Puja Vidhi  

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    Aisa Kyun23, Oct 2020, 12:01 PM

    नवरात्रि में इस विधि से करें कन्या पूजन, इससे दूर हो सकती है आपकी गरीबी और दुख

    इन दिनों शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन की परंपरा है। इस बार अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर और नवमी तिथि 25 अक्टूबर को है। 

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    Aisa Kyun23, Oct 2020, 9:25 AM

    अपने भक्तों को विजय दिलाती हैं देवी कालरात्रि, सप्तमी तिथि पर करें इनकी पूजा

    महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप है कालरात्रि। मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। नवरात्रि की सप्तमी तिथि (23 अक्टूबर) को मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

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    Aisa Kyun22, Oct 2020, 9:47 AM

    22 अक्टूबर को इस विधि से करें देवी कात्यायनी की पूजा, दूर होगा रोग, शोक और भय

    उज्जैन. शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि (22 अक्टूबर) की प्रमुख देवी मां कात्यायनी हैं। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इनकी चार भुजाएं हैं। माताजी की दाहिनी ओर ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में है। बाएं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल है। इनकी पूजा से रोग, शोक, संताप, भय आदि नष्ट हो जाते हैं।

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    Aisa Kyun21, Oct 2020, 9:26 AM

    नवरात्रि: लाइफ में सुख-शांति पाने के लिए नवरात्रि के पांचवें दिन करें स्कंदमाता की पूजा

    शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन (21 अक्टूबर) स्कंदमाता की पूजा की जाती है। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जानते हैं।

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    Aisa Kyun19, Oct 2020, 9:41 AM

    नवरात्रि के तीसरे दिन होती है माता चंद्रघंटा की उपासना, सभी कष्ट दूर करता है देवी का ये स्वरूप

    शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन (19 अक्टूबर) माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।

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    Religion18, Oct 2020, 3:08 PM

    नवरात्रि के तीसरे दिन होती है माता चंद्रघंटा की उपासना, सभी कष्ट दूर करता है देवी का ये स्वरूप


    शारदीय नवरात्रि का तीसरे दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था। इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। मां की पूजा करने के लिए  सबसे पहले चौकी पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। 


    इस विधि से करें देवी चंद्रघंटा की पूजा
    सबसे पहले चौकी (बाजोट) पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें। चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें। इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा मां चंद्रघंटा सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।
     
     

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    Aisa Kyun18, Oct 2020, 9:20 AM

    नवरात्रि के दूसरे दिन इस विधि से करें देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा, ये हैं शुभ मुहूर्त

    शारदीय नवरात्रि की द्वितिया तिथि (18 अक्टूबर) को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है।

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    Chhattisgarh17, Oct 2020, 12:36 PM

    नवरात्रि में मां महामाया मंदिर रतनपुर में देवी की आरती, करिए घर बैठे दर्शन

    Shardiya Navratri 2020 :शारदीय नवरात्र 2020  शनिवार से शुरू हो गई है। हिंदू धर्म में इन नौ दिनों का बहुत अधिक महत्व होता है. नवरात्र में देवी के नौ रूपों की पूजा धूमधाम से की जाती हैं। हर एक दिन देवी के अलग-अलग रूप की उपासना करने से भक्त को आशीर्वाद मिलता है। कोरोना के कारण बहुत ध्यान से मंदिर में आना -जाना करना होगा।  कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के रतनपुर में  मां महामाया मंदिर रतनपुर में नवरात्र पर इस बार  21 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित होंगे। मंदिर में प्रतिदिन तीन समय पर होने वाली आरती व देवी दर्शन सोशल मीडिया प्लेटफार्म यू ट्यूब, फेसबुक पर लाइव रहेगा। इस वीडियो में आप मां की आरती के दर्शन करें। नवरात्र पर महामाया मंदिर में सुबह 7 बजे, दोपहर 12 बजे एवं शाम को 7 बजे की आरती का यू ट्यूब, फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। देवी मां के दर्शन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। इसके साथ ही वीडियो कालिंग से आरती व देवीदर्शन कर सकेंगे।

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    Aisa Kyun17, Oct 2020, 9:41 AM

    शुभ मुहूर्त: 17 अक्टूबर को करें देवी शैलपुत्री की पूजा, ये है ध्यान मंत्र और संपूर्ण विधि

    शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस बार 17 अक्टूबर, शनिवार को प्रतिपदा तिथि है।

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    Religion16, Oct 2020, 2:49 PM

    चमत्कारिक मंदिरः दीवार पर गोबर से उल्टा साथिया बनाने से पूरी होती है हर मनोकामना

      शारदीय नवरात्रि 17 अक्टूबर यानी शनिवार से शुरू हो रहे हैं। मां दुर्गा के स्वागत के लिए भक्त तैयार हैं। इस साल नवरात्रि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। आइए हम आपको बताते हैं माता के एक ऐसे मंदिर  बारे में जहां माताजी धरती की गोद में समाहित हो गई थी। यहां माता के भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। वह मंदिर हैं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की ग्राम भैंसवा माता में यही माता बिजासन का वह मंदिर है जो की अत्यंत चमत्कारिक और अलौकिक माना जाता है।  ग्राम की पहाड़ी पर बसा माता बिजासन का यह मंदिर लगभग 10 एकड़ जमीन में फैला हुआ है। यहां माता बिजासन को नारियल चुनरी एवं झंडा चढ़ाया जाता है। यहां माता बिजासन के दरबार में अखंड जोत जल रही हे जिसकी दर्शन मात्र से ही मनुष्य के सारे दुख दूर हो जाते हैं।  ऐसी भी मान्यता है कि  मंदिर के पीछे की दीवार पर जो भी भक्त  गोबर से उल्टा साथिया बनाकर जाता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है फिर मनोकामना पूरी होने पर साथियों को  सीधा बनाना पड़ता है।  यहां के पूजारी नारायण सिंह ने बताया कि एक बार यहां चोर चोरी करने आए थे मां के गहने जैसे ही निकालने लगे वो अंधे हो गए। यहां  देश के कोने-कोने से माता के दर्शन को लोग आते हैं।

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    Jyotish16, Oct 2020, 11:03 AM

    नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के हैं 2 शुभ मुहूर्त, अखंड ज्योत जलाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

    मां शक्ति की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि इस बार 17 अक्टूबर, शनिवार से शुरू हो रही है, जो 25 अक्टूबर, रविवार तक रहेगी। नवरात्रि के पहले दिन माता दुर्गा की प्रतिमा तथा घट (कलश) की स्थापना की जाती है। इसके बाद ही नवरात्रि उत्सव का प्रारंभ होता है। इससे सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं।

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    Aisa Kyun12, Oct 2020, 12:24 PM

    कमला एकादशी 13 अक्टूबर को, अब 3 साल बाद आएगी ये शुभ तिथि, ये है व्रत व पूजा विधि

    13 अक्टूबर को आश्विन अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे कमला व पद्मा एकादशी कहते हैं। कमला एकादशी 3 साल में एक बार आती है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने व व्रत रखने का विशेष महत्व है।

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    Upay9, Oct 2020, 10:57 AM

    प्रत्येक शनिवार को इस आसान विधि से करें शनिदेव की पूजा, दूर हो सकता है शनि दोष

    शनिदेव मनुष्य को उसके हर अच्छे-बुरे कर्मों का फल देते हैं, इसलिए उन्हें न्यायाधीश कहा जाता है। शनिवार को शनिदेव की पूजा करने के बाद अगर तिल के तेल से आरती की जाए तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

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    Jyotish4, Oct 2020, 11:46 AM

    अधिक मास की चतुर्थी 5 अक्टूबर को, इस विधि से करें भगवान श्रीगणेश की पूजा और ये उपाय

    भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को व्रत किया जाता है, इसे गणेश चतुर्थी व्रत कहते हैं। इस बार यह व्रत 5 अक्टूबर, सोमवार को है। अधिक मास होने की वजह से इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है।

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    Aisa Kyun26, Sep 2020, 10:01 AM

    कमला एकादशी 27 सितंबर को, 3 साल में एक बार आती है ये एकादशी, इस विधि से करें व्रत व पूजा

    इन दिनों आश्विन का अधिक मास चल रहा है। इस महीने का धर्म ग्रंथों में विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में आने वाली एकादशी को कमला व पद्मा एकादशी कहते हैं। इस बार कमला एकादशी 27 सितंबर, रविवार को है।