ये 10 काम करने से कम होती है मनुष्यों की उम्र, पितामाह भीष्म ने युधिष्ठिर को बताई थी ये बातें

Published : May 26, 2020, 12:28 PM IST
ये 10 काम करने से कम होती है मनुष्यों की उम्र, पितामाह भीष्म ने युधिष्ठिर को बताई थी ये बातें

सार

धर्म ग्रंथों के अनुसार पूर्व में मनुष्य की आयु 100 या उससे अधिक होती थी, लेकिन वर्तमान समय में मनुष्य की आयु कम होती जा रही है। मनुष्यों की आयु कम क्यों होती जा रही है, इसका कारण भी हमारे धर्म ग्रंथों में ही बताया गया है। साथ ही ये भी बताया गया है कि क्या काम करने से मनुष्यों का आयु बढ़ती है।

उज्जैन. आज हम आपको कुछ ऐसे कामों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करने से मनुष्य की आयु कम या अधिक होती है। इन कामों के बारे में महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामाह ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। जानिए कौन सी हैं वो बातें जो हमारी उम्र पर असर डालती हैं-

1. जो मनुष्य तिनके तोड़ता है, नाखून चबाता है तथा हमेशा अशुद्ध व चंचल रहता है, उसकी जल्दी ही मृत्यु हो जाती है।
2. केशों को संवारना, आंखों में अंजन लगाना, दांत-मुंह धोना और देवताओं का पूजन करना- ये सभी कार्य दिन के पहले पहर में ही करना चाहिए। जो मनुष्य ये सभी कार्य समय पर नहीं करते, वे शीघ्र ही काल का शिकार हो जाते हैं।
3. मल-मूत्र की ओर देखने वाले, पैर पर पैर रखने वाले, दोनों ही पक्षों (कृष्ण व शुक्ल पक्ष) की चतुर्दशी व अष्टमी तथा अमावस्या व पूर्णिमा के दिन स्त्री समागम करने वाले मनुष्यों की मृत्यु कम उम्र में ही हो जाती है।
4. जो मनुष्य सूर्योदय होने तक सोता है तथा ऐसा करने पर प्रायश्चित भी नहीं करता। शास्त्रों में जिन वृक्षों की दातून का उपयोग करने के लिए मना किया गया है, उनसे दातून करने वाला मनुष्य जल्दी ही मृत्यु को प्राप्त होता है।
5. मैले दर्पण में मुंह देखने वाला, गर्भिणी स्त्री के साथ समागम करने वाला तथा उत्तर और पश्चिम की ओर सिरहाना करके सोने वाला, टूटी व ढीली खाट पर सोने वाला, अंधेरे में पड़ी शय्या पर सोने वाला मनुष्य शीघ्र ही यमराज के दर्शन करता है।
6. भोजन बैठकर ही करें। खड़े होकर मूत्र त्याग न करें। राख तथा गोशाला में भी मूत्र त्याग न करें। भीगे पैर भोजन तो करें, लेकिन सोए नहीं। उक्त सभी बातों का ध्यान रखने वाला वाला मनुष्य 100 वर्ष तक जीवन धारण करता है।
7. सिर पर तेल लगाने के बाद उसी हाथ से दूसरे अंगों का स्पर्श नहीं करना चाहिए। जूठे मुंह पढऩा-पढ़ाना कदापि उचित नहीं है, ऐसा करने से आयु का नाश होता है।
8. जो मनुष्य जूठे मुंह उठकर दौड़ता है, यमराज उसकी आयु नष्ट कर देते हैं और उसकी संतानों को भी उससे छीन लेते हैं।
9. जो सूर्य, अग्नि, गाय तथा ब्राह्मणों की ओर मुंह करके तथा बीच रास्ते में मूत्र त्याग करते हैं, उन सभी की आयु कम हो जाती है।
10. उदय, अस्त, ग्रहण एवं दिन के समय सूर्य की ओर देखने वाले मनुष्य की मृत्यु भी अल्पायु में हो जाती है।

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