Manoj Jha  

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    National14, Sep 2020, 9:51 AM

    जानिए कैसे होता है राज्यसभा उपसभापति का चुनाव; एनडीए के हरिवंश का विपक्ष के मनोज झा से मुकाबला

    संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए आज चुनाव होना है। एनडीए की ओर से एक बार फिर जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह उम्मीदवार हैं तो विपक्ष की ओर से आरजेडी के सांसद मनोज झा मैदान में हैं। यह उप सभापति के लिए 20वीं बार चुनाव हो रहा है।

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    Bihar Election11, Sep 2020, 5:48 PM

    क्षेत्रीय दलों को BJP की दो टूक- 'बिहार को वही आगे बढ़ाएंगे जो मोदी के साथ काम करेंगे, संघर्ष नहीं'

    बिहार (Bihar) पहुंचकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (EX CM Devendra Fadnavis) ने क्षेत्रीय पार्टियों को दो टूक बताने की कोशिश की कि बिना बीजेपी को साथ लिए, राज्य में विकास की राजनीति संभव नहीं है। 
     

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    Bihar Election11, Sep 2020, 3:21 PM

    बिहार में चुनाव से पहले 'राज्यसभा' में NDA-महागठबंधन के बीच दो-दो हाथ; दांव पर लालू की प्रतिष्ठा

    राज्यसभा में जिस तरह से लालू की प्रतिष्ठा लग गई है उस स्थिति में रघुवंश की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। आरजेडी में रघुवंश ही इकलौते नेता थे जिनकी दिल्ली में लालू से भी ज्यादा पैठ है। दूसरी पार्टियों में रघुवंश के रिश्ते भी काफी गहरे और मजबूत हैं।

  • <p><strong>बिजनेस डेस्क।</strong> आज के समय में कहीं भी पैसा लगाने से पहले लोग यह देखते हैं कि इसमें कहीं कोई जोखिम तो नहीं है। इसका मतलब यह है निवेश किया गया पैसा कहीं डूबेगा तो नहीं। दूसरी जो बात देखी जाती है, वह निवेश पर मिलने वाले मुनाफे की है। फिर भी जहां गारंटीड रिटर्न मिले, वहां लोग पैसा लगाना ज्यादा ठीक समझते हैं। ऐसी कई स्कीम्स भी होती हैं, जिनमें निवेश पर ज्यादा रिटर्न देने की बात कही जाती है, लेकिन वहां जोखिम ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति में पैसा वहीं लगाना चाहिए, जहां रिटर्न भले ही कम हो, लेकिन उसके मिलने की गांरटी हो। जानते हैं ऐसी ही कुछ फिक्सड इनकम स्कीम्स के बारे में।&nbsp;<br />
(फाइल फोटो)<br />
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    Business31, Aug 2020, 11:05 AM

    यहां पैसा लगाने में नहीं है कोई जोखिम, मिलेगा बेहतर गारंटीड रिटर्न

    बिजनेस डेस्क। आज के समय में कहीं भी पैसा लगाने से पहले लोग यह देखते हैं कि इसमें कहीं कोई जोखिम तो नहीं है। इसका मतलब यह है निवेश किया गया पैसा कहीं डूबेगा तो नहीं। दूसरी जो बात देखी जाती है, वह निवेश पर मिलने वाले मुनाफे की है। फिर भी जहां गारंटीड रिटर्न मिले, वहां लोग पैसा लगाना ज्यादा ठीक समझते हैं। ऐसी कई स्कीम्स भी होती हैं, जिनमें निवेश पर ज्यादा रिटर्न देने की बात कही जाती है, लेकिन वहां जोखिम ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति में पैसा वहीं लगाना चाहिए, जहां रिटर्न भले ही कम हो, लेकिन उसके मिलने की गांरटी हो। जानते हैं ऐसी ही कुछ फिक्सड इनकम स्कीम्स के बारे में।(फाइल फोटो)
     

  • <p><strong>बिजनेस डेस्क। </strong>भारत-चीन के बीच सीमा विवाद और झड़प होने के बाद भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी थी, जिसमें टिकटॉक भारतीय यूजर्स के बीच काफी पॉपुलर था। इसके बाद टिकटॉक की जगह स्वदेशी ऐप डेवलप करने की कई कोशिशें की गईं। लेकिन आईआईटी रुड़की के दो स्टूडेंट्स ने इस साल अप्रैल महीने में ही &nbsp;Mitron नाम का ऐप लॉन्च कर दिया था। यह भी टिकटॉक जैसा ही शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप है। अब इस ऐप के संस्थापकों ने इसे और भी ज्यादा विकसित करने के लिए नेक्सस वेंचर्स पार्टनर्स की अगुआई में 50 लाख डॉलर का फंड हासिल करने की घोषणा की है। इस फंड से जहां इस प्रोडक्ट को और भी विकसित किया जाएगा, वहीं युवाओं को भी जॉब का मौका मिलेगा।&nbsp;<br />
(फाइल फोटो)<br />
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    Business19, Aug 2020, 11:44 AM

    स्वदेशी वीडियो ऐप Mitron में मिलेगा युवाओं को जॉब का मौका, जुटाया 50 लाख डॉलर का फंड

    बिजनेस डेस्क। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद और झड़प होने के बाद भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप्स पर पाबंदी लगा दी थी, जिसमें टिकटॉक भारतीय यूजर्स के बीच काफी पॉपुलर था। इसके बाद टिकटॉक की जगह स्वदेशी ऐप डेवलप करने की कई कोशिशें की गईं। लेकिन आईआईटी रुड़की के दो स्टूडेंट्स ने इस साल अप्रैल महीने में ही  Mitron नाम का ऐप लॉन्च कर दिया था। यह भी टिकटॉक जैसा ही शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप है। अब इस ऐप के संस्थापकों ने इसे और भी ज्यादा विकसित करने के लिए नेक्सस वेंचर्स पार्टनर्स की अगुआई में 50 लाख डॉलर का फंड हासिल करने की घोषणा की है। इस फंड से जहां इस प्रोडक्ट को और भी विकसित किया जाएगा, वहीं युवाओं को भी जॉब का मौका मिलेगा। 
    (फाइल फोटो)
     

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    Bihar2, Jul 2020, 8:43 AM

    PM मोदी ने भोजपुरी-मैथिली में किया ये ट्वीट, CM नीतीश ने सराहा तो रावड़ी देवी और तेज प्रताप ने कसा तंज

    पीएम मोदी ने अपने ट्वटिर हैंडल से मैथिली और भोजपुरी भाषा में भी ट्वीट किया है। उन्होंने भोजपुरी भाषा में ट्वीट करते हुए लिखा, 'ई गरीबजन के सम्मान सुनिश्चित करे वाला बा। प्रधानमन्त्री गरीब कल्याण अन्न योजना के आगे बढ़ावला से देश भर के करोडों लोगन के फैदा होई।' 

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    Food6, May 2020, 5:31 PM

    लॉकडाउन में चटपटा खाने का मन हो तो बनाएं आलू-प्याज की कचौड़ी, जानें इसकी रेसिपी

    कभी न कभी हर आदमी का मन कुछ चटपटा खाने का करता है। लॉकडाउन के चलते अभी बाहर का खाना खा पाना तो संभव नहीं है, लेकिन आप चाहें तो घर पर भी कुछ ऐसा बना सकते हैं, जो होटलों और रेस्तरां में मिलने वाले फूड से कम टेस्टी नहीं होगा।

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    Lifestyle5, May 2020, 5:52 PM

    लॉकडाउन में अगर हो रहे हैं ज्यादा तनाव के शिकार तो आजमाएं ये 5 टिप्स, मिलेगी राहत

    कोरोना वायरस महामारी के चलते लंबे समय से लगे लॉकडाउन के कारण लोग कई तरह की मानसिक समस्याओं के शिकार हो रहे हैं। 

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    Careers21, Apr 2020, 12:37 PM

    कोरोना वायरस क्राइसिस में UPSC Prelims एग्जाम को लेकर अनिश्चचितता, लेकिन तैयारियां शेड्यूल के मुताबिक

    यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सर्विसेस की प्रारंभिक परीक्षा 31 मई को होनी है, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है, हालांकि परीक्षा के लिए तैयारियां शेड्यूल के मुताबिक ही की जा रही हैं। 
     

  • <p>ऐसे लोगों की दुनिया में कमी नहीं रही है, जो एक नया एक्सपीरियंस पाने के लिए और कुछ नई जानकारी हासिल करने के लिए आबादी से बहुत दूर घने जंगलों में रहने वाले ट्राइब्स के बीच काफी समय गुजारते रहे हैं। आज तो लोग मजबूरी में कोरोना की वजह से आइसोलेशन और लॉकडाउन में रह रहे हैं, लेकिन हर आधुनिक सुख-सुविधा से दूर बरसों तक ट्राइब्स के बीच रहने वाले लोगों के साथ ऐसी कोई मजबूरी नहीं थी। ऐसे ही लोगों में हैं नॉर्वे के 24 साल के इंजीनियर और फिल्ममेकर ऑडुन अमुंडसेन वेस्टर्न इंडोनेशिया के मेन्तावाई ट्राइब के बीच जा कर रहे और उनके जीवन पर 'न्यूटोपिया' (Newtopia) नाम की डॉक्युमेंटरी फिल्म बनाई। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह इस ट्राइब का एक शख्स अमन पाकसा आधुनिकता से प्रभावित होकर शहर जाता है और वहां जॉब की तलाश करता है। ऑडुन अमुंडसेन शुरू में मेन्तावाई ट्राइब के बीच साल 2004 में एक महीने के लिए गए थे, लेकिन वे वहां से 2009 में वापस लौटे। इस बीच, उन्होंने उनकी वह भाषा सीख ली थी जिसकी कोई लिपि नहीं है। तस्वीरों में देखें वेस्टर्न इंडोनेशिया के मेन्तावाई ट्राइब के लोगों की लाइफ कैसी है।</p>

    Hatke19, Apr 2020, 11:43 AM

    कोरोना से पहले ही लॉकडाउन में रहा ये शख्स, जंगली आदिवासियों के बीच हो गया था ऐसा हाल

    ऐसे लोगों की दुनिया में कमी नहीं रही है, जो एक नया एक्सपीरियंस पाने के लिए और कुछ नई जानकारी हासिल करने के लिए आबादी से बहुत दूर घने जंगलों में रहने वाले ट्राइब्स के बीच काफी समय गुजारते रहे हैं। आज तो लोग मजबूरी में कोरोना की वजह से आइसोलेशन और लॉकडाउन में रह रहे हैं, लेकिन हर आधुनिक सुख-सुविधा से दूर बरसों तक ट्राइब्स के बीच रहने वाले लोगों के साथ ऐसी कोई मजबूरी नहीं थी। ऐसे ही लोगों में हैं नॉर्वे के 24 साल के इंजीनियर और फिल्ममेकर ऑडुन अमुंडसेन वेस्टर्न इंडोनेशिया के मेन्तावाई ट्राइब के बीच जा कर रहे और उनके जीवन पर 'न्यूटोपिया' (Newtopia) नाम की डॉक्युमेंटरी फिल्म बनाई। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह इस ट्राइब का एक शख्स अमन पाकसा आधुनिकता से प्रभावित होकर शहर जाता है और वहां जॉब की तलाश करता है। ऑडुन अमुंडसेन शुरू में मेन्तावाई ट्राइब के बीच साल 2004 में एक महीने के लिए गए थे, लेकिन वे वहां से 2009 में वापस लौटे। इस बीच, उन्होंने उनकी वह भाषा सीख ली थी जिसकी कोई लिपि नहीं है। तस्वीरों में देखें वेस्टर्न इंडोनेशिया के मेन्तावाई ट्राइब के लोगों की लाइफ कैसी है।

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    Hatke8, Apr 2020, 4:13 PM

    इस देश के कारण बाजार से खत्म हो गए कंडोम, कोरोना के कारण बंद कर दी सारी फैक्ट्रियां

    कोरोना वायरस के फैलने के कारण कई चीजों के प्रोडक्शन पर काफी असर पड़ा है। कंडोम भी उनमें एक है। मलेशिया में सबसे ज्यादा रबर और कंडोम का प्रोडक्शन होता है, लेकिन वहां इसकी फैक्ट्रियां अभी बंद हैं।

  • अभी जहां पूरी दुनिया कोरना वायरस के खतरे से जूझ रही है और ज्यादातर देशों में लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है, इसी बीच इंग्लैंड से एक बेहद शर्मनाक खबर आई है। इंग्लैंड और मैनचेस्टर सिटी क्लब से डिफेंडर के तौर पर खेलने वाले फुटबॉल के स्टार प्लेयर केली वॉकर ने दो कॉलगर्ल्स को घर पर बुलाया और अपने एक दोस्त के साथ सेक्स पार्टी की। 29 साल के फुटबॉलर ने एक तरफ जहां इंस्टाग्राम पर अपने करीब 10 लाख, 7 हजार फॉलोअर्स से लॉकडाउन में घरों के अंदर रहने की अपील की, वहीं उसने चेशाइर के घर में दो कॉलगर्ल्स को बुलाया, जिनमें एक ब्राजील की थी। इसके लिए उसने उन्हें करीब 2 लाख, 6 हजार रुपए का भुगतान किया। यह घटना पिछले मंगलवार की है। बुधवार की सुबह जब दोनों कॉलगर्ल्स उसके यहां से निकली, उसी दिन वॉकर ने लोगों से अपील की थी कि लोग ब्रिटेन की नेशलन हेल्थ सर्विस के निर्देशों का पालन करते हुए अपने घरों में रहें और कोरोना के खतरे से अपना बचाव करें। बता दें कि वॉकर पहले से ही काफी रंगीन मिजाज खिलाड़ी रहे हैं। उनके कई अफेयर चर्चा में रहे। एक मॉडल ने उन पर आरोप लगाया था कि वॉकर से उसके रिलेशन रहे और वह प्रेग्नेंट हो चुकी थी। इसके बाद उसके संबंध अपनी गर्लफ्रेंड एनी किल्नर से खराब हो गए थे, जो वॉकर के 3 बच्चों की मां है। ये दोनों टीनएज से ही डेटिंग कर रहे थे। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें। &nbsp;&nbsp;

    Hatke6, Apr 2020, 1:08 PM

    शर्मनाक : लॉकडाउन में किराए पर मंगवाई कॉल गर्ल्स, घर पर अपने दोस्त के साथ अय्याशी करता रहा ये स्टार

    अभी जहां पूरी दुनिया कोरना वायरस के खतरे से जूझ रही है और ज्यादातर देशों में लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है, इसी बीच इंग्लैंड से एक बेहद शर्मनाक खबर आई है। इंग्लैंड और मैनचेस्टर सिटी क्लब से डिफेंडर के तौर पर खेलने वाले फुटबॉल के स्टार प्लेयर केली वॉकर ने दो कॉलगर्ल्स को घर पर बुलाया और अपने एक दोस्त के साथ सेक्स पार्टी की। 29 साल के फुटबॉलर ने एक तरफ जहां इंस्टाग्राम पर अपने करीब 10 लाख, 7 हजार फॉलोअर्स से लॉकडाउन में घरों के अंदर रहने की अपील की, वहीं उसने चेशाइर के घर में दो कॉलगर्ल्स को बुलाया, जिनमें एक ब्राजील की थी। इसके लिए उसने उन्हें करीब 2 लाख, 6 हजार रुपए का भुगतान किया। यह घटना पिछले मंगलवार की है। बुधवार की सुबह जब दोनों कॉलगर्ल्स उसके यहां से निकली, उसी दिन वॉकर ने लोगों से अपील की थी कि लोग ब्रिटेन की नेशलन हेल्थ सर्विस के निर्देशों का पालन करते हुए अपने घरों में रहें और कोरोना के खतरे से अपना बचाव करें। बता दें कि वॉकर पहले से ही काफी रंगीन मिजाज खिलाड़ी रहे हैं। उनके कई अफेयर चर्चा में रहे। एक मॉडल ने उन पर आरोप लगाया था कि वॉकर से उसके रिलेशन रहे और वह प्रेग्नेंट हो चुकी थी। इसके बाद उसके संबंध अपनी गर्लफ्रेंड एनी किल्नर से खराब हो गए थे, जो वॉकर के 3 बच्चों की मां है। ये दोनों टीनएज से ही डेटिंग कर रहे थे। देखें इससे जुड़ी तस्वीरें।   

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    Careers5, Apr 2020, 4:06 PM

    अच्छे पैकेज पर IIT के स्टूडेंट्स का हुआ था प्लेसमेंट, कोरोना की वजह से अब नहीं मिलेंगी नौकरियां

    कोरोना के विश्वव्यापी संकट का असर अर्थव्यवस्था पर दिखाई पड़ने लगा है। दुनिया भर के आर्थिक विशेषज्ञों ने कोरोना के कारण दुनिया भर में भारी मंदी फैलने की आशंका जताई  है। इस बीच, कुछ कंपनियों ने आईआईटी और दिल्ली यूनिविर्सिटी के स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट का ऑफर दिया था, वे अब इससे मुकरने लगी हैं।

  • कोरोना वायरस अब दुनिया के करीब-करीब सभी देशों में फैल गया है। इससे सिर्फ अंटार्कटिका ही बचा हुआ है, जहां आबादी नहीं है। कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला दिसंबर, 2019 के आखिरी हफ्ते में चीन के वुहान में आया था। वुहान सेंट्रल चीन के हुबेई प्रोविन्स का शहर है, जहां की आबादी करीब 1 करोड़, 10 लाख है। कहा गया कि कोरोना वायरस वुहान के सी-फूड मार्केट से फैला। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक महामारी घोषित कर दिया है। इसे लेकर ज्यादातर देशों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। कोरोना के लक्षण शुरुआत में मामूली सर्दी-जुकाम की तरह होते हैं, पर बाद में यह गंभीर रूप ले लेता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को यह वायरस जल्दी चपेट में ले लेता है। कोरोना से अब तक पूरी दुनिया में करीब 45,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। कोरोना का कहर सबसे ज्यादा इटली पर बरपा है, वहीं अमेरिका में भी यह बड़ा खतरा बन कर सामने आया है। तस्वीरों में देखें कोरोना ने लोगों की जिंदगी को कैसे प्रभावित किया है।

    Hatke2, Apr 2020, 2:47 PM

    किसी का छीना बेटा तो किसी का गया सुहाग, कोरोना का आतंक दिखाने के लिए काफी ये 17 तस्वीरें

    कोरोना वायरस अब दुनिया के करीब-करीब सभी देशों में फैल गया है। इससे सिर्फ अंटार्कटिका ही बचा हुआ है, जहां आबादी नहीं है। कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला दिसंबर, 2019 के आखिरी हफ्ते में चीन के वुहान में आया था। वुहान सेंट्रल चीन के हुबेई प्रोविन्स का शहर है, जहां की आबादी करीब 1 करोड़, 10 लाख है। कहा गया कि कोरोना वायरस वुहान के सी-फूड मार्केट से फैला। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक महामारी घोषित कर दिया है। इसे लेकर ज्यादातर देशों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। कोरोना के लक्षण शुरुआत में मामूली सर्दी-जुकाम की तरह होते हैं, पर बाद में यह गंभीर रूप ले लेता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को यह वायरस जल्दी चपेट में ले लेता है। कोरोना से अब तक पूरी दुनिया में करीब 45,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। कोरोना का कहर सबसे ज्यादा इटली पर बरपा है, वहीं अमेरिका में भी यह बड़ा खतरा बन कर सामने आया है। तस्वीरों में देखें कोरोना ने लोगों की जिंदगी को कैसे प्रभावित किया है। 

  • कोरोना वायर से दुनिया के 199 देशों में 7 लाख लोग संक्रमित हैं, वहीं इससे अब तक पूरी दुनिया में 37 हजार लोगों की जान जा चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी महामारी बन कर सामने आया है। अभी तक इसका कोई वैक्सीन सामने नहीं बन सका है। इससे बचाव के लिए दुनिया के ज्यादातर देश लॉकडाउन घोषित कर सोशल डिस्टेंसिंग की नीति अपना रहे हैं। मलेशिया में कोरोना के संक्रमण के 2,626 मामले सामने आए हैं और इससे कुल 37 लोगों की मौत हो चुकी है। मलेशिया मे जेलों में बंद कैदियों ने कोरोना से पीड़ित लोगों की चिकित्सा और देखभाल करने वाले डॉक्टरों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट बनाने का काम शुरू किया है। मलेशिया में इसकी भारी कमी है। यह डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। इसलिए मलेशिया की जेलों में बंद कैदी पूरे हफ्ते बिना आराम किए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए इसे बनाने के काम में लगे हुए हैं। यह एक तरह का गाउन होता है, जिसमें खास तौर पर सुरक्षा के लिए उपकरण भी लगाए जाते हैं। मलेशिया में एक कैदी रोज दिन-रात काम कर के 20 सेट पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) बना रहा है। कैदियों का कहना है कि जो डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से पीड़ित लोगों को बचाने के लिए सबसे आगे बढ़ कर काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा का उपाय करना सबसे जरूरी है। तस्वीरों में देखें मलेशिया में कोरोना ने कैसा कहर बरपाया है और लोग किस तरह इससे जूझ रहे हैं।

    Hatke31, Mar 2020, 5:45 PM

    इस देश के कैदियों ने कोरोना को हराने की खाई कसम, जेल की सलाखों में बना रहे वायरस से लड़ने का हथियार

    कोरोना वायर से दुनिया के 199 देशों में 7 लाख लोग संक्रमित हैं, वहीं इससे अब तक पूरी दुनिया में 37 हजार लोगों की जान जा चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी महामारी बन कर सामने आया है। अभी तक इसका कोई वैक्सीन सामने नहीं बन सका है। इससे बचाव के लिए दुनिया के ज्यादातर देश लॉकडाउन घोषित कर सोशल डिस्टेंसिंग की नीति अपना रहे हैं। मलेशिया में कोरोना के संक्रमण के 2,626 मामले सामने आए हैं और इससे कुल 37 लोगों की मौत हो चुकी है। मलेशिया मे जेलों में बंद कैदियों ने कोरोना से पीड़ित लोगों की चिकित्सा और देखभाल करने वाले डॉक्टरों के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट बनाने का काम शुरू किया है। मलेशिया में इसकी भारी कमी है। यह डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी है। इसलिए मलेशिया की जेलों में बंद कैदी पूरे हफ्ते बिना आराम किए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए इसे बनाने के काम में लगे हुए हैं। यह एक तरह का गाउन होता है, जिसमें खास तौर पर सुरक्षा के लिए उपकरण भी लगाए जाते हैं। मलेशिया में एक कैदी रोज दिन-रात काम कर के 20 सेट पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) बना रहा है। कैदियों का कहना है कि जो डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से पीड़ित लोगों को बचाने के लिए सबसे आगे बढ़ कर काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा का उपाय करना सबसे जरूरी है। तस्वीरों में देखें मलेशिया में कोरोना ने कैसा कहर बरपाया है और लोग किस तरह इससे जूझ रहे हैं।