Natural Disaster  

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    WorldJul 17, 2021, 2:10 PM IST

    जर्मनी में बाढ़: पहली बार लोगों ने देखा ऐसा भयानक मंजर, देखिए Shocking Videos

    सदी की भीषण बाढ़ ने जर्मनी को बर्बाद कर दिया है। बाढ़ से यूरोप में 125 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ का ऐसा भयानक मंजर लोगों ने पहली बार देखा। अकेले जर्मनी में 1300 से अधिक लोग बह गए। देखिए कुछ Shocking Videos

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    JyotishJun 24, 2021, 8:52 AM IST

    इन 5 ग्रहों की चाल में हो रहा है बदलाव, आ सकती है प्राकृतिक आपदाएं, शेयर मार्केट में हो सकता है उतार-चढ़ाव

    उज्जैन. 22 जून, सोमवार से सूर्य नक्षत्र बदलकर आर्द्रा नक्षत्र में आ चुका है। शुक्र कर्क राशि में आकर मंगल के साथ युति बना रहा है। 23 जून से बुध वृष राशि में मार्गी हो चुका है यानी सीधी चाल से चलने लगा है। वहीं, गुरु कुंभ में और शनि मकर राशि में पहले से वक्री चल रहे हैं। ग्रह स्थितियों में लगातार हो रहे परिवर्तन से देश-दुनिया पर भी प्रभाव पड़ेगा। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानिए इन ग्रह परिवर्तन का क्या प्रभाव होगा…

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    JyotishJun 1, 2021, 11:10 AM IST

    2 जून से 20 जुलाई तक मंगल रहेगा कर्क राशि में, बढ़ सकती हैं सोना-चांदी की कीमतें, आ सकती है प्राकृतिक आपदा

    2 जून को मंगल ग्रह राशि परिवर्तन कर मिथुन से कर्क में चला जाएगा। इस राशि में मंगल नीच स्थिति में रहता है। इस राशि में मंगल 20 जुलाई तक रहेगा। मंगल के राशि परिवर्तन का शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर रहेगा।

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    JyotishMay 25, 2021, 11:40 AM IST

    59 साल बाद मंगल-शनि होंगे आमने-सामने, देश-दुनिया में बनेगी तनाव की स्थिति, आ सकती हैं प्राकृतिक आपदाएं

    23 मई, रविवार से शनि ग्रह वक्री हो गया है यानी टेढ़ी चाल से चलने लगा है, ये स्थिति 10 अक्टूबर तक रहेगी। इन 141 दिनों में शनि के साथ कुछ दिन बुध और फिर गुरु भी टेढ़ी चाल से चलेंगे। इस दौरान जून-जुलाई में करीब 48 दिन शनि और मंगल का अशुभ योग भी रहेगा।

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    JyotishMay 20, 2021, 10:49 AM IST

    गुरु के अतिचारी होने से देश पर आ रही हैं प्राकृतिक आपदाएं, 23 मई के बाद बदल सकते हैं हालात

    देश में लगातार प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। जहां एक ओर कोरोना के चलते देश में लगातार मौतें हो रहीं थी। उसके बाद ताऊ ते तूफान ने तबाही मचाई। अब बंगाल की खाड़ी से एक नए तूफान के उठने की खबरें आ रही हैं।

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    WorldMar 22, 2021, 4:31 PM IST

    100 साल की हिस्ट्री में पहली बार देखा ऐसा जलजला, ये तस्वीरें आस्ट्रेलिया की सिटी न्यू साउथ वेल्स की हैं

    ये तस्वीरें किसी को भी हैरान कर सकती हैं। दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। लेकिन जब मुसीबत कोई रिकार्ड कायम करती है, तो लोगों में दहशत बैठ जाती है। ऐसा ही डर इस समय ऑस्ट्रेलिया के सबसे आबादी वाले शहर न्यू साऊथ वेल्स राज्य में देखने को मिल रहा है। बड़ा ही खूबसूरत यह शहर इस समय बाढ़ में डूबा हुआ है। यहां के लोगों का कहना है कि उन्होंने 100 साल की हिस्ट्री में पहली बार ऐसा जलजला देखा है। राज्य के प्रीमियर ग्लेडिस बेरेजीक्लियन ने बताया कि खतरे को देखते हुए मिड नार्थ कोस्ट के कई स्थानों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है।

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    WorldFeb 28, 2021, 1:26 PM IST

    अंटार्कटिका में पड़ी 1270 वर्ग किमी की दरार, यह टुकड़ा मुंबई से डबल और न्यूयॉर्क से भी बड़ा है

    अंटार्कटिका में ब्रिटेन के रिसर्च स्टेशन के पास बर्फ का विशाल हिस्सा टूटने का मामला सामने आया है। अंटार्कटिका में शुक्रवार को ब्रंट आइस शेल्फ से बर्फ का यह हिस्सा टूटकर अलग हो गया। यहीं से कुछ दूरी पर ब्रिटेन की साइंटिफिक आउटपोस्ट है। इस दरार का वैज्ञानिकों ने 10 साल पहले पता लगा लिया था।

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    NationalFeb 15, 2021, 11:41 AM IST

    चमोली हादसा: टनल में अगर ऑक्सीजन मिल रही, तो उम्मीद है कि कुछ लोग जिंदा होंगे

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से हुए हादसे को 15 फरवरी को 9 दिन हो गए हैं। इस बीच NTPC की टनल में फंसे लोगों को निकाला नहीं जा सका है। ये लोग अंदर जीवित होंगे या नहीं, यह अब कोई नहीं कह सकता। बस एक छोटी-सी आस बची है, जिसके सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस आपदा में अब तक 54 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन 154 लोग अभी भी लापता हैं। इनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि रेस्क्यू टीम का मानना है कि टनल में ऑक्सीजन मिल रही है। अगर फंसे हुए लोगों सांस ले पा रहे हैं, तो उनमें से कुछ के जिंदा होने की उम्मीद है। आगे देखें रेस्क्यू के दौरान की अब तक की तस्वीरें...

  • नेशनल डेस्क। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही मची है। इस प्रकृतिक आपदा में अब तक सैकड़ों लोग लापता हैं। अभी तक यह ठीक से नहीं कहा जा सकता है कि इसमें कितने लोगों की जानें गई हैं। नंदा देवी और हिमालय के दूसरे ग्लेशियर बहुत ज्यादा ठंड पड़ने पर ही क्यों पिघतले हैं, इसे लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) इसके पीछे मुख्य वजह है। क्लाइमेंट चेंज का असर पूरी दुनिया के पर्यावरण पर पड़ रहा है और यह भविष्य में लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित होगा, इसे लेकर वैज्ञानिकों के बीच सहमति है। उनका मानना है कि चमोली और केदारनाथ में ग्लेशियर टूटने से आई ऐसी आपदा जलवायु परिवर्तन का ही परिणाम है। जानें इसके बारे में विस्तार से।

    NationalFeb 8, 2021, 5:38 PM IST

    Study: बहुत ठंड बढ़ने पर ही क्यों पिघलता है नंदा देवी ग्लेशियर, जानें क्या कहते हैं इसे लेकर साइंटिस्ट्स

    नेशनल डेस्क। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर के टूटने से भारी तबाही मची है। इस प्रकृतिक आपदा में अब तक सैकड़ों लोग लापता हैं। अभी तक यह ठीक से नहीं कहा जा सकता है कि इसमें कितने लोगों की जानें गई हैं। नंदा देवी और हिमालय के दूसरे ग्लेशियर बहुत ज्यादा ठंड पड़ने पर ही क्यों पिघतले हैं, इसे लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) इसके पीछे मुख्य वजह है। क्लाइमेंट चेंज का असर पूरी दुनिया के पर्यावरण पर पड़ रहा है और यह भविष्य में लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित होगा, इसे लेकर वैज्ञानिकों के बीच सहमति है। उनका मानना है कि चमोली और केदारनाथ में ग्लेशियर टूटने से आई ऐसी आपदा जलवायु परिवर्तन का ही परिणाम है। जानें इसके बारे में विस्तार से।
     

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    HatkeFeb 7, 2021, 4:58 PM IST

    51 साल पहले बर्फ के इस टुकड़े ने मचाई थी भीषण तबाही, निगल ली थी 20 हजार लोगों की जान

    हटके डेस्क. उत्‍तराखंड के चमोली में रविवार 7 फरवरी 2021 को बेहद भयानक श्रासदी हुई। यहां चमोली के पास ग्‍लेशियर टूटने से भारी हिमस्खलन हुआ है। पानी के सैलाब ने जोशीमठ डैम और तपोवन बैराज बांध को भी ध्वस्त कर दिया। देश-दुनिया में प्राकृतिक आपदाएं नई नहीं है। आज से करीब 51 साल पहले एक भयानक भूकंप के कारण पहाड़ी से गिरे 700 टन बर्फ के विशाल हिमखंड ने पेरू देश में 20 हजार लोगों की जानें ले ली थीं। आइए देखते हैं उस घटना की भयानक तस्वीरें- 

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    NationalFeb 7, 2021, 3:09 PM IST

    चमोली में ग्लेशियर पिघलने से मची तबाही, त्रासदी ने 2013 की प्रलय का खौफनाक मंजर फिर याद दिलाया

    चमोली.  उत्तराखंड में 7 साल बाद फिर प्रलय टूट पड़ी। रविवार सुबह चमोली में जिले के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इस आपदा में जिले के तपोवन इलाके में स्थित ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट तहस-नहस हो गया। यहां काम कर रहे 150 से ज्यादा लोगों के बहने की खबर है। पानी के बहाव से तपोवन बैराज, श्रीनगर डैम और ऋषिकेश डैम भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड से लेकिर यूपी तक अलर्ट जारी किया गया है। गंगा नदी के किनारे रहने वालों को ऊंचे स्थलों पर जाने को कहा गया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में इससे पहले 16-17 जून, 2013 में बादल फटने से ऐसी प्रलय आई थी। तब  रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिलों में भारी तबाही हुई थी। चमोली की घटना ने उस प्रलय के जख्म ताजा कर दिए...

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    JyotishFeb 5, 2021, 10:13 AM IST

    59 साल बाद 9 फरवरी को बनेगा अशुभ योग, बढ़ सकती है हिंसा की घटनाएं, आ सकती है प्राकृतिक आपदा

    1962 के बाद यानी 59 साल बाद 9 फरवरी को मकर राशि में 6 ग्रह रहेंगे। इन ग्रहों के एक ही राशि में होने से गोल योग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ योग कहा जाता है।

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    JyotishOct 3, 2020, 12:08 PM IST

    4 अक्टूबर को मंगल ग्रह के राशि बदलने से आ सकती हैं प्राकृतिक आपदाएं, ऐसा होगा आप पर असर

    4 अक्टूबर, रविवार को मंगल ग्रह टेढ़ी चाल से चलता हुआ अपनी राशि मेष से निकलकर एक राशि पीछे यानी मीन में चला जाएगा। मंगल इस राशि में 23 दिसंबर तक रहेगा। जिसका शुभ-अशुभ असर सभी राशियों पर रहेगा।

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    JyotishSep 8, 2020, 1:53 PM IST

    14 साल बाद मेष राशि में मंगल चलेगा टेढ़ी चाल, आ सकती हैं प्राकृतिक आपदाएं, हो सकते हैं आतंकी हमले

    उज्जैन. 10 सितंबर, गुरुवार को मंगल अपनी राशि यानी मेष में वक्री हो जाएगा और 4 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेगा। मेष राशि में मंगल के वक्री होने से यानी इस ग्रह की चाल टेढ़ी होने से देश में दुर्घटनाएं, आगजनी, आतंक और तनाव फैलता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इससे पहले 2 अक्टूबर 2005 को मंगल मेष राशि में वक्री हुआ था, जिसके कारण देश में रेल दुर्घटना और बम ब्लास्ट जैसी घटनाएं हुई थीं। मंगल के वक्री होने से मेष, कर्क, तुला और वृश्चिक राशि वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इनके अलावा अन्य राशि वालों के लिए समय अच्छा रहेगा।

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    JyotishJul 4, 2020, 11:54 AM IST

    1 महीने में 3 ग्रहण होने से बन रहा है प्राकृतिक आपदा का योग, हो सकता है अशुभ प्रभाव

    इस बार आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर 5 जुलाई, रविवार को चंद्रग्रहण का योग बन रहा है। यह लगातार तीसरी बार है जब गुरु पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण है।