कमीशन खत्म, अब ड्राइवरों को मिल रही पूरी कमाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोबिलिटी सेक्टर में लंबे समय से ड्राइवरों की सबसे बड़ी परेशानी भारी कमीशन और अनिश्चित आमदनी रही है। निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल में बड़ी राशि कमीशन के रूप में कट जाती थी, जिससे ड्राइवरों की आय प्रभावित होती थी। लेकिन भारत टैक्सी ने इस व्यवस्था को बदल दिया है। यहां ड्राइवर ही इस कोऑपरेटिव के हिस्सेदार हैं। यही वजह है कि इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद कई सारथियों की मासिक आय में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार ला रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Driver Income Growth: सारथियों ने बताया कैसे बदली कमाई और भविष्य&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवर प्रवीण ठाकोर का कहना है कि अन्य प्लेटफॉर्म्स पर काम करना अब पहले जितना फायदेमंद नहीं रह गया था। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी से जुड़ने के बाद उन्हें बेहतर किराया और तेज रिस्पॉन्स मिल रहा है। प्रवीण ठाकोर के मुताबिक, &ldquo;इस मॉडल में ड्राइवर सम्मान के साथ काम कर सकते हैं और अच्छी कमाई करके अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Dynamic Pricing से राहत: यात्रियों को मिल रहा सस्ता और पारदर्शी किराया&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी केवल ड्राइवरों के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि यात्रियों को भी इससे सीधा लाभ मिल रहा है। निजी कैब कंपनियों में अक्सर &lsquo;डायनेमिक प्राइसिंग&rsquo; की वजह से किराया अचानक बढ़ जाता है, जिससे यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। इसके उलट भारत टैक्सी ने किराया व्यवस्था को पारदर्शी और स्थिर रखा है। यही कारण है कि यात्रियों को औसतन 15 फीसदी तक कम किराया देना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Passenger Benefits in Bharat Taxi: यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए फायदेमंद मॉडल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ड्राइवर जनक बारोट बताते हैं कि इस प्लेटफॉर्म में कोई कमीशन नहीं लिया जाता और भुगतान सीधे ड्राइवरों के खाते में आता है। उन्होंने कहा, &ldquo;यहां हम खुद को मालिक महसूस करते हैं। दूसरी कंपनियों में जहां किराया करीब 30 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच जाता है, वहीं भारत टैक्सी पर यात्रियों को 17-18 रुपये प्रति किलोमीटर के किफायती रेट मिल रहे हैं। भविष्य में पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलने की उम्मीद है।&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bharat Taxi Expansion: 6 लाख से ज्यादा सारथी और 35 लाख ऐप डाउनलोड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। गुजरात में लगभग 1 लाख और देशभर में 6 लाख से अधिक ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। वहीं ऐप डाउनलोड्स का आंकड़ा 35 लाख के पार पहुंच चुका है। अहमदाबाद और सूरत में अच्छी सफलता मिलने के बाद अब कंपनी वडोदरा में भी अपने संचालन का विस्तार करने की तैयारी में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gujarat Mobility Platform: BTL रणनीति से सीधे लोगों तक पहुंच रही कंपनी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कंपनी अपने विस्तार के लिए &lsquo;बिलो द लाइन&rsquo; यानी BTL रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत आईटी पार्क, एयरपोर्ट, बड़ी हाउसिंग सोसायटी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीधे लोगों से संपर्क किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत टैक्सी को सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ा जन-केंद्रित ब्रांड बनाना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Bharat Taxi Registration Process: आसान प्रक्रिया से तेजी से जुड़ रहे नए ड्राइवर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के अनुसार, लोगों को यह बात काफी पसंद आ रही है कि यह पूरी तरह भारतीय सहकारिता मॉडल पर आधारित कंपनी है और इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता। उन्होंने बताया कि ऐप पर दस्तावेज अपलोड करने के करीब 12 घंटे के भीतर ड्राइवरों को अप्रूवल मिल जाता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Gujarat Police SOS Integration: सुरक्षा और तकनीक का मजबूत मेल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत टैक्सी ने यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुजरात पुलिस के साथ सीधा SOS इंटीग्रेशन भी शुरू किया है। जरूरत पड़ने पर यह फीचर तुरंत सहायता उपलब्ध कराने में मदद करता है। इसके अलावा सोमनाथ और द्वारकाधीश जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए विशेष रूट कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से यात्रा सुविधा मिल रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Integrated Transit System: मेट्रो, GSRTC और एयरपोर्ट से जुड़ी सेवाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य में सफर को आसान बनाने के लिए भारत टैक्सी ने मेट्रो, GSRTC और एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ इंटीग्रेटेड ट्रांजिट सिस्टम विकसित किया है। इससे यात्रियों को एक ही नेटवर्क के जरिए अलग-अलग परिवहन सेवाओं का लाभ मिल रहा है। सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब तक 10 हजार से अधिक ड्राइवरों को डिजिटल लिटरेसी और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इस तरह भारत टैक्सी गुजरात से शुरू हुई एक ऐसी डिजिटल सहकारिता क्रांति बनकर उभर रही है, जो ड्राइवरों को मालिकाना हक देने के साथ यात्रियों को भी सस्ती, सुरक्षित और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/indian-state-news/bharat-taxi-driver-owned-cooperative-app-gujarat-zero-commission-cab-service-digital-revolution/articleshow-u7rqd6y"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पटना में आखिर कैसे 14 लोगों से भरी नाव गंगा में डूब गई, इन 5 सवालों में दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/patna-boat-accident-7-drown-5-missing-as-boat-overturns-in-ganga-river-near/articleshow-173g8ow</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:41:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Patna Boat Accident : क्या पटना के उमानाथ गंगा घाट पर बिना रजिस्ट्रेशन चल रही थीं नावें? &amp;nbsp;आखिर कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा? इस भयानक हादसे के कौन कौन जिम्मेदार? क्या नाव चलाने की अनुमति सरकार या प्रशासन से ली थी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspk9p4awr6g64ad1apnafkv,imgname-untitled-design---2026-05-28t113946.958-1779948640393.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bihar River Accident :&lt;/strong&gt; गुरुवार सुबह पटना के बाढ़ इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां उमानाथ गंगा घाट से दियारा की ओर जा रही एक नाव गंगा नदी में पलट गई। इस हादसे में 7 लोगों के डूबने की खबर है। अधिकारियों ने बताया कि नाव पर कुल 14 लोग सवार थे। इनमें से 7 लोगों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन 7 लोगों का कोई पता नहीं है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि बाकी 5 लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हादसे के बाद पटना कलेक्टर और एसपी मौके पर&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हादसे की खबर मिलते ही ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार और जिला मजिस्ट्रेट थियागराजन एसएम मौके पर पहुंचे। वे हालात का जायजा ले रहे हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पटना के डीएम और कलेक्टर थियागराजन एसएम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, &quot;हमें सुबह करीब 5:30-6:00 बजे के आसपास एक नाव पलटने की जानकारी मिली... दो शव निकाले जा चुके हैं और पांच लोग लापता हैं। तलाशी अभियान जारी है...&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अधिकारियों ने यह भी कहा कि इलाके में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही नावों के मुद्दे पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;चश्मदीद ने बताया कैसे एक झटके में डूब गए लोग&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;एक चश्मदीद ने बताया कि नाव पर ज्यादातर महिलाएं थीं, जो सब्जी लाने के लिए नदी पार कर रही थीं। यह घटना सुबह करीब 5:00 बजे हुई। चश्मदीद के मुताबिक, नाव बीच नदी में ही पलट गई, जिससे कई यात्री डूब गए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक चश्मदीद ने ANI को बताया, &quot;हम सुबह करीब 5:00 बजे निकले थे। 10 से 15 से ज्यादा लोग सब्जी लाने जा रहे थे। पार करते समय नाव हमारे सामने ही पलट गई। तीन-चार लोग तो किसी तरह बच गए, लेकिन छह-सात लोग डूब गए। अभी तक सिर्फ एक ही मिला है, बाकी सब पानी में ही हैं।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चश्मदीद ने आगे बताया कि नाव पर कई महिलाएं थीं और कुछ को बेहोशी की हालत में बचाया गया। उन्होंने कहा, &quot;ज्यादातर महिलाएं थीं। करीब पांच-छह महिलाएं थीं। चार महिलाओं को बाहर निकाला गया है। दो बेहोश हैं और दो बोल पा रही हैं। वे घर चली गई हैं।&quot;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मां ने एक बेटे को बचाया एक का पता नहीं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हादसे को याद करते हुए एक महिला ने बताया कि कैसे उनकी एक बेटी ने तो अपनी जान बचा ली, लेकिन दूसरी बेटी अभी भी लापता है। उन्होंने कहा, &quot;जैसे ही हम डूबने लगे, मेरी बेटी ने मुझे पकड़ लिया। उसे तैरना आता था, तो वह मुझे खींचकर ले आई और फिर किसी और ने उसे बचा लिया। उसकी जान तो बच गई, लेकिन मेरी दूसरी बेटी अभी भी लापता है; हमें वह अभी तक नहीं मिली है।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बताया जा रहा है कि पीड़ित मल्हाही टोला इलाके के रहने वाले थे और सब्जी के व्यापार के लिए नियमित रूप से नदी पार करते थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गंगा में बचाव दल का अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Karnataka CM Change: सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा, DK बनेंगे नए 'सुल्तान' लेकिन ऐन वक्त फंस गया पेंच?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/siddaramaiah-resignation-confirmed-dk-shivakumar-next-karnataka-cm-congress-leadership-crisis/articleshow-73t4rrq</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 11:05:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या सिद्धारमैया का इस्तीफ़ा कर्नाटक में सत्ता का सबसे बड़ा उलटफेर साबित होगा? क्या डी.के. शिवकुमार बनने जा रहे हैं अगले मुख्यमंत्री? क्या कांग्रेस का &ldquo;रोटेशनल CM फ़ॉर्मूला&rdquo; अब सच साबित होने वाला है? क्या हाईकमान के गुप्त फैसले से कांग्रेस में नया सियासी भूचाल आएगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspgb8r860x31fjv59mfng85,imgname-siddaramaiah-resignation-confirmed-dk-shivakumar-next-karnataka-cm-congress-leadership-crisis-1779945546504.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karnataka CM Change: &lt;/strong&gt;कर्नाटक के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पिछले कई महीनों से चल रही अंदरूनी खींचतान और अटकलों पर अब पूरी तरह से विराम लग गया है। कर्नाटक की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ चुका है, क्योंकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा अब पूरी तरह तय हो चुका है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने खुद इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि सिद्धारमैया अपने पद से हटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'लास्ट सपर' या विदाई का नाश्ता? गृह मंत्री की जुबानी पूरी कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;गुरुवार सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अचानक सभी कैबिनेट सहयोगियों के लिए एक &lsquo;ब्रेकफास्ट मीटिंग&rsquo; की घोषणा की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस बैठक के पीछे के गुप्त मकसद का खुलासा करते हुए गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा, &quot;मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस्तीफा देने से पहले, वह सभी मंत्रियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परमेश्वर ने यह भी जोड़ा कि सिद्धारमैया को दिल्ली में कोई बड़ा पद मिलेगा या नहीं, यह पूरी तरह कांग्रेस आलाकमान के हाथ में है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली में लिखी गई पटकथा: डी.के. शिवकुमार के लिए रास्ता साफ!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस हाई-प्रोफाइल तख्तापलट की पटकथा असल में इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लिखी गई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को दोटूक शब्दों में डी.के. शिवकुमार के लिए कुर्सी खाली करने का आदेश दे दिया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शिवकुमार के समर्थक पिछले लंबे समय से अड़े हुए थे कि मई 2023 के विधानसभा चुनाव की ऐतिहासिक जीत के बाद जो 'रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूला' (बारी-बारी से सीएम बनने का गुप्त समझौता) तय हुआ था, उसे अब लागू करने का वक्त आ गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'जस्ट वेट एंड वॉच': जमीन पर बगावत का खतरा और परमेश्वर की चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मीडिया ने तीखा सवाल पूछा कि सिद्धारमैया जैसे कद्दावर और जनाधार वाले नेता को अचानक मुख्यमंत्री पद से हटाने के जमीन पर क्या परिणाम होंगे? क्या राज्य में कांग्रेस के भीतर कोई बड़ी बगावत भड़क सकती है? इस पर परमेश्वर ने रहस्यमयी मुस्कान के साथ सिर्फ चार शब्द कहे- &quot;बस इंतज़ार करो और देखो (Just wait and watch)!&quot; उनके इस छोटे से बयान ने कर्नाटक की राजनीति में सस्पेंस को कई गुना बढ़ा दिया है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिन बेहद अशांत हो सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;महा-संकट: जब सूबे में आग लगी हो और राज्यपाल ही गायब हों!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिद्धारमैया ने एक तरफ कैबिनेट मंत्रियों को विदा करने का मन बना लिया है और दूसरी तरफ राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा है। इस ड्रामे में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत इस वक्त एक पारिवारिक आपात स्थिति (Family Emergency) के कारण कर्नाटक से बाहर हैं। अब संकट यह है कि मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा किसे सौंपेंगे? हालांकि संवैधानिक नियमों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिवालय में या फिर फैक्स और ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं, लेकिन राज्यपाल की अनुपस्थिति ने इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से बेहद पेचीदा और रोमांचक बना दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस का सार्वजनिक इनकार और परदे के पीछे का सच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ गृह मंत्री खुलेआम इस्तीफे की बात स्वीकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी लगातार सार्वजनिक मंचों पर किसी भी नेतृत्व परिवर्तन की बात से इनकार कर रही है। पार्टी का दावा था कि हालिया बैठकें केवल आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों की रणनीति के लिए थीं। लेकिन अब परदे के पीछे का सच पूरी तरह बाहर आ चुका है। देखना यह होगा कि सिद्धारमैया के राजभवन कूच करने के बाद, क्या डी.के. शिवकुमार बिना किसी विरोध के कर्नाटक के नए 'कैप्टन' बन पाते हैं, या फिर यह नाटक अभी कोई नया मोड़ लेने वाला है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सोमनाथ दर्शन बिल्कुल फ्री! रहने-खाने और आने-जाने का खर्च जीरो, सरकार की खास स्कीम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/somnath-darshan-free-scheme-in-haryana-online-registration-process-and-details/articleshow-7e2abtp</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 10:52:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Somnath Free Yatra: &lt;/strong&gt;सोमनाथ जाने के लिए सरकार की फ्री स्कीम क्या है? इस योजना का फायदा कौन-कौन से लोग उठा सकते हैं और आवेदन कैसे करना होगा? आवेदन की लास्ट डेट क्या है और कितने लोग जा सकते हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspgfttn6vpy31ghkfjxaacv,imgname-somnath-free-yatra-1779945696085.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Somnath Yatra Scheme: &lt;/strong&gt;अगर आप भी लंबे समय से 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पावन सोमनाथ धाम जाने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन बजट आड़े आ रहा है, तो अब पैसों की चिंता छोड़ दें। एक बेहद शानदार मौका आया है, जहां आप बिल्कुल फ्री में बाबा सोमनाथ के दर्शन कर सकते हैं। आने-जाने से लेकर खाने-पीना और रहने तक का 1 रुपया भी खर्च नहीं होगा। इस खास यात्रा में आपके घर के दरवाजे से लेकर मंदिर के गर्भगृह तक का सारा जिम्मा सरकार उठाएगी। आइए जानते हैं यह सुविधा किन लोगों के लिए है, इसके लिए क्या करना होगा और कब दर्शन कराए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोमनाथ की फ्री यात्रा स्कीम क्या है और कहां चलाई जा रही है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हरियाणा सरकार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत एक खास यात्रा करा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना'के तहत राज्य के बुजुर्गों को देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाते हैं। इसी कड़ी में अब श्रद्धालुओं को गुजरात बाबा सोमनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। यात्रा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें श्रद्धालुओं के रहने, खाने और सफर की पूरी व्यवस्था सरकार की तरफ से की जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हरियाणा के श्रद्धालुओं के लिए सुनहरा अवसर!#सोमनाथ_स्वाभिमान_पर्व के अंतर्गत 8 जून 2026 को हरियाणा से श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ दर्शन हेतु विशेष ट्रेन चलाई जाएगी।&amp;nbsp;यदि आपकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो इस पावन यात्रा का लाभ अवश्य उठाएं। यह सुविधा &ldquo;पहले आओ, पहले पाओ&rdquo; के आधार&hellip; pic.twitter.com/Yyq56tlHWh&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; CMO Haryana (@cmohry) May 27, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोमनाथ यात्रा के इस सफर में क्या-क्या मिलेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको अपनी जेब से एक भी चवन्नी खर्च नहीं करनी है। आपके आने-जाने के लिए विशेष ट्रेन के टिकट का पूरा इंतजाम किया जाएगा। होटल या धर्मशाला में रुकने का पूरा बंदोबस्त रहेगा। रास्ते से लेकर वहां पहुंचने तक नाश्ते से लेकर खाने तक का खर्च सरकार उठाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोमनाथ दर्शन मुफ्त में कौन-कौन कर सकता है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यह मौका केवल उन सीनियर सीटिजंस के लिए हैं, जिनकी उम्र 60 साल या उससे अधिक हो चुकी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लाभ लेने वाला व्यक्ति हरियाणा का निवासी होना चाहिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;आर्थिक रूप से कमजोर उन परिवारों के लिए हैं, जिनकी सालाना इनकम 1.80 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;सिर्फ इस एक दस्तावेज से बुक होगी आपकी सीट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस यात्रा के लिए आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके पास सिर्फ एक मुख्य आईडी कार्ड होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र (PPP) की मदद से आपका पूरा वैरिफिकेशन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोमनाथ यात्रा की शुरुआत कब से होगी?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस यात्रा में सीटें बेहद सीमित हैं और 'जो पहले फॉर्म भरेगा, टिकट उसी को मिलने का चांस रहेगा' का नियम लागू है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए पोर्टल सिर्फ 6 जून 2026 तक खुला रहेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सभी चयनित श्रद्धालुओं को लेकर यह विशेष ट्रेन 8 जून 2026 को सोमनाथ के लिए रवाना हो जाएगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप आधिकारिक वेबसाइट saralharyana.gov.in पर जाकर आसानी से अपना फॉर्म सबमिट कर सकते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अगर आप पहली बार इस वेबसाइट पर आए हैं, तो सबसे पहले अपना अकाउंट एक्टिवेट करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पोर्टल खोलकर 'Register' वाले विकल्प पर जाएं। अपना नाम, चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लॉग-इन करने के लिए एक मजबूत पासवर्ड सेट करें, अपना राज्य (Haryana) चुनें, स्क्रीन पर दिख रहा कोड डालें और सबमिट कर दें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद आईडी-पासवर्ड से पोर्टल पर लॉग-इन करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के नाम को खोजें और उस पर क्लिक करें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फॉर्म में पूछी गई अपनी सारी सही जानकारियां भरें।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अपनी फैमिली आईडी (PPP) को स्कैन करके अपलोड करें और फाइनल सबमिट बटन दबा दें।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/somnath-darshan-free-scheme-in-haryana-online-registration-process-and-details/articleshow-7e2abtp"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[बरेली में बेटी की 'ऑनर किलिंग', पिता-भाइयों ने घोंटा गला-चाचा के एक फोन से खुल गया राज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bareilly-honor-killing-father-and-brothers-strangle-woman-over-relationship/articleshow-oteg7ki</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 10:27:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बरेली में 22 साल की लड़की की हत्या किस वजह से की गई? पुलिस के मुताबिक, हत्या में किन लोगों की भूमिका सामने आई है? लड़की के चाचा को परिवार पर शक कैसे हुआ? पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की क्या वजह बताई गई?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Bareilly Honor Killing (यूपी): &lt;/strong&gt;बरेली के सिरौली इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यहां एक 22 साल की लड़की की पीट-पीटकर और गला घोंटकर हत्या कर दी गई। जांच में पता चला है कि यह 'ऑनर किलिंग' का मामला है और इसमें लड़की के पिता और दो भाई शामिल हैं। परिवार वाले जल्दबाजी में लड़की का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तभी लड़की के चाचा को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को खबर दे दी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रिश्ते का विरोध कर रहा था परिवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस की जांच के मुताबिक, लड़की का दूसरे समुदाय के एक लड़के से प्रेम संबंध था। वह उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन उसका परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था। घरवालों ने उसे कई बार रिश्ता खत्म करने की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को जब लड़की अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी, तो घरवालों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद घर में जमकर कहासुनी हुई। आरोप है कि इसी झगड़े के दौरान पिता और भाइयों ने पहले उसकी पिटाई की और फिर गला घोंटकर उसे मार डाला।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लड़की के चाचा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गला घोंटना बताई गई है। साथ ही, शरीर पर चोट के कम से कम दस गंभीर निशान भी मिले हैं। चाचा की शिकायत के आधार पर, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत FIR दर्ज की गई है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) अनुराग आर्य ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/bareilly-honor-killing-father-and-brothers-strangle-woman-over-relationship/articleshow-oteg7ki"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[UP Farmers News: यूपी के 48 लाख किसानों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने कर दिया ये बड़ा काम]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-farmers-news-yogi-adityanath-government-record-sugarcane-payment-322722-crore-sugar-mill-update-hindi/articleshow-14o9txz</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-farmers-news-yogi-adityanath-government-record-sugarcane-payment-322722-crore-sugar-mill-update-hindi/articleshow-14o9txz</guid>
            <pubDate>Thu, 28 May 2026 09:41:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;UP News: क्या योगी सरकार ने गन्ना किसानों की सबसे बड़ी समस्या खत्म कर दी? क्यों यूपी चीनी रिकवरी में महाराष्ट्र से आगे निकल गया? क्या 48 लाख किसान परिवारों को मिला सबसे बड़ा फायदा? जानिए गन्ना भुगतान और चीनी उद्योग की पूरी रिपोर्ट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspcdr5423mdeqmste35dpjf,imgname-up-farmers-news-yogi-adityanath-government-record-sugarcane-payment-1779941433508.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लखनऊ।&lt;/strong&gt; उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए लगातार समयबद्ध और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के गन्ना किसानों को वर्ष 2017 से अब तक कुल 3,22,722 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। यह पूरी राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए भेजी गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;प्रदेश में गन्ना एवं चीनी उद्योग अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत धुरी बन चुका है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश ने औसत चीनी परता के मामले में भी कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;9 वर्षों में 3.22 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना भुगतान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी सरकार ने गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले 9 वर्षों के दौरान किसानों को कुल 3,22,722 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो अपने आप में ऐतिहासिक माना जा रहा है। पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 30,831.81 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। सरकार के मुताबिक लगभग 90 प्रतिशत किसानों को उनका भुगतान मिल चुका है, जबकि शेष चीनी मिलों को भी जल्द भुगतान करने के निर्देश जारी किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्मार्ट गन्ना किसान प्रणाली से डिजिटल हुआ पूरा सिस्टम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था को बढ़ावा दिया है। &lsquo;स्मार्ट गन्ना किसान&rsquo; प्रणाली के जरिए गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। अब किसानों को उनकी गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल फोन पर मिलती है और भुगतान की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को लंबी प्रक्रिया से राहत मिली है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चीनी उत्पादन और रिकवरी में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पेराई सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। इनमें उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की 3, सहकारी क्षेत्र की 23 और निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलें शामिल हैं। इन चीनी मिलों द्वारा 877.96 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;महाराष्ट्र में 210 चीनी मिलें संचालित होने के बावजूद वहां का औसत चीनी परता 9.49 प्रतिशत रहा, जबकि कर्नाटक में यह आंकड़ा 8.19 प्रतिशत दर्ज हुआ। इस तरह उत्तर प्रदेश ने चीनी रिकवरी के मामले में अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों को मिला अतिरिक्त लाभ&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि कर किसानों को बड़ी राहत दी। सरकार ने अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति कुंतल तय किया। इस फैसले से किसानों को करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिला है। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;48 लाख गन्ना किसान परिवारों को मिली आर्थिक मजबूती&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समय से भुगतान और गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी का सीधा लाभ प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को मिला है। सरकार का कहना है कि गन्ना विकास विभाग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योगी सरकार की नीतियों से गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिली है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/state/uttar-pradesh/up-farmers-news-yogi-adityanath-government-record-sugarcane-payment-322722-crore-sugar-mill-update-hindi/articleshow-14o9txz"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Twisha Sharma Case: वो 7 प्रमुख कारण, जिसकी वजह से खारिज हो गई गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/twisha-sharma-case-giribala-singh-bail-cancelled-cbi-investigation-high-court-dowry-death-reasons/articleshow-s4o2g3h</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 09:28:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;क्या ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा? पोस्टमॉर्टम में मिले 6 चोटों के निशान आखिर क्या छिपा रहे हैं? गिरिबाला सिंह पर गर्भ गिराने और दहेज प्रताड़ना के आरोप कितने गंभीर हैं? CBI जांच में अब कौन सा बड़ा राज खुलने वाला है? क्या यह आत्महत्या थी या सुनियोजित साजिश?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kspbppddpbfkwhbv85e1rj0s,imgname-twisha-sharma-case-giribala-singh-bail-cancelled-cbi-investigation-high-court-dowry-death-reasons-1779940678061.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Twisha Sharma Case:&lt;/strong&gt; बुधवार, 27 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक ऐसा ऐतिहासिक और सनसनीखेज फैसला सुनाया, जिसने देश के कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। पूर्व मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गईं ट्विशा की मौत का सच उगलवाने के लिए अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को खुली छूट मिल गई है, और ट्विशा के पति समर्थ सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस हाई-प्रोफाइल मामले में आखिर ऐसा क्या छिपा था कि खुद सुप्रीम कोर्ट को निष्पक्षता के लिए स्वतः संज्ञान लेना पड़ा? आइए जानते हैं जस्टिस देवनारायण मिश्रा के 17 पन्नों के उस आदेश के वे 7 खौफनाक और सस्पेंस भरे कारण, जिन्होंने पूर्व जज को ही कटघरे में खड़ा कर दिया:&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. सेशंस कोर्ट का वो 'मैकेनिकल' फैसला और FIR का सच&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाई कोर्ट ने सबसे पहला और तीखा प्रहार भोपाल सेशंस कोर्ट के रुख पर किया। अदालत का मानना था कि 15 मई को 10वें अतिरिक्त सेशंस न्यायाधीश ने बिना दिमाग लगाए, बेहद यांत्रिक (mechanically) तरीके से FIR दर्ज होने के दिन ही गिरिबाला सिंह को अग्रिम ज़मानत की ढाल दे दी थी। सेशंस कोर्ट ने आरोपी के रसूख को तो देखा, लेकिन उनके खिलाफ लगे संगीन और गंभीर आरोपों की गहराई को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. केस डायरी और गवाहों के बयानों को दबाने की कोशिश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जस्टिस मिश्रा ने अपने आदेश में साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट ने राहत देते समय केस डायरी में मौजूद अहम सबूतों को अनदेखा किया। मृतक ट्विशा के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्राथमिक गवाहों के बयानों पर पर्याप्त रूप से विचार ही नहीं किया गया, जिससे शुरुआती जांच की दिशा ही भटक गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Twisha Sharma death case | Twisha's mother-in-law, Giribala Singh, was spotted feeding a stray dog outside her residence in Bhopal, Madhya Pradesh, the morning after her anticipatory bail was quashed by the Jabalpur High Court. pic.twitter.com/lRP8efOMgP&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) May 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. 'एंटीमॉर्टम' चोटों का रहस्य: फंदे पर लटकने से पहले क्या हुआ था?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सस्पेंस को गहरा करने वाला सबसे बड़ा वैज्ञानिक सबूत ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की (Antemortem) चोटों के 6 गहरे निशान थे। इनमें से 4 चोटें बाएं हाथ पर, एक अनामिका उंगली पर और एक सिर पर थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये चोटें अस्पताल ले जाते समय या फंदे से उतारते समय नहीं लगी थीं, बल्कि मौत से पहले उनके साथ बर्बरता की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. व्हाट्सऐप चैट्स का खुला राज: सिर्फ पति ही नहीं, सास भी थी शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुरुआत में यह दिखाने की कोशिश की जा रही थी कि सारे आरोप केवल पति समर्थ सिंह पर हैं। लेकिन जब हाई कोर्ट ने ट्विशा के व्हाट्सऐप चैट्स और परिवार के बयानों को खंगाला, तो सस्पेंस से पर्दा उठ गया। चैट्स से यह साफ जाहिर होता है कि प्रताड़ना के इस खेल में समर्थ के साथ-साथ पूर्व जज गिरिबाला सिंह भी बराबर की हिस्सेदार थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. अबॉर्शन का खौफनाक दबाव और मानसिक क्रूरता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;13 मई से दर्ज गवाहों के बयानों में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया था कि शादी के समय दिए गए दहेज से असंतुष्ट होकर पति और सास लगातार उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर अपने बेटे के साथ मिलकर ट्विशा पर अपना गर्भ गिराने (Abortion) का जानलेवा दबाव भी बनाया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. जांच से भागती पूर्व जज: नोटिसों को ठेंगा दिखाने का आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ज़मानत रद्द होने का एक बड़ा कारण गिरिबाला सिंह का खुद का असहयोगात्मक रवैया रहा। सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि अग्रिम ज़मानत का सुरक्षा कवच मिलते ही पूर्व जज ने जांच एजेंसी को हल्के में लेना शुरू कर दिया। बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें कई बार आधिकारिक नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत: बंद कमरे में खुलेगा राज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाई कोर्ट ने सीबीआई की इस दलील में भारी दम पाया कि इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश छिपी है, जिसकी गहरी जांच जरूरी है। भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत दर्ज इस मामले में अब सच का सामना करने के लिए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ (Custodial Interrogation) करना अनिवार्य हो गया है। इसी के साथ उनके बचने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[IMD Weather Forecast: दिल्ली-यूपी से झारखंड तक बदला मौसम, कहीं 47°C हीटवेव तो कहीं बारिश, जानिए एमपी-बिहार का हाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/imd-weather-forecast-delhi-up-jharkhand-heatwave-rain-alert-check-mp-cg-bihar-major-cities-temperature-today/articleshow-rmmwghk</link>
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            <pubDate>Thu, 28 May 2026 06:00:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;IMD Heatwave Alert &amp;amp; Thunderstorm Update:&lt;/strong&gt; दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 28 मई 2026 को मौसम कैसा रहेगा? कहां आंधी-बारिश चलने की संभावना है और कहां हीटवेव अलर्ट रहेगा? कौन सा शहर आज सबसे ज्यादा गर्म रहेगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksfn36ywhn3x5aefdyy6ap4r,imgname-imd-heatwave-forecast-today-1779715644380.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Weather Forecast 28 May 2026:&lt;/strong&gt; मई के आखिरी हफ्ते में उत्तर और मध्य भारत का मौसम पूरी तरह दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड के कई इलाकों में आंधी, बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां बढ़ रही हैं, तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई शहर अब भी भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के लेटेस्ट फोरकास्ट के अनुसार 28 मई 2026 को मौसम का सबसे आक्रामक रूप उत्तर प्रदेश, दिल्ली NCR और छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। जानिए कहां-कैसा रहेगा आज का मौसम।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आज सबसे ज्यादा गर्म शहर कौन रहेगा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आज उत्तर प्रदेश का अछनेरा 47&deg;C तापमान के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहेगा। इसके अलावा टुंडला, बांदा, प्रयागराज और आगरा में भी पारा 45 से 46 डिग्री तक पहुंच सकता है। छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग में भी हीटवेव का असर जारी रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 45&deg;C तक रहने का अनुमान है। मध्य प्रदेश के जबलपुर और भोपाल भी तेज गर्मी से राहत की स्थिति में नहीं हैं। यहां तापमान 43 से 44 डिग्री के आसपास बना रहेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता दिखेगा। दिन में उमस और तेज गर्मी के बाद दोपहर और शाम के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। IMD ने 50-60Km/h की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और थंडरस्क्वॉल की चेतावनी दी है। अधिकतम तापमान 43&deg;C और न्यूनतम 28&deg;C रहने का अनुमान है। दिल्ली वालों को दोपहर बाद राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन बिजली गिरने और तेज आंधी की वजह से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी में हीटवेव और थंडरस्ट्रॉम दोनों&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर प्रदेश में आज मौसम सबसे ज्यादा अस्थिर रहेगा। आगरा, कानपुर, प्रयागराज, बांदा और बरेली जैसे शहरों में हीटवेव के साथ थंडरस्ट्रॉम का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में ओलावृष्टि और 50-60Km/h की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में दिन की शुरुआत गर्म और उमसभरी रहेगी, लेकिन शाम तक गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं प्रयागराज और बांदा में भीषण गर्मी लोगों को बेहाल करेगी। कानपुर और बरेली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जैसे हालात बताए हैं, जहां आंधी और तेज बारिश दोनों की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बिहार और झारखंड में बारिश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बिहार के पटना, आरा, बक्सर और बनारस से सटे इलाकों में आज बादल छाए रह सकते हैं। पटना में तापमान 38&deg;C तक रहेगा, लेकिन उमस ज्यादा महसूस होगी। कई जगह हल्की बारिश और थंडरस्ट्रॉम की संभावना बनी हुई है। झारखंड की राजधानी रांची में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 36&deg;C के आसपास रहेगा, लेकिन तेज हवाएं और थंडरस्क्वॉल परेशानी बढ़ा सकते हैं। डालटनगंज और चतरा में भी 40-50Km/h की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अभी भी नहीं मिलेगी राहत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में आज सूरज आग उगलता नजर आएगा। कई शहरों में तापमान 44&deg;C तक पहुंच सकता है। हालांकि 30 मई के बाद कुछ इलाकों में थंडरस्ट्रॉम की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर में हीटवेव का सबसे ज्यादा असर रहेगा। IMD ने यहां हीटवेव अलर्ट जारी किया है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान 45&deg;C तक पहुंच सकता है। जगदलपुर में बादल और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन उमस से राहत नहीं मिलेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आने वाले दिनों में कैसा रहेगा उत्तर भारत और मध्य भारत का मौसम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IMD के अनुसार 29 से 31 मई के बीच उत्तर भारत में प्री-मानसून एक्टिविटीज और तेज हो सकती हैं। दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव है। वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 30 मई के बाद आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[MP: सार्थक-PDS फेज-2 को मिली मंजूरी, AI तकनीक से बदलेगी राशन वितरण व्यवस्था]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/state/madhya-pradesh/ai-powered-pds-phase-2-approved-centre-clears-25530-crore-smart-ration-scheme/articleshow-bmh1z2s</link>
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            <pubDate>Wed, 27 May 2026 23:44:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सार्थक-PDS फेज-2 योजना क्या है और इससे राशन वितरण व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे? AI तकनीक का इस्तेमाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कैसे किया जाएगा? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सार्थक-PDS योजना को गरीबों के लिए क्यों अहम बताया?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksna88g1fbjbdyj9fw0rnwmp,imgname-ai-powered-pds-phase-2-approved-centre-clears-25530-crore-smart-ration-scheme-1779905602049.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक के जरिए और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने &ldquo;सार्थक-PDS फेज-2&rdquo; योजना के लिए 25 हजार 530 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस फैसले को गरीब कल्याण और डिजिटल प्रशासन की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि &ldquo;राशन परिवहन और प्रबंधन में सहायता- सार्वजनिक वितरण प्रणाली में स्वचालन के साथ आय&rdquo; योजना से देशभर में राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;ATM कार्ड का PIN पता है? फिर भी नहीं निकाल सकते मृत परिजन के खाते से पैसे&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI और आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी व्यवस्था&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सार्थक-PDS योजना के दूसरे चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी आसान होगी और गड़बड़ियों पर तेजी से रोक लगाई जा सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक उनका हक बिना किसी बाधा के पहुंचे। नई तकनीक के जरिए राशन की ट्रैकिंग, वितरण और रिकॉर्ड प्रबंधन पहले से कहीं ज्यादा सटीक और पारदर्शी होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पिछले 10 वर्षों में PDS में हुए बड़े बदलाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। इनमें टीपीडीएस का संपूर्ण कंप्यूटरीकरण, IM-PDS और स्मार्ट PDS जैसी योजनाएं शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसके अलावा &ldquo;मेरा राशन&rdquo;, &ldquo;अन्न मित्र&rdquo;, &ldquo;राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड&rdquo; और &ldquo;अन्न सहायता&rdquo; जैसी नागरिक केंद्रित सुविधाओं को भी लागू किया गया है। सरकार ने राशन कार्ड डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-POS मशीनों के जरिए उचित मूल्य दुकानों के स्वचालन, ऑनलाइन आवंटन और कंप्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे सुधारों को भी तेजी से आगे बढ़ाया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गरीब कल्याण को प्राथमिकता देने वाला फैसला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह निर्णय साफ तौर पर दर्शाता है कि केंद्र सरकार गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका मानना है कि तकनीक आधारित यह नई व्यवस्था न सिर्फ भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाएगी, बल्कि लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराने में भी मदद करेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;99% लोग नहीं जानते! ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर क्यों बना होता है &lsquo;X&rsquo; Sign?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Asianet News</dc:creator>
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            <title><![CDATA[कर्नाटक में बदलने जा रही सत्ता की तस्वीर? सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चा से बढ़ी हलचल]]></title>
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            <pubDate>Wed, 27 May 2026 23:28:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;DK Shivakumar Next CM:&lt;/strong&gt; क्या कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं सिद्धारमैया? क्या डीके शिवकुमार बन सकते हैं कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री? सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच कांग्रेस हाईकमान ने क्या संकेत दिए?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ksn9d06tse235mb3bavvqpkb,imgname-karnataka-political-crisis-siddaramaiah-resignation-dk-shivakumar-next-cm-congress-1779904708826.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Karnataka Political Crisis:&lt;/strong&gt; कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच चल रही चर्चाओं के बाद अब सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए हैं और जल्द ही राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारी ने राज्य की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राहुल गांधी का संदेश लेकर पहुंचे रणदीप सुरजेवाला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान की ओर से रणदीप सिंह सुरजेवाला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी का संदेश मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। चर्चा है कि बातचीत के दौरान सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने की सहमति जताई, लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी रखीं। सूत्रों का दावा है कि उन्होंने अपने बेटे को कैबिनेट में जगह दिए जाने की मांग रखी है। वहीं, राज्यसभा सीट को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;99% लोग नहीं जानते! ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर क्यों बना होता है &lsquo;X&rsquo; Sign?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डीके शिवकुमार के नाम की चर्चा तेज&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस के भीतर लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि सत्ता के ढाई-ढाई साल वाले फॉर्मूले के तहत अब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। एक दिन पहले पार्टी हाईकमान ने भी कथित तौर पर सिद्धारमैया से इस दिशा में रास्ता साफ करने को कहा था। हालांकि उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह इस मुद्दे पर गुरुवार को बात करेंगे। अब माना जा रहा है कि आने वाले कुछ घंटों में राजनीतिक तस्वीर साफ हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राज्यपाल से मुलाकात की तैयारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वह गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट सहयोगियों और डीके शिवकुमार के साथ नाश्ते की बैठक में भी शामिल हो सकते हैं। इससे राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कांग्रेस ने आधिकारिक फैसला नहीं माना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राज्य में बढ़ती अटकलों के बीच कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने साफ किया कि पार्टी ने अभी विधायक दल की कोई बैठक नहीं बुलाई है और न ही कोई अंतिम फैसला लिया गया है। उन्होंने नेताओं और मीडिया से इस मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालने की अपील की। हालांकि पार्टी के भीतर चल रही बैठकों और नेताओं की लगातार मुलाकातों ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;विधायकों ने किया समर्थन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक देशपांडे ने दावा किया कि सिद्धारमैया ने उन्हें खुद इस्तीफा देने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई विधायक और मंत्री मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे और उनसे पद न छोड़ने की अपील की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लेकिन मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने हाईकमान से जो वादा किया है, उसका सम्मान करेंगे। यही वजह है कि वह इस्तीफा देने का निर्णय ले रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;अगर सिद्धारमैया इस्तीफा देते हैं, तो कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के गठन के तीन साल बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा मानी जा रही है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर कांग्रेस हाईकमान और मुख्यमंत्री आवास से आने वाले अगले राजनीतिक संकेत पर टिकी हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;एक्सप्रेसवे से इलेक्ट्रिक बस तक&hellip; योगी सरकार ने खोला विकास का मेगा ब्लूप्रिंट&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>Rajya</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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