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एक कहानी ऐसी भी: Corona हुआ तो 80 साल के पिता को तड़पता छोड़ गए बच्चे, झकझौर देगी इस बुजुर्ग की स्टोरी

वीडियो डेस्क।  कोरोना हुआ तो 3 बेटियों ने अपने पिता का साथ छोड़ दिया। 80 साल का बुजुर्ग बाप कोरोना से घर पर तड़पता रहा लेकिन 3 बेटियों में से किसी ने अपने पिता की मदद नहीं की। तब दिल्ली पुलिस ने मदद की। एक कॉन्स्टेबल ने बुजुर्ग की जान बचाने के लिए उन्हें किसी तरह से बाहर निकाला और हॉस्पिटल ले गया। मामला पुराने राजेंद्र नगर में एक बुजुर्ग शख्स की बेटी ने पीसीआर पर फोन कर बताया कि उसके पिता की तबीयत खराब है। 

वीडियो डेस्क।  कोरोना हुआ तो 3 बेटियों ने अपने पिता का साथ छोड़ दिया। 80 साल का बुजुर्ग बाप कोरोना से घर पर तड़पता रहा लेकिन 3 बेटियों में से किसी ने अपने पिता की मदद नहीं की। तब दिल्ली पुलिस ने मदद की। एक कॉन्स्टेबल ने बुजुर्ग की जान बचाने के लिए उन्हें किसी तरह से बाहर निकाला और हॉस्पिटल ले गया। मामला पुराने राजेंद्र नगर में एक बुजुर्ग शख्स की बेटी ने पीसीआर पर फोन कर बताया कि उसके पिता की तबीयत खराब है। शायद उन्हें कोरोना हुआ है।बेटी ने फोन कर बताया कि शायद उनके पिता को कोरोना हुआ है इसलिए वह पास नहीं जा रही है। खबर मिलते ही राजेंद्र नगर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल राजू राम पते पर पहुंचे। वहां घर पर लगे पोस्टर को देखकर हैरान रह गए। पोस्टर में 80 साल के मुरलीधर ने लिखा था, अगर उनकी मौत हो जाए तो लाश पुलिस के हवाले कर दी जाए। पुलिसकर्मी ने पड़ताल की तो पता चला कि बुजुर्ग व्यक्ति सीआईडी ऑफिसर रह चुके हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। दो बेटियां दिल्ली में और एक बाहर रहती है। कालकाजी में रहने वाली उनकी बेटी को पुलिस को खबर दी थी। डॉक्टर्स ने बुजुर्ग को जांच की। पता चला कि बुजुर्ग के सीने में काफी ज्यादा इन्फेक्शन हो गया था। ऑक्सीजन लेवल भी कम पाया गया। बाद में पुलिसवाले ने उनकी बेटी को फोन करके खबर किया की उनके पिता को हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया है। 

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