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    NationalMar 12, 2021, 4:54 PM IST

    आजादी के 75 साल पूरा होने पर 75 सप्ताह चलेगा जश्न, अमृत महोत्सव के आगाज पर पीएम मोदी ने की ये अपील

    वीडियो डेस्क। 2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को गुजरात के अहमदाबाद में आजादी के अमृत महोत्सव का आगाज किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अमृत महोत्सव से जुड़ी एक वेबसाइट और लोगो भी लांच किया गया। इसी के साथ दांडी मार्च को भी 91 बरस हो रहे हैं. पीएम मोदी इस मौके पर एक मार्च को हरी झंडी दिखाई. पीएम मोदी साबरमती आश्रम से एक यात्रा का आगाज किया जो दांडी मार्च की याद में की जा रही है। 
     

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    CareersMar 1, 2021, 2:02 PM IST

    हौसलों से हार गईं परेशानियांः 12 हजार सैलरी पाने वाला शख्स अब चाय बेचकर हर मंथ कमा रहा 2 लाख रु.

    इसे कहते हैं खुद के पैरों पर खड़ा होना। यह कहानी है 12वीं तक पढ़े रेवन शिंदे की। महाराष्ट्र के सोलापुर के रहने वाले रेवन कभी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। उन्हें 12000 रुपए महीने मिलते थे। वे इतनी कमाई में खुश थे। लेकिन एक दिन यह नौकरी जाती रही। रेवन को लगा जैसे दुनिया की उजड़ गई। पहले तो कुछ समझ नहीं आया। फिर चाय की दुकान खोली। लेकिन लॉकडाउन में वो भी बंद करनी पड़ी। लेकिन आज वे चाय की दुकान और चाय की होम डिलेवरी से 2 लाख रुपए महीने कमा रहे हैं। यह सही है कि कोई काम आसान नहीं होता। रेवन को भी शुरुआत में दिक्कत हुई, लेकिन हौसले सारी परेशानियों से लड़ जाते हैं।
     

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    CareersFeb 16, 2021, 10:38 AM IST

    गरीबी के कारण 8वीं के बाद छोड़नी पड़ी पढ़ाई, लेकिन 'जुगाड़ की मशीन' ने बना दिया करोड़पति

    क्रियेटिविटी और कुछ करने के जुनून का उम्र या अमीरी-गरीबी से कोई वास्ता नहीं होता। जो व्यक्ति कुछ करने की ठान लेता है, वो करके रहता है। यह कहानी 'आत्मनिर्भर भारत' की एक मिसाल है। ये हैं  तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले मुरुगेसन। ये महज 8वीं तक पढ़े हैं। घर के आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे कि आगे पढ़ सकें। लिहाजा मुरुगेसन को पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाना पड़ा। लेकिन परंपरागत तरीके से खेती-किसानी करने के कारण उन्हें मुनाफा नहीं हो रहा था। मेहनत ज्यादा थी। एक बार मुरुगेसन गांव में कहीं जा रहे थे, तभी किसी को केले की छाल से रस्सी बनाते देखा। वो आदमी इस रस्सी से फूलों की माला तैयार कर रहा था। यही से मुरुगेसन के दिमाग में बिजनेस का आइडिया आया। आज वे केले के छिलकों से बड़ेस्तर पर रस्सी बनाते हैं। उनका सालाना टर्नओवर एक करोड़ रुपए है।

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    CareersFeb 4, 2021, 11:09 AM IST

    खाली वक्त में यूट्यूब देखा करती थीं ये, अचानक आया एक आइडिया और अब घर बैठे कमा रहीं

    कहते हैं कि कोशिशें कभी बेकार नहीं जातीं और शुरुआत कभी भी हो सकती है। इनसे मिलिए! ये हैं शैलजाबेन काले। गुजरात के वडोदरा में रहती हैं। मूलत: यूपी की रहने वालीं शैलजा जब 10 साल की थीं, तब इनका परिवार गुजरात आ गया था। जैसे ही इन्होंने 12वीं क्लियर की, शादी कर दी गई। इनके एक बेटा और बेटी है। बेटी बेंगलुरु में पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा विदेश में है। पति राजेश पेट्रोलियम कंपनी में नौकरी करते हैं। मतलब शैलजा की जिंदगी में कोई आर्थिक संकट नहीं। लेकिन हमेशा से ही खुद के लिए कुछ करने का सपना रहा। वे अकसर खाली समय में यूट्यूब देखा करती थीं। अचानक उन्हें आइडिया आया। 2018 में उन्होंने शुद्ध घानी तेल का कारोबार शुरू किया। इस बिजनेस पर उन्होंने सिर्फ 3 लाख रुपए खर्च किए। बिजनेस के सारे तौर-तरीके और तकनीकी ज्ञान इंटरनेट से सीखा। आज शैलजाबेन सालाना 3-4 लाख रुपए मुनाफा कमा रही हैं, वो भी घर बैठे।
     

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    CareersJan 29, 2021, 11:54 AM IST

    लॉकडाउन लगते ही हाथ से फिसली शानदार जॉब, फिर शुरू किया अपना रेस्टोरेंट, अब कमाते हैं 1 लाख रुपए महीना

    कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती! यही साबित किया जम्मू के रहने वाले युवा नरेश सराफ ने। कोरोनाकाल में सबको बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। कइयों को नौकरी गंवानी पड़ी। नरेन भी उनमे से एक थे। होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद नरेन अपने लिए अच्छी-सी जॉब ढूंढ़ रहे थे। उन्हें ताज होटल से ऑफर मिला। यह उनके लिए सपने सच होने जैसा था। लेकिन इससे पहले कि वो नौकरी शुरू करते, कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में उनकी जॉब चली गई। नरेन के लिए यह बड़ा सदमा था। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें? फिर उन्होंने अपना रेस्टोरेंट शुरू किया। 2 महीने जैसे-तैसे काटे, लेकिन रेस्टोरेंट चल पड़ा। आज नरेन 1 लाख रुपए महीने कमाते हैं।

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    CareersJan 21, 2021, 11:05 AM IST

    12 साल की नौकरी में कुछ नहीं कमाया, लेकिन एक 'आइडिया' ने 5 साल में बना दिया करोड़पति

    प्रधानमंत्री मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर दिया है। इसके पीछे मंशा है कि लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरे। वे खुद का काम-धंधा शुरू करके अच्छा-खासा कमा सकें। यह कहानी यूपी के गौतम बुद्ध नगर के रहने वाले दुर्लभ रावत की है। 36 वर्षीय दुर्लभ मैकेनिकल इंजीनियर हैं। डिग्री के बाद ये भी एक समय नौकरी के लिए मारे-मारे फिरते थे। जैसे-तैसे करके एक प्राइवेट कंपनी में जॉब मिल गई। करीब 12 साल नौकरी की, लेकिन मजा नहीं आया। न काम में और न सैलरी को लेकर। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ने की ठानी। शुरुआत में परिजनों और दोस्तों आदि ने हैरानी जताई। लेकिन दुर्लभ अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे। 2016 में नौकरी छोड़ने के बाद दुर्लभ ने अपनी डेयरी शुरू की। शुरुआत में दिक्कतें हुईं, लेकिन आज इनकी डेयरी का टर्न ओवर 2.5 करोड़ रुपए है। इनके पास आज 7000 से ज्यादा कस्टमर्स हैं। इन्होंने कइयों को जॉब दे रखा है।
     

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    CareersJan 19, 2021, 11:03 AM IST

    25000 रुपए लगाकर 60 साल के 'अंकल' कमा रहे 45 लाख रुपए सालाना, पहले लोगों ने उड़ाई थी हंसी

    शुरुआत हमेशा 'शून्य' से होती है। करियर और रोजगार के मामले में भी यही होता है। अगर आप सही दिशा में और सही ढंग से कोई काम करते हैं, तो निश्चय ही आगे आप सफल रहेंगे। हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले 60 वर्षीय सतबीर पूनिया यह उदाहरण पेश करते हैं। बात सिर्फ 3 साल पुरानी है। उन्होंने अपने 16 एकड़ खेतों में फल उगाना शुरू किए। यह सब काम सिर्फ 25000 रुपए की लागत से शुरू किया गया। आज उनका सालाना टर्न ओवर 45 लाख रुपए है। इसमें से 15-20 लाख रुपए शुद्ध मुनाफा। इनकी सफलता की कहानी दूसरों किसानों को भी आकर्षित करती है। लोग इन्हें प्यार से 'बेर अंकल' कहकर पुकारते हैं।

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    CareersJan 13, 2021, 5:46 PM IST

    11 साल में करोड़पति बन गया यह युवा किसान, 60 करोड़ के टर्न ओवर की फर्म से 3000 लोग जुड़े

    कामयाबी का कोई शॉर्ट कट नहीं होता। बस, आप कोशिश जारी रहिए, किसी दिन भी लाइफ में टर्निंग पॉइंट आ सकता है। राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले योगेश जोशी यही एग्जाम्पल देते हैं। बात 2009 की है। योगेश ने ऑर्गेनिक फॉर्मिंग में डिप्लोमा किया है। घरवालों चाहते थे कि बेटा सरकारी नौकरी करे। योगेश किसानी करना चाहते थे। शुरुआत में लोगों ने हतोत्साहित किया। किसी ने ताने मारे। परिजन नाराज रहे, लेकिन योगेश अपने काम में लगे रहे। 11 साल में वे अपने गांव के आदर्श युवा बनकर सामने आए हैं। योगेश और उनके साथ के 3000 किसान 4000 एकड़ में जीरा-सौंफ, धनिया,मेथी और कलौंजी जैसे मसाले उगाकर मालामाल हो गए हैं। उनका सालाना टर्न ओवर 60 करोड़ रुपए माना जाता है। इनकी फर्म में 50 अन्य लोगों को भी काम मिला हुआ है। 
     

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    CareersJan 13, 2021, 11:30 AM IST

    गोबर भी बेकार नहीं, इससे जुड़ी चीजें बना सकती हैं आपको काम-धंधे में आत्मनिर्भर, देखें कुछ आइडिया

    आमतौर पर जिनके पास कुछ अलग तरह के आइडियाज नहीं होते, उनके बारे में लोग कहते हैं कि 'दिमाग में क्या गोबर भरा है?' लेकिन गोबर भी कोई बेकार चीज नहीं हैं। अगर आपके पास गोबर को लेकर आइडियाज हैं, तो आप कमाई कर सकते हैं। वो कैसे? पहले जानते हैं नई खबर। आपने गांवों के कच्चे घरों को गोबर से लीपते-पोतते देखा होगा। धीरे-धीरे यह ग्रामीण संस्कृति होटलों आदि में दिखाई देने लगी। अब खादी इंडिया ने गाय के गोबर से बना प्राकृतिक पेंट लॉन्च किया है। यानी यह केमिकल से बने पेंट से बेहतर है। यह आपके घर को प्राकृतिक रूप से शुद्ध रखेगा। आइए जानते हैं गोबर कैसे कमाई का जरिया बनता जा रहा है।

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    CareersJan 8, 2021, 11:36 AM IST

    कभी यह युवक सिक्योरिटी गार्ड की मामूली नौकरी करता था, आज कमाता है हर महीने 60000 रुपए

    पुणे, महाराष्ट्र. जिंदगी में टर्निंग पॉइंट हमेशा किसी बड़ी मुसीबत के बाद ही आता है। अब 28 साल के इस युवक रेवन शिंदे को ही देख लीजिए! ये कभी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। गार्ड को बमुश्किल 8-10000 रुपए मंथली सैलरी मिलती है। ये जैसे-तैसे अपना जीवन यापन कर रहे थे। अचानक दिसंबर, 2019 में इन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। उस वक्त इन्हें ऐसा लगा, जैसे दुनिया की उजड़ गई हो। कई महीने तक तमाम जगहों पर नई नौकरी के लिए हाथ-पैर मारे, लेकिन असफल रहे। थक-हारकर इन्होंने खुद का कुछ करने का सोचा। पुणे के पिंपरी-चिंचवाड इलाके में रहने वाले रेवन ने हिम्मत करके अपनी सारी जमापूंजी लगाकर एक कैफे खोला। नाम 'कैफे 18' रखा। आज ये रोज 600-700 कप चाय बेचते हैं। यानी हर महीने ये 50- 60,000 रुपये कमा रहे हैं।

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    CareersJan 7, 2021, 6:26 PM IST

    महिला हो या पुरुष, आत्मनिर्भर होकर लाखों कमाने का एक बढ़िया आइडिया यह भी है

    पहले तो नौकरियां आसानी से नहीं मिलतीं। अगर मिल भी गईं, तो यह जरूरी नहीं कि सैलरी अच्छी हो, काम मन को हो या बिना तनाव के। ऐसे में खुद के पैरों पर खड़े होने की कोशिश क्यों नहीं करते? जो लोग यह समझते हैं कि खेती-बाड़ी सिर्फ नुकसान का सौदा है, तो यह गलत है। अगर सही तौर-तरीके और सही प्लानिंग से खेती-बाड़ी की जाए, तो आप अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। पहले हम आपको ये दो उदाहरण बताते हैं और फिर बताएंगे कि आत्मनिर्भर होकर आप कैसे अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं। ये दोनों लोग एलोवेरा (Aloe vera) की खेती करते हैं। यह सभी जानते हैं कि एलोवेरा एक औषधीय पौधा है। इससे औषधि के अलावा कास्मेटिक सामग्री बनती हैं। सबसे बड़ी बात इसे उगाने में कोई झंझट या अधिक देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। एलोवेरा को घृतकुमारी या ग्वारपाठा भी कहते हैं। पहले जानते हैं इन दोनों किसानों की कहानियां और फिर बताएंगे एलोवेरा लगाकर आप कैसे लखपति बन सकते हैं।
     

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    CareersDec 31, 2020, 12:11 PM IST

    इजरायली की पाठशाला में गरीब किसान ने सीखा ऐसा कि अब कमाता है साल के 10 लाख रुपए

    मोरबी, गुजरात. देश में इस समय किसान आंदोलन चल रहा है। भारत कृषि प्रधान देश है। यह जगजाहिर है कि छोटे किसानों की माली हालत ठीक नहीं हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह खेती-किसानी के नए तौर-तरीके नहीं अपनाना है। अब इस किसान से मिलिए! यह नई तकनीक से अमरूद की खेती कर रहा है। नतीजा, पहले गरीबी में रहने वाला किसान आज 50 एकड़ जमीन पर सालाना 10 लाख रुपए तक के अमरूद उगाकर बेच रहा है। यह हैं मोरबी जिले की टंकारा तहसील के रहने वाले किसान मगन कामरिया। ये इजरायली तकनीक से अमरूद उगा रहे हैं। इनका अमरूद डेढ़ से 2 किलो तक का होता है। पहले मगन खेतों में कपास, मूंगफली और जीरा उगाते थे। इसमें लागत अधिक थी और कमाई कम। 5 साल पहले की बात है, मगन ने इजरायली तरीके से अमरूद की खेती करना सीखा। अब वे एक सफल किसान हैं।
     

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    MaharashtraDec 2, 2020, 10:59 AM IST

    70 साल की दादी को 17 साल के पोते ने यूट्यूब पर दिखाए कुछ वीडियो, अब कमा रहीं हर महीने 2 लाख रुपए

    अहमदनगर, महाराष्ट्र. कहते हैं कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती! अब 70 साल की इन दादी अम्माजी यानी सुमन धामने से ही मिलिए। कुछ महीने पहले तक ये इंटरनेट का 'कखग' तक नहीं जानती थीं, लेकिन आज इंटरनेट सेंसेशन हैं।  ये 'आपली आजी' नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाती हैं। इसके 6.5 लाख सब्सक्राइबर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अम्माजी कभी स्कूल नहीं गईं। वे हिंदी नहीं बोल पातीं। सिर्फ मराठी में बात करती हैं, लेकिन उनकी बनाई डिशेज बड़े-बड़े शेफ को पसंद आती हैं। सुमन धामने अहमदनगर से करीब 10 किमी दूर सरोला कसार गांव में रहती हैं। वे सिर्फ महाराष्ट्रीयन डिशेज बनाकर उसकी रेसिपी अपने चैनल पर पोस्ट करती हैं। वे 150 से ज्यादा रेसिपी के वीडियो शेयर कर चुकी हैं। वे हर महीने डेढ़ से 2 लाख रुपए कमा रही हैं। पढ़िए कैसे हुआ यह चमत्कार...

  • <p>सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की तारीफ़ की है। मंत्रालय ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों &nbsp;को अधिप्राप्ति और भुगतान के आंकड़े जारी किए हैं।</p>

    NationalNov 24, 2020, 10:38 PM IST

    MSME ने की पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की तारीफ, कहा- वोकल फॉर लोकल ने लाई क्रांति

    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान की तारीफ़ की है। मंत्रालय ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों  को अधिप्राप्ति और भुगतान के आंकड़े जारी किए हैं।

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    PunjabOct 19, 2020, 11:03 AM IST

    पिता को अकेले खेतों में देखकर दु:खी होती थीं स्कूल जाने वालीं बहनें, फिर लिया यह फैसला

    होशियारपुर, पंजाब. प्रधानमंत्री मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' पर जोर दिया है। ये बहनें इसी का एक उदाहरण हैं। जिले के हरियाना कस्बे के गांव शहाबुद्दीन की रहने वालीं इन बहनों के परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ठीक नहीं थी। किसान पिता अकेले खेतों में काम करने के बाद भी सिर्फ घर चला पा रहा था। बहनों ने जब पिता की हालत देखी, तो खुद भी खेती-किसानी का काम सीख लिया। अब वे अपने क्षेत्र में मिसाल बन गई हैं। वे ट्रैक्टर से खेत जोतने से लेकर फसल का सब काम कर लेती हैं। इससे उनके परिवार की आमदनी बढ़ गई है। यह हैं सिमरन और प्रदीप कौर। इनके पिता दिलबाग सिंह बहुत कम जमीन है। इससे उनके परिवार का पेट भरना मुश्किल होता था। लेकिन बेटियों की मदद से अब उन्होंने ठेके पर कुछ जमीन ले ली है। इस पर ये लोग गेहूं, धान, आलू और तरह-तरह की सब्जियां उगाते हैं। इससे अब अच्छी आमदनी हो जाती है। आगे पढ़ें इन्हीं बहनों की कहानी...