
Cab AC Rules in India: इन दिनों भयंकर गर्मी पड़ रही है। कई जगहों का पारा तो 46-47 डिग्री पार चला गया है। सूरज की इस तपिश में ज्यादा किराया देकर ओला या उबर (Ola or Uber) बुक करने के बाद भी अगर गाड़ी में पसीने बहाने पड़ें, तो गुस्सा आना लाजिमी है। कई बार यात्री और कैब ड्राइवर के बीच एसी चलाने को लेकर काफी नोंकझोक हो जाती है। लेकिन सवाल कि क्या कैब ड्राइवर ऐसा कर सकता है? अगर ऐसी सिचुएशन सामने आ जाए, तो आपके पास क्या ऑप्शन हैं? ऐप कंपनियां इस पर क्या कहती हैं? आइए जानते हैं...
भारतीय मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) में ऐसा कोई साफ नियम नहीं है, जो किसी भी ड्राइवर को हर हाल में AC चलाने के लिए कानूनी रूप से मजबूर करे। कानूनन इसे 'अनिवार्य सेवा' (Essential Service) का दर्जा नहीं मिला है। लेकिन, मामला सिर्फ सरकारी कानून का नहीं, बल्कि आपकी जेब और सर्विस का भी है। जब आप AC कैब बुक करते हैं, तो किराए में पहले से ही AC का खर्च शामिल होता है। यानी आप सिर्फ सीट नहीं, एसी सुविधा के लिए भी पैसे दे रहे होते हैं। इसलिए कंपनियों के नियम के मुताबिक आपको यह सुविधा मिलना आपका हक है।
ओला और उबर की ज्यादातर राइड्स AC कैटेगरी में आती हैं। कंपनी की पॉलिसी के हिसाब से अगर आपने AC राइड बुक की है तो AC चलाना चाहिए। ड्राइवर को यात्री की सुविधा देनी होती है। अगर ड्राइवर एसी नहीं चलाता है, तो ये 'सर्विस इश्यू' माना जा सकता है।
जैसे ही आप शिकायत दर्ज करते हैं, कंपनी के सिस्टम में ड्राइवर की रिपोर्ट लॉक हो जाती है। अगर किसी ड्राइवर के खिलाफ लगातार ऐसी शिकायतें मिलती हैं, तो कंपनी उसकी स्टार रेटिंग कम कर देती है। बात यहीं खत्म नहीं होती है। बार-बार नियम तोड़ने पर ड्राइवर का अकाउंट हमेशा के लिए ब्लॉक भी किया जा सकता है।
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