डायमंड रिंग्स का इतिहास रोमांचक है। ये सिर्फ ज्वेलरी नहीं हैं, बल्कि प्यार और स्टाइल का प्रतीक बन गई हैं। जानिए ये रिंग्स कैसे यूरोप से लेकर आज पूरी दुनिया में इतनी पॉपुलर हुईं।
डायमंड रिंग्स की शुरुआत 1477 में हुई, जब Archduke Maximilian of Austria ने मंगेतर Mary of Burgundy को पहला डायमंड इंगेजमेंट रिंग दिया। तब डायमंड सिर्फ शाही परिवारों के लिए ही था।
जैसे-जैसे समय बीता, भारी और बड़े रिंग्स की जगह पतली बैंड और छोटे डायमंड वाली रिंग्स ने ले ली। इस समय डायमंड रिंग्स अमीर वर्ग तक ही सीमित नहीं रही, फैशन में आम लोगों तक पहुंचने लगी।
19वीं सदी में डायमंड रिंग्स के रोमांटिक डिजाइन आए। हार्ट शेप, फूलों की डिजाइन और छोटे डायमंड पैटर्न इसकी खासियत रहे। रिंग्स में प्रतीकात्मक महत्व जोड़ना भी फैशन बन गया।
20वीं सदी में खासकर अमेरिका में, डायमंड रिंग्स का क्रेज तेजी से बढ़ा। De Beers कंपनी ने अपने मशहूर स्लोगन “A Diamond is Forever” के जरिए इसे सच्चे प्यार और शादी का प्रतीक बना दिया।
21वीं सदी में लोग कस्टमाइज्ड-थीम बेस्ड रिंग्स पसंद करने लगे। सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी ट्रेंड्स ने Halo सेटिंग, Three-stone रिंग्स और Colored Diamonds को फैशन का हिस्सा बना दिया।
आज की डायमंड रिंग्स हल्की, टिकाऊ और पहनने में आसान हैं। लोग Vintage + Modern डिजाइन पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया ने इसे ग्लोबली स्टाइल आइकन बना दिया है।
आज दुनिया भर में हर साल लगभग 70 मिलियन डायमंड रिंग्स बेची जाती हैं। अमेरिका में हर दूसरे मिनट एक डायमंड इंगेजमेंट रिंग बिकती है।