Indira Gandhi Emergency  

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    CareersJun 25, 2021, 11:16 AM IST

    46 साल पहले इस तरह की गई थी लोकतंत्र की हत्या, 21 महीनों तक खौफ में जीने को मजबूर थी जनता

    करियर डेस्क : 25 जून 2021 को आपातकाल की 46वीं वर्षगांठ है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में आपातकाल को एक काले चरण के रूप में माना जाता है। 1975 में इसी दिन भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने केंद्र में इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की सिफारिश पर देश भर में आपातकाल (Emergency) की घोषणा की थी। आपातकाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक रहा। 21 महीनों तक देश की जनता इमरजेंसी की दहशत के बीच रहीं। आज भी भारत के इतिहास के बारे में बात करते हुए अकादमिक और राजनीतिक हलकों में इसपर बहस की जाती है। आइए आज आपको बताते है इस दिन की कहानी...

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    NationalMar 3, 2021, 10:14 AM IST

    क्यों राहुल गांधी ने 'इमरजेंसी' को लेकर अपनी ही दादी को 'विलेन' बना दिया, जानिए 1975 में ऐसा क्या हुआ था

    राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के शासनकाल में लगाए गए आपातकाल को गलत ठहराकर सनसनी पैदा कर दी है। बेशक विपक्षी दल आपातकाल को लेकर इंदिरा गांधी को तानाशाह बताते रहे, लेकिन कांग्रेसी कभी इस विषय पर नहीं बोले। बता दें कि कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बुधवार को प्रो. कौशिक बसु के साथ वर्चुअल डिस्कशन में राहुल ने कहा कि इमरजेंसी एक गलती थी। हालांकि वे मौजूदा मोदी सरकार के कार्यकाल की उससे तुलना कर रहे थे। आइए जानते हैं, आखिर इंदिरा का आपातकाल क्यों भारतीय राजनीति के इतिहास में एक काला अध्याय रहा है।
     

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Indira Gandhi, Emergency, Emergency Villains<br />
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    NationalJun 25, 2020, 7:06 PM IST

    इमरजेंसी के 45 साल : किसी ने कर ली आत्महत्या तो कोई बन गया मंत्री, ये हैं आपातकाल के खलनायक

    इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 में आपातकाल लगाया था, जिसने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को एक तानाशाही में बदल दिया। 21 महीने के आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने अपने राजनीतिक विरोधियों और पत्रकारों को जेल में डाल दिया। प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी। संविधान द्वारा दिए गए मूलभूत अधिकारों को निलंबित कर दिया गया। 

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    HaryanaJun 25, 2020, 10:54 AM IST

    'जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में'

    चंडीगढ़. 25 जून, 1975 को इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी की घोषणा की थी, ताकि उनकी सरकार बची रही। आपातकाल को भारतीय राजनीति का सबसे काला अध्याय माना जाता है। इसी का परिणाम था कि इसके बाद 1977 में जब आम चुनाव हुए, तो आक्रोशित जनता ने इंदिरा गांधी की सरकार को उखाड़कर फेंक दिया था। आपातकाल में सरकार ने कई मामलों में क्रूरता की हदें पार कर दी थीं। इनमें से एक थी-जबरिया नसबंदी की मुहिम। यह आइडिया इंदिरा गांधी को किसी और ने नहीं, उनके छोटे बेटे संजय गांधी और उनके खास चौधरी बंसीलाल ने दिया था। बंसीलाल को आधुनिक हरियाणा का जनक कहा जाता है, लेकिन आपातकाल उनकी जिंदगी पर कलंक साबित हुआ। संजय गांधी के लिए भी यह हमेशा एक दाग रहेगा। इस दौरान 62 लाख पुरुषों की जबरिया नसबंदी करा दी गई थी। आपातकाल के दौरान दो नारे तेजी से वायरल हुए थे। पहला-'जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में!' दूसरा-'नसबंदी के तीन दलाल-इंदिरा, संजय बंसीलाल। बता दें कि पुरुषों को पकड़-पकड़कर शिविर में लाया गया था। इस दौरान कई लोगों की मौत भी हो गई थी। जानिए नसबंदी की पूरी कहानी..

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    Madhya PradeshFeb 21, 2020, 2:22 PM IST

    'द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में'...कमलनाथ ने फिर याद दिलाया संजय गांधी का 'दौर'

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का नसबंदी को लेकर दिया गया एक आदेश विवादों में घिर गया है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को कड़े शब्दों में कहा है कि सबको हर महीने 5-10 पुरुषों की नसबंदी करानी थी। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद कमलनाथ ने यह आदेश वापस ले लिया।

  • Two leaders each from Shiv Sena, NCP and Congress to be ministers in government, will take oath today

    NationalNov 28, 2019, 12:19 PM IST

    डिप्टी सीएम पर सस्पेंस, अजित पवार बोले, आज नहीं लूंगा शपथ

    आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस दौरान उद्धव ठाकरे के साथ तीनों ही पार्टियों के दो-दो नेता शपथ लेंगे। उद्धव सरकार की कैबिनेट में अनुभवी नेताओं को शपथ दिलाई जाएगी। 

  • Now in Maharashtra,  Shivsena use Indira Gandhi's image, wrote Satyamev Jayte

    NationalNov 28, 2019, 9:49 AM IST

    अब शिवसेना के पोस्टरों में इंदिरा गांधी की हुई एंट्री, तस्वीर लगा कर लिखा सत्यमेव जयते

    महाराष्ट्र में बने नए गठबंधन को मजबूत दिखाने के लिए मुंबई की सड़कों पर लगे शिवसेना के पोस्टर में पार्टी के पितामह बालासाहेब ठाकरे और इंदिरा गांधी की तस्वीर लगाई गई है। जिसमें बालासाहेब इंदिरा को बधाई देते हुए दिखाई दे रहे है।