Santosh Babu Shaheed  

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    BiharJun 22, 2020, 2:29 PM IST

    चीनी सैनिकों को पकड़-पकड़ कर मारा, तोड़ डाली गर्दन, अब सेना ने लिखा-शेर लड़ने के लिए जन्में हैं

    1 मिनट 57 सेकंड के इस वीडियो में 1857 से 1999 तक रेजिमेंट द्वारा उठाए गए कुछ सबसे अधिक मिशन का पता चलता है। एक सैन्य ऑफिसर के मुताबिक बिहार रेजिमेंट के जवानों का यह रौद्र रुप देखकर सैकड़ों की तादाद में मौजूद चीनी भागने लगे और घाटियों में जा छिपे, जिसके बाद भारतीय जवानों ने पीछा कर उन्हें पकड़-पकड़ कर मारा था।
     

  • <p><strong>पटना (Bihar)। </strong>भारत-चीन बार्डर के गलवान हमले में अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू के शहीद होने के बाद बिहार रेजिमेंट के जवान बैखला गए थे। अपने सीओ की शहादत से गुस्साएं भारतीय सैनिकों ने चीनी जवानों में भय पैदा कर दिया था। भारतीय जवानों ने एक-एक कर 18 चीनी सैनिकों की गर्दनें तोड़ दीं थी। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि कम-से-कम 18 चीनी सैनिकों के गर्दनों की हड्डियां टूट चुकी थीं और सर झूल रहे थे। ये सब अपने कमांडर की वीरगति प्राप्त होने के बाद गुस्साएं भारतीय सैनिक ने किया था।</p>

    BiharJun 21, 2020, 12:24 PM IST

    संतोष बाबू की शहादत से बौखला गए थे बिहार रेजीमेंट के जवान, भागने लगे चीनी सैनिक, 18 की तोड़ी गर्दन

    पटना (Bihar)। भारत-चीन बार्डर के गलवान हमले में अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू के शहीद होने के बाद बिहार रेजिमेंट के जवान बैखला गए थे। अपने सीओ की शहादत से गुस्साएं भारतीय सैनिकों ने चीनी जवानों में भय पैदा कर दिया था। भारतीय जवानों ने एक-एक कर 18 चीनी सैनिकों की गर्दनें तोड़ दीं थी। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो एक सैन्य अधिकारी ने कहा है कि कम-से-कम 18 चीनी सैनिकों के गर्दनों की हड्डियां टूट चुकी थीं और सर झूल रहे थे। ये सब अपने कमांडर की वीरगति प्राप्त होने के बाद गुस्साएं भारतीय सैनिक ने किया था।