
8th CPC Deadline 2026: 8वें वेतन आयोग को लेकर एक नया और बड़ा अपडेट आया है। सरकार ने डेटा जमा करने के लिए एक आखिरी मौका दिया है, जिसकी डेडलाइन 30 जून 2026 है। अगर समय रहते यह काम नहीं किया गया, तो आने वाले समय में सैलरी और भत्तों (Allowances) पर होने वाले फैसलों में आपका पक्ष पीछे छूट सकता है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और डेडलाइन से पहले आपको क्या करना है...
8वें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए संबंधित पक्षों और संगठनों से जरूरी डेटा मांगा है। इसके लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। यह अपडेट रेलवे, डिफेंस (सेना), सिविलियन डिपार्टमेंट्स सहित करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनर्स को सीधे प्रभावित करने वाला है। ध्यान रखें कि सुझाव और मेमोरेंडम (ज्ञापन) भेजने की तारीख 15 जून को खत्म हो चुकी है। अब सिर्फ पोर्टल पर डेटा सबमिशन का काम ही खुला है।
वेतन आयोग ने साफ कर दिया है कि डेटा भेजने का तरीका पूरी तरह डिजिटल होगा। अगर आप गाइडलाइन से अलग जाकर गलतियां करते हैं, तो आपका डेटा रिजेक्ट कर दिया जाएगा। कागजी दस्तावेज (Hard Copies), साधारण ईमेल या वॉट्सऐप पर एक्सेल शीट बनाकर भेजने पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की यूनियनों, लेबर रिप्रेजेंटेटिव्स और अलग-अलग मंत्रालयों से सीधी बात करने के लिए वेतन आयोग की टीम खुद मैदान में उतर रही है। जून और जुलाई के महीने में कई अहम बैठकें होने जा रही हैं। इन बैठकों में मिलने वाले इनपुट और 30 जून तक आने वाले डेटा के आधार पर ही कर्मचारियों के नए सैलरी स्ट्रक्चर, अलाउंस और पेंशन के फॉर्मूले तय किए जाएंगे।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): 22 और 23 जून को मीटिंग होने वाली है।
भुवनेश्वर (ओडिशा): 6 और 7 जुलाई को चर्चा होगी।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): 9 और 10 जुलाई को पैनल बैठक करेगा।
8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 में बना था। नियमों के मुताबिक, इसे करीब 18 महीने में अपनी फाइनल रिपोर्ट देनी है। यानी फरवरी 2027 से मध्य 2027 के बीच आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। पिछले ट्रेंड्स को देखें तो रिपोर्ट आने के बाद सरकार को इसे जमीन पर लागू करने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि साल 2027 में तय होने वाला बढ़ा हुआ वेतन पूरी तरह से 2029 या 2030 तक आपके अकाउंट में आना शुरू होगा।
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