कौशांबी की चायल सीट से विधायक पूजा पाल का नाम यूपी कैबिनेट विस्तार में शामिल होने की चर्चा में लगातार सामने आ रहा था.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूजा पाल का नाम अंतिम सूची में था, लेकिन आखिरी वक्त में उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी.
समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं को भी सम्मान नहीं मिल रहा है.
सपा ने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता अपनी पुरानी पार्टी के वफादार नहीं रहे, वे किसी और के भी नहीं हो सकते.
पूजा पाल के पति और बीएसपी विधायक राजू पाल की 2005 में हत्या के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की थी.
पति की मौत के बाद पूजा पाल ने बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और 2007 व 2012 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी.
2017 में हार के बाद पूजा पाल समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं और 2022 विधानसभा चुनाव में चायल सीट से विधायक बनीं.
राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के समर्थन और सीएम योगी की तारीफ के आरोपों के बाद सपा ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया.
योगी सरकार में मंत्री बनने की उम्मीद टूटने के बाद पूजा पाल एक बार फिर यूपी की सियासत में चर्चा का बड़ा चेहरा बन गई हैं.
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