Poor Family  

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  • Success story of poor family boy, selection at IIT Kanpur kpaSuccess story of poor family boy, selection at IIT Kanpur kpa

    Madhya PradeshNov 23, 2020, 10:30 AM IST

    झुग्गी में रहती है फैमिली, मां-बाप दोनों की कमाई महीने की 6 हजार, लेकिन बेटे ने पाया IIT कानपुर में एडमिशन

    भोपाल, मध्य प्रदेश. कहते हैं कि जहां चाह-वहां राह! ये हैं राजधानी की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले अनमोल अहिरवार। इनका सिलेक्शन आईआईटी कानपुर में हुआ था। हाल में अनमोल ने ऑनलाइन क्लासेस ज्वाइन की है। अनमोल एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां खाने-पीने तक के लाले पड़े रहते हैं। जैसे-तैसे घर चलता है, लेकिन 8वीं पास मां-बाप ने अपने बच्चों को पढ़ाने कोई कसर नहीं छोड़ी। आज भी वे छोटी-मोटी दुकान चलाकर बच्चों की पढ़ाई करा रहे हैं। अनमोल जिस झुग्गी में रहते हैं, उसी में पिता चाय की गुमठी चलाते हैं। मां वहीं से पान बेचती हैं। इसी सबके बीच अनमोल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। मां-बाप बमुश्किल 5-6 हजार रुपए कमा पाते हैं। अनमोल का अक्टूबर में ही आईआईटी कानपुर के लिए सिलेक्शन हुआ था। अनमोल ने  10वीं में 87% व 12वीं में 89.2% अंक हासिल किए थे। वे सुभाष एक्सीलेंस स्कूल से पढ़े हैं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए इसी स्कूल ने उनके लिए कोचिंग का बंदोबस्त किया था। अनमोल बताते हैं कि वे रोज 8 घंटे पढ़ाई करते थे। बाकी बचे टाइम में मां-बाप के काम में भी मदद कर देते थे। अनमोल के स्कूल के प्रिंसिपल सुधाकर पाराशर कहते हैं कि अनमोल ने स्कूल का नाम रोशन किया है। आगे पढ़ें अनमोल की ही कहानी...

  • After Kamal Nath indecisive statement Imrati Devi said I was born in a poor family what is my mistake in this kplAfter Kamal Nath indecisive statement Imrati Devi said I was born in a poor family what is my mistake in this kpl

    NationalOct 19, 2020, 1:11 AM IST

    MP: कमलनाथ के अमर्यादित बयान के बाद बोली इमरती देवी, कहा-'मेरा जन्म गरीब परिवार में हुआ इसमें मेरी क्या गलती'

    मध्य प्रदेश में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर सुर्खियों में है। भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी इमरती देवी ने पूर्व सीएम कमलनाथ के अमर्यादित बयान के जवाब में कहा है कि अगर मेरा जन्म गरीब परिवार में हुआ तो इसमें मेरी क्या गलती है?

  • photoshop artist karan acharya krishna pariwar art work goes viral kphphotoshop artist karan acharya krishna pariwar art work goes viral kph

    HatkeAug 20, 2020, 3:38 PM IST

    खेत में रोते बच्चे के साथ गरीब परिवार की थी तस्वीर, आर्टिस्ट ने कृष्ण अवतार में बदल लिख दी नई कहानी

    हटके डेस्क: सोशल मीडिया ऐसी जगह है जहां किसी की भी किस्मत पलट जाती है। जिस इंसान को थोड़ी देर पहले कोई नहीं जानता वो भी अचानक मशहूर हो जाता है। सोशल मीडिया किसी को भी देखते ही देखते सेलिब्रिटी बना देता है। हाल ही में एक गरीब परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर छा गई। इस तस्वीर में एक पिता की गोद में उसका बच्चा और खेत में खड़ी उसकी मां नजर आई। लेकिन अचानक ही ये तस्वीर ख़ास बन गई। एक आर्टिस्ट ने इस तस्वीर पर नजर क्या डाली, इसकी तकदीर ही बदल गई। इस आर्टिस्ट के एक कमाल से बेहद नॉर्मल नजर आ रही ये तस्वीर खास बन गई... 

  • indian cricketer who came from poor family, modi called him 'sir'dvaindian cricketer who came from poor family, modi called him 'sir'dva

    CricketAug 10, 2020, 12:45 PM IST

    इस क्रिकेटर ने गरीबी में बिताया बचपन, पिता चौकीदारी करते थे, आज पीएम मोदी भी इन्हें 'सर' कहते हैं

    स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट का वो खिलाड़ी जिसे पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी 'सर' कहते हैं। यहां तक की भारत के प्रधानमंत्री भी उन्हें 'सर जडेजा' कहकर संबोधित कर चुके हैं। जी हां, हम बात कर रहें है, भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाले ऑल राउंडर क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की। रवीद्र जडे़जा एक बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं। शुरुआती दिनों में उन्हें गरीबी का सामना करना पड़ा। उनके पिता एक निजी कंपनी में चौकीदार हुआ करते थे। इसके बाद भी, जडेजा ने अपनी कड़ी मेहनत से भारतीय टीम में जगह बनाई। आइए जानते इस हरफनमौला खिलाड़ी के बारे में।

  • a policeman save a poor family life video goes viral KPZa policeman save a poor family life video goes viral KPZ
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    Uttar PradeshJul 29, 2020, 7:50 PM IST

    सैल्यूट है इस जांबाज सिपाही को, जिसने अपनी जान पर खेलकर बचाई गरीब परिवार की जान

    वीडियो डेस्क। पुलिस हमारी रक्षक होती है और इस बात का उदाहरण है ये पुलिसकर्मी जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर एक गरीब परिवार की जान बचाई। छोटे सिलेंडर में लगी आग को बुझाने के लिए पुलिसकर्मी ने बड़ी ही समझदारी से काम लिया। 

  • Police assaulted the poor family in midnight in panna madhya pradesh KPZPolice assaulted the poor family in midnight in panna madhya pradesh KPZ
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    Madhya PradeshJul 15, 2020, 11:48 AM IST

    आधी रात को पुलिस की बर्बरता... गरीब परिवार के घर में मारपीट की, फिर धमकी देकर ले गए थाने

    वीडियो डेस्क। मध्यप्रदेश के पन्ना से पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है। जहां देर रात देवेंद्र नगर पुलिस एक नारियल बेचने वाले के घर में जबरन घुसी। पुलिसवालों के साथ कोई महिला पुलिस कर्मी भी नहीं थी। पुलिस ने घर में रह रही इक्‍तयार के परिवार के दो बेटे दो बेटियां पत्नी और बड़े लड़के की पत्नी को बेइज्जत किया। 

  • Dungarpur News: Emotional story of a 15-year-old minor girl belonging to a  poor family kpaDungarpur News: Emotional story of a 15-year-old minor girl belonging to a  poor family kpa

    RajasthanJun 15, 2020, 11:19 AM IST

    10 दिन बाद जैसे-तैसे गांव लौटी बेटी, लेकिन पिता के डर से घर नहीं गई, पुलिस अंकल को बताई आपबीती

    यह मामला 15 साल की एक ऐसी लड़की से जुड़ा है, जिसके सपने बड़े थे। लेकिन गरीबी के चलते पिता ने उसे 15000 रुपए महीने के लालच में गुजरात की एक फैमिली के घर पर काम पर लगा दिया। 5वीं तक पढ़ी यह लड़की दिनभर घर का कामकाज करती। लेकिन एक दिन वो वहां से भाग आई। लेकिन गांव लौटकर घर नहीं गई। क्योंकि उसे मालूम था कि पिता फिर से वहीं भेज देगा। इसलिए वो पहले पुलिस के पास गई। वहां अपनी आपबीती सुनाई।
     

  • Emotional story related to the death of a 12-year-old girl during lockdown kpaEmotional story related to the death of a 12-year-old girl during lockdown kpa

    ChhattisgarhApr 21, 2020, 9:57 AM IST

    मुझसे और नहीं चला जाता, पेट दु:ख रहा है, साथ चल रहे लोगों ने प्यार से कहा-बस घर आने वाला है

    बीजापुर, छत्तीसगढ़. एक गरीब और लाचार परिवार को लॉकडाउन की कीमत अपनी इकलौती 12 साल की बेटी को खोकर चुकाना पड़ी। यह मजदूर बच्ची तेलंगाना के पेरूर गांव से पैदल अपने गांव के लिए निकली थी। बच्ची बीजापुर जिले के आदेड़ गांव की रहने वाली थी। लॉकडाउन में काम-धंधा बंद हो जाने पर यह बच्ची गांव के ही 11 दूसरे अन्य लोगों के साथ घर को लौट रही थी। ये लोग 3 दिनों में करीब 100 किमी चल चुके थे। कभी ऊबड़-खाबड़ रास्ते..कभी सड़क...तो कभी जंगलों के रास्ते ये लोग अपने घर के नजदीक बढ़ रहे थे। इस दौरान बच्ची ने कई बार कहा कि उसका पेट दु:ख रहा है। साथ चल रहे लोगों ने सोचा कि पैदल चलने से ऐसा हो रहा होगा। वे बच्ची को दिलासा देते रहे..कभी प्यार से हाथ फेरते रहे और कहते रहे कि बस घर आने ही वाला है। सचमुच घर नजदीक आ चुका था। लेकिन घर से 14 किमी पहले बच्ची ऐसी गिरी कि फिर उठ न सकी। घटना के वक्त मां-बाप घर पर उसके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अपनी बेटी को खोने का दु:ख मां-बाप की आंखों से आंसू बनकर बह निकला। पूछने पर सिर्फ इतना कहा-गरीबों का दु:ख कौन समझेगा?
     

  • Amid lockdown, a poor woman gave birth to son in shelter home, happy life returns kpaAmid lockdown, a poor woman gave birth to son in shelter home, happy life returns kpa

    HaryanaApr 17, 2020, 12:26 PM IST

    22 दिन पहले मायूस होकर पैदल ही घर के लिए निकली थी गर्भवती, रास्ते में देखिए कैसे खिल उठी जिंदगी

    जिंदगी में सुख-दु:ख लगे रहते हैं। इस समय सब लोग कोरोना संकट से जूझ रहे हैं। खासकर गरीब और मजदूर परिवारों को अधिक दिक्कतें हो रही हैं। लेकिन खुशियां अमीरी-गरीबी नहीं देखतीं। कल तक यह महिला मायूस थी, अब गोद में बेटा आने पर खुश है। यह महिला 700 किमी दूर अपने घर के लिए पैदल ही निकली थी, लेकिन रास्ते में पुलिस ने रोककर शेल्टर होम में पहुंचा दिया था।

  • PM Modi said to help poor family to honor me kpnPM Modi said to help poor family to honor me kpn

    NationalApr 8, 2020, 5:21 PM IST

    पीएम मोदी ने बताया, मेरे लिए 5 मिनट खड़े मत होइए, सम्मान ही करना चाहते हैं तो करिए ये काम

    देश में कोरोना महामारी पर पीएम मोदी लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस बीच उन्होंने एक ट्वीट किया। पीएम मोदी ने लिखा, मेरे ध्यान में लाया गया है कि कुछ लोग यह मुहिम चला रहे हैं कि 5 मिनट खड़े रहकर मोदी को सम्मानित किया जाए।

  • coronavirus lockdown transgender distributing ration and mask to poor family in kprcoronavirus lockdown transgender distributing ration and mask to poor family in kpr

    JharkhandApr 1, 2020, 1:29 PM IST

    दुनिया इन्हें कहती बेबो किन्नर, संकट की घड़ी में कर रहे दिल को छू लेने वाला काम

    लॉकडाउन का सबसे बुरा असर देश के हजारों मजदूर परिवारों पर पड़ है। ऐसे समय में झारखंड में एक किन्नरों की टोली लोगों को मास्क और सैनेटाइजर बांट रही है।

  • coronavirus lockdown transgender distributing ration to poor family in mp kprcoronavirus lockdown transgender distributing ration to poor family in mp kpr

    Madhya PradeshMar 31, 2020, 7:20 PM IST

    घर घर बधाई नहीं..मजदूरों को खाना बांट रहे किन्नर, बोले हम भी देश के नागरिक, मदद करना हमारा फर्ज

    कोरोना महामारी में जरुरतमंद लोगों की मदद करने में अब किन्नर भी किसी से पीछे नहीं हैं। वह गरीबों के घर जाकर उन्हें खाने-पीने का सामान बांट रहे हैं।

  • coronavirus lockdown in india emotional picture of laborers and poor family kprcoronavirus lockdown in india emotional picture of laborers and poor family kpr

    Other StatesMar 26, 2020, 5:28 PM IST

    हाय रे गरीबी..कोरोना ने दिखा दिए ऐसे दिन, एक प्लेट खिचड़ी के लिए घंटों इंतजार

    नई दिल्ली. पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। इससे बचने के लिए आने वाले 21 दिन तक (14 अप्रैल) सरकार ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर हजारों-लाखों मजदूरों और गरीबों पर पड़ा है। ऐसी एक बेबस और भावुक तस्वीर गुरुवार को देश की राजधानी दिल्ली में देखने को मिली। जहां दिल्ली सरकार यहां के एक आश्रय गृह में गरीबों को खाना बांट रही थी। आलम यह था कि यह लोग सिर्फ एक प्लेट खिचड़ी के लिए आधा किलोमीटर लंबी लाइन में लगे थे। वह यही सोच रहे थे कि कब उनका नंबर आए और उनको खाना मिले। जिस खिचड़ी के लिए ये लोग करीब 2 घंटे कतार में लगे हुए थे, उसे मिलते ही  5 मिनट में खत्म कर दिया। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह लोग कितने भूखे हैं।

  • Emotional story about the death of a poor mother and her innocent daughter kpaEmotional story about the death of a poor mother and her innocent daughter kpa

    RajasthanMar 18, 2020, 2:18 PM IST

    अपनी मासूम बच्ची की मौत के बाद भी आधी रात तक मेले में रोते हुए खिलौने बेचती रही यह बेबस और गरीब मां


    घर में बेटी की लाश पड़ी थी और मां उसके अंतिम संस्कार के लिए पैसे इकट्ठा करने मेले में खिलौने बेच रही थी। ये खिलौने उसने किसी से पैसे उधार लेकर खरीदे थे। उसका कर्ज भी चुकाना था। भावुक करने वाली यह घटना राजस्थान के पाली की है।

  • Emotional story of a poor family living in Sirohi, RajasthanEmotional story of a poor family living in Sirohi, Rajasthan

    RajasthanNov 23, 2019, 1:59 PM IST

    क्या मेरे पापा मर जाएंगे..., लाचार पिता के मासूम बच्चे डरते हुए इस पूछते हैं ऐसे सवाल

    यह राजस्थान के सिरोही जिले के रहने वाले राजकुमार। नाम भले ही राजकुमार हो, लेकिन इनकी और इनके परिवार की जिंदगी भूखों मरने की स्थिति में पहुंच गई है। परिवार में 4 बच्चे हैं। सब पिता की तकलीफ से मायूस हैं। जानिए पूरा मामला...