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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Wed, 21 Oct 2026 23:27:58 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[16 साल के बच्चों ने खोल दिया मोर्चा! इटली में ऐसा क्यों भड़का युवाओं का गुस्सा?]]></title>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 18:54:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;इटली में शिक्षा और हथियारों पर सरकारी प्राथमिकताओं को लेकर युवाओं का विरोध हिंसक घटनाओं में बदल गया। &lsquo;नो वेपंस&rsquo; के नारे के बीच पुलिस ने करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें कई नाबालिग बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा की है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m56ws1f0qpn8df6gkxnzd4c1,imgname-italy-pm-meloni-condemns-violent-protests-1792306611680.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;यूरोप की राजनीति में एक बार फिर युवाओं की आवाज सड़कों पर सुनाई दे रही है। इटली में शिक्षा और सरकारी प्राथमिकताओं को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक घटनाओं तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं में बड़ी संख्या जेन-अल्फा की बताई जा रही है। शनिवार की घटनाओं के बाद पुलिस ने करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें बड़ी संख्या नाबालिगों की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर क्यों सड़कों पर उतरे Gen Alpha युवा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार शिक्षा की तुलना में हथियारों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसी नाराजगी के बीच &lsquo;नो वेपंस&rsquo; जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इटली ने 2024 में GDP का करीब 4 फीसदी शिक्षा पर खर्च किया, जो लगभग 97 अरब डॉलर के बराबर था। इसी साल हथियारों की खरीद पर करीब 30 अरब डॉलर खर्च किए गए, जबकि कुल रक्षा खर्च लगभग 50 अरब डॉलर बताया गया। युवाओं का सवाल है कि जब शिक्षा और भविष्य से जुड़े मुद्दे गंभीर हैं, तो रक्षा पर बढ़ता खर्च सरकार की प्राथमिकता क्यों बन रहा है?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;VIDEO: चलती कार से लटककर दिखा रहे थे स्टंट, पुलिस ने ऐसा सबक सिखाया कि मांगने लगे माफी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;200 लोगों की गिरफ्तारी, मेलोनी ने बताया &lsquo;दंगाई&rsquo;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शनिवार के प्रदर्शन के दौरान आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 4,400 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान का दावा किया गया है। ANSA के अनुसार, रविवार को पुलिस ने लगभग 200 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें बड़ी संख्या 16 साल के नाबालिगों की बताई गई है। प्रधानमंत्री मेलोनी ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और हिंसा में शामिल लोगों को देशहित के खिलाफ बताया। मेलोनी ने इस हिंसा के लिए वामपंथी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भड़काने वालों और हिंसा करने वाले समूहों को बख्शा नहीं जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी बेचैनी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इटली में 2027 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में युवाओं का यह विरोध सरकार के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। शिक्षा, रक्षा बजट और सरकार की प्राथमिकताएं आने वाले समय में चुनावी बहस का बड़ा हिस्सा बन सकती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इटली के साथ फ्रांस में भी विरोध और हिंसा की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, दोनों देशों में घटनाओं के कारण और राजनीतिक संदर्भ अलग हैं। इटली में फिलहाल सवाल यही है कि क्या युवाओं का &lsquo;नो वेपंस&rsquo; अभियान आने वाले चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन पाएगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें:&lt;strong&gt; Bikaner-Delhi Flight: 25 अक्टूबर से बदल जाएगा हवाई सफर, यात्रियों के लिए आई बड़ी खबर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
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            <title><![CDATA[मक्का मस्जिद में Kiss करने पर कपल को मृत्युदंड, जवान बेटे की मौत से बिलख उठी मां]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/saudi-arabia-mecca-masjid-kiss-controversy-nazrul-islam-execution-bangladesh-family-seeks-justice-7-lakh-taka-debt-articleshow-2xcya02</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 21:15:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Nazrul Islam Bangladesh: सऊदी अरब में नजरुल इस्लाम को मृत्युदंड दिए जाने की खबर से परिवार सदमे में है। पिता पर 7 लाख टका का कर्ज है और परिवार ने जांच की मांग की है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5czqpbjqfxwpjgfth55m5tx,imgname-mecca-mosque-kiss-controversy-1792511039858.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mecca Mosque Kiss Controversy: &lt;/strong&gt;बांग्लादेश के 22 वर्षीय नजरुल इस्लाम को सऊदी अरब में मृत्युदंड दिए जाने की खबर से उनका परिवार सदमे में है। नजरुल की मां रहीमा बेगम बेटे की मौत की खबर सुनकर रो-रोकर बेहाल हैं। परिवार का आरोप है कि सऊदी अधिकारियों ने उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी और न ही उन्हें मामले की पूरी जानकारी मिली। परिवार को 14 अक्टूबर को मक्का में नजरुल को फांसी दिए जाने की खबर मीडिया रिपोर्टों के जरिए मिली।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सऊदी अरब में नजरुल इस्लाम को क्यों दी गई मौत की सजा?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नजरुल उन दो बांग्लादेशी नागरिकों में शामिल था, जिन्हें 14 अक्टूबर को सऊदी अरब में मृत्युदंड दिए जाने की खबर सामने आई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रिपोर्टों के अनुसार, नजरुल और एक सऊदी महिला को मक्का की एक मस्जिद में कथित तौर पर &lsquo;अनैतिक कृत्य&rsquo; करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, अब तक स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं हुई है कि नजरुल पर क्या आरोप लगाए गए थे, उसे कानूनी सहायता मिली थी या नहीं और मृत्युदंड से पहले उसे अपना बचाव करने का अवसर दिया गया था या नहीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बांग्लादेश सरकार ने भी दोनों मृत्युदंड पाने वालों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;नौकरी के लिए सऊदी अरब गया था नजरुल&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नजरुल इस्लाम चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह 10 नवंबर 2022 को नौकरी करने सऊदी अरब गया था, जहां वह सफाईकर्मी के तौर पर काम करता था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार के मुताबिक, सऊदी अरब पहुंचने के करीब 6 महीने बाद पुलिस ने उसे और एक बांग्लादेशी महिला को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य (Kiss) के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद तीन साल से अधिक समय तक परिवार को यही उम्मीद थी कि नजरुल एक दिन वापस घर लौटेगा। लेकिन 14 अक्टूबर को उसे मृत्युदंड दिए जाने की खबर सामने आई। परिवार का कहना है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी नहीं दी गई थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;हर रविवार मां से फोन पर होती थी बात&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बांग्लादेश के अखबार &lsquo;द डेली स्टार&rsquo; के मुताबिक, नजरुल की मां रहीमा बेगम ने बताया कि उनका बेटा हर रविवार जेल से फोन करके परिवार से बात करता था। इसके बावजूद परिवार को उसके मृत्युदंड के बारे में पहले कोई सूचना नहीं दी गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार ने यह भी बताया कि नजरुल की मौत की खबर सुनने के बाद उसकी बुआ आबिदा बेगम की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इस घटना ने परिवार के दुख को और बढ़ा दिया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;बेटे को विदेश भेजने के लिए लिया था 7 लाख टका का कर्ज&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;नजरुल के पिता अब्दुल बशीर ने बेटे को सऊदी अरब भेजने के लिए 7 लाख टका उधार लिए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बेटा नौकरी करके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लेकिन अब बेटे की मौत की खबर के साथ परिवार पर कर्ज चुकाने का दबाव भी है। अब्दुल बशीर ने कहा, &ldquo;अगर मेरे बेटे को बिना किसी उचित कारण के फांसी दी गई है, तो मुझे न्याय चाहिए।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;परिवार ने सरकार से मामले की जांच कराने और सरकारी खर्च पर नजरुल का शव बांग्लादेश वापस लाने की व्यवस्था करने की अपील की है। पड़ोसियों ने भी लोगों से परिवार की मदद करने का अनुरोध किया है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;शव वापस लाने में मदद करेगा प्रशासन&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ब्राह्मणबेरिया के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अबू सईद ने कहा कि प्रशासन को अभी तक उच्च अधिकारियों से कोई निर्देश नहीं मिला है। परिवार की ओर से भी कोई आवेदन नहीं आया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा कि अगर शव बांग्लादेश वापस लाया जाता है, तो प्रशासन नियमों के अनुसार मदद करेगा, क्योंकि नजरुल ब्राह्मणबेरिया का रहने वाला था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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            <title><![CDATA[क्या खत्म होगी ब्रिटिश शाही परिवार की अनबन? प्रिंस हैरी ने पिता किंग चार्ल्स, भाई विलियम पर कही बड़ी बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/prince-harry-wants-reconciliation-with-king-charles-prince-william-british-royal-family-feud-latest-news-articleshow-3qlct0g</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 15:27:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Prince Harry Reconciliation: प्रिंस हैरी पिता किंग चार्ल्स और भाई प्रिंस विलियम से सुलह क्यों चाहते हैं? शाही परिवार के विवाद के बीच GQ इंटरव्यू में उन्होंने क्या कहा? जानिए पूरी कहानी।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Prince Harry Wants Family Reconciliation: &lt;/strong&gt;ब्रिटेन के शाही परिवार में लंबे समय से जारी तनाव के बीच प्रिंस हैरी ने पिता किंग चार्ल्स III और बड़े भाई प्रिंस विलियम के साथ रिश्ते सुधारने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि परिवार के बीच मतभेद खत्म करना जरूरी है और वह चाहते हैं कि रिश्ते बेहतर हों। हालांकि, उनकी इस इच्छा के बाद भी सुलह होगी या नहीं, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। ड्यूक ऑफ ससेक्स ने न्यूयॉर्क में GQ मैगजीन को दिए इंटरव्यू में पारिवारिक दूरियों, पुराने विवादों और रिश्तों को दोबारा बेहतर बनाने की संभावनाओं पर बात की। यह इंटरव्यू 20 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हुआ।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या किंग चार्ल्स और प्रिंस विलियम से सुलह करेंगे हैरी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरी ने इंटरव्यू में कहा कि कुछ लोग शायद रिश्तों को सुधारने के पक्ष में न हों, लेकिन वह चाहते हैं कि मामला सुलझे। उनके मुताबिक, दुनिया में पहले से ही काफी समस्याएं हैं और परिवार के साथ लगातार विवाद बनाए रखना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाई-बहनों के बीच मतभेद और माता-पिता व बच्चों के रिश्तों में तनाव कई परिवारों में देखने को मिलता है। उनके परिवार की स्थिति से दूसरे लोग भी जुड़ाव महसूस कर सकते हैं और इससे उन्हें अपने रिश्ते सुधारने की प्रेरणा मिल सकती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;ब्रिटिश राजघराने की चौंकाने वाली INCOME: जानें कौन कितना कमाता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुराने जख्मों को लेकर क्या बोले प्रिंस हैरी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरी ने माना कि बीते विवादों के निशान पूरी तरह मिटना मुश्किल है। हालांकि, अतीत को देखने का नजरिया बदलना और पुरानी बातों से आगे बढ़ना संभव है। उन्होंने कहा कि अगर पुरानी घटनाएं रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं, तो उन्हें पीछे छोड़ना और मुश्किल हो जाता है। उनके प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हैरी का यह कहना कि कुछ लोग सुलह नहीं चाहते, प्रिंस विलियम या शाही परिवार के किसी सदस्य पर तंज नहीं था। यह टिप्पणी सामान्य संदर्भ में की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें-&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt; France Protest: फ्रांस क्यों जल रहा है? क्यों सड़कों पर उतरी जनता?| Explainer&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्यों बिगड़े थे हैरी और शाही परिवार के रिश्ते?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हैरी और मेघन मार्कल ने 2020 में शाही परिवार के वरिष्ठ कार्यकारी सदस्यों की भूमिका छोड़ दी थी और अमेरिका चले गए थे। इसके बाद ओपरा विन्फ्रे को दिए इंटरव्यू और हैरी की 2023 में आई किताब Spare के जरिए परिवार से जुड़े विवाद सार्वजनिक चर्चा में आए। अगस्त 2026 में हैरी और मेघन अपने बच्चों आर्ची और लिलिबेट के साथ ब्रिटेन लौट आए। हैरी ने GQ को बताया कि बच्चों का ब्रिटिश स्कूलों में पढ़ना उनके लिए खास मायने रखता है और बच्चे नए अनुभव का आनंद ले रहे हैं। फिलहाल, हैरी की ओर से सुलह की इच्छा साफ है, लेकिन किंग चार्ल्स और प्रिंस विलियम के साथ रिश्ते किस दिशा में जाएंगे, यह आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Kenya Cult Massacre: स्वर्ग जाने के नाम पर बच्चों को भूखा मारता था धर्मगुरु, जंगल में मिलीं 400 से ज्यादा लाशें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kenya-cult-leader-paul-mackenzie-191-murders-verdict-articleshow-5koouz3</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:02:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Paul Mackenzie 191 Murders: &lt;/strong&gt;केन्या में स्वयंभू धर्मगुरु पॉल मैकेंजी को 191 हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया गया है। आरोप है कि उसने यीशु से मिलाने के नाम पर अनुयायियों को भूखा रहने और बच्चों को भोजन से वंचित रखने के निर्देश दिए थे। साल 2023 में शाकाहोला के जंगल से 400 से अधिक शव मिलने के बाद यह भयावह मामला सामने आया था।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kenya Mass Graves Case: &lt;/strong&gt;जिस धर्मगुरु पर लोगों ने भरोसा करके उसे अपनी आस्था का केंद्र बनाया, उसी पर सैकड़ों लोगों की जान लेने वाली भयावह साजिश चलाने का आरोप साबित हुआ है। केन्या में स्वयंभू धर्मगुरु पॉल मैकेंजी को 191 हत्याओं के मामले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतकों में लगभग सभी बच्चे थे। मैकेंजी अपने अनुयायियों को कथित तौर पर भूखे रहने और बच्चों को भोजन से वंचित रखने के लिए कहता था, ताकि वे यीशु से मिल सकें।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साल 2023 में केन्या के तटीय इलाके शाकाहोला के जंगल में सामूहिक कब्रों से 400 से अधिक शव मिलने के बाद यह मामला दुनिया के सामने आया था। अब अदालत के फैसले ने इस भयावह घटना को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1. शिक्षा और आधुनिक इलाज के खिलाफ था पॉल मैकेंजी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पॉल मैकेंजी ने अपने अनुयायियों के बीच ऐसी मान्यताएं फैलाई थीं, जिनमें शिक्षा हासिल करने और आधुनिक चिकित्सा का सहारा लेने को गलत बताया जाता था। उसके पंथ में शामिल लोगों को कथित तौर पर भूखे रहने के लिए कहा जाता था। आरोपों के मुताबिक, बच्चों को भी भोजन नहीं दिया जाता था और जो लोग इन निर्देशों का विरोध करते थे, उनके साथ हिंसा की जाती थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;केन्या के मोम्बासा में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश डायना मोचाचे ने कहा कि मैकेंजी के अनुयायी उसकी बातों को ईसा मसीह का संदेश मानते थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी अंधविश्वास और प्रभाव का इस्तेमाल लोगों को मौत की ओर धकेलने के लिए किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2. बच्चों को भूखा रखकर मरने के लिए किया गया मजबूर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस मामले में सामने आई गवाहियों ने लोगों को झकझोर दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, एक गवाह ने बताया कि एक गर्भवती महिला को अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाने से रोक दिया गया था। करीब 12 दिन बाद उस बच्चे की मौत हो गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;गवाही के मुताबिक, महिला को भी भूखे रहकर जान देने और अपने बच्चों के पीछे जाने के लिए कहा गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जंगल में बड़ी संख्या में शवों को दफनाया गया था। कब्रें खोदने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कुछ लोग इतने कमजोर हो चुके थे कि उन्हें बाहर निकालते समय ही उनकी मौत हो जाती थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3. कैसे बनाया अपना धार्मिक पंथ?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पॉल मैकेंजी ने साल 2003 में 'गुड न्यूज इंटरनेशनल मिनिस्ट्रीज' की स्थापना की थी। अगले कई वर्षों में उसका प्रभाव बढ़ता गया और केन्या के अलग-अलग इलाकों से हजारों लोग उसके चर्च से जुड़ गए। उसके उपदेशों का प्रसारण 'टाइम्स टीवी' नाम के चैनल के माध्यम से भी किया जाता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मैकेंजी अपने उपदेशों में धार्मिक मान्यताओं और चमत्कारों से जुड़ी बातें करता था। धीरे-धीरे उसके अनुयायियों के बीच उसका प्रभाव बढ़ता गया। बाद में उसका मुख्य चर्च 2019 में बंद हो गया और वह शाकाहोला के जंगल में चला गया। आरोप है कि उसने अपने अनुयायियों को भी वहां आने के लिए कहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4. शाकाहोला के जंगल में कैसे सामने आया सामूहिक मौत का मामला?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मार्च 2023 में स्थानीय लोगों को शाकाहोला के जंगल में पहली बार शव मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और तलाशी अभियान के दौरान कई सामूहिक कब्रों का पता चला। वहां से 400 से अधिक शव बरामद किए गए, जिससे पूरे देश में सनसनी फैल गई।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जांच में पंथ के अनुयायियों को भूखा रखने और कथित तौर पर उन्हें मौत की ओर धकेलने के आरोप सामने आए। इसी मामले में पॉल मैकेंजी और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5. धर्मगुरु समेत 29 लोग हत्या के दोषी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अदालत ने पॉल मैकेंजी के साथ पंथ के 28 अन्य नेताओं को भी हत्या के मामले में दोषी ठहराया। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया था और दावा किया था कि किसी को मरने के लिए मजबूर नहीं किया गया। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर उन्हें दोषी पाया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह मामला दिखाता है कि जब किसी व्यक्ति के प्रभाव में आकर लोग सवाल पूछना छोड़ देते हैं, तो आस्था का दुरुपयोग किस हद तक खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चों और कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसे मामलों में समय रहते शिकायत करना और अधिकारियों को जानकारी देना बेहद जरूरी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/kenya-cult-leader-paul-mackenzie-191-murders-verdict-articleshow-5koouz3"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Iran-US Tension: मुनीर के जरिए ईरान का अमेरिका को अल्टीमेटम, ये 7 शर्तें मानो, वरना...!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/iran-us-tension-7-conditions-pakistan-army-chief-asim-munir-articleshow-b7m5xhy</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 09:38:11 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Iran-US Tension के बीच ईरान ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के जरिए अमेरिका को संदेश दिया है। तेहरान ने भरोसा बहाली के लिए 7 कड़ी शर्तें रखी हैं। जानिए ईरान की प्रमुख मांगें, तेल प्रतिबंध, बंदरगाहों की नाकेबंदी और बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावनाएं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5e9zn96n2z2t8tfvgrh5tvx,imgname-iran-us-tension-7-conditions-pakistan-army-chief-asim-munir-1792555341094.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Iran-US Tension: &lt;/strong&gt;अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद भरोसे का संकट बना हुआ है। ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वाशिंगटन को उसकी सात शर्तें पूरी करनी होंगी, तभी बातचीत आगे बढ़ सकती है। यह संदेश पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के जरिए पहुंचाया गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन किया और लगातार धमकियां दीं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इन शर्तों के जरिए पश्चिम एशिया में तनाव कम करने का रास्ता निकल पाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Iran-US Conflict: आसिम मुनीर के ईरान दौरे में क्या हुआ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान क्षेत्र में तनाव कम कराने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने मंगलवार को तेहरान का दौरा किया।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने मुनीर से मुलाकात की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी भी इस बैठक में मौजूद थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़र ग़ालिबाफ़ से भी बातचीत की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ग़ालिबाफ़ अप्रैल में अमेरिका के साथ हुई वार्ता में ईरान की ओर से प्रमुख वार्ताकार थे। उस बातचीत में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Iran's 7 Conditions: अमेरिका से क्या चाहता है तेहरान?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिका की ओर से इस्लामाबाद MoU का उल्लंघन और बार-बार मिल रही धमकियों ने ईरान का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने साफ किया कि दबाव से तेहरान के रणनीतिक फैसले नहीं बदलेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Iran-US Tension: अमेरिका के सामने ईरान की 7 शर्तें क्या हैं?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ईरान ने अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए कई मांगें रखी हैं। ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई के बयानों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सार्वजनिक रूप से सामने आई प्रमुख शर्तें ये हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;1. सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो: &lt;/strong&gt;ईरान चाहता है कि पश्चिम एशिया में सभी मोर्चों पर सैन्य संघर्ष रोका जाए। इसमें लेबनान समेत क्षेत्र के अन्य हिस्से भी शामिल हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;2. ईरानी बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाना: &lt;/strong&gt;अमेरिका द्वारा ईरान के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी को तुरंत और पूरी तरह से खत्म किया जाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;3. तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों की समाप्ति: &lt;/strong&gt;ईरान के कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जाए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;4. विदेशों में जमा ईरान की संपत्ति जारी हो: &lt;/strong&gt;ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों और धनराशि को जारी करने की मांग भी रिपोर्टों में सामने आई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;5. संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान: &lt;/strong&gt;ईरान के आंतरिक मामलों और उसकी भौगोलिक सीमाओं में किसी भी तरह के अमेरिकी हस्तक्षेप पर पूर्ण विराम लगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;6. पूर्व समझौतों (MoU) का कड़ाई से पालन: &lt;/strong&gt;वाशिंगटन 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' सहित पहले तय हुए सभी द्विपक्षीय व अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों का सम्मान करे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;7. भविष्य में एकतरफा प्रतिबंध न लगाने की गारंटी: &lt;/strong&gt;अमेरिका की ओर से कानूनी गारंटी दी जाए कि वह भविष्य में एकतरफा और अवैध प्रतिबंध लागू नहीं करेगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;Major General Rezaei, Secretary of Iran's SNSC, in a meeting with Asim Munir, Pakistan's Army Chief:&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&quot;Not a single particle of Iran's enriched nuclear material will ever leave the country.&quot; https://t.co/Pw60TOH0uZ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) October 20, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Strait of Hormuz: छह दिन में खुल सकता है जलडमरूमध्य?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले कहा था कि अगर अमेरिका शर्तें मान लेता है, तो जलडमरूमध्य छह दिनों के भीतर दोबारा खोला जा सकता है। उनके मुताबिक, सातवें दिन बातचीत फिर शुरू हो सकती है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यह प्रस्ताव क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम है, लेकिन इसका आगे बढ़ना अमेरिका की प्रतिक्रिया और दोनों पक्षों के बीच सहमति पर निर्भर करेगा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Islamabad MoU: अमेरिका-ईरान समझौता क्यों टूटा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका और ईरान ने जून में पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विवादों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मूल रिपोर्ट के मुताबिक, यह समझौता 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद हुआ था, जो 8 अप्रैल तक चला।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उस दौरान युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन बाद में समझौता टूट गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ईरान अब समझौते के उल्लंघन और अमेरिकी धमकियों को भरोसे में आई कमी की वजह बता रहा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Pakistan Mediation: मुनीर का पांचवां ईरान दौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फरवरी में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद आसिम मुनीर का यह पांचवां ईरान दौरा बताया गया है। उनकी यात्रा रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के तेहरान पहुंचने के एक दिन बाद हुई। लावरोव ने भी ईरानी नेताओं से मुलाकात की और लेबनान, फिलिस्तीन, यूक्रेन तथा यमन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब सवाल यह है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू करा पाएगी या नहीं। फिलहाल, ईरान की शर्तें और वाशिंगटन का रुख आगे की दिशा तय करने में अहम होंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मक्का मस्जिद में Kiss करने पर सज़ा-ए-मौत? बांग्लादेशी जोड़े की फांसी पर मचा बवाल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mecca-mosque-kiss-news-bangladeshi-nationals-executed-saudi-arabia-articleshow-bukvngh</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 18:32:43 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Mecca Mosque Kiss News:&lt;/strong&gt; सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने के बाद विवाद बढ़ा। कथित अपराध की जानकारी, सोशल मीडिया पर किस के दावे और ढाका को सूचना न मिलने पर सवाल उठे हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5cpfx46nv6a6463gj007z29,imgname-mecca-mosque-kiss-news-bangladeshi-nationals-executed-saudi-arabia-1792501347462.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों पर मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक गतिविधि का आरोप था, लेकिन सऊदी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर उनका अपराध क्या था। सोशल मीडिया पर इसे मस्जिद में किस करने से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;इंडिया टुडे&lt;/strong&gt; और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों को 14 अक्टूबर को फांसी दी गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन थे नाजरुल इस्लाम और सिति अख्तर?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सऊदी गृह मंत्रालय के हवाले से आई रिपोर्ट्स में मृतकों की पहचान नाजरुल इस्लाम अब्दुल बासिर और सिति अख्तर के रूप में हुई है। बांग्लादेशी अखबार प्रथम आलो के मुताबिक, नाजरुल ब्राह्मणबाड़िया जिले का रहने वाला था। वह नवंबर 2022 में सऊदी अरब गया था और मक्का की मस्जिद अल-हरम में सफाईकर्मी के तौर पर काम करता था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;परिजनों के मुताबिक, नाजरुल को सऊदी अरब पहुंचने के करीब आठ महीने बाद गिरफ्तार किया गया था। परिवार ने बताया कि 11 अक्टूबर को उससे आखिरी बार बात हुई और तीन दिन बाद फांसी की खबर मिली। सिति अख्तर के बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित है। दोनों के रिश्ते को लेकर भी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मक्का में बांग्लादेशी जोड़े को फांसी, क्या पाकिस्तानी शख्स ने बनाया था वीडियो? दावे पर सस्पेंस I&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#Mecca #SaudiArabia #Bangladesh #Pakistan #MeccaNews #SaudiArabiaNews #FactCheck #ViralClaim #InternationalNews https://t.co/DTdr3qGAKu&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; News Watch India (@NewsWatch_Ind) October 19, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;बच्चों को नूडल्स खिलाने से पहले पढ़ लें ये खबर, चाऊमीन बन सकती है चोकिंग की वजह&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किस करने के दावे की पुष्टि नहीं, परिवार ने उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि दोनों ने मस्जिद में एक-दूसरे को किस किया था। कुछ पोस्ट में माथे पर किस करने की बात कही गई, लेकिन सऊदी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। कथित अपराध और मुकदमे की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं होने से मामले में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;नाजरुल के पिता अब्दुल बासिर ने न्याय की मांग की है। परिवार का दावा है कि उन्हें फांसी से पहले सूचना नहीं दी गई। कुछ रिश्तेदारों ने एक सहकर्मी के साथ पुराने विवाद के आधार पर साजिश की आशंका भी जताई है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बांग्लादेश सरकार को कब मिली फांसी की जानकारी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम के मुताबिक, ढाका को फांसी से पहले इसकी जानकारी नहीं थी और सरकार को घटना का पता मीडिया रिपोर्ट्स से चला। रिपोर्ट्स के अनुसार, सितंबर में मिली जेल बंदियों की सूची में दोनों के नाम थे, लेकिन मृत्युदंड की जानकारी नहीं थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस मामले में कांसुलर सूचना, निष्पक्ष सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर मुकदमे की पूरी प्रक्रिया या कथित अपराध पर अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने बदल लिया रुख? भारत पहुंचे रूबियो ने कह दी बड़ी बात&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mecca-mosque-kiss-news-bangladeshi-nationals-executed-saudi-arabia-articleshow-bukvngh"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[रूस से तेल खरीद पर अमेरिका ने बदल लिया रुख? भारत पहुंचे रूबियो ने कह दी बड़ी बात]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/marco-rubio-in-india-us-india-trade-deal-nears-final-stage-rubio-backs-india-oil-strategy-articleshow-crty6p8</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/marco-rubio-in-india-us-india-trade-deal-nears-final-stage-rubio-backs-india-oil-strategy-articleshow-crty6p8</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 18:20:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Marco Rubio India visit: &lt;/strong&gt;मार्को रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण के करीब है। वेनेजुएला के तेल की रिफाइनिंग में भारत की भूमिका और रूस से तेल खरीद पर भी अमेरिका ने अहम बयान दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5ar8mmqn907ky13465aja94,imgname-marco-rubio--1--1792436097687.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;भारत और अमेरिका के रिश्तों में इस वक्त दो बड़े मोर्चों पर हलचल है&mdash;ट्रेड और एनर्जी। मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद दोनों मुद्दों पर भारत के रुख की खुलकर तारीफ की। रूबियो के मुताबिक, दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रेड डील पर जल्द मिल सकती है बड़ी खुशखबरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर कुछ ही मुद्दे बाकी हैं। दोनों पक्ष इन्हें जल्द सुलझाने को लेकर आशावादी हैं। रूबियो ने संकेत दिया कि औपचारिक हस्ताक्षर से पहले ही समझौते को लेकर कोई सकारात्मक घोषणा जल्द सामने आ सकती है। अगर डील अंतिम रूप लेती है तो दोनों देशों के कारोबार और बाजारों के लिए यह अहम घटनाक्रम होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;श्रद्धा दुबे केस में आगरा कनेक्शन! होटल रजिस्टर, CCTV और गाड़ियों से मिले अहम सुराग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;वेनेजुएला के तेल में भारत की भूमिका पर नजर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूबियो ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता रखता है और पहले भी ऐसा कर चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री के मुताबिक, वेनेजुएला के तेल उत्पादन में बढ़ोतरी वैश्विक बाजार में सप्लाई की कमी को कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि, इससे पूरी कमी खत्म नहीं होगी। भारत इस प्रक्रिया में भूमिका निभाने को इच्छुक दिख रहा है, लेकिन अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़ी बाधाओं को दूर करना जरूरी होगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस से तेल खरीद पर भी भारत को मिला समर्थन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूबियो ने भारत के रूस से तेल खरीदने के फैसले को भी व्यावहारिक और समझदारी भरा बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल बाजार में सप्लाई संतुलन को समझता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;रूबियो की यह टिप्पणी इसलिए भी अहम है क्योंकि भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्रोतों से कच्चा तेल खरीदता रहा है। ऐसे में अमेरिका का यह रुख दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;आगरा से नागपुर तक भागती रही श्रद्धा दुबे, आखिरकार STF ने दबोचा; बहन और ड्राइवर भी गिरफ्तार&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/marco-rubio-in-india-us-india-trade-deal-nears-final-stage-rubio-backs-india-oil-strategy-articleshow-crty6p8"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[फ्रांस में क्यों बिगड़े हालात? पेरिस से मार्सेई तक हिंसा, क्या देश में लगेगी इमरजेंसी?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/france-violent-protests-curfew-preparations-macron-rejects-interior-minister-resignation-articleshow-d7yt1d0</link>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 22:00:19 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;France Violent Protest: फ्रांस में हिंसक दंगों के बाद स्थानीय कर्फ्यू की तैयारी है। 2,400 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं, जबकि राष्ट्रपति मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकरा दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5afyd71t70xemmmk8vgt51x,imgname-france-violent-protest-reason-1792427373793.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;फ्रांस में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने स्थानीय प्रशासन से हिंसा रोकने के लिए कुछ इलाकों में सीमित कर्फ्यू लगाने को कहा है। वहीं, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की समीक्षा के आदेश दिए हैं और गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा ठुकरा दिया है। बता दें कि शहरों में कॉस्ट ऑफ लिविंग और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बाद कई शहरों में हिंसा, आगजनी और लूटपाट हुई। हालात को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फ्रांस में कर्फ्यू की तैयारी, इमरजेंसी का ऑप्शन भी खुला&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक, प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सीनियर अफसरों के साथ आपात बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन को कुछ शहरों में सीमित और स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा कि शनिवार को भारी हिंसा और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने के बावजूद किसी की जान नहीं गई। प्रधानमंत्री ने पुलिसकर्मियों के काम का बचाव करते हुए कहा कि वे कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने बताया कि हिंसा से प्रभावित व्यवसायों के लिए मंगलवार से अस्थायी राहत और फर्लो जैसे उपाय उपलब्ध होंगे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सरकार की मंगलवार को होने वाले पेरिस सेंट-जर्मेन और बार्सिलोना के फुटबॉल मैच को रद्द करने की योजना नहीं है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, लेकोर्नू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आपातकाल भी लागू किया जा सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;मैक्रों ने गृह मंत्री का इस्तीफा ठुकराया&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हिंसा के बाद गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मौजूदा हालात में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गृह मंत्री का पद पर बने रहना जरूरी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मैक्रों ने नुनेज़ को सुरक्षा योजना और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई कमियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने भविष्य में हिंसा रोकने के लिए जमीनी स्तर पर पुलिस की नई रणनीति जल्द लागू करने की भी बात कही।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;गृह मंत्री ने मानी सुरक्षा व्यवस्था में चूक&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;लॉरेंट नुनेज़ ने स्वीकार किया कि प्रशासन हिंसा का पहले से सही अनुमान लगाने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि तेजी से एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले हिंसक समूहों से निपटने के लिए पुलिस की रणनीति बदलनी होगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;सोमवार को फ्रांस इंटर रेडियो से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया था, क्योंकि जो कुछ हुआ, उसकी जिम्मेदारी वह लेते हैं। उन्होंने माना कि शनिवार को कुछ बड़े शहरों में पुलिस का नियंत्रण कमजोर पड़ गया था और अब ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकना जरूरी है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पेरिस, मार्सिले और ल्योन में आगजनी और लूटपाट&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हिंसा का सबसे ज्यादा असर पेरिस, मार्सिले, ल्योन और लिमोज समेत कई शहरों में देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पेरिस में कूड़ेदानों और साइकिलों में आग लगाई गई तथा करीब 30 दुकानों को निशाना बनाया गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;लिमोज में 19वीं सदी के सिटी हॉल में आग लगने से उसकी छत ढह गई और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मार्सिले में प्रदर्शनकारी सिटी हॉल की लॉबी में घुस गए और एक पुलिस स्टेशन को नुकसान पहुंचाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;ल्योन में एक पर्यटन कार्यालय के अंदर भी आग लग गई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;2,400 से ज्यादा गिरफ्तार, कारोबार को भारी नुकसान&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;AP के मुताबिक, पूरे फ्रांस में 2,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। न्याय मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने बताया कि 2,330 से ज्यादा लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत वयस्क थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष एलेन डि क्रेसेन्ज़ो के अनुसार, देशभर में 2,000 से अधिक दुकानें प्रभावित हुई हैं और नुकसान करोड़ों यूरो तक पहुंचने का अनुमान है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हिंसा में सुरक्षा बलों के लगभग 1,000 जवान घायल हुए। पूर्वी फ्रांस में 17 साल की एक लड़की की एक आंख चली गई, जबकि सेंट शहर में एक अन्य युवा प्रदर्शनकारी का एक हाथ चला गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;यूरोपीय देशों ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हिंसा के बाद कई यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है। इसमें फ्रांस में विरोध-प्रदर्शनों और भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। फ्रांस सरकार अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, पुलिस की नई रणनीति और प्रभावित कारोबारियों को राहत देने के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश कर रही है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/france-violent-protests-curfew-preparations-macron-rejects-interior-minister-resignation-articleshow-d7yt1d0"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[रूस ने बिना शर्त छोड़ा अमेरिकी कैदी? टेंशन में आ गए जेलेंस्की, क्या ट्रंप-पुतिन में कोई सीक्रेट डील?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-russia-news-donald-trump-claims-putin-released-american-prisoner-without-conditions-ukraine-zelensky-reactions-articleshow-ey7new4</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 23:27:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Trump Putin Talks: &lt;/strong&gt;रूस ने अमेरिकी कैदी को 7 साल बाद रिहा कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि बदले में कुछ नहीं दिया गया, लेकिन प्रतिबंधों को लेकर उनके बयान ने सवाल खड़े कर दिए।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01k30x6fyzjy6snr51wfk9pz27,imgname-trump-putin-meeting-at-alaska-1755598503903.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US Russia Prisoner Release:&lt;/strong&gt; रूस की जेल में करीब 7 साल बिताने के बाद अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड की रिहाई हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि रूस ने इस रिहाई के बदले अमेरिका से कुछ नहीं मांगा। लेकिन इसके बाद रूस पर प्रतिबंधों को लेकर ट्रंप के बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि उनका देश अपनी जमीन रूस को नहीं सौंपेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या हबर्ड की रिहाई के पीछे सिर्फ ट्रंप और पुतिन की बातचीत थी या रूस-अमेरिका के बीच चल रही बड़ी बातचीत का भी इसमें कोई रोल था?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;करीब 7 साल बाद रूसी जेल से बाहर आए स्टीफन हबर्ड&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;74 साल के स्टीफन हबर्ड अमेरिका के मिशिगन के रहने वाले रिटायर्ड टीचर हैं। रूस ने उन्हें 2024 में जेल भेजा था। उन पर यूक्रेन की तरफ से लड़ने का आरोप लगाया गया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को उनकी रिहाई की जानकारी दी। पुतिन के मुताबिक, हबर्ड को सेंट पीटर्सबर्ग के एयरपोर्ट ले जाया गया। यह ऐलान उस समय हुआ, जब पुतिन की अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक चल रही थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप बोले- रूस ने बदले में कुछ नहीं मांगा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर बताया कि उन्होंने पिछले हफ्ते पुतिन से फोन पर बात करते समय हबर्ड की रिहाई का मुद्दा उठाया था। ट्रंप के मुताबिक, रूस ने उनकी बात का सम्मान करते हुए हबर्ड को रिहा कर दिया और इसके बदले अमेरिका को कुछ भी नहीं देना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कैदियों की अदला-बदली जैसी कोई डील नहीं हुई। लेकिन ट्रंप के अगले बयान ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस पर प्रतिबंधों का जिक्र क्यों करने लगे ट्रंप?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हबर्ड की रिहाई के बाद ट्रंप ने कहा कि कुछ लोग रूस पर तुरंत नए प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे। उनके मुताबिक, अब उन लोगों ने यह जानने के बाद माफी मांगी कि हबर्ड की रिहाई के लिए बातचीत चल रही थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उस समय रूस पर प्रतिबंध लगा दिए जाते, तो रिहाई को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह रुक सकती थी। यहीं से सवाल उठने लगे कि जब रूस ने बदले में कुछ नहीं मांगा, तो प्रतिबंधों का बातचीत से क्या संबंध था?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस-अमेरिका की बातचीत में यूक्रेन युद्ध भी शामिल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हबर्ड की रिहाई के बीच रूस और अमेरिका के बीच दूसरी अहम बातों पर भी चर्चा हुई। इनमें रूसी डीजल से जुड़ा समझौता भी शामिल है। इस व्यवस्था को लेकर यूक्रेन और उसके सहयोगियों ने चिंता जताई है, क्योंकि इससे रूस पर प्रतिबंधों में ढील मिलने का सवाल उठ रहा है। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने डीजल समझौते के लिए पुतिन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि फ्यूल की बढ़ती कीमतों के बीच यह व्यवस्था अमेरिकी किसानों और ट्रक ड्राइवरों के लिए अहम है। विटकॉफ ने ये भी कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ नॉर्वे में हुई बातचीत के बाद सीजफायर की दिशा में आगे बढ़ने का आधार बना है। उन्होंने रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच तीनों देशों की बातचीत फिर शुरू करने की अपील भी की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जेलेंस्की ने कहा- जमीन नहीं छोड़ेंगे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रूस और अमेरिका के बीच बातचीत के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने देश की जमीन को लेकर साफ रुख रखा है। Fox News को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए अपने पूर्वी इलाकों को रूस के हवाले नहीं करेगा। उन्होंने रूस पर आरोप लगाया कि वह आम लोगों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है, ताकि यूक्रेन पर जमीन छोड़ने का दबाव बनाया जा सके। जेलेंस्की ने मौजूदा मोर्चों पर तुरंत सीजफायर करने और उसके बाद बातचीत के जरिए स्थायी शांति का रास्ता निकालने की मांग की। दूसरी तरफ, रूस पहले भी सीजफायर की मांगों को खारिज करता रहा है। मॉस्को की मांग है कि यूक्रेन डोनबास के उन इलाकों को छोड़ दे, जिन पर रूस का कुछ हिस्सा कब्जा कर चुका है। यूक्रेन इस मांग को स्वीकार करने से इनकार करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या ट्रंप-पुतिन के बीच कोई सीक्रेट डील हुई?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्टीफन हबर्ड की रिहाई के बदले अमेरिका ने कुछ दिया या नहीं, इस पर ट्रंप का दावा साफ है। लेकिन रूस पर प्रतिबंधों को लेकर उनका बाद का बयान बातचीत के दूसरे पहलुओं पर सवाल जरूर खड़े करता है। फिलहाल ऐसी किसी सीक्रेट डील की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इतना जरूर है कि हबर्ड की रिहाई के साथ रूस-अमेरिका के संबंधों, प्रतिबंधों और यूक्रेन में सीजफायर को लेकर बातचीत फिर चर्चा में आ गई है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Satyam Bhardwaj</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पन्नू की नई चाल? CJP को फंडिंग देने का किया ऐलान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/gurpatwant-singh-pannun-claims-funding-for-cjp-protests-against-modi-government-in-india-articleshow-iv61bkz</link>
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            <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 20:20:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gurpatwant Singh Pannun:&lt;/strong&gt; गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा के एडमोंटन में CJP के विरोध प्रदर्शनों को फंडिंग देने का दावा किया। जानिए भारत विरोधी बयान, खालिस्तान एजेंडे और पन्नू से जुड़ी अहम बातें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01ky8nn8kj5vgh03w5x18va6jz,imgname-----------------------2026-07-24t051043.520-1784850063986.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;कनाडा में खालिस्तान के नाम पर आयोजित एक कथित जनमत संग्रह के दौरान खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पन्नू ने भारत में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को समर्थन देने और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को फंडिंग करने की बात कही है। उसके इस बयान में भारत के खिलाफ कथित तौर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाने और सिख युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए प्रेरित करने जैसी बातें भी शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CJP के प्रदर्शनों को फंडिंग करने का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा के एडमोंटन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने कहा कि उसका संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) भारत में CJP के विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों को आर्थिक मदद देगा। उसने इसे भारत के खिलाफ कथित 'फिफ्थ-जनरेशन वारफेयर' यानी पांचवीं पीढ़ी के युद्ध की रणनीति से जोड़कर पेश किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारेबाजी की। उसने कथित तौर पर सिख युवाओं को 'सिख होमलैंड सिक्योरिटी' फोर्स के तहत हथियारों की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही। हालांकि, इन दावों और कथित योजनाओं की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अतिरिक्त साक्ष्य जरूरी हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें:&lt;strong&gt; &lsquo;अखिलेश फिर कभी CM नहीं बनेंगे&rsquo;! मंच से ये क्या बोल गए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;भारत के आर्थिक विनाश की बात, खालिस्तान का फिर उठाया मुद्दा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पन्नू ने भारत को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की बात कही और पंजाब में नशीले पदार्थों के संकट का जिक्र करते हुए खालिस्तान को समाधान बताया। उसने पंजाब के युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को भी अपने अलगाववादी एजेंडे से जोड़ने की कोशिश की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उसके बयान में भारत की राष्ट्रीय पहचान और हिंदुत्व को निशाना बनाने वाले नारे भी शामिल थे। ऐसे बयानों के बीच यह सवाल अहम है कि कथित फंडिंग और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े दावों की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत क्या हैं और संबंधित एजेंसियां इस पर क्या कार्रवाई करती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गुरपतवंत सिंह पन्नू भारतीय मूल का अमेरिकी-कनाडाई खालिस्तान समर्थक अलगाववादी है और सिख्स फॉर जस्टिस का प्रमुख चेहरा है। वह पंजाब के अमृतसर के पास खानकोट गांव से जुड़ा है। भारत सरकार ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;भारत में उसके खिलाफ देशविरोधी गतिविधियों और हिंसा भड़काने से जुड़े मामले दर्ज होने की बात कही जाती है। एडमोंटन में दिए गए ताजा बयान ने एक बार फिर भारत-विरोधी गतिविधियों और खालिस्तान समर्थक संगठनों की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;16 साल के बच्चों ने खोल दिया मोर्चा! इटली में ऐसा क्यों भड़का युवाओं का गुस्सा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/gurpatwant-singh-pannun-claims-funding-for-cjp-protests-against-modi-government-in-india-articleshow-iv61bkz"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Tiger Shroff Attack: बाल कटवाए, कपड़े बदले…फिर भी पकड़े गए शूटर, कैसे फेल हुआ अनिल पंडित का प्लान?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-anil-pandit-34000-rehan-california-mastermind-sameer-arrest-photos-photoshow-kznx932</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/tiger-shroff-firing-anil-pandit-34000-rehan-california-mastermind-sameer-arrest-photos-photoshow-kznx932</guid>
            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 08:59:30 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 34 हजार रुपये का ऑफर, विदेश भेजने का वादा और कैलिफोर्निया कनेक्शन सामने आया है। आखिर इस हमले के पीछे कौन था और कैसे रची गई पूरी साजिश?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bmvypnr3v46p2rsbfgyr7e,imgname-tiger-shroff-firing-anil-pandit-34000-rehan-california-mastermind-sameer-arrest-photos00-1792466090709.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 34 हजार रुपये का ऑफर, विदेश भेजने का वादा और कैलिफोर्निया कनेक्शन सामने आया है। आखिर इस हमले के पीछे कौन था और कैसे रची गई पूरी साजिश?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;TIGER SHROFF FIRING: &lt;/strong&gt;बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हाल ही में हुई फायरिंग के मामले में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ सामने आ रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस पूरे कांड का कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित विदेश में बैठकर इस खूनी खेल को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस और जाँच एजेंसियों के शिकंजे में फंसे आरोपियों ने भागने के लिए कई पैंतरे बदले, लेकिन आखिरकार पुलिस की मुस्तैदी से धरे गए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि इस साजिश की जड़ें विदेश तक फैली हुई हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;अमेरिका से लाइव:&lt;/strong&gt; जिस वक्त मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां बरसाई जा रही थीं, उस दौरान मास्टरमाइंड अनिल पंडित कैलिफोर्निया से वीडियो कॉल पर लाइव जुड़ा हुआ था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;सुपारी का ऑफर:&lt;/strong&gt; लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने के संदेही पंडित ने आरोपी रेहान को इस वारदात को अंजाम देने के लिए 34,000 रुपये देने और विदेश भेजने का लालच दिया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;समीर की गिरफ्तारी:&lt;/strong&gt; हमलावरों और अनिल पंडित के बीच कड़ी जोड़ने वाले समीर नाम के एक और शख्स को पुलिस ने धर दबोचा है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;Anil Pandit&rsquo;s Purported Viral Audio Warns Salman Khan, Alleges Dawood Ibrahim-Linked Funding In Bollywood; Police Yet To Verify Clip&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#Mumbai #TigerShroff #SalmanKhan #Bollywood #MumbaiPloice https://t.co/kIeZTeTqvV&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Free Press Journal (@fpjindia) October 19, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;18 अक्टूबर को मुंबई के पॉश इलाके जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;सात राउंड गोलियां:&lt;/strong&gt; हमलावरों ने कार पर करीब सात राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत यह रही कि अभिनेता बाल-बाल बच गए, लेकिन इस घटना में उनका ड्राइवर और एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;रेकी का खेल:&lt;/strong&gt; पकड़े गए आरोपियों में शामिल ऋतिक को टाइगर श्रॉफ की मूवमेंट और लोकेशन ट्रैक करने (रेकी) का जिम्मा सौंपा गया था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;फायरिंग के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपना हुलिया बदलने की कोशिश की।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;राजस्थान पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, रेहान और नाबालिग के बाल लंबे थे, जिन्हें उन्होंने ट्रेन यात्रा के दौरान कटवा लिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दोनों ने कपड़े भी बदल लिए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तीनों अलग-अलग डिब्बों में बैठकर यात्रा कर रहे थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कोटा पहुंचने पर दो आरोपी ऊपरी बर्थ पर सो रहे थे, जबकि तीसरा पकौड़े लेने स्टेशन पर उतरा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसी दौरान पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मामले में अब एक और गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, समीर नाम के व्यक्ति ने हमलावरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क कराया था। समीर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके बयान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कोटा पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में आरोपियों की योजना दिल्ली जाने और फिर नेपाल भागने की थी। बाद में तीनों को मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अब हमले की पूरी साजिश, फंडिंग और संपर्क नेटवर्क की जांच कर रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[क्या सच में हो गई थी किम जोंग उन की मौत? नई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/kim-jong-un-death-rumours-new-photos-north-korea-articleshow-ovis2kt</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 11:03:32 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kim Jong Un Death Rumours: &lt;/strong&gt;उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की मौत की अफवाहों के बीच सरकारी मीडिया ने उनकी नई तस्वीरें जारी की हैं। इनमें वह जूतों और महिलाओं के कपड़ों की प्रदर्शनी देखते नजर आ रहे हैं। हालांकि, तस्वीरों की तारीख और उनकी मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kn4je39a02cj1nmrgav55yhg,imgname-gettyimages-2157772583-1775048789289.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Kim Jong Un Latest News: &lt;/strong&gt;उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बीच उनकी नई तस्वीरें सामने आई हैं। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने सोमवार को ये तस्वीरें जारी कीं। इनमें किम जोंग उन जूतों और महिलाओं के कपड़ों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, तस्वीरें कब ली गई थीं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मौत और कोमा में जाने के किए गए थे दावे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किम जोंग उन की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। कुछ पोस्ट में कहा गया कि दिमाग की नस फटने के कारण वह कोमा में चले गए थे। यह भी दावा किया गया कि उन्हें आपातकालीन इलाज के लिए बीजिंग ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हालांकि, इन दावों की पुष्टि करने वाले विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आए थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, किम की मौत की अफवाहें फैलने के कुछ घंटों बाद ही उनकी नई तस्वीरें जारी की गईं। इन तस्वीरों के सामने आने से उनकी सेहत को लेकर चल रही चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्रदर्शनी में क्या करते दिखे किम जोंग उन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, किम जोंग उन ने सोमवार को जूतों और महिलाओं के कपड़ों की प्रदर्शनी का दौरा किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;जारी तस्वीरों में वह एक महिला के हाथ में मौजूद छोटे गुलाबी जूते को झुककर देखते नजर आ रहे हैं। दूसरी तस्वीर में वह अधिकारियों से बातचीत करते दिखाई देते हैं। वहीं, एक अन्य तस्वीर में वह पुतले पर पहनाए गए महिलाओं के कोट की आस्तीन का निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, तस्वीरें जारी होने से यह संकेत मिलता है कि सरकारी मीडिया उन्हें सार्वजनिक गतिविधियों में शामिल दिखाना चाहता है, लेकिन केवल तस्वीरों के आधार पर उनकी मौजूदा सेहत या स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर किसने उठाए थे सवाल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका में रहने वाले चीन के असंतुष्ट नागरिक और चाइना डेमोक्रेसी पार्टी से जुड़े वानजुन शिए ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर किम जोंग उन की सेहत को लेकर पोस्ट किया था।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने दावा किया था कि किम की मौत की अफवाहें कई दिनों से ऑनलाइन फैल रही थीं और वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। उन्होंने इसी आधार पर इन अफवाहों के सच होने की संभावना जताई थी। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को किसी की मौत का प्रमाण नहीं माना जा सकता।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;किम यो जोंग और किम जू ए को लेकर भी चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि किम जोंग उन की मौत के बाद उत्तर कोरिया की सत्ता उनकी बेटी किम जू ए को सौंपने के बजाय उनकी बहन किम यो जोंग के हाथों में चली गई है। लेकिन इस दावे की भी कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल, सरकारी मीडिया की ओर से जारी तस्वीरों और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के बीच अंतर समझना जरूरी है। तस्वीरों की तारीख और किम जोंग उन की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उनकी मौत या स्वास्थ्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Pakistani Terrorist Death: 'धुरंधर' फिल्म के स्टाइल में लश्कर का खूंखार आतंकी चौधरी मोहम्मद सरवर ढेर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/lashkar-e-taiba-terrorist-chaudhry-mohammad-sarwar-dies-mysteriously-in-lahore-articleshow-qal32qz</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 08:53:08 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Lashkar Terrorist Chaudhry Sarwar: &lt;/strong&gt;पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा का खूंखार आतंकी चौधरी मोहम्मद सरवर एक इमारत से गिरकर संदिग्ध हालात में मारा गया है। वह आतंकी संगठन के लिए फंड जुटाने का मुख्य काम संभालता था।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bn8h30wtx50es1baeqafme,imgname-pakistan--1--1792466502752.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Chaudhry Mohammad Sarwar: &lt;/strong&gt;भारत के 25 से ज्यादा मोस्ट वांटेड आतंकी पाकिस्तान में रहस्यमयी तरीके से मारे जा चुके हैं। इसी कड़ी में अब लश्कर-ए-तैयबा का खूंखार आतंकी चौधरी मोहम्मद सरवर भी लाहौर में एक इमारत से गिरकर मारा गया है। दिलचस्प बात ये है कि बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' में भी आतंकी संगठनों का पैसा संभालने वाला एक किरदार बिल्कुल इसी तरह इमारत से गिरकर मरता है। इसलिए सरवर की मौत में भी 'धुरंधर' स्टाइल के ऑपरेशन का शक जताया जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;निर्माणाधीन इमारत से गिरकर मौत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित हो चुका और लश्कर का संस्थापक सदस्य चौधरी मोहम्मद सरवर उर्फ अबू हाशिम रविवार को संदिग्ध हालात में मारा गया। 'धुरंधर' फिल्म में पाकिस्तान के जाली नोटों के सरगना जावेद खनानी को भी एक निर्माणाधीन इमारत से गिरकर मरते हुए दिखाया गया था। बताया जा रहा है कि सरवर भी बिल्कुल उसी तरह एक निर्माणाधीन इमारत से नीचे गिरा, जिससे उसकी मौत पर शक और गहरा गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;आखिर कौन था ये आतंकी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सरवर लश्कर की राजनीतिक विंग 'पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग' के नाम पर पंजाब प्रांत में आतंकी संगठन के लिए चंदा इकट्ठा करता था। वह आतंकी हाफिज सईद और लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का बेहद करीबी था। कुछ महीने पहले उसके बेटे की भी एक सड़क हादसे में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;साल 2000 की शुरुआत से ही सरवर लश्कर में कई अहम पदों पर रहा। साल 2016 में अमेरिकी कानून विभाग ने उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया था। उस वक्त वह लाहौर में लश्कर का चीफ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;टेरर फंडिंग का था आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लश्कर के लिए फंड जुटाने में सरवर का सीधा हाथ था। उस पर आरोप था कि वह देश के पारंपरिक वित्तीय सिस्टम का इस्तेमाल करके आतंकी संगठन के लिए पैसा इकट्ठा करता था।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[New York Child Murder: ‘मैंने अपनी दुनिया खो दी’, बेटी की हत्या के बाद भारतीय मूल के पिता का दर्द]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/new-york-child-murder-fabiana-cabello-kuldeep-singh-father-funeral-fundraiser-photos-photoshow-qmdfz1w</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:25:52 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;New York Child Murder Case: न्यूयॉर्क में 5 साल की फैबियाना कैबेलो की मौत ने परिवार को तोड़ दिया। मां पर हत्या का आरोप है। आखिर उस दिन घर में क्या हुआ था? पिता कुलदीप सिंह ने बेटी के अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी। जानिए 6 तस्वीरों में पूरी कहानी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5epv40vftr0wecbs2rteydn,imgname-new-york-child-murder-fabiana-cabello-kuldeep-singh-father-funeral-fundraiser-photos-3-1792568823835.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;New York Child Murder Case: न्यूयॉर्क में 5 साल की फैबियाना कैबेलो की मौत ने परिवार को तोड़ दिया। मां पर हत्या का आरोप है। आखिर उस दिन घर में क्या हुआ था? पिता कुलदीप सिंह ने बेटी के अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी। जानिए 6 तस्वीरों में पूरी कहानी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;New York Child Murder:&lt;/strong&gt; अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां क्वींस के रिचमंड हिल इलाके में एक मां ने अपनी ही 5 साल की मासूम बेटी फैबियाना कैबेलो की जान ले ली। इस खौफनाक वारदात के बाद बच्ची के भारतीय मूल के पिता कुलदीप सिंह टूट चुके हैं। गहरे शोक में डूबे कुलदीप ने कहा कि उन्होंने अपनी बच्ची को नहीं, बल्कि अपनी पूरी दुनिया को खो दिया है। अब वे बेटी के अंतिम संस्कार के लिए गोफंडमी (GoFundMe) के जरिए आर्थिक मदद जुटाने को मजबूर हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;यह मामला न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके के रिचमंड हिल का है। रिपोर्टों के मुताबिक, 14 अक्टूबर की शाम एक महिला ने 911 पर फोन कर घर में मारपीट की सूचना दी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फोन करने वाली की पहचान 32 वर्षीय फ्रांसिस कैबेलो के रूप में हुई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस को फोन पर फ्रांसिस ने कथित तौर पर कहा, &ldquo;मैंने अपनी बेटी को मार डाला।&rdquo;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शाम करीब 6:55 बजे पुलिस और बचाव दल घर पहुंचे। बच्ची ऊपर बेसुध हालत में मिली और उसकी नाक से खून बह रहा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फैबियाना को जमैका हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पुलिस ने फ्रांसिस कैबेलो को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। फोन से पहले घर में क्या हुआ था, इसकी पूरी जानकारी अब तक स्पष्ट नहीं है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पीपल पत्रिका की रिपोर्ट में उद्धृत आपराधिक शिकायत के मुताबिक, पोस्टमार्टम में बच्ची के चेहरे पर खरोंचें मिलीं। उसकी आंखों, दिल और फेफड़ों में पेटेकिया यानी खून बहने से बनने वाले छोटे धब्बे भी पाए गए। शिकायत में इन लक्षणों को दम घुटने से संभावित रूप से जुड़ा बताया गया है। जांच से जुड़े आरोपों और निष्कर्षों को अंतिम न्यायिक निर्णय नहीं माना जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फैबियाना के पिता कुलदीप सिंह ने अंतिम संस्कार के खर्च में मदद मांगते हुए ऑनलाइन फंडरेज़र शुरू किया है। उन्होंने लिखा कि बेटी को खोने का मतलब अपनी पूरी दुनिया खो देना है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुलदीप के मुताबिक, फ्यूनरल होम और कब्रिस्तान के लिए पहले से जमा राशि की जरूरत है, लेकिन वह अकेले यह खर्च नहीं उठा पा रहे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वह किराए की कार से Uber ड्राइवर के रूप में काम जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि गहरे दुख से भी जूझ रहे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अभियान का मकसद बेटी का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना और इस मुश्किल वक्त में आर्थिक मदद जुटाना है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांसिस के पिता फ्रैंकलिन कैबेलो ने कहा कि उनकी बेटी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी और उसका व्यवहार बदल गया था। उनके मुताबिक, फ्रांसिस ने दवा लेना बंद कर दिया था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि वह अपनी बच्ची को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने उसे अपनी बेटी के प्रति सतर्क और सुरक्षात्मक मां बताया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;बच्ची के चाचा पुनराज सिंह ने उसे खुशमिजाज और परिवार की जिंदगी में रोशनी लाने वाली बच्ची बताया। वह अक्सर उनके पास आती थी और वे उसके लिए फ्राइड फिश, दाल पूरी, रोटी और करी जैसे पसंदीदा भारतीय पकवान बनाते थे। पुनराज के मुताबिक, फैबियाना अपनी परदादी का भी ख्याल रखती थी और चलने में उनकी मदद करती थी। परिवार के लिए उसकी मौत एक गहरा सदमा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/new-york-child-murder-fabiana-cabello-kuldeep-singh-father-funeral-fundraiser-photos-photoshow-qmdfz1w"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[मक्का मस्जिद में युवक को Kiss करने पर मिली सजा-ए-मौत! मां के जिंदा लौटने की राह देख रही 4 साल की बेटी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/mecca-mosque-kiss-controversy-sweetie-akhtar-death-sentence-bangladesh-family-awaits-official-confirmation-saudi-arabia-articleshow-relpin0</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 19:21:48 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Mecca Masjid Kiss Controversy: सउदी अरब में स्वीटी अख्तर को मौत की सजा दिए जाने की खबर के बाद बांग्लादेश में उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, 4 साल की बेटी अपनी मां के जिंदा लौटने की राह देख रही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5fbnhpbtbgqk3dp25jx7seg,imgname-mecca-masjid-kiss-controversy-1792590661322.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;बांग्लादेश की स्वीटी अख्तर के परिवार को अब तक यह नहीं पता कि उनकी बेटी के साथ आखिर क्या हुआ है। सऊदी अरब में स्वीटी को कथित तौर पर मौत की सजा दिए जाने की खबर सामने आने के बाद से उसके माता-पिता परेशान हैं। परिवार को बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। स्वीटी की मां जोहरा ने सरकार से बेटी के बारे में जानकारी देने की अपील की है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है पूरा मामला?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;स्वीटी अख्तर उन दो बांग्लादेशी नागरिकों में शामिल थीं, जिन्हें 14 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब में मृत्युदंड दिया गया। सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार, स्वीटी और नजरुल इस्लाम ने मक्का की एक मस्जिद में कथित तौर पर अनैतिक कृत्य (Kiss) किया था। अदालत ने ताजीर के तहत दोनों को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे उच्च अदालत ने बरकरार रखा और शाही आदेश से लागू किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कर्ज लेकर बेटी को भेजा था सऊदी अरब&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बांग्लादेश के तंगैल में रहने वाले स्वीटी के पिता फजल मियां दिहाड़ी मजदूर हैं और मिट्टी खोदने का काम करते हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने 4 साल पहले बेटी को सऊदी अरब भेजने के लिए 1.5 लाख टका कर्ज लिया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वीटी की शादी टूट चुकी थी और उसने दोबारा शादी नहीं की थी। परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए वह विदेश गई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;फजल मियां के मुताबिक, स्वीटी ने शुरुआती 5 महीनों तक घर पैसे भेजे। इसके बाद उसने फोन कर बताया कि उसे जेल में डाल दिया गया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वीटी ने परिवार को बताया था कि सऊदी अरब में दूसरी महिला कर्मचारियों के साथ झगड़े के बाद उसे फंसाकर गिरफ्तार किया गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;एक साल तक परिवार का स्वीटी से संपर्क नहीं हुआ&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फजल मियां ने बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार को बताया कि गिरफ्तारी के बाद करीब एक साल तक परिवार की स्वीटी से बात नहीं हो पाई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बाद में उसने दोबारा फोन करना शुरू किया और आमतौर पर महीने में एक बार घर पर बात करती थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, स्वीटी ने कभी अपने मुकदमे या सजा के बारे में परिवार को विस्तार से नहीं बताया। पिता के मुताबिक, अपनी आखिरी कुछ कॉल में से एक के दौरान उसने कहा था कि शायद दो महीने में वह जेल से रिहा हो जाएगी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;करीब 15 दिन पहले भी स्वीटी ने परिवार को फोन किया था, लेकिन उस समय भी उसने सजा के बारे में कुछ नहीं बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वीटी अख्तर के पिता फजल मियां ने कहा कि परिवार को तीन दिन पहले स्वीटी को मौत की सजा दिए जाने की खबर मिली।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा, &ldquo;हमें नहीं पता कि मेरी बेटी के साथ क्या हुआ है। हमें यह भी नहीं पता कि वह जिंदा है या मर चुकी है। हमने बस कुछ अफवाहें सुनी हैं।&rdquo;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;स्वीटी की 4 साल की बेटी कर रही मां का इंतजार&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;स्वीटी की मां जोहरा ने बताया कि उनकी बेटी का तलाक हो चुका था और उसकी चार साल की एक बेटी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;स्वीटी के सऊदी अरब जाने के बाद उसकी बड़ी बहन ब्यूटी ने बच्ची की परवरिश की जिम्मेदारी संभाल ली।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;जोहरा ने सरकार से अपनी बेटी के बारे में आधिकारिक जानकारी देने की मांग की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा, &ldquo;मुझे मेरी बेटी वापस चाहिए। चाहे वह जिंदा हो या मर चुकी हो।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;नजरुल के पिता ने स्वीटी को बहू मानने से किया इनकार&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इस मामले में नजरुल इस्लाम के पिता अब्दुल बशीर ने कहा कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई थी और उनका परिवार स्वीटी को नहीं जानता था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल जागो न्यूज से बातचीत में उन्होंने बताया कि नजरुल को कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही विदेश भेज दिया गया था, ताकि वह परिवार की आर्थिक मदद कर सके।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब्दुल बशीर ने कहा, &ldquo;उसने शादी कब की? वह महिला नजरुल की पत्नी नहीं थी। हम तो उसे जानते तक नहीं हैं। मैंने सुना है कि वे एक ही जगह पर काम करते थे।&rdquo;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/mecca-mosque-kiss-controversy-sweetie-akhtar-death-sentence-bangladesh-family-awaits-official-confirmation-saudi-arabia-articleshow-relpin0"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[France Riots: 'पेरिस जल्द बनेगा मुस्लिम शहर', हिंसा के बीच मैक्रों पर ट्रंप का सबसे तीखा हमला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/trump-france-riots-paris-muslim-city-macron-immigration-policy-protests-curfew-articleshow-tnnxxuv</link>
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            <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 07:15:55 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;फ्रांस में जारी दंगों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्रों की इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने दावा किया कि पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा। फ्रांस में कर्फ्यू के बीच 2400 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5bfj1x4wtczbjzythnjqjf8,imgname-trump-france-riots-paris-muslim-city-macron-immigration-policy-protests-curfew-1792460523428.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Trump On France Protest:&lt;/strong&gt; फ्रांस में भड़की हिंसा और दंगों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने सीधे तौर पर मैक्रों की आप्रवासन (इमिग्रेशन) नीतियों को इस पूरे बवाल की वजह ठहराया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जिस रफ्तार से विदेशी लोग फ्रांस आ रहे हैं, उससे पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर में तब्दील हो जाएगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मैक्रों की इमिग्रेशन नीति पर ट्रंप का तंज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने सालों पहले ही मैक्रों को चेताया था।&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;पुरानी चेतावनी का जिक्र: &lt;/strong&gt;ट्रंप बोले, &quot;मैक्रों मेरे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे बहुत पहले कहा था कि फ्रांस में बिना सोचे-समझे लोगों को आने देना बहुत बड़ी गलती है। पूरी दुनिया वहाँ जमा हो रही थी।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;डेमोग्राफिक्स बदलने का आरोप:&lt;/strong&gt; उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर प्रवासियों के आने से फ्रांस की राजधानी पेरिस का ढांचा पूरी तरह बदल चुका है। यह स्थिति किसी समझौते का नतीजा नहीं, बल्कि गलत फैसलों की देन है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt; TRUMP&rsquo;S WARNING TO MACRON &mdash; REAL QUOTE OR VIRAL CLAIM?&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&ldquo;Paris is going to be a Muslim city very soon&hellip; Emmanuel should&rsquo;ve closed his borders a long time ago.&rdquo;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;@POTUS @realDonaldTrump @EmmanuelMacron #France #Paris #Immigration #EuropeanPolitics #BorderSecurity #MassImmigration #FranceNews #EuropeInCrisis #Geopolitics #WorldNews #BreakingNews #TrumpNews #MacronPolitics&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; India, That Is Bharat (@India_TIB) October 19, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;France Riots: 2,400 गिरफ्तार, करीब 1,000 पुलिसकर्मी घायल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्रांस के हालात इस समय काफी नाजुक बने हुए हैं। सप्ताहांत में हुई लूटपाट और झड़पों के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;भारी नुकसान और गिरफ्तारियां:&lt;/strong&gt; सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हिंसा के दौरान लगभग 2,400 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान करीब 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;दुकानों पर आफत: &lt;/strong&gt;'फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड रिटेल' के अनुसार, उपद्रवियों ने करीब 3,000 दुकानों को नुकसान पहुँचाया। अब व्यापारी सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;मौत की खबर: &lt;/strong&gt;शनिवार को प्रदर्शन के दौरान दिल का दौरा पड़ने से एक प्रदर्शनकारी की मौत भी हो गई।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt; France: Protest Movement Falls Short of Expectations &ndash; Severe Riots in Several Cities&lt;/p&gt;&lt;p&gt;October 17 was supposed to be the climax of the unrest that has been ongoing in France for weeks. On social media, the day had been billed as the rebirth of the Yellow Vests movement. The riots, which had so far been limited to local areas, were expected to give rise to a nationwide protest movement against President Emmanuel Macron.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;However, the expected mass mobilization failed to materialize initially. Fewer than 180,000 demonstrators were expected nationwide. According to a journalist from the parliamentary channel LCP, by 11 a.m. only about 11,000 people outside Paris had joined the protests.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Although organizers and left-wing groups pointed to demonstrations in numerous French cities, the report stated that some gatherings had barely more than 30 participants.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;The news service Rerum Novarum attributes the failure to see the reemergence of a broad, nonpartisan anti-Macron movement to the political influence of left-wing groups.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;⚠️ At the same time, serious riots broke out in several cities. In Paris, police pushed back a crowd that had attempted to advance toward the presidential palace.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Violence also escalated elsewhere. According to reports, several city halls and public buildings were set ablaze.&lt;/p&gt;&lt;p&gt; French politician &Eacute;ric Ciotti reported, among other things, a fire at the Lyon tourist office, vandalism at Marseille City Hall, burning vehicles, and destroyed streets in Paris.&lt;/p&gt;&lt;p&gt;While nationwide participation fell well short of initial expectations, several French cities simultaneously saw massive violence and property damage.&lt;/p&gt;&lt;p&gt; Sources: Rerum Novarum, LCP, &Eacute;ric Ciotti&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Barong (@Barong369) October 18, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बढ़ते बवाल को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू की सरकार पर भारी दबाव है। पेरिस, लिले और नीस जैसे प्रमुख शहरों के संवेदनशील इलाकों में पाबंदियाँ लगा दी गई हैं:&lt;/p&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;कड़े प्रतिबंध:&lt;/strong&gt; पेरिस पुलिस ने सोमवार रात से कई जगह प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है। 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' और 'लेस हालेस' जैसे इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;इमरजेंसी का खतरा:&lt;/strong&gt; सरकार का कहना है कि वे अभी पूरे शहर के बजाय जरूरत वाले इलाकों में ही सख्त कदम उठा रहे हैं, लेकिन हालात बिगड़े तो आपातकाल (State of Emergency) लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मैक्रों ने जताया गुस्सा, शांति की अपील&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;राष्ट्रपति मैक्रों ने देश को संबोधित करते हुए हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ कहा कि अपने ही देश में तोड़फोड़ करने का कोई बहाना नहीं हो सकता। हालांकि, उन्होंने माना कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मांगें जायज हो सकती हैं, लेकिन उपद्रवियों और उपद्रव को जायज नहीं ठहराया जा सकता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[फ्रांस में करोड़ों के लग्जरी सामान की लूट! सड़कों पर 90% सस्ते बिक रहे Rolex और Louis Vuitton?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/france-luxury-store-looting-rolex-louis-vuitton-42-million-euros-stolen-luxury-goods-sold-cheaply-articleshow-vzfi890</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:40:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;France Luxury Store Looting: फ्रांस में जारी प्रदर्शन और हिंसा के बीच Rolex और Louis Vuitton समेत लग्जरी स्टोरों में करोड़ों की लूट का दावा किया गया है। वहीं चोरी के महंगे बैग, घड़ियां और परफ्यूम 90% सस्ते दाम में सड़कों पर बेचे जाने की बात भी सामने आई है। जानें पूरा मामला।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5eqx3868sna8av6q1wrx06x,imgname-france-luxury-store-looting-1792569937158.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;France Looting News: &lt;/strong&gt;फ्रांस में हिंसा और उपद्रव के बीच लग्जरी स्टोरों में लूटपाट की खबरों ने महंगे ब्रांड्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Rolex और Louis Vuitton जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टोर से करीब 42.5 लाख यूरो के सामान की लूट हुई। अब दावा किया जा रहा है कि चोरी का संदिग्ध सामान सड़कों से लेकर ऑनलाइन रीसेल प्लेटफॉर्म तक सस्ते दामों पर बेचा जा रहा है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी कीमतों पर 90 फीसदी तक की छूट का दावा भी किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;फ्रांस में कहां-कहां हुई लग्जरी सामान की लूट?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;रिपोर्ट्स में दो बड़ी घटनाओं का जिक्र है। मार्सेई के एक Rolex स्टोर से करीब 30 लाख यूरो और बोर्डो के Louis Vuitton स्टोर से लगभग 12.5 लाख यूरो के सामान की लूट का दावा किया गया है। इन दोनों मामलों में बताई गई रकम को जोड़ें तो कुल नुकसान करीब 42.5 लाख यूरो बैठता है। पेरिस समेत कई शहरों में लग्जरी रिटेल स्टोर के अलावा सुपरमार्केट, कपड़ों की दुकानों और फार्मेसी को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग महंगी घड़ियां और डिजाइनर बैग दिखाते नजर आए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;France Protest: फ्रांस क्यों जल रहा है? क्यों सड़कों पर उतरी जनता?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या सड़कों पर 90 फीसदी सस्ते बिक रहे हैं डिजाइनर बैग?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;लूटपाट के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और डिजाइनर हैंडबैग बाजार कीमत से काफी कम दाम पर बेचे जा रहे हैं। कुछ विक्रेताओं के बारे में 90 फीसदी तक कम कीमत पर सामान देने की बात कही गई है। नीचे देखें वायरल वीडियो-&lt;/p&gt;View this post on Instagram&lt;p&gt;A post shared by WorldInLast24Hrs (@worldinlast24hrs)&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें- &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;Iran-US Tension: मुनीर के जरिए ईरान का अमेरिका को अल्टीमेटम, ये 7 शर्तें मानो, वरना...!&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Vinted पर भी संदिग्ध लिस्टिंग, कंपनी ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मामला ऑनलाइन सेकंड हैंड मार्केटप्लेस Vinted तक पहुंचने की खबरों के बाद चिंता और बढ़ गई। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेटफॉर्म पर Louis Vuitton, Celine और Herm&egrave;s जैसे ब्रांड्स के कुछ संदिग्ध प्रोडक्ट्स की लिस्टिंग सामने आईं। कंपनी ने बताया कि उसने लूटपाट से जुड़ी लिस्टिंग की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हिंसा के बीच कारोबार को कितना नुकसान हुआ?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्रांस के चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख के मुताबिक, हिंसा से 2,000 से ज्यादा कारोबार सीधे प्रभावित हुए। दुकानों में तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचने की घटनाओं ने हालात की गंभीरता बढ़ा दी है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Anita Tanvi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Oman Pink Dolphin Viral Video: मस्कट के कंतब बीच पर दिखीं गुलाबी डॉल्फिन, आखिर क्या है इनके रंग का राज?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/rare-pink-dolphins-spotted-near-oman-qantab-beach-viral-video-articleshow-w0r961m</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:50:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pink Dolphins in Oman: &lt;/strong&gt;ओमान की राजधानी मस्कट के कंतब बीच पर लोगों ने समंदर में दुर्लभ गुलाबी डॉल्फिन तैरती देखीं। हालांकि अभी तक इनकी प्रजाति की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन इन अनोखे समुद्री जीवों का वायरल वीडियो लोगों में काफी उत्सुकता जगा रहा है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m5epcwnxr13nkk9dkdtz5ca7,imgname-screenshot-2026-10-21-130846-1792568357565.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Pink Dolphin Spotted in Muscat: &lt;/strong&gt;मस्कट, ओमान के कंतब बीच पर आए लोगों को समंदर में एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला। यहां तट के पास गुलाबी डॉल्फिन तैरती नजर आईं। इस घटना के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें ये खूबसूरत समुद्री जीव पानी के ऊपर छलांग लगाते और तैरते दिख रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ओमान की खाड़ी के नीले पानी में इन डॉल्फिन का गुलाबी रंग एकदम अलग चमक रहा था, जिसने देखने वालों को हैरान कर दिया। बीच पर मौजूद लोगों के लिए इन अनोखे जीवों को उनके प्राकृतिक माहौल में देखना एक शानदार अनुभव रहा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ओमान में कहां दिखीं गुलाबी डॉल्फिन?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह अनोखा नजारा ओमान की राजधानी मस्कट में कंतब बीच के पास देखने को मिला। वहां मौजूद लोगों ने जो वीडियो बनाए हैं, उनमें डॉल्फिन तट के काफी करीब तैरती और बीच-बीच में पानी से बाहर आती दिख रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंतब अपने खूबसूरत बीच और पथरीले किनारों के लिए काफी मशहूर है। अब इन गुलाबी डॉल्फिन के अचानक दिखने से सोशल मीडिया पर भी इस जगह की खूब चर्चा हो रही है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मस्कट के पास दिखीं इन डॉल्फिन की असल प्रजाति का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सिर्फ उनके गुलाबी रंग के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि वे किस प्रजाति की हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कुछ डॉल्फिन की त्वचा गुलाबी क्यों होती है?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;प्रजाति के हिसाब से डॉल्फिन की त्वचा के गुलाबी होने की कई वजहें हो सकती हैं। इसका सबसे मशहूर उदाहरण 'अमेजन रिवर डॉल्फिन' है, जिसे 'बोटो' भी कहा जाता है। यह दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में मीठे पानी की नदियों में पाई जाती है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;आमतौर पर डॉल्फिन स्लेटी (ग्रे) रंग की होती हैं, लेकिन वयस्क अमेजन रिवर डॉल्फिन का रंग गुलाबी हो सकता है। इनकी त्वचा का रंग हर डॉल्फिन में अलग-अलग होता है। यह उनकी उम्र, ब्लड सर्कुलेशन, एक्टिविटी लेवल और शरीर पर मौजूद चोट के निशानों पर निर्भर करता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यहां देखें वायरल वीडियो&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;FIRST KHALI IN PINK, NOW A PINK DOLPHIN &lt;/p&gt;&lt;p&gt;Yesterday, Khali wore pink and amazed the world. Today, a RARE PINK DOLPHIN was spotted off Qantab Beach, Oman! https://t.co/fZf0dCeArM&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Nikhil saini (@iNikhilsaini) October 21, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;कंतब बीच पर हुई इस घटना ने समुद्री जीवों की विविधता को लेकर लोगों की दिलचस्पी फिर से बढ़ा दी है। ओमान की खाड़ी में डॉल्फिन समेत कई तरह के समुद्री जीव पाए जाते हैं, इसलिए इस इलाके के तटों पर अक्सर ऐसे नजारे देखने को मिल जाते हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि, इतनी साफ गुलाबी रंगत वाली डॉल्फिन का दिखना अभी भी एक दुर्लभ बात है। इससे उनकी प्रजाति और रंग की वजह को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जब तक समुद्री विशेषज्ञ इन वीडियो की जांच करके इनकी पहचान पक्की नहीं कर लेते, तब तक मस्कट के तट पर दिखे इन जीवों का रहस्य बना रहेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/rare-pink-dolphins-spotted-near-oman-qantab-beach-viral-video-articleshow-w0r961m"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Russia Ukraine War: 'रूस एक बड़ी मशीन है, यूक्रेन को झुकना होगा', ट्रंप ने बढ़ाया दबाव]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/donald-trump-urges-ukraine-to-compromise-and-end-war-with-russia-articleshow-whut5zs</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 08:24:56 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Trump Ukraine Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए यूक्रेन को समझौता करना होगा। ट्रंप ने कहा कि रूस का पलड़ा भारी है और उसकी सेना ने यूक्रेन के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m56qwcscxd2ypxqny59b587s,imgname-donald-trump-volodymyr-zelenskyy-1792301478700.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Russia Ukraine Peace Talks:&lt;/strong&gt; रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को समझौता करने की सलाह दी है। ट्रंप का मानना है कि मौजूदा हालात में रूस सैन्य रूप से मजबूत स्थिति में है और यूक्रेन को युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उनके इस बयान से रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस की सैन्य ताकत का दिया हवाला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि रूस लगातार आगे बढ़ रहा है और यूक्रेन के बड़े हिस्से पर उसका कब्जा है। उन्होंने रूसी सेना की तुलना एक बड़ी मशीन से करते हुए कहा कि रूस की सैन्य ताकत के सामने यूक्रेन को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध के मैदान में रूस की स्थिति मजबूत है, इसलिए यूक्रेन को शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;जेलेंस्की से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्टीव विटकॉफ ने किया। बैठक का उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच जारी विवाद को समाप्त करने की संभावनाओं पर चर्चा करना था। ऐसे में ट्रंप का समझौते पर जोर देना अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूक्रेन को अमेरिकी मदद पर उठाए सवाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी गई आर्थिक और सैन्य सहायता पर भी नाराजगी जाहिर की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को काफी मदद दी है, लेकिन इसके बदले उसे दुख, मौत और भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि वह युद्ध में अमेरिकी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ट्रंप पहले भी यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता और युद्ध पर होने वाले खर्च को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पुतिन और जेलेंस्की के बीच तनाव को बताया बाधा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच व्यक्तिगत तनाव को भी शांति वार्ता में बड़ी बाधा बताया। उनके मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच दुश्मनी की वजह से समझौते की राह मुश्किल हो रही है। युद्ध समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत और सहमति बनना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;रूस पर प्रतिबंधों को लेकर भी चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ऊर्जा बाजार को लेकर ट्रंप प्रशासन के रुख पर भी सवाल उठ रहे हैं। रूस के साथ बातचीत आगे बढ़ाने और तेल की कीमतों को कम करने की कोशिशों के बीच प्रतिबंधों में संभावित ढील को लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि, रूस के प्रति ट्रंप के नरम रुख से यूक्रेन के साथ अमेरिका के संबंधों को लेकर चिंताएं भी सामने आ रही हैं। अब यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन की कूटनीतिक कोशिशें रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में कितनी सफल होती हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Giorgia Meloni: योगी मॉडल पर मेलोनी का भरोसा! दंगाइयों से होगी पाई-पाई की वसूली, नाबालिगों के माता-पिता भरेंगे हर्जाना]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/giorgia-meloni-applies-yogi-adityanath-model-for-italy-riots-fines-articleshow-y2fftdt</link>
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            <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 08:43:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Italy Protest Crackdown:&lt;/strong&gt; इटली में हिंसक प्रदर्शनों के बाद पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की तर्ज पर दंगाइयों से नुकसान की वसूली, 5 साल की जेल और 20 हजार यूरो जुर्माने का नया नियम लागू किया है।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Yogi Adityanath Model: &lt;/strong&gt;यूरोप में प्रदर्शन के नाम पर हिंसक घटनाओं और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मामलों में तेजी देखी गई है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इटली सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। भारी तोड़फोड़ के बाद वहां की सरकार ने एक ऐसा तरीका अपनाया है, जिसकी चर्चा भारत में पहले से होती रही है। यह तरीका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस चर्चित मॉडल से प्रेरित है, जिसे उन्होंने उपद्रवियों पर लगाम कसने के लिए तैयार किया था。&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक के बाद नए सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। इन प्रावधानों के तहत हिंसा करने वालों और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। इटली सरकार ने उसी तर्ज पर नुकसान की वसूली का खाका तैयार किया है, जैसा उत्तर प्रदेश में साल 2020 में लागू किया गया था。&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5 साल की जेल और 20 हजार यूरो का जुर्माना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;नए आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पांच या अधिक लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान पत्थर, पटाखे या डंडे फेंकता है, तो उसे पांच साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही उन पर 20 हजार यूरो तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। चेहरा ढककर पहचान छिपाने या तोड़फोड़ करने पर सजा सख्त हो सकती है। सरकार के मुताबिक शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का अधिकार है, लेकिन हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी。&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;नाबालिगों के उपद्रव पर माता-पिता भरेंगे हर्जाना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेलोनी सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई नाबालिग संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो उसकी भरपाई उसके माता-पिता को करनी होगी। सार्वजनिक संपत्ति के मामले में प्रशासन भुगतान का आदेश जारी करेगा, जबकि निजी संपत्ति पर प्रभावित व्यक्ति अदालत से मुआवजा मांग सकेगा। युवाओं के लिए एहतियातन हिरासत की अवधि बढ़ाने और सुनवाई के लिए अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की योजना है。&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मिलान में 200 सुरक्षाकर्मी घायल, एआई का होगा इस्तेमाल&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मिलान में वीकेंड के दौरान हुई हिंसक झड़पों में लगभग 200 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। व्यापारिक संगठनों के अनुमान के अनुसार संपत्तियों को करीब 10 लाख यूरो का नुकसान पहुंचा। शांति बनाए रखने के लिए साल के अंत तक 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की जाएगी। उपद्रवियों की पहचान के लिए सरकार बायोमेट्रिक तकनीक और एआई का उपयोग करेगी。&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के कानून से समानता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इटली के इन कदमों की तुलना उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से हो रही है। यूपी में साल 2020 में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से मुआवजा वसूलने के लिए कानून बनाया गया था। नुकसान का आकलन करने के लिए लखनऊ और मेरठ में क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन किया गया था। इन ट्रिब्यूनल को आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने और उनके नाम-पते प्रदर्शित करने का अधिकार है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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