14 मार्च, शनिवार से सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर करते ही मल मास शुरू हो चुका है। ये मास 14 अप्रैल तक रहेगा।
उज्जैन. 14 मार्च, शनिवार से सूर्य मीन राशि में प्रवेश कर करते ही मल मास शुरू हो चुका है। ये मास 14 अप्रैल तक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार मल मास में सूर्यदेव की पूजा का विशेष महत्व है। गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित संक्षिप्त भविष्य पुराण के अनुसार सूर्य को अर्घ्य देते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने पर सूर्य की कृपा जल्दी मिल सकती है...
कैसे चढ़ाएं सूर्य को जल ?
सूर्य को जल चढ़ाने के लिए रोज सुबह सूर्योदय से पहले ही बिस्तर छोड़ देना चाहिए। जल्दी उठें और उठने के बाद स्नान करें।
स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। जल चढ़ाते समय दोनों हाथों से लोटे को पकड़कर रखना चाहिए।
लोटे में जल के साथ ही लाल फूल, कुमकुम और चावल भी जरूर डालना चाहिए।
सूर्य को अर्घ्य देते समय जल की गिरती धार से सूर्य की किरणों को जरूर देखना चाहिए।
पूर्व दिशा की ओर ही मुख करके ही सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।
जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप करते रहना चाहिए।
जल चढ़ाते समय जूते-चप्पल नहीं पहनना चाहिए। नंगे पैर सूर्य को जल चढ़ाएं।
जल चढ़ाने के बाद ध्यान रखें वह पानी आपके पैरों में नहीं आना चाहिए।
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