
नई दिल्ली। बजट-2022 में ई-पासपोर्ट का ऐलान किया गया है। ई-पासपोर्ट भारत के लिए नया है लेकिन दुनिया के तमाम देश इसका प्रयोग करते हैं। देश में ई-पासपोर्ट सुविधा होने से रोजगार की तलाश में विदेश जाने वालों या किसी बिजनेस टूर या छुट्टियां मनाने जाने वालों के लिए काफी सहूलियतें हो सकेंगी।
दरअसल, ई-पासपोर्ट एक चिप आधारित पासपोर्ट होगा जिसका एयरपोर्ट्स या किसी भी दूतावास से एक्सेस किया जा सकता है। भारत में ई-पासपोर्ट सॉफ्टवेयर को आईआईटी कानपुर और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने मिलकर तैयार किया है। पासपोर्टधारक की व्यक्तिगत जानकारियां चिप में स्टोर होंगी और डिजिटली साइन होंगी। सबसे अहम यह कि इसके साथ किसी प्रकार का छेड़छाड़ नहीं किया जा सकेगा।
2017 में शुरू हुई थी ई-पासपोर्ट प्रक्रिया
देश में ई-पासपोर्ट की सुविधा लागू करने के लिए साल 2017 में प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, इस बार बजट में ई-पासपोर्ट का ऐलान किया गया है। भारत का नया ई-पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।
राजनयिकों को टेस्टिंग के लिए ई-पासपोर्ट जारी
भारत ई-पासपोर्ट का परीक्षण पहले से ही कर रहा है। टेस्टिंग के लिए ही भारत ने अपने राजनयिकों व विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारियों को ई-पासपोर्ट जारी कर रखा है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोप्रोसेसर चिप लगा हुआ था। हालांकि, अब नई तकनीक पर पूरी तरह से निर्भरता बढ़ाते हुए पूरी तरह से डिजिटल पासपोर्ट जारी करने की योजना है जिसको मोबाइल में भी रखा जा सकता है।
E-Passport की यह होगी खासियत
भारत विश्व का तीसरा बड़ा पासपोर्ट जारी करने वाला
भारत और विदेशों में पासपोर्ट जारी करने वाले प्राधिकरणों (PIA) के अनुसार भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा पासपोर्ट जारीकर्ता है। वैश्विक लिस्ट में चीन और यूएसए टॉप पोजिशन पर हैं।
नेपाल और बांग्लादेश भी जारी कर रहा है ई-पासपोर्ट
नेपाल ने अपने यात्रियों के लिए ई-पासपोर्ट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, बांग्लादेश भी अपने पुराने पासपोर्ट्स को धीरे धीरे खत्म कर नया ई-पासपोर्ट जारी कर रहा है। पूरी दुनिया में करीब 500 मिलियन के आसपास ई-पासपोर्ट प्रचलन में है।
यह भी पढ़ें:
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News