बहुत लोग हर 5 सेकेंड पर तेज एक्सीलेटर और ब्रेक मारते रहते हैं। इससे पेट्रोल सबसे ज्यादा खर्च होता है। इसलिए गाड़ी को स्मूद चलाएं, अचानक स्पीड न बढ़ाएं, धीरे-धीरे एक्सीलेटर दें।
कम हवा वाले टायर सड़क पर ज्यादा रगड़ खाते हैं, जिससे इंजन पर दबाव बढ़ता है और पेट्रोल ज्यादा लगता है। इसलिए हर 10-15 दिन में टायर चेक करें। कंपनी के बताए प्रेशर पर ही हवा भरवाएं।
अगर सिग्नल लंबा है और 20-30 सेकेंड से ज्यादा रुकना है, तो इंजन बंद कर दें। आजकल कई नई गाड़ियों में ऑटो स्टार्ट स्टॉप फीचर भी आता है, लेकिन पुरानी गाड़ियों में ये आदत डालनी पड़ेगी।
कार का AC पेट्रोल ज्यादा खाता है, खासकर शहर के ट्रैफिक में। इसलिए मौसम ठीक हो तो खिड़की खोल लें, AC का तापमान बहुत कम न रखें, छोटी दूरी में एसी अवॉयड करें।
गंदी एयर फिल्टर, खराब इंजन ऑयल और पुरानी स्पार्क प्लग माइलेज कम कर देती हैं। याद रखें रेगुल सर्विसिंग से माइलेज बेहतर होता है और खर्च भी कम आता है।
कार में बेकार का सामान भरकर रखने से गाड़ी भारी हो जाती है और फ्यूल ज्यादा लगता है। पुराने बैग, बेकार टूल्स, अतिरिक्त सामान कार से निकाल दें। कम वजन से फ्यूल भी कम लगता है।
1-2 किलोमीटर के लिए गाड़ी निकालना सबसे बड़ा नुकसान है। बेहतर ऑप्शन है कि ऐसी जगह पैदल जाएं, साइकिल यूज करें, ई-रिक्शा या शेयर ऑटो लें। इससे पेट्रोल भी बचेगा और हेल्थ भी अच्छी रहेगी
गलत गियर में गाड़ी चलाने से इंजन पर दबाव बढ़ता है। इसलिए कम स्पीड में हाई गियर मत रखें। ज्यादा स्पीड पर लो गियर अवॉयड करें। इससे माइलेज बेहतर होता है।
अगर ऑफिस में 3-4 लोग एक ही रूट पर जाते हैं, तो Car Pool सबसे सस्ता तरीका हो सकता है। इससे फ्यूल खर्च बंट जाएगा, ट्रैफिक भी कम होगा और पार्किंग की टेंशन भी कम होगी।
हर पेट्रोल पंप पर क्वालिटी और सर्विस अलग हो सकती है। ऐसे में भरोसेमंद पंप चुनें, एकदम खाली टैंक न चलाएं। इसके अलावा सुबह-सुबह फ्यूल भरवाना बेहतर माना जाता है