Chamoli  

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    Other StatesApr 24, 2021, 10:53 AM IST

    उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने के बाद रेस्क्यू में जुटी सेना, 384 को बचाया; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    बताते चले कि इससे पहले उत्तराखंड में 7 फरवरी 2021 की सुबह साढ़े 10 बजे चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। हादसे के बाद 50 से ज्यादा लोगों की लाश मिली थी, जबकि 150 से ऊपर लोग ऐसे थे, जिनका हादसे के बाद कोई पता नहीं चल पाया। 

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    NationalFeb 23, 2021, 1:40 PM IST

    ग्लेशियर टूटने से बन गई ये रहस्यमयी झील, 24 घंटे रखी जा रही नजर, ताकि फिर से कोई मौत का सैलाब न आए

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद आए जलजले को बेशक तीन हफ्ते से ज्यादा समय गुजर चुका है, लेकिन इस आपदा ने टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि 7 फरवरी यानी रविवार की सुबह करीब 10 बजे समुद्र तल से करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्लेशियर टूटकर गिर गया था। इससे धौलीगंगा और ऋषिगंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा के ऊपरी हिस्से में यह आर्टिफिशियल झील बन गई है। यह झील अपने अंदर क्या रहस्य छुपाए है, अभी कोई नहीं जानता। लेकिन इसे एक खतरा भी माना जा रहा है। इसके अंदर की हलचलों पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। इसी बीच राज्य सरकार लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी में है। सोमवार तक रेस्क्यू टीम ने 68 शवों को बरामद किया। अभी भी 136 लोग लापता हैं। अब इनके मिलने की उम्मीद खत्म हो चुकी है।

  • <p>Chamoli accident, Uttarakhand accident, glacier bursting, glacier burst in Chamoli</p>

    NationalFeb 23, 2021, 8:41 AM IST

    चमोली हादसा: लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की जल्दी में क्यों है प्रशासन, जान लें इसके पीछे की बड़ी वजह

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद राज्य सरकार लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी में है। सोमवार तक रेस्क्यू टीम ने 68 शवों को बरामद किया। अभी भी 136 लोग लापता हैं। 14 शव तपोवन के एनटीसी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल में मिले। 7 फरवरी को चमोली (Chamoli) जिले के जोशीमठ के तपोवन में सुबह करीब 10 बजे ग्लेशियर फटने के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तपोवन में एनटीपीसी (NTPC) के हाइड्रोपावर प्लांट में काम चल रहा था। जिस वक्‍त ग्‍लेशियर फटा उस वक्त टनल की दूसरी तरफ 40 मजदूर काम कर रहे थे।

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    StateFeb 21, 2021, 4:28 PM IST

    ऋषि गंगा झील में है करीब 4.80 करोड़ लीटर पानी,केदारनाथ में तबाही मचाने वाली चौराबाड़ी से भी है बड़ी

    चमोली (Uttarakhand) । ऋषि गंगा झील में करीब 4.80 करोड़ लीटर पानी होने का अनुमान है। इस झील में होने वाली सारी हलचल पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है। इसके अलावा ऋषिगंगा नदी में सेंसर भी लगाया गया है, जिससे नदी का जलस्तर बढ़ते ही अलार्म बज जाएगा। SDRF ने कम्युनिकेशन के लिए यहां एक डिवाइस भी लगाई है।

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    NationalFeb 21, 2021, 3:56 PM IST

    ग्लेशियर टूटने के बाद बनी आर्टिफिशयल झील ने बढ़ाई टेंशन, हलचल पता करने लगाई सेंसर डिवाइस

    उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा के ऊपरी हिस्से में एक आर्टिफिशयल झील बन गई है। आशंका है कि इस झील में 4.80 करोड़ लीटर पानी भरा हो सकता है। झील कहीं वहां बने डैम की दीवार पर तो प्रेशर नहीं डाल रही, इसका पता करने वहां एक सेंसर डिवाइस लगाई गई है। वहीं, इंडियन नेवी, एयरफोर्स और एक्सपर्ट की टीम के डाइवर्स ने झील की गहराई मापी।
     

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    BollywoodFeb 20, 2021, 8:49 PM IST

    सोनू सूद ने चमोली हादसे में मारे गए शख्स की 4 बेटियों को लिया गोद, पढ़ाई से शादी तक का खर्च उठाएगा एक्टर

    कोरोनाकाल में लॉकडाउन के दौरान गरीब और प्रवासी मजदूरों की मदद करने वाले सोनू सूद (Sonu Sood) एक बार फिर चर्चा में हैं। सोनू ने अब उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को आई बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वाले एक शख्स की 4 बेटियों को गोद लिया है। सोनू सूद अब उनकी पढ़ाई से लेकर शादी तक का हर खर्च उठाएंगे।

  • <p><strong>चमोली (Uttarakhand)। </strong>ग्लेशियर टूटने से आए सैलाब को 13 दिन हो गए हैं। इस दौरान 61 लोगों के शव और 28 मानव अंगों को मलबे से निकाला जा चुका है। 143 लोग अभी भी लापता हैं। ये लोग सैलाब में बहकर कहां गए होंगे, किसी को नहीं पता। ये न जिंदा ढूंढे जा सके हैं और न किसी की लाश मिली है। इनके परिजनों की उम्मीद भी अब टूटने लगी है। बता दें कि आपदा इतनी भयावह थी कि अब तक चमोली के कई हिस्सों में मलबा दिख रहा है, जो,चट्‌टान की तरह हो गया है।</p>

    StateFeb 19, 2021, 12:49 PM IST

    चमोली हादसा- 13 दिन में मिले 61 शव और 28 मानव अंग,मलबा दिख रहा चट्‌टान

    चमोली (Uttarakhand)। ग्लेशियर टूटने से आए सैलाब को 13 दिन हो गए हैं। इस दौरान 61 लोगों के शव और 28 मानव अंगों को मलबे से निकाला जा चुका है। 143 लोग अभी भी लापता हैं। ये लोग सैलाब में बहकर कहां गए होंगे, किसी को नहीं पता। ये न जिंदा ढूंढे जा सके हैं और न किसी की लाश मिली है। इनके परिजनों की उम्मीद भी अब टूटने लगी है। बता दें कि आपदा इतनी भयावह थी कि अब तक चमोली के कई हिस्सों में मलबा दिख रहा है, जो,चट्‌टान की तरह हो गया है।

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    NationalFeb 17, 2021, 10:43 AM IST

    चमोली आपदा: जो लौटकर घर नहीं आए, उनकी फैमिली को रोते देखकर रेस्क्यू टीम ने झोंक दी जान

    चमोली, उत्तराखंड. 7 फरवरी, 2021 की वो डरावनी सुबह, जब करीब 10 बजे ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषिगंगा में मौत का सैलाब आ गया था। इस हादसे को बुधवार को 11वां दिन है। तपोवन स्थित NTPC की टनल से मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। इस बीच 58 डेड बॉडीज और 24 मानव अंग मिल चुके हैं। 146 लोग अभी लापता है। इनमें से कई टनल में फंसे रह गए। अब उम्मीद कम है कि लापता लोगों में से कोई जीवित बचा होगा। लेकिन कहते हैं कि आस आखिरी सांस तक रहती है। इसी आस में लापता लोगों के परिजन टकटक बांधे, आंखों में आंसू लिए रेस्क्यू होते देखते रहते हैं। इन लोगों को रोता देखकर रेस्क्यू टीम मे लगे लोग भी भावुक हो उठते हैं। वे दिन-रात रेस्क्यू पर नजर रख रहे हैं। पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। उन्हें मानसिक संबल दे रहे हैं।

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    NationalFeb 15, 2021, 11:41 AM IST

    चमोली हादसा: टनल में अगर ऑक्सीजन मिल रही, तो उम्मीद है कि कुछ लोग जिंदा होंगे

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे को 15 फरवरी को 9 दिन हो गए हैं। इस बीच NTPC की टनल में फंसे लोगों को निकाला नहीं जा सका है। ये लोग अंदर जीवित होंगे या नहीं, यह अब कोई नहीं कह सकता। बस एक छोटी-सी आस बची है, जिसके सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस आपदा में अब तक 54 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन 154 लोग अभी भी लापता हैं। इनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि रेस्क्यू टीम का मानना है कि टनल में ऑक्सीजन मिल रही है। अगर फंसे हुए लोगों सांस ले पा रहे हैं, तो उनमें से कुछ के जिंदा होने की उम्मीद है। आगे देखें रेस्क्यू के दौरान की अब तक की तस्वीरें...

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    NationalFeb 14, 2021, 9:29 AM IST

    चमोली हादसा: 7 दिन बाद टनल से जिंदगियां नहीं, सिर्फ लाशें निकल रहीं, पहाड़ी पर मंडरा रहा खतरा

    नई दिल्ली. उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की भयंकर प्राकृतिक आपदा को हफ्तेभर हो गया है। 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद जो बाढ़ आई थी, उसमें मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच गई है। हादसे में 204 लोग लापता हुए थे। रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तपोवन सुरंग से पांच और शव मिले। रेस्क्यू लगातार जारी है, लेकिन सुरंग में फंसे लोगों के जीवित होने की संभावनाएं अब खत्म-सी हो गई हैं। टनल में कीचड़ भरा हुआ है। उसे हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा के बाद अभी भी आसपास के कई गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। आईटीबीपी राहत कैंप लगाकर लोगों को मदद दे रही है। बता दें कि ग्लेशियर टूटने के बाद तपोवन स्थित NTPC की टनल में गीला मलबा भर गया था।

  • <p>Glacier burst in Chamoli, disaster in Uttarakhand, Chamoli disaster, glacier bursting, glacier in Himalayas, floods in Uttarakhand, Uttarakhand accident photo</p>

    NationalFeb 12, 2021, 3:02 PM IST

    सुरंग के बाहर ये डॉग 3 दिन से कर रहा है इंतजार, भगाने पर भी नहीं हटता, जानें क्या है इसकी पूरी कहानी

    उत्तराखंड के चमोली में तपोवन हाइडल परियोजना स्थल पर बचाव कार्य जारी है। इस बीच सुरंग के बाहर एक कुत्ता तीन दिनों से अपने मालिक का इंतजार कर रहा है। ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ से बचने वाले राजिंदर कुमार ने बताया कि जब हम काम करते थे तो हम उसे (डॉग) खाना देते थे। सोने के लिए बोरी भी दे देते थे।

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    NationalFeb 12, 2021, 10:52 AM IST

    चमोली हादसा: ग्लेशियर एक्सीडेंट के बाद मलबे ने रोका नदी का वेग, अगर झील टूटी, तो फिर विनाश

    उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद जो तबाही मची, उससे लोग अभी तक उबर नहीं पाएं हैं। 200 से ऊपर लोग अभी भी लापता हैं। इतने में दिनों में लोग जिंदा होंगे भी या नहीं, कोई नहीं जानता। ग्लेशियर टूटने के बाद तपोवन स्थित  NTPC की टनल में गीला मलबा भर गया। इसमें कई लोग फंस गए। ये अब तक नहीं निकाले जा सके हैं। इस बीच सैटेलाइट इमेज और ग्राउंड जीरो से मिल रही एक्सपर्ट रिपोर्ट्स ने एक नया खतरा पैदा कर दिया है। यह खतरा ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा नदी के ऊपरी हिस्से पर मलबा जमा होने से पैदा हुआ है। मलबे के कारण नदी के पानी का बहाव रुक गया है। इससे पानी एक जगह जमा होकर झील का रूप लेता जा रहा है। अगर यह झील टूटी, तो फिर भयानक बाढ़ आ सकती है।
     

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    NationalFeb 12, 2021, 7:30 AM IST

    आपदा के बाद की दर्दनाक तस्वीरः एक साथ जलाए गए 7 शव, DNA संरक्षित किए गए ताकि पहचान हो सके

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद अब तक 36 लोगों के शव मिले हैं। चमोली पुलिस के मुताबिक, 36 शवों के अलावा 16 मानव अंग बरामद किये जा चुके हैं, जिसमें से 10 शवों की शिनाख्त हो गयी है, जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पायी है उन सभी शवों का डीएनए संरक्षित किये गये हैं।  11 फरवरी को 7 शवों और 7 मानव अंगों का धार्मिक रीति रिवाज और सम्मान के साथ दाह संस्कार किया।
     

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    NationalFeb 11, 2021, 11:20 AM IST

    आंखों में आंसू, रब से दुआ कि 'वो' जिंदा हों...चमोली त्रासदी से कई घर-परिवारों पर टूटा मुसीबत का पहाड़

    चमोली, उत्तराखंड. चमोली हादसे ने सिर्फ भारत नहीं, दुनियाभर के वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। अमेरिका तो इस पर रिसर्च तक कर रहा है। उधर, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई लोग आंखों में आंसू लिए...टकटकी बांधे किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। ये वो लोग हैं, जिनके अपने अब तक नहीं लौटे हैं। बता दें कि उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद NTPC की टनल में फंसे लोगों को निकालने पांचवें दिन भी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लेकिन कोई जीवित बचा होगा, इसकी उम्मीद अब कम बची है। कोई चमत्कार ही उन्हें बचा सकता है। बता दें कि 7 फरवरी यानी रविवार की सुबह करीब 10 बजे समुद्र तल से करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्लेशियर टूटकर गिर गया था। इससे धौलीगंगा और ऋषिगंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। हादसे में 206 लोगों के लापता होने की सूचना है। देखिए कुछ तस्वीरें...

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    NationalFeb 10, 2021, 1:02 PM IST

    WARNING: उत्तराखंड के चमोली त्रासदी का यह वीडियो आपको विचलित कर सकता है


    वीडिय डेस्क।   उत्तराखंड के चमोली जिले में 7 फरवरी दिन रविवार को कुदरत ने कहर बरपाते हुए भारी तबाही मचाई। नीती घाटी में रैणी गांव के शीर्ष भाग में ऋषिगंगा के मुहाने पर सुबह करीब 9:15 बजे ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर ऋषिगंगा में गिर गया, जिससे नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस जल प्रलय से नदी पर निर्मित 13 मेगावाट की ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई।एनटीपीसी की तपोवन स्थित 500 मेगावाट की निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा। दोनों परियोजनाओं में काम कर रहे 155 से ज्यादा मजदूरों और स्थानीय लोगों के हताहत होने की खबर है। अभी आठ लोगों के शव मिले हैं। इस  भयानाक  त्रासदी  से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है जिसमें 8 से 10 कर्मचारी पानी और कीचड़ के कारण बहते नजर आ रहे हैं। वीडियो  ये वीडियो आपको विचलित कर सकता है इसलिए कमजोर दिल वाले इसे नहीं देखें।