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    BusinessApr 7, 2021, 6:50 PM IST

    RBI का फैसला : पेमेंट्स बैंक में डिपॉजिट लिमिट 1 लाख से बढ़ा कर की गई 2 लाख रुपए

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) एक अहम फैसला लिया है। इस फैसले के मुताबिक अब पेमेंट्स बैंक में कस्टमर 2 लाख रुपए तक डिपॉजिट कर सकेंगे। पहले यह लिमिट 1 लाख रुपए तक ही थी।

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    BusinessMar 28, 2021, 5:52 PM IST

    MPC की बैठक 5 अप्रैल से, कोरोना संकट की वजह से मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं

    वित्त वर्ष 2021-22 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की पहली बैठक 5 अप्रैल से शुरू होगी। जानकारी के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के फैसलों की जानकारी 7 अप्रैल को दी जाएगी।

  • बिजनेस डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की हर दूसरे महीने होने वाली मीटिंग में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैलला किया है। ऐसा लगतार चौथी बार किया गया है। अब रेपो रेट (Repo Rate) 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) 3.35 फीसदी पर है। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इस मीटिंग के पहले ही यह अनुमान जताया जा रहा था कि रेपो रेट में बदलाव नहीं किया जाएगा। बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को लोन देता है। वहीं, बैंक अपना जो पैसा रिजर्व बैंक में जमा कराते हैं, उस पर जिस रेट से आरबीआई बैंकों को ब्याज देता है, उसे रिवर्स  रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव नहीं किए जाने से आने वाले समय में लोन की ईएमआई कम होने की कोई संभावना नहीं है। जानें रिजर्व बैंक के इस फैसले का होम लोन पर क्या असर पड़ सकता है। (फाइल फोटो)

    BusinessFeb 5, 2021, 3:58 PM IST

    रिजर्व बैक ऑफ इंडिया ने नहीं घटाई ब्याज की दरें, इसका लोन की EMI पर जानें क्या पड़ सकता है असर

    बिजनेस डेस्क। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की हर दूसरे महीने होने वाली मीटिंग में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं करने का फैलला किया है। ऐसा लगतार चौथी बार किया गया है। अब रेपो रेट (Repo Rate) 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट (Reverse Repo Rate) 3.35 फीसदी पर है। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इस मीटिंग के पहले ही यह अनुमान जताया जा रहा था कि रेपो रेट में बदलाव नहीं किया जाएगा। बता दें कि रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे बैंकों को लोन देता है। वहीं, बैंक अपना जो पैसा रिजर्व बैंक में जमा कराते हैं, उस पर जिस रेट से आरबीआई बैंकों को ब्याज देता है, उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव नहीं किए जाने से आने वाले समय में लोन की ईएमआई कम होने की कोई संभावना नहीं है। जानें रिजर्व बैंक के इस फैसले का होम लोन पर क्या असर पड़ सकता है। (फाइल फोटो)
     

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    NationalFeb 5, 2021, 1:41 PM IST

    RBI ने जताया GDP में 10.5% ग्रोथ का अनुमान, रेपो रेट में बदलाव नहीं, सस्ते नहीं होंगे होम और ऑटो लोन

     रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इस बार रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बदलाव ना करने का फैसला किया है। रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% बरकरार रहेगा। यानी होम लोन, ऑटो लोन या किसी भी तरह का लोन सस्ता नहीं होगा। 

  • बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेक से पेमेंट करने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System) लागू करने का फैसला किया है। इस नए नियम के तहत 50,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर जरूरी डिटेल्स को फिर से कन्फर्म करना होगा। चेक से पेमेंट करने का यह नया नियम 1 जनवरी 2021 से लागू हो जाएगा। रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने इसी साल अगस्त महीने में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग में इसके बारे में बताया था। रिजर्व बैंक ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। (फाइल फोटो)

    BusinessDec 15, 2020, 10:58 AM IST

    1 जनवरी से बदल जाएगा चेक से पेमेंट करने का नियम, जानें इससे जुड़ी हर बात

    बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेक से पेमेंट करने के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System) लागू करने का फैसला किया है। इस नए नियम के तहत 50,000 रुपए से ज्यादा के पेमेंट पर जरूरी डिटेल्स को फिर से कन्फर्म करना होगा। चेक से पेमेंट करने का यह नया नियम 1 जनवरी 2021 से लागू हो जाएगा। रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने इसी साल अगस्त महीने में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग में इसके बारे में बताया था। रिजर्व बैंक ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।
    (फाइल फोटो)
     

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    BusinessOct 6, 2020, 6:10 PM IST

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की होने वाली है अहम बैठक, हो सकता है ब्याज दरों में कटौती का ऐलान

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक (RBI Monetary Policy Committee Meeting) 7 अक्टूबर से शुरू होने वाली है। यह बैठक 3 दिन तक चलेगी। 

  • <p><strong>बिजनेस डेस्क।</strong> कोरोनावायरस महामारी की वजह से ज्यादातर लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। आमदनी घट जाने और खर्चे बढ़ने की वजह से लोग कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं। आम तौर पर जब लोगों को ज्यादा पैसे की जरूरत होती है, तो वे सोने के गहने गिरवी रख कर लोन लेते हैं। गोल्ड लोन एक ऐसा सुरक्षित लोन है जो आपको उधार देने वाले बैंक या नॉन बैंक फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) को जमानत के तौर पर सोने के गहने गिरवी रखने पर मिल सकता है। उधार देने वाला इसके बदले आपके सोने के बाजार मूल्य के आधार पर आपको लोन की राशि देता है। लोन की अवधि खत्म होने के बाद लोन की राशि और ब्याज का भुगतान पूरा हो जाने पर आपका सोना वापस कर दिया जाता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, गोल्ड जूलरी पर बैंक उसके मूल्य का 75 फीसदी ही लोन दे सकते थे, लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह सीमा बढ़ा कर 90 फीसदी करने का फैसला किया है। RBI के इस फैसले का गोल्ड लोन देने वाली एनबीएफसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जाहिर है, रिजर्व बैंक के इस फैसले से गोल्ड लोन लेने वाले लोगों को काफी फायदा होगा।<br />
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    BusinessAug 7, 2020, 10:34 AM IST

    RBI ने 90 फीसदी तक गोल्ड लोन देने की मंजूरी दी, जानें कब तक मिलेगा यह फायदा

    बिजनेस डेस्क। कोरोनावायरस महामारी की वजह से ज्यादातर लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। आमदनी घट जाने और खर्चे बढ़ने की वजह से लोग कर्ज लेने पर मजबूर हो रहे हैं। आम तौर पर जब लोगों को ज्यादा पैसे की जरूरत होती है, तो वे सोने के गहने गिरवी रख कर लोन लेते हैं। गोल्ड लोन एक ऐसा सुरक्षित लोन है जो आपको उधार देने वाले बैंक या नॉन बैंक फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) को जमानत के तौर पर सोने के गहने गिरवी रखने पर मिल सकता है। उधार देने वाला इसके बदले आपके सोने के बाजार मूल्य के आधार पर आपको लोन की राशि देता है। लोन की अवधि खत्म होने के बाद लोन की राशि और ब्याज का भुगतान पूरा हो जाने पर आपका सोना वापस कर दिया जाता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, गोल्ड जूलरी पर बैंक उसके मूल्य का 75 फीसदी ही लोन दे सकते थे, लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह सीमा बढ़ा कर 90 फीसदी करने का फैसला किया है। RBI के इस फैसले का गोल्ड लोन देने वाली एनबीएफसी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जाहिर है, रिजर्व बैंक के इस फैसले से गोल्ड लोन लेने वाले लोगों को काफी फायदा होगा।
     

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    BusinessOct 4, 2019, 3:34 PM IST

    रेपो रेट में 0.25% की कटौती, अगर 25 लाख है लोन तो EMI में इतने रुपए हो जाएंगे कम

    आरबीआई ने दिवाली से पहले लोगों को तोहफा दिया है। रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया की मॉनिटरी पॉलिसी (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया है। शुक्रवार को रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की गई है। बता दें कि यह लगातार पांचवी बार है जब रेपो रेट में कटौती की गई है। 

  • इंडिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान को भारतीय बीसीसीआई ने नोटिस भेजा है

    CricketAug 8, 2019, 9:20 AM IST

    पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने क्यों कहा- 'इंडियन क्रिकेट को अब भगवान ही बचाए', जानें क्या है पूरा मामला

    डीके जैन को मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के मेंबर संजीव गुप्ता ने पत्र लिखकर शिकायत की थी। जिसके बाद डीके जैन ने द्रविड़ को नोटिस भेजा। इससे पहले भी संजीव ने सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के खिलाफ भी हितों के टकराव की शिकायत की थी।