भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा में ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, कौन-से फूल चढ़ाएं और कौन-से नहीं?

Published : Jun 23, 2021, 09:23 AM ISTUpdated : Jun 23, 2021, 12:01 PM IST
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा में ध्यान रखनी चाहिए ये बातें, कौन-से फूल चढ़ाएं और कौन-से नहीं?

सार

धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री हरि विष्णु जगत के पालनकर्ता हैं और भगवान श्रीकृष्ण उन्हीं के अवतार हैं। इनकी पूजा आराधना करने से जीवन के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में प्रेम व खुशियां बनी रहती हैं।

उज्जैन. अधिकांश घरों में भगवान विष्णु और कृष्ण जी की तस्वीर या प्रतिमा अवश्य होती हैं। ज्यादातर लोग अपने दिन की शुरुआत इनकी पूजा से ही करते हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार विष्णु जी की पूजा में कुछ बातों को ध्यान विशेष रूप से रखना चाहिए। आगे जानिए इन बातों के बारे में…

1. यदि घर में विष्णु जी के अवतार भगवान कृष्ण बाल स्वरुप यानी लड्डू गोपाल विराजे हैं तो सबसे पहले स्वयं स्नान करने का बाद उन्हें स्नान करवाना चाहिए और भोग लगना चाहिए। उनसे पहले स्वयं भोजन नहीं करना चाहिए। लड्डू गोपाल के लिए शुद्ध और सात्विक भोजन बनाना चाहिए। घर में यदि कुछ फल आदि लातें हैं तो भी सर्वप्रथम उन्हें अर्पित करें फिर स्वयं खाएं।
2. भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय हैं। विष्णु जी के विग्रह स्वरुप शालीग्राम से तुलसी विवाह भी किया जाता है। विष्णु जी की पूजा करते समय तुलसी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। तुलसी के बिना विष्णु जी की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। भगवान कृष्ण की पूजा में भी तुलसी का प्रयोग करना चाहिए।
3. पद्म पुराण के मुताबिक पुरुषोत्तम माह में विष्णु जी को स्वर्ण पुष्प अर्पित करने का विधान है। अधिक मास के समय विष्णु जी को चंपा के फूल अर्पित करने चाहिए। मान्यता है कि इससे पापों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
4. अश्विन माह में भगवान विष्णु को जूही और चमेली के पुष्प अर्पित करने चाहिए। मान्यतानुसार इससे सौभाग्य में वृद्धि होती है।
5. विष्णु की पूजा में मालती, केवड़ा, चंपा, कमल, गुलाब, मोगरा, कनेर और गेंदे के फूल का उपयोग किया जा सकता है।
6. पुन्नाग, कुंद, तगर और अशोक वृक्ष के फूल भी भगवान के प्रिय फूलों में आते हैं। इससे भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और जीवन सुखमय व संपन्न बनता है।
7. भगवान विष्णु की पूजा में अगस्त्य का फूल, माधवी और लोध के फूल का उपयोग वर्जित माना गया है।
8. पूजा करते समय ध्यान रखें कि बासी, जमीन पर गिरे हुए फूल, बिना किसी की आज्ञा के तोड़े गए फूल-पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए। पहले से तोड़कर रखा गया तुलसी का पत्ता अर्पित किया जा सकता है क्योंकि तुलसी बासी नहीं मानी जाती है।
9. धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा करते समय सिले हुए वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए। पुरुषों के धोती पहन कर पूजा करनी चाहिए तो वहीं स्त्रियां साड़ी पहनकर पूजन कर सकती हैं।

हिंदू धर्म ग्रंथों की इन शिक्षाओं के बारे में भी पढ़ें

शुक्रवार को भूलकर भी न करें ये 4 काम, नहीं तो करना पड़ सकता है धन हानि का सामना

सूर्यास्त के बाद नहीं करने चाहिए ये 5 काम, इससे नाराज हो जाती हैं देवी लक्ष्मी और बनी रहती है गरीबी

क्या वाकई हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं? जानिए क्या है इस मान्यता से जुड़ी सच्चाई

परंपरा: हिंदू धर्म में दान को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना गया है, अपनी आय का कितना हिस्सा दान करना चाहिए?

ये हैं हिंदू धर्म के प्रमुख 16 संस्कार, जन्म के पूर्व से अंत तक किए जाते हैं ये संस्कार

PREV
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories

Chandra Grahan 2026: क्या होली पर होगा चंद्र ग्रहण? जानें सच या झूठ
Makar Sankranti 2026 Muhurat: दोपहर बाद शुरू होगा मकर संक्रांति का मुहूर्त, यहां नोट करें टाइम