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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Sun, 09 Aug 2026 12:07:30 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Typhoon Dolphin: चीन में 'डॉल्फिन' तूफान की आहट, स्कूल बंद, फ्लाइटें रद्द, लेवल-3 इमरजेंसी लागू]]></title>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 11:56:36 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Brazil Helicopter Crash: चक्रवाती तूफान 'डॉल्फिन' चीन के झेजियांग और फुजियान प्रांतों की ओर बढ़ रहा है. खतरे को देखते हुए चीन ने लेवल-3 की इमरजेंसी घोषित कर दी है, जिसके तहत स्कूल बंद कर दिए गए हैं और कई उड़ानें रद्द हो गई हैं.&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzjk6sf6d9x9hq7b908vh6qy,imgname-china-typhoon-dolphin-1786256778726.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Brazil Helicopter Accident: &lt;/strong&gt;चीन के तटीय इलाकों पर चक्रवाती तूफान 'डॉल्फिन' का खतरा मंडरा रहा है. यह तूफान देश के दो प्रमुख प्रांतों, झेजियांग और फुजियान की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और इन्हीं के बीच कहीं पर इसके टकराने की आशंका जताई गई है. इस चेतावनी के बाद चीनी प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालात की गंभीरता को देखते हुए चीन ने लेवल-3 की इमरजेंसी लागू करने की घोषणा की है. यह चीन की चार-स्तरीय आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में दूसरा सबसे ऊंचा अलर्ट स्तर है. इस फैसले से साफ है कि प्रशासन तूफान से निपटने की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आम जनजीवन पर बड़ा असर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हाई अलर्ट के ऐलान के साथ ही इसका असर आम जनजीवन पर दिखने लगा है. प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रभावित होने वाले इलाकों में स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है. यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्कूलों को बंद करने के अलावा हवाई यातायात पर भी इसका सीधा असर पड़ा है. तूफान के रास्ते में आने वाले एयरपोर्ट्स से कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है. प्रशासन का पूरा ध्यान तूफान के लैंडफॉल के दौरान होने वाले संभावित जान-माल के नुकसान को कम करने पर केंद्रित है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जाहिर है, तूफान के आने से पहले ही इन दोनों प्रांतों में रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त होनी शुरू हो गई है. सरकार और स्थानीय एजेंसियां तूफान डॉल्फिन के रास्ते और उसकी तीव्रता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. आने वाले कुछ घंटे झेजियांग और फुजियान के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं.&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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            <title><![CDATA[ईरान के सुप्रीम लीडर को लेकर बड़ा दावा! क्या मुज्तबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है?]]></title>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 21:41:15 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Iran Supreme Leader Health: &lt;/strong&gt;ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की तबीयत को लेकर इजरायली मीडिया ने बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट में उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने की बात कही गई है। जानिए क्या है पूरा मामला, ईरान सरकार का क्या रुख है और अब तक क्या-क्या सामने आया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kx917ce3r63vxgy97p245j7s,imgname-----------------------2026-07-11t221447.740-1783788450243.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की सेहत को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इजरायली मीडिया की कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि, इन दावों की अब तक ईरान सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यह मामला दावों और प्रतिदावों के बीच बना हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स सामने आने के बाद पश्चिम एशिया की राजनीतिक स्थिति और ईरान के नेतृत्व को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधिकारिक पुष्टि होने तक इन दावों को सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;इजरायली मीडिया ने क्या दावा किया है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इजरायली चैनल 14 (C14) ने ईरान के अंदरूनी सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया है कि मुज्तबा खामेनेई की तबीयत बेहद गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रिपोर्ट में जेरूसलम पोस्ट की एक पुरानी रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें ईरानवायर और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के प्रशासन से जुड़े सूत्रों के हवाले से उनकी सेहत को लेकर सवाल उठाए गए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जेरूसलम पोस्ट से जुड़े एक सूत्र के हवाले से यह भी कहा गया कि यदि जल्द ही उनके निधन की खबर आती है तो &quot;हैरानी नहीं होगी।&quot; हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और ईरान की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Mahtari Vandan Yojana की 30वीं किस्त जारी, लाखों महिलाओं के खातों में पहुंचे 1000 रुपये&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पद संभालने के बाद सार्वजनिक रूप से नहीं आए&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्टों के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई ने 28 फरवरी को अपने पिता के निधन के बाद सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। इसके बाद से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए हैं। अब तक उनकी ओर से केवल लिखित संदेश जारी किए गए हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि शुरुआती सैन्य हमलों में उन्हें चोटें आई थीं, जिसकी वजह से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ सके। हालांकि इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्या कहा था?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुज्तबा खामेनेई की स्थिति को लेकर चल रही अटकलों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक सरकारी टीवी इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उनसे सीधे संपर्क करना &quot;बहुत मुश्किल&quot; है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इसी दौरान कुछ क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि वह ईरान से बाहर हो सकते हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है और खामेनेई भी सैन्य कार्रवाई के बाद सामान्य रूप से काम करने की स्थिति में नहीं थे। इन सभी बयानों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ईरान सरकार ने क्या कहा है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान के सरकारी अधिकारियों ने पहले उनकी चोटों को गंभीर मानने से इनकार किया था। स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना था कि शुरुआती चोटें मामूली थीं और देश का नेतृत्व सामान्य रूप से काम कर रहा है। सरकारी पक्ष का दावा है कि मुज्तबा खामेनेई रणनीतिक मामलों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े निर्देश लगातार दे रहे हैं। हालांकि उनके सार्वजनिक रूप से सामने न आने के कारण उनकी सेहत को लेकर अटकलें लगातार बनी हुई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आधिकारिक पुष्टि का इंतजार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुज्तबा खामेनेई की गंभीर हालत और अस्पताल में भर्ती किए जाने का दावा फिलहाल केवल कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों और अनाम सूत्रों पर आधारित है। ईरान सरकार या किसी आधिकारिक एजेंसी ने अब तक इन खबरों की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील खबरों को आधिकारिक बयान आने तक अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले समय में ईरान सरकार की प्रतिक्रिया और आधिकारिक जानकारी से ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट! NDMA-NDRF की बड़ी बैठक, मानसून को लेकर अहम निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[ब्रिक्स बैठक: पीयूष गोयल ने ब्राजील-मिस्र के साथ व्यापार-निवेश बढ़ाने पर की चर्चा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/piyush-goyal-meets-brazil-egypt-ministers-at-brics-to-boost-trade-ties-articleshow-1m8k3k8</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 05:00:38 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[जयपुर में ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ब्राजील और मिस्र के मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना था।]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;जयपुर (राजस्थान) [भारत], 7 अगस्त (एएनआई): केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जयपुर में ब्रिक्स इंडिया 2026 व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के मौके पर ब्राजील और मिस्र के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिसमें व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा हुई।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;ब्राजील और मिस्र के साथ द्विपक्षीय बैठकें&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस बैठक के बारे में एक्स पर पोस्ट करते हुए, गोयल ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों की समीक्षा की। गोयल ने गुरुवार को लिखा, &quot;#BRICSIndia2026 व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के मौके पर ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री श्री मार्शियो फर्नांडो एलियास रोजा के साथ एक बैठक की। हमने अपनी व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और कृषि, ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग के अवसरों का पता लगाया। हमने भारत-ब्राजील व्यापार और निवेश साझेदारी को गहरा करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;#BRICSIndia2026 व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के मौके पर ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री श्री मार्शियो फर्नांडो एलियास रोजा के साथ बैठक की। हमने अपने व्यापार और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और&hellip; pic.twitter.com/VnwLZc8oO5 &mdash; पीयूष गोयल (@PiyushGoyal) 6 अगस्त, 2026&lt;/p&gt; &lt;p&gt;एक अलग पोस्ट में, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने आर्थिक सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा करने के लिए मिस्र के उद्योग मंत्री, खालिद हाशेम अली माहेर से भी मुलाकात की। गोयल ने लिखा, &quot;#BRICSIndia2026 की व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के मौके पर मिस्र के उद्योग मंत्री श्री खालिद हाशेम अली माहेर से मिलकर खुशी हुई। हमारे महान राष्ट्रों के बीच मजबूत पूरकता और विशाल अवसरों के साथ आर्थिक सहयोग का विस्तार करने और संयुक्त अवसरों की खोज पर चर्चा की।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;#BRICSIndia2026 की व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के मौके पर मिस्र के उद्योग मंत्री श्री खालिद हाशेम अली माहेर से मिलकर खुशी हुई। आर्थिक सहयोग का विस्तार करने और मजबूत पूरकता और विशाल अवसरों के साथ संयुक्त अवसरों की खोज पर चर्चा की&hellip; pic.twitter.com/cWBqm5Cb9g &mdash; पीयूष गोयल (@PiyushGoyal) 6 अगस्त, 2026&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक संपन्न&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;ये बैठकें तब हुईं जब भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत दसवीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। &quot;लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण&quot; विषय के तहत आयोजित, इस मंत्रिस्तरीय बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के उद्योग मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षमताओं, तकनीकी परिवर्तन और सहयोगी विकास को मजबूत करने पर चर्चा करने के लिए एक साथ हिस्सा लिया।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, बैठक के प्रमुख परिणामों में से एक दसवीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक की संयुक्त घोषणा को अपनाना था, जो संवाद को व्यावहारिक सहयोग में बदलने के लिए सदस्य देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नई औद्योगिक क्रांति पर साझेदारी (PartNIR) के माध्यम से हुई प्रगति पर भी प्रकाश डाला, जिसमें एसएमई वर्किंग ग्रुप में सहयोग के लिए फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देना, फोटोवोल्टिक उद्योग वर्किंग ग्रुप के लिए संदर्भ की शर्तों और कार्य योजना को अपनाना, और स्टार्टअप्स के लिए एक नवाचार-आधारित विकास कार्य योजना शामिल है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;भारत 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक की भी मेजबानी कर रहा है, जिसमें बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत करने, लचीली आपूर्ति श्रृंखला, वैश्विक व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी और डिजिटल आर्थिक सहयोग पर चर्चा केंद्रित है। (एएनआई)&lt;/p&gt; &lt;p&gt;(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        <item>
            <title><![CDATA[चीन की चाल पर भारत की तगड़ी सर्जिकल स्ट्राइक! सर्वे ऑफ इंडिया ने नक्शे पर उकेरा अरुणाचल का सच!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-china-arunachal-pradesh-27-places-real-names-map-lac-thag-la-articleshow-74tz9s4</link>
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            <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 09:40:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;नक्शों की जंग में भारत का चीन को करारा जवाब! अरुणाचल प्रदेश की 27 रणनीतिक जगहों पर आधिकारिक मुहर लगाकर ड्रैगन की चालबाज़ी को किया ध्वस्त। जानिए 1962 की रणभूमियों के पीछे छिपा यह कूटनीतिक प्रहार!&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; सीमाई विवाद और कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने अपने पड़ोसी देश चीन की नापाक चालबाज़ियों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों और गांवों के नाम बदलकर अपने नक्शे में दिखाने की बीजिंग की आदत पर नई दिल्ली ने कड़ा प्रहार किया है। भारत सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक भारतीय मानचित्र (सर्वे ऑफ इंडिया मैप) पर अरुणाचल प्रदेश की 27 रणनीतिक जगहों और खासियतों को उनके मूल एवं ऐतिहासिक भारतीय नामों के साथ औपचारिक रूप से दर्ज कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;बीजिंग के 'काल्पनिक नामों' के खेल पर भारत की स्ट्राइक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीन पिछले कई वर्षों से अरुणाचल प्रदेश (जिसे वह दक्षिण तिब्बत या 'ज़ंगनान' कहता है) की जगहों के मनगढ़ंत नाम जारी कर रहा था। चीनी नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 2017 से लेकर 2023 के बीच किस्तों में दर्जनों जगहों की सूची जारी कर अपने दावे ठोकने की कोशिश की थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत सरकार ने बीजिंग की इस हरकत को हमेशा &quot;बेकार, बेतुका और बेबुनियाद&quot; बताकर खारिज किया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 'सर्वे ऑफ इंडिया' के आधिकारिक नक्शे पर इन 27 जगहों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने का मुख्य उद्देश्य इनकी सही पहचान कायम करना और आम जनता व अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच ऐतिहासिक सच्चाई को उजागर करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;LAC के पास का लोंग जू भी सूची में, क्यों है इतना अहम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस सूची में लोंग जू का नाम खास तौर पर महत्वपूर्ण है। यह इलाका लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के करीब स्थित है और 1959 में भारतीय तथा चीनी सैनिकों के बीच शुरुआती टकराव के प्रमुख केंद्रों में शामिल रहा था। अपर सुबनसिरी जिले में लोंग जू के पास स्थित माजा गांव को भी आधिकारिक मैप पर चिह्नित किया गया है। इसके अलावा बिसा गांव और कई रणनीतिक पहाड़ी दर्रों को भी इसमें जगह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;थाग ला का नाम आते ही 1962 की जंग की याद क्यों?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत के आधिकारिक मैप पर चिह्नित स्थानों में थाग ला भी शामिल है। यह इलाका भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास में बेहद अहम रहा है। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के शुरुआती संघर्षों में से एक इसी क्षेत्र से जुड़ा था। इसके साथ ही द्ज़ो ला, रिज़ा ला और पुकुर ला जैसे रणनीतिक पहाड़ी दर्रों को भी सूची में शामिल किया गया है। ऐसे स्थान सीमा की भौगोलिक और सामरिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;जयरामपुर से लेकर तवांग तक, पूरी तस्वीर में क्या बदला?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सूची में चांगलांग जिले का जयरामपुर भी शामिल है। इसे पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब माना जाता है। यह पूर्वी अरुणाचल और म्यांमार सीमा की दिशा में सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा जसवंत गढ़ को भी आधिकारिक रूप से चिह्नित किया गया है। यहां भारतीय सैनिक जसवंत सिंह रावत की स्मृति में स्मारक है। 1962 के युद्ध से जुड़े इस स्थान का सैन्य और ऐतिहासिक महत्व है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;China can rename places. It cannot rewrite history or reality. India has officially mapped 27 locations in Arunachal Pradesh with standard Indian names&mdash;a firm response to Beijing&rsquo;s continuing &ldquo;map war.&rdquo;Some of these names carry enormous historical and military significance:&hellip; pic.twitter.com/aCnqdFS95O&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Maj Rakesh, Shaurya Chakra,(Kargil War Veteran) (@gorockgo_100) August 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;चीन ने कब-कब बदले अरुणाचल के स्थानों के नाम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की चीन की कोशिश कोई नई बात नहीं है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने 2017 में छह स्थानों के कथित मानकीकृत नामों की पहली सूची जारी की थी। इसके बाद 2021 में 15 स्थानों की दूसरी सूची और 2023 में 11 स्थानों के नामों वाली एक और सूची सामने आई। चीन अरुणाचल प्रदेश के लिए 'ज़ंगनान' नाम का इस्तेमाल करता है। भारत ने चीन के इन दावों और नाम बदलने की कवायद को लगातार खारिज किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;India formally identifies 27 locations and geographical features in Arunachal Pradesh on the official maps of the Survey of India a move that comes amid repeated attempts by China to rename places in the border state. pic.twitter.com/25QnVipGqQ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Indian Infra Report (@Indianinfoguide) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वीरों के शौर्य के प्रतीक और पौराणिक स्थल भी नक्शे पर दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीन की नाम बदलने की बेतुकी कोशिशों को ध्वस्त करते हुए भारत ने अपने राष्ट्रीय नायकों की स्मृति स्थलों और प्राचीन धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान वाले स्थानों को भी मजबूती से दर्शाया है:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;शहीदों के स्मारक: &lt;/strong&gt;तवांग रोड पर स्थित 'जसवंत गढ़' (1962 के शहीद जसवंत सिंह रावत की याद में) और 'बैसाखी' क्षेत्र में स्थित 'शेर-ए-थापा मेमोरियल' (1962 के हीरो त्रिलोक सिंह थापा का स्मारक) को आधिकारिक पहचान दी गई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;रणनीतिक दर्रे व गांव:&lt;/strong&gt; 'द्ज़ो ला', 'रिज़ा ला' और 'पुकुर ला' जैसे ऊंचे पर्वतीय दर्रों के साथ-साथ बिसा, धन बारी, प्रीतनगर, तेरितनगर, रामनगर, शिवाजी नगर, सुनपुरा और कामलांग नगर जैसे गांवों को नामजद किया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;प्राकृतिक जलस्रोत: &lt;/strong&gt;पूर्वी अरुणाचल की ऊंचाई पर स्थित 'सांभो सरोवर', 'बड़ा कुंडुन' और 'छोटा कुंडुन' झीलों को नक्शे पर प्रमुखता से उकेरा गया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भारत का संदेश साफ, नाम बदलने से नहीं बदलेगी जमीन की हकीकत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विदेश मंत्रालय और सरकार ने चीन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि काल्पनिक नाम गढ़ने या झूठे दावे करने से यह &quot;अटल सच्चाई&quot; कभी नहीं बदलेगी कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट और अभिन्न अंग है। अधिकारियों का कहना है कि चीन के इस तरह के उकसावे वाले कदमों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों को भारी नुकसान पहुंचता है। भारत द्वारा 27 जगहों को आधिकारिक मैप पर उनके असली नामों से अंकित करना कूटनीतिक और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर चीन के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक कदम है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-china-arunachal-pradesh-27-places-real-names-map-lac-thag-la-articleshow-74tz9s4"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[गोला-बारूद की कमी की खबरों पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, बोले- 'ये देशद्रोह है, लीक करने वालों को जेल भेजूंगा']]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/donald-trump-slams-reports-on-us-munitions-shortage-as-treason-articleshow-ar4af9x</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:44:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;गोला-बारूद पर खबरों से नाराज़ ट्रंप ने मीडिया पर 'देशद्रोह' का आरोप लगाया है। उन्होंने रिपोर्ट्स को झूठा बताते हुए जानकारी लीक करने वालों को जेल की धमकी दी और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzaj0a1bn03j8esx2a43ag14,imgname-donald-trump-hormuz-usa-1783957803854----getty----asianet-1785987082283.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;अमेरिका के गोला-बारूद के जखीरे पर छपी खबरों ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खासा नाराज कर दिया है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को न सिर्फ सिरे से खारिज किया, बल्कि इसे छापने वाले मीडिया संस्थानों पर 'देशद्रोह' का गंभीर आरोप भी लगा दिया। ट्रंप का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने इस तरह की जानकारी लीक करने वालों को भी नहीं बख्शा। ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी ऐसी संवेदनशील जानकारी लीक कर रहा है, उसे जेल की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। उनका मानना है कि इस तरह की खबरें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने मीडिया या सरकारी अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की सख्त भाषा का इस्तेमाल किया हो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'देशद्रोही' कौन, मीडिया या लीक करने वाले?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप ने उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना के गोला-बारूद के भंडार पर भारी दबाव है। उनके मुताबिक, ये खबरें बेबुनियाद हैं और देश को कमजोर दिखाने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने बयान में ट्रंप ने दोतरफा हमला बोला। एक तरफ उन्होंने मीडिया संस्थानों को 'देशद्रोही' सामग्री प्रकाशित करने का दोषी ठहराया। तो दूसरी तरफ, उन्होंने उन सरकारी स्रोतों को निशाने पर लिया, जहां से यह जानकारी बाहर आई। ज़ाहिर है, ट्रंप का यह अंदाज़ उनके समर्थकों को पसंद आ सकता है, लेकिन आलोचक इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले के तौर पर देखते हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई खबर प्रशासन के मनमुताबिक नहीं होती, तो ट्रंप जानकारी के स्रोत और उसे छापने वाले, दोनों को ही दुश्मन करार दे देते हैं। फिलहाल, इस धमकी के बाद अमेरिका में एक नई बहस छिड़ गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Sushil Tiwari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/donald-trump-slams-reports-on-us-munitions-shortage-as-treason-articleshow-ar4af9x"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Brazil Helicopter Crash: ब्राजील में हेलिकॉप्टर क्रैश, 4 लोगों की मौत, एक हफ्ते में दुनिया का तीसरा बड़ा हादसा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/4-dead-in-brazil-helicopter-crash-third-such-incident-in-a-week-articleshow-fz1gxzk</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 11:37:29 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Brazil Helicopter Accident: ब्राजील में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई. मृतकों में तीन कोलंबियाई महिलाएं और पायलट शामिल हैं. यह एक हफ्ते के अंदर दुनिया में हेलिकॉप्टर से जुड़ा तीसरा बड़ा हादसा है.&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kw76kqerx988x9n3xqytk1np,imgname-saudi-arabia-helicopter-crash-1782653246936.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Brazil Helicopter Crash:&lt;/strong&gt; ब्राजील से एक दर्दनाक हेलिकॉप्टर हादसे की खबर सामने आई है। दुर्घटना में पायलट समेत चार लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मृतकों में तीन कोलंबियाई नागरिक शामिल थीं और तीनों महिलाएं थीं। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हादसे की वजह अभी साफ नहीं&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फिलहाल हेलिकॉप्टर दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थानीय अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी, मौसम की स्थिति या किसी अन्य वजह से हुआ। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हेलिकॉप्टर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस हादसे ने एक बार फिर हेलिकॉप्टर यात्रा की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं अक्सर गंभीर होती हैं और कम समय में हुई ऐसी घटनाएं लोगों की चिंता बढ़ाती हैं। ब्राजील की घटना के बाद विमानन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एक हफ्ते में तीसरा बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चिंता की बात यह भी है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हेलिकॉप्टर से जुड़े तीन बड़े हादसों की खबरें सामने आई हैं। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने विशेषज्ञों और आम लोगों का ध्यान हेलिकॉप्टर सुरक्षा की ओर खींचा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हेलिकॉप्टर से जुड़ी कई जानकारियां अभी सामने आना बाकी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ब्राजील में दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर किस कंपनी का था, वह कहां से उड़ान भर रहा था और उसका गंतव्य क्या था, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन की जांच के साथ इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। फिलहाल अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्थानीय एजेंसियां हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। दुर्घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों और अन्य जानकारियों के आधार पर कारणों का पता लगाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक हादसे के पीछे आखिर क्या वजह थी।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[गोलियों से गूंजा थाईलैंड का स्कूल, 9वीं के छात्र ने मचा दी तबाही, स्कूल शूटिंग की दर्दनाक कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/thailand-school-shooting-grade-9-student-kills-six-before-dying-by-suicide-near-bangkok-articleshow-fzxgakv</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 16:44:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Thailand School Shooting:&lt;/strong&gt; थाईलैंड के बैंकॉक के पास एक स्कूल में 9वीं के छात्र ने फायरिंग कर 6 लोगों की हत्या कर दी। घटना के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। जानिए हमले की पूरी टाइमलाइन, शुरुआती जांच, गन कानून और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अहम जानकारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzdyx2xywgm557c6tdhkfgd4,imgname-thailand-school-shooting-grade-9-student-kills-six-before-dying-by-suicide-near-bangkok-1786101271486.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;थाईलैंड से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा और किशोरों की हथियारों तक पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी बैंकॉक के पास स्थित एक स्कूल में 9वीं कक्षा के छात्र ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में 3 शिक्षकों और 3 छात्रों समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;स्कूल पहुंचने से पहले दादा-दादी की भी कर दी हत्या&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पुलिस के अनुसार घटना बैंकॉक के पास स्थित डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र स्कूल पहुंचने से पहले अपने घर पर दादा-दादी की हत्या कर चुका था। बाद में पुलिस ने दोनों के शव घर से बरामद किए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फायरिंग में इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्टल छात्र के दादा की लाइसेंसधारी बंदूक बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल हमले के कारणों और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; DEADLY SCHOOL SHOOTING IN THAILANDA 14-year-old student opened fire at Debsirin Nonthaburi School near BangkokPolice say he killed his grandparents before entering the school &amp;amp; firing 26+ roundsAt least 8 people were killed#กราดยิง #This_And_That #ข่าวด่วน #ThepSirin pic.twitter.com/WdUgckEz8i&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; GlobeUpdate (@Globupdate) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;गोबर से पैसा कमाने का सुनहरा मौका! सरकार खुद खरीदेगी गैस, 10 साल तक रहेगा तय दाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;छात्र पढ़ाई में अच्छा था, फिर क्यों उठाया यह कदम?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;थाईलैंड के उप-गृह मंत्री पोलापी सुवानचावी ने बताया कि जांच में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी छात्र वीडियो गेम खेलने का शौकीन था। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक गेमिंग और इस हमले के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;स्कूल के एक शिक्षक ने पुलिस को बताया कि छात्र पढ़ाई में अच्छा था और उसने पहले कभी आक्रामक व्यवहार नहीं दिखाया था। इसी वजह से पुलिस उसके मानसिक और पारिवारिक हालात सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; THAILAND SCHOOL SHOOTING SHOOTERPolice said the suspect used his grandfather&rsquo;s handgun during the attackThe 14-year-old 9th-grade student had access to the firearmThe suspect later died following the shooting#กราดยิง #ข่าวด่วน #ThepSirin #Thailand https://t.co/gCi6SsePKB pic.twitter.com/iQOYGbNrh6&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; GlobeUpdate (@Globupdate) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;गोलियां चलते ही कक्षाओं में छिपे छात्र, गन कानून पर फिर उठे सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोली चलने की आवाज सुनते ही छात्र अपनी जान बचाने के लिए कक्षाओं में छिप गए। कुछ देर बाद पुलिस ने सुरक्षित निकासी कर उन्हें बाहर निकाला। घटना के बाद स्कूल परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;थाईलैंड में आम नागरिक लाइसेंस के साथ बंदूक रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए सरकारी अनुमति और विस्तृत बैकग्राउंड जांच जरूरी होती है। शुरुआती जांच के अनुसार आरोपी ने परिवार के सदस्य की लाइसेंसधारी पिस्टल का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि घरों में रखे हथियार बच्चों और किशोरों की पहुंच से कितने सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt; TRAGEDY IN THAILANDA horrifying school shooting has left 8 people dead near Bangkok.A teenage student allegedly shot his own grandparents at home before storming Debsirin Nonthaburi School, where he opened fire, killing three students and three teachers.The attacker&hellip; pic.twitter.com/OqvdtGNVey&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Oxomiya Jiyori  (@SouleFacts) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाल के वर्षों में अमेरिका के अलावा थाईलैंड, सर्बिया, रूस और ब्राजील जैसे देशों में भी स्कूल शूटिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे मामलों ने स्कूल सुरक्षा, हथियारों तक पहुंच और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर वैश्विक स्तर पर नई चिंताएं पैदा की हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;कोर्ट ने दी पैरोल, लेकिन रखी एक बड़ी शर्त... अतीक अहमद के बेटों पर क्या हैं निर्देश?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/thailand-school-shooting-grade-9-student-kills-six-before-dying-by-suicide-near-bangkok-articleshow-fzxgakv"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[सुबह-सुबह भारत से अमेरिका तक बड़ा बवाल! FCRA, बारिश, टैरिफ और डिफेंस पैक्ट ने मचाई हलचल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/latest-morning-news-india-world-fcra-delhi-rain-us-tariff-modi-trump-meta-pakistan-saudi-turkey-articleshow-lbb02e7</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/latest-morning-news-india-world-fcra-delhi-rain-us-tariff-modi-trump-meta-pakistan-saudi-turkey-articleshow-lbb02e7</guid>
            <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 07:40:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;भारत में FCRA विवाद से लेकर दिल्ली की रिकॉर्ड बारिश और अमेरिका के टैरिफ तक, दुनिया में कई बड़े फैसले हुए। मोदी, ट्रंप, Meta और नए डिफेंस पैक्ट से जुड़ी खबरों में आज सबसे बड़ा झटका किसे लगा?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzfhzj9ejncam92sx79djjsh,imgname-latest-morning-news-india-world-fcra-delhi-rain-us-tariff-modi-trump-meta-pakistan-saudi-turkey-1786154830125.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रभात बुलेटिन: &lt;/strong&gt;शुभ प्रभात! देश और दुनिया की 10 बड़ी खबरों में आपका स्वागत है। दिल्ली में मॉनसून की भीषण बारिश से लेकर अमेरिका में राजनीतिक व आर्थिक हलचलों और मिडिल ईस्ट के नए सैन्य समझौते तक, बीते 8 से 12 घंटों में दुनिया भर में बड़े घटनाक्रम हुए हैं। पर क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों 5-स्टार होटलों के बाद अब सोशल मीडिया और आपकी उड़ानों पर भी बड़ा संकट गहरा गया है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. FCRA पर अमेरिकी आपत्ति खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ने प्रस्तावित FCRA संशोधनों पर अमेरिकी सांसद की आपत्तियों को कड़ा जवाब देते हुए इसे पूरी तरह से आंतरिक संप्रभु मामला बताया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कानून का उद्देश्य विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता लाना और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है, जिस पर किसी बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. दिल्ली-NCR में बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड टूटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिल्ली-NCR में लगातार हो रही भारी मॉनसून बारिश ने 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए IMD ने दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। निवासियों को जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WatchVideo Delhi-NCR reels under torrential rain; roads turn into rivers amidst a 'Red Alert,' leaving people stuck in traffic jams for hours.#NCRRain#DelhiRains#delhincrheavyrain#rainredalert#massivewaterlogging#trafficchaos#imdweatherupdate pic.twitter.com/hQS2hv99kD&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; SANJEEV CHAUHAN (@SanjeevCrime) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. अमेरिकी सीनेट से 100% टैरिफ बिल मंजूर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के भारी बहुमत से एक विवादास्पद व्यापार विधेयक पारित किया है, जिससे भारत सहित पांच देशों पर 100% तक का आयात शुल्क लग सकता है। भारतीय व्यापार विश्लेषक इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारी व्यवधान और व्यापारिक तनाव पैदा हो सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में PM मोदी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे Gen-Z स्नातकों को डिग्रियां और पदक प्रदान करेंगे तथा देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे के मद्देनजर कैंपस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. ऐतिहासिक 'मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट'&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने एक ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर नया सैन्य गठबंधन बनाया है। 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' की शर्तों के तहत, तीनों में से किसी भी एक देश पर बाहरी हमला होने पर उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. ट्रंप के $400M बॉलरूम प्रोजेक्ट पर रोक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी अपीलीय अदालत ने व्हाइट हाउस में $400 मिलियन का भव्य बॉलरूम बनाने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना पर रोक बरकरार रखी है। अदालत ने फैसला सुनाया कि कार्यकारी शाखा के पास अकेले यह फंड खर्च करने का अधिकार नहीं है और प्रोजेक्ट के लिए अमेरिकी कांग्रेस की स्पष्ट मंजूरी आवश्यक है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. 'बर्थ टूरिज्म' पर ट्रंप प्रशासन की बड़ी कार्रवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;व्हाइट हाउस ने ग्लोबल 'बर्थ टूरिज्म' को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नए आदेश के तहत उन लोगों के विजिटर वीज़ा पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जिन पर केवल बच्चे को जन्म देकर अमेरिकी नागरिकता दिलाने का संदेह होगा। हालांकि, नागरिक अधिकार समूहों ने इसे अदालत में चुनौती देने का ऐलान किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. मेटा पर $567 मिलियन का भारी जुर्माना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संकट को बढ़ावा देने का दोषी पाते हुए मेटा पर $567 मिलियन का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने कहा कि मेटा के एल्गोरिदम और फीचर्स ने किशोरों को मानसिक रूप से प्रभावित किया। जुर्माने की राशि युवाओं के उपचार और रिहैब कार्यक्रमों में खर्च होगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. अमेरिकी मिडवेस्ट में एयर ट्रैफिक कंट्रोल ठप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका के मिडवेस्ट क्षेत्र में एयर ट्रैफिक कंट्रोल में अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी के कारण हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। इस सॉफ्टवेयर गड़बड़ी से हजारों उड़ानें रद्द और लेट हुईं, जिससे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर भारी लॉजिस्टिक अफरातफरी मच गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;According to Sri Lanka Justice Minister Harshana Nanayakkara authorities have opened fire to control a major unrest at Kuruwita Prison this morning.2 inmates have died and 15 others are hospitalized due to injuries sustained during the clash. pic.twitter.com/N67wFD9SN9&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; LankaFiles (@lankafiles) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. श्रीलंका की जेल में हिंसक झड़प, 3 की मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;श्रीलंका की एक प्रमुख जेल में कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़प और दंगे में कम से कम तीन कैदियों की मौत हो गई और 23 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरक्षा बलों और विशेष जेल गार्ड्स ने स्थिति पर बमुश्किल काबू पाया। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/latest-morning-news-india-world-fcra-delhi-rain-us-tariff-modi-trump-meta-pakistan-saudi-turkey-articleshow-lbb02e7"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[ढाका में टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि, 'इति रबीन्द्रनाथ' कार्यक्रम का आयोजन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/iti-rabindranath-event-in-dhaka-commemorates-tagores-death-anniversary-articleshow-m6gsdse</link>
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            <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 23:00:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[ढाका में भारतीय उच्चायोग ने गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि मनाई। 'इति रबीन्द्रनाथ' कार्यक्रम में बांग्लादेशी कलाकार स्वप्निल शोजीब ने रवींद्र संगीत और समीउल इस्लाम पोलक ने कविता पाठ कर दर्शकों का मन मोह लिया।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-ba21a6e1-fbeb-4842-973a-c68ee3c849e0.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ढाका [बांग्लादेश], 6 अगस्त (एएनआई):&lt;/strong&gt; नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर की 85वीं पुण्यतिथि के अवसर पर ढाका में इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (आईजीसीसी) और भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को &quot;इति रबीन्द्रनाथ&quot; नामक एक रवींद्र संगीत और कविता संध्या का आयोजन किया।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;भारतीय उच्चायोग और इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस कार्यक्रम ने संगीत और कविता की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से भारत और बांग्लादेश के बीच स्थायी सांस्कृतिक संबंधों को उजागर किया। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस शाम में प्रसिद्ध बांग्लादेशी कलाकार स्वप्निल शोजीब द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनके रवींद्र संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद एक प्रतिष्ठित बांग्लादेशी वाचक समीउल इस्लाम पोलक द्वारा एक प्रभावशाली कविता पाठ किया गया।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;भारत-बांग्लादेश के बीच अटूट पुल हैं टैगोर&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस अवसर पर बोलते हुए, उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर की कालजयी साहित्यिक विरासत को भारत और बांग्लादेश के बीच साझा विरासत, शांति और आपसी स्नेह के एक अटूट पुल के रूप में उजागर किया, जो अपनी सार्वभौमिक मानवतावाद के माध्यम से सीमाओं के पार पीढ़ियों को प्रेरित करना जारी रखे हुए है।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;इन कलाकारों ने बांधा समां&lt;/h2&gt; &lt;h3&gt;स्वप्निल शोजीब&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;स्वप्निल शोजीब एक प्रतिभाशाली बांग्लादेशी गायक और संगीतकार हैं, जो अपनी भावपूर्ण आवाज और बहुमुखी गायन शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने पॉप, लोक और आधुनिक बांग्लादेशी संगीत सहित विभिन्न शैलियों में कई हिट गाने जारी किए हैं। शोजीब का एक समर्पित प्रशंसक आधार है और उन्हें उनके भावनात्मक प्रदर्शन और अपनी कला के प्रति समर्पण के लिए सराहा जाता है। गायन के अलावा, वह अक्सर संगीत समारोहों, टीवी कार्यक्रमों और संगीत समारोहों में भाग लेते हैं, जिससे बांग्लादेश के समकालीन संगीत परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान होता है। गुणवत्तापूर्ण संगीत के प्रति उनका समर्पण उन्हें देश भर के दर्शकों से सम्मान और प्रशंसा दिलाता है।&lt;/p&gt; &lt;h3&gt;समीउल इस्लाम पोलक&lt;/h3&gt; &lt;p&gt;समीउल इस्लाम पोलक एक प्रसिद्ध बांग्लादेशी वाचक हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और कला में योगदान के लिए महत्वपूर्ण पहचान हासिल की है। वह 2001 में जातीय शिक्षा सप्ताह में स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्हें भारत के प्रमुख संगीत लेबल जैसे सारेगामा और हिंदुस्तान रिकॉर्ड्स पर चित्रित किया गया है और वह बांग्लादेश टेलीविजन और बांग्लादेश बेतार पर भी एक नियमित कलाकार हैं। उनकी असाधारण प्रतिभा ने व्यापक प्रशंसा अर्जित की है, जिसका उदाहरण पश्चिम बंगाल के संस्कृति मामलों के विभाग द्वारा कोलकाता के रवींद्र सदन में उनका एकल पाठ है। अपने पूरे करियर के दौरान, उन्होंने उल्लेखनीय टैगोर कलाकारों के साथ सहयोग किया है, जिसमें उनकी बहुमुखी प्रतिभा और पाठ की कला के प्रति समर्पण का प्रदर्शन किया गया है।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;बयान में रेखांकित किया गया कि इस कार्यक्रम में रवींद्र संगीत गायक, सांस्कृतिक गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र और प्रतिष्ठित मेहमान एक साथ आए, जिससे आईजीसीसी के सांस्कृतिक संवाद, कलात्मक सहयोग और दोनों देशों के बीच दोस्ती के स्थायी बंधनों को बढ़ावा देने के समर्पण की पुष्टि हुई। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[FCRA बिल, बारिश का कहर, Meta पर जुर्माना और PoJK विवाद...सुबह की हर बड़ी अपडेट एक साथ]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/10-big-latest-news-india-world-fcra-bill-kerala-rain-meta-pojk-trump-jos-buttler-articleshow-md0imt9</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 07:54:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 Morning News: FCRA बिल पर बड़ा फैसला, केरल में बारिश का कहर, Meta पर ₹5,000 करोड़ का जुर्माना, PoJK में नया विवाद और T20 में इतिहास। आखिर आज सबसे बड़ा असर किस खबर का होगा?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzd0hqstqr6sc6rgm4x52ycp,imgname-10-big-latest-news-india-world-fcra-bill-kerala-rain-meta-pojk-trump-jos-buttler-1786069442362.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नमस्कार, &lt;/strong&gt;आज शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 के इस खास समाचार बुलेटिन में आपका स्वागत है। पिछले 8 से 12 घंटों के दौरान दुनिया भर के कूटनीतिक मंचों से लेकर देश के संसद भवन, मॉनसून की तबाही और खेल के मैदान तक कई अभूतपूर्व हलचलें देखने को मिली हैं। जहां एक तरफ वैश्विक स्तर पर कड़े कानूनी फैसले और क्षेत्रीय तनाव सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं देश में राजनीतिक गतिरोध और कुदरत का कहर जारी है। पर सवाल यह है कि **क्या कड़े कानूनों और वैश्विक प्रतिबंधों के बीच शुरू हुई यह नई कूटनीतिक चालें दुनिया का नक्शा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा पूरी तरह बदल देंगी?**&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. वेस्ट बैंक में एक्टिविस्ट की हत्या पर इज़राइल का अभूतपूर्व ऐतिहासिक फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इज़राइली अधिकारियों ने वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी कार्यकर्ता अवदाह की लक्षित हत्या के आरोप में एक सेटलर पर पहला ऐतिहासिक मुकदमा दायर किया है। तनाव के बीच विदेशी प्रतिनिधियों ने पीड़ित की शोक सभा में भाग लिया, जिसे मानवाधिकार समूहों ने बड़ी जवाबदेही माना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. मेटा पर ₹5,000 करोड़ का जुर्माना क्यो लगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेक्सिको के नियामकों ने मेटा पर $567 मिलियन (₹5,000 करोड़) का भारी जुर्माना लगाया है। जाँच में पाया गया कि कंपनी के एल्गोरिदम ने जानबूझकर बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ाया, जिससे लाखों नाबालिग गंभीर मानसिक तनाव और समस्याओं का शिकार हुए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर ईरान-अमेरिका के बीच कूटनीतिक खींचतान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका से ऊर्जा प्रतिबंध पूरी तरह हटाने और शिपिंग निगरानी व 5-7% ट्रांज़िट शुल्क की मांग की है। क्षेत्रीय मध्यस्थों की बातचीत के बावजूद वाशिंगटन के रक्षा अधिकारियों ने इन शर्तों का कड़ा विरोध किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Middle East Negotiators have REPORTEDLY AGREED to REOPEN the Strait of Hormuz pic.twitter.com/N9ldrYer77&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Larry Stoudt (@Live462) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. अमेरिकी सेना में हथियारों की कमी के दावों पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना के पास गोला-बारूद की कमी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा कि देश के गोदामों में हथियारों का &quot;बहुत बड़ा स्टॉक&quot; मौजूद है। इस बयान का मकसद सहयोगी देशों को आश्वस्त करना और विपक्ष की चेतावनियों को शांत करना था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. PoJK चुनाव के बाद पाकिस्तान का भारत पर 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' का गंभीर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;PoJK में नागरिक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान के सुरक्षा सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने बिना किसी ठोस सबूत के भारतीय खुफिया एजेंसियों पर 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' चलाकर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया, जिसे भारत ने सिरे से खारिज किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. केरल के 8 जिलों में मॉनसून का तांडव, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बंगाल की खाड़ी में दो चक्रवाती सर्कुलेशन बनने से केरल के 8 जिलों (इडुक्की, वायनाड आदि) में 7 अगस्त 2026 को भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका के चलते राहत और आपदा प्रबंधन बलों को मुस्तैद कर दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;TUNGABHADRA DAM UPDATEThe Tungabhadra Dam gained 4 TMC of storage in the last 24 hours due to steady inflows from the Tunga &amp;amp; Varada rivers.Current Stats (7 Aug | 6 AM):Inflow: 47,942 cusecsOutflow: 14,190 cusecsStorage: 68.473 / 105.788 TMC (64.72%) Singataluru Barrage pic.twitter.com/e5UgKrdtJF&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Gummalla Lakshmana (@GUMMALLALAKSHM3) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. FCRA बिल पर आज क्या होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मॉनसून सत्र में जारी विधायी गतिरोध के आज खत्म होने की उम्मीद है, जब गृह मंत्री अमित शाह अवैध विदेशी फंडिंग रोकने हेतु कड़ा FCRA संशोधन बिल पेश करेंगे। साथ ही सरकार NEET परीक्षा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग पर भी आधिकारिक रुख स्पष्ट करेगी। गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष और ईसाई संगठनों की चिंताओं का जवाब दे सकते हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. दिल्ली-NCR समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, चार धाम यात्रा बाधित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जलभराव से दिल्ली-NCR एक्सप्रेसवे पर भारी जाम लग गया। वहीं उत्तर और मध्य भारत के 15 राज्यों में बारिश की चेतावनी के बीच हिमाचल और उत्तराखंड में बादल फटने से हाईवे बंद हो गए हैं, जिससे हजारों चार धाम तीर्थयात्री फंस गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. पेपर लीक के खिलाफ AISA प्रमुख नेहा बोरा का रांची विधानसभा तक विशाल मार्च&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में पेपर लीक व धांधली के खिलाफ AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा 7 अगस्त को रांची विधानसभा तक एक विशाल छात्र मार्च का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को त्वरित पारदर्शी बातचीत की चुनौती दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. जोस बटलर ने तोड़ा टी20 रन रिकॉर्ड; वैभव सूर्यवंशी का किया विशेष जिक्र&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इंग्लैंड के जोस बटलर ने 'द हंड्रेड' में 20 गेंदों में 51 रन बनाकर कीरोन पोलार्ड के 14,803 टी20 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर ने ऐतिहासिक पारी के बाद कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी एक दिन उनका यह रिकॉर्ड तोड़ेंगे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कनाडा में हिमांशी की हत्या, 7 महीने बाद पार्टनर अब्दुल गफ़ूरी गिरफ्तार, आखिर कहां छिपा था?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/canada-toronto-himanshi-khurana-murder-partner-abdul-ghafouri-arrest-first-degree-murder-articleshow-mmur4z2</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 09:45:35 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की 30 वर्षीय हिमांशी खुराना की हत्या के 7 महीने बाद पार्टनर अब्दुल ग़फ़ूरी गिरफ्तार हुआ। टोरंटो एयरपोर्ट पर पकड़े जाने से केस में नया मोड़ आया-आखिर इतने महीनों तक कहां छिपा था आरोपी? जानिए!&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzjbn3sqrj0krv7qyexj4cx8,imgname-canada-toronto-himanshi-khurana-murder-partner-abdul-ghafouri-arrest-first-degree-murder-1786248859447.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;टोरंटो:&lt;/strong&gt; कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की 30 वर्षीया महिला हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्या के लगभग सात महीने बाद टोरंटो पुलिस ने हिमांशी के 32 वर्षीय पार्टनर अब्दुल गफ़ूरी को शुक्रवार को टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। उस पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर का आरोप है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;वो खौफनाक रात: 2025 की 40वीं हत्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टोरंटो पुलिस को 19 दिसंबर 2025 की रात करीब 10:41 बजे स्ट्रैचन एवेन्यू और वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट इलाके से हिमांशी के गायब होने की सूचना मिली थी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;तलाशी अभियान:&lt;/strong&gt; सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;शव की बरामदगी: &lt;/strong&gt;अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उसी इलाके के एक घर से हिमांशी का शव बरामद हुआ।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;हत्या का केस: &lt;/strong&gt;शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने इसे &quot;करीबी पार्टनर द्वारा हिंसा&quot; (intimate partner violence) और हत्या का मामला घोषित किया। यह वर्ष 2025 में टोरंटो में हत्या की 40वीं घटना थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;We are deeply saddened and shocked by the murder of Ms. Himanshi Khurana, a young Indian national, in Toronto. We extend our deepest condolences to her bereaved family during this moment of profound grief. The Consulate has been in close touch with the matter over the past few&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IndiainToronto (@IndiainToronto) December 23, 2025&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;इंटरनेशनल मैनहंट और नाटकीय गिरफ्तारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;वारदात के बाद आरोपी अब्दुल गफ़ूरी फरार हो गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए देशव्यापी वारंट और तस्वीर जारी की थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;टोरंटो पुलिस की फ्यूजिटिव स्क्वाड और होमिसाइड यूनिट ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर अभियान चलाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;गफ़ूरी को शुक्रवार को टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया, हालांकि पुलिस ने यह खुलासा नहीं किया है कि वह किस देश से लौट रहा था या भागकर कहां छुपा था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;करीबी रिश्ते ने बढ़ाया पुलिस का शक&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि हिमांशी और ग़फ़ूरी करीबी पार्टनर रिलेशनशिप में थे। इसके बाद ग़फ़ूरी को मामले में संदिग्ध बनाया गया और उसकी गिरफ्तारी के लिए देशव्यापी वारंट जारी किया गया। पुलिस ने उसकी तस्वीर भी सार्वजनिक की थी और लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील की थी। करीब सात महीने तक तलाश जारी रहने के बाद आखिरकार वह टोरंटो एयरपोर्ट पर पुलिस के हाथ लगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भारतीय दूतावास का रुख और संवेदना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;टोरंटो स्थित भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया था। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे इस त्रासदी से बेहद दुखी हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर पीड़िता के परिवार को हर संभव मदद दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस अब्दुल गफ़ूरी को अदालत में पेश करने और हत्या की विस्तृत जांच आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/canada-toronto-himanshi-khurana-murder-partner-abdul-ghafouri-arrest-first-degree-murder-articleshow-mmur4z2"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पीएम मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की फोन पर लंबी बात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-talks-to-us-vice-president-jd-vance-on-phone-call-india-america-relations-articleshow-netzhhw</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 00:16:00 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi JD Vance Phone Call:&lt;/strong&gt; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की फोन पर लंबी बातचीत हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई दी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzhb4rgkg3498278nc8d9c05,imgname-pm-modi-jd-vance-1786214769170.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi JD Vance Call: &lt;/strong&gt;भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) से फोन पर लंबी बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका के व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Global Strategic Partnership) को प्रमुख क्षेत्रों में और अधिक गहरा करने को लेकर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही अमेरिका के एक सांसद की ओर से भारत के कानूनों को लेकर आपत्तिजनक बयान सामने आए थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पीएम मोदी ने दी जेडी वेंस को बधाई&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बातचीत के दौरान कूटनीतिक चर्चा के अलावा एक निजी और सौहार्दपूर्ण पहलू भी रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सेकंड लेडी ऊषा वेंस को उनके बेटे के जन्म पर गर्मजोशी से बधाई दी और पूरे परिवार को अपनी शुभकामनाएं भेजीं। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के अन्य विस्तृत विवरण तुरंत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Received a phone call from US Vice President JD Vance. We discussed ways to further deepen India-US Comprehensive Global Strategic Partnership across key areas.&amp;nbsp;Warmly congratulated him and the Second Lady on the birth of their son and conveyed best wishes to the entire family.&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) August 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों अहम मानी जा रही है यह बातचीत?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह फोन कॉल ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में अमेरिका के एक कानून निर्माता द्वारा भारत के विदेशी चंदे से जुड़े कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों पर चिंता जताई गई थी। अमेरिकी कांग्रेसमैन रिले मूर (Riley Moore) ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित बदलावों से भारतीय सरकार को चर्चों और धार्मिक चैरिटी को अपने नियंत्रण में लेने की अनुमति मिल सकती है। उन्होंने इसे ईसाइयों पर हमला करार दिया था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत का कड़ा रुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी सांसद के इस बयान के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को साफ कर दिया था कि विधायी मामले (Legislative matters) भारत के पूरी तरह आंतरिक मामले हैं। साथ ही यह भी याद दिलाया गया था कि अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में विदेशी फंडिंग को विनियमित करने के लिए कड़े कानून मौजूद हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों याद आया ऑपरेशन सिंदूर वाला पुराना मिस कॉल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रधानमंत्री मोदी और जेडी वेंस की यह बातचीत पिछले साल यानी मई 2025 के उस वाकये की भी याद दिलाती है, जिसका खुलासा खुद पीएम मोदी ने लोकसभा में किया था। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान पीएम मोदी ने संसद में बताया था कि उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति के करीब चार मिस्ड कॉल देखे थे और इसके बाद उन्होंने खुद फोन वापस मिलाया था। उस वक्त पीएम मोदी ने सदन को बताया था कि जेडी वेंस ने उन्हें चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान भारत पर एक बड़े हमले की योजना बना रहा है। इस पर पीएम मोदी ने कड़ा जवाब देते हुए कहा था, 'हमारा जवाब और भी ज्यादा कड़ा होगा।'&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-talks-to-us-vice-president-jd-vance-on-phone-call-india-america-relations-articleshow-netzhhw"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Baloch Activist: कश्मीर पर पाकिस्तान का 'नाटक', बलूचिस्तान में कर रहा मानवाधिकारों का हनन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/baloch-activist-accuses-pakistan-of-using-kashmir-to-hide-human-rights-abuses-articleshow-oh9ww7g</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 14:19:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बलोच एक्टिविस्ट ओमर करीम ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर का इस्तेमाल बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों से ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तान को 'आतंकी देश' बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01jxwtqsnty5vj5dez108j4dya,imgname-pojk-1750092998320.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बलोच एक्टिविस्ट ओमर करीम ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि वह कश्मीर मुद्दे का इस्तेमाल अपने ही घर में हो रहे मानवाधिकारों के हनन से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। करीम ने पेरिस में पाकिस्तानी दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को 'शर्मनाक' करार दिया। उनके मुताबिक, यह कार्यक्रम बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में हो रहे अत्याचारों को छिपाने की एक कोशिश भर थी। दरअसल, पेरिस में पाकिस्तानी दूतावास ने कश्मीर के लोगों के साथ 'एकजुटता' दिखाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। लेकिन बलोच एक्टिविस्ट ने पाकिस्तान के इस दोहरे रवैये की पोल खोल दी। उन्होंने साफ कहा कि जो देश खुद अपने लोगों पर ज़ुल्म ढा रहा हो, उसे दूसरों के लिए आवाज़ उठाने का कोई हक़ नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;'आतंकी देश' है पाकिस्तान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ओमर करीम ने पाकिस्तान पर बलोच लोगों के 'नरसंहार' का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और न्यायेतर हत्याओं (extrajudicial killings) में सीधे तौर पर शामिल है। करीम के अनुसार, पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने की लगातार कोशिश कर रहा है। यही नहीं, करीम ने पाकिस्तान को एक 'आतंकी देश' और 'वैश्विक शांति के लिए खतरा' तक बता दिया। उनका मानना है कि कश्मीर पर पाकिस्तान का दिखावा सिर्फ एक पर्दा है, जिसके पीछे वह अपने खूनी खेल को छिपाना चाहता है।&amp;nbsp;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;बात सीधी और साफ़ है, पाकिस्तान की कथनी और करनी में ज़मीन-आसमान का फर्क है। अपने बयान के आखिर में बलोच एक्टिविस्ट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बड़ी अपील भी की। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान को उसके इन कामों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। करीम ने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के इस धोखे में नहीं आना चाहिए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Arvind Raghuwanshi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/baloch-activist-accuses-pakistan-of-using-kashmir-to-hide-human-rights-abuses-articleshow-oh9ww7g"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[दक्षिण अफ्रीका ने भारत से अपने उच्चायुक्त अनिल सुकलाल को वापस बुलाया]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/south-africa-recalls-its-high-commissioner-to-india-anil-sooklal-articleshow-p3osgdc</link>
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            <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 09:30:23 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[दक्षिण अफ्रीका ने भारत में अपने उच्चायुक्त अनिल सुकलाल को वापस बुला लिया है. यह कदम पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा और भारतीय मूल के व्यवसायी अजय गुप्ता के साथ उनके संबंधों की खबरों के बाद उठाया गया है. सरकार पूर्व नेताओं की यात्राओं के लिए नया नियम भी बना रही है.]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-1674ec65-7f3e-4f28-a052-ab4e41d43cec.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;प्रिटोरिया [दक्षिण अफ्रीका], 7 अगस्त (एएनआई): दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने भारत में अपने उच्चायुक्त अनिल सुकलाल को &quot;आगे की बातचीत&quot; के लिए वापस बुला लिया है. यह फैसला पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा और भारतीय मूल के व्यवसायी अजय गुप्ता के साथ उनके संबंधों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आया है.&lt;/p&gt; &lt;p&gt;बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला ने पुष्टि की कि सुकलाल को &quot;आगे की बातचीत&quot; के लिए मुख्यालय वापस बुलाया गया है और सरकार पूर्व राष्ट्रपतियों और उपराष्ट्रपतियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान दिए जाने वाले प्रोटोकॉल और राजनयिक समर्थन को लेकर एक नया ढांचा तैयार कर रही है. लामोला ने कहा, &quot;भारत में उच्चायुक्त, उच्चायुक्त अनिल सुकलाल पर एक अपडेट है. हम पुष्टि करते हैं कि उच्चायुक्त अनिल सुकलाल को आगे की बातचीत के लिए मुख्यालय वापस बुलाया गया है.&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;पूर्व राष्ट्रपतियों की यात्रा के लिए बनेगा नया ढांचा&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने वाले पूर्व नेताओं को दी जाने वाली राजनयिक सहायता को विनियमित करने के लिए एक संशोधित ढांचे पर विचार के लिए संसद और राष्ट्रपति को सिफारिशें सौंपी गई हैं. लामोला ने कहा, &quot;हमने संसद और राष्ट्रपति को भी सिफारिशें सौंपी हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान पूर्व राष्ट्रपतियों और पूर्व उपराष्ट्रपतियों को दिए जाने वाले प्रोटोकॉल और राजनयिक समर्थन के लिए एक नए ढांचे पर विचार किया जा सके.&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, &quot;इस ढांचे के हिस्से के रूप में, राष्ट्रपति और डीआईआरसीओ (DIRCO) ने संयुक्त रूप से एक अनिवार्य प्रकटीकरण तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत प्रोटोकॉल और राजनयिक समर्थन चाहने वाले पूर्व राष्ट्रपतियों और उपराष्ट्रपतियों को यात्रा के उद्देश्य, कार्यक्रम, गतिविधियों, धन के स्रोतों, मुख्य मेजबानों, प्रमुख मुलाकातों और वे किस क्षमता में यात्रा कर रहे हैं, इसका पूरा विवरण देना होगा.&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;मंत्री ने कहा कि इस तंत्र का उद्देश्य संभावित प्रतिष्ठा, राजनीतिक, राजनयिक और सुरक्षा जोखिमों का उचित मूल्यांकन सुनिश्चित करना है.&lt;/p&gt; &lt;p&gt;लामोला ने इस बात पर जोर दिया कि इस कदम का उद्देश्य ऐसी स्थितियों को रोकना है जहां पूर्व नेता मौजूदा राष्ट्रपति की अनुमति के बिना दक्षिण अफ्रीका की विदेश नीति का प्रतिनिधित्व करते हुए देखे जा सकते हैं. उन्होंने कहा, &quot;यह हमें ऐसी स्थिति से बचने में मदद करेगा जहां पूर्व राष्ट्रपति खुद को दक्षिण अफ्रीका की विदेश नीति का प्रतिनिधि बताते हैं, खासकर जब उन्हें मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष द्वारा अधिकृत नहीं किया गया हो.&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;जुमा-गुप्ता से जुड़ा है मामला&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;भारतीय मूल के सुकलाल को भारत में देश का उच्चायुक्त नियुक्त किए जाने से पहले वे दक्षिण अफ्रीका के जी-20 शेरपा और ब्रिक्स शेरपा के रूप में काम कर चुके हैं. यह रिकॉल पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा की जून में हरिद्वार की हालिया यात्रा के दौरान जुमा और अजय गुप्ता के साथ उनकी मुलाकातों पर सवाल उठाए जाने के बाद हुआ है.&lt;/p&gt; &lt;p&gt;गुप्ता परिवार दक्षिण अफ्रीका की &quot;स्टेट कैप्चर&quot; जांच में एक केंद्रीय हस्ती बन गया, जब यह आरोप सामने आए कि उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जुमा के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों का इस्तेमाल सरकारी फैसलों को प्रभावित करने और सरकारी अनुबंधों से लाभ उठाने के लिए किया था. गुप्ता बंधुओं ने 2018 में दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था, जब एक न्यायिक आयोग ने जुमा के राष्ट्रपति पद के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार और अनुचित प्रभाव के आरोपों की जांच शुरू की थी.&lt;/p&gt; &lt;p&gt;अपनी हरिद्वार यात्रा के दौरान, जुमा के साथ सुकलाल भी थे, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर में निरंजनी अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से मुलाकात की. स्वामी कैलाशानंद गिरि ने मीडिया को बताया कि गुप्ता, जो आश्रम परिवार के सदस्य थे, जुमा के मित्र थे. स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा, &quot;दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा ने आज सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर का दौरा किया. वे अजय गुप्ता के मित्र हैं, जो आश्रम परिवार के शिष्य और सदस्य हैं.&quot; (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पीएम मोदी को इजराइली पीएम नेतन्याहू का फोन, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/world-news/pm-modi-and-netanyahu-discuss-india-israel-partnership-and-west-asia-articleshow-pi3yflw</link>
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            <pubDate>Thu, 06 Aug 2026 21:01:01 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[पीएम मोदी और इजराइली पीएम नेतन्याहू ने फोन पर बात की। दोनों ने भारत-इजराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर चर्चा की। द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने पर भी सहमति बनी।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-external,imgname-image-fdcaad45-a063-428c-bf61-18e36555df40.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;नई दिल्ली [भारत], 6 अगस्त (एएनआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस बातचीत की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक विज्ञप्ति में दी।&lt;/p&gt; &lt;p&gt;विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने आपसी लाभ के लिए विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विज्ञप्ति में कहा गया है, &quot;दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल विशेष रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के आपसी लाभ के लिए विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।&quot;&lt;/p&gt; &lt;p&gt;इसमें आगे कहा गया है, &quot;पीएम नेतन्याहू और पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेता संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।&quot;&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;द्विपक्षीय सहयोग और मुक्त व्यापार समझौता&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत इस साल मार्च में हुई उनकी पिछली बातचीत के बाद हुई है, जिसमें उन्होंने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की थी। भारत और इजराइल ने कई क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना जारी रखा है। इससे पहले जुलाई में, दोनों देशों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए दूसरे दौर की बातचीत पूरी की, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक संतुलित, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।&lt;/p&gt; &lt;h2&gt;'अद्भुत पथ' पर भारत-इजराइल संबंध&lt;/h2&gt; &lt;p&gt;इस बीच, जून में, भारत में इजराइली राजदूत रियूवेन अजार ने कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बावजूद भारत-इजराइल संबंध 'अद्भुत पथ' पर बने हुए हैं। एएनआई से बात करते हुए, अजार ने क्षेत्र में संघर्ष के बावजूद इस तरह के पथ के लिए भारत के साथ रक्षा, बुनियादी ढांचे, वित्त और व्यापार में बढ़ते सहयोग का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत होती रही है, और दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा किया है। (एएनआई)&lt;/p&gt; (Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Asianet News Hindi Central</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/world-news/pm-modi-and-netanyahu-discuss-india-israel-partnership-and-west-asia-articleshow-pi3yflw"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Pew Research: अगले 75 साल में कौन होगा दुनिया का सबसे बड़ा रिलीजन, किस धर्म के होंगे कितने अनुयायी?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pew-research-religion-report-2100-islam-largest-religion-hindu-christian-population-religious-diversity-articleshow-rvxktkd</link>
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            <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 08:50:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Pew Research की रिपोर्ट के मुताबिक, 2100 तक इस्लाम दुनिया का सबसे बड़ा धर्म बन सकता है। हिंदू धर्म दूसरे और ईसाई धर्म तीसरे स्थान पर रह सकता है। जानिए किसकी कितनी होगी आबादी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzeesre9tn9r790smg1setnv,imgname-pew-research-on-islam-1786117939657.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pew Research Study: &lt;/strong&gt;अमेरिकी ग्लोबल थिंक टैंक प्यू रिसर्च सेंटर (Pew Research Center) की एक स्टडी के मुताबिक, 21वीं सदी के अंत तक दुनिया के धार्मिक परिदृश्य में बड़े बदलाव का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर मौजूदा डेमोग्राफिक ट्रेंड इसी तरह जारी रहते हैं, तो 2100 तक इस्लाम दुनिया का सबसे बड़ा रिलीजन बन सकता है।अनुमान के अनुसार, उस समय दुनिया में मुस्लिम आबादी करीब 3.91 अरब हो सकती है। वहीं, हिंदू धर्म के मानने वालों की संख्या करीब 3.78 अरब और ईसाई धर्म के मानने वालों की संख्या करीब 3.1 अरब रहने का अनुमान है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुस्लिम आबादी बढ़ने की क्या है वजह?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिसर्च के मुताबिक, मुस्लिम आबादी में तेज बढ़ोतरी के पीछे कई डेमोग्राफिक कारण हो सकते हैं। इनमें मुस्लिम-बहुल देशों में अपेक्षाकृत ज्यादा फर्टिलिटी रेट, युवाओं की बड़ी आबादी और अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से हो रहे जनसंख्या बदलाव प्रमुख कारण बताए गए हैं। इन बदलावों के चलते 21वीं सदी के अंत तक दुनिया में धार्मिक समूहों की मौजूदा स्थिति बदलने की संभावना जताई गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हिंदू धर्म दूसरे और ईसाई तीसरे स्थान पर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्यू रिसर्च के अनुमान के मुताबिक, 2100 तक हिंदू धर्म दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म हो सकता है। हिंदू धर्म को मानने वालों की संख्या करीब 3.78 अरब रहने का अनुमान है। वहीं, ईसाई पंथ करीब 3.1 अरब अनुयायियों के साथ तीसरे स्थान पर रह सकता है। इस तरह तीनों प्रमुख धर्मों के बीच आबादी के लिहाज से काफी करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2100 तक कितनी होगी नास्तिकों की आबादी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग खुद को किसी धर्म से नहीं जोड़ते या नास्तिक हैं, उनकी संख्या भी बढ़ने की संभावना है। 2100 तक ऐसे लोगों की आबादी करीब 1.09 अरब तक पहुंच सकती है। वहीं, पारंपरिक और स्थानीय पंथों को मानने वालों की कुल संख्या करीब 22.42 करोड़ रहने का अनुमान है। दुनिया भर में यहूदी आबादी करीब 1.96 करोड़ तक रहने का अनुमान लगाया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सिंगापुर दुनिया का सबसे धार्मिक विविधता वाला देश&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्यू रिसर्च सेंटर की एक अन्य स्टडी के मुताबिक, सिंगापुर दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक विविधता वाला देश है। सिंगापुर में बौद्ध धर्म मानने वाले लोग सबसे बड़ा धार्मिक समूह हैं और उनकी आबादी करीब 31% है। इसके अलावा करीब 20% लोग किसी धर्म को नहीं मानते। देश में ईसाइयों की आबादी करीब 19%, मुस्लिम आबादी 16% और हिंदू आबादी करीब 5% है। अन्य धर्मों को मानने वालों की हिस्सेदारी करीब 9% है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;धार्मिक विविधता में सूरीनाम दूसरे स्थान पर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;धार्मिक विविधता के मामले में सूरीनाम दूसरे स्थान पर है। यह टॉप 10 में शामिल एकमात्र लैटिन अमेरिकी देश है। सूरीनाम की करीब 53% आबादी ईसाई है। इसके अलावा करीब 22% लोग हिंदू, 13% मुस्लिम और 8% लोग किसी धर्म को नहीं मानते। देश की बाकी आबादी अन्य धार्मिक समूहों से जुड़ी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका में हिंदू शिक्षा में सबसे आगे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्यू रिसर्च सेंटर की अमेरिका से जुड़ी एक अन्य स्टडी के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाला हिंदू समुदाय उच्च शिक्षा के मामले में सबसे आगे है। रिपोर्ट में हिंदुओं ने शिक्षा के स्तर पर पारंपरिक रूप से सबसे शिक्षित माने जाने वाले यहूदी समुदाय को भी पीछे छोड़ दिया है। यह आंकड़ा अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय की उच्च शैक्षणिक योग्यता को दिखाता है। रिपोर्ट में अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था में हिंदू समुदाय की भूमिका पर भी ध्यान दिया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;70% अमेरिकी हिंदुओं के पास बैचलर डिग्री या उससे ज्यादा शिक्षा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Religious Landscape Study (RLS) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले करीब 10 में से 7 हिंदुओं यानी 70% लोगों के पास बैचलर डिग्री या उससे उच्च स्तर की शिक्षा है। वहीं, शिक्षा के मामले में दूसरे स्थान पर रहने वाले अमेरिकी यहूदी समुदाय के करीब 65% लोगों के पास बैचलर डिग्री या उससे अधिक शिक्षा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/pew-research-religion-report-2100-islam-largest-religion-hindu-christian-population-religious-diversity-articleshow-rvxktkd"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[कितना खतरनाक है पाकिस्तान का ‘इस्लामिक NATO’ प्लान? भारत-इज़राइल को लेकर ख्वाजा आसिफ का बड़ा बयान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pakistan-islamic-nato-khawaja-asif-saudi-turkey-india-israel-defense-alliance-articleshow-w0dbidu</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 10:06:14 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के मक्का रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान का 'इस्लामिक NATO' दांव! ख्वाजा आसिफ ने भारत-इज़राइल का जिक्र कर मुस्लिम देशों से एकजुट होने को कहा-जानिए क्या है यह राज!&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzjcv9mychft8zsa5zn7fym9,imgname-pakistan-islamic-nato-khawaja-asif-saudi-turkey-india-israel-defense-alliance-1786250110622.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नई दिल्ली:&lt;/strong&gt; सऊदी अरब और तुर्की के साथ ऐतिहासिक 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर करने के ठीक एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बड़े &quot;इस्लामिक NATO&quot; के गठन की मांग तेज कर दी है। उन्होंने मुस्लिम देशों से एकजुट होकर भारत और इज़राइल से पैदा होने वाली सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने का आह्वान किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मक्का समझौता: NATO के आर्टिकल 5 जैसी सैन्य प्रतिबद्धता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते ने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;साझा सुरक्षा की शपथ: &lt;/strong&gt;समझौते के तहत किसी भी एक सदस्य देश पर हुए सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह सिद्धांत ठीक NATO के अनुच्छेद 5 (Article 5) की तर्ज पर आधारित है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;'इस्लामिक NATO' का खाका: &lt;/strong&gt;आसिफ ने तर्क दिया कि मुस्लिम-बहुल देशों को आपसी मतभेद भुलाकर एक मजबूत सैन्य गठबंधन बनाना चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;Pakistan proposes a NATO-style defense alliance for Muslim nations.Pakistan's Defense Minister Khawaja Asif has called for expanding the defense partnership involving Turkey and Saudi Arabia.He stated that other Muslim nations should also join this platform.Asif urged Muslim&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Face Talk Media (@FaceTalkMedia1) August 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भारत और इज़राइल पर निशाना: सुरक्षा का हवाला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;एक साक्षात्कार में ख्वाजा आसिफ ने आतंकवाद को तीनों देशों के लिए साझा खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;भारत पर आरोप: &lt;/strong&gt;आसिफ ने दावा किया कि अफगानिस्तान से संचालित भारत-समर्थित तत्व पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। हालांकि, भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;इज़राइल के खिलाफ एकजुटता: &lt;/strong&gt;आसिफ ने कहा कि इज़राइल की नीतियों का मुकाबला करने के लिए मुस्लिम देशों की एकजुट प्रतिक्रिया जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि इज़राइल के साथ संबंध सामान्य करने से मुस्लिम जगत को कोई फायदा नहीं होगा और फ़िलिस्तीन का समर्थन क्षेत्रीय नीति का मुख्य आधार रहना चाहिए।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच जियोपॉलिटिकल मोर्चेबंदी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में गंभीर संकट गहराया हुआ है।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;व्यापक संघर्ष:&lt;/strong&gt; 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में युद्ध छिड़ गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट:&lt;/strong&gt; जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पाकिस्तान का दांव:&lt;/strong&gt; इस व्यापक तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को इस्लामिक दुनिया के एक अहम रक्षात्मक और कूटनीतिक अगुआ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[क्या है मक्का रक्षा पैक्ट? सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान तीनों पर भड़का ईरान, दे डाली ये बड़ी चेतावनी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/iran-warns-saudi-turkey-pakistan-defense-pact-makkah-security-deal-articleshow-ycd8pau</link>
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            <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 09:12:41 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान के रक्षा समझौते से मचा हड़कंप! ईरान ने रियाद को दी खुली चेतावनी- &lsquo;कागजी समझौते&rsquo; से नहीं मिलेगी सुरक्षा। आखिर मक्का डिफेंस पैक्ट से क्यों भड़का तेहरान?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;तेहरान/रियाद:&lt;/strong&gt; मिडिल ईस्ट की पहले से ही सुलगती भू-राजनीति में एक नए सैन्य गठबंधन ने आग में घी डालने का काम कर दिया है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' (Mecca Joint Defense Pact) के सामने आते ही ईरान ने बेहद तल्ख तेवर अपना लिए हैं। ईरान की संसद और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने इस त्रिपक्षीय सैन्य समझौते को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक &quot;महज कागज़ी टुकड़ा&quot; करार दिया है और रियाद को चेताया है कि विदेशी ताकतों के सहारे कभी स्थायी सुरक्षा हासिल नहीं की जा सकती।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;'एक पर हमला, सब पर हमला': आखिर क्या है मक्का संयुक्त रक्षा समझौता?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने एक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Why have Saudi Arabia, Pakistan and Turkey pledged mutual defense? Reuters explains the regional realignment behind a new pact signed in Mecca by three major Sunni Muslim US allies https://t.co/aSv2M0OJYW pic.twitter.com/34h8IXLQlg&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Reuters (@Reuters) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस रक्षा समझौते का मूल आधार 'सामूहिक सुरक्षा' है। समझौते में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि तीनों में से किसी भी एक देश पर कोई भी सशस्त्र या सैन्य हमला होता है, तो उसे तीनों राष्ट्रों पर सीधा हमला माना जाएगा। इस पैक्ट का उद्देश्य लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच तीनों देशों के सैन्य संसाधनों को एक मंच पर लाना है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Why have Saudi Arabia, Pakistan and Turkey pledged mutual defense? Reuters explains the regional realignment behind a new pact signed in Mecca by three major Sunni Muslim US allies https://t.co/aSv2M0OJYW pic.twitter.com/34h8IXLQlg&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Reuters (@Reuters) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;ईरानी सांसद ने क्यों साधा सऊदी पर निशाना?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जैसे ही 'मक्का डिफेंस पैक्ट' की खबरें सामने आईं, ईरान के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। ईरान की संसद और राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्य इब्राहिम रेज़ाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सऊदी अरब पर करारा हमला बोला।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;سعودی&zwnj;ها باید بدانند که توافق کاغذی با ترکیه و پاکستان برای آنها امنیت&zwnj;آور نیست، همان&zwnj;طور که سال&zwnj;ها شیردهی یکطرفه به آمریکایی&zwnj;ها برایشان امنیت نیاورد. سیاست&zwnj;هایتان را اصلاح کنید تا نیاز نباشد از دیگران #گدایی_امنیت کنید.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ابراهیم رضایی (@EbrahimRezaei14) August 7, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इब्राहिम रेज़ाई ने लिखा, *&quot;सऊदी अरब को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि तुर्की और पाकिस्तान के साथ कागज़ी समझौते करने से उन्हें सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलेगी। ठीक उसी तरह, जैसे दशकों तक अमेरिकियों का एकतरफा साथ देने के बावजूद वे खुद को सुरक्षित नहीं कर पाए।&quot;* ईरानी सांसद ने आगे दावा किया कि यदि सऊदी अपनी नीतियों और क्षेत्रीय दृष्टिकोण में सुधार करे, तो उसे दूसरों से सुरक्षा के लिए &quot;भीख&quot; मांगने की नौबत नहीं आएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;लाल सागर से होर्मुज तक मंडराता ख़तरा: क्यों मजबूर हुआ सऊदी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दरअसल, यह नया सुरक्षा गठबंधन अकारण नहीं बना है। पिछले कुछ वर्षों में ईरान समर्थित यमनी हूथी विद्रोहियों और इराकी मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब के अहम बुनियादी ढांचों और प्रमुख तेल सुविधाओं पर लगातार ड्रोन व मिसाइल हमले किए गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष की आंच में पूरा खाड़ी क्षेत्र अनचाहे तौर पर झुलस रहा है। वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र माने जाने वाले समुद्री रास्तों में लगातार हो रही बाधाओं के कारण सऊदी अरब अमेरिका पर अपनी रणनीतिक निर्भरता कम करते हुए अपनी रक्षा साझेदारियों का दायरा बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या त्रिकोणीय गठबंधन से बदलेगा मिडिल ईस्ट का नक्शा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सऊदी अरब के पास अथाह वित्तीय ताकत, तुर्की के पास नाटो (NATO) स्तर की आधुनिक सेना और पाकिस्तान के पास परमाणु क्षमता तथा विशाल सैन्य बल है। इन तीनों शक्तियों के एकजुट होने से क्षेत्र का शक्ति संतुलन काफी हद तक बदल सकता है। हालांकि, ईरान के कड़े बयानों ने यह साफ कर दिया है कि वह इस गठबंधन को अपने लिए एक सीधे खतरे और क्षेत्रीय घेराबंदी के रूप में देख रहा है। ईरान की इस चेतावनी के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह नया सुरक्षा समझौता खाड़ी में शांति लाएगा या फिर एक नए और भयानक सैन्य टकराव को जन्म देगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मक्का में हुई अहम मुलाकात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;समझौते पर सऊदी अरब में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इसमें सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ शामिल हुए। मक्का में हुआ यह समझौता ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/iran-warns-saudi-turkey-pakistan-defense-pact-makkah-security-deal-articleshow-ycd8pau"/>
        </item>
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            <title><![CDATA[अमरनाथ यात्रा पर ब्रेक से हॉर्मुज संकट तक, जानिए भारत और दुनिया में रातभर क्या-क्या बदला?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-world-latest-top-10-news-amarnath-yatra-300gw-clean-energy-assam-flood-hormuz-global-updates-articleshow-ym1sbss</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 07:56:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अमरनाथ यात्रा पर अचानक ब्रेक, 300 GW क्लीन एनर्जी का बड़ा मुकाम और असम में 99 मौतें&hellip; उधर हॉर्मुज, कनाडा और थाईलैंड से चौंकाने वाले अपडेट। आखिर रविवार, 09 अगस्त 2026 की सबसे बड़ी खबर कौन-सी?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzj5fcab5mqw4e1zyw4xyjh8,imgname-india-world-latest-top-10-news-amarnath-yatra-300gw-clean-energy-assam-flood-hormuz-global-updates-1786242380107.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;शुभ प्रभात! &lt;/strong&gt;09 अगस्त 2026 की मुख्य ख़बरों में अमरनाथ यात्रा के थमने, भारत की 300 GW क्लीन एनर्जी उपलब्धि और 15 राज्यों में भारी बारिश के अलर्ट का दबदबा है। विदेश से थाईलैंड में गोलीबारी और यूरोप में ड्रोन धमाके की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। क्या प्रकृति के कहर और इंसानी संघर्ष के बीच दुनिया एक बड़े संकट की ओर बढ़ रही है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. अमरनाथ यात्रा पर रोक: बारिश और मेंटेनेंस बनी वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लगातार मानसून बारिश और भूस्खलन के कारण 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से आधिकारिक रूप से रोक दी गई है। BRO की टीमें पहाड़ी रास्तों की मरम्मत में जुटी हैं। अब तक 4.8 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Amarnath Yatra Suspended From August 9 Amid Track Restoration, Weather Concerns | JK News Today pic.twitter.com/gKTTfg0tMU&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; JK News Today (@jknewstoday) August 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. भारत ने रचा इतिहास: 300 GW क्लीन एनर्जी का आंकड़ा पार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ने 300 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता पार कर ली है। नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत का रिन्यूएबल एनर्जी फुटप्रिंट 400% बढ़ा है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर ग्रीन एनर्जी का लीडर बनाता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. अंडमान में वाइस प्रेसिडेंट ने लॉन्च किया 'हर घर तिरंगा&lt;/strong&gt;'&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने स्वतंत्रता दिवस से पहले श्री विजय पुरम के फ्लैग पॉइंट पर तिरंगा फहराकर 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत की। वे &quot;वंदे मातरम कॉन्सर्ट&quot; में शामिल होंगे और नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप जाकर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. 15 राज्यों में भारी बारिश और 70 KM/H की हवाओं का अलर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मौसम विभाग (IMD) ने 14 घंटे के भीतर 15 भारतीय राज्यों में मूसलाधार बारिश और 70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। अचानक बाढ़, जलभराव और पेड़ों के उखड़ने की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. असम में बाढ़ से हाहाकार: 99 मौतें, 1.47 लाख बेघर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;असम में बाढ़ से स्थिति और गंभीर हो गई है, जहाँ मृतकों का आंकड़ा 99 तक पहुँच गया है। जलमग्न इलाकों से 1.47 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। जलमग्न रास्तों की वजह से राहत सामग्री पहुंचाने और रेस्क्यू ऑपरेशन में राहत टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Assam&rsquo;s flood situation remains grim, with the death toll rising to 98 and over 1.55 lakh people affected across 13 districts. Golaghat remains the worst-hit district, while relief operations continue through 55 camps.Follow the complete story on #PBSHABD. Register now at&hellip; pic.twitter.com/EtMWrQvp4a&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; PB-SHABD (@PBSHABD) August 8, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. जंगल की आग का तांडव: ब्रिटिश कोलंबिया में इमरजेंसी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में बाल्ड रेंज की आग से हवा जहरीली हो गई है, जिससे ओकानागन झील धुएं से ढक गई है। तेजी से फैलती आग के कारण हजारों निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया गया है और पेंटिक्टन में शेल्टर बनाए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Flames burned along Highway 97 as residents fled British Columbia&rsquo;s Okanagan region, where the Bald Range wildfire has forced roughly 20,000 people to evacuate. pic.twitter.com/wrsF9M64hm&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Breaking911 (@Breaking911) August 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट: ईरान की अमेरिका को चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और फ्रीज एसेट्स वापस करने की सख्त मांग की है। हाल ही में एक कमर्शियल टैंकर पर मिसाइल हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है, जिससे वैश्विक व्यापार पर खतरा मंडरा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. थाईलैंड में स्कूल शूटिंग का खौफनाक मंज़र: 9 की मौत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नोंथाबुरी प्रांत के एक स्कूल में 14 साल के बंदूकधारी द्वारा की गई गोलीबारी में घायल 12 साल की बच्ची की मौत के बाद कुल मौतों की संख्या 9 हो गई है। हमलावर ने पहले दादा-दादी को गोली मारी, फिर स्कूल में मासूमों को निशाना बनाने के बाद खुद को गोली मार ली।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;️ #Tailandia | Familiares de las v&iacute;ctimas del peor tiroteo escolar registrado en el pa&iacute;s desde 2022 acudieron a reconocer y retirar los cuerpos de sus seres queridos.Las autoridades investigan qu&eacute; llev&oacute; al adolescente de 14 a&ntilde;os se&ntilde;alado como sospechoso a cometer el ataque.&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Michelle Rivera (@michelleriveraa) August 9, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद धमाका: कोलंबिया में कार बम विस्फोट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कोलंबिया के नए कट्टरपंथी राष्ट्रपति के पद संभालते ही देश में हुए भीषण कार बम धमाके से हड़कंप मच गया है। किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन खुफिया एजेंसियों को विद्रोही गुटों या ड्रग कार्टेल पर शक है। यह घटना नई सरकार के लिए बड़ी सुरक्षा चुनौती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. यूरोप की गैस पाइपलाइन पर हमला? ड्रोन फटने की जांच शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बुल्गारिया में एक मुख्य यूरोपीय गैस पाइपलाइन के पास हथियारबंद ड्रोन फटने से सनसनी फैल गई है। सैन्य विश्लेषकों को शक है कि यह यूएवी यूक्रेन के संघर्ष वाले इलाके से आया था। इस घटना के बाद यूरोप के प्रमुख ऊर्जा ग्रिडों और औद्योगिक सुविधाओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Malappuram Explosives Seizure: लॉरी में आखिर कहां ले जाए जा रहे थे हजारों विस्फोटक? NIA की गिरफ्तारी ने बढ़ाया सस्पेंस]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/nia-arrests-main-conspirator-in-malappuram-explosives-seizure-case-articleshow-zxgrgt2</link>
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            <pubDate>Sun, 09 Aug 2026 12:07:27 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Haris TA Arrested: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मलप्पुरम विस्फोटक मामले में 10वें आरोपी हारिस टीए को गिरफ्तार कर लिया है. हारिस को इस केस का मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है. यह मामला इसी साल फरवरी में एक लॉरी से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने से जुड़ा है.&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kzjkpr181vt8d5q4qvrjbnbr,imgname-representative-image--file-photo-ani--1786257301543.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;NIA Malappuram Explosives Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केरल के मलप्पुरम विस्फोटक मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने इस केस के 10वें आरोपी हारिस टीए (Haris TA) को गिरफ्तार कर लिया है. हारिस पर इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह पूरा मामला इसी साल फरवरी महीने का है. तब केरलम में एक लॉरी से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी. इस कार्रवाई के बाद से ही NIA इस मामले की जांच में जुटी हुई थी.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जब्त किए गए विस्फोटकों की मात्रा काफी चौंकाने वाली थी. जानकारी के मुताबिक, लॉरी से 89,600 विस्फोटक छड़ें (Explosive Sticks) और 10,500 शॉक ट्यूब (Shock Tubes) बरामद हुए थे. इतनी बड़ी खेप की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे.&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन है गिरफ्तार आरोपी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;NIA के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया हारिस टीए इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. वह इस केस में गिरफ्तार होने वाला 10वां व्यक्ति है. एजेंसी अब उससे पूछताछ कर इस नेटवर्क के बाकी लोगों और उनके इरादों का पता लगाने की कोशिश कर रही है.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किस मकसद से और कहां ले जाए जा रहे थे. NIA की जांच अब इसी दिशा में आगे बढ़ रही है. इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में एक अहम कामयाबी माना जा रहा है.&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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