Navadurga  

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    UpayOct 20, 2020, 9:30 AM IST

    नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र से आप आसानी से जान सकते हैं अपनी परेशानियों का समाधान

    नवरात्रि के नौ दिनों में सभी चाहते हैं कि माता की कृपा उन्हें प्राप्त हो। इसके लिए हर भक्त अपने तरीके से माता की आराधना करता है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर हम आपके लिए लाएं हैं नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र। इसके माध्यम से आप अपने जीवन की परेशानियों व सवालों का हल आसानी से पा सकते हैं।

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    ReligionOct 18, 2020, 3:08 PM IST

    नवरात्रि के तीसरे दिन होती है माता चंद्रघंटा की उपासना, सभी कष्ट दूर करता है देवी का ये स्वरूप


    शारदीय नवरात्रि का तीसरे दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था। इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। मां की पूजा करने के लिए  सबसे पहले चौकी पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। 


    इस विधि से करें देवी चंद्रघंटा की पूजा
    सबसे पहले चौकी (बाजोट) पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें। चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें। इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा मां चंद्रघंटा सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।
     
     

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    JyotishOct 16, 2020, 11:03 AM IST

    नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के हैं 2 शुभ मुहूर्त, अखंड ज्योत जलाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

    मां शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि इस बार 17 अक्टूबर, शनिवार से शुरू हो रही है, जो 25 अक्टूबर, रविवार तक रहेगी। नवरात्रि के पहले दिन माता दुर्गा की प्रतिमा तथा घट (कलश) की स्थापना की जाती है। इसके बाद ही नवरात्रि उत्सव का प्रारंभ होता है। इससे सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं।

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    JyotishOct 15, 2020, 1:01 PM IST

    नवरात्रि: अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन, दशहरे को लेकर ज्योतिषियों में मतभेद

    शारदीय नवरात्रि मां नवदुर्गा की उपासना का पर्व है। ये हर साल श्राद्ध खत्म होते ही शुरू होता है, लेकिन इस बार अधिक मास होने के कारण नवरात्र 25 दिन बाद यानी 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं और 25 अक्टूबर तक रहेंगे।

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    UpayOct 1, 2019, 3:24 PM IST

    नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र से आप आसानी से जान सकते हैं अपनी परेशानियों का समाधान

    नवरात्रि के नौ दिनों में सभी चाहते हैं कि माता की कृपा उन्हें प्राप्त हो। इसके लिए हर भक्त अपने तरीके से माता की आराधना करता है।