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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Mon, 13 Jul 2026 19:45:41 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[क्या अब हॉर्मुज पर अमेरिका का होगा कब्जा? ट्रंप के बयान ने बढ़ाई दुनिया की चिंता]]></title>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:45:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Donald Trump Strait of Hormuz:&lt;/strong&gt; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और नियंत्रण संभालेगा। इस बयान के बीच अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ गया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxdx9ard00vpdh23dqczs6h3,imgname-donald-trump-strait-of-hormuz-us-control-iran-conflict-middle-east-1783952091917.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया बयान वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण रखेगा और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभालेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि इस काम के लिए अमेरिका को भुगतान भी मिलना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण बने हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप बोले- अमेरिका बनेगा 'गार्डियन ऑफ द स्ट्रेट'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखेगा और संभव है कि खुद को &quot;गार्डियन ऑफ द स्ट्रेट&quot; या &quot;गार्डियन एंजेल ऑफ द स्ट्रेट&quot; कहे। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक की सुरक्षा का जिम्मा अमेरिका उठाएगा, इसलिए इसके बदले उसे भुगतान मिलना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ट्रंप ने ईरान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से वह बातचीत को टालता रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने पहले अमेरिका के साथ एक समझौते पर सहमति जताई, लेकिन बैठक खत्म होने के कुछ ही समय बाद एक कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमला कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई वैश्विक चिंता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हाल के दिनों में ओमान तट के पास एक कंटेनर जहाज पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, उसकी सेना ने कई सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, मिसाइल और ड्रोन से जुड़े उपकरणों को निशाना बनाया। वहीं, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में भी मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, जिससे क्षेत्र की संवेदनशीलता और बढ़ गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है दुनिया के लिए अहम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या व्यापारिक बाधा अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकती है। ट्रंप के ताजा बयान और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Vietnam Boat Accident: क्या हुआ, कौन मारे गए, शव भारत कब आएंगे, जानिए सभी जरूरी बातें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/vietnam-phu-quoc-boat-accident-indian-tourists-lava-international-15-dead-bodies-india-articleshow-17yf975</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 12:44:18 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;वियतनाम के फु क्वोक द्वीप पर लावा इंटरनेशनल की रिवॉर्ड ट्रिप मातम में बदल गई। नाव हादसे में 15 भारतीयों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल-शव भारत कब और कैसे पहुंचेंगे?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxajqnr4q78hga1973r4e6hq,imgname-vietnam-phu-quoc-boat-accident-indian-tourists-lava-international-15-dead-bodies-india-0-1783840364292.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Vietnam Boat Accident: &lt;/strong&gt;वियतनाम के खूबसूरत फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे भारत को शोक में डुबो दिया है। शनिवार को समुद्र की लहरों का आनंद ले रहे भारतीय पर्यटकों से भरी एक आलीशान टूरिस्ट नाव अचानक पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी मृतक मशहूर भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लावा इंटरनेशनल (Lava International) के कर्मचारी और उनके चैनल पार्टनर्स थे, जिन्हें कंपनी ने एक शानदार 'रिवॉर्ड ट्रिप' (इनाम वाली यात्रा) पर वियतनाम भेजा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि खुशियों का यह सफर कुछ ही पलों में मौत के खौफनाक मंजर में बदल जाएगा। यह हादसा सिर्फ एक नाव दुर्घटना नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए ऐसा सदमा है जिनके अपने लोग कुछ घंटे पहले तक छुट्टियों की तस्वीरें भेज रहे थे और अचानक मौत की खबर बन गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;It is with profound grief that we share the list of 15 Indian nationals who have lost their lives in the tragic boat accident near Phuc Quoc Island today. The list has been recieved from the Vietnamese authorities.Our prayers are with the families of the deceased.&amp;nbsp;The Embassy&hellip; pic.twitter.com/2fr2TjXuPp&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; India in Vietnam (@AmbHanoi) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'होन मे रुट न्गोई' द्वीप के पास अचानक क्या हुआ? बीच समंदर में पलटी नाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसा फु क्वोक द्वीप समूह के पास 'होन मे रुट न्गोई' द्वीप के नजदीक हुआ। शनिवार को मौसम खुशनुमा था और नाव गहरे समुद्र की सैर पर थी। नाव में कुल 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार स्थानीय क्रू मेंबर शामिल थे। चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक समुद्र की लहरों में कुछ ऐसा अनपेक्षित बदलाव आया कि भारी-भरकम नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते बीच समंदर में पलट गई। पानी के भीतर मची चीख-पुकार के बीच वियतनामी सुरक्षा बलों ने एक बड़ा खोज और बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) शुरू किया। इस कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 15 बदनसीब भारतीयों की जान नहीं बचाई जा सकी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Three Andhra Pradesh Tourists among 15 Indians lost their lives in Vietnam 's Phu Quoc Boat TragedyTourist Speadboat carrying 32 Indian Tourists Capsized [#BoatCapsized ] off Phu Quoc [#PhuQuoc ] Island, #Vietnam .15 Indian Tourists lost their lives, including 10 from&hellip; pic.twitter.com/h5kXdgcVJ6&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Surya Reddy (@jsuryareddy) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The Government of Telangana&rsquo;s General Administration (NRI) Department has established a control room following the capsizing of a boat carrying Indian tourists, including people from Telangana, near Phu Quoc Island in Vietnam.The control room has been set up to coordinate&hellip; pic.twitter.com/6PMecfolmf&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IPRDepartment (@IPRTelangana) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लावा इंटरनेशनल का आधिकारिक बयान: अपनों को खोने का गम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस दर्दनाक हादसे की पुष्टि खुद मोबाइल निर्माता कंपनी लावा इंटरनेशनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की है। कंपनी ने बेहद भावुक पोस्ट में लिखा: &quot;लावा में हम बहुत दुख के साथ यह बता रहे हैं कि आज वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक नाव दुर्घटना में हमारे 14 चैनल पार्टनर और हमारी लावा टीम के एक सदस्य की दुखद मौत हो गई है।&quot; मृतक भारत के अलग-अलग हिस्सों जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के रहने वाले थे। वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास ने वियतनामी अधिकारियों से मिली सूची के आधार पर मारे गए 15 भारतीय नागरिकों के नामों की पुष्टि की है और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;We at Lava are deeply saddened to confirm that 14 of our channel partners and one member of our Lava team have tragically lost their lives in a boat accident earlier today near Phu Quoc Island, Vietnam.Our hearts and prayers are with their families and loved ones. This is an&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Lava Mobiles (@LavaMobile) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;शवों की वतन वापसी की जंग: तेलंगाना सरकार ने बनाया स्पेशल कंट्रोल रूम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस भयावह त्रासदी के बाद भारत और वियतनाम की सरकारें पीड़ितों की मदद के लिए पूरी ताकत से जुट गई हैं। हादसे में प्रभावित हुए तेलंगाना के निवासियों के परिवारों की सहायता के लिए तेलंगाना सरकार के सामान्य प्रशासन (NRI) विभाग ने आनन-फानन में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम वियतनाम में चल रहे राहत कार्यों और पीड़ितों के परिवारों के बीच सेतु का काम करेगा। हनोई में भारतीय मिशन और हो ची मिन्ह सिटी में वाणिज्य दूतावास लगातार वियतनामी प्रशासन के संपर्क में हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;A speedboat carrying 32 Indian tourists and 4 crew members capsized near Phu Quoc Island in southern Vietnam. According to reports, 15 Indian tourists died and 21 people were rescued. Rescue operations involved nearby boats, border guards, the navy, and coast guard, and an&hellip; pic.twitter.com/7Ze6E6PVvT&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Kushal Jaiswal (@kushaljaiswal1) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;वियतनाम के फु क्वोक द्वीप (Phu Quoc Island) के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार सदस्यों को ले जा रही एक स्पीडबोट तेज लहरों और खराब मौसम के कारण समुद्र में पलट गई।इस दुखद घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जबकि 21 लोगों को&hellip; pic.twitter.com/Kjsctdo8M5&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Firoz Naik Mirza (@MrFirozKhan) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कब और कैसे आएंगे शव? रविवार को शुरू होगी अंतिम प्रक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपनों के शव भारत कब तक पहुंचेंगे? भारतीय दूतावास ने इस दिशा में तेजी से कदम उठाते हुए मृतकों के शवों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए एक विशेष अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप दी है। तय प्रक्रिया के अनुसार, यह एजेंसी रविवार को पीड़ित परिवारों से सीधा संपर्क साधेगी ताकि शवों के इंटरनेशनल ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी और कागजी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। इस बीच, वियतनामी पुलिस ने नाव के क्रू मेंबर्स को हिरासत में लेकर हादसे के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह महज एक प्राकृतिक दुर्घटना थी या इसमें नाव ऑपरेटरों की कोई लापरवाही शामिल थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[वियतनाम नाव हादसा: विशेषज्ञ बोले- चेतावनी के बावजूद लोग समुद्र में क्यों गए]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/expert-on-vietnam-boat-tragedy-asks-why-storm-warnings-were-ignored/articleshow-1cxf3yp</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 15:31:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक पर्यटक नाव पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई. मध्य पूर्व के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने चेतावनी के बावजूद समुद्र में जाने पर सवाल उठाए हैं. एक सर्वाइवर ने हादसे के भयावह पलों को बयां किया.]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली [भारत], 12 जुलाई (एएनआई):&lt;/strong&gt; मध्य पूर्व के विशेषज्ञ वाइल अव्वाद ने वियतनाम नाव हादसे के पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। एएनआई से बातचीत में अव्वाद ने कहा कि जब चीन जैसे देशों में चेतावनी जारी की जा रही है, तो लोगों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने कहा, &quot;यह समुद्र में हुई एक बहुत ही दर्दनाक त्रासदी है, खासकर ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में तूफान आने की चेतावनी दी गई थी और चीन ने 20 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। इंडोनेशिया, चीन और सभी देश प्रभावित हुए। मुझे समझ नहीं आता कि ये लोग समुद्र में कैसे जा सकते हैं। वहां न जाने की चेतावनी थी। अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मेरा मानना है कि यह उन लोगों के लिए एक बड़ी त्रासदी है जो जश्न मनाना चाहते थे।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;सर्वाइवर ने बयां की खौफनाक आपबीती&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में बचे एक भारतीय ने उन खौफनाक पलों को याद किया, जब 'अचानक आए तूफान' के कारण टूरिस्ट बोट चंद सेकंड में पलट गई। उन्होंने कहा कि बचाव दल ने तेजी से काम किया, लेकिन पास के द्वीप पर चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होनी चाहिए थीं, जिससे शायद कुछ जानें बचाई जा सकती थीं। एक टूरिस्ट स्पीडबोट पलट गई, जिसमें 32 भारतीय पर्यटकों सहित 36 लोग सवार थे। बाद में वियतनाम में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि दुर्घटना में मारे गए सभी 15 लोग भारतीय पर्यटक थे।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एएनआई से बात करते हुए, हादसे में बचे निर्मल कुमार ने बताया कि नाव में 32 यात्री सवार थे और यह एक द्वीप से दूसरे द्वीप पर जा रही थी, तभी खराब मौसम की चपेट में आ गई। उन्होंने कहा, &quot;जब हम एक द्वीप से दूसरे द्वीप पर जा रहे थे, तभी अचानक तूफान आ गया। अचानक एक सेकंड के भीतर नाव उल्टी हो गई। हम आगे की तरफ थे और समुद्र में कूदकर बाहर आ गए। जो लोग अंदर थे वे फंस गए, और चूंकि नाव उल्टी थी, वे नाव से बाहर नहीं आ सके। हम नाव पर बत्तीस लोग थे, लेकिन कुल मिलाकर हम एक सौ पांच लोग थे।&quot; (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[आतंकवाद पर भारत को पोलैंड का आश्वासन, कहा- हमारी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/poland-reassures-india-on-terrorism-says-we-have-zero-tolerance-policy/articleshow-1p2msgw</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 14:30:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[पोलैंड के उप विदेश मंत्री ने आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' की पुष्टि की है। उन्होंने भारत की सीमा पार आतंकवाद की चिंताओं पर कहा कि वारसॉ भारतीय क्षेत्र पर होने वाले आतंकवादी हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने इस मुद्दे को अब बंद बताया।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 13 जुलाई (एएनआई): आतंकवाद के खिलाफ पोलैंड की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, पोलैंड के राज्य सचिव और उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव टियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि वारसॉ आतंकवाद के सभी रूपों पर &quot;जीरो टॉलरेंस&quot; रखता है, जिसमें भारतीय क्षेत्र पर होने वाले आतंकवादी हमले भी शामिल हैं। उन्होंने यह बात सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान के साथ पोलैंड के संबंधों पर भारत की चिंताओं का जवाब देते हुए कही।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उनका यह बयान विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान के कुछ महीनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने जनवरी में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रैडोस्लाव सिकोर्स्की के साथ बातचीत के दौरान वारसॉ से आतंकवाद के प्रति &quot;जीरो टॉलरेंस&quot; दिखाने और भारत के पड़ोस में &quot;आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करने&quot; का आग्रह किया था।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;आतंकवाद पर पोलैंड की 'जीरो टॉलरेंस' नीति&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;जब उनसे पाकिस्तान और सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं पर पोलैंड की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो बार्टोसजेव्स्की ने कहा, &quot;यह एक पुरानी कहानी है। यह जनवरी में हुआ था, और हम किसी भी तरह के आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस रखते हैं, चाहे वह कहीं से भी आए।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;रूस से 'राजकीय आतंकवाद' का सामना कर रहा पोलैंड&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;यूरोप के सामने मौजूद सुरक्षा चुनौतियों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पोलैंड खुद रूस से &quot;राजकीय आतंकवाद&quot; का सामना कर रहा है, जिसमें आगजनी, तोड़फोड़, साइबर हमले और हत्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, &quot;अब हमारे यहां रूस का राजकीय आतंकवाद है... और हम इसके लिए जीरो टॉलरेंस रखते हैं, और हम भारतीय क्षेत्र पर होने वाले आतंकवादी हमलों के लिए भी जीरो टॉलरेंस रखते हैं। इसलिए इसमें कोई सवाल ही नहीं है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि उन्होंने अपनी पिछली भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर के साथ इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी और उनका मानना है कि यह मामला सुलझ गया है। उन्होंने कहा, &quot;मैंने इन मामलों पर चर्चा की। जब मैं फरवरी में यहां था तो मैंने डॉ. जयशंकर की बात सुनी... मुझे डॉ. जयशंकर के साथ रात के खाने का सौभाग्य और सम्मान मिला और मेरा मानना है कि यह मामला पूरी तरह से बंद हो गया है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;भारत-पोलैंड के बीच मजबूत होते रिश्ते&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस सवाल के जवाब में कि क्या पोलैंड पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले सीमा पार आतंकवाद पर भारत की चिंताओं को स्वीकार करता है और क्या इस्लामाबाद के साथ वारसॉ का जुड़ाव भारत की कीमत पर होगा, पोलिश मंत्री ने उच्च स्तरीय भारत-पोलैंड मुलाकातों की आवृत्ति को इस बात का सबूत बताया कि वारसॉ नई दिल्ली को कितना महत्व देता है। उन्होंने कहा, &quot;यह देखते हुए कि हमारे प्रधानमंत्री, हमारे घनिष्ठ रणनीतिक सहयोग के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने आ रहे हैं, मुझे लगता है कि यह एक अच्छा संकेत है कि हम उच्च स्तरीय संपर्कों को महत्व देते हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने बताया कि वह साल में कई बार भारत आते हैं, जबकि पोलैंड के विदेश मंत्री रैडोस्लाव सिकोर्स्की और विदेश मंत्री एस जयशंकर नियमित संपर्क में रहते हैं। बार्टोसजेव्स्की ने कहा, &quot;हम उम्मीद करते हैं कि डॉ. जयशंकर अक्टूबर की शुरुआत में एक सम्मेलन के लिए हमारे यहां भी आएंगे। हम पहले ही इस बात पर सहमत हो चुके हैं कि निश्चित रूप से, मंत्री सिकोर्स्की के साथ भी आमने-सामने की बैठक होगी।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उनका यह बयान पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की इस साल भारत की निर्धारित यात्रा से पहले आया है, जिसके दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[अमेरिका शांति समझौते का सम्मान नहीं कर रहा, इसलिए ईरान कर रहा हमला: विशेषज्ञ]]></title>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 16:00:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[राजनीतिक विश्लेषक वाएल अव्वाद ने ओमान में जहाज पर हुए हमले को लेकर कहा है कि अमेरिका शांति समझौते का सम्मान नहीं कर रहा है, इसलिए ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध भड़काने की कोशिश कर रहा है।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;राजनीतिक विश्लेषक और युद्ध पत्रकार वाएल अव्वाद ने कहा है कि ओमान में एक और जहाज पर हुआ हमला यह दिखाता है कि अमेरिका, ईरान के साथ शांति समझौते का सम्मान नहीं कर रहा है। ANI को दिए एक इंटरव्यू में अव्वाद ने कहा कि अमेरिका द्वारा शांति समझौते का सम्मान न करने की वजह से ही ईरानी हमला कर रहे हैं।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने कहा, &quot;अभी एक और जहाज पर हमला हुआ है और यह आपको स्पष्ट संकेत देता है कि अमेरिकी, ईरान पर हमले का स्तर बढ़ा रहे हैं। वे ईरानियों के साथ किए गए समझौते का सम्मान करने का कोई सवाल ही नहीं उठा रहे हैं और इसीलिए ईरानी उन सभी जहाजों पर हमला कर रहे हैं जो अमेरिकियों द्वारा बनाए गए दूसरे मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। अमेरिकी ईरान द्वारा दिए गए निर्देशों का भी उल्लंघन कर रहे हैं कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से पहले सहमति लेनी चाहिए। इसलिए इस तनाव का कोई अंत नहीं होने वाला है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, &quot;चलिए बड़ी तस्वीर देखते हैं। बड़ी तस्वीर यह है कि इजरायल, संयुक्त राज्य अमेरिका को एक पूर्ण युद्ध में धकेल रहा है। इजरायलियों द्वारा ईरानी शहरों पर भी हमले किए गए हैं और ऐसी भी बातें हो रही हैं कि ईरान पर हमले को इस स्तर तक बढ़ाने का सवाल है कि एक पूर्ण पैमाने पर युद्ध छिड़ जाए क्योंकि इजरायल के दो उद्देश्य हैं जो हासिल नहीं हुए हैं - ईरान को एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से अवरुद्ध करना ताकि इजरायल के माध्यम से तेल के लिए एक अलग गलियारा बनाने का सवाल हो। और मेरा मानना है कि इन उद्देश्यों को हासिल करने में अधिक समय लगेगा और हम इस क्षेत्र में एक लंबा युद्ध देख रहे हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;الآن تتعامل الدفاعات الجوية مع تهديـد صاروخي، يرجى البقاء في مكان آمن ومتابعة التحذيرات والمستجدات على المواقــع الرسميـة. pic.twitter.com/e07cjyAliK &mdash; NCEMA UAE (@NCEMAUAE) July 12, 2026&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;अमेरिका-यूएई की जवाबी कार्रवाई&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की कार्रवाई शुरू की। इस बीच, यूएई ने शनिवार (स्थानीय समय) को कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से मिसाइल खतरों से निपट रही है। यूएई की राष्ट्रीय आपातकालीन संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइटों पर चेतावनियों और अपडेट का पालन करने की सलाह दी। (ANI)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Hormuz Attack: ईरानी हमले के बाद 11 भारतीय फंसे, 1 अब भी लापता, जहाज़ पर आखिर क्या हुआ?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/iran-hormuz-attack-indian-crew-missing-mea-container-ship-us-iran-tensions-articleshow-3bhyyix</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 13:04:12 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;होर्मुज़ में ईरानी हमले के बाद भारतीय क्रू पर संकट गहरा गया। 11 में से 1 भारतीय लापता है। आखिर जहाज़ पर क्या हुआ? MEA अलर्ट, बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxakhrft4kbza228ty1rqgf1,imgname-iran-hormuz-attack-indian-crew-missing-mea-container-ship-us-iran-tensions-1783841219066.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Iran Hormuz Attack: &lt;/strong&gt;मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी खूनी संघर्ष के बीच, ईरान ने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते-होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)-में एक कमर्शियल कंटेनर जहाज पर भीषण हमला कर दिया है। इस हमले ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं, क्योंकि इस बदनसीब जहाज पर 11 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, 10 भारतीयों को बेहद नाटकीय ढंग से सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन एक भारतीय नागरिक अब भी इस खौफनाक समुद्री क्षेत्र में लापता है। भारत सरकार ने इस पूरी स्थिति को 'बेहतरीन चिंताजनक' और वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात को समंदर में बिछा मौत का जाल: चेतावनी की गोलियां और फिर सीधा हमला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह रूह कंपा देने वाली घटना रविवार तड़के की है। साइप्रस के झंडे वाला यह विशालकाय मालवाहक जहाज अपनी तय दूरी पर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान ईरानी नौसेना और उनके कोस्ट गार्ड्स ने जहाज को घेर लिया। ईरान का दावा है कि यह जहाज उनके द्वारा तय किए गए समुद्री रास्ते (Sanctioned Route) का उल्लंघन कर रहा था। ईरान के रक्षा सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पहले जहाज को रोकने के लिए हवा में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं, लेकिन जब जहाज ने अपनी दिशा नहीं बदली, तो इसे एक 'उकसावा' मानकर सीधा हमला कर दिया गया। हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ईरान ने क्यों किया जहाज़ पर हमला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान का दावा है कि साइप्रस के झंडे वाला कंटेनर जहाज़ उसके तय किए गए समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था। पहले जहाज़ को चेतावनी देने के लिए गोलियां चलाई गईं, लेकिन जहाज़ ने रास्ता नहीं बदला। इसके बाद ईरानी बलों ने कार्रवाई करते हुए जहाज़ को निशाना बनाया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका पहले ही तेहरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहा है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; JUST IN: U.S. LAUNCHES THIRD ROUND OF STRIKES ON IRAN THIS WEEKAt 7:15 p.m. ET, U.S. Central Command forces began a new wave of strikes after the IRGC attacked the Cyprus-flagged container ship M/V GFS Galaxy in the Strait of Hormuz.The attack reportedly sparked an onboard&hellip; https://t.co/hKzMy0xfkN pic.twitter.com/D2AMX0qBWE&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; NGO-SUGAR (@ngosugartp) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वाशिंगटन का महा-ऐलान: ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, 140 ठिकाने तबाह!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस दुस्साहसिक हमले के कुछ ही घंटों के भीतर, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया। रविवार की सुबह होते-होते अमेरिका ने ईरान के भीतर तीसरे और सबसे घातक दौर के हवाई हमलों की शुरुआत कर दी। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और क्रूज मिसाइलों ने ईरान के अंदर मौजूद लगभग 140 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। दरअसल, यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और तब से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। इस बीच, ईरान ने भी पलटवार करते हुए जॉर्डन, कतर और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपनी मिसाइलों का निशाना बनाया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वैश्विक ऊर्जा संकट की आहट: क्या फिर $120 के पार जाएगा कच्चा तेल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज़ जलडमरूमध्य में छिड़ी यह जंग सिर्फ दो देशों की नहीं है, बल्कि इसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को दांव पर लगा दिया है। इस युद्ध के छिड़ने से पहले, दुनिया भर में व्यापार होने वाले कुल तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) इसी तंग जलमार्ग से होकर गुजरता था। इस रणनीतिक रास्ते पर ईरान के कब्जे और हमलों ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा संकट का भूत खड़ा कर दिया है। हालांकि, युद्ध की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद थोड़ी कम हुई थीं, लेकिन रविवार के इस ताजा हमले ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से आग लगा दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या ईरान के कंट्रोल से बाहर हुए कट्टरपंथी? अमेरिका ने उठाए गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस खूनी ड्रामे के बीच अमेरिका के खुफिया अधिकारियों ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों ने सवाल उठाया है कि आखिर &quot;ईरान की कमान इस वक्त किसके हाथ में है?&quot; अमेरिका का मानना है कि नए सर्वोच्च नेता के आने के बाद ईरान के भीतर कट्टरपंथियों का एक मनमाना और बागी गुट (Rogue Faction) सक्रिय हो गया है, जो किसी भी कीमत पर संभावित युद्धविराम (Ceasefire) की बातचीत को नाकाम करना चाहता है। दूसरी तरफ, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने पुष्टि की है कि पिछले एक हफ्ते में हुए हमलों में कम से कम 17 लोगों की जान जा चुकी है और 115 से अधिक लोग घायल हैं। इस पूरे चक्रव्यूह के बीच, भारत की नजरें अपने लापता नागरिक को ढूंढने और खाड़ी देश में फंसे अन्य प्रवासियों की सुरक्षा पर टिकी हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्यों पूरी दुनिया की नजर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर टिकी है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य टकराव सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकता है। युद्ध के दौरान इस मार्ग पर तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें पहले 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी थीं। हालांकि बाद में इनमें गिरावट आई, लेकिन मौजूदा हालात ने फिर ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[लिंडसे ग्राहम के निधन पर बोले ट्रंप- यह विनाशकारी है, परिवार का सदस्य खो दिया]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/trump-mourns-death-of-close-ally-lindsey-graham-calls-him-great-politician/articleshow-4s0zqm5</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 20:30:33 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी और सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर गहरा दुख जताया है। ट्रंप ने ग्राहम को एक 'महान राजनेता' और 'परिवार का सदस्य' बताया। उनके कार्यालय के अनुसार, ग्राहम का निधन संक्षिप्त और आकस्मिक बीमारी के बाद हुआ।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-bf0e71a5-ceaa-4965-8480-6fb81441f875.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;वाशिंगटन, डीसी [अमेरिका], 12 जुलाई (एएनआई): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समय) को सीनेटर लिंडसे ग्राहम को एक अत्यंत व्यक्तिगत श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ग्राहम के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें एक 'महान राजनेता' और अपने राजनीतिक cercle का एक केंद्रीय व्यक्ति बताया। NBC के 'मीट द प्रेस' पर एक इंटरव्यू के दौरान बोलते हुए, ट्रंप ने सीनेटर के निधन के गहरे व्यक्तिगत प्रभाव पर जोर दिया और बताया कि उन्होंने ग्राहम की मृत्यु से कुछ घंटे पहले ही उनसे बात की थी।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;ट्रंप ने खुलासा किया कि उनकी अंतिम बातचीत विधायी रणनीति पर केंद्रित थी, विशेष रूप से ग्राहम का 'SAVE America Act' के प्रति समर्पण। ट्रंप के अनुसार, सीनेटर इस कानून को आगे बढ़ाने के लिए फिलिबस्टर पर एक कड़ा रुख अपनाने की योजना बना रहे थे। ट्रंप ने कहा, &quot;खैर, यह विनाशकारी है। मुझे लगा कि वह ठीक हैं। उन्होंने मुझे कल रात फोन किया था। वह 'SAVE America Act' को लेकर वास्तव में मजबूत हो रहे थे, और मुझे लगता है कि वह फिलिबस्टर पर बहुत मजबूती से खड़े होने वाले थे... वह SAVE America के एक मजबूत हिमायती थे, और इसी के बारे में उन्होंने मुझे कल रात फोन किया था।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;ट्रंप ने ग्राहम को किया याद&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;जैसे-जैसे NBC का इंटरव्यू आगे बढ़ा, ट्रंप ने ईरान में तनाव के बारे में पूछे जाने पर अन्य राजनीतिक विषयों पर जाने से परहेज किया और जोर देकर कहा कि बातचीत पूरी तरह से सीनेटर के जीवन और चरित्र का जश्न मनाने पर केंद्रित रहनी चाहिए। ट्रंप ने साझा किया, &quot;उन्हें खोना बहुत मुश्किल है। वह महान थे - वह हर तरह से अद्वितीय थे... वह मेरे लिए परिवार के सदस्य की तरह थे। यह बहुत कठिन है। मैं लिंडसे ग्राहम के जीवन का सम्मान करना चाहता हूं, इसलिए मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता। मैंने आपको कॉल से पहले यह बताया था... मैं आज एक व्यक्ति के बारे में बात करना चाहता हूं - लिंडसे ग्राहम।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उनके विधायी कार्यों से परे, ट्रंप ने राजनीतिक प्रक्रिया के लिए ग्राहम की दुर्लभ योग्यता की सराहना की और उन्हें एक 'स्वाभाविक' राजनेता बताया, जिनके पास सिस्टम की एक अनूठी समझ थी। ट्रंप ने NBC इंटरव्यू में टिप्पणी की, &quot;वह एक महान राजनेता थे। लोग यह नहीं समझते कि वह कितने अच्छे राजनेता थे। आपने शायद मुझे कभी किसी के बारे में ऐसा कहते नहीं सुना होगा। ऐसे बहुत से लोग नहीं हैं... यह आदमी एक महान राजनेता था। वह वास्तव में इसे समझते थे।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;कवनॉग की नियुक्ति में निभाई थी अहम भूमिका&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;ट्रंप ने दबाव में भी स्थिर रहने की सीनेटर की क्षमता पर विचार किया, विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ब्रेट कवनॉग की पुष्टि में ग्राहम की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर इशारा करते हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, &quot;ब्रेट कवनॉग पर उनका क्षण क्लासिक्स में से एक था, मुझे लगता है, सीनेट के इतिहास में। मुझे लगता है कि इसने ब्रेट कवनॉग के सुप्रीम कोर्ट में ascension को बचाया।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;ट्रुथ सोशल पर जताया शोक&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस बीच, सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद वाशिंगटन में व्हाइट हाउस का झंडा आधा झुका दिया गया है। इससे पहले दिन में, ट्रंप ने अपने करीबी सहयोगी, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा था कि वह &quot;मेरे द्वारा जाने गए सबसे महान लोगों और सीनेटरों में से एक थे&quot;। अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए एक बयान में, राष्ट्रपति ने 71 वर्षीय दक्षिण कैरोलिना रिपब्लिकन को एक &quot;सच्चे अमेरिकी देशभक्त&quot; के रूप में सराहा, जो &quot;हमेशा काम करते रहते थे&quot;। ट्रंप ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सीनेटर की &quot;बहुत याद आएगी&quot; और वादा किया कि आगे की जानकारी और व्यवस्थाओं की घोषणा की जाएगी।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने लिखा, &quot;सीनेटर लिंडसे ग्राहम, मेरे द्वारा जाने गए सबसे महान लोगों और सीनेटरों में से एक, का निधन हो गया है! वह हमेशा काम करते रहते थे, और एक सच्चे अमेरिकी देशभक्त थे। लिंडसे की बहुत याद आएगी!!! विवरण और व्यवस्थाओं की घोषणा की जाएगी। बहुत दुखद! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम को एक &quot;संक्षिप्त और अचानक बीमारी&quot; के बाद निधन हो गया, उनके कार्यालय ने रविवार को कहा। एक बयान में, ग्राहम के कार्यालय ने कहा कि दक्षिण कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर के परिवार ने इस कठिन समय में गोपनीयता की मांग की है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/world-news/trump-mourns-death-of-close-ally-lindsey-graham-calls-him-great-politician/articleshow-4s0zqm5"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद होने का खतरा, लेकिन इस बार भारत बेफिक्र! जानें क्यों]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/hormuz-strait-crisis-why-india-is-better-prepared-this-time-us-iran-war-latest-news-articleshow-50z0i75</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 15:27:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hormuz Strait Crisis:&lt;/strong&gt; होर्मुज स्ट्रेट पर एक बार फिर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है, दुनियाभर की टेंशन बढ़ गई है, लेकिन भारत इस बार बेफिक्र है? जानिए क्यों...&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxdek7nd5k66c1eeeezkd33g,imgname-hormuz-strait-crisis-1783936687789.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India New Oil Strategy: &lt;/strong&gt;मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव फिर शुरू हो गया है। रविवार को ईरान पर अमेरिकी हमले हुए, सोमवार को ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और अब फिर धमकी दी जा रही है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया जाएगा। इससे दुनिया टेंशन में आ गई है, लेकिन इस बार भारत बेफिक्र है, क्योंकि अब हालत मार्च वाले संकट से बिल्कुल अलग है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पिछले 3 महीने में नई दिल्ली ने बैकस्टेज ऐसा क्या गेम प्लान तैयार किया है, जिसने हॉर्मुज के खतरे को बेअसर कर दिया? आइए जानते हैं इनसाइड स्टोरी...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;होर्मुज संकट से भारत इस बार बेफिक्र क्यों है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पिछले 90 दिनों में भारत ने अपनी तेल खरीदने की पूरी रणनीति बदल दी है। न सिर्फ नए देशों से तेल मंगाना शुरू किया, बल्कि लंबे कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता भी कम कर दी। यही वजह है कि आज भारत मार्च के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में खड़ा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मार्च में क्या हुआ था?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्च में जब खाड़ी देशों से तेल सप्लाई में दिक्कत आई थी, तो भारत को इसका सीधा झटका लगा था। वजह साफ थी, भारत अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल बाहर से मंगाता है, यानी रोजाना लगभग 5 मिलियन बैरल बाहर से ही सप्लाई होती है। इसमें से ज्यादातर हिस्सा सऊदी अरब और इराक जैसे मिडिल ईस्ट के देशों से लंबे कॉन्ट्रैक्ट के जरिए आता था। जब सप्लाई में रुकावट आई, तो भारत के पास कोई प्लान B नहीं था। इसका नतीजा ये हुआ कि सरकार को इमरजेंसी में विदेश मंत्री एस जयशंकर को यूएई भेजना पड़ा, फिर खुद पीएम मोदी को भी दौरा करना पड़ा। NSA अजित डोभाल सऊदी अरब गए और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी को कतर जाना पड़ा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब भारत ने क्या बदल दिया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्च के झटके के बाद भारत ने चुपचाप अपनी पूरी स्ट्रैटेजी पलट दी। सरकारी तेल कंपनियों ने सिर्फ खाड़ी देशों पर भरोसा करना बंद कर दिया और तीन बड़े बदलाव किए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पहला बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत अब रूस, अमेरिका और वेस्ट अफ्रीका जैसे देशों से भी तेल मंगा रहा है। अप्रैल में तो भारत ने वेनेजुएला से भी करीब साढ़े 12 मिलियन बैरल तेल मंगाया, जो फरवरी 2020 के बाद सबसे ज्यादा था। मतलब अब भारत सिर्फ खाड़ी देशों पर ही नहीं, बल्कि रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका, ब्राजील, गुयाना और दूसरे सप्लायरों से भी कच्चा तेल खरीदने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे किसी एक इलाके में संकट आने पर पूरी सप्लाई प्रभावित होने का खतरा कम हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरा बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पहले भारत लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर रहता था, जिसमें सालों पहले तय कीमत पर तेल मिलता था। अब भारत स्पॉट मार्केट से भी ज्यादा खरीदारी कर रहा है, यानी जो तेल पहले से जहाज में लदा हुआ है, उसे सीधे मार्केट रेट पर खरीद लिया जाता है। इससे फायदा ये होता है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत तेल मिल जाता है, किसी एक सप्लायर के भरोसे नहीं रहना पड़ता।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तीसरा बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत ने अब सीधे विदेशी सप्लायर से डील करने के बजाय बड़ी इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनियों से हाथ मिलाना शुरू कर दिया है। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी ने ट्रैफिगुरा और विटोल जैसी कंपनियों से वेनेजुएला का तेल खरीदा। भारत पेट्रोलियम ने भी ट्रैफिगुरा के साथ डील की, और इंडियन ऑयल ने विटोल ग्रुप के साथ मिलकर अपना ट्रेडिंग डेस्क तक बना लिया। ये ट्रेडिंग कंपनियां दुनियाभर से तेल जमा करके रखती हैं, इसलिए संकट के समय तुरंत सप्लाई कर सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस को पेट्रोल दे रहा भारत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत रूस से भी काफी तेल खरीद रहा है, क्योंकि रूस सस्ते दाम पर तेल दे रहा था। जुलाई में भारत ने रूस से रोजाना करीब 2.7 मिलियन बैरल तेल मंगाया, जो मई के मुकाबले काफी ज्यादा है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि अब रूस खुद मुश्किल में है। यूक्रेन लगातार रूस की रिफाइनरियों और तेल टर्मिनल्स पर ड्रोन हमले कर रहा है, जिससे रूस में ही पेट्रोल की किल्लत हो गई है। यहां तक कि भारत ने ही रूस को 60 से 70 हजार टन पेट्रोल बेचा है। इसी वजह से भारत सिर्फ रूस के भरोसे नहीं बैठा, बल्कि दूसरे रास्ते भी खोल लिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;तो क्या पेट्रोल-डीजल के दाम अब नहीं बढ़ेंगे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय के लिए पूरी तरह बंद हो जाए, तो दुनियाभर में तेल के दाम फिर भी बढ़ सकते हैं, क्योंकि ये रास्ता आज भी ग्लोबल एनर्जी ट्रेड के लिए बेहद अहम है। लेकिन भारत के पास अब पहले जैसी बेबसी नहीं है। कई सप्लायर, कई रास्ते और फ्लेक्सिबल खरीदारी की वजह से भारत झटका झेलने की बेहतर स्थिति में है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत के लिए अब आगे क्या?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने की ये कोशिश अभी भी जारी है। हाल ही में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के दौरे पर गए हैं, ताकि रिन्यूएबल एनर्जी और सप्लाई चेन को लेकर नई पार्टनरशिप बनाई जा सके। यानी सिर्फ तेल ही नहीं, भारत अपनी पूरी एनर्जी स्ट्रैटेजी को मजबूत बनाने में जुटा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारत पर 500% टैरिफ की बात करने वाले अमेरिकी नेता नहीं रहे, जानिए क्यों थे इतने चर्चित]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-senator-lindsey-graham-dies-at-71-known-for-controversial-remarks-on-india-russia-and-pakistan-articleshow-5hgz0o3</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 17:37:26 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Lindsey Graham Death:&lt;/strong&gt; अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। भारत, रूस से तेल खरीद, पाकिस्तान और ईरान पर उनके विवादित बयानों ने उन्हें अक्सर सुर्खियों में रखा। जानिए उनके राजनीतिक सफर और प्रमुख विवादों के बारे में।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;अमेरिकी राजनीति के प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं में शामिल सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार (11 जुलाई 2026) को 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह दक्षिण कैरोलिना से लंबे समय तक सीनेटर रहे और विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा रक्षा मामलों पर अपने स्पष्ट और अक्सर विवादित बयानों के लिए जाने जाते थे। शुरुआती दौर में वह डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक रहे, लेकिन बाद में उनके सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल हो गए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत और रूस को लेकर दिए बयानों से बटोरी थीं सुर्खियां&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लिंडसे ग्राहम ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत और चीन की रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर कई बार कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के प्रस्तावित ग्राहम-ब्लूमेंथल विधेयक का समर्थन किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि भारत जैसे देश रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसकी अर्थव्यवस्था को समर्थन देते रहे, तो अमेरिका कड़े आर्थिक कदम उठा सकता है। जून 2025 में भी उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत और चीन का नाम लेते हुए रूस की &quot;युद्ध मशीन&quot; को आर्थिक सहयोग देने का आरोप लगाया था। फरवरी 2026 में उन्होंने भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ का भी समर्थन किया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पाकिस्तान और ईरान पर भी अपनाया था सख्त रुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत पर तीखे बयान देने वाले ग्राहम पाकिस्तान के प्रति भी बेहद सख्त रुख रखते थे। उन्होंने कई मौकों पर कहा था कि उन्हें पाकिस्तान की नीतियों पर भरोसा नहीं है। ईरान संकट के दौरान पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता पर भी उन्होंने सवाल उठाए और आरोप लगाया था कि अमेरिकी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान ने कथित तौर पर ईरानी सैन्य विमानों को अपने ठिकानों पर जगह दी। उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के कुछ बयानों की भी आलोचना की थी और पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था में पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप के करीबी सहयोगी और विवादित बयानों के लिए रहे चर्चित&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लिंडसे ग्राहम ने डोनाल्ड ट्रंप की कई नीतियों का खुलकर समर्थन किया। ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की योजना हो या ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर टिप्पणी, ग्राहम अक्सर अपने बेबाक बयानों से सुर्खियों में रहे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें तानाशाह बताया था और उनके नेतृत्व को हटाने की बात भी कही थी। इन बयानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा हुई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;लिंडसे ग्राहम का निधन अमेरिकी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति माना जा रहा है। विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर उनकी स्पष्ट राय और आक्रामक राजनीतिक शैली उन्हें अमेरिकी सीनेट के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल करती थी। उनके निधन के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/us-senator-lindsey-graham-dies-at-71-known-for-controversial-remarks-on-india-russia-and-pakistan-articleshow-5hgz0o3"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Top 10 Morning News: एक तरफ युद्ध, दूसरी ओर तबाही...आज सुबह की 10 बड़ी खबरें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-july-12-2026-us-iran-india-monsoon-modi-vietnam-ed-fifa-air-india-articleshow-81xksia</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-morning-news-july-12-2026-us-iran-india-monsoon-modi-vietnam-ed-fifa-air-india-articleshow-81xksia</guid>
            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 07:05:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 Morning News: US-ईरान तनाव, वियतनाम में 15 भारतीयों की मौत, चीन में तूफान, स्पेन में जंगल की आग, पीएम मोदी का दौरा, मॉनसून कहर, ED एक्शन, FIFA और एयर इंडिया अपडेट।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx9zdmqrzhgz1z5yvc4gwejq,imgname-top-10-morning-news-july-12-2026-us-iran-india-monsoon-modi-vietnam-ed-fifa-air-india-1783820112632.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Today Top 10 Morning News: &lt;/strong&gt;नमस्कार! सुबह की शुरुआत देश-दुनिया की उन 10 बड़ी खबरों के साथ, जिन पर आज हर किसी की नजर है। कहीं अमेरिका-ईरान तनाव ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, तो कहीं मॉनसून, हादसों, ईडी की बड़ी कार्रवाई और वर्ल्ड कप के रोमांच ने सुर्खियां बटोरी हैं। लेकिन इन सबके बीच कौन-सी खबर आने वाले दिनों में दुनिया की दिशा बदल सकती है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. मिडिल ईस्ट दहला: ट्रंप के एक फैसले से ईरान पर भीषण बमबारी शुरू!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यूएस ने ईरान पर हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरी रात IRGC के ठिकानों पर भारी हवाई बमबारी की। होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष विराम खत्म होने की घोषणा की, जिसके जवाब में ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. खुशियों का सफर बना मातम: वियतनाम में डूबी नाव, 15 भारतीयों की मौत!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वियतनाम के फु क्वोक आइलैंड के पास एक मनोरंजन नाव अचानक पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। मृतकों में 10 तमिलनाडु और 3 आंध्र प्रदेश के थे। भारतीय दूतावास राहत कार्यों में जुटा है, वहीं विपक्ष के नेताओं ने विदेश मंत्रालय से पीड़ितों के शवों को जल्द वापस लाने की मांग की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. तबाही का दूसरा नाम 'बावी': चीन में 10 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विनाशकारी तूफान 'बावी' के चीन के पूर्वी तट पर टकराने से हाहाकार मच गया है। झेजियांग प्रांत, खासकर वेनझोउ शहर से 10 लाख से ज्यादा नागरिकों को निकाला गया है। भारी बारिश और रिकॉर्ड तोड़ हवाओं से इंफ्रास्ट्रक्चर ठप है, उड़ानें रद्द हैं और पड़ोसी देश जापान में भी हाई अलर्ट है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. आग का तांडव: दक्षिणी स्पेन के जंगलों में भड़की भीषण लपटें, 12 जिंदा जले!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्पेन के अंडालूसिया और अल्मेरिया में लगी जंगल की आग बेकाबू हो चुकी है, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लापता हैं। मृतकों में अधिकांश इंटरनेशनल टूरिस्ट हैं। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच सैकड़ों फायरफाइटर्स और एयरक्राफ्ट रिहायशी इलाकों को बचाने की जंग लड़ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. वेस्ट बैंक में हड़कंप: अमेरिकी सांसद रो खन्ना को बंदूकधारियों ने बनाया बंधक!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी डेमोक्रेटिक कांग्रेसी रो खन्ना को वेस्ट बैंक के राजनयिक दौरे के दौरान हथियारबंद इजराइली सेटलर्स ने 90 मिनट तक अचानक हिरासत में ले लिया। रो खन्ना ने इसे इलाके में अराजकता का खतरनाक बढ़ना बताया है। इस हाई-प्रोफाइल घटना से वाशिंगटन और व्हाइट हाउस में भारी राजनीतिक हलचल मच गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. मोदी का मिशन 2030: भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुई ऐतिहासिक 'महाडील'!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तीन देशों का दौरा पूरा कर पीएम मोदी भारत लौट रहे हैं। आखिरी पड़ाव में न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बातचीत के बाद दोनों देशों के रिश्ते 'स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप' में बदल गए हैं। साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर ₹35,000 करोड़ करने के लिए 5 साल का इकोनॉमिक रोडमैप तैयार हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. कुदरत का कहर: उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश, 300 से ज्यादा हाईवे ठप!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू में भारी मॉनसून बारिश से भूस्खलन और बाढ़ ने तबाही मचाई है। IMD ने कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है। मलबे की चपेट में आने से उत्तराखंड में एक डॉक्टर की मौत हो गई। यमुनोत्री हाईवे बंद है, वहीं दिल्ली-NCR में जलभराव के कारण प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. अनिल अंबानी ग्रुप पर ED का सर्जिकल स्ट्राइक: ₹1,021 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप से जुड़ी ₹1,021 करोड़ की संपत्ति को अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया है। इस बड़ी वित्तीय कार्रवाई ने घरेलू बैंकिंग सेक्टर में हलचल मचा दी है और इसे कड़े कॉर्पोरेट गवर्नेंस का संकेत माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. बेलिंगहम का जादू: एक्स्ट्रा-टाइम के रोमांच में नॉर्वे को हरा इंग्लैंड सेमीफाइनल में!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;FIFA वर्ल्ड कप 2026 के बेहद रोमांचक क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड ने नॉर्वे को 2-1 से मात दी। तय समय तक मैच बराबरी पर रहने के बाद एक्स्ट्रा-टाइम में सुपरस्टार जूड बेलिंगहम ने चमत्कारी गोल दागकर इंग्लैंड को सेमीफाइनल में पहुंचाया। अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना से होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. जोधपुर एयरपोर्ट पर नया दौर: एयर इंडिया ने रातों-रात बदला अपना ठिकाना!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एयर इंडिया ने जोधपुर एयरपोर्ट पर अपना पूरा कामकाज अत्याधुनिक नए टर्मिनल बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है। 23,342 वर्ग मीटर में फैली इस आधुनिक सुविधा में 20 चेक-इन काउंटर और 6 एयरोब्रिज हैं। जोधपुर से दिल्ली-मुंबई की 26 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करने वाली एयर इंडिया ने यात्रियों को जल्दी पहुंचने की सलाह दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Hormuz Strait पर क्यों दावा ठोक रहा है ईरान? जानिए 39 KM चौड़े इस रास्ते का पूरा विवाद]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/hormuz-strait-dispute-between-iran-and-america-explained-articleshow-8cbdesa</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 12:12:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US-Iran War: &lt;/strong&gt;होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान-अमेरिका के बीच विवाद क्यों बढ़ गया है? जानिए 39 KM चौड़े इस समुद्री रास्ते की अहमियत, दोनों देशों के दावे और दुनिया पर असर&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxd3f4vg8j205cb9a43danfm,imgname-hormuz-strait-dispute-1783925019504.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hormuz Strait Dispute: &lt;/strong&gt;अमेरिका और ईरान में एक बार फिर आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है। रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के करीब 140 जगहों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर दिए। बुशेहर, बंदर अब्बास, किश्म और अहवाज जैसे कई बड़े शहरों में अटैक हुए। जवाब में सोमवार को IRGC ने भी बड़ा पलटवार किया। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में बने अमेरिकी मिलिट्री बेसों को निशाना बनाया है, जहां अमेरिका का सबसे एडवांस 'पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम', फ्यूल टैंक और ड्रोन कंट्रोल सेंटर को तबाह हो गए। लेकिन दोबारा शुरू हुई इस जंग के पीछे की असली वजह होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) माना जा रहा है। ईरान के बड़े नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि यह रास्ता उनके लिए कई परमाणु बमों से भी ज्यादा कीमती है। ऐसे में सवाल उठ रहा कि आखिर 39 किलोमीटर चौड़े इस समुद्री रास्ते में ऐसा क्या है, जिसके लिए दोनों देश अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं? आइए जानते हैं...&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;होर्मुज स्ट्रेट क्या है, कहां है और क्यों है इतना खास?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज स्ट्रेट समंदर का एक बहुत ही संकरा रास्ता है, जो दो देशों ईरान और ओमान के बीच में स्थित है। इसका उत्तरी हिस्सा ईरान से सटा है और दक्षिणी हिस्सा ओमान के पास है। सबसे कम चौड़ाई वाली जगह पर यह रास्ता सिर्फ 39 किलोमीटर (21 नॉटिकल मील) चौड़ा है। यह रास्ता इतना खास इसलिए है, क्योंकि दुनिया में जितना भी कच्चा तेल और गैस जहाजों के जरिए एक देश से दूसरे देश जाता है, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी पतली सी गली से होकर गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद हो जाए, तो पूरी दुनिया में तेल को लेकर क्राइसिस मच सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद क्यों मचा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बहुत पहले नियम था कि किसी भी देश की सीमा से लगा समंदर सिर्फ 3 नॉटिकल मील (करीब 5.5 किलोमीटर) तक ही उस देश का माना जाता था। तब बीच का रास्ता खुला रहता था। बाद में इंटरनेशनल नियमों में बदलाव हुआ। इसके बाद ईरान ने 1959 में और ओमान ने 1972 में अपने-अपने समुद्री क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 12-12 नॉटिकल मील यानी करीब 22 किमी कर दी। जब दोनों देशों ने 22-22 किलोमीटर समंदर पर अपना दावा ठोक दिया, तो होर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा, जो सिर्फ 39 किलोमीटर चौड़ा है, पूरी तरह से ईरान और ओमान के पानी के अंदर आ गया। हालांकि, दुनिया का व्यापार न रुके, इसलिए जहाजों के आने-जाने के लिए बीच में एक छोटा सा सेफ रूट (ट्रांजिट लेन) बनाया गया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ईरान इस पर अपना दावा क्यों कर रहा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस समुद्री रास्ते का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के पास आता है। कई दशक पहले दोनों देशों की समुद्री सीमा काफी कम थी, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत दोनों ने अपनी समुद्री सीमा बढ़ा दी। इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट का सबसे संकरा हिस्सा दोनों देशों के समुद्री क्षेत्र में आने लगा। इसी वजह से ईरान का कहना है कि इस इलाके की सुरक्षा और यहां होने वाली गतिविधियों में उसका अधिकार बनता है। हाल ही में ईरान ने एक नया नक्शा भी जारी किया, जिसमें उसने इस संकरे हिस्से पर अपना कंट्रोल दिखाया है। ईरानी नेताओं का कहना है कि वे किसी भी विदेशी सैन्य दखल को स्वीकार नहीं करेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका क्यों नहीं मान रहा ईरान की बात?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका का नजरिया बिल्कुल अलग है। उसका कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है। इसलिए दुनिया के किसी भी कारोबारी जहाज को यहां से गुजरने से रोका नहीं जा सकता। अमेरिका का दावा है कि उसकी नौसेना और लड़ाकू विमान इस इलाके में इसलिए मौजूद हैं ताकि वैश्विक व्यापार सुरक्षित रह सके और तेल-गैस की सप्लाई प्रभावित न हो। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच इस इलाके को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है यह रास्ता?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज स्ट्रेट को दुनिया की सबसे अहम समुद्री लाइनों में गिना जाता है। हर दिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से एशिया, यूरोप और दूसरे देशों तक पहुंचती है। अगर कभी यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो सिर्फ अमेरिका और ईरान ही नहीं बल्कि भारत समेत कई देशों पर असर पड़ सकता है। तेल महंगा हो सकता है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/hormuz-strait-dispute-between-iran-and-america-explained-articleshow-8cbdesa"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Toronto Mass Shooting: साल्सा फेस्टिवल में फायरिंग, 2 की मौत, तबाही की 9 PHOTO-VIDEO]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/toronto-mass-shooting-salsa-festival-gunfire-two-killed-three-injured-police-search-suspects-photoshow-c4d8stp</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 08:23:22 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;रात के अंधेरे में टोरंटो की सड़कें गोलियों की गूंज से दहल उठीं। साल्सा फेस्टिवल के बीच हुई मास शूटिंग में 2 लोगों की मौत और 3 घायल हो गए। पुलिस 3 नकाबपोश संदिग्धों की तलाश में जुटी है। आखिर इस टारगेटेड शूटिंग के पीछे कौन है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxa2x0n6dst8h1894vr46yd3,imgname-toronto-mass-shooting-salsa-festival-gunfire-two-killed-three-injured-police-search-suspects-7-1783823762086.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;रात के अंधेरे में टोरंटो की सड़कें गोलियों की गूंज से दहल उठीं। साल्सा फेस्टिवल के बीच हुई मास शूटिंग में 2 लोगों की मौत और 3 घायल हो गए। पुलिस 3 नकाबपोश संदिग्धों की तलाश में जुटी है। आखिर इस टारगेटेड शूटिंग के पीछे कौन है?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Toronto Mass Shooting: &lt;/strong&gt;कनाडा का सबसे सुरक्षित माना जाने वाला शहर टोरंटो शनिवार रात गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठा। जहां एक तरफ लोग साल्सा फेस्टिवल के जश्न में डूबे हुए थे, वहीं अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने पूरे इलाके को कब्रिस्तान में बदल दिया। दुकानों और रेस्तरां से भरे इस बेहद व्यस्त इलाके में एक अज्ञात शूटर ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टोरंटो पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तुरंत चेतावनी जारी करते हुए कहा, &quot;कृपया तुरंत उस इलाके से दूर रहें और पुलिस के सभी निर्देशों का पालन करें।&quot; हालांकि बाद में घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया, लेकिन हमलावर वारदात को अंजाम देकर गायब हो चुका था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;यह दिल दहला देने वाली वारदात कोई पहली घटना नहीं है। कनाडा में पिछले कुछ समय से गन वायलेंस की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पिछले महीने के आखिर में मॉन्ट्रियल में भी इसी तरह की एक भयानक शूटिंग हुई थी, जिसमें एक जांबाज पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा, इसी साल फरवरी में पश्चिमी इलाके के एक छोटे से माइनिंग टाउन, टंबलर रिज के एक स्कूल में हुई सामूहिक गोलीबारी को लोग अभी भूले भी नहीं थे। उस दिल दहला देने वाले कांड में शूटर ने अपनी ही मां और सौतेले भाई सहित आठ लोगों को मार डाला था और 27 लोगों को घायल करने के बाद खुदकुशी कर ली थी। इस नए हमले ने कनाडाई नागरिकों के दिलों में पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#BREAKING At least two people have been killed and five others injured following shooting at the Salsa on St. Clair festival in Toronto. pic.twitter.com/0GhkhrNBnh&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Global OSINT (@GlobalOSINTHQ) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;साल्सा फेस्टिवल के पास हुए इस बवाल के अलावा, टोरंटो पुलिस नॉर्थ यॉर्क के जेन स्ट्रीट और शेपर्ड एवेन्यू वेस्ट इलाके में हुई एक और &quot;टारगेटेड&quot; (निशाना बनाकर की गई) ट्रिपल शूटिंग की गुत्थी सुलझाने में दिन-रात एक कर रही है। शुक्रवार रात 11 बजे के ठीक बाद पुलिस को कई इमरजेंसी कॉल्स मिले। जब अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद खौफनाक था। 20-22 साल के तीन युवक खून से लथपथ हालत में तड़प रहे थे। डिटेक्टिव सार्जेंट सैंड्रा अरुडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि 22 वर्षीय अब्दिहामीम अदन को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया। दुखद बात यह है कि अब्दिहामीम साल 2026 में टोरंटो का 18वां हत्या का शिकार बना है, जो शहर में बढ़ते क्राइम ग्राफ की गवाही देता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Breaking:New Footage from the ACTIVE SHOOTER situation at Toronto Festival which left 2 dead multiple injured pic.twitter.com/6zB0uP8Qnb&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Breaking X (@BreakingXAlerts) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस टारगेटेड हमले के पीछे कौन है? पुलिस के मुताबिक, इस वारदात को अंजाम देने वाले तीन पुरुष संदिग्ध थे, जो किसी यमदूत की तरह काले कपड़ों और चेहरों पर मास्क लगाए अचानक प्रकट हुए। उन्होंने अब्दिहामीम और उसके दोस्तों पर गोलियां बरसाईं और फिर पहले से तैयार खड़ी एक काली होंडा सिविक कार में सवार होकर पलक झपकते ही गायब हो गए। जांच में सामने आया है कि यह कार कुछ दिन पहले ही नॉर्थ यॉर्क इलाके से चोरी की गई थी। पुलिस के पास फिलहाल इन हत्यारों का कोई सुराग या हुलिया नहीं है, जिससे जांच अधिकारियों की रात की नींद उड़ चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Footage from Toronto Active Shooter situation which left 2 deadNo report of Shooter in custody pic.twitter.com/ckADP7ew0S&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Breaking X (@BreakingXAlerts) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;शनिवार सुबह करीब 3 बजे टोरंटो से कुछ दूरी पर स्थित ब्रैम्पटन के फिंचगेट और क्लार्क बुलेवार्ड्स इलाके में सन्नाटे को चीरती हुई आग की लपटें दिखाई दीं। पील पुलिस के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक कार धू-धू कर जल रही थी। यह कोई आम कार नहीं, बल्कि वही चोरी की होंडा सिविक थी जिसका इस्तेमाल शूटरों ने भागने के लिए किया था। सबूतों को पूरी तरह मिटाने के मकसद से अपराधियों ने गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था। पील पुलिस ने तुरंत टोरंटो पुलिस की होमिसाइड टीम को इसकी सूचना दी और गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;2 are dead in Toronto and 3 others located with bullet wounds as attendees of the Salsa On St. Clair Avenue run for safety while hearing gunshots.Toronto has truly turned into a city that has emboldened its worst. pic.twitter.com/7eex2HoYXg&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Leviathan (@l3v1at4an) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;उस डरावनी रात की गवाह बनी एक स्थानीय महिला, जो पेशे से नर्स है और पिछले 25 सालों से उसी इलाके में रह रही है, ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया, &quot;मैंने एक के बाद एक छह गोलियों की आवाज सुनी। मैं इतनी डर गई थी कि अपनी बेटी को लेकर घर के सबसे सुरक्षित हिस्से यानी वॉशरूम की तरफ भागी।&quot; कुछ देर बाद जब गोलियों की आवाज थमी, तो उसे बाहर से किसी के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। वह अपनी जान जोखिम में डालकर मदद के लिए बाहर दौड़ी। नर्स ने पहले एक घायल युवक की मदद की जिसके पैरों में गोली लगी थी, लेकिन तभी पास से एक मां की दिल चीर देने वाली चीख सुनाई दी- &quot;ओ मेरे बेटे, मेरे बेटे!&quot; नर्स ने भागकर उस लड़के को सीपीआर (CPR) देने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसने रोते हुए बताया कि मृत युवक बेहद शांत और अच्छा लड़का था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;करीब 25 वर्षों से इलाके में रह रही एक महिला ने बताया कि उसने लगातार छह गोलियों की आवाज़ सुनी। वह अपनी बेटी को लेकर घर के बीच वाले हिस्से में छिप गई। कुछ देर बाद मदद की चीखें सुनकर वह बाहर निकली और घायलों की सहायता करने लगी। महिला के अनुसार, एक युवक के पैरों में गोली लगी थी, जबकि दूसरे व्यक्ति को बचाने की कोशिश के बावजूद उसकी मौत हो गई। उसने मृत युवक को &quot;शांत स्वभाव वाला और अच्छा लड़का&quot; बताया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इस समय पूरे कम्युनिटी में डर और असुरक्षा का माहौल है। डिटेक्टिव सार्जेंट सैंड्रा अरुडा ने निवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि पुलिस हर एक सबूत को इकट्ठा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। हालांकि कुछ गवाह सामने आए हैं, लेकिन पुलिस ने आम जनता से, खासकर उस वक्त वहां से गुजरने वाले गाड़ी चालकों से अपील की है कि अगर उनके पास कोई डैशकैम फुटेज है, तो वे तुरंत 416-808-7400 पर संपर्क करें। अधिकारियों का मानना है कि शहर में बढ़ती गन वायलेंस और हिंसा के इस नंगे नाच को रोकने का एकमात्र तरीका इन ब्लाइंड होमिसाइड केसों को सुलझाना और कातिलों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;टोरंटो पुलिस ने कहा है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और हर संभावित सबूत की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने विशेष रूप से उन लोगों से आगे आने की अपील की है जिनके पास डैशकैम या मोबाइल फोन की रिकॉर्डिंग हो। पुलिस का कहना है कि छोटी से छोटी जानकारी भी आरोपियों तक पहुंचने में निर्णायक साबित हो सकती है। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। इस बीच शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों गोलीबारी की घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। पूरे मामले ने टोरंटो में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/toronto-mass-shooting-salsa-festival-gunfire-two-killed-three-injured-police-search-suspects-photoshow-c4d8stp"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[होर्मुज में बढ़ा तनाव: अमेरिका ने तबाह किए ईरानी मिसाइल सिस्टम, ईरान ने खाड़ी देशों पर बरसाए बम!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-iran-war-hormuz-strait-america-iran-missile-attack-latest-news-articleshow-ca9gusg</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 06:56:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US-Iran Conflict: &lt;/strong&gt;अमेरिका ने होर्मुज के पास ईरान के मिसाइल सिस्टम पर हमला किया। जवाब में ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxchcbbmaty33zfdsphvv8gn,imgname-us-iran-war-1783906053492.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US-Iran War: &lt;/strong&gt;अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर बढ़ गया है। रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके कुछ ही समय बाद ही ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े कई ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी हमलों ने मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव फिर से बढ़ा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को निशाना बनाया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के मकसद से कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में ईरान के मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की स्पीड बोट्स को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और होर्मुज में किसी भी तरह के सैन्य खतरे को कम करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर पर भी हमले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas) और पास के केशम द्वीप (Qeshm Island) पर 10 से 11 रॉकेट गिरने की पुष्टि हुई है। केशम के गवर्नर हुसैन अमीर तैमूरी के अनुसार, सभी निशाने सैन्य ठिकाने थे और किसी भी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, होर्मोज़गान प्रांत में एक मेंटेनेंस कर्मचारी की मौत हुई है और दो अन्य घायल हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद शुरू हुई कार्रवाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;CENTCOM के अनुसार, यह सैन्य अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शुरू किया गया। अमेरिका का कहना है कि ईरानी गतिविधियों के कारण दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों को बनाया निशाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही समय बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार, उसने अमेरिका से जुड़े कई सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया, जिनमें जॉर्डन में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, कुवैत में HIMARS मिसाइल सिस्टम और सैन्य सुविधाएं, ओमान में विमानवाहक पोत से जुड़ी सपोर्ट सुविधाएं, कतर में विमान रखरखाव केंद्र और ड्रोन संचालन से जुड़े ठिकाने शामिल हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ईरानी हमले में किन खाड़ी देशों को नुकसान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कुवैत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कुवैत में अमेरिकी HIMARS मिसाइल लॉन्चर और गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाया गया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उनके तीन बॉर्डर सेंटर और एक ऑफशोर ऑयल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कतर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यहां एक जेट मेंटेनेंस सेंटर और कमांड फैसिलिटी पर मिसाइल का मलबा गिरने से एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हो गए। कतर ने इस हमले के लिए ईरान को पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जॉर्डन, ओमान UAE और बहरीन&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जॉर्डन में अमेरिकी रडार साइट और ड्रोन हैंगर्स को निशाना बनाया गया, जबकि ओमान में एयरक्राफ्ट कैरियर सपोर्ट और रीफ्यूलिंग प्लेटफॉर्म्स पर ड्रोन हमले हुए। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने दावा किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमाओं के बाहर ही कई ईरानी मिसाइलों और हवाई खतरों को मार गिराया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;होर्मुज क्यों बना जंग का केंद्र?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के सबसे बिजी और अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान ने इस साल की शुरुआत में 'परेशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' का गठन किया था। अमेरिकी हमलों के बाद इस अथॉरिटी ने घोषणा कर दी है कि अमेरिकी सेना की 'अवैध हरकतों' के कारण अब किसी भी जहाज को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जब तक क्षेत्र में स्थिरता नहीं आती, इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं होगा। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। CENTCOM ने बयान जारी कर कहा, 'ईरान का इस जलडमरूमध्य पर कोई कंट्रोल नहीं है। जहाजों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी सेना अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत फ्रीडम ऑफ नेविगेशन की रक्षा के लिए मुस्तैद है।'&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप ने कहा, 'सीजफायर खत्म'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सैन्य टकराव ने दोनों देशों के बीच चल रहे 60 दिनों के अंतरिम शांति समझौते को पटरी से उतार दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब इस सीजफायर को प्रभावी रूप से खत्म मानते हैं, हालांकि उन्होंने भविष्य में बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात कही है। यह हमला ठीक उस बैठक के एक दिन बाद हुआ, जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने मस्कट में ओमानी विदेश मंत्री से होर्मुज के मुद्दे पर बात की थी। लेकिन ईरान का आधिकारिक रुख अब भी सख्त है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी देते हुए लिखा, &lsquo;एकतरफा समझौतों का दौर अब खत्म हो चुका है। हमने आपसे कहा था अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं। हकीकत अब आपके सामने है।&rsquo;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Bangkok Pub Fire: इंटीरियर डेकोरेशन या मौत का सामान? 5 मिनट में कैसे श्मशान बन गया Na Ladprao Pub]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/bangkok-pub-fire-how-interior-decoration-and-toxic-smoke-turned-na-ladprao-pub-into-death-trap-articleshow-cbf5mi2</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 09:19:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Bangkok Pub Fire में 27 लोगों की मौत और 63 घायल हो गए हैं। शुरुआती जांच में सर्किट ब्रेकर, जहरीले धुएं और डेकोरेटिव मटेरियल की भूमिका सामने आई। जानिए हादसे की पूरी कहानी...&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxcsjb4hne878bypebgmj28e,imgname-bangkok-pub-fire-1783914638481.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Thailand Fire: &lt;/strong&gt;थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के ना लाडप्राओ (Na Ladprao) पब में सोमवार देर रात लगी भीषण आग ने देखते ही देखते एक जश्न को मातम में बदल दिया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि 63 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 22 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग के बाद फैला जहरीला धुआं और छत पर लगा डेकोरेटिव मटेरियल इस त्रासदी की सबसे बड़ी वजह बन गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कैसे 5 मिनट में मौत का जाल बन गया पूरा पब?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, घटना आधी रात के बाद शुरू हुई। स्टेज पर परफॉर्म कर रहे संगीतकारों ने सबसे पहले सर्किट ब्रेकर से धुआं उठता हुआ देखा। कुछ ही सेकंड बाद बिजली चली गई और फिर जोरदार धमाका हुआ। इसके बाद आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते पूरा पब घने काले धुएं से भर गया। कई लोग बाहर का रास्ता ही नहीं ढूंढ़ सके और अंदर ही फंस गए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Terrifying visuals from the Bangkok fire location in Thailand when people were rushing out to save their lives. Thai Prime Minister has confirmed that 27 bodies have been recovered and fire has been brought under control. Many people are injured. pic.twitter.com/2SixPO7MNB&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या इंटीरियर डेकोरेशन ने बढ़ाई तबाही?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सित्तिपुंत के मुताबिक, 'आग लगने के बाद सबसे पहले छत पर लगे डेकोरेटिव मटेरियल ने आग पकड़ ली। यही सामग्री कुछ ही मिनटों में तेजी से जलने लगी और पूरे पब में जहरीला धुआं फैल गया। यही वजह रही कि कई लोगों की मौत आग से झुलसने के बजाय धुएं में दम घुटने से हुई।'&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ज्यादातर शव बाथरूम के पास क्यों मिले?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने बताया कि अधिकांश मृतक पब के पिछले हिस्से में स्थित बाथरूम के पास मिले। इससे माना जा रहा है कि लोग धुएं और आग से बचने के लिए पीछे की ओर भागे थे, लेकिन घने जहरीले धुएं ने उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;22 लोगों की हालत अब भी गंभीर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हादसे में कुल 63 लोग घायल हुए हैं। इनमें 22 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। दमकल विभाग ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पूरा पब जलकर खाक हो चुका था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर आग लगी कैसे?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनमें स्टेज के पास सर्किट ब्रेकर से धुआं उठना, कुछ ही देर बाद बिजली गुल होना, इसके तुरंत बाद धमाका होना, आग का तेजी से छत तक फैलना और डेकोरेटिव मटेरियल के कारण जहरीला धुआं पूरे पब में भर जाना शामिल हैं। हालांकि, आग लगने की अंतिम वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;थाईलैंड में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पहली बार नहीं है जब थाईलैंड में किसी मनोरंजन स्थल पर इतनी बड़ी आग लगी हो। 2022 में पूर्वी थाईलैंड के एक म्यूजिक पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी। 2009 में बैंकॉक के Santika Nightclub में नए साल के जश्न के दौरान लगी आग में 66 लोगों की जान चली गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस नए हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[अमेरिका में भारतीय मूल की Google इंजीनियर की हत्या, आखिर पति ने क्यों चलाई गोली?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/indian-origin-google-engineer-shot-dead-by-husband-georgia-son-injured-domestic-violence-articleshow-fquh7qz</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 09:39:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अमेरिका के जॉर्जिया में भारतीय मूल की गूगल इंजीनियर शीतल व्रज़ेसियन की कथित तौर पर पति ने गोली मारकर हत्या कर दी। बेटा भी घायल हुआ। घरेलू हिंसा के इस सनसनीखेज मामले की जांच जारी है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxa851y8eed9xktmmwe6ayrh,imgname-indian-origin-google-engineer-shot-dead-by-husband-georgia-son-injured-domestic-violence-1783829268424.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indian Origin Google Engineer: &lt;/strong&gt;अमेरिका के जॉर्जिया से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे भारतीय-अमेरिकी समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। अटलांटा के पॉश इलाके में रहने वाले एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक सिरफिरे पति ने घरेलू कलह के चलते अपनी ही पत्नी की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। मृतका कोई साधारण महिला नहीं, बल्कि दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) की एक सीनियर टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव और इंजीनियरिंग लीडर थीं। इस खौफनाक वारदात में दंपति का जवान बेटा भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;आधी रात को गूंजी गोलियां: स्मरना शहर का वो आलीशान घर और चीखें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना जॉर्जिया के स्मरना शहर की है। मंगलवार की रात करीब 8:00 बजे (स्थानीय समय) पुलिस कंट्रोल रूम को एक घर में ताबड़तोड़ फायरिंग होने की सूचना मिली। जब तक पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचतीं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आलीशान घर के बाहर पहुंचते ही अधिकारियों के होश उड़ गए; दंपति का 23 वर्षीय बेटा, जेसन व्रज़ेसियन, खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। उसे तुरंत इमरजेंसी रिस्पॉन्डर्स द्वारा स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। लेकिन असली खौफनाक मंजर तो घर के अंदर पुलिस का इंतजार कर रहा था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;घर के अंदर पसरा था सन्नाटा: खून से लथपथ मिलीं शीतल व्रज़ेसियन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही पुलिस अधिकारी हथियार तानकर घर के अंदर दाखिल हुए, वहां चारों तरफ खून बिखरा हुआ था। घर के अंदर 57 वर्षीय शीतल व्रज़ेसियन गोली लगने से बेहद गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी थीं। डॉक्टरों और पुलिस ने उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपी पति, 56 वर्षीय कर्क बी. व्रज़ेसियन को अटलांटा के पास कॉब काउंटी स्थित उसी घर से गिरफ्तार कर लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या था हत्या का खौफनाक मकसद? आरोपी पति पर दर्ज हुए संगीन मुकदमे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कॉब काउंटी पुलिस विभाग ने इस पूरी वारदात को घरेलू हिंसा (Domestic Violence) का एक बेहद गंभीर मामला करार दिया है। हत्यारे पति 56 वर्षीय कर्क व्रज़ेसियन को बिना किसी जमानत के 'कॉब काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर' की काल कोठरी में बंद कर दिया गया है। स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, कर्क पर गंभीर हत्या (Felony Murder) का एक आरोप, गंभीर हमले (Aggravated Assault) के दो आरोप और एक संगीन जुर्म के दौरान अवैध हथियार रखने के दो कड़े आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ था जिसने एक पति को कातिल बना दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;दो सॉफ्टवेयर पेटेंट की इन्वेंटर: इंग्लैंड से भारत और फिर अमेरिका तक का सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शीतल व्रज़ेसियन का जाना टेक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इंग्लैंड, भारत और घाना जैसे देशों में पली-बढ़ीं शीतल बचपन से ही बेहद होनहार थीं। वे जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Georgia Tech) से कंप्यूटर साइंस की उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अमेरिका आई थीं। उनके पास टेक्नोलॉजी सेक्टर में दो दशकों से भी ज्यादा का शानदार अनुभव था। गूगल में इंजीनियरिंग लीडर की कमान संभालने से पहले, उन्होंने HomeDepot.com के लिए मोबाइल और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहलों का सफल नेतृत्व किया था, जहां उन्होंने कंपनी के डिजिटल होम डेकोर बिजनेस को बुलंदियों पर पहुंचाया। वे दो सॉफ्टवेयर पेटेंट की इन्वेंटर भी थीं और जॉर्जिया टेक कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग के एडवाइजरी बोर्ड में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सूने घर में बची सिर्फ यादें: बिखर गया एक हंसता-खेलता परिवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शीतल अटलांटा में अपने पति कर्क और दो बच्चों- बेटा जेसन और बेटी जेसिका के साथ रहती थीं। सोशल मीडिया पर एक सफल और आदर्श दिखने वाले इस परिवार के भीतर घरेलू हिंसा का ऐसा भयानक लावा उबल रहा है, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अस्पताल में भर्ती बेटे जेसन की मेडिकल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस दुखद घटना ने विदेशों में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा और बंद दरवाजों के पीछे छिपे घरेलू उत्पीड़न के काले सच को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;टेक इंडस्ट्री में शोक, जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शीतल व्रज़ेसियन की मौत ने टेक समुदाय और भारतीय-अमेरिकी समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी सबूत जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक सफल परिवार में ऐसा क्या हुआ जिसने इस भयावह घटना को जन्म दिया। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की असली वजह और पूरी कहानी सामने आ सकेगी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[इजरायल के महान दोस्त लिंडसे ग्राहम का निधन, PM नेतन्याहू ने दी श्रद्धांजलि]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/netanyahu-mourns-death-of-us-senator-lindsey-graham-great-friend-of-israel/articleshow-fx6unpd</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 15:31:11 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गहरा दुख जताया है। नेतन्याहू ने ग्राहम को इजरायल का महान और अपना प्रिय मित्र बताते हुए कहा कि उनका जाना इजरायल और अमेरिका दोनों के लिए एक बड़ी क्षति है।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-8123364c-75ec-4575-8313-7f0319ad6a39.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;तेल अवीव [इज़राइल], 12 जुलाई (एएनआई): इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर शोक व्यक्त किया, जो इज़राइल के कट्टर समर्थक थे। नेतन्याहू ने याद किया कि ग्राहम इज़राइल के एक महान मित्र थे।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;नेतन्याहू ने बताया इजरायल का सबसे बड़ा दोस्त&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, &quot;सारा और मैं अपने प्रिय मित्र, सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर अमेरिकी लोगों के साथ शोक में हैं। हमारी हालिया बैठक में, मैंने कहा था, 'लिंडसे इज़राइल के एक महान मित्र और मेरे एक प्रिय मित्र हैं। हमारे पास लिंडसे से बेहतर कोई दोस्त नहीं है।' लिंडसे समझते थे कि इज़राइल और अमेरिका की सुरक्षा अविभाज्य है। उन्होंने अपना जीवन अमेरिका की रक्षा करने, हमारे गठबंधन को मजबूत करने और स्वतंत्र दुनिया के लिए खड़े होने में समर्पित कर दिया। इज़राइल ने अपने सबसे महान दोस्तों में से एक को खो दिया है। अमेरिका ने एक महान देशभक्त खो दिया है। मैंने एक प्रिय मित्र खो दिया है। इस कठिन समय में हमारा दिल लिंडसे के परिवार और अमेरिकी लोगों के साथ है। उनके मूल्य और पहल हमें जीत और शांति की ओर मार्गदर्शन करते रहें, और उनकी स्मृति हमेशा एक आशीर्वाद बनी रहे।&quot; सारा और मैं अपने प्रिय मित्र, सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन पर अमेरिकी लोगों के साथ शोक में हैं। हमारी हालिया बैठक में, मैंने कहा था, &quot;लिंडसे इज़राइल के एक महान मित्र और मेरे एक प्रिय मित्र हैं। हमारे पास लिंडसे से बेहतर कोई दोस्त नहीं है।&quot; लिंडसे समझते थे कि सुरक्षा&hellip; pic.twitter.com/JG2mUUAfFT &mdash; बेंजामिन नेतन्याहू - בנימין נתניהו (@netanyahu) 12 जुलाई, 2026&lt;/p&gt; &lt;p&gt;इससे पहले दिन में, ग्राहम का शनिवार शाम को &quot;संक्षिप्त और अचानक बीमारी&quot; के बाद निधन हो गया, उनके कार्यालय ने रविवार को कहा।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एक बयान में, ग्राहम के कार्यालय ने कहा कि दक्षिण कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर के परिवार ने इस कठिन समय के दौरान निजता की मांग की है। बयान में कहा गया, &quot;शनिवार, 11 जुलाई की शाम को, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का एक संक्षिप्त और अचानक बीमारी से निधन हो गया। सीनेटर ग्राहम का परिवार इस समय प्रार्थनाओं की सराहना करता है और इस अविश्वसनीय रूप से कठिन अवधि के दौरान निजता का अनुरोध करता है।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;सीनेटर ग्राहम ने इस साल मई में कहा था कि पश्चिम एशिया संकट में तेहरान के साथ किसी भी संभावित सौदे में हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ इज़राइल के सैन्य अभियानों पर कोई रोक नहीं लगनी चाहिए। &quot;एक अलग मोर्चे पर, मेरा मानना है कि हमें इज़राइल को लेबनान से होने वाले लगातार हिजबुल्लाह के हमलों से उत्पन्न खतरों को बेअसर करने की अनुमति देनी चाहिए। हिजबुल्लाह के मिसाइल और रॉकेट फायर के कारण इज़राइल के कुछ हिस्से रहने योग्य नहीं हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;अमेरिकी राजनीति में नेताओं के स्वास्थ्य पर चिंता&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;हालांकि, ट्रंप सरकार हाल ही में उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रही है, क्योंकि इससे पहले 6 जुलाई को, केंटकी के रिपब्लिकन और पूर्व बहुमत नेता सीनेटर मिच मैककॉनेल को 14 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, न्यूयॉर्क टाइम्स ने रिपोर्ट किया। प्रशासन अपने सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति पर बहुत कम स्पष्टीकरण के साथ काम कर रहा है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, न्यू जर्सी के एक प्रमुख स्विंग जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस एच. कीन जूनियर, 117 दिनों के लिए गायब हो गए थे और हाउस में 100 से अधिक वोट से चूक गए थे, जिसके बाद उन्होंने अपने मतदाताओं को एक स्पष्टीकरण दिया: कि उन्हें अवसाद का इलाज कराने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;के ग्रेंजर, एक टेक्सास रिपब्लिकन, जो कभी शक्तिशाली विनियोग समिति का नेतृत्व करती थीं, ने महीनों तक हाउस के वोट नहीं दिए थे। बाद में, उनके बेटे ने मीडिया को बताया, जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने उद्धृत किया, कि वह &quot;डिमेंशिया के मुद्दों&quot; का अनुभव कर रही थीं।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स की पत्रकार मैगी हैबरमैन की आलोचना की, जब उन्होंने एमएस नाउ पर एक उपस्थिति के दौरान उनकी शारीरिक और संज्ञानात्मक फिटनेस पर सवाल उठाया, और चेतावनी दी कि जब टाइम्स के खिलाफ उनका अरबों डॉलर का मुकदमा अदालत में पहुंचेगा तो उन्हें &quot;कीमत चुकानी पड़ेगी&quot;, द हिल ने बताया। कई हाई-प्रोफाइल भूलों और जुबानी चूकों की एक श्रृंखला के बाद ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[भारत-अफगानिस्तान में कृषि सहयोग बढ़ेगा, अफगान मंत्री का दौरा संपन्न]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/india-afghanistan-to-boost-agricultural-cooperation-after-ministers-visit/articleshow-nqemghw</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 19:30:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने भारत का दौरा पूरा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच कृषि, सिंचाई और पशुधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-d81894fc-e8ab-4010-9712-167900227c45.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 12 जुलाई (एएनआई): अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुधन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को अपना भारत दौरा समाप्त किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की गति को बनाए रखने और कृषि सहयोग को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई गई।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;कृषि सहयोग पर हुई विस्तृत चर्चा&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;विदेश मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर 2025 के बाद अफगानिस्तान से भारत की यह चौथी मंत्रिस्तरीय यात्रा थी। मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा के दौरान, अफगान मंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग की समीक्षा की और कृषि, सिंचाई, पशुधन, कृषि अनुसंधान, शिक्षा, क्षमता निर्माण और कृषि-व्यापार में सहयोग के नए रास्ते तलाशे। खाद्य सुरक्षा, बीज प्रणाली और फसल उत्पादकता में वृद्धि जैसे विषयों पर चर्चा प्रमुख रही।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने जलवायु-अनुकूल और बायो-फोर्टिफाइड फसल किस्मों, स्थायी सिंचाई प्रथाओं, जल संचयन, वाटरशेड विकास और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;अन्य मंत्रियों और संस्थानों से भी मुलाकात&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;एक अन्य महत्वपूर्ण बैठक में, अफगान मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से भी मुलाकात की। इस दौरान मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढांचे के विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, क्षमता निर्माण और कृषि एवं खाद्य उत्पादों में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा केंद्रित रही।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि अफगान मंत्री ने विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से भी मुलाकात की और अफगान लोगों के कल्याण और विकास का समर्थन करने के उद्देश्य से चल रहे द्विपक्षीय सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विदेश मंत्रालय ने उल्लेख किया कि प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), अंतर्राष्ट्रीय मक्का और गेहूं सुधार केंद्र (सिमिट), अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय के लिए अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (आईसीआरआईएसएटी), अंतर्राष्ट्रीय आलू केंद्र (सीआईपी), अंतर्राष्ट्रीय उर्वरक विकास केंद्र (आईएफडीसी), फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के साथ भी बातचीत की। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सीज़फ़ायर टूटते ही ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, US ने शुरू किया हमलों का तीसरा दौर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-iran-conflict-hormuz-strait-closed-cargo-ship-attack-centcom-oil-supply-crisis-articleshow-tsyx5c3</link>
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            <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 07:37:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट बंद होते ही मिडिल ईस्ट में जंग और गहरी हो गई। कार्गो शिप पर हमले के बाद अमेरिका ने तीसरा सैन्य हमला शुरू किया, जबकि तेल सप्लाई और वैश्विक बाजार पर बड़े संकट के संकेत हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kxa18n6tgzxs70gfftv6ch7g,imgname-us-iran-conflict-hormuz-strait-closed-cargo-ship-attack-centcom-oil-supply-crisis-1783822046426.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US-Iran Conflict 2026:&lt;/strong&gt; मिडिल ईस्ट इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है और रविवार को यह बारूद एक बार फिर सुलग उठा। ईरान की ओर से अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग, होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हमला किए जाने के बाद अमेरिका का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख के बीच, अमेरिकी सेना (US Forces) ने लगातार तीसरी रात ईरान पर भीषण हवाई हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। दक्षिणी ईरान के कई शहर धमाकों की गूंज से दहल उठे हैं, और इसी के साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट &lsquo;होर्मुज स्ट्रेट&rsquo; को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;समंदर में खूनी खेल: साइप्रस के जहाज पर ईरान का हमला!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह पूरी आग तब भड़की जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर शिप, M/V GFS गैलेक्सी को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान ने इस जहाज पर खुलेआम गोलीबारी की, जिससे इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और जहाज में भीषण आग लग गई। इस हमले के बाद जहाज का एक सिविलियन क्रू मेंबर लापता बताया जा रहा है। CENTCOM ने साफ किया कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने का आखिरी मौका दिया गया था, जिसमें वह पूरी तरह नाकाम रहा। इसके जवाब में, कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर अमेरिकी सेना ने शाम 7:15 बजे (ET) ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का तीसरा दौर शुरू कर दिया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा: &quot;ईरान ने बहुत गलत फैसला किया है, और अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; JUST IN: U.S. LAUNCHES THIRD ROUND OF STRIKES ON IRAN THIS WEEKAt 7:15 p.m. ET, U.S. Central Command forces began a new wave of strikes after the IRGC attacked the Cyprus-flagged container ship M/V GFS Galaxy in the Strait of Hormuz.The attack reportedly sparked an onboard&hellip; https://t.co/hKzMy0xfkN pic.twitter.com/D2AMX0qBWE&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; NGO-SUGAR (@ngosugartp) July 12, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;धमाकों से दहला ईरान: आसमान से बरसी अमेरिकी मिसाइलें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही अमेरिका ने अपने तीसरे दौर के हमलों का आगाज किया, ईरान के कई शहर थर्रा उठे। ईरान के IRIB स्टेट ब्रॉडकास्टर के अनुसार, दक्षिणी ईरान के असलुयेह और बंदर डेयर में स्थानीय निवासियों ने एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बंदर अब्बास और सिरिक पोर्ट सिटी में तीन-तीन भयानक विस्फोट दर्ज किए गए, जबकि चाबहार पोर्ट सिटी दो बड़े धमाकों से गूंज उठी। बुशहर प्रांत का असलुयेह शहर चार बैक-टू-बैक धमाकों का गवाह बना, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ईरान ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे सीजफायर समझौते का सीधा उल्लंघन बताया है। नए ईरानी नेतृत्व ने धमकी दी है कि वे इस इलाके में मौजूद सभी अमेरिकी मिलिट्री बेसों को निशाना बनाकर इसका बेहद 'कड़ा' और गंभीर जवाब देंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज स्ट्रेट? वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सैन्य टकराव के बीच IRGC ने एक बेहद खतरनाक घोषणा कर दी है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को &quot;अगली सूचना तक और अमेरिकी दखल खत्म होने तक&quot; सभी तरह के कमर्शियल और समुद्री ट्रैफिक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। यह फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी तोड़ने जैसा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह सबसे अहम शिपिंग रूट है, जहां से पूरी दुनिया की लगभग एक-पांचवीं (20%) तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हड़कंप मच गया है और तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। यदि यह गतिरोध लंबा खिंचा, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं, जिससे वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;‼️ IRAN DECLARES THE STRAIT OF HORMUZ CLOSED, FIRES WARNING SHOTS AT A VESSEL, AND THREATENS FURTHER ACTION AGAINST U.S. INTERESTS⚓ Iran announces closure of the Strait of Hormuz: Iranian state media reported that the IRGC Navy has declared the Strait of Hormuz closed &quot;until&hellip; pic.twitter.com/Pwwr9tIxqS&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Israel Realtime (@IsraelRealtime) July 11, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पर्दे के पीछे डिप्लोमेसी: ओमान और कतर का 'डबल कॉरिडोर' प्लान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब एक तरफ मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध को रोकने के लिए पर्दे के पीछे कूटनीतिक कोशिशें भी तेज हो गई हैं। ओमान, कतर और ईरान के अधिकारी मस्कट में एक आपातकालीन बैठक कर रहे हैं। तनाव कम करने के लिए ओमान ने एक 'डबल ट्रांज़िट कॉरिडोर' का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;दक्षिणी कॉरिडोर: &lt;/strong&gt;जो ओमान के समुद्री इलाके से होकर गुजरेगा, वहां से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी फीस के सुरक्षित गुजरने की आजादी होगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;उत्तरी कॉरिडोर: &lt;/strong&gt;जो ईरान के समुद्री क्षेत्र में आता है, वहां से गुजरने वाले जहाजों को तेहरान से पहले मंजूरी लेनी होगी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;हालांकि, इस शांति प्रस्ताव पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अमेरिका को धमकी देना बंद नहीं किया, तो वे &quot;1000 मिसाइलों&quot; से ईरान का नामोनिशान मिटा देंगे। दूसरी तरफ, ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका पुराने समझौतों को लागू नहीं करता और प्रतिबंध नहीं हटाता, तब तक कोई बातचीत मुमकिन नहीं है। अब देखना यह है कि क्या मस्कट की यह बातचीत युद्ध की आग को ठंडा कर पाती है, या दुनिया एक बड़े वैश्विक युद्ध की गवाह बनने जा रही है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ट्रंप प्रशासन की कड़ी चेतावनी, ईरान का भी सख्त रुख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने &quot;गलत फैसला&quot; लिया है और अब उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि ईरान ने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो अमेरिका बेहद कठोर जवाब देगा। दूसरी ओर, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी नई बातचीत से पहले अमेरिका को पहले हुए समझौतों का सम्मान करना होगा। तेहरान का कहना है कि जब तक शिपिंग और तेल निर्यात से जुड़े पुराने समझौतों को लागू नहीं किया जाता, तब तक आगे की वार्ता संभव नहीं होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;तेल बाजार पर क्यों बढ़ गई है दुनिया की चिंता?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा लाइनों में शामिल है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यदि यह जलमार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और सप्लाई चेन पर व्यापक असर पड़ सकता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य तनाव और बढ़ा तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी इसकी चपेट में आ सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&amp;nbsp;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Khamenei Funeral Mystery: खामेनेई के जनाजे में दिखा नकाबपोश शख्स कौन था? खुल गया राज]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/khamenei-funeral-mystery-who-was-the-masked-man-at-iran-former-supreme-leader-funeral-articleshow-wehsqzl</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 07:52:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ali Khamenei Funeral Mystery: &lt;/strong&gt;अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में दिखे रहस्यमयी नकाबपोश शख्स की पहचान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जानिए वह कौन था और चेहरा क्यों ढक रखा था।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ali Khamenei Funeral: &lt;/strong&gt;ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। अंतिम प्रार्थना के दौरान आगे की लाइन में बैठे एक ब्लैक मास्क और काली कैप पहने शख्स को देखकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे। कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह शख्स खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई हैं, जिन्हें संभावित उत्तराधिकारी माना जाता रहा है। अब इस रहस्य को लेकर नया दावा सामने आया है, जिसने लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर कौन था नकाबपोश शख्स?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार में दिखाई देने वाला नकाबपोश व्यक्ति मोहम्मद जवाद खामेनेई था। बताया गया कि वह अली खामेनेई के सबसे बड़े पोते हैं और मुस्तफा खामेनेई के बेटे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल के संघर्ष के दौरान हुए हमलों में उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। उनके चेहरे पर गहरे घाव और जलने के निशान होने की वजह से उन्होंने अंतिम संस्कार के दौरान अपना चेहरा काले मास्क से ढका हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों मोजतबा खामेनेई समझा गया?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जब अंतिम संस्कार की तस्वीरें सामने आईं, तब सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि मास्क पहने व्यक्ति मोजतबा खामेनेई हैं। इसके पीछे दो बड़ी वजहें थीं क्योंकि वह पहली लाइन में बैठे दिखाई दिए और उन्होंने पूरा चेहरा मास्क और कैप से ढक रखा था। इसी कारण उत्तराधिकारी को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि बाद में आई रिपोर्टों ने अलग पहचान का दावा किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;चोटों की वजह से ढका था चेहरा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया सैन्य हमलों में मोहम्मद जवाद गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनके चेहरे पर गहरी चोटें और जलने के निशान बताए गए, जिसके चलते उन्होंने सार्वजनिक रूप से चेहरा ढककर अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोजतबा खामेनेई को लेकर भी बनी हुई हैं चर्चाएं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोजतबा खामेनेई को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टों में कई तरह के दावे सामने आए हैं। कुछ इंटरनेशनल मीडिया संस्थानों ने कहा कि हालिया घटनाओं में वह भी घायल हुए थे। इसके बाद से उनकी सार्वजनिक मौजूदगी बेहद सीमित रही है। इसी वजह से उनकी सेहत और भविष्य की भूमिका को लेकर लगातार अटकलें लगाई जाती रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अली खामनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ा था भारी जनसमूह&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम कई दिनों तक चले। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि शोक समारोहों में करोड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। वहीं सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय तनाव के चलते अंतिम संस्कार तय समय से काफी बाद आयोजित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[जापान बना रहा पहली खुफिया एजेंसी, अमेरिका-जर्मनी से मांगी मदद]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/japan-to-create-first-centralized-intelligence-agency-with-us-help/articleshow-xl0ul31</link>
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            <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 12:00:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों के बीच जापान दूसरे विश्व युद्ध के बाद अपनी पहली केंद्रीय खुफिया एजेंसी स्थापित कर रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सरकार ने अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे पश्चिमी देशों से मार्गदर्शन मांगा है।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;जापान द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनी पहली केंद्रीकृत खुफिया एजेंसी स्थापित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रयास कर रहा है, और चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी सहित पश्चिमी सहयोगियों से मार्गदर्शन मांग रहा है, जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने रिपोर्ट किया है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;NYT के अनुसार, प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की सरकार ने हाल के महीनों में प्रस्तावित खुफिया एजेंसी के लिए प्रौद्योगिकी, स्टाफिंग और परिचालन प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों पर भागीदारों से निजी तौर पर परामर्श किया है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;पश्चिमी देशों से मदद ले रहा जापान&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के खुफिया अधिकारियों ने साइबर रक्षा प्रणालियों, औद्योगिक जासूसी का मुकाबला करने और जापान में सक्रिय विदेशी निवेश और एजेंटों की जांच को मजबूत करने पर इनपुट प्रदान किया है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि जर्मनी भी चर्चा में शामिल हो गया है, और देश की विदेशी खुफिया सेवा (BND) के प्रमुख ने हाल ही में नियोजित एजेंसी और दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए टोक्यो का दौरा किया।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया ने जापान को प्रौद्योगिकी के साथ-साथ सरकारी मंत्रालयों के बीच समन्वय में सुधार और खुफिया जानकारी साझा करने को प्रोत्साहित करने के लिए रणनीतियों पर सलाह दी है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;जापान को क्यों पड़ी नई एजेंसी की जरूरत?&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;समाचार रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जापान की खुफिया प्रणाली पारंपरिक रूप से खंडित रही है, जिसमें रक्षा अधिकारी, राजनयिक, पुलिस और अन्य एजेंसियां ​​अलग-अलग जानकारी इकट्ठा और विश्लेषण करती हैं, जिससे समन्वय सीमित हो जाता है और देश जासूसी और विदेशी हस्तक्षेप के प्रति संवेदनशील हो जाता है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;प्रस्तावित एजेंसी प्रधानमंत्री ताकाइची के जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, क्योंकि टोक्यो चीन, रूस और उत्तर कोरिया से बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रहा है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;द न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि ताकाइची ने पहले ही हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया है और जापान के युद्ध के बाद के सबसे बड़े रक्षा निर्माण को आगे बढ़ाया है। उनकी सरकार अब सरकारी रहस्यों, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा और विशेष रूप से चीन से जुड़े विदेशी प्रभाव अभियानों का मुकाबला करने की कोशिश कर रही है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;समाचार रिपोर्ट में सिटीजन लैब के शोधकर्ताओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि चीन ने बीजिंग समर्थक दुष्प्रचार फैलाने के लिए जापानी भाषा के समाचार आउटलेट के रूप में वेबसाइटें बनाई हैं।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;जापान में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत और राष्ट्रीय खुफिया के पूर्व महानिदेशक एंड्रयू शियरर ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि जापानी अधिकारियों का मानना ​​है कि देश की खुफिया क्षमताएं &quot;दशकों से समय में जमी हुई हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने कहा, &quot;यह एक बड़ी बात है कि प्रधानमंत्री ने इसे प्राथमिकता बनाने के लिए चुना है, और वह इसे पूरा करने के लिए राजनीतिक पूंजी का निवेश कर रही हैं।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जापानी सरकार ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या वह एजेंसी स्थापित करने के लिए विदेशी सरकारों से सहायता मांग रही थी, केवल यह कहते हुए कि वह &quot;नियमित रूप से संबंधित देशों में समकक्षों के साथ घनिष्ठ सहयोग बनाए रखती है।&quot;&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianet Newsable English staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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