Migrant Laborers  

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  • Maharashtra7, Jul 2020, 5:37 PM

    मजदूरों के इंतजार में बैठे हैं मालिक, मुंबई में अब काम ज्यादा और करने वाले कम बचे

    मुंबई. महाराष्ट्र खासकर मुंबई की बात करें, तो यहां बड़े-बड़े कारखानों के मालिक मजदूरों का बेसब्री से लौटने का इंतजार कर रहे हैं। यह लंबा समय नहीं हुआ, जब मार्च के आखिर से मई अप्रैल-मई तक लाखों मजदूरों को घबराकर गांव लौटते देखा गया था। कोरोना संक्रमण को रोकने लॉकडाउन के चलते अकेले मुंबई से लाखों मजदूरों को वापस अपने घर लौटना पड़ा था। बता दें कि कोरोना को लेकर अभी भी महाराष्ट्र की स्थिति में सुधार नहीं है। यहां 2 लाख से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 8822 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि इसमें से 1 लाख 12 हजार से ज्यादा ठीक होकर घर जा चुके हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के महाजॉब्स पोर्टल mahajobs का उद्घाटन करते हुए माना कि प्रवासी मजदूर अपने घर जा चुके हैं। इस वजह से कारखानों में काम बहुत है, लेकिन कामगार उपलब्ध नहीं हैं। बता दें कि महाराष्ट्र में जहां कोरोना वायरस का असर कम है, वहां व्यवसाय शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। आगे देखिए पलायन से जुड़े कुछ फोटोज..

     

  • <p><b>लखनऊ</b><strong> (Uttar Pradesh) ।</strong>  यूपी में कोरोना संक्रमण फैलने की रफ्तार और ज्यादा तेज हो गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 536 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 20 मरीजों की मौत हुई है। इस तरह कोरोना के केस की संख्या 12616 हो गई है, जबकि मरने वालों की कुल संख्या अब 365 पहुंच गई है। वहीं, अब तक 7609 लोग ठीक हो चुके हैं। दूसरी ओर योगी सरकार ने आज 10 लाख 48 हजार 166 प्रवासी मजदूरों के बैंक अकाउंट में एक-एक हजार रुपए भेज दिया है। यह धनराशि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर  लाभार्थियों को पैसा भेजा है।   </p>

    Uttar Pradesh13, Jun 2020, 11:57 AM

    24 घंटे में 20 लोगों की कोरोना से मौत, CM योगी ने 10 लाख प्रवासी मजदूरों के बैंक खातों में भेजे 1-1 हजार

    लखनऊ (Uttar Pradesh) ।  यूपी में कोरोना संक्रमण फैलने की रफ्तार और ज्यादा तेज हो गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 536 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 20 मरीजों की मौत हुई है। इस तरह कोरोना के केस की संख्या 12616 हो गई है, जबकि मरने वालों की कुल संख्या अब 365 पहुंच गई है। वहीं, अब तक 7609 लोग ठीक हो चुके हैं। दूसरी ओर योगी सरकार ने आज 10 लाख 48 हजार 166 प्रवासी मजदूरों के बैंक अकाउंट में एक-एक हजार रुपए भेज दिया है। यह धनराशि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर  लाभार्थियों को पैसा भेजा है।   

  • <p>Modi government, migrant laborers, Modi, PM Modi, Modi policy, migrant labor guideline</p>

    National6, Jun 2020, 7:28 PM

    सरकार ने प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए क्या-क्या किया? SC में हलफनामा दायर कर बताई पूरी बात

    प्रवासी मजदूरों के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर दिया। इसमें सरकार ने कहा कि मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए श्रमिक ट्रेनें चलाई गईं। इसके अलावा कई राज्य सरकारों ने बसों की सुविधा दी। सड़क पर पैदल चल रहे मजदूरों को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मदद से उनके घर तक पहुंचाया गया। 

  • <p>delhi</p>

    National5, Jun 2020, 4:06 PM

    15 दिन में प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाएं...SC ने कहा, राज्य इनके लिए रोजगार का भी इंतजाम करे

    प्रवासी मजदूरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रवासियों को 15 दिन में घर पहुंचाया जाए। कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को रिकॉर्ड पर लाना है कि वे कैसे रोजगार और अन्य प्रकार की राहत देंगे।  

  • Chhattisgarh5, Jun 2020, 12:14 PM

    लॉकडाउन की ये शॉकिंग तस्वीरें कई पीढ़ियों तक याद रखी जाएंगी, जब ट्रकों में बच्चों को यूं ऊपर फेंका गया

    रायपुर, छत्तीसगढ़. ऐसे दृश्य बेशक अब देखने को नहीं मिल रहे, लेकिन ये तस्वीरें कई पीढ़ियों तक लोगों के किस्सों में शामिल रहेंगी। लॉकडाउन में काम-काज बंद होने से भूखों मरने की नौबत आने पर अपने-अपने गावों की ओर भागते प्रवासी मजदूरों ने अपनी जिंदगी तक दांव पर लगा दी थी। ट्रकों पर लोग यूं सवार हुए, मानों वे कोई सामान हों। बच्चों को ऐसे लटकाकर ट्रकों पर फेंका गया, जैसे वो कोई खिलौना हों। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में छत्तीसगढ़, बिहार, यूपी, झारखंड आदि राज्यों के सबसे ज्यादा मजदूर काम करते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते जब 25 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि आगे जिंदगी और भी कठिन हो जाएगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में लाखों मजदूर वापस लौटे हैं। जबकि यहां संक्रमण की दर बहुत कम है। यहां अब तक 668 के आसपास ही संक्रमित मिले हैं। देश में यह आंकड़ा 2.27 लाख को पार कर चुका है। बता दें कि लॉकडाउन 4 चरणों में 68 दिन रहा यानी 30 जून तक रहा। अब सरकार ने लॉकडाउन 5.0 की गाइडलाइंस जारी की है। यानी अब तीन चरणों में लॉकडाउन खोलने का प्लान है। तस्वीरें में देखिए ट्रकों पर सवार जिंदगी की भागमभाग..

  • Bihar4, Jun 2020, 10:48 AM

    केरल से पहुंचे प्रवासी मजदूरों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, मांग रहे थे एक-एक हजार रुपये

    हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गृह जिला छपरा और जहानाबाद जाने के लिए कटिहार पहुंचे थे। लेकिन, वहां से उनको घर जाने के लिए कोई भी सरकारी व्यवस्था नहीं थी। इससे नाराज मजदूरों ने स्टेशन परिसर में जमकर बवाल काटा। प्रवासी मजदूरों ने स्टेशन परिसर के रोड को जाम कर हंगामा शुरू कर दिया। 

  • Bihar3, Jun 2020, 7:06 PM

    दिल जीतने वाला जवाब; किस बात पर एक बिहारी से सोनू सूद ने कहा- समस्‍तीपुर आया तो चाय जरूर पिला देना भाई

    अभिनेता सोनू सूद प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में लगे हैं। लोग लगातार उनसे सोशल मीडिया पर मदद मांग रहे हैं और अभिनेता उन्‍हें डिटेल्‍स भेजने को कह रहे हैं। वहीं, सोनू सूद को लेकर सोशल मीडिया पर कई ट्वीट वायरल हो रहे हैं। इसमें कोई सोनू सूद को भगवान बता रहा है तो कुछ।

  • Chhattisgarh3, Jun 2020, 6:05 PM

    जब घर की याद सताने लगी..तो फूट-फूटकर रो पड़ी महिला, लॉकडाउन में ऐसी फंसी कि जीना मुश्किल हो गया

    रायपुर/अमृतसर. जब कोई घर से दूर हो और रहने-खाने के कोई ठिकाने न हों, तो सोचिए उस पर क्या बीतती होगी? लॉकडाउन में फंसे हजारों मजदूरों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है। बेशक अब लाखों मजदूर जैसे-तैसे मुसीबत उठाकर अपने घर पहुंच गए हों, लेकिन हजारों मजदूर अभी भी घर से दूर हैं। यह तस्वीर छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक प्रवासी महिला मजदूर की है, जो पंजाब के अमृतसर में फंसी हुई थी। वो अपने घर जाने के लिए निकली थी, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाने से फूट-फूटकर रो पड़ी। बता दें कि कई राज्यों ने लॉकडाउन में छूट दी है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी सख्ती है। लॉकडाउन खुलने के साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2 लाख को पार कर चुकी है। वहीं, इस बीमारी से अब तक 5600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आइए देखते हैं लॉकडाउन के दौरान की कुछ तस्वीरें..

  • Haryana30, May 2020, 6:33 PM

    'जाना था जापान, ट्रेन ले गई चीन'...यहां यूं पड़े डंडे जैसे कि कोई पाकिस्तानी भारत में घुसा जा रहा हो

    पानीपत, हरियाणा. लॉकडाउन के बीच लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। खासकर प्रवासी मजदूरों की फजीहत लगातार जारी है। उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए सरकारें इंतजाम तो कर रही हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण लोग परेशान हैं। ट्रेनों में खाना-पीना नहीं मिल रहा है। वहीं, कई ट्रेनों का रूट बदल दिया गया या लोगों को आधे-अधूरे गंतव्य पर छोड़ा जा रहा है। पहली तस्वीर उन प्रवासी लोगों की है, जिन्हें बिहार के औरंगाबाद जाना था। जब उन्हें बस में बैठाया जा रहा था, तब बताया गया कि जिनका रजिस्ट्रेशन है, उन्हें औरंगाबाद छोड़ा जाएगा। लेकिन जब लोग ट्रेन में बैठ गए, तब मालूम चला कि वो तो अररिया जाएगी। यानी यात्रियों को ट्रेन का रूट तक नहीं बताया गया। इस दौरान लोगों को 16 घंटे तक 4-5 पूड़ियों के सहारे रहना पड़ा। पानी को भी तरसते रहे। दूसरी तस्वीर दिल्ली- हरियाणा बॉर्डर की है। यहां संक्रमण को देखते हुए सीमाओं पर सख्त पहरा बैठा दिया गया है। लिहाजा, जो मजदूर रोज काम के सिलसिले में अपडाउन करते हैं, उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा है। देखें लॉकडाउन में लोगों की परेशानी दिखातीं कुछ तस्वीरें

  • Jharkhand29, May 2020, 12:03 PM

    तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं, मासूमों के सवालों का क्या जवाब देती मां कि क्यों वे मारे-मारे फिर रहे

    धनबाद, झारखंड. कोरोना को हराने दुनिया के पास लॉकडाउन के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन हमारे देश में लॉकडाउन ने गरीबों की कमर तोड़ दी। उन्हें मीलों पैदल चलकर घर जाने को मजबूर होना पड़ा। क्या जवान और क्या बूढ़े..लाचार, दिव्यांग और बच्चों को भी नंगे पांव पैदल जाते देखा गया। पैरों में छाले और आंखों में मायूसी..सबने पढ़ी, लेकिन उतनी मदद नहीं मिल सकी, जितनी उन्हें जरूरत थी। पहली तस्वीर एक दु:खी मां लता की है। ये तमिलनाडु से अपने मासूम बच्चों के साथ धनबाद पहुंची थीं। इन्हें सरायकेला जाना था। बेशक उन्हें यहां तक आने के लिए श्रमिक ट्रेन मिली, लेकिन इस दौरान कितनी तकलीफें उठाईं, यह बताते हुए वे फूट-फूटकर रो पड़ीं। सबकुछ बेचने के बाद सिर्फ थोड़ा-बहुत घर-गृहस्थी का सामान बचा था। उसे वे सिर पर उठाकर ला रही थीं। जबकि इस सामान की कीमत कुछ सौ रुपए ही होगी। लेकिन उनके लिए अब यह सबकुछ था। बता दें कि गुरुवार को तमिलनाडु और कर्नाटक से करीब 3500 श्रमिक झारखंड लौटे।

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    National28, May 2020, 2:36 PM

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश, मजदूरों से ट्रेन या बस का कोई किराया न लिया जाए, राज्य सरकारें दें खर्च

    लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कुल प्रवासियों का 80 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं। अब तक 91 लाख प्रवासी स्थानांतरित हुए हैं। ये एक अभूतपूर्व संकट है और हम अभूतपूर्व उपाय कर रहे हैं।

  • Haryana28, May 2020, 11:40 AM

    चिलचिलाती धूप में दिव्यांग मामा को साइकिल पर बैठाकर 1350 किमी की कठिन यात्रा पर निकल पड़ा भांजा

    फरीदाबाद, हरियाणा. लॉकडाउन ने लोगों की जिंदगी पर जैसे पहाड़-सा तोड़ दिया है। रोजी-रोटी खत्म होने और सरकार या अन्य कहीं से राशन-पानी और रहने का प्रबंध न होने पर हजारों लोग पैदल या साइकिलों जरिये अपने घरों को निकल पड़े। यह कहानी भी ऐसे ही मामा-भांजे की है। लेकिन मामा की विडंबना थी कि वो दिव्यांग होने से साइकिल भी नहीं चला सकता था। लिहाजा, भांजे ने हिम्मत जुटाई और बिहार के गया तक करीब 1350 किमी अकेले साइकिल खींचकर ले गया। पीछे मामा बैठा हुआ था। इस दूरी को तय करने में उसे 8 दिन लगे। रास्ते में कई जगहों पर उसे पुलिस ने डंडे भी मारे। कुछ दिन भूखा भी रहना पड़ा। मामा सतेंद्र ने बताया कि वो अपने भांजे बबलू कुमार का यह साहस जिंदगी भर नहीं भूल पाएगा। दोनों गया जिले के गांव टोला थारी झारी में रहते हैं। बबलू हरियाणा के बल्लभगढ़ में रहकर एक वर्कशॉप में काम करता था। वहीं, मामा मलेरना रोड पर रहता था। वो यहां किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था। (पहली तस्वीर उन लोगों की है, जो पैदल अपने घरों को निकले हैं, दूसरी तस्वीर मामा-भांजे की है)
     

  • <p>delhi</p>

    National27, May 2020, 3:18 PM

    मुंह से झाग और नाक से खून निकला था...श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 2 शव मिलने से हड़कंप

    प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन में दो लोगों के शव मिले हैं। ट्रेन मुंबई से प्रवासी श्रमिकों को लेकर वाराणसी के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया।

  • National24, May 2020, 3:56 PM

    फोन पर गलत मैसेज मिलने से हजारों प्रवासी मजदूर बेंगलुरु में हुए जमा, मची भारी अफरातफरी

    कोरोना महामारी की वजह से हर जगह प्रवासी मजदूरों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। शुक्रवार को बेंगलुरु में रह रहे ओडिशा के हजारों मजदूरों को फोन पर मैसेज मिला कि शनिवार को पुरी के लिए एक ट्रेन जा रही है। इसके बाद मजदूर घर वापसी के लिए पैलेस ग्राउंड्स पर जमा होने लगे, लेकिन यह सूचना झूठी थी।

  • Uttar Pradesh24, May 2020, 9:05 AM

    अब प्रवासी मजदूरों ने की पानी की लूट, रेलवे प्रशासन ले रहा ये एक्शन

    डीडीयू रेल मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर पंकज सक्सेना ने कहा कि 'उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक लूट के वक्त पानी सप्लाई हुआ था। स्टोर में भेजने के लिए गाड़ियों के संचालन को नहीं रोका जा सकता था।