Uttarakhand Glacier  

(Search results - 21)
  • undefined

    NationalFeb 16, 2021, 6:50 PM IST

    कहीं 56 साल पहले रखे अमेरिका के प्लूटोनियम पैक की वजह से तो नहीं टूटा ग्लेशियर, जानिए क्या है मामला

    उत्तराखंड में चमोली में ग्लेशियर टूटने से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अब तक 58 शव मिल चुके हैं। लेकिन अब चमोली त्रासदी ने उत्तराखंड और गंगा नदी में परमाणु विकिरण की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। उधर, इस घटना की वजह का पता लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक विभाग बनाया है।

  • undefined

    NationalFeb 16, 2021, 3:18 PM IST

    चमोली हादसा: मौत के सैलाब का 10वां दिन, टूटने लगी लापता लोगों के जीवित होने की आस

    चमोली, उत्तराखंड. ग्लेशियर टूटने से आए सैलाब को 10 दिन हो गए हैं। इस दौरान 56 लोगों के शव मिल चुके हैं, जबकि 149  लोग लापता हैं। ये लोग सैलाब में बहकर कहां गए होंगे, किसी को नहीं पता। ये न जिंदा ढूंढे जा सके हैं और न किसी की लाश मिली है। इनके परिजनों की उम्मीद भी अब टूटने लगी है। इस बीच मंगलवार को तपोवन स्थित NTPC की टनल से मलबा हटाने का काम जारी है। इसमें अंदर शव होने की आशंका है।

  • undefined

    NationalFeb 13, 2021, 7:13 PM IST

    उत्तराखंड सरकार ने 5 गांवों को फिर से बसाने के दिए 2.38 करोड़, 380 गांव अब भी खतरे में, करोड़ों की है जरूरत

    उत्तराखंड के चमोली जिले में 7 फरवरी को ग्लेशियर फटने से अलकनंदा और धौलीगंगा नदियों में बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में सैकड़ों गांव पानी में बह गए साथ ही सैकड़ों लोग पानी में बह गए, जिनकी NDRF की टीम के द्वारा खोज की जा रही है, इनका साथ आईटीबीपी के जवान भी दे रहे हैं।

  • <p>Glacier burst in Chamoli, disaster in Uttarakhand, Chamoli disaster, glacier bursting, glacier in Himalayas, floods in Uttarakhand, Uttarakhand accident photo</p>

    NationalFeb 12, 2021, 3:02 PM IST

    सुरंग के बाहर ये डॉग 3 दिन से कर रहा है इंतजार, भगाने पर भी नहीं हटता, जानें क्या है इसकी पूरी कहानी

    उत्तराखंड के चमोली में तपोवन हाइडल परियोजना स्थल पर बचाव कार्य जारी है। इस बीच सुरंग के बाहर एक कुत्ता तीन दिनों से अपने मालिक का इंतजार कर रहा है। ग्लेशियर टूटने के बाद आई बाढ़ से बचने वाले राजिंदर कुमार ने बताया कि जब हम काम करते थे तो हम उसे (डॉग) खाना देते थे। सोने के लिए बोरी भी दे देते थे।

  • <p>Glacier burst in Chamoli, disaster in Uttarakhand, Chamoli disaster, glacier bursting, glacier in Himalayas, floods in Uttarakhand, Uttarakhand accident photo</p>

    NationalFeb 12, 2021, 7:30 AM IST

    आपदा के बाद की दर्दनाक तस्वीरः एक साथ जलाए गए 7 शव, DNA संरक्षित किए गए ताकि पहचान हो सके

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद अब तक 36 लोगों के शव मिले हैं। चमोली पुलिस के मुताबिक, 36 शवों के अलावा 16 मानव अंग बरामद किये जा चुके हैं, जिसमें से 10 शवों की शिनाख्त हो गयी है, जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पायी है उन सभी शवों का डीएनए संरक्षित किये गये हैं।  11 फरवरी को 7 शवों और 7 मानव अंगों का धार्मिक रीति रिवाज और सम्मान के साथ दाह संस्कार किया।
     

  • undefined
    Video Icon

    NationalFeb 10, 2021, 1:02 PM IST

    WARNING: उत्तराखंड के चमोली त्रासदी का यह वीडियो आपको विचलित कर सकता है


    वीडिय डेस्क।   उत्तराखंड के चमोली जिले में 7 फरवरी दिन रविवार को कुदरत ने कहर बरपाते हुए भारी तबाही मचाई। नीती घाटी में रैणी गांव के शीर्ष भाग में ऋषिगंगा के मुहाने पर सुबह करीब 9:15 बजे ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर ऋषिगंगा में गिर गया, जिससे नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस जल प्रलय से नदी पर निर्मित 13 मेगावाट की ऋषिगंगा जल विद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई।एनटीपीसी की तपोवन स्थित 500 मेगावाट की निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा। दोनों परियोजनाओं में काम कर रहे 155 से ज्यादा मजदूरों और स्थानीय लोगों के हताहत होने की खबर है। अभी आठ लोगों के शव मिले हैं। इस  भयानाक  त्रासदी  से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है जिसमें 8 से 10 कर्मचारी पानी और कीचड़ के कारण बहते नजर आ रहे हैं। वीडियो  ये वीडियो आपको विचलित कर सकता है इसलिए कमजोर दिल वाले इसे नहीं देखें। 

     

  • undefined

    Other StatesFeb 9, 2021, 11:46 AM IST

    उत्तराखंड हादसा: इस गांव में दूसरी तबाही का खौफ, घर छोड़ जंगल में रात बिता रहे यहां के लोग..


    देहरादून. उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार हो हुई तबाही से तपोवन टनल में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें पिछले तीन दिन से जारी है।  NTPC की इस सुरंग से  35 लोगों को निकाल लिया गया है। इस सैलाब में कई लोग बह गए, जिनमें से 18 के शव बरामद कर लिए गए हैं और 200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इस  त्रासदी में सबसे ज्यादा नुकसान यहां के रैणी गांव को हुआ है। जहां के लोग अभी भी लापता हैं, गांववालों में इस कदर खौफ है कि वह जंगल में रात बिता रहे हैं। उनको डर सता रहा है कि कहीं एक बार फिर कुदरत अपना कहर नहीं बरपा दे।

  • <p>Uttarakhand glacier, glacier breakdown accident, Chamoli glacier accident, glacier, incident in Chamoli, Uttarakhand accident</p>

    NationalFeb 9, 2021, 8:59 AM IST

    तीसरा दिन: टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए रात भर चला काम, लेकिन किसी से नहीं हुआ संपर्क

    उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने के वजह से आई तबाही के बाद बचाव कार्य जारी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने तपोवन पर घटनास्थल का जायजा लिया और कहा कि  फ्लैश फ्लड की वजह से NTPC लिमिटेड की 520 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना में लगभग 1,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

  • undefined
    Video Icon

    NationalFeb 8, 2021, 5:19 PM IST

    ऋषभ पंत ने उत्तराखंड बाढ़ पीड़ितों के लिए उठाया ये कदम

    टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने (से हुई तबाही पर शोक जताया है। पंत ने पीड़ितों की मदद के लिए अपनी मैच फीस डोनेट करने का ऐलान किया है। उत्तराखंड के चमौली जिले के तपोवन इलाके में रविवार सुबह ग्लेशियर फटने से 150 के करीब लोग लापता हैं। कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पंत ने ट्वीट किया- 'उत्तराखंड में हुई जनहानि से काफी दुखी हूं। बचाव कार्य के लिए मैं अपनी मैच फीस देने का ऐलान करता हूं। साथ ही लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने का आग्रह करता हूं।'

  • undefined

    NationalFeb 8, 2021, 5:02 PM IST

    चमोली हादसा: मौत के सैलाब के बाद भी नहीं टूटा हौसला, देखें रेस्क्यू टीम ने कैसे भिड़ा दी अपनी जान

    चमोली, उत्तराखंड. प्रकृति से कौन लड़ पाया है? लेकिन साहसी इंसान मौत से अवश्य लड़ जाता है। यह देखना है, तो चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद आई आपदा में फंसे लोगों की जाने बचाने जुटी रेस्क्यू टीम के हौसले को देखिए। वे दिन-रात पूरी ताकत से टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने जुटे देखे गए। बता दें कि रविवार सुबह करीब 10.30 बजे के आसपास चमोली जिले में नंदा देवी ग्लेशियर का एक हिस्सा टूट जाने से ऋषिगंगा घाटी में जलजला आ गया था। गनीमत रही कि जलप्रलय अलकनंदा नदी तक आते-आते शांत पड़ गई। लेकिन इस आपदा को केदारनाथ में 2013 में आई प्राकृतिक आपदा से बड़ा माना गया है। इस हादसे में अभी भी कई लोगों के तपोवन में NTPC की प्रोजेक्ट साइट पर टनल में कई मजदूरों और अन्य कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। रेस्क्यू में NDRF,ITBP और सेना के जवान शामिल हैं।

  • undefined

    CricketFeb 8, 2021, 4:31 PM IST

    जोर लगा के हईशा...तपोवन में रेस्क्यू कर रहे जवानों का हौंसला देख गर्व से फूल गया यह क्रिकेटर, शेयर किया वीडियो

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने सोमवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान के उत्तराखंड के चमोली में बचाव अभियान का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक ग्लेशियर के फटने से जोशीमठ में भारी बाढ़ आ गई थी। बता दें कि रविवार सुबह करीब 10 बजे चमोली के जोशीमठ में तपोवन इलाके में ग्लेशियर टूट गया। इस हादसे में 14 लोगों की जान चली गई, वहीं, अभी भी 200 से ज्यादा लोग लापता हैं।

  • undefined

    NationalFeb 8, 2021, 11:08 AM IST

    ग्लेशियर के नीचे जिंदा दबे हैं हजारों साल पुराने वायरस, अगर ये बाहर निकले, तो कोरोना से भयंकर तबाही

    उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना ने सबको चौंका दिया है। खासकर, पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है कि कैसे ग्लेशियरों कों पिघलने से बचाया जा सका। यह तो आपको पता ही होगा कि बर्फ के नीचे चीजें सड़ती नहीं हैं। जीवाणु-विषाणु तो सदियों तक जिंदा दफन बने रहते हैं। अगर ये वायरस ग्लेशियर पिघलने से नदियों में मिल गए, तो दुनिया में भारी तबाही आ सकती है। यह चेतावनी लगातार वैज्ञानिक देते रहते हैं। ऐसा ही एक खुलासा 2019 मे सामने आया था। अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम तिब्बत में यह जानने पहुंची थी कि आखिर ग्लेशियर के नीचे क्या हो सकता है? जब पता चला, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। ग्लेशियर के नीचे 15000 साल पुराने 28 प्रकार के वायरस जिंदा दफन थे, जो अगर बाहर आ जाएं, तो दुनिया में भयंकर बीमारियां फैला दें।
     

  • undefined

    Other StatesFeb 8, 2021, 8:53 AM IST

    उत्तराखंड तबाही: उस गांव की कहानी जो इस जलजले में हो गया वीरान, चट्टानें-पेड़, इंसान सब नदी में समा गए

    देहरादून. उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह 10 बजे ग्लेशियर टूटने की वजह से आए जल प्रलय से जान और माल की भारी तबाही हुई है। कई लोगों को जिंदा निकल लिया गया है तो कई की तलाश में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पिछले 24 घंटे से एनडीआरएफ, आईटीबीपी, थल सेना और वायु सेना के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हम आपको को बताने जा रहे हैं इस तबाही की आंखों दखी जो लोगों ने इस भयानक मंजर को देखा है। कैसे  चट्टानें-पेड़ और इंसान नंदी में समां गए। (फोटो दैनिक भास्कर)

  • undefined

    HatkeFeb 8, 2021, 8:47 AM IST

    40 साल से लिखी जा रही थी उत्तराखंड तबाही की कहानी, 2 साल पहले इन्होने की थी भविष्यवाणी

    हटके डेस्क: नंदा देवी ग्लेशियर के हिस्से के पिघलने की वजह से उत्तराखंड के चमोली में आए बाढ़ के बाद फिलहाल 200 लोग लापता हैं। 7 फरवरी को अचानक आई इस आपदा की किसी को जानकारी भी नहीं थी। अचानक ही आई इस विपत्ति ने देश को हैरान कर दिया। लेकिन 2019 में ही एक्सपर्ट्स ने इस आपदा की भविष्यवाणी कर दी थी। जी हां, दो साल पहले एक स्टडी में इस बात को पब्लिश किया गया था कि हिमालय के ग्लेशियर दो गुना तेजी से पिघल रहे हैं। अगर उसी समय एक्सपर्ट्स की इस रिपोर्ट पर ध्यान दिया जाता, तो ये हादसा टाला जा सकता है। बता दें कि रविवार को जोशीमठ में हुए इस हादसे के कारण हिमालय के नीचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ गई। 40 साल की स्टडी के बाद की थी भविष्यवाणी...  

  • <p>Chamoli glacier, glacier bursting, Uttarakhand glacier, glacier occurrence</p>

    NationalFeb 8, 2021, 8:02 AM IST

    ग्लेशियर ब्लास्ट को लेकर 2019 में ही किया गया था अलर्ट, मामला कोर्ट में भी गया, जानें क्या हुई थी भविष्यवाणी

    पीआईएल में कहा गया था कि जो प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है वह अनुचित और पर्यावरण पर बुरा प्रभाव डालेगा। प्रोजेक्ट बनाने वाली कंपनी विस्फोटक का उपयोग कर रही थी और खनन के लिए पहाड़ों को नष्ट कर रही थी, जिससे नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के आसपास के संवेदनशील इलाकों को नुकसान पहुंचा है।