Corona Emotional  

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    Madhya PradeshMay 3, 2021, 6:49 PM IST

    सैकड़ों जान बचाने वाली ये कोरोना योद्धा भी कह गई अलविदा, खुद को कई बीमारियां फिर भी करती मरीजों की सेवा

    यह दुखद घटना जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में घटी। जहां पर 2002 से यहां लोगों की सेवा कर कई मरीजों की जान बचाने वाली नर्स मीना की संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। कोरोना संक्रमित हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घर में अब सिर्फ दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।

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    Other StatesApr 8, 2021, 11:16 AM IST

    कोरोना काल में झकझोरने वाली तस्वीर:8 दिन से अस्पताल की सीढ़ी पर पड़ा है परिवार, तिल-तिल मरने को मजबूर

    लाचारी की यह तस्वीर सूरत शहर के एक प्राइवेट यूनिक अस्पताल की है। जहां पिछले आठ दिन से एक परिवार ने अस्पताल की सीढियों को अपना बसेरा बनाया हुआ है। जब अंदर बेड नहीं मिल सके तो वह बाहर खुले में सीढि़यों पर मां-बेटा बाहर सीढियों पर तिल-तिल मरने को मजबूर हैं।

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    HatkeFeb 23, 2021, 11:40 AM IST

    डॉक्टर ने PHOTOS में दिखाया- कैसे मौत देता है कोरोना? कैमरे में कैद किया वार्ड में मरते मरीजों का दर्द

    हटके डेस्क: कोरोना माहमारी की भयावहता से सारी दुनिया त्रस्त है। लाखों लोगों को मौत देने के बाद अब इसके वैक्सीन ने दुनिया नई उम्मीद दी है। हर तरफ मौत का कोहराम मचाने वाले इस वायरस का असली चेहरा अस्पतालों के उन डॉक्टर्स ने देखा, जो मरीजों का इलाज कर रहे थे। इस बीच अमेरिका के लॉस एंजिलिस में रहने वाले एक डॉक्टर ने अपने साथियों को कोरोना मरीजों का इलाज करते हुए कैमरे में कैद किया। ब्लैक एंड व्हाइट फोटोज की सीरीज में लॉस एंजिलिस के USC Medical Center’s Department of Emergency Medicine में काम करने वाले डॉ स्कॉट कोबनर (Dr Scott Kobner) ने कोरोना के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स की फोटोज खींची। डॉ स्कॉट ने अपनी Leica M6 and M10 कैमरा की मदद से वार्ड के अंदर फोटोज कैद की। डॉ स्कॉट ने ये तस्वीरें अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर की। अभी तक लॉस एंजिलिस में कोरोना से 19 हजार 880 लोगों की मौत हुई है। डॉक्टरों की तकलीफ दिखाती तस्वीरें हैं भावनात्मक...  

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    Other StatesJul 29, 2020, 9:26 AM IST

    बेटे को डॉक्टर बनाने सबकुछ बेचकर उसे चीन भेजा..लेकिन उसी देश की फैलाई बीमारी ने दुनिया उजाड़ दी

    एक पिता ने अपने बेटे को इसलिए डॉक्टर बनाया था, ताकि वो लोगों की सेवा कर सके। बेटे को MBBS कराने पिता ने जिंदगीभर जो कुछ कमाया-जोड़ा..सब उसकी पढ़ाई-लिखाई पर खर्च कर दिया। अब वो बेटे के लिए लड़की ढूंढ रहा था, लेकिन इससे पहले ही जिंदगी में कोरोना ने दस्तक दे दी और सबकुछ बिखर गया। यह कहानी 27 साल के डॉ. जोगिंदर की है। वे नई दिल्ली के डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 23 जून को उन्हें बुखार आया। मालूम चला कोरोना है। फिर 27 जुलाई को उनकी मौत हो गई। पिता को बेटे की मौत को गहरा सदमा बैठा है।

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    PunjabJul 17, 2020, 5:18 PM IST

    रिश्तों के बीच कांच की दीवार: एक-दूसरे को देखकर मुस्कराती मां और बेटी की यह तस्वीर भावुक करती है

    कोरोना संक्रमण ने रिश्तों पर गहरा असर डाला है। लेकिन कहते हैं कि इंसान मुश्किलों में भी मुस्कराने का जरिया ढूंढ लेता है। यह तस्वीर यही दिखाती है। मां और बेटी के बीच कांच की दीवार जरूर है, लेकिन वे एक-दूसरे को देखकर खुश हैं। दरअसल, यह हैं जगराओ की एडीसी नीरू कत्याल। ड्यूटी करते हुए जब ये कोरोना संक्रमित हुईं, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहां से घर पहुंचने पर ये आइसोलेट हो गईं। इस दौरान वे अपनी मासूम बेटी को देख सकें, इसलिए उनके पति ने दरवाजे के बीच में से प्लाई का कुछ हिस्सा कटवाकर कांच लगवा दिया।

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    Other StatesMay 30, 2020, 10:26 AM IST

    कई दिनों बाद जब मां की गोद में आए नन्हे भाई-बहन तो खिलखिला पड़े, मां की आंखों से भी झर पड़े आंसू

    वडनगर, गुजरात. किसी मां को अपने बच्चों से दूर कर दिया जाए, तो उसके दिल पर क्या बीतती होगी...ऐसा हर कोई नहीं समझ सकता। यह मां भी अपने नवजात जुड़वां बच्चों से कई दिनों से दूर थी। इनके जन्म के साथ ही मां और बच्चों को एक-दूसरे से दूर कर दिया गया था। कारण, कोरोना संक्रमण। दरअसल, इनकी मां कोरोना पॉजिटिव थी। इससे बच्चे भी संक्रमित हो गए। हालांकि डॉक्टरों ने तीनों की अच्छे से केयर की। अब तीनों ठीक हैं। जब बच्चों को मां की गोद में रखा गया, तो वे खिलखिला पड़े। वहीं, मां की आंखों से आंसू झरने लगे। डॉक्टरों ने ही इन बच्चों का नाम रखा है। लड़के का नाम सुवास और लड़की का नाम स्वरा रखा गया है। इस कहानी के साथ देखिए लॉकडाउन के बीच मां और बच्चों के रिश्तों से जुड़ीं कुछ तस्वीरें..

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    MaharashtraMay 28, 2020, 5:21 PM IST

    कोरोनो से डरता कौन है...कई दिक्कतों के बीच इन बच्चों के साहस से सीखिए..महामारी से डरे नहीं, बल्कि जोश से लड़ें

    मुंबई, महाराष्ट्र. कोरोना ने सारी दुनिया पर संकट खड़ा किया है। यह और बात है कि शुरुआत में लोग इस महामारी को लेकर अधिक घबराये हुए थे, लेकिन अब धीरे-धीरे उनमें इससे लड़ने का माद्दा आता जा रहा है। यह सच है कि यह लड़ाई लंबी है, लेकिन जीतने के लिए लड़ना जरूर पड़ेगा। मुंबई की ये तस्वीरें बच्चों और उनकी मांओं के साहस को दिखाती हैं। कठिन परिस्थितियों में भी मांओं ने हिम्मत नहीं हारी। वहीं, उनके मासूम बच्चे भी मां के कदम से कदम मिलाते देखे गए। कुछ बच्चे बेशक गोद में दिखे। लेकिन मां के चेहरे के संतोष को देखकर महसूस किया जा सकता है कि उनके बच्चों ने उन्हें ऐसे हालात में भी परेशान नहीं किया।
    आपको बता दें कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या 56 हजार 948 हो चुकी है। इस बीच महाराष्ट्र से विभिन्न राज्यों के लिए  696 ट्रेनों से 10 लाख प्रवासी घर भेजे गए हैं। मुंबई एयरपोर्ट से भी 14 हजार यात्रियों का आवाजाही हुई है।

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    RajasthanMay 20, 2020, 11:34 AM IST

    500 मीटर दूरी पर खड़े थे मां-बाप, फिर भी 4 साल की बेटी को अंतिम विदाई देते समय माथा तक चूम न सके

    जयपुर, राजस्थान. कलेजा चीरने वाली यह तस्वीर जयपुर की है। उन लोगों के दिलों पर क्या बीती होगी, जो अंतिम समय में भी अपनों का चेहरा नहीं देख सके। पहली तस्वीर 17 अप्रैल की है। 22 साल के एक युवक की मौत के बावजूद उसके परिजन पास नहीं आ सके। उन्होंने वीडियो कॉल पर बेटे का चेहरा देखा। ऐसा ही एक मामला हाल में सामने आया। एक मां-बाप अपनी मासूम बेटी को अंतिम विदाई देते समय भी उसे देख नहीं सके। कोरोना प्यार में भी बाधक बन गया है।  4 साल की इस बच्ची की 9 मई को कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। चूंकि मां-बाप खुद हॉस्पिटल में क्वारेंटाइन थे, इसलिए बेटी की लाश मर्चुरी में रखी रही, लेकिन वे दर्शन नहीं कर पाए। यह मामला जयपुर के सबसे बड़े हॉस्पिटल सवाई मानसिंह से जुड़ा है। आगे पढ़ें इसी खबर के बारे में...

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    RajasthanMay 20, 2020, 10:05 AM IST

    ऐसा किसी के साथ न हो: 10 मीटर दूर पॉलिथीन में लिपटी रखी थी जवान बेटे की लाश, मां-बाप दूर खड़े होकर रोते रहे

    जयपुर, राजस्थान. जवान बेटे की मौत के बाद ये मां-बाप ठीक से उसका चेहरा भी नहीं देख सके। जब उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब मां-बाप 10 मीटर दूर खड़े होकर रोये जा रहे थे। 27 साल के बेटे की लाश पॉलिथीन में लिपटी रखी थी। क्योंकि बेटे की मौत कोरोना के कारण हुई थी। ऐसे में संक्रमण के खतरे को देखते हुए लाश के पास किसी को भी जाने की इजाजत नहीं थी। यह तस्वीर कोरोना के खतरे को दिखाती है। इन मां-बाप के दिल पर क्या बीत रही होगी, दूसरा कोई नहीं समझ सकता। आगे पढ़िये इसी खबर का शेष भाग..

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    RajasthanMay 16, 2020, 9:36 AM IST

    हमने तो पूरी सतर्कता बरती थी, पता नहीं कैसे बेटी संक्रमित हो गई, बस मेरी बेटी ठीक हो जाए

    कोरोना संक्रमण को रोकने सोशल डिस्टेंसिंग ही एक मात्र विकल्प है। इसके बावजूद जाने-अनजाने लोग किसी के संपर्क में अपने पर संक्रमित हो रहे हैं। यह तस्वीर एक पिता और उसकी बेटी की है। वे मु्ंबई से जयपुर आए थे। यहां आकर उन्हें मालूम चला कि उनकी बेटी को संक्रमण है। हालांकि पिता की रिपोर्ट निगेटिव है। लेकिन मासूम बच्ची को वो अकेला छोड़ भी नहीं सकता। लिहाजा, वो बच्ची के साथ ही कोरोना वार्ड में मौजूद है।

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    Madhya PradeshApr 30, 2020, 9:28 AM IST

    पत्नी का चेहरा झुलसा, मासूम बेटी डरके मारे रोती रही, लेकिन पुलिसवाले ने कहा-'तुम हिम्मत रखो, अभी ड्यूटी पर हूं

    इंदौर, मध्य प्रदेश. यह तस्वीर कोरोना वॉरियर्स और उनकी फैमिली से जुड़े संघर्ष को दिखाती है। कोरोना संक्रमण को रोकने पुलिसवाले शिद्दत से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। वे कई-कई दिनों तक अपने घर तक नहीं जा पा रहे। कई बार घर में घटनाएं-दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं, फिर भी वे ड्यूटी नहीं छोड़ रहे। हालांकि, दु:ख उन्हें भी होता है, लेकिन वे अपनी फर्ज के आगे बाकी सब भूल जाते हैं। यह हैं एक कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह की पत्नी। धीरेंद्र जब ड्यूटी पर थे, तब उन्हें खबर मिली कि पत्नी गैस से झुलस गई है। उसी दिन बच्ची का जन्मदिन भी था। धीरेंद्र चाहते तो, इस हादसे के मद्देनजर उन्हें छुट्टी मिल सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंन पत्नी से बोल दिया कि वो हिम्मत रखे।

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    Madhya PradeshApr 29, 2020, 9:42 AM IST

    कोरोना वॉरियर्स: पुलिस में भर्ती होने पहुंची बेटी ने जब शहीद पिता का कटआउट देखा, तो सैल्यूट करके रो पड़ी

    उज्जैन, मध्य प्रदेश. एक बेटी के लिए इससे बड़ा दु:ख और क्या हो सकता है कि वो अपने शहीद पिता का आखिरी बार चेहरा तक नहीं देख पाए। लेकिन कोरोना के कारण उसे ऐसा करना पड़ा। यह हैं पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से शहीद हुए टीआई यशवंत पाल की बेटी फाल्गुनी। स्वर्गीय पाल उज्जैन के नीलगंगा थाने के टीआई थे। अपने पिता की शहादत के हफ्तेभर बाद उनकी बेटी पुलिस भर्ती के लिए फिटनेस टेस्ट देने इंदौर से उज्जैन पहुंची। यहां पुलिस लाइन में उनके शहीद पिता का कटआउट लगाया गया था। उसे देखकर बेटी की आंखों में आंसू निकल पड़े। लेकिन साहस देखिए, बेटी ने कटआउट को सैल्यूट किया और फिटनेस टेस्ट देने आगे बढ़ गई। फाल्गुनी ने कहा कि वो अपने पिता की तरह देश की सेवा करेगी।

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    RajasthanApr 24, 2020, 5:56 PM IST

    बच्चे की खुशी में सोशल डिस्टेंसिंग भूल खुद जा-जाकर बांटे लड्डू-बताशे, रिपोर्ट आते ही सबकी हवा टाइट

    यह बात सारी दुनिया को पता चल चुकी है कि अगर कोरोना संक्रमण को हराना है, उसकी चेन तोड़ना है, तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। लेकिन एक शख्स दूसरों को नसीहत देता रहा, लेकिन खुद पालन नहीं किया। अपने यहां बेटे होने की खुशी में उसने तमाम रिश्ते-नातेदारों के यहां लड्डू और बताशे बांटे। अब इसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो सब घबराए हुए हैं। मामला राजस्थान के दौसा जिले का है।

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    Other StatesApr 20, 2020, 12:15 PM IST

    जब मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो मैं बहुत घबरा गई थी, लेकिन देखिए..मैं लड़ाई जीतकर आ गई हूं

    यह हैं 21 साल की नियोमी शाह। ये 31 दिनों बाद हॉस्पिटल से ठीक होकर घर लौटी हैं। कोरोना को लेकर लोगों में डर स्वाभाविक-सी बात है, लेकिन यह भी सच है कि इससे डरने नहीं, लड़ने की जरूरत है। नियोमी को भी जब मालूम चला था कि उन्हें कोरोना हुआ है, तो वे घबरा गई थीं। फिर हिम्मत जुटाई और अब कहती हैं कि लोग डरें नहीं, कोरोना से लड़ें। नियाेमी अहमदाबाद की रहने वाली हैं। जानिए वे क्या कहती हैं..
     

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    JharkhandApr 18, 2020, 2:56 PM IST

    पति मुझे जो ड्यूटी सौंपकर गए हैं, उसके लिए अगर जान भी चली जाए, तो कोई गम नहीं होगा

    कोरोना संक्रमण ने लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डाला है। इस बीमारी के कारण लोग अपनों को गले तक नहीं लगा पा रहे। फील्ड में ड्यूटी करने वाली मां अपने बच्चों को लाड़-दुलार नहीं कर पा रहीं। कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने ड्यूटी करने वाले ऐसे लोगों को अपनी दिनचर्या बदलनी पड़ी है। पढ़िए एक ऐसी ही लेडी ASI की कहानी, जिसके कांधे पर दो बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी है, लेकिन वो अपनी ड्यूटी भी जी-जान से कर रही है।