All India United Democratic Front  

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    Assam Elections 2021Mar 12, 2021, 11:11 AM IST

    Assam Election: एक समय था जब कांग्रेस ने पूछा था-आप कौन खां, आज इन्हीं के सामने जोड़ने पड़े 'हाथ'

    गुवाहाटी, असम. पॉलिटिक्स एक ऐसी 'सोशल' फील्ड जिसमें हर तरह के लोग मिल जाएंगे। अमीर-गरीब, बिजनेसमैन, अनपढ़-पढ़े लिखे आदि। भारतीय लोकतंत्र की खासियत ही यही है कि चुनाव लड़ने के लिए सभी स्वतंत्र हैं। इनसे मिलिए! ये हैं बदरुदीन अजमल। असम की पॉलिटिक्स में इनका अच्छा दखल है। सेंट और परफ्यूम का बिजनेस करने वाले मौलाना अजमल साहब कासमी 17वीं लोक सभा के सांसद हैं। वे 2019 में असम के धुबरी सीट से 'आल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट' पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए। कासमी लगातार तीन बार 2009, 2014 और 2019 लोक सभा चुनाव में जीत दर्ज कर चुके हैं। 12 फरवरी, 1950 को नगांव में जन्मे कासमी ने 'दारुल उलूम देवबंद' से पढ़ाई की। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक समय में कांग्रेस सरकार ने इन्हें पहचानने से मना कर दिया था, लेकिन इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कासमी की पार्टी से गठबंधन किया है।
     

  • <p>Assam, Silchar Airport Video, AIUDF Chief, All India United Democratic Front, MP Badruddin Ajmal<br />
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    NationalNov 6, 2020, 1:53 PM IST

    असम: एआईयूडीएफ चीफ की रैली में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगे, स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा ने की निंदा

    असम के सिलचर एयरपोर्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। यह नारा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख और सांसद बदरुद्दीन अजमल के स्वागत में लगाया जा रहा है। वीडियो शुक्रवार की सुबह का बताया जा रहा है। 
     

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    NationalDec 9, 2019, 5:38 PM IST

    सांसद मौलाना बदरुद्दीन ने नागरिकता संशोधन बिल का किया विरोध, बोले, ये- Divide and Rule

    वीडियो डेस्क। नागरिकता संशोधन विधेयक पर सोमवार को लोकसभा में हंगामा हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि 1947 में आए शरणार्थियों को नागरिकता मिली, तभी मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री और लालकृष्ण आडवाणी उप-प्रधानमंत्री बने। यह बिल किसी का अधिकार नहीं छीनता। इससे पहले शाह ने विधेयक को सदन के पटल पर रखा था। इसके बाद विपक्षी दलों ने इसे पेश करने का विरोध किया। उन्होंने इसे अल्पसंख्यक विरोधी करार दिया। असम के धुबरी से सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने इस बिल का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस बिल से हिन्दू-मुस्लिम को बांटने की कोशिश है ये  संविधान के खिलाफ है। आपके बतादें  बदरुद्दीन अजमल धुबरी से लगातार 3 बार लोकसभा चुनाव में जीतें हैं।