Freedom Movement  

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  • Gandhi Jayanti, BJP president JP Nadda ask 7 crore party workers to promote KhadiGandhi Jayanti, BJP president JP Nadda ask 7 crore party workers to promote Khadi

    NationalOct 2, 2021, 4:15 PM IST

    Gandhi Jayanti: 7 अक्टूबर तक इस मिशन में जुटेंगे बीजेपी के 7 करोड़ कार्यकर्ता, जेपी नड्डा ने की घोषणा

    नड्डा (JP Nadda ) ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान ने खादी उद्योग को नया जीवन दिया है। 

  • 75th Independence Day: the untold story of chauri chaura which play important role in India's freedom75th Independence Day: the untold story of chauri chaura which play important role in India's freedom

    NationalAug 7, 2021, 11:00 AM IST

    75th Independence Day: चौरीचौरा-जहां से जली क्रांति की मशाल ने गोरों को कर दिया खौफजदा

    आजादी के संघर्षों वाले इतिहास के पन्ने जब भी पलटे जाएंगे तो देश के कुछ स्थान हमेशा गर्व से प्रफुल्लित करेंगे। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हम आपको ऐसे ही कुछ जगहों के बारे में आपसे रूबरू कराएंगे। आजाद भारत को बनाने में इन जगहों का क्या रहा है योगदान और कैसी है यह हमारी ऐतिहासिक विरासत। 

  • Kadambini Ganguli was first female doctor of India, who made Calcutta medical college start admission of women MJAKadambini Ganguli was first female doctor of India, who made Calcutta medical college start admission of women MJA

    NationalMar 8, 2021, 4:08 PM IST

    भारत की पहली महिला डॉक्टर थीं कादंबिनी गांगुली, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में लड़कियों का एडमिशन करवाया शुरू

    नेशनल डेस्क। भारत में ऐसी कई महिलाएं हुईं, जिन्होंने समाज-सुधार, राष्ट्रीय आंदोलन और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे काम किए कि उनका नाम इतिहास में दर्ज हो चुका है। ऐसी ही महिलाओं में कांदबिनी गांगुली (Kadambini Ganguli) का नाम आता है, जो भारत की पहली महिला चिकित्सक थीं और जिनकी कोशिशों से कलकत्ता मेडिकल कॉलेज (Calcutta Medical Collgege) में महिलाओं का एडमिशन शुरू हुआ। कादंबिनी गांगुली को शिक्षा हासिल करने के लिए काफी संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उस जमाने में जब लड़कियों के घर से निकलने पर तक पाबंदी थी, कांदबिनी गांगुली ने देश में कॉलेज की शिक्षा पूरी करने के बाद विदेश से मेडिकल साइंस में डिग्री ली। इसके अलावा राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी खास भूमिका रही। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day 2021) हम आपको बताने जा रहे हैं उनके जीवन के बारे में कुछ खास बातें। (फाइल फोटो)    
     

  • Special video on Bhagat Singh on his Birth anniversary 2020  ahmSpecial video on Bhagat Singh on his Birth anniversary 2020  ahm
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    NationalSep 27, 2020, 11:25 PM IST

    Bhagat Singh Birth Anniversary: क्यों तय समय से पहले भगत सिंह को दे दी गई थी फांसी

     

    "बुराई इसलिए नहीं बढती की बुरे लोग बढ़ गए है बल्कि बुराई इसलिए बढती है क्योंकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ गये है" ये लिखा था भारत के वीर सपूत क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने। यह तो हम सब जानते हैं कि 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई। लेकिन क्या आप जानते है कि इन तीनों की फांसी का समय 24 मार्च 1931 का था ? जी हाँ भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी के तय समय से 11 घंटे पहले ही फांसी दे दी गई थी। लेकिन ऐसा क्यों हुआ, आइए जानते हैं इस बारे में।