Innovative Ideas  

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  • innovative ideas 9th student made e bike  single charged run 100 kilometer IN delhi

    Other StatesSep 14, 2021, 7:10 PM IST

    9वीं के स्टूडेंट का कारनामा: कबाड़ से बना डाली E-बुलेट, जो एक बार चार्ज होने पर चलेगी 100 किलोमीटर

    नई दिल्ली. कहते हैं एक इनोवेटिव आइडियाज से हर कोई अपनी किस्मत पलट सकता है। इसके लिए कोई उम्र नहीं होती है। कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है एक 9वीं क्लास में पढ़ने वाले एक छात्र ने, जिसके हुनर की आज हर कोई तारीफ कर रहा है। इस बच्चे ने कबाड़ के कलपुर्जों के साथ कलाकारी कर ई-बुलेट बना डाली। जो एक बार चार्ज करने पर 100 किलोमीटर तक चलेगी। आइए जानते इस बच्चे का कारनामा...
     

  • Innovative ideas, 11th student made prosthetic hand for the disabled

    NationalSep 13, 2021, 8:05 AM IST

    Good Idea: तेरे हाथ में मेरा हाथ हो; 11th के स्टूडेंट ने दिव्यांगों के लिए बना दिया कम कीमत वाला ये हाथ

    कहते हैं कि जहां चाह, वहां राह! ये हैं ओडिशा के रहने वाले शाश्वत मिश्रा। ये अपने दिव्यांग दोस्तों को देखकर उनकी मदद के लिए कुछ करना चाहते थे। इन्होंने दिव्यांगों के लिए कृत्रिम हाथ(prosthetic hand) बनाया है।

  • ATL Space Challenge 2021 Launched students having innovative ideas, Know how to participate and apply for project

    NationalSep 10, 2021, 7:18 PM IST

    ATL स्पेस चैलेंज 2021 हुआ लांच: अपने इनोवेटिव आईडियाज के साथ करें आवेदन, मिलेगा ISRO का सहयोग

    यह प्रोग्राम उन शिक्षकों, स्टूडेंट्स के लिए है जो एटीएल लैब्स वाले स्कूल्स से नहीं जुड़े हुए हैं। इस स्पेस चैलेंज के जरिए क्लास 6 से 12 के छात्रों को एक खुला मंच दिया जाता है जहां वे डिजिटल युग में स्पेस टेक्नोलॉजी की समस्याओं का हल खोज सकें, नए नए इनोवेशन करने में सक्षम बन सकें। 

  • artist Dilip Maharana built a miniature version of Puri Temple

    NationalAug 17, 2021, 10:51 AM IST

    18 साल के इस कलाकार ने सोचा 'चलो कुछ नया करते हैं' और लकड़ी से बना दिया पुरी का यह अद्भुत 'जगन्नाथ मंदिर'

    जहां चाह, वहां राह! हर आदमी के दिमाग में लगातार आइडिया(good idea) आते रहते हैं। आवश्यकता उन पर सही समय पर और पूरी लगन से काम करने की होती है। दुनिया में जितने भी आविष्कार हुए या कुछ नए काम हुए, उनके पीछे लोगों की क्रियेटिविटी और लगन है। ओडिशा के इस लड़के ने भी यही कर दिखाया। इसने जगन्नाथ पुरी के मंदिर को देखा होगा। उसकी भव्यता और खूबसूरत से इतना प्रभावित हुआ कि सोचने लगा; काश मंदिर उसके घर में होता! अब इतना विशाल मंदिर तो घर में आने से रहा, लेकिन इस लड़के ने अपनी इच्छा पूरी कर दिखाई। उसने लकड़ी से पुरी के मंदिर की हूबहू कृति(miniature) तैयार कर लिया।

  • Engineering students from Pune designed an AI operated autonomous vehicle

    NationalAug 12, 2021, 10:03 AM IST

    ये है Driverless गाड़ी; न ठोकेगी अगाड़ी और न पिछाड़ी, ऑर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का गजब प्रयोग

    इसे कहते हैं कृत्रिम बुद्धिमता( artificial intelligence) का गजब प्रयोग। पुणे के कुछ इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने यह Driverless गाड़ी बनाई है।

  • A Pune-based engineer is working on recycling products like old tires to make designer furniture

    NationalAug 7, 2021, 9:15 AM IST

    कबाड़ से जुगाड़: खाली ड्रम और टॉयर के प्रयोग से तैयार कर दिए डिजाइनर फर्नीचर, डिमांड बढ़ी तो नौकरी छोड़ दी

    पुणे. इसे कहते हैं कबाड़ से जुगाड़(recycling products) का गजब आइडिया! पुणे के रहने वाले 29 वर्षीय इंजीनियर प्रदीप जाधव पुराने टायर और बैरल(Barrel) यानी खाली ड्रम जैसे उत्पादों को रिसाइकिल करके डिजाइनर फर्नीचर तैयार कर रहे हैं। प्रदीप जाधव के अनुसार, उन्होंने नौकरी छोड़कर 2019 में यह काम शुरू किया था। इस समय उनके साथ 12 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इनके स्टार्टअप का नाम ‘Gigantiques’ है। ये इंडस्ट्रियल वेस्ट को अपसायकल करके फर्नीचर, होम डेकॉर की चीजें बनाते हैं। 
     

  • Bamboo Footover Bridge in Assam,Innovative ideas kpa

    NationalFeb 15, 2021, 4:40 PM IST

    गजब PHOTOS: फौलाद से नहीं, बांस से बनाया गया है यह अनोखा फुटओवर ब्रिज, देखने पहुंच रहे लोग

    गुवाहाटी, असम. आमतौर पर ब्रिज के निर्माण में फौलाद यानी स्टील, लोहा, सीमेंट और कांक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है, जाकि उसकी मजबूती रहे। फुटओवर ब्रिज भी लोहे या स्टील धातु से बनाए जाते हैं। लेकिन असम के गुवाहाटी में यह फुटओवर ब्रिज बांस से बनाया गया है। यह ब्रिज लोगों के लिए जिज्ञासा का कारण बन गया है। दरअसल, नदियों या नालों पर बांस से झूलते पुल बनते तो लोगों से खूब देखे होंगे, लेकिन रोड क्रॉस करने ऐसा ब्रिज पहली बार देखने को मिला। वैलेंटाइन-डे यानी 14 फरवरी को यह पुल लोगों के लिए खोल दिया गया।

  • Multipurpose machine made from desi jugaad science kpa

    HatkeDec 24, 2020, 9:10 PM IST

    घर में पड़ा था ढेर कबाड़, इससे पहले कि घरवाले कबाड़ी को देते बेटे ने बना दी गजब मशीन

    हर कबाड़ बेकार नहीं होता! कभी-कभार इसी कबाड़ से काम की चीजें बन जाती हैं। अब इसी मशीन को देखिए। किसी अजूबा से कम नही है यह मशीन। देश में किसानों के पिछड़े होने की एक बड़ी वजह उनके पास खेतीबाड़ी के लिए संसाधनों की कमी है। छोटे और गरीब किसानों के पास ट्रैक्टर नहीं है। दवा के छिड़काव के लिए आधुनिक मशीनें नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के उदयपुर जिले के मावली कस्बे के रहने वाले इस युवा किसान ने कबाड़ से यह मशीन बना दी। यह मामला बेशक कुछ साल पहले मीडिया का सुर्खियों में आया था। लेकिन इसे दिखाने का मकसद यही है कि आप भी अपने टैलेंट से कुछ ऐसा ही धमाल कर सकें। आगे पढ़िए इसी जुगाड़ के बारे में...

  • career oriented ideas and success story, job in lockdown kpa

    CareersDec 22, 2020, 9:35 PM IST

    छोटी-मोटी नौकरी के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने से अच्छा है, इनके आइडिया देखें

    बात सिर्फ लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने की नहीं है। रोजगार पहले से ही एक समस्या रही है। इसकी एक बड़ी वजह युवाओं में सरकारी या प्राइवेट नौकरी चाह होना है। वे मामूली-सी नौकरी के लिए परेशान होते हैं। दूसरा रोजगार के दूसरे कामों में हाथ नहीं आजमाना। लेकिन ये दो कहानियां आपकी सोच बदल देंगी। इनमें से एक कहानी 12वीं तक पढ़ी लड़की की है, जो कभी कम्प्यूटर ऑपरेटर की मामूली नौकरी करती थी। फिर टी-स्टॉल शुरू किया। आज 15-20 हजार रुपए महीने कमा रही हैं। दूसरी कहानी एक ऐसे शख्स की है, जो प्राइवेट ड्राइवर था। लॉकडाउन में नौकरी जाती रही। कोई दूसरी नौकरी नहीं मिली, तो पत्नी के साथ मिलकर चावल-राजमा बेचना शुरू किया। आज ये हर महीने एक लाख रुपए तक की बिक्री कर लेते हैं। पढ़िए दोनों कहानियां और बदलिए अपनी सोच....

  • A man made a bike using a bicycle from a domestic jugaad science kpa

    HatkeDec 19, 2020, 9:52 AM IST

    पंचर बनाने वाले के बेटे ने जुगाड़ से बना दी बैट्री से चलने वाली बाइक

    मिर्जापुर, यूपी. अगर दिमाग की बत्ती जल जाए, तो जुगाड़ से भी कमाल की चीजें बनाई जा सकती हैं। अब इस युवक को ही देखिए! इसके पिता पंचर बनाने की दुकान चलाते हैं। यह पिता के काम में हाथ बंटाता है और कॉलेज में पढ़ता भी है। एक दिन इसके दिमाग में आइडिया आया। इसने दुकान में पड़े कबाड़ उठाए और महीनेभर की मेहनत के बाद यह जुगाड़ की बाइक तैयार कर दी। एक बार बैट्री चार्ज करने पर यह 50 किमी चलती है। सबसे बड़ी बात यह परिवार इतना गरीब है कि युवक के पास बैट्री खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। लिहाजा इसने नवरात्रि में देवी मां की छोटी-छोटी मूर्तियां बनाईं और बेचीं। इसके बाद बाइक बनाने का प्लान किया। पिछले दिनों इसने बाइक बनाकर तैयार कर दी।

  • Geyser with indigenous jugaad science, innovative ideas kpa

    HatkeDec 16, 2020, 5:21 PM IST

    लुहार ने बनाया टीन-टप्पर की जुगाड़ से देसी गीजर,10 मिनट में गर्म कर देता है पूरे घर के लिए पानी

    दिल्ली. उत्तर भारत की ठंड अच्छे-खासों को ठिठुरा देती है, चाहे वो कोई भी हो। ठंड में खुली सड़क पर धरना-प्रदर्शन करना किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है। खैर, इस आंदोलन के दौरान जहां किसानों की सुख-सुविधा के लिए हाईटेक मशीनें या अन्य साधन पहुंचाए गए हैं, वहीं यहां गर्म पानी के लिए मंगाए गए देसी गीजर सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गए हैं। ये गीजर बिना बिजली के और कम लकड़ियों के ईंधन पर चलते हैं। ये गीजर 20 से 40 लीटर की क्षमता वाले हैं। एक बार में इसमें 10-15 मिनट में 5 जनों के लिए पानी गर्म किया जा सकता है। आइए जानते हैं गीजर के बारे में...

  • The man who makes protective blankets for homeless people by crisp wrappers kpa

    HatkeDec 15, 2020, 11:15 AM IST

    चिप्स के पैकेट से गरीबों के लिए कंबल बना रहा ये शख्स, जुगाड़ देख लोगों ने ठोंका सलाम

    बेकार की चीजें भी कितने काम की हो सकती हैं, कोई अमेरिका के रहने वाले माइली पॉरिट से सीखे। खुद अनाथ माइली ने कई रातें सड़कों पर गुजारीं। खासकर, ठंड में फुटपाथ पर सोना कितना मुश्किल होता है, यह वो अच्छे से जानते हैं। लेकिन एक आइडिया ने उन्हें लोगों का हीरो बना दिया। वे चिप्स के पैकेट से गरीबों के लिए कंबल बनाते हैं। जानिए माइली की कहानी....

  • farmers made unique water pumps with Desi jugaad science, run  without electricity kpa

    Madhya PradeshDec 5, 2020, 12:14 PM IST

    कभी कबाड़ की जुगाड़ से आप भी कुछ आविष्कार करके देखिए, इन लोगों ने बिजली का विकल्प खोज निकाला

    मंडला, मध्य प्रदेश. आवश्यकता आविष्कार की जननी होती है! जब कोई परेशानी सिर पर खड़ी हो जाती है, तो आदमी उससे निपटने का उपाय खोजने लगता है। जिनके दिमाग की बत्ती जल जाती है, वे नई चीजें बना देते हैं। एक मामला मंडला से जुड़ा है। यहां बिजली संकट के कारण खेतों में पानी नहीं दे पा रहे किसानों ने ऐसी मशीन बना दी, जो पानी के फोर्स से चलती है। अब किसान इससे ही सिंचाई कर रहे हैं। इस मशीन से 30 हॉर्स पॉवर तक बिजली पैदा हुई। ऐसे आविष्कार पहले भी सामने आए हैं। देसी जुगाड़ साइंस से बनी ये मशीनें लोगों के क्रियेटिविटी और जूननू को दिखाती हैं। आगे पढ़िए कुछ ऐसे ही आविष्कारों के बारे में...

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    Other StatesNov 15, 2020, 11:01 AM IST

    जुगाड़ से कमाल: बच्चे जब रूठ गए, तो पिताओं ने कबाड़ से बना दीं ये वंडर कारें

    पुणे/हजारीबाग. कबाड़ की जुगाड़ से बहुत कुछ बनाया जा सकता है। इन दो पिताओं ने देसी जुगाड़ से अपने बच्चों के लिए खिलौना कार बना दी। देसी जुगाड़ के इन आविष्कारों ने न सिर्फ 'मेड इन इंडिया' को बढ़ावा दिया, बल्कि चीनी खिलौनों के बहिष्कार को भी बल दिया। एक मामला पुणे से जुड़ा है, जबकि दूसरा झारखंड के हजाीबाग से। बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर दिया था। यानी इसमें चीनी खिलौनों के बजाय स्वेदशी खिलौनों तैयार करने की बात छुपी हुई थी। आइए जानते हैं इन पिताओं की कहानी, जिन्होंने बच्चों के लिए जुगाड़ से कारें बना दीं..
     

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    JharkhandNov 13, 2020, 12:02 PM IST

    यूट्यूब से सीखकर 'भाई' ने बना डाला कबाड़ से टरबाइन, पूरे गांव को दे डाली फ्री में 24 घंटे बिजली

    लोहरदगा, झारखंड. देश में कई गांव आज भी ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंची है। वहीं, ऐसे भी गांव हैं, जहां बिजली कभी-कभार आती है। महंगी बिजली और कटौती आम समस्या है। इसी समस्या से झारखंड के लोहरदगा जिले का गांव खड़िया भी जूझ रहा था। बिजली की समस्या से गांव अंधेरे में घिरा रहता था। इसी बीच 28 साल के एक युवक ने देसी जुगाड़ (Desi jugaad science) के जरिये बिजली पैदा करने की ठानी। उसने टरबाइन तकनीक सीखने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया। इसके बाद उसने एक गड्ढा खोदा। उसमें टरबाइन स्थापित किया और आज गांव में 24 घंटे मुफ्त बिजली मिल रही है। रखरखाव पर जो थोड़ा-बहुत खर्चा होता है, वो सब मिलकर भर देते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह युवक कोई इंजीनियर नहीं हैं। यह हैं इंटर पास कमिल टोपनो। इस प्रोजेक्ट में करीब 12 हजार रुपए खर्च हुए। यह 2500 बॉट की बिजली का उत्पादन करता है। पढ़िए देसी जुगाड़ की यह अद्भुत कहानी...