Shocking Pic  

(Search results - 73)
  • undefined

    WorldJul 15, 2021, 11:33 AM IST

    तालिबान के क्रूर लड़ाकों से अकेले 18 घंटे तक लड़ता रहा ये अफगानी पुलिस अफसर; फिर से जहन्नुम बन गया ये देश

    अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तालिबान तेजी से अफगानिस्तान में अपने पैर पसार रहा है। तालिबानी शासन को जिन लोगों ने भोगा है, उनकी रूह कांपने लगी है। खासकर; महिलाओं के लिए तो अफगानिस्तान फिर से जहन्नुम यानी नरक की धरती बनता जा रहा है। लेकिन जो लोग अफगानिस्तान मे अमन-चैन आजादी के पक्षधर हैं, वे तालिबान के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। यह तस्वीर भी ऐसी ही एक अफगानी पुलिस अधिकारी अहमद शाह की है। जब दक्षिणी प्रांत कंधार में तालिबान ने कब्जा किया, तो ये अकेले 18 घंटे तक लड़ता रहा। बाद में सुरक्षाबलों ने उसे बचा लिया। अहमद शाह अपने 14 साथियों के साथ एक पुलिस चौकी पर तैनात थे, जब तालिबान ने हमल किया। अहमद ने कहा कि उन्होंने तालिबान के आगे घुटने नहीं टेके। आगे देखें तालिबान के खौफ की बानगी...

  • undefined

    WorldJul 14, 2021, 12:49 PM IST

    पाकिस्तानः 65 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे 30 चाइनीज इंजीनियरों पर आतंकवादी हमला, उड़ा दी बस

    इस्लामाबाद. पाकिस्तानी के उत्तरी क्षेत्र हजारा में बुधवार को चीनी इंजीनियरों की बस में ब्लास्ट का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। इसमें 6 चीनी नागरिकों सहित 10 लोगों की मौत की खबर है। 40 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। बस को निशाना बनाया गया था। न्यूज एजेंसी राइटर के अनुसार, यह हादसा तब हुआ, जब बस सुनसान इलाके में एक पहाड़ी से गुजर रही थी। ब्लास्ट से बस के परखच्चे उड़ गए। पाकिस्तानी मीडियो जियो न्यूज के अनुसार अभी यह पता नहीं चल पाया कि यह ब्लास्ट सड़क किनारे लगाई गई आईईडी से हुआ या बम बस में रखा गया था।

  • undefined

    NationalMay 26, 2021, 1:57 PM IST

    यास का कहर: मिदनापुर में कार डूबी, तो मंदारमणि में रिसोर्ट की छत उड़ी; देखें Photos

    नई दिल्ली. अंडमान के उत्तरी भाग और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना तूफान 'यास' ओडिशा के तटीय इलाकों से टकराकर भयंकर रूप ले चुका है। तूफानी हवाओं ने कच्चे तो छोड़िए, पक्के घरों के छप्पर तक तहस-नहस कर दिए हैं। सड़कें नदियां बन गई हैं। कारें बहने लगी हैं। चक्रवात तूफानी हवाओं के साथ उत्तर और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता जा रहा है। हवाओं की गति 150 किमी/घंटे से भी ऊपर है। तूफान से बचाने करीब 12 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। तूफान के कारण समुद्र की लहरें उछाल भर रही हैं। समुद्र का पानी तटीय इलाकों के गांवों और शहरों में भरने लगा है। बंगाल और ओडिशा के अलावा बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी तूफान का असर है। बिहार, झारखंड में तो भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तूफान बुधवार सुबह 9 बजे ही ओडिश के तट से टकरा गया था। यह धामरा बंदरगाह के उत्तर और बालासोर जिले के पश्चिम तट से टकराया। 

  • undefined

    WorldMar 28, 2021, 3:21 PM IST

    तख्तापलट के बाद म्यांमार में खून की होली, न सेना झुकी और न पब्लिक, अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत

    म्यांमार में तख्तापलट के बाद से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक यहां सेना की गोलीबारी में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अकेले शनिवार को म्यांमार में आर्म्ड फोर्सेज डे पर सेना ने परेड निकालकर अपनी ताकत दिखाई। इस बीच लोगों से हुई झड़प में 100 लोगों की मौत हो गई। यह अब तक का एक दिन में सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 14 मार्च को करीब 90 लोगों की मौत हुई थी। बता दें कि तख्तापलट क बाद सेना सैन्य ताकत के खिलाफ 20 से अधिक शहरों में प्रदर्शन चल रह हैं।
     

  • undefined

    WorldMar 16, 2021, 12:30 PM IST

    तख्तापलट के बाद 'क्रूरता' का सबसे खौफनाक चेहरा बना म्यांमार, देखें 10 शॉकिंग तस्वीरें

    म्यांमार में 1 फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद मानों पूरा देश खौफ के साये में जी रहा है। सड़कें खून से रंग चुकी हैं। यहां सेना की क्रूरता का सबसे भयानक चेहरा सामने आया है। तख्तापलट के बाद अब तक सेना विरोध प्रदर्शन कर रहे 138 लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सेना प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मार रही है। म्यांमार में सेना की यह तानाशाही सारी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सेना के अत्याचार की कड़ी निंदा की। दुनिया के तमाम देश म्यांमार के घटनाक्रम की निंदा कर रहे हैं। पढ़िए पूरी कहानी...

  • undefined

    NationalJan 15, 2021, 10:11 AM IST

    87 साल पहले इन दो देशों में आया था ऐसा भूकंप कि जमीन फट गई थी, देखें 10 डरावनी तस्वीरें

    ये तस्वीरें भूकंप के इतिहास का एक डरावना मंजर हैं। करीब 87 साल पहले 15 जनवरी, 1934 को भारत और नेपाल में 8.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। इस भूकंप में इमारतें पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई थीं। इस आपदा में 11000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। यह भूकंप भारत और नेपाल के इतिहास का सबसे खतरनाक समय माना गया। भूकंप इतना भीषण था कि कई जगहों पर जमीन फट गई थी। गड्ढे बनकर पानी भर गया था। यही नहीं, भूकंप के बाद भीषण अकाल और महामारी फैल गई थी। आइए जानते हैं भूकंप से जुड़े फैक्ट्स...

  • undefined

    WorldJan 10, 2021, 2:10 PM IST

    इंडोनेशिया विमान हादसा: रेस्क्यू टीम को समुद्र से मिले पैसेंजर के बैग और बॉडी के टुकड़े, देखें तस्वीरें...

    जकार्ता, इंडोनेशिया. राजधानी जकार्ता से उड़ान भरने के तुरंत बाद लापता हुए श्रीविजया एयरलाइंस के विमान (Sriwijaya Air plane) SJ182 की तलाश में चार युद्धपोत सहित दर्जनभर जहाज सर्चिंग कर रहे हैं। बता दें कि शनिवार को बोइंग-737-500 क्लासिक विमान उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही 10000 फीट की ऊंचाई से नीचे समुद्र में गिर गया था। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर PK-CLC (MSN 27323) है। इसने पहली बार मई 1994 में उड़ान भरी थी। विमान में 62 पैसेंजर सवार थे। हादसे के 12 घंटे बाद इंडोनेशिया की जांच एजेंसी ने जावा सागर से पैसेंजर के बैग और शरीर के टुकड़े मिलने की बात कही है। इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदी करया सुमादी ने बताया कि उत्तरी जकार्ता में द्वीपों की श्रृंखला थाउजैंड द्वीप समूह के लानचांग एवं लाकी द्वीप के बीच विमान की खोज के लिए चार युद्धपोत सहित दर्जनभर जहाजों को तैनात किया गया है। इसी बीच इंडोनेशिया में रविवार को लैंडस्लाइड होने से 11 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा जावा सुमेडांग में हुआ। भारी बारिश के चलते यहां लैंडस्लाइड में दबे लोगों को निकालने रेस्क्यू टीम पहुंची थी। तभी दूसरी बार लैंडस्लाइड हो गई। इसमें टीम भी दब गई थी। आगे देखें विमान हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें...

  • undefined

    NationalJan 5, 2021, 4:17 PM IST

    तरक्की करती दुनिया की बेहद भयानक तस्वीर, भूख ने 7 साल के बच्चे का वजन कर दिया महज 7 किलो

    मध्यपूर्व एशिया का देश अमन(अरबी में अल-यमन) 2015 से चले आ रहे गृहयुद्ध से पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। 2016 की गणना के हिसाब से यहां की आबादी 2 करोड़ है, लेकिन इसमें तकरीबन 90 प्रतिशत से ज्यादा गरीबी और भुखमरी का शिकार हैं। यह तस्वीर फैयद समीम की है। 7 साल का का यह बच्चा पैरालिसिस और ऊपर से कुपोषण के कारण हड्डियों का ढांचा बनकर रह गया है। इसका वजन महज 7 किलो बचा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसे यमन की राजधानी सना के एक हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि यहां सुन्नी और शिया मुसलमानों के बीच खूनी संघर्ष चल रहा है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन हासिल है। जबकि उनके खिलाफ सऊदी अरब लड़ाई लड़ रहा है। यमन के बाकी हिस्सों में सुन्नी मुसलमान की संख्या अधिक है। उल्लेखनीय है कि यमन में 2011 के विद्रोह के बाद अली अब्दुल्ला सालेह को राष्ट्रपति पद से हटा दिया था। मौजूदा राष्ट्रपति अब्‍दराबूह मंसूर हादी यमन के बीच गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है। आगे पढ़ें यमन की कहानी...
     

  • undefined

    Other StatesDec 9, 2020, 11:18 AM IST

    जब कहीं नहीं मिला नेटवर्क...तो बच्चे एग्जाम देने पहाड़ पर जा बैठे

    मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने पर ऑनलाइन एग्जाम कैसे जी का जंजाल बन जाते हैं, यह फोटो यही दिखाता है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क हमेशा एक समस्या रही है। निचले इलाकों में नेटवर्क नहीं मिलने पर बच्चों को ऊंची पहाड़ियों पर चढ़कर एग्जाम देना पड़ रहा है। दूसरी दिक्कत तब आ जाती है, जब मौसम खराब हो। ऐसे में उन्हें चट्टानों की ओट लेनी पड़ती है।

  • undefined

    Madhya PradeshDec 2, 2020, 1:33 PM IST

    भोपाल त्रासदी के 36 साल: मौत का मंजर दिखाती 1984 की वो खौफनाक रात

    भोपाल, मध्य प्रदेश. शायद सदियों तक भोपाल गैस कांड का असर रहेगा! दुनिया के इतिहास में सबसे भीषणतम त्रासदी कहे जाने वाले भोपाल गैस कांड का असर आज भी उन परिवारों की पीढ़ी में देखा जा सकता है, जो गैस से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। 3 दिसंबर को इस त्रासदी के 36 साल पूरे हो जाएंगे। बता दें कि 2-3 दिसंबर, 1984 की दरमियानी रात जेपी नगर के सामने स्थित यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड(यूका) के कारखाने में एक टैंक से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट(MIC) लीक हुई थी। जैसे ही यह हवा में घुली...भोपाल में मीलों तक इसका असर हुआ। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। आंखों में जलन हुई। देखते ही देखते पूरे शहर में भगदड़ मच गई। जो भाग सका...वो बच गया। जो नहीं भाग सके, वे मर गए। कुछ इतनी बुरी तरह प्रभावित हुए कि जब तक जिंदगी रही, तकलीफ झेलते रहे। आइए देखते हैं गैस कांड की कुछ पुरानी और कुछ नई पीढ़ी की तस्वीरें...

  • undefined

    JharkhandNov 25, 2020, 11:21 AM IST

    SHOCKING PICTURE: धुंध ने डाला आंखों पर पर्दा और फिर पुल से 20 फीट नीचे जा गिरी कार

    धनबाद, झारखंड. ठंड के मौसम में गाड़ी चलाते समय अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। सर्दी के कारण हाथ-पैर जकड़ने लगते हैं। सुन्न होने लगते हैं। झपकी भी आती है। वहीं, धुंध या कोहरे के कारण रास्ता भी ठीक से नहीं दिखता। ऐसे में हादसों की आशंका बढ़ जाती है। ये हादसे इन्हीं वजहों से हुए। यह तस्वीर धनबाद के तोपचांची थाना क्षेत्र स्थित बांका पुल से गिरी कार की है। हादसा बुधवार सुबह हुआ। धुंध के कारण रास्ता ठीक से नहीं दिखने पर कार पुल से करीब 20 फीट नीचे जा गिरी। इसमें एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे जख्मी हो गए। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पीएमसीएच में भर्ती कराया। कार को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। आगे पढ़ें इसी हादसे के बारे में...

  • undefined

    JharkhandNov 19, 2020, 11:41 AM IST

    माइंस की पहाड़ी उतर रहा था हाइवा, धुंध में ड्राइवर को सामने नहीं दिखी बोलेरो और बना दिया पापड़

    चाईबासा, झारखंड. ठंड के मौसम में ड्राइविंग करते समय काफी अलर्ट रहने की जरूरत होती है। अन्य मौसम की तुलना में ठंड में सड़क हादसों की संख्या अधिक बढ़ जाती है। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम रह जाती है। वहीं, ड्राइविंग के दौरान एकाग्रचित्तता(Concentration) पर भी असर पड़ता है। यह एक्सीडेंट चाईबासा के गुआ थाना क्षेत्र लौह अयस्क खदान माइंस में हुआ। कोहरे के कारण हाइवा(हैवी डम्पर ट्रक) के ड्राइवर को सामने आ रही बोलेरो नहीं दिखी। नतीजा, 100 टन वजनी हाइवा ने बोलेरो को रौंदकर उसका पापड़ बना दिया। इस हादसे में बोलेरो सवार सीआईएसएफ इंस्पेक्टर की मौत हो गई। जबकि उसका ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी है। घटना बुधवार देर रात की है। आगे पढ़ें इसी घटना के बारे में...
     

  • undefined

    PunjabNov 19, 2020, 11:08 AM IST

    ठंड के मौसम में रहें ALERT...नजर हटी कि दुर्घटना घटी, देखें कुछ हादसों की शॉकिंग तस्वीरें

    नवांशहर, पंजाब. अन्य मौसम की तुलना में आमतौर पर ठंड में सड़क हादसों की संख्या अधिक बढ़ जाती है। कोहरे की वजह से विजिबिलिटी कम रह जाती है। वहीं, ड्राइविंग के दौरान एकाग्रचित्तता(Concentration) पर भी असर पड़ता है। इसलिए आवश्यक है कि इस सीजन में खासकर रात के समय गाड़ी की स्पीड कम रखें। यह एक्सीडेंट नवांशहर के गढ़शंकर रोड के निर्माणाधीन क्रॉसिंग पुल पर हुआ। ठंड की पहली धुंध में विजिबिलिटी महज 50 मीटर रह जाने से गाड़ियों को बैरिकेट्स नहीं दिखे। नतीजा, एक-एक करके 6 गाड़ियां टकरा गईं। हादसा बुधवार का है। इसमें 5 लोग घायल हो गए। आगे पढ़ें पिछले कुछ दिनों में देशभर में हुए अलग-अलग कारणों से विभिन्न हादसों के बारे में..

  • undefined

    RajasthanNov 18, 2020, 9:43 AM IST

    बोरी में बंद नवजात चीख रहा था , रिस रहा था खून और कुत्ते उसे नोंचते हुए घसीट रहे थे

    जयपुर, राजस्थान. कोई इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि वो नवजात को बोरी में बंद करके मरने के लिए कचरे में फेंक दे‌? लेकिन ऐसे हैवान लोग और निष्ठुर मांएं भी होती हैं। तस्वीर में दिखाई दे रहे नवजात को ऐसी ही दर्दनाक मौत नसीब हुई। खून से लथपथ बच्चा बोरी में बंद था। उसे कुत्ते नोंचते हुए घसीट रहे थे। जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा, तब किसी का ध्यान उस ओर गया। बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जिंदगी बच नहीं सकी। यह शर्मनाक घटना भाईदूज पर हुई। भिंडों का रास्ता के रोहित भारद्वाज ने बताया कि वे अपने चचेरे भाई के साथ कहीं जा रहे थे। तभी उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई पड़ी। बोरी से खून रिस रहा था। उन्होंने कुत्तों को भगाया और लोगों को इकट्ठा किया। जब बोरी खोलकर देखी, तो सबके होश उड़ गए। बच्चे को पहले गणगौरी अस्पताल फिर जेके लोन हॉस्पिटल रैफर किया गया। बच्चे के सिर को कुत्तों ने नोंच खाया था। आगे पढ़ें इसी घटना के बारे में...
     

  • undefined

    JharkhandNov 16, 2020, 11:48 AM IST

    तोड़ेंगे दम मगर: पुल से टकराकर 30 फीट नीचे गिरी बाइक, दो जिगरी दोस्तों की दर्दनाक मौत

    बोकारो, झारखंड. दिल दहलाने वाला यह हादसा रविवार देर रात जरीडीह थाना इलाके में जैनामोड़ स्थित बांका पुल पर हुआ। पुल से टकराने के बाद बाइक 30 फीट नीचे जा गिरी। इस हादसे में दो जिगरी दोस्तों की मौत हो गई। घटना का पता सोमवार सुबह लगा। वहां से गुजर रहे लोगों की नजर दोस्तों की लाशों पर पड़ी। मृतकों की पहचान पेटरवार थाना क्षेत्र के पिछरी गांव निवासी अभिमन्यु कुमार मुंडा (21) और मिलन कुमार हेम्ब्रम (24) के रूप में हुई। अभिमन्यु ने इस साल इंटर का एग्जाम दिया था। मिलन भुवनेश्वर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। लॉकडाउन के बाद से वे गांव में ही थे। दोनों गहरे दोस्त माने जाते थे। अकसर उन्हें साथ में ही देखा जाता था। आगे पढ़ें इसी घटना के बारे में...