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आखिर क्या है इस श्लोक का अर्थ , जिसे PM मोदी ने राफेल का स्वागत के लिए लिखा

वीडियो डेस्क। अत्याधुनिक 5 राफेल लड़ाकू विमानों का बेड़ा फ्रांस से आज देश के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंबाला एयर बेस पर पहुंच गया। इन विमानों के वायुसेना में शामिल होने के बाद देश को आस-पड़ोस के प्रतिद्वंद्वियों की हवाई युद्धक क्षमता पर बढ़त हासिल हो जाएगी। राफेल के स्वागत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्‍वीट किया। ट्‍वीट में उन्होंने संस्कृत का श्लोक लिखा। राफेल के भारत पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत में ट्वीट कर कहा- राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च.. नभः स्पृशं दीप्तम्...स्वागतम्! आखिर इसका अर्थ क्या है। बता रहे हैं भागवत कथा वाचक पंडित भगवती प्रसाद तिवारी। पंडित भगवती प्रसाद तिवारी मध्य प्रदेश के इटारसी के रहने वाले हैं। 

Jul 30, 2020, 3:24 PM IST

वीडियो डेस्क। अत्याधुनिक 5 राफेल लड़ाकू विमानों का बेड़ा फ्रांस से आज देश के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण अंबाला एयर बेस पर पहुंच गया। इन विमानों के वायुसेना में शामिल होने के बाद देश को आस-पड़ोस के प्रतिद्वंद्वियों की हवाई युद्धक क्षमता पर बढ़त हासिल हो जाएगी। राफेल के स्वागत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्‍वीट किया। ट्‍वीट में उन्होंने संस्कृत का श्लोक लिखा। राफेल के भारत पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत में ट्वीट कर कहा- राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च.. नभः स्पृशं दीप्तम्...स्वागतम्! आखिर इसका अर्थ क्या है। बता रहे हैं भगवत कथा वाचक पंडित भगवती प्रसाद तिवारी। पंडित भगवती प्रसाद तिवारी मध्य प्रदेश के जिला देवास ,संदलपुर खातेगांव के रहने वाले है ।

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