Afganistan  

(Search results - 32)
  • undefined

    WorldAug 3, 2021, 10:49 AM IST

    #afganistan: पिता से दुश्मनी निकालने तालिबानी लड़ाकों ने 100 कोड़े मारकर मासूम की पीठ कर दी छलनी

    यह शॉकिंग तस्वीर अफगानिस्तान में तालिबानी के आतंक को दिखाती है। इस बच्चे को इसलिए कोड़े मारे गए क्योंकि इसके पिता तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।

  • <p>Danish Siddiqui, Indian photojournalist Danish Siddiqui, Indian photojournalist Maut, Photojournalist death in Kandahar, Photojournalist Maut News, दानिश सिद्दिकी, दानिश सिद्दीकी आखिरी फोटो</p>

    TrendingJul 16, 2021, 2:43 PM IST

    Danish Siddiqui की आखिरी तस्वीरें, Photos में देखें जब 3 दिन पहले उनकी गाड़ी पर हुआ था रॉकेट से हमला

    अफगानिस्तान. कंधार शहर के स्पिन बोल्डक में शुक्रवार को भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की मौत हो गई। वे अफगान स्पेशल फोर्स के साथ एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट पर थे। वे अफगान सुरक्षा बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच हुई झड़प को कवर कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 दिन पहले ही स्पेशल फोर्सेस की गाड़ी में बैठे दानिश पर रॉकेट अटैक हुआ था। दानिश का उसका वीडियो भी ट्वीट किया था। हालांकि दानिश जिस गाड़ी में बैठे थे वह बच गई और बाकी की 3 गाड़ियां तबाह हो गईं। मौते से करीब एक हफ्ते पहले दानिश सिद्दीकी ने कई तस्वीरें अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट कीं...

  • undefined

    WorldJul 16, 2021, 1:09 PM IST

    दानिश सिद्दीकी की मौत पर अफगानिस्तानी राष्ट्रपति अशरफ गनी ने जताया शोक, विदेश सचिव ने UNSC में की निंदा

    अफगानिस्तान में तालिबान लड़ाकों और अफगान सेना के बीच जारी लड़ाई को कवर करने पहुंचे रॉयटर्स के चीफ फोटोग्राफर दानिश सिद्दीकी की मौत हो गई। उन्हें पुलित्ज़र पुरस्कार मिल चुका था। CAA हो या किसाान आंदोलन या कोरोनाकाल मे श्मशान घाट की तस्वीरें;दानिश के फोटोज ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

  • undefined

    WorldJul 9, 2021, 4:29 PM IST

    तालिबान का दावा-85% क्षेत्र हमारे कब्जे में, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले-एक और पीढ़ी को युद्ध में नहीं झोंकेगे

    अमेरिका का अफगानिस्तान में सैन्य मिशन 31 अगस्त को पूरा हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि 20 साल के बाद अपने पूरा लक्ष्य को पूरा करते हुए यह मिशन पूरा हो रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह थोड़ा सा मुश्किल है कि काबुल से ही पूरा देश को नियंत्रित किया जा सके। राष्ट्रपति बिडेन ने कहा कि यथास्थिति भी कोई विकल्प नहीं है। लेकिन मैं फिर से अमेरिकी सैनिकों की एक पीढ़ी को अफगानिस्तान में युद्ध के लिए नहीं भेज सकता। उन्होंने कहा कि अफगान के लोगों को अपना भविष्य स्वयं तय करना है।

  • <p>1938ರಲ್ಲಿ ಕಾಂಗ್ರೆಸ್ ಅಧ್ಯಕ್ಷಗಾದಿಗೆ ಏರಿದ ನೇತಾಜಿಯನ್ನು ಇದೇ ಹರಿಪುರದಲ್ಲಿ ಮೆರಣಿಗೆ ಮಾಡಲಾಗಿತ್ತು. 2009ರಲ್ಲಿ ಮೋದಿ ಭೇಟಿ ವೇಳೆ ಇಲ್ಲಿನ ಗ್ರಾಮಸ್ಥರು ಮೋದಿಯನ್ನು 51 ಎತ್ತಿನ ಗಾಡಿ ಮೂಲಕ ಮೆರವಣಿಗೆ ಮಾಡಲಾಗಿತ್ತು.</p>

    NationalJul 1, 2021, 8:01 PM IST

    ऐतिहासिक है सूरत का हरिपुरा गांव...पीएम मोदी ने अफगानी राजदूत को इसलिए यहां आने का दिया न्योता

    हरिपुरा गांव में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्वागत यहां 51 बैलों वाले एक रथ में बिठाकर किया गया था।

  • undefined

    NationalJul 1, 2021, 5:46 PM IST

    अफगानी राजदूत ने भारत से रिश्तों पर शेयर की इमोशनल बात, पीएम मोदी ने कहा यह है रिश्तों की खुशबू की महक

    डाॅक्टर्स डे पर अफगानिस्तान के भारत में राजदूत फरीद मामुन्दजई ने अपनी एक आपबीती शेयर की है। राजदूत और राजस्थान के हरीपुरा गांव के बलकार सिंह ढिल्लो के ट्वीट्स को पढ़ने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि मेरे भारत के एक डाॅक्टर के साथ आपने अपना अनुभव शेयर किया है, वो भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की खुशबू की एक महक है। 

  • undefined

    HatkeNov 11, 2020, 2:28 PM IST

    बेटी का पुलिस में भर्ती होना अब्बूजान को नहीं आया पसंद, दोनों आंखों में गोली मार छीन ली नौकरी

    हटके डेस्क: बेटी के सबसे करीबी दोस्तों में शामिल होता है पिता। कहते हैं कि एक लड़की का सबसे अच्छा दोस्त उसका पिता ही होता है। अपनी बेटी को आगे बढ़ता देख हर पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। लेकिन अफगानिस्तान में रहने वाली खतेरा के लिए उसके पिता ही उसके सबसे बड़े दुश्मन बन बैठे। इसलिए नहीं कि खतेरा को किसी से प्यार था। दरअसल, खतेरा को पुलिस की नौकरी मिल गई थी। उसने नौकरी ज्वाइन भी कर ली। लेकिन उसके पिता नहीं चाहते थे कि उनके घर की बेटियां नौकरी करे। इसलिए उन्होंने वो काम किया, जिसकी कभी खतेरा ने उम्मीद भी नहीं की थी। आज अपने पिता की वजह से खतेरा अंधी हो चुकी है और उसकी नौकरी जा चुकी है। आइये आपको बताते हैं कैसे एक पिता ने अपनी जिद में बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी... 

  • <p><strong>हटके डेस्क।</strong> पिछले मंगलवार की सुबह अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के दश्त-ए-बर्ची नेशनल हॉस्पिटल के मैटरनिटी वार्ड में आतंकियों ने भारी कत्लेआम मचाया। आईएसआईएस आतंकवादियों ने वहां अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें 24 लोग मारे गए। मारे जाने वालों में माएं, नर्सें और नवजात बच्चे शामिल थे। लेकिन इस भयंकर गोलीबारी में सिर्फ 3 घंटे पहले पैदा हुई एक बच्ची बच गई, जिसके पैरों में आतंकावादियों ने दो गोली मारी थी। कहावत है - जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। इस बच्ची के बारे में यही कहा जा सकता है। पैरों में दो गोलियां लगने के बावजूद उसका जिंदा बच जाना बहुत ही आश्चर्य की बात है। इस हमले में बच्ची की मां मारी गई। बच्ची का नाम उसकी मां के नाम पर ही नाजिया रखा गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर के उसके पैर से गोली निकाली और उसका इलाज किया। ये आंतकवादी बिल्डिंग में पुलिस अधिकारियों के यूनिफॉर्म में दाखिल हुए थे। बिल्डिंग में घुसते ही उन्होंने ग्रेनेड से हमला किया और फिर राइफल से गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले के दौरान भी कुछ प्रेग्नेंट महिलाओं ने बच्चों के जन्म दिया। आतंकवादियों के इस हमले में कई नवजात बच्चों के साथ एक दर्जन से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और नर्सें&nbsp;घायल हो गईं। बाद में कुछ हमलावर भी मारे गए। घायल लोगों और इस नवजात बच्ची को इलाज के लिए काबुल के इंदिरा गांधी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। इंदिरा गांधी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर नूर उल-हक यूसुफजाई ने कहा कि जन्म लेने के महज 3 घंटे के बाद ही बच्ची को हमलावरों ने गोली मारी। इससे अमानवीय घटना और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्ची का ऑपरेशन सफल रहा है और बड़ी होने के बाद वह आसानी से चल-फिर सकती है। हालांकि, हॉस्पिटल पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन अमेरिका ने इसके पीछे आईएसआईएस के आतंकवादियों का हाथ बताया है। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें।&nbsp;</p>

    HatkeMay 16, 2020, 4:26 PM IST

    3 घंटे पहले ही पैदा हुई थी बच्ची, आतंकियों ने उतार दी 2 गोलियां, लेकिन हुआ चमत्कार

    हटके डेस्क। पिछले मंगलवार की सुबह अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के दश्त-ए-बर्ची नेशनल हॉस्पिटल के मैटरनिटी वार्ड में आतंकियों ने भारी कत्लेआम मचाया। आईएसआईएस आतंकवादियों ने वहां अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें 24 लोग मारे गए। मारे जाने वालों में माएं, नर्सें और नवजात बच्चे शामिल थे। लेकिन इस भयंकर गोलीबारी में सिर्फ 3 घंटे पहले पैदा हुई एक बच्ची बच गई, जिसके पैरों में आतंकावादियों ने दो गोली मारी थी। कहावत है - जाको राखे साइयां मार सके ना कोय। इस बच्ची के बारे में यही कहा जा सकता है। पैरों में दो गोलियां लगने के बावजूद उसका जिंदा बच जाना बहुत ही आश्चर्य की बात है। इस हमले में बच्ची की मां मारी गई। बच्ची का नाम उसकी मां के नाम पर ही नाजिया रखा गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर के उसके पैर से गोली निकाली और उसका इलाज किया। ये आंतकवादी बिल्डिंग में पुलिस अधिकारियों के यूनिफॉर्म में दाखिल हुए थे। बिल्डिंग में घुसते ही उन्होंने ग्रेनेड से हमला किया और फिर राइफल से गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले के दौरान भी कुछ प्रेग्नेंट महिलाओं ने बच्चों के जन्म दिया। आतंकवादियों के इस हमले में कई नवजात बच्चों के साथ एक दर्जन से ज्यादा पुरुष, महिलाएं और नर्सें घायल हो गईं। बाद में कुछ हमलावर भी मारे गए। घायल लोगों और इस नवजात बच्ची को इलाज के लिए काबुल के इंदिरा गांधी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया। इंदिरा गांधी चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर नूर उल-हक यूसुफजाई ने कहा कि जन्म लेने के महज 3 घंटे के बाद ही बच्ची को हमलावरों ने गोली मारी। इससे अमानवीय घटना और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि बच्ची का ऑपरेशन सफल रहा है और बड़ी होने के बाद वह आसानी से चल-फिर सकती है। हालांकि, हॉस्पिटल पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी किसी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन अमेरिका ने इसके पीछे आईएसआईएस के आतंकवादियों का हाथ बताया है। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें। 

  • undefined

    Aisa KyunMay 6, 2020, 3:48 PM IST

    बुद्ध जयंती 7 मई को, इन 10 स्थानों से है गौतम बुद्ध का खास कनेक्शन, जानिए आज कहां हैं

    भगवान गौतम बुद्ध का जन्म वैशाख पूर्णिमा को हुआ था। ये तिथि इस बार 7 मई, गुरुवार को है। इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं।

  • undefined

    HatkeApr 9, 2020, 2:40 PM IST

    पाकिस्तान की लापरवाही, कोरोना के 'हथियार' से अफगानिस्तान पर ये हमला नहीं तो और क्या है ?

    हटके डेस्क: भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कई बार अपने खौफनाक इरादे अपने काम से दुनिया को दिखा चुका है। दुनिया को तबाह करने के लिए ये देश लंबे समय से आतंकवाद को पाल रहा है। पाकिस्तान ने भारत को नुकसान पहुंचाने की कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार उसके इरादे उलटे पड़ जाते हैं। इस बार पाकिस्तान कोरोना को हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाह रहा है। जब सारी दुनिया कोरोना से बचाव के लिए हर संभव लॉकडाउन कर रही है, उस बीच पाकिस्तान ने ऐसा अमानवीय काम किया है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पाकिस्तान ने कोरोना संकट में अपने तोरखम और चमन बॉर्डर को खोल दिया है। ये बॉर्डर अफगानिस्तान से लगता है। बॉर्डर खुलते ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच कई लोग बिना जांच के ही इधर से उधर जाने लगे। जहां पाकिस्तान में कोरोना के कई संक्रमित मरीज हैं, वहीँ अफगानिस्तान में इसके कम मरीज थे। लेकिन अब पाकिस्तान के इस कदम के बाद अफगानिस्तान में भी संक्रमितों की संख्या में तेजी आएगी। 

  • undefined
    Video Icon

    Coronavirus WorldApr 9, 2020, 12:55 PM IST

    अमानवीयता: पाकिस्तान ने सीमाएं खोलकर अफगानी लोगों की जान से किया खिलवाड़

    वीडियो डेस्क। जिस वक्त दुनिया कोरोना से जंग के लिए जूझ रही है उस वक्त पाकिस्तान से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। पाकिस्तान में इस वक्त चार हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले हैं। कई राज्यों में हालात बेकाबू हैं।

  • undefined

    HatkeMar 1, 2020, 2:56 PM IST

    पार्क की बेंच पर बैठ मर्द करते हैं ग्राहकों का इंतजार, फिर घंटे के हिसाब से मोल-भाव कर बेचते हैं जिस्म

    हटके डेस्क: इन दिनों बर्लिन का टियर गार्टन पार्क चर्चा में है। ये टूरिस्ट स्पॉट एक खास वजह से चर्चा में है। दरअसल, बीते कुछ समय से ये पार्क सेक्स वर्कर्स की मंडी में बदल गया है। इस पार्क में अब फैमिली वाले जाने से कतराने लगे हैं। असल में इस पार्क में अब सेक्स वर्कर्स की तादाद बढ़ने लगी है, जो घंटे से लेकर दिन के हिसाब से अपनी बुकिंग करते हैं। हैरत की बात ये है कि ये सेक्स वर्कर्स औरतें नहीं, बल्कि मर्द हैं। 

  • undefined

    WorldMar 1, 2020, 8:26 AM IST

    आफगानिस्तान में बुझेगी गृहयुद्ध की आग; US और तालिबान के बीच शांति समझौता, 14 महीने में खत्म होगा संघर्ष

    दोहा में शनिवार को अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई। इस समझौते के तहत अमेरिका 14 महीने के अंदर अफगानिस्तान से अपने सैन्य बलों को निकाल लेगा। वहीं, गृह युद्ध की आग में झुलसे अफगानिस्तान में अमेरिका पिछले 18 वर्षों से जंग लड़ रहा है।
     

  • undefined

    WorldFeb 29, 2020, 10:10 PM IST

    14 महीने के अंदर खत्म हो सकता है 18 साल पुराना संघर्ष, अमेरिका और तलिबान के बीच ऐतिहासिक समझौता

    इस समझौते के साथ ही तालिबान और काबुल सरकार के बीच भी बातचीत की उम्मीद जगी है जिससे 18 साल से चल रहे संघर्ष के भी खत्म होने के आसार है।

  • undefined

    Aisa KyunFeb 28, 2020, 12:57 PM IST

    आज भी मौजूद हैं महाभारत काल के ये 9 शहर और स्थान, पर बदल गया है कुछ का नाम

    महाभारत हिंदू धर्म का पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ में अनेक स्थानों का वर्णन भी मिलता है।