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    HaryanaJul 21, 2020, 11:13 AM IST

    जिस रेतीली जमीन पर तिनका तक नहीं उगता था, आज वहां पेड़ों से पैसा बरस रहा है, जानिए कैसे हुआ यह संभव

    फतेहाबाद, हरियाणा. कहते हैं कि अगर मन से ठान लो, तो कुछ भी अंसभव नहीं है। हरियाणा के फतेहाबाद का यह किसान इसकी एक मिसाल है। जिस जमीन पर घास का तिनका तक नहीं उगता था, उस पर आज ये सेब, बादाम सहित 40 तरह के फल उगाकर खूब मुनाफ कमा रहे हैं। यही नहीं, इनके 14 एकड़ में फैले इस बाग ने 20 लोगों को रोजगार भी दिया हुआ है। यह हैं राहुल दहिया। दहमान गांव के रहने वाले राहुल ग्रेजुएट हैं। ये 16 साल पहले टेंट का कारोबार करते थे। लेकिन धंधा फ्लॉप हो गया। इनके पास 14 एकड़ जमीन है। लेकिन तब यह रेतीली और बेकार थी। इन्होंने इस पर बागवानी करने की ठानी। आज यह रेतीली जमीन सालाना करोड़ों रुपए का टर्न ओवर दे रही है। इस बाग के फलों की पंजाब और हरियाणा तक में डिमांड है। राहुल बताते हैं कि जमीन पर पानी का कोई इंतजाम नहीं था। शुरुआत में वे फेल हो गए। लेकिन हिम्मत नहीं हारी। सबसे पहले उन्होंने अमरूद का बाग लगाया। जब इससे कमाई होने लगी, तब सेब, नासपाती,बादाम, अंगूर आदि के पौधे लगाए। आगे पढ़िए 8 साल नुकसान उठाया..लेकिन अब करोड़पति किसान...

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    HaryanaJun 1, 2020, 6:09 PM IST

    लोग लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने से परेशान हैं और यहां एक किसान ने आत्मनिर्भर होकर कमा लिए लाखों रुपए

    कहते हैं कि जहां चाह-वहां राह। काम कोई भी हो, अगर हम उसे पूरी ईमानदारी और जोश-जुनून के साथ करें, तो सफलता मिलना तय है। खेती-किसानी को लेकर लोग मानते हैं कि इसमें नफा कम है, लेकिन ऐसा नहीं है। ऐसे हजारों किसान है, जो तरीके से खेती-किसानी करके लाखों रुपए कमा रहे हैं। यह किसान भी उनमें एक है। पिछले दिनों मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर दिया है। यह किसान उसका एक सशक्त उदाहरण है। यह किसान अपने 4 एकड़ के खेत में परंपरागत तरीके से किस्म-किस्म की सब्जियां, फल-फूल और अन्य चीजें उगाता है। इस किसान को किसी की नौकरी करने की जरूरत नहीं है। यह आत्मनिर्भर होकर अच्छा-खासा कमा रहा है।