देवी सरस्वती का वाहन है हंस, इससे सीख सकते हैं लाइफ मैनेजमेंट के अनेक सूत्र

Published : Jan 29, 2020, 01:55 PM IST
देवी सरस्वती का वाहन है हंस, इससे सीख सकते हैं लाइफ मैनेजमेंट के अनेक सूत्र

सार

मां सरस्वती का वाहन सफेद हंस है। इसलिए उन्हें चित्रों में हंस पर बैठा हुआ प्रदर्शित किया जाता है। यही कारण है कि देवी सरस्वती को हंसवाहिनी भी कहा जाता है।

उज्जैन. वसंत पंचमी (इस बार 30 जनवरी, गुरुवार) पर देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती का वाहन सफेद हंस है। इसलिए उन्हें चित्रों में हंस पर बैठा हुआ प्रदर्शित किया जाता है। यही कारण है कि देवी सरस्वती को हंसवाहिनी भी कहा जाता है। देवी का वाहन हंस हमें कुछ संदेश भी देता है। जानिए उससे जुड़े लाइफ मैनेजमेंट के कुछ सूत्र-

  • शास्त्रों के अनुसार देवी सरस्वती विद्या की देवी हैं और उनका स्वरूप श्वेत वर्ण बताया गया है। उनका वाहन भी सफेद हंस ही है। सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है। सफेद रंग शिक्षा देता है कि अच्छी विद्या और संस्कार के लिए आवश्यक है कि आपका मन शांत और पवित्र हो।
  • आज के समय में सभी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करना होती है। मेहनत के साथ ही माता सरस्वती की कृपा भी उतनी आवश्यक है। यदि आपका मन शांत और पवित्र नहीं होगा तो देवी की कृपा प्राप्त नहीं होगी और न ही पढ़ाई में सफलता मिलेगी।
  • देवी का वाहन हंस यही संदेश देता है कि मां सरस्वती की कृपा उसे ही प्राप्त होती है जो हंस के समान विवेक धारण करने वाला है। केवल हंस में ही वह विवेक होता है कि वह दूध और पानी को अलग-अलग कर सकता है। सभी जानते हैं कि हंस दूध ग्रहण और पानी छोड़ देता है। इसी तरह हमें भी बुरी सोच को छोड़कर अच्छाई को ग्रहण करना चाहिए।

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