Chamoli Glacier  

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    NationalFeb 23, 2021, 1:40 PM IST

    ग्लेशियर टूटने से बन गई ये रहस्यमयी झील, 24 घंटे रखी जा रही नजर, ताकि फिर से कोई मौत का सैलाब न आए

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद आए जलजले को बेशक तीन हफ्ते से ज्यादा समय गुजर चुका है, लेकिन इस आपदा ने टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि 7 फरवरी यानी रविवार की सुबह करीब 10 बजे समुद्र तल से करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्लेशियर टूटकर गिर गया था। इससे धौलीगंगा और ऋषिगंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा के ऊपरी हिस्से में यह आर्टिफिशियल झील बन गई है। यह झील अपने अंदर क्या रहस्य छुपाए है, अभी कोई नहीं जानता। लेकिन इसे एक खतरा भी माना जा रहा है। इसके अंदर की हलचलों पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। इसी बीच राज्य सरकार लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी में है। सोमवार तक रेस्क्यू टीम ने 68 शवों को बरामद किया। अभी भी 136 लोग लापता हैं। अब इनके मिलने की उम्मीद खत्म हो चुकी है।

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    NationalFeb 23, 2021, 8:41 AM IST

    चमोली हादसा: लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की जल्दी में क्यों है प्रशासन, जान लें इसके पीछे की बड़ी वजह

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद राज्य सरकार लापता 136 लोगों को मृत घोषित करने की तैयारी में है। सोमवार तक रेस्क्यू टीम ने 68 शवों को बरामद किया। अभी भी 136 लोग लापता हैं। 14 शव तपोवन के एनटीसी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के टनल में मिले। 7 फरवरी को चमोली (Chamoli) जिले के जोशीमठ के तपोवन में सुबह करीब 10 बजे ग्लेशियर फटने के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। तपोवन में एनटीपीसी (NTPC) के हाइड्रोपावर प्लांट में काम चल रहा था। जिस वक्‍त ग्‍लेशियर फटा उस वक्त टनल की दूसरी तरफ 40 मजदूर काम कर रहे थे।

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    NationalFeb 21, 2021, 3:56 PM IST

    ग्लेशियर टूटने के बाद बनी आर्टिफिशयल झील ने बढ़ाई टेंशन, हलचल पता करने लगाई सेंसर डिवाइस

    उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद ऋषि गंगा के ऊपरी हिस्से में एक आर्टिफिशयल झील बन गई है। आशंका है कि इस झील में 4.80 करोड़ लीटर पानी भरा हो सकता है। झील कहीं वहां बने डैम की दीवार पर तो प्रेशर नहीं डाल रही, इसका पता करने वहां एक सेंसर डिवाइस लगाई गई है। वहीं, इंडियन नेवी, एयरफोर्स और एक्सपर्ट की टीम के डाइवर्स ने झील की गहराई मापी।
     

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    NationalFeb 15, 2021, 11:41 AM IST

    चमोली हादसा: टनल में अगर ऑक्सीजन मिल रही, तो उम्मीद है कि कुछ लोग जिंदा होंगे

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे को 15 फरवरी को 9 दिन हो गए हैं। इस बीच NTPC की टनल में फंसे लोगों को निकाला नहीं जा सका है। ये लोग अंदर जीवित होंगे या नहीं, यह अब कोई नहीं कह सकता। बस एक छोटी-सी आस बची है, जिसके सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस आपदा में अब तक 54 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन 154 लोग अभी भी लापता हैं। इनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि रेस्क्यू टीम का मानना है कि टनल में ऑक्सीजन मिल रही है। अगर फंसे हुए लोगों सांस ले पा रहे हैं, तो उनमें से कुछ के जिंदा होने की उम्मीद है। आगे देखें रेस्क्यू के दौरान की अब तक की तस्वीरें...

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    NationalFeb 12, 2021, 10:52 AM IST

    चमोली हादसा: ग्लेशियर एक्सीडेंट के बाद मलबे ने रोका नदी का वेग, अगर झील टूटी, तो फिर विनाश

    उत्तराखंड के चमोली में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने के बाद जो तबाही मची, उससे लोग अभी तक उबर नहीं पाएं हैं। 200 से ऊपर लोग अभी भी लापता हैं। इतने में दिनों में लोग जिंदा होंगे भी या नहीं, कोई नहीं जानता। ग्लेशियर टूटने के बाद तपोवन स्थित  NTPC की टनल में गीला मलबा भर गया। इसमें कई लोग फंस गए। ये अब तक नहीं निकाले जा सके हैं। इस बीच सैटेलाइट इमेज और ग्राउंड जीरो से मिल रही एक्सपर्ट रिपोर्ट्स ने एक नया खतरा पैदा कर दिया है। यह खतरा ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा नदी के ऊपरी हिस्से पर मलबा जमा होने से पैदा हुआ है। मलबे के कारण नदी के पानी का बहाव रुक गया है। इससे पानी एक जगह जमा होकर झील का रूप लेता जा रहा है। अगर यह झील टूटी, तो फिर भयानक बाढ़ आ सकती है।
     

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    NationalFeb 11, 2021, 11:20 AM IST

    आंखों में आंसू, रब से दुआ कि 'वो' जिंदा हों...चमोली त्रासदी से कई घर-परिवारों पर टूटा मुसीबत का पहाड़

    चमोली, उत्तराखंड. चमोली हादसे ने सिर्फ भारत नहीं, दुनियाभर के वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है। अमेरिका तो इस पर रिसर्च तक कर रहा है। उधर, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई लोग आंखों में आंसू लिए...टकटकी बांधे किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं। ये वो लोग हैं, जिनके अपने अब तक नहीं लौटे हैं। बता दें कि उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद NTPC की टनल में फंसे लोगों को निकालने पांचवें दिन भी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लेकिन कोई जीवित बचा होगा, इसकी उम्मीद अब कम बची है। कोई चमत्कार ही उन्हें बचा सकता है। बता दें कि 7 फरवरी यानी रविवार की सुबह करीब 10 बजे समुद्र तल से करीब 5600 मीटर की ऊंचाई पर 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का ग्लेशियर टूटकर गिर गया था। इससे धौलीगंगा और ऋषिगंगा में बाढ़ की स्थिति बन गई। हादसे में 206 लोगों के लापता होने की सूचना है। देखिए कुछ तस्वीरें...

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    NationalFeb 10, 2021, 1:02 PM IST

    WARNING: उत्तराखंड के चमोली त्रासदी का यह वीडियो आपको विचलित कर सकता है


    वीडिय डेस्क।   उत्तराखंड के चमोली जिले में 7 फरवरी दिन रविवार को कुदरत ने कहर बरपाते हुए भारी तबाही मचाई। नीती घाटी में रैणी गांव के शीर्ष भाग में ऋषिगंगा के मुहाने पर सुबह करीब 9:15 बजे ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर ऋषिगंगा में गिर गया, जिससे नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस जल प्रलय से नदी पर निर्मित 13 मेगावाट की ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई।एनटीपीसी की तपोवन स्थित 500 मेगावाट की निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा। दोनों परियोजनाओं में काम कर रहे 155 से ज्यादा मजदूरों और स्थानीय लोगों के हताहत होने की खबर है। अभी आठ लोगों के शव मिले हैं। इस  भयानाक  त्रासदी  से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है जिसमें 8 से 10 कर्मचारी पानी और कीचड़ के कारण बहते नजर आ रहे हैं। वीडियो  ये वीडियो आपको विचलित कर सकता है इसलिए कमजोर दिल वाले इसे नहीं देखें। 

     

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    Other StatesFeb 10, 2021, 11:23 AM IST

    उत्तराखंड तबाही: सुरंग से जिंदा लौटे मजदूर की आपबीती जान फट जाएगा कलेजा, नाखून नीले और शरीर पड़ गया सुन्न

    देहरादून. उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को आए सैलाब ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। किसी के पिता की तो किसी के बेटे की इस प्रलय में मौत हो गई। ग्लेशियल फटने के चार दिन होने के बाद भी  रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय सेना, ITBP,NDRF और के SDRF के 600 से ज्यादा जवान तबाही के बाद दलदल में फंसे लोगों को तलाशने की कोशिश में जुटे हुए हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक अभी तक  32 निकाले जा चुके हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस सैलाब में 8 घंटे तक टनल में एक रॉड और लोहे के सरिया को पकड़े लटके रहे। उन्होंने इस भयानक हादसे के बाद भी अपने हौसले को बनाए रखा। उन्होंने कैसे अपनी सांसों को इस मौत की सुरंग में बचाए रखा वह तारिफे काबिल है। जिनके बारे में जानकर हर किसी के रोंटगे खड़े हो जाएंगे। आइए जानते हैं ऐसे युवकों के बारे में जो मौत के मुंह से बचकर आए...

  • <p>Uttarakhand glacier, glacier breakdown accident, Chamoli glacier accident, glacier, incident in Chamoli, Uttarakhand accident</p>

    NationalFeb 9, 2021, 8:59 AM IST

    तीसरा दिन: टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए रात भर चला काम, लेकिन किसी से नहीं हुआ संपर्क

    उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के वजह से आई तबाही के बाद बचाव कार्य जारी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने तपोवन पर घटनास्थल का जायजा लिया और कहा कि  फ्लैश फ्लड की वजह से NTPC लिमिटेड की 520 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना में लगभग 1,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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    NationalFeb 8, 2021, 5:02 PM IST

    चमोली हादसा: मौत के सैलाब के बाद भी नहीं टूटा हौसला, देखें रेस्क्यू टीम ने कैसे भिड़ा दी अपनी जान

    चमोली, उत्तराखंड. प्रकृति से कौन लड़ पाया है? लेकिन साहसी इंसान मौत से अवश्य लड़ जाता है। यह देखना है, तो चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा में फंसे लोगों की जाने बचाने जुटी रेस्क्यू टीम के हौसले को देखिए। वे दिन-रात पूरी ताकत से टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने जुटे देखे गए। बता दें कि रविवार सुबह करीब 10.30 बजे के आसपास चमोली जिले में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने से ऋषिगंगा घाटी में जलजला आ गया था। गनीमत रही कि जलप्रलय अलकनंदा नदी तक आते-आते शांत पड़ गई। लेकिन इस आपदा को केदारनाथ में 2013 में आई प्राकृतिक आपदा से बड़ा माना गया है। इस हादसे में अभी भी कई लोगों के तपोवन में NTPC की प्रोजेक्ट साइट पर टनल में कई मजदूरों और अन्य कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। रेस्क्यू में NDRF,ITBP और सेना के जवान शामिल हैं।

  • IPS

    CareersFeb 8, 2021, 4:30 PM IST

    कौन हैं चमोली आपदा रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड करने वाली ये IPS, फहरा चुकी हैं दुनिया की 7 ऊंची चोटियों पर तिरंगा

    करियर डेस्क.  IPS officer Aparna Kumar: रविवार को उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से तबाही मच गई। इस आपदा ने वादियों से भरी घाटी को तहस-नहस कर दिया। अब तक 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं सैकड़ों लोग लापता हैं। यहां ITBP के जवान रेस्क्यू में जुटे और इस टीम को लीड कर रही हैं IPS ऑफिसर अपर्णा कुमार। सरकार ने उत्तराखंड में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान IPS अपर्णा कुमार को सौंप दी है। अपर्णा ITBP की DIG हैं। वो एक तेड-तर्रार ऑफिसर होने के अलावा पर्वतारोही भी हैं। उनके नाम कई ऐसे रिकॉर्ड्स दर्ज हैं कि लोग सुनकर दंग रह जाते हैं। दुनिया की कोई ऐसी सबसे उंची पहाड़ी चोटी नहीं बची जहां ऑफिसर अपर्णा के कदमों के निशान न हो। आइए जानते हैं उनकी लाइफ, करियर से जुड़ी  दिलचस्प बातें-  

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    NationalFeb 8, 2021, 3:51 PM IST

    उत्तराखंड : रेस्क्यू टीम ने 26 शव निकाले, अभी भी 197 लोग लापता, इनमें से 35 तपोवन की सुरंग में फंसे

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है। अब तक इस आपदा में 202 लोग लापता हैं। जबकि अब तक 19 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। प्रशासन राहत-बचाव कार्यों में जुटा है। इसमें आईटीबीपी, एनडीआरएफ, सेना और कई केंद्र-राज्य की एजेंसियां रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। 

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    NationalFeb 8, 2021, 12:43 PM IST

    तबाही मचाने के 24 घंटे बाद यूं शांत हो गई गंगा, लोगों की चीख नहीं,बस शांत लहरों को आ रही आवाज

    वीडियो डेस्क। तपोवन में रविवार सुबह 10 बजे ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरने के बाद ये हादसा हुआ। इससे बेतहाशा बाढ़ के हालात पैदा हो गए और धौलीगंगा पर बन रहा बांध बह गया। ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट तबाह हो गए। ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में 32 वर्कर्स लापता हैं। यहां से 5 किलोमीटर दूर NTPC के प्रोजेक्ट पर हादसे के वक्त 176 मजदूर ड्यूटी पर थे। इनमें से 121 लापता हैं। इसके अलावा कुछ ग्रामीण और मवेशी भी लापता हैं।  ऋषिकेश से 18 किलोमीटर दूर गंगा नदी शांत नजर आई। शिवपुरी के पास गंगा नदी का सामान्य जल स्तर दिखा। वीडियो में देखिए  शांत लहरों से सामान्य जल स्तर में बह रही गंग नदी। 
     

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    Other StatesFeb 8, 2021, 8:53 AM IST

    उत्तराखंड तबाही: उस गांव की कहानी जो इस जलजले में हो गया वीरान, चट्टानें-पेड़, इंसान सब नदी में समा गए

    देहरादून. उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह 10 बजे ग्लेशियर टूटने की वजह से आए जल प्रलय से जान और माल की भारी तबाही हुई है। कई लोगों को जिंदा निकल लिया गया है तो कई की तलाश में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पिछले 24 घंटे से एनडीआरएफ, आईटीबीपी, थल सेना और वायु सेना के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हम आपको को बताने जा रहे हैं इस तबाही की आंखों दखी जो लोगों ने इस भयानक मंजर को देखा है। कैसे  चट्टानें-पेड़ और इंसान नंदी में समां गए। (फोटो दैनिक भास्कर)

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    HatkeFeb 8, 2021, 8:47 AM IST

    40 साल से लिखी जा रही थी उत्तराखंड तबाही की कहानी, 2 साल पहले इन्होने की थी भविष्यवाणी

    हटके डेस्क: नंदा देवी ग्लेशियर के हिस्से के पिघलने की वजह से उत्तराखंड के चमोली में आए बाढ़ के बाद फिलहाल 200 लोग लापता हैं। 7 फरवरी को अचानक आई इस आपदा की किसी को जानकारी भी नहीं थी। अचानक ही आई इस विपत्ति ने देश को हैरान कर दिया। लेकिन 2019 में ही एक्सपर्ट्स ने इस आपदा की भविष्यवाणी कर दी थी। जी हां, दो साल पहले एक स्टडी में इस बात को पब्लिश किया गया था कि हिमालय के ग्लेशियर दो गुना तेजी से पिघल रहे हैं। अगर उसी समय एक्सपर्ट्स की इस रिपोर्ट पर ध्यान दिया जाता, तो ये हादसा टाला जा सकता है। बता दें कि रविवार को जोशीमठ में हुए इस हादसे के कारण हिमालय के नीचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ गई। 40 साल की स्टडी के बाद की थी भविष्यवाणी...