Easter Sunday 2022: क्यों मनाते हैं ईस्टर, क्या है इस फेस्टिवल से जुड़ी मान्यता और परंपरा? जानिए खास बातें

Published : Apr 17, 2022, 06:00 AM IST
Easter Sunday 2022: क्यों मनाते हैं ईस्टर, क्या है इस फेस्टिवल से जुड़ी मान्यता और परंपरा? जानिए खास बातें

सार

क्रिश्चियन कम्युनिटी में कई फेस्टिवल मनाए जाते हैं। ईस्टर भी इनमें से एक है। ये त्योहार संडे को मनाया जाता है, इसलिए इसे ईस्टर संडे (Easter Sunday 2022) भी कहते हैं। इस बार ये पर्व 17 अप्रैल, रविवार को है। इस फेस्टिवल से जुड़ी कई मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं।

उज्जैन. ईसाई मान्यताओं के अनुसार प्रभु यीशु भगवान के पुत्र थे और वे लोगों को एक-दूसरे से प्रेम करने और आपस में समरसता रखने की शिक्षा देते थे। कुछ लोग जो उनकी इन बातों के विरुद्ध थे, उन्होंने गुड फ्राइडे पर यीशु को यातनाएं देते हुए सूली पर चढ़ा दिया गया था। इसके बाद संडे को प्रभु यीशु पुन: जीवित हो गए थे। यीशु के दोबारा जीवित होने की खुशी में ईसाई समुदाय के लोग इस दिन को खुशियों के तौर पर मनाते हैं। इसे ईस्टर पर्व कहा जाता है।

क्यों खास है ईस्टर?
ईसाई मान्यताओं के अनुसार यीशु भगवान के पुत्र थे और इसलिए फांसी लगने के 3 दिन बाद वे पुन: एक बार जीवित हो गए। जिस दिन उन्हें फांसी दी गई, उसे गुड फ्राइडे और जिस दिन वे पुनर्जीवित हुए उसे ईस्टर कहा जाता है। ईस्टर पर दोबारा जीवित होने के बाद यीशु ने 40 दिनों तक अपने शिष्यों को सत्य के रास्ते पर चलने का संदेश दिया था। 

ये हैं ईस्टर से जुड़ी परंपराएं
1.
ईस्टर रविवार के पहले सभी गिरजाघरों में रात्रि जागरण तथा अन्य धार्मिक परंपराएं पूरी की जाती हैं तथा असंख्य मोमबत्तियां जलाकर प्रभु यीशु में अपना विश्वास प्रकट किया जाता है। यही कारण है कि ईस्टर पर सजी हुई मोमबत्तियां अपने घरों में जलाना तथा मित्रों में इन्हें बांटना एक प्रचलित परंपरा है।
2. ईस्टर संडे को खजूर इतवार के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में ईसाई धर्म के लोग चर्च में इकट्ठा होते हैं और प्रार्थना में भाग लेते हैं। प्रभु यीशु के दोबारा जीवित होने को सबसे पहले मरियम मगदलीनी नामक महिला ने देखा था फिर अन्य महिलाओं को इसके बारे में बताया था। इसलिए सबसे पहले यह पर्व सुबह सवेरे महिलाओं के द्वारा आरंभ होता है।
3. इस दिन सभी लोग गिरजाघरों में एकत्रित होकर पवित्र बाइबल पढ़ते हुए प्रभु यीशु के उपदेशों को याद किया जाता है। ईस्टर संडे के दिन अंडों से सजावट की जाती है क्योंकि अंडे को बहुत ही शुभ माना जाता है। अंडे नया उत्साह और नई उंमग से भरने का संदेश देता है। 

ये भी पढ़ें-

Ketu Gochar April 2022: केतु को माना गया है सांप की पूंछ, इसके राशि बदलने से किसे होगी परेशानी और किसे फायदा?


Guru Rashi parivartan April 2022: 12 साल बाद मीन राशि में आया गुरु, इन 4 राशियों के शुरू हो सकते हैं बुरे दिन

Rashi Parivartan April 2022: सूर्य के मेष राशि में आने से बनेगा त्रिग्रही योग, किसे होगा फायदा, किसे नुकसान?

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम