वाराणसी (Uttar Pradesh) । इस तस्वीर देखकर आप भी चौंक गए होंगे। लेकिन, ये सच है। यह महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की ही हैं, जो सुभाष भवन, लमही के सभागार में सामाजिक दूरी बनाते हुए भगवान श्रीराम की उर्दू में आरती करने के लिए खड़ी हुईं। इनमें किसी के हाथ में आरती की थाली थी, किसी ने लोहबान जलाया और किसी ने कपूर। वातावरण को शुद्ध करने वाली सारी सामग्री जलाई गई। मुंह पर मास्क लगाया और हाथों को अच्छी तरह धुलकर श्रीराम आरती में भाग लेने वाली महिलाओं ने कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के उपाय कर लोगों को जागरूक किया।

उर्दू में लिखी श्रीराम आरती और प्रार्थना का किया गायन
हनुमान चालीसा फेम नाजनीन अंसारी द्वारा उर्दू में रचित श्रीराम आरती एवं श्रीराम प्रार्थना प्रत्येक रामनवमी पर मुस्लिम महिलाओं द्वारा गाया जाता है। मुस्लिम महिलाओं ने उर्दू में लिखी श्रीराम आरती और श्रीराम प्रार्थना का गायन किया। संकट मोचक राम भक्त हनुमान चालीसा का पाठ कर इस भयानक संकट से मुक्त कराने के लिए प्रार्थना किया। 

14 साल से कर रही पूजा
रामनवमी के अवसर पर पिछले 14 वर्षों से सांप्रदायिक एकता के सूत्र में देश को बांधने के लिए यह महिलाएं भगवान श्रीराम की आरती करती आ रही हैं। हालांकि इस बार लॉकडाउन के कारण मुस्लिम महिला फाउण्डेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने सभी मुस्लिम महिलाओं को भीड़ जुटाने से मना कर दिया। केवल चार महिलाओं को आरती की इजाजत दी, जो प्रतिदिन भूख पीड़ितों के लिए भोजन बना रही हैं। 

इस बार कोरोना से मुक्ति के लिए की पूजा
इस बार मुस्लिम महिलाओं द्वारा भगवान श्रीराम की आरती भारत को कोरोना वायरस संकट से मुक्ति दिलाने के लिए किया गया। जिस तरह से भगवान श्रीराम ने राक्षसों के आतंक से भारत भूमि को मुक्त करा दिया था उसी तरह से कोरोना रूपी राक्षस के आतंक से भारत को मुक्त कराएंगे।