40 हजार टन चट्टानों को काटकर बनाया गया है ये मंदिर, इसे बनने में लगे 100 साल, और भी इसके रहस्य

Published : Jan 06, 2022, 05:27 PM IST
40 हजार टन चट्टानों को काटकर बनाया गया है ये मंदिर, इसे बनने में लगे 100 साल, और भी इसके रहस्य

सार

भारत के हर प्रदेश में कुछ ऐसे मंदिर हैं जो अपने अंदर कई विशेषताएं समेटे हुए हैं। इनकी वास्तुशैली को देखकर यकीन नहीं होता कि हजारों साल पहले भी कलाकार इतने प्रतिभाशाली कैसे हो सकते हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी अजूबे से कम नहीं है।  

उज्जैन. कहा जाता है कि 1 हजार साल पुराने इस मंदिर को बनने में 100 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। ये मंदिर महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद (Aurangabad) में एलोरा की गुफाओं में स्थित है। इसे एलोरा कैलाश मंदिर (Ellora Kailash Temple) के नाम से जाना जाता है। जो भी पहली बार इस मंदिर को देखता है आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह पाता। आगे जानिए इस मंदिर से जुड़ी खास बातें…

चट्टान को काटकर बनाया है ये मंदिर
276 फीट लंबे और, 154 फीट चौड़े इस मंदिर की खासियत ये है कि इसे केवल एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है। ऊंचाई की अगर बात करें तो यह मंदिर किसी दो या तीन मंजिला इमारत के बराबर है। कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में करीब 40 हजार टन वजनी पत्थरों को काटा गया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसका रूप हिमालय के कैलाश की तरह देने का प्रयास किया गया है। कहते हैं कि इसे बनवाने वाले राजा का मानना था कि अगर कोई इंसान हिमालय तक नहीं पहुंच पाए तो वो यहां आकर अपने अराध्य भगवान शिव का दर्शन कर ले। 

100 साल में बना ये मंदिर
इस मंदिर का निर्माण कार्य मालखेड स्थित राष्ट्रकूट वंश के नरेश कृष्ण (प्रथम) (757-783 ई.) ने शुरु करवाया था। माना जाता है कि इसे बनाने में 100 साल से भी ज्यादा का समय लगा था और करीब 7000 मजदूरों ने दिन-रात एक करके इस मंदिर के निर्माण में अपना योगदान दिया था। इस भव्य मंदिर को देखने के लिए सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर से लोग आते हैं। यूनेस्को ने 1983 में ही इस जगह को विश्व विरासत स्थल घोषित किया है।

कैसे पहुंचें?
- औरंगाबाद में हवाई अड्डा है। यहां से एलोरा की गुफाओं की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। औरंगाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद आप किसी भी बस या टैक्सी की मदद से गुफाओं तक पहुंच सकते हैं। 
- औरंगाबाद रेलवे स्टेशन मुंबई और पुणे से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। जलगांव रेलवे स्टेशन एलोरा के सबसे निकटतम स्टेशन हैं। यहां से आप बस या टैक्सी के रूप में विकल्प चुन सकते हैं।
- औरंगाबाद प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है। यहां आकर आप आसानी से अंजता-एलोरा पहुंच सकते हैं।

 

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