Shailputri  

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    ReligionOct 18, 2020, 3:08 PM IST

    नवरात्रि के तीसरे दिन होती है माता चंद्रघंटा की उपासना, सभी कष्ट दूर करता है देवी का ये स्वरूप


    शारदीय नवरात्रि का तीसरे दिन माता चंद्रघंटा को समर्पित है। यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश कर दिया था। इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। मां की पूजा करने के लिए  सबसे पहले चौकी पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। 


    इस विधि से करें देवी चंद्रघंटा की पूजा
    सबसे पहले चौकी (बाजोट) पर माता चंद्रघंटा की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें। चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें। इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा मां चंद्रघंटा सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।
     
     

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    Aisa KyunOct 17, 2020, 9:41 AM IST

    शुभ मुहूर्त: 17 अक्टूबर को करें देवी शैलपुत्री की पूजा, ये है ध्यान मंत्र और संपूर्ण विधि

    शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस बार 17 अक्टूबर, शनिवार को प्रतिपदा तिथि है।

  • <p>मां शैलपुत्री</p>
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    Aisa KyunOct 16, 2020, 8:58 PM IST

    नवरात्र: पहले दिन क्यों की जाती है मां शैलपुत्री की पूजा? सवाल में ही छिपा है ये गूढ़ रहस्य

    वीडियो डेस्क। शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, देवी का यह नाम हिमालय के यहां जन्म होने से पड़ा है। मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। आइये जानते हैं कैसे की जाती है मां शैलपुत्री की पूजा। 

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    Aisa KyunOct 16, 2020, 12:22 PM IST

    17 से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी नवरात्रि, किस दिन देवी के कौन-से स्वरूप की पूजा करें?

    उज्जैन. इस बार अश्विन मास की नवरात्रि 17 से 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। इस शारदीय नवरात्रि भी कहते हैं। इस नवरात्रि में रोज देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र में किस दिन देवी के कौन-से रूप की पूजा करें, जानिए-