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        <title>Asianet News Hindi</title>
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        <description><![CDATA[Hindi News (हिन्दी न्यूज़): Get Latest Breaking News Headlines in Hindi. Exclusive Hindi News on Politics, Business, Bollywood, Technology, Cricket from India & World at Asianet News Hindi. हिंदी में पढ़ें देश और दुनिया की ताजा ख़बरें. जाने व्यापार, मनोरंजन, बॉलीवुड, खेल सुर्खियां और राजनीति के समाचार । लाइव ब्रेकिंग न्यूज़ ।]]></description>
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            <title>Asianet News Hindi</title>
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        <lastBuildDate>Thu, 01 Oct 2026 14:24:07 +0530</lastBuildDate>
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            <title><![CDATA[Husband Application: अमेरिकी महिला ने पति ढूंढने के लिए निकाला गूगल फॉर्म, आए 241 आवेदन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-woman-goes-viral-for-creating-husband-application-google-form-to-find-love-articleshow-vcfrcgh</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 14:24:02 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Woman Looking for Husband: अमेरिका की रहने वाली एरिन पैटरसन लाइफ पार्टनर ढूंढने के अपने अनोखे तरीके की वजह से वायरल हो रही हैं। उन्होंने गूगल फॉर्म के जरिए एक 'हसबैंड एप्लीकेशन' बनाया और इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v84y6k6cav1nz60hfb2tj4,imgname-united-states-1790842140883.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Husband Search Viral: &lt;/strong&gt;नॉर्थ कैरोलिना के शार्लोट शहर की रहने वाली 36 साल की एरिन पैटरसन अपने लिए एक पति की तलाश कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने एक ऑनलाइन 'हसबैंड एप्लीकेशन' (पति के लिए आवेदन) तैयार किया है। डेटिंग के इस अनोखे तरीके की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है, कुछ लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ सवाल उठा रहे हैं। अगस्त के आखिर में एरिन ने अपने इंस्टाग्राम बायो में &quot;So&hellip;You&rsquo;re Interested?&quot; (तो... क्या आप दिलचस्पी रखते हैं?) नाम से तीन पेज का एक गूगल फॉर्म पिन किया था। इसके बाद से ही वो सोशल मीडिया पर अपने प्यार की तलाश के सफर को शेयर कर रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनके इस फॉर्म पर अब तक 241 आवेदन आ चुके हैं। साथ ही उन्हें 1,000 से 1,500 के बीच डायरेक्ट मैसेज (DM) भी मिले हैं। एक महीने तक चलने वाली यह एप्लीकेशन विंडो आज रात 11:59 बजे (EDT) बंद हो जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एरिन ने अपने फॉर्म में लिखा है, &quot;मैं एक ऐसे हैंडसम, समझदार, दयालु, वफादार और दरियादिल इंसान से मिलना चाहती हूं, जिसे कॉफी डेट्स, डिनर डेट्स और अच्छी बातचीत में दिलचस्पी हो। फिर देखते हैं कि बात कहां तक पहुंचती है।&quot;&lt;/p&gt;इंस्टाग्राम पर यह पोस्ट देखें&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एरिन UNC शार्लोट में स्टूडेंट यूनियन की सीनियर एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर काम करती हैं। वो पिछले करीब तीन साल से सिंगल हैं। साल 2019 में उनकी सगाई टूट गई थी, जिसके बाद महामारी खत्म होने पर उन्होंने एक नई शुरुआत के लिए शार्लोट शहर का रुख किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;ऐसा नहीं है कि एरिन ने पार्टनर ढूंढने की कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि उन्होंने डेटिंग ऐप्स ट्राई किए, लोगों से सामान्य तरीके से मुलाकात की और दोस्तों या जान-पहचान वालों के जरिए भी लोगों से मिलने के लिए हमेशा तैयार रहीं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एरिन ने 'द पोस्ट' को बताया, &quot;मेरी ज्यादातर डेट्स डेटिंग ऐप्स के जरिए ही हुई हैं। इस तरह से लोगों से मिलना समाज में आम बात मानी जाती है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उन्होंने आगे कहा, &quot;मैं लोगों से रूबरू भी मिली हूं और उस तरह से भी डेट्स पर गई हूं।&quot; एरिन ने बताया कि उनके माता-पिता की 44 साल लंबी शादी ने भी उनके अंदर एक टिकाऊ रिश्ता ढूंढने की इच्छा जगाई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&quot;अगर कोई मेरी किसी से सेटिंग करवाना चाहता है, तो मैं उसके लिए भी तैयार रहती हूं... मुझे जो भी तरीके पता थे, मैंने वो सब आजमा लिए। इसी के बाद मुझे हसबैंड एप्लीकेशन का आइडिया आया।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह फॉर्म आवेदन करने वालों को एरिन के बारे में पूरी जानकारी देता है। वो खुद को एक 'पीपल पर्सन' (लोगों से घुलने-मिलने वाली) बताती हैं, जो हमेशा पॉजिटिव, चुलबुली, दयालु और सच्ची है। उन्होंने अपनी हालिया मास्टर डिग्री का भी जिक्र किया है और कहा है कि 'सीखने और आगे बढ़ने' का जज्बा उनकी पर्सनालिटी का एक अहम हिस्सा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;एरिन ने पार्टनर के लिए कुछ 'न्यूनतम योग्यताएं' भी तय की हैं। लड़के की उम्र 28 से 47 साल के बीच होनी चाहिए, वो ईसाई हो, सिंगल हो और सच में प्यार की तलाश में हो। साथ ही, उसका अंतिम लक्ष्य एक अच्छा पति और पिता बनना होना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;उनकी पसंद में यह भी शामिल है कि लड़के के पास कम से कम 'बैचलर डिग्री या उससे ज्यादा' की पढ़ाई हो। उन्होंने यह भी शर्त रखी है कि आवेदन करने वाले की लंबाई कम से कम 5 फीट 10 इंच होनी चाहिए। एरिन ने बताया कि बिना जूतों के उनकी खुद की लंबाई 5 फीट 8 इंच है और हील्स पहनने पर वो 6 फीट की हो जाती हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हालांकि एरिन ने अपनी इस तलाश को छुट्टियों के लिए एक पार्टनर ढूंढने का मौका बताया है, लेकिन उन्होंने एक बात बिल्कुल साफ कर दी है कि उनका &quot;असली मकसद शादी करना है।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फॉर्म भरने वालों से उनके बारे में कई सवाल पूछे गए हैं। जैसे कि वो अपने पार्टनर में क्या ढूंढ रहे हैं और &quot;कोई ऐसा टॉपिक जिस पर वो बिना थके घंटों बात कर सकते हैं।&quot;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स एरिन की इस बात के लिए तारीफ कर रहे हैं कि वो अपनी पसंद को लेकर बिल्कुल साफ और स्पष्ट हैं। वहीं, कुछ लोग पति ढूंढने के लिए इस तरह का एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू करने के आइडिया पर सवाल भी उठा रहे हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Flydubai फ्लाइट के 5 हीरो कौन, जिन्होंने जान पर खेलकर बचाई 180 जिंदगियां]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-5-heroes-captain-smit-machchhar-yaniv-hayun-assaf-rajuan-zvika-manes-shota-musaev-saved-180-lives-articleshow-0itwx2i</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 13:50:37 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;फ्लाईदुबई FZ1073 में कॉकपिट हमले के बाद कैप्टन मच्छार, प्लंबर, डेंटिस्ट और यात्रियों ने मिलकर विमान संभाला और 180 लोगों की जान बचाई। मिलिए फ्लाइट के 5 हीरो से।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v8stcnfgmbed315cf86ear,imgname-flydubai-flight-heroes-1790842825109.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Flight Attack Heroes: &lt;/strong&gt;दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान उस वक्त एक बड़ा संकट खड़ा हो गया, जब को-पायलट ने फ्लाइट को क्रैश कराने के लिए अचानक पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किर दिया। ओमान के को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से 34000 फीट की ऊंचाई से सीधे 16000 फीट पर आ गया। विमान में सवार 180 लोगों की जान खतरे में थी, लेकिन उसी में सवार 5 लोगों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित बचाया। आखिर कौन हैं वो फ्लाईदुबई फ्लाइट के वो 5 हीरो।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1- कैप्टन मच्छार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाइट में 174 यात्रियों और 6 क्रू मेंबर समेत कुल 180 लोग थे। इनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। बाद में मच्छार को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2- यानीव हायून&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विमान में सवार यानीव हायून पेशे से प्लंबर हैं। उनके मुताबिक, जब वह कॉकपिट में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि संदिग्ध को-पायलट कंट्रोल के पास बैठा था और दोनों पायलट अपनी सीट पर नहीं थे। इसके बाद हायून ने हमलावर को पकड़ा और उसे कंट्रोल से दूर खींचा। बाद में विमान को सीधा करने के लिए उन्होंने कंट्रोल हैंडल यानी योक को पीछे खींचा। उन्होंने बताया कि विमान को संभालने के बारे में उन्हें जानकारी टीवी के कार्यक्रम &lsquo;Mayday&rsquo; से मिली थी। इसके बाद विमान में मौजूद प्रशिक्षित पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने में मदद की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;3- असाफ राजुआन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यात्रियों में इंश्योरेंस एजेंसी चलाने वाले असाफ राजुआन भी शामिल थे। वह थाईलैंड से छुट्टी मनाकर लौट रहे थे, लेकिन अचानक फ्लाइट का माहौल किसी हॉरर फिल्म जैसा हो गया। राजुआन के मुताबिक, उन्होंने टॉयलेट के पास चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनीं। कुछ ही देर में यात्रियों को महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है और उस पर सामान्य तरीके से नियंत्रण नहीं रहा। जब कॉकपिट का दरवाजा खुला तो यात्रियों ने अंदर खून देखा। राजुआन ने बताया कि वह कुछ अन्य लोगों के साथ कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की। क्रू के सदस्यों ने भी इस दौरान उनका साथ दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें :&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt; Flydubai: डेंटिस्ट-प्लम्बर ने कैप्टन मच्छार के साथ मिलकर कैसे बचाई 174 लोगों की जान?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;4- ज़्विका मानेस&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैंक लेउमी की अंडरराइटिंग कंपनी के CEO ज़्विका मानेस भी कॉकपिट में मदद करने वाले यात्रियों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि उस समय विमान तेजी से नीचे जा रहा था और अंदर चीख-पुकार मची हुई थी। उन्होंने विमान में दिए गए मल्टीमीडिया हेडफोन की केबल से हमलावर को बांधने में मदद की। उन्होंने बताया कि हमलावर को रोकने के लिए यात्रियों को काफी ताकत लगानी पड़ी। उस समय संदिग्ध को-पायलट पूरी ताकत से संघर्ष कर रहा था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;5- शोता मुसाएव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाइट में डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी मौजूद थे। जब यात्रियों ने कॉकपिट की ओर दौड़ लगाई तो वह भी वहां पहुंचे। पहले उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की और फिर गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार का इलाज शुरू किया। मुसाएव ने बताया कि मच्छार के सिर और हाथों से काफी खून बह रहा था। उन्होंने ब्लीडिंग रोकने के लिए जरूरी ट्रीटमेंट दिया और लैंडिंग तक उनकी हालत पर नजर रखी। मुसाएव विमान में मौजूद अकेले डॉक्टर थे। उनके मुताबिक, मच्छार होश में थे और लैंडिंग से कुछ समय पहले उनकी हालत थोड़ी बिगड़ी थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;पायलटों के बीच चलती रही चाकूबाजी, हवा में गोते खाता रहा विमान; यात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली विमान की कमान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कॉकपिट में मौजूद मूल पायलटों के घायल होने के बाद विमान में यात्रा कर रहे अतिरिक्त प्रशिक्षित पायलटों की भूमिका अहम रही। रिपोर्टों के मुताबिक, दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर करने तथा सुरक्षित लैंडिंग में मदद की। यही वजह रही कि यात्रियों और अन्य लोगों के हमलावर को काबू करने के बाद विमान को संभालने के लिए प्रशिक्षित पायलट मौजूद थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Flydubai Omani Pilot: कौन था ओमानी सह-पायलट? साथी ने किए हैरान करने वाले खुलासे]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-omani-pilot-smit-machchhar-cockpit-attack-religious-extremist-articleshow-vbsg0nr</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 13:46:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट की पहचान अभी सामने नहीं आई है। साथी पायलट ने उसके व्यवहार को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। आखिर कौन था वह पायलट और क्या हुआ था?&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Omani Pilot Flydubai Attack:&lt;/strong&gt; फ्लाईदुबई के विमान को हवा में ही क्रैश करने की कोशिश करने वाले ओमानी सह-पायलट को लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस घटना ने पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी ओमानी नागरिक को उसके ही एक साथी पायलट ने 'धार्मिक चरमपंथी' करार दिया है। इस साथी ने इजरायली मीडिया को बताया कि वह शख्स महज आठ महीने पहले ही एयरलाइन से जुड़ा था और अपनी अजीब हरकतों की वजह से चर्चा में रहता था। वह पूरे दिन अत्यधिक प्रार्थनाएं करता था और दफ्तर या ड्यूटी के दौरान महिलाओं से हाथ मिलाने तक से साफ इनकार कर देता था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Omani Pilot कौन है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह ओमानी पायलट कौन है? अभी तक उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इजरायली मीडिया के मुताबिक, वह करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था। एक साथी पायलट ने इजरायल के चैनल 16 को बताया कि वह व्यक्ति दिन में बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार करता था। इसी साथी ने उसे &ldquo;धार्मिक चरमपंथी&rdquo; बताया। यह उसका व्यक्तिगत आकलन है, जिसे जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कैसे दिया गया कॉकपिट में हमले को अंजाम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह खौफनाक वाकया तब हुआ जब 30 सितंबर को दुबई से 174 यात्रियों और 27 बच्चों को लेकर फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 तेल अवीव की तरफ उड़ान भर रही थी। विमान जब आसमान में लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर था, तभी अचानक ओमान के इस को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद उसने विमान के कंट्रोल को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा अंदर से बंद करने की ठान ली। इस सनकी हरकत की वजह से विमान महज कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा, जिससे फ्लाइट में सवार लोगों की सांसें अटक गईं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;यात्रियों की सूझबूझ और कैप्टन की बहादुरी से बची जान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;चीख-पुकार सुनकर अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों ने कॉकपिट का दरवाजा तोड़ दिया। यानीव हायौन नाम के एक यात्री और अन्य क्रू सदस्यों ने मिलकर हमलावर को दबोच लिया और उसे विमान के कंट्रोल से दूर खींच लिया। इधर, गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने हार नहीं मानी। उन्होंने भी हमलावर का डटकर मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Tabuk Emergency Landing के बाद क्या हुआ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाइट में 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंड कराया गया। कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई। ओमानी सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। घटना की जांच में अब उसके बैकग्राउंड, व्यवहार और विमान तक उसकी पहुंच समेत कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उस सह-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया और फ्लाईदुबई की फ्लाइट में वह इस भूमिका तक कैसे पहुंचा? इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Flydubai: डेंटिस्ट-प्लम्बर ने कैप्टन मच्छार के साथ मिलकर कैसे बचाई 174 लोगों की जान?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-captain-smit-machchhar-knife-attack-plane-14000-feet-emergency-landing-passengers-saved-articleshow-0wf25qh</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:59:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में पायलट पर चाकू से हमला हुआ और विमान 16 हजार फीट नीचे आया। घायल कैप्टन स्मित मच्छार समेत यात्रियों ने 174 जानें बचाईं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले ने 174 से ज्यादा यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके साथी पायलट ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मच्छार कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े और इसी दौरान बोइंग 737 मैक्स 8 तेजी से नीचे आने लगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालात बेहद गंभीर होने के बावजूद कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू करने की कोशिश शुरू की। इस दौरान विमान में मौजूद कई लोगों ने अलग-अलग तरीके से मदद की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;प्लंबर यानीव हायून ने संभाला मोर्चा&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कॉकपिट में पहुंचने वाले यात्रियों में यानीव हायून भी थे, जिन्हें इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्लंबर बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हायून के मुताबिक, उन्होंने देखा कि मच्छार घायल हालत में नीचे पड़े थे और दूसरा पायलट कंट्रोल के पास था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हायून ने कंट्रोल की ओर बढ़कर हमलावर को पीछे खींचने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि विमान को संभालने की उन्हें औपचारिक ट्रेनिंग नहीं थी और उन्होंने टीवी पर देखी जानकारी के आधार पर ऐसा किया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद क्रू और विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभालने में मदद की।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;पायलटों के बीच चलती रही चाकूबाजी, हवा में गोते खाता रहा विमान; यात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव ने भी की मदद&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव भी कॉकपिट की ओर पहुंचे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने बताया कि उन्होंने हमलावर को कैप्टन मच्छार के ऊपर देखा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मच्छार के सिर, हाथ और शरीर के दूसरे हिस्सों पर चोट के निशान थे और काफी खून बह रहा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मुसाएव ने अन्य यात्रियों के साथ मिलकर हमलावर को काबू करने में मदद की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हमलावर को-पायलट को बांधने के लिए हेडफोन की तार और प्लास्टिक जिप-टाई का इस्तेमाल किया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाली विमान की कमान&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विमान में दो ऐसे पायलट भी मौजूद थे जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। आपात स्थिति के दौरान वे कॉकपिट में पहुंचे। यात्री अल्मोग इटली के अनुसार, इनमें एक ब्रिटिश पायलट भी था, जिसने विमान को ऊपर उठाने, स्थिर करने और सऊदी अरब की ओर ले जाने में मदद की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;30 सेकंड से भी कम समय में हजारों फीट नीचे आया विमान&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। 30 सेकंड से भी कम समय में विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ चुका था। स्थिति संभालने के बाद फ्लाइट को इजराइल के बजाय सऊदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर तबुक की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग हुई। कैप्टन मच्छार और दूसरे पायलट को अस्पताल ले जाया गया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, मच्छार की हालत स्थिर थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी देखें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;दुबई-तेल अवीव फ्लाइट ने अचानक क्यों बदला रूट, तेजी से नीचे आया विमान; वजह जान घूम जाएगा माथा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मुंबई के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित मच्छार&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने 2008 और 2009 में न्यूजीलैंड की मेनलैंड एयर में ट्रेनिंग ली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े और इससे पहले करीब एक दशक तक स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;मोदी और नेतन्याहू ने की मच्छार की तारीफ&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मच्छार के साहस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तारीफ की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;नेतन्याहू ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्रधानमंत्री मोदी ने मच्छार को &ldquo;हीरो&rdquo; बताते हुए उनके साहस की सराहना की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस घटना में कैप्टन मच्छार, यात्रियों, डेंटिस्ट, प्लंबर, ऑफ-ड्यूटी पायलटों और क्रू के सामूहिक प्रयास से विमान पर दोबारा नियंत्रण पाया गया और बड़ी संख्या में लोगों की जान बच सकी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-captain-smit-machchhar-knife-attack-plane-14000-feet-emergency-landing-passengers-saved-articleshow-0wf25qh"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Smit Machchhar Story: करना चाहते थे बिजनेस, 19 की उम्र में वो सेमिनार, जिसने बदल दी पूरी जिंदगी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/captain-smit-machchhar-flydubai-fz1073-career-story-spicejet-new-zealand-aviation-photoshow-qwp3guf</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:54:54 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Smit Machchhar बचपन से पायलट नहीं बनना चाहते थे। परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस के लिए इंजीनियरिंग पढ़ी, फिर एक एविएशन सेमिनार ने जिंदगी बदल दी।जानिए स्मित मच्छर के प्रेरणादायक करियर, न्यूज़ीलैंड ट्रेनिंग, SpiceJet और फिर Flydubai Captain बनने तक का सफर।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v51rmx29mhk9ssjs4ks4nq,imgname-captain-smit-machchhar-flydubai-fz1073-career-story-spicejet-new-zealand-aviation-44--2--1790838891165.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Smit Machchhar बचपन से पायलट नहीं बनना चाहते थे। परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस के लिए इंजीनियरिंग पढ़ी, फिर एक एविएशन सेमिनार ने जिंदगी बदल दी।जानिए स्मित मच्छर के प्रेरणादायक करियर, न्यूज़ीलैंड ट्रेनिंग, SpiceJet और फिर Flydubai Captain बनने तक का सफर।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Smit Machchhar Story: &lt;/strong&gt;हम सब जानते हैं कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान पर खेलकर 174 लोगों की जान बचाई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका यह सफर कितना दिलचस्प रहा है? बचपन में उनका सपना कभी पायलट बनने का नहीं था। वह तो अपने परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते थे। इसी सिलसिले में उन्होंने पहले टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से मैनेजमेंट का रुख किया। लेकिन कहते हैं ना कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर होता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;जब स्मित करीब 19 साल के थे, तब मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान वे एक एविएशन सेमिनार में शामिल हुए थे। उस एक सेमिनार ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। पहली बार उन्हें आसमान और विमानों की दुनिया आकर्षित करने लगी। हालांकि, शुरुआत में उनकी मां उनके इस नए करियर के चुनाव को लेकर काफी चिंतित थीं, लेकिन स्मित का जुनून उन्हें न्यूजीलैंड खींच ले गया। वहां उन्होंने कड़ी फ्लाइट ट्रेनिंग ली और यहीं से उनके एक कमर्शियल पायलट बनने का शानदार रास्ता खुल गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;न्यूजीलैंड से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद स्मित ने बोइंग 737 विमानों को उड़ाना शुरू किया। जून 2011 में वे भारत की प्रमुख एयरलाइन स्पाइसजेट से जुड़े और वहां 11 साल से ज्यादा लंबा वक्त बिताया। इस दौरान वे सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम करते हुए दूसरे पायलटों को भी ट्रेनिंग देने लगे। उनके पास बोइंग 737 के अलग-अलग मॉडल्स पर कुल 9,750 घंटे से ज्यादा की उड़ान का तजुर्बा है। जून 2022 में वे फ्लाईदुबई में डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के तौर पर शामिल हो गए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;30 सितंबर 2026 को उनके इसी लंबे तजुर्बे और सूझबूझ की असली परीक्षा हुई। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में जब ओमान के को-पायलट ने उनपर चाकू से हमला किया, तो हर तरफ अफरातफरी मच गई। विमान दो मिनट में 17,400 फीट नीचे आ गया। लेकिन गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जैसे-तैसे कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्रियों और अन्य क्रू को अंदर आने का मौका मिला। बाद में अन्य रिलीफ पायलटों ने विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया। आज उनकी शिक्षा, ट्रेनिंग और बहादुरी हर किसी के लिए मिसाल बन चुकी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा समय बिताने के बाद जून 2022 में मच्छार डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन के रूप में फ्लाईदुबई से जुड़े। वह बोइंग 737 बेड़े पर कप्तान के तौर पर उड़ान भर रहे थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Strait of Hormuz: सस्ते तेल लेने के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने क्यों किराए पर लिए टैंकर?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-oil-refineries-hormuz-strait-iraq-crude-oil-tankers-strategy-articleshow-huxnq6o</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 12:15:45 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सस्ता कच्चा तेल पाने के लिए भारतीय रिफाइनरियों ने रणनीति बदल दी है। IOC, रिलायंस समेत कंपनियां अब Hormuz से तेल लाने के लिए खुद टैंकर किराए पर ले रही हैं। इराकी तेल पर 37 डॉलर तक की छूट और बढ़ी आवाजाही बनी वजह।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v3avr0zqr44hczshq2b3vs,imgname-india-oil-refineries-hormuz-strait-iraq-crude-oil-tankers-strategy-1790837092096.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Oil Strategy: &lt;/strong&gt;अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद अब भारत की सरकारी और निजी तेल रिफाइनरियों ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। मार्च के महीने से जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का यह संकरा रास्ता लगभग बंद सा हो गया था, तब भारतीय कंपनियों ने जोखिम से बचने के लिए अपने जहाज भेजने बंद कर दिए थे। वे सारा जोखिम विदेशी ट्रेडर्स और खाड़ी देशों के उत्पादकों पर छोड़ देती थीं, जिसके कारण उन्हें भारी प्रीमियम और अतिरिक्त लागत चुकानी पड़ती थी। लेकिन अब हालात सुधरने के साथ ही भारतीय रिफाइनरियों ने खुद टैंकर किराए पर लेने शुरू कर दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Strait of Hormuz: रिफाइनरियों ने क्यों बदला तरीका?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पहले भारतीय कंपनियां खाड़ी के उत्पादकों और ट्रेडिंग कंपनियों के जरिए तेल मंगाती थीं। इस मॉडल में होर्मुज से जुड़े शिपिंग जोखिम का बड़ा हिस्सा सप्लायर या ट्रेडर उठाता था। इसके बदले भारतीय रिफाइनरियों को ज्यादा माल ढुलाई और प्रीमियम देना पड़ता था। अब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत पेट्रोलियम और HPCL-मित्तल एनर्जी ने इराकी कच्चे तेल के कुछ सौदे FOB आधार पर किए हैं। यानी जहाज की व्यवस्था से लेकर तेल को मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी खरीदार की होती है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;एफओबी (FOB) सौदों के जरिए परिवहन लागत पर नियंत्रण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन ऑयल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत पेट्रोलियम और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी जैसी बड़ी कंपनियों ने 'फ्री-ऑन-बोर्ड' (FOB) यानी एफओबी शर्तों के तहत इराकी कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। इस डील के तहत खरीदार को खुद जहाजों की व्यवस्था करनी होती है और कार्गो को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाना होता है। इस कदम से कंपनियां अपनी ट्रांसपोर्टेशन लागत पर बेहतर नियंत्रण रख पा रही हैं। हालांकि, इसके लिए सही टैंकरों को ढूंढना और उन्हें बुक करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके लिए लगातार टेंडर जारी किए जा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Huge Number Of Tankers Carry Crude From Iraq To Mediterranean Ports Via Syria To Bypass Strait Of Hormuz  #IranWar&zwnj; #Iraq #StraitOfHormuz pic.twitter.com/QOokb9Tsjx&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; India Strikes YT  (@IndiaStrikes_) September 26, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;नाविकों के नियमों में ढील और भारी डिस्काउंट बना वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस रणनीति बदलाव के पीछे दो मुख्य वजहें और भी हैं। पहला यह कि अगस्त में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग ने अपनी एडवाइजरी में ढील दी थी। पहले भारतीय क्रू वाले जहाजों को इस रूट पर भेजने पर रोक थी, लेकिन अब नाविकों की सहमति से रास्ता खोल दिया गया है। दूसरा कारण इराक की सरकारी कंपनी SOMO द्वारा अक्टूबर के अनुबंधों पर दिया जा रहा भारी डिस्काउंट है, जो क्षेत्रीय बेंचमार्क पर 37 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट दे रहा है। इसके अलावा, जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका के दबाव के चलते भारत अब रूसी तेल खरीदने में थोड़ी हिचकिचाहट दिखा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सितंबर में होर्मुज रूट से बढ़ा आयात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Kpler के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारत आने वाले कच्चे तेल की मात्रा बढ़कर औसतन 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंच गई है। युद्ध शुरू होने यानी फरवरी के बाद से यह सबसे ऊंचा स्तर दर्ज किया गया है। मध्य पूर्व से भारत कुल मिलाकर प्रतिदिन लगभग 2.8 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात करता है। जानकारों का मानना है कि भारतीय रिफाइनरियों का यह नया कदम न केवल उनकी सप्लाई चेन को मजबूत करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक बाजार में सस्ता तेल हासिल करने में भी बड़ी मदद देगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/india-oil-refineries-hormuz-strait-iraq-crude-oil-tankers-strategy-articleshow-huxnq6o"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[India Pakistan Tensions: पानी के लिए फिर दुनिया के सामने पाकिस्तान की गुहार, भारत के फैसले पर क्या बोले मंत्री?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/indus-water-treaty-pakistan-attaullah-tarar-india-water-dispute-articleshow-o8s2dm1</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 11:59:40 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Indus Water Treaty 2026: &lt;/strong&gt;सिंधु जल संधि को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद फिर तेज हो गया है। पाकिस्तान के मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने संधि को कानूनी रूप से बाध्यकारी बताते हुए भारत के फैसले पर सवाल उठाया और 24 करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों के पानी के अधिकार का हवाला दिया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01kqe7nt5sbfgag58f30yb9fb1,imgname-pakistan-economic-loss-iran-war-oil-import-bill-rise-shahbaz-sharif-us-iran-conflict-impact-0-1777520535737.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Pakistan Water Dispute: &lt;/strong&gt;सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने भारत के उस फैसले पर सवाल उठाया है, जिसके तहत अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को स्थगित करने का ऐलान किया था। पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है और अब तरार ने 24 करोड़ पाकिस्तानी नागरिकों के पानी के अधिकार का हवाला दिया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पाकिस्तान ने संधि को बताया कानूनी रूप से बाध्यकारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अत्ताउल्लाह तरार ने एक कार्यक्रम में कहा कि सिंधु जल संधि कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता है। उनके मुताबिक कोई एक पक्ष अपनी इच्छा से इस समझौते को बदल, रद्द या स्थगित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद होने की स्थिति में भी संधि में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है जब इस्लामाबाद लगातार सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत के फैसले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;24 करोड़ लोगों के पानी का दिया हवाला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;तरार ने कहा कि सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान के करोड़ों लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत पर पानी को राजनीतिक या रणनीतिक दबाव के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उठाता रहेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी हाल में संयुक्त राष्ट्र महासभा में सिंधु जल संधि का मुद्दा उठा चुके हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;1960 में हुई थी सिंधु जल संधि&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान ने 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर किए थे। विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई इस संधि के तहत सिंधु नदी तंत्र की छह नदियों के पानी के इस्तेमाल का ढांचा तय किया गया। इसमें सिंधु, झेलम और चिनाब जैसी पश्चिमी नदियों का पानी मुख्य रूप से पाकिस्तान के लिए और रावी, ब्यास तथा सतलुज जैसी पूर्वी नदियों का पानी भारत के लिए निर्धारित किया गया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पहलगाम हमले के बाद बदला भारत का रुख&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने की घोषणा की थी। भारत ने आतंकवाद और सामान्य संबंधों को साथ-साथ नहीं चलने देने की नीति पर जोर दिया था। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस फैसले का विरोध कर रहा है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कानूनी और कूटनीतिक मतभेद भी बने हुए हैं। फिलहाल पाकिस्तान संधि को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पक्ष रख रहा है, जबकि भारत ने आतंकवाद के मुद्दे को अपने रुख का प्रमुख आधार बताया है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/indus-water-treaty-pakistan-attaullah-tarar-india-water-dispute-articleshow-o8s2dm1"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में रातभर क्यों बरसे बम? 9 महिलाओं-बच्चों की मौत का दावा, 10 PHOTOS]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pakistan-airstrike-afghanistan-helmand-kunar-9-civilians-killed-ttp-border-conflict-photoshow-r84mbq1</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/pakistan-airstrike-afghanistan-helmand-kunar-9-civilians-killed-ttp-border-conflict-photoshow-r84mbq1</guid>
            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 11:56:06 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हेलमंद और कुनार में रातभर एयरस्ट्राइक की। तालिबान ने 9 महिलाओं-बच्चों की मौत और 11 नागरिकों के घायल होने का दावा किया। पाकिस्तान ने 22 चरमपंथियों को मारने की बात कही। आखिर हमले में क्या हुआ? हमले की 10 भयावह PHOTOS देखें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3v1hcrjthstak2zev2a6a6z,imgname-pakistan-airstrike-afghanistan-helmand-kunar-9-civilians-killed-ttp-border-conflict-1790835208978.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हेलमंद और कुनार में रातभर एयरस्ट्राइक की। तालिबान ने 9 महिलाओं-बच्चों की मौत और 11 नागरिकों के घायल होने का दावा किया। पाकिस्तान ने 22 चरमपंथियों को मारने की बात कही। आखिर हमले में क्या हुआ? हमले की 10 भयावह PHOTOS देखें।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर भड़क गया है। रातभर हुए हवाई हमलों में तालिबान ने 9 महिलाओं और बच्चों की मौत का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने 22 चरमपंथियों को मारने की बात कही। हेलमंद और कुनार में आखिर क्या हुआ? क्यों बढ़ रहा है दोनों देशों के बीच टकराव? देखें एयरस्ट्राइक की पूरी कहानी और 10 PHOTOS।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दो प्रांतों में रातभर हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच पहले से जारी सीमा-पार तनाव के बीच हुई इस कार्रवाई ने फिर हालात गरमा दिए हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने दावा किया कि हमलों में 9 महिलाएं और बच्चे मारे गए, जबकि 11 अन्य नागरिक घायल हुए। तीन घर नष्ट होने की भी बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;हमले दक्षिणी हेलमंद और पूर्वी कुनार प्रांत में किए गए। अफगानिस्तान का कहना है कि कुछ आम नागरिकों के घर भी इसकी चपेट में आए।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Nine killed in Pakistani attacks in Afghanistan's Kunar and Helmand provinces last night&amp;nbsp;Maulvi Zabihullah Mujahid, spokesman for the Islamic Emirate, said nine civilians were killed and 11 others wounded in airstrikes by Pakistani forces in parts of Kunar and Helmand&hellip; pic.twitter.com/14xwO2p4GV&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Open Source Intel (@Osint613) October 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के मुताबिक, हमले चरमपंथियों के ठिकानों और कैंपों पर किए गए। शुरुआती रिपोर्ट में 22 चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान का कहना है कि निशाना बनाए गए ठिकानों पर बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मौजूद था, जिन्हें हवाई कार्रवाई में नष्ट कर दिया गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;पाकिस्तान का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से गतिविधियां चलाकर पाकिस्तान में हमले करता है। काबुल इन आरोपों को खारिज करता है और TTP को सुरक्षित पनाह देने से इनकार करता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुताबिक, इस साल सीमा-पार हिंसा से 1,100 से ज्यादा नागरिकों के मारे जाने या घायल होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;एक तरफ नागरिकों की मौत को लेकर अफगानिस्तान का दावा है, दूसरी तरफ पाकिस्तान चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कह रहा है। दोनों पक्षों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अफगान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन और खुला आक्रमण करार देते हुए इसकी तीखे शब्दों में निंदा की है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी रक्षा और सूचना मंत्रालयों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाले उग्रवादियों के खिलाफ उनका यह सैन्य अभियान पूरी तेजी से जारी रहेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Modi Trump Meeting: मोदी-ट्रंप की फोन पर बात के बाद क्यों बढ़ी हलचल? दिसंबर पर सबकी नजर]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/pm-modi-likely-to-visit-us-for-g20-summit-to-meet-donald-trump-in-december-articleshow-hgh6u0z</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 11:22:05 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;PM Modi Donald Trump Meeting: &lt;/strong&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिसंबर में मुलाकात हो सकती है। दोनों नेताओं ने फोन पर बात की, जिसमें मिडिल ईस्ट के तनाव और अमेरिकी टैरिफ जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी G20 समिट में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जा सकते हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Narendra Modi US Visit: &lt;/strong&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया फोन बातचीत के बाद दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, पीएम मोदी दिसंबर में अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वह G20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं और ट्रंप के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सितंबर में हुई थी मोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;30 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों और व्यापार, रक्षा, ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण तकनीकों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दिसंबर में G20 के दौरान मुलाकात की संभावना&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दिसंबर में अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप की आमने-सामने मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले सितंबर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिया था कि G20 के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है। हालांकि, किसी आधिकारिक कार्यक्रम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;व्यापार और टैरिफ पर बनी हुई है चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी जारी है। भारत की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका में अधिकारियों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी टैरिफ से जुड़े मुद्दे भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRICS और मिडिल ईस्ट पर भी बातचीत&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मोदी-ट्रंप बातचीत में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रयासों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। वहीं, सितंबर में नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक व्यापार, बहुपक्षीय व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;फिलहाल दिसंबर में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा और ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात को लेकर अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Flydubai FZ1073: कॉकपिट में चाकू से हमले के बाद कब-क्या हुआ? पूरी Timeline]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-cockpit-fight-timeline-smit-machchhar-hijack-tabuk-articleshow-2sx1sxx</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 08:11:18 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai FZ1073: फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के भीतर हुए खूनी संघर्ष और विमान के तेजी से नीचे गिरने की मिनट-दर-मिनट पूरी कहानी पढ़ें। भारतीय पायलट स्मित मच्छर की बहादुरी और 174 यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग का पूरा ब्यौरा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3tncqfa48prewx1yv990m52,imgname-flydubai-flight-fz1073-cockpit-fight-timeline-smit-machchhar-hijack-tabuk-1790822473194.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Flight&lt;/strong&gt;: सोचिए, हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगे और उसी वक्त कॉकपिट से मदद की आवाजें आने लगें। फ्लाईदुबई की FZ1073 में बुधवार को कुछ ऐसा ही हुआ। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में अचानक दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प की खबर आई। देखते ही देखते विमान की ऊंचाई हजारों फीट घट गई, 7700 का इमरजेंसी कोड आया और फिर 7500 ने हाईजैक की आशंका पैदा कर दी। घायल कैप्टन स्मित मच्छार, यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद विमान आखिर तबुक पहुंचा। आखिर उड़ान भरने से लेकर इमरजेंसी लैंडिंग तक उन खौफनाक मिनटों में कब क्या हुआ, कैसे हालात बदले और विमान सुरक्षित कैसे उतरा? आइए जानते हैं पूरी घटना की मिनट टू मिनट कहानी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;BREAKING: Flydubai FZ1073 landed safely in Tabuk, Saudi Arabia, after a cockpit fight briefly triggered hijack code 7500, prompting Israeli jets to scramble. The Boeing 737 MAX 8 reportedly plunged 17,400 feet during the incident. pic.twitter.com/s1alOX4wYR&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; HINT News (@9415st) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुबह 6:05 बजे: शांति से भरी एक सामान्य उड़ान की शुरुआत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बुधवार की सुबह फ्लाईदुबई की यह फ्लाइट दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के लिए अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई थी। इस विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे और यह करीब तीन घंटे 15 मिनट की एक सामान्य कमर्शियल यात्रा होने वाली थी। शुरुआती दो घंटे तक आसमान में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था। किसी को भी इस बात का जरा सा भी आभास नहीं था कि कुछ ही पलों में यह शांत सफर एक भीषण खौफ में बदलने वाला है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुबह 8:21 बजे: महज दो मिनट में 17,400 फीट नीचे गिरा विमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अचानक फ्लाइट रडार और डेटा ट्रैकिंग ने विमान में एक खतरनाक गिरावट दर्ज की। विमान अपनी तय ऊंचाई से सिर्फ 30 सेकंड के भीतर 14,000 फीट नीचे आ गया और कुल दो मिनट से भी कम समय में यह लगभग 17,400 फीट नीचे धंस गया। शुरुआती खुलासों के अनुसार, को-पायलट की मंशा विमान को क्रैश करने की थी। खून से लथपथ होने के बावजूद, भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान की बाजी लगाकर उस हमलावर का डटकर मुकाबला किया और विमान को पूरी तरह तबाह होने से बचाने के लिए संघर्ष जारी रखा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#FlyDubaiHijackFoiled: The moments when the Omani pilot's attack on the Indian pilot, Smit Machchhar, and his attempt to plunge down the plane by wrecking the instrument panels ...The Indian pilot emerged from the Cockpit asking for help, wounded in his neck...A number of&hellip; pic.twitter.com/dAYGcLDgTm&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; kumaranz (@Sanatanai07) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुबह 8:38 बजे: हाईजैकिंग कोड एक्टिवेट और फाइटर जेट्स की एंट्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विमान के इस तरह अचानक नीचे गिरने और कॉकपिट में मचे हाहाकार के बाद, फ्लाइट ने पहले 'स्क्वॉक 7700' यानी जनरल इमरजेंसी सिग्नल भेजा और उसके तुरंत बाद 'स्क्वॉक 7500' यानी हाईजैकिंग कोड एक्टिवेट कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इजरायली वायुसेना ने तुरंत दो फाइटर जेट्स हवा में रवाना कर दिए। इसी बीच, विमान में सवार कुछ साहसी यात्री और अन्य ऑफ-रोस्टर रिलीफ पायलट कॉकपिट का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और उन्होंने मिलकर हमलावर को दबोच लिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Our Embassy in Riyadh and Consulate in Jeddah have been following the health condition of Mr Smit Machchhar, the brave Indian pilot of Flydubai flight that was diverted to Tabuk today. He is admitted in a hospital in Tabuk city in northwest Saudi Arabia and receiving necessary&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; India in Saudi Arabia (@IndianEmbRiyadh) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;सुबह 9:45 बजे: सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फाइटर जेट्स की कड़ी निगरानी और रिलीफ पायलटों की सूझबूझ के चलते विमान को अंततः सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। विमान के जमीन पर आते ही सभी ने राहत की सांस ली। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में है। जहाँ फ्लाईदुबई इसे पायलटों के बीच आपसी कहासुनी बता रही है, वहीं इजरायली खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इसे एक सोची-समझी आतंकी साजिश के रूप में देख रही हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Passengers on Flydubai Flight FZ1073 from Dubai to Tel Aviv landed safely at Ben Gurion Airport following an emergency diversion to Tabuk, Saudi Arabia.The flight originally carried approximately 174 passengers, most of whom were Israeli, including 27 children. During the&hellip; pic.twitter.com/1bgCjqOMTh&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; MP (@Mp220Mp) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;174 यात्रियों की जान बची, लेकिन कई सवाल बाकी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार और यात्रियों की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मच्छार के प्रतिरोध और यात्रियों-क्रू की कार्रवाई से बड़ी त्रासदी टली। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना के पीछे वास्तविक वजह और कथित हमले की मंशा पर अभी जांच जारी है। फ्लाईदुबई ने भी औपचारिक जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालने से बचने की अपील की है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Smit Machchhar: कौन हैं Flydubai के भारतीय पायलट? मुंबई, परिवार और 9,750 घंटे की पूरी कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/who-is-flydubai-pilot-smit-machchhar-mumbai-ghatkopar-family-career-story-articleshow-352klt4</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 07:42:57 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai Pilot Smit Machchhar: फ्लाईदुबई के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर कौन हैं? मुंबई के घाटकोपर से ताल्लुक रखने वाले मच्छर ने कॉकपिट में चाकू लगने के बाद भी मुकाबला किया। जानें उनका पायलट करियर, 9,750 घंटे का उड़ान अनुभव, परिवार और भाई से जुड़ी खास बातें।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3tkqgs7b5dvke7n0s6xmc48,imgname-who-is-flydubai-pilot-smit-machchhar-mumbai-ghatkopar-family-career-story-1790820729639.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Captain Smit Machchhar: &lt;/strong&gt;दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। आसमान में जब को-पायलट ने विमान के सिस्टम को तबाह करने की खतरनाक कोशिश की, तब भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान की बाजी लगाकर 174 से अधिक यात्रियों की जिंदगी बचा ली। चाकू के कई वार से लहूलुहान होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह से खूंखार सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया, आज हर तरफ उनकी बहादुरी के चर्चे हो रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से ही हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह जांबाज पायलट कौन हैं और उनका परिवार कहां से ताल्लुक रखता है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं कैप्टन स्मित मच्छर?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर का ताल्लुक देश के एक प्रतिष्ठित परिवार से है। हालांकि एयरलाइन और आधिकारिक रिकॉर्ड्स में उनके निजी जीवन को ज्यादा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एविएशन जगत में उनका नाम अब बहुत सम्मान के साथ लिया जा रहा है। कैप्टन स्मित मच्छर गुजराती मूल के भारतीय पायलट हैं और उनका मुंबई के घाटकोपर से भी संबंध बताया गया है। उनके परिवार में माता-पिता और भाई हैं। खास बात यह है कि उनके भाई भी हाल ही में इसी एयरलाइन यानी फ्लाईदुबई से जुड़े हैं, जो यह दिखाता है कि इस परिवार का विमानन क्षेत्र से गहरा नाता रहा है। उनकी इस अदम्य दिलेरी के बाद भारत में उनके पैतृक आवास और परिवार के पास जश्न और गर्व का माहौल है, हालांकि परिजन उनकी सेहत को लेकर चिंतित भी हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Visuals from the residence of Captain Smit Machchhar, a Dubai-based Indian pilot who was reportedly stabbed mid-flight aboard flydubai flight FZ1073, amid an altercation between the two pilots in the cockpit, while the other one allegedly attempted&hellip; pic.twitter.com/mKgv7J3HUG&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; ANI (@ANI) October 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;स्पाइसजेट से लेकर फ्लाईदुबई तक का शानदार सफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कैप्टन स्मित मच्छर का कमर्शियल एविएशन में लंबा और बेदाग अनुभव रहा है। लिंक्डइन प्रोफाइल और एविएशन सूत्रों के मुताबिक, उनके पास बोइंग 737 बेड़े को उड़ाने का 13 साल से अधिक का तजुर्बा है। वह पिछले चार वर्षों से अमीराती सरकार के स्वामित्व वाली कम लागत वाली एयरलाइन फ्लाईदुबई के साथ बतौर डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन जुड़े हुए थे। फ्लाईदुबई ज्वाइन करने से पहले उन्होंने भारत की प्रमुख एयरलाइन स्पाइसजेट में लगभग 10 से 11 साल तक अपनी सेवाएं दी थीं। स्पाइसजेट में रहते हुए उन्होंने लाइन ट्रेनिंग कैप्टन और सीनियर कमांडर जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाईं। उनके पास कुल 9,750 से अधिक घंटे की उड़ान का रिकॉर्ड है, जो उनकी पेशेवर काबिलियत को साफ बयां करता है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&amp;gt; Smit Machchhar , THE HINDU - Bro is Indian origin flydubai captain- He was stabbed by his Omani co-pilot mid-air (Dubai to Tel Aviv).- With passengers&rsquo; help, he contained the attacker, regained control after a rapid descent, and safely landed in Saudi Arabia&rsquo;s Tabuk-&hellip; pic.twitter.com/NtNmJhfum3&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Purohit Says (@yashpurohitt) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;रियाद में इलाज जारी, दूतावास रख रहा है नजर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस जानलेवा हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया था। खून से लथपथ कैप्टन मच्छर को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। रियाद में स्थित भारतीय दूतावास लगातार उनकी सेहत पर पैनी नजर रखे हुए है और फ्लाईदुबई के अधिकारी उनके परिवार के संपर्क में हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत तमाम वैश्विक नेताओं ने भी उनकी इस बहादुरी को सलाम किया है। यात्रियों ने भी अस्पताल के बिस्तर पर उनकी तारीफ करते हुए कहा कि आज उन्हीं की वजह से सबकी सांसे सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Captain Smit Machchhar is a HERO.In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others.&amp;nbsp;His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy.India is proud of&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Smit Machchhar की बहादुरी की हो रही तारीफ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छर की बहादुरी की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छर ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खुलने दिया और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला। नेतन्याहू ने उन्हें &ldquo;सच्चा हीरो&rdquo; बताते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की। फिलहाल घटना की जांच जारी है और हमले की पूरी वजह स्पष्ट नहीं हुई है। फ्लाईदुबई ने भी जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है। प्रधाानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छर की तारीफ की है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[Flydubai Pilot VIDEO: भारतीय पायलट की दिलेरी पर विदेशी हुए फिदा, नेतन्याहू ने दी शानदार सलामी!]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-pilot-smitt-machhar-netanyahu-praise-180-passengers-cockpit-attack-photo-video-photoshow-f6ycg8o</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 07:15:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai Pilot Smitt Machhar: कॉकपिट में चाकू से हमला, गंभीर चोट के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी को सलाम किया। PHOTO-VIDEO में देखें कैसे 180 यात्रियों की जान बची और आखिर कॉकपिट में क्या हुआ?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3thjzyde3vzwn1s2ndnnx26,imgname-flydubai-pilot-smitt-machhar-netanyahu-praise-180-passengers-cockpit-attack-photo-video-000-1790818484173.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai Pilot Smitt Machhar: कॉकपिट में चाकू से हमला, गंभीर चोट के बावजूद भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी। नेतन्याहू ने उनकी बहादुरी को सलाम किया। PHOTO-VIDEO में देखें कैसे 180 यात्रियों की जान बची और आखिर कॉकपिट में क्या हुआ?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को जो कुछ हुआ, उसने विमान में बैठे यात्रियों को ही नहीं, पूरी दुनिया को झकझोर दिया। उड़ान के दौरान कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने हमला किया। मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। उनके इस कदम की इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलकर तारीफ की है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;My salute to the Indian pilot Captain Smit Machchhar for his extraordinary bravery.Despite being stabbed and seriously injured, he fought back, resisted, opened the cockpit door, and enabled passengers and crew to overpower the attacker &mdash; preventing a catastrophic mid-air&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे आया। करीब 30 सेकंड में विमान की ऊंचाई लगभग 14,000 फीट तक घट गई। इसी दौरान मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इससे यात्रियों और क्रू के दूसरे सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को रोकने का मौका मिला।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मच्छार को कई चोटें आईं और बाद में उन्हें सऊदी अरब के तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई गई और उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता मिल रही थी। विमान में मौजूद अन्य यात्रियों और क्रू की मदद से हमलावर को काबू किया गया। इसके बाद विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग तबुक में हुई।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन स्मित मच्छार की &ldquo;असाधारण बहादुरी&rdquo; को सलाम किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की। नेतन्याहू ने उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की और उन्हें &ldquo;सच्चा हीरो&rdquo; बताया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;NEW VIDEO: Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu meets Yaniv, the passenger credited with helping stop an apparent attack aboard an Israel-bound Flydubai flight.Yaniv rushed toward the cockpit as chaos unfolded, helping subdue the attacker before off-duty crew members took&hellip; pic.twitter.com/czWPyaOF4s&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Fox News (@FoxNews) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;यहां एक अहम तथ्य सामने आया है। अभी उपलब्ध रिपोर्टों में नेतन्याहू और अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार की व्यक्तिगत मुलाकात की पुष्टि नहीं है। नेतन्याहू ने तेल अवीव लौटे फ्लाइट के यात्रियों से मुलाकात की और इस दौरान घटना में शामिल लोगों की बहादुरी की चर्चा की। मच्छार उस समय सऊदी अरब के तबुक में इलाज करा रहे थे।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Israeli hero aboard nearly-hijacked FlyDubai flight FZ 1073: Yaniv HayounHayoun has no background in security. But when he realized there was an attempted hijacking, he knew he had to do something.He ran to the cockpit and physically fought with the co-pilot, who had stabbed&hellip; pic.twitter.com/HHHnKPXETx&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Israel War Room (@IsraelWarRoom) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने फ्लाईदुबई की घटना को लेकर नेतन्याहू से बातचीत की। ट्रंप ने इस दौरान भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। इस तरह घटना के बाद मच्छार की हिम्मत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;गुजरात से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन स्मित मच्छार का एविएशन सेक्टर में शानदार और लंबा करियर रहा है। वह पिछले चार सालों से फ्लाईदुबई के साथ बतौर डायरेक्ट-एंट्री कैप्टन जुड़े हुए थे। इससे पहले उन्होंने भारत में स्पाइसजेट एयरलाइन के साथ लगभग 11 साल तक अपनी सेवाएं दी थीं। उनके पास बोइंग 737 बेड़े को उड़ाने का 13 साल से अधिक का लंबा अनुभव और 9,750 से ज्यादा घंटे की उड़ान का रिकॉर्ड है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित मच्छार की हर तरफ चर्चा हो रही है। भारत सरकार और दूतावास लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं तथा उनके परिवार के संपर्क में हैं। खून से लथपथ होने के बावजूद यात्रियों की ढाल बनने वाले इस भारतीय पायलट ने पूरी दुनिया में देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Together with &amp;amp;&amp;amp; nations I pray for the life of Captain Smit Machchhar, the experienced and gifted hero Indian pilot of flydubai flight FZ1073.His courage &amp;amp; the courage of other Israeli &amp;amp; Emirati passengers &amp;amp; crew members saved the lives of 180 souls.&amp;nbsp; United&hellip;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash;  Reuven Azar (@ReuvenAzar) September 30, 2026&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Top 10 News: कॉकपिट में पायलट पर चाकू से हमला, मोदी-ट्रंप से Apple Pay तक 10 बड़ी खबरें]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-news-october-1-2026-flydubai-pilot-modi-trump-us-iraq-india-space-asian-games-apple-pay-articleshow-5vnum71</link>
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            <pubDate>Thu, 01 Oct 2026 06:31:47 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 News 01 October 2026: क्या आसमान में रची गई थी कोई खौफनाक साजिश या फिर एक खून से लथपथ पायलट ने बचाई सबकी जान? देखिए मध्य पूर्व के सुलगते मैदानों से लेकर खेल के रिकॉर्ड्स तक, आज की 10 सबसे बड़ी और चौंका देने वाली खबरें!&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3tfph6am1m59zajaanjg8fb,imgname-top-10-news-october-1-2026-flydubai-pilot-modi-trump-us-iraq-india-space-asian-games-apple-pay-1790816502986.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Top 10 Morning News: &lt;/strong&gt;1 अक्टूबर 2026, गुरूवार की सुबह देश-दुनिया में कई बड़े घटनाक्रम सुर्खियों में हैं। फ्लाईदुबई के कॉकपिट में पायलट पर हमला, मोदी-ट्रंप की बातचीत, इराक से अमेरिकी सेना की वापसी, भारत की अंतरिक्ष उपलब्धि और एशियाई खेलों में गोल्ड की बारिश ने ध्यान खींचा है। लेकिन इन 10 खबरों में सबसे बड़ा सरप्राइज क्या है?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. Flydubai Flight: चाकू लगने के बाद भी पायलट ने बचाई सैकड़ों जानें?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला हुआ। कई बार चाकू लगने के बावजूद उन्होंने विमान को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इजरायल के प्रधानमंत्री समेत कई लोगों ने उनकी बहादुरी की सराहना की।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Israeli hero aboard nearly-hijacked FlyDubai flight FZ 1073: Yaniv HayounHayoun has no background in security. But when he realized there was an attempted hijacking, he knew he had to do something.He ran to the cockpit and physically fought with the co-pilot, who had stabbed&hellip; pic.twitter.com/HHHnKPXETx&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Israel War Room (@IsraelWarRoom) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. Modi-Trump Call: मोदी-ट्रंप की बातचीत में आखिर किस मुद्दे पर बनी बात?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अहम फोन पर बातचीत हुई। रक्षा, तकनीक और व्यापार सहयोग के साथ रूस-ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के संभावित आर्थिक असर और सप्लाई चेन पर भी चर्चा हुई।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. US-Iraq: 20 साल बाद इराक से अमेरिकी सेना की पूरी विदाई!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी सेना ने इराक से अपनी वापसी पूरी कर ली है। दो दशक से ज्यादा लंबे सैन्य अभियान के बाद एंटी-ISIS मिशन का यह चरण समाप्त हुआ। अब सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय इराकी सैन्य कमान के पास है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. Space Technology: अंतरिक्ष में ही डेटा प्रोसेस करेगा भारत का नया सैटेलाइट?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत ने कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से अपना पहला ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सैटेलाइट लॉन्च किया। इसकी खासियत यह है कि रॉ स्पेस डेटा को धरती पर भेजने के बजाय अंतरिक्ष में ही प्रोसेस किया जा सकेगा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. Iran-UAE Tension: नेतन्याहू की UAE यात्रा के बाद ईरान ने क्यों दी चेतावनी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की UAE यात्रा के बाद ईरान ने अमीरात को कड़ी चेतावनी दी है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सऊदी अरब ने अपनी धरती पर इजरायल-UAE की किसी समानांतर बातचीत की खबरों का खंडन किया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. Asian Games 2026: भारत के 60 मेडल पूरे, तीरंदाजों ने रचा इतिहास!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;गिफू एशियाई खेलों में भारत ने 60 पदकों का आंकड़ा पार कर लिया है। महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड जीता। मिक्स्ड कंपाउंड टीम ने भी स्वर्ण हासिल किया और ओलंपिक कोटा पक्का किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. Windfall Tax: डीजल और ATF पर टैक्स घटा, पेट्रोल पर क्यों नहीं?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स घटा दिया है। वहीं पेट्रोल निर्यात पर टैक्स दर में बदलाव नहीं किया गया। आखिर सरकार ने यह अलग-अलग फैसला क्यों लिया?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. Shubman Gill: 406 रन का लक्ष्य और गिल का तूफान, क्या बना रिकॉर्ड?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;शुभमन गिल ने 133 गेंदों में नाबाद 223 रन की पारी खेलकर वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के विशाल रन-चेज में अहम भूमिका निभाई। 406 रन के लक्ष्य को हासिल कर भारत ने वनडे इतिहास के सबसे बड़े सफल रन-चेज में दूसरा स्थान हासिल किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;. .  Shubman Gill becomes just the 2️⃣nd Indian to score multiple ODI double hundreds Updates ▶️ https://t.co/6XCYRtZLAi#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ | @ShubmanGill pic.twitter.com/e6MCoUfNbV&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; BCCI (@BCCI) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. Wicknell Chivayo: अरबपति की मौत से मचा हड़कंप, हादसे में 6 की जान गई!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जिम्बाब्वे के अरबपति विकनेल चिवयो, उनकी पत्नी और चार अन्य लोगों की हादसे में मौत हो गई। राष्ट्रपति एमरसन मनांगाग्वा के करीबी माने जाने वाले चिवयो की मौत के बाद दुर्घटना की वजह जानने के लिए फोरेंसिक जांच शुरू की गई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Billionaire Wicknell Chivayo flaunting his helicopter sometime back. It is reported that he has died via helicopter crash together with his wife and 6 others. pic.twitter.com/9QEcwq5CoJ&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Tilingi  (@ArapTilingi) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. Apple Pay India: Axis Bank के साथ भारत आया Apple Pay, क्या बदलेगा गेम?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Apple ने भारत में Apple Pay लॉन्च करने के लिए Axis Bank को शुरुआती प्रमुख साझेदार बनाया है। भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पेमेंट बाजार में इस एंट्री से स्थानीय फिनटेक और पेमेंट प्लेटफॉर्म के सामने नई प्रतिस्पर्धा खड़ी हो सकती है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
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            <title><![CDATA[पायलटों के बीच चलती रही चाकूबाजी, हवा में गोते खाता रहा विमान; यात्रियों ने सुनाई खौफनाक कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-pilot-knife-attack-20-thousand-feet-emergency-landing-saudi-tabuk-174-passengers-articleshow-5dibqd7</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 19:02:25 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;फ्लाईदुबई की इजराइल जा रही फ्लाइट में को-पायलट ने पायलट पर चाकू से हमला किया। विमान तेजी से नीचे आया और यात्रियों की मदद से आरोपी को काबू किया गया।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3s87yatga17zennbpv6pm3r,imgname-flydubai-incident-1790775130458.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Flight Incident:&lt;/strong&gt; इजराइल जा रहे एक विमान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक को-पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। इस भयावह घटना के बाद विमान कुछ ही मिनटों में 34 हजार फीट की ऊंचाई से लहराता हुआ 20 हजार फीट पर आ गया। शुरुआत में यात्रियों को विमान के हाईजैक होने की आशंका लगी, लेकिन बाद में पता चला कि विमान को क्रैश कराने की कोशिश की गई थी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने बेहद हिम्मत दिखाई। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर घायल पायलट को बचाया और आरोपी को-पायलट को काबू करने में मदद की। यात्रियों की इसी कार्रवाई से हालात को संभालने में मदद मिली। विमान में 27 बच्चों समेत कुल 174 यात्री सवार थे। फ्लाईदुबई का यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान से बाहर आए यात्रियों ने बताया कि कुछ मिनटों के लिए उन्हें लगा कि विमान क्रैश होने वाला है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉकपिट से सुनाई दीं चीखें, फिर दिखा खून&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इजरायली मीडिया आउटलेट YTnews की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार मिरियम नाम की एक यात्री ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कॉकपिट का दरवाजा खुलने से पहले यात्रियों को सिर्फ चीखों की आवाज सुनाई दे रही थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मिरियम के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने कॉकपिट के अंदर काफी खून देखा। किसी ने एक पायलट पर चाकू से हमला किया था और वह पायलट खून से लथपथ था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने बताया कि जब कॉकपिट से चीखने की आवाजें आ रही थीं, तब ऐसा महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उस समय उन्हें लगा कि कुछ ही पल में विमान क्रैश हो सकता है और शायद कोई जिंदा नहीं बचेगा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अचानक कॉकपिट का दरवाजा खुला और अंदर से खून बाहर आता दिखाई दिया। इसके बाद खून से लथपथ एक पायलट बाहर आया। विमान में मौजूद एक डॉक्टर और एक नर्स ने तुरंत उसे फर्स्ट एड देना शुरू कर दिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;यात्रियों ने आरोपी को-पायलट को काबू किया&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;मिरियम ने बताया कि इसके बाद कुछ इजरायली यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने आरोपी को-पायलट को काबू करने में मदद की। सऊदी अरब के तबुक में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग से पहले ही हालात पर काबू पा लिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, यात्रियों के लिए यह बेहद डरावना अनुभव था। मिरियम के मुताबिक, कुछ समय के लिए ऐसा लग रहा था कि शायद वे जिंदा नहीं बच पाएंगे।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें : &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;दुबई-तेल अवीव फ्लाइट ने अचानक क्यों बदला रूट, तेजी से नीचे आया विमान; वजह जान घूम जाएगा माथा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;यात्री ने बताया कैसे कॉकपिट में घुसे लोग&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कुछ यात्रियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट में जाकर घायल पायलट को आरोपी को-पायलट से बचाने में मदद की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;एक बीमा कंपनी के CEO ज़्विका मानेस भी उन यात्रियों में शामिल थे, जिन्होंने आरोपी को काबू करने में मदद की। मानेस ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी कॉकपिट के पास खड़ी थीं, क्योंकि उनकी बेटी उस समय बाथरूम में थी। तभी उनकी पत्नी ने कॉकपिट से चीखने की आवाज सुनी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मानेस के मुताबिक, उन्होंने फिजी के एक राहत पायलट को आवाज देकर कहा कि जल्दी अंदर आकर देखें कि क्या हो रहा है। इसके बाद उन्होंने और दो अन्य लोगों ने कॉकपिट में प्रवेश किया और आरोपी को काबू कर लिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मानेस ने बताया कि वह खुद भी खून से लथपथ हो गए थे और उनके लिए यह पूरा अनुभव बेहद भयावह था।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;हवा में यात्री ने बनाया वीडियो&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विमान हवा में ही था, तभी एक यात्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर इस घटना के बारे में बताया। यात्री ने कहा कि वे दुबई से उड़ान भर रहे थे और अब स्थिति उनके नियंत्रण में है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उस यात्री के मुताबिक, एक हमलावर ने चाकू से एक पायलट पर हमला किया था। इसके बाद कुछ यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी को कॉकपिट से बाहर खींच लिया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;यात्री ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में है और विमान सऊदी अरब में उतरने वाला है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की कोशिश का संदेह&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इजराइली अधिकारियों ने बताया कि कॉकपिट में हुई झड़प के दौरान ओमान के नागरिक को-पायलट पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का संदेह है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बताया गया कि चाकूबाजी के दौरान उसने दूसरे पायलट पर हमला किया और उसे घायल कर दिया। इसके बाद उसने खुद को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दूसरे पायलट के बारे में अधिकारियों ने बताया कि वह अमीराती नागरिक है। उसने विमान में मौजूद इजराइली यात्रियों की मदद से ओमानी को-पायलट को काबू किया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान में सवार यात्रियों ने लैंडिंग के बाद अपनी आपबीती बताई और कहा कि घटना के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए विमान के क्रैश होने का डर सताने लगा था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पूरे मामले में यात्रियों की भूमिका भी सामने आई है। घायल पायलट को तत्काल मदद देने से लेकर आरोपी को-पायलट को काबू करने तक, कई यात्रियों ने स्थिति को संभालने में मदद की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मामले की जांच जारी है और कॉकपिट में हुई हिंसा के पीछे की पूरी वजह तथा विमान को नीचे लाने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-pilot-knife-attack-20-thousand-feet-emergency-landing-saudi-tabuk-174-passengers-articleshow-5dibqd7"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[12 साल बाद अमेरिका ने इराक से समेटा बोरिया-बिस्तर, अब ISIS के खिलाफ कौन संभालेगा मोर्चा?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/us-ends-operation-inherent-resolve-in-iraq-after-12-years-shifts-to-bilateral-security-partnership-articleshow-3rvabpq</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 16:46:58 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;US Ends Operation Inherent Resolve in Iraq&lt;/strong&gt;: अमेरिका ने इराक में 12 साल से चल रहे Operation Inherent Resolve को औपचारिक रूप से खत्म कर दिया है। एरबिल से गठबंधन बलों की वापसी पूरी हुई, अब इराकी सेना संभालेगी सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3s0fxce6hra84b2q0qs1ak2,imgname-us-ends-operation-inherent-resolve-in-iraq-after-12-years-shifts-to-bilateral-security-partnership-1790767003022.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;इराक में अमेरिका के एक लंबे सैन्य अध्याय का औपचारिक अंत हो गया है। Operation Inherent Resolve के तहत ISIS के खिलाफ चल रहा अमेरिकी नेतृत्व वाला सैन्य मिशन अब समाप्त कर दिया गया है। पेंटागन के मुताबिक गठबंधन सेना और सैन्य उपकरणों की एरबिल एयर बेस से वापसी पूरी हो चुकी है। यह अभियान 2014 में ISIS के उभार के बाद शुरू हुआ था।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2014 में ISIS के खिलाफ शुरू हुआ था मिशन&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ISIS ने 2014 में इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने Operation Inherent Resolve शुरू किया। मिशन के दौरान इराकी सुरक्षा बलों को हवाई सहायता, प्रशिक्षण, खुफिया सहयोग और ऑपरेशनल मदद दी गई। समय के साथ ISIS ने इराक में अपना संगठित क्षेत्रीय नियंत्रण खो दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;Punjab Election 2027: BJP ने खोल दिया अपना सबसे बड़ा पत्ता, अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;एरबिल से पूरी हुई आखिरी बड़ी वापसी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पेंटागन के अनुसार गठबंधन बलों और उनके उपकरणों की Erbil Air Base से व्यवस्थित वापसी मिशन के औपचारिक समापन का अहम हिस्सा रही। अमेरिकी सेना की मौजूदगी को धीरे-धीरे कम करने की प्रक्रिया 2024 में अमेरिका और इराक के बीच बनी संक्रमण योजना के तहत आगे बढ़ी थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अब इराकी सेना की बढ़ेगी जिम्मेदारी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मिशन खत्म होने के बाद इराक की सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी अब Iraqi Security Forces और Kurdish Peshmerga पर होगी। हालांकि अमेरिका का सुरक्षा सहयोग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच संबंध अब सीधे सैन्य अभियान के बजाय द्विपक्षीय सुरक्षा साझेदारी, प्रशिक्षण और सीमित खुफिया सहयोग की दिशा में आगे बढ़ेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ISIS खत्म नहीं, बदला है खतरा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Operation Inherent Resolve का अंत यह नहीं बताता कि ISIS पूरी तरह समाप्त हो गया है। अमेरिकी आकलनों में संगठन को अब इराक में पहले जैसी संगठित सैन्य ताकत नहीं माना जाता, लेकिन उसके बचे नेटवर्क से खतरा बना हुआ है। अमेरिका आगे भी इराकी साझेदारों के साथ आतंकवाद विरोधी सहयोग जारी रखने की बात कह रहा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका-इराक रिश्तों का नया अध्याय&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बदलाव का सबसे बड़ा मतलब अमेरिकी सैन्य अभियान से दीर्घकालिक द्विपक्षीय सुरक्षा संबंध की ओर बढ़ना है। 2024 की योजना में भी गठबंधन मिशन को समाप्त कर अमेरिका-इराक सुरक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात थी। अब इराक को अपनी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में ज्यादा प्रत्यक्ष भूमिका निभानी होगी, जबकि अमेरिका की भूमिका सीमित सहयोग तक केंद्रित रहेगी।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;'नौकरी छोड़ो, ई-रिक्शा चलाओ...?' बृजेश पाठक के वायरल वीडियो की क्या है असली कहानी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/us-ends-operation-inherent-resolve-in-iraq-after-12-years-shifts-to-bilateral-security-partnership-articleshow-3rvabpq"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Trump Car Policy: अमेरिका में सस्ती होंगी कारें, लेकिन पेट्रोल का खर्च बढ़ेगा? जानें ट्रंप सरकार का नया प्लान]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/auto/trump-administration-eases-fuel-rules-making-us-cars-cheaper-but-raising-gas-costs-articleshow-md6egcw</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 15:19:24 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Trump Administration: &lt;/strong&gt;अमेरिका में ट्रंप सरकार गाड़ियों के माइलेज नियमों में बड़ी छूट देने जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे नई कारों की कीमत करीब 1.25 लाख रुपये तक कम हो जाएगी। हालांकि, पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे प्रदूषण और पेट्रोल का खर्च दोनों बढ़ेंगे।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01j93dkwrz5mpw5hhfwn6tsgyc,imgname-lady-driver-1.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Car Mileage Rules: &lt;/strong&gt;ट्रंप सरकार अमेरिका के कार बाजार में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। अमेरिकी परिवहन विभाग ने 28 सितंबर को गाड़ियों के माइलेज (फ्यूल एफिशिएंसी) नियमों में ढील देने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से नई कारों के दाम घटेंगे और एक गाड़ी पर औसतन 1,300 डॉलर (करीब 1.25 लाख रुपये) की बचत होगी। सरकार का मानना है कि 'आजादी का मतलब सस्ती कारें हैं'। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें पहले से ही काफी ज्यादा हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;माइलेज के नियमों में बड़ा बदलाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कार कंपनियों के लिए माइलेज के नियमों में यह सबसे बड़ा बदलाव है। बाइडेन सरकार के पुराने नियमों के मुताबिक, 2031 तक गाड़ियों का औसत माइलेज 50 मील प्रति गैलन से ज्यादा होना जरूरी था। लेकिन नए प्रस्ताव के बाद यह घटकर 35 मील प्रति गैलन से नीचे आ सकता है। अगर इसे भारतीय हिसाब से समझें, तो यह नियम 21 किलोमीटर प्रति लीटर से घटाकर करीब 15 किलोमीटर प्रति लीटर करने जैसा है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या सच में 1.25 लाख रुपये सस्ती होंगी कारें?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप सरकार का कहना है कि नियमों में ढील देने से कार कंपनियों का खर्च कम होगा और इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक, लंबे समय में एक नई कार की कीमत औसतन 1,300 डॉलर तक कम हो जाएगी। अमेरिकी परिवहन विभाग का दावा है कि अगले पांच सालों में अमेरिकी ग्राहकों के करीब 138 अरब डॉलर बचेंगे। यह आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब पिछले महीने अमेरिका में नई गाड़ी की औसत कीमत करीब 50,000 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;महंगी कारों की जगह चुनने की ज्यादा आजादी?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप सरकार की दलील है कि पुराने नियमों की वजह से कार कंपनियों पर महंगी तकनीक और इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) बनाने का भारी दबाव था। अधिकारियों का कहना है कि नए बदलावों से ग्राहकों को अपनी पसंद की गाड़ी चुनने की ज्यादा आजादी मिलेगी। अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने इस कदम को 'गैर-जरूरी शर्तों' को खत्म करने वाला बताया है। सरकार को उम्मीद है कि कारें सस्ती होने से अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री और वहां काम करने वाले मजदूरों के लिए निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पेट्रोल का खर्च और प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;दूसरी तरफ, पर्यावरण संगठनों ने इस नए फैसले का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि कार खरीदते वक्त जो चंद सौ डॉलर की बचत होगी, वह बाद में महंगे पेट्रोल के खर्च में डूब जाएगी। आलोचकों का कहना है कि कम माइलेज वाली गाड़ियां ज्यादा पेट्रोल पीएंगी, जिससे प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन बढ़ने का खतरा है। कुल मिलाकर, ग्राहकों को असल में कितना फायदा होगा, यह कार कंपनियों की कीमतों और भविष्य में पेट्रोल के रेट पर ही निर्भर करेगा।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[US Midterm Elections 2026: ट्रंप को घेरने के लिए ईरान की सीधी एंट्री! अमेरिकी वोटरों के नाम जारी किया 25 पेज का पत्र]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/iran-irgc-open-letter-us-voters-trump-hormuz-articleshow-0716zo0</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/iran-irgc-open-letter-us-voters-trump-hormuz-articleshow-0716zo0</guid>
            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 11:26:07 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[US मिडटर्म्स से करीब 5 सप्ताह पहले IRGC ने 25-पेज के पत्र में Donald Trump की नीतियों को ठुकराने, Israel समर्थन व विदेशी युद्धों का विरोध करने को कहा और &lsquo;शांतिपूर्ण सहअस्तित्व&rsquo; की पेशकश की। परमाणु विवाद, UNGA में ट्रंप की &lsquo;नष्ट कर सकता हूं&rsquo; टिप्पणी और हॉर्मुज़ नाकाबंदी पर ईरान की शर्तें भी रखीं।]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2vkktfjt2m5evwnw3444etj,imgname-mixcollage-19-sep-2026-06-43-am-2587-1789780421106.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;UN General Assembly: &lt;/strong&gt;अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से करीब पांच सप्ताह पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी मतदाताओं को सीधे संबोधित करते हुए 25 पन्नों का खुला पत्र जारी किया है। पत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को खारिज करने की अपील की गई है। IRGC ने अमेरिका से इजरायल के समर्थन और विदेशी युद्धों में उसकी भूमिका पर पुनर्विचार करने को कहा है। साथ ही दावा किया गया है कि अमेरिकी नीति में बदलाव होने पर ईरान और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिकी जनता और सरकार के बीच फर्क&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;IRGC ने अपने संदेश में अमेरिकी जनता और अमेरिकी सरकार को अलग-अलग बताया। संगठन के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने कहा कि अमेरिकी नागरिक कई घटनाक्रमों की पूरी जानकारी नहीं रखते और अगर उन्हें अधिक जानकारी मिले तो वे अलग फैसले ले सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि इस पत्र से मौजूदा अमेरिकी प्रशासन का रुख बदलने की उम्मीद नहीं है, लेकिन इसका उद्देश्य सीधे अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;ट्रंप पर लगाए गंभीर आरोप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पत्र में IRGC ने ट्रंप पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। संगठन का दावा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और अमेरिका तथा इजरायल द्वारा किए गए सैन्य अभियान अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सके। हालांकि ये दावे IRGC के हैं और पत्र में इन्हें ईरान के दृष्टिकोण के रूप में पेश किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;मोहेबी ने ट्रंप की ईरान नीति की भी आलोचना की और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सैनिकों की जिम्मेदारी उनके नेतृत्व में होने पर सवाल उठाए। IRGC ने अपने पत्र में अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में जरूरी बताया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;हॉर्मुज को लेकर अमेरिका-ईरान में तनाव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;खुले पत्र में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी अमेरिकी दावों को चुनौती दी गई। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ईरान का कहना है कि उसके पास इस क्षेत्र में अभी भी महत्वपूर्ण नियंत्रण और दबाव बनाने की क्षमता है, जबकि अमेरिका की ओर से जलमार्ग और तेल आपूर्ति को लेकर अलग स्थिति रखी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सात दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिशें भी जारी हैं। कतर दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचाने में भूमिका निभा रहा है। ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और व्यापक बातचीत शुरू करने से जुड़ा सात दिन का प्रस्ताव रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, ईरानी तेल निर्यात पर राहत और युद्धविराम जैसी शर्तें शामिल हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;हॉर्मुज को लेकर तनाव और अमेरिकी मिडटर्म चुनावों की नजदीकी ने ईरान-अमेरिका विवाद को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे समय में IRGC का अमेरिकी मतदाताओं को सीधे संबोधित करना दोनों देशों के बीच जारी राजनीतिक और कूटनीतिक टकराव का एक नया पहलू सामने रखता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/iran-irgc-open-letter-us-voters-trump-hormuz-articleshow-0716zo0"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Gwadar Port: चीन के लिए गले की फांस क्यों बन गया पाकिस्तान का ग्वादर? जानें पूरी कहानी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/china-gwadar-port-cpec-pakistan-malacca-strait-project-security-economic-crisis-photoshow-0vbgd1p</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/china-gwadar-port-cpec-pakistan-malacca-strait-project-security-economic-crisis-photoshow-0vbgd1p</guid>
            <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 15:00:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान का Gwadar Port चीन के CPEC का अहम हिस्सा है, लेकिन सुरक्षा संकट, कमजोर कारोबार, स्थानीय विरोध और बढ़ती लागत चीन के लिए चुनौती बन रहे हैं। जानिए क्यों ग्वादर चीन के लिए चुनौती बन रहा है। आखिर बीजिंग की रणनीति पर क्यों सवाल उठ रहे हैं?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3p7htc3f3d4693h9m27pbx0,imgname-china-gwadar-port-cpec-pakistan-malacca-strait-project-security-economic-crisis-4-1790673742211.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान का Gwadar Port चीन के CPEC का अहम हिस्सा है, लेकिन सुरक्षा संकट, कमजोर कारोबार, स्थानीय विरोध और बढ़ती लागत चीन के लिए चुनौती बन रहे हैं। जानिए क्यों ग्वादर चीन के लिए चुनौती बन रहा है। आखिर बीजिंग की रणनीति पर क्यों सवाल उठ रहे हैं?&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Gwadar Port Crisis: &lt;/strong&gt;चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को अरब सागर तक पहुंचने और मलक्का जलडमरूमध्य के विकल्प के तौर पर बेहद उम्मीदों के साथ विकसित किया था। इसे चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का सबसे अहम हिस्सा माना गया था। लेकिन एक दशक से अधिक का समय बीत जाने के बाद, यह प्रोजेक्ट बीजिंग के लिए फायदे की जगह एक भारी आर्थिक और रणनीतिक बोझ बन चुका है। ज़बरदस्त विद्रोह, कमर्शियल गतिविधियों की कमी और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों ने चीन की नींद उड़ा दी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;चीन का मूल प्लान अपने शिनजियांग प्रांत को ग्वादर से जोड़ने का था, ताकि व्यापार के लिए एक सुरक्षित जमीनी रास्ता मिल सके। हालांकि, भूगोल इसके आड़े आ रहा है। शिनजियांग से ग्वादर का रास्ता दुनिया के सबसे दुर्गम इलाकों से होकर गुजरता है। काराकोरम हाईवे को 4,600 मीटर से ज्यादा ऊंचाई और खतरनाक मौसम, भूस्खलन व हिमस्खलन का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारी मात्रा में कंटेनर ट्रैफिक और बड़े पैमाने पर समुद्री शिपिंग का विकल्प यह जमीनी रास्ता कतई नहीं बन सकता है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;ग्वादर पोर्ट पर मंडराता सबसे बड़ा खतरा बलूचिस्तान के हालात से जुड़ा है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य विद्रोही गुट लगातार चीनी हितों, इंजीनियरों और काफिलों को निशाना बना रहे हैं। BLA की मजीद ब्रिगेड अब पारंपरिक हमलों से आगे बढ़कर घातक आत्मघाती हमलों को अंजाम दे रही है। स्थिति यह है कि पाकिस्तान को चीनी कर्मियों की सुरक्षा के लिए भारी फौज तैनात करनी पड़ रही है, जिससे इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत बेहिसाब बढ़ चुकी है। 60 अरब डॉलर के इस निवेश पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;किसी बड़े पोर्ट को सफल बनाने के लिए पर्याप्त कार्गो, शिपिंग कंपनियां और आसपास मजबूत औद्योगिक गतिविधि जरूरी होती है। Lowy analysis के मुताबिक ग्वादर में इन मोर्चों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। दुबई, सलालाह और कराची जैसे स्थापित क्षेत्रीय हब की तुलना में ग्वादर को पर्याप्त कार्गो आकर्षित करने में मुश्किल हो रही है। आसपास प्रस्तावित Special Economic Zones में भी गतिविधि उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी है।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;व्यापारिक नजरिए से भी ग्वादर पोर्ट अपनी क्षमता साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। दुबई, कराची और सलालाह जैसे स्थापित हब के मुकाबले ग्वादर में कमर्शियल एक्टिविटी न के बराबर है। इसके अलावा, जानकारों का मानना है कि ग्वादर कभी भी मलक्का जलडमरूमध्य का असली विकल्प नहीं बन सकता, क्योंकि हजारों किलोमीटर लंबे मुश्किल जमीनी रास्तों से तेल और सामान ढोना बहुत महंगा और जोखिम भरा सौदा है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Silicon Valley का डार्क साइड: 100+ पॉवरफुल लोगों के नाम! रेप तक के दावे, क्या है Whisper Network?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/silicon-valley-whisper-network-100-names-sexual-misconduct-tech-ai-investors-articleshow-166cvvg</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 09:42:46 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Silicon Valley में कथित &ldquo;Whisper Network&rdquo; की एक प्राइवेट स्प्रेडशीट चर्चा में है, जिसमें 100 से ज्यादा नाम और यौन दुर्व्यवहार के आरोप होने का दावा है। Hacker Houses से जुड़े मामलों ने टेक समुदाय की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3r85nenmqf6sxgfe2vn909h,imgname-silicon-valley-whisper-network-100-names-sexual-misconduct-tech-ai-investors-1790741501397.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Silicon Valley Whisper Network: &lt;/strong&gt;सिलिकॉन वैली की चकाचौंध और तकनीकी क्रांति के पीछे एक बेहद खौफनाक और डार्क साइड सामने आया है। द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां की महिलाओं ने एक गुप्त 'व्हिस्पर नेटवर्क' तैयार किया है, जिसमें टेक्नोलॉजी, एआई और स्टार्टअप जगत के 100 से ज़्यादा जाने-माने निवेशकों, फाउंडर्स और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। इस सीक्रेट स्प्रेडशीट में ड्रग्स देकर यौन शोषण, असॉल्ट और बलात्कार जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या है यह सीक्रेट 'व्हिस्पर नेटवर्क'?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;महिलाओं की चेतावनी का जरिया:&lt;/strong&gt; यह प्राइवेट डॉक्यूमेंट और स्प्रेडशीट उन महिलाओं द्वारा आपस में सर्कुलेट की जाती है, जो कथित यौन दुर्व्यवहार करने वाले प्रभावशाली लोगों से दूसरों को आगाह करना चाहती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;बड़े और जाने-माने नाम:&lt;/strong&gt; टेक सेक्टर में काम करने वाली एक 20 वर्षीय युवती ने बताया कि जब उसने इस लिस्ट में जाने-माने इन्वेस्टर्स और मशहूर चेहरों को देखा, तो उसके होश उड़ गए।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;&lt;strong&gt;करियर तबाह होने का डर: &lt;/strong&gt;कई महिलाओं का मानना है कि पुलिस के पास जाने या इन ताकतवर लोगों के खिलाफ पब्लिक में आवाज उठाने से उन्हें शहर के हर बड़े इन्वेस्टर द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे उनका करियर खत्म हो सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;100+ नामों वाली इस लिस्ट में आखिर क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अंदरूनी लोगों के मुताबिक, यह स्प्रेडशीट कथित 'Whisper Network' का हिस्सा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;दावा है कि महिलाएं इसका इस्तेमाल एक-दूसरे को संभावित सेक्शुअल मिसकंडक्ट के बारे में चेतावनी देने के लिए करती हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;20 साल की एक टेक वर्कर ने बताया कि उसने लिस्ट में कुछ बेहद चर्चित इन्वेस्टर्स और बिजनेसमैन के नाम देखे थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उसने दावा किया कि नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसने अपने कथित यौन दुर्व्यवहार का अनुभव भी इसमें जोड़ा।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुछ महिलाओं के मुताबिक, वे पुलिस या सार्वजनिक रूप से शिकायत करने से इसलिए बचती हैं क्योंकि उन्हें करियर और प्रोफेशनल नेटवर्क पर असर पड़ने का डर रहता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Hacker Houses में बनते रिश्ते, फिर क्यों उठे सवाल?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;कथित घटनाओं में कई का संबंध 'Hacker Houses' से बताया गया है। ये ऐसी कम्युनिटी जगहें हैं जहां युवा फाउंडर, इन्वेस्टर और टेक वर्कर साथ रहते, पार्टियां करते और प्रोफेशनल नेटवर्क बनाते हैं। यहीं पर्सनल और प्रोफेशनल रिश्तों का दायरा एक-दूसरे से जुड़ जाता है। एक सिलिकॉन वैली इनसाइडर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले दोस्ती और भरोसे का इस्तेमाल करते हैं और बाद में व्यक्तिगत सीमाएं पार करते हैं। उसने कम उम्र की महिलाओं और हाल में अमेरिका या सिलिकॉन वैली पहुंचने वालों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की बात कही।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Yihong Xu का मामला क्यों चर्चा में आया?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Zett की फाउंडर Yihong Xu ने सैन फ्रांसिस्को के Genesis Hacker House के एक पूर्व सदस्य पर रेप और असॉल्ट का आरोप लगाया था। उन्होंने दिसंबर 2021 में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। Xu के अनुसार, आरोपी कथित घटना के बाद वहां से चला गया, लेकिन उनके सामाजिक दायरे से जुड़े लोगों के संपर्क में बना रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पुलिस से संपर्क करने के उनके फैसले को हतोत्साहित किया। Xu ने बाद में पुलिस और वकीलों से संपर्क किया और आरोपी को जानने वाले लोगों से मदद मांगने की कोशिश की, हालांकि कुछ लोगों ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Launch House में सामने आया बिल्कुल अलग अनुभव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Launch House की एक पूर्व निवासी ने दावा किया कि एक पार्टी में उसे ड्रग दिए जाने का शक हुआ। उसे रात के कुछ हिस्से याद नहीं थे और बाद में दूसरी महिलाओं ने कथित तौर पर उसी व्यक्ति द्वारा अनुचित व्यवहार किए जाने की बात बताई। महिलाओं ने फाउंडर्स से संपर्क किया। उसके मुताबिक, उस व्यक्ति को तुरंत घर से निकाल दिया गया और पुलिस से संपर्क करने में मदद की पेशकश भी की गई। हालांकि, पर्याप्त याददाश्त और सबूत न होने के कारण उसने पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। Launch House के को-फाउंडर Brett Goldstein ने कहा कि संगठन की व्यवहार और incident-response नीतियां HR, सुरक्षा और DEI विशेषज्ञों की सलाह से तैयार की गई थीं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;क्या यह सिर्फ एक नई कहानी है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;द पोस्ट में सामने आए दावे बंद टेक कम्युनिटी में यौन दुर्व्यवहार को लेकर पुरानी चिंताओं से भी जुड़ते हैं। 2022 में AI रिसर्चर Kirtana Gopalakrishnan ने Effective Altruism समूहों में यौन दबाव और शिकायतों से निपटने के तरीकों पर सवाल उठाए थे। हालांकि, कथित Whisper Network में मौजूद नामों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है। किसी सूची में नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/silicon-valley-whisper-network-100-names-sexual-misconduct-tech-ai-investors-articleshow-166cvvg"/>
        </item>
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            <title><![CDATA[India Italy Tourism: भारत और इटली के बीच टूरिज्म पर खास बैठक, सिने-टूरिज्म पर हुई चर्चा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/india-italy-hold-second-joint-working-group-meeting-to-boost-tourism-and-cultural-ties-articleshow-1ls4rqe</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 09:38:21 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;India Italy Tourism: &lt;/strong&gt;भारत और इटली के बीच टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जॉइंट वर्किंग ग्रुप की दूसरी बैठक हुई। इसमें सिने-टूरिज्म, नए डेस्टिनेशन और 2027 के कल्चरल इवेंट्स पर खास चर्चा की गई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-ani20260930012458,imgname-image-859c4c11-410d-48fc-8c29-fa2555ff8879.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Ministry Of Tourism India: &lt;/strong&gt;भारत और इटली ने पर्यटन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच पर्यटन पर जॉइंट वर्किंग ग्रुप (JWG) की दूसरी बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार और इटली की पर्यटन सचिव-जनरल इमानुएला ट्रिपी ने की।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की। इसमें पर्यटन से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान, कम चर्चित पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और फिल्म पर्यटन यानी सिने-टूरिज्म को बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। दोनों पक्षों ने पर्यटन को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संपर्क मजबूत करने के माध्यम के तौर पर भी देखा।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;डेस्टिनेशन ट्विनिंग और कौशल विकास पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारत और इटली ने डेस्टिनेशन ट्विनिंग, पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी विचार किया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के पर्यटन उद्योग से जुड़े संस्थानों और कारोबारियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बनेंगे टेक्निकल ग्रुप और पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में दोनों देश कुछ खास मुद्दों पर काम करने के लिए टेक्निकल ग्रुप बनाने पर सहमत हुए। साथ ही, तय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के संबंधित हितधारकों के बीच लगातार संवाद बनाए रखने के लिए पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट भी बनाए जाएंगे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;2027 में खास होगा भारत-इटली पर्यटन संबंध&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में साल 2027 में होने वाले &lsquo;इंडिया-इटली ईयर ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म&rsquo; की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को और मजबूत करना है। भारत और इटली के बीच पहले से ही पर्यटन, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के कई माध्यम मौजूद हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;दोनों देशों के पर्यटन उद्योग को मिलेगा मंच&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस बैठक से पर्यटन क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर काम करने का रास्ता खुला है। डेटा साझा करने से लेकर नए पर्यटन स्थलों के प्रचार और उद्योग स्तर की साझेदारी तक, कई क्षेत्रों में आगे की योजनाओं पर काम किया जाएगा। भारत का पर्यटन मंत्रालय पर्यटन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और पर्यटन अनुभवों के प्रचार को अपनी प्रमुख गतिविधियों में शामिल करता है।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Trump-Sundar Pichai: ट्रंप ने Google CEO पिचाई को क्यों कहा 'Monster'? White House में क्या हुआ?]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/trump-calls-google-ceo-sundar-pichai-monster-white-house-ai-meeting-articleshow-bxlb0c0</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 10:09:31 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;White House AI Meeting में डोनाल्ड ट्रंप ने Google CEO सुंदर पिचाई को 'Monster' कहा। जानें ट्रंप की इस टिप्पणी का संदर्भ, पिचाई का रिएक्शन और AI सुरक्षा समझौते में क्या चर्चा हुई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3r9n61z0jge3n2b2ecwanz3,imgname-trump-calls-google-ceo-sundar-pichai-monster-white-house-ai-meeting-1790743058495.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Trump Sundar Pichai AI Meeting: &lt;/strong&gt;व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के दिग्गज टेक दिग्गजों के बीच हुई एक हाई-प्रोफाइल मीटिंग ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। इस बैठक के दौरान ट्रंप ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का परिचय देते हुए उन्हें मजाकिया अंदाज में &quot;मॉन्स्टर&quot; कह दिया। ट्रंप का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;White House AI Meeting में पिचाई को क्यों कहा 'Monster'?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मंगलवार को व्हाइट हाउस के वेस्ट विंग के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई और गूगल के सुंदर पिचाई की मौजूदगी में यह टिप्पणी की। पिचाई की सफलता और टेक इंडस्ट्री में उनके भारी प्रभाव की तारीफ करते हुए ट्रंप ने कहा, &quot;यह आदमी एक मॉन्स्टर है, और किसी को पता नहीं है।&quot; हालांकि ट्रंप का यह शब्द उनकी प्रशंसा करने के लिए था, लेकिन उनके इस अनोखे अंदाज ने वहां मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt; COMEDIC GOLD OUTSIDE THE WHITE HOUSE! TRUMP: &ldquo;Sundar [Pichai], you wanna say something?&rdquo; PICHAI: &ldquo;First of all, thanks&mdash;&rdquo; TRUMP: &ldquo;This guy is a MONSTER, and nobody knows him. What a great life! To be a MONSTER and not have to go through this. All you have to know&hellip; pic.twitter.com/pIAP5vg4oN&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Wiki Leaks 2 (@WikiLeaksQ2) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;AI Safety को लेकर क्या हुआ समझौता?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह बैठक मुख्य रूप से एआई सुरक्षा, निगरानी और एक नए स्वैच्छिक फ्रेमवर्क पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। सुंदर पिचाई ने साफ किया कि कंपनियां एआई डेवलपमेंट में भी वित्तीय नियंत्रण जैसी कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रथाओं को अपना रही हैं। वहीं, मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि इस नए फ्रेमवर्क में मजबूत इंटरनल कंट्रोल, एक्सटर्नल ऑडिट और स्वतंत्र बोर्ड रिव्यू शामिल हैं। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने माना कि एडवांस एआई से जुड़े खतरे वास्तविक हैं, लेकिन इंडस्ट्री सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Trump का AI Data Center पर क्या कहना है?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप लंबे समय से अमेरिका में AI इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर के विस्तार का समर्थन करते रहे हैं। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर स्थानीय समुदायों के लिए योगदान कर सकते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह रियल एस्टेट में अच्छे हैं और कुछ डेटा सेंटर की इमारतें उन्हें &ldquo;बहुत सुंदर&rdquo; लगती हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;Anthropic CEO ने AI खतरे पर क्या कहा?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;Anthropic CEO डारियो अमोदेई ने AI सुरक्षा मानकों को बेहतर करने की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एडवांस्ड AI से जुड़े खतरे वास्तविक हैं और उनसे निपटने के तरीकों पर अभी चर्चा जारी है। बाद में ट्रंप ने कहा कि AI कंपनियां स्वैच्छिक प्रतिबद्धताओं के जरिए टेक्नोलॉजी की निगरानी मजबूत करने पर सहमत हुई हैं। उन्होंने इसे &ldquo;Self-Policing&rdquo; बताया। हालांकि, बैठक में हुए समझौते की पूरी जानकारी तत्काल सार्वजनिक नहीं की गई।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/trump-calls-google-ceo-sundar-pichai-monster-white-house-ai-meeting-articleshow-bxlb0c0"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[पाकिस्तान ने अब रूस से लिया पंगा! कैसे-कहां और क्यों अटकाई न्यूक्लियर फ्यूल की डिलीवरी]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/russia-uranium-cargo-flight-pakistan-airspace-permission-delay-rooppur-nuclear-power-plant-bangladesh-october-delivery-articleshow-cani426</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/russia-uranium-cargo-flight-pakistan-airspace-permission-delay-rooppur-nuclear-power-plant-bangladesh-october-delivery-articleshow-cani426</guid>
            <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 19:02:59 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान से एयरस्पेस मंजूरी नहीं मिलने पर रूस की यूरेनियम खेप बांग्लादेश नहीं पहुंच सकी। रूपपुर न्यूक्लियर प्लांट के लिए डिलीवरी अक्टूबर में होगी।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3pnwcfen91sbgwxh0s03dvw,imgname-putin-vs-shehbaz-sharif-1790688768494.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान ने बांग्लादेश के रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए न्यूक्लियर फ्यूल लेकर जा रही रूस की कार्गो फ्लाइट को अपने एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी न देकर अब रूस से पंगा ले लिया है। पाकिस्तान के इस फैसले से न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-2 के लिए यूरेनियम की डिलीवरी में देरी हो गई। न्यूक्लियर फ्यूल को 24 सितंबर को बांग्लादेश पहुंचना था, लेकिन पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह तय समय पर बांग्लादेश नहीं पहुंच सका।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पाकिस्तान ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान ने इस मामले को फ्लाइट रूट और एयरस्पेस की मंजूरी से जुड़ा तकनीकी और प्रक्रियात्मक मामला बताया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान ने इस घटना को दोनों देशों के संबंधों से जोड़कर नहीं देखने की अपील की है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तानी उच्चायोग ने कहा, &quot;पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसलिए, इस मामले को इसके सही तकनीकी संदर्भ में देखना उचित होगा, न कि ऐसी रिपोर्टों या बातों को बेवजह महत्व दिया जाए जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों को कमज़ोर करने के लिए इसे गलत ढंग से पेश करने की कोशिश कर सकती हैं।&quot;&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;बांग्लादेश के मंत्री ने क्या कहा?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;ANI ने बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनाम के हवाले से बताया कि अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए यूरेनियम लेकर एक कार्गो विमान 24 सितंबर को रूस से बांग्लादेश पहुंचने वाला था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, फ्लाइट को पाकिस्तानी एयरस्पेस के इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली, इसलिए यूरेनियम योजना के मुताबिक बांग्लादेश नहीं पहुंच पाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अभी तक, पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस की मंजूरी न देने की सही वजह पता नहीं चल पाई है।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;वहीं, रूस की ओर से भी अभी इस मामले को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;मंत्री ने आगे बताया कि यूरेनियम की डिलीवरी के लिए अब नई तारीख प्रस्तावित की गई है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रूस की ओर से संकेत दिया गया है कि न्यूक्लियर फ्यूल अक्टूबर के पहले सप्ताह में बांग्लादेश पहुंच सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;एयरपोर्ट पर पूरी हो चुकी थीं तैयारियां&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव शेख मोहम्मद तौहिदुल इस्लाम ने बताया कि विमान के पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बाद में बताया गया कि पाकिस्तानी एयरस्पेस उपलब्ध नहीं है। इसके बाद यूरेनियम की खेप को भेजना संभव नहीं हो पाया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शेख मोहम्मद तौहिदुल इस्लाम ने कहा, &quot;हमने हवाई अड्डे पर सारी तैयारियाँ पूरी कर ली थीं और इंतज़ार कर रहे थे, लेकिन रोसाटॉम के संपर्क अधिकारी ने हमें बताया कि एयरस्पेस साफ नहीं था। इसलिए हम इसे भेज नहीं पाए। हो सकता है कि इसका कार्यक्रम फिर से तय करना पड़े।&quot;&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इससे संकेत मिलता है कि यूरेनियम की डिलीवरी के लिए अब उड़ान के कार्यक्रम और रूट को दोबारा तय करना पड़ सकता है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;रूस की मदद से बन रहा है रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;रूपपुर न्यूक्लियर पावर प्लांट बांग्लादेश की पहली परमाणु एनर्जी फैसेलिटी है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसका निर्माण रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम की तकनीकी मदद से किया जा रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस परियोजना में VVER-1200 रिएक्टर की दो यूनिट शामिल हैं। दोनों यूनिट की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 2,400 मेगावाट है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;प्लांट की यूनिट-2 के लिए न्यूक्लियर फ्यूल लेकर जाने वाली रूसी कार्गो फ्लाइट को पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति नहीं मिलने के कारण 24 सितंबर की प्रस्तावित डिलीवरी प्रभावित हुई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;अब रूस की ओर से अक्टूबर के पहले सप्ताह में यूरेनियम पहुंचाने की नई तारीख प्रस्तावित की गई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/russia-uranium-cargo-flight-pakistan-airspace-permission-delay-rooppur-nuclear-power-plant-bangladesh-october-delivery-articleshow-cani426"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Top 10 News: Trump की AI डील से J&K एनकाउंटर तक बड़ा उलटफेर, नेपाल बाढ़ ने बढ़ाई UP-Bihar की चिंता]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/top-10-latest-news-trump-ai-deal-us-supreme-court-morocco-iraq-jk-asian-games-flood-articleshow-eig9660</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:50:34 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Top 10 Latest News: Trump का AI समझौता, US कोर्ट का बड़ा फैसला, मोरक्को की पहली महिला PM और J&amp;amp;K में मुठभेड़... नेपाल की बाढ़ से UP-बिहार तक खतरा! आखिर 30 सितंबर 2026, बुधवार सुबह की 10 बड़ी खबरों में सबसे बड़ा उलटफेर कौन-सा है?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3qybypbz6ha64ny64trfnw8,imgname-top-10-latest-news-trump-ai-deal-us-supreme-court-morocco-iraq-jk-asian-games-flood-1790731221707.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सुप्रभात! &lt;/strong&gt;बुधवार, 30 सितंबर, 2026 की ताज़ातरीन वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं का यह विशेष मॉर्निंग न्यूज़ बुलेटिन आपको देश-विदेश की हर बड़ी हलचल से रूबरू कराता है। क्या आप जानते हैं कि एक तरफ जहां व्हाइट हाउस के नए AI समझौते और कूटनीतिक बदलावों से दुनिया बदल रही है, वहीं खेल के मैदान से लेकर सीमाओं तक भारत के लिए कौन सी चौंकाने वाली खबरें सामने आई हैं?&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;1. Trump का AI कंपनियों से बड़ा समझौता!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिका के व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रमुख टेक कंपनियों (OpenAI, Anthropic आदि) ने एक नए, 'नैतिक रूप से बाध्यकारी' सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। शक्तिशाली एंटरप्राइज़ सिस्टम्स पर निगरानी रखने और तकनीकी इनोवेशन के बीच संतुलन बनाने के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;US President Donald Trump is due to meet AI executives from OpenAI, Google and Palantir at the White House to discuss the risks of AI and possible regulation pic.twitter.com/GjG2IaOmGk&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; TRT World Now (@TRTWorldNow) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;2. अमेरिका में प्रवासियों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने संघीय सरकार को शरण चाहने वालों और बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों को तीसरे ट्रांज़िट देशों में सीधे डिपोर्ट करने की अनुमति दे दी है। निचली अदालतों की बाधाओं को पार करता यह कार्यकारी आदेश मौजूदा प्रशासन की सख्त सीमा नीति की बड़ी जीत है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;3. मोरक्को में इतिहास रचा, पहली महिला PM नियुक्त!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;किंग मोहम्मद VI ने मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति का ऐतिहासिक शाही आदेश जारी किया है। उत्तरी अफ्रीका के इस देश में नई प्रधानमंत्री अहम आर्थिक चुनौतियों, बुनियादी ढांचे के बदलावों और कूटनीतिक स्थिरता की कमान संभालेंगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;4. इराक में 'Sovereignty Days', अमेरिकी सैनिकों की विदाई!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इराक ने अपनी धरती से अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ियों की विदाई और 2015 के ISIL विरोधी गठबंधन के समापन पर चार दिन की 'संप्रभुता दिवस' छुट्टी की शुरुआत की है। अब इराकी सुरक्षा बलों को अपने दम पर नए और जटिल क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को संभालना होगा।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Hurricane Polo made landfall in Baja California del Sur last night and then crossed the Gulf of California before making another landfall this morning near Guaymas, Mexico. pic.twitter.com/TbfovJiNXo&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; CIRA (@CIRA_CSU) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;5. Hurricane Polo ने मचाई तबाही, बाढ़ में डूबा Baja California Sur!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;मेक्सिको के लोरेटो तटीय इलाके में तूफान 'पोलो' ने भयंकर तबाही मचाई है। भारी बारिश और तूफानी लहरों से सड़कों का नेटवर्क डूब गया, बिजली ग्रिड ठप हो गए तथा बचाव टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;6. Election Commission विवाद पर INDIA गठबंधन की इमरजेंसी मीटिंग!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;वोटर लिस्ट संशोधन में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने दिल्ली में एक आपातकालीन हाई-लेवल बैठक बुलाई है। गठबंधन इसके खिलाफ देशव्यापी विधायी विरोध और सड़कों पर प्रदर्शन की तैयारी में है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;#WATCH | Kathua, Jammu and Kashmir: Four Central Industrial Security Force (CISF) personnel were shot dead by a 2009-batch Head Constable of the force following a verbal argument among them over an issue at the Sewa-II Hydroelectric Project unit in Kathua. The accused has been&hellip; pic.twitter.com/COC5MlvoYk&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Argus News (@ArgusNews_in) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;7. J&amp;amp;K में NHPC प्रोजेक्ट पर फायरिंग, CISF के 4 जवानों की मौत!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले में NHPC प्रोजेक्ट साइट पर हुई आपसी गोलीबारी में एक असिस्टेंट कमांडेंट समेत CISF के चार जवानों की मौत हो गई। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे इलाके को सील कर इस दुखद घटना की उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&bull; Major achievement for Indian security forces in Kashmir.&bull; Big setback for Pakistani t★rror group Lashkar e Tayyiba.&bull; Top Lashkar-e-Tayyiba Terrorist commander Fauzi Musa neutralised in a brief encounter with forces in Budgam, J&amp;amp;K.&amp;nbsp;&bull; All t★rrorists in below photo&hellip; pic.twitter.com/1Q2bGIsd4o&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Aman Roy (@Political_kira) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;8. बडगाम में बड़ा एनकाउंटर, LeT का पाकिस्तानी कमांडर 'मूसा' ढेर!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;भारतीय सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप पाकिस्तानी कमांडर 'मूसा' को मार गिराया है। इलाके में छिपे अन्य आतंकवादियों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;Villagers flee homes as Gandak embankment breaches in West Champaran, Bihar.What they are carrying is all they have left &ndash; clothes, food and a few essentials &ndash; as families search for safer ground and shelter from the floodwaters. pic.twitter.com/vc8qFTgV2B&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; News Arena India (@NewsArenaIndia) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;9. नेपाल में बारिश से तटबंध टूटा, UP-Bihar पर बाढ़ का खतरा!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;पड़ोसी देश नेपाल में मूसलाधार बारिश के चलते गंडक नदी का तटबंध टूटने से बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले जिलों में हाई इमरजेंसी अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों के बीच अचानक आए सैलाब से हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;A golden triumph for Indian athletics as Kiran Pahal, Poovamma Machettira, Prachi and Vithya Ramraj secure the Gold Medal in the Women&rsquo;s 4&times;400m Relay at the Asian Games 2026.Their powerful performance, flawless coordination, and unwavering determination carried India to the top&hellip; pic.twitter.com/u9wZbsIyR2&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Rajnath Singh (@rajnathsingh) September 29, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;10. Asian Games में भारत का धमाका, मेडल की संख्या 52 के पार!&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या 52 के पार पहुँच गई है। निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए ऐतिहासिक व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता, वहीं महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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            <title><![CDATA[Hashim Musa Encounter: कौन था LeT कमांडर? यूसमर्ग जंगल में कैसे घिरा? 9 PHOTOS में Operation Korag]]></title>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 12:40:28 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Hashim Musa Encounter: जम्मू कश्मीर के यूसमर्ग के जंगल में कैसे घिरा LeT कमांडर? पहलगाम से पीर पंजाल तक सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा हाशिम मूसा आखिर Operation Korag में कैसे मारा गया? 7 तस्वीरों में जानें पूरी कहानी।&lt;/p&gt;]]></description>
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            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;Hashim Musa Encounter: जम्मू कश्मीर के यूसमर्ग के जंगल में कैसे घिरा LeT कमांडर? पहलगाम से पीर पंजाल तक सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा हाशिम मूसा आखिर Operation Korag में कैसे मारा गया? 7 तस्वीरों में जानें पूरी कहानी।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Hashim Musa Encounter: &lt;/strong&gt;जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। बडगाम जिले के घने जंगलों में हुई एक खतरनाक मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप पाकिस्तानी कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया है। 'फौजी' के नाम से मशहूर मूसा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था और पुंछ-राजौरी से लेकर कश्मीर घाटी तक कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। कुछ रिपोर्टों में उसका नाम सुलैमान शाह उर्फ मूसा बताया गा है। उसे कई आतंकी हमलों में वांछित बताया गया था।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुरक्षा बलों को यूसमर्ग के कोराग इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खास खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने मिलकर जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। सुरक्षा बलों ने चुनौती दी तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें एक आतंकी मारा गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ बडगाम के ऊंचाई वाले घने जंगल क्षेत्र में हुई। रिपोर्टों में Dudhpathri और Palmaidan इलाके का भी उल्लेख है। बाद की तलाशी में मूसा का शव और कुछ युद्ध संबंधी सामान बरामद होने की जानकारी दी गई। ऑपरेशन के बाद आसपास के इलाकों में सर्च जारी रखा गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मूसा को पाकिस्तान स्थित LeT का शीर्ष आतंकवादी बताया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे जम्मू-कश्मीर में कई हमलों से जोड़ा था। उसका नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। बाद की रिपोर्टों में उसे पीर पंजाल और कश्मीर घाटी में सक्रिय LeT नेटवर्क से जोड़ा गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उसे &lsquo;फौजी&rsquo; नाम से भी जाना जाता था और उसकी ट्रेनिंग को लेकर पाकिस्तानी सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े दावे सामने आए थे। उसके पिता के पाकिस्तानी सेना में होने की बात भी कुछ रिपोर्टों में कही गई है। हालांकि इन विवरणों को सुरक्षा सूत्रों की जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मूसा जिस नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता था, उसका ऑपरेशनल इलाका पीर पंजाल के दुर्गम जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों तक फैला था। सुरक्षा सूत्रों ने इस नेटवर्क को पुंछ-राजौरी और कश्मीर में हुए कई हमलों से जोड़ा था। घने जंगल आतंकियों को छिपने और आवाजाही में मदद देते हैं।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;मूसा के करीबी सहयोगी यासिर के 5 सितंबर को यूसमर्ग की पहाड़ियों में मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने मूसा की तलाश तेज कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार, मूसा उस समय इलाके से बच निकलने में सफल रहा था। इसके बाद उसकी तलाश के लिए अभियान जारी रहा और आखिरकार कोराग ऑपरेशन के दौरान उसे ट्रैक किया गया।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;खास खुफिया इनपुट के आधार पर शुरू हुए Operation Korag में आखिरकार सुरक्षा बलों ने मूसा को ट्रैक किया। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ हुई और उसकी तलाश खत्म हो गई। ऑपरेशन के दौरान इलाके में सर्च जारी रहा।&lt;/p&gt;&lt;img&gt;&lt;p&gt;सुरक्षा एजेंसियों की जांच में मूसा का नाम पहलगाम आतंकी हमले से जोड़े जाने के बाद सामने आया। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रहने वाले LeT ऑपरेटिव्स में शामिल हो गया। उसके खिलाफ कई आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[शर्म कर लो..पाकिस्तानी PM को किसने-क्यों मारा ताना? इजराइल से कैसे निकला कनेक्शन]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/shehbaz-sharif-rothschild-co-meeting-london-pakistan-investment-capital-markets-israel-zionism-controversy-articleshow-h72m3ia</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 15:18:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;शहबाज शरीफ की लंदन में Rothschild &amp;amp; Co अधिकारियों से मुलाकात पर पाकिस्तान में जमकर विवाद हुआ। आखिर क्या है इस विवाद के पीछे की वजह?&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3rvb5h2041my3qs163bz0b5,imgname-shehbaz-sharif-israel-issue-1790761604642.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की लंदन में रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी (Rothschild &amp;amp; Co) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक को लेकर पाकिस्तान में बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स और राजनीतिक समर्थकों ने इस मुलाकात को रॉथ्सचाइल्ड परिवार के इतिहास, यहूदी राष्ट्रवाद यानी जायोनिज्म और इजराइल के गठन से जोड़कर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह बैठक रॉथ्सचाइल्ड परिवार के सदस्यों के साथ नहीं, बल्कि वित्तीय कंपनी Rothschild &amp;amp; Co के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई थी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;सोशल मीडिया पर क्यों हो रही शहबाज शरीफ की आलोचना&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;बैठक की जानकारी सामने आने के बाद X और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने शहबाज शरीफ और उनकी सरकार की आलोचना की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुछ आलोचकों ने रॉथ्सचाइल्ड परिवार के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि पाकिस्तान की सरकार इजराइल को लेकर अपने पुराने रुख के बावजूद ऐसी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत क्यों कर रही है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तानी कॉलमिस्ट राजा मुनीब ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की। इसी तरह लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता हुमैरा वजाहत ने भी बैठक पर सवाल उठाए और इसे इजराइल के इतिहास से जोड़कर टिप्पणी की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस्लामाबाद से जुड़े PTI समर्थक चौधरी एहतेशाम मुस्तफा ने भी बैठक को लेकर शहबाज शरीफ की सरकार पर निशाना साधा और रॉथ्सचाइल्ड परिवार के इतिहास का हवाला दिया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी के अधिकारियों से क्या बातचीत हुई?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान PMO के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने मंगलवार, 29 सितंबर को लंदन में Rothschild &amp;amp; Co के जियो-स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी के चेयरमैन लॉर्ड मार्क सेडविल और UK इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के प्रमुख माजिद इशाक से मुलाकात की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;बैठक में पाकिस्तान की जियो-इकोनॉमिक प्राथमिकताओं, कैपिटल मार्केट और निवेश रणनीति से जुड़े संभावित सलाहकारी सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और निजीकरण मामलों के प्रधानमंत्री के सलाहकार मुहम्मद अली भी मौजूद थे।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;शहबाज शरीफ की यह मुलाकात लंदन में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ उनकी बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी। उन्होंने Rothschild &amp;amp; Co के अलावा Barclays, J.P. Morgan, Citi और BlackRock के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की और पाकिस्तान में निवेश तथा वित्तीय क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;बैठक को इजराइल से क्यों जोड़ा गया?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान में इस बैठक की आलोचना का एक कारण Rothschild नाम का इजराइल और जायोनिज्म के इतिहास से जोड़ा जाना है। सोशल मीडिया पर कुछ आलोचकों ने दावा किया कि रॉथ्सचाइल्ड परिवार का जायोनिस्ट आंदोलन और फिलिस्तीन में यहूदी बस्तियों के विकास से ऐतिहासिक संबंध रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसी आधार पर कुछ लोगों ने शहबाज शरीफ की बैठक पर सवाल उठाए और इसे पाकिस्तान के इजराइल को लेकर लंबे समय से चले आ रहे आधिकारिक रुख के संदर्भ में देखा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;पाकिस्तान का इजराइल को लेकर क्या रुख है?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;पाकिस्तान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान लंबे समय से फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान को इजराइल को मान्यता देने से जोड़ता रहा है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस्लामाबाद फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन करता है और उसका आधिकारिक रुख 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का रहा है, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम यानी अल-कुद्स अल-शरीफ हो।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसी वजह से पाकिस्तान में कुछ लोगों ने शहबाज शरीफ की Rothschild &amp;amp; Co के अधिकारियों के साथ मुलाकात को राजनीतिक और विदेश नीति के नजरिए से भी देखा।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/shehbaz-sharif-rothschild-co-meeting-london-pakistan-investment-capital-markets-israel-zionism-controversy-articleshow-h72m3ia"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Donald Trump: AI पर नहीं लगेगी कड़ी लगाम? ट्रंप ने टेक दिग्गजों के साथ किया बड़ा समझौता]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/donald-trump-says-no-need-for-strict-ai-regulations-at-white-house-summit-articleshow-saspsxq</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 07:40:04 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;AI Self Regulation: व्हाइट हाउस एआई समिट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेक कंपनियों के प्रमुखों ने एक समझौते पर साइन किए हैं। हालांकि, इसे कानूनी तौर पर मानना जरूरी नहीं होगा।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m2vkktfjt2m5evwnw3444etj,imgname-mixcollage-19-sep-2026-06-43-am-2587-1789780421106.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Donald Trump AI Policy: &lt;/strong&gt;अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर अपनी नीति एक बार फिर स्पष्ट की है। उनका कहना है कि इस तकनीक पर जरूरत से ज्यादा सरकारी पाबंदियां लगाने से अमेरिका की तकनीकी प्रगति प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने AI कंपनियों से खुद अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और जिम्मेदारी के साथ तकनीक विकसित करने पर जोर दिया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI पर ज्यादा नियम लगाने के पक्ष में नहीं ट्रंप&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;व्हाइट हाउस में 29 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में ट्रंप ने कहा कि AI के विकास को रोकने के बजाय अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उनकी सरकार पहले भी ऐसी नीतियों पर जोर देती रही है, जिनमें AI नवाचार के लिए अनावश्यक सरकारी नियंत्रण से बचने की बात कही गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;व्हाइट हाउस पहुंचे टेक जगत के बड़े नाम&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक में AI और टेक्नोलॉजी जगत के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। इनमें एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, एंथ्रोपिक के डारियो एमोडेई, ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और जेफ बेजोस समेत कई दिग्गज शामिल थे।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;AI कंपनियां खुद करेंगी निगरानी&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बैठक के दौरान ट्रंप और प्रमुख AI कंपनियों के प्रतिनिधियों ने एक स्वैच्छिक समझौते पर सहमति जताई। इसके तहत कंपनियां AI के विकास और सुरक्षा के लिए आंतरिक नियंत्रण, निगरानी और बाहरी समीक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर काम करेंगी। समझौते में स्वतंत्र ऑडिट की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं है समझौता&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इस समझौते की खास बात यह है कि यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। ट्रंप ने इसे नैतिक रूप से बाध्यकारी बताते हुए कंपनियों के खुद निगरानी करने की बात कही। हालांकि, दस्तावेज में भविष्य में इन सुरक्षा उपायों को कानून या नियमों का हिस्सा बनाए जाने की संभावना खुली रखी गई है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;अमेरिका को AI रेस में आगे रखने पर जोर&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;ट्रंप का कहना है कि AI के क्षेत्र में अमेरिका को वैश्विक बढ़त बनाए रखनी होगी। उनका रुख ऐसे समय सामने आया है जब AI की तेज रफ्तार, सुरक्षा और सरकारी निगरानी को लेकर अमेरिका में बहस तेज है। वहीं, कुछ AI कंपनियों के प्रमुख पहले ही तकनीक के विकास की गति और सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन पर चर्चा की मांग कर चुके हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Bimla Kumari</dc:creator>
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        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Flydubai Flight VIDEO: 'हाईजैक' सिग्नल से पहले कॉकपिट में क्या हुआ? पायलट को चाकू! PHOTOS]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-hijack-code-pilot-fight-tabuk-saudi-arabia-emergency-landing-articleshow-sui87t6</link>
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            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 14:45:03 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai Flight FZ1073: दुबई से इज़राइल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान में पायलटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ, जहां एक पायलट ने दूसरे को चाकू मार दिया। हाईजैक सिग्नल मिलने के बाद सऊदी अरब के तबुक में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3rs734xmkwy1w8mttff14vd,imgname-flydubai-flight-fz1073-hijack-code-pilot-fight-tabuk-saudi-arabia-emergency-landing-1790759373981.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Flydubai Flight: &lt;/strong&gt;दुबई से इज़राइल जा रही फ्लाईदुबई की एक कमर्शियल फ्लाइट के अंदर कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया के सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया। आसमान में उड़ रहे विमान के कॉकपिट के भीतर दो पायलटों के बीच अचानक खूनी संघर्ष छिड़ गया। हालात इतने बिगड़ गए कि विमान के भीतर से संभावित हाईजैकिंग के इमरजेंसी सिग्नल मिलने लगे। आनन-फानन में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरबेस पर सुरक्षित उतारना पड़ा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;कॉकपिट के अंदर क्या हुआ? चाकूबाजी और हाईजैक कोड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बोइंग 737 मैक्स 8 विमान (फ्लाइट FZ1073) ने जब उड़ान भरी, तो सब कुछ सामान्य था। लेकिन कुछ ही देर में विमान ने पहले जनरल इमरजेंसी कोड (7700) और फिर गैर-कानूनी दखल या संभावित हाईजैकिंग का कोड (7500) भेज दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैबिन के भीतर पायलटों के बीच खूनी हिंसक झड़प हुई। यात्रियों ने बताया कि एक पायलट ने दूसरे पर फोल्डिंग चाकू से हमला कर दिया था, जिससे कॉकपिट में खून फैल गया। जान बचाने के लिए यात्रियों और क्रू ने मिलकर बीच-बचाव किया और हमलावर को काबू में किया।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;FLYDUBAI FLIGHT DIVERTED AFTER COCKPIT ALTERCATION, HIJACK SCAREA Flydubai flight from Dubai to Tel Aviv diverted to Saudi Arabia after an altercation between pilots reportedly triggered emergency codes 7700 and 7500.&amp;nbsp;The aircraft reportedly lost around 4,000 metres in&hellip; pic.twitter.com/9gngQlQkzW&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Subodh Kumar (@kumarsubodh_) September 30, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;img&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;17,000 फीट नीचे गिरा विमान, इज़राइल ने भेजे थे फाइटर जेट्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;विवाद के दौरान विमान अचानक 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरते हुए 16,600 फीट पर आ गया। अचानक मिले हाईजैक जैसे सिग्नलों से इज़राइल में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमान हवा में भेज दिए गए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी तुरंत एक्टिव हो गए और स्थिति पर नजर बनाए रखी। गनीमत यह रही कि सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर विमान की सेफ लैंडिंग करा ली गई और सभी इज़राइली यात्री सुरक्षित बच गए। इस हैरान करने वाली घटना ने एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Surya Prakash Tripathi</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-flight-fz1073-hijack-code-pilot-fight-tabuk-saudi-arabia-emergency-landing-articleshow-sui87t6"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[Balochistan Attack: पाकिस्तान में पहली बार महिला लड़ाकों की एंट्री? CPEC हाईवे पर हुआ बड़ा हमला]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/balochistan-attack-blfs-new-female-unit-kaad-claims-first-assault-on-pakistani-military-convoy-articleshow-t12wh1d</link>
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            <pubDate>Tue, 29 Sep 2026 19:56:13 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;बलूचिस्तान में BLF की नई महिला यूनिट KAAD ने CPEC हाईवे पर पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर पहला हमला करने का दावा किया है। संगठन ने 9 जवानों के मारे जाने की बात कही है।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3prxwnpq04byvtw5k7wt4k9,imgname-balochistan-attack-blfs-new-female-unit-kaad-claims-first-assault-on-pakistani-military-convoy-1790691963574.png" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान में विद्रोही गतिविधियों के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है। Balochistan Liberation Front (BLF) ने अपनी नई महिला सशस्त्र इकाई Karima Armed Assault Division (KAAD) का वीडियो जारी किया है। संगठन का दावा है कि इस यूनिट ने 22 सितंबर को तुर्बत के पास CPEC हाईवे पर पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हमला किया।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;CPEC Highway पर सैन्य काफिले पर हमला&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BLF के मुताबिक, KAAD ने जुसेक के पास तीन वाहनों वाले Quick Response Force (QRF) काफिले को निशाना बनाया। जारी फुटेज में हथियारबंद महिला लड़ाकों को काफिले की ओर गोलीबारी करते देखा जा सकता है। संगठन ने बाद में दावा किया कि इस हमले में छह पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए और कई घायल हुए। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;₹2,700 से सीधे ₹27,000! दवा की कीमत देखकर सुप्रीम कोर्ट भी हैरान, पूछा सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;KAAD का पहला ऑपरेशन, महिला लड़ाकों की नई भूमिका&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि BLF के अनुसार यह KAAD का पहला सशस्त्र ऑपरेशन था। संगठन ने इस यूनिट का नाम बलूचिस्तान की अलगाववादी कार्यकर्ता Karima Baloch के नाम पर रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक, BLF ने यूनिट की ट्रेनिंग से जुड़े वीडियो भी जारी किए हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;Manguchar में भी कार्रवाई का दावा&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;BLF ने 25 सितंबर को कालात के Manguchar इलाके में हाईवे ब्लॉक करने और वाहनों की जांच करने का भी दावा किया। संगठन के मुताबिक, वहां पहुंचे पाकिस्तानी सैन्य काफिलों के साथ भी मुठभेड़ हुई। BLF ने इस दौरान सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाने और जवानों के हताहत होने का दावा किया है। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;BRA और BRG के अलग-अलग हमले&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;इसी दौरान Baloch Republican Army (BRA) ने डेरा बुगती में Mari Energies के एक साइट पर रॉकेट और भारी हथियारों से हमला करने का दावा किया। संगठन ने कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के हताहत होने की बात कही है। Baloch Republican Guards (BRG) ने भी सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस स्टेशन को निशाना बनाने के दावे किए हैं।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;مانیٹرنگ :بلوچستان لبریشن فرنٹ (BLF) نے اپنے میڈیا سیل &rsquo;&rsquo;آشوب&lsquo;&lsquo; کے ذریعے اپنے نو تشکیل شدہ &rsquo;&rsquo;کریمہ آرمڈ اسالٹ ڈویژن&lsquo;&lsquo; (KAAD) کی ایک ویڈیو جاری کی ہے۔ویڈیو میں تربت کے علاقے جوسک میں سی پیک روڈ پر کیو آر ایف قافلے پر حملے اور قلات کے علاقے منگچر میں ناکہ بندی اور گاڑیوں کے&hellip; pic.twitter.com/m1nb3kxHdI&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&mdash; Subain Baloch (@subain_bluch) September 28, 2026&lt;/p&gt;&lt;p&gt;&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;बलूचिस्तान में क्यों बढ़ रही हलचल?&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी सशस्त्र समूहों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। KAAD के गठन और उसके कथित पहले ऑपरेशन से इस संघर्ष में महिलाओं की संगठित सशस्त्र भागीदारी का एक नया पहलू सामने आया है। हालांकि, सोशल मीडिया और समूहों द्वारा जारी वीडियो तथा casualty claims को स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित करना जरूरी है।&lt;/p&gt;&lt;p&gt;यह भी पढ़ें: &lt;strong&gt;गमछा बिछाकर अपनी ही सरकार के खिलाफ क्यों धरने पर बैठ गए ये विधायक? बोले- 'राजा आएंगे तभी उठूंगा'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Akshansh Kulshreshtha</dc:creator>
            <atom:link href="https://hindi.asianetnews.com/news/balochistan-attack-blfs-new-female-unit-kaad-claims-first-assault-on-pakistani-military-convoy-articleshow-t12wh1d"/>
        </item>
        <item>
            <title><![CDATA[दुबई-तेल अवीव फ्लाइट ने अचानक क्यों बदला रूट, तेजी से नीचे आया विमान; वजह जान घूम जाएगा माथा]]></title>
            <link>https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-fz1073-dubai-tel-aviv-flight-emergency-pilot-fight-saudi-arabia-tabuk-landing-7700-7500-code-articleshow-w3rnbg8</link>
            <guid isPermaLink="true">https://hindi.asianetnews.com/news/flydubai-fz1073-dubai-tel-aviv-flight-emergency-pilot-fight-saudi-arabia-tabuk-landing-7700-7500-code-articleshow-w3rnbg8</guid>
            <pubDate>Wed, 30 Sep 2026 14:35:20 +0530</pubDate>
            <description><![CDATA[&lt;p&gt;Flydubai Flight Emergency Landing: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai FZ1073 में इमरजेंसी के बाद सऊदी अरब में लैंडिंग हुई। पायलटों के झगड़े से हड़कंप मचा, हाईजैकिंग की पुष्टि नहीं।&lt;/p&gt;]]></description>
            <media:content url="https://static.asianetnews.com/images/w-1280,h-720,format-jpg,imgid-01m3rryh3a8522aarwt0jadtnd,imgname-flydubai-flight-incident-1790759093354.jpg" type="image/jpeg" height="390" width="690"/>
            <content:encoded><![CDATA[&lt;p&gt;दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने उड़ान के दौरान इमरजेंसी सिग्नल भेजा और अचानक अपना रास्ता बदल लिया। इस वाकये के बाद विमान के हाइजैक होने की आशंका के चलते इजराइल ने सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई शुरू की गई। विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि विमान सुरक्षित उतरा और सभी यात्री सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;क्या है पूरा मामला?&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;इजराइली मीडिया की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट जा रही थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;उड़ान के दौरान विमान ने पहले इंटरनेशनल इमरजेंसी कोड 7700 भेजा। यह कोड सामान्य आपात स्थिति के लिए इस्तेमाल किया जाता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इसके बाद विमान की ओर से कुछ समय के लिए 7500 कोड भी भेजे जाने की रिपोर्ट सामने आई। 7500 कोड विमान के अपहरण या किसी तरह के गैर-कानूनी हस्तक्षेप की आशंका से जुड़ा होता है।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इस सिग्नल के बाद कुछ समय के लिए विमान के हाईजैक होने की आशंका पैदा हुई और इजराइली सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, बाद में इजराइली अधिकारियों ने कहा कि यह हाईजैकिंग नहीं थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;इजराइल ने फाइटर जेट्स भेजे, विमान की ऊंचाई तेजी से घटी&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;अलर्ट मिलने के बाद इजराइली वायुसेना के फाइटर जेट्स को भी रवाना किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, विमान की ऊंचाई में भी अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;CNN और फ्लाइट-ट्रैकिंग से जुड़ी रिपोर्टों में बताया गया कि विमान की ऊंचाई करीब 34,000 फीट से तेजी से घटकर लगभग 16,600 फीट तक पहुंच गई थी। इसके बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सऊदी अरब की तरफ चला गया।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;तबुक में सुरक्षित उतरी फ्लाइट FZ1073&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी। तबुक में सिविल और मिलिट्री दोनों तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। फ्लाइट-ट्रैकिंग रिकॉर्ड के मुताबिक, यह घटना दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद हुई। विमान के सऊदी अरब की ओर मुड़ने के बाद आखिरकार उसे तबुक में उतारा गया। फ्लाईदुबई के प्रवक्ता ने कहा कि विमान तबुक में सुरक्षित उतरा और सभी यात्री सुरक्षित हैं। एयरलाइन ने यह भी कहा कि उसकी टीमें संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं और ज्यादा पक्की जानकारी मिलने पर आगे की जानकारी दी जाएगी।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;पायलटों के बीच झगड़े की बात सामने आई&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;शुरुआती तौर पर विमान के हाईजैक होने की आशंका पैदा हुई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में सामने आया कि घटना का संबंध कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हुए शारीरिक विवाद से था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;रॉयटर्स के मुताबिक, एक इजराइली अधिकारी ने बताया कि दोनों पायलटों के बीच विमान के कॉकपिट में हाथापाई हुई थी। इस दौरान इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए और विमान का रास्ता बदलकर उसे सऊदी अरब में उतारा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;इजराइली अधिकारियों ने हाईजैकिंग की बात से इनकार किया है। कुछ इजराइली मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि झगड़े के दौरान एक पायलट को चाकू मारा गया।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि एक पायलट ने विमान को तेजी से नीचे ले जाने की कोशिश की, जिसके बाद दूसरे पायलट ने उसे रोकने की कोशिश की। हालांकि, इन अतिरिक्त दावों की पूरी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;यात्रियों ने बताई विमान के अंदर की स्थिति&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने इजराइल के चैनल 12 से फोन पर बातचीत में बताया कि उन्होंने विमान के आगे के हिस्से से चीख-पुकार सुनी थी। यात्रियों के मुताबिक, उन्होंने पायलटों के बीच बहस जैसी आवाजें भी सुनीं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;कुछ यात्रियों ने बताया कि सऊदी अरब में लैंडिंग से पहले विमान तेजी से नीचे की ओर झुका था। इस दौरान विमान के अंदर मौजूद लोगों में चिंता पैदा हो गई थी।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;तबुक में लैंडिंग के बाद सभी यात्री विमान के अंदर ही रहे। यात्रियों के मुताबिक, सऊदी सुरक्षा बलों ने विमान को चारों तरफ से घेर रखा था। AP की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;&lt;h2&gt;विमान में करीब 180 यात्री सवार थे&lt;/h2&gt;&lt;p&gt;हारेत्ज़ की रिपोर्ट में बताया गया कि फ्लाइट में करीब 180 इजराइली यात्री सवार थे। हालांकि, अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में यात्रियों की संख्या को लेकर थोड़ा अंतर देखने को मिला है। फ्लाईदुबई ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि की है कि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।&lt;/p&gt;&lt;h2&gt;कॉकपिट में पायलटों की लड़ाई का मामला नया नहीं&lt;/h2&gt;&lt;ul&gt; &lt;li&gt;कॉकपिट में पायलटों के बीच विवाद के कारण फ्लाइट का प्रभावित होना बेहद असामान्य स्थिति है, लेकिन अतीत में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;2022 में जिनेवा से पेरिस जा रही एयर फ्रांस की फ्लाइट के कॉकपिट में दो पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी। इसके बाद दोनों पायलटों को निलंबित कर दिया गया था।&lt;/li&gt; &lt;li&gt;हालांकि, उस घटना में विमान का रूट नहीं बदला था और फ्लाइट अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही लैंड हुई थी।&lt;/li&gt;&lt;/ul&gt;]]></content:encoded>
            <category>World news</category>
            <dc:creator>Ganesh Mishra</dc:creator>
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