Tata Steel  

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    BusinessMay 24, 2021, 3:31 PM IST

    कोरोना के कारण हुई स्टॉफ की मौत तो फैमली को मिलेगी 60 साल तक सैलरी, बढ़ाई जाएंगी ये सुविधाएं

    बिजनेस डेस्क. कोरोना संक्रमण (covid-19) के कारण कई लोगों की मौतें हुई हैं। प्राइवेट कंपनियों (Private companies) के कर्मचारियों की नौकरी चली गई। संकट के समय में कंपनी कर्मचारी का क्या होगा? इसी बीच देश की कई कंपनियों अपने कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आई हैं। किसी ने 60 साल तक अपने कर्मचारी को सैलरी देने की बात कही है तो किसी ने दो साल तक स्टॉफ के परिवार को वेतन देने की बात कही है। आइए जानते हैं इन कंपनियों के बारे में? 

  • <p><strong>स्पोर्ट्स डेस्क।</strong> कोरोना वायरस महामारी के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से काफी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल टाटा स्टील भुवनेश्वर&nbsp;के हाफ मैराथन में &nbsp;21.097 किमी में 1:33:05 के साथ दूसरे स्थान पर रहने वाली 24 साल की एथलीट प्राजक्ता गोडबोले को बहुत ही मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से उनकी मां बेरोजगार हो गई हैं, वहीं उनके पिता कुछ समय पहले लकवाग्रस्त हो गए थे। नागपुर के सिरासपेठ झु्गगी में रहने वाली प्राजक्ता का परिवार एक तरह से कोरोना के संकट के दौरान भुखमरी का सामना कर रहा है। लंबी दूरी की धावक प्राजक्ता गोडबोले का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि अगले शाम के भोजन का प्रबंध कहां से होगा।&nbsp;</p>

    Other SportMay 14, 2020, 12:35 PM IST

    कोरोना ने छीना माता-पिता का रोजगार, दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहा इस युवा एथलीट का परिवार

    स्पोर्ट्स डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से काफी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले साल टाटा स्टील भुवनेश्वर के हाफ मैराथन में 21.097 किमी में 1:33:05 के साथ दूसरे स्थान पर रहने वाली 24 साल की एथलीट प्राजक्ता गोडबोले को बहुत ही मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन की वजह से उनकी मां बेरोजगार हो गई हैं, वहीं उनके पिता कुछ समय पहले लकवाग्रस्त हो गए थे। नागपुर के सिरासपेठ झु्गगी में रहने वाली प्राजक्ता का परिवार एक तरह से कोरोना के संकट के दौरान भुखमरी का सामना कर रहा है। लंबी दूरी की धावक प्राजक्ता गोडबोले का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि अगले शाम के भोजन का प्रबंध कहां से होगा।

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    NationalNov 2, 2019, 10:49 AM IST

    मजदूर से लेकर CM बनने तक का सफर, कुछ ऐसा है झारखंड के इस नेता के संघर्ष का किस्सा

    झारखंड की कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री रघुवर दास के संघर्षों से जुड़ा एक किस्सा सामने आया है। जिसमें सीएम दास राजनीति में आने से पहले टाटा स्टील फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। दास को 1995 में जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने का मौका मिला। जिसके बाद 2014 में उन्हे सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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    BusinessSep 30, 2019, 12:14 PM IST

    शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 314 अंक गिरा, निफ्टी 11,500 अंक के नीचे

    बॉम्बे शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 314.27 नंबर यानी 0.81 प्रतिशत गिरकर 38,508.30 नंबर पर आ गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती दौर में 90.80 नंबर यानी 0.79 प्रतिशत गिरकर 11,421.60 नंबर पर आ गया।