राजस्थान में भीषण सर्दी से लोगों का हाल बेहाल है। कड़ाके की ठंड के बीच जालोर में 23 साल की साध्वी चर्चा में हैं। जो 7 डिग्री टेम्प्रेचर में जलधारा तपस्या कर रही हैं।
साध्वी का नाम राधागिरि है जो जालोर के भीनमाल उपखंड के महाकालेश्वर धाम में रोज सुबह 5 बजे 108 मटकों के ठंडे पानी से स्नान करती हैं। जिनकी यह तपस्या 2 घंटे चलती है।
तपस्या के दौरान 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करती हैं। जिन मटकों के पानी से वह स्नान करती हैं उन्हें रात को भरकर खुले मैदान में रखा जाता है, ताकि सुबह तक उनका पानी और ठंडे हो जाए।
जैसे ही साध्वी अपना तप शुरू करती हैं तो मंदिर के पुजारी एक-एक कर मटकों का पानी डालते हैं। 3 जनवरी से शुरू हुई ये जलधारा तपस्या 14 जनवरी तक चलेगी।
बताया जाता है कि साध्वी राधागिरि बीए पास हैं, लेकिन पढ़ाई के दौरान मन आध्यात्मिक में लग गया। तो सब छोड़कर वह श्रीपंचदशनम जूना अखाड़ा से जुड़ गईं और भगवा धारण कर लिया।
श्रीपंचदशनम जूना अखाड़ा में शामिल के बाद साध्वी राधा गिरी जी महाकालेश्वर धाम के नवीन गिरि महाराज जुड़ीं हैं।