Jaswant Singh  

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    RajasthanSep 27, 2020, 12:31 PM IST

    सेना की नौकरी छोड़ सियासत में की थी एंट्री, इस वजह से जसवंत सिंह को अटलजी कहते थे अपना 'हनुमान'

    जोधपुर. बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 82 साल की उम्र में दिल्ली के आर्मी अस्पताल में अंतिम साल ली। राजस्थान के बाड़मेर जिले से आने वाले जसवंत सेना में मेजर के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे। वह अपने तेवर के लिए जाने जाते थे, यहां तक कि उन्होंने एक बार जो कह दिया उसे वह पूरा करके ही छोड़ते थे। इसलिए जसवंत ने बीजेपी मुंह मोड़ लिया था और साल  2014 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा। अपने आखिरी चुनावी नामांकन में उन्होंने जिस संपत्ति की जानकारी दी थी वह काफी दिलचस्प थी। उनके मुताबिक, उनके पास 51 गायें और तीन अरबी घोड़े और 19 बंदूकें बताई थीं।
     

  • <p><strong>नेशनल डेस्क।</strong> भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह (Jaswant Singh) का रविवार सुबह 82 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल थे। उन्हें 25 जून को दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। राजनीति में आने से पहले जसवंत सिंह सेना में थे। वे मेजर के पद से रिटायर हुए थे। भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका प्रमुख थी। उन्होंने मंत्री के रूप में तीन अहम विभाग वित्त, रक्षा और विदेश संभाले। 2014 के चुनाव में जब उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने नाराज होकर पार्टी छोड़ दी। इस चुनाव के लिए उन्होंने अपनी संपत्ति की जो घोषणा की थी, वह बेहद रोचक है।&nbsp;<br />
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    NationalSep 27, 2020, 11:50 AM IST

    अपने अंतिम इलेक्शन में जसवंत सिंह ने बताई थी ये संपत्ति - 51 गाएं, 3 अरबी घोड़े और 13 बंदूकें

    नेशनल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह (Jaswant Singh) का रविवार सुबह 82 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार चल थे। उन्हें 25 जून को दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। राजनीति में आने से पहले जसवंत सिंह सेना में थे। वे मेजर के पद से रिटायर हुए थे। भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका प्रमुख थी। उन्होंने मंत्री के रूप में तीन अहम विभाग वित्त, रक्षा और विदेश संभाले। 2014 के चुनाव में जब उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने नाराज होकर पार्टी छोड़ दी। इस चुनाव के लिए उन्होंने अपनी संपत्ति की जो घोषणा की थी, वह बेहद रोचक है। 
     

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    NationalSep 27, 2020, 9:59 AM IST

    कभी प्लेन हाईजैक होने के बाद आतंकियों को कंधार लेकर गए थे जसवंत सिंह, दो बार भाजपा से हुए थे बाहर

    नई दिल्ली. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वो पिछले 6 सालों से बीमार थे। उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। जसवंत सिंह को उनकी अलग तरह की राजनीति के लिए जाना जाता है। उनसे जुड़ी एक घटना के बारे में बता रहे हैं जब वो प्लेन हाईजैक होने के बाद आतंकियों को लेकर कंधार गए थे। 

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    NationalSep 27, 2020, 9:19 AM IST

    जसवंत सिंह के निधन पर केंद्रीय मंत्री ने जताया दुख, बोले-वो रक्षा के एक्सपर्ट थे, उनके जाने का दुख है

    अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वो लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर दुख जताया है।

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    NationalSep 27, 2020, 8:46 AM IST

    पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह का निधन, कभी जिन्ना की तारीफ करने पर बीजेपी ने कर दिया था पार्टी से बाहर

    पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। राजनाथ दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया और उसमें लिखा, 'श्री जसवंत सिंह जी को राष्ट्र के लिए उनके द्वारा किए गए काम को लेकर याद किया जाएगा।'

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    NationalJul 4, 2020, 9:42 AM IST

    इस जवान ने मार गिराए थे 300 चीनी सैनिक, शहीद होने के बाद भी कर रहा देश की रक्षा, मिलते हैं प्रमोशन

    भारत और चीन के बीच पिछले 2 महीने से विवाद चल रहा है। 15 जून को दोनों देशों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारतीय जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारी सेना किसी से कम नहीं है। भारत और चीन जब 1962 में जब आमने-सामने आए थे, तो हमारे जवानों से अपने प्राणों की बाजी लगाकर देश की रक्षा की थी।