दिन में नहीं सोना चाहिए, इसके पीछे है वैज्ञानिक कारण

Published : Oct 11, 2019, 11:31 AM IST
दिन में नहीं सोना चाहिए, इसके पीछे है वैज्ञानिक कारण

सार

एक स्वस्थ मनुष्य के लिए नींद बहुत जरूरी है। मेडिकल साइंस मानता है कि रात में कम से कम 6 से 8 घंटे जरूर सोना चाहिए।

उज्जैन. इससे स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं नहीं होती और दिन भी अच्छा गुजरता है। मेडिकल साइंस ये भी मानता है कि दिन में सोने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। हमारे धर्म ग्रंथों में भी दिन में सोना वर्जित माना गया है- दिवास्वापं च वर्जयेत्। आगे जानिए क्या है इसके पीछे का कारण और होने वाले नुकसान...

दिन में सोने से होने वाले नुकसान...

  • देखने में आता है कि अधिकांश घरेलू महिलाएं तथा दो पारियों में काम करने वाले पुरूष दिन में सोते हैं। ऐसा करने से हम बीमारियों को आमंत्रित करते हैं।
  • दिन में सोना सिर्फ शास्त्रों में ही वर्जित नहीं माना गया अपितु आयुर्वेद भी इस बात की पुष्टि करता है कि दिन में सोने से कई प्रकार के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, दिन में सोने से जुकाम हो सकता है। यह जुकाम जब स्थायी हो जाता है तो कास रोग हो जाता है। कास रोग (खांसी) ही आगे जाकर श्वास रोग में बदल जाता है।
  • श्वास रोगी के फेफड़े धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं और यह स्थिति क्षय अर्थात तपेदिक जैसे असाध्य रोग में बदल सकती है।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रात में पूरी नींद लेकर दिन में काम करना ही उत्तम माना गया है।
  • रात की नींद से शरीर को पर्याप्त आराम मिलता है, जिससे सुबह उठकर शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है, जो दिनभर के कामों के लिए पर्याप्त होती है।
  • दिन में सोकर हम अनावश्यक रूप से शरीर को आलस्य का घर बनाते हैं। अत: रात में भरपूर गहरी नींद लेकर दिन में काम करना ही उचित माना गया है।

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