Kundan Jewellery: 500 साल पुरानी विरासत, आज भी दुल्हनों की पहली पसंद
jewellery Feb 10 2026
Author: Anita Tanvi Image Credits:Getty
Hindi
कुंदन ज्वेलरी: भारत की सबसे रॉयल पहचान
राजाओं-महाराजाओं के दौर से चली आ रही कुंदन ज्वेलरी आज भी भारतीय ज्वेलरी की शान बनी हुई है। इसकी चमक में आज भी इतिहास झलकता है।
Image credits: Getty
Hindi
मुगल बादशाहों की पसंद थी कुंदन ज्वेलरी
कहा जाता है कि कुंदन ज्वेलरी को मुगल शासकों ने लोकप्रिय बनाया। शुद्ध सोने और कीमती रत्नों से बनी यह ज्वेलरी शाही ठाठ का प्रतीक थी।
Image credits: Getty
Hindi
कैसे बनती है कुंदन ज्वेलरी
कुंदन ज्वेलरी सोने की पतली परतों में कीमती पत्थरों को फिट करके बनाई जाती है। इसमें फाइन गोल्ड और रत्नों जैसे हीरा, मोती, माणिक आदि का इस्तेमाल होता है। इसका डिजाइन शाही लगता है।
Image credits: Getty
Hindi
कुंदन ज्वेलरी के बिना अधूरा है ब्राइडल लुक
भारत में दुल्हन की ज्वेलरी की बात हो और कुंदन का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। हार, मांगटीका, नथ, झुमके, कंगन, सब कुछ कुंदन में खास होता है।
Image credits: Getty
Hindi
राजस्थान और जयपुर की शान है कुंदन ज्वेलरी
जयपुर को कुंदन ज्वेलरी का हब माना जाता है। यहां की हाथ से बनी कुंदन ज्वेलरी देश-विदेश में पसंद की जाती है।
Image credits: Getty
Hindi
कुंदन ज्वेलरी का फैशन में महत्व
कुंदन ज्वेलरी आज भी मार्डन डिजाइन के साथ ट्रेंड में है। बॉलीवुड में भी इसे अक्सर वेडिंग और फैशन शोज में दिखाया जाता है।
Image credits: Getty
Hindi
कुंदन ज्वेलरी की कीमत
इमिटेशन कुंदन 500-5000 रुपए तक, हाथ से बनी असली कुंदन ज्वेलरी 15000 से 1 लाख+ तक और 22–24 कैरेट सोना और कीमती रत्न इस्तेमाल हों, तो ब्राइडल सेट की कीमत लाखों तक पहुंच सकती है।
Image credits: Getty
Hindi
कुंदन ज्वेलरी में परंपरा, रॉयल्टी और एलिगेंस सब एक साथ
कुंदन ज्वेलरी सिर्फ गहना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और शाही विरासत की पहचान है, जो हर पीढ़ी में अपनी जगह बनाए हुए है।