नई दिल्ली  

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    Careers2, Aug 2020, 7:30 AM

    1 सितंबर से खुल सकते हैं स्कूल...पहले टीचर्स के होंगे कोरोना टेस्ट फिर इन नियमों के साथ शुरू होंगी क्लास

    हाल ही में ऑनलाइन शिक्षा को लेकर इस बात पर चिंता जाहिर की जा रही थी कि बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ रहा है जो कि उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्रालय स्क्रीन टाइम को सीमित करने को लेकर गाइडलाइन्स भी जारी की थीं।
     

  • Other States30, Jul 2020, 11:17 AM

    सीरियल किलर: क्लिनिक बंद करके डॉक्टर करने लगा लूटमार..किसी को नहीं छोड़ता था जिंदा, किडनी भी बेचता था

    नई दिल्ली. डॉक्टर को भगवान कहते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे डॉक्टर को पकड़ा है, जो सीरियल किलर बन चुका था। आशंका है कि 52 साल का यह BAMS (आयुर्वेद) डॉक्टर 100 से ज्यादा हत्याओं में लिप्त हो सकता है। यूपी के अलीगढ़ का रहने वाला डॉक्टर देवेंद्र शर्मा एक मामले में 16 साल जेल मे रहने के बाद हाल में पैरोल पर छूटा था। लेकिन बाहर निकलते ही उसने एक विधवा से प्रेम विवाह कर लिया। वहीं, वो अंडरग्राउंड हो गया था। लेकिन इससे पहले कि वो फिर से अपन खूनी खेल शुरू करता, पुलिस ने बुधवार को दिल्ली से उसे धर दबोचा। पुलिस की जांच में सामने आया हैकि देवेंद्र शर्मा ने बिहार के सीवान से बीएएमएस किया है। इसके बाद वो 1984 से लगातार 11 वर्ष तक जयपुर के बांदीकुई में 'जनता अस्पताल और डायग्नोस्टिक्स' नाम से क्लिनिक चलाता रहा। सीरियल किलर की पहली शादी 1982 में हुई थी। क्लिनिक में मजा नहीं आने पर किलर ने 1994 में थापर चैंबर में गैस डीलरशिप के लिए 11 लाख रुपए निवेश किया था। लेकिन कंपनी भागने से डॉक्टर का पूरा पैसा डूब गया। इसके बाद डॉक्टर का दिमाग सनक उठा और अपराध की दुनिया में कदम रख लिया। पढ़िए सीरियल किलर की कहानी...

  • Other States29, Jul 2020, 9:26 AM

    बेटे को डॉक्टर बनाने सबकुछ बेचकर उसे चीन भेजा..लेकिन उसी देश की फैलाई बीमारी ने दुनिया उजाड़ दी

    एक पिता ने अपने बेटे को इसलिए डॉक्टर बनाया था, ताकि वो लोगों की सेवा कर सके। बेटे को MBBS कराने पिता ने जिंदगीभर जो कुछ कमाया-जोड़ा..सब उसकी पढ़ाई-लिखाई पर खर्च कर दिया। अब वो बेटे के लिए लड़की ढूंढ रहा था, लेकिन इससे पहले ही जिंदगी में कोरोना ने दस्तक दे दी और सबकुछ बिखर गया। यह कहानी 27 साल के डॉ. जोगिंदर की है। वे नई दिल्ली के डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 23 जून को उन्हें बुखार आया। मालूम चला कोरोना है। फिर 27 जुलाई को उनकी मौत हो गई। पिता को बेटे की मौत को गहरा सदमा बैठा है।

  • Other States22, Jul 2020, 10:54 AM

    जिसने यह यात्रा कर ली, उसने आकाश-पाताल और धरती के चमत्कार देख लिए, अमरनाथ यात्रा की कुछ पुरानी PHOTOS

    नई दिल्ली. आखिरकार इस बार बाबा अमरनाथ यात्रा कैंसल करने का आदेश निकाल दिया गया। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए फैसला लेना पड़ा। बाबा अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने मंगलवार को यह फैसला लिया। बता दें कि यह तीर्थ यात्रा श्रावण पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पूरी होती है। इसके बाद गुफा को बंद कर दिया जाता है। माना जाता है कि भगवान शिव ने पार्वती को इसी गुफा में एक कथा सुनाई थी। इसमें अमरनाथ यात्रा और उसके मार्ग में आने वाली जगहों का वर्णन है। अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म में खास स्थान रखती है। गुफा में बर्फ जमने से शिवलिंग का निर्माण होता है। यह यात्रा अपने आप में आलौकिक दुनिया की सैर कराता है। आइए देखिए पिछली यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें...

  • <p>India China dispute, India China border, India border, China border, India China military<br />
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    World14, Jul 2020, 9:14 PM

    चीन अपने ही सैनिकों को नहीं दे रहा सम्मान, 1 महीने बाद भी गलवान में मारे गए जवानों को दफना नहीं रहा

    पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प को एक महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन एक महीने बाद भी चीन अपने सैनिकों को सम्मान के साथ दफनाने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सैनिकों के परिवारों पर दबाव डाला जा रहा है कि वे झड़प में मारे गए सैनिकों को सम्मान के साथ नहीं बल्कि किसी दूर दराज के इलाके में चुपचाप दफन कर दें। 

  • Other States9, Jul 2020, 11:20 AM

    सिर्फ अमरनाथ यात्रा में ही देखे जा सकते हैं दुनिया के अद्भुत नजारें, देखें कुछ खास तस्वीरें

    नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के कारण अब तक टलती आ रही अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि सरकार हर रोज सिर्फ 500 लोगों को ही बाबा बर्फानी के दर्शन करने की अनुमति दे सकती है। इस पर अंतिम फैसला अगले हफ्ते लिया जाएगा। माना जाता है कि भगवान शिव ने पार्वती को इसी गुफा में एक कथा सुनाई थी। इसमें अमरनाथ यात्रा और उसके मार्ग में आने वाली जगहों का वर्णन है। अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म में खास स्थान रखती है। गुफा में बर्फ जमने से शिवलिंग का निर्माण होता है। यह यात्रा अपने आप में आलौकिक दुनिया की सैर कराता है। आइए देखिए पिछली यात्रा की कुछ यादगार तस्वीरें...

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    National8, Jul 2020, 4:38 PM

    जान लें कैसा सैनिटाइजर इस्तेमाल करना चाहिए, सावधानी नहीं बरती तो हो सकते हैं बीमार

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि हैंड सैनिटाइजर खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जानिए कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA)किस तरह के हैंड सैनिटाइजर को बेहतर मानता है। साथ ही यह भी किस तरह का हैंड सैनिटाइजर खरीदने से बचना चाहिए।
     

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    National27, Jun 2020, 5:34 PM

    'भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में जो हुआ, उसके लिए चीन को दशकों तक भारी कीमत चुकानी पड़ेगी'

    पूर्वी लद्दाख में चीन की धोखेबाजी के लिए उसे दशकों तक भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों की माने तो पूर्वी लद्दाख में पिछले कुछ महीनों में चीन ने जो किया, उसने बीजिंग के असली चेहरे को उजागर कर दिया है।

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    National26, Jun 2020, 5:08 PM

    लाठी, डंडा और रॉड से जंग जीतना सिखा रहा चीन, अपने सैनिकों को ऐसे बना रहा हैवान

    नई दिल्ली. भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में किसी तरफ से गोली नहीं चली। एलएसी पर हथियारों के इस्तेमाल पर रोक है। इसलिए चीन अपने सैनिकों को लाठी भाले और डंडा रॉड के जरिए युद्ध लड़ने की ट्रेनिंग दे रहा है। बता दें कि 15 जून की रात को पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन के भी 40 जवानों ने दम तोड़ दिया। 
     

  • Other States26, Jun 2020, 2:00 PM

    ऐसा दिखता है पड़ोसी मुल्क भूटान, लेकिन चीन के चक्कर में कहीं अपना बड़ा भाई न खो दे..देखिए कुछ तस्वीरें

    नई दिल्ली. लद्दाख की गलवान घाटी में कायराना हरकत को मुंहतोड़ जवाब मिलने से बौखलाया चीन छोटे पड़ोसी देशों को भारत के खिलाफ भड़का रहा है। नेपाल के बाद भूटान भी अपना रंग बदल रहा है। भूटान ने नदी का पानी रोककर असम के किसानों के लिए समस्या खड़ी करने की कोशिश की है। बता दें कि असम के बक्सा जिले के करीब 25 गांवों को 1953 से ही भूटान से सिंचाई के लिए पानी मिलता आ रहा है। अब खबरें आई कि कोरोना की आड़ में भूटान ने नहर में पानी छोड़ना बंद कर दिया। हालांकि भूटान अलग तर्क दे रहा है। उसका कहना है कि नहरों में मरम्मत के कारण पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। भूटान ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए अपनी सीमाएं सील कर रखी हैं। फिलहाल वहां जाने पर 21 दिनों तक क्वारेंटाइन होना पड़ेगा। दरअसल, असम के किसान भूटान जाकर पानी डायवर्ट करते थे। लेकिन अभी वे वहां नहीं जा सकते। माना जा रहा है कि चीन के दवाब में आकर भूटान ऐसा कर रहा है। जबकि भारत हमेशा से ही भूटान के लिए बड़े भाई की भूमिका में रहा है। बहरहाल, आइए दिखाते हैं तस्वीरों के जरिये भूटान..
     

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    National26, Jun 2020, 1:49 PM

    चीन अपने ही नागरिकों से मजबूर हुआ, अब खुद ही बता सकता है कि हिंसक झड़प में कितने सैनिकों की जान गई

    नई दिल्ली. गलवान घाटी में एलओसी के पास भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। लेकिन इस दौरान चीन के भी करीब 40 जवानों की जान गई थी, लेकिन आज तक चीन इस बात को मानने से इनकार करता रहा है। अब मृतक सैनिकों की संख्या बताने के लिए चीन मजबूर होने लगा है। दरअसल चीन का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों के परिवार इस बात से नाराज हैं कि भारतीय शहीदों को जैसे सम्मान मिला वैसे चीनी सैनिकों को नहीं मिला। ऐसे में जल्द ही चीन मारे गए सैनिकों की संख्या बता सकता है।
     

  • Jharkhand26, Jun 2020, 9:52 AM

    धरती पर गिरने से पहले बिजली देती है एक संकेत, देखिए वज्रपात की कुछ हैरान करने वालीं तस्वीरें

    नई दिल्ली/रांची/पटना. आकाशीय बिजली मौत बनकर गिर रही है। अकेले गुरुवार को पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 107 लोगों की मौत हो गई। इनमें 83 बिहार और 24 उत्तरप्रदेश से हैं। इससे पहले झारखंड में भी वज्रपात से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि जून से सितंबर तक के महीने में बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। ये महीने बारिश के होते हैं। बिहार में इससे पहले एक दिन में इतने लोगों की मौत कभी नहीं हुई। बिहार के डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्री लक्ष्मेश्वर राय यही मानते हैं। मौसम विभाग के अनुमान के हिसाब से आकाश में रोज 44,000 बार बिजली कड़कती है। लेकिन हर बार यह घातक नहीं होती। आकाश से यह बिजली 22,400 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार से गिरती है। दरअसल, जब बादल आसमान में काफी ऊंचाई पर मौजूद होते हैं, तब वहां तापमान बहुत कम होता है। इसी बीच बादलों में आधे जमे पानी के कणों में धनात्मक और ऋणात्मक चार्ज पैदा हो जाता है। जब कण आपस में टकराते हैं, तो चिंगारी पैदा होती है। यह बिजली कड़कना कहलाता है। आसमान में हर सेकंड 2000 बार तक गर्जना पैदा होती है। आगे पढ़िए..कैसे बचें आकाशीय बिजली के खतरे से और देखें कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें..

  • Other States25, Jun 2020, 10:10 AM

    आपातकाल के बाद 1977 के इलेक्शन में इस एक नारे-'संजय की मम्मी बड़ी निकम्मी' ने इंदिरा गांधी को हिला दिया था

    नई दिल्ली. इलेक्शन में जनता पर उतना प्रभाव भाषणों का नहीं पड़ता, जितना छोटे-छोटे नारों का होता है। बात इमरजेंसी के दौरान की है। 25 जून, 1975 को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया था। इस दौरान उनके छोटे बेटे संजय गांधी ने जनसंख्या पर काबू करने 62 लाख पुरुषों की जबर्दस्ती नसबंदी करा दी थी। इस ऑपरेशन में करीब 2 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद के चुनावों में विपक्ष ने एक नारा दिया था- 'जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में!' इसी नसबंदी अभियान के चलते जनता ने 1977 में इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर दिया था। 1977 के चुनाव में जनता के साथ मिलकर विपक्ष ने ऐसे कई नारे दिए थे, जो इंदिरा सरकार पर भारी पड़ गए। जैसे-संजय की मम्मी बड़ी निकम्मी, सन 1977 की ललकार, गांव-गांव जनता सरकार। संजय गांधी के विवादास्पद मारुति कार प्रोजेक्ट पर भी नारा बनाया था-बेटा कार बनाता है, मां बेकार बनाती है। इससे पहले बता दे कि 1971 के आम चुनाव में इंदिरा गांधी ने नारा दिया था- वे कहते हैं कि इंदिरा हटाओ, मैं कहती हूं गरीबी हटाओ। दरअसल, इंदिरा हटाओ देश बचाओ का यह नारा समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया ने दिया था। देखिए इंदिरा गांधी और संजय गांधी की कुछ पुरानी तस्वीरें...

  • Other States24, Jun 2020, 12:03 PM

    परिवार का पेट पालने के लिए सब्जी का ठेला लगा रहा इंग्लिश टीचर, सुबह 6 बजे से घूमता है एक एक गली

    दिल्ली. कोराना के कहर से बचने के लिए सरकारने लाकडाउन लागू किया था। जिसके चलते देश में लाखों लोग बेरोजगार हो गए, कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने लोगों को नौकरी से निकला दिया। तो कई ने कर्मचारियों का वेतन तक नहीं दिया है। आलम यह है कि उनके पास अपना पेट भरने तक के पैसे नहीं बचे। कोई सब्जी बेचने पर मजबूर है तो कोई मजदूरी करने लगा। ऐसी ही एक मार्मिक कहानी नई दिल्ली से सामने आई है। जहां एक इंग्लिश टीचर को अपना परिवार को पालने के लिए सब्जी का ठेला लगाना पड़ रहा है।
     

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    National24, Jun 2020, 11:55 AM

    कोरोना: आयुष मंत्रालय के सवालों का रामदेव ने दिया जवाब, पतंजलि की दवा के विज्ञापन पर क्यों लगी रोक?

    नई दिल्ली. बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा बनाने का दावा किया, लेकिन दो घंटे बाद ही आयुष मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि इस दवा का तब तक प्रचार न करें, जब तक हमें इसकी पूरी जानकारी नहीं मिल जाती। मंत्रालय के बयान को देखे तो यही लगता है कि अभी मंत्रालय ने दवा को मंजूरी नहीं दी है। आयुष मंत्रालय के इस बयान के बाद पतंजलि के बालकृष्ण ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने वो सारी जानकारी आयुष मंत्रालय को दे दी है जो मांगी गई थी।