महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और आंध्र प्रदेश में उगादि के नाम से मनाया जाता है हिंदू नववर्ष

Published : Mar 24, 2020, 10:38 AM ISTUpdated : Mar 24, 2020, 10:41 AM IST
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और आंध्र प्रदेश में उगादि के नाम से मनाया जाता है हिंदू नववर्ष

सार

महाराष्ट्र में हिंदू नव वर्ष गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 25 मार्च, बुधवार को है।

उज्जैन. इस दिन लोग सुबह स्नान कर सोला (रेशमी वस्त्र) पहनकर अपने घर में छत पर या फिर आंगन में एक 5 से 6 फीट ऊंचा डंडा खड़ा करते हैं। उसे वस्त्र से लपेटते हैं। उसके ऊपर कटोरी, गिलास या लोटा उलटा कर लगा देते हैं एवं काजल से आंख, नाक, कान व मुंह की आकृति बनाते हैं।
इसके बाद इसकी पूजा की जाती है व भगवान से पूरा साल अच्छा बीतने की प्रार्थना की जाती है। इस दिन महाराष्ट्रीयन परिवारों में विशेष रूप से गुड़ भात या केशरी भात (मीठा चावल) व पोरण पोली बनाई व खिलाई जाती है। शाम को लोग एक-दूसरे के घर जाकर नव वर्ष की बधाई देते हैं। मेहमानों को मिठाई खिलाकर, गुलाब जल छिड़ककर व इत्र लगाकर उनका सम्मान किया जाता है।

यहां खट्‌टी-मीठी चटनी खाकर करते हैं नववर्ष का स्वागत
आंध्र प्रदेश में हिंदू नव वर्ष का पर्व उगादि के नाम से मनाया जाता है। उगादि का शुद्ध रूप है युगादि, जिसका अर्थ है युग का प्रारंभ। आंध्रा में इस दिन घरों को आम के पेड़ की पत्तियों के बंदनवार से सजाया जाता है। सुखद जीवन की अभिलाषा के साथ-साथ यह बंदनवार समृद्धि, व अच्छी फसल के भी प्रतीक हैं।
उगादि पर्व पर आंध्रा में घर-घर खुशियां मनाई जाती है। सुबह बच्चों को तेल स्नान कराया जाता है। इसके बाद सभी लोग नहाकर नए कपड़े पहनते हैं। तब सभी लोग नव वर्ष की पचादि चटनी का स्वाद लेने के लिए एकत्रित होते हैं। यह चटनी उगादि का विशेष उपहार मानी जाती है। इसमें नीम की नरम कोपलें, गन्ना, गुड़, कच्चे आम की फांके तथा नमक डाला जाता है। चटनी में नीम की कोपलें मिलाने का अर्थ है जीवन मीठा ही नहीं, उसमें थोड़ी कटुता (कड़वापन) भी है।
बिना कटुता का स्वाद चखे आप जीवन के बारे में नहीं जान सकते। आंध्रा में इस दिन लोग किसी स्थान पर एकत्रित होते हैं और नए साल का पंचांग सुनते हैं। उगादि पर वर्ष का नाम भी रखा जाता है। इस प्रकार साठ वर्ष का एक चक्र माना जाता है, जिसमें हर वर्ष का एक नाम होता है जैसे- शुभकृत, क्रोधी, पराभव, विरोधकृत, प्लव आदि।

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम